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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो एसएससी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने और छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए है। इसमें परीक्षाओं में अनियमितताओं, सर्वर की समस्याओं, और दूर के परीक्षा केंद्रों के बारे में बात की गई है। वक्ताओं ने 24 अगस्त को रामलीला मैदान, दिल्ली में एक विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया है ताकि सरकार और एसएससी पर निष्पक्ष परीक्षा कराने का दबाव बनाया जा सके।

मुख्य बातें:

  • एसएससी परीक्षाओं में गड़बड़ियां और अनियमितताएं।
  • छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए विरोध प्रदर्शन का आह्वान।
  • 24 अगस्त को रामलीला मैदान, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन।
  • सभी शिक्षकों और छात्रों से एकजुट होकर आवाज उठाने की अपील।

परिचय

वीडियो की शुरुआत में, वक्ता एसएससी परीक्षाओं में हो रही गड़बड़ियों के बारे में बात करते हैं, खासकर फेज 13 और स्टेनो परीक्षाओं में। वे बताते हैं कि कैसे इन गड़बड़ियों के कारण छात्रों को मानसिक तनाव हुआ और परीक्षा देने में कठिनाई हुई। वक्ता आगाह करते हैं कि अगर इन गड़बड़ियों को ठीक नहीं किया गया, तो सीजीएल जैसी बड़ी परीक्षाओं में स्थिति और भी खराब हो सकती है। वे सभी छात्रों से एकजुट होकर आवाज उठाने का आग्रह करते हैं ताकि एसएससी में सुधार हो सके।

पिछली कोशिशें और वर्तमान स्थिति

वक्ता बताते हैं कि पहले भी कई प्रयास किए गए, लेकिन वे सफल नहीं हो पाए। एसएससी सीजीएल, सीएचएसएल, एमटीएस और सीपीओ जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं अभी भी होनी बाकी हैं, और उन्हीं कंपनियों को परीक्षा कराने का ठेका दिया गया है जिनके कारण पहले गड़बड़ियां हुई थीं। वक्ता सवाल उठाते हैं कि क्या एक महीने में सब कुछ ठीक हो जाएगा, जबकि उन कंपनियों ने पिछले तीन सालों में बुनियादी ढांचा तक नहीं बनाया है। वे रिमोट एक्सेस और कैंडिडेट स्वाइपिंग जैसी समस्याओं के बारे में भी बात करते हैं, जो अभी भी जारी हैं।

अंतिम मौका: विरोध प्रदर्शन का आह्वान

वक्ता इसे अंतिम मौका बताते हैं और कहते हैं कि अगर अब आवाज नहीं उठाई गई, तो भविष्य में पछताना पड़ेगा। वे सभी छात्रों से इस खराब सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह करते हैं। वक्ता बताते हैं कि असली खेल पर्दे के पीछे चल रहा है और हर हिंदुस्तानी को साथ आना होगा। वे दर्शकों से वीडियो को अंत तक देखने और आदित्य सर की बातों को ध्यान से सुनने का आग्रह करते हैं।

समस्याओं का खुलासा

वक्ता एसएससी में हो रही कमियों के बारे में बताते हैं, जैसे कि सिलेक्शन फेज 13 में खराब सेंटर देना और स्टेनो परीक्षा में झूठे वादे करना। वे कहते हैं कि परीक्षा में ऐसे प्रश्न पूछे गए जो सिलेबस का हिस्सा नहीं थे, और उन्होंने YouTube पर इसके सबूत भी दिखाए थे। वक्ता आगाह करते हैं कि आने वाले समय में स्थिति और भी खराब हो सकती है।

सर्वर इश्यू और रिमोट एक्सेस

वक्ता पिछली वीडियो का हवाला देते हैं जिसमें उन्होंने सेंटर दूर क्यों मिले, सेंटर की हालत खराब क्यों है, सर्वर का इश्यू क्यों आ रहा है, और कट ऑफ ज्यादा क्यों जाता है, जैसे कारणों को उजागर किया था। वे बताते हैं कि सीजीएल में फिर से वही सेंटर चुने गए हैं और सर्वर का इश्यू फिर से आएगा। वक्ता उन कंपनियों के मेल और रेट भी दिखाते हैं जिन्हें ठेका दिया गया है, और बताते हैं कि कैसे स्टूडेंट स्वैपिंग और रिमोट एक्सेस के जरिए प्रॉफिट और लॉस को मैनेज किया जाता है।

सॉल्वर गैंग और जेन्युइन कैंडिडेट

वक्ता बताते हैं कि आजकल कंपटीशन जेन्युइन छात्रों के बीच नहीं, बल्कि सॉल्वर गैंग के बीच है। वे कहते हैं कि स्टेनो के पेपर में 3000 सीटों के लिए 4000 सॉल्वर बैठे थे। वक्ता कॉल रिकॉर्डिंग और वीडियो के साक्ष्य होने की बात भी करते हैं, जिन्हें वे सार्वजनिक रूप से नहीं दिखा सकते।

मीटिंग और डीओपीटी मिनिस्टर से संबंध

वक्ता बताते हैं कि उन्होंने वेंसिस्को कंपनी के चेयरमैन विकास दुबे से मीटिंग की थी, लेकिन फिर भी उन्होंने वही सेंटर बुक किए। वक्ता डीओपीटी मिनिस्टर से मिलने के बारे में भी बात करते हैं, लेकिन बताते हैं कि एडिक्विटी के संबंध उनसे पहले से हैं। वक्ता सरकार से आग्रह करते हैं कि वे इस बात की नैतिक जिम्मेदारी लें कि जिन्हें उन्होंने टेंडर दिया है, वे सही तरीके से पेपर करा रहे हैं या नहीं।

प्रोटेस्ट की तैयारी और परमिशन

वक्ता कहते हैं कि Twitter कैंपेन से कुछ नहीं होने वाला है, और जब तक आवाज बुलंद नहीं होगी, तब तक कुछ नहीं बदलेगा। वे बताते हैं कि उन्होंने प्रोटेस्ट के लिए एमसीडी और डीसीपी ऑफिस से परमिशन ले ली है, और 24 अगस्त को रामलीला मैदान में धरना दिया जाएगा। वक्ता कहते हैं कि वे कोई भी काम इललीगल नहीं करेंगे जिससे बच्चों के ऊपर बात आए, और एडिक्विटी को हटाकर रहेंगे।

प्रोटेस्ट की व्यवस्था और अपील

वक्ता बताते हैं कि दिल्ली के इतिहास में अन्ना के आंदोलन के बाद यह दूसरा सबसे बड़ा आंदोलन होने वाला है जिसकी परमिशन मिली है। वे बताते हैं कि 24 अगस्त को सुबह 9:00 बजे रामलीला मैदान में प्रोटेस्ट होगा, और वहां टेंट, माइक, चटाई, कूलर, पंखे और खाने की व्यवस्था भी होगी। वक्ता सभी शिक्षकों से क्लास न चलाने और बच्चों के साथ खड़े रहने की अपील करते हैं। वे खान सर, अभिनय सर, राकेश यादव सर, नवीन सर, अंकित भाटी सर, और अन्य शिक्षकों से भी प्रोटेस्ट में शामिल होने का आग्रह करते हैं।

छात्रों की आवाज और अंतिम अपील

वक्ता बताते हैं कि बहुत सारे लोग आपसे कहेंगे कि पढ़ ले चुपचाप, लेकिन अगर एग्जाम फेयर नहीं है तो पढ़ाई से पेपर नहीं निकलेगा। वे कहते हैं कि 24 तारीख को रामलीला मैदान में आना पड़ेगा और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचानी पड़ेगी। वक्ता सभी शिक्षकों से उनके कमेंट बॉक्स में जाकर कहने का आग्रह करते हैं कि अगर वे उनके लिए नहीं आए तो यह लड़ाई अधूरी है।

टेंडर प्रक्रिया और गड़बड़ियां

वक्ता टेंडर प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों के बारे में बताते हैं। वे कहते हैं कि 2020 में एडिक्विटी टेक्निकल बड को क्वालीफाई नहीं कर पाया था, लेकिन टेंडर अचानक से कैंसिल हो गया। 2021 में फिर से टेंडर निकला और एडिक्विटी ने इतनी कम बड लगाई कि उतने कम पैसे में पेपर कराना पॉसिबल ही नहीं है।

फेज 13 और स्टेनो परीक्षा का हाल

वक्ता फेज 13 और स्टेनो परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के बारे में बात करते हैं। वे कहते हैं कि चेयरमैन साहब ने कहा था कि अगर 55,000 से एक बच्चे ज्यादा का भी गड़बड़ हुआ तो वे सबका रीग्जाम करा देंगे, लेकिन 59,500 लोगों का खराब होने के बाद भी पूरे का री एग्जाम नहीं कराया गया। वक्ता स्टेनो परीक्षा में तीन-तीन ऑप्शन के क्वेश्चन आने और आंसर की नहीं देने जैसी समस्याओं के बारे में भी बताते हैं।

प्रोटेस्ट का प्रोसेस और शिक्षकों से अपील

वक्ता प्रोटेस्ट के प्रोसेस के बारे में बताते हैं और सभी शिक्षकों से इसमें शामिल होने की अपील करते हैं। वे छात्रों से लाइब्रेरी में जाकर अन्य छात्रों को समझाने और 24 तारीख को लाइब्रेरी बंद रखने का आग्रह करते हैं। वक्ता कहते हैं कि अगर 24 को नहीं आए तो प्रोटेस्ट एक से दो दिन में खत्म हो जाएगा और जीत नहीं मिल पाएगी।

छात्रों की गवाही और सुरक्षा का आश्वासन

वीडियो में कुछ छात्र भी अपनी बात रखते हैं और बताते हैं कि वे भी परीक्षाओं में गड़बड़ियों से पीड़ित हैं। वे सभी छात्रों से प्रोटेस्ट में शामिल होने और इसे सफल बनाने का आग्रह करते हैं। छात्र सुरक्षा का आश्वासन देते हैं और कहते हैं कि यह एक शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट होगा।

गुरुओं का सम्मान और हक की लड़ाई

एक वक्ता चाणक्य और चंद्रगुप्त मौर्य का उदाहरण देते हैं और कहते हैं कि यह गुरुओं का कर्ज चुकाने का समय है। वे कहते हैं कि अगर अब नहीं लड़ेंगे तो कभी नहीं लड़ेंगे, और साल भर तैयारी करते रह जाएंगे पर वह सीट उनकी नहीं रहेगी। एक अन्य वक्ता कहते हैं कि सरकार को मानना चाहिए कि गलतियां हुई हैं और सभी को मिलकर आगे आना चाहिए।

अंतिम आह्वान और दिल्ली चलो का नारा

वक्ता कहते हैं कि हक की लड़ाई में निमंत्रण नहीं भेजे जाते हैं, जिनके जमीर जिंदा होते हैं वे खुद आते हैं। वे इसे एक आखिरी प्रयास बताते हैं और कहते हैं कि अगर इस बार साथ नहीं मिला तो भविष्य में शायद वह साथ नहीं दे पाएंगे। वक्ता सभी से 24 तारीख को रामलीला मैदान पहुंचने और दिल्ली चलो का नारा लगाने का आग्रह करते हैं। वे कहते हैं कि यह एक शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट होगा और सरकार को समझना होगा कि एक फेयर सिलेक्शन और फेयर एग्जाम जरूरी है।

