0:00 में बदल जाएगा कि बदमाशो है जय हिंद फीनिक्स खुला रसगुल्ला धन्यवाद हुआ है ए गुड इवनिंग मेरे साथियों मेरे प्यारे भाई बहनों स्वागत है आपका आलू सेंड की कच्चा में रावतसर की क्लास में साथियों पहचान तो गए युवराज अब पधार चुके तुम कपड़ा वे का तेल तो अब तुम भी जल्दी से
0:45 देर ना करो फटाफट वीडियो में एक बार लगाओ आगे अब बत्ती बनाकर भेज दो सबके पास अब बता दो लोग सेंड की कच्चा यूनिट नंबर साथ जय मां प्रयोग बोद्ध धर्म ऐसी-तैसी कर दो पेपर की तैयारी लगा दो आज जल्दी से बहुत बढ़िया बदमाशों का तहे बुलंदशहर जुड़ गया और मैं बता दूं उन्नव तुम माफियों का शहर है लेकिन यहां पर माफिया होने के साथ-साथ पढ़ते जबरदस्त रश्मि आलोक सोनू नमिता तुमने मेरे आते ही टारगेट पूरा कर दिया तो भाई साहब देर किस बात कि बड़ा वीडियो
1:32 को शेयर कर दो पांच साल इधर आकर मैं 500 आज लाइव लोक पड़ने चाहिए चलो भैया गुड इवनिंग गुड इवनिंग सभी बच्चों को बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया रंजीत तुषार कांत ऋतु संजय मोनिका अनुन आज बहुत धर्म खत्म थे चलो वीडियो अच्छा गुंडों बदमाशो शब्द मेरे शेर शेर बालक-बालिकाओं को शुरू करते हैं लोग कहां से बौद्ध धर्म के बारे में मजा बिल्कुल आनंद जैन धर्म के बारे में चर्चा की थी पूरा युद्ध के बारे में और सबसे
2:20 बड़ी बात बताना चाहता हूं तो यह बहुत अच्छे से कि जिस प्रकार से धर्म के संस्थापक परम प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थे उसी प्रकार बौद्ध धर्म के संस्थापक एक प्रकार से फाउंडर बौद्ध धर्म के संस्थापक या पावडर किसे माना जाता है तो याद कर लो हूं महात्मा बुद्ध को हूं महात्मा बुद्ध को बौद्ध धर्म का संस्थापक माना जाता है क्लियर है चल बहुत अच्छा फिर भैया बहुत ध्यान से समझ पर चलना मजा आने वाला बिल्कुल वीडियो को शेयर कर
3:05 देना है ठीक है संस्थापक महात्मा बुद्ध बहुत घर में के क्लियर अ बहुत अच्छे से बात कर लूं महात्मा बुद्ध को लाइट ऑफ एशिया कहते क्या करते हैं लाइट ऑफ एशिया एशिया का प्रकाश पुंज एशिया का प्रकाश पुंज किसे कहते हैं महात्मा बुद्ध कहते हैं और महात्मा बुद्ध के बारे में बताना चाहता हूं प्रमुख हैं यह इनके सबसे पहले तुम्हें बात कर दो महात्मा बुद्ध के बारे में महात्मा बुद्ध का जो जन्म हुआ वह कब हुआ हूं महात्मा बुद्ध का जन्म की बात करेंगे हर एक प्रश्न की बात करेंगे और इस साइड में बात करेंगे मृत्यु की हुआ है यह सारी बातें पढेंगे यह मान चलो तभी मजा
3:52 आएगा असली मजा नहीं आएगा भाई करते हैं चालक देर बात करते हैं सबसे पहले जन्म की तो महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ ना सबको पता होना चाहिए 563 बीसी में हुआ कब हुआ 563 बीसी में इनका जन्म हुआ था खुद एक बीसी बताया था क्या है बी सी का मतलब था इशापुर क्या था इस साल पूर्व दिशा मसीह के जन्म के पहले का समय क्या कहलाता था वह कहलाता खा गया बे सीईए जन्म हुआ है इनका तो याद कर लो कपिलवस्तु है था कपिलवस्तु लुबिनी में कपिलवस्तु लुबिनी में इनका जन्म हुआ किस का महात्मा बुद्ध का और सबसे बड़ी बात लुंबिनी कहां पड़ता
4:37 तो लुंबिनी पड़ता है नेपाल में कहां पड़ा था बच्चों ने परंपरागत लुक बने जहां पर महात्मा बुद्ध का भय अवतरण दें मतलब जन्म अपना लिए कहां पर कपिलवस्तु लुबिनी के जंगलों में जो पड़ता है नेपाल में याद कर ले मेरे बालक और याद कर लें मृत्यु उनकी कभी तुम मृत्यु याद कर लो 483 कि 483 मदुरई इनकी मृत्यु पश्चात कर लो टोटल कितने साल यह जीत तो 563 से 483 बीच इनकी टोटल आयु रही कितने वर्ष यह टोटल जीवित है अतिवृद्ध हैं अब बात आती है कि जब मृत्यु हुई तो कहां पर भर्ती हुई तो कल हमने बताया था इनकी जो मृत्यु हुई थी वह कहां हुई थी वह
5:25 इतनी कुशीनगर अ कि वह इतनी कहां पर कुशीनगर कुशीनगर कहां पड़ता है कुशीनगर पड़ता है उत्तर प्रदेश में कल बताया था मैंने अगर अभी भी तुम्हें ना आ रहा हो तो बेकार है भाई साहब ठीक है फिर हमने बताया था क्या समझो महक जो कुशीनगर में मृत्यु हुई थी ठीक है कुशीनगर किस महाजनपद की राजधानी थी तो कल हमने बताया था कुशीनगर जो थी मल्लू की राजधानी थी किस की राजधानी थी मंडलों की राजधानी थी मलेक महाजन पत्ता जिसकी राजधानी कुशावती या कुशीनगर थी उन्होंने ही महात्मा बुद्ध का अंतिम संस्कार किया अंतत
