शुगर में घाव कैसे ठीक करें | How to heal wounds in sugar

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो डायबिटीज के मरीजों में घाव ठीक न होने की समस्या पर केंद्रित है। इसमें घाव ठीक न होने के कारण, सही उपचार और समय रहते इंफेक्शन को रोकने के तरीकों पर चर्चा की गई है। वीडियो में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने, आयुर्वेदिक उपचार का महत्व और घरेलू उपचारों के बारे में जानकारी दी गई है।

मुख्य बातें:

  • डायबिटीज में घाव ठीक न होने का कारण ब्लड में ग्लूकोज का स्तर बढ़ना है, जिससे वाइट ब्लड सेल्स और रेड ब्लड सेल्स ठीक से काम नहीं कर पाते।
  • ब्लड शुगर को नियंत्रित करना घाव को ठीक करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।
  • आयुर्वेदिक दवाइयाँ समस्या की जड़ पर काम करती हैं और इनके साइड इफेक्ट्स भी कम होते हैं।
  • हल्दी और नीम जैसे घरेलू उपचार इंफेक्शन को रोकने और घाव को जल्दी ठीक करने में मदद कर सकते हैं।

शुगर में घाव का ठीक ना होना: एक गंभीर समस्या

डायबिटीज में घाव का ठीक न होना एक गंभीर समस्या है, जिसके कारण कई बार हाथ या पैर काटने तक की नौबत आ जाती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि छोटा सा घाव भी ठीक नहीं हो पाता और इंफेक्शन पूरे शरीर में फैलने लगता है। शरीर में जब भी कोई कट लगता है, तो रेड ब्लड सेल्स और वाइट ब्लड सेल्स मिलकर उसे ठीक करते हैं। लेकिन डायबिटीज में ये सेल्स ठीक से काम नहीं कर पाते, जिससे घाव ठीक नहीं होता।

डायबिटीज में ग्लूकोज का अवशोषण

डायबिटीज होने पर शरीर में ग्लूकोज का अवशोषण बंद हो जाता है। सामान्य प्रक्रिया में, सेल्स ग्लूकोज को अब्सॉर्ब करके एनर्जी प्रोड्यूस करते हैं, लेकिन डायबिटिक पेशेंट में इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता और सेल्स ग्लूकोज को अब्सॉर्ब नहीं करते। इससे ग्लूकोज ब्लड में ही घूमता रहता है, जिससे ब्लड गाढ़ा हो जाता है और सेल्स की पावर कम हो जाती है, जिसके कारण घाव ठीक नहीं हो पाते और इंफेक्शन बढ़ने लगता है।

ब्लड शुगर को कंट्रोल करने के उपाय

घाव को ठीक करने के लिए सबसे पहले ब्लड में बढ़े हुए शुगर लेवल को कम करना और कंट्रोल करना जरूरी है। एलोपैथिक दवाइयाँ केवल शरीर से शुगर को बाहर निकालती हैं, लेकिन समस्या की जड़ पर काम नहीं करतीं। इसलिए, आयुर्वेदिक दवाइयाँ बेहतर विकल्प हो सकती हैं, क्योंकि वे समस्या की जड़ पर काम करती हैं और शरीर को नुकसान भी नहीं पहुंचातीं। शियाज़ में बहुत से पेशेंट डायबिटीज का ट्रीटमेंट लेते हैं और उन्हें कुछ ही महीनों में शानदार रिजल्ट मिलते हैं।

घरेलू उपचार और डाइट

जहां पर चोट लगी है, वहां पर हल्दी का प्रयोग करें। सूखी गांठ वाली हल्दी को कूटकर या पीसकर घाव पर लगाएं। इससे इंफेक्शन नहीं होगा। इसके अलावा, नीम की छाल को पत्थर पर घिसकर हल्दी के साथ मिलाकर घाव पर लगाने से घाव जल्दी ठीक होता है और इंफेक्शन से बचाव होता है। अपनी डाइट को मेंटेन करके शुगर लेवल को कंट्रोल करने से भी घाव जल्दी ठीक होता है और शरीर में एक्टिवनेस महसूस होती है।