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Transcript

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0:01 सबको नमस्कार। स्वागत है आपका ऐसे ऐलान जंग जिसका की जरूरत बहुत ही ज्यादा थी क्योंकि बच्चों बच्चे जिस तरीके से परेशान हुए जब से फेज 13 का पेपर हुआ आपने देखा और आप लोगों ने दिया भी होगा किस तरीके से परेशानियां सामने आई और वो परेशानियां जो है केवल 55000 बच्चों के लिए नहीं और केवल 59500 बच्चों जिनका दोबारा से पेपर हो रहा है उनके लिए नहीं वो परेशानियां सबके लिए थी और साथ में उससे ज्यादा परेशानी एक बच्चा मेंटली इतना परेशान है कि बच्चा पेपर अच्छे से अटेम्प्ट कर ही नहीं पा रहा। उसके बाद स्टेनो का पेपर हुआ और स्टेनो में भी कितनी ज्यादा गड़बड़ियां हुई और ये गड़बड़ियां आगे इससे भी ज्यादा होने वाली है क्योंकि मात्र 5 6 लाख बच्चों के पेपर में इतनी ज्यादा गड़बड़ी हो गई तो जहां पर 2530 लाख का पेपर होगा सीजीएल का उसमें तो ये गड़बड़ी जो है वो

0:48 10 गुना ज्यादा बढ़ जाएगी। आप लोगों के लिए परेशानियां और ज्यादा बढ़ने वाली है। लेकिन इन परेशानियों का समाधान क्या है? हमने सारे समाधान के लिए सारे रास्ते खोजे। हर तरीका अपनाया। सारे रास्ते अपनाने के बाद हमें लास्ट में एक ही रास्ता नजर आया जो बच्चों ने चूज किया और बच्चों के ही चूज किए हुए रास्तों पे आज हम चल रहे हैं और आज आप लोगों को इस बात को जन-जन तक पहलाना है। जनजन तक पहुंचाना है। क्योंकि अगर यह बात हर बच्चे तक नहीं नहीं पहुंची और अगर हर बच्चा जागृत नहीं हुआ और हर बच्चा आज उठकर के नहीं आया तो आप लोगों की ये जीवन की आखिरी लड़ाई होगी सिस्टम के खिलाफ और एसएससी के खिलाफ कि एसएससी कभी सुधर पाएगा। अगर आज आप लोगों ने आवाज नहीं उठाई तो कभी भी यह मत सोचना कि एसएससी कभी सुधार कर पाएगा।

1:38 देखो भाई जैसे सर ने बताया और हमने अगर आप देखोगे ना काफी सारे एफर्ट्स रहे काफी सारी चीजें रही लेकिन हर जगह पे कहीं ना कहीं किसी ना किसी कारण से हम लोग पीछे होते रहे और यही आज कारण है कि बहुत सारे प्रयास करने के बावजूद भी अब तक हम कोई भी एक मेजर रिफॉर्म सिस्टम में लेके नहीं आ पाए। सारे के सारे बच्चे इकट्ठे हो लिए सारे के सारे टीचर्स। लेकिन मेरे भाई एसएससी सीजीएल का एग्जाम बाकी है। सीएचएसएल का एग्जाम बाकी है, एमटीएस बाकी है, सीपीओ बाकी है। यानी कि जो एसएससी के कोर एग्जाम्स हैं वो सारे के सारे होना बाकी हैं। और जिस आदमी की वजह से जिस ऑर्गेनाइजेशन की वजह से ये सारी दिक्कतें हुई थी वो ऑर्गेनाइजेशन, वो कंपनी आज भी वैसे के वैसे पेपर कराने वाली है। जैसे कि उसने रीसेंट में सिलेक्शन पोस्ट का एग्जाम हुआ या फिर आपका स्टेनो का पेपर हुआ। वो

2:23 सारे के सारे कराए हैं और अगर सेम ही पर्सन उसको कराएगा तो 1 महीने के अंदर नई-नई बिल्डिंग्स नहीं खड़ी हो जाएंगी। 1 महीने के अंदर नया-नया इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं लग जाएगा। जिस कंपनी ने एनटीए का टेंडर 2021 में मिलने के बाद से अगर आज तक इतना इंफ्रा नहीं बना पाए जहां पर वो 3 सा 3 लाख लोगों का पेपर भी ढंग से कंडक्ट करा पाए। तो क्या गारंटी है कि वह इस 1 महीने के समय में जो कि एसएससी ने हम सबको पागल बनाने के लिए और बच्चों को पागल बनाने के लिए 1 महीने का जो समय लिया ये क्या गारंटी है कि इसमें सब सही हो जाएगा और जैसे कि आपको पिछले इतने सारे टाइम से आदित्य सर ने भी बाकी सारी जगह से भी आपको उड़ती उड़ती बहुत सारी खबरें आई होंगी कि ये देखो रिमोट एक्सेस होता है। ये देखो यहां पे कैंडिडेट स्वाइपिंग होती है और ये सारी चीजें क्या सही हो गई? क्या सारा सिस्टम सही हो गया? आज भी अगर आप लैब जाओ और जगह-जगह लैब्स में जाकर बात करो ना तो

3:10 आपको वहां पर चार-चार दलाल मिल जाएंगे खड़े कि हां भाई आपका हम सारा का सारा यह काम करवा देंगे। आप बस हमें ये ये ऐसे कर देना सारी चीजें हम करवा देंगे। तो अगर इतना खराब सिस्टम है तो सीजीएल का एग्जाम जिस दिन होगा और मेरे भाई आप ना पीछे मुड़ के देख लेना। इतने सारे साल हो गए आप मुझे एक ऐसा एग्जांपल बता दो जहां पे कोर्ट ने या किसी भी रीजन से एसएससी ने अपनी हार मान ली हो और पेपर दोबारा कराया हो। अगर पेपर हो गया तो हम सब लोगों के हाथ से सब कुछ निकल जाएगा। यानी कि दिस इज द लास्ट टाइम। दिस इज द लास्ट टाइम। यही हमारा अंतिम मौका है। और यही हमारा सबसे बड़ा मौका है कि अगर आज आवाज नहीं उठाई तो जीवन भर जब आपके बच्चे भी होंगे ना तो वहां पे एक रिग्रेट कर रहे होंगे कि अगर उस दिन आवाज उठा ली होती तो हो सकता है कि आज मैं सरकारी नौकरी में होता और यहां पे मुझे खेतों में पानी नहीं लगाना पड़ रहा होता।

3:57 तो मेरे भाई आज ही वो समय है कि आप सबको इस खराब सिस्टम के खिलाफ में ये जितना ज्यादा एग्जाम में रायता फैला है ये जितनी ज्यादा चीजें खराब हुई है उस सबके खिलाफ में आवाज उठानी है एंड रिमेंबर वन थिंग हम जब तक अब तक सुन रहे थे ना सारा न्यूज़ मीडिया देखा सब कुछ देखा आपने वहां पे सिर्फ आप को ना ये सिस्टम में खराबी है सेंटर दूर हैं सेंटर खराब है ये सब सुना होगा असली गेम तो पर्दे के पीछे चल रहा है और वो किस पर्दे के पीछे चल रहा है चेयरमैन साहब ने कुछ कहा था कि दीवार के उस पीछे क्या चलता है हमको नहीं पता तो बेटा आज अगर वो गेम बदलना है तो हम सबको हर एक हिंदुस्तानी को साथ आना पड़ेगा और उसी चीज के लिए आपका ये वीडियो है। शुरू से लेकर लास्ट तक देखिएगा और आदित्य सर की एक-एक बात को बड़े ध्यान से सुनिएगा क्योंकि ये वीडियो आप सभी लोगों के लिए और इस पूरे के पूरे भारत देश के लिए बहुत जरूरी होने वाला है। >> मैम को दे दो।

4:44 बिल्कुल जैसा कि देखिए आप सभी को यहां पर सर ने बताया बहुत सारी चीजें ऐसी हैं जो आपके सामने नहीं है और उसके लिए अगर कोई एक अकेला व्यक्ति यहां पर आकर के आपके सामने इतना कहते हैं ना कि उसके अंदर इतनी ताकत है और वो सिर्फ इतनी हिम्मत रखता है कि आपके सामने हर चीज प्रकट कर पाए तो दुनिया उसे गलत साबित करने में लग जाती है। लेकिन जंग वहां नहीं रुकती है जहां पर दुनिया उसके अगेंस्ट हो जाए। जंग वहां से शुरू होती है जब वह और डबल मेहनत करके और बहुत सारी चीजें आगे लेकर के आपके सामने आता है क्योंकि लड़ाई आपकी है। लड़ाई आपके हक के लिए है और यह लड़ाई तब तक चलती रहेगी जब तक आपके साथ यहां पर जो गलत हुआ है वो चीजें सही नहीं हो जाती। तो इतना ही कहूंगी कि आज जो भी आप लोगों को इस वीडियो में बताया जाएगा वो चीजें आपके आने वाले भविष्य के लिए इतनी ज्यादा लाभदायक होने वाली है कि आप भी सोचेंगे कि अगर हम इस समय पर कदम नहीं उठाते हैं तो आगे कभी भी

5:29 आप जिस सरकारी अफसर बनना बनने का सपना यहां पर देख रहे हैं वो शायद ही आगे कभी यहां पर पूरा हो पाए। तो बस इस वीडियो को अंत तक देखिएगा और बाकी सारी चीजें यहां पर सर से जानेंगे। >> ठीक है मैं बताता हूं। ज़ूम आउट करो। >> वहां से जय हिंद दोस्तों स्वागत है मेरे भाई आप सभी का आपके अपने परिवार में और जैसे कि पिछले काफी समय से आप सभी लोगों ने यहां एसएससी में हो रही हर एक कमियों को देखा कि किस तरीके से सिलेक्शन फेज 13 में कैसे रद्दी रद्दी सेंटर देकर के यहां बच्चों के भविष्य के साथ में खिलवाड़ किया गया। कैसे स्टेनो में यहां पर झूठा वादा किया गया कि इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। लेकिन उसके बाद भी 400 400 500 500 कि.मी. दूर भेज के बच्चों के साथ में मजाक किया गया। उनके यहां पर करियर को कहीं पर दांव पे लगा दिया गया। कैसे उनके पेपर के अंदर में

6:16 वैसी चीजें पूछ ली गई जो सिलेबस का पार्ट नहीं थी। कैसे पेपर की सेटिंग हुई और इसके पूरे-पूरे सबूत मैंने आपको YouTube पर दिखा दिए थे। आज की वीडियो ऐसी होने वाली है जहां पर आपके पैर के नीचे से जमीन खिसक जाएगा। मैं आपको यह बात बता देता हूं। कुछ ऐसी चीजें आपके सामने में भी मैं रखूंगा जहां से आपका दिमाग खुल जाएगा कि भाई ये हो क्या रहा है? हम जा किस दिशा में रहे थे और कहानी यहां पर चल क्या रही है? आखिर ये सारी की सारी गड़बड़ियां हो कहां से रही है? और अगर इसके ऊपर में आप शांत हो गए तो मैं आपसे इतना कहता हूं मेरे भाई यहां पर कि आप फिर यह मान करके चलो कि आप सिर्फ तैयारी करने वाले भीड़ में रहोगे। सिलेक्शन वाली कभी भी यहां पर किस्मत आपकी नहीं होने वाली है। इस वीडियो को हर जगह पे शेयर करो क्योंकि इस वीडियो को डाउन करने की पूरी कोशिश की जाएगी अलग-अलग जगहों से। मैं यहां पर इतना बस आपसे कह सकता हूं। तो इसको जितना हो सकता है उतना शेयर करो। ज्यादा लोगों तक हो सकता है उतने ज्यादा लोगों तक मेरे भाई यहां पर