6:13 किया कलम ने बताया कि वीरवार को बहुत ध्यान से समझो क्या समझोगे मेरे बालक-बालिकाओं मेरे मेरे भाई बहनों मेरे प्यारे साथियों और सुन लो बहुत जब बर्फ इतिहास पढ़ रहे हो एक प्रकार से मजा आ जाएगा तुम्हें देख पैर महात्मा बुद्ध जैसे जैन धर्म हर एक तीर्थंकर से कुनू प्रतीक चिह्न संबंधित हाय उसी प्रकार बोद्ध धर्म में महात्मा बुद्ध के जीवन से कोई न कोई प्रतिक्षण संबंधित हुआ तो भैया महात्मा बुद्ध के जन्म से कौन सा फाल प्रशिक्षण था तो जन्म
7:01 से याद रखना प्रतीक चिन्ह का नाम क्या था उसका नाम था कमाल एवं सा है मैं कमल एवं साउंड यह महात्मा बुद्ध के जन्म से संबंधित प्रति चिंता है थे क्लियर तो फिर बात आती है कि महात्मा बुद्ध की मृत्यु हुई तो उससे भी संबंधित प्रतीक चिन्ह का क्या नाम है उससे संबंधित प्रतीक चिन्ह का नाम है स्पून क्या नाम है इस स्तूप क्लियर फिर बात समझो बहुत अच्छे बता दूंगा समझ तो ने जो मजा ना यह पहले बता दिया फिर महात्मा बुद्ध के बारे में देखो इसका कलर थोड़ा छोटा बड़े आराम संरचनाओं में मजा नहीं लाइक कर ले थोड़ा छोटा बात
7:48 समझो है और फिर महात्मा बुद्ध जो है इनका जो पिता का नाम है अपने पिता का नाम था शुद्धोधन अ कि क्या रामदास शुद्धोधन और दोस्तों दो तन्मय हो वह साथ के गढ़ के मुखिया थे कार्य मुखिया दे साथ के गढ़ के मुखिया कौन थे शुद्धोधन थे याद कर लेना बहुत ही जबरा प्रेस बता रहा तुमको हेयर इनकी माता याद कर लो की माता का नाम था भाई साहब जिनको कहते हैं माया देवी की और क्या बोलते हैं माया देवी ए वैरी प्रयास कर लो माया देवी जो माता थी
8:38 अ तो चलिए यह ऊपर कब चली गई इनके जन्म के सातवें दिन आ हूं महात्मा बुद्ध के जन्म के जन्म के सातवें दिन माया देवी ऊपर चली गई और जब यह ऊपर चली गई माया देवी दो का दिन के महात्मा बुद्घ बड़ी समस्या इनका लालन-पालन को करेगा तो तुमको पता होगा मम्मी के बाद अगर को मम्मी मानी जाती है तो मानी जाती मुंशी क्लियर मम्मी के बाद अगर कम मम्मी मानी जाती है कोई मानी जाती मुंशी अब मारुति चिंता का नाम है मुंशी का तो याद
9:23 कर लो इनकी मौसी का नाम जो था कि वह आता कि प्रजापति गौतमी गौतमी इससे पता यह चला कि जो गौतमी थी मौसी थी इन्होंने क्या किया इन्होंने इनका लालन-पालन किया के लालन-पालन महात्मा बुद्ध का किसने किया उनकी माता की मृत्यु के बाद तो उनकी माता की मृत्यु के बाद उनकी मौसी गौतमी ने उनका लालन-पालन किया था किस क्या महात्मा बुद्ध के लिए भाई साहब लाइक की संख्या में कमी मत रखना तुम्हें इस क्लास की सौगंध है अगर
10:10 तुम्हें सच में समझ में आ रहा हो तो वीडियो को लाइक शेयर करते रहना तुम्हारा मास्टर ऐसे ही जीता रहेगा तुम्हारा मास्टर इतना जबरदस्त पढ़ता रहेगा कि तुम भी याद करोगे यह कहा तुम पढ़ रहे हो ठीक है चलो भाई साहब आप मैं इसमें कमेंट पढ़ ले थोड़ा सा बच्चों के बहुत बच्चों के में डाल दें बहुत बढ़िया ठेक पवनराजे से तो करारे नुकरा रिचा आप उत्सुक रहेंगे देख इतनी वास्तव में आ गई हां प्रणाम स्वीकार है सूरज पटेल प्रिया सिंह इतनी रात में सोना गई फिर महात्मा बुद्ध की हुई के शादी असाध्य विज्ञ तो अब महात्मा बुद्ध की भी विधि पत्नी हूं महात्मा बुद्ध की होगी पत्नी पत्नी जब
10:58 मिली तो महात्मा बुद्घ थोड़ा सा द्विवेदी के ग्रहस्थ जीवन में अजीब ग्रहस्थ जीवन में कि जो मिसेज स्थिति इनकी जो अर्धांगिनी थी इनकी जो धर्मपत्नी धीणे का नाम क्या था यशोधरा अ यशोधरा के साथ मिले तो इनको एक पुत्र की प्राप्ति हुई उस पुत्र का नाम इन्होंने क्या रक्खा उस पुत्र का नाम यशोधरा और महात्मा बुद्ध जी ने दोनों ने मिलकर अपने बालक का नाम राहुल रखा क्या रक्खा राहुल क्लियर राहुल रखा जिससे महात्मा बुद्ध बहुत प्रसन्न हुए
11:44 सिंपल सी बात है पिता बनने की अपार खुशी होती है उसके बाद क्या हुआ और उसके बाद हुआ यह कि जब एक बार यह बहुत ही धनाड्य परिवार के थे एक बार यात्रा पर निकले राज्य की तो जब यार राज्य की यात्रा पर गए हुए थे तो जब यात्रा कर रहे थे इनको 3G अधिक वह चार चीजें होनी चाहिए क्या-क्या दिखा एक बूढ़ा व्यक्ति एक बीमार व्यक्ति एक शो दिखा और एक संन्यासी दिखा तो उन्होंने अपने रथ जिस रखे जा रहे थे उससे पूछा यह बूढ़ा व्यक्ति कौन है तो उन्होंने कहा किसने सारथी ने