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Transcript

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0:01 शुगर में घाव का ठीक ना होना एक बहुत बड़ी और गंभीर समस्या है। यह हम सब जानते हैं। इवन कई बार तो पैर या हाथ काटने तक की नौबत आ जाती है। क्योंकि वह जो छोटा सा घाव होता है वह भर नहीं पाता। उससे इनफेक्शन पूरी बॉडी में फैलना शुरू हो जाता है। जिसके कारण डॉक्टर को पेशेंट का हाथ या पैर भी काटना पड़ सकता है। अगर आप भी यह सब जानते हैं और इन समस्या से जूझ रहे हैं कि अगर आपको कोई चोट लग गई है, कोई कट लग गया है और वो ठीक नहीं हो रहा है और आप शुगर पेशेंट हैं तो यह वीडियो आज आपके लिए है क्योंकि आज इस वीडियो में ना केवल हम यह बात करेंगे कि कारण क्या है जो घाव ठीक नहीं होता बल्कि यह भी जानेंगे कि

0:47 इसका सही उपचार क्या है और आप कैसे इसे समय रहते ठीक कर सकते हैं। इंफेक्शन को बढ़ने से रोक सकते हैं। देखिए इन सारी बातों को समझने के लिए पहले आपको इस समस्या की जड़ को समझना पड़ेगा कि शरीर में जब भी कोई कट लगता है कोई घाव होता है तो वो ठीक कैसे होता है वो ठीक होता है हमारे रेड ब्लड सेल और वाइट ब्लड सेल के कारण यानी हमारे जो सेल्स हैं उसके अंदर जो हमारी बॉडी के अंदर इम्यूनिटी पावर जिसको आप कहते हैं वो प्लस हमारे रेड ब्लड सेल्स और वाइट ब्लड सेल्स मिलके हमारी किसी भी चोट को ठीक करते हैं। लेकिन जब किसी भी पेशेंट को डायबिटीज की शिकायत होती है, शुगर की समस्या होती है तो यहां पर उनके वो जो वाइट ब्लड सेल हैं, रेड

1:32 ब्लड सेल हैं वो अपना काम पूरी तरीके से नहीं कर पाते हैं जिसके कारण घाव ठीक नहीं होता है। अगर यहां पर आपके मन में अभी भी सवाल है कि ये कैसे होता है? मुझे नहीं समझ आया तो देखिए जब किसी भी व्यक्ति को डायबिटीज हो जाती है तो उसके शरीर में जो ग्लूकोस बनता है उसके खाना खाने से वो ग्लूकोस अब्सॉर्ब होना बंद हो जाता है। यानी हमारी जो बॉडी में सेल्स होते हैं वो ग्लूकोस को अब्सॉर्ब करते हैं और एनर्जी प्रोड्यूस करते हैं। ये एक नॉर्मल प्रोसेस है। लेकिन एक डायबिटिक पेशेंट के साथ ऐसा नहीं होता है। उसका जो इंसुलिन है वो डिफॉल्टी हो जाता है। उसको सेल्स रेसिस्ट करना शुरू कर देते हैं। यानी उसकी बात मानना, उसका ऑर्डर लेना बंद कर देते हैं।

2:18 जिसके कारण जो सेल्स हैं वो ग्लूकोस को अब्सॉर्ब नहीं करते हैं और वो ब्लड में ही घूमना शुरू कर देता है। हमारे ब्लड के साथ फ्लो करता है पूरी बॉडी में। आप इसको ऐसे समझे कि अगर एक आपने पानी का गिलास लिया उसमें आप चीनी डालते जा रहे हैं, घोलते जा रहे हैं। चीनी डालते जा रहे हैं और घोलते जा रहे हैं। तो क्या वह पानी वैसे ही रहेगा जैसे पहले था? नहीं। अब वो पानी क्या हो गया? मीठा हो गया। यह तो सबको समझ आ गया। लेकिन साथ ही क्या हुआ? उसकी थिकनेस बढ़ने लग जाएगी। यानी वो पानी कैसा हो जाएगा? चाशनी जैसा हो जाएगा। गाढ़ा हो जाएगा। इसी तरीके से एक डायबिटिक पेशेंट का जो ब्लड है वो ग्लूकोज के कारण यानी बढ़े हुए शुगर लेवल के कारण गाढ़ा हो जाता है और उसके जो सेल्स की पावर हैं वो कम हो

