0:00 नमस्कार साथियों। गोचर में शुक्र अब अपना राशि परिवर्तन करने वाले हैं। शुक्र जिन्हें हमारे जीवन में धन का, ऐश्वर्य का, वैभव का, सुख समृद्धि, हमारे कंफर्ट, हमारी लग्जरी का, रिलेशनशिप, क्रिएटिविटी आदि का कारक माना जाता है। अब यह राशि परिवर्तन के साथ-साथ गोचर में कुछ विशेष स्थितियां भी बनाएंगे। जिसका हम सब पर कुछ ना कुछ प्रभाव अवश्य पड़ेगा। तो आज हम इसी विषय पर डिटेल से चर्चा करने वाले हैं। साथियों साथियों जो लोग ज्योतिष जैसे विषय में रुचि रखते हैं, ज्योतिष से जुड़े हुए फैक्ट्स, नियम, सूत्र, योगास, गोचर्स को समझना चाहते हैं, तो आप हमारे WhatsApp चैनल को जरूर ज्वाइन कर लीजिए। जिसका लिंक मैंने डिस्क्रिप्शन में दे रखा है। जहां पर आप क्लिक करके उसे ज्वाइन कर सकते हैं। क्योंकि वहां पर मैं समय-समय पर ज्योतिष
0:46 से संबंधित जानकारी आपसे साझा करता रहता हूं जिससे आपके ज्ञान में वृद्धि हो सके। भाई साथियों वीडियो को शुरू करते हैं। मैं आपका अपना ज्योतिष मित्र अमनदीप सिंह आपका स्वागत करता हूं आपके अपने YouTube चैनल निर्मल एस्ट्रोलॉजी पर। आज हम चर्चा करेंगे शुक्र के राशि परिवर्तन को लेकर। शुक्र 26 जुलाई 2025 को अपनी स्वराश वृषभ से निकलकर बुध की राशि मिथुन में प्रवेश कर जाएंगे और ये यहां पर 20 अगस्त 2025 तक रहने वाले होंगे। यानी लगभग ये 25-26 दिन का पीरियड रहेगा। अब साथियों आपको पता है कि मिथुन राशि में ऑलरेडी गुरु विराजमान हैं। यानी वहां पर गुरु गोचर कर रहे हैं और शुक्र भी वहां पर एंटर हो जाएंगे। यानी ऐसे में गुरु और
1:32 शुक्र दोनों की युति वहां पर बनेगी। तो इसका हम सब पर कैसा प्रभाव आएगा? यानी सभी 12 लग्न व राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा। आज के इस वीडियो में हम इसे डिटेल से जानेंगे और इस गोचर के चलते हमें किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और क्या उपाय करने चाहिए इसे भी आज हम अवश्य जानेंगे। तो साथियों गोचर के हमेशा वीडियो जब भी मैं बनाता हूं आपको यह सजेस्ट करता हूं कि आपको गोचर का जो परिणाम देखना है। है ना? आज आज भी आप इस वीडियो को आप अपने जन्म लग्न से देखिए और जन्म राशि दोनों से देखिए। क्योंकि लग्न क्या है? लग्न आप स्वयं हैं। आपकी ओवरऑल पर्सनालिटी है। आपका बॉडी स्ट्रक्चर है। और राशि क्या है? राशि आपका मन है। मानसिक स्थिति को दर्शाती है। तो दोनों से परिणाम देख लीजिए। लग्न से भी और राशि से भी। अगर दोनों से अच्छे रिजल्ट आपको मिल रहे हैं तो ये गोचर आपके लिए शुभ जाएगा। वहीं पर
2:19 अगर दोनों से ही नेगेटिव परिणाम मिल जाए तो फिर ये गोचर आपको नेगेटिव परिणाम देने वाला है। यानी अशुभ रिजल्ट लेकर आने वाला होगा। तब आपको जो मैं उपाय बताऊंगा वीडियो के अंत में और ध्यान रखने योग्य जो बातें हैं उन दोनों को आपको ध्यान में रखना है। उपाय भी करने हैं। अब आप बोलेंगे हमें तो मिश्रित परिणाम मिल रहे हैं। यानी एक से अच्छा रिजल्ट मिल रहा है। लग्न से अच्छा मिल रहा है। राशि से बुरा मिल रहा है या राशि से अच्छा मिल रहा है। लग्न से बुरा मिल रहा है। तब आपको मिश्रित परिणाम प्राप्त होने वाले हैं। है ना? 50-50% अच्छे 50% और 50% बुरे। इस तरह से आपको समझना है। तब भी आपको उपाय अवश्य करने हैं। ठीक है? जो मैं आपको बताऊंगा वो उपाय जरूर कीजिए। क्योंकि उपाय करने से जो नेगेटिविटी है थोड़ी बहुत वो अवश्य कम होती है। ठीक है? टोटली परिणाम चेंज नहीं हो सकते हैं। ये आपको समझना है। लेकिन हां कुछ राहत की सांस हमें अवश्य देखने को मिलती है। तो उपाय जरूर कीजिएगा जो वीडियो के अंदर में मैं बताऊंगा। तो इस तरह से आपको वीडियो को देखना है। इसे आप अपनी
3:05 पत्रिका पर, अपने मित्रगणों की, अपने भाई बंधुओं की, अपने रिल जो भी आप जिनके रिलेशन में आप हैं। है ना? जिनके चार्ट्स आपके पास मौजूद है। मैक्सिमम चार्ट्स पर अप्लाई कीजिए। तो गोचर काम कैसे करेगा? कैसे परिणाम देगा? ये आपको समझ में आने लगेगा। तो अब साथियों आगे बढ़ेंगे और सबसे पहले बात करेंगे कि इस गोचर में ऐसा खास क्या है? देखिए जैसा कि मैंने बताया शुक्र जो है वह मिथुन राशि में जाएंगे और मिथुन राशि काल पुरुष की पत्रिका के अंदर तीसरे भाव में यानी थर्ड हाउस में आती है। ठीक है? जैसा कि आप देख पा रहे हैं और शुक्र को मैंने पहले भी बताया हमारे जीवन में धन का कारक ऐश्वर्य वैभव का कारक सुख समृद्धि का कारक माना गया है ना। सुख सुविधाओं का, लग्जरी का, रिलेशनशिप आदि का, कलात्मकता यानी क्रिएटिविटी का, हमारे नॉलेज का, ज्ञान का कारक भी शुक्र मानेंगे। क्योंकि यह दैत्य गुरु हैं। तो कहीं ना कहीं नॉलेज गुरु का एक दर्जा इन्हें भी प्राप्त है।
3:51 तो नॉलेज की भी बात हम करें तो शुक्र के कारण हम देखते हैं। अब साथ ही साथ में आप देखेंगे कि जो मिथुन राशि है, ये रिप्रेजेंट करती है कम्युनिकेशन को। है ना? कम्युनिकेशन की राशि मानी गई। चाहे वो इंटरनेट हो, कम्युनिकेशन किसी भी वे में हो। है ना? आपका इंटरनेट हो जैसे मैंने बताया मीडिया है जहां पर बेसिकली फैलाव है किसी भी चीज का है ना जैसे कि हम इंफॉर्मेशन का फैलाव जिसे हम कहते हैं तो मिथुन राशि वहां पर कनेक्ट होती है स्किल की राशि मानी गई बेसिकली स्किल यानी कि आपकी किसी भी प्रकार की कोई स्किल हो सकती है हॉबी हो सकती है उसे हम मिथुन राशि से कनेक्ट करते हैं एफर्ट्स क्योंकि पराक्रम का स्थान माना गया तीसरा भाव तो आपके पराक्रम को आपके एफर्ट्स को आपके संघर्ष को मिथुन राशि दर्शाती है कामनाएं इच्छा पूर्ति है ना आपकी जो कामनाएं हैं। उसकी राशि मानी गई क्योंकि काम त्रिकोण की सबसे
4:37 पहली राशि अगर कोई आती है तो वह मिथुन है। है ना? काम त्रिकोण जो कि आपको पता है तीसरा भाव, सप्तम भाव और 11वां भाव ये काम त्रिकोण है। तो इसमें पहला जो राशि मानी गई मिथुन राशि मानी गई। सोशल सर्कल को दर्शाती है। जैसा मैंने बताया सोशल मीडिया वगैरह हम थर्ड हाउस से मीडिया बेसिकली हम मिथुन राशि से कनेक्ट करते हैं। तो सोशली एक्टिव होती है। मिथुन राशि को काफी सोशली एक्टिव माना गया। तो ये सारी चीजें मिथुन राशि से हम कनेक्ट करते हैं। तो अब कहीं ना कहीं जब शुक्र यहां पर आएंगे तो इन चीजों से रिलेटेड हमें यहां पर इफेक्ट देखने को मिलेंगे। जैसे कि आप देखेंगे कि इच्छा पूर्ति एक इच्छाओं की राशि में जब शुक्र जो कि लग्जरी का कारक है, सुख सुविधाओं का कारक है। है ना? तो जब वहां जाएगा तो कहीं ना कहीं हमारा रुझान उस तरफ अधिक होगा। रिलेशनशिप का तो वहां हमारे कहीं ना कहीं रिलेशनशिप में हम उतार-चढ़ाव
5:23 महसूस कर सकते हैं। बेसिकली है ना? कम्युनिकेशन के स्थान में जब नॉलेज का कारक जाएगा, ज्ञान का कारक जाएगा तो नॉलेज का आदानप्रदान कम्युनिकेशन जो लोग बेसिकली स्किल का हाउस माना गया है ना मिथुन राशि स्किल की राशि है और वहां पर कलात्मकता का कारक आएगा। तो आप अपनी स्किल को इस समय में बहुत इंप्रूव करने की कोशिश करेंगे। अपनी हॉबी को जो लोग पर्स्यू करते हैं वो उसमें कुछ ना कुछ सुधार देखने को मिलेगा। तो इस तरह से आपको चीजें कनेक्ट करनी है। अब देखिए यहां पर एक और इंपॉर्टेंट फैक्ट है कि यहां पर शुक्र जैसे ही मिथुन राशि में आएंगे यहां पर गुरु ऑलरेडी विराजमान है। है ना? गुरु यहां पर बैठे हुए हैं। ज्ञान के कारक गुरु को भी ज्ञान का कारक माना गया। तो यहां पर यह युति बनेगी। बेसिकली शुक्र और गुरु एक साथ युति में कुछ समय के लिए अवश्य होंगे। तो दोनों ग्रह दोनों जो ग्रह हैं ये गुरु ग्रह माने गए। एक दैत्य गुरु और एक देवताओं के गुरु।
6:10 तो मिथुन राशि में होने से सामान्य तौर पर किस तरह के रिजल्ट आएंगे? दोनों यहां पर होंगे। तो जैसा कि मैंने पहले बताया कम्युनिकेशन की फील्ड से जो लोग जुड़े हुए हैं चाहे वो सोशल मीडिया है या फिर बेसिकली इंटरनेट है, टीवी है इस तरह की जो चीजें हैं टेलीविजन सोर्सेज हैं। तो ये सारी चीजों में बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट इंफॉर्मेशन का फैलाव होना और नॉलेज का फैलाव होना बेसिकली ज्ञान का फैलाव को लेकर कुछ अच्छी चीजें यहां पर देखने को मिलेंगी। जो लोग एजुकेशन सेक्टर में हैं, जो लोग टीचिंग के प्रोफेशन में हैं उनके लिए यहां पर एक अच्छी स्थिति देखने को मिलेगी। जो लोग कला की चीजों की तरफ जिनका लोगों का अधिक झुकाव है और इस समय में देखेंगे आप कि बहुत से लोग कला की तरफ झुकाव उनका बनेगा भी। है ना? तो उसको लेकर कुछ ना कुछ यहां पर इफेक्ट देखने को मिलेंगे। जो लोग क्रिएटिविटी से कनेक्टेड हैं जैसा कि मैंने बताया सिंगिंग है, डांसिंग है, पेंटिंग है या बेसिकली जो
6:58 राइटिंग के कार्य करते हैं, लिखने का कार्य है। कंटेंट क्रिएटर्स हैं बेसिकली उनके साथ में भी कुछ ना कुछ एक अच्छे प्रभाव यहां पर उन लोगों को देखने को मिलेंगे। मनी मैनेजमेंट की फील्ड के अंदर क्योंकि शुक्र भी धन के कारक और गुरु को भी धन का कारक कहा गया। है ना मैनेजमेंट बेसिकली बैंकिंग सेक्टर अकाउंट्स सीए वगैरह जो लोग हैं सीए कंसलटेंसी इस तरह के जो कार्य हैं टीचिंग आदि के क्षेत्र के लिए कुछ ना कुछ अच्छे प्रभाव यहां पर देखने को मिलेंगे तो ये चीजें इफेक्ट होने वाली हैं इस तरह से आप लोगों को कनेक्ट करना है अब देखिए यहां पर देखिए धनु राशि कहीं ना कहीं बहुत ज्यादा प्रभावित होगी क्योंकि शुक्र और गुरु दोनों की दृष्टि कहां पर होगी धनु राशि पर होगी यही नहीं इसी के साथ और भी ग्रह जैसे शनि है ना शनि भी अपनी दसवीं दृष्टि धनु राशि पर डाल रहे हैं है ना ये तो लंबे समय के लिए रहेगी। साथ ही साथ में देखेंगे केतु की भी पंच
7:44 पंचम दृष्टि कहां पर है? धनु राशि पर है। और मंगल भी आप देखेंगे 28 तारीख से कन्या राशि में एंटर कर जाएंगे। तो मंगल की चौथी दृष्टि भी धनु पर होगी। तो पांचप ग्रह धनु राशि पर दृष्टि डालेंगे। तो इस तरह से यहां पर धनु राशि एक्टिव होने वाली है। और धनु राशि किसको रिप्रेजेंट करती है? धर्म कर्म के कार्य को लॉन्ग ट्रैवल को। आपके जो एक तरह से देखिए रीति-रिवाज परंपराएं हैं उसको रिप्रेजेंट करती है। है ना? आपके धर्म की राशि मानी गई बेसिकली तो कहीं ना कहीं भाग्य की राशि बनेगी तो आप उतार-चढ़ाव महसूस करने वाले हैं। हालांकि यह डिपेंड करेगा कि आपकी जन्म पत्रिका में गुरु और शुक्र की किस प्रकार की स्थिति है। है ना? ये सारी चीजें बहुत इंपॉर्टेंट हो जाती है। किस प्रकार के ग्रहों की दशा आपकी चल रही है। शुक्र का गोचर कहां पर हो रहा है और धनु राशि कहां पर आपकी पत्रिका में पड़ रही है। ये बहुत सारी चीजें इस पर
8:29 निर्भर करेंगी। परंतु ये कॉमन बेस पर यहां पर मैं रिजल्ट आपको बता रहा हूं कि यह अध्यात्म के क्षेत्र में इस समय में लोगों का अधिक झुका अधिक रुझव रहेगा। अधिक झुकाव बेसिकली रहेगा। जो नेगेटिव चीजें हैं, अधर्मी चीजें हैं, पाखंडी जो लोग धर्म कर्म को लेकर करते हैं, वो सामने निकल कर चीजें आएंगी। तो ये भी यहां पर देखने को मिलेगा क्योंकि जब कोई भी घर को किसी भी घर को पांच-पांच प्लनेट देखते हैं तो वहां पर उतार-चढ़ाव आपको जरूर देखने को मिलेगा। कुछ पॉजिटिव और कुछ नेगेटिव दोनों चीजें यहां पर देखने को मिलेगी। अब डिपेंड करेगा हमारी पत्रिका में कहां पर धनु राशि स्थित है और किस प्रकार की स्थिति में शुक्र चल रहे हैं। दशाएं हमारी किस प्रकार की हैं। ठीक है? तो ये सारी चीजें इफेक्ट करेंगी। अब देखिए साथ ही साथ में शुक्र गुरु का एक साथ होना ये कुछ ना कुछ पॉजिटिव चीजों को भी इंडिकेट करता है। क्योंकि दोनों जैसे मैंने बताया शुभ ग्रह माने गए। है ना?
