The End of Ola-Uber Era? | Bharat Taxi The First Government Cab Launching Delhi | StudyIQ IAS Hindi

StudyIQ IAS हिंदी www.youtube.com

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो भारत टैक्सी नामक एक नई सहकारी टैक्सी सेवा के लॉन्च पर केंद्रित है, जिसका उद्देश्य ओला और उबर जैसी मौजूदा कैब सेवाओं की चुनौतियों का समाधान करना है। यह सेवा ड्राइवरों को उनकी कमाई का 100% प्रदान करेगी और इसका लक्ष्य उचित मूल्य निर्धारण, बेहतर सेवा गुणवत्ता और महिला ड्राइवरों को सशक्त बनाना है।

मुख्य बातें:

  • भारत टैक्सी एक सहकारी मॉडल है जो ड्राइवरों को उनकी कमाई का 100% प्रदान करता है।
  • इस सेवा का उद्देश्य ओला और उबर जैसी मौजूदा कैब सेवाओं की कमियों को दूर करना है।
  • यह सेवा दिल्ली में एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी और बाद में पूरे भारत में इसका विस्तार किया जाएगा।
  • महिला ड्राइवरों (महिला सारथी) को भी इस पहल में शामिल किया जाएगा।

परिचय: कैब सेवाओं की चुनौतियाँ

आजकल ओला, उबर और रैपिडो जैसी कैब सेवाओं का उपयोग आम है, लेकिन इनके साथ कुछ चुनौतियाँ भी हैं। पहले, ऑटो रिक्शा मिलना मुश्किल होता था, लेकिन अब ऐप-आधारित सेवाओं से यह समस्या हल हो गई है। दूसरा, टैक्सी वाले अक्सर मनमाना किराया वसूलते थे, खासकर स्टेशनों के बाहर। कंपनियाँ आई तो उन्होंने इन समस्याओं को दूर करने का वादा किया था, लेकिन अब उनके आने के बाद कुछ नई समस्याएँ सामने आ रही हैं।

भारत टैक्सी: एक नया सहकारी मॉडल

भारत टैक्सी एक सहकारी मॉडल है जिसे सरकार द्वारा शुरू किया जा रहा है। इसे सरकारी टैक्सी भी कहा जा रहा है। इस सेवा को शुरू करने के तीन मुख्य कारण हैं: ड्राइवरों को कम हिस्सा मिलना, ड्राइवरों द्वारा अतिरिक्त पैसे की मांग करना और उचित प्रतिस्पर्धा का अभाव। इस सेवा में ड्राइवरों को उनकी कमाई का 100% मिलेगा, जिससे कमीशन सिस्टम खत्म हो जाएगा। दिल्ली में नवंबर से एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा।

भारत टैक्सी के फायदे

भारत टैक्सी के कई फायदे हैं। ड्राइवरों को 100% कमाई मिलेगी, जिससे वे अतिरिक्त पैसे नहीं मांगेंगे। प्रतिस्पर्धा बढ़ने से सेवा की गुणवत्ता में सुधार होगा और कीमतों में गिरावट आएगी। इसके अलावा, सरकार इन सेवाओं के लिए नियम और कानून बना सकती है। यह सेवा शहरीकरण और ई-गवर्नेंस में भी उपयोगी हो सकती है।

भारत टैक्सी: विवरण और कार्यान्वयन

भारत टैक्सी एक राष्ट्रीय सहकारी राइड हेलिंग प्लेटफॉर्म है जिसे सहकारिता मंत्रालय और राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस डिवीजन ने तैयार किया है। इसका उद्देश्य टैक्सी सेवाओं की अनियमितताओं को दूर करना है। यह सेवा दिसंबर से शुरू हो रही है और नवंबर में दिल्ली में 650 ड्राइवरों के साथ एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। बाद में, इसे पूरे देश में विस्तारित किया जाएगा और 5000 राइडर और महिला सारथी (महिला ड्राइवर) इससे जुड़ेंगे।

सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड

भारत टैक्सी को सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चलाएगा, जिसकी स्थापना जून में 300 करोड़ की पूंजी के साथ की गई थी। यह एक ऐप-आधारित सेवा होगी और इसकी एक संचालन परिषद होगी जिसमें अमूल के एमडी जैन मेहता चेयरमैन और एनसीडीसी के उपप्रबंधक निदेशक रोहित गुप्ता वाइस चेयरमैन होंगे।

