0:00 हेलो एवरीवन आज के इस वीडियो में हम डिस्कस करेंगे क्लास 12थ की ज्योग्राफी का जो चैप्टर फर्स्ट है मानव भूगोल प्रकृति एवं विषय क्षेत्र इसके हम मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चन डिस्कस करेंगे तीन नंबर वाले क्वेश्चन और पांच नंबर वाले जो क्वेश्चन है इसको करेंगे ठीक है इसमें जो लॉन्ग क्वेश्चन आता है जियोग्राफी में आपका वह पांच नंबर का आता है और जो आपका शॉर्ट क्वेश्चन आता है वह आपका तीन नंबर का आता है तो दोनों तरह के जो क्वेश्चन है इस वीडियो में कवर हो जाने वाले हैं और एक बार आप सैंपल क्वेश्चन पेपर जो है इसको ध्यान से देखिए इसमें जो आपका सेक्शन सी है ये आपका तीन नंबर का आएगा ठीक है और इसमें आपको कितना लिखना होगा 80 से 100 वर्ड लिख सकते हो मैक्सिमम ठीक है अगर सेक्शन डी की बात करें तो इसमें आपका पांच नंबर का क्वेश्चन आता है इसमें आप 120 से 150 वर्ड लिख सकते हो या फिर अगर मैं इसको हेडिंग में कहूं तो इसमें आपको पांच नंबर
0:47 वाले में पांच हेडिंग लिखनी है उसको एक्सप्लेन करना है ठीक है तीन नंबर वाले क्वेश्चन में आपको तीन हेडिंग लिख के उसको एक्सप्लेन करना है तो इस तरीके का आपका पेपर आता है सारे इंपॉर्टेंट क्वेश्चन के नोट्स जो भी आप देखना चाहे सारे क्वेश्चन आपको अवेलेबल हो जाएंगे हमारी वेबसाइट पे google.com आपको सर्च करना है उसके बाद क्लास 12थ में जाना है फिर आपको अपना सब्जेक्ट यहां देखना है जहां पे आपको अपना सब्जेक्ट दिखे जैसे ये ज्योग्राफी है तो जियोग्राफी पे क्लिक करो आपके सामने टेबल आ जाएगी इसमें आपको जो शॉर्ट और लॉन्ग क्वेश्चन है इसके लिए आपको ये ऑप्शन दिखाई दे रहा है ना यहां पे आप आओगे तो आपको शॉर्ट क्वेश्चन और लॉन्ग क्वेश्चन यानी कि तीन नंबर वाले और पांच नंबर वाले जो क्वेश्चन हैं आपको हमारी वेबसाइट में अवेलेबल हो जाएंगे ठीक है आप यहां पे जाके आराम से पढ़ सकते हो फ्री है बिल्कुल आप फ्री में पढ़ सकते हो तैयारी कर सकते हो और यह सारे चैप्टर की वीडियो ऑलरेडी मैंने
1:33 बना रखी है चैप्टर को बिल्कुल डिटेल में बताया हुआ है आप लास्ट टाइम पर अगर पढ़ रहे हो तो भी कम से कम आपको चैप्टर की वीडियो जरूर देखनी है अगर आप चैप्टर की वीडियो को अच्छे तरीके से देखोगे तब आपको क्वेश्चन वगैरह सारे अच्छे से याद भी हो जाएंगे और अच्छे तरीके से समझ भी आ जाएंगे ठीक है यहां पर हम बात करने वाले हैं तीन नंबर और आठ नंबर पांच नंबर के क्वेश्चन की ठीक है सॉरी यहां पे यह टाइपिंग की मिस्टेक है यह पांच नंबर का है तो यहां पर जो पहला प्रश्न है वो है कि बताइए मानव भूगोल की आपको परिभाषा बतानी है और इसका अध्ययन क्षेत्र बताना है ठीक है तो देखिए मानव भूगोल को समझने से पहले आप यह समझ लीजिए कि भूगोल को हम दो कैटेगरी में बांट के पढ़ते हैं एक होता है हमारा मानव भूगोल और एक होता है भौतिक भूगोल मानव भूगोल क्या होता है जिसमें हम मानव से रिलेटेड चीजों को पढ़ते हैं ठीक है मानव मानव की जनसंख्या के बारे में