9:15 शुक्र और गुरु ये सर्वाधिक शुभ ग्रह माने गए। गुरु सर्वाधिक शुभ ग्रह शुक्र को उसके बाद रैंकिंग दी गई। तो ऐसे में पॉजिटिव विचारों का आना इस समय में आप देखेंगे क्योंकि थर्ड राशि तीसरी राशि जो है जैसा कि मैंने बताया कुछ ना कुछ इनिशिएट करने की है। शुरुआत करने की भी है। है ना? तो चीजों की शुरुआत होती है। तो नई चीजों की जब हम शुरुआत करते हैं तो कहीं ना कहीं थर्ड हाउस एक्टिव होता है। तो पॉजिटिव विचार आना कुछ नई शुरुआत करना चाहे वो किसी भी चीज किन्ही भी चीजों में हो सकती है। चाहे वो रिलेशन की शुरुआत हो। ठीक है? किसी नए कार्य की शुरुआत हो। नई कोई हॉबी हो, नई आदत हो आपके या कोई लग्जरी वगैरह नए सुख की बात हो। तो इन सारे चीजों में आप देखेंगे कुछ ना कुछ व्यक्ति बहुत सारे अब ये अलग-अलग तरह से काम करेगा प्रत्येक की पत्रिका में। परंतु यहां पर कुछ ना कुछ नई शुरुआत करने को लेकर एक पॉजिटिव
10:00 थिंकिंग का बनना ये देखने को मिलेगा। अब यहां पर बहुत से लोग ये बोलेंगे कि शुक्र और गुरु तो शत्रु ग्रह हैं। एनिमी प्लनेट है। देखिए हम इन्हें एकदम से बिल्कुल शत्रुता वाला भाव इनमें नहीं देखेंगे। हालांकि गुरु शुक्र से शत्रुता रखते हैं। परंतु शुक्र उतने ही मतलब शाह आप देखेंगे शास्त्रों में कहा गया शुक्र एनिमनी समभाव रखते हैं गुरु के साथ में। तो एक तरह से देखा जाए तो एक दूसरे के हां एक तरह से कंपिटिटिवनेस दोनों में है। एक तरह से राइवल्स मान सकते हैं दोनों को। परंतु दोनों के कार्य एक जैसे हैं। दोनों का तरीका डिफरेंट हो सकता है लेकिन कार्य एक जैसे है ना? जैसे मैंने बताया कि शुक्र भी धन का कारक, गुरु भी धन के कारक। गुरु भी ज्ञान के कारक, शुक्र भी ज्ञान के कारक। गुणों की बात करें तो गुरु सात्विक ग्रह माने गए। और शुक्र जो हैं शुक्र भी सात्विक हैं। लेकिन साथ में राजसिक प्रवृत्ति भी है इनके पास। तो राजसिक और
10:47 सात्विक और गुरु सात्विक प्लनेट माने गए। तो बेसिकली अगर कुछ डिफरेंस देखने को मिलेगा कुछ बेसिकली एक जैसे अगर जब हम कह रहे हैं कि विचारों में भिन्नता आ सकती है नॉलेज को लेकर तरीके लोगों के अलग-अलग हो सकते हैं। है ना? नॉलेज लेने के तरीके अलग हो सकते हैं। नॉलेज देने के तरीके तो डिसए्रीमेंट हो सकता है। कुछ चीजों को लेकर पर्टिकुलर परंतु कोई नई पार्टनरशिप हो सकती है। है ना? कोई व्यापार को लेकर हो, रिलेशनशिप को लेकर हो, कोई नई पार्टनरशिप का होना। ये आपके रिलेशनशिप में बेसिकली जो लोग जो कहते हैं कि आप रिलेशनशिप में जाना चाहते हैं विवाह के जो संबंध में आगे बढ़ना चाहते हैं तो शुक्र गुरु इन चीजों को दर्शाते हैं। खासकर पुरुषों के लिए शुक्र गुरु के ऊपर से जब गोचर करते हैं गुरु शुक्र के ऊपर से गोचर करते हैं तो किसी ना किसी महिला मित्र के साथ में इनवॉल्वमेंट होना या फिर उनके जीवन में किसी महिला का आना ये पाया जाता
11:32 है। तो इस तरह से दोबारा किसी रिलेशनशिप को आप एक्टिव कर सकते हैं। तो इस तरह से हमें समझना है। आगे बढ़ते हैं। ये बेसिक आईडिया मैंने आपको दिया इस गोचर का। एक-एक करके प्रत्येक लग्न को लेंगे। है ना? प्रत्येक राशि को और उसके अनुसार रिजल्ट्स को समझने की कोशिश करेंगे। आगे बढ़ते हैं। सबसे पहले बात करेंगे हम मेष लग्न व राशि के लिए शुक्र का गोचर किस प्रकार का प्रभाव लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में एक नंबर लिखा हुआ है तो आपका मेष लग्न होगा और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान पर एक नंबर में लिखे हैं तो आपकी मेष राशि होगी। दोनों के लिए रिजल्ट समझना है। चाहे आपका मेष लग्न हो या फिर आपकी मेष राशि हो। आपके लिए शुक्र का जो गोचर हो रहा है वो आपके थर्ड हाउस से तृतीय भाव से ही शुक्र गोचर करेंगे। थर्ड हाउस अपने आप में साहस और पराक्रम को दर्शाता है। थर्ड हाउस आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स का
12:18 है। ठीक है? थर्ड हाउस आपके किसी भी चीज की नई शुरुआत करने का यानी आपके एफर्ट्स आपके मेहनत का स्थान माना गया है। थर्ड हाउस आपके आसपोस आपके जो छोटे भाई बहन हैं उसको दर्शाता है। तो तृतीय भाव में जब शुक्र आएंगे तो शुक्र जो है वो कलात्मकता के कारक हैं। ज्ञान के कारक हैं। शुक्र सुख सुविधाओं के कारक हैं। और यह अपने आप में काम त्रिकोण का पहला भाव माना गया। फर्स्ट हाउस माना गया। ठीक है? तो शुक्र का यहां पर आना तो यह कहीं ना कहीं आपकी इच्छाओं में वृद्धि करता है। किस तरह की? और उसके प्रति आप साहस, पराक्रम एक तरह से मेहनत करते हैं और वो आपकी सांसारिक सुख हो सकते हैं। है ना? वो कहीं ना कहीं रिलेशनशिप को लेकर चीजें हो सकती हैं। तो इस समय में आप उनके प्रति प्रयत्नशील रहने वाले हैं बहुत ज्यादा। दूसरी स्थिति यह देखने को मिलेगी कि आपकी जो भी हॉबी और जो भी स्किल है जो आप पर्स्यू कर रहे हैं। तो
13:05 इस समय में आप अपनी स्किल को इंप्रूव कर सकते हैं। हॉबी के प्रति आपका रुझान अधिक बढ़ेगा। कोई कलात्मकता की चीजें, क्रिएटिविटी की चीजें हैं। डांसिंग, पेंटिंग, म्यूजिक में इंटरेस्ट है, सिंगिंग की क्वालिटी है, कोई इंस्ट्रूमेंटेशन बजाना वगैरह। तो बेसिकली इसको एक पॉजिटिव वे यहां पर देखने को मिलेगा। उसमें सुधार बेसिकली आप कर पाएंगे। तो शुक्र जब भी थर्ड हाउस में आएंगे क्योंकि ये अपने आप में आपकी हॉबी का हाउस है। उसे पॉजिटिव बनाते हैं। कम्युनिकेशन का हाउस है और आपकी पत्रिका के लिए शुक्र देखिए सेकंड हाउस के लॉर्ड भी बनते हैं। द्वितीय भाव आपकी वाणी को रिप्रेजेंट करता है जो आप बोलते हैं और थर्ड हाउस कम्युनिकेशन को दिखाता है। तो बेसिकली वाणी का स्वामी जब थर्ड हाउस में जाएगा तो सीधी सी बात है आपकी कम्युनिकेशन में बहुत इंप्रूवमेंट होगा। है ना? जो लोग बेसिकली कंटेंट क्रिएटर्स हैं उनके लिए समय बहुत अच्छा होने वाला है। साथ ही साथ में देखिए एक अच्छी बात है कि गुरु की भी यहां पर स्थिति मौजूद है। गुरु के साथ में
13:51 जब शुक्र और गुरु का युति बनेगी तो ये अपने आप में बहुत प्रभावशाली युति होने वाली है। कोई नई चीजों की आप शुरुआत कर सकते हैं। कुछ नया इनिशिएशन कर सकते हैं। है ना? और यह देखिए सप्तम भाव का लॉर्ड भी है। सेवंथ हाउस के लॉर्ड का गुरु के साथ में इनवॉल्व होना और गुरु की दृष्टि सप्तम भाव पर भी है आपकी पत्रिका में फिलहाल। तो बेसिकली जो लोग अविवाहित हैं उनको विवाह के यहां पर प्रस्ताव आ सकते हैं। कोई नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं, कुछ नया कर्म करना चाहते हैं। ये गुरु यहां पर सपोर्टिव है आपके लिए और शुक्र का वहां पर होना सप्तमेश का गुरु के साथ में युति बनाना ये अपने आप में बहुत अच्छी युति देखने को मिलेगी। है ना? क्योंकि आपके लिए सप्तमेश भी शुक्र हैं। धनेश भी शुक्र हैं और गुरु जो है वो भाग्य का भाग्येश हैं। भाग्य का काम कर रहे हैं। है ना? तो गुरु की दृष्टि और शुक्र की दृष्टि आपके नाइंथ हाउस पर भी है। तो कोई ट्रैवलिंग वगैरह
14:38 रिलीजियस ट्रैवलिंग वगैरह होने की संभावना है। इस समय में छोटी-मोटी यात्राएं तो जैसे लगी रहेंगी आपकी इस समय में। है ना? बेसिकली कुछ ना कुछ उस उस तरह का प्रभाव यहां पर आपके कनेक्ट होने वाले हैं। तो ये बहुत इंपॉर्टेंट है कि गुरु शुक्र का यहां पर आना यह आपके बेसिकली जैसे मैंने बताया कम्युनिकेशन को इंप्रूव करेगा। नॉलेज लेने का यह सही समय है। आप हो सकता है कोई हायर लर्निंग में इन्वॉल्व हो जाएं। कुछ सीखने की अवस्था में आ जाएं। है ना? और वो हो सकता है कि आपके वर्क से रिलेटेड भी हो काम से क्योंकि सप्तम भाव को गुरु देख रहे हैं ना शुक्र की इनवॉल्व होकर शुक्र को इन्वॉल्व होकर और शुक्र की दृष्टि भी यहीं पर है तो बेसिकली कुछ ना कुछ हायर लर्निंग हो सकती है अपने काम धंधे के अंदर हो सकती है और धन को वृद्धि करने के लिए फ़ूड फैमिली फाइनेंस के स्थान के स्वामी हैं शुक्र। यह सेकंड हाउस में द्वितीय से द्वितीय स्थान में जाना ये भावा भावन का
15:23 नियम भी अगर हम लगाएं तो यह भी पॉजिटिव है। तो धन का आगमन होना और कहीं ना कहीं फूड फैमिली फाइनेंस का आनंद लेना, शौक मौज में रहना सोशली आप इनवॉल्व होंगे। आसपोस में आपके एक अच्छी स्थिति देखने को मिलेगी। तो ये एक इफेक्ट यहां पर देखने को मिल सकता है। छोटे भाई-बहन के साथ में हो सकता है वैचारिक मतभेद या फिर कहें एक डिफरेंस ऑफ़ ओपिनियन हो सकता है कुछ समय के लिए। परंतु हां, यह कहीं ना कहीं ऐसा नहीं कि इमोशनल बॉन्ड को कमजोर करेगा। पॉजिटिव ही देख पा रहा हूं मैं यहां पर गुरु शुक्र का यहां पर होना। ठीक है? तो जैसा मैंने बताया वैवाहिक जीवन के लिए पॉजिटिविटी, धन के लिए पॉजिटिविटी है ना? आप अपनी सेविंग्स में वृद्धि करेंगे। आपकी इच्छाएं जो आप पूर्ण करना चाह रहे हैं। कुछ पॉजिटिव थिंकिंग आपकी यहां पर निकल कर सामने आएगी। है ना? और कोई नई चीजें इनिशिएट भी आप कर सकते हैं। कुछ शुरुआत आप कर सकते हैं। किसी काम की नई शुरुआत करना
