The ONLY Video You Need on Jewellery Stocks | Dipan Mehta | Sector का राजा

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो भारत की लिस्टेड ज्वेलरी कंपनियों पर चर्चा करता है, जिसमें उनके विकास के कारक, सरकारी नीतियां और निवेश के अवसर शामिल हैं। मुख्य बातें:

  • भारत में ज्वेलरी की मांग शादियों और त्योहारों से प्रेरित है।
  • संगठित क्षेत्र का मार्केट शेयर बढ़ रहा है, जिसमें Titan सबसे आगे है।
  • हॉलमार्किंग और लैब में बने डायमंड्स जैसे सरकारी नियमों से इंडस्ट्री को फायदा हो रहा है।
  • लंबी अवधि में गोल्ड की कीमतों में वृद्धि से ज्वेलरी कंपनियों को लाभ होता है।
  • Titan को सेक्टर का राजा घोषित किया गया है, जबकि कल्याण ज्वेलर्स भी एक मजबूत दावेदार है।

परिचय

यह वीडियो भारत की लिस्टेड ज्वेलरी कंपनियों पर केंद्रित है, जो महिलाओं के लिए विशेष रूप से दिलचस्प हो सकता है। यह विश्लेषण केवल जानकारी के लिए है और निवेश की सलाह नहीं है, लेकिन अंत में एक "सेक्टर का राजा" घोषित किया जाएगा।

ज्वेलरी की मांग के कारक

भारत में सदियों से गोल्ड और डायमंड ज्वेलरी खरीदने की परंपरा रही है, जिसे पारिवारिक संपत्ति का हिस्सा माना जाता है। शादियों में ज्वेलरी का विशेष महत्व है, जो कुल मांग का 50% से अधिक उत्पन्न करता है। इसके अतिरिक्त, त्योहारों और फैशन के लिए भी ज्वेलरी की मांग बढ़ रही है। ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में अभी भी ज्वेलरी की मांग मजबूत है।

ज्वेलरी उद्योग का महत्व

भारत में ज्वेलरी उद्योग का महत्व शादियों और त्योहारों में इसकी मांग से बढ़ता है। पीढ़ी Z और पीढ़ी X भी ऑफिस और पार्टियों के लिए फैशन ज्वेलरी खरीद रहे हैं। जैसे-जैसे भारत में संपत्ति बढ़ रही है, ज्वेलरी की मांग भी बढ़ रही है, जिसे कई लोग अपनी बचत का एक हिस्सा मानते हैं। कई विश्लेषकों का मानना है कि ज्वेलरी उद्योग भारत की जीडीपी की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है, जो वर्तमान में 90 बिलियन डॉलर का है और जीडीपी का 3% योगदान करता है। इस उद्योग का दो-तिहाई हिस्सा असंगठित है, और लिस्टेड कंपनियां इस क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर रही हैं।

हॉलमार्किंग का प्रभाव

16 जून 2021 से, भारत सरकार ने गोल्ड ज्वेलरी पर हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी है, जिससे संगठित क्षेत्र को फायदा हो रहा है। हॉलमार्किंग से ज्वेलरी की शुद्धता सुनिश्चित होती है और छोटे ज्वेलर्स के लिए इसका पालन करना मुश्किल होता है। बिना हॉलमार्क वाली ज्वेलरी बेचने पर भारी जुर्माना और जेल हो सकती है।

लैब में बने डायमंड्स

लैब में बने डायमंड्स का चलन बढ़ रहा है, जिससे ज्वेलरी की लागत कम हो सकती है और बाजार का विस्तार हो सकता है। यदि कोई ज्वेलरी सेट असली डायमंड से 10 लाख का है, तो लैब में बने डायमंड से उसकी कीमत 2-3 लाख तक कम हो सकती है। ज्वेलरी कंपनियां इस अवसर का लाभ उठाने के लिए रणनीतियां बना रही हैं।

प्रमुख ज्वेलरी कंपनियां

वीडियो में Titan, कल्याण ज्वेलर्स, TBZ, PNG Gadgil, Thangamayil Jewellery, Senco Gold, Motisons Jewellers, Radhika Jeweltech और Sky Gold Diamonds जैसी कंपनियों पर चर्चा की गई है। Titan एक पैन-इंडिया ब्रांड है, जबकि कल्याण ज्वेलर्स ने भी पूरे भारत और मध्य पूर्व में विस्तार किया है। अन्य कंपनियां क्षेत्रीय रूप से मजबूत हैं और धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। Sky Gold Diamonds एक ज्वेलरी चेन नहीं है, लेकिन कई ज्वेलरी चेन्स के लिए आपूर्तिकर्ता है।

क्षेत्रीय खिलाड़ियों का महत्व

क्षेत्रीय ज्वेलरी कंपनियां अपने स्थानीय क्षेत्रों में मजबूत पकड़ रखती हैं और धीरे-धीरे बढ़ रही हैं। P.N. Gadgil महाराष्ट्र में, Thangamayil Jewellery तमिलनाडु में, Senco Gold कोलकाता में, Motisons जयपुर में और Radhika Jeweltech राजकोट में मजबूत हैं। ये कंपनियां भविष्य में पैन-इंडिया खिलाड़ी बन सकती हैं।

गोल्ड की कीमतों का प्रभाव

गोल्ड की कीमतों में वृद्धि से ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री बढ़ती है, क्योंकि गोल्ड ज्वेलरी में गोल्ड, कीमती पत्थर, लैब में बने डायमंड और मेकिंग चार्ज शामिल होते हैं, जिसमें गोल्ड का सबसे बड़ा योगदान होता है। गोल्ड की कीमतों में वृद्धि से मेकिंग चार्ज और कीमती पत्थरों की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। हालांकि, गोल्ड की कीमतों में अचानक वृद्धि से मांग कम हो सकती है। लंबी अवधि में, गोल्ड की कीमतों में वृद्धि से कंपनियों को फायदा होता है। लिस्टेड कंपनियां आमतौर पर गोल्ड की हेजिंग करती हैं, इसलिए कीमतों में उतार-चढ़ाव का इन्वेंट्री पर ज्यादा असर नहीं होता है।

गोल्ड स्कीम्स

ज्वेलरी कंपनियां गोल्ड स्कीम्स पेश करती हैं, जहां ग्राहक थोड़ा-थोड़ा पैसा जमा करके गोल्ड ज्वेलरी खरीद सकते हैं। ये स्कीम्स अच्छी तरह से विनियमित हैं और ग्राहकों को गोल्ड में निवेश करने का एक स्थिर तरीका प्रदान करती हैं।

क्वार्टरली प्रदर्शन

जून तिमाही में ज्वेलरी कंपनियों ने अच्छे नतीजे दिखाए हैं। Titan की बिक्री में 24.55% और लाभ में 52.59% की वृद्धि हुई है। कल्याण ज्वेलर्स और अन्य कंपनियों ने भी अच्छी वृद्धि दिखाई है। गोल्ड की कीमतों में वृद्धि और मांग में सुधार के कारण कंपनियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। आने वाले त्योहारी और शादी के सीजन में और भी बेहतर नतीजे आने की उम्मीद है।

दीर्घकालिक विकास

ज्वेलरी कंपनियों का 5 साल का लाभ वृद्धि दर 17% से 50% तक है। Titan, कल्याण ज्वेलर्स और अन्य कंपनियों का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है। अच्छे मानसून, उपभोक्ता खर्च में वृद्धि, शादी के सीजन और गोल्ड की कीमतों में वृद्धि के कारण अगले तीन-पांच साल ज्वेलरी कंपनियों के लिए अच्छे हो सकते हैं।

वैल्यूएशन

ज्वेलरी कंपनियां महंगे वैल्यूएशन पर कारोबार कर रही हैं, खासकर अच्छी गुणवत्ता वाली कंपनियां। Titan का प्राइस अर्निंग मल्टीपल 85.95 गुना है, क्योंकि इसका ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है और Tata समूह का भरोसा है। क्षेत्रीय कंपनियों का वैल्यूएशन थोड़ा कम है।

जोखिम कारक

ज्वेलरी उद्योग में जोखिम कारकों में सरकारी नियम, गोल्ड की कीमतों में उतार-चढ़ाव और प्रतिस्पर्धा शामिल हैं। अभी भी भारत में कई ज्वेलरी नकद में खरीदी जाती हैं, जिससे पारदर्शिता की कमी होती है। इन्वेंटरी प्रबंधन भी एक महत्वपूर्ण जोखिम कारक है।

