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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो उत्तर प्रदेश की भौतिक संरचना और जलवायु पर केंद्रित है। इसमें उत्तर प्रदेश की भूगर्भिक संरचना, भौतिक क्षेत्र और जलवायु के बारे में जानकारी दी गई है।

मुख्य बातें:

  • उत्तर प्रदेश गोंडवानालैंड का हिस्सा है।
  • उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग का निर्माण विंध्य क्रम की शैलों से हुआ है।
  • उत्तर प्रदेश को चार भौतिक क्षेत्रों में बांटा गया है: सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र, भाबर और तराई क्षेत्र, गंगा यमुना का दोआब क्षेत्र और दक्षिणी पठारी प्रदेश।
  • भाबर क्षेत्र कृषि योग्य नहीं है, जबकि तराई क्षेत्र चावल, गेहूं और गन्ना की खेती के लिए उपयुक्त है।

परिचय

इस वीडियो में, शिक्षक उत्तर प्रदेश की भौतिक संरचना और जलवायु के बारे में बताते हैं। वे बताते हैं कि यह विषय यूपी लेखपाल परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है।

उत्तर प्रदेश की भूगर्भिक संरचना

उत्तर प्रदेश भूगर्भिक दृष्टि से भारत के प्राचीनतम गोंडवानालैंड महाद्वीप का भूभाग है। पृथ्वी की आंतरिक संरचना, चट्टानें, खनिज और उनकी उत्पत्ति और समय के साथ होने वाले परिवर्तनों से संबंधित प्रक्रिया को भूगर्भिक दृष्टि कहते हैं। उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में अवस्थित पठारी भाग प्रायद्वीपीय भाग का अंग है, जो तीनों तरफ से जल से घिरा हुआ है।

दक्षिणी भाग का निर्माण

उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग का निर्माण प्रीकैंब्रियन युग में विंध्यन क्रम की शैलों के द्वारा हुआ था। विंध्यन क्रम की चट्टानों में जीवाश्म का अभाव होता है, लेकिन चूने का पत्थर, डोलोमाइट और लाल बलुआ पत्थर पाया जाता है। मिर्जापुर का चुनार लाल बलुआ पत्थर के कंस्ट्रक्शन के लिए प्रसिद्ध है। विंध्यन क्रम की शैलों से प्राप्त कठोर लाल बलुआ पत्थरों का प्रयोग आगरा एवं उसके समीपवर्ती मुगल कालीन महलों के निर्माण में हुआ है।

बुंदेलखंड और बघेलखंड

बुंदेलखंड और बघेलखंड पठारों में विंध्यान शैल समूह की कैमूर श्रंखला पाई जाती है, जो सोनभद्र व मिर्जापुर में स्थित है।

टर्शरी समूह की चट्टानें

उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित हिमालय श्रेणी का निर्माण टर्शरी काल में हुआ था। उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित हिमालय श्रेणियों की जो चट्टाने हैं, वो टर्शरी समूह की चट्टानों के द्वारा निर्मित है।

उत्तर प्रदेश के भौतिक क्षेत्र

उत्तर प्रदेश को चार भौतिक क्षेत्रों में बांटा गया है:

  1. सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र
  2. भाबर एवं तराई क्षेत्र
  3. गंगा यमुना का दोआब क्षेत्र
  4. दक्षिणी पठारी प्रदेश

सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र

सहारनपुर के उत्तर व उत्तर पूर्वी क्षेत्र में शिवालिक पहाड़ियां स्थित हैं, जो उत्तराखंड राज्य से सीमा का निर्धारण करती हैं। अमसोट, बहनसिया, शहनसरा, शाखंबरी और मोहंड आदि उत्तर प्रदेश में शिवालिक की प्रमुख चोटियां हैं। अमसोट प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी है, जिसकी ऊंचाई 957 मीटर है और यह सहारनपुर जनपद में स्थित है। मोहंड दर्रा देहरादून के द्वार के रूप में भी जाना जाता है।

भाबर एवं तराई क्षेत्र

उत्तर प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र को भाबर व तराई प्रदेश कहा जाता है, जिसका विस्तार सहारनपुर से कुशीनगर के पडरोना तक है। भाबर क्षेत्र पश्चिम में चौड़ा (34 किमी) और पूर्व में संकरा होता जाता है। प्रदेश में कंकरीली तथा पथरीली मिट्टी द्वारा निर्मित क्षेत्र को भाबर और महीन अवसादों द्वारा निर्मित क्षेत्र को तराई कहा जाता है। भाबर क्षेत्र कृषि योग्य नहीं है, जबकि तराई क्षेत्र चावल, गेहूं और गन्ना की खेती के लिए उपयुक्त है।

भाबर क्षेत्र का विस्तार सहारनपुर, बिजनौर, पीलीभीत, शाहजहांपुर व लखीमपुर खीरी जनपदों में है। तराई क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है और यहां की जलवायु हानिकारक है, जिससे मलेरिया ज्वर अधिक होता है। गोरखपुर के समीप शिवालिक श्रेणी को ढूंढवा नाम से जाना जाता है।

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Transcript

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0:12 हेलो हेलो प्यारे साथी नमस्कार मैं केशपाल कुमार स्वागत करता हूं आपके अपने परिवार रोजगार विद अंकित में आशा करता हूं कि भैया जी आप सभी अच्छे होंगे बढ़िया होंगे खुशहाल होंगे और जहां भी होंगे एकदम शानदार एवं जानदार होंगे। प्यारे साथी सुबह के बज चुके हैं 9:00 और आप सभी को पता है कि एक बहुत ही शानदार हमारी यूपी जीके की कक्षा चली हुई है। दीपक गैंगवार जी नमस्ते। नमस्ते जी और परमजीत गुप्त जी हमारे साथ हैं। गुड मॉर्निंग सर। एंड राधे-राधे जी। राधे-राधे सर। उपेंद्र विश्वकर्मा जी

0:57 नमस्कार गुरु जी। नमस्कार जी प्रतीक पटेल मानसी सिंह तो यहां पर देख पाऊं तो सभी मेरे साथी सोनू पटेल जौनपुर की धरती से प्रणाम सर जी प्रणाम तो एक बार है सभी के सभी मेरे साथी जोरदार तरीके से इस सेशन में जुड़ जाएंगे और फिर हम अपने इस सेशन को एक शानदार तरीके से स्टार्ट कर पा रहे होंगे। आज जैसे कि आप सभी को पता भी होगा कि उत्तर प्रदेश भौतिक संरचना एवं जलवायु यह टॉपिक आपका होने वाला है। उत्तर प्रदेश भौतिक संरचना भौतिक संरचना एवं