2:20 पढ़ेंगे ठीक है प्रवास के बारे में पढ़ते हैं और मानव से रिलेटेड उसकी जनसांख्यिकी के बारे में पढ़ते हैं जनसांख्यिकी संरचना के बारे में पढ़ते हैं तो ये सब मानव भूगोल में आ जाता है दूसरी तरफ जो भौतिक भूगोल होता है उसमें हम भौगोलिक जो भी होता है जैसे कि जिसमें आपने 11थ क्लास में भी पढ़ा होगा ठीक है उसमें हमारी जैसे हमारा पर्यावरण हो जाता है ठीक है हमारे चारों ओर जो पहाड़ वगैरह हैं पर्वत है उसके बारे में पढ़ते हैं टेंपरेचर वगैरह के बारे में पढ़ते हैं ठीक है पेड़ पौधे वनस्पतियों के बारे में पढ़ते हैं तो सारी चीजें भौतिक भूगोल में आ जाती है उसमें नदियों के बारे में पढ़ते हैं ठीक है विभिन्न नदियों से क्या लाभ है वो सारी चीजें पढ़ते हैं तो जो यहां पे बात कर रहे हैं मानव भूगोल की तो जो हमारा भौगोलिक वातावरण है या यानी कि जो हमारे चारों तरफ वातावरण है उसके साथ जो मानव की क्रियाएं होती हैं ठीक है जो एक इंटर रिलेशन होता
3:05 है क्योंकि मानव कहीं ना कहीं प्रकृति और प्रकृति से मिले हुए संसाधनों पर निर्भर होता है ठीक है तो इन सभी विभिन्नता हों का जो अध्ययन होता है वो मानव भूगोल होता है यानी कि मानव का हमारे जो भौगोलिक वातावरण है उसके साथ कैसा इंटररिलेशन है ये सारी चीजें इसमें पढ़ते हैं अब बात करते हैं इसकी डेफिनेशन की तो देखिए डेफिनेशन आती है सीधी-सादी आप रेट जेल वाली याद रखना रेट जेल जो है उन्होंने बताया है कि मानव भूगोल जो है मानव समाजों और धरातल के बीच में जो संबंध है यानी मानव समाज और धरातल के बीच में जो रिलेशन है उसका संश्लेषित अध्ययन है ठीक है उसके बारे में अध्ययन जो किया जाता है वह मानव भूगोल में किया जाता है नेक्स्ट देखिए मानव भूगोल का अध्ययन क्षेत्र क्या है इसमें हम क्या-क्या पढ़ते हैं चैप्टर की वीडियो अगर आपने डिटेल में देखी होगी तो वहां पे मैंने बहुत डिटेल में आपको समझाया
3:51 था तो देखिए मानव भूगोल के अंतर्गत हम जनसंख्या के बारे में पढ़ते हैं मानव उसकी जनसंख्या प्रवास उत्प्रवास ये सारी चीजें आ जाती है ठीक है उसकी उसकी क्षमताओं का अध्ययन करते हैं ठीक है विभिन्न प्रदेशों में जो संसाधन है उसका उपयोग कैसे कर रहा है मानव और मानव उन संसाधनों से कैसे लाभ ले रहे है ये सारी चीजें पढ़ते हैं उसका नियोजन कैसे कर र है ठीक है उसका अध्ययन करते हैं किसी क्षेत्र में जो मानव से रिलेटेड जो सांस्कृतिक एक वातावरण होता है उसके बारे में पढ़ते हैं और किसी क्षेत्र के वातावरण में उसका समायोजन का अध्ययन करते हैं कि किस प्रकार से मानव किसी भी भौगोलिक जो व्यवस्था है उसमें किस प्रकार से एडजस्ट होता है समायोजित होता है उसके बारे में पढ़ते हैं यानी कि घुमा फिरा के सारी बात यही है कि इसमें पढ़ा मानव के बारे में ही जाता है ठीक है तो ये आपको बताना था नेक्स्ट देखते हैं अगला है कि