16:09 यात्रा हो सकता है धार्मिक यात्रा में आप जाने की स्थिति में इस समय में हो। तो यह भी इनवॉल्व हो सकता है। कुछ एक्सपेंसेस हो सकते हैं आपकी एजुकेशन को लेकर। ठीक है? कि हायर लर्निंग में जो लोग हैं, उच्च शिक्षा में जो लोग हैं ऑलरेडी या नॉर्मल विद्यार्थी भी हैं उनके लिए एक अच्छा पीरियड यह रहने वाला है। ठीक है? विद्यार्थी पक्ष के लिए मेष लग्न व राशि वालों के लिए अच्छा पीरियड जाएगा। तो इस तरह से हमें समझते समझना है। अब देखिए प्रॉब्लम यहां पर यह है कि इस दौरान जब शुक्र यहां पर गोचर कर रहे होंगे जो आपके लग्न के लॉर्ड हैं। आपकी राशि के स्वामी हैं मंगल, वह कहां से गोचर करेंगे? वह आपके छठे भाव में आ जाएंगे। तो, यह थोड़ा सा कहीं ना कहीं प्रॉब्लम इस तरह से क्योंकि लग्नेश का छठे भाव में जाना। हालांकि मंगल जब छठे में जाते हैं तो आपको रोग ऋण शत्रु पर विजय कराते हैं। ठीक है? यह पॉजिटिव है। लेकिन फिर भी लग्नेश का छठे में जाना पॉजिटिव नहीं माना जाता। तो कहीं ना कहीं व्यक्तित्व उठकर छठे भाव में
16:57 जाएगा। तो आर्गुममेंटिव हो सकते हैं। कहीं ना कहीं थोड़ा सा वाद-विवाद झगड़े में नहीं पड़ना आपको। किसी भी फालतू के झगड़े में इन्वॉल्व नहीं होइए। ये आपको बचकर चलना है। बाकी ओवरऑल पॉजिटिव स्थिति बनेगी। है ना? मंगल की यहां से चौथी दृष्टि आपके वही आपके नाइंथ हाउस पर धनु राशि पर होने से कहीं ना कहीं धार्मिक यात्राओं के योग यहां पर निकल कर सामने आते हैं। तो ये बेसिकली मेष लग्न व राशि के लिए शुक्र का प्रभाव आपने समझा। वीडियो के अंदर मैंने कुछ उपाय बताए हैं। उन्हें आप देखिए उन्हें कीजिए। करने से इस गोचर के जो नेगेटिव रिजल्ट हैं वो कम हो जाएंगे और शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी। आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं वृषभ लग्न व राशि के लिए यह शुक्र का गोचर किस प्रकार का परिणाम लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में दो नंबर लिखा हुआ है तो आपका वृषभ लग्न होगा और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान पर दो नंबर में लिखे हुए हैं तो आपकी वृषभ राशि होगी। दोनों के लिए
17:42 परिणाम आपको समझना है। चाहे आपका वृषभ लग्न हो या फिर आपकी वृषभ राशि हो। देखिए आपके लिए जो शुक्र का गोचर होने जा रहा है वह आपके द्वितीय भाव से होगा। ठीक है? के सेकंड हाउस से शुक्र गोचर करेंगे और यह आपकी पत्रिका के लिए आपके लग्नेश हैं। यानी आपके राशि हैं। अगर आपका वृषभ लग्न है तो आपके लग्नेश हैं। वृषभ राशि है तो आपके राशि हैं। ठीक है? और अब ये सेकंड हाउस से गोचर करेंगे। तो देखिए लग्नेश का सेकंड हाउस में जाना, राशि का सेकंड हाउस में जाना यह अपने आप में बहुत ही शुभ स्थिति मानी जाती है क्योंकि लग्नेश जिस भाव में जाते हैं उस भाव की वृद्धि करते हैं। तो फूड, फैमिली और फाइनेंस तीनों के मामले में यह बहुत ही टाइम आपके लिए अच्छा रहने वाला है। यानी कहीं ना कहीं आपके परिवार में एक आपको सम्मान की प्राप्ति होना, परिवार का सपोर्ट मिलना और जो बात आप बोलेंगे बेसिकली क्योंकि वाणी भाव भी है सेकंड हाउस तो आपकी वाणी बहुत
18:28 प्रभावशाली इस समय में हो जाएगी। है ना? जो बात आप कहेंगे लोग उसका सम्मान करेंगे। आपके द्वारा बोली हुई बात का सम्मान किया जाएगा। लोग सुनेंगे उस बात को। तो एक अच्छी स्थिति यहां पर बनी हुई है। धन का वृद्धि होना। धन बेसिकली इस समय में सेविंग्स में आप कुछ ना कुछ पॉजिटिव चेंजेस करेंगे जो कि शुभ रहेगा। तो धन आगमन के रास्ते डेफिनेटली बने हुए हैं। शुक्र का सेकंड हाउस में जाना। तो फ़ूड, फैमिली, फाइनेंस तीनों के लिए बहुत अच्छा है। इस समय में खाने-पीने में भी शौक मौज आप अपने पूरे करेंगे। लग्जरी भोजन का आनंद लेना। इस तरह की आपकी टेंडेंसी ज्यादा बढ़ेगी। अब देखिए साथ में यहां पर गुरु भी विराजमान है। ठीक है? ठीक है? जैसे मैंने बताया लग्न के लॉर्ड हैं। शुक्र और सेकंड हाउस से गोचर किया। साथ ही साथ में शुक्र छठे भाव के भी स्वामी हैं। ठीक है? और गुरु जो है वो आपके नाइंथ हाउस के लॉर्ड हैं और लाभ भाव के स्वामी हैं। अब देखिए
19:13 लाभ भाव के लॉर्ड का और अष्टम भाव के लॉर्ड का सेकंड हाउस से गोचर करना यह धन के मामलों में आकस्मिक परिवर्तन पॉजिटिव चेंजेज और जब लाभ भाव का स्वामी धन से गोचर करता है तो सीधी सी बात है धन योग बनता है और ऊपर से लग्नेश का भी यहां पर इनवॉल्व हो जाना तो यह कहीं ना कहीं बड़े मेजर चेंजज़ पॉजिटिव चेंजज़ आपको धन के मामलों में देखने को मिलेंगे। जैसा मैंने बताया कोई हो सकता है आप स्थाई संपत्ति ले लें। है ना? आकस्मिक धन लाभ आपको प्राप्त होता हुआ दिखाई दे। सडन एक तरह से लाभ आपको देखने को मिलेगा। हो सकता है पैतृक धन संपत्ति का लाभ भी आपको इस समय में देखने को मिल सकता है। तो कहीं ना कहीं ये पॉजिटिव चेंजेस धन के मामलों में फाइनेंशियली आप देखने वाले हैं। जो लोग ऋण वगैरह लेना चाहते हैं क्योंकि ष्टेश हैं आपके शुक्र। ठीक है? लग्नेश भी हैं और षष्टेश भी हैं। तो ष्टेश बेसिकली रोग ऋण
20:00 शत्रु का स्वामी आपका सेकंड हाउस से गोचर करेगा। तो एक तरह से जो लोग ऋण लेना चाहते हैं, है ना? ना ऋण की होप रखते हैं कि लोन वगैरह बैंक बैंक से लेना चाहते हैं तो ये एक पॉजिटिव टाइम होगा कि आप ले पाएंगे। है ना? तो एक वैसी स्थिति यहां पर भी देखने को मिली है। तो बेसिकली कहीं ना कहीं से धन का फायदा धन का आगमन आपको आता हुआ दिखाई देगा। तो ये अपने आप में बहुत ही पॉजिटिव चेंजेस शुभ प्रभाव यहां पर शुक्र लेके आ रहे हैं। ठीक है? और मैंने बताया शुक्र और गुरु दोनों की दृष्टि आपके अष्टम भाव पर होगी। ठीक है? अष्टम भाव आपकी पैतृक धन संपत्ति आपके डीप रिसर्च का है। तो कहीं ना कहीं नॉलेज के मामलों में भी कुछ ना कुछ आप हो सकता है कोई हायर लर्निंग कर रहे हैं या विद्यार्थी वर्ग हैं जो कुछ ना कुछ उनके लिए एक अच्छे फायदे यहां पर देखने को मिलेंगे। रिसर्च करने की भावना आध्यात्मिकता के अंदर आपका रुझान बढ़ेगा। हो सकता है कि जो लोग
20:45 ज्योतिष जैसे सब्जेक्ट को सीखना चाहते हैं या फिर वास्तु, पा्मिस्ट्री, न्यूमोलॉजी इस तरह के सब्जेक्ट्स में भी आपका रुझान बढ़ सकता है क्योंकि गुरु की दृष्टि है यहां पर और लग्नेश का भी प्रभाव यहां पर आ रहा है। तो पैतृक धन संपत्ति से लाभ हो सकता है। रिसर्च करने की प्रकृति आपकी बढ़ेगी और बेसिकली किसी भी चीज के तह तक जाना यह आपको एक तरह से टेंडेंसी आपकी देखने को मिलेगी। आपके जो ससुराल पक्ष है उनके साथ में आपके रिलेशन बेसिकली निकल कर सामने आ सकते हैं। कुछ ना कुछ कनेक्शन बनेगा। साथ ही साथ में आप हो सकता है उनके घर पर कोई फंक्शन हो या उनका इन्वॉल्वमेंट आपके साथ में हो जाए। तो यह भी एक पॉइंट देखने को मिलेगा। यह आपका देखिए जीवन साथी के धन का भाव है और उस पर शुक्र आपका लग्न और शुक्र जो गुरु हैं लाभ भाव के स्वामी देखेंगे। तो बेसिकली उनके उन उनसे भी धन
21:32 की प्राप्ति होती हुई आपको देखने को मिल सकती है। तो इस तरह के योग यहां पर निकल कर सामने आते हैं। बाकी देखिए वीडियो के अंदर मैंने कुछ उपाय बताए हैं। उन्हें आप देखिएगा उन्हें कीजिएगा। करने से इस गोचर के जो नेगेटिव रिजल्ट है वो कम होंगे और शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी। आगे बढ़ेंगे और बात करेंगे हम मिथुन लग्न व राशि के लिए यह शुक्र का गोचर किस प्रकार का परिणाम लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में तीन नंबर लिखा हुआ है तो आपका मिथुन लग्न होगा और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान पर तीन नंबर में लिखे हैं तो आपकी मिथुन राशि होगी। दोनों के लिए रिजल्ट समझना है। चाहे आपका मिथुन लग्न हो या फिर आपकी मिथुन राशि हो। आपके लिए शुक्र का जो गोचर हो रहा है वो आपके फर्स्ट हाउस से। ठीक है? पहले भाव से शुक्र गोचर कर रहे हैं। और शुक्र जो बनते हैं आपकी पत्रिका के लिए वो है पंचमेश। फिफ्थ हाउस के लॉर्ड हैं और आपके लिए
22:18 12वें भाव के स्वामी हैं। 12th हाउस के लॉर्ड हैं। 12वें भाव के स्वामी का लग्न में आना। ठीक है? और फर्स्ट हाउस से गोचर करना। यह दर्शाता है कि इस समय में आप कहीं ना कहीं एक्सपेंसेस आपके बढ़ने वाले हैं। लग्जरी का आनंद आप लेने वाले हैं। कुछ ना कुछ सुख सुविधाओं की चीजें इस समय में आप जुटाने की अवस्था में होंगे। ठीक है? यह आपको यहां पर योग देखने को मिलने वाला है। हो सकता है कोई व्हीकल परचेस कर लें। कोई प्रॉपर्टी के योग आप ले लें क्योंकि आपके जो लग्न के लॉर्ड हैं, है ना? आपके राशि के स्वामी बनते हैं बुध और बुध फिलहाल आपके सेकंड हाउस से गोचर कर रहे हैं। तो लग्नेश का राशि का धन भाव में जाना यानी यह धन आगमन के भी नए रास्ते इस समय में आपको देखने को मिलने वाले हैं इस गोचर के साथ-साथ और साथ ही साथ में आपको यह भी देखने को मिलेगा कि एक्सपेंसेस भी हो रहे हैं, खर्चे भी हो रहे हैं। वो आपकी नॉलेज को लेकर हो सकते हैं। वो संतान के