12:32 बुद्ध से से कि महाराज को चेक जीवन की अवस्था बाल्यकाल से होकर गुजरते हुए युवावस्था को पार करते हुए जो जीवन की अंतिम अवस्था होती है उसको हम लोग बुढ़ापा तो उन्होंने बोला व्यक्ति देखा तो उनका बहुत ही ज्यादा कस्टमर है पैरों में रास्ते में एक आगे बढ़े तो यह देखा क्या बीमार पर अजीब मार देगा फिर वह चाहिए क्या तो कहने लगे महाराज यह जीवन में आने वाली समस्या प्रत्येक व्यक्ति के साथ कभी भी आ सकती तो निकाल विश्व वह बहुत ज्यादा दुखों
13:19 से भरा है फिर आगे जले उन्होंने देखा एक संन्यासी तो संन्यासी के बारे में पूछा तो उसने कहा महाराष्ट्र यह अपने जीवन के मोह माया को छोड़ कर दो को सीधा पुण्य की प्राप्ति करना चाहता है तो संन्यास जीवन ओके ज्ञान की प्राप्ति करना खैर आगे बढ़े दिखा सो नार्मल अब लाख-लाख कि गुर्जर यह क्या उसने कहा जीवन समाप्त हो जाता है तो यह व्यक्ति के जो के अंतिम अवस्था होती है उसको शॉक जो जाकर
14:04 बाहर दिया जाता है और कुछ तोरण का बहुत ज्यादा भविष्य दुखों से क्या है भरा है बलिया मैं बहुत बढ़िया अ है तो इन्होंने क्या हुआ उससे प्रभावित हुए 29 वर्ष की अवस्था में क्या-क्या इन्होंने 29 वर्ष की अवस्था में उन्होंने निर्णय लिया कि अब हम घर त्याग देंगे और घर त्याग देंगे कब मतलब क्या हुआ 29 वर्ष की आयु में इन्होंने घर को ग्रह को त्याग दिया है तो जैसे जन्नत से संबंधित एक कमाल एवं शुभम ऋतु से संबंधित ऊपर उसी प्रकार गृह त्याग से संबंधित घोड़ा के प्रतीक चिन्ह के जन्म का आप इन महात्मा
14:51 बुद्ध के जीवन के प्रत्येक क्षण घोड़ा घर गृह त्याग क्लियर जब उन्होंने घर त्याग दिया तो जब घर त्याग का या तो तीन दुर्घटना इनकी प्रमुख याद रखना पेपर में आता है महात्मा बुद्ध के द्वारा घर त्याग करने की घटना क्या कहलाती है तो बच्चा बच्चा मेरा बोलेगा महक अभी कि ने इस क्रमांक दो कि इन्होंने जब घर पर आएगा तो यह घटना क्या कहना है कि यह घटना कहलाई महाभिनिष्क्रमण मतलब उन्होंने घर त्याग के चले गए मैं बहुत बढ़िया अ तो बिल्कुल जब उन्होंने घर त्याग दिया
15:38 महाभिनिष्क्रमण कहलाया उसके बाद पता किया हुआ चले गए कहां पर जंगलों में जब जंगलों में चले गए यह तपस्या करने लगे किस नदी किनारे तपस्या करने लगे तो समझ जा इसको थोड़ा सा ऊपर करते हम लोग यह तपस्या करने लगे एक नदी का नाम था जिसका नाम था निरंजना कि अ निरंजना नदी को हम लोग फाल्गु नदी कहते हैं हुआ है कि इस नदी के किनारे यह बैठ गए और कौन सा पेड़ था उस पेड़ का नाम साल वर्क ओं इस साल कुछ निरंजना नदी किनारे संजना को
16:23 कहते फाल्गु नदी किनारे एक साल वृक्ष के नीचे बैठकर यह तपस्या करने लगे उनकी प्राप्ति के लिए यह तपस्या करने लगे और जब यह तपस्या करने लगे भाई साहब इनको ज्ञान की प्राप्ति हो गए में कितने और इनको तपस्या करने के लिए किसने कहा तो याद रखिएगा महात्मा बुद्ध के गुरु प्रथम पेपर में कई बार पूछा जाता है उनका नाम था आलार कालाम है जो अलार्म कल शाम को तो फिर क्या हुआ तपस्या किए 29 वर्ष की अवस्था में आकर उसके बाद मात्र इन्होंने
17:09 ज्यादा नहीं है इस साल की तपस्या की कितनी छह साल की और छह साल की तपस्या का मतलब हुआ 33 वर्ष की आयु में 35 वर्ष की आयु में इनको ज्ञान की प्राप्ति हो गई और ज्ञान की प्राप्ति तो हो गई वह जगह का नाम क्या था वह जगह का नाम था बोध गया कि वह जगह का नाम था बोधगया बोधगया पड़ता है बिहार में और कौन सा कौन सा पेड़ था उसका नाम था बोधि वृक्ष है कि बोद्धिक कुछ से अमिताब 35 वर्ष की तपस्या में यह ज्ञानी हो गए बोधगया इनको ज्ञान की
17:55 प्राप्ति हो गई बोधिवृक्ष के नीचे अच्छा तब क्या हुआ है की बात समझो बहुत ध्यान से ज्ञान प्राप्त करने के बाद अब इन्होंने सोचा हम उपदेश देते लोगों को बताएं कि संसार दुखों से भरा है क्लियर फिर इन्होंने क्या किया उपस्थिति एक अजब उपदेश दिए तो पेपर में प्रश्न आता पहला उपदेश है इन्होंने कहा दिया तो पहला उपदेश दिया लोन ने सारनाथ में फोन कहां दिया सारनाथ क्लियर ए क्लियर पैर का पहला उपदेश दिया तरनाथ में जो यूपी में
18:42 पड़ता है तो पेपर प्रश्न आ जाता है कि महावीर स्वामी ने अपने उपदेश किस भाषा में दिए थे अर्धमागधी कल बताया था और आज फिर बता रहा हूं कि महात्मा बुद्ध ने अपने उपदेशों की भाषा में दिए तो महात्मा बुद्ध ने अपने उपदेश दिया पाली भाषा में का पहला उपदेश सारनाथ में पाली भाषा में कौन व्यक्ति ने दिए तो भाई साहब महात्मा बुद्ध ने और सारनाथ में जब इन्होंने पहला उपदेश दीया आप जिस प्रकार इन्होंने घर को त्यागा था वह घटना क्या कह रही थी महाभिनिष्क्रमण अभी छुट्टी नहीं थी मात्र छह साल बाद एक घटना और तैयार हो गई जब उन्होंने पहला उद्देश्य साथ-साथ वह घटना पछुआ कहना इसका अ कि वह घटना पटवा कैलाश धर्मचक्रप्रवर्तन