4:39 एलएनसी सैंपल के अनुसार मानव भूगोल की परिभाषा बताइए अब देखिए मानव भूगोल की परिभाषा आपकी बुक में तीन या चार दे रखी होगी उसमें से जो दो ज्यादातर पूछी जाती है या तो सैंपल की पूछी जाती है इनकी एलएनसी सैंपल जिनको कहा जाता है या फिर रेट जेल की पूछी जाती है तो दोनों में से कोई भी आपको याद जरूर रखनी है ठीक है तो देखिए मानव भूगोल ये इन्होंने ऐसा कहा है कि मानव भूगोल जो है वह अस्थिर पृथ्वी और क्रियाशील मानव के बीच में जो परिवर्तनशील संबंध है उसका अध्ययन है यानी कि इनके अकॉर्डिंग जो पृथ्वी है वह अस्थिर है और मानव जो है वह क्रियाशील है और इनके बीच में जो परिवर्तनशील जो संबंध है उसका अध्ययन को ही हम मानव भूगोल कहते हैं ऐसा एलएनसी सैंपल ने खाए और परिभाषा जैसे लिखी होती है ना इसी तरीके से लिखनी होती है इसमें कोई चेंज नहीं करना इसको एडिट करके
5:26 नहीं लिखना कि आप आसान भाषा बना के लिखो ठीक है वो उनके शब्द होते हैं हैं विद्वानों के उनके अकॉर्डिंग इसको लिखना होता है तो यहां पे समझिए ये क्वेश्चन बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है मानव भूगोल के क्षेत्र और मानव भूगोल के उप क्षेत्र ये आपसे ज्यादा पूछा जाता है तो मानव भूगोल के क्षेत्र कौन से हैं ठीक है अब ये आपको देखना है कि पेपर में कितने नंबर में आ रहा है अगर तीन नंबर में आ र है तो तीन बताने हैं पांच नंबर में आ रहा है तो पांच बताने हैं ठीक है तो देखिए मानव भूगोल के जो क्षेत्र की बात करें तो इसमें सामाजिक भूगोल हो जाता है ठीक है जिसमें समाज वगैरह के बारे में पढ़ते हैं नगरीय भूगोल हो जाता है राजनीतिक भूगोल हो जाता है जनसंख्या भूगोल हो जाता है आवास भूगोल आर्थिक भूगोल यह सारे के सारे क्या हैं मानव भूगोल के महत्त्वपूर्ण क्षेत्र होते हैं ठीक है नेक्स्ट है कि मानव भूगोल के उप क्षेत्र के आपको नाम बताने हैं ठीक है क्षेत्र के अंतर्गत उप क्षेत्र आते हैं तो
6:12 उप क्षेत्र भी अगर तीन नंबर में आ रहा है तो तीन ही पॉइंट लिखने हैं पांच नंबर में आ रहा है तो पांच ही पॉइंट लिखना है उसके अकॉर्डिंग लिखना है तो देखिए सैन्य भूगोल हो जाएगा चिकित्सा भूगोल हो जाएगा व्यवहारवादी भूगोल हो जाएगा निर्वाचन भूगोल आकाश का भूगोल लिंग भूगोल ऐतिहासिक भूगोल कृषि भूगोल ठीक है ये सारे अब यहां पे एक चीज ध्यान रखनी है इसको एक्सप्लेन नहीं करना कहीं आप सैन्य भूगोल क्या होता है आप यह समझाने लग जाओ पेपर में एक्सप्लेन बिल्कुल भी नहीं करना ठीक है पांच क्षेत्र या पांच उप क्षेत्र पूछे तो सीधा जैसे मैंने यहां बताया ऐसे ही आपको पेपर में लिखना है बिल्कुल भी एक्सप्लेन नहीं करना सीधा यही होता है आगे देखिए नेक्स्ट क्वेश्चन है कि भौतिक भूगोल और मानव भूगोल के तत्त्वों के बीच में जो परस्पर अन्योन क्रिया होती है ठीक है जो एक इंटरेक्शन होता है इसके बारे में आपको एग्जांपल से बताना है तो देखिए हमारा जो भौतिक भूगोल है चारों साइड हमारे जो भी हम