महिला सारथी: महिला ड्राइवरों की भूमिका

भारत टैक्सी में महिला ड्राइवरों (महिला सारथी) की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। पहले चरण में 100 महिलाएं जुड़ेंगी और 2030 तक इनकी संख्या 15,000 करने का लक्ष्य है। उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण और विशेष बीमा भी मिलेगा।

भारत टैक्सी बनाम ओला और उबर

भारत टैक्सी ओला और उबर से कई मायनों में अलग और फायदेमंद होगी। इसका मालिकाना हक निजी कॉरपोरेट के बजाय सहकारी सोसाइटी के पास होगा। ड्राइवरों को 0% कमीशन देना होगा और केवल सदस्यता शुल्क देना होगा। इसकी दरें स्थिर और पारदर्शी होंगी। इसमें पुलिस स्थानों से इंटीग्रेशन और डिस्ट्रेस बटन जैसे सुरक्षा फीचर्स भी होंगे।

2030 तक भारत टैक्सी का विस्तार

भारत टैक्सी का लक्ष्य 2030 तक हर जगह टैक्सी सेवाओं को शुरू करना है। इससे ड्राइवरों को एक मंच मिलेगा और ग्राहकों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलेंगी। 2026 तक राजकोट, मुंबई और पुणे में सेवाएं शुरू की जाएंगी, और 2028 तक 20 शहरों में 500 ड्राइवर होंगे। 2030 तक जिला मुख्यालय और गांवों में 1 लाख ड्राइवर के साथ सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य है।

Summarize any YouTube video in seconds

Get summaries like this one for any video, in your language, with the free Summ app.

Download on the Apple Store
Get it on Google Play

Transcript

YouTube Transcript Generator

0:00 हिंदी में यूपीएससी की तैयारी से संबंधित प्रोग्राम्स को देखने के लिए सब्सक्राइब करें स्टडी आईक्यू आईएएस हिंदी। टैक्सी सर्विज या कैब सर्विज के बारे में हम सब लोग जानते हैं। हमने कभी ना कभी किसी ना किसी तरीके से इनका यूज़ किया है। कोई कैब कार के तौर पर किसी ने टैक्सी या जब हम लोग सिंगल होते हैं तो बाइक के तौर पर आपने यूज़ किया होगा। ढेर सारे नाम आप इसमें जानते हैं जिसमें Ola, Uber, Rapido ये कुछ इंपॉर्टेंट कंपनीज़ हैं। ये कस्टमर को सर्विस प्रोवाइड कराती हैं। जब ये मार्केट में आई थी तो इनके दो ऑब्जेक्टिव थे। पहला जो ऑब्जेक्टिव था वो यह था कि डिफिकल्टी को हम लोग फेस करते हैं। ऑटो रिक्शा हमको नहीं मिलता है। तो उस वो परेशानी सॉल्व करने के लिए। एक ऐप बेस्ड आपको सुविधा दी कि आप पहले ही उसको बुक कर

0:46 दीजिए। तो टाइम पर जब आपको जाना है वहां के लिए आपको ऑटो रिक्शा बाइक कार जो भी बुक करना चाहते हैं मिल जाएगी। दूसरा जो इनका प्रॉमिस था वह यह था कि जो फेयर को लेके दिक्कतें होती ही थी कि टैक्सी वाले बहुत फेयर बहुत चार्ज करते हैं। इन जनरल आज भी आप लोग जाएंगे तो स्टेशन के बाहर आपको जो भी टैक्सी ऑटो सर्विस वाले मिलेंगे उनके ढेर सारे चार्जेस होते हैं। अब बहुत अधिक चार्जेस क्यों होते हैं? उसके पीछे का कारण सिर्फ वही जानते हैं क्योंकि फिक्स नहीं है कि कितने कस्टमर्स यहां पर मिलेंगे। सर्टेनिटी नहीं है तो फिर उनके ढेर सारे एक्सपेंसेस भी होते हैं। दिन भर वो अपना उसमें इन्वेस्ट करते हैं। तो एक कारण वो भी हो सकता है। जब ये कंपनियां आई तो इनके आने की पीछे की दो वजह बड़ी स्पष्ट थी। लेकिन जैसे ही यह मार्केट में आई और मार्केट में आने के बाद अब इनके पास एक अच्छा खासा कस्टमर बेस्ड बन गया है। तो उसके बाद ढेर सारे चैलेंजेस हमको और फेस