19:30 धर्मचक्रप्रवर्तन कि तुम महात्मा बुद्ध के पहले उपदेश देने की घटना क्या कहलाई वह घटना कहलाई धर्मचक्रप्रवर्तन तक एक प्रश्न तुमको ना रखवा दिया तो बताना था अच्छा ठीक है का प्यार सिंह काल से गहरे गुरुजी आपके पढ़ाने के टैलेंट तो कमाल कर दिया मेरा छटा मेरा छठी क्लास का छोटा भाई भी एक चीजें बता देता है गुरु जी बहुत-बहुत धन्यवाद प्यार सिंह को और उस बच्चे को सलाम मेरा जो मेरे वीडियो देख कितनी सारी चीजें सीख रहा है मैं उस बच्चे से जरूर मिलूंगा ठीक है चलो बहुत बढ़िया विनय
20:18 कुमार अरे भाई वीडियो के लाइक शेयर में आज कमी के हुए क्या महात्मा बुद्ध में दम नहीं था आफ यह मुझ पर पढ़ाने में कोई कमी है जो लाइक और शेयर में तुम लोग आज इतनी कंजूसी दिखा रहे हो आज राघव सर के साथ दिन नाइंसाफी कर रहे हो भाई साहब कि चलो बहुत बढ़िया अ हुआ है मैं आगे बात समझो मेरे शेर पहला उपदेश दिया सारनाथ में अब बात पैदा हो गई कि सबसे ज्यादा रुपेश कहां दिए तुम्हारे साथ सबसे ज्यादा उपदेश दिए महात्मा बुद्ध ने कहा पर तो याद कर लेना कौशल नरेश राम भगवान की नगरी कोशल की राजधानी क्या थी कल
21:05 स्रावस्ती श्रावस्ती तुम्हारी सबसे ज्यादा उपदेश दिए कहां पर श्रावस्ती में दिए तो याद हो गया तुम्हें और तीन घटना बच्चा-बच्चा बोलेगा पहली घटना बोलेगा घर त्याग करने की घटना महाभिनिष्क्रमण कहलाई और पहला उपदेश देने की घटना धर्मचक्रप्रवर्तन कहलाई और सबसे बड़ी बात बता दे जब महात्मा बुद्ध की मृत्यु हुई न कि उस मृत्यु को भी एक घटना का नाम दिया गया उस घटना का क्या नाम दिया गया तो याद कर लो महापरिनिर्माण है कि महुअरी निर्माण महात्मा बुद्ध की
21:51 मृत्यु से संबंधित घटना है थे क्लियर हुआ है कि नितेश जी कारण लुसेंट के सभी सब्जेक्ट को कंप्लीट करोगे भाई साहब के दिल चीर के दिखा दूं कंप्लेंट करूंगा मैं 13 है तुम्हारे लिए मर रहा है जॉब करता था गवर्नमेंट छोड़ दी सिर्फ तुम को पढ़ाने के लिए स्लो है फैशन मेरा पुराना मर जाऊंगा लेकिन पढ़ाना नहीं बंद करूंगा चेक गरीबी आ जाए चेक खाने को लाले पड़ गए लेकिन पढ़ाना बंद को पढ़ाना भाई साहब शौक है याद कर लेता हूं
22:37 में चल बहुत बढ़िया अ हुआ है है मजा आ रहा है ना में चल बे सभी बच्चों को समझ में आ रहा है एक बालक कह रहा है सर जी आप का भाषण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से मिलता है 22 आपको भाषण देते पीएम है प्रधानमंत्री चाहिए और हम टीचर हम पड़ा रहा है इसकी तुलना तो ऊपर से जमीन आसमान से भी नहीं होगी चल मैं बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया अ जी हां सभी बच्चों के समझ में आ गया इतने प्रेमी समझ में आ गए ना तो भाई साहब अब
23:24 आगे बढ़ो बहुत अच्छे से स्किन साड़ी लेना है लेकिन साथ ही बच्चा आगे बढ़ने में लोगों को पूरा बोर्ड सजा देते हैं सिर्फ तुम सजने के लिए तैयार रहा करो कि सर जी कितनी देर में पूरा का पूरा बोर्ड भर देंगे ठीक है चलो कि बदमाशों का पैर बुलंदशहर कर आप इतिहास बनाएंगे गुरु इतिहास तो उसी दिन बन जाएगा जो तिल कल बताया था 3 के वात्चिंग आ जाएगा केवल अपनी तो खुशी व तिल के वात्चिंग में ही यह और जिस दिन आ गया भाई साहब इतिहास बन गया चेक चल मेरे से आगे आगे समस्त मेरे बालक बहुत अच्छे से इसको बढ़ाता ऊपर तो
24:09 क्योंकि चीजें बहुत ज्यादा इसमें इंट्रस्ट करनी अच्छी सी अब हम जो बौद्धधर्म का अच्छा ज्ञाता प्रचार-प्रसार चल रहा था अब हुई बहुत संगीत किया कि बौद्ध संगीति सांप है अब लास्ट इंपोर्टेंट बौद्ध संगीति जो हैड टोटल कितनी हुई तो याद रखिए कि कितनी हुई टोटल तो भाई साहब बौद्ध संगीति टोटल में कितनी है 84 84 बौद्ध है
24:54 कि ट्रिक अब कैसे याद रखोगे कि तुम भाई साहब हैं देखना कितने जबरदस्त तरीके से हाथ रखो पहली बौद्ध संगीति यहां पर संख्या की संख्या का मतलब पहली बौद्ध संगीति दूसरी बौद्ध संगीति तीसरी बौद्ध संगीति चौथी बौद्ध संगीति तेरा क्या याद रखोगे इसमें के स्थान फोन कहां पर हुई है तो स्थान बिल्कुल बड़े धमाकेदार तरीके से अदरक को यह क्या कह रहे हो भाई साहब टीजीटी-पीजीटी पॉलीटिकल साइंस का उस समय क्या भाई साहब आप