सेक्टर का राजा: Titan

Titan को सेक्टर का राजा घोषित किया गया है, क्योंकि इसने इस उद्योग को बनाया है और एक शानदार ट्रैक रिकॉर्ड बनाया है। कल्याण ज्वेलर्स भी एक मजबूत दावेदार है। Titan के कई डिवीजन हैं, लेकिन ज्वेलरी मुख्य लाभ और विकास चालक है।

निष्कर्ष

भारत में ज्वेलरी उद्योग सदियों पुराना है, लेकिन संगठित क्षेत्र का मार्केट शेयर बढ़ रहा है। यह उद्योग विकास के कगार पर है, और नए खिलाड़ियों के लिए अवसर हैं। यह वीडियो केवल जानकारी के लिए है और निवेश की सलाह नहीं है। निवेशकों को अपना खुद का शोध करना चाहिए और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन और पृष्ठभूमि का अध्ययन करना चाहिए।

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Transcript

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0:00 हेलो फ्रेंड्स, आपका पैसा स्मॉल पैनल फिर से स्वागत है। और एक और सेक्टर का राजा का वीडियो हम आपके सामने पेश करेंगे। और यह जो वीडियो है, इट इज़ अ डिस्कशन ऑन समथिंग व्हिच इज़ अ वेरी इंटरेस्टिंग इंडस्ट्री एंड द लेडीज़ जो भी महिलाएं हैं हमारे इस चैनल को सब्सक्राइब करने के लिए, उनके लिए यह काफी इंटरेस्टिंग वीडियो रहेगा। क्योंकि यह जो वीडियो है, इट इज द वीडियो ऑन इंडियास लिस्टेड ज्वेलर्स। जी हां, जो ज्वेलरी कंपनीज़ है जिनकी बड़ी-बड़ी चेन्स है। यह जो वीडियो है उस पर डिस्कशन है। यह जो डिस्कशन है केवल आपके नॉलेज के लिए है। एक रेकमेंडेशन नहीं है। लेकिन अंत में हम सेक्टर का राजा जरूर से अनाउंस करेंगे जो कि हमारे हिसाब से काफी अच्छी कंपनी है। फ्रॉम अ लॉन्ग टर्म पर्सपेक्टिव और जिसका ट्रैक रिकॉर्ड भी अच्छा है। >> दीपन मेहता इस जॉइनिंग अस नाउ डायरेक्टर एट अलेक्स इक्विटी। >> दीपन मेहता। >> वी हैव दीपन मेहता।

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1:30 डाउन फ्रॉम जनरेशन टू जनरेशन। इसी वजह से हर जनरेशन कुछ ना कुछ जरूर से इन्वेस्टमेंट करता है इन ज्वेलरीज़, बी एट गोल्ड, बी एट डायमंड्स। जी हां, आजकल ये ट्रेंड थोड़ा कम हो गया है। व्हेन नाउ ज्वेलरी इज बीइंग बोट एज अ फैशन। लेकिन फिर भी अगर आप जाएंगे, विलेजेस में जाएंगे, टियर टू, टियर वन, टियर टू, टियर थ्री सिटीज में जाएंगे वहां पर भी अभी भी ये जो डिजायर है, टू ये जो आशा है, ये जो रिक्वायरमेंट है टू बाय ज्वेलरी अभी भी काफी स्ट्रांग है। इंडिया केवल एक देश है जहां पर अभी भी दुल्हन यह प्रिफर करती है कि बहुत सारी ज्वेलरी पहन के ही उसकी शादी होनी चाहिए। और शादी में कई सारे ज्वेलरी के सेट्स बनाए जाते हैं एज पार्ट ऑफ क्रूजo एंड नॉट ओनली द गर्ल्स साइड इज गिविंग ज्वेलरी टू द गर्ल और द ब्राइड

2:16 लेकिन जो बॉयज साइड है वो भी ज्वेलरी देती है अपनी नई दुल्हन को इसलिए यह जो शादी का जो पूरा सीजन रहता है वह ज्वेलरी कंपनीज़ के लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट रहता है और कहा जाता है कि मोर देन 50% ऑफ द ज्वेलरी डिमांड इज़ बीइंग जनरेटेड बाय द वेडिंग्स। वेडिंग एक ऐसी इवेंट है जहां पर सबसे ज्यादा खर्चा होता है ऑफ द इंडियन हाउसहोल्ड उसमें भी काफी ज्यादा खर्चा होता है ऑन बाइंग ज्वेलरी। ट्रेडिशनली अगर आप जाएंगे इन द स्मॉलर टाउन एंड सिटीज अभी भी काफी हद तक यह जो ज्वेलरी है दैट इज़ गोल्ड ज्वेलरी व्हिच इज़ बीइंग परचेस्ड लेकिन नए सिटीज में ज़्यादातर आप देख रहे हैं कि डायमंड्स है या फिर जड़ाव है वहां पर भी ज्वेलरी खरीदते हैं टू गिव टू द न्यू ब्राइड। लेकिन जो इंडियन हाउस वाइफ है मान लेना चाहिए उनकी जो डिजायर है उनका

3:01 जो इंटेलिजेंस है टू कीपिंग ऑन इन्वेस्टिंग इन गोल्ड एंड गोल्ड ज्वेलरी दैट हैव बीन रिवॉर्डेड हैंडसमली जी हां पिछले कई सारे सालों से माने सदियों से गोल्ड के दाम बढ़ते जाते हैं बढ़ते जाते इस हिसाब से इंडिया का जो हाउसहोल्ड है दे आर वन ऑफ द लार्जेस्ट ओनर्स ऑफ गोल्ड। चलिए आगे चलते हैं और डिस्कस करते हैं कि क्या वजह है कि ये जो ज्वेलरी इंडस्ट्री है वो इंडिया के लिए बहुत ही इंपॉर्टेंट है। एक तो मैंने कहा कि जब वेडिंग्स होती है तभी डिमांड बढ़ती है फॉर ज्वेलरी दिस गिविंग ऑफ ज्वेलरी टू द ब्राइड इज अ वेरी इंपॉर्टेंट ट्रिगर फॉर परचेसिंग ऑल सॉर्ट्स ऑफ गोल्ड एंड डायमंड ज्वेलरी। उसके अलावा हमने देखा है कि कई सारे फेस्टिवल्स हैं। फेस्टिवल्स में भी नई ज्वेलरी खरीदी जाती है। और आजकल हमने देखा है कि जो जनरेशन ज़ी है, जनरेशन एक्स है, दे आर बाइंग फैशन ज्वेलरी आल्सो फॉर इवन

3:46 फॉर ऑफिस वेयर और इवन टू गो फॉर स्मॉलर पार्टीज एंड फंक्शंस। यानी कि जो ज्वेलरी की जो डिमांड है, वह स्टेली बढ़ रही है। और इंडिया में जैसे-जैसे वेल्थ इफेक्ट आता है, वैसे-वैसे यह जो ज्वेलरी व्हिच इज़ मोर लाइक अ नॉन डिस्क्रीशनरी। इवन आपको जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपके पास जेब में पैसा है तो यू विल ऑलवेज प्रेफर टू बाय सम ज्वेलरी। और कई सारे सीनियर्स जो है उनका मानना है कि थोड़ा बहुत जो आपका सेविंग्स होता है सैलरी का या बिजनेस में से उसमें हमेशा आपको थोड़ी बहुत ज्वेलरी हर महीने हर क्वार्टर आपको लेनी चाहिए। इसलिए जो डिमांड है दैट इज़ ऑलवेज वेरी स्टेडी। और कई एनालिस्ट का मानना है कि जो ज्वेलरी की जो इंडस्ट्री है दैट इज़ ग्रोइंग एट और अबव द जीडीपी ग्रोथ रेट्स इट्स नॉमिनल जीडीपी ग्रोथ रेट्स ऑफ़ 89% आल्सो। आज की तारीख में जो ज्वेलरी इंडस्ट्री है करीबन 90