1:45 एवं जलवायु एवं जलवायु उत्तर प्रदेश भौतिक संरचना एवं जलवायु की बात होगी तो आप एक बार हेडिंग डाल देंगे। ठीक है ना? उत्तर प्रदेश फिजिकल स्ट्रक्चर एंड क्लाइमेट तो आप करेंगे सर जी उत्तर प्रदेश फिजिकल स्ट्रक्चर एंड

2:32 क्लाइमेट। ठीक है? इस टॉपिक को हम पढ़ेंगे एकदम बेहतरीन तरीके से। ठीक है? तो भैया जी सिलेबस पीछे चल रहे हैं। पहले पढ़ लो आराम से। ठीक है? सिलेबस पीछे चल रहे हैं। अब चलते हैं भैया अपने जो है इस टॉपिक की तरफ और यह जो देखो पहले हम पढ़ेंगे उत्तर प्रदेश भौतिक स्ट्रक्चर। उसके बाद क्लाइमेट होगा। साथी उत्तर प्रदेश की भूगर्भिक संरचना आप पहले इसी में इसी में एक जो है हेडिंग डाल देंगे उत्तर प्रदेश की ठीक है उत्तर

3:18 प्रदेश की अभूगर्भिक संरचना पहले आप सभी को हेडिंग डालना है भैया जी उत्तर प्रदेश की उत्तर प्रदेश की भूगर्भिक गर्भविक संरचना चना उत्तर प्रदेश की भूगर्भिक संरचना आप एक हेडिंग और डालेंगे बोलेंगे तो जियोलॉजिकल स्ट्रक्चर ऑफ उत्तर प्रदेश जियोलॉजिकल स्ट्रक्चर जियोलॉजिकल

4:05 स्ट्रक्चर ठीक है ना ऑफ उत्तर प्रदेश ऑफ उत्तर प्रदेश अब देखो पहला यदि हम उत्तर प्रदेश की ज्योग्राफी की बात करें तो उत्तर प्रदेश भौतिक संरचना एवं जलवायु यह आपके सिलेबस में भी दिया है। और सिलेबस में दिया है और यहीं से ठीक है ना क्योंकि आगे जब हम चलेंगे तो अब मैं कहूंगा आपसे उत्तर प्रदेश का भावर क्षेत्र उत्तर प्रदेश का तराई क्षेत्र कौन सा होगा

4:50 गंगा यमुना दोआबव क्षेत्र या उत्तर प्रदेश का ठीक है ना दक्षिणी पठारी जिसे बुंदेलखंड का क्षेत्र भी या बुंदेलखंडीय भाग भी बोल दिया जाता है तो अब मैं आगे एकदम लेकर चलूं आपको क्योंकि अब यहीं से उत्तर प्रदेश की इस ज्योग्राफी की स्थापना तो बोलेंगे उत्तर प्रदेश की भूगर्भिक संरचना। कई आ जाता है कि भूगर्भिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश किस भूभाग का हिस्सा है? तो आपने जब ज्योग्राफी पढ़ी होगी तो मेरे साथी एक इस तरीके से एक मानचित्र देखा होगा। पहले एक पजिया महाद्वीप हुआ करता था। कौन सा? तो यह पूरा का पूरा पजिया पजिया

5:39 महाद्वीप था। आज से करोड़ों वर्ष पहले की बात है और ठीक है ना? भूगर्भिक उथल-पुथल के कारण यह पचिया महाद्वीप दो पार्टों में टूट जाता है। दो पार्टों में जो ऊपर जो नॉर्थ का जो एरिया है जो नॉर्थ मतलब ऊपर वाला जो क्षेत्र था ये लोरेशिया हुआ और साथ ही जो दक्षिण का था ये गोंडवाना लैंड हुआ जो साउथ की बात है। ठीक है? तो पजिया महाद्वीप और पजिया महाद्वीप कितने पारटों में दो पारटों में टूटा ऊपर उत्तरी जो हिस्सा है उसे लोरियास के नाम से लोरेशिया के नाम से और साथ ही नीचे की यदि हम बात करें जो दक्षिणी

6:25 हिस्सा है ये पूरा का पूरा यहां से वाला ठीक है तो ये पूरा आपका हो गया गोंडवाना लैंड अब गोंडवाना लैंड में आपका अफ्रीका होगा साउथ अमेरिका होगा इंडिया होगा। ठीक है ना? अंटार्कटिका होगा और ऑस्ट्रेलिया। अब कई बार क्वेश्चन आ जाता है कि अब जब भारत गोंडवाना लैंड का हिस्सा है तो भारत में ही उत्तर प्रदेश स्थित है। तो पहला पॉइंट हमारा यह बना कि भैया जी क्वेश्चन बना उत्तर प्रदेश भूगर्भिक की दृष्टि से भारत के प्राचीनतम गोंडवाना लैंड मतलब महाद्वीप का भूभाग है। ठीक है? पहला पॉइंट तो मैंने आप जो क्योंकि भारत ही है तो भारत में उत्तर प्रदेश तो एक क्वेश्चन यह

7:13 बनेगा कि उत्तर प्रदेश भूगर्भिक दृष्टि से उत्तर प्रदेश कौन सी दृष्टि की बात कह रहे हैं तो सर जी भू भूगर्भिक दृष्टि दृष्टि से भूगर्भिक दृष्टि से भारत के प्राचीनतम भारत के प्राचीनतम भारत के क्या होगा? प्राचीनतम गोंडवाना लैंड गोंडवाना लैंड महाद्वीप का

7:59 महाद्वीप का भाग है। किसका? तो भैया जी महाद्वीप का भूभाग है। पहला पॉइंट तो ये हो गया। ये क्वेश्चन आ जाता है कि भैया उत्तर प्रदेश भूगर्भिक दृष्टि से भारत के प्राचीनतम महाद्वीप का भूभाग है। तो आप बताएंगे सर जी गोंडवाना लैंड का। ठीक है? किसका? तो गोंडवाना लैंड। पहला तो ये पॉइंट आपका यहां पर करेक्ट होगा। अब यहां पर एक शब्द लिखा हुआ है भूगर्भिक दृष्टि। पृथ्वी की आंतरिक संरचना चट्टाने खनिज उनकी उत्पत्ति और समय के साथ होने वाले परिवर्तन जो समय के साथ जो परिवर्तन होता है उन

8:46 प्रक्रियाओं से संबंधित है। भूगर्भिक दृष्टि की यदि बात की जाए कि भूगर्भिक दृष्टि क्या है? तो पृथ्वी की आंतरिक संरचना में जैसे कि चट्टान हुई, खनिज हुए उनकी उत्पत्ति और समय के साथ होने वाले परिवर्तनों से जो संबंधित प्रक्रिया है उसे भूगर्भिक दृष्टि कहते हैं। उसे क्या कहा जाता है? भूगर्भिक दृष्टि। ये तो पॉइंट आप सभी के समझ में आ गया। हां सर जी। अब एक चीज और मैं यह तो पॉइंट आपका सही है। अब एक बात और आती है। चलो यह अपना उत्तर प्रदेश हो गया। यह उत्तर प्रदेश का मानचित्र हां सर उत्तर प्रदेश को हमने वैसे तो चार पॉइंट हैं लेकिन तीन भागों