23:04 प्रति हो सकते हैं। अभी के आप किसी जगह एजुकेशन में कहीं आप इनरोल्ड हो जाएं। है ना? तो वहां से बेसिकली लर्निंग प्रोसेस को लेकर खर्च हो सकते हैं आपके। और इस समय में आप लर्निंग करते हुए पाएंगे भी क्योंकि देखिए ऊपर से यहां पर गुरु भी विराजमान हैं। गुरु और शुक्र गुरु भी ज्ञान के कारक बनते हैं और शुक्र आपके पंचमेश हैं। तो सप्तमेश का पंचमेश का एक साथ लग्न में गोचर करना एक बहुत शुभ प्रभावों को लेके आ रहा है कहीं ना कहीं और साथ ही साथ में देखिए गुरु जो है वो आपके दशम भाव के भी लॉर्ड हैं। तो कर्म क्षेत्र में हो सकता है कोई आप हायर लर्निंग कुछ सीखने की अवस्था में चला जाए। लर्निंग करने लग जाए और उस पर एक्सपेंसेस होने लग जाएं। आपके जीवन साथी को लेकर क्योंकि गुरु जो है वो सप्तमेश भी हैं। सेवंथ हाउस के लॉर्ड हैं। ठीक है? तो सप्तमेश का शुक्र आपके द्वादशीष के साथ में इन्वॉल्वमेंट यानी हो सकता है जीवन
23:49 साथी के साथ कहीं घूमने जाएं और वहां पर एक्सपेंसेस हो जाएं, खर्च हो जाए। तो इस तरह से आपको समझना है। सुखों के ऊपर इन्वेस्ट होना यह इस समय में देखने को मिलेगा। तो लग्जरी का आनंद, कंफर्टेबिलिटी आपके इस समय में बढ़ बढ़ती हुई आपको दिखाई देगी। जब भी शुक्र लग्न से जाते हैं तो व्हीकल का आनंद आप लेते हुए पाते हैं। वो किसी भी प्रकार से हो आपके पास हो या नहीं हो आप किसी दूसरे के में हो। बेसिकली व्हीकल कनेक्ट होता है। तो यह आपको समझना चाहिए। शुक्र जब लग्न से गोचर करेंगे तो व्हीकल का आनंद लेना, शौक मौज एक तरह से आनंद की स्थिति में आप अपने आप को महसूस करेंगे। कंफर्ट की स्थिति में महसूस करेंगे। ऊपर से एक्सपेंसेस हैं। एक्सपेंसेस का लॉर्ड है। व्यय भाव का स्वामी है तो व्यय भी होगा। खर्च भी होंगे। आपकी नॉलेज को लेकर, संतान को लेकर, शेयर मार्केट में इन्वेस्टमेंट को लेकर हो सकता है कुछ पॉजिटिव चेंजज़ आप करने की स्थिति में आ। लग्नेश सेकंड हाउस में जब तक हैं, अच्छे खासे धन की प्राप्ति
24:36 भी होती रहेगी। ये समझना है। अब देखिए पंचमेश का और सप्तमेश का युति हो रही है आपके लग्न में। तो ये बेसिकली जो लोग प्रेम संबंधों में हैं प्रेम संबंधों में है और उनको विवाह का रूप देना चाहते हैं। ये बहुत पॉजिटिव समय है। आप कर पाएंगे। ये अच्छे प्रभाव दे रहा है यहां पर। ठीक है? क्योंकि शुक्र और गुरु दोनों ही सेवंथ हाउस को देख रहे हैं। हो सकता है किसी मिथुन लग्न के जातकों के लिए हो सकता है उनके जीवन में कोई नई अह किसी महिला का आगमन हो। बेसिकली। है ना? जो लोग रिलेशनशिप में नहीं हैं उनके उन रिलेशनशिप में जाने के चांसेस समय में बन सकते हैं। जो लोग विवाह में नहीं है तो विवाह के प्रस्ताव आ सकते हैं। तो इस तरह से हमें कनेक्ट करना है, समझना है। सुखों का आनंद लेंगे। स्थाई संपत्ति बनाने के योग हैं इस समय में। है ना? तो इस तरह से आपको ये देखना है। पॉजिटिव इफेक्ट मैं देख पा रहा हूं। अ इस तरह से आपको रिजल्ट समझने हैं।
25:22 कर्म के प्रति चेंजेस पॉजिटिव चेंज आप कर सकते हैं। कुछ नई शुरुआत आप कर सकते हैं क्योंकि आपके लग्नेश सेकंड हाउस में है और आपके गुरु शुक्र की युति लग्न में होना कर्मेश के साथ में शुक्र का इन्वॉल्वमेंट तो हो सकता है फॉरेन से रिलेटेड जो लोग कार्य करते हैं क्योंकि 12वें भाव का स्वामी और दशम भाव का स्वामी लग्न में तो फॉरेन से संबंधित जिनके कार्य हैं उनमें भी बहुत पॉजिटिविटी यहां पर देखने को मिलेगी। इस तरह से आपको यह कनेक्ट करना है। जीवनसाथी के साथ जो लोग विवाहित हैं मधुर संबंध उनके बनेंगे। अच्छे एक इस तरह से रोमांटिक टाइम ये बेसिकली एक आपका बीतने वाला है। व्यापार में आपकी उन्नति होने वाली है। बाकी वीडियो के अंदर मैंने कुछ उपाय बताए हैं। उन्हें देख लीजिएगा। कर लीजिएगा। करने से इस गोचर के जो नेगेटिव रिजल्ट हैं हालांकि एज सच दिखाई नहीं देते। एक्सपेंसेस होते हुए दिखाई देते हैं। तो वो कम होंगे। नेगेटिव रिजल्ट कम होंगे और शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी। आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं अब हम
26:09 कर्क लग्न व राशि के लिए यह गोचर किस प्रकार का परिणाम लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में चार नंबर लिखा हुआ है तो आपका कर्क लग्न होगा और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान पर चार नंबर में लिखे हैं तो आपकी कर्क राशि होगी। दोनों के लिए आपको यह रिजल्ट समझना है। देखिए आपके लिए जो शुक्र का गोचर हो रहा है वो आपके 12वें भाव से 12थ हाउस से गोचर हो रहा है शुक्र का। ठीक है? शुक्र 12वां जब भी होता है, मैंने आपको पहले भी बताया यह एक्सपेंसेस आपके लग्जरी आइटम्स पर, आपके शौक मौज पर, आपके घूमने फिरने पर यह खर्च करवाता है। व्हीकल का आनंद लेना है ना? और एक्सपेंसेस का अपने आनंद लेना। इस तरह की स्थिति में शुक्र लेके जाता है। और ऊपर से आप देखेंगे शुक्र जो है आपके सुख भाव का स्वामी भी है। ठीक है? साथ ही साथ में लाभ भाव का स्वामी है। तो लाभेश का
26:56 अपने से 12वा सॉरी लाभेश का 12वें स्थान में जाना। ठीक है? ये खर्च को दर्शाता है, व्यय को दर्शाता है। तो इनकम जो आ रही है वो कहीं ना कहीं इन्वेस्टमेंट के तौर पर जाती हुई दिखाई दे सकती है या फिर कहीं ना कहीं वो खर्च के रूप में जाती हुई दिखाई दे सकती है। शौक मौज करना सुखों का आनंद लेना। फोर्थ हाउस घर की सुख सुविधाओं के लिए खर्च होना। अपने मानसिक शांति के लिए अपने बेसिकली सुख में वृद्धि के लिए घर में कुछ ना कुछ नए आइटम्स लेकर आना या नई सुख में वृद्धि करना उसके लिए बेसिकली एक्सपेंसेस होते हुए दिखाई देंगे आपको। साथ ही साथ में देखिए गुरु विराजमान है यहां पर। गुरु विराजमान है। गुरु जो कि आपकी पत्रिका के लिए नाइंथ हाउस के लॉर्ड हैं और गुरु जो कि आपकी पत्रिका के लिए छठे भाव के स्वामी हैं। तो गुरु और शुक्र की युति एक साथ कहां पर हो रही है? आपके 12वें भाव पर व्यय स्थान में हो रही है।
27:43 तो यह कहीं ना कहीं आपको आध्यात्मिक भी बना रहा है। रिलीजियस ट्रैवलिंग भी कनेक्ट करता है। क्योंकि गुरु जो 12वें भाव में जा रहे हैं ये आपके नाइंथ हाउस के लॉर्ड है। धर्म कर्म ईश्वर के स्थान का स्वामी मोक्ष के भाव में जब जाएगा तो कहीं ना कहीं धार्मिक उन्नति आपकी हो सकती है। धर्म कर्म के प्रति आपका रुझान बढ़ेगा। उस पर एक्सपेंसेस हो सकते हैं। कोई धार्मिक कार्य करवाना। ये एक पॉजिटिव स्थिति यहां पर देखने को मिलेगी। ठीक है? और यहां पर रिलीजियस ट्रेवलिंग क्योंकि नाइंथ हाउस लॉन्ग ट्रैवल को दर्शाता है। और गुरु शुक्र का इन्वॉल्वमेंट फोर्थ हाउस के स्वामी। तो बेसिकली अपने कुटुंब के साथ में अपने परिवार के साथ में आप कहीं ना कहीं घूमने फिरने जाना और वो भी रिलीजियस ट्रैवलिंग आप इस समय में करते हुए पाएंगे। हेल्थ इश्यूज पर खर्च हो सकते हैं क्योंकि सिक्स्थ हाउस पर गुरु शुक्र दोनों ही देखते हैं। तो लिवर रिलेटेड आपके डाइजेशन रिलेटेड कुछ ना कुछ खर्च इस समय में आ
28:30 सकते हैं। उससे रिलेटेड कुछ चीजें सामने निकल कर आ सकती हैं। तो थोड़ा ध्यान रखने की आवश्यकता है। व्यय होता हुआ दिखाई देगा। आपके स्वयं पर संतति पर या फिर आपके घर के बड़े बुजुर्गों पर कुछ ना कुछ व्यय कुछ ना कुछ खर्च होता हुआ दिखाई देगा। इनकम का आना और कहीं ना कहीं उसका व्यय होना। सुखों पर व्यय होना। लग्जरी का आनंद लेना। इस तरह से आपको यह समझना है। गुरु शुक्र का कॉम्बिनेशन 12वें भाव में यह रिलीजियस और धार्मिक भी बनाएगा। जैसा कि मैंने बताया धार्मिक ओपिनियन आपके कुछ बन सकते हैं और कोई नई शुरुआत कर सकते हैं। तो यह पीरियड है आपका 12th हाउस में गुरु शुक्र का इन्वॉल्वमेंट होना। तो इस तरह से आपको यह रिजल्ट समझना है। खर्चे जरूर बढ़े हुए दिखाई देंगे। लेकिन धार्मिक उन्नति के लिए यह पॉजिटिव समय आध्यात्मिक उन्नति के लिए पॉजिटिव समय रहेगा। घर के लिए आप कुछ ना कुछ शौक मौज करते हुए पाएंगे। आपकी
29:16 सुखों में आप वृद्धि करते हुए पाएंगे। बाकी देखिए बहुत डिपेंड करता है कि आपकी दशाएं किस प्रकार की चल रही हैं। बाकी वीडियो के अंदर मैंने कुछ उपाय बताए हैं। उन्हें आप जरूर देखिए। उन्हें कीजिए। करने से इस गोचर के जो नेगेटिव रिजल्ट हैं वो कम हो जाएंगे और शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी। आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं अब हम सिंह लग्न व राशि के लिए यह शुक्र का गोचर किस प्रकार का परिणाम लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में पांच नंबर लिखा हुआ है तो आपका सिंह लग्न हो गया। और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान पर पांच नंबर में लिखे हुए हैं तो आपकी सिंह राशि हो गई। दोनों के लिए समझना है रिजल्ट चाहे सिंह लग्न हो या फिर सिंह राशि हो। आपके लिए शुक्र का जो गोचर हो रहा है वो आपके 11वें भाव से 11थ हाउस से शुक्र गोचर करेंगे। ठीक है? जो कि आपकी पत्रिका के लिए एक तो कर्म भाव के स्वामी हैं। पहली बात और दूसरी स्थिति यह है कि आपके लिए ये