6:59 हमें देखने को मिलता है चाहे वो सड़क हो ठीक है कहीं पेड़-पौधे हो अगल-बगल का जो भी एनवायरमेंट है वो सारा हमारा भौतिक भूगोल में आ जाता है कहीं पर नदियां हो सकती है कहीं पहाड़ हो सकता है कहीं समतल हो सकता है कहीं उबड़ खाबड़ हो सकता है ठीक है जैसा भी हमारे चारों और भौतिक भूगोल है वो और मानव भूगोल के तत्त्वों के मध्य में जो हमेशा अन्योन क्रिया होती रहती है ठीक है उसी के बारे में यहां बताया गया है कि भौतिक भूगोल के विभिन्न लक्षण जैसे कि भौतिक भूगोल में क्या हो जाएगा हमारी भूमि की बनावट कैसी भूमि है उबड़ खाबड़ हो स सकती है समतल हो सकती है ठीक है पठारी हो सकती है तो हमारी जो भूमि की बनावट है हमारी जो जलवायु है मिट्टी है पदार्थ हैं जल और वनस्पति है ठीक है यह सब मनुष्य के रहन सहन तथा आर्थिक सामाजिक क्रियाओं पर प्रभाव डालते हैं तो यही
7:46 चीजें हमें बतानी थी देखिए होता क्या है कि हम रहते हैं हम हम जहां पर भी रहते हैं चारों ओर हमारा जो एनवायरमेंट होता है वो पर्यावरण से भौतिक भूगोल से घिरा होता है ठीक है आप अपने चारों ओर देखोगे तो आपको हो सकता है कहीं नदी दिखे कहीं उबड़ खाबड़ दिखे कहीं प्लेन दिखे कहीं खेत दिखें कहीं पेड़-पौधे वनस्पति जंगल कुछ भी दिखेगा ये सब क्या है हमारा भौतिक भूगोल है और हम उसी के साथ रहकर उनके उन संसाधनों का इस्तेमाल करके ही अपना जीवन जीते हैं यानी हमारा मानव का भौतिक भूगोल से क्या होता है एक इंटरेक्शन होता है यही चीजें आपको बतानी थी यहां पे इस तरीके से आप बता सकते हो ठीक है अगला देखिए इसी का पॉइंट आ गया कि प्रकृति मनुष्य के कार्य और जीवन को निश्चित करती है और मानव जीवन को भी निश्चित करती है क्योंकि देखो हम प्रकृति में रहते हैं नेचर में रहते हैं हमें नेचर के अकॉर्डिंग ही रहना पड़ता है मानव जीवन
8:32 जो है वो प्राकृतिक साधनों पर ही आधारित होता है क्योंकि हम नदियों से पानी यूज करते हैं ठीक है खेतों में हम क्या करते हैं जो भूमि है उसमें खेती करते हैं तो यानी हम भूमि का उपयोग कर रहे हैं हम प्राकृतिक संसाधनों का इस्तेमाल करते हैं और इन्हीं प्राकृतिक साधनों के द्वारा मानव जो है वह रोजगार भी उत्पन्न करता है फसल चक्र और परिवहन के साधन आदि सभी चीज कहीं ना कहीं इसी से प्रभावित होती है उसकी ठीक है बिल्कुल प्रभावित होती है प्रकृति जो है मानव विकास के भरपूर अवसर देती पूरा मौका देती है मानव को विकास के लिए नेचर और मानव क्या करता है इन अवसरों का फायदा भी उठाता है और अपना विकास भी करता है तो यह आपको यहां पर बताना था अगले क्वेश्चन में चलते हैं कि प्रकृति और मनुष्य जो है आपस में इतनी जटिलता से जुड़े हुए हैं कि उन्हें एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता ठीक है इस कथन को आपको
9:18 बताना है बिल्कुल देखिए प्रकृति के बिना मानव का जीवन नहीं हो सकता अब देखो हमारे लिए जो सबसे महत्त्वपूर्ण संसाधन है वो है जल जल यानी पानी कहां से मिलता है हमें को प्रकृति से मिलता है क्या बिना जल के हम जीवित रह सकते हैं नहीं रह सकते तो सीधा-सीधा आपको समझ रहे हो कि प्रकृति और मनुष्य आपस में जुड़े हुए हैं जटिलता से अलग नहीं किया जा सकता उनको तो ये सारी चीजें आप यहां बताओगे कैसे बताओगे देखो प्रकृति और मनुष्य आपस में जटिलता से जुड़े हैं क्लियर है प्रकृति और मानव को एक दूसरे से अलग नहीं किया जा सकता क्योंकि इनके बीच में एक अन्योन क्रिया होती है यानी कि एक इंटरेक्शन होता है इसके द्वारा मनुष्य ने प्राकृतिक पर्यावरण में सामाजिक और सांस्कृतिक पर्यावरण की रचना करी है अब मनुष्य को क्या मिला नेचर से सब कुछ मिला उसे खेती करने के लिए जमीन मिल गई अच्छी उपजाऊ भूमि मिल गई उसको