25:40 तो बिल्कुल टीजीटी-पीजीटी बेटा पॉलीटिकल साइंस और नहीं पड़ा रन ठीक है चलो बहुत बढ़िया अ जिन बच्चों को यूपीएसआई पढ़ना उनसे यूपीएसआइड वह लोग स्टडी पाए ऐप को डाउनलोड कर लेंगे इस स्टडी पाए ठीक है चल बहुत बढ़िया हां इतनी बात सुनना रहेगा बहुत बढ़िया हां देखो पहली स्थान कहां पर आप लगाओगे राजगृह में दूसरा स्थान का लगाओगे वैशाली और तीसरी कहां पर हुई तीसरी हुई पाटलिपुत्र अ है और चौथी का हुई चौथी हुई कुंटल बन ओं के कुंडल व हां भाई साहब Total चार बोध संगीत हुई
26:27 Total चार बोध संगीत हुई तीन तो बिहार में पड़ जाती है और कुंडलों पड़ जाता है जम्मू-कश्मीर में याद कर लो ठीक है थे वॉइस आफ चार बौद्ध संगीति में हुई यह तीनों पड़ जाती कहां पर बिहार में इस बीच और कुंडल वन कहां पर जाता है कुंडल उन पर जाता है भाई साहब कहां पर j&k जम्मू एंड कश्मीर में है मजा आ रहा आ रहा हो तो लाइक शेयर करो बाऊजी पहली बौद्ध संगीति राजगृह दूसरी वैशाली तीसरी पाटलिपुत्र चौथी में
27:14 तो चलिए अब बात आती है कि कौन सी बौद्ध संगीति किस समय कौन सा सकत थे वॉइस आफ मूवी देखो को शासक देख लो है तो पहली बौद्ध संगीति के समय शासक कौन था तो याद कर लो पहली बौद्ध संगीति के समय था अजातशत्रु कि अजातशत्रु दूसरे समय का काला सोख ले के अतिरिक्त क्षमता अशोक तय है और चौथी समय था खनित यह वही कनिष्क के है जिसके राजगद्दी पर बैठने से सिर्फ शक
28:03 संवत शुरू हो जाता है और सच संवत की अवधि 78 इस ट्रिक को मना किया कि किसको 78 2008 इस मैं सिर्फ आज गद्दी पर यह व्यक्ति बैठा है कि यह समझ लो देख लो कि तुम इतनी बात बनाई गई आप बात समझा वह यान से क्या समझोगे भाई साहब यह हो गए शासक और फिर यहां पर इन बौद्ध संघ रीतियों में अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं है कि कौन सी बौद्ध संगीति में कौन अध्यक्ष रहेगा तो बात समझा वह ध्यान से पहले वाले में मेह कि महक कट
28:49 मैं अब दूसरी वाले मेह तपा कमी कि अ तीसरी वाली बोध संगीत में जयते उनका नाम मोगली पुत्र 30th वो मोगली पुत्र टेस्ट है और चौथी वाली में जूते इसमें वसुमित्र अध्यक्ष बने थे है और आप तो घोष और अश्वघोष उपाध्यक्ष बने थे 84 बौद्ध संगीति चारों बौद्ध संगीति के बारे में मैंने तुमको बता दिया ए पी लिया क्यों क्या बात है
29:34 तो बिल्कुल मुन्ना पूरा लुसेंट करवाया गया तुम्हारा यह मास्टर ठीक है अपने मास्टर पर सिर्फ क्या रखे भरोसा रख भाई साहब अगर नहीं भरोसा है तुझे एक बार इस मास्टर बात सोच दिमाग मे़ आ जाना कि बदमाशों का शहर बुलंदशहर कह रहा है हम पूरी मेहनत कर रहे हैं अपनी तरफ से वीडियो को चारों तरफ फैलाने के बस सिर्फ आपका आशीर्वाद आशीर्वाद तो उस परमात्मा का है खातिर बात तो महावीर स्वामी का है आशीर्वाद तो महात्मा बुद्ध का है जो मुझे
30:21 सौभाग्य प्राप्त हुआ है दो तुम्हारे जैसे होनहार विद्यार्थियों को पढ़ाने का याद कर लेना यह बड़ी बात होती है कि किसी मास्टर की वीडियो पर इतने लोग आगे पढ़ना 122 कि साली बात होती है नया मास्टर YouTube पर तुम्हारी तबीयत एक सौभाग्यशाली व्यक्ति को मिल सकता है मैं सभी कि बच्चों के माता-पिता को अभिनंदन करना चाहता हूं प्रणाम करना चाहता हूं कि उन्होंने ऐसे बच्चों को जन्म दिया है जो घर में बैठकर ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से पड़ा है थे और उन्होंने जिस मास्टर को सूचित किया है वहीं की बात पर खरा उतरेगा उनको निराश
31:12 नहीं करेगा याद कर लेना ठीक है हां इसके साथ ले लो स्क्रीनशॉट ले लो निराश तो होने दूंगा चाहे जो हो जाए मैं चारों के चारों बहुत संगीता बता दी बहुत बच्चे कहेंगे बहुत अराजक तत्व करेंगे तब तक बताओ मैं बता दूं संशयात्मक करना स्तन पेपर में आया ही नहीं है कि सन याद मत करना याद कर लिया तो मजा नहीं आएगा अच्छा ठीक है चलो फिर भाई साहब बात समझो वीडियो को लाइक से है और तांडव सीरियल महक का कोर्स करना है दिल्ली तांडव सीरीज है और जब तक लूटन समाप्त नहीं होगी तब तक तांडव सीधे चले तांडव बंद करना डांस करना
31:59 है यात्रा चल रही है मैं जब मैं भाई साहब बहुत ध्यान से सुनो मेरे बालक-बालिकाओं को कौन सा है स्थान छुड़ाया जिस समय महात्मा बुद्ध के धर्म दो भाग में बंट गए तो ह्रदय छुड़ाया तो वह समय था जब चौथी बौद्ध संगीति थी कौन सी संगीत थी चौथी बौद्ध संगीति थी जिसमें बहुत धर्म दो भागों में बंट गया एक भाग था जिसका नाम था ही निशान है है और दूसरे का नाम था महायान है