9:33 में बांट दिया। भाबर व तराई का क्षेत्र वैसे जो सहारनपुर का ठीक है ना? उत्तरी क्षेत्र भी है और आपका गंगा यमुना यह दोनों को दोनों बीच का क्षेत्र आपका बन जाएगा सर जी क्या गंगा यमुना मतलब कि दो आव का क्षेत्र और यदि मैं यहां से देखूं जालौन से लेकर और ये पूरा का पूरा जो क्षेत्र यहां तक चंदौली तक आ रहे हैं यह आपका बन जाएगा सर जी दक्षिणी भाग यह पूरा का पूरा कैसा भाग है दक्षिणी भाग तो उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में अवस्थित उत्तर प्रदेश का यह जो दक्षिणी भाग है दक्षिण का जो नीचे का एरिया भाग में अवस्थित मतलब पठारी भाग प्रायद्वीपीय भाग का अंग

10:20 है। यह किसका अंग है? प्रायद्वीपीय। तो पॉइंट एक और यहां पर लिखना है आप सभी को। उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में अवस्थित उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में अवस्थित पठारी भाग यह जो दक्षिणी का इसे बुंदेलखंडीय भाग भी बोल देंगे हम। पठारी भाग पठारी भाग प्रायद्वीपीय हां सर जी कौन सा होगा यह भी क्वेश्चन आप सभी को बता देना है। प्रायद्वीपीय

11:08 भाग का प्रायद्वीपीय भाग का अंग है। प्रायद्वीपीय भाग का क्या होगा? अंग। अब प्रायद्वीप मतलब प्रायद्वीप किसे कहते हैं? जो तीनों तरफ से जो तीनों तरफ से मेरे साथी जल से घिरा हुआ है। अब क्वेश्चन यह आया कि उत्तर प्रदेश का जो दक्षिण दक्षिण भाग में अवस्थित ठीक है ना? एक बार और मैं आपको दिखाऊंगा। उत्तर प्रदेश के जो दक्षिणी भाग में अवस्थित जो पठारी पठारी है ये ठीक है ये जो भाग होगा ये किस किस भाग का अंग है तो प्रायद्वीपीय इधर होगा बुंदेलखंड और ये आपका होगा बघेलखंड ये पूरा का पूरा पठारी भूभाग माना जाता है और सर ये प्रायद्वीपीय भाग का हिस्सा है

11:55 सर टॉपिक वाइज क्वेश्चन प्रैक्टिस सेट करवाइए देना छोड़ दूं पहली बार क्लास ले रही थी पहली वेरी नाम से देख रहा हूं मैं और कॉपी पेस्ट ज्यादा ना करेंगे। ठीक है? तो ये पॉइंट एकदम राइट होगा। चलो जी। हां सर यहां तक तो आई बात समझ में। अब आगे चलते हैं। अब यह जो दक्षिणी जो भाग है यह हमारा जो उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग की बात आती इसका जो कंस्ट्रक्शन हुआ था इसका जो निर्माण हुआ है यह भी पॉइंट आता है कि भैया जी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग का जो निर्माण है प्री कैंबब्रियन युग में कौन सा एक होगा प्री कैंब्रियन

12:40 प्री कैमब्रियन युग में प्रीकैमब्रियन आज से करोड़ों वर्ष पहले की बात है। प्रीकैंब्रियन युग में विंध्यन क्रम की शैलों के द्वारा विंध्यन विंध्यन क्रम क्रम की शैलों के द्वारा शैल माने होती है चट्टान। विंध्यन क्रम की शैलों के शैलों द्वारा मेरे भैया पूछा गया क्वेश्चन कि आपका जो उत्तर प्रदेश का जो दक्षिणी भाग है इसका जो कंस्ट्रक्शन इसका जो निर्माण एक युग आया था प्रीकैंब्रियन युग और इसी युग में जो विंध्यन क्रम की जो चट्टान थी जो शैल थी उनके द्वारा हुआ था। आ रही है बात समझ

13:27 में? उनके द्वारा विंध्यन क्रम की। अब यह पॉइंट हमसे पूछा जाए कि उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग अब उत्तर प्रदेश का जो दक्षिणी भाग है इसका कंस्ट्रक्शन किस प्रकार की चट्टानों के द्वारा हुआ है? तो आप बताएंगे विंध्यन क्रम की चट्टानें। और सर कौन सा युग होगा? तो प्रीकैमब्रियन युग। यहां तक बात सही है। एकदम यहां तक बात सही है आपके। एकदम बात करेक्ट है। चलो जी यह पॉइंट एकदम करेक्ट है। अब बात आती प्रीकब्रियन क्रम की जो या सॉरी यह तो युग होगा विंध्यन क्रम की चट्टानों में जीवाश्म का तो अभाव होता है। एक पॉइंट और आप सभी को लिखना है। जो विंध्य क्रम की जो

14:13 चट्टाने हैं। ठीक है ना? कौन सी विंध्यय क्रम की क्रम की चट्टानों में चट्टानों में जीवाश्म का अभाव जीवाश्म जो होते हैं जीवाश्म का जीवाश्म का अभाव पाया जाता है। एक बात ये इसका अभाव होगा तो मेरे साथी आप लिख देना जीवाश्म का अभाव पाया जाता है। एक पॉइंट ये होगा जो क्रम की जो चट्टाने और ये विंध्यन क्रम की चट्टाने कौन सी प्रीकैंब्रियन युग में और उत्तर प्रदेश का

14:59 दक्षिणी भाग इन्हीं शैलों से निर्मित है और विंध्यन क्रम की जो चट्टानों में यदि हम देखें तो सर जी इनमें और क्या पाया जाता है? जीवाश्म का तो अभाव लेकिन चूने का जो पत्थर है बंदेन क्रम की चट्टानों में चूने का पत्थर इसका चूने का पत्थर हो गया। दूसरी बात क्या है सर? डोलोमाइट डोलोमाइट और एक और क्या होगा? लाल बलुआ पत्थर। ठीक है। कौन सा? तो आप यहां लिखेंगे लाल बलुआ। लाल बलुआ पत्थर पाया जाता है। पत्थर पाया जाता है। यह आपको लिख देना है।

15:47 अब आपने एक चीज पढ़ी होगी लाल बलुआ पत्थर। यह आपका होगा सर जी लाल जो रेड बलुआ पत्थर है ये चुनार। चुनार और चुनार कहां पड़ता है? मिर्जापुर में। तो मिर्जापुर का चुनार जो है इन रेड बलुआ पत्थर के जो स्टोन है इनके क कंस्ट्रक्शन के लिए बहुत प्रसिद्ध है। ठीक है? एक और बात आती है। अब जो विंध्यन क्रम की चट्टानों से प्राप्त यह जो लाल बलुआ पत्थर ये लाल बलुआ पत्थरों का जो प्रयोग है आगरा एवं उनके समीपवर्ती मुगल कालीन महलों के निर्माण में हुआ है। जब हम कहते हैं कि आगरा के लाल जो किला है जो आगरा का रेड फोर्ट है उसका कंस्ट्रक्शन

