भारत में बढ़ती बीमारियों का पक्का समाधान (10 अप्रैल)

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो आरसीएम के स्वास्थ्य मिशन और गामा ओरिजिनोल के महत्व पर केंद्रित है। इसमें भारत को स्वस्थ बनाने और लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों को कम करने के लिए जागरूकता बढ़ाने और सही उत्पादों का उपयोग करने पर जोर दिया गया है। वक्ता सीड्स (स्लीप, इमोशनल हेल्थ, एक्सरसाइज, डाइट, सप्लीमेंट्स) के महत्व पर प्रकाश डालते हैं और गामा ओरिजिनोल के थायरॉइड, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और बीपी पर सकारात्मक प्रभावों के बारे में बताते हैं। वीडियो में स्वास्थ्य क्रांति लाने और लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया है।

मुख्य बातें:

  • आरसीएम का स्वास्थ्य मिशन और स्वस्थ भारत का निर्माण।
  • लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियों से होने वाली मौतों को कम करने का लक्ष्य।
  • सीड्स (SLEEP, EMOTIONAL HEALTH, EXERCISE, DIET, SUPPLEMENTS) का महत्व।
  • गामा ओरिजिनोल के स्वास्थ्य लाभ और आयुर्वेदिक महत्व।
  • स्वास्थ्य क्रांति लाने के लिए प्रेरणा और जागरूकता का प्रसार।

परिचय: स्वास्थ्य मिशन और नया भारत

आरसीएम इस साल स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़ा काम करना चाहता है और देश की परिस्थिति को बदलना चाहता है। वे एक ऐसा नया भारत बनाना चाहते हैं जो बीमार न हो और हर कोई स्वस्थ हो। इसके लिए उन्होंने बहुत सारे कैंप लगाए हैं और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं। यह साल स्वास्थ्य क्रांति के लिए समर्पित है, जिसका उद्देश्य भारत को फिर से विश्व गुरु बनाना है, जहाँ हर कोई स्वस्थ हो और आयुर्वेद, ध्यान, योगा और मेडिटेशन का महत्व समझा जाए।

लाइफस्टाइल डिजीजेस और सीड्स का महत्व

भारत में 60% तक मौतें लाइफस्टाइल डिजीजेस की वजह से होती हैं, जैसे कोलेस्ट्रॉल, बीपी, थायरॉइड और शुगर। आरसीएम एक ऐसी क्रांति लाना चाहता है जिससे इन आंकड़ों को कम किया जा सके। इसके लिए उन्होंने सीड्स का कांसेप्ट दिया है, जिसमें स्लीप, इमोशनल हेल्थ, एक्सरसाइज, डाइट और सप्लीमेंट्स शामिल हैं। यह कांसेप्ट आयुर्वेदिक साइंसेस से प्रभावित है और लोगों को स्वस्थ जीवन जीने का तरीका सिखाता है।

दवाइयों से मुक्ति और आयुर्वेदिक विज्ञान

आजकल लोग बीमारियों के लिए दवाइयां लेते हैं और सोचते हैं कि उनके नंबर्स कंट्रोल हैं, लेकिन वे भूल जाते हैं कि हमारा शरीर खुद को हील कर सकता है। दवाइयों पर पूरी जिंदगी डिपेंड होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि लगातार दवाइयां लेने से लीवर और किडनी को नुकसान हो सकता है। आरसीएम चाहता है कि लोग अपनी जड़ों से जुड़ें और जीवन जीने के सही तरीके को सीखें, जिससे बीमारियों के रूट कॉज पर काम किया जा सके और दवाइयों को बंद करके फिर से स्वस्थ हो सकें।

सीड्स का विस्तृत विवरण

सीड्स हमें सिखाता है कि सही टाइम पर सोना है, इमोशनल हेल्थ का ध्यान रखना है, एक्सरसाइज करनी है और सही डाइट लेनी है। मेडिकल साइंस भी अब सरकेडियन रिदमम और साइकोसोमेटिक डिजीजसेस की बात कर रही है। आरसीएम लोगों को इमोशनल वेल बीइंग का ध्यान रखने, एक्सरसाइज करने, सही डाइट लेने और सप्लीमेंट्स का उपयोग करने के लिए गाइड कर रहा है।

सप्लीमेंट्स और गुरुकुल की नॉलेज

आरसीएम प्राकृतिक सप्लीमेंट्स दे रहा है जो प्लांट बेस्ड हैं और आज की प्रॉब्लम्स को होने नहीं देंगे। गुरुकुल में हम सीखते हैं कि पेट को पूरी तरह न भरें और सूर्य अस्त के बाद भोजन न करें। यह नॉलेज डीप आयुर्वेदिक साइंसेस में बताई गई है। आरसीएम एक ऐसा सपोर्ट ग्रुप है जो मेंटल हैप्पीनेस और मेंटल पीस देता है और दूसरों के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित करता है।

आरसीएम की वैज्ञानिक पहल और गामा ओरिजिनोल का परिचय

आरसीएम परिवार के लोग प्रोटीन, विटामिन डी और बी12 के बारे में जानते हैं और सीड्स की नॉलेज को अपने जीवन में इंप्लीमेंट कर रहे हैं। सप्लीमेंट्स भी हमारे वेदों और शास्त्रों से जुड़े हुए हैं। गामा ओरिजिनोल एक ऐसी शक्ति है जिससे हम एक बहुत बड़ी क्रांति ला सकते हैं। पूजा में चावल को महत्व दिया जाता है, क्योंकि इसमें गामा ओरिजिनोल होता है, जो हमारे शरीर पर जादुई प्रभाव कर सकता है।

गामा ओरिजिनोल: थायरॉइड, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और बीपी पर प्रभाव

गामा ओरिजिनोल थायरॉइड, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और बीपी जैसी बीमारियों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है। यह टीएसएच लेवल्स को कम करता है, कोलेस्ट्रॉल को अब्सॉर्ब नहीं होने देता, इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है और बीपी को मैनेज करता है। क्लीनिकल ट्रायल्स और स्टडीज में भी यह साबित हो चुका है कि गामा ओरिजिनोल इन बीमारियों के लिए रामबाण साबित हो सकता है।

सफलता की कहानियाँ और डॉक्टर्स का समर्थन

बहुत सारे लोगों ने गामा ओरिजिनोल की वजह से अपनी बीमारियों को ठीक किया है। देश के बड़े-बड़े डॉक्टर्स भी गामा ओरिजिनोल के फायदों को हाईलाइट कर रहे हैं। एम्स की सीनियर डाइटिशियन और टॉप कार्डियोलॉजिस्ट भी गामा ओरिजिनोल को हार्ट हेल्थ के लिए प्रभावी बता रहे हैं।

लाइफस्टाइल डिजीजेस पर गामा ओरिजिनोल का प्रभाव

गामा ओरिजिनोल बीटा सेल्स को बचाता है, इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करता है और हाइपोथैलेमस पर एक्शन करता है। यह ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके एस एंजाइम की एक्टिविटी को कम करता है और वेसल्स को डलेट करता है। गामा ओरिजिनोल लाइफस्टाइल डिजीजेस पर एक शक्ति की तरह काम कर सकता है।

जागरूकता और सही शिक्षा का महत्व

गामा ओरिजिनोल के बारे में राइट एजुकेशन और अवेयरनेस देने की जरूरत है। सिर्फ दो कैप्सूल ऐड करने से लाइफ में बहुत बदलाव आ सकता है। आरसीएम लोगों को स्वस्थ होने और रोग मुक्त होने के लिए प्रेरित कर रहा है और उन्हें हर तरह की मदद दे रहा है।

गामा ओरिजिनोल: वेदों का ज्ञान और आधुनिक विज्ञान

यह वीडियो गामा ओरिजिनोल के महत्व को सरल भाषा में समझाता है और हमें हमारी रूट्स से जोड़ने के लिए मोटिवेट करता है। आरसीएम हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए कह रहा है और हमें देश में एक कॉमन मैसेज देना है कि हर किसी को स्वस्थ होना है।

स्वास्थ्य क्रांति के लिए योजना और विस्तार

स्वास्थ्य क्रांति अभियान के माध्यम से दुनिया को स्वस्थ करने और स्वास्थ्य क्रांति को फलीभूत करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। परिणामों को एकत्रित करना, सेहत के सितारे बनना और सेहत मित्र बनना महत्वपूर्ण है।

स्वास्थ्य कैंप और यूएलपी क्विक का महत्व

स्वास्थ्य कैंप और यूएलपी क्विक के माध्यम से लोगों को जागरूक करना और उन्हें गामा ओरिजिनोल के बारे में बताना जरूरी है। सेवा केंद्रों और डिस्प्ले वाल में यूएलपी क्विक करने से सही परिणाम मिलेंगे।

विचारों का आदान-प्रदान और प्रेरणा

विभिन्न वक्ताओं ने अपने अनुभव साझा किए और गामा ओरिजिनोल के लाभों के बारे में बताया। उन्होंने रिपोर्टों को एकत्रित करने, सेहत मित्र बनने और लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

डॉक्टरों की राय और अनुभवों का साझाकरण

डॉक्टरों ने गामा ओरिजिनोल के फायदों के बारे में बताया और इसे थायरॉइड, कोलेस्ट्रॉल, शुगर और बीपी जैसी बीमारियों के लिए उपयोगी बताया। उन्होंने लोगों को सही जानकारी देने और उन्हें स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करने की सलाह दी।

आत्म-जागरूकता और क्रांति का आह्वान

गुरुदेव ने आत्म-जागरूकता और क्रांति का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें अपनी सोच को जगाना होगा और लोगों को स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना होगा। हमें अपनी जिम्मेदारी का एहसास करना होगा और दुनिया को ठीक करने के लिए काम करना होगा।

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Transcript

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0:00 आप सब जानते हैं हम इस साल स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत बड़ा काम करना चाहते हैं। बहुत बड़ा योगदान देना चाहते हैं। और अभी हाल ही में हमने बहुत सारे कैंप्स लगाए वर्ल्ड हेल्थ डे में एक मैसेज दिया कि अब भारत में एक संस्था ऐसी आ चुकी है। एक परिवार ऐसा आ चुका है जो बहुत नेक भावना से बहुत सच्चे मन से देश की परिस्थिति को बदलना चाहता है। हम नया भारत बनाना चाहते हैं जो भारत बीमार नहीं होगा जहां पर हर कोई स्वस्थ होगा। तो आप में से बहुत सारे साथियों ने कैंप्स लगाए। मैंने फोटोस देखी, वीडियोस देखी। कौन-कौन इस एक्टिविटी को अभी भी जारी रखे हुए हैं। कौन-कौन अभी भी जिनको बहुत अच्छे रिजल्ट्स

0:46 आए हैं कैंप्स लगाकर और अभी भी आपने इस एक्टिविटी को कंटिन्यू रखा है अपनी टीम में जल्दी से हैंड रेज करके एक बार मुझे बताइए। शैलेश जी, लखन जी तो बहुत सारे हैंड रेज मुझे दिख रहे हैं। संजीव जी, विपिन जी बहुत सारे हैंड रेज हैं। दैट्स ग्रेट। दैट मींस आप अपने मिशन के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। आपने देख लिया कि अगर हम कैंप लगाते हैं, अगर हम एक सच्ची भावना से, लोगों की मदद करने की भावना से, उन्हें एजुकेट करते हैं अपने प्रोडक्ट्स पर, उनके ब्लड टेस्ट करवाते हैं। उन्हें पैराटर्स दिखाते हैं, तो हम स्वास्थ्य की दिशा में वाकई में बहुत बड़ा योगदान दे सकते हैं। तो इस एक्टिविटी को कंटिन्यू रखिए। जरूरी नहीं है। शुरुआत हो चुकी है वर्ल्ड हेल्थ डे से। लेकिन जरूरी नहीं है