4:32 बिलियन डॉलर यानी कि 3% जीडीपी की कंट्रीब्यूशन करती है यह ज्वेलरी इंडस्ट्री और इसमें भी खास बात क्या है कि 23/3 ऑफ द ज्वेलरी इंडस्ट्री इज अनऑर्गेनाइज्ड और जो आज का हमारा डिस्कशन है ऑन द लिस्टेड प्लेयर्स यह जो 2/3 अनऑर्गेनाइज्ड है वहीं पर उनका फोकस है दैट दे वांट टू इंक्रीस द मार्केट शेयर ऑफ द ऑर्गेनाइज़्ड प्लेयर्स फ्रॉम द अनऑर्गेनाइड प्लेयर्स जब टाइटन आया था करीबन 20-2 25 साल पहले तो पूरी की पूरी इंडस्ट्री वाज़ अनऑर्गेनाइज़्ड। टाइटन वाज़ द फर्स्ट ऑर्गेनाइज़्ड प्लेयर। उन्होंने कहा कि वी आर गोइंग टू सेल ज्वेलरी। वी आर गोइंग टू सेल इन अ ऑनेस्ट वे इन अ ट्रांसपेरेंट वे। और उन्होंने देखा कितना बढ़िया बिज़नेस बना दिया है। नाउ इट इज़ रियली अ लार्ज कंपनी एंड क्रिएटेड ग्रेट डील ऑफ़ वैल्यू ओवर द लास्ट 25 30 इयर्स

5:17 आल्सो। इसीलिए ये टाइटन की जो सक्सेस स्टोरी के बाद हमने देखा है कि कई सारे नए प्लेयर्स आए हैं। रीजनल प्लेयर्स आए हैं और उनकी भी सोच टाइटन जैसी ही है कि वी मस्ट बी ट्रांसपेरेंट वी मस्ट प्रोवाइड गुड क्वालिटी ग्रेट डिज़ एंड एक्सपेंड आवर नेटवर्क। तो जो टाइटन के बाद जो प्लेयर्स आए उसका भी हम डिस्कशन करेंगे इस वीडियो में। दे आर ऑल मोस्ट ऑफ़ देम आर लिस्टेड प्लेयर्स। इसलिए प्लीज आप ये वीडियो अंत तक देखिए। तो जैसे मैंने कहा अब तक थोड़ा समरी कर लेते हैं कि वेडिंग इज़ व्हाट इज़ ड्राइविंग दी ज्वेलरी डिमांड। 50% ऑफ ज्वेलरी डिमांड कम्स फ्रॉम वेडिंग। इसके अलावा वी आर सीइंग अ लॉट ऑफ कैजुअल बाइंग फॉर ज्वेलरी एट फेस्टिवल्स, एट अदर ओकेशंस, इवन फॉर ऑफिस वेयर। इसके अलावा में देखा है कि हाउसहोल्ड्स ऑलवेज वांट टू गेट बी पार्ट ऑफ देयर पार्ट ऑफ़ देयर सेविंग्स इंटू ज्वेलरी। और इसकी सभी वजह से दे आर सीइंग स्टडी ग्रोथ इन ज्वेलरी

6:04 डिमांड। इसीलिए इन्वेस्टर्स को ये जो लिस्टेड ज्वेलरी शेयर्स है उस पर खास नजर रखनी चाहिए। बिकॉज़ आई वुड से कि ये कंसिस्टेंट परफॉर्मेंस है। देखिए इंडिया इज अ कंसमशन स्टोरी और जो कंसमशन इन्वेस्टमेंट थीम है हमेशा हमारा उन पर उस पर फोकस रहता है और कई सारे जो हमने वीडियोस बनाए हैं बी एट सेक्टर का राजा या पैसा मेकर वहां पर वी आर ऑलवेज ट्राइंग टू फाइंड गुड क्वालिटी कंजम्पशन ओरिएंटेड स्टॉक्स। क्योंकि कंसमशन एक ऐसी थीम है जो एक बार चल गई तो सालों साल तक अच्छी ग्रोथ रेट मिल जाती है। और यह जो हम कहते हैं इन्वेस्टिंग में व्हिच इज़ बेसिकली कंपाउंडिंग ऑफ़ अर्निंग्स। ये जो कंपाउंडिंग ऑफ़ अर्निंग्स वी आर एबल टू सी इन कंसमशन स्टॉक्स और ये कंपाउंडिंग ऑफ़ अर्निंग्स वी आर एबल टू सी आल्सो इन द ज्वेलरी स्टॉक्स। गवर्नमेंट के हिसाब से आल्सो काफी प्रोत्साहन दिया गया है टू द

6:50 लिस्टेड ज्वेलरी कंपनीज़। एक बहुत ही इंपॉर्टेंट रेगुलेशन या रूल बनाया है गवर्नमेंट ने जो कि लागू हो गया है फ्रॉम 16th ऑफ जून 2021 उन्होंने कहा है कि जो भी ज्वेलरी बेचते हैं व्हिच एवर स्टोर व्हिच एवर चेन व्हिच एवर ज्वेलरी इज़ सेलिंग ज्वेलरी आफ्टर 16th जून 202 वो जो ज्वेलरी है गोल्ड की ज्वेलरी है दैट हैज़ टू बी हॉलमार्क हॉलमार्क का मतलब कि जो ज्वेलरी है उस पर पीछे खास लिखा जाता है कि यह 21 कैरेट की है 18 कैरेट की है 16 कैरेट की है और उसका स्पेस स्पेसिफिक नंबर भी दिया जाता है। उसकी पोरिटी का अश्योरेंस दिया जाता है फ्रॉम दी वेरियस हॉलमार्किंग एजेंसीज। तो ये जो हॉलमार्किंग है वो बहुत ही इंपॉर्टेंट डेवलपमेंट है फ्रॉम दी पॉइंट ऑफ व्यू ऑफ दी ऑर्गेनाइज्ड प्लेयर्स। क्योंकि जो जितने भी ऑर्गेनाइज्ड प्लेयर्स हैं दे आर

7:35 एबल टू गेट द ज्वेलरी हॉलमार्क। इनफैक्ट उनका जो सेल्स पिच यही है कि हमारी जो ज्वेलरी बनती है दैट इज़ जेन्युइन। इट इज़ मेड फ्रॉम जेन्युइन गोल्ड। आपके पास ये हॉलमार्किंग है। आपके पास ये प्रूफ है कि जो आप ज्वेलरी हमारे पास से खरीद रहे हैं वो ओरिजिनल गोल्ड की है। कोई भी मिलावट नहीं है इसमें। जो छोटे-छोटे ज्वेलर्स हैं व्हिच आर मॉम एंड पॉप शॉप पे जो एक या दो स्टॉक चलाते हैं उनके लिए ये हॉल मार्किंग करना मुश्किल है। खर्चा भी ज्यादा होता है। इसी वजह से आई थिंक बिकॉज़ ऑफ दिस हॉल मार्किंग रूल जो लिस्टेड प्लेयर्स हैं उनका एक बहुत ही बढ़िया एडवांटेज हो गया है। आप जानते हैं अगर आप कोई स्टोर में जाते हैं और वहां से आप ज्वेलरी खरीदते जिस पर हॉल मार्किंग नहीं हुआ है जिसके ऊपर वो इंस्क्रिप्शन नहीं आया है तो उसकी फाइन है वो शॉपकीपर के लिए फाइव टाइम्स द वैल्यू ऑफ द ज्वेलरी सोल्ड और वन ईयर ऑफ

8:21 इंप्रिजनमेंट। इसलिए अगर आप ज्वेलरी खरीदने जा रहे हैं तो प्लीज मेक श्योर दैट यू हैव सीन द हॉलमार्क ऑन द गोल्ड ज्वेलरी दैट यू हैव परचेस्ड। तो यह हो गई बात हमारी ऑर्गेनाइज़्ड प्लेयर्स की जिनको फायदा हो रहा है बिकॉज़ ऑफ़ हॉलमार्किंग। इसके अलावा और एक बहुत ही बढ़िया ट्रेंड या मेरे ख्याल से नेगेटिव ट्रेंड चल रही है और वो है लैब ग्रोन डायमंड्स। देखिए लैब ग्रोन डायमंड्स हैव नाउ बिकम मेन स्ट्रीम इन लॉट ऑफ़ अदर कंट्रीज अदर दैन इंडिया। लेकिन इंडिया में भी धीरे-धीरे हम देखेंगे कि जो ऑर्गेनाइज रिटेल प्लेयर्स हैं दे विल इवेंचुअली दे विल स्टार्ट टू मैन्युफैक्चर एंड सेल लैब ग्रोन डायमंड ज्वेलरी एज वेल ताकि जो ज्वेलरी की पीस है उसकी कॉस्ट काफी कम हो जाती है एंड देयर फॉर उनका जो मार्केट है वो बढ़ जाता है। देखिए अगर कोई ज्वेलरी सेट है व्हिच इज़ ओरिजिनल डायमंड ज्वेलरी अलोंग विथ गोल्ड अलोंग विथ मेकिंग अगर उसकी वैल्यू 10 लाख