1:33 करने को मिल रहे हैं। जो बिहेवियर है जैसे टैक्सी सर्विज आई थी तो हमको लग रहा था कि एक बहुत अच्छा बिहेवियर मिलेगा क्योंकि यह किसी भी व्यक्ति को जब उसमें ऐड होगा तो उसको कुछ बेसिक प्रोफेशनल की प्रोफेशनलिज्म की ट्रेनिंग प्रोवाइड कराएंगे। वो प्रॉब्लम हमको देखने को मिलती ही मिलती है। इसी के साथ में फेयर में जो हक है वो एक्सट्रीम हो चुकी है। मतलब जिस प्राइस को तोड़ने के लिए मार्केट में आए थे अब यह उनके ही लेवल पर पहुंच गए हैं। एक ही सुविधा हमको बस मिलती है वो यह है कि आपके टाइम की सेविंग होती है। टाइम से पहले आपको ऑटो रिक्शा मिल जाती है। अब आप इसको मोनोपजी मोनोपोलॉजी कह लीजिए चाहे कुछ भी कह लीजिए। इसी को रोकने के लिए इस पर इसको शायद कंपटीशन देने के लिए एक नया इनिशिएटिव लांच किया जा रहा है। यह एक कोपरेटिव मॉडल है। आप इसको सहकारी मॉडल के

2:20 नाम से जान रहे हैं। जिसे हम लोग नाम दे रहे हैं भारत टैक्सी। कोपरेटिव को इन जनरली हम गवर्नमेंट लेड ही मान लेते हैं कि भाई यह सरकार लेड ही माना जाता है। तो इसको सरकारी टैक्सी यहां पर बोला जा रहा है। तो नई टैक्सी सर्विज ल्च की जा रही हैं और नई टैक्सी सर्विज ल्च किए जाने के पीछे तीन कारण है। एक कारण और जो हमको अब मेनली देखने को मिल रहा है। वो जो ड्राइवर हैं वो ड्राइवरों की शिकायतें रहती हैं कि बहुत ज्यादा उनसे हिस्सा लिया जाता है। मतलब बहुत ज्यादा शेयरिंग उनसे ली जाती है। और आपने यह भी देखा होगा कि ड्राइवर्स ही अब आपसे एक्स्ट्रा पैसे भी मांगते हुए आपको मिलेंगे। तो ढेर सारे इशूज़ हैं इनको ही सॉल्व करने के लिए एक नई टैक्सी सर्विस ल्च की जा रही है। आप इसको भारत टैक्सी के नाम से जान रहे हैं। ठीक है? तो खबर को देख लीजिए क्या है? Ola Uber जैसी पहली

3:05 सरकारी कैब जैसी Ola Uber है उसी तरीके की पहली सरकारी कैब है। इसको भारत टैक्सी के नाम से जाना जाएगा। हर राइड की 100% कमाई ड्राइवर को मिलेगी। जो ड्राइवर है इसको 100% अर्निंग होगी। अब मॉड्यूल क्या होगा? इसका बिजनेस मॉड्यूल वह आपको आगे ही पता चलेगा। लेकिन अभी तो सुनने में काफी अच्छा लग रहा है। काफी अच्छा क्यों लग रहा है? क्योंकि ड्राइवर के प्रोस्पेक्टिव से काफी इंपॉर्टेंट है। हार्ड वर्क करते हैं, मेहनत करते हैं, अपना सब कुछ उसमें लगाते हैं। उनके परिवार की पूरी रिस्पांसिबिलिटी उनके पास होती है। जो भी पैसा अर्न करते हैं, उसमें से 30% 35% के आसपास एक कंपनी सिर्फ और सिर्फ गेटवे प्रोवाइड कराने के तौर पर ले लेती है। यह मुझे थोड़ा ठीक नहीं लगता है। मतलब अब आपकी जो भी राय हो आप मुझे बता सकते हैं। लेकिन मुझे लगता है कि आप किसी को सर्विस प्रोवाइड करा रहे