1:34 उसे हमें रोकना है। हमें उसे कंटिन्यू रखना है। क्योंकि यह साल हमने समर्पित किया है खुद को हेल्थ मिशन की ओर यानी स्वास्थ्य क्रांति लाना चाहते हैं। हम एक बहुत बड़ा काम करना चाहते हैं और इसकी जरूरत है। आप सब जानते हैं डाटा आंकड़े सब कुछ आपके सामने हैं। जो रिपोर्ट्स आ रही हैं, सर्वे आ रहे हैं, वह यह कह रहे हैं कि भारत में 60% तक की मौतें लाइफस्ट डिजीजेस की वजह से हैं। जो जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां हैं। चाहे वो कोलेस्ट्रॉल है, बीपी है, थायरॉइड है, शुगर प्रॉब्लम जो भी मेटाबॉलिक एरर्स हैं हमारी बॉडी में। तो यह सब जो मौतें हैं 60% से ज्यादा

2:20 मौतें यह लाइफस्ट डिजीजेस की वजह से हो रही हैं। और हमें अपने देश में एक ऐसी क्रांति लानी है, एक ऐसा ज्ञान देना है, एक ऐसा जीवन जीने का तरीका बताना है जिससे हम इस आंकड़े को कम कर सकें। इसको खत्म कर सकें और लोगों को एटलीस्ट लाइफस्टाइल डिजीजेस से होने वाली मौतों से होने वाली प्रॉब्लम से बचा सकें। तो इसके लिए हम समर्पित हैं। हम नया भारत बनाने के लिए समर्पित हैं। हम भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने के लिए समर्पित हैं। आपको याद होगा आपने कहीं ना कहीं पढ़ा भी होगा। किसी ना किसी से सुना होगा आपने दादा-दादी से, नानानी से कि भारत कभी एक ऐसा समय था जब भारत विश्व गुरु था। तब वहां पर बीमारी

3:09 की बात नहीं होती थी। तब वहां पर हर कोई स्वस्थ होता था। वहां पर आयुर्वेद की बात होती थी। वहां पर जीवन जीने के तरीके की बात होती थी, ध्यान की बात होती थी, योगा की बात होती थी, मेडिटेशन की बात होती थी और वहां पर रेकी की बात होती थी। तो वो सारी साइंसेस हमारे पास थी। हमारे पास वो पहले से सारे के सारे खजाने थे जिसे हमने छोड़ दिया और शायद हम लाइफस्टाइल डिजीजेस की तरफ चले गए। बीमारी की तरफ चले गए। लेकिन आरसीएम ने कहा कि अब बहुत हुआ। हम वापिस भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। वापस भारत को स्वस्थ बनाएंगे और उसी ज्ञान को वापस लेकर आएंगे। आपने देखा होगा जो भी हमारी एक्टिविटीज हैं। अब जैसे गुरुकुल की

3:56 स्टार्टिंग हुई सुबह 5:00 बजे से गुरुकुल का सेशन चल रहा है। हम चीजों को सिर्फ बोल नहीं रहे थेटिकली हम कर भी रहे हैं। प्रैक्टिकली फॉलो कर रहे हैं। प्रैक्टिकली तरीके दे रहे हैं उसे इंप्लीमेंट करने के। तो सुबह 5:00 बजे गुरुकुल का सेशन स्टार्ट हुआ योगा से और कैसे योगा करवाया गया। इतने अच्छे प्रोफेशनल तरीके से आपने देखा। उसके बाद मेडिटेशन पर सेशन हुआ। उसके बाद रेकी पर सेशन हुआ। उसके बाद अब हेल्थ पर एजुकेशन हो रही है, नॉलेज हो रही है। यानी हम ये सारी चीजें इंप्लीमेंट कर रहे हैं। सारे तरीके दे रहे हैं लोगों को स्वस्थ करने के, देश में एक नई क्रांति लाने के, उस विज्ञान को वापस लाने के, उस ज्ञान को वापस लाने के जिसको हम भूल चुके हैं। हमने पूरे देश को एक कांसेप्ट दिया सीड्स।

4:44 सीड्स जिसके बारे में आप सब जानते हैं जो क्योंकि आज की भाषा में उसे सरल बनाना बहुत जरूरी है ताकि हर कोई उसे समझ सके उससे के साथ जुड़ सके। तो ये जो सीड्स का कांसेप्ट है जिसे हम स्लीप, इमोशनल हेल्थ, एक्सरसाइज, डाइट, सप्लीमेंट्स का नाम देते हैं। तो ये जो कांसेप्ट है इसके अगर रूट्स पे जाएं, जड़ों में जाएं तो यह हमारी उन आयुर्वेदिक साइंसेस से ही प्रभावित है। हम हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है। आज की डेट में लोगों के लिए इतना आसान हो चुका है कि कोई वो किसी को कोई भी बीमारी है चाहे वो बीपी है, शुगर है, थायरॉइड है, सिंपल वो एक दवाई लेते हैं। उनको लगता है उनके नंबर्स कंट्रोल है। सब कुछ ओके है। लेकिन

5:30 वो भूल चुके हैं कि हमारा शरीर खुद की हीलिंग कर सकता है। अगर हम उसे सही एनवायरमेंट दें। हमें दवाइयों पर पूरी जिंदगी डिपेंड होने की जरूरत नहीं है। क्योंकि मेडिकल साइंस भी कहती है कि अगर कोई भी दवाई आप लगातार कुछ सालों के लिए लेते हैं वो लीवर टॉक्सिसिटी करेगी। आपके लीवर को डैमेज करेगी। किडनी को डैमेज करेगी। तो यह दवाइयों की जो एक्सेप्टेंस है इसको हमें इस माइंडसेट से बाहर निकलना है और अपने आयुर्वेदिक साइंसेस अपने विज्ञान अपनी जड़ों से जी जुड़ना है। जीवन जीने के तरीके को सीखना है जो हम सिखाने के लिए आए हैं। जो आरसीएम आगे आया है कि हम अपने जीवन जीने के तरीके को चेंज कर लेंगे या लाइफस्टाइल को चेंज कर लेंगे।

6:16 कुछ सुपर फूड्स ऐड कर देंगे। कुछ सप्लीमेंट्स ऐड कर देंगे। तो हम बीमारियों के रूट कॉज पर काम कर सकते हैं। दवाइयों को बंद भी कर सकते हैं और फिर से स्वस्थ हो सकते हैं। रोग मुक्त हो सकते हैं। तो ये जो कांसेप्ट है सीड्स का जो हमें सिखाता है कि सही टाइम पे हमें सोना है। हमारे लिए स्लीप हमारी प्रायोरिटी होनी चाहिए। यह हमारे आयुर्वेदिक साइंसेस में भी बताया गया है कि सूर्यास्त के बाद अपनी एक्टिविटीज को कम कर लो। अपने बॉडी को स्लो डाउन कर लो। सही टाइम पर सो जाओ, सही टाइम पर उठ जाओ। मेडिकल साइंस इसे सरकेडियन रिदमम का नाम दे रही है। मेडिकल साइंस अब कह रही है कि हमारी सरकेडियन रिदमम डिस्टर्ब हो गई है। हम सुबह जल्दी नहीं उठते। हम टाइम पे सोते नहीं इसलिए लाइफस्टाइल डिजीजेस हो रही हैं। तो अगर हम

7:03 ये सीड्स को फॉलो कर लेंगे तो हम बहुत सारी बीमारियों को रोक सकते हैं। उनका उपचार कर सकते हैं। इमोशनल हेल्थ पर काम कर लेंगे। आज मेडिकल साइंस कह रही है कि 90% ऑफ द डिजीजसेस आर साइकोसोमेटिक। यानी वो हमारे दिमाग की वजह से हैं। हमारे स्ट्रेस की वजह से हैं। बोझ की वजह से हैं जो हमने अपने दिमाग पर डाला हुआ है। आज अमेरिका जैसे देशों में डॉक्टर्स ने पूछना शुरू कर दिया अगर कोई थायरॉइड का बीपी का शुगर का पेशेंट उनके पास आता है। डॉक्टर्स पूछते हैं कि क्या हुआ है आपके साथ? ऐसा क्या घटना हुई? आपकी जिंदगी में ऐसा क्या हुआ? क्या इमोशनल बर्डन आपने कैरी किया हुआ है? जिसकी वजह से यह बीमारी हुई। इवन

7:48 कैंसर पेशेंट्स तक को यह पूछा जा रहा है और उनके दिमाग से वह बोझ निकाला जा रहा है। तब जाकर हीलिंग हो रही है। तो इमोशनल हेल्थ पर हम काम करना चाहते हैं। लोगों को गाइड करना चाहते हैं कि आप अपने इमोशनल वेल बीइंग का ध्यान रखिए। एक्सरसाइज की हम बात कर रहे हैं। हमारे आयुर्वेद में भी लिखा हुआ है कि हमारा शरीर जो है वह चलने के लिए बना हुआ है। बैठने के लिए नहीं बना हुआ। सक्रिय रखें अपने शरीर को। मूवमेंट में रखें अपनी बॉडी को और जिसे खुशी से रखें। ऐसा नहीं है कि एक्सरसाइज करना एक जबरदस्ती पनिशमेंट हो गई। नहीं हम ओवरऑल अपनी बॉडी को एक्टिव रखें। मूवमेंट में रखें। हमें [नाक से की जाने वाली आवाज़] हमारा शरीर मिला है। उसे सक्रिय रखें। डाइट का ध्यान रखें। यह आयुर्वेद में भी

8:33 इस पर इवन गीता में भी इस पर लिखा हुआ है कि हमारा आहार बिल्कुल सही होना चाहिए। सात्विक होना चाहिए। सप्लीमेंट्स जो सुपर फूड्स हैं। जब प्रकृति कोई ना कोई प्रॉब्लम देती है, कोई ना कोई समस्या देती है तो स्यूशन भी साथ में देती है। तो ये सप्लीमेंट्स जो आरसीएम दे रहा है वो प्राकृतिक हैं। टोटली प्लांट बेस्ड हैं, नेचुरल है और ये सॉलशंस हैं एक तरह से सुपर फूड्स हैं जो आज की प्रॉब्लम्स को होने नहीं देंगे। और अगर ऑलरेडी डिजीजेस हैं, प्रॉब्लम्स हैं, लाइफस्टाइल डिजीजसेस हैं स्पेशली तो उनका स्यूशन करके देंगे। तो ऐसे सुपर फूड्स हमारे पास हैं। गुरुकुल की नॉलेज हमारे पास है। हर रोज गुरुकुल में हम सुनते हैं। बहुत सारे सेशंस खुद

9:19 टीसी सर ने किए हैं कि आप अपने पेट को पूरी तरह ना भरें। थोड़ा खाली भी छोड़ें ताकि डाइजेशन का प्रोसेस सही होता रहे। यह नॉलेज हम दे रहे हैं और यह नॉलेज डीप आयुर्वेदिक साइंसेस में बताई गई है कि कितना जरूरी है ऐसा करना। तो यह हम डेली बेसिस पर सीख रहे हैं। हम डेली बेसिस पर सीख रहे हैं कि अगर हम सूर्य अस्त के बाद भोजन खाएंगे तो कितने सारे हेल्थ इश्यूज हमें हो सकते हैं। और यह साइंस भी इस चीज को प्रूव कर रही है। तो हम ये फॉलो कर रहे हैं। बहुत सारे साथी मैंने देखा गुरुकुल में अब ये कहने लगे हैं कि हमने रात का खाना बंद कर दिया या हल्का कर दिया। बंद करने को नहीं मैं कह रही लेकिन रात का खाना सूर्य अस्त से पहले अगर हम ले लेते हैं तो वो ज्यादा अच्छा है और हमारी