32:46 कि स्वेतांबर और दिगंबर अ मैं दो धर्मों में दो भागों में बंटा था क्या जैन धर्म और जैन धर्म में दो भागों में बंटा था श्वेतांबर और दिगंबर अब बहुत अधर्म बढ़ता है दो भागों में जिसका नाम है महायान और हीनयान और पेपर में प्रश्न एक बार नहीं हजार बार आया है कि बौद्ध धर्म कौन सी बौद्ध संगीति में बटा तुम्हें साफ वह बता चौथी बौद्ध संगीति मां कुंडल व नाम रा जगह का राज्य का नाम रौशन जम्मू एंड कश्मीर और राजा रहे गणेश के अध्यक्ष में वसुमित्र अश्वों तरह के उपाध्यक्ष करना 98100 कि जाति प्
33:35 तो बिल्कुल लुसेंट मेरी यह सब सफिशिएंट है फिर आगे याद कर लो बहुत बच्चा पूछ रहा है कि साथ कि बौद्धों के लिए प्रमुख त्यौहार होता है बिल्कुल होता है है जिसको कहते हैं वैशाख पूर्णिमा को हुआ है कि वैशाख पूर्णिमा को कि अब ऐसा पूर्णिमा का मतलब बुद्ध पूर्णिमा अबोध पूर्णिमा को मनाए इसलिए सिर्फ इसी दिन महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ महात्मा बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई महात्मा बुद्ध का महापरिनिर्वाण
34:22 है इसलिए मैं कि के लिया तो उम्मीद करते तीनों की बात आपको पता चल गई कि इनका प्रमुख त्योहार वैशाख पूर्णिमा तिथि बौद्ध संगीति के बारे में मजा आ गया होगा तुम्हें यह बिलकुल अ मैं बहुत बढ़िया अ कर दो अरे क्या बात है भाई साहब दिल गार्डन गार्डन कर दे तो खोज कर दे तो तुम तो हमें चलो हुआ है हैं बाबूजी सारी की सारी बौद्ध संघ रीतियों गई समाप्त बात करते हैं आखिर हैं अब बात अंजू में बहुत धर्म में
35:09 [संगीत] कि बौद्ध धर्म को याद कर लेना बहुत इधर मुंबई मैं भी ईश्वर की मान्यता नहीं थी है और कि जैन धर्म में बीच में भी ईश्वर की मान्यता हुआ है क्यों नहीं की यह कहने का मतलब है बात समझो घर तुलना करने की बात आएगी तो मेरे मोर बच्चा सुन ले अजय को
35:59 तो देखो में बहुत इधर-उधर लगाया है डर लगा दिया जैन धर्मा कर तुलना करने के बाद आएगी बड़े जबरदस्त अंदाज मारोगे कि बौद्ध धर्म ईश्वर को नहीं मानते थे भाई जैन धर्म में भी ईश्वर को नहीं मानते थे कि के पेपर में प्रश्न पूछा आईएस ने अभी मैं बताऊंगा एक प्रश्न कैसे आएगा समझ मेरे बच्चा अ यह लोग कि क्या आत्मा में विश्वास रखते थे यह लोग क्या आत्मा में विश्वास रखते थे महेंद्र प्रसाद परेशान ना बच्चा पड़ा ना बंद नहीं करूंगा यह लोग आत्मा में भी विश्वास नहीं रखते थे लेकिन जैन धर्म के लोग हैं
36:45 कि जैन धर्म के लोग आत्मा में विश्वास में रख देते हैं और यह लोग बहुत धर्म के अ कि पुनर्जन्म में विश्वास रखते थे और यह लोग भी पुनर्जन्म में विश्वास में रखते थे थिस आईएस न प्रश्न क्या पूछा आईएस न प्रश्न पूछा था है कि कि कौन सा ऐसा जब तक तुम्हें जो बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों में समान है तो बौद्ध धर्म और जैन धर्म में दोनों समान कौन सा है तो आपको
37:31 पता होना चाहिए दोनों के दोनों अनीश्वरवादी थी कैसे थे अनीश्वरवादी इससे पता चलता है दोनों के दोनों लोग ईश्वर को नहीं मानते थे अनीश्वरवादी इन दोनों के दोनों लोग पुनर्जन्म में भी विश्वास रखते थे लेकिन बौद्ध धर्म के लोग आत्मा में विश्वास नहीं रखते थे और जैन धर्म के लोग आत्मा में विश्वास रखते थे इससे बालक पता यह चलता है कि तुमने पढ़ाई एक यहां से लूसर्ने लुसेंट के बाप से की यात्रा बबलू जैन के बाद से पढ़ाई की होगी भाई साहब चुटकियों में प्रसन्न होते हैं
38:16 लोग तुमको घंटों लगाते हैं कि प्रश्न खाने मैं तुमको कांसेप्ट ऐसे दे दूंगा कि खत्म कि उसके आगे कुछ खोते नहीं कि एक फिर आगे बात समझा चम्मच मेरा बच्चा कल जैन धर्म में तुमने पढ़ा है कि तीरथ का सम्यक ज्ञान सम्यक दर्शन कर सम्यक् आचरण न ध है तू डरता के मुझसे मैं मारूंगा थोड़े तुझे बालक तू तो मेरा भाई यह बहन हैड सम्यक ज्ञान सम्यक दर्शन सम्यक आचरण
39:01 है उसी प्रकार बौद्ध धर्म में तीरथ नहीं है श्री राध्य नहीं है भाई साहब त्रिरत्न की जगह ₹3 लाख है क्या है दूसरी पीठ अकड़ कि पेपर मेरे प्रणाम गया तीरथ ने किस से संबंधित है यह सम्यक ज्ञान सम्यक आचरण सम्यक दर्शन से संबंधित है तो जैन धर्म में और त्रिपिटक के सजा मंदिर बहुत धार्मिक बच्चा-बच्चा बोलेगा सा है कि आगे समझ में बाल त्रिपिटक वह तीन स्किन कौन है तो याद कर ले है एक तो है सुत्तपिटक को