3:04 जाती हैं और वो अपना काम ठीक से नहीं कर पाते हैं जिसके कारण एक डायबिटिक पेशेंट के जो घाव हैं वह ठीक नहीं हो पाते हैं। साथ ही साथ उसमें इंफेक्शन बढ़ना शुरू हो जाता है। जिसके कारण यह गंभीर समस्या का रूप ले लेता है। तो यहां तक तो हम सब ने अच्छे से समझ लिया कि समस्या क्या है और इसकी जड़ क्या है। अब अगर हमें यह ठीक करना है तो सबसे पहले क्या करना पड़ेगा? सबसे पहले हमें अपने ब्लड में बढ़े हुए शुगर लेवल को कम करना पड़ेगा। कंट्रोल करना पड़ेगा ताकि आपके जो वाइट ब्लड सेल्स हैं, रेड ब्लड सेल्स हैं, अपने फंक्शन को ठीक तरीके से निभा पाएं। अब यहां पर एक और बात आती है कि हम अपने बढ़े हुए शुगर लेवल को कंट्रोल कैसे करें? हम तो दवाई खा रहे

3:50 हैं। एक चीज आपको समझना बहुत जरूरी है कि यदि आप एलोपैथिक दवा ले रहे हैं अपनी शुगर को कंट्रोल या मैनेज करने के लिए या यह सोचते हैं कि उससे रिवर्स हो जाएगी तो यहां पर आप खुद एक बार अपनी उन दवाइयों को Google पर चेक करें कि जो दवाई आप खा रहे हैं उनका काम क्या है? है वह कैसे काम करती है? आप जानकर हैरान रह जाएंगे कि वह दवाइयां केवल आपके शरीर में से शुगर को मल के द्वारा या टॉयलेट के द्वारा बाहर निकालती हैं। दैट्स इट। वो आपके रूट कॉज पर काम नहीं करती हैं। जिसके कारण क्या होता है? आपने खाना खाया उसके बाद दवाई खाई। तो जो शुगर बढ़ा था बस उतना सा कम हो गया। लेकिन जैसे ही आप कुछ दोबारा खाएंगे आपका शुगर लेवल फिर बढ़ेगा। तो जो आपके

4:37 ब्लड में शुगर फ्लो हो रहा है वो तो वहीं होता जा रहा है। उस पे तो कोई फर्क ही नहीं आया। और जब नहीं आया तो क्या घाव ठीक होगा? नहीं होगा। इसीलिए पेशेंट्स जो हैं बहुत परेशान हो जाते हैं, पैनिकिक हो जाते हैं, फ्रस्ट्रेट हो जाते हैं। तो यहां पे दो चीजें आपको बहुत अच्छे से समझनी पड़ेगी कि एक जो आप तरीका अपना रहे हैं यानी जो ट्रीटमेंट आप ले रहे हैं वह सही है या नहीं? क्योंकि ट्रीटमेंट वही फायदेमंद है जो आपकी समस्या की जड़ पर काम करें और साथ ही साथ आपके ब्लड में जो शुगर फ्लो हो रही है उसको भी कम करे और जो आपका इंसुलिन है जो वर्क नहीं कर रहा प्रॉपर तरीके से जो सेल्स हैं जो अब्सॉर्ब नहीं कर रहे आपके ग्लूकोस को यह सब भी कहीं ना कहीं अपना