9:08 है और अगर आप उसी ज्वेलरी सेट में लैब ब्रोन डायमंड डाल रहे हैं तो क्या मालूम जो ज्वेलरी सेट है दैट कमिंग व्हाट 2 लाख 3 लै और सो तो ये जो सेलियरिंग्स होता है ये जो कम हो जाता है दाम दैट ओपन्स अप अ न्यू मार्केट फॉर द ज्वेलरी कंपनीज़ इसलिए मेरे ख्याल से अगर कोई ज्वेलरी चेन जो है इफ इट इज़ इंटेलिजेंटली गेटिंग इंटू लैब ग्रोन डायमंड तो उसका मार्केट काफी अच्छा है। देखिए, अभी तक जो मेन स्ट्रीम ज्वेलरी कंपनीज़ हैं, उनकी लैब ग्रोन डायमंड की जो स्ट्रेटजी है, दैट इज़ नॉट नोन। बट इवेंचुअली यह जो एक फैक्टर है, अह दैट कैन सर्टेनली गिव अ बूस्ट टू दी बॉटम लाइन ऑफ़ द कंपनीज़ इफ नॉट द टॉप लाइन। देखिए, इंडिया एक काफी एक्सपोर्ट हब भी है ज्वेलरी के लिए, एस्पेशली डायमंड डायमंड ज्वेलरी के लिए। लेकिन हम उस पर डिस्कशन नहीं करेंगे। और आज का यह जो वीडियो है, जो सेक्टर का अदर का वीडियो है, दैट इज़

9:54 फोकस्ड ऑन डोमेस्टिक ओरिएंटेड रिटेल चेस। चलिए कौन सी कंपनी हमने नॉमिनेट की है फॉर सेक्टर का राजा इस पर आप खास ध्यान दीजिए। उनकी खास बात क्या है यह भी हम डिस्कस करेंगे। इसलिए प्लीज ये हमारे स्लाइड पर आप फोकस कीजिए। तो ये जो कंपनियां है यहां पर है वी विल बी डिस्कसिंग दीज़ कंपनीज़ tाइटन कल्याण ज्वेलर्स टीबीज़ेड यानी कि त्रिभुवन दास जिंदी ज़ेरी PN gगिलil थंडमिल ज्वेलरी सनको गोल्ड मोतीसन ज्वेलर्स राधिका ज्वेलटेक और स्काई गोल्ड डायमंड। तो यह हमारी कंपनियां है इन्हीं सेक्टर का राजा और खास बात इसमें क्या है वो है कि Titan जैसे कि pan इंडिया ब्रांड है दे हैव गॉट तनिष्क ब्रांड्स ऑल द तनिan की जो शॉप्स है दैट इज़ देयर ऑल ओवर इंडिया बेसिकली पूरी की पूरी टिए वन सिटीज उन्होंने कैप्चर कर दी है नाउ दे आर ग्रेजुअली गोइंग इंटू टिए टू सिटीज एज वेल

10:39 एक खास बात दोस्तों कि ये जो चेंज है दे आर फोकसिंग लार्जली ऑन टिए वन क्योंकि यहां पर टिकट साइज ज्यादा है कंज्यूमर का डिमांड अच्छा है और जो स्टॉल इकोनॉमिक्स है दैट इज़ बेटर बट धीरे-धीरे दे विल स्टार्ट गोइंग इंटू टू टिएर टू एंड टिएर थ्री जैसे-जैसे दे स्टार्ट टू कैप्चर मार्केट शेयर फ्रॉम द अनऑर्गनाइज्ड प्लेयर्स। tाइटन को देख के हमने देखा है कल्याण ज्वेलर्स आल्सो हैज़ मेड ग्रेट प्रोग्रेस। एक साउथ इंडियन प्रडोमिनेंटली साउथ इंडियन कंपनी थी। बट नाउ दे हैव गॉन पैन इंडिया एंड दे हैव एक्सपेंडेड वेरी अग्रेसिवली इन मिडिल ईस्ट आल्सो जहां पर कई सारे स्टोर्स हैं उनके। एंड कल्याण ज्वेलर्स की खास बात यह है कि दे हैव टेकन ऑल द स्टार्स एज़ देयर ब्रांड ब्रांड एंबेसडर्स इंक्लूडिंग अमिताभ बच्चन एंड सो मेनी अदर स्टार्स। साउथ इंडियन स्टार्स आल्सो एंड अदरेंट पर्सनालिटीज टू सेल द

11:25 ज्वेलरी और उनका कहना है कि अगर यह जो स्टार्स है जो फिल्म स्टार्स हैं अगर यह हमारी ज्वेलरी को एंडोर्स करते हैं तो जरूर से आप हमें ट्रस्ट करके हमारी ज्वेलरी खरीद सकते हैं। तीसरी कंपनी है टीवीज है जो कि काफी छोटी कंपनी है। करीबन 1250 करोड़ का मार्केट कैपिटलाइज़ेशन है। बट इट इज़ कैटेगराइज़्ड विद tाइटन कल्याण क्योंकि उनकी भी पैन इंडिया प्रेजेंस है। फ्यूअर स्टॉक्स बट मेनली दे आर देयर इन टियर वन सिटीज। फिर आते हैं हमारे जो पांच कंपनियां पीएन गार्डल थंगामिल सनको गोल्ड मोतीसन और राधिका ज्वेल टेक दीज़ आर ऑल बेसिकली लोकल ज्वेलरी कंपनीज़ एक और खास बात ज्वेलरी की ज्वेलरी कंपनीज़ के बारे में यह भी है कि जनरली जो है आप ज्वेलरी उसके पास जाएंगे जिसको आप ट्रस्ट करेंगे और ये जो कंपनियां है दे हैव बीन फोकस्ड इन दोज़ पर्टिकुलर ज्योग्राफिकल एरियाज फॉर

12:11 मेनी मेनी सेंचुरीज़ इसलिए वहां की जो पपुलेशन है वहां की जो आबादी है उनका अच्छा ट्रस्ट है ऑन ऑन दीज़ कंपनीज़। इसी वजह से उनकी जो पोजीशन है वो रीजन में काफी स्ट्रांग है। एंड ग्रेजुअली दे आर ग्रोइंग वेरी वेल इन दैट रीजन। ऑलदो दे हैव द एस्पिरेशन। उनकी इच्छा है उनका टारगेट है कि पैन इंडिया प्रेजेंस करें। लेकिन अभी भी ये जो कंपनियां है हमारी जो पांच कंपनियां है दे आर फोकस्ड लार्जली इन द रीजंस इन द स्पेसिफिक स्टेट्स इन व्हिच दे आर प्रेजेंट। जैसे कि पीएन गार्डगिल है। टिपिकली महाराष्ट्र में उसका काफी अच्छा प्रेजेंस है। कई सालों से ये पीएन गार्डल इज़ एन ऑपरेशन और काफी लॉयल कस्टमर बेस है इनका। तंगम मिल ज्वेलरी है उनका 23 रेवेन्यूस तमिलनाडु से आता है। सको गोल्ड है। ये जो कंपनी है बेसिकली कोलकाता बेस्ड है। ईस्ट इंडिया में काफी अच्छा प्रेजेंस है। कई सारे स्टोर्स हैं वहां पर। मोतीसन