7:02 पहुंचाओ। बस मेरी इतनी आग्रह है और बाद में एंड में काफी सारे लोग भी आपके पास में आकर के बहुत सारी बातें भी आपको बताएंगे जो इसके रियल हीरो हैं और वो सारी चीजें कह पाएंगे। थोड़ा सा मैं आपको है ना रिवीजन कराता हूं और रिवीजन यहां पर कराता हूं पीछे से थोड़ा सा यहां कि हमने हाल फिलहाल एक वीडियो बनाई थी जो कि काफी ज्यादा चर्चा में थी और जिसमें हमने सारे सबूत खोले थे और हमने पूरा सिस्टम को एक्सपोज किया था और हमने एक-एक कारण वहां बताया था कि सेंटर हमारा दूर क्यों मिला था? सेंटर की हालत खराब क्यों है? सर्वर का इशू यहां बार-बार क्यों आ रहा है? कट ऑफ यहां ज्यादा क्यों जाता है? और सारी चीजें यहां पर और इसमें से एक भी समस्या का अभी समाधान नहीं हुआ है। सीजीएल में फिर से वह सारे के सारे सेंटर चुन लिए गए हैं। वहीं सेंटर पर फिर से पेपर दोबारा होने वाला है। फिर से सेंटर आपके दूर होने वाले हैं। वहीं कीचड़ भरे सेंटर, वहीं तबेला के ऊपर में सेंटर, वहीं आटा चक्की

7:48 के बगल में सेंटर, वहीं खेतों के बीच में सेंटर, वहीं पानी लगा हुआ सेंटर जिस पे तुम ट्रैक्टर से चल के जाओगे। फिर से दोबारा उनकी बुकिंग कर ली गई है और फिर से पेपर जो है तुम्हारा उसी के ऊपर में होने वाला है। फिर से वही सर्वर का इशू आएगा जहां पर तुम्हारा पेपर कॉम्प्रोमाइज्ड होगा और यहां तुम्हारे पास कभी भी सिलेक्शन सही तरीके से नहीं आ पाएगा। इसको लेकर के हमने पूरा-पूरा मेल भी दिखाया था उन कंपनीज़ का जिसका मेरे भाई यहां पर पूरा ठेका दिया गया, कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। वहां पर हमने लेकर के रेट को भी पूरा-पूरा डिस्क्लोज किया था और बहुत तरीके से हमने बताया था कि कैसे रुपया एडिक्विटी के पास में कितना जाता है और आने वाले नीचे वाले सेंटर्स को वो कितना पैसा देती है और चकि प्रॉफिट और लॉस के ऊपर में ये पूरा-पूरा पैनल चलता है तो उसको यहां पर मैनेज करने के लिए वो दो काम करते हैं। एक स्टूडेंट की स्वैपिंग और दूसरा दूसरा रिमोट एक्सेस

8:34 यहां पे। रिमोट एक्सेस को लेकर के मैंने पूरा बढ़िया तरीके से आपको एक-एक कैंडिडेट के फोटो दिखाए थे कि कैसे यहां पर जो है रिमोट एक्सेस का ये पूरा-पूरा शीट था। जहां एक-एक सिस्टम का मैंने IPपी एड्रेस तक भी दिखा दिया था। आप ये मान कर के चलिए। हलवा नहीं था IPपी एड्रेस दिखाना। हलवा नहीं था इसको मेरे भाई यहां पर खोजना। और मैंने तब भी कहा था कि मेरे पास में जो चीजें हैं उसकी तो ये चंद सबूत है। बाकी चीजें तो बहुत बाद की बात है। उस समय भी मैंने आपको काफी सारे हिंट दिए थे। जो समझदार लोग पकड़ पाए थे तो बेहतर था। जो नहीं पकड़ पाए आज उनको खोल के रख दूंगा मैं। ठीक है? उस समय हमने एक-एक बच्चों का यहां पर ये पूरा-पूरा डिटेल दिखाया था जो कि अपने आप में एक काम बात नहीं है। क्योंकि जब से नया वेंडर हमारा एडिक्विटी आया तो उसने यहां पर यह कह दिया कि भैया देखो हम यहां स्टूडेंट स्वाइपिंग को रोकने के लिए एसएससी ने ये कदम उठाया रोकने के लिए यहां पर जो कैंडिडेट का फॉर्म भरते वक्त में फोटो होगा और जो सेंटर के वक्त

9:20 में फोटो होगा वो दोनों सेम होगा और यहां पर इस तरीके से हम इसको रोक पाएंगे। लेकिन अगर आप इसको रोक पाते तो किसी के सिस्टम का लिया हुआ फोटो मेरे WhatsApp तक कैसे पहुंचता और यहां पर आपके सामने हम ये सिस्टम पर कैसे लगा पाते। तब भी हमने कहा था कि मेरे पास में सैकड़ों की संख्या में ये सारे के सारे फोटो हैं। दिखा मैं यहां पर चल रहा हूं। इसी तरीके से मेरे भाई स्टूडेंट का जो स्वैपिंग है वो पूरी कोशिश की गई स्टेनो के पेपर में भी। पूरी कोशिश हुई मेरे भाई यहां पर एसएससी फज़ 13 में भी और सेम कोशिशें आपकी पूरी की पूरी होंगी यहां सीजीएल के पेपर में भी। इसमें एक सर्वर भी था सीक जो इसको हिंडर कर रहा था, रोक रहा था। सीडेक को हटा दिया गया पूरी तरीके से स्टेट में जहां पर एक पूरा खुला मौका मिल जाता है रिमोट एक्सेस का जहां से बच्चा मतलब पेपर किसी और का है और दूर से पेपर उसके जगह पर कोई और दे पाएगा। आज के समय कंपटीशन जनरल अच्छे बच्चों में नहीं है कि हां जिसने ज्यादा पढ़ा है तो

10:06 सिलेक्शन वो लेके जाए। कंपटीशन सारा का सारा सॉल्वर लोगों के बीच में हो गया है। यकीन मानिए एक ऐसी खबर भी हमारे पास में आई जो कि प्रशांत सर ही खुद बता रहे थे कि सर स्टेनो के पेपर में अगर 3000 सीट है ना तो 4000 सॉल्व बैठे हुए हैं और 4000 सॉल्व में ये बात की होड़ लगी हुई है कि यहां पर ज्यादा क्वेश्चन जो कौन जल्दी सॉल्व कर पाएगा? कौन एi और Google का मदद लेकर के ज्यादा नंबर ला पाएगा। अब ऐसे केस में आप मुझे बता दीजिए कि जेन्युइन कैंडिडेट का सिलेक्शन कैसे होगा? इस बात के साक्ष्य भी हैं। कुछ कॉल रिकॉर्डिंग्स भी थे, वीडियोस भी थे। लेकिन वह पब्लिकली हम आपको नहीं दिखा सकते हैं। जब जरूरत पड़ेगी, जहां जरूरत पड़ेगी, तो वह सारी चीजें आपको दिखाई जाएंगी। एक-एक करके हम उन सेंटर्स का सारा का सारा नाम निकालते हैं। और नाम निकालने के दौरान अब मैं आपको वो चीज दिखा रहा हूं जो कि आपका दिमाग हिल जाएगा। आप लोगों ने यहां सुना कि सर ने जो है दो लोगों से मीटिंग कर ली। सर ने यहां फाइव

10:52 स्टार होटल में मीटिंग कर लिया। सारी बातें आपने सुनी और इसमें कहीं पर कोई दो मत की बात नहीं थी। मैं बताता हूं मीटिंग हमारी क्या हुई? किससे हुई और यहां जड़े जो है कितनी खराब थी। मैंने तब भी यहां पर यह बात कहा था अगर आपको थोड़ा सा ध्यान होगा कि जो पेपर होता है बच्चे यहां पर वो एक कंपनी थी जैसे काफी असेस इंफ्रा एक कंपनी है ए डबल एस सी डबल एस और इंफ्रा ऐसे करके और एक वसिस्को टेक्नोलॉजी लिमिटेड ये कंपनी है। अब ये दोनों के दोनों मेरे भाई पेपर को कंडक्ट करवाते हैं और इनके सेंटर के हालत यहां पर क्या है आपने वह भी देखा। जो मीटिंग हुई थी वो इस बात को लेकर के हुई थी यहां पर कि हम जो है बढ़िया तरीके से सारे पेपर कंडक्ट कराना शुरू करेंगे। आप हमें और ना लताड़िए। आप हमारे ऊपर में वीडियो ना बनाइए। लेकिन फिर से जैसे उन्होंने मेरे भाई सारे के सारे सेम सेंटर बुक किए हैं। तो अब मेरे भाई यहां पर ये कहना बहुत जरूरी है। दो बार मैं वीडियो में हिंट दे चुका था कि

11:37 अगर आप इनके बारे में पता लगा सकते हैं तो आप पता लगा लीजिए। अब मैं आपको थोड़ा सा हिंट देता हूं कि ये जो वेंसिस्को कंपनी है उसके यहां पर ये चेयरमैन है, मालिक हैं। ठीक है? नाम है विकास दुबे यहां पे और बहुत बढ़िया तरीके से ये अपनी कंपनी चलाते हैं। लेकिन कंपनी के अंदर में क्या होता है इन्हें खुद नहीं पता। आप ऐसे मान के चलो। ऐसे सेंटर मिल रहे हैं जहां पर बच्चों का एकदम नरक सा हालत हो रखा है। ऐसी हालत हो गई है कि भाई सेंटर तक पहुंचते-पहुंचते बच्चा मतलब पेपर देने की स्थिति में रहता ही नहीं है। और हमने यहां पर क्या सोचा कि सारी गड़बड़ियां जो है वो तो नीचे यहां पर वेंडर वालों के हाथ में है। तो हम यहां पर डीओपीटी मिनिस्टर से मिलेंगे और वहां से हम यह बातें कहेंगे। उनसे हम सारी की सारी बातें अपने सामने रखेंगे तो क्या पता यहां पर वो एक्शन ले ले। ठीक है? ठीक है? और इसके लिए हमारे शिक्षक मीटिंग भी करते हैं डीओपीटी मिनिस्टर से। बट पहले भी मैंने यह बात कहा था कि यह कहीं पर भी सार्थक नहीं था। क्योंकि हमारे भाइयों को, हमारे शिक्षकों

12:24 को, हमारे कलीग्स को यह लगा कि वो मिलना ही अपने आप में एक बहुत बड़ी जीत है। और तब भी हमने कहा था कि यहां पर यह जो है बहुत एक छोटी सी चीज थी। मैं आपको बताता हूं वो छोटी चीज क्यों थी। एक ऐसी फोटो आपके सामने अभी मैं रखता हूं जहां पर आपके थोड़े से मेरे भाई अंदर आत्मा तो हिल जाएगी और आप विश्वास हो सकता है आपका उठ भी जाए। ठीक है? ये जो सारा का सारा गड़बड़ी है ये सारे के सारे जिम्मेदार कौन है मेरे भाई सारे के सारे सेंटर्स वाले और जिम्मेदार क्यों है क्योंकि ये कहां से निकल कर के आ रहा है एडिक्विटी से निकल कर के आ रहा है पेपर की जिम्मेदारी किसको दी गई है एडिक्विटी को दी गई है एडिक्विटी ही सही तरीके से पेपर करवा रही तो इनकी क्या मतलब यहां गलती है अब अगर हम बात करें यहां पर तो ये भाई साहब आप जिनके खिलाफ में आवाज उठाने जा रहे हो ना जरा एक बार आप यहां पर देख लो कि वो यहां पर किसके साथ में ठीक है कहां तक की पहुंच रखते हैं मैं आपको बता दूं जिन डीओपीटी मिनिस्टर से