30:03 तृतीय भाव के थर्ड हाउस के लॉर्ड बनकर 11th हाउस से गोचर करेंगे। दशम भाव का स्वामी जब 11वें में जाएगा तो सीधी सी बात है कि कर्म में आप कुछ ना कुछ पॉजिटिविटी लेके आएंगे और वहां से आपको अच्छे खासे लाभ की प्राप्ति होना शुक्र जो कि धन के कारक हैं लाभ भाव में गोचर करेंगे तो लाभ की प्राप्ति होगी पराक्रम का स्वामी आपकी हॉबी आपकी स्किल का स्वामी आपकी मेहनत आपके संघर्ष का स्वामी 11 से गोचर करेगा तो प्रॉफिटेबल होंगे आप कुछ ना कुछ पॉजिटिव इन्वेस्टमेंट करने के लिए आप देखेंगे अपने आपको है ना एक अच्छे प्रभाव यहां पर मैं देख रहा हूं तो शुक्र का 11थ में जाना आपके सोशल कांटेक्ट्स में वृद्धि करेगा। आपको धन प्राप्ति, प्रॉफिट्स की प्राप्ति होना, हो सकता है कोई स्थाई संपत्ति लेने के योग आपके बन जाए इस समय में। ऊपर से देखिए अभी एक्सपेंसेस बने हुए हैं। कारण इसका यह है क्योंकि जो आपके
30:49 लग्न के लॉर्ड हैं, आपके राशि के स्वामी सूर्य होते हैं और वह फिलहाल आपके 12वें भाव से गोचर कर रहे हैं। लेकिन जैसे ही जो ही सूर्य जो है वो आपके सिंह राशि में आ जाएंगे। यह पीरियड आपके लिए और पॉजिटिव हो जाएगा और शुक्र 11 हाउस में जो है यह भी अच्छे परिणाम करने लगेंगे। ठीक है जी। तो इस प्रकार से आपको समझना है। हालांकि सूर्य कर्क राशि में जब तक रहेंगे तो 5 सात दिन ही यह पीरियड रहेगा। शुक्र जब आपके क्योंकि 20 तारीख को आप देखेंगे कि 20 अगस्त को शुक्र मूव कर जाएंगे और 12वें में आ जाएंगे। ठीक है? और 15 तारीख के आसपास सूर्य जो है वो आपके लग्न में आएंगे। तो बहुत कम पीरियड होगा लेकिन हां उस समय में आपको अच्छे खासे धन की प्राप्ति होना, सम्मान की प्राप्ति होना वो सारी चीजें कनेक्ट होंगी। कर्म क्षेत्र में एक अच्छी स्थिति बनती हुई देख पा रहा हूं। ठीक है? लग्जरी का आनंद इस समय में आप ले पाएंगे। अपने सोशल कांटेक्ट्स के साथ में आपकी इन्वॉल्वमेंट शौक मौज
31:34 बेसिकली आप करते हुए पाएंगे और वहां पर खर्च होता हुआ दिखाई देगा। इस तरह से आपको समझना चाहिए। अगर आपके कोई बड़े भाई बहन हैं उनके साथ में आपके रिलेशन इस समय में इंप्रूव हो जाएंगे। है ना? सोशल गैदरिंग हो सकती है। वो एक स्थिति यहां पर आपको देखने को मिलेगी। यहां से देखिए यहां पर गुरु भी विराजमान है। यह भी समझिए। गुरु शुक्र की युति इस समय में बनेगी और गुरु क्या है? आपके फिफ्थ हाउस के लॉर्ड हैं। पंचम भाव के स्वामी हैं। साथ ही साथ में अष्टम भाव के स्वामी भी हैं। तो यहां पर आपको देखने को मिलेगा कि गुरु शुक्र को की दृष्टि जो है वो आपके धनु राशि पर पंचम भाव पर है। तो कुछ ना कुछ लर्निंग प्रोसेस को लेकर आप पॉजिटिविटी करने वाले हैं। कुछ सीखने में कुछ ना कुछ कहीं एनरोल्ड होना। लर्निंग प्रोसेस बेसिकली आपकी चलती रहेगी। जो लोग विद्यार्थी वर्ग हैं उनके लिए बेस्ट समय रहेगा। बहुत उत्तम समय यह रहने वाला है। हो सकता है आप अपने वर्क प्लेस
32:20 में कुछ ना कुछ सीखने की स्थिति में आए। पंचमेश की और दशमेश की युति कहां हो रही है? आपके लाभ भाव में हो रही है। तो कर्म क्षेत्र में कुछ लर्निंग प्रोसेस के चलते आपको लाभ की प्राप्ति होना। आपके प्रमोशंस हो जाना, आपको ग्रोथ मिलना इस तरह के योग यहां पर बने हुए हैं। ठीक है जी? तो ये एक अपने आप में नेम, फेम, प्रतिष्ठा, आप में वृद्धि होना इस तरह के योग बने हुए हैं। ऊपर से जब लग्न में सूर्य आ जाएंगे, ये स्थितियां और बेहतर हो जाएंगी। तो इस तरह से हमें समझना है इन चीजों को। ठीक है जी। आपके आसपड़ोस, आपके छोटे भाई-ब आपके बड़े भाई, मित्र बंधु उनके साथ में रिलेशन यह बहुत अच्छे खासे इंप्रूव इस समय में देखने को मिलेंगे। शौक मौज बेसिकली आप उनके साथ आनंद करते हुए पाएंगे अपने आपको। तो ये एक स्थिति है। यह देखिए गुरु जो अष्टमेश हैं और शुक्र जो कि आपकी पत्रिका के तृतीयेश हैं। इनका आपस में कनेक्शन होना। तो हो
33:06 सकता है कोई नई हॉबी, नई स्किल आप कुछ शुरुआत करें। ट्रांसफॉर्मेशन हो सकता है। पॉजिटिव ट्रांसफॉर्मेशन हो सकता है। वह आपके धन के मामलों में हो सकता है। आकस्मिक लाभ बेसिकली प्राप्त हो सकता है। गुरु शुक्र का वहां पर इन्वॉल्वमेंट लाभ भाव में। तो एक अच्छे परिवर्तन धन की दृष्टि से इन्वेस्टमेंट की दृष्टि से आप कर पाएंगे। तो यह समझना है हमें। बाकी वीडियो के मैंने कुछ उपाय बताए हैं। उन्हें देख लीजिए, कर लीजिए। करने से इस गोचर के जो नेगेटिव रिजल्ट हैं, वह कम हो जाएंगे और शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी। इस तरह से हमें समझना है। जब तक सूर्य 12व हैं ये थोड़ा सा एक्सपेंसेस खर्चे वाला टाइम होगा और शुक्र लाभ में है तो बेसिकली कहने का मतलब शौक मौज करने के लिए कुछ ना कुछ खर्च होना। शुक्र 11थ है तो आप आपसी आपके जो मित्र बंधु हैं, छोटे बड़े भाई बहन हैं, सोशल कांटेक्ट्स हैं उनके साथ में इन्वॉल्वमेंट गैदरिंग आपकी बढ़ेगी जिस पर खर्च वगैरह हो सकता है। इस तरह से आपको
33:51 समझना चाहिए। ठीक है? तो आगे बढ़ते हैं जैसा मैंने बताया उपाय जरूर कीजिएगा। आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं कन्या लग्न व राशि के लिए यह शुक्र का गोचर कैसा परिणाम लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में छह नंबर लिखा हुआ है तो आपका कन्या लग्न हो गया और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान पर छह नंबर में लिखे हैं तो आपकी कन्या राशि हो गई। दोनों के लिए रिजल्ट समझना है। चाहे कन्या लग्न हो या फिर आपकी कन्या राशि हो। आपके लिए शुक्र का जो गोचर हो रहा है वो कहां हो रहा है? आपके दशम भाव से हो रहा है। 10थ हाउस में शुक्र आए हैं जो कि आपकी पत्रिका के लिए भाग्येश हैं और आपकी पत्रिका के लिए धन भाव के स्वामी यानी धनेश है। तो यह अपने आप में पॉजिटिव स्थिति समझ में आ रही होगी आप सभी को क्योंकि नवम भाव के स्वामी का एक त्रिकोण के स्वामी का केंद्र से गोचर करना ऊपर से केंद्र का स्वामी बेसिकली जो गुरु
34:38 है वह भी यहां पर इनवॉल्व है। तो यह बहुत अच्छा युति कन्या लग्न राशि के लिए बनी हुई है। 10थ हाउस में आप कर्म क्षेत्र में बहुत पॉजिटिविटी बहुत एक अच्छे विचारों से बने रहेंगे। विचार बेसिकली आपके माइंड में आएंगे। कुछ नया करने के मामले में आपके माइंड में विचार आएंगे क्योंकि और भाग्य का सपोर्ट मिलेगा। बेसिकली कर्म क्षेत्र में उन्नति हो सकती है इस समय में। आप एक्सपेंशन कर सकते हैं। कुछ वृद्धि कर सकते हैं। हो सकता है कुछ खर्च हो जाए आपके अह कर्म क्षेत्र को लेकर। कुछ नया करने का सोचना। यह टेंडेंसी आपकी बन सकती है। है ना? क्योंकि दोनों ही शुभ ग्रह दशम भाव से गोचर कर रहे हैं। तो जो लोग एक तरह से सतकर्मों में इनवॉल्व हैं डेफिनेटली उनके लिए बहुत अच्छे योग ये लेके आ रहा है। आपके कलीग्स आपके जो आसपास के बेसिकली आप आपके घर के बड़े बुजुर्ग हो सकते हैं।
35:24 उनके साथ में अगर आप परिवार के किसी कार्य में इनवॉल्व हैं तो वहां पर ग्रोथ होना है ना। आपके कलीग्स का आपको साथ मिलना। आपके अधिकारी वर्ग से आपको सम्मान मिलना। इस तरह के योग बनेंगे। प्रतिष्ठा मानसान में आपको वृद्धि देखने को मिलेगी और ब्लेसिंग्स कनेक्ट होने वाली है कर्म क्षेत्र को लेकर। तो दोनों गुरु ग्रह का बेसिकली आपके 10थ हाउस से गोचर करना दैत्य गुरु और देव गुरु दोनों की यहां पर थोड़ा सा वैचारिक भिन्नता दे मिल सकती है। यानी हो सकता है कि जो आप अपने कर्म क्षेत्र के लिए नॉलेज गैदर कर रहे हैं क्योंकि नाइंथ हाउस किसका है? हायर लर्निंग का है। तो हायर लर्निंग जो आप ले रहे हैं या फिर कुछ सीखने की दृष्टि कोण में हैं आप दशम भाव को लेकर कर्म क्षेत्र को लेकर उसमें कहीं ना कहीं क्या होगा? डिफरेंस ऑफ ओपिनियन हो सकते हैं। आपके बार-बार कंफ्यूजिंग जैसी स्टेट बन सकती है। है ना? परंतु जैसे ही
36:09 आपके बुध अभी फिलहाल वक्री चल रहे हैं। मार्गी हो जाएंगे 11 अगस्त से और उन्नति यहां पर देखने को मिलेगी। हालांकि बुध जब तक आपके लाभ भाव से गोचर कर रहे हैं। आपके लग्न के लॉर्ड आपके राशि के स्वामी आपके कर्म क्षेत्र के स्वामी लाभ से गोचर कर रहे हैं। तो धन का आगमन भी बड़े लेवल पर दिखाई दे सकता है। तो यह समय है कि आप कोई नया काम शुरू कर सकते हैं। धन भाव का स्वामी भी देखिए आप शुक्र है। अब आने वाले समय में शुक्र का कहां पर होगा गोचर? आपके बुध के ऊपर से हो। बुध के साथ में होगा। बेसिकली आपके 11थ हाउस से होगा। हालांकि बुध तब तक राशि परिवर्तन कर जाएंगे। परंतु कुछ समय के लिए लग्नेश और धनेश की युति आपके लाभ भाव में होगी। तो, यह पीरियड होगा ना जो यह मल्टी बेसिकली एक तरह से बहुत बड़े लेवल के मनी फ्लो का होगा। धन का आगमन अच्छे लेवल से आपको दिखाई देगा। इस तरह से हमें रिलेट करके समझना है चीजों को। ठीक है? तो ओवरऑल देखा जाए शुक्र का
36:56 रिजल्ट यह है कि आप इस समय में कुछ ना कुछ अह कर्म क्षेत्र में अच्छा कर पाएंगे। नाम प्रतिष्ठा आपके वृद्धि होगी। जो लोग बेरोजगार हैं उनको जॉब मिलने के लिए चांसेस बनेंगे। उनको कुछ ना कुछ चीजों की शुरुआत करनी चाहिए। प्रयासरत रहना चाहिए। यहां पर देखिए गुरु शुक्र की जो दृष्टि है वो आपके फोर्थ हाउस पर पड़ रही है। तो सुख भाव हो सकता है कोई प्रॉपर्टी वगैरह कुछ घर वगैरह बनाने की स्थिति में आप आ जाए। है ना? कहीं वो चीजें कनेक्ट हो सकती हैं। कोई सुखों में वृद्धि करने के लिए कुछ परचेसिंग करें। कुछ खरीदफरोख्त आप इस समय में करें। क्योंकि आपके देखेंगे कि आप आने वाले समय में जो सूर्य हैं जो आपके व्यय भाव के लॉर्ड हैं वह सूर्य भी यहां पर आ जाएंगे। हालांकि यह होगा 14 15 अगस्त के बाद में जो मिड अगस्त के बाद में परंतु यह स्थिति बन जाएगी वहां पर। तो सूर्य का पंचम भाव सॉरी अपने 12वें भाव से गोचर जो