12:58 जो है वो वो जयपुर में है उनका फ्लैकशिप स्टोर और वहां पर भी कई सारे उनके स्टोर्स हैं। इन जयपुर राजस्थान और काफी सारा रेवेन्यूस वहां पर आता है। एंड देन वी हैव राधिका ज्वेलटेक व्हिच इज़ अ राजकोट बेस कंपनी। और काफी उनका बड़ा स्टोर है। राजकोट में काफी कस्टमर लॉयल्टी भी है वहां पर। तो ये जो हमारे रीजनल प्लेयर्स हो गए एंड डोंट डिस्काउंट देम क्योंकि आज जो रीजनल प्लेयर है कल वो पैन इंडिया प्लेयर बन सकता है। उनको थोड़ा समय दीजिए। जैसे-जैसे उनकी फाइनेंसियल स्ट्रेंथ बढ़ेगी दे विल स्टार्ट टू गो मोर एंड मोर इंटू दी अदर सिटीज वेयर दे आर नॉट प्रेजेंट। उनका अच्छा फुटप्रिंट धीरे-धीरे जमाएंगे एंड दे विल फोकस ऑन गुड क्वालिटी डिज़ाइंस। दे विल फोकस ऑन ट्रस्ट एंड दे विल आल्सो फोकस ऑन बिल्डिंग न्यू कस्टमर लॉयल्टी। अंत में जो कंपनी ने सेलेक्ट किए हैं वो है स्काई गोल्ड एंड डायमंड। यह एक ज्वेलरी चेन नहीं

13:44 है। लेकिन यह जो सभी ज्वेलरी चेन्नस है उनके कस्टमर्स हैं। इसीलिए हमने इस कंपनी को सेलेक्ट किया है क्योंकि अगर आपको यह पूरी इंडस्ट्री पर प्ले करना है, देन स्काई गोल्ड एंड डायमंड सर्टेनली इज़ वन ऑफ़ दैट कंपनी। लेकिन, इसका एक्सपोर्ट बिज़नेस है, एस्पेशियली एक्सपोर्ट्स टू यूएस व्हिच सर्टेनली हैज़ गॉट इंपैक्टेड बिकॉज़ ऑफ़ ट्रंप टैरिफ। इसलिए थोड़ा समय दीजिए। यह जो एडजस्टमेंट है ऑन एक्सपोर्ट्स कैसे होता है कि पी टैरे लगने वाली है। आई थिंक एक या दो क्वार्टर में दूध का दूध पानी हो जाएगा। और फिर ये जो कंपनी है स्काई गोल्ड कहां पर उनकी जो एक्चुअल ऑपरेशंस है क्या स्केल है वो जब पता लग जाएगा तभी आप कंसीडर कर सकते हैं फ्रॉम गोइंग डीपर इंटू दिस कंपनी लेकिन ये जो हमारी कंपनियां है इफ यू सी वेदर इट इज़ टाइटन कल्याण टीb पीएन गार्ड और जो बाकी अन्य जो रीजनल प्लेयर्स हैं इनके प्रोस्पेक्ट्स भी अच्छे

14:30 हैं क्योंकि वहां पर भी हमने देखा है कि कई सालों से दे हैव बीन स्टेली इंक्रीजिंग देयर रेवेन्यूस एंड स्टेली इंक्रीजिंग देयर बॉटम लाइन वेब एक सीक्रेट आपके साथ मैं शेयर करना चाहता हूं हूं इस इंडस्ट्री के बारे में। यह जो इंडस्ट्री है, उसकी जो ग्रोथ रेट है, इज़ नॉट ओनली डिपेंडेंट अपॉन द वॉल्यूम। पर ऑस्को जो गोल्ड की वैल्यू है, वो जैसे-जैसे बढ़ती है, इन कंपनियों की सेल्स वैल्यू बढ़ती है। बिकॉज़ दे आर सेलिंग गोल्ड ज्वेलरी। सो गोल्ड ज्वेलरी में क्या आता है? गोल्ड आता है, प्रेशर स्टोंस आते हैं। अभी लैब ग्राउंड, डायमंड भी आ सकते हैं और मेकिंग चार्जेस आते हैं। और सबसे ज्यादा जो वैल्यू है, दैट इज़ इन द गोल्ड। और गोल्ड अगर 510% बढ़ता है हर साल बिकॉज़ ऑफ रूपी डेप्रिसिएशन बिकॉज़ ऑफ जियोपॉलिटिकल इवेंट्स मेनी अदर फैक्टर्स। अगर गोल्ड के दाम बढ़ते जाते हैं तो ऑटोमेटिकली इन कंपनियों की रेवेन्यूज़ बढ़ती

15:15 है। और एक और खास सीक्रेट मैं कहना चाहूंगा कि ये जो मेकिंग चार्जेस भी है ना थोड़ा बहुत इसका भी लिंकेज इज़ देयर विद द गोल्ड। यानी कि अगर गोल्ड की वैल्यू बढ़ती है तो ऑटोमेटिकली मेकिंग चार्जेस थोड़े बढ़ जाते हैं। जो प्रेशर स्टोंस जाते हैं उनकी वैल्यू बढ़ जाती है। तो धीरे-धीरे राइजिंग गोल्ड प्राइसेस इन अ स्टेडी वे सर्टेनली बेनिफिट्स द ज्वेलरी इंडस्ट्री। लेकिन अगर स्पाइक हो जाती है गोल्ड में एकद क्वटर्स के लिए तो वी आर सीइंग सबड्यूट डिमांड। यानी कि जो गोल्ड प्राइस है उसका असर जरूर से पड़ता है ऑन द ज्वेलरी स्टॉक्स इन द शॉर्ट टर्म अगर गोल्ड प्राइस बढ़ता है तो इफेक्टिंग द डिमांड। इफ द गोल्ड प्राइसेस आर फॉलिंग, इट इज़ इंप्रूविंग द डिमांड। पर लॉन्ग टर्म में जैसे-जैसे गोल्ड बढ़ता है उन यह जो कंपनियां है उनको फायदा ही रहता है। आप सोचेंगे कि अगर गोल्ड के दाम बढ़ते जाते हैं तो ऑटोमेटिकली जो इन्वेंट की जो स्टॉक

16:01 है इन कंपनियों की उसका भी फायदा होना चाहिए। लेकिन फ्रेंड्स ऐसा नहीं है क्योंकि यह जो लिस्टेड प्लेयर्स हैं लार्जली दे आर हैेजिंग द गोल्ड। इसीलिए जब गोल्ड के दाम बढ़ते हैं या घटते हैं उनकी इन्वेंटरी पर इतना ज्यादा असर नहीं पड़ता है। और एक और खास बात यह भी है कि यह जो सभी जो गोल्ड कंपनियां है सभी कंपनीज़ के पास कुछ ना कुछ गोल्ड स्कीम रहता है। जहां पर आप एसआईपी टाइप का इन्वेस्टमेंट कर सकते हैं। इन गोल्ड यानी कि थोड़ा-थोड़ा पैसा आप जमा कर सकते हैं। और जब आपका जो जमाया हुआ पैसा है दैट टीचेस अ पर्टिकुलर लेवल। आप वहां से एक छोटी सी गोल्ड ज्वेलरी ले सकते हैं। कुड बी अ चेन, कुड बी अ बैंगल। लेकिन जो आपने जब भी एसआईपी चालू किया यानी कि जब भी आपने इन्वेस्टमेंट चालू किया वहां पर जो गोल्ड प्राइस है दैट गोल्ड प्राइस रिमेन स्टेडी। ऐसी ही कई सारी गोल्ड की स्कीम्स भी है व्हिच आर वेल रेगुलेटेड और एक ऑप्शन बनता

16:48 है जो भी खरीददार है उनके लिए टू स्टेली इन्वेस्ट इन गोल्ड थ्रू गोल्ड ज्वेलरी आल्सो। तो यह भी एक अच्छा स्कोप बन जाता है फॉर स्टेरली इंक्रीजिंग द अर्निंग्स ऑफ़ द ज्वेलरी कंपनीज़। आपके सामने यह ज्वेलरी स्टॉक्स पेश करने की एक और वजह है। वह है कि यह जो अर्निंग सीजन गया है जून क्वार्टर का उसमें अगर आप देखेंगे तो कई सारे कंसमशन ओरिएंटेड स्टॉक्स में अच्छे रिजल्ट दिखाए। लेकिन जो ज्वेलरी स्टॉक्स हैं उनके नतीजे काफी अच्छे आए हैं। और यह जो हमारा स्लाइड है उस पर खास आप ध्यान दीजिए। यहां पर हमने क्वार्टरली परफॉर्मेंस दिखाया है ऑफ ऑल द लिस्टेड कंपनीज़। तो आप देखेंगे कि Titan जो है उसका ईयर ऑन ईयर क्वार्टरली सेल्स ग्रोथ वास 24.55% और प्रॉफिट ग्रोथ वास 52.59% और जैसे-जैसे आप देखेंगे कल्याण ज्वेलर्स 31.49 एंड 48.55 सभी जो कंपनियां है यहां