10:03 सिंचाई करने के लिए पानी मिल गया ठीक है जीवन जीने के लिए पानी मिल गया पेड़ पौधे वनस्पति जीव जंतु सब मिल गया सब कुछ किसने दिया नेचर ने दिया तो हमने उन सभी चीजों का इस्तेमाल किया और कहीं ना कहीं एक सांस्कृतिक और एक एक सामाजिक और एक सांस्कृतिक जो एक एनवायरमेंट है वह हमने बनाया ठीक है तो हम क्या है प्रकृति से जुड़े हुए हैं नेचर से जुड़े हुए हैं हमको उससे अलग नहीं किया जा सकता एक क्वेश्चन आपके पेपर में आता है दो तीन तरह के विचार दो की विचारधारा थी मेन ठीक है उसके बीच की भी एक विचारधारा थी इन तीनों में से कोई एक क्वेश्चन आपके पेपर में आएगा पहली जो विचारधारा इसमें देखिए पर्यावरणीय निश्चयवाद इसका क्या मतलब होता है या मानव का प्रकृतिक के बारे में बताना है या फिर हम ऐसे कर सकते हैं कि प्रारंभिक अवस्था में मानव जो था प्रकृति से डरता था उसका वर्णन आपको करना है कैसे वह डरता था यह
10:50 चीजें बतानी है तो देखिए ध्यान से समझिए इसमें आप यहां से शुरू कर सकते कि शुरू में क्या था मनुष्य जो था ज्यादा टेक्नोलॉजी का विकास नहीं था वह आदिम अवस्था में था ठीक है आदिम अवस्था में था ज्यादा उसको नॉलेज नहीं थी प्रकृति से डरता था प्रकृति की बातों को मानता था उसने अपने आप को प्रकृति के अनुसार ही ढाल लिया था लेकिन जैसे-जैसे उसे नॉलेज होती गई ठीक है फिर उसने प्रकृति को अपने अनुसार ढालना शुरू कर दिया तो प्रकृति को जब उसने अपने अनुसार ढाला तो वह अलग विचारधारा है और जब उसने अपने आप को प्रकृति के अनुसार डाला तो अलग विचारधारा है तो यहां पे हमें पर्यावरणीय निश्चयवाद को सबसे पहले समझना है तो देखिए क्या था प्राकृतिक पर्यावरण से अन्योन क्रिया की आरंभिक अवस्थाओं में अगर हम देखें तो मानव जो है इससे बहुत ज्यादा प्रभावित हुआ
11:37 उन्होंने प्रकृति के जो आदेश हैं उसके अनुसार अपने आप को ढाल लिया इसका कारण क्या था कि भाई टेक्नोलॉजी का उसको यानी प्रौद्योगिकी का उसको ज्ञान नहीं था उसका जो नॉलेज थी वो बहुत सीमित थी बहुत कम थी और मानव का जो सामाजिक विकास था उसकी अवस्था भी आदिम थी ज्यादा उसका सामाजिक विकास भी नहीं हुआ था टेक्नोलॉजी का विकास भी नहीं हुआ था प्रकृति को वो समझता नहीं था तो वह प्रकृति से डरता था आदिम मानव समाज और प्रकृति की प्रबल शक्तियों के बीच में ठीक है वह इस प्रकार की अन्योन क्रिया को पर्यावरणीय निश्चयवाद भी कहा जाता है तो इसी क्रिया को हम पर्यावरणीय निश्चयवाद कह सकते हैं ठीक है या फिर मानव का प्रकृतिक कह सकते हैं क्योंकि मानव जो है प्रकृति के अनुसार ढल रहा है इसीलिए इसको मानव का प्रकृतिक कहते हैं हम यहां पे ठीक है तो यह पहली विचारधारा थी एक दूसरी