39:48 कि सुत्तपिटक अ कि एग विनयपिटक अ है और एक है अभिधम्मपिटक कि यह तीन पाठक संबंधित है बोध धर्म सेठ और यह तीन रत्न संबंधित है जैन धर्म से है कि कल्याण आज शिवानी राजा समझ में आ रहा समझ में तो आना चाहिए मैं अपने मजा नहीं आएगा भाई साहब अगर तुम्हें अभी भी ने तो उसमें है ना बेकार हां हां बिल्कुल लेखराज जाटव अयन लाइक
40:35 नहीं करते ना दिल में चोट लगती है दिल में चोट लग गई को चोट बाहर मार लो कोई दिक्कत नहीं लेकिन यहां लगी चोट जीवन में जाएगी कि चलो भाई साहब आगे यह बहुत ही जबरदस्त चीज बताने जा रहे हैं बौद्धधर्म में अनवाइज होते थे बौद्ध धर्म के अनुयाई अनुयाई कि यह दोनों भाई अंग्रेज थे मैं एक जानता भिक्षुक और एक काम का उपासक हूं और एक फंदा भिक्षुक और एक का नाम का उपासक हूं कि अ बच्चा बच्चे को बताना पड़ेगा बताइए
41:21 हो तुम ना बताइए तोमर व्यक्ति बहुत बैड छोटा और उपासक दोनों मक्का फर्क रहा है देख लो में बहुत धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए जिन्होंने अपने आप को संन्यास ग्रहण कर लिया उसको कहते थे भिक्षु कहने का मतलब आए बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार के लिए जिन अनुयायियों ने मैं अपने आप को संन्यासी बना लिया वह भिक्षु को गए और कुछ ऐसे भी बनवाए हुए जो बौद्ध धर्म का प्रचार प्रसार तो कर रहे थे लेकिन संन्यासी जीवन ग्रहण करके नहीं वह
42:08 ग्रहस्थ जीवन जीकर प्रचार प्रसार कर रहे थे और उसको कहते हैं हम लोग क्या का ग्रह है कि ग्रहस्थ जीवन जीते हुए जिसको जो प्रचार-प्रसार करे तो उनको किंतु पास तक और जो संन्यासी जीवन जीकर संन्यासी जीवन अपना लिए प्रचार-प्रसार करने के लिए उसको कितने भिक्षुक एक-एक प्रश्न भाई साहब बताएंगे यह मालूम एक प्रश्न में भी अगर धोखा हो तो मजा नहीं आएगा [संगीत] कि आदित्य प्रकाश तरफ मैं 60 साल का हूं रे दादा जी को प्रणाम आपके क्लास लेने मजा आता है क्या बात है जी हां
42:56 तो बिल्कुल आनंद ही आनंद परमानंद भाई साहब बहुत बढ़िया अ मैं बहुत बढ़िया अ तुम ही हो तो बिल्कुल बिल्कुल बेटा एक बालक गहरा के युद्ध में सर अष्टांग मार्ग थे बिल्कुल बौद्ध धर्म में ही तो अष्टांगिक मार्ग थे है अब याद कर लेना के अष्टांगिक मार्ग अ कि अरिहंत कर लेना इन्हें अष्टांगिक मार्ग में से इन्हें अष्टांग मार्गो में से वॉइस सम्यक दृष्टि सम्यक संकल्प वाला समा जाता है ठीक है लेकिन मैं उसको नहीं बताना
43:41 चाहता हूं यहां पर मैं दो चीजें बताऊंगा दो चीजें बताऊंगा एक बताऊंगा आते यह बताऊंगा अपरिग्रह है कि यह बताऊंगा हफ्ते एक और तमगा अपरिग्रह समझ लो के पेपर में प्रश्न पूछा गया मेरे बालक की हफ्ते का मतलब क्या होता आते हैं का अर्थ क्या होता है तो मेरा बच्चा बोलेगा हंसते-हंसते मतलब चोरी ना कर मैं चोर नहीं हूं कि चोरी ना करना है कि चोरी ना करना ही किस का शाब्दिक अर्थ मे हफ्ते का अ
44:27 ए क्लियर फिर प्रश्न याद कर लेना जबरदस्त अपरिग्रह है हुआ है और अपरिग्रह कैसे कहते तो अपरिग्रह कहते हैं कि किसी एक दूसरे की इस संपत्ति को कि किसी दूसरे की संपत्ति क्यों ना रखना है ना रखना वह कहलाता है अब करें जो कल मैंने बताया था आगम पुस्तक संबंधित है जैन धर्म से तो भैया बहुत धर्म से कौन से संबंधित है जातक अपने तो जातक पुस्तक संबंधित है बोध भिक्षु तुम
45:16 मिक्स करते एक क्वेश्चन आपको मजा आ गया होगा चार पैर बात याद कर लेना बहुत अच्छे से कि प्रथम कि बौद्ध मूर्ति किस शैली में बनी थी कि प्रथम बौद्ध मूर्ति किस शैली में बनी तुम्हें सब याद रखना है कि कुछ शैली का नाम है मथुरा से कि अकाल बताया था मथुरा किसके लिए प्रसिद्ध था जैन धर्म के लिए प्रसिद्ध केंद्र ए क्लियर फिर आगे बताया था सबसे ज्यादा मूर्ति हुआ है को सबसे ज्यादा मूर्ति किस शैली में बनी
46:05 तो याद कर लेना गंधार से है कि गंधार थे तो भाई साहब इस प्रकार इस प्रकार हमने पूरा का पूरा क्या कर दिया का निचोड़ दिया पूरा का पूरा निचोड़ दिया है कि विद्या पूजन गुरुदेव आज तो लगे महाकाल की कृपा से जय महाकाल जय महाकाल बच्चा वीडियो को इतना फैला देना कि लुसेंट की ऐसी कच्चा पूरे YouTube पर नाम है में चल भाई साहब है अरे भाई साहब पॉजिटिव योगा इकोनॉमिक्स बीवी होगा और साइंस भी होगा सब कुछ होगा