17:36 पर आप देखेंगे सभी नहीं लेकिन काफी हद तक वेदर इट्स तंगम्स, एमको गोल्ड, स्काई गोल्ड अच्छे सारे हमने क्लियर ऑन ईयर सेल्स ग्रोथ देखे हैं। और सबसे बढ़िया बात यह है कि अगर आप प्रॉफ़िट ग्रोथ देखेंगे, तो आई थिंक ऑफ़ ऑल दी नाइन प्लेयर्स वी हैव सिलेक्टेड एट हैव रिपोर्टेड एक्सेप्शनली गुड क्वार्टरी नंबर्स। यानी कि यह जो इंडस्ट्री है मेरे ख्याल से एक अलग से शायद लेवल पे अलग लेवल की ग्रोथ फेस पर जा रही है। और ऑफ़ कोर्स अ लॉट ऑफ़ दीज़ इंक्रीसेस हैव कम बिकॉज़ ऑफ़ राइज़िंग गोल्ड प्राइसेस। सर मैंने आपको समझाया था कि जैसे-जैसे गोल्ड का भाव धीरे-धीरे बढ़ता है, उनकी प्रॉफिट पर असर पड़ता है, तो गोल्ड की प्राइसिंग की वजह से और ओवरऑल डिमांड इंप्रूवमेंट की वजह से भी वी आर सीइंग दैट दीज़ कंपनीज़ आर परफॉर्म एक्सेप्शनली वेल इन द जून क्वार्टर। और यह जो मोमेंटम है विल आई थिंक वी विल

18:23 सर्टेनली सस्टेन इन द बिजी सीजन। क्या आ रहा है अभी? वी आर गेटिंग इंटू फुल फेस्टिव सीजन, वी गेटिंग इंटू अ फुल वेडिंग सीजन। और अगर यह जो उनकी परफॉर्मेंस है इन अ लीन सीजन इतनी बढ़िया परफॉर्मेंस है तो जब एक्चुअल डिमांड बढ़ेगा इन दिस इन दी सितंबर टू दिसंबर क्वार्टर या फिर सप्टेंबर टू मार्च का जो पीरियड है जहां पर पीक डिमांड रहती है उस समय इन कंपनियों के फाइनेंसियल्स क्या हो सकते हैं आप इमेजिन कर सकते हैं कि जब लीन सीजन है तो यह ऐसे नतीजे आए हैं जब सीजन इंप्रूव हो जाएगी जब बाइंग की डिमांड बढ़ जाएगी तो और इससे भी ज़्यादा बढ़िया नतीजे आ सकते हैं मेरे ख्याल से यह मेरा अनुमान है। तो यह था हमारा डिस्कशन ऑन द क्वार्टरली नंबर्स। लेकिन लॉन्ग टर्म ग्रोथ ट्रिप भी इस इंडस्ट्री की काफी अच्छी है। और यह जो हमारी स्लाइड है उस पर आप फोकस कीजिए। तो यहां पर आप देखेंगे

19:08 Titan कल्याण जो भी कंपनियां है उनका जो 5 साल का जो प्रॉफिट ग्रोथ है दैट यू कैन सी ओवर हियर आई एम हाईलाइटिंग इट इज़ एनीवेयर फ्रॉम 17 18% टू ऑलमोस्ट 50% माने 5 साल की कंपाउंडिंग ग्रोथ रेट फॉर tाइटन वाज़ 17% पल्यान 38% पीएनगिल 52% और जैसे-जैसे मैं जाता हूं और डाउन द लाइन सभी जो कंपनियां है इनकी 5 साल की ट्रैक रिकॉर्ड काफी अच्छी है। अगर 3 साल की भी प्रॉफ़िट ग्रोथ देखेंगे दैट आल्सो अ स्टेडी फॉर ऑल द कंपनीज़ एवरेज आई थिंक कम्स टू अबाउट 48 49% दोस्तों लेकिन एवरेज में मत जाइए जो बड़ी कंपनियां है जैसे कि Titan है कल्याण ज्वेलर्स है वहां पर भी काफी अच्छी ग्रोथ रेट हमने देखी है। इवन इन टर्म्स ऑफ़ सेल्स ग्रोथ प्रॉफिट ग्रोथ भी काफी अच्छी ग्रोथ रेट देखी है। यानी कि शॉर्ट टर्म यानी कि

19:54 जून क्वार्टर के आंकड़े भी अच्छे आए हैं। लॉन्ग टर्म 3 ईयर, फाइव ईयर, 10 ईयर वहां पर भी इन कंपनियों का ट्रैक रिकॉर्ड अच्छा है। और आगे चलते भी बिकॉज़ ऑफ़ मे बी गुड मॉनसून एंड इंक्रीज़िंग कंज्यूमर स्पेंड्स वेरी गुड वेडिंग सीज़न टू बी एक्सपेक्टेड स्टेडी अराइज़ इन गोल्ड प्राइसेस एंड ओवरऑल वेल्थ इफ़ेक्ट। गोल्ड एज़ अ वेरी गुड ऑप्शन टू इन्वेस्ट। सभी फैक्टर्स की वजह से अगले तीन-प साल आई थिंक मे बी वैरी गुड फॉर द ज्वेलरी कंपनीज़। शायद यही वजह है कि यह जो कंपनियां हैं दे आर ट्रेडिंग एट वेरी एरी एक्सपेंसिव वैल्यू्यूएशन एस्पेशली द गुड क्वालिटी वंस जहां पर बिज़नेस मॉडल डी रिस्क है। जैसे कि Titan आप देखेंगे यहां पर स्क्रीन पर देखिए Titan की जो प्राइस अर्निंग मल्टीपल है दैट इज़ 85.95 टाइम्स। जी हां, 86 टाइम्स है। उसकी वजह यह है कि फिनोमिनल ट्रैक रिकॉर्ड है। Tata ग्रुप की

20:40 भरोसा भरोसा हमारे Tata ग्रुप पर है। उनकी जो कॉर्पोरेट गवर्नेंस स्टैंडर्ड है दैट इज़ अमंग्स द वर्ल्ड्स बेस्ट। उनका जो ट्रस्ट फैक्टर है दैट इज़ लेजेंड्री। इसी वजह से जो Titan है दैट इज़ ट्रेडिंग एट वन ऑफ़ द मोस्ट प्रीमियम मल्टीपल्स इन द स्टॉक मार्केट। उसके अलावा बाकी भी जो कंपनियां है वेदर इट इज़ कल्याण ज्वेलर्स और तांगम मिल दे आल्सो ट्रेडिंग एट रिच वैल्यू्यूएशन। जो जो रीजनल प्लेयर्स हैं उनकी वैल्यू्यूएशन थोड़ी कम है। जैसे कि Sanco Gold या फिर मोतीसन है TBZ है जो राधिका Jelk है। तो जो छोटी कंपनियां हैं वह थोड़े सस्ते वैल्यू्यूएशन पे मिल रही है एज़ कंपेयर टू Titan। लेकिन इनका जो बिजनेस मॉडल है वो रीजनल फोकस्ड है। और रीजनल फोकस्ड बिज़नेस मॉडल में प्रॉब्लम क्या होता है? अगर वो रीजन में कोई तकलीफ हो जाती है इफ देयर इज़ अ जिओपॉलिटिकल इवेंट इफ देयर इज़ एनी इकोनॉमिक स्टोर ऑन इन दैट पर्टिकुलर स्टेट कोई इलेक्शंस आ जाते हैं