3:50 हो, किसी को टैग प्रोवाइड करा रहे हो। तो मिनिमम चार्जेस आप उतना रखिए कि आपकी आरएडी का पैसा निकले। एंप्लई का पैसा निकले और जो ड्राइवर है उसको भी ज्यादा बुरा ना लगे। 10 से 15% शायद यह बहुत सफिशिएंट है क्योंकि ढेर सारे ड्राइवर्स इसमें लिंक्ड हैं। तो पहला प्रॉफिट इसका क्या है सर? ड्राइवर को क्या मिलेगा? 100% इनकम मिलेगी। कमीशन जो सिस्टम है वह कमीशन सिस्टम यहां पे खत्म हो जाएगा। दिल्ली में पायलट प्रोजेक्ट होगा नवंबर से शुरू। तो नवंबर से इसकी शुरुआत की जाएगी। ध्यान रखिएगा। दूसरा फायदा यह होगा कि जो ड्राइवर हैं ड्राइवरों को अगर 100% पैसा मिलेगा तो जो एक्स्ट्रा पैसे की मांग करते हैं वह भी नहीं करेंगे क्योंकि अभी वो पैसा एक्स्ट्रा इसलिए मांगते हैं ताकि भाई कमीशन का पैसा वो आपसे निकाल लें ₹20 ₹25 हमेशा ज्यादा मांगते हैं। उसका पर्पस यही

4:36 होता है कि जो कमीशन देना है वह भी आपसे निकाल लें। उनको राइड उतने में ही मिल जाए। तीसरा फायदा इसका क्या होगा? सर कंपटीशन आएगा। कंपटीशन जब कंपटीशन आता है तो उसके दो-तीन फायदे हमको होते हैं। एक तो सर्विस क्वालिटी सर्विस हमको मिलती है। दूसरा प्राइस ड्रॉप आपको देखने को मिलेगा और तीसरा आप लोग देखेंगे कि जो प्रोफेशनलिज्म की हम लोग बात कर रहे हैं जिस बिहेवियर की हम लोग बात कर रहे हैं वो बिहेवियर भी हमको यहां देखने को मिलेगा। एक चौथा फायदा हो सकता है कि सरकार इनको लेकर रेगुलेशंस लाए। फिर इनको लेकर रूल्स बना दे कि इतना ही फेयर रहेगा। ये क्वालिटीज होनी चाहिए। तो भारत टैक्सी को लांच किया जा रहा है सहकारी मॉडल पर। इस बात को ध्यान रखिएगा। ये जो पूरा टैक्सी सर्विज हैं इन टैक्सी सर्विज में एक क्रांति के तौर पर हो सकता है। ये क्या है? इसको पूरा डिटेल में समझने की कोशिश

5:23 करते हैं। आप लोगों का स्वागत है। मैंने आधा तो लगभग आपको बता ही दिया है। मेरा नाम है गौरव शर्मा। हम आपसे जनरल स्टडीज के ढेर सारे टॉपिक को यहां पर डिस्कस करते हैं। सर, इसको हम लोग कहां यूज़ कर सकते हैं? आप इसको यूज़ कर सकते हैं। एक तो जो सर्विस प्रोवाइडर है, सर्विस प्रोवाइडर में अर्बनाइजेशन में आप इसको यूज़ कर सकते हैं। ठीक है? आप फिर यहां पर ई गवर्नेंस में यूज़ कर सकते हैं क्योंकि सरकार इसमें इंटरेस्टेड है और सरकार भी इसमें इनवॉल्व रहेगी। ये कैसे रहेगी आपको समझाते हैं। चलिए ये खबर आपने पढ़ ली है। पूरी खबर को देखते हैं भाई। चलो भारत टैक्सी क्या है? पहला राष्ट्रीय सहकारी राइड हेलिंग प्लेटफार्म। ये राइड हेडलिंग प्लेटफार्म के तौर पर जाना जा रहा है। मतलब इनके द्वारा जो राइड होती हैं इन राइड को मैनेज किया जाएगा। इस बात को ध्यान रखिएगा। जिसे सहकारिता मंत्रालय सहकारिता मंत्रालय और