13:11 हमारे सारे सारे के सारे टीचर्स मिलने गए उन डीओपीटी मिनिस्टर से उनके मिलने के बहुत पहले से ही यहां पर यह भाई साहब मिलते हैं। ठीक है? और बढ़िया तरीके से अपनी दोस्ती यारी भी है, सारी चीजें भी है और उसके बाद में यहां पर ये अपना टेंडर भी लेते हैं। मैं यह नहीं कह रहा हूं यहां पर कि सरकार को ये सारी कमियां पता है। लेकिन मेरा इनसे आग्रह जरूर होगा कि अगर आपने इनके ऊपर में विश्वास दिया है, दिखाया है और आपने अगर इनको टेंडर दिया है तो जरा इस बात की नैतिक जिम्मेदारी भी बनती है कि जिनको हमने टेंडर दिया क्या यहां पर वो पेपर सही तरीके से करा रहे हैं। हम कहां पर आग्रह करने गए थे? हम अपने मिनिस्टर साहब से आग्रह करने गए थे। और क्यों करने गए थे? क्योंकि इनको चुनकर के हमने भेजा वहां पर कि यह हमारे लिए काम करें। बच्चों के हित के लिए काम करें। जनता के लिए यहां पर काम करें। लेकिन मेरे भाई चीजें कुछ और ही बयान हो गई। और अगर इतने लेवल की गहरी-गहरी चीजें हैं जहां पर पहुंच इतनी

13:58 खतरनाक है। पहुंच इतनी मेरे भाई यहां पर गहरी तक है। पहुंच इतनी नीचे तक है। मुझे यहां पर काफी लोगों ने कहा सर आप बेकार में पंगा ले रहे हैं। सर आप बेकार में इतना गहरा ही घुस रहे हैं। सर आप बेकार में यहां रिस्क ले रहे हैं। मत करिए ऐसा मत करिए ऐसा। बट मैं आपको एक बात बता दूं क्या लगता है आपको? क्या आपको Twitter कैंपेन से जीत मिल जाने वाली है? क्या आपको लगता है मेरे भाई यहां पर कि छोटा-मोटा आप हड़कंप मचा लेंगे और उसके बाद में यह पूरा जो वेंडर है आपका हट जाएगा? लिखित रूप में देता हूं मेरे भाई यहां पर ऐसा कुछ भी नहीं होने वाला है। जब तक आपकी आवाज बुलंद नहीं होगी जब तक आप अपनी आवाज को बहुत ऊपर तक लेकर के नहीं जाओगे। जड़े इतनी गहरी हैं तुम उखाड़ते उखाड़ते सात जन्म ले लो। कुछ नहीं कर पाओगे। कुछ नहीं कर पाओगे। मतलब कुछ नहीं कर पाओगे। मैं तुम्हें लिखित रूप में यह बात देता हूं। जहां तक तुम पहुंचोगे वहां तक कि इनकी जड़े बहुत अंदर तक है। सारी बातें मैं नहीं कह सकता। यहां बस तुम इतने

14:45 समझदार हो और ऐसा नहीं है कि यह सिर्फ मुझे पता है। बहुत सारे लोगों को पता है। लेकिन उसके बाद में यहां पर इन्होंने हिम्मत नहीं दिखाया कि आकर के वो YouTube पर ये सारी बातें कह पाए। तो हमने मेरे भाई एक ही बात अब सीधा-सीधा सोचा है कि जो हमारा एक संवैधानिक तरीका है, जो हमारा एक वे है वो है हमारा प्रोटेस्ट और प्रोटेस्ट के माध्यम से हम अपने मिनिस्टर साहब हो गए और बाकी जो है हमारे मोदी जी हो गए। बाकी हमारी पूरी की पूरी सरकार हो गई। उस तक हम अपनी आवाज पहुंचाएं कि यहां पर यह जितनी गड़बड़ियां हो रही हैं उसको ठीक किया जाए। क्योंकि सीजीएल का पेपर आप मेरे से आज लिखित रूप में ले लो। कहीं पर भी किसी भी तरीके से तुम्हारा सही नहीं होगा। सेम सर्वर इशू आएगा। सेम सेंटर इशू आएगा। सेम सब कुछ होगा। और मैं तुम्हें इंटरनली ये बात बता रहा हूं। बाकी तुम्हारे ऊपर भी। अब प्रोटेस्ट को लेकर के भी सारा-सारा बात आया कि भाई प्रोटेस्ट करे तो कह रहे कैसे? सरकार ऐसी है कि प्रोटेस्ट करने ही नहीं

15:31 देगी। सरकार ऐसी है कि यह चीज नहीं होने देगी। ऐसा बिल्कुल भी नहीं है मेरे भाई यहां पर कुछ जांबाज लोगों ने कुछ हिम्मत दिखाने वाले लोगों ने एड़ी चोटी की जोर लगा करके प्रोटेस्ट की जितनी संभावना हो सकती थी वो सारी की सारी मेरे भाई यहां पर उन्होंने फुलफिल की और परमिशन ले के यहां पर आए और एकदम बाजी जीत करके आए। आज हमारी एक छोटी सी जीत है कि हमारे पास में आज हर डिपार्टमेंट का मेरे भाई परमिशन है और प्रोटेस्ट का है। सबसे पहले एमसीडी के अंदर में एक हॉर्टिकल्चर डिपार्टमेंट आता है। वहां पर मेरे भाई परमिशन लिया गया। आप पूछ रहे थे कि इतने दिन से शांत क्यों हो गए? आप इतने दिन से ठहर क्यों गए? ठहरे नहीं थे मेरे भाई। अगर दो कदम शेर पीछे लेता है तो इसका मतलब ये नहीं है कि वो डर गए इसका मतलब ये है कि छलांग बहुत बड़ी होने वाली है। हमें इतना समझ में आ गया था कि ये हो हल्ला से काम नहीं चलने वाला। एक संवैधानिक तरीका अपनाना पड़ेगा जिसमें यहां सरकार को भी कोई दिक्कत ना हो। हमारे

16:18 बच्चों को भी कोई दिक्कत ना हो। हमें यह भी ध्यान रखना था कि किसी बच्चे के ऊपर में कारवाई ना हो। हमें यह भी ध्यान रखना था मेरे भाई यहां पर कि किसी बच्चे का सिर ना फूटे। किसी के ऊपर एफआईआर ना हो। किसी के ऊपर लाठी ना चले। हमें यह भी ध्यान रखना था कि सरकार यहां पर कोई गलत ना करे। और मिलकर के मेरे भाई यहां पर बच्चों ने बहुत शानदार तरीके से मेहनत करके पूरा का पूरा यहां परमिशन वो लेकर के आए। पहले परमिशन मिला एमसीडी से फिर डीसीपी ऑफिस में रिक्वेस्ट डाली और डीसीपी ऑफिस रिक्वेस्ट डालने के बाद में तब यहां पर फिर फाइनल हमारे पास में एमसीडी का परमिशन आ चुका है कि जी आप दिल्ली के सबसे बड़े मैदान रामलीला मैदान में धरना दे सकते हैं और वहां से बात अपनी सरकार तक पहुंचा सकते हैं और यह सरकार को वहां झुकना पड़ेगा। आज हमारे पास में दिल्ली के एमसीडी ऑफिस से परमिशन है। दिल्ली के डीसीपी ऑफिस से परमिशन है। सिक्योरिटी चार्जेस पे हो चुके

17:04 हैं। सब कुछ यहां पर हो चुका है और पूरा मैदान मेरे भाई यहां तैयार हो चुका है। मैं आपको इस बात को बता दूं और परमिशन साफ तौर पर मैं आपको दिखा दूं। हम कहीं पर भी कोई भी काम इललीगल नहीं करेंगे जिससे हमारे बच्चों के ऊपर में बात आए और इस एडिक्विटी को हटा करके रहेंगे। एक ऐसी संस्था यहां पर जिसने बच्चों के साथ मजाक किया है, खिलवाड़ किया है, यहां पर कहीं ना कहीं उनके साथ में धोखा किया है। उसको हटाने की बारी अब आ चुकी है। उसको जड़ से उखाड़ने की बारी आ चुकी है और उसको हम लोग नहीं छोड़ेंगे। पीछे से पूरी तरीके से आदमी इसमें लगा हुआ था और मैं आपको बताऊं दिल्ली के इतिहास में अन्ना के आंदोलन के बाद में यह दूसरा एक ऐसा आंदोलन होने वाला है रामलीला ग्राउंड में जिसकी परमिशन मिली है। सबसे बड़ी बात। दूसरी बात पूरे भारत में दिल्ली में अगर हम बात करें तो बच्चों का यह सबसे

17:49 बड़ा आंदोलन होने वाला है जो किसी संस्था के खिलाफ है। जो उनके यहां पर हो रही कमियों के ऊपर में खिलाफ है जो उनके साथ हो रही है नाइंसाफी के ऊपर में खिलाफ में है। और ये सारा का सारा परमिशन मिल चुका है। और जगह कहां है? डेट कहां है? मैं बता देता हूं। 24 अगस्त को यहां पर डेट मिला है। 24 अगस्त से लेकर के आप आगे तक कंटिन्यू कर सकते हैं। लेकिन एक महाशक्ति प्रदर्शन करने की आवश्यकता है जो आप सभी मिलकर के करेंगे। सभी शिक्षक मिलकर के करेंगे। सभी बच्चे मिलकर के करेंगे और वो करेंगे 24 अगस्त सुबह 9:00 बजे से जगह कहां पर होगी तो रामलीला मैदान और कहां पर है तो यह दिल्ली में नियरेस्ट मेट्रो स्टेशन मेरे भाई नई दिल्ली मेट्रो स्टेशन है येलो लाइन में मेरे दम पर जो हो सकता था मेरी टीम के दम पर हो सकता था इन बच्चों के दम पर जो हो सकता था इन्होंने आकाश पाताल एक करके वो चीज खोद करके निकाली है और आपके सामने रखा है। अब मेरे

18:35 भाई ये आवाज आपकी है कि क्या आप बैठकर के मुखदर्शक बनना चाहते हैं और आप ये देखना चाहते हैं कि कैसे सॉल्वर लोग आपस में कंपटीशन करके कट ऑफ को बढ़ा करके नौकरी लेकर चले जाते हैं और तुम मासूम बेचारे यहां पर बैठकर के अपने घर में एक सरकारी नौकरी का आस देखते रह जाते हो लेकिन 4 साल तक तुम्हारा सिलेक्शन नहीं होता है। अगर तुम इसी में जीना चाहते हो तो अपने घर में बैठो। लेकिन अगर तुम यहां पर अपने हक की लड़ाई लड़ना चाहते हो तो तुम्हें यहां पर 24 अगस्त 9:00 बजे रामलीला मैदान पर आना पड़ेगा और यहां पर सरकार तक अपनी आवाज पहुंचानी पड़ेगी। उसी को हटाना पड़ेगा। इसके अलावा जीवन में तुम्हारे पास में ऐसा मौका नहीं मिलने वाला है। कितनी विनतियां करनी पड़ी, कितने जुगाड़ लगाने पड़े, कितने सेटिंग करनी पड़ी? क्या-क्या नहीं करना पड़ा मेरे भाई ये सारे के सारे परमिशंस के लिए वो हम लोग जानते हैं। और इस परमिशन के साथ में हम आप लोगों के लिए बहुत सारे सवाल हम आपको क्लियर करने वाले हैं। सबसे पहला मेरे भाई जो नैरेटिव सेट