10:06 डाइजेशन के लिए ज्यादा अच्छा है। हमारी बॉडी हीलिंग पर काम कर पाएगी। अगर हम जल्दी खाना ले लेंगे। अगर हम जल्दी सो जाएंगे तो हमारी बॉडी रिपेयर कर पाएगी। ज्यादातर लाइफस्टाइल डिजीजेस का बहुत बड़ा कारण यह है कि हम टाइम से सोते नहीं है। हमारी बॉडी हीलिंग नहीं कर पाती। हमारी बॉडी सेल्स को रिपेयर नहीं कर पाती। क्योंकि हम उसे क्वालिटी स्लीप नहीं दे रहे। मानसिक तौर पर खुश होना बहुत जरूरी है और हमें एक ऐसा सपोर्ट ग्रुप मिल चुका है। आरसीएम एक ऐसी संस्था है, एक ऐसा सपोर्ट ग्रुप है, एक ऐसा परिवार है जो मेंटल हैप्पीनेस, मेंटल पीस, मेंटल सेटिस्फेक्शन हमें दे रहा है। और यहां हमारे वेदों शास्त्रों में लिखा हुआ है कि असली सेटिस्फेक्शन हमें तब मिलती है जब हम

10:53 अपने से ऊपर उठकर दूसरों के लिए काम करते हैं। एक पर्पस होता है हमारे जीवन का। तो हम असली सेटिस्फाइड फील करते हैं, खुश फील करते हैं। मेंटल तौर पे हैप्पीनेस फील करते हैं। और अगेन आरसीएम एक ऐसा प्लेटफार्म है ऐसी संस्था है जो हमें दूसरों के लिए काम करने के लिए प्रोत्साहित करती है, मोटिवेट करती है। एक मिशन पर हम सब मिलकर काम करते हैं। तो इमोशनल वेल बीइंग पर हमें जो भी संस्कार हमें मिलते हैं। तो हम इमोशनल वेल बीइंग पर काम कर रहे हैं। एक सपोर्ट ग्रुप के साथ जुड़े हुए हैं। एक्सरसाइज पर काम कर रहे हैं। डाइट पर हमें एजुकेशन नॉलेज बार-बार मिलती रहती है। अब मुझे लगता है कि हम सबको मालूम है स्पेशली जो जितने भी

11:38 साथी आरसीएम परिवार से जुड़े हुए हैं या जितने भी परिवार जुड़े हुए हैं सबको मालूम है कि हमें प्रोटीन लेना है। हमें विटामिन डी की डेफिशिएंसी नहीं होने देनी। B12 लेना है। हमें साइंटिफिकली सब कुछ मालूम है। तो यह ज्यादातर लोगों को मालूम भी नहीं है। तो हम ऑलरेडी हेल्थ में एक कदम आगे हैं। एटलीस्ट हम खुद की सेहत तो बेहतर कर रहे हैं। अपने परिवार की सेहत तो बेहतर कर रहे हैं। अपने जानने वालों की सेहत बेहतर कर रहे हैं। इन छोटी-छोटी साइंटिफिक नॉलेजेस से। तो ये आप देखिए हमें मालूम है कि हमें पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना है। ज्यादातर लोगों को नहीं पता कि उन्हें प्रोटीन लेना है। उन्हें नहीं पता कि उन्हें ओमेगा थ्री लेना है। लेकिन हमें मालूम है और हम उस पर काम कर रहे हैं। प्लस हम सीड्स की नॉलेज उसे अपने जीवन में

12:26 इंप्लीमेंट कर रहे हैं और उस नॉलेज को पूरे इंडिया तक लेकर जा रहे हैं। सीड्स में एक बहुत इंपॉर्टेंट पहलू है सप्लीमेंट्स। सप्लीमेंट्स सपोर्ट जो आज की डेट में चाहिए ही चाहिए। लेकिन यह भी कहीं ना कहीं हमारे वेदों, शास्त्रों, आयुर्वेदिक साइंसेस से जुड़े हुए हैं। यह नेचुरल है। आज अगर मैं मधुसन्यम रस की बात करूं तो आपको मालूम है तो आयुर्वेदिक जितने भी सुपर फूड्स की बात हुई है आयुर्वेदा में तो उसकी फॉर्मुलेशन से तैयार किया मधुसन्यम रस। अगर मैं न्यूट्री चार्ज की बात करूं अगेन वहां पर जितने भी इंग्रेडिएंट्स हैं, नेचुरल प्रोडक्ट्स हैं तो वो भी हमारे वेदों शास्त्रों से कुछ ना कुछ कनेक्शन रखते हैं। जब मैं उनके बारे

13:12 में स्टडी करती हूं, पढ़ती हूं। मुझे लगता है यह हमारे देश के लिए, महिलाओं के लिए, पुरुषों के लिए बहुत बड़ी ब्लेसिंग है। और अगर मैं गामा ओरिजिनोल की बात करूं जिसके बारे में अभी मैं डिटेल में बात करने वाली हूं तो मुझे लगता है यह एक बहुत बड़ी शक्ति हमें मिल चुकी है जिससे हम एक बहुत बड़ी क्रांति ला सकते हैं और यह शक्ति भी हमारे शास्त्रों से ही जुड़ी हुई है। आप में से जितने भी साथी हैं आप जरूर नॉलेज रखते होंगे कि जब हम पूजा करते हैं जब भी घर में कोई हवन होता है, कोई पूजा होती है तो पूजा में चावल को बहुतेंस दी जाती है। बहुत महत्व दिया जाता है। बल्कि पूजा हो

13:58 ही नहीं सकती बिना चावल के। तो इसको डीपली समझने की मैंने कोशिश की। शास्त्रों में चावल का को अक्षत बोला जाता है। अक्षत जो कभी नष्ट ना हो सके। यह वर्डिंग बोली जाती है शास्त्रों में चावल के बारे में कि यह अक्षत है। यह कभी नष्ट नहीं हो सकता। अक्षत इसको नाम दिया गया है। और अगेन मैंने थोड़ा और डीप स्टडी करने की कोशिश की तो समझ में आया कि कर्मकांड शास्त्र में एक श्लोक है सर्व अभावे अक्षते। यानी पूजा की सामग्री में अगर किसी चीज की कमी हो जाए तो आप उस कमी को पूरा करने के लिए चावल रख दीजिए। कमी पूरी हो जाएगी। देवताओं का भोजन बोला जाता है चावल को। यानी इतनीेंस दी गई है हमारे वेदों में

14:47 राइस को, चावल को, अक्षत को। अब आज की डेट में हमें हर चीज को साइंस से समझना चाहिए। मुझे भी लगता है कि हर चीज के पीछे साइंटिफिक लॉजिक होना चाहिए। साइंटिफिक टपर होना चाहिए। हम सब में साइंटिफिक टेंपर जरूर होना चाहिए। कोई भी चीज को हमें ब्लाइंडली नहीं फॉलो करना चाहिए। लेकिन जब मैं अपनी आयुर्वेदिक साइंसेस को पढ़ती हूं तो मुझे लगता है कि आज की डेट में भी वो चीजें इतनी ही सही है, उतनी ही सही है। विज्ञान के माध्यम से भी अगर हम देखें तो वो उतनी ही राइट हैं जितनी वो पहले थी। अगर चावल को देवताओं का भोजन बोला गया है। अगर उसे इतनीेंस दी गई है। अगर टीका लगाया जाता है तो भी चावल होता है। तो पुराने समय में जो चावल था वो

15:34 ब्राउन राइस था। भूरा चावल था। आज की तरह वाइट राइस नहीं था। वो तो शेलफ लाइफ बढ़ाने के लिए वाइट राइस बना दिया गया। लेकिन भूरा चावल था। पुराने समय में जिस चावल की बात की गई है जो हमारे वेदों में है, शास्त्रों में है। अगर आज की डेट में क्योंकि हमें हर चीज को साइंस से समझना है। अगर आज की डेट में भगवान सब कोई कोई लोग मिल पाते उन्हें मतलब मैं थोड़ा सा हाइपोथेटिकल हो रही हूं। अगर देवताओं को हमारे साइंटिस्ट मिल पाते तो वो उनसे लॉजिक पूछते। वो पूछते कि क्यों आपने चावल को इतनीेंस दी है? क्या लॉजिक है इसके पीछे? क्या साइंस है इसके पीछे? तो आई एम श्योर उन्हें बताया जाता कि उसके

16:19 पीछे जो साइंस है वह साइंस गामा रेजनोल है। उस भूरी परत में एक ऐसा तत्व मौजूद है जो हमारे शरीर पर जादुई प्रभाव कर सकता है। मैजिकल इफेक्ट्स कर सकता है। और वो तत्व गामोरिजनोल है। वो साइंस गामोरिजनोल है जिसकी वजह से शायद चावल को देवताओं का भोजन बोला जाता है। इतनीेंस दी है हमारे वेदों ने शास्त्रों ने चावल को इस तत्व का नाम है गामा ओरिजनोल जो शायद चावल की आत्मा है और इस तत्व को साइंटिफिकली अगर आइसोलेट करके ले लिया जाए तो करिश्मे कर सकता है यह हमारे शरीर पर आप सब जानते हैं

17:04 थायरॉइड जिसे आज की डेट में लालाज बीमारी बोला जाता था अब तक अब तक मैं क्या कहूंगी 5 साल पहले आज की डेट में अगर मैं 5 साल बैक जाऊं 2020 तक तब तक डॉक्टर्स भी कहते थे कि थायरॉइड लालाज बीमारी है। इसकी दवाई कभी भी बंद नहीं हो सकती। मेरे साथ भी ऐसा हुआ। मुझे भी जब थायराइड की बीमारी हुई। मुझे भी डॉक्टर ने यही बोला था कि बेटा पूरी जिंदगी मरते दम तक आपको गोली खानी ही पड़ेगी। कोई चॉइस ही नहीं है आपके पास। लेकिन जब मैंने गामा और लिया। जब मैंने अपने लाइफस्टाइल पर काम किया। जब फिर से उस आयुर्वेदिक सुपर फूड उस ज्ञान को अपने जीवन में उतारा तब मैं खुद अपनी दवाई को बंद कर पाई और आज की डेट में लगभग 4 साल

17:51 हो चुके हैं। मैं रोग मुक्त हो पाई। सिर्फ मैं नहीं बहुत सारे ऐसे लोग यानी ये सिर्फ थरेटिकल नहीं है। ये प्रैक्टिकल है। हमें [गला साफ़ करने की आवाज़] रिजल्ट्स भी मिले हैं। हमें मालूम भी है साइंस के माध्यम से कि गामा ओरिजिनोल कैसे थायरॉइड को हील करता है। हमें मालूम है कि ये डायरेक्ट हमारे ब्रेन पर एक्शन करके टीएसएच लेवल्स को कम करता है। ये इसके मैकेनिज्म में लिखा हुआ है। तो मैं यह भी कहना चाहूंगी कि हर चीज को हम साइंटिफिक एंगल से समझने की जरूर कोशिश करें। हम देखें क्लीनिकल ट्रायल्स को, स्टडीज को कि हां ये साइंस वाकई में हाइपोथायरॉइड पेशेंट्स के लिए रामबाण साबित हो सकती है। जब इसे ट्रीटमेंट के साथ जोड़ा जाएगा। जैसे जापान में 1980 1980 में एक क्लीनिकल

18:37 ट्रायल हुआ। वहां पर हाइपोथायरॉइड महिलाओं की जो ट्रीटमेंट है उसके साथ गामा ओरिजिनोल की 300 एमg की ओरल डोज़ जोड़ी गई। तब उनका टीएसएच लेवल नॉर्मल होने लगा और दवाई बंद हुई। तो यह ऐसा हुआ है। क्लीनिकली भी यह प्रूवन है और हमारे पास आज की डेट में हजारों रिजल्ट्स हैं। अगर मैं आपसे पूछूं किस-किस के पास हाइपोथायरॉइड ट्रीटमेंट के रिजल्ट्स हैं कि गामा और से थायरॉइड की दवाई बंद हुई है लोगों की तो अगेन जैसे हमेशा टीसी सर कहते हैं कि अगर हम रिजल्ट्स सुनने लग गए तो पूरे-पूरे दिन पूरी-पूरी रात पूरे हफ्ते निकल जाएंगे। लेकिन गामा ओरिजनोल के रिजल्ट्स खत्म नहीं होंगे। जैसे अभी रेनू जी का हैंड रेज हुआ। बहुत सारे और हैंड रेज मुझे दिख रहे हैं। दैट मींस आप सब ने