6:08 राष्ट्रीय ई गवर्नेंस डिवीजन ने तैयार किया है। तो कोऑपरेटिव मिनिस्ट्री भी इसमें है और नेशनल ई गवर्नेंस जो डिवीजन है इसके द्वारा इसको तैयार किया गया है ताकि जो टैक्सी की मोनोपोली है टैक्सी सर्विसेस को लेकर जो इर्रेगुरिटीज हैं इन इर्रेगुरिटीज को हम लोग दूर कर पाएं। इसी के लिए इसको बनाया गया है। ध्यान रखिएगा। राइट? तो क्या है? पहला सहकारी राइड हिलिंग प्लेटफार्म है। इसमें पहली सहकारी टैक्सी दिसंबर से शुरू हो रही है। इसे भारत टैक्सी नाम दिया गया है। मतलब बेसिकली नवंबर में इसको हम लोग पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू करेंगे और दिसंबर में फिर इसको हम स्टार्ट कर देंगे फुल फ्लैज तरीके से। 650 ड्राइवरों के साथ पायलट प्रोजेक्ट सबसे पहले नवंबर में दिल्ली में शुरू होगा। मतलब इनिशियली 650 ड्राइवरों को इसमें कनेक्ट किया जाएगा। इसमें लिंक किया जाएगा और पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरुआत नवंबर में दिल्ली

6:54 से होगी। इस बात को ध्यान रखिएगा। इसके बाद अगले महीने देश के बाकी राज्यों में इसका विस्तार किया जाएगा। दिसंबर से दूसरे राज्यों में भी हम इसका विस्तार कर देंगे। तब तक इससे 5000 राइडर और महिला सारथी इससे जुड़ जाएंगे। महिला सारथी भी एक इंपॉर्टेंट है। अभी आप लोग देखेंगे कि जो कैब है, Ola है या रैपिडो हैं। इसमें बहुत महिला ड्राइवर्स नहीं है और महिला ड्राइवर्स नहीं है तो जब सिंगल महिलाएं ट्रैवल कर रही होती हैं तो उनको बहुत सारे सरकम्स को फेस करना पड़ता है। अब अगर यह सहकारी मॉडल पे ल्च किया जा रहा है तो उसमें महिला सारथी भी अपॉइंट किए जाएंगे। महिलाओं को भी कैब सर्विज से जोड़ा जाएगा जिससे इंडिपेंडेंट बेंग, सेल्फ डिपेंड बेंग। ठीक है? वुमेन एंपावरमेंट और जो

7:41 महिलाएं सिंगल महिलाएं ट्रैवल करती हैं उनको भी एक कंफर्टेबल राइड मिलेगी। कंफर्टेबल टैक्सी सर्विज मिल जाएंगी। तो इनिशियली कहां से शुरू की जा रही है? दिल्ली से। फिर पूरे भारत में शुरू किया जाएगा। महिला सारथी भी इसमें जोड़े जाएंगे। आप इस बात को ध्यान रखिएगा। एक इंपॉर्टेंट इनिशिएटिव हो सकता है भारत सरकार का। भारत टैक्सी क्या है? इसे कौन चलाएगा? यह सदस्यता आधारित मॉडल है जिसे सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड चलाएगा। इसकी स्थापना जून में 300 करोड़ की पूंजी के साथ की गई थी। तो इसको याद रखना सहकार सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड है ना यह एक सहकारी संस्था बना दी गई है टैक्सी सर्विज को चलाने के लिए। राइट? कब इस्टैब्लिश हुआ जून में कितने पैसे के साथ? 300 करोड़ की पूंजी के साथ हुई। ऐप आधारित यह सेवा है। यह भी ऐप आधारित

8:28 डिजिटल इंडिया का हिस्सा है। इसका इसकी एक संचालन परिषद होगी जिसमें अमूल के एमडी जैन मेहता चेयरमैन और एनसीडीसी के उपप्रबंधक निदेशक रोहित गुप्ता वाइस चेयरमैन। तो जो अमूल हमारा कोऑपरेटिव सोसाइटी है काफी सक्सेसफुल है। इसके जो एमडी हैं उनको हम लोग चेयरमैन बनाएंगे और एनसीडीसी के जो उपप्रबंधक है डिप्टी मैनेजर है हम इसको डिप्टी चेयरमैन बनाएंगे। इसके अलावा आठ अन्य सदस्य भी हैं जो देश की विभिन्न सहकारी समितियों से जुड़े हैं। इस बोर्ड की पहली बैठक 16 अक्टूबर को हो चुकी है। मतलब एक कोऑपरेटिव जो सोसाइटी से एसोसिएट लोग हैं उनकी ही एक परिषद होगी। उनकी ही काउंसिल होगी इसको चलाएगी। यह भी ऐप आधारित सर्विस है। जैसे Ola का इसका ऐप आएगा। वैसे ही भारत टैक्सी का ऐप आपको देखने को मिल जाएगा। इसके