21:27 ऐसी कोई घटना बन जाती है देन डेफिनेटली अगर आपका प्रेजेंस है वही स्टेट में वही रीजन में तो वो इफ़ेक्ट पड़ जाता है। लेकिन अगर पैन इंडिया है तो इन द बिज़नेस मॉडल टू लार्ज एक्सटेंट इज़ डी रिस्क। खास बात यह भी है कि टाइटन इज़ नॉट ओनली प्रेजेंट इन इंडिया बट आल्सो ग्रोइंग रैपिडली ओवरसीज़ आल्सो। उन्होंने हाल ही में बहुत ही बढ़िया एक्वेशन किया है इन द मिडिल ईस्ट। और मेरे ख्याल से अगले कुछ सालों में काफी अच्छा रेवेन्यूज़ उनका आउट ऑफ इंडिया से भी आएगा। एंड डस नॉट एक्सपोज़ इट इज़ अगेन सेटिंग अप अ रिटेल चेन इन अदर ज्योग्राफिकल मार्केट्स। तो जो वैल्यू्यूएशन है उसके बारे में डिस्कशन किया हमने। हमने यह भी कहा है आपको कि शॉर्ट टर्म ग्रोथ अच्छी है। मीडियम टर्म लॉन्ग टर्म ग्रोथ भी अच्छी है। तो रिस्क फ़ैक्टर्स क्या हो सकते हैं? देखिए कोई भी इंडस्ट्री में हमेशा कुछ ना कुछ रिस्क फैक्टर्स रहते ही हैं और ज्वेलरी इंडस्ट्री में जो कि काफी रेगुलेटेड है सबसे बड़ा रिस्क फैक्टर है

22:14 इस गवर्नमेंट रेगुलेशन। अगर ऐसा कोई रेगुलेशन आ जाता है जिसकी वजह से ज्वेलरी सेल्स पर असर पड़ सकती है। यानी कि अगर कहेंगे गवर्नमेंट कि आप खा आपको खाली पैन नंबर या फिर चेक में लेना पड़ेगा। तो ऑल दीज़ कंस्ट्रेंट्स कैन सर्टेनली इफेक्ट ज्वेलरी क्योंकि एक खास बात यह भी है जो एक अच्छी ट्रेंड नहीं है कि अभी भी इंडिया में काफी सारी ज्वेलरीज कैश में खरीदी जाती है। एंड दैट सर्टेनली हैज़ गिवेन दी इंडस्ट्री अ बिट ऑफ़ अ प्रॉब्लम फ्रॉम अ इन्वेस्टर्स पर्सेक्टिव। क्योंकि अगर कैश में डीलिंग्स होती है तो इन्वेस्टर्स को कॉन्फ्रेंड नहीं मिलता है कि ऑल द रेवेन्यूज़ आर बीइंग कैप्चरर्ड बाय दोज़ कंपनी। मैं ये नहीं कह रहा हूं कि ये जो हमारी लिस्टेड कंपनीज़ है ऐसा काम कर रही है। लेकिन ये जो इंडस्ट्री है उसमें जो सबसे बड़ी बात जो सबसे बड़ा प्रॉब्लमेटिक सिचुएशन है फ्रॉम अ इन्वेस्टर्स पर्सेक्टिव एंड फ्रॉम अ बायर्स पर्सपेक्टिव इज़ टू एन एक्सटेंट लैक ऑफ ट्रांसपेरेंसी। धीरे-धीरे इंप्रूव हो रहा

23:00 है। लेकिन अभी भी कई जो है एनालिस्ट और कई जो कंज्यूमर्स हैं उनका कहना है कि वी वुड एक्सपेक्ट द इंडस्ट्री टू बी फार मोर ट्रांसपेरेंट। और गवर्नमेंट भी यही चाहती है कि इंडस्ट्री में और भी ये ट्रांसपेरेंसी आ सकती है। जैसे मैंने कहा टू थर्ड ऑफ़ द इंडस्ट्रीज़ अनऑर्गेनाइज्ड। जहां पर काफी ज्यादा ट्रांसपेरेंसी इशूज़ रहते हैं। वन थर्ड इज़ ऑर्गेनाइज्ड जहां पर धीरे-धीरे वी आर सीइंग ट्रांसपेरेंसी इनक्रीजिंग। तो अगर गवर्नमेंट की कोई रेगुलेशन आ जाती है तो उसका शॉर्ट टर्म इफेक्ट जरूर से आ सकता है ऑन दी लिस्टेड ज्वेलरी कंपनी जो कि ऑर्गेनाइज्ड प्लेयर्स है। इसके अलावा गोल्ड का जो प्राइस मूवमेंट है ना वो एक काफी बड़ा रिस्क फैक्टर है और अगर गोल्ड के दाम तुरंत कुछ बढ़ जाते हैं कुछ ही हफ्तों में कुछ महीनों में बहुत बढ़ जाते हैं तो जो डिमांड है वो सब हो जाती है क्योंकि जो कस्टमर है वो सोचता है कि अरे गोल्ड के दाम इतने बढ़ जाते हैं बढ़ गए हैं लेट मी जस्ट वेट एंड वॉच देखिए ज्वेलरी ऐसी चीज

23:46 है कि रोज आपको जरूरत नहीं पड़ने वाली इट्स अ डिस्क्रीशनरी स्पेंड अगर आपके पास सेविंग्स है और अगर आपके पास वेल्थ है तो ही आप खरीदेंगे इसलिए अगर गोल्ड के दाम बढ़ जाते हैं देन डेफिनेटली फॉर अ टाइम बीइंग इट मे अफेक्ट दी प्रॉफिट्स ऑफ़ द कंपनी। हमने देखा है कि जिन-जिन क्वार्टर में गोल्ड के डम स्पाइक हो गए हैं, डेफिनेटली द रेवेन्यूज़ ऑफ़ दीज़ कंपनीज़ हैव बीन अफेक्टेड एंड देयर फॉर इवन दी प्रॉफिटेबिलिटी ऑफ़ द कंपनीज़ हैज़ कम अंडर स्ट्रेस। अपार्ट फ्रॉम दैट, यह जो इंडस्ट्री है, काफी कंपेरेटिव है। यू हैव टू बी अहेड ऑफ़ योर कंपैटिटर्स। आपको कई सारी नई-नई डिज़ाइंस भी लानी पड़ती है। देयर इज़ आल्सो द रिस्क ऑफ़ स्टॉक ऑ्सोलेशन। यानी कि जो आपने डिज़ाइंस बनाई है, अगर वह पॉपुलर नहीं है, अगर कुछ नई फैशंस आ जाती है, कोई नया ट्रेंड आ जाता है, देन डेफिनेटली द स्टॉक यू आर होल्डिंग दैट बिकम्स अ दैट मे बिकम अनसेबल। तो,

24:31 इन्वेंटरी मैनेजमेंट इज़ अ रिस्क फैक्टर फॉर दीज़ कंपनीज़। इसलिए जब आप ये कंपनियों को एनालाइज़ करते हैं, मस्ट डेफिनेटली लुक एट व्हाट इन्वेंटरी दे आर होल्डिंग। तो, यह था हमारे रिस्क फैक्टर्स फॉर द ज्वेलरी इंडस्ट्री। अह काफी रिस्क फैक्टर्स है। लेकिन, जैसे मैंने कहा लॉन्ग टर्म प्रॉस्पेक्ट्स आर ग्रेट। इसलिए इन्वेस्टर की नजर इन पर रहनी चाहिए। चलिए अब हम डिक्लेअर करते हैं हमारा सेक्टर का राजा कौन सा है एंड नो प्राइसेस फॉर गेसिंग द सेक्टर का राजा हैज़ टू बी टाइटन जिसमें यह पूरी इंडस्ट्री अपने हाथों से बनाई है। दे वर द फर्स्ट प्लेयर दे हैव क्रिएटेड अ ह्यूज ब्यूटीफुल ट्रैक रिकॉर्ड और इतनी सारी बढ़िया बिजनेस सिस्टम उन्होंने सेट की है जो कि कई सारे जो लेट एंट्रेंस से जो बाद में जो आए हैं दे हैव बीन एबल टू फॉलो टाइटंस रोड मैप एंड बिल्ड ब्रांड ब्रांड बेस्ड ज्वेलरी बिनेसेस यानी कि