19:24 भी यह रिजल्ट्स देखे हैं और आपको मालूम है कि ये जो साइंस है जो हमारे आयुर्वेद से निकली है उस खजाने से निकली है। तो ये साइंस जो है ये एक नई क्रांति ला सकती है। ऐसे बहुत सारे टेस्टीिमोनियल्स मेरे पास है क्योंकि ये बीमारी ज्यादातर महिलाओं में होती है। तो महिलाओं के बहुत सारे मेरे पास टेस्टीिमोनियल्स हैं। जैसे प्रभा जी हैं जिनको सालों से थायरॉइड की बीमारी थी और आज गामा ओरिजिनोल की वजह से उन्होंने अपना लाइफ चेंज किया। इसी तरह महेश जी की मेरे पास स्टोरी है दीपक जी जिन्होंने एक महिला का 15 साल की थायरॉइड की प्रॉब्लम दो महीनों में ठीक की। आज देश के बड़े-बड़े डॉक्टर्स कह रहे हैं कि गामा ओरिजिनोल के इंडिया में आने से थायरॉइड अब लालाज बीमारी नहीं रहा। तो देश के

20:10 बड़े-बड़े डॉक्टर्स जैसेाराम हॉस्पिटल के चेयरमैन एसपी ब्योत्रा उन्होंने गामाजनोल के इस फायदे को हाईलाइट किया। डॉक्टर योगेश शर्मा ने गामाजनोल के इस फायदे को हाईलाइट किया। अगर मैं कोलेस्ट्रॉल की बात करूं आप देखिए ये सब हम लाइफस्टाइल डिजीजेस की बात कर रहे हैं। यानी अगर हमने मिशन लिया है स्वास्तिक क्रांति का। अगर हम उन 60% मौतों को रोकना चाहते हैं, उन्हें बचाना चाहते हैं। एक मिशन पर काम कर रहे हैं। हमारा जीवन उसके लिए समर्पित है। हम सारे हथियारों के साथ हैं। यानी जो हमें चाहिए वो सब हमारे पास हैं। हमारे पास हर तरह की नॉलेज है। हर तरह के प्रोडक्ट्स हैं जो इन हेल्थ इशज़ पर काम कर सकते हैं। जिस तरह

20:56 अगर मैं कोलेस्ट्रॉल की बात करूं तो कोलेस्ट्रॉल पर भी गामा ओरिजनोल एक ऐसी साइंस है जो रूट कॉज पर काम करती है। अगर इसका मैकेनिज्म ऑफ एक्शन समझा जाए तो गामा ओरिजिनोल लेने से अगर किसी का कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो गामा ओरिजिनोल अगर वो रेगुलरली लेते हैं तो उनका शरीर कोलेस्ट्रॉल को अब्सॉर्ब नहीं करता। अपटेक कोलेस्ट्रॉल की कम कर देता है गामा ओरिजिनोल। एक एंजाइम है हमारे शरीर में जो कोलेस्ट्रॉल को बहुत ज्यादा बनाता है। उसकी एक्टिविटी बढ़ जाती है तो कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है। गामा ओरिजिनोल उसकी एक्टिविटी को कम करता है और कोलेस्ट्रॉल को बाइल एसिड में कन्वर्ट करके हमारे शरीर से बाहर निकालता है। ये सारी साइंस मैं आपको समझाना चाहती हूं ताकि आपको पूरा कॉन्फिडेंस हो कि आप लोगों की मदद कर सकते हैं। हमारे पास प्रूवन

21:44 चाहे वो हमारे आयुर्वेद के खजाने से निकला है। लेकिन आज की डेट में भी वो उतना ही साइंटिफिक है जितना वो पहले था। अगर मैं रिजल्ट्स की बात करूं तो हमारे पास मल्टीपल रिजल्ट्स हैं उन लोगों के जिन्होंने अपने कोलेस्ट्रॉल को ठीक किया है। अगर जिन ये सर जिनकी फोटो आपको दिख रही है इन्होंने रिपोर्ट्स के साथ हमें टेस्टीिमोनियल दिया कि कैसे गामाजोल लेने से उनका कोलेस्ट्रॉल मैनेज हुआ। अब हमने साथ में उसमें ओमेगा थ्री को भी ऐड ऑन करने के लिए बोला क्योंकि वो भी हार्ट के लिए एक बहुत शानदार प्रोडक्ट है हार्ट हेल्थ के लिए। सिमिलरली हेमंत जी जिनको हार्ट प्रॉब्लम थी। बहुत सारी दवाइयां लेते थे। उन्होंने गामाजनोल लिया और उन्होंने कहा कि उनको उनकी प्रॉब्लम में बहुत राहत मिली। उनकी हेल्थ इश्यूज में

22:30 राहत मिली। ये 13 साल से सर को परेशानी थी। कोलेस्ट्रॉल की, हार्ट की। बहुत सारी अगेन वह मेडिसिनस लेते थे। उन्होंने अपना वीडियो दिया हमें कि कैसे उन्होंने अपनी इन हेल्थ इशज़ को ओवरकम किया गामा ओरिजिनोल की मदद से। आज देश के बड़े-बड़े डॉक्टर्स एम्स की सीनियर डाइटिशियन कहती हैं कि गामा ओरिजिनोल हार्ट हेल्थ के लिए एक प्रभावी न्यूट्रासटिकल है। कई अखबारों में उनकी स्टेटमेंट आई है। डॉ. नीरज कुमार जो वन ऑफ द इंडियास टॉप कार्डियोलॉजिस्ट हैं। हजारों एंजियोप्लास्टीज कर चुके हैं। उन्होंने बताया है कि गामा ओरिजिनोल लेने से आपकी हार्ट हेल्थ बेहतर होती है। डॉक्टर मंजरी चंद्रा जो सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट है वह इस पर बात कर चुकी

23:16 हैं। पद्मश्री डॉक्टर प्रवीण चंद्रा मेदांता मेडिसिटी के टॉप कार्डियोलॉजिस्ट वो कह चुके हैं कि गामा ओरिजिनोल लेने से अच्छा कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। बुरा कम होता है। क्लॉट बनने का खतरा खत्म होता है। हार्ट अटैक से आप बचते हैं। इस तरह की स्टेटमेंट्स हमारे पास है देश के बड़े-बड़े डॉक्टर्स की। यानी हमारे पास एक ऐसा प्रोडक्ट है, एक ऐसी साइंस है जिससे हम दिल की बीमारियों से होने वाली मौतों को रोक सकते हैं, खत्म कर सकते हैं। कोलेस्ट्रॉल को मैनेज कर सकते हैं। हाई ब्लड शुगर की अगर मैं बात करूं यहां पर भी एक मैकेनिज्म है गामा और रेनोल का कि ये साइंस कैसे काम करती है? ये बीटा सेल्स को बचाती है। इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करती

24:02 है। सेंसिटिविटी को बढ़ाती है। हाइपोथैलेमस पे एक्शन करती है। ये ये जो सारी साइंसेस हैं, ये जो सारे लॉजिक हैं, ये सब रिव्यू आर्टिकल्स, क्लीनिकल ट्रायल्स में बताए जा चुके हैं। आज की डेट में अगर आपको किसी को भी गामा ओरिजिनोल के बारे में समझाना है। आप उन्हें सिंपल बोल दीजिए कि 10 से 15 मिनट Google पर इसकी स्टडीज, इसकी रिसर्च देख लीजिए। तो अपने आप सामने वाला व्यक्ति प्रभावित हो जाएगा कि हां वाकई में जो आप कह रहे हैं यह शत प्रतिशत सही है। वाकई में अगर कोई डायबिटीज का पेशेंट है अगर वो अपने ट्रीटमेंट के साथ गामाजनोल को जोड़ता है और साथ में अब हम मधुसन्यम भी लेने को कह रहे हैं। लो जीआई मिलेट्स लेने को कह रहे हैं। लो जीआई फ्रूट्स लेने को कह रहे

24:47 हैं। दिनचर्या पे काम करने को कह रहे हैं। तो जब हम इतना कुछ उन्हें इतनी हैंड होल्डिंग दे रहे हैं। इतने साइंटिफिक प्रोडक्ट्स दे रहे हैं तो रिजल्ट्स तो डेफिनेटली आएंगे ही आएंगे। जैसे इतने सारे रिजल्ट्स मेरे चैनल पर हेल्थ गार्ड के YouTube चैनल पर ऑलरेडी पोस्टेड है। जैसे रामानंद जी जिनको हाई ट्राइग्लिसराइड आया। शुगर भी बड़ा हुआ। तो कैसे उन्होंने बिना दवाई शुरू किए गामा ओरिजिनोल से उसे मैनेज किया। ऑफ कोर्स उन्होंने लाइफस्टाइल चेंजेस भी किए। सुदेश जी जिनके भतीजे को इनको मैं खुद मिली एक इवेंट में इनके भतीजे को 580 तक शुगर हो गया था। इंसुलिन शुरू हो गया था। लेकिन फिर भी फिर भी कंट्रोल नहीं हो रहा था। इमेजिन ऐसी सिचुएशन भी होती है जब दवाइयां भी काम

25:33 नहीं कर पाती। तो ऐसी सिचुएशन में इनका यंग भतीजा था और उन्होंने बताया स्टेज पर बताया कि जब गामा ओरिजिनोल उन्होंने लिया विद इन टू मंथ्स उनकी दवाइयां बंद हो गई। तो ऐसेसे क्रांतिकारी रिजल्ट्स हैं। अगर मैं जमुना जी की बात करूं तो इनकी फ्रेंड जो 16 साल से इंसुलिन ले रही थी उसका इंसुलिन बंद हुआ है। उसका नेचुरली शुगर कंट्रोल हुआ है। यह वीडियो उन्होंने दी है। और वी आर सपोर्टेड बाय डॉक्टर्स आल्सो। आज की डेट में डॉक्टर्स कह रहे हैं कि डायबिटीज रिवर्सल कर सकता है गामा और इजॉल। यह डॉ. नवुजीत तालुकर जी की स्टेटमेंट है जो मेरे चैनल फॉर एवर हेल्थदी विदिशा पर है। अगर मैं बीपी की बात करूं मेरे कहने का मतलब यह है कि जितने भी लाइफस्टाइल डिजीजेस हैं, जितने

26:20 भी मेटाबॉलिक एरर्स हैं, उस पर यह शक्ति काम कर सकती है। जिस शक्ति का नाम है गामा ओरिजिनोल। सिर्फ राइट एजुकेशन देने की जरूरत है। सिर्फ अवेयरनेस देने की जरूरत है। सिर्फ उसके दो कैप्सूल ऐड करने की अपनी लाइफ में जरूरत है। अगर मैं बीपी की बात करूं अगेन देयर इज़ डिफाइंड मैकेनिज्म कि कैसे गामा ओरिजिनोल ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करके एस एंजाइम की एक्टिविटी को कम करके हमारी वेसल्स को डलेट करता है। जिसके कारण बीपी के पेशेंट अगर गामा ओरिजिनोल को अपनी डाइट में ऐड करते हैं। के दो कैप्सूल लेना शुरू करते हैं तो उनकी दवाइयों की डोजेज कम होने लगती है। उनका बीपी नेचुरली मैनेज होने लगता है। ऐसे क्लीनिकल ट्रायल्स भी ऐसा बोल रहे हैं। स्टडीज रिसर्च भी बोल रहे हैं और हमारे पास

27:07 रिजल्ट्स बोल रहे हैं। 14-4 सालों से जो लोग बीपी की दवाइयां खा रहे थे वो आज की डेट में स्वस्थ हो चुके हैं। बीजू सर की मदर को जो कई सालों से लगभग एक दशक से ऊपर वो कई सालों से ले रही थी बीपी की दवाई उनकी दवाई बंद हो गई है। ऐसे बहुत सारे टेस्टीिमोनियल्स हैं। डॉक्टर्स का सपोर्ट है। तो ये जो साइंस है जो शायद रूडी रूटेड हमारे आयुर्वेद के खजाने से निकली है। उस उस साइंस को हम ले आए हैं। उस साइंस को हम अपने देश में आइसोलेटेड फॉर्म में एक अच्छी भावना से अच्छी सोच से ले आए हैं और इस साइंस को लोगों तक पहुंचाना है।