19:21 कर दिया गया कुछ लोगों बेवकूफ लोगों के द्वारा कि बच्चों के ऊपर में एफआईआर करने के लिए आप उनको बुलाते हैं। मेरे भाई अगर ऐसा हो गया कि लोग एफआईआर के डर से जाने धरने पर बंद कर दिए ना तो मेरे भाई वैसे केस में सरकार इतनी मजबूत हो जाएगी कि वो जो करना चाहेगी वो वो कर देगी। भूलिए मत किसान आंदोलन में यहां पर ढाई साल तक बॉर्डर पर लोगों को बैठना पड़ा था। तब जाकर के वो बिल वापस हुआ था। अगर नाइंसाफी के खिलाफ लोग यह डरने लगे नहीं हम तो बाहर निकलेंगे तो हमारे ऊपर में एफआईआर हो गया। हमारे ऊपर में कंप्लेन हो गया तो लोग आवाज उठाना बंद कर देंगे। लोग जिल्लत की जिंदगी जीना शुरू कर देंगे। सरकार दबाना शुरू कर देगी वहां पर। और वैसे केस में तुम्हें वो कबूल करना पड़ेगा जो कि मेरे भाई तुम्हारे उसूलों के खिलाफ है। और जो कहीं ना कहीं संविधान के खिलाफ है। तुम कोई ऐसी चीज तो नहीं मांग रहे कि हमको 10 मंजिला मकान बना करके दे दो। भाई तुम्हारी मांग क्या है? सिर्फ वहीं की फेयर एग्जाम हो और इसमें

20:07 गलत क्या है? और रही बात एफआईआर की तो एफआईआर उनके ऊपर में होता है जो उपद्रव करते हैं। आप तो शांतिपूर्ण तरीके से करने की बात कर रहे हैं ना और धरना भी आप जो देंगे वह शांतिपूर्ण तरीके से देंगे। तो किस तरह का एफआईआर आपके ऊपर में होने वाला है? जरा यह बताइए। डरने की बात वही करते हैं जिनके अंदर में जिगरा नहीं होता है। जिनके ऊपर कलेजा नहीं होता है। जो सामने आकर के बातें नहीं रखना चाहते। चार वीडियो बनाना चाहते तो वो काम आपको नहीं करना है। एफआईआर किसी के ऊपर में नहीं होगा। इस बात की जिम्मेदारी मैं आपको देता हूं। दूसरी अगर हम बात करें यहां परमिशन है या नहीं? साउंड कम करो ना वहां से। परमिशन मेरे भाई यहां पर है या नहीं वो पूरी तरीके से हमने दिखा दिया कि शायद ही कोई ऐसा डिपार्टमेंट हमारे पास में बचा है जहां से मेरे भाई ना हो परमिशन हमारे पास में हर डिपार्टमेंट से है हर जगह से है ठीक है क्या करना है मेरे भाई यहां पर आपको पता ही है सीधा एडिक्वटी को हटाना है बीच में कोई बात नहीं होगी और

20:53 इसके अलावा और भी काफी सारी चीजें हैं जो प्रोटेस्ट के अंदर में जो पर्चे हैं जो घूमेंगे सर्कुलेट होंगे हर एक चीज होगी वहां पर आपको बताया जाएगा इसके अलावा अगर हम बात करें तो क्या जीत मिलेगी बिल्कुल जीत मिलेगी जीत मिलने के लिए तो सारे के सारे इकट्ठा इठा हो रहे हैं। जीत मिलने के लिए तो हम यहां पर सारा का सारा आह्वान कर रहे हैं। जीत मिलने के लिए तो ये हम लड़ाई लड़ रहे हैं। नहीं तो मेरे भाई क्यों लड़े हम? आपको पढ़ने में मजा आता है। हमें पढ़ाने में मजा आता है। मिलकर के यही काम करेंगे। लेकिन ये पढ़ना और पढ़ाने का फायदा होगा ही क्या जब रियल सिलेक्शन नहीं होगा तो क्या फायदा होगा मेरे भाई यहां पर? आप मुझे यह बता दो। ठीक है? और सबसे बड़ी बात कि व्यवस्था है या नहीं? कुछ लोग ये भी ध्यान रखते हैं। तो भाई मेरे ऐसा नहीं था कि रात में सपना आया और सुबह परमिशन का आर्डर मिल गया। एक-एक चीज के ऊपर में काम हुआ। हजारों की संख्या में वालंटियर्स हमारे साथ में जुड़े हैं जो इस पूरी तरीके से इसको पूरा लीड कर रहे हैं। आपके पास में दिल्ली पुलिस का परमिशन है।

21:40 आपके पास में एमसीडी का परमिशन है। वहां पर आपके पास में पूरा प्रॉपर टेंट लगा हुआ मिलेगा। माइक मिलेगा, चटाई लगी हुई मिलेगी। उसके पास कूलर होगा, पंखे होंगे, सारी चीजें होंगी। खाने की व्यवस्था भी रखी गई है कि जो बच्चे दूर-दूर से हैं उनको अलग-अलग जगह पर जाकर के खोजना ना पड़े कि खाना कहां मिलेगा। पानी की पूरी व्यवस्था और यहां पर यह मैं नहीं यहां पर आपके सारे संस्थान इसको मिलकर के कर रहे हैं। किसी संस्थान ने खाने की जिम्मेदारी उठाई है। किसी ने पानी की जिम्मेदारी उठाई है। किसी ने टेंट की जिम्मेदारी उठाई है। और ये काफी समय तक की जिम्मेदारी उठाई गई है। एंबुलेंस की व्यवस्था है, डॉक्टर की व्यवस्था है, फायर ब्रिगेड की व्यवस्था है, वालंटियर की है, मीडिया की है। सारे शिक्षक आपके पास मौजूद होंगे। ग्राउंड स्टाफ आपके पास मौजूद होगा और पूरी तरीके से फुल प्रूफ तरीके से मेरे भाई यहां पर यह आंदोलन होने जा रहा है। डेट क्या है? 24 तारीख। एक बार डेट कमेंट बॉक्स में लिख

22:25 करके बताओ जल्दी से बताओ मेरे भाई यहां पर क्या है? ठीक है? तो आप में से यह बता दो मेरे भाई कितने लोग तैयार हैं यहां पर 24 तारीख को लेकर के। कितने लोग मेरे भाई जमीर उनका जिंदा है? कितने यहां पर कलेजे वाले लोग हैं जो यह कह रहे हैं कि सर हम 24 तारीख को आएंगे। किसी भी सूरत में सभी शिक्षकों से मेरा आवाहन है। सभी से मेरी हाथ जोड़कर के विनती है मेरे भाई यहां पर क्लास ना चलाएं। पढ़ाना सबको अच्छा लगता है। यकीन मानिए। लेकिन अगर सिस्टम के इतने लूप होल के बाद में अगर आप पढ़ा रहे हैं तो यह साफ इंडिकेशन दे रहा है कि आपको अपने धंधे से मतलब है। आपको अपने पैसे से मतलब है। आपको बच्चे के भविष्य के साथ में कोई मतलब नहीं है। लोगों ने यह बात कहा ना कि जी हमें जानकारी नहीं मिली। लोगों ने यह बात कहा ना कि हमारे पास में खबर नहीं था। लोगों ने यह कहा ना कि हमें कुछ पता नहीं था। लोगों ने यह कहा ना कि जी कोई परमिशन नहीं था। सब कुछ ला के रख दिए हैं। सब कुछ आपके

23:12 सामने ला के मेरे भाई यहां पर रख दिए हैं और सब कुछ है। अब इसके बाद में अगर कोई हमारे साथ में नहीं जुड़ता है तो यह मान करके चल लेना कि उसकी मंशा कभी साथ में जुड़ने की थी ही नहीं। उसकी मंशा खाली वीडियो वीडियो खेलने की थी। मेरा यहां पर मौजूद हर एक टीचरों से मेरे भाई यहां पर आह्वान है। हर एक टीचरों से रिक्वेस्ट है। चाहे वो खान सर हो, चाहे वो अभिनय सर हो, चाहे राकेश यादव सर हो, चाहे वो नवीन सर हो, अंकित भाटी सर, आरडब्ल्यू की पूरी टीम हो, उत्कर्ष क्लासेस पूरी हो। नियन क्लासेस के राजा सर हो, पवन राव सर, गगन प्रताप सर, भूके सर, आभास सैनी सर, रेमो सर, मोहित गोयल सर, एस के झा जो कि पटना से आए थे। एक बार पटना के भी सभी शिक्षकों से मैं आवाहन करूंगा कि बेशक आप रेलवे पढ़ाते हैं। मैं मानता हूं यहां पर। लेकिन अगर एक जगह पर आपको जीत मिल गई ना तो इसी के साथ प्रेरित हो करके आप लोग भी अपने-अपने जगह पर जीत लेंगे और जब आप बुलाएंगे ना तो हम सारे के सारे हम ही

23:57 वहां पहुंचेंगे। मायने यह नहीं रखता कि कौन किस विषय का शिक्षक है। मायने यह नहीं रखता कौन किस एग्जाम का शिक्षक है। मायने ये रखता है कि हम शिक्षक हैं और बच्चों के साथ में जब जब गलत होगा तो हमारी ये नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम उनके साथ में खड़े मिले हैं। हमने जिन-जिन से संपर्क किया सब ने एक ही बात का। सर आगे की प्रक्रिया क्या है? स्टेप्स क्या है? वो तो बताइए। अब सब कुछ आपके सामने है। विपिन सर हमारे हो गए। बहुत अच्छे मित्र हैं। ये भी बहुत अभी हाल फिलहाल हमारे साथी डिटेन हुए थे। अच्छा खासा समय इनके साथ में गया। रोशन सर ज्ञान बिंदु के फिजिक्स वाला के यहां पर जो है अलख पांडे सर हो गए। ओझा सर, अभिषेक ओझा भाई हमारे वीरेंद्र चौहान सर बहुत मेहनत की इन्होंने। अंकित अवस्थी सर, विकास देव कीर्ति सर, रानी मैम, नीतू मैम बिल्कुल नीतू मैम आपसे भी बहुत हमारी आग्रह है। आपसी की बातों को हम लोग छोड़ते हैं ना। जो हुआ वो खत्म करते हैं ना यहां पर। आप बात को मानिए यहां पर हम सब जो है एक ही सूत्र से बंधे हुए हैं। एक ही माले

24:43 से बंधे हुए हैं और वह हमारा सारा का सारा बच्चा है। अभिनय सर, राकेश सर, नीतू मैम तीनों से मेरा यहां पर विनती है। एक ही बात की विनती है कि आप बच्चों के लिए सामने आइए। आप यहां पर दिखाइए कि आपके अंदर में जो है बच्चों के लिए कितनी प्रेरणा भरी हुई है। आपका जो हमेशा आप कहते हैं कि हमने इस आंदोलन इस आंदोलन इस आंदोलन में यहां पर सहयोग करके आठ-आठ आंदोलन जिताए हैं। वक्त है आपके पास में नौवां आंदोलन को लेकर के और ये जीत भी आपके बिना अधूरी होगी। सभी शिक्षकों को मैं कहूंगा कि आप यहां पर जरूर आएं। भारती सर हैं जो ऑफलाइन के भी शिक्षक हैं हमारे। अमन वशिष्ठ सर एक ऐसा व्यक्ति जिसको जबजब बुलाया गया मेरे भाई यहां पर वो तब-तब हाजिर हुए हैं। देहरादून से एक बार आवाज लगाने पर ये पर्सन फ्लाइट की टिकट बुक करके आ जाते हैं। परमार सर से भी मैं कहूंगा मेरे भाई कि मास्क लगा करके ही आओ लेकिन आओ जरूर मेरे भाई क्योंकि यहां पर आपके बिना ये सारे के सारे बच्चे जो है वो भी गुमराही में भटक जाएंगे। जरूरी है आज