25:16 कल्याण है पीएन गडगिल है टंगमल है उन्होंने काफी फोकस दिया है ऑन ब्रांड द वे tाइटन डड ऑन तनिश और इसकी सक्सेस हम देख रहे हैं कि दीज़ कंपनीज़ आल्सो हैव बीन ग्रेट वैल्यू क्रिएटर्स ओवर द पास्ट फोर फाइव इयर्स मे बी इवन लगर और सो हमारा सेक्टर का राजा है टाइटन जैसे मैंने कहा कि tाइटन हैज़ गॉट मेनी डिवीज़ उनको वॉचेस भी बेचती है दे आर आल्सो इंटू आई वेयर दे आर आल्सो इंटू अदर फैशन प्रोडक्ट्स लेकिन जो ज्वेलरी है दैट इज़ द मेन प्रॉफिट एंड ग्रोथ ड्राइवर कंट्रीब्यूटिंग मोर देन 90% ऑफ़ द टॉप लाइन मोर देन 90% ऑफ़ द बॉटम लाइन डेफिनेटली आई एम नॉट सो फ्योर द टॉप लाइन। इसलिए Titan को हम रेट करेंगे एज दी सेक्टर का राजा। यह जो कंपनी है हमारे हमारे हमारे इन्वेस्टर्स में इसका इन्वेस्टमेंट है एज अ मेजर ऑफ़ डिस्क्लोज़र। और ये जो कंपनी है मेरे ख्याल से निफ्टी कंपनी है। काफी अच्छी उसकी ग्रोथ

26:03 प्रॉस्पेक्ट्स है। वन ऑफ़ द फ्यू निफ्टी कंपनीज़ व्हिच आई थिंक कैन ग्रो इन द मिड टीम्स। मतलब बड़ी कंपनी भी है, पार्ट ऑफ़ द इंडेक्स भी है। उसकी जो रेवेन्यूज़ है, प्रॉफिट्स है, दैट कैन सर्टेनली ग्रो एट 17 टू 25% फॉर अ लॉन्ग पीरियड ऑफ़ टाइम। शायद इसी वजह से इसकी जो पीई मल्टीपल है इतनी ज्यादा है एट अराउंड 85 86 टाइम्स। लेकिन मेरे ख्याल से सेक्टर करा तो टाइटन है लेकिन कल्याण ज्वेलर्स आल्सो सर्टेनली मेंशन करना चाहिए क्योंकि ये भी एक ऐसी कंपनी है व्हिच हैज़ गॉट अ गुड पैन इंडिया प्रेजेंस। अच्छी ब्रांड है उनके पास में। वेल मैनेज्ड बिज़नेस है। काफी अच्छी एडवरटाइजिंग स्ट्रेटजी है इस कंपनी की बाय अट्रैक्टिंग अ लॉट ऑफ़ स्टार्स ऑन द प्लेटफार्म। वैल्यू्यूएशन सस्ता था लेकिन स्टॉक हैज़ आउटपरफॉर्म वेरी वेल इन द लास्ट फ्यू मंथ्स और सो। लेकिन अभी भी मेरे ख्याल से अगर करेक्शन में ये स्टॉक थोड़ा

26:49 सस्ता मिलता है तो इन्वेस्टर्स कंसीडर करना चाहिए। एक रेकमेंडेशन नहीं है। ये खाली हमारी ऑब्जरवेशन है। जो रीजनल प्लेयर्स हैं आई थिंक अगर आप उनको एक बास्केट तरीके से स्टडी करेंगे तो कहीं ना कहीं आप देखेंगे कि सम कंपनी विल ऑलवेज टेंड टू आउटपरफॉर्म। जैसे कि वी वर वेरी इंप्रेस्ड विथ द परफॉर्मेंस ऑफ़ सनको गोल्ड। लेकिन ये शायद कंसिस्टेंट नहीं रहेगी। बट फ्रॉम टाइम टू टाइम हमने देखा है कि जो रीजनल प्लेयर्स हैं सडनली दे कम आउट विथ वेरी गुड सेट ऑफ़ नंबर्स फॉर दैट पर्टिकुलर क्वार्टर। फिर थोड़े सॉफ्ट हो जाते हैं। लेकिन फिर भी लॉन्ग टर्म ग्रोथ अच्छी है। इसलिए अगर आपके पास रीजनल ज्वेलरी कंपनीज़ है वहां पर मेरे ख्याल से आई थिंक उनके प्रोस्पेक्ट्स अच्छे हैं। लेकिन जैसे मैंने कहा उनकी रिस्क फैक्टर यह है कि दीज़ आर स्मॉलर कंपनीज़। वी आर आल्सो न्यू लिस्टिंग्स। इसलिए कॉर्पोरेट गवर्नेंस भी एक क्वेश्चन मार्क बन जाता है इन कंपनियों पर। एंड लास्ट बट नॉट द लीस्ट उनका बिज़नेस पूरा का पूरा डी रिस्क नहीं

27:35 है। क्योंकि अगर जो रीजन में वो ऑपरेट कर रहे हैं वहां पर एक घटना हो जाती है। कोई प्रॉब्लम हो जाता है। एंड डेफिनेटली दैट सेल्स कैन बी इंपैक्टेड बाय दैट। तो यह था हमारा डिस्कशन ऑफ द ज्वेलरी कंपनीज़। यह तो इंडस्ट्री बहुत ही पुरानी है इंडिया में। कई सारे सदियों से ज्वेलर्स आर देयर इन दिस कंट्री। लेकिन जो लिस्टेड प्लेयर्स हैं, जो ऑर्गेनाइज्ड प्लेयर्स हैं जिसका अभी मार्केट शेयर केवल 1/3 है और धीरे-धीरे बढ़ने वाला ही है। दे विल गो टू 60-70% इन अ फ्यू इयर्स फ्रॉम नाउ। इसी वज़ह से मेरे ख्याल से यह जो इंडस्ट्री है इज़ ऑन द कस ऑफ़ अ टेकऑफ़। अभी भी ये इंडस्ट्री पुरानी है लेकिन जो नए प्लेयर्स आए हैं जो ऑर्गेनाइज प्लेयर्स आए हैं फॉर देम द ग्रोथ द रोड मैप एंड दी एंटायर इंडस्ट्री इज वेरी गुड फॉर सच प्लेयर और लास्ट में फिर से मैं कहना चाहूंगा ये जो वीडियो है दैट इज़ प्योरली फॉर एकेडमिक

28:20 पर्पस हमारी कोशिश रही है कि आपको ये इंडस्ट्री है जो कि काफी इंपॉर्टेंट इंडस्ट्री है काफी वाइब्रेंट इंडस्ट्री है उस पर थोड़ी हमारी जो नॉलेज है आपके साथ हम शेयर करें आपको एक थोड़ा सा इनसाइट दे आपको थोड़ी सी जानकारी दें ऑन व्हाट दिस इंडस्ट्री इज़ ऑल अबाउट कौन से प्लेयर्स हैं? उनकी खास बात क्या है? सबसे बढ़िया कंपनी कौन सी है इसमें? व्हिच इज़ अ सेक्टर का राजा। यही है हमारी उम्मीद। दैट इज़ बेसिकली आवर डिज़ायर। और प्लीज इससे रेकमेंडेशन नहीं है आपके लिए कोई भी स्टॉक्स के लिए। आप प्लीज अपना खुद का रिसर्च कीजिए। ये जो सभी कंपनियां है, दे आर गिविंग एक्सीलेंट इन्वेस्टर प्रेजेंटेशन। उनके कॉन कॉल्स रहते हैं, ट्रांसक्रिप्ट रहती है। प्लीज आप अपने हिसाब से स्टडी कीजिए। बैकग्राउंड को स्टडी कीजिए। फाइनेंससेस को स्टडी कीजिए। रिटर्न रेशियोज़ को देखिए। इन्वेंटरी लेवल्स पर ध्यान रखिए। फिर अगर आपको ठीक लगे तभी आपने सोच समझ कर निवेश करना है।

29:07 अंत में हमारे चैनल को सपोर्ट करने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद। और यह भी जो वीडियो है हम कोशिश करेंगे कि ऐसे अच्छे-अच्छे वीडियोस आपके सामने पेश किए पेश किए जाएंगे और होप दैट यू कंटिन्यू टू सपोर्ट आवर चैनल एंड कीप ऑन सब्सक्राइबिंग एंड सेंड अलर्ट टू अदर फ्रेंड्स टू सब्सक्राइब टू आवर चैनल एस वेल। थैंक यू। >> दिस पडकास्ट प्रीटी। सभी रजिस्टर चैनल रजिस्ट्रेशन नंबर आई एन4787 द इनफेशन प्रोवाइडेड इनकास्ट एजुकेशन इनफेशन ओनली एंड शॉट बी कंसीडर इन्वेस्टमेंट इन्वेस्टमेंट सिक्योरिटी मार्केट स्ट्रक्चर मार्केट स्ट्रांगली ओल्ड इन्वेस्ट टू बी ऑल रिलीज डॉक्यूमेंट केयरफुली फॉर इन्वेस्ट

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