27:52 आयुर्वेदिक विज्ञान के साथ अपनी जड़ों के साथ फिर से लोगों को जोड़ना है। तो यह हमारा मिशन है। अभी मैं आपके सामने एक वीडियो प्ले करने वाली हूं। यह वीडियो आपको हेल्थ गार्ड के YouTube चैनल पर मिल जाएगी। जो भी मैंने आपको आज बताया बहुत ही सरल लैंग्वेज में बहुत ही सरल भाषा में जो किसी को भी समझ आएगी। एक ले मैन को भी समझ में आएगी कि यह शक्ति गामा ओरिजिनोल है क्या? ये किस खजाने से निकली है? तो ये शक्ति के बारे में एक वीडियो के माध्यम से मैं यहां पर समझाना चाहूंगी। तो अभी एंड में हम ये दो-ती मिनट की वीडियो देखेंगे और समझने की कोशिश करेंगे कि गामा ओरिजिनोल है क्या? तो अभी मैं वीडियो प्ले

28:38 करने वाली हूं। शास्त्रों में अक्षत का अर्थ है जो कभी नष्ट ना हो जो पूर्ण हो। लेकिन क्या आपने सोचा है पूजा में चावल को ही इतनीेंस क्यों गई? रहस्य चावल में नहीं उसकी इस भूरी परत में छिपा है। आज हम हर चीज पर विश्वास विज्ञान की दृष्टि से करते हैं। पुराने समय से ही अक्षत यानी भूरे चावल को इतना महत्व शायद इसलिए दिया गया क्योंकि इसमें एक अद्भुत पोषक तत्व मौजूद होता है। यदि उस तत्व को निकालकर ग्रहण किया जाए तो वह हमारे शरीर पर अनेकों लाभ कर सकता है। क्या आप जानना चाहेंगे कि वह तत्व कौन सा है? विज्ञान कहता है कि इसी परत में गामा ओरिजनॉल पाया

29:26 जाता है। वेदों ने चावल की जिस शक्ति की बात की है जो इसे देवताओं का भोजन बनाती है वो रहस्य वास्तव में गामा ओरिजनॉल ही है। यही वो तत्व है जो शरीर को अंदर से मजबूती प्रदान करता है। हालांकि भूरे चावल के मात्र सेवन से इस तत्व की पर्याप्त मात्रा प्राप्त करना लगभग असंभव है। इसीलिए आधुनिक विज्ञान ने इसे अलग कर हेल्थ गार्ड गामा ओरिजनॉल के रूप में तैयार किया है ताकि शरीर को इसके पूर्ण लाभ मिल सके। यह सिर्फ एक सप्लीमेंट नहीं यह हमारी परंपरा का वैज्ञानिक रूप है। आपके शरीर के लिए एक सच्चा वरदान। वेदों का ज्ञान अब आधुनिक विज्ञान के साथ।

30:14 तो साथियों एक छोटी सी वीडियो जो बहुत बड़ा मैसेज दे रही है जो हमें हमारी रूट्स से जोड़ने के लिए मोटिवेट कर रही है। जिस तरह आरसीएम आगे आकर हमें अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए कह रहा है। तो हम सबको देश में एक मैसेज देना है। एक कॉमन मैसेज देना है कि हर किसी को स्वस्थ होना है। हर किसी को रोग मुक्त होना है और हम आपके साथ हैं। आरसीएम हैंड होल्डिंग कर रहा है। आरसीएम नॉलेज भी दे रहा है। आरसीएम आपका साथी बन चुका है। आपको हर वो हर वो प्रोडक्ट दे रहा है। वो ज्ञान दे रहा है। जिससे आप अपने शरीर को फिर से ऊर्जावान फिर से स्वस्थ बना सकते हैं। तो यह वीडियो का

31:01 इस्तेमाल कीजिए ताकि एक सिंपल तरीके से लोग उस मैसेज को समझ पाएं। अभी उसका लिंक मैं चैट बॉक्स में भी डाल दूंगी। थैंक यू। थैंक यू सो मच। ओवर टू यू लखन सर। थैंक यू। बहुत धन्यवाद मैम। और चलते हैं आदरणीय सर के पास। जी। बहुत-बहुत धन्यवाद दिशा जी। आज और थोड़ा सा हमें पावरफुली गामा ओरिजिनल के बारे में बताया गया। तो वैसे तो हम समझ रहे हैं जो भी लेकिन प्रतिदिन जब हमें नईनई ऊर्जा मिलती है ना तो उसके प्रति एक और थोड़ा सा वो बढ़ता है। हमारा जो है ना मोटिवेशन फैक्टर बढ़ता है। हम और ज्यादा अच्छा काम करने की दिशा में या कोई लेने में खुद यूज़ करने में थोड़ी सी लापरवाही कर जाते हैं। तो वो सब हमारा क्लियर होता

31:48 रहता है। तो समय-समय पर ये खुराक मिलना हमें बहुत ज्यादा जरूरी होता है। और रिजल्ट भी हमारे पास बहुत सारे हैं। परंतु जितना काम कर सकते हैं उसमें अभी बहुत सारी संभावनाएं भी बाकी है। अभी हम कुछ भी नहीं कर रहे हैं। लगभग लगभग 1% भी हम नहीं बोल सकते इसको। तो आज के इस सत्र का जो मुख्य फायदा तभी होगा जब हम इस पर काम करने के तरीकों के बारे में और अच्छे से सोचे। करना है वह तो हम सब क्लियर है। हम सबको पता है कि हमें बहुत बड़ा करना है। पर करने के मजबूत तरीके ये हमें थोड़ा सा विचार करना प्लान करना

32:33 ये बहुत जरूरी है। केवल ऐसे बोले कि हम बहुत अच्छा है प्रोग्राम अच्छा और रिजल्ट बहुत अच्छे हैं। ये तो ठीक है। ये क्लियर है। सभी क्लियर है इस मामले में। इवन बहुत सारे साथी ऐसे ऐसे भी रिजल्ट बोलते हैं जो हम या ईशा जी या अपन अपने प्लेटफ से उतना क्लेम नहीं कर रहे लेकिन वो भी रिजल्ट बहुत सारे है तो वो बातें तो स्पष्ट है और आज बहुत मतलब अपना जो वैदिक कहो या जो भी प्राचीन परंपराओं धर्मों के माध्यम से भी हमें हमारे हिंदुस्तान में क्या है कि जो भी स्वास्थ स्वास्थ्य के लिए अच्छी चीज है। उनको धार्मिक महत्व दिया गया है। वो उससे

33:19 भी क्लियर हो जाता है। चाहे रात्रि भोजन हो, चाहे व्रत उपवास हो, चाहे गाय की बात हो, [गला साफ़ करने की आवाज़] नारियल की बात हो, अक्षत की बात हो, तुलसी की बात हो तो आप कहीं भी देख सकते हैं। हमारा पूरा धर्म विज्ञान से जुड़ा हुआ है। हमारे यहां फर्जी वाला नहीं है। तो चलिए हम सभी साथी थोड़ा सा कुछ और इस काम को योजनाबद्ध करेंगे कि स्वास्थ्य क्रांति अभियान के माध्यम से कैसे आप विस्तार देंगे इस सारे आयोजन को कैसे इस दुनिया को स्वस्थ करेंगे कैसे स्वास्थ्य क्रांति को वाकई में फलीभूत करेंगे चलिए रे कर ले और दामो रीजनल के फायदे के बारे में ना

34:07 बताते हुए इसको कैसे जनजन तक ले जाना है उस पर आज बात करेंगे आइए अजय सर हां अजय सर आप आइए काम तो बहुत बड़ा सर काम तो बहुत बड़ा करना है अभी सर जो बता रहे हैं 1% वही है लेकिन प्लानिंग बहुत तेज चल रही है सर एक तो परिणामों का एक रिजल्ट जो हमारे पास एक फाइल बनी हुई है जिसमें जितने परिणाम है उसको मैं फाइलिंग कर चुका हूं और धीरे-धीरे उसको अपनी टीम में कर रहा हूं और टीम में जैसे मैंने पेंट पे काम किया है उसी तरह अब कैंपिंग पे क्योंकि कैंपिंग एक बहुत हमारा मतलब क्या कहेंगे कि छोटा इस ये था इस पे मैं बहुत ज्यादा फोकस नहीं कर पा आ रहा था। लेकिन सर से जब मीटिंग हुई है तो फिर कैंपिंग पे बहुत तेज फोकस हो रहा है और पूरी प्लान में फोकस हो रहा है। अभी कल मैंने बात किया स्कूलों में कैंपिंग के एक अध्यापक हैं उनके साथ जहां

34:54 मैं पोस्टेड हूं वहां स्पेशली तो काम तो बहुत जबरदस्त हो रहा है सर। ये है कि अपने जो काम मैं करने लगता हूं उसको टीम में मैं बहुत अच्छी से उसको ट्रांसफर कर सकता हूं। तो करता हूं। तो पहला चीज तो मैंने सेहत के सिपाही मैं खुद बना हूं और एक-एक हेल्थ इशू जो मेरा था उसको मैं दूर किया हूं। ये सारे न्यूट्रिशन लाइफस्ट इससे और दूसरा फिर अब हम लोग काम कर रहे हैं सेहत मित्र पे तो जो काम मैं करता हूं उसको मैं अपने कोर ग्रुप को ट्रांसफर करता हूं वो मेरी कोर ग्रुप उसको करने लगती है धीरे-धीरे तो उसको और इससे हम अभी जो जो पहला काम जो हेल्थ कैंप जो है उसको मैं बड़ी तेजी से अपनी टीम में प्रमोट कर रहा हूं और इसको सक्रिय कर रहा हूं और क्रियान्वित कर रहा हूं और इसी को हमको पूरा कसना है और मैं कस रहा हूं और आशा

35:39 करता हूं कि एक से दो महीने के अंदर बहुत तेजी इसमें ला दूंगा। एक बार थैंक यू सर। सभी साथी क्या करें? जब भी कोई साथी बोल रहा है ना उसकी बातों को ध्यान से सुने। वहीं से आपको खजाने मिलेंगे। जैसे उन्होंने बोला कि मैं परिणामों को एकत्रित कर रहा हूं। बहुत सारे साथी क्या करते हैं? रिपोर्ट्स वगह का कलेक्शन नहीं करते हैं। उनके वीडियो वगह का कलेक्शन नहीं करते हैं तो आपके पास वो टूल नहीं मिलता है। तो परिणामों का कलेक्शन बहुत जरूरी है। जितना भी आप काम कर रहे हैं रिपोर्ट्स आपके पास रहनी चाहिए। बाद की रिपोर्ट्स आपके पास रहनी चाहिए। फाइनल वीडियो आपके पास रहना चाहिए। सबका सबका सबका। लाखों करोड़ों हमारे पास प्रूफ होने चाहिए। से

36:25 दूसरा उन्होंने बोला सेहत के सितारे तो हम सबको सेहत के सितारे अपनी टीम को पूरा सबको बनाना और तीसरा बोला सेहत मित्र हमारी टीम का हर साथी सेहत मित्र बने। सेहत मित्र किसको बोलते हैं? जिसके पास 100 से ज्यादा परिणाम के प्रूफ हो। केवल आपने कितना किया उससे कोई लेना देना नहीं है। प्रूफ कितने हैं? ऐसे पॉइंट जो भी साथी बोलेंगे ना आप उसमें से खजाने ढूंढे उनको नोट करते रहे अलग से और सीखने का कोई माध्यम नहीं यस नेक्स्ट साथी को बुलाते आइए सर मुरारी जी आप अन म्यूट कीजिए अपने आप को

37:11 जी सर हम हम भी लोग कल जो है गए और सभासद से बात हुई थी और सभासद से बात हुई और उनके कल और उनके जो अधिकारियों से बात हुई थी तो बोले आज मिलने के लिए तो कैंप के लिए उनसे हम आग्रित निवेदन किए हैं सर आइए लक्ष्मण लाल जी जय नमस्ते मैं भी गामा ओरिजिनल मैं खुद लिया था तो मेरा वजन बहुत कम था मतलब 50 में 2 किलो कम था तो तीन महीना कैंटोन लेने के बाद में कम से कम 55 किलो वजन मेरा बड़ा है खुद और ऐसे सब मेरे घर में जो पापा को भी दे रहा हूं और सबको दे रहा हूं और और साथियों