16:35 चुनार से मंगाए हुए रेड आपकी बलुआ जो स्टोन है पत्थर के द्वारा ही तो किया गया है अब अब ये अब जो रेड सबसे ज्यादा तो यही है ना तो लाल बलुआ पत्थर कौन सी क्रम की चट्टानों में विंध्यन क्रम की चट्टानों में अब यहीं पर एक क्वेश्चन बना इंपॉर्टेंट और क्वेश्चन क्या कहता है ठीक है इसी क्वेश्चन से मतलब विंध्यन क्रम की शैलों से प्राप्त यह पॉइंट करेंगे विंध्यन क्रम की विंध्यन क्रम की चट्टानों से चट्टानों से प्राप्त चट्टानों से प्राप्त ये जो है कठोर लाल बलुआ पत्थर कठोर

17:21 लाल बलुआ पत्थर बलुआ पत्थर कठोर लाल बलुआ पत्थर या कठोर रंग के कठोर लाल बलुआ पत्थर पत्थरों का प्रयोग आगरा पत्थरों का प्रयोग आगरा प्रयोग आप लिख देंगे आगरा एक बात ये आगरा एवं उसके आगरा एवं उसके समीपवर्ती आगरा एवं उसके समीपवर्ती महलों में ठीक है आगरा एवं उसके समीपवर्ती

18:07 मुगल कालीन ये पॉइंट और लिख देंगे समीपवर्ती मुगल कालीन मुगल कालीन महलों में ठीक है मुगल कालीन महलों में हुआ है तो भैया जी विंध्यन क्रम की चट्टानों से प्राप्त कठोर रंग के लाल बलुआ पत्थरों का प्रयोग आगरा एवं उसके समीपवर्ती मुगल कालीन महलों के निर्माण में हुआ है। ये आप सभी को नोट कर देना है। निर्माण में हुआ है। अब एक क्वेश्चन बना। अब देखो एक क्वेश्चन बना क्या? चुनार मिर्जापुर से प्राप्त लाल रंग के

18:53 लाल रंग के बलुआ पत्थर का प्रयोग आगरा एवं उसके समीपवर्ती मुगल कालीन भवनों के कंस्ट्रक्शन में हुआ है। यह पत्थर किस क्रम की शैलों से प्राप्त होता है? तो आप बताएंगे सर जी विंध्यन क्रम की। तो यहीं पर क्वेश्चन बन जाता है। ठीक है? आ रही है बात समझ में? चुनार मिर्जापुर का किला लाल बलवा पत्थर से बना है। बिल्कुल बना है। तो मैंने बता दिया ना तो यह पॉइंट भी एकदम करेक्ट आप इन्हें कर देंगे। और एक और बात है सर बुंदेलखंड यह आपका बुंदेलखंड हो गया जिसमें सात जनपद होंगे और इधर आपका सोनभद्र मिर्जापुर और आपका दक्षिणी प्रयागराज यह आपका क्षेत्र होगा बघेलखंड। देखो इधर तो यह बुंदेलखंड

19:41 होगा। यहां तक चित्रकूट तक और फिर इसके बाद प्रयागराज स्टार्ट होगा। यह आपका बन जाएगा सर जी बघेलखंड। तो बुंदेलखंड बघेलखंड पठारों में जो विंध्यान शैल समूह की कैमूर श्रंखला भी पाई जाती है। अब कैमूर मैंने आपको बताया होगा कैमूर जो पर्वतमाला या कैमूर पर्वत ये उत्तर प्रदेश के किस जनपदों में स्थित है? तो आप बताएंगे सोनभद्र व मिर्जापुर में। सोनभद्र व मिर्जापुर में तो स्थित है लेकिन वो कौन सी क्रम की च पर्वत श्रंखला होगी तो आप बताएंगे विंध्यन क्रम की यही तो पॉइंट आ रहे हैं तो आप इस पॉइंट को भी लिख देंगे बुंदेलखंड और बघेलखंड पठारों में

20:27 बुंदेलखंड और और क्या होगा सर और बघेलखंड बुंदेलखंड और बघेल बघेल खंड आपके जो पठारों में पठारों में विंध्यान शैल समूह की पठारों में विंधियन विंध्यन शैल समूह की शैल समूह मतलब शैल माने चट्टान ही होगी ना सेल समूह की कैमूर श्रंखला पाई जाती है। कैमूर श्रंखला कैमूर श्रंखला पाई जाती है। अब एक बात यह कि यह कैमूर श्रंखला कौन से जनपद में? तो आप बता

21:16 देना सोनभद्र व मिर्जापुर में। आ रही है बात समझ में? सोनभद्र व मिर्जापुर में। तो एक पॉइंट यह भी आपका होगा कि कैमूर श्रंखला कौन सी चट्टान की? विंधन शैल समूह चट्टान की होगी जो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र व मिर्जापुर में पाई जाती है। यह पॉइंट हो गया भैया। चलो जी हां तो मैंने मतलब कि कह रहे हैं सर डिस्ट्रिक्ट पूछे गए या जो है विंध्य क्रम से जो है से विंध्यन क्रम से ही पूछेगा। विंध्यन क्रम से ही पूछेगा। ठीक है ना? और मैंने यहां लिखवा भी तो दिया। आपको यह भी पॉइंट बता दिया। उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग में अवस्थित पठारी भाग प्रायद्वीपीय भाग का अंग है। इसका कंस्ट्रक्शन जो हुआ था

22:03 दक्षिणी भाग का प्रीकैंबियन युग में विंध्यन क्रम की शैलों के द्वारा तो ये जो दक्षिणी भाग है ये जो बना हुआ चट्टान पूछेगा तो विंध्यन क्रम की चट्टान से और इसमें जीवाश्म का अभाव होगा लेकिन चूना पत्थर होगा डोलोमाइट और लाल बलुआ पत्थर यह पाया जाता है और विंध्यन क्रम की चट्टानों में पाए जाने वाले इस लाल बलवा पत्थर का प्रयोग मुगल कालीन इमारतों में किया गया है अधिकांशत और इसी बुंदेलखंड और बघेलखंड पठार में जो विंध्यन शैल समूह है इसकी एक कैमूर श्रंखला है जो सोनभद्र और मिर्जापुर में पाई जाती है। बाकी तो और कुछ भी इसमें नहीं है भैया और भी कुछ इसमें नहीं है। तो कहने का मतलब है दक्षिणी जो भूभाग उत्तर प्रदेश का वो विंध्यन क्रम की शैलों के