9:13 फायदे क्या हैं कि एक तो प्राइिंग ड्रॉप हमको देखने को मिलेगी। ड्राइवर्स को फायदा होगा। एमावर होंगे, वमेन एंपावर होंगे। ढेर सारे इसके फायदे भी हमको देखने को मिल जाएंगे। राइट? तो भारत टैक्सी क्या है? कौन चलाएगा? आप समझ गए होंगे। महिला सारथी की क्या भूमिका होगी? यानी महिला ड्राइवर्स। महिला सारथी का मतलब है महिला ड्राइवर्स। पहले चरण में 100 महिलाएं जुड़ेंग। 2030 तक इनकी संख्या 15,000 करेंगे। 15 नवंबर से मुफ्त प्रशिक्षण विशेष बीमा भी मिलेगा। प्रशिक्षण मिलेगा और बीमा फैसिलिटी प्रोवाइड की जाएगी। इसकी सर्विस कैसे ले सकेंगे? भारत टैक्सी का ऐप Ola Uber जैसा होगा जो नवंबर में एप स्टोर से डाउनलोड कर सकेंगे। ऐप हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी में होगा। इस बात को ध्यान रखना। ड्राइवरों को क्या फायदा होगा? हर राइट की 100% कमाई ड्राइवर को मिलेगी। उस उसे सिर्फ दैनिक साप्ताहिक या

10:00 मासिक सिल्क देना होगा जो कि बहुत ही सामान रहेगा। मतलब एक एक मिनिमम चार्जेस यहां पर रहेंगे ताकि होता है ना कि अगर आप फिर अपने मनमाने चार्जेस लेना शुरू ना कर दें और आपको जो रूल्स एंड रेगुलेशन है उनका फॉलो कर रहे हैं या नहीं कर रहे हैं उसका मेंबर बनाए रखने के लिए एक मिनिमम चार्जेस यहां पे आपसे लिए जा सकते हैं। इस बात को ध्यान रखिएगा। तो ये ड्राइवरों की भूमिका इसमें हो गई। इस बात को ध्यान रखना। Ola ओवर से कितनी अलग और फायदेमंद होगी भारत टैक्सी। देखो इनका जो मालिकाना हक है वह निजी कॉरपोरेट का है। यहां भारत टैक्सी का सर सहकारी सोसाइटी ड्राइवर सहमालिक मतलब ड्राइवर उसके मेंबर बनेंगे उस कोऑपरेटिव सोसाइटी के कमीशन 20 से 25 प्रति राइट 0% कमीशन सदस्यता शुल्क मतलब राइट पे नहीं है। मेंबरशिप चार्ज सिर्फ

10:46 लिया जाएगा तो ड्राइवरों को बहुत फायदा हो जाएगा। प्राइिंग डायनेमिक पीक में महंगा यह डायनेमिक प्राइिंग रहती है इनकी। जैसे आप कभी भी टैक्सी बुक करना अपने अपने घर से एयरपोर्ट के लिए वही टैक्सी की बुकिंग हुई ₹300 टू 400 उनको पता है कि ढेर सारे लोग अवेलेबल हैं किसी भी टैक्सी सर्विस को ले सकते हैं। लेकिन जब आप एयरपोर्ट से अपने घर के लिए सेम डिस्टेंस को तय करेंगे तो उसकी प्राइिंग डबल हो जाती है। 400 टू 400 से यदि 800 चली जाती है। उनको पता है कि ऑप्शन नहीं है। दूर है घर से। घर से कोई लेने आएगा जाएगा उनका भी। तो ये जो फायदा उठाने वाली चीज है ये इसको शायद लगाम लगा पाएंगे। इसको शायद रोक पाएंगे। ठीक है? यहां स्थिर होंगी दरें और पारदर्शी दरें होंगी। इंसेंटिव क्या है? कंपनी टारगेट आधारित है। सहकारी बोनस और