25:31 यहां सारे शिक्षकों को अपनी-अपनी यूनिटी दिखाना। जरूरी है यहां पर जो है सबको साथ मिलकर के आना। आपस की रंजिशें आपस के मतभेद को खत्म करना क्योंकि अब इससे ज्यादा हम आपके लिए और सामने से लाकर के कुछ नहीं रख सकते हैं। मेरे मन में कभी भी यहां पर किसी को लेकर के ना कोई चीज थी ना कोई चीज है ना कोई चीज रहेगी। हमारी टीम ने कभी भी किसी के खिलाफ कोई वीडियो नहीं बनाया और कभी बन भी गया हो तो उसके लिए हम पहले अपनी तरफ से सॉरी बोलते हैं इस प्लेटफार्म पे। बस सारी बातों को खत्म करिए। सामने आइए बच्चों की बातें और मिलकर के लड़ते हैं। काजल मैम जो अकेले फाइट कर रही थी यहां जंतरमंतर पे उनसे भी मेरा आह्वान है। एग्जामपुर के सभी शिक्षकों से है। टेस्ट बुक की पूरी टीम से है। द पंडित्स के टीम यहां पर भाई जिगरा रखते हैं। ये गवर्नमेंट जॉब होने के बाद में भी यहां पर बच्चों को बढ़िया तरीके से पढ़ाना, उनको गाइड करना, उनको समझाना बहुत

26:16 मेरे भाई यहां मेहनत चाहिए होती है। तो सारे के सारे लोग यहां पर ये सारे आए और मिलकर के यहां पर इस प्रोटेस्ट को सपोर्ट करें। हर एक शिक्षक से मेरा है कि भाई अब इसके ऊपर में अब वीडियो बनाना शुरू करें और 24 अगस्त का डेट ना भूलें। कल मैं 24 अगस्त को कल 23 अगस्त को मैं रामलीला ग्राउंड पर ही रहूंगा। एक-एक मैनेजमेंट वहां पर सारी चीजें देखनी है। सब कुछ करना है। बहुत ज्यादा आवश्यकता है। बहुत ज्यादा जरूरत है मेरे भाई यहां पर। तो कल भी मेरे साथ में जो आ सकते हैं उस ग्राउंड पर वो भी आ जाए। लेकिन मेन प्रोटेस्ट 24 तारीख को है। 24 तारीख को आना है। बाकी इसके अलावा कुछ बातें ऐसी हैं जो प्रशांत सर आपको यहां पर बताएंगे। बिल्कुल सर यहां पर आइए। बताइए। फिर एक और टीम भी आपका इंतजार कर रही है। वो जांबाज टीम जिसने पूरी लड़ाई लड़ी है। जिसने यहां पूरा-पूरा परमिशन में आग लगाने का काम किया है। वो टीम भी आपके सामने आएगी। सर माइक वो दूसरा होली।

27:04 आप सभी टीचरों को जाकर के उनके कमेंट बॉक्स में उनके वीडियो पर, उनके चैनल पर हर जगह पर आपके पास उनका नंबर है तो आप कहिए कि सर अब अगर आप हमारे लिए नहीं आए ना सर तो यकीन मानिए यहां पर यह लड़ाई हमारी अधूरी है। सभी लोगों से मेरा आह्वान है इतना। सभी लोगों से रिक्वेस्ट है जैसे सर ने भी कहा जितने भी टीचर्स हैं इवन जिनका नाम बाय चांस यहां पर छूट भी जाता है भारतवर्ष में जो भी अगर कहीं पर भी चाहे आपके पास 10 बच्चे पढ़ते हैं चाहे आपके पास 10 लाख बच्चे पढ़ते हैं हर एक टीचर को आना है और इन बच्चों के लिए आना है। एक बात हमेशा ध्यान रख लेना कि बात जब धर्म और अधर्म की होती है तो उस लड़ाई में न्योते नहीं दिए जाते हैं। तो हर एक को आना है और यहीं पे आना है दिल्ली में आके एक ही जगह पे इकट्ठा होके क्योंकि जब स्ट्रेंथ दिखेगी जब लोग दिखेंगे जब सारी चीजें दिखेंगी तो जाके गवर्नमेंट पे प्रेशर बनेगा और जैसे कि मैंने ना अभी

27:50 दो-तीन दिन पहले भी एक वीडियो बनाई थी जहां पे मैंने पूरा टेंडर प्रोसेस आप लोगों को समझाया था। उस चीज को मैं यहां पे भी मेंशन करना चाहता हूं। मैंने अभी कहा भी था कि एनटीए का टेंडर इनको 2000 आपको मैं छोटी सी एक बात बताता हूं। 2020 में एनटीए का टेंडर निकलता है और उसमें क्या होता है कि एडिक्विटी टेक्निकल बड को क्वालीफाई नहीं कर पाता है और आपको जान के हैरानी होगी कि वो टेंडर अचानक से कैंसिल हो जाता है। 21 में फिर से टेंडर निकलता है और अब की बार ये सब कुछ क्वालीफाई कर जाते हैं और इतनी कम बड लगाते हैं, इतना कम पैसा लगाते हैं कि उतने कम पैसे में पेपर कराना पॉसिबल ही नहीं है। जहां पे एनटीए के पेपर में किसी बच्चे ने बताया था कि ₹1000 तक फीस लेते हैं। उस पेपर में भी जो इन्होंने विड लगाई थी ना वो ₹199 लगाई थी। आप सोचिए ₹199 जहां पे बच्चा खुद ₹1000 दे रहा है वहां पे कंडक्ट कराने के लिए पेपर कंपनी कह रही है हम ₹199 में करा लेंगे। यानी कि कितना बड़ा घोल यहां पे हो सकता है।

28:35 >> पूरा तरीके से सीजीएल में सर आपको भी पता है। हमको ये बात पता है कि कितनी सेटिंग हो रखी है और ये बात हम बहुत बेहतर तरीके से जानते हैं कि जिस तरीके से गड़बड़ियां इन्होंने स्टेनो में किया है। फज़ 13 में की है और जब नहीं सुधारा है तो ये क्लियर इंडिकेशन है कि सीजल में भी वही होने वाला है। >> सेम होने वाला है और सर इतने सारे रैंडम कॉल्स आते हैं कि सर ये हमारी यहां पे एक इससे बात हुई थी। वो कह रहा था कि 3000 बच्चों को मतलब 3000 सॉल्व बैठे हैं स्टैनो में। ऐसी बात चल रही थी। अब मैं तो उन लोगों को वेरीफाई नहीं कर सकता हूं क्योंकि मेरे पास में तो वो कंट्रोल नहीं है ना कि इस आदमी ने ये जो बात कही है वो सही है कि नहीं है। लेकिन जो बात है वो आपको पब्लिक में तो हम बता ही सकते हैं कि ऐसीऐसी बातें चल रही हैं। ऐसी-ऐसी चीजें चल रही हैं कि जहां पे 2000 वैकेंसी टोटल स्टेनो में है वहां पे 3000 सोल्वर बैठे हैं। असली कंपटीशन तो उनके बीच में चल रहा है कि कौन सा सोल्वर अपना सिलेक्शन दिला पाए। तो भाई बहुत खराब हालत है। और ऐसे

29:20 में ये टेंडर प्रोसेस से लेके हर एक चीज कुछ सुधार नहीं होने वाला है। अगर आपको लग रहा है ना कि हमने एक बार प्रेशर बना लिया था। आपको पता होगा सीयूईटी के जितने एग्जाम्स एनटीए ने कराए थे, हर एक एग्जाम लीक हुआ है। हर एक एग्जाम में गड़बड़ी रही है। और गड़बड़ी रहने के पीछे का कारण क्या है? वही सेम कंपनी जो आपका पेपर कराने वाली है। अगर हम लोगों ने इस टाइम पे आवाज नहीं उठाई तो भाई सत्यानाश हो जाएगा। दिस इज आवर लास्ट चांस। >> सर मेरे चंद सवाल हैं। फेज 13 का क्या हुआ? >> फेज 13 का क्या हुआ? सत्यानाश हुआ। इवन एक बात और सुनने में आई थी सर कि चेयरमैन साहब ने कभी यह कहा था कि अगर 55,000 से एक बच्चे ज्यादा का भी गड़बड़ हुआ ना तो मैं सबका रीग्जाम करा दूंगा और कल एसएससी ने नोटिस निकाल के कहा कि 59,500 लोगों का खराब हुआ है तो पूरे का री एग्जाम क्यों नहीं? >> स्टैनो का क्या हुआ सर? >> यानी ये अपनी बातों पे नहीं चलते हैं। सर स्टेनो का सत्यानाश हुआ और कुछ नहीं हुआ।

30:06 आप देखो ना स्टेनो में तीन-तीन ऑप्शन के क्वेश्चन आ रहे हैं। क्वेश्चन पेपर खराब, क्वेश्चन कराने वाला खराब, सर्वर खराब। और सर एक और चीज़ बताते हैं। >> आंसर की आंसर की तो दे ही नहीं रहे ना। आज Twitter कैंपेन भी चलाया। उसके बाद भी आंसर की नहीं दे रहे हैं। आंसर की ऐसे मांगनी पड़ रही है जैसे उधार पैसे मांग रहे हैं यार इन लोगों से हम लोग। >> तो फिर क्या एक्सपेक्ट करते हैं कि सीजीएल का पेपर सर कैसे होगा फिर? >> सीजीएल में भी वही होगा जो इन दोनों में होगा वो है सत्यानाश। >> और इनको कौन समझाएगा? >> इन लोगों को कौन समझाएगा? इन लोगों को बच्चों को खुद समझना पड़ेगा। देखो एक चीज बताता हूं। इस टाइम पे एक बहुत सारे लोग आपसे कहेंगे कि पढ़ ले चुपचाप। पढ़ ले चुपचाप। आपकी लाइब्रेरी में बैठोगे आप सब कुछ करोगे। लेकिन मेरे भाई एक बात ध्यान रख लेना कि पढ़ के ही पेपर निकलता है। लेकिन तब जब फेयर एग्जाम हो। अगर एग्जाम फेयर नहीं है ना तो पढ़ाई से पेपर नहीं निकलेगा। कितना भी पढ़ लो आप कुछ भी कर लो जो एक आदमी फोन लेके एआई का यूज़ करके अगर

30:52 आंसर्स को मार्क कर रहा है रिमोट एक्सेस के थ्रू सर ने इतने सारे आईपी एड्रेस दिखाए थे जिन पे रिमोट एक्सेस से हैकिंग का अटेम्प्ट हुआ है। अच्छा एक चीज और बताता हूं मैं डाटा से रिलेटेड। ये जो सर ने बच्चे कह रहे हैं कि स्टैनो का आंसर की आ गया है। मैं बीच में सर थोड़ा इंटरप्ट करता हूं। बिल्कुल आंसर किया और आप आंसर की में देखिए। और आप आंसर की में ये बहुत बढ़िया तरीके से देखिए किस तरीके से रीजनिंग के अंदर में यहां पर जो है मैथ्स के सवाल पूछे जाते हैं। आप आंसर की में ये भी देखिए कि किस तरीके से तीन-तीन ऑप्शन दिया जाता है और आप आंसर की में ये भी देखिए कि इतने डिले होने के बाद में यहां पर कैसे सेटिंग हुई। और एक और चीज बता दें जो पेपर रिमोट एक्सेस होता है या बाकी चीजें होती हैं वो आपको पता भी नहीं चलेगा क्योंकि हर कैंडिडेट आंसर की में सिर्फ अपना डाउनलोड करके देख पाता है। लेकिन जो टॉपर जो सॉल्वर है यहां पर उसको अपने आंसर की का पता है और यही कारण है कि सीजीएल 2024 में आपने देखा कि कट ऑफ कितनी ज्यादा