22:50 द्वारा निर्मित है। एक बार जल्दी से बताएंगे। एक बार और रिवीजन रिवाइज करा दूंगा मैं। जो उत्तर प्रदेश का जो दक्षिणी भूभाग है वह कौन सी शैलों के द्वारा निर्मित है? विंध्यन क्रम की शैलों के द्वारा। विंध्यन क्रम की शैलों में एक कैमूर श्रंखला पाई जाती है और कैमूर श्रंखला देखें तो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर में। अब ऐसे भी क्वेश्चन आ जाएगा कि उत्तर प्रदेश का बुंदेलखंड व बघेलखंड का जो क्षेत्र है यह किस शैल के द्वारा निर्मित है? तो विंध्यन क्रम की शैलों के द्वारा। यह पॉइंट है और कुछ भी नहीं है। तो एक बार जल्दी से यदि ये पॉइंट आप सभी की समझ में आए तो वो प्यारा सा थंब का निशान और फिर मेरे साथी इसी के साथ बढ़ेंगे हम आगे की तरफ और तो इसमें कुछ भी

23:38 है ना ठीक है और कोशिश रही है कि आपकी समझ में आए मैंने यह भी बताया और इसी के साथ ये भी पूरी की पूरी चीजें आपको बताई है जल्दी से बताओ यहां तक सही है भास्कर जी बिल्कुल सर जी अब कल क्लास ना हुई थी अब ये हर बात थोड़ी बताऊंगा कि क्यों ना हुई अनु जी कल क्लास क्यों ना हुई थी मुझे ठीक है ना थी ना हो पाई तो भैया अब सैटरडे को कराऊंगा अब एक ये देखो टर्शरी समूह की चट्टाने उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित हिमालय श्रेणी का निर्माण टर्शरी काल में हुआ था। अब देखो यह आपका जो है क्या होगा यह मैं यही बता दूं आपका यह भाबर एवं तराई

24:26 का क्षेत्र है यह किसका भाबर एवं तराई का क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के ठीक है ना उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित और हिमालय जो श्रेणी अधिकांश सहारनपुर वाला जो क्षेत्र है यह मुजफ्फरनगर फिर ये बिजनौर आ गए इस तरीके से तो अब मैं यहीं देखूं उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित हिमालय श्रेणी का निर्माण उत्तर प्रदेश के यह लिख दो उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित कौन से भाग की बात है सर जी उत्तरी भाग में भाग में स्थित पहले एक चलो एक इसे एक और बना लेंगे ठीक है एक बार इसे और बना

25:13 लेंगे ठीक है तब लिखेंगे हम तो उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित उत्तरी भाग उत्तर प्रदेश के उत्तरी अच्छा यहां आ जाओ। चलो जी। उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित अब यह आपका उत्तरी भाग है। हिमालय की श्रेणियों का निर्माण हिमालय की जो श्रेणी हैं हिमालय श्रेणी हिमालय श्रेणियों का निर्माण

25:59 अब ये हुआ था भैया जी टर्शरी टर्शरी काल में हुआ था या युग में टर्शरी युग में हुआ था युग में अब दूसरी बात एक और टर्शरी जो चट्टाने भी हैं। टर्शरी समूह की चट्टाने भी बोलेंगे। ठीक है ना? टर्शरी समूह की चट्टाने और इन टर्शरी समूह की चट्टानों के द्वारा ही टर्शियरी समूह की चट्टानें भी होंगी और काल भी उसी पर चट्टानों पर डाल दिया। तो अब कहने का मतलब यह है मेरा और कुछ ना है। बाकी इतना कहना चाहूंगा एक बार है उत्तर प्रदेश के दक्षिणी भाग विंध्यन क्रम क्रम की शैली के द्वारा

26:44 निर्मित है और उत्तर प्रदेश का जो उत्तरी भाग उत्तरी भाग में हिमालय श्रेणी भी पाई जाएंगी। इनका निर्माण तो टर्शरी युग में हुआ लेकिन ये कौन से समूह की चट्टान हैं? तो टर्शरी समूह की चट्टान। तो उत्तर प्रदेश के उत्तरी भाग में स्थित हिमालय श्रेणियों की जो चट्टाने हैं वो कौन सी चट्टानों के द्वारा निर्मित है? तो टर्शरी समूह की चट्टान बस और कुछ भी ना है। और कुछ भी ना है तो इसी के साथ एक और है अब उत्तर प्रदेश की भौतिक क्षेत्र। बस यहां तक तो यह समझ लेना उत्तरी भाग और दक्षिणी भाग। अब एक हेडिंग आप डालेंगे उत्तर प्रदेश की भौतिक क्षेत्र सर। एक हेडिंग आप डाल दो सर जी उत्तर प्रदेश

27:32 के उत्तर प्रदेश के भौतिक क्षेत्र अब देखो हमने उत्तर प्रदेश को चार भौतिक क्षेत्रों में कई बुकों में आपको तीन मिलेगा। कई बुकों में आपको चार मिल जाएगा। ठीक है? तो उत्तर प्रदेश के भौतिक क्षेत्र मींस हो गया फिजिकल रीजंस ऑफ उत्तर प्रदेश। ठीक है जी सर जी क्या हो गया फिजिकल रीजंस ऑफ ऑफ उत्तर प्रदेश ऑफ उत्तर प्रदेश अब आपको एक हेडिंग यह डाल देनी है अब देखो हमने इसे कितने पार्टों में कितने भागों में विभक्त किया है तो हम

28:19 बात करेंगे भैया जी भाग होंगे चार कितने भाग चार कई बुकों में आपको तीन भी मिल जाएंगे। टर्शरी सेल समूह है। जैसे विंध्यन क्रम की जो सेल समूह है ऐसी टर्शरी सेल समूह है और टर्शरी सेल समूह और एक टर्शरी युग भी आया था। तो टर्शरी युग में इन श्रेणियों का जो निर्माण हुआ तो उसके नाम पर ही टर्शरी युग भी डाल दिया। टर्शरी सेल संघ की चट्टान भी एक ही कर दिया। ठीक है? तो उत्तर प्रदेश के भौतिक क्षेत्र की बात फिजिकल रीजंस ऑफ उत्तर प्रदेश जो कि हमने चार भागों में बांट दिया। सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र किस-किस में बांटा है? तो आप लिखेंगे सर जी सहारनपुर का

29:07 सहारनपुर का शिवालिक सहारनपुर का शिवा शिवालिक तलहटी क्षेत्र सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र एक दूसरा होगा भैया जी भाबर एवं भाबर एवं तराई क्षेत्र यहां से क्वेश्चन बनते हैं भावर एवं तराई क्षेत्र तीसरा होगा गंगा यमुना या गंगा का मैदान गंगा का या गंगा यमुना का दो आब क्षेत्र गंगा यमुना का दो आव क्षेत्र इसे मध्य भाग