37:56 को दूंगा जितना मामा ने खतरनाक बाण है जो हमारे घर में आते ही बीमारी का दूर कर दिया है मेरे शुक्ला जी जी सर 5 तारीख और 7 तारीख में जो हमने हेल्थ कैंप किए उसके बहुत अच्छे परिणाम मिले कुछ छोटी-छोटी कुछ कमियां रह गई उन पर सुधार करेंगे और इसको करने से अन्य जितने भी सेवा केंद्र हैं वहां से भी डिमांड आ रही है कि हमारे यहां भी ऐसा होना चाहिए। बहुत सारे लोगों ने अपनी तरफ से इच्छा जाहिर की रजिस्ट्रेशन कराए हैं। अभी हमारा जो काम चल रहा है सर वो जो भी रिपोर्ट्स आ चुकी हैं तो बहुत सारे लोगों को तो काउंसलिंग हो गई है। कुछ लोग नहीं आ पाए हैं तो दोबारा से फिर उनके नजदीक में

38:42 कहीं जैसे कि कल पता चला था कि किसी ऑफिस जैसा कुछ बना के या किसी सेवा केंद्र में हम उनको सूचित करें और वहां पे एक-एक करके उनको बुलाएं तो बहुत अच्छे परिणाम मिल रहे हैं। तो इसी की संख्या को विस्तार करेंगे। यह संख्या हम हेल्थ कैंप की संख्या को बढ़ा देंगे। इससे हम इस पर बहुत बेहतर काम कर पाएंगे। यूएलपी क्विक को भी कंटिन्यू करते हैं अपने को साथ में आइए नीतू बहन आइए जय आरसीएम सभी गुरुओं को प्रणाम सर हम लोगों का हमने 7 तारीख को हेल्थ कैंप लगाया था विश्व स्वास्थ्य दिवस पर और हमने क्या है कलेक्टर को बुलाया था उसमें जिससे लोगों को बहुत जागरूकता मिली और सर हमारा क्या चल रहा है अभी कि हम लोग एक हमारे यहां पीतांबरा पीठ नाम का सिद्धि मंदिर है मतलब

39:31 माता का मंदिर है। वहां पर हमने एक हॉल बुक किया है जिसमें हम लोग यूएलपी क्यू रोज किया करेंगे। डेली हमारे जो प्रोफे गेस्ट होंगे उनको वहां बिठाया करेंगे। हम उनका प्लान किया करेंगे वहां पे और सर हमने गांव-गांव जाकर सरपंच से बात की है। सरपंच ने कहा है कि अभी ये जो चैत्र मास में गेहूं की कटाई चलती है। ये कटाई समाप्त होते ही वो सरपंच के माध्यम से हम लोग गांव-गांव भी यूएलपी की करेंगे सर। और मेरा तो एक ही लक्ष्य है कि 9 महीने में मुझे टेक्निकल जाना है। जय आरसीएम सभी गुरुओं को प्रणाम। यूएलपी क्विक सेवा केंद्र या फिर अच्छे डिस्प्ले वाल में ही कर रहे थे तभी उसका सही परिणाम आएगा। नहीं तो गलत परिणाम आएगी कि फिर वो उसकी महत्व नहीं होगी। आइए एसएल प्रजापति जी।

40:17 हां सर हेल्थ कैंप हम लोगों का जारी है। सीड्स का पालन करवा रहे हैं और चार वालों को हमने गामा और डाल खिलाया था और कुछ खिलाया साथ में इसमें से दो लोग तो खैर नहीं रहे हैं लेकिन दो लोग हमारे साथ में उनका इंटरव्यू भेज लिया हूं। खींच फोटो वगैरह बहुत गजब परिणाम आ रहा है। आज अच्छी बात यह सुनने को मिली मैडम के द्वारा कि ये जो चावल हम लोग भूरा चावल का पर बताते थे। आज एकदम सिद्ध हो गया कि नहीं ये वेदों में भी लिखा गया है। इसीलिए चावल का टीकावका लगाते हैं। बहुत सर बहुत बढ़िया नॉलेज मिला है। अब हम लोग और जीतेंगे और बात बढ़िया करेंगे। थैंक यू सर। संजय देवी जी। बहुत-बहुत धन्यवाद सर। थैंक यू जय सीएम। सर खाली एक वेब से एक सवाल था सर। किडनी से रिलेटेड हमारे पास ये गामा ओरिनोल या मधुसय रस दिया जा सकता है क्या?

41:08 सर यस आप नॉर्मल ट्रीटमेंट के साथ दोनों प्रोडक्ट्स दे सकते हैं। कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। तो आप हेल्पलाइन नंबर भी मैं डाल देती हूं। आप वहां पर भी अच्छे से बात कर सकते हैं डिटेल में। मैम एक्चुअल में मैं किसी और को नहीं मैं स्वयं को थोड़ा सा डाउट था। मैंने किडनी का सॉरी टेस्ट में कुछ आया है। तो मेरा मेडिसिन चालू है लेकिन मैम मैं गामा ओरिजिनल वगैरह खा रहा था तो मैं बोला पहले मैम से पूछ लेते हैं फिर चालू करते हैं। तो मधु संयम रसो गामा ले सकते हैं क्या मैम? मैं स्वयं मेरा टेस्टिंग करना है। जी जी सर आप ले सकते हैं। बिल्कुल मैम बहुत-बहुत धन्यवाद। थैंक यू मैम। थैंक यू जय आप सर। आइए पुनीत बहन आइए। थैंक यू सर। और मैं भी सेहत के सितारे में रजिस्ट्रेशन किया था और मैं मेरे को भी

41:55 पहले से बहुत फर्क पड़ा है और अब मैं सेहत मित्र की तरफ बढ़ रही हूं। मैं लोगों तक पहुंचकर सेहत मित्र बनूंगी और उनकी रिपोर्टें इकट्ठा करके और जैसे सर ने बताया टेस्टिमोनियल के तौर पे उनको दिखाकर फिर ज्यादा लोगों तक पहुंचोगी। थैंक यू सर। जितेंद्र मौरिया सर आइए थैंक यू सर गामा ओरिजिनल सर एक प्लांट बेस्ड नेचुरल एंटीऑक्सीडेंट है सर हम इसको भी सर सेवन करते हैं परिवार में भी सेवन कराते हैं फील्ड में भी जाकर अधिक से अधिक लोगों में सर इसके इसका प्रमोशन करते हैं और सीड्स के नियमों के पालन भी कराते हैं अभी तक सर हम उसका कलेक्शन जो है रिपोर्ट का नहीं लेते थे लेकिन अब उसका भी रिपोर्ट का कलेक्शन भी करेंगे सर धन्यवाद सर आइए गुरु जी

42:41 यस बहुत-बहुत धन्यवाद सर सर सर हम हर गांवगांव जाकर सरपंच से बात कर कर हर गांव में सर हेल्थ कैंप लगाएंगे और सर जो स्कूल में है भाई हजीन कैंप लगाते हैं वहां पर हेल्थ कैंप लगाकर भी वीएलपी प्रोग्राम कर कर भी सर हम हर जनजन तक काम ओरिजिनल पहुंचा सकते हैं सर बहुत-बहुत धन्यवाद शुभमनाथ जी धन्यवाद सर हम लोगों को बहुत बढ़िया आज वीडियो मिल गया हम बताएंगे कि हमारी पुरानी संस्कृत जो हमारे वेदों में लिखा है हम उसको साइंस में कन्वर्ट करके इसको कर रहे हैं और स्वास्थ्य क्रांति के के साथ साथ हम जो अपना कैंप लगाते रहेंगे और लोगों को सेहत मित्र बनाते रहेंगे ओके थैंक यू

43:30 जय सीएम सर मेरा नाम सहाना बान मैं वाराणसी उत्तर प्रदेश से हूं मेरा एक सवाल है कि कहीं पर भी मैं जाती हूं तो कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ मिलता है जैसे कि कोई बोला है कि सर्दी कैसे जाएगा इसमें? सर्दी हो या फिर गैस पेट में हो तो ऐसे-से टारगेट हमको मिलता है। तो मैंने बोला है कि गामा और जेनोल और ये मधु संयम रस जैसे शुगर के लिए जो है ये सब ठीक ठीक रहेगा। इसके साथ में खाने का खाने का तेल भी बतवा दीजिएगा। हेल्थ गार्ड जरूर यूज़ कराना क्योंकि लोकल सेल यूज़ करेंगे तो फिर रिजल्ट नहीं आएगा और हेल्प है प्रॉब्लम हेल्पलाइन नंबर पे बात कर लीजिएगा डिटेल

44:16 में बात हो जाएगी नंबर डला है आइए पंकज जी जय आरसीएम सर हम जानना चाह रहे थे कि क्या बोलते हैं इंसुलिन चल रहा है एक व्यक्ति का एक साल से तो गामा ओरिजिनल से ही सिर्फ ठीक हो सकता है या और उसमें कुछ मिलाना होगा। नहीं नहीं उसके जो दवाई चल रही है उसको चलने देना है लगातार। जी जी उसके अलावा गामोरिजनल दो सुबह दो शाम दोपहर ओमेगा थ्री के साथ और मधुसय रस देना है और डॉक्टर के सलाह से करना है आपको। ज्यादा सीरियस पेशेंट को छेड़छाड़ करना उचित नहीं है। डॉक्टर कमल जी को ले लेते हैं। राज कमल जी आइए सर आप थोड़ा सा

45:01 हां डॉक्टर साहब आइए। जी लखन जी थैंक यू तो आज थोड़ा सा अभी आपने पूछा कि कैसे गामा ऋणाल को बड़ा किया जाए इस पे बड़ा काम किया जाए तो उससे पहले थोड़ा एक जानकारी और भी नॉलेज देना चाहूंगा कि मैम ने जैसा बताया कि जो चावल की भोस्ती से राइस ब्रांड से गामा वर्जन प्राप्त होता है क्या? तो मैंने भी जहां पर बहुत से हिस्ट्री वाली बुके पढ़ी थी तो उसमें था कि जो चावल की जो तिलक लगाते हैं उस छोटे से चावल के हिस्से से तिलक लगाने से बहुत बड़ा इफेक्ट तो नहीं पड़ेगा लेकिन जब डेवलपमेंट हो रहा था मानव का विकास हो रहा था तो उस समय जो चावल था एनर्जी का सबसे बड़ा स्रोत था उसमें बहुत सारे गुण

45:48 थे एंटीऑक्सीडेंट था बहुत सारे लेकिन उनको वैज्ञानिक परख नहीं थी फिर भी बहुत ज्यादा नाले थे तो उसको एक सिंबल सिंबल के तौर पर यूज़ किया जाता था कि उस समय भाषा नहीं थी, लिखावट नहीं थी। तो कैसे याद रखे लोग? तो उसको समूहों में जब बट रहा था जो मानव तो सभ्यता बट रही थी तो उसको एक सिंबल के तौर पर याद रखा जाता था। तिलक के द्वारा लगा दिया जाता था कि एक पहचान हो सके कि यही जो है समूह वाले पहचान ले बच्चे बूढ़े बुजुर्ग जो भी है यही यूज़ करना है और रही बात गामा ओरिजिनल की तो जो चावल होता है उसकी तीन परत होती है हस् होती है पहला भूरी दूसरे में राइस ब्रेन होता है राइस ब्रेन जो होता है वहां पर वही वास्तविक जीवित भाग होता है चावल