5:23 फंक्शन स्टार्ट करें और हम सब जानते हैं कि बहुत समय से अगर हम बात करते हैं आयुर्वेदिक दवा की तो वो वो जानी मानी है, जानी जाती हैं अपने काम करने के तरीके से। साथ ही वो जो पावर देती हैं हमारे शरीर को उससे कोई नुकसान नहीं होता। यानी उसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता। साथ ही साथ वह दवा समस्या की जड़ पर काम करती है। यही कारण है कि बहुत से पेशेंट शियाज़ में अपना डायबिटीज का ट्रीटमेंट लेते हैं और शुरुआत के कुछ ही महीनों में बहुत ही शानदार रिजल्ट उनको अपने शुगर लेवल में देखने को मिलता है। तो इसी के साथ-साथ आपने यहां पर समझ लिया ट्रीटमेंट का क्या महत्व है आपकी चोट को ठीक करने में। दूसरी चीज हमें क्या

6:09 करनी है? जहां पर आपके जो चोट लगी हुई है वहां पर आप कोशिश करें कि जो हल्दी होती है सूखी जो गांठ वाली हल्दी होती है आप थोड़ी सी वह ले आएं। उसको घर में कूट लें या मिक्सी में पीस लें और थोड़ी-थोड़ी हल्दी आप अपने जख्म पे लगाते रह। इससे फायदा क्या होगा? इससे आपका जो जख्म है उस पे इंफेक्शन नहीं होगा। पहला सबसे अच्छा फायदा। इसी के साथ अगर आप एक छोटा सा काम और कर सकते हैं कि अगर आपके घर के आसपास कहीं पर नीम का पेड़ है तो नीम की छाल ले लें। यानी वो जो वो लकड़ी होती है ना उसमें से थोड़ा सा पीस तोड़ लें। उसको घिस लीजिए पत्थर पे। वो और साथ में हल्दी दोनों को मिक्स करके अगर आप अपने घाव पर लगाते हैं तो यह आपके घाव को ठीक करेगा। उस पर बढ़ने वाले इंफेक्शन से उसे बचाएगा

6:56 और साथ ही साथ आपका जो शुगर लेवल है अगर वो आप कंट्रोल करते हैं अपनी डाइट को मेंटेन करके तो आप बहुत ही जल्दी देखेंगे कि आपका जो घाव है वह ठीक हो रहा है। साथ ही साथ आपकी शुगर कम हो रही है। और इन दोनों का फायदा आपको क्या मिलेगा? आप खुद के अंदर बहुत एक्टिवनेस महसूस करेंगे। लेकिन अगर आपके मन में कोई सवाल ऐसा है जो मैं आपको बता रहा हूं उसके बीच में आ रहा है तो आप अपने उस सवाल को कमेंट सेक्शन में लिख के हमसे जरूर पूछें। हम पूरी कोशिश करेंगे जल्द से जल्द आपके सवाल का हम जवाब दें। और अगर आपको अपने उस सवाल का जवाब अभी चाहिए तो आप एक काम और कर सकते हैं। नीचे दिए गए नंबर पर कॉल करके श्रेयाज़ के डॉक्टर्स की टीम से फ्री ऑफ

7:42 कॉस्ट कंसल्ट कर सकते हैं। उन्हें अपनी समस्या बता सकते हैं और उसका जवाब ले सकते हैं। तो आई होप इस पूरी वीडियो में आपको अच्छे से समझ आया कि किस तरीके से एक डायबिटिक पेशेंट अपने घाव को ठीक कर सकता है। अपनी चोट को ठीक कर सकता है। अपने इंफेक्शन को बढ़ने से रोक सकता है। तो मैं आशा करता हूं वीडियो आपको अच्छी लगी होगी। अगर हां, तो लाइक जरूर कर दें। साथ ही साथ इसे शेयर करना बिल्कुल ना भूलें। ऐसी और वीडियोस के लिए हमारे चैनल को अभी सब्सक्राइब करें। मिलता हूं अब आपसे अपनी अगली वीडियो में। तब तक के लिए नमस्कार।

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