29:53 भी बोल देते हैं। ठीक है जी एक आपका चौथा जो होगा दक्षिणी पठारी प्रदेश दक्षिणी पठारी दक्षिणी पठारी प्रदेश इसे बुंदेलखंड प्रदेश भी हम बोल देंगे। तो इन पॉइंटों को भी आप नोट करेंगे। ठीक है? सहारनपुर की शिवालिक तलहटी में माता शाखंबरी देवी का मंदिर है। बिल्कुल सर क्वार्टनरी सेल भी पढ़ाओ। पहले धैर्य तो पकड़ो जब मैं कह दे ना कि अब टॉपिक कंप्लीट है तब बोले करो आगे को और तुम्हें कई मैंने टोक दे बॉबी बाबू अब क्वार्टनरी

30:42 सेल समूह सारी बताऊंगा धैर्य पकड़ो थोड़ा सा जहां उनकी जरूरत पड़ेगी वहां बताऊंगा तो अब पहले आप डालेंगे सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र पहली बात तो यह होगी ठीक है पहली बात तो क्या होगी सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र पहले तो आप इसे इसे साफ कर दो। ठीक है? पहले तो आप इसे साफ करेंगे और हेडिंग डाल देंगे। चलो जी। सहारनपुर का शिवालिक सहारनपुर का सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र

31:29 तलहटी क्षेत्र अब बताएंगे सहारनपुर कहां स्थित है सर जी उत्तर प्रदेश का सबसे उत्तरी जनपद होगा और सहारनपुर के इस शिवालिक तलहटी क्षेत्र को हम यह होगा आपका सहारनपुर। यह जो पॉइंट है यह आपका सहारनपुर ऊपर हिमाचल प्रदेश लग जाएगा। सहारनपुर के उत्तरी और उत्तर पूर्वी क्षेत्र में शिवालिक पहाड़ियां स्थित हैं। सर जी आ एक और बात बताऊं मैं। सहारनपुर के उत्तर और उत्तर पूर्वी यह उत्तर पूर्वी तो आ जाएगा। यह जो क्षेत्र है इसमें कौन सी पहाड़ियां शिवालिक पहाड़ियां स्थित हैं? पहली बात तो क्वेश्चन आएगा कि शिवालिक पहाड़ियां निम्नलिखित में से किस जनपद के उत्तर एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र में

32:16 अवस्थित हैं? तो आप बता देना सर जी सहारनपुर में। उत्तराखंड से एक और बात है यह शिवालिक जो पहाड़ियां हैं यह उत्तराखंड से मतलब कि हमारे राज्य की सीमा का निर्धारण भी कर देती हैं। तो एक पॉइंट तो यह होगा जो कि आप बताएंगे सर जी सहारनपुर के सहारनपुर के उत्तर सहारनपुर के उत्तर व उत्तर पूर्वी क्षेत्र में उत्तर व उत्तर ठीक है। पूर्वी क्षेत्र में उत्तर व उत्तर पूर्वी क्षेत्र अह उत्तर पूर्वी

33:01 क्षेत्र में शिवालिक पहाड़ियां स्थित हैं। कौन सी शिवालिक पहाड़ियां स्थित है? एक तो पॉइंट यह आप सभी को कर देना है। शिवालिक पहाड़ियां स्थित हैं। हां सर आ रही है बात समझ में? उत्तर प्रदेश मतलब कि सहारनपुर के उत्तर व उत्तर पूर्वी क्षेत्र में जो उत्तराखंड राज्य से सीमा का निर्धारण करती है जो उत्तराखंड राज्य से जो कौन सा उत्तराखंड उत्तराखंड राज्य से राज्य से जो उत्तराखंड राज्य से सीमा का निर्धारण करती है। बहुत

33:49 बेहतरीन क्वेश्चन है। अब यह निर्धारण करते हैं। अब एक क्वेश्चन यह बना क्या बना सर जी? कि उत्तराखंड राज्य से सीमा का निर्धारण कौन सी पहाड़ी करती हैं? तो शिवालिक पहाड़ियां। ठीक है? अब यहीं हम देखें अब सहारनपुर सर मैं सहारनपुर से तो सहारनपुर में एक अमसोट बहनसिया सनसरा शाखंबरी मोहंड आदि उत्तर प्रदेश में शिवालिक की प्रमुख चोटियां हैं। अब एक पॉइंट कितना शानदार होगा। एक तो सर आप पढ़ेंगे अमसोट। कहीं-कहीं अमसोत है। कहीं-कहीं अमसोट है। आप पहचान लेना। एक मेरे साथी बहन सिया

34:35 ठीक है क्या हो गया तो आप बता देना बहन सिया एक शहनसरा एक मेरे भैया जी शहनसरा यह भी आप सभी को कर देना है और एक शाखंबरी एक क्या होगा शाखंबंबरी एक भैया जी मोहंड एक और आप करेंगे मोहंड देखो अमसोट बहनसिया सहनसरा शाखंबरी मोहंड आदि उत्तर प्रदेश में आदि उत्तर प्रदेश में शिवालिक की उत्तर प्रदेश में शिवालिक की प्रमुख शिवालिक की प्रमुख चोटियां हैं। शिवालिक की प्रमुख प्रमुख चोटियां हैं। अब एक बात तो यह होगी। अब यह

35:24 सभी की सभी चोटियां चोटियां हैं। यह सभी की सभी सहारनपुर में ही होंगी क्योंकि शिवालिक जो श्रेणी है वो उत्तर प्रदेश की कौन से में सहारनपुर में अब क्वेश्चन आए अब देखो यहां पर है अमसोट। यहां पर एक शब्द लिखा है अमसोट। अमसोट प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी। प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी कौन सी है? सबसे ऊंची प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी जिसका नाम होगा अमसोट 957 मीटर और भैया जी ऊंचाई होगी जो उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जनपद में है। कहां? तो सहारनपुर में। किसी मेरे

36:09 साथी एपीएस में अभी क्वेश्चन आया था भैया जी। ठीक है? हां अभी एपीएस में क्वेश्चन आया था कि उत्तर प्रदेश राज्य की सबसे ऊंची चोटी कौन सी है? अमसोट और उत्तर प्रदेश के ये सभी बहनसिया सहनसरा शाखंबरी मोहंड ये जो हैं ये सभी की सभी सहारनपुर में स्थित चोटियां हैं। अब यह भी क्वेश्चन आ जाता है कि उत्तर प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी अमसोत किस जिले में अवस्थित है? तो आप बताएंगे सर जी यह होगा आपका सहारनपुर में। यहां तक किसी मेरे साथी को कोई डाउट है और मोहंड यह आपकी क्या है भैया जी शिवालिक की प्रमुख चोटियां और यह मोहंड