46:35 का जो मध्य वाला होता है बाकी कार्बोहाइड्रेट का सफेद भाग होता है वो मृत भाग होता और जो बीच वाला भाग होता है राइस ब्रेन का वो यूवी किरणों से वहां चावल की भूसी का प्रोटेक्ट करता है चावल के दाने का और अंकुरित होने में मदद करता है और फंगस से भी बचाता है बैक्टीरिया से तो जब वहां वह बहुत काम करता है तो निश्चित तौर पे जीवन में करेगा ही करेगा और रही बात कैसे गामा वर्जिन को बढ़ाया जाए तो जो अभी मैम ने बताया कि थायराइड के पेशेंट आते हैं मेरे पास भी मैंने कैंप लगाया आज मैं देखूंगा 50 से 60 लोगों का जो सैंपलिंग है आज मैं हॉस्पिटल को बुलाया हूं उनको देखूंगा और रही बात कैसे उनको बढ़ाया जाए तो जो भी

47:21 परिणाम मिले हैं सबसे पहले मैं रटेश सर को सौंपना चाहूंगा कि जितने थायराइड के पेशेंट हैं अगर गामा ओरिना मैंने उनको ट्रीट किया है तो एक गामा ओरिनाल विद थायराइड का WhatsApp जारी करें उसमें समूह बनाएं जो उसे सही हुए हैं उनको स्वेच्छा इच्छा अनुसार बोले कि क्या मैं इस समूह में गामा वर्जिनल वि थायराइड वाले WhatsApp में आपको शामिल कर सकता हूं। तो ऐसे ऐसे आप सभी समूह बना सकते हैं अपने जिससे किसी को पूछना होगा अगर कि वास्तविक गामा ओरिजिनल थायराइड पे काम किया तो उस समूह में किसी से भी पूछ सकते हैं कि आपको कौन सी थायराइड कितना लेवल था? कितने दिनों तक यूज किए, कैसे परिणाम आए? तो ऐसे

48:08 समूह बनाने हैं WhatsApp के इसके थ्रू डिजिटल बहुत बड़ा किया जा सकता है लखन सर। ओके थैंक यू। धन्यवाद। बहुत-बहुत धन्यवाद। आइए डॉक्टर एन के सिंह सर। बहुत-बहुत धन्यवाद सर। शुरुआती दौर में तो हम रिपोर्टिंग उतना कलेक्ट नहीं कर पाते थे। लेकिन जब पांच छ सात का जो हेल्थ कैंप हो गया। इस दिन से मैंने एक रजिस्टर ही बना रखा है और किसकी क्या जांच हुई है और उन रिपोर्टों को मंगा के हम 2:00 बजे से 4:00 बजे सेवा केंद्र पर खुद उपस्थिति दर्ज करते हैं और सभी को सीट के फार्मूले तो देते ही देते हैं। साथ में जो धर्मेंद्र जी का वीडियो आता है उसको भी दिखाते हैं। यह रिजल्ट बेहतर बढ़ता चला जा रहा है। ओवर टू सर। साथियों बहुत सारे आईडियाज मिल रहे हैं।

48:55 इस पर जरूर गौर करें। यही आपको परिणाम में परिवर्तन आएगा। चलिए आइए नीतू जी सॉरी आप एक बार अन म्यूट कीजिए फिर से सर बहुत-बत धन्यवाद सादर प्रणाम और जय श्याम सर मेरा नाम नीलू विश्वकर्मा है मैं रीवा से हूं और सर मुझे गामा ओरिजिनल से बहुत सारे फायदे हुए हैं और समझ मुझे ऐसा लगता है कि अमृत है अगर गामा ओरिजिनल नहीं होता तो आज शायद मैं इस यहां पर गुरु अटेंड नहीं करती और गामा [गला साफ़ करने की आवाज़] ओरिजिनल से मेरे दो साल से बीपी लो होता था। मैं हॉस्पिटल में एडमिट हो जाती थी। उसके कारण मैं स्वस्थ हूं और यहां क्लॉडिंग थी मेरे सिर में एक्सीडेंट के चलते तो उसके कारण मुझे

49:40 बहुत सा फायदा मिला है। मेरे घर में चार डिब्बे गामाज मैं मेरे बेटे और मेरी मम्मी तीन लोग लेते हैं तो उससे मुझे बहुत सारे फायदे हैं और थैंक यू टीसी सर। थैंक यू कामोज सर। थैंक यू। और भी लोगों तक लेके जाना है। यह उद्देश्य हमारा है। हां गौरंग सर गामा गामा मेरा जिंदगी में संजीवनी थोड़ा से आया है क्योंकि मेरा 2022 6 मेरा ओपन हार्ट बाईपास तो मेरा पिछली हफ्ता में मेरा बॉडी चेक चेकअप में गया था। मेरा रिपोर्ट ले गया। अभी मेरा रिपोर्ट पूरा 100% ओके है। डॉक्टर ने लिखा नो मेडिसिन।

50:26 जैसे ईशा जी का जिंदगी में जैसे मेडिसिन के लिए डॉक्टर ने बोला था जिंदगी भर आपको दो मेडिसिन खाना पड़ेगा। आज मेरे को पता चला पिछले हफ्ता मेरा डॉक्टर ने मेरे को बोला दो मेडिसिन खाने का कोई जरूरत नहीं है। बहुत बढ़िया सर। अब इसकी बहुत अच्छा तैयारी कीजिए और लोगों को भी बचाइए। आइए संजीव सर आइए। यस सर। प्रणाम ये तो गामा के ऊपर तो गामा मधु संयम न्यूट्री चार्ज वमेन और तुलसी इसके ऊपर तो स्पेशली काम हम लोग कर ही रहे हैं। सेहत के सितारे हो चाहे सेहत में बनाने के ऊपर में हो और इसको कर रहे हैं और यूएलबी क्विक जहां भी हमारा होता है वंडर वर्ल्ड डिस्प्ले वाल में सबसे ज्यादा प्रमोट हम चार प्रोडक्ट के ऊपर में करते हैं जो

51:11 हेल्थ से रिलेटेड है और इसके ऊपर पूरे टीम में पूरे टीम में ये मैसेज हम लोग करते हैं सर जी [गला साफ़ करने की आवाज़] आइए मुकेश जी और आप अन म्यूट करें अपने आपको नेटवर्क इशू है मुकेश जी आइए नवीन जी जी सर जय आरसीएम मैं लगभग डेढ़ साल से गामा ओरिजिनल सेवन कर रहा हूं और मुझे बहुत फायदा मिला। मैंने एक लेडीज को इधर हाल फिलहाल गामा ओरिजिनल मधुसय भेज ओमेगा और ग्लाइस दिया और उसको डायबिटीज भी था और बीपी भी उनका बराबर लॉ रहता था। तो यह

51:59 देने के बाद बहुत बेहतर रिजल्ट आया है और एक महीने में रिजल्ट आया। तो मेरा कहना है कि अगर ये कॉम्बो पैक बना के दिया जाए तो जल्दी से जल्दी रिजल्ट आ सकता है। बहुत-बहुत धन्यवाद। मुकेश जी आइए। सर गामा ओरिजिनल तो जो यूज़ करेगा उसी को मालूम चलेगा क्या चीज है ये। प्राकृतिक का बहुत अच्छा ही चीज है। इससे हमको बहुत ही फायदा मिला है। थायराइड, क्लोरोस्टोल, बीपी, यूरिक एसिड, ब्लूरबिन ये सब हमारा शरीर में आ गया था सर। और सब मतलब कि नॉर्मल के जगह पर हम आ गए हैं और लोगों को भी बता रहे हैं कि गामा ओरिजिनल खाइए और स्वस्थ रहिए। गामा ओरिजिनल, तेल और भेज ओमेगा सर हम यूज़ करते हैं। बहुत ही अच्छा

52:45 हुआ है हमारा स्वास्थ और सब लोगों को भी बताएंगे कि हां आप लोग भी यूज़ कीजिए। आइए शैलेश जी। थैंक यू सर। सर जैसे कि अभी 5 छ सात को हम लोगों ने हेल्थ कैंप रखे वहां पर मैंने खुद कंडक्ट हुए थे पीयूसी सेंटर वंडर वर्ल्ड पे और वहां पे सर हम लोग सीड्स के माध्यम से और गामा ओरिजिनल के बारे में पूरी डिटेल हम लोग जानकारी दे रहे हैं। काफी सारे रिजल्ट्स आए हैं, टेस्टिमोनीज आए हैं। वो उसको हम लोग जहांजहां रिजल्ट मिला है उनको भी वहां पर हम लोग खड़े मतलब वहां पर उस प्रोग्राम में बुलाते हैं और बुलाकर उनको प्रमोशन के लिए बोले कि आपको क्या बेनिफिट हुआ है गामा ओरिजिनल के उसके बारे में बताएं और अभी परसों हम संडे को

53:33 फिर हेल्थ कैंप रख रहे हैं क्योंकि काफी जगह जब जहां पर छूट गया तो हम लोग उसको कंडक्ट कर रहे हर 15 दिन पर हम लोग ये तैयारी बना रहे हैं कि मेहनत कर रहे हैं कि हर 15 दिन पे हम लोग हाइजीन कैंप और ये ब्लड चेकअप कैंप और सीड्स के बारे में हम हम लोग वीएलपी क्विक के माध्यम से हर जगह पे जहां पे भी हुआ सीड्स को हम लोगों ने ज्यादा से ज्यादा उसके ऊपर फॉलो किया है। थैंक यू सर। धर्मेंद्र कुमार जी आइए आवाज जा रही है सर। आवाज क्लियर है आपका। जी गामा ओरिजिनल एक ऐसा प्रोडक्ट है सर। मेरा भी शरीर में बहुत सारी समस्याएं होती थी जो आज मैं गामा ओरिजिनल के माध्यम से ठीक हूं। मेरी पत्नी बगल में बैठी हुई है।

54:19 इनका भी गैस का बराबर समस्या रहता था। इनके लिए मैं हमेशा इनके लिए टेबलेट रखता था। लेकिन आज की समस्या खत्म हो गई। मेरी मम्मी की करीब 25 सालों से समस्या थी। डॉक्टर के यहां इतना दवा चल रहा था सर। इतना धन्य धन्यवाद सर। परिणाम तो बहुत है। इसको लोगों तक पहुंचाने के आईडियास पे काम कर रहे हैं। आइए रितेश जी। जी धन्यवाद सर आपको। अह बातें तो बहुत सारी है। मुख्य दो तीन बातों में करते हैं। सबसे पहले तो हमें अह जितने हमारे सोसाइट बार हैं बहुत सारे भी ऐसे लोग हैं जो सिर्फ डिब्बी को देखते हैं। उसको उपयोग नहीं करते हैं। यहां के सुन करके बाहर जाकर सुनाते हैं और जब दो सवाल आते हैं तो भाग के चले आते हैं। सबसे पहले सेल्फ अपने आप को उपयोग करना है। लोगों ने उपयोग किया उसका रिजल्ट लिया। अच्छा जो रिजल्ट्स ले

55:06 लिए हैं उनको हमें यहां प्रमोट करने के बजाय अगर वह प्रण करें शपथ ले कि मैं दो लोगों को रोज इस गामा और जो के बारे में प्रमोट करूंगा। मैं दो लोगों को रोज सीट्स के बारे में बताऊंगा। सीट्स का पालन कराऊंगा। शायद जो हम संकल्प लिए हैं कि स्वास्थ्य क्रांति के वर्ष के रूप में हम मनाएंगे 2026 को। तो बातें यहां करने के बजाय बातें वहां करनी है जहां हमारे पास समूह है। जहां पब्लिक है, जहां बीमारी है, जहां लोग बिना ज्ञान के बीमारी के करीब बैठे हुए हैं। तो ये चीजें कब हो सकती है? छोटी-छोटी समूह से हमारे हेल्थ कैंप से हमारे वंडर वर्ल्ड्स पे हमारा यूएलपी प्रोग्राम में एक स्पेशल सेशन कि आज छ सात दिन के यूएलपी में संडे को या सैटरडे को स्पेशल हेल्थ कैंप और हेल्थ एडवाइजिंग के