12:24 विचारधारा है संभववाद यानी प्रकृति का मानवीकरण ठीक है पहले क्या था मनुष्य आदि मानव वाली स्थिति में था उसे जो प्रकृति से मिलता था उसके अनुसार रहता था बिजलियां कड़कती थी बारिश होती थी वो डर जाता था उसे लगता था कि भाई अ जो ईश्वर है वो मुझसे नाराज है ठीक है उसने अपने आप को प्रकृति के अनुसार ढाल लिया था इसीलिए उसको पर्यावरणीय निश्चयवाद कहते हैं लेकिन उसके बाद मनुष्य को धीरे-धीरे नॉलेज हुई तब संभववाद की बात सामने आई इसको समझते हैं देखिए प्रकृति हमको अवसर देती है और मानव क्या करता है उन अवसर का उपयोग करता है और धीरे-धीरे प्रकृति का मानवीकरण हो जाता है तो यही चीजें आपको यहां बतानी थी तो देखिए इस जो विचार धारा इसको किस नाम से जानते हैं हम संभववाद के नाम से जानते हैं समय के साथ-साथ क्या होता है कि मानव जो है वह प्रकृति को समझने लगता है अब उसे नेचर समझ में आ गया नेचर के नियम जो है
13:09 रूल्स जो है वह समझ में आ गए तो धीरे-धीरे उसने क्या करा उसने कहीं ना कहीं बेहतर तकनीक विकसित कर ली ठीक है और पर्यावरण से प्राप्त जो संसाधन थे उनके द्वारा उसने कई सारी नई-नई संभावनाओं को जन्म दिया और मानवीय क्रियाओं की छाप जो है हमें अपने चारों तरफ दिखाई देती है आप देखते हो इतने बड़े-बड़े जो होटल होटल बन गए बड़ी-बड़ी सड़कें बन गई ठीक है ये सब क्या है ये मानवीय क्रियाकलाप है हमें हर जगह देख रहे हैं कहीं स्कूल बन गया कहीं उसने पहाड़ को काट के टनल बना दी उसके अंदर तो ये सब क्या है ये टेक्नोलॉजी का ज्ञान होने के बाद सीख पाया ठीक है इसी को संभववाद कहा जाता है अगला चलते हैं ठीक है दो विचारधारा हो गई एक निश्चयवाद पर्यावरणीय निश्चयवाद और एक है संभववाद निश्चयवाद में क्या पढ़ा हमने मनुष्य प्रकृति से डरता था प्रकृति
13:54 के अनुसार रहता था और संभववाद में क्या देखा उसे नॉलेज हो गई अब उसने क्या करा प्रकृति को अपने अनुसार ढालना शुरू कर दिया ठीक है संसाधनों का इस्तेमाल करके उसने तकनीक विकसित कर ली अब एक इन दोनों विचारधाराओं के बीच की एक विचारधारा है ठीक है यह इंपॉर्टेंट है आपके लिए पेपर में आपसे यह पूछा जाता है तो इसको समझते हैं इसको नव निश्चयवाद भी कहा जाता है इसको यह ग्रिफिथ टेलर ने दिया है तो उसको ग्रिफिथ टेलर की देन माना जाता है ठीक है और यह दोनों जो विचारधारा है उसके बीच में संतुलन एक बैलेंस बनाने की कोशिश करती है ठीक है इसकी कोई पांच विशेषता बताओ ये अथवा में करके किसी भी लैंग्वेज में आपसे क्वेश्चन पूछे जा सकते हैं या तो उसकी विशेषता या फिर जो भी पूछे हमको यह समझनी है तो देखिए यह विचारधारा किसने दी है सबसे पहले तो आपको यह पता होना चाहिए ग्रिफिथ टेलर ने दी है इसमें क्या बताया गया है इसमें यह बताया गया कि जो पर्यावरणीय निश्चयवाद है और जो संभववाद है