46:53 ना को सिर समय रहते इंतजार है की साइड में तो ऐसी बायो पढ़ाऊंगा मैं तुम्हें तुम भी याद करोगे कि बालों में वह प्रचलित कि अ 84 बहुत बढ़िया की जय 90 तब वे बच्चों को जय हिंद जय हिंद बेटा बहुत बढ़िया अ तो उम्मीद करते हैं मजा आ गया होगा मजा तो आएगा ऐसा मजा आया तो बेकार ठीक हुआ है मैं बहुत बढ़िया अ कि अब ऐसा पड़ाव अट कमेंट करके बता दो कि
47:43 मजा आया कि नहीं आया बहुत धर्म की होगा समिति देख अभी जाना कोई नहीं क्योंकि आज एक सरप्राइज्ड बाय दास लोगों को जोड़ने का टारगेट नहीं कर रहे हो तुम तुम्हारा यह परिवार छोटा छोटा परिवार है YouTube पर है कि थोड़ी सम्मान की बात है उस सम्मान से तुम्हें दे सकते हो और कोई सम्मान दे नहीं पाएगा याद कर लेना और अपने मास्टर को सम्मान देना सत्यम बहुत मजा आया अभिषेक कुमार पढ़ाने तरीका बहुत अच्छा लगा कुसुम जैन वंदे मातरम् वंदे मातरम् भैया जाना कोई निकल बता दे कल संडे और मचाएंगे हम
48:28 लोग ठंडे बाय स्टेप यह सब लोग बताओ कमेंट करके कल संडे को क्लास होनी चाहिए और संडे को क्लास होनी चाहिए तो लुसेंट की क्लास नहीं आऊंगी थे लुसेंट की क्लास न्यू कल बहुत बच्चों की डिमांड थी कि स्तर रिजनिंग क्लास कब होगी तो पहले बताओ कितने बच्चे हैं जो हमसे रीजनिंग पढ़ना चाहते हैं उसी आधार पर निर्णय लूंगा कि राघव स्वार्थ रजनी पढ़ाने आए कि ना आए जल्दी बताओ तो जल्दी से बताओ भाई साहब ह कि डिब्बे अभिषेक है यार क्या बात है अंजनी
49:15 में होनी चाहिए अच्छा हमसे पढ़ोगे तो का गौरव पांडे अपने शेयर कर दिया क्या बात है बेटा आ कि अजय सभी बच्चे आएंगे पिंपल हमसे अच्छा अच्छा मैं बता दूं बहुत मजा आने वाला रनिंग में रैली में विकल्प बहुत मजा आने वाला है और शाम को मैं बता दूं बहुत देर में तो हो गया पूरा समाप्त मैं बताना आपको चाहता हूं कल आज संडे है की तारीख चार अप्रैल 2021 का अर्थ समय जो रखा गया है
50:00 कल शाम 104 बजे संडे 442 जॉर्जेट के इस अ क लुसेंट क्लास नहीं करूंगा मैं कल जाऊंगा रजनी की ओर देखना आगे इस बार क्या लुसेंट की तरह ही जलवा फिकर पकाया इन सारे सवालों के जवाब जानने के लिए कल शाम को चार बजे जुड़ना बिल्कुल मत खुले जगह है कर दो
50:47 थे रिइग्निंग शाम चार बजे कल देखना बिल्कुल भी मत बोले बहुत ही जबरदस्त पढ़ाऊंगा और एक ही टॉपिक टॉपिक का पिटारा तो कल खुलेगा भाई साहब क्योंकि कल मिलेंगे शाम को चार बजे कितने बच्चे कमेंट करके बता दो कल शाम को चार वड़े बिल्कुल रेडी रहेंगे और एक भी कमेंट कर देना कल कितनी वात्चिंग आने वाली है रिंग में हो कि कल कितने इट वाचिंग आने वाली समीम अख्तर रवि कुमार टेक्निकल मानसी जी को हृदय की गहराइयों से अ
51:37 एक बहुत बड़ा कुलदीप शिवम मुकेश अंशुमाला झा लंबे और शिवम चोरसिया चंचल क्या बात है मेरे शेर है एक हजार कल 1000 पूरा अरे भाई साहब 1000 लोग आएंगे कल तो कल क्वार्टर मार दूं मैं बिल्कुल है [संगीत] कि लुसेंट खत्म करो सलूशन तो खत्म योगी भाई साहब ठंडे कुछ करो यार पूरा का पूरा चैप्टर उड़ा कर देंगे इतना-इतना कपड़ा पर वीडियो को लाइक कर देना शेयर कर देना अपने साथियों में अब बता देना लुसेंट के साथ तलाक में लगने वाली ये रीजनिंग की कक्षा
52:22 में शाम को चार बजे मैराथन कक्षा के साथ उपस्थित हो जाऊंगा फिर एक सेकेंड में एंड लक्ष्य ऑफिस चैनल पर जहां पर आग लगने की स्थिति देर है बाकी और कुछ पूरा का पूरा चैप्टर उड़ाऊंगा ठीक है अ जुलूस में वास्तव में तांडव मचा देंगे बिलकुल तांडव को मचेगा कल देखना रीजनिंग में भी एक तांडव होगा अ ये देख श्री रमाकांत बिल्कुल धमाका बिल्कुल बिल्कुल बहुत बढ़िया अच्छा कल नीरज कुमारी रामपुर से 100 लोग आएंगे भाई साहब केवल अपने मोहल्ले के 10 लोग लेना और बता देना कल वन के का वात्चिंग का टारगेट यहां पर और भाई साहब कठिन नहीं है 300 पढ़ते हो दास जोड़ दोगे ना तो 3000 हो जाएंगे कि
53:08 केवल तुम लोग चार्ट से ढूंढ देना 1000 पक्के पर 1000 पक्के का मतलब केक कटिंग काम खत्म चालक प्राणियों अब विदा लेने का वक्त आ गया अभी आपके हम उतर आएंगे 8:30 तब तक के लिए आप अपना ख्याल रखिए मिलते हैं कल शाम को चार बजे परसों सोमवार को 7 बजे शाम को तैयार हुआ था में तब तक के लिए राम राम भैया जय सियाराम अपना ख्याल रखिए हो चले थे चाचा ठीक है भैया आप बहुत-बहुत धन्यवाद जब हम का सुन्नत हो तब तक के लिए आज्ञा देव बाबा है जय हिंद जय भारत वंदेमातरम है [संगीत] हुआ है