37:41 कि 12वें भाव के तो व्यय होगा खर्च भी होगा तो ये पीरियड होगा कि आप कुछ प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट में या फिर कुछ सुख सुविधाओं की चीजों में आप खर्च कर पाएंगे। तो इस तरह की स्थितियां बनने वाली हैं। ठीक है जी। ऐसे हमें इसे रिलेट करना है और समझना है। तो जो नेगेटिव इफेक्ट हैं वो कम होंगे। वीडियो के अंत में मैंने उपाय बता रखे हैं। वो कीजिएगा। करने से नेगेटिव इफ़ेक्ट कम होंगे और शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी। आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं अब तुला लग्न व राशि के लिए यह शुक्र का गोचर किस प्रकार का परिणाम लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में सात नंबर लिखा हुआ है तो आपका तुला लग्न होगा और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान पर सात नंबर में लिखे हैं तो आपकी तुला राशि होगी। अब चाहे आपका तुला लग्न हो या फिर तुला राशि हो दोनों के लिए यह परिणाम आपको समझना है। देखिए आपकी पत्रिका के लिए जो शुक्र का गोचर हो रहा है वह
38:27 आपके नाइंथ हाउस से हो रहा है। नवम भाव में शुक्र गोचर कर रहे हैं जो कि आपके लग्न के लॉर्ड हैं। आपकी राशि के स्वामी हैं। साथ ही साथ में आपके एट्थ हाउस के अष्टम भाव के भी स्वामी हैं। तो यहां पर आप देखेंगे कि कहीं ना कहीं लग्नेश का राशि का नवम भाव से गोचर करना यह अपने आप में अच्छी स्थितियों को दर्शाता है। बेसिकली लकी पीरियड ही रहता है आपके लिए। भाग्यशाली समय यह होने वाला होता है। है ना? और क्योंकि राशि और लग्नेश भाग्य के स्थान से गोचर कर रहे हैं। धार्मिक हो जाएंगे। इस समय में धर्म कर्म में आपका बहुत ज्यादा रुझान बढ़ने वाला है। रीति-रिवाज परंपराओं के प्रति आपका एक तरह से रुझान बढ़ जाएगा। घर के बड़े बुजुर्ग के साथ में आपको सपोर्ट देखने को मिलेगा। उनका साथ आपको देखने को मिलेगा। ठीक है? और साथ ही साथ में यहां पर देखिए गुरु भी विराजमान है। जैसा कि मैंने पहले बताया। तो गुरु का और शुक्र का नाइंथ हाउस में होना दोनों ही धार्मिक प्लनेट हैं और ये
39:14 धर्म कर्म के प्रति आपको कुछ ना कुछ पॉजिटिविटी लेके आएंगे। लॉन्ग ट्रैवल आपका हो सकता है। है ना? कोई बेसिकली कोई धार्मिक रिलीजियस ट्रैवलिंग आपकी बेसिकली हो सकती है। धार्मिक यात्राएं इस समय में होने के योग हैं आपकी पत्रिका में। ठीक है? और संतान पक्ष के लिए भी ये पॉजिटिव स्थिति बनी हुई है क्योंकि यहां से गुरु की दृष्टि भी आपके पंचम भाव पर पड़ रही है। साथ ही साथ में लग्नेश का इनवॉल्वमेंट भी उनके साथ में है और गुरु शुक्र की दृष्टि आप देखेंगे कि आपके थर्ड हाउस तृतीय भाव पर ही है। तो कहीं ना कहीं आप इस समय में मेहनती हो जाएंगे। कुछ ना कुछ संघर्ष करना, मेहनत करना, पराक्रम दिखाना और कुछ नई चीजों की शुरुआत करना एक पॉजिटिव स्थिति यहां पर बनेगी। साथ ही साथ में देखिए आपके लाभ भाव के जो लॉर्ड हैं सूर्य वो भी आपके 10थ हाउस से फिलहाल गोचर कर रहे हैं। तो सूर्य का दशम में गोचर करना यानी यह कर्म क्षेत्र में आपको
40:00 सम्मान की प्राप्ति कराएगा। यह डेफ़िनेटली आपने महसूस किया होगा कि इस समय में आप जो भी कार्य क्षेत्र में अह जो भी तुला, लग्न और राशि के लोग हैं, उनको एक तरह से अच्छी स्थिति बनी है। सीनियर्स का सम्मान मिलना है ना? आपके जो कलीग्स हैं उन उनसे सम्मान मिलना, सीनियर्स आपकी आपको से प्रोत्साहन मिलना, प्रमोशन वगैरह होना, जो लोग जॉब वगैरह में हैं उनके लिए बहुत अच्छा पीरियड ये जा रहा है। ठीक है? साथ ही साथ में जैसा मैंने बताया लग्नेश का नाइंथ हाउस से गोचर करना यह अपने आप में भाग्यशाली पीरियड होगा। कोई छोटी-मोटी यात्राएं ट्रैवलिंग बेसिकली आपका कनेक्ट हो रहा है। ट्रैवलिंग एक्सेस आपकी एक्टिव हो रही है इस समय में। तो ये एक तरह से आपको देखने को मिल सकता है। धार्मिक यात्राएं हो सकती हैं। कोई छोटी-मोटी यात्राएं हो सकती हैं। यह भी देखने को मिलेगा। और गुरु और शुक्र का एक साथ नाइंथ हाउस में घर के बड़े बुजुर्गों के साथ में पॉजिटिव रिलेशंस आपके इस समय में देखने को मिलेंगे। अब
40:47 देखिए अष्टम भाव के स्वामी हैं। एथ हाउस के लॉर्ड हैं। तो अष्टम भाव किसको रिप्रेजेंट करता है? अष्टम भाव आपके एक तरह से गुप्त विद्या का स्थान माना गया और शुक्र नाइंथ में जाकर बैठ गए गुरु के साथ में है ना नॉलेज के हाउस के साथ में तो ये कहीं ना कहीं आपको कहीं ना कहीं इस चीजों में नॉलेज देखने को मिलेगी बेसिकली जैसे लोग ज्योतिष में इंटरेस्ट रखते हैं पाल्मिस्ट्री वास्तु न्यूमरोलॉजी ये कनेक्शन आपके बनेंगे है ना इनके साथ में आपके रिलेशन और अधिक बढ़ने वाले हैं और उसमें आप ज्ञान अर्जित करेंगे ये स्थिति देखने को मिलेगी हो सकता है कोई मंत्र चटिंग वगैरह आप शुरू कर दें तो यह एक अच्छी स्थिति इन चीजों को लेकर पैतृक धन संपत्ति को लेकर भी परिवार का सपोर्ट आपको देखने को मिल सकता है। ठीक है? तो यह स्थिति भी यहां पर कनेक्ट हो रही है। ऐसे आपको रिजल्ट समझना है। तो अच्छे प्रभाव
41:33 यहां पर देखने को मिलेंगे। उसके बाद में शुक्र जब कर्म भाव में जाएंगे यह पीरियड और आपके कर्म क्षेत्र में वृद्धि करने के लिए होगा। ठीक है? गुरु शुक्र का इन्वॉल्वमेंट एक साथ है ना? जो गुरु जो है वह आपकी पत्रिका के लिए तृतीयेश हैं और लग्नेश हैं। तो पराक्रम में वृद्धि भी होगी। आपके कोई नया स्टेप नई इनिशिएशन इस समय में आप कर सकते हैं। सिक्स्थ हाउस के लॉर्ड भी हैं आपके देखिए गुरु इनका नाइंथ हाउस से गोचर तो घर के बड़े बुजुर्गों के प्रति कनेक्शन बनना या फिर उनके हेल्थ इश्यूज के साथ में आप उनको हेल्प करना यह स्थितियां यहां पर देखने को मिल उनके हेल्थ इश्यूज सामने निकल कर आ सकते हैं। उनके प्रति बहुत ज्यादा आप केयरिंग हो जाएंगे। तो यह भी यहां पर रिजल्ट देखने को मिल सकते हैं। बाकी वीडियो के अंदर मैंने कुछ उपाय बताए हैं। उन्हें आप देख लीजिए, कर लीजिए। करने से इस गोचर के जो नेगेटिव रिजल्ट हैं वो कम हो जाएंगे और शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी। आगे बढ़ते हैं
42:20 और बात करते हैं अब हम वृश्चिक लग्न व राशि के लिए यह गोचर किस प्रकार का परिणाम लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में आठ नंबर लिखा हुआ है तो आपका वृश्चिक लग्न हो गया और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान पर आठ नंबर में लिखे हैं तो आपकी वृश्चिक राशि हो जाएगी। दोनों के लिए रिजल्ट समझना है। चाहे आपका वृश्चिक लग्न हो या फिर आपकी वृश्चिक राशि हो। आपके लिए देखिए शुक्र का जो गोचर हो रहा है वो आपके एट्थ हाउस से अष्टम भाव से शुक्र गोचर कर रहे हैं जो कि आपकी पत्रिका के लिए सप्तमेश भी हैं और द्वादशेष भी हैं यानी व्यय भाव के स्वामी हैं और आपके विवाह के स्थान के स्वामी हैं। तो अभी देखिए सप्तमेश का अष्टम में जाना यह दर्शाता है कि कुछ ना कुछ आपके जीवन साथी की वाणी और जीवन साथी के धन की स्थिति उनकी वाणी का
43:06 कनेक्शन होना उनके ससुराल पक्ष का आपसे कनेक्शन होना इस समय में बहुत पॉजिटिव इफेक्ट वहां पर आपको देखने को मिलने वाले हैं। बेसिकली आपके जीवन साथी की धन में वृद्धि होगी। उनकी वाणी बहुत प्रभावशाली होगी। मधुर वाणी होगी। रोमांटिक किस्म की बातें करना या फिर रोमांटिक एक तरह से नेचर हो जाना। इस तरह से आपको अपने जीवन साथी का स्वभाव देखने को मिलेगा। है ना? उनके घर में उनके बेसिकली ससुराल पक्ष में आपको कुछ ना कुछ पॉजिटिविटी देखने को मिलेगी या उनका कुछ फंक्शन वगैरह में इन्वॉल्व होना इस तरह से आपको देखने को मिलेगा। साथ ही साथ में आप देखिए आपके जो आपके कुटुंब के स्वामी हैं। है ना? आपके कुटुंब के स्वामी का गोचर भी कहां से हो रहा है? एड्स से हो रहा है। और शुक्र और गुरु का यहां पर युति बनेगा। तो बेसिकली ससुराल पक्ष का आपके कुटुंब के साथ में बेसिकली एक तरह से कनेक्शन कोई समारोह कोई फंक्शन में आप लोग
43:51 इनवॉल्व हो सकते हैं। ऐसे इसे रिलेट करना है। साथ ही साथ में आप देखेंगे अष्टम भाव में दो-दो ज्ञान के कारक गुरु और शुक्र दोनों ज्ञान को रिप्रेजेंट करते हैं। गुरु आपकी पत्रिका में है भी पंचम भाव के स्वामी। यह भी आप इस तरह से रिलेट कर पाएंगे। तो और व्यय भाव के स्वामी शुक्र। तो ज्ञान के स्वामी के साथ में व्यय भाव के स्वामी का कनेक्शन और वह भी एट्थ हाउस में। तो हो सकता है कोई नॉलेज की चीज को लेकर, किसी रिसर्च को लेकर आपके खर्च हो सकते हैं। विद्यार्थी वर्ग के लिए पीरियड अच्छा रहेगा। लेकिन ध्यानपूक बेसिकली एक्सपेंसेस आपको करने हैं। है ना? किसी गलत जगह पर एक्सपेंस नहीं कर देना। कहीं से आप कुछ और करना चाह रहे हैं और कहीं गलत जगह हाथ डाल दिया। कोई गलत जगह एनरोल्ड हो जाना। बेसिकली अष्टम भाव भी वहां पर इन्वॉल्व है। तो थोड़ा ध्यान रखना है। हालांकि बहुत उत्तम स्थिति है। नॉलेज को लेकर अच्छी स्थिति बनी रहेगी। यहां से गुरु शुक्र की दोनों की दृष्टि कहां पर