55:52 रूप में होगा। तो इन सभी चीजों से हम बड़ा कर सकते हैं। जो हमारे रिपोर्ट्स आ रहे हैं उन्हें कलेक्टर करें। उन रिपोर्ट्स को हम जब कलेक्ट करेंगे तो सेहत मित्र सेहत के सितारे लमसम गुरुकुल में जो सभी दो तीन महीने से आ रहे हैं सभी शामिल हो चुके हैं। अब सेहत मित्र तब आपको अपने आप को कन्वर्ट करना है तभी हम पक्के सेहत के सितारे या सेहत के सिपाही या स्वास्थ्य क्रांति रूप में बड़ा काम कर सकते हैं। तो हमें गामा ओरिजिनल के साथ-साथ सीड्स की बातें जहां सप्लीमेंट बहुत अगर अच्छे रिजल्ट और बड़े रिजल्ट चाहिए तो सीड्स को आपको शामिल करना है और उसमें न्यूट्रिशन सप्लीमेंट हैबिट्स और व्यायाम हर चीज को जब शामिल करेंगे तो अच्छे रिजल्ट आएंगे और प्रमोशन बहुत जरूरी है हमें समूह में जाना है। जी धन्यवाद सर आपको। आइए छोटे लाल पटेल जी। थैंक यू सर। सर से 56 700 की गई सर अभी

56:40 मेरा प्लानिंग आज फ्राइडे और सैटरडे दो दिन वन टू वन रीडिंग करता हूं और संडे को फिर से मेरा ये जो कार्य है प्रोग्राम फिर रखा हूं डॉक्टर के साथ में सर बहुत-बहुत धन्यवाद सर धनराज जी जी बहुत-बहुत धन्यवाद सर सर मैं भी हेल्थ कैंप लगवाया था शैलेश शुक्ला सर के द्वारा डॉक्टर सर के द्वारा और जो वहां पे मैं जब लगवाया था सर तो बहुत सारे अपना रिपोर्ट आ चुका है। लेकिन सर वहां मैंने बहुत टीचरों को बुलाया था। उन्होंने कल अभी बात हुआ था शाम को तीन टीचर थे। तो उन्होंने बोला अब फिर कब लगा रहे हो? तो हम लोग अब लगभग चार से पांच दिन के अंतराल में जो अपना कैंप है उसको लगवाएंगे सर। इसके अलावा सर हार्ट के लिए एक मरीज को मैंने सप्लीमेंट दिया था। पहले दिया था

57:26 लेकिन सीड्स नहीं बताया था। उनको रिजल्ट नहीं आया था। लेकिन उन्होंने प्रयागराज इलाहाबाद के डॉक्टरों ने उनको मना कर दिया था। बस ये एक हफ्ते में समाप्त हो जाएंगे। मतलब उनका जीवन समाप्त हो जाएगा। लेकिन यहां हमारे आदरणीय राजकमल सर है उनके द्वारा मैंने उनको फिर सप्लीमेंट दिया तो इस समय उनका रिजल्ट बहुत ही शानदार है सर सर लगभग 100 लोगों के ऊपर मैंने रिजल्ट देख चुका हूं बट अंतर इतना है सर मैं रिपोर्ट कलेक्ट नहीं कर पाया अभी आदरणीय सर ने बताया तो मैं सर इस बार रिपोर्ट को कलेक्ट करूंगा सर और निश्चित ही रूप से और रिजल्ट बहुत अच्छा आ रहा है सर और कैंप भी लग चलिए धन्यवाद सर आपको आइए नीरज जी अनिरज जी आप अन म्यूट कीजिए अपने आप को नीतू नीतू जी आइए

58:16 लेनो के नाम से है आप अनम्यूट कीजिए अपने आप को लखन जी लास्ट बुला लीजिए गुरुदेव जी शायद किसी का नहीं हो रहे गुरुदेव आइए साथियों हमको सबसे ज्यादा अभ्यास किस बात का करना है यहां गुरु में सबसे ज्यादा अभ्यास हमें करना है अपने को सोचने का अभ्यास करना है हम क्या बहुत औपचारिक तौर पर बात करते हैं बहुत कैजुअल बात करते हैं रिजल्ट तो जो आप बोल रहे हो रिजल्ट ईशा जी ने भी बोला और हम सभी अच्छी तरह से जानते हैं कि इसके ऐसे रिजल्ट है जो दुनिया का बहुत बड़ा चमत चमत्कार कह सकता हूं पूरी

59:03 मेडिकल इंडस्ट्री को हिला दे इतना बड़ा इसके रिजल्ट है लेकिन ये शक्ति हमें दी है ईश्वर ने परमात्मा ने ईश्वर ने हमें शक्ति दी है बहुत बड़ी शक्ति है दुनिया की सर्वश्रेष्ठ पावर आप मतलब कह सकते हो कि आप क्या कह सकते हैं मतलब देवता जैसी शक्ति लेकर आप बैठे हो आपके सामने उदाहरण है कि जिनको डॉक्टर ने मना कर दिया उसको आप समाधान दे सकते हो। लेकिन इस शक्ति का कितना उपयोग कैसे करें? इस दिशा में हमारे पास कोई बहुत बड़े विचार नहीं है। हमारे पास कोई आईडियाज नहीं है। कोई कुछ साथी है जैसे डॉक्टर राज कमल है तो वो प्रतिदिन

59:49 सोच रहे हैं। नए आईडियाज निकाल रहे हैं। आपको अभी एक आईडिया दिया तो क्या हमारे सोचने की कोई लिमिट आ चुकी है या हम सोचना का अभ्यास नहीं करना चाहते हैं या हम थोड़ा सा इसको जगाना पड़ेगा। जगाना पड़ेगा। हम वो चीज नजर आनी चाहिए। बहुत ज्यादा जरूरत है। ऐसी पावरफुल चीज को लेकर आप [नाक से की जाने वाली आवाज़] रिजल्ट नहीं ला सकते। हजार रिजल्ट नहीं ला सकते। लाखों रिजल्ट लाए जा सकते हैं। लेकिन आपको अलग रूप में आना पड़ेगा। आपका ये रूप है ना ज्यादातर साथियों को इसको बदलने की जरूरत है। बहुत थोड़ा कर रहे हो। इतने जबरदस्त

1:00:37 रिजल्ट बोलेंगे। बोले मैंने एक को और दिया। अरे भैया ये क्या कर रहे हो? आपके गांव में लोग बीमार घूम रहे हैं। आपके पास समाधान पड़ा है। आप कर ही नहीं पा रहे हो। इसका मतलब क्या है? इसका मतलब क्या है? क्योंकि हम सोचते नहीं हम प्लान नहीं करते। हम बहुत औपचारिक या फिर हमारे सपने मर गए या हमारी प्यास नहीं है या हम हमारे अंदर कोई दया भाव नहीं जागृत हो रहा है या कोई क्रांति नहीं जागृत हो रही। तो साथियों सबसे ज्यादा अभ्यास हमें करना पड़ेगा। जब तक हम आत्मबल को नहीं जगाएंगे। जब तक हम हम खुद से कुछ क्रांतिकारी नहीं

1:01:24 बनेंगे। खुद जब मालिक नहीं बनेंगे हम अपनी जिम्मेदारी का एहसास नहीं करेंगे तब तक कुछ भी नहीं हो सकता दूसरा आपको कितना चलाएगा दूसरे कितने चला पाएंगे आप क्या दूसरे के चलाने से दुनिया में कोई मान बना है कोई एक नाम लाके बता दो जो कि किसी [गला साफ़ करने की आवाज़] को रोज रोज रोज धक्का दे दे के धक्का दे दे के और कोई बहुत बड़ा क्रांतिकारी बन गया हो कोई नाम हो दुनिया में अरे आपके सामने चीजें आ चुकी है। पूरा कायनात आपको माल लुटा रही है। हर चीज लुटा रही है। आपको इतना बना के भी दे रहे हैं। सीड्स आ रहा है। ऐसे शानदार प्रोडक्ट आ रहे हैं। किस कितने

1:02:13 कितने नाम ले आप पूरी दुनिया को आप ठीक कर सकते हो। अच्छा कर सकते हो। लेकिन कमी और कुछ नहीं है। कमी है एक ही कि हम मतलब पूरा एक मैं उसको क्या शब्द दूं और क्या दूं कि हमारे अंदर क्रांति के भाव नहीं आ पा रहे हैं। क्रांति आनी चाहिए विचारों हम केवल उसने वो बोला जो बोलेंगे उसका 10% भी हम नहीं करेंगे। काट देंगे सारी चीजों को काट देंगे।

1:02:59 हजार बार कहने की आवश्यकता रखेंगे कि रिपोर्ट्स का कलेक्शन करो। अरे हमको खुद को दिखना चाहिए ना। मेरे पास रिजल्ट होंगे तभी तो मैं समझा पाऊंगा किसी को। केवल मुख जमानी बोल रहे हैं। बोलने का फिर हमारे पास कोई प्रॉपर वे नहीं होता है। हम लोगों को प्रभावित नहीं कर पाते हैं। क्या दिखाना चाहिए यह हमें जानकारी नहीं होती है। किस रूप में दिखाना चाहिए, कहा दिखाना चाहिए। इतना सब कुछ होने के बाद इतना सब कुछ होने के बाद तो पता नहीं कैसे क्या हो जाना चाहिए। पूरा हिल जाना चाहिए ना आपका। जहां रहते हो आप पूरा नगर का नगर हिल जाना चाहिए। उस तरह से काम कीजिए आप तो थोड़ा सा

1:03:47 मैं सुन रहा था पर मैंने कहा लास्ट में हर बार बीचबीच में कितना बोले आपको कितना याद दिलाए पर आप महसूस करें थोड़ा सा थोड़ा सोचे ख्याल करें कि हम कर क्या रहे हैं आखिर केवल पूरे आरसीएम अभियान में 100 साथी बहुत बड़ा करेंगे उससे अभियान हो जाएगा क्रांति आ जाएगी तो ईमानदारी की बात तो मैं यही बोलूंगा कि 100 से ज्यादा मुझे नजर नहीं आ रहे जो भाई उस खुद की प्रेरणा से खुद की आत्म जागृति से खुद के उससे कुछ बहुत बड़ा कुछ करने के लिए तैयारी कर रहे हो। अब आप 100 में हो या बाकी में हुए तो आप खुद सोचिए अपने बारे में।

1:04:32 मतलब मेरा और कोई भाव नहीं है। लेकिन मैं थोड़ा सा आपके भीतर को जगाना चाहता हूं। तो मुझे अलग-अलग अंदाज में बात करनी पड़ती है। एक साथी मतलब गजब की बात आप देखिए आप सब सुन रहे हैं। मैं एक आध मिनट और ले सकता हूं। गजब की बात देखिए आप आपको ऐसे ऐसे साथी आपको मिलेंगे जिसने अगर पिछले दो साल से उनको अन म्यूट किया जाता है तो उनकी लाइन वही की वही रहती है। आप अपने आप को भी चेक कीजिए और आप दूसरों को भी देखिए। वो लाइन भी उनकी फिक्स है। वही लाइन बोलेंगे। उसके अलावा उनके पास कोई लाइन ही नहीं है। यानी तीसरी लाइन नहीं सोच सकते। वो दो ही लाइन है। वो दो की दो ही लाइन आएगी।

1:05:18 इससे क्या पता चलता है कि हम विचारवान नहीं है। हम अपनी सोच को लॉक करके बैठे हैं। तो आज सब साथी मिलके कुछ बड़ा सोचेंगे। थोड़ा सा अपनी सोच को दिशा दीजिए। थोड़ा जगाइए। थोड़ा होश में आइए। एक आपके शहर में गांव में जिनके पास समाधान ही नहीं होता है कुछ भी वो अपनी भीड़ बुला लेते हैं। और हमारे पास समाधान होते हुए हम ढूंढ रहे हैं, भटक रहे हैं। कोई पावरफुल सिस्टम नहीं बना पा रहे। तो चलिए मेरा मतलब कहने को आपको अदर वाइज नहीं लेना है। आपको कुछ पॉजिटिव वे में

1:06:03 लेना है। अपनी शक्ति को जागृत करना है। शक्ति सब में चलिए बहुत-बहुत धन्यवाद। बहुत-बत धन्यवाद इस समय को भी और सभी साथियों को। गुरुदेव कर हां।

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