31:38 जा रही है। बहुत सारी बातें हम आपको प्रत्यक्ष रूप से नहीं समझा पा रहे हैं। बट सर इस बात को एक क्लियर इंडिकेशन दे रहे हैं। उस बात को गहराई से समझिए आप। >> बिल्कुल बिल्कुल। बाकी सर एक बार जो प्रोटेस्ट में जो सारा प्रोसेस रहा है एक बार आप उसको भी समझाइए। बिल्कुल उसको >> तो सर प्रोसेस यहीं पर है और देखिए मेरा सभी लोगों से है दो-तीन नाम अगर छूट गए हो ठीक है ना >> बिल्कुल जैसे एक हर्ष प्रताप सर हैं उनसे भी मेरा आग्रह है और बाकी अड्डा की टीम जैसे आशुतोष सर हैं सभी लोगों से बाकी सभी शिक्षकों से मेरा निवेदन है कि भाई जितना हम लोग कर सकते थे उतना हम लोगों ने किया है जो बच्चे हैं एक बार उनको बुला दिया जाए जिन्होंने इसके ऊपर में पूरी मेहनत की है। ठीक है? देखो, स्टूडेंट से भी मेरा एक निवेदन है सभी बच्चों से कि जिस भी लाइब्रेरी में आप पढ़ते हैं, आप लाइब्रेरी में जाएं। बाकी बच्चों को समझाएं कि कितनी गड़बड़ है और अपने लाइब्रेरी वाले से आग्रह करें कि 24 तारीख और जब यह प्रोटेस्ट चल रहा हो उस टाइम पे लाइब्रेरी

32:24 अपनी बंद रखें। और सबसे बड़ी बात सभी लोगों को ही जाना है। >> 24 तारीख को आना पड़ेगा। अगर 24 को नहीं आए तो मैं बताता हूं तुम्हारा प्रोटेस्ट एक से दो दिन में खत्म हो जाएगा और उसके बाद में तुम्हें जीत नहीं मिल पाएगी। जब तक नहीं आप भारी संख्या में पहुंचेंगे, जब तक मेरे भाई सरकार को यह ना दिखे कि काफी सारे बच्चों के साथ में गलत हुआ है, तब तक मेरे भाई तुम्हें जीत नहीं मिल पाएगी। तुम चाहे Twitter खेल लो, तुम घर में बैठकर के खेल लो, कभी कुछ नहीं होने वाला है तो नहीं होने वाला। >> और ये आंसर की भी इसलिए दे दी ना आज क्योंकि प्रेशर जब बनाया है ना तो इनको लगा कि कहीं ऐसा ना हो कि फिर से मामला भड़क जाए। Twitter कैंपेन आज हमने करा। तो इसलिए आंसर की दे दी। तो इससे बहुत खुश नहीं होना है। हम लोगों को यह बात ध्यान रखनी है कि अल्टीमेट गोल जो है ना वो आंसर की नहीं है। अल्टीमेट जो हमारा गोल है वो यह है कि हमें किस तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचानी है और ये जो करप्ट वेंडर है इसको पूरे तरीके से हटा देना है। बाकी हर एक बच्चे से मैं कहूंगा आप जाइए

33:10 आपके आसपास में जो कोचिंग है जो लाइब्रेरी है हर जगह जाके बच्चों को बताइए कि 24 तारीख को आपको रामलीला मैदान चलना है। ये बच्चे जितने भी हमारे साथ में आ रहे हैं। ये लोग भी ये सब चीजें कर रहे हैं पहले से और आप लोगों को भी करना है। हर जगह पे हर एक लाइब्रेरी में जा के बोलिए। एक-एक बच्चे को समझाइए और 24 तारीख को हर हालत में आपको दिल्ली रामलीला मैदान आना है मतलब आना है। >> एक बार इंट्रो कर देता हूं मैं। तो हमारे पास में सारे के सारे बच्चे हैं जिन्होंने बहुत मेहनत की है और मेहनत करके मतलब एड़ी चोटी का इन्होंने जोर लगा दिया है यह सारे सारे परमिशंस लेने में और ये सारे के सारे पीड़ित हैं इन सभी परीक्षाओं के जो आपने अभी देखा है और इनको कहीं ना कहीं अपने आप को लेकर के बहुत डर है कि सीजीएल में हमारे साथ में आगे आने वाले पेपर में क्या होगा और इसके अलावा अलग-अलग परीक्षाओं को भी लेकर के काफी ज्यादा चिंतित हैं। ठीक

33:56 है? स्टूडेंट कमेटी को भी लेकर के काफी ज्यादा मांग है। तो एक-एक बात करके हमारे साथ राम हैं, रवि हैं और ये सारे लोग आपको धीरे-धीरे करके बताएंगे। बातों को सुनिएगा, गहराई को समझिएगा तब उसके बाद में कोई बात है। नमस्कार दोस्तों, मैं भी एक एस्पिरेंट हूं और मैं चाहता हूं कि अब रिफॉर्म की जरूरत है और मैं भी सफर कर रहा हूं। आई होप देखने को सबको मिल रहा होगा कि हमारे साथ बहुत ज्यादा गड़बड़ियां हो रही हैं। तो मैं आप लोगों से एक ही बात बोलना चाहूंगा कि आप सब लोग अब आइए और इस प्रोडक्ट को पीसफुल बनाते हैं और अच्छे से डिमांड अपनी पूरी करवाते हैं। बिकॉज़ जो जो प्रोसेस हमें दिक्कत हो रही थी, दिक्कत ये हो रही थी कि हमारे पास प्लेस नहीं था बात रखने का। आज गवर्नमेंट की तरफ से आज सिस्टम की तरफ से हमें वह प्लेस मिल गया

34:42 है जिस प्लेस को लोग जहां बैठना चाहते हैं जहां से अपनी आवाज को रखना चाहते हैं जहां से रिफॉर्म हमेशा हुए हैं नाम है उसका रामलीला रामलीला ग्राउंड तो सभी लोग आइए वहां सारी सुविधाएं हैं और अब एक लड़ाई तो हम लोगों ने जीत ली एक लड़ाई बाकी है और उस लड़ाई को हम आपके बिना नहीं जीत पाएंगे आपको आना होगा हमारा साथ देना होगा और देखिए कि कितना पीसफुल प्रोटेस्ट होगा और रिफॉर्म बहुत आराम से होते हैं। गवर्नमेंट या सिस्टम का कोई रिश्तेदार नहीं होता है। सभी लोग इंडिविजुअल इंटरेस्ट होता है। अगर उनको लगता है कि यहां रॉन्ग है तो गवर्नमेंट भी हमारे साथ खड़ी होगी। और रही बात किसी के साथ एफआईआर वगैरह करने की तो देखिए हमारे पास में डीसीपी ऑफिस एमसीडी सभी से परमिशन है। पीसफुल आना है। अपने

35:30 साथ फ्लैग लेके आना है। पीसफुल बैठ के हमें जो है जो जो टास्क दिया जाएगा उसके अकॉर्डिंग जो है काम करना है। सभी लोग आइए। अगर आप लोग नहीं आ पाएंगे तो यह रिफॉर्म नहीं हो पाएगा और मुझे नहीं लगता है कि आने वाले साल में कभी भी रामर ग्राउंड स्टूडेंट को मिलेगा। तो आप लोग आइए और इस मैं तो लगभग 30 का हो गया हूं। तो मुझे लगता है कि मैंने तो अभी तक रॉबल ग्राउंड में कभी भी किसी भी स्टूडेंट की प्रोटेस्ट का नाम कभी नहीं सुना है। ये शायद मुझे लगता है कि इस नई सदी का एक नया जो है मैसेज है जो रन ग्राउंड से स्टूडेंट अपने रिफॉर्म की बात रखेंगे। चाहे वो किसी भी डिपार्टमेंट से किसी भी अह कोर्स से बिलोंग कर रहा हो या किसी भी कंपिटिटिव एग्जाम से बिलोंग कर रहा हो। यह यह लड़ाई अभी स्टूडेंट की है। स्टूडेंट मतलब सभी

36:17 लोग हम एक फैमिली हैं। हमारा कोई मजहब नहीं है। कोई रिलीजन नहीं है। कोई कास्ट नहीं है। हम सिर्फ एक चीज है और वो है स्टूडेंट। सभी लोग आइए अब इस बार लड़ाई सही ढंग से करते हैं। एक सिस्टम के तरीके से करते हैं और इसमें किसी भी पुलिस वालों से या किसी भी किन को किसी से भिड़ने की जरूरत नहीं है। सब चीज का एक सिस्टम है और हर चीज का एक रास्ता होता है। उस रास्ते के हिसाब से चलेंगे और देखो लड़ाई हमारे सामने जो लड़ाई होगी उसका रिजल्ट बहुत पॉजिटिव होगा। तो मैं आप लोगों से एक ही जो है रिक्वेस्ट करूंगा कि आप हमने प्रोटेस्ट के लिए परमिशन तो ले ली। अब लड़ाई आगे की आपकी है। आपको आना होगा। उस लड़ाई को सफल बनाना होगा और अपने लिए मेरे लिए आने वाले बच्चों के फ्यूचर के लिए रिफॉर्म की जरूरत पड़ी। रिफॉर्म की जरूरत

37:03 है। और आप लोग उस रिफॉर्म का भागीदार बनिए और सिस्टम को सही करिए। थैंक यू। धन्यवाद। >> कुछ एक बार इनको दो पहले प्लीज कनेक्ट। माइक मतलब सबने सारी बात रख दी है। अब जो आखिरी बात ये है कि आपका सेफ्टी और सिक्योरिटी सब कुछ हमने गारंटी दे दिया है। बस रिक्वेस्ट करते हैं आप लोग आइए क्योंकि जो मूवमेंट लड़ा जा रहा है जैसे इन्होंने भी कहा इसके बाद और ये जो मौका है दिस कैन बी द लास्ट चांस जब हमें ऐसा प्लेटफार्म मिलेगा जहां हम सारे इकट्ठे होंगे और कंपिटिटिव एग्जाम्स के लिए आज तक किसी ने आवाज नहीं उठाई है। सबसे अच्छी बात है कि टीचर्स वगैरह सब लोग हमारे साथ हैं। तो हम लोगों को सबको आना है। एंड स्पेशली जो वुमेन कैंडिडेट्स देख रहे हैं उनको मैं अर्ज करूंगी कि आप लोग प्लीज आइए। आपकी

37:49 सेफ्टी सिक्योरिटी सब लोग क्योंकि रिस्प सब चीज का रिस्पांसिबिलिटी हम ले रहे हैं। आप आइए क्योंकि ये मूवमेंट एक पर्टिकुलर किसी किसी भी चीज का नहीं है। स्टूडेंट्स इतना बड़ा कम्युनिटी है पूरे देश का। अगर हम लोग आएंगे तो वी कैन चेंज द फ्यूचर और आगे भी हमें कंपिटिटिव एग्जाम्स के लिए तैयारियां करना है। हम एस्पिरेंट बनके ना रह जाएं। 60 साल की उम्र में भी। हम एस्पिरेंट बनके एक चेंज लाएं। उस चीज के लिए हम हैं और अगर हम सिस्टम में घुसना चाहते हैं तो अगर सिस्टम में प्रॉब्लम है तो अभी ही हमारे पास चांस है ना कि हम पहले उसको चेंज लाएं उसके बाद हम क्या चेंज लाएंगे तो बस यही रिक्वेस्ट है कि आप सब लोग आइए सबका सिक्योरिटी सबका सब कुछ हम गारंटी ले रहे हैं बट प्लीज आइए वरना ये मूवमेंट नहीं बनेगा मूवमेंट मासेस से बनता है और मासेस हम सब लोग हैं। हम स्टूडेंट्स इसलिए अर्ज कर रहे हैं कि हम भी आपकी तरह ही हैं जो कंपिटिटिव एग्जाम्स की तैयारियां कर रहे हैं। लाइब्रेरी में बैठे रहते हैं। दो दिन दो दिन आप दोगे तो