36:56 देखें तो दर्रा जो देहरादून के द्वार के रूप में भी जाना जाता है मोहन दर्रा ठीक है कौन सा तो आप यहां लिख दो भैया जी मोहंड दर्रा आ गई बात समझ में मोहन दर्रा यह देहरादून के द्वार के रूप में भी जाना जाता है देहरा देहरादून के देहरादून के द्वार के देहरादून की द्वार के द्वार के रूप में भी जाना जाता रूप में भी रूप में भी जाना जाता है। देहरादून के द्वार के रूप में भी जाना जाता है। मोहन दर्रा कहने का मतलब है देहरादून का द्वार। यहां के

37:42 सहारनपुर में मोहंड दर्रा भी पड़ेगा जो कि देहरादून के द्वार के रूप में जाना जाता है। यह क्वेश्चन आपका होगा। जी अगला क्वेश्चन हम देखें यहां तक पहले यह बता दो कि ये आ गई बात समझ में। पहले यह बताओ कि शिव सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र समझ में आया या नहीं आया। वैसे तो इसमें कुछ भी ना है। लेकिन कई पॉइंट और इंपॉर्टेंट निकले। प्रदेश की सबसे ऊंची चोटी। ठीक है? शिवालिक जो पहाड़ी हैं, यह उत्तर प्रदेश की कौन सी जनपद में? सहारनपुर में और उत्तराखंड राज्य की सीमा का निर्धारण भी कर देती हैं। बहनसिया, सहनसरा, शाखंब, मोहंड ये सभी की सभी शिवालिक की प्रमुख चोटियां

38:28 उत्तर प्रदेश में स्थित है। चलूं भैया आगे। भाई यहां तक तो कोई डाउट है ना? नहीं है। जी। चलो अब इसी के साथ एक और पॉइंट हम पढ़ेंगे। अब दूसरा जो पॉइंट था वह था भाबर एवं तराई का क्षेत्र। अब एक हेडिंग और डालेंगे दूसरे नंबर पर भाबर एवं तराई रीजन। कौन सा? तो आप लिखो सर जी। भाबर एवं भाबर एवं तराई तराई क्षेत्र मतलब रीजन। भावर को भाबर ही बोलेंगे। तराई तराई और यह आप कर देना रीजन भावर एवं तराई

39:15 रीजन की बात होगी ना रीजन अब देखो भाबर एवं तराई जो क्षेत्र है यह कहां पहली बात तो मैं आपको बताऊंगा उत्तर प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र को अब उत्तरी क्षेत्र यहां से लगे और भैया जी यह पूरा आपका सहारनपुर से लेकर कुशीनगर के पडरोना तक यहां कुशीनगर है ये ऊपर यहां को छोटा सा ये महाराजगंज ये हो जाएगा तो कहने का मतलब मेरा यह होगा उत्तर प्रदेश के हां सर उत्तर प्रदेश के उत्तरी जो क्षेत्र है इसे भाबर एवं तराई प्रदेश कहा जाता यही होगा भैया जी ये पूरा का

40:02 पूरा यहां से यहां तक ऊपर ऊपर वाला वाला हिस्सा भाबर एवं तराई क्षेत्र है। तो पॉइंट पहला उत्तर प्रदेश के उत्तर प्रदेश के उत्तरी उत्तरी क्षेत्र को उत्तर प्रदेश के उत्तरी जो एरिया नॉर्थ एरिया को उत्तरी क्षेत्र को भाबर व भाबर व तराई प्रदेश कहा जाता है। भाबर व तराई प्रदेश कहा जाता है। एक पॉइंट यह आप नोट कर देना। भाबर व तराई प्रदेश कहा जाता है। आ रही है बात समझ में? अब देखो क्वेश्चन पूछा गया कि उत्तर प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र को किस नाम से

40:50 ठीक है। अरे भैया तसल्ली तो अब पडरोना कहां है? कुशीनगर का जिला मुख्यालय मैंने कराया ना पडरोना। इसका मतलब ध्यान से पढ़ो ही ना है आपने नो किताब में पडरोना तक दे रखो है दे रखा है सही दे रखा है तो मैंने बोला है ना उत्तर प्रदेश की सहारनपुर से और कुशीनगर कुशीनगर के पडरोना कुशीनगर के अंतर्गत आता है पडरोना कुशीनगर का जिला मुख्यालय है यह तो मैंने उसमें ही बता दिए होंगे आपको डेमो कक्षा में ही ठीक है प्रदेश कहा जाता है यह पॉइंट आप सभी को कर देना और इसका जो विस्तार है भाबर एवं तराई क्षेत्र का विस्तार आप यहां हेडिंग डाल देंगे मतलब

41:39 विस्तार की बात है एक्स एक्स पेंशन एक्स पेंशन की बात होगी तो मेरे साथी आप लिख देना यह सहारनपुर से स्टार्ट होगा कहां से एक्स पेंशन सहारनपुर से स्टार्टिंग हुई मैंने बता ही दिया मैप में सहारनपुर ठीक है। पडरोना और ये पडरोना कहां पड़ता है? कुशीनगर में। पडरोना कहां पड़ेगा? कुशीनगर। यहां तक यहां तक मेरे भैया ये आपका विस्तार होगा। कहने का मतलब है सहारनपुर। ये रहा ना सहारनपुर। यह आपका सहारनपुर और सहारनपुर से यहां आप आ जाओ। यह आपका हो गया पडरोना। और पडरोना कहां?

42:25 कुशीनगर में पड़ता है। एकदम राइट क्वेश्चन है। तो उत्तर प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र को भाबर एवं तराई रीजन जिसका एक्सपेंशन सहारनपुर से पडरोना कुशीनगर तक है। आ रही है बात समझ में? भाई यहां तक पॉइंट है। अब दूसरी बात भावर क्षेत्र पश्चिम में चौड़ा पूर्व में संकरा हो जाता है। यह तो है भैया जी। अब बात आती है पश्चिम में। सर जी ये आप देखो यहां से जब स्टार्टिंग करेंगे जो भावर क्षेत्र है भावर क्षेत्र यहां पर तो 34 किमी तक होगा और जैसे-जैसे पूर्व की तरफ हम बढ़ते जाएंगे तो संकरा होता जाता है ये पॉइंट संकरा मतलब कि छोटा इस तरीके

43:13 से अब लिख दो भैया जी मैं बात करूं इसका ही चौड़ाई की बात पश्चिम में 34 किमी परंतु जो पूर्व में बढ़ेंगे यह आप चौड़ाई कर दो। इसकी चौड़ाई कितनी होगी? चौड़ाई पश्चिम में 34 कि.मी. तक इतना चौड़ा है। पश्चिम में हां सर पश्चिम की तरफ 34 कि.मी. तथा पूरब की ओर बढ़ने पर पूरब की ओर पूरब की ओर बढ़ने पर पूरब की ओर बढ़ने पर पर संकरा होता जाता है। संकरा