44:36 है? धन भाव पर है। तो पैतृक धन संपत्ति से रिलेटेड मामले कनेक्ट हो सकते हैं। अह जीवनसाथी से लाभ की प्राप्ति हो सकती है। तो अच्छे खासे धन की स्थितियां यहां पर देखने को मिलने वाली है। सपोर्ट बेसिकली धन का रहेगा। कोई परेशानी इस तरह की नहीं देखने को मिलेगी। दूसरी स्थिति शुक्र जब अष्टम से गोचर करता है। मैंने हमेशा बताया व्हीकल ड्राइव करते समय आपको सावधान रहना है। शुक्र गुरु का कॉम्बिनेशन जो लोग डायबिटिक हैं जो लोग लिवर प्रॉब्लम से संबंधित परेशानियां फेस करते हैं। हार्मोनल इमंबैलेंसी या फिर गुप्तांगों से संबंधित परेशानियां हैं तो उसके लिए आपको अवेयर होना है। वहां पर बेसिकली आपको ध्यान रखना है। जो लोग ज्योतिष में इंटरेस्ट रखते हैं पामिस्ट्री, वास्तु, न्यूमरोलॉजी उनके लिए बहुत फेवरेबल समय रहेगा। हो सकता है कहीं आप एनरोल्ड हो जाए। हो सकता है कहीं आप चीजें सीखने की स्थिति में आ जाएं। ठीक है? खर्च भी होता हुआ दिखाई देगा इन चीजों पर। जीवनसाथी के साथ में कोई ट्रैवल, कोई यात्राएं हो सकती
45:23 हैं। यह भी देखने को मिल सकता है। शुक्र गुरु का इन्वॉल्वमेंट अष्टम भाव में होना। बेसिकली पैतृक धन संपत्ति का कनेक्शन भी आपका देखने को मिलेगा। अगर कुछ मामले अटके हुए हैं तो यह समय है। आप बात कर पाएंगे। अच्छी स्थिति यहां पर बन सकती है। ठीक है जी। तो इस तरह से आपको ये चीजें रिलेट करनी है। हालांकि आपके लग्न के जो लॉर्ड हैं वह आपके लाभ भाव से गोचर करेंगे। तो मंगल का लाभ भाव से गोचर करना। लग्न के स्वामी का यह अपने आप में उत्तम स्थिति दर्शाता है। लाभ की प्राप्ति होना है ना यह शुभ भाव है और यहां से मंगल जो लग्नेश है वह आपके धन भाव को भी दृष्टि देंगे। तो धनु राशि धन भाव सेकंड हाउस आपका बहुत एक्टिव है इस समय में। तो सेकंड हाउस से रिलेटेड फूड फैमिली, फाइनेंस तीनों के दृष्टिकोण से पॉजिटिव इफ़ेक्ट मैं यहां पर देख पा रहा हूं। बाकी वीडियो के मैंने कुछ उपाय बताए हैं। उन्हें देखिए। उन्हें कीजिए। करने से इस गोचर के जो नेगेटिव रिजल्ट है वह कम हो जाएंगे और शुभ
46:08 प्रभावों में वृद्धि होगी। आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं अब धनु लग्न व राशि के लिए यह शुक्र का गोचर किस प्रकार का प्रभाव ले आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में नौ नंबर लिखा हुआ है तो आपका धनु लग्न हो जाएगा और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान पर नौ नंबर में लिखे हुए हैं तो आपकी धनु राशि हो जाएगी। दोनों के लिए रिजल्ट समझना है। चाहे आपका धनु लग्न हो या फिर आपकी धनु राशि हो। आपके लिए जो शुक्र का गोचर हो रहा है वह आपके सप्तम भाव से सेवंथ हाउस से शुक्र गोचर कर रहे हैं जो कि आपकी पत्रिका के लिए लाभ भाव के लॉर्ड बनते हैं और सिक्स्थ हाउस के छठे भाव के स्वामी बनते हैं। अब देखिए लाभ भाव के स्वामी का सप्तम से गोचर करना यह अपने आप में पॉजिटिव स्थिति दर्शाता है। है ना? यह व्यापार का स्थान है। जीवनसाथी का स्थान है। तो उनके मामले बेसिकली अच्छे रहेंगे।
46:56 जीवनसाथी के साथ मधुर संबंध आपके बनेंगे। क्योंकि शुक्र अपने आप में एक तरह से रोमांटिक नेचर का कारक है। रिलेशनशिप का कारक है। है ना? वैवाहिक संबंधों का कारक है। तो शुक्र का यहां से गोचर करना वैवाहिक जीवन का आनंद इस समय में आप ले पाएंगे। लाभ की प्राप्ति होती हुई दिखाई देगी। कर्म क्षेत्र में क्योंकि दशम से दशम भाव सप्तम भाव होता है। कर्म का भी भाव है। व्यापार का स्थान है। तो व्यापार में ग्रोथ करना, व्यापार में एक्सपेंशन करना क्योंकि देखिए आपके लग्न के लॉर्ड भी फिलहाल कुछ समय से आपके सप्तम भाव से गोचर कर रहे हैं। गुरु और यह आने वाले समय में यहीं पर रहेंगे। तो गुरु शुक्र का कॉम्बिनेशन बन रहा है यहां पर। तो लग्नेश का लाभेश का एक साथ युति में आना यह व्यापार के मामलों के लिए कर्म क्षेत्र के मामलों के लिए क्योंकि शुक्र जो आपके कर्म का भी स्वामी है। बेसिकली चाहे व्यापार हो चाहे कर्म हो बेसिकली जॉब हो दोनों का
47:42 स्वामी आपके गुरु के साथ में लग्नेश के साथ में युथ है। तो आप कर्म क्षेत्र में उन्नति करते हुए पाएंगे। व्यापार में एक्सपेंशन कर सकते हैं। कोई पॉजिटिव क्षेत्र यहां पर आपको कनेक्ट होगा। बेसिकली कोई पॉजिटिव डील यहां पर आपको कनेक्ट हो सकती है। दूसरी बात यह कि हो सकता है कोई नई पार्टनरशिप के ऑफर आपको आ जाए। ठीक है? तो यह शुभ प्रभाव देखने को मिलेगा। जो लोग अविवाहित हैं उनको यहां पर सडनली कुछ विवाह के प्रस्ताव या कहीं आकर्षण बन जाना। किसी महिला का आगमन होना जीवन में है ना? जो लोग अविवाहित हैं उनके साथ जो लोग रिलेशनशिप में जाना चाहते हैं उनके लिए सपोर्ट गुरु शुक्र का कॉम्बिनेशन और यह लग्न को देखेंगे आपके तो आप भी कंफर्ट ज़ोन में रहेंगे। लग्जरी का आनंद लेना, सुख सुविधाओं का आनंद लेना। क्योंकि चतुर्थ से चतुर्थ भाव कौन सा है? सप्तम भाव आता है। दशम से दशम भाव सप्तम भाव आता है। तो यह इस तरह से इसे कनेक्ट करिए। तो सुख सुविधाओं में वृद्धि होना, कर्म
48:29 क्षेत्र में ग्रोथ होना, पब्लिक डीलिंग में एक पॉजिटिविटी आना है ना जो रोजमर्रा में जिन लोगों से मिलते हैं उनसे सम्मान प्राप्त होना। इस तरह की टेंडेंसी यहां पर आपको देखने को मिलेगी। आपके प्रभाव क्षेत्र में वृद्धि होना यह भी आपको देखने को मिलेगा। ठीक है? अब देखिए प्रॉब्लम यहां पर है कि गुरु शुक्र का कॉम्बिनेशन गुरु शुक्र जो है षष्टेश भी हैं। ठीक है? षष्टेश का और लग्नेश का एक साथ सप्तम भाव में मारक भाव में गोचर करना तो हेल्थ इश्यूज बन सकते हैं। जो लोग डायबिटिक जैसे इशू से पीड़ित हैं। लिवर प्रॉब्लम्स या फिर डाइजेशन रिलेटेड इश्यूज हैं जिनके साथ में हार्मोनल इमंबैलेंस से संबंधित है ना बॉडी में जो ग्लैंड सिस्टम है उससे रिलेटेड अगर कुछ परेशानियां हैं तो वो निकल कर सामने आ सकती हैं। और उससे संबंधित कुछ स्थिति बन सकती है। तो थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता यहां पर है इन चीजों को। तो हेल्थ इश्यूज कनेक्ट हो सकते हैं। बाकी उसके लिए थोड़ा ध्यान रखना है। बाकी कर्म क्षेत्र के लिए डेफिनेटली
49:15 पॉजिटिव समय यह रहने वाला होगा। और साथ ही साथ में आपके व्यक्तित्व का अपने आप में कुछ सुधार करना, पॉजिटिव चेंजेस लेकर आना और लाभ प्राप्ति के लिए भी एक अच्छी स्थिति यहां पर बनी रहेगी। बाकी वीडियो के अंदर मैंने कुछ उपाय बताए हैं उन्हें देख लीजिए कर लीजिए। करने से इस गोचर के जो नेगेटिव रिजल्ट होंगे वह कम हो जाएंगे और शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी। आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं अब हम मकर लग्न व राशि के लिए यह शुक्र का गोचर किस प्रकार का प्रभाव लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में 10 नंबर लिखा हुआ है तो आपका मकर लग्न हो जाएगा और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान में 10 नंबर में लिखे हैं तो आपकी मकर राशि हो जाएगी। दोनों के लिए रिजल्ट समझना है। चाहे आपका मकर लग्न हो या फिर आपकी मकर राशि हो। आपके लिए देखिए शुक्र का जो गोचर हो रहा है वह आपके सिक्स्थ हाउस से छठे
50:02 भाव से होगा। आपकी पत्रिका के लिए सबसे योगकारक प्लनेट बनते हैं शुक्र जो कि आपके पंचमेश हैं और आपके दशमेश हैं। ठीक है? 10थ हाउस के लॉर्ड हैं। इनका छठे से गोचर करना। यह कुछ मामलों के लिए पॉजिटिव इफ़ेक्ट लेके आएगा और कुछ मामलों में डेफिनेटली नेगेटिव स्थिति बनेगी। हालांकि छठे भाव में जब शुक्र आते हैं तो इसे गोचर में अच्छी स्थिति नहीं मानी जाती है। चाहे चंद्र राशि से यानी आपकी राशि से या लग्न से क्योंकि छठे का शुक्र उतना प्रभावशाली नहीं समझा गया। अब इसे कैसे और क्यों इसे हम समझते हैं। देखिए क्योंकि आपकी पत्रिका के लिए देखिए पंचमेश बनते हैं शुक्र। फिफ्थ हाउस के लॉर्ड हैं। पंचम भाव आपकी लर्निंग प्रोसेस का है। आपकी संतति का है। आपके सीखने का है। है ना? आपकी एजुकेशन का है। पंचम भाव आपकी शेयर मार्केट आपके प्रेम संबंधों इसको दर्शाता है। तो इसका स्वामी सिक्स्थ से जाएगा तो इन मामलों को
50:49 थोड़ा सा परेशानी वाली वाद-विवाद या परेशानी में लेके आएगा। अगर जो लोग स्टूडेंट हैं, विद्यार्थी हैं उनको यहां पर परेशानी वह कुछ ना कुछ प्रॉब्लम, कुछ ना कुछ छोटी-मोटी रुकावटें आएंगी। अच्छी बात क्या है कि गुरु यहां पर इनवॉल्वमेंट है। गुरु ज्ञान के कारक हैं साथ में। शुक्र भी ज्ञान का कारक है। दोनों साथ में बैठे हुए हैं तो कैसे ना कैसे चीजें पक्ष में आएंगी लेकिन परेशानी जरूर कनेक्ट होगी। है ना? जो लोग एजुकेशन में हैं, जो लोग विद्यार्थी हैं बेसिकली उनको इस तरह का लर्निंग प्रोसेस में आपको अड़चनें ऑबस्टकल दिखाई देंगी। ठीक है? दूसरी स्थिति आपको यह देखने को मिलने वाली है कि संतान के प्रति कुछ ना कुछ चिंताएं आपकी बढ़गी। संतति के हेल्थ इश्यूज हो सकते हैं। संतति को कष्ट होता हुआ देखने को मिल सकता है। या फिर उनके साथ में वाद-विवाद अगर बड़ी संतति है आपकी तो उनके साथ में