38:36 कुछ नहीं होगा। एक बदलाव आएगा। एक सिक्योरिटी मिलेगी कि आगे एक अच्छा फ्यूचर है। तो प्लीज आप लोग आइए। हमारे पेरेंट्स बहुत कुछ डालते हैं हमारे फ्यूचर के लिए। ये एक फर्म है जिसमें हम उनको भी पे बैक करेंगे। अपने टीचर्स को भी रिगार्ड करेंगे और सब चीजें करेंगे। आप लोग प्लीज सब लोग आइए। >> चलो >> राम राम भाइयों। जैसे इतिहास में आपने पढ़ा होगा। चाणक्य चाणक्य गुरु थे हमारे हमारे अह चंद्रगुप्त मौर्य के। और चाणक्य के गाइडेंस में चंद्रगुप्त मौर्य ने एक बहुत बड़े जो पहले से ही एंपायर चला आ रहा था उसे गिराया गया और इसी तरह आज हम अपने गुरुओं के जो हमारे गुरु झेले जब उनके ऊपर लाठियां

39:23 बरसाई गई उन्हें डिटेन किया गया उन्हें कई घंटों तक एफआईआर तक किए गए यहां तक हम लोग सुने अब हमें इनका कर्ज चुकाने का समय आ गया है जो गुरु जो हमारे कल्चर में हमारे समाज में जो एक पहचान है जो एक इज्जत का एक समाज में स्टेटस है उनके ऊपर जो हमला हुआ उसका कर्ज चुकाने का समय अभी है। आप अगर आपके साथ ऐसा होता है आप साल भर तैयारी करते हो 2 साल 3 साल 4 साल तैयारी कर रहे हो और पता चलता है कि जो सीट थी वो तो आपकी थी ही नहीं। आप तो बस एग्जाम के लिए प्रिपरेशन कर रहे हो। सीट अगर निकल चुकी है तो आप बस अपने परिवार का अपने जो सपने हैं बस उसके लिए चलते जा रहे हो। कहां जाओगे आपको खुद का नहीं पता रहता। तो अगर हम और हमारे गुरु जो चाणक्य हो चाहे

40:13 आज के हमारे हमारे आदित्य सर जैसे और बाकी और गुरुओं जैसे गुरु हो उनके संरक्षण में अगर हमें कुछ रिफॉर्म करने का और जो हमारे साथ धोखाधड़ी हो रही है और जो भी हमारे साथ गलत किया जा रहा है उसके खिलाफ अगर हमें आवाज उठाने का मौका मिल रहा है तो भाइयों और बहनों यही सही समय है। अब नहीं लड़ेंगे तो कभी नहीं लड़ेंगे। आप साल भर तैयारी करते रह जाओगे पर वो सीट आपकी नहीं रहेगी। आप पैसे देते रह जाओगे क्या होगा? तो इसी की लड़ाई है और यही यहीं मैं समाप्त करता हूं और मैं उम्मीद रखता हूं कि अब जब होगा तो हर कोई रामलीला मैदान में प्रेजेंट रहेगा। 2012 के बाद ये ऐसा मोमेंट आप मिलकर बनाइए कि हर कोई याद रखे। जय श्री राम। >> मेरा नाम रवि है और सबसे पहले मैं धन्यवाद

40:58 करना चाहता हूं रंजन सर का जिन्होंने हमें यह प्लेटफार्म दिया और हम अपनी बात रख सकते हैं। देखो बात इतनी है कि एक दो 250 करोड़ के लिए सरकार इतने बड़े डेमोग्राफी के जो लोग हैं हमारी वोट तो लेने के लिए सब सरकारें आ जाती हैं पर हमारे लाठियां हम पर और हमारे टीचर्स पे जो लाठियां चलाई गई ये सरकारों को शर्म आनी चाहिए वो जो रोडों पर लाठियां पड़ी है वो हमारे टीचर को तो पड़ी है उनके देह पर नहीं पड़ी वो हमारे सबके देह पर पड़े हमारे मस्तकों पर पड़ी है हमारी आज तक रूहे का कामती जिन सरों को हम देखकर जिनको देखकर वो पढ़ते हैं उन पर लाठियां उन पर जो बरसी हैं इस बात को आप समझिए यह छोटी चीज नहीं है। आपकी पूरी जिंदगी के साथ, आपके फ्यूचर के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अगर यह गलतियां है तो सरकार को मानना चाहिए। सरकार के लिए कोई बहुत बड़ी बात नहीं है। ₹400 करोड़ अगर एक कंपनी, कोई कृतियां उसमें दिक्कतें

41:45 हैं और इतने सारे लोगों को आज जिंदगी स्टेक में लगी है तो सबको मिलकर आगे आना चाहिए और ऐसा फिर ना हो कि कोई छात्रों के समूह को उनके ग्रुप को कोई छेड़ पाए। आप एक साथ रहेंगे, स्वस्थ रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे और आगे बढ़ेंगे। दोबारा से सिर्फ एक लाइन बोल के इस बात को खत्म करना चाहूंगा। युद्ध कहां तक टाला जाए, द्वंद कहां तक पाला जाए? तू भी है राणा का वंशट फेंक जहां तक पाला जाए। इस बार भालाराम लीला मैदान में चलेगा और 24 और 25 तारीख को आकर हमारी आवाज को बुलंद करें और जीत सुनिश्चित करके जाएं और जितने भी जो बच्चे डर रहे हैं किसी को कोई भी चीज डरने की जरूरत नहीं है। हमने दिन रात भाग-भाग कर 24ों घंटे काम पर लग के हर एक परमिशन हर एक अथॉरिटी से पूरा उनको हर एक चीज सबमिट करके अपना अंडर वह राइटिंग में देके उनको सब कुछ हम

42:32 परमिशन लेकर आए हैं। आपसे फिर एक गुजारिश करेंगे आप सब वहां पहुंचिए और इस लड़ाई को जीत हासिल कराने में साथ दीजिए। धन्यवाद। >> याद रखिएगा मेरे भाई यहां पर कि हक की लड़ाई में निमंत्रण नहीं भेजे जाते हैं। जिनके जमीर जिंदा होते हैं वह खुद आते हैं। तो इसीलिए मैं आपसे कहूंगा यहां पर कि सभी बच्चों ने आपसे आग्रह किया। हालांकि इनका आग्रह आपसे बनता नहीं है क्योंकि यह जो लड़ाई है यह सिर्फ इनकी नहीं है। आप सबकी है। गलत इनके साथ में नहीं हुआ। आप सबके साथ में हुआ है तो आप सबको आना वहां जरूरी है और यह मेरी तरफ से यकीन मानिए कि एक आखिरी प्रयास होगा एक अंतिम प्रयास होगा जिस पर मैं अपनी पूरी ताकत झोंक दूंगा क्योंकि एक सिस्टम से लड़ने की और बाकी चीजों की हर किसी की एक लिमिट होती है। हर किसी की एक पोटेंशियल होती है। अगर यहां पर मेरे अपने साथी शिक्षकों ने और मेरे अपने बच्चों ने यहां पर साथ नहीं निभाया तो शायद भविष्य में कहीं पर अगर कभी जरूरत पड़े तो हमारी तरफ से शायद वो ना ही होगा और मैं स्पष्ट इस

43:19 बात से कहता हूं प्लेटफार्म पे। आज आपके लिए अगर सबने एड़ी चोटी की जोड़ लगाई है तो आप सबको वहां पर आना पड़ेगा 24 तारीख सुबह 9:00 बजे रामलीला ग्राउंड और जितने शिक्षक मेरे भाई यहां पर सहमत हैं ठीक है वो इस बात के वीडियो में कमेंट करें और अपने बच्चों को भी प्रेरित करें और लगातार वीडियोस बनाना शुरू करें जितने बच्चे हैं जो मीडिया से कनेक्टेड हैं वो इसकी जानकारी मीडिया को देना शुरू करें जितने टेलीग्राम ग्रुप है यहां पर वो अपने-अपने बैनर्स बना करके इसको शेयर करना शुरू करें जितने inा ग्रुप हैं जितने फैन पेजेस हैं जितने YouTube पर हैं अपने-अपने हिसाब से वीडियोस बना करके मेरे भाई यहां पर शेयर करें। 24 तारीख को आने के लिए बहुत बच्चों को प्रेरित करें क्योंकि समय हमारे पास में काफी कम है और संख्या अगर वहां ज्यादा नहीं हुई तो आपका जो यह प्रोटेस्ट है यह एक दिन में वहां पर मर जाएगा और कुछ भी नहीं होगा। मैं आपसे इतना बस कह सकता हूं।

44:04 तो सभी लोगों से आह्वान है मेरा कि वहां पर जरूर पहुंचो। 24 तारीख रामलीला मैदान सुबह 9:00 बजे। जय हिंद जय भारत। >> लास्ट में एक बार बोलना था। >> बोलो बोलो। >> जो लोग दिल्ली में हैं उन्हें तो बोलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वो तो आप लोग जल्दी पहुंच जाओगे। जो लोग दिल्ली से बाहर के हैं वो लोग जब आए तो उनके साथ में एक स्लोगन चलना चाहिए। अब टाइम है छात्रों के लिए दिल्ली चलो। >> दिल्ली चलो। बिल्कुल >> दिल्ली चलो। दिल्ली चलो। कुछ लेकर >> तो बिल्कुल झंडा लेकर के आए और पीसफुल तरीके से हम अपना प्रोटेस्ट रख रहे हैं। और यह आप लोगों की सही डिमांड है। ये सरकार को भी समझना होगा कि भ एक फेयर सिलेक्शन और फेयर एग्जाम कंडक्ट। ढंग से एग्जाम कंडक्ट नहीं करा पा रहे तो फेयर सिलेक्शन की तो उम्मीद ही छोड़ दो। तो फिर मत रोना कि मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ। फिर

44:51 मत रोना कि हमारे टीचर हमारे लिए नहीं लड़े थे। फिर मत रोना कि हम अपने हक के लिए नहीं लड़ पाए थे। हम और खास करके बहुत बच्चे ऐसे भी होते हैं सर जो सिर्फ और सिर्फ कमेंट में प्रोटेस्ट और आंदोलनकारी बड़े जबरदस्त दिखते हैं। लेकिन ग्राउंड लेवल पे नहीं दिखते। आज मैं उन सब से आह्वान करूंगा कि ग्राउंड लेवल पर जरूर दिखें और रामलीला ग्राउंड 24 तारीख सुबह 9:00 बजे हर बच्चा इवन 9:00 बजे नहीं उससे पहले ही आप लोग हजारों की संख्या में बहुत सारी से इतने लाखों बच्चे 25 30 लाख बच्चे एग्जाम देने के लिए 500 500 किलोमीटर दूर जा सकते हो और ऐसे घटिया एग्जाम सेंटर में जहां पर आपका एग्जाम ढंग से हो ही नहीं पाएगा वहां जा सकते हो तो आप दिल्ली एग्जाम सही से कंडक्ट हो पाए इसके लिए आवाज नहीं उठा सकते और मात्र एक दिन के लिए आपको 24 और 25 तारीख को कि अगर आप

45:38 बहुत ज्यादा संख्या में नहीं आए तो यह एक या दो दिन जैसे सर ने कहा एक ही दिन या दो दिन में प्रोटेस्ट खत्म हो जाएगा। लेकिन अगर आप सब लोग पहुंच गए तो आपकी जीत निश्चित रूप से होगी। इसलिए आपको पहुंचना है। ये समझ लो कि आपका एग्जाम है भाई। आपका ये एग्जाम नहीं दोगे ना तो आपका सिलेक्शन नहीं होना। ये रामलीला मैदान में आपका एग्जाम है जो कि आने वाले सारे एसएससी के एग्जाम एक ही दिन ले लिए हमने 24 तारीख को सुबह 9:00 बजे। ठीक है? ठीक है? ये एडमिट कार्ड आपके लिए 24 तारीख सुबह 9:00 बजे रामलीला मैदान में और एग्जाम सिस्टम को ठीक करके रहेंगे। >> दिल्ली चलो। >> बिल्कुल दिल्ली चलो। >> एक बार यहां पर आ के >> एक सेकंड सर।

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