14:42 इन दोनों विचारधाराओं के बीच का मार्ग जो है वह हमें इससे पता लगता है यह क्या कहती है यह यह बोलती है कि हमको पर्यावरण को नुकसान किए बगैर समस्याओं को सुलझाने पर बल देती है ठीक है यानी हमको पर्यावरण का नुकसान नहीं करना है उसका कम क से कम नुकसान हो हमें ऐसी तकनीक अपनानी है ठीक है इस पर यह बल देती है पर्यावरणीय निश्चयवाद के अनुसार मनुष्य ना तो प्रकृति पर पूरी तरीके से निर्भर होकर रह सकता है और ना ही प्रकृति से स्वतंत्र होकर रह सकता है ठीक है ये माना जाता था और प्रकृति पर विजय पाने के लिए प्रकृति के ही नियम का पालन करना पड़ता है बिल्कुल आज अगर आकाश में हवाई जहाज उड़ते हैं तो वो कैसे पॉसिबल है क्योंकि उन्होंने वायु और गति के नियमों को समझाया अगर वो नियमों को नहीं समझते तो क्या यह पॉसिबल हो पाता
15:28 नहीं हो पाता ठीक है तो ये समझना है और प्राकृतिक संसाधनों का प्रयोग करते हुए प्रकृति की सीमाओं का भी हमको ख्याल रखना है अब हमको प्रकृति से पेड़ मिल रहे हैं हम उसके लकड़ियों को काट के उसका इस्तेमाल कर रहे हैं अब इसका मतलब यह नहीं कि उसकी एक लिमिटेशन भी है कि आप पेड़ सारे ही काट दो खत्म कर दो ठीक है यही बताया जा रहा है कि प्राकृतिक संसाधन हमको मिल रहे हैं लेकिन हमको उसका प्रयोग जो करना है उसकी सीमाओं को ध्यान में रख के करना है नदी से पानी मिल रहा है तो हमें ना पानी यूज़ करना है लेकिन उस पानी को इतना भी यूज नहीं करना कि नदी ही खत्म हो जाए या नदियां दूषित हो जाए इस चीज से भी बचाना है ठीक है तो यह चीजें आपको बताई गई है इसने क्या कहा है दोनों जो विचारधारा है उसके बीच का रास्ता अपनाना उदाहरण में है औद्योगीकरण करते हुए जंगलों को नष्ट होने से बचाना ठीक है एक अच्छा ऑप्शन है फिर
16:14 खनन करते समय ज्यादा दोहन से बचाना यानी हमें संसाधन जो मिले हैं उसका इस्तेमाल करना है पर सोच समझ के करना है पर्यावरण को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए ये चीज आपको बताई गई है ठीक है चैप्टर की वीडियो जरूर देखना वहां डिटेल में बहुत समझाया यहां पे क्या है लिमिटेड टाइम है तो लिमिटेड टाइम में में आपको लिमिटेड क्वेश्चन ही कराए जा रहे हैं और इनसे बाहर क्वेश्चन नहीं आता इस चैप्टर से ये जो तीन विचारधारा हैं पर्यावरणीय निश्चयवाद संभववाद और नव निश्चयवाद इसमें से एक क्वेश्चन ज्यादातर पूछ लिया जाता है या जो भूगोल के क्षेत्र और उप क्षेत्र पूछा है ठीक है यहां पे क्वेश्चन में वो आपसे पेपर में पूछ लिया जाता है इन्हीं में से कोई क्वेश्चन आता है ठीक है तो ये इंपॉर्टेंट थे इसको ध्यान से रखना याद रखना बिल्कुल अच्छे तरीके से तैयार करना और t ग्रा ग्रुप जरूर ज्वाइन करो यहां पे आपको इंपॉर्टेंट नोट्स जो हैं वो मिल जाएंगे क्लास 12 ईएसपी न्यू ग्रुप के नाम से और
17:01 जब भी अपनी लाइव क्लास होगी ठीक है जब भी अपनी लाइव क्लास होगी तो आपको यहां पे सारी अपडेट मिल जाए करेगी और आप मुझे ा पर फॉलो कर सकते हो एक लव स्टडी पॉइंट यह मेरा यूजर नेम है और मेरा नाम सत्येंद्र प्रताप है कुछ डाउट हो तो आप मुझे टा पर डायरेक्ट मैसेज कर दो मुझे टाइम मिलेगा मैं आपको वहां पर रिप्लाई जरूर करूंगा तो मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में आपसे थैंक्स फॉर वाचिंग जय हिंद जय भारत वीडियो को लाइक करें कमेंट कर दें शेयर कर दें ठीक है जय ं