11:31 लाभांश जो भी बोनस होगा, लाभांश होगा वो कंपनी का इसमें शेयर किया जाएगा। सुरक्षा ऐप फीचर्स है। पुलिस स्थानों से इंटीग्रेशन डिस्ट्रेस बटन। तो इसमें पुलिस स्थानों से उनको इंटीग्रेटेड किया जाएगा। सीधा लिंक किया जाएगा। कोई दिक्कत आएगी पुलिस आपके पास सीधा पहुंचेगी। विस्तार बाजार आधारित सहकारी ग्रामीण फोकस इसमें ग्रामीण और शहरी हर क्षेत्र में इसका विकास करेंगे। प्रति किलोमीटर का चार्ज कितना होगा यह फिलहाल तय नहीं किया गया है। लेकिन जल्दी ही आपको मार्केट में पता चल जाएगा कि कितना इसका चार्ज होगा। एक रेवोल्यूशन हो सकता है, एक क्रांति हो सकती है। टैक्सी सर्विज में बदलाव लाने का एक बहुत बड़ा कदम हो सकता है। क्योंकि टैक्सी सर्विज भी प्राइवेट जो टैक्सी जो ओनर होते हैं, उसी की तरह बिहेव करने लगे हैं। उतने ही महंगे हो गए हैं। उतनी ही इर्रेगुरिटीज हमको यहां पर देखने को मिल

12:17 रही है। तो यह क्रांतिकारी कदम हो सकता है। आप इस बात को ध्यान रखिएगा। 2030 तक कैसे आगे बढ़ेगी? दिसंबर से मार्च 2026 तक राजकोट, मुंबई, पुणे में सर्विस ड्राइवर 5000 होंगे। मल्टी स्टेट ऑपरेशन अप्रैल से दिसंबर के बीच लखनऊ, भोपाल, जयपुर शुरुआत ड्राइवर 15,000 और 10,000 गाड़ियां 2028 में 20 शहरों में 500 ड्राइवर के साथ पेन इंडिया सर्विस इसे फास्ट टैग से जुड़ेंगे। 2028 से 2030 के बीच जिला मुख्यालय गांव में 1 लाख ड्राइवर के साथ सेवा शुरू होगी। मतलब हर जगह टैक्सी सर्विज को शुरू कर देंगे किफायती दरों पर जिससे बहुत सारे फायदे होंगे। एक तो वह लोग जिनको इंटरेस्ट है ड्राइवरी करने में या जो उसमें अपना करियर बनाना चाहते हैं उनको एक प्लेटफार्म मिलेगा। प्राइिंग कम होंगी तो कस्टमर को भी एक अच्छी सर्विस मिलेगी। क्वालिटी सर्विस मिलेंगी। कॉम्पिटिटिव मार्केट

13:03 होगा। ढेर सारे और इसके फायदे आपको देखने को मिल जाएंगे। राइट? तो ये भारत टैक्सी है। इस भारत टैक्सी के बारे में अगर आपसे कोई भी सवाल पूछा जाए आप इसको बता दीजिएगा। मुझे पूरी उम्मीद है कि आपको ये सारी बातें समझ में आ गई होंगी। आगे देखो भाई हमारा प्रतिज्ञा प्लस एक फाउंडेशन बैच है जिसको आप लोग अक्टूबर बैच के नाम से जान रहे हैं और 25 अक्टूबर से इसकी शुरुआत हो रही है। बिहार पीसीएस का बैच या बिहार पीसीएस की तैयारी आप इसके साथ में कर पाएंगे। इसके लिए कोड आपने यूज़ करना है जीआरएस लाइव। जीआरएस लाइव कोड को अगर यूज़ करते हैं तो मैक्सिमम डिस्काउंट आपको मिल जाता है। आप जुड़िए इन कोर्सर्सेस के साथ एंड दिस इज़ माय Telegram चैनल। आप इसको ज्वाइन कर लें। यहां आपको पीडीएफ ठीक है? पीडीएफ एंड अपडेट मिल जाते हैं। चलिए फिर मिलते हैं आप लोगों से। तब तक खुश रहें, मस्त रहें। हैव ए नाइस टाइम। गुड डे टू ऑल।

13:48 हिंदी में यूपीएससी की तैयारी से संबंधित प्रोग्राम्स को देखने के लिए सब्सक्राइब करें स्टडी आईक्यू आईएस हिंदी।

Share

YouTube Video Summaries