51:35 आर्गुममेंट होना, वाद-विवाद होना क्योंकि सिक्स्थ हाउस वा- विवाद का है, झगड़े का है। है ना? रोग, ऋण, शत्रु का भी है। तो बेसिकली उस तरह के स्थितियां यहां पर निकल कर सामने आ सकती है। तो संतति के साथ में आर्गुमेंट होना या फिर संतति के हेल्थ इश्यूज आना और उस पर खर्च होना। खर्च क्योंकि गुरु जो है वो व्ययेश हैं। इसे आप समझिए। है ना? गुरु आपकी पत्रिका के 12वें भाव के स्वामी हैं। तो एजुकेशन पर व्यय होना, संतति पर व्यय होना, उनके खर्चे पर व्यय होना इस तरह की स्थितियां मिलेंगी। गुरु घर के बड़े बुजुर्ग को भी दर्शाता है। तो घर के बड़े बुजुर्ग पर व्यय होना। यहां से शुक्र गुरु की दृष्टि देखिए आपके 12वें भाव पर है। तो 12वें भाव का स्वामी 12वें भाव को। ठीक है जी। और ऊपर से आपके घर का स्वामी मंगल भी अभी यहां पर आ जाएगा नाइंथ हाउस में। ठीक है? नाइंथ हाउस में आकर यह भी अपनी चौथी दृष्टि से 12व भाव को देखेगा। शनि जो आपके लग्न के लॉर्ड है
52:21 ऑलरेडी आपके 12व सॉरी आपके थर्ड हाउस में बैठकर 12व भाव को दृष्टि दे रहे हैं। तो यह फॉरेन ट्रैवल के योग बन रहे हैं। डेफिनेटली कुछ ना कुछ फॉरेन ट्रैवल आपका कनेक्ट हो सकता है आने वाले समय में भी और इस गोचर के दौरान भी बेसिकली डिपेंड करेगा आपकी दशाएं कैसी चल रही हैं। है ना? उस पे बहुत कुछ डिपेंड करेगा। तो यह एक स्थिति बनेगी कुछ ना कुछ यात्राएं की रिलीजियस ट्रैवल हो सकती है। ट्रैवलिंग हो सकती है। कोई दूर गमन को यह दर्शाता है बेसिकली। तो इस तरह से आपके चीजें कनेक्ट हो रही हैं। साथ ही साथ में देखिए दशम भाव के स्वामी भी शुक्र हैं। तो 10थ हाउस के प्लनेट का आपके छठे से गोचर करना गुरु जैसे प्लनेट के साथ में तो कर्म क्षेत्र में जो लोग जॉब कर रहे हैं डेफिनेटली ग्रोथ मिलती हुई दिखाई देगी। कर्म क्षेत्र में अच्छी स्थिति बन सकती है। कर्म क्षेत्र के दृष्टिकोण से यह पीरियड डेफिनेटली पॉजिटिव
53:07 जाता हुआ दिखाई देता है। है ना? वहां पर आपको एक वहां पर व्यय हो सकते हैं। यह डिपेंड हो सकता है। लेकिन कुछ ना कुछ अह ग्रोथ देखने को मिलेगी। बेसिकली वर्क प्लेस में कर्म क्षेत्र में अच्छी स्थिति बनेगी और सिक्स्थ हाउस में शुक्र का आना गुरु का आना साथ में तो अत्यधिक भोग से है ना अत्यधिक भोग से रोग का रास्ता निकल सकता है। इसे भी हमें ध्यान देना चाहिए। शुक्र गुरु सिक्स्थ हाउस में जो लोग डायबिटिक जैसे इश्यूज से कनेक्टेड हैं या फिर हार्मोनल इमंबैलेंस से रिलेटेड या फिर डाइजेशन रिलेटेड इश्यूज जिनको चल रहे हैं वो निकल कर सामने आ सकते हैं शुक्र गुरु सिक्स्थ में होने से जो लोग कोई प्रॉपर्टी वगैरह लेना चाहते हैं कुछ बेसिकली इस तरह के योग बेसिकली जिनके बनते हैं है ना क्योंकि देखिए यहां पर जो मंगल है आने वाले समय में मंगल की दृष्टि देखिए अपने ही स्थान पर होगी। ठीक है? मंगल जब आपके
53:54 अह नवम भाव में आएंगे 28 तारीख से तो यहां पर मंगल की दृष्टि चतुर्थ भाव पर होगी तो कोई प्रॉपर्टी लेना घर लेना परंतु गुरु सिक्स्थ के हैं तो कुछ ना कुछ वहां पर व्यय होना यानी ऋण का कनेक्शन होना ऋण लेते हुए घर की प्राप्ति होना या फिर कोई प्रॉपर्टी ले लेना सुख सुविधाओं की चीजें ले लेना ये चीजें कनेक्ट हो सकती हैं क्योंकि शुक्र भी छठे चल रहे हैं तो इस तरह से इसे कनेक्ट करना है और समझना है ठीक है बाकी वीडियो के अंदर मैंने कुछ उपाय बताए हैं उन्हें देख लीजिए कर लीजिए करने से इस गोचर के जो नेगेटिव रिजल्ट हैं वो कम हो जाएंगे और शुभ प्रभावों में वृद्धि होगी। आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं अब हम कुंभ लग्न व राशि के लिए यह शुक्र का गोचर कैसा परिणाम लेके आएगा। देखिए साथियों यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में 11 नंबर लिखा हुआ है तो आपका कुंभ लग्न हो जाएगा और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी स्थान में 11 नंबर में लिखे हैं तो आपकी कुंभ राशि हो
54:40 जाएगी। दोनों के लिए रिजल्ट समझना है। चाहे कुंभ लग्न हो या फिर कुंभ राशि हो। आपके लिए देखिए शुक्र का जो गोचर हो रहा है वह आपके फिफ्थ हाउस में पंचम भाव से हो रहा है और आपके लिए शुक्र जो है वह प्रबल योगकारक बनते हैं क्योंकि आपकी पत्रिका के लिए चतुर्थेश है और आपके लिए नवमेश भी है तो चतुर्थेश का नवमेश का पंचम से गोचर करना बहुत ही शुभ प्रभाव यह ले आने वाला है और साथ ही साथ में गुरु की इन्वॉल्वमेंट भी यहां पर है जो कि आपकी पत्रिका के लिए धन भाव का स्वामी है। लाभ भाव का स्वामी है। तो यह देखिए इस समय में आपकी हायर लर्निंग या कुछ ना कुछ सीखने की स्थिति में लर्निंग प्रोसेस में आप इंक्लूड रहेंगे। कुछ ना कुछ सीखने का होना ना नवमेश का कनेक्शन पंचमेश से हुआ। यह अपने आप में राजयोग जैसी स्थिति बन रही है। नवमेश का कनेक्शन आपके पंचम भाव से हो
55:26 रहा है। चतुर्थ भाव का स्वामी का कनेक्शन पंचम भाव से हो रहा है। और ऊपर से आपके धन भाव का स्वामी भी इंक्लूड है। लाभ भाव का स्वामी इंक्लूड है। तो यह कहीं ना कहीं धन प्राप्ति के लिए लर्निंग प्रोसेस के लिए संतान की ग्रोथ के लिए एक तरह से हर प्रकार से अच्छी स्थिति मैं देख रहा हूं। प्रमोशंस वगैरह हो सकते हैं क्योंकि पंचम भाव पद प्रतिष्ठा को भी दर्शाता है। नेम फेम को दर्शाता है। तो आपकी प्रतिष्ठा में वृद्धि होना है ना बुद्धिमत्ता में इंक्रीमेंट सही डिसीजन सही निर्णय लेना ये चीजें यहां पर देखने को मिलेगी। पॉजिटिव थिंकिंग आना कुछ क्रिएटिविटी कलात्मकता हॉबी स्किल इस चीजों में आप इंप्रूवमेंट करेंगे। है ना? विद्यार्थी वर्ग हैं उनके लिए बहुत बेस्ट पीरियड बहुत अच्छे पीरियड यह रहने वाला है। अच्छा पीरियड कि समय में आपको बहुत अच्छे से पढ़ाई करनी चाहिए। अच्छे से ध्यान देना चाहिए चीजों के ऊपर।
56:13 यह आने वाले समय में बहुत सफलता आपके लिए पक्ष में लेके आएगा। तो गुरु शुक्र का पंचम से गोचर करना कुंभ लग्न व राशि के लिए बहुत ही पॉजिटिव रिजल्ट लेके आने वाला है। है ना? जैसे मैंने बताया लर्निंग प्रोसेस में इंप्रूवमेंट होना। बच्चों की ग्रोथ होना, संतान अगर आपको है तो उसकी ग्रोथ होना। अगर संतति नहीं है तो संतान प्राप्ति के योग बन सकते हैं। गुरु शुक्र दोनों शुभ ग्रह फिफ्थ हाउस से गोचर कर रहे हैं। ठीक है? तो ये एक अच्छे प्रभाव यहां पर देखेगा। हालांकि बुध अभी जो है छठे में चल रहे हैं। जब बुध आगे बढ़ेंगे है ना? पंचम में आएंगे या नवम में आएंगे। बेसिकली वो एक आगे की बातें हैं। परंतु बेसिकली बुध जब सप्तम में आएंगे तो और अच्छी स्थिति बनेगी। यह बेसिकली एक तरह से प्रेम संबंधों के मामले में सफलता के योग यह लेके आएगा। है ना? पर अभी शुक्र की बात हम यहां पर कर रहे हैं तो लर्निंग प्रोसेस में इंप्रूवमेंट होगा आपको। संतान की
56:58 ग्रोथ मिलेगी। संतान बड़ी है तो उनके करियर में ग्रोथ होती हुई दिखाई देगी। यहां से गुरु शुक्र की कनेक्शन आपके 11थ हाउस से बनेगा और 11थ हाउस पर दृष्टि है। तो लाभ प्राप्ति के नए रिसोर्सेज बनाएंगे। अपने ज्ञान के दम पर है ना? इन लाभ प्राप्ति आपको होगी। इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो में पॉजिटिव चेंजेस कर सकते हैं। सोशल कांटेक्ट्स में आपके इंप्रूवमेंट होंगे। है ना? तो ये एक अच्छी स्थिति यहां पर देखने को मिलेगी। लाभ के दृष्टिकोण से इनकम में वृद्धि आप करते हुए पाएंगे। दूसरी स्थिति धन भाव का स्वामी भी गुरु है और यह भी शुक्र के साथ में यहां पर गोचर करेगा। तो चतुर्थेश और सुखेश भाग्येश का एक साथ में संबंध यानी जो लोग बेसिकली शेयर मार्केट वगैरह करते हैं या जो लोग कोई धन की स्थितियों में परिवर्तन पॉजिटिव चेंजेस करना चाहते हैं आप कर पाएंगे। स्थाई संपत्ति लेना चाहते हैं। एक
57:43 तरह से गुरु शुक्र का कॉम्बिनेशन आपके लिए बहुत अच्छे प्रभाव ले आने वाला है। हर क्षेत्र में जिन भावों से संबंधित ये दोनों परिणाम रखते हैं। तो कहीं ना कहीं बहुत उत्तम स्थिति बनने वाली है। सुख को लेकर, धन को लेकर, लाभ को लेकर, भाग्यशाली यह पीरियड रहेगा। धार्मिक कार्यों को लेकर हर प्रकार से अच्छी स्थिति देखने को मिलने वाली है। बाकी वीडियो के अंदर मैंने कुछ उपाय बताए हैं। कर लीजिएगा। करने से इस गोचर की शुभता है। उसमें और वृद्धि होगी। आगे बढ़ते हैं और बात करते हैं अब हम मीन लग्न व राशि के लिए गोचर कैसा जाएगा? देखिए साथियों, यदि आपकी जन्म पत्रिका के फर्स्ट हाउस में 12 नंबर लिखा हुआ है, तो आपका मीन लग्न होगा और यदि आपकी जन्म पत्रिका में चंद्रमा किसी भी तरह से 12 नंबर में लिखे हुए, कहीं पर भी 12 नंबर में लिखे हुए हैं, तो आपकी मीन राशि हो जाएगी। दोनों के लिए रिजल्ट समझना है। चाहे मीन लग्न हो या फिर मीन राशि हो।
…