43:58 होता जाता है। ये आप एकदम राइट करेंगे। संकरा होता जाता है। आ रही है बात समझ में ना? तो चौड़ाई की बात आती तो पश्चिम में 34 कि.मी. तथा पूरब की ओर बढ़ने पर जी सर जब यूपी जीके खत्म हो जाए तो प्लीज ऐप पर ही टॉपिक वाइज मैं तो टॉपिक वाइज यहां भी कराता चल रहा हूं। हर टॉपिक के जो है क्लास में इक्कादुक्का तो छोड़कर नहीं क्वेश्चन उसके मिले होंगे। ऐसी तो मैं छोड़ ही ना रहा। अब देखो प्रदेश में जो कंकरीली तथा पथरीली मिट्टी द्वारा निर्मित क्षेत्र को देखो भाबर और तराई। अब यह जो ना तराई का जो क्षेत्र है किसका तराई का जो क्षेत्र है

44:44 यह लखीमपुर खीरी तक यही हां के आपका होगा पीलीभीत। ठीक है? और पीलीभीत के बाद यह जो क्षेत्र आएगा यह लखीमपुर खीरी तक तो आपका जो भाबर क्षेत्र है इसका विस्तार तो लखीमपुर खीरी ये हो गया। ठीक है ना? कहां तक है? लखीमपुर खीरी तक है और इसके आगे हम चलें तो तराई क्षेत्र वैसे तराई यहां से भी आ रहा है लेकिन इधर तो कम कम है आगे कोई पूरा का पूरा भाबर यहां समाप्त है लखीमपुर खीरी तक और इसके बाद पूरा का पूरा ये तराई क्षेत्र है। अब कहने का मतलब है जो भाबर प्रदेश में जो कंकली तथा पथरीली मिट्टी के द्वारा जो निर्मित क्षेत्र होगा, वह भाबर क्योंकि यहां से जब गंगा नदी और अन्य नदी सहारनपुर बिजनौर से

45:31 प्रवेश करती हैं तो वो अपने साथ मोटे-मोटे पत्थर कंकर वगैरहान को लेकर आती हैं जो टूटते-टूटते पथरीली और कंकली मिट्टी का कंस्ट्रक्शन कर देते हैं। उसके बाद अब ये पिस्ते-पिसते आगे की तरफ जो जाएंगे तो महीन और अपसादी मिट्टी बन जाती है। तो कहने का मतलब ये होगा मेरा क्या होगा? प्रदेश में कंकली तथा पथरीली मिट्टी द्वारा निर्मित क्षेत्र को भाबर और महीन अवसादों द्वारा निर्मित मिट्टी उसके द्वारा मतलब कि महीन अवसादों की जो मिट्टी है जो छोटे-छोटे कण बारीक-बारीक उनके द्वारा निर्मित क्षेत्र को तराई कहा जाता है। तो ये अब भाबर किसे बोलेंगे और तराई किसे बोलेंगे? तो पॉइंट ये होगा सर जी

46:16 प्रदेश में प्रदेश में कंकरीली प्रदेश में कंकररीली तथा प्रदेश में कंकरीली तथा पथरीली मिट्टी द्वारा निर्मित मिट्टी द्वारा मिट्टी द्वारा निर्मित निर्मित क्षेत्र को भाबर तथा महीन अब महीन

47:01 अवसादों द्वारा महीन अवसादों मिट्टी महीन अवसादो मिट्टी द्वारा जो बारीक वाली मिट्टी द्वारा निर्मित क्षेत्र को क्षेत्र को तराई कहा जाता है। क्षेत्र को क्या तराई कहा जाता है। ये पॉइंट है सर। प्रदेश में कंकली तथा पथरीली अब जब देखो भैया द्वारा निर्मित क्षेत्र को भाबर और महीन अवसादों

47:50 की जो मिट्टी इसके द्वारा निर्मित इसके द्वारा निर्मित पीलीभीत तो तराई क्षेत्र में अरे भैया धैर्य पकड़ो ठीक है मिट्टी को क्या कहा जाता है तो आप लिख देंगे सर जी तराई क्षेत्र और दूसरी बात यह जो भाबर यह जो भाबर क्षेत्र है यह कृषि योग्य नहीं है। कहने का मतलब क्या होगा? कृषि उपयुक्त कृषि उपयुक्त नहीं है। क्यों नहीं है सर? यह कृषि उपयुक्त नहीं है। क्योंकि मेरे साथी यहां की जो इस क्षेत्र की जितनी भरी मिट्टी है इस क्षेत्र की जो मिट्टी होगी वो पथरीली एवं कंकरीली होगी। वो पथरीली एवं कंकरीली और यह तराई क्षेत्र

48:37 यह कृषि योग्य यह ठीक है ना यह चावल हम बात करें ठीक है चावल एक तो एक हो गया गेहूं और गन्ना गेहूं और और गन्ना की और क्या होगा गन्ना की खेती के लिए गन्ना की खेती के लिए उपयुक्त है बहुत ज्यादा खेती चावल गेहूं और गन्ना की खेती के लिए बहुत उपयुक्त है। क्या होगा? तो मेरे साथी बहुत उपयुक्त है। यह पॉइंट आप सभी को नोट कर देना होगा। आ रही है बात समझ में? चावल, गेहूं और गन्ना की खेती के लिए बहुत उपयुक्त है। आ रही है बात समझ में ना? जी। अब दूसरी

49:24 बात क्या होगी? भाबर क्षेत्र मैं यहां लिख दूं। चलो भावर क्षेत्र का जो विस्तार है एक पॉइंट और भावर क्षेत्र का एक्सपेंशन की बात होगी। विस्तार ये भी आप देखो एक्सपेंशन यही तो होगा सर जी भावर क्षेत्र का विस्तार कहां से लगेंगे? सहारनपुर से तो स्टार्ट होगा सर कहां से सहारनपुर हो गया। एकदम राइट है। इसी के साथ आप देखेंगे बिजनौर। बिजनौर भी इसी में आ जाता है। बिजनौर के बाद पीलीभीत पीलीभीत भी मेरे साथी भैया कौन सा पीलीभीत पीलीभीत भी मतलब कि इसी में आएगा। ठीक है?

50:12 पीलीभीत शाहजहांपुर भी आता है। देख लो। शाहजहांपुर व लखीमपुर खीरी लखीम लखीम पुर खीरी लखीमपुर खीरी जनपदों में इसका विस्तार है। जनपदों बाबर क्षेत्र का जो विस्तार होगा हम सहारनपुर से स्टार्ट हुए सहारनपुर हां जी बिजनौर अब देखो यहां के आते हुए एकदम मिल गई ना क्योंकि बिजनौर से आगे मुरादाबाद बहुत कम है। ठीक है? बहुत बहुत कम है। लेकिन ज्यादा ज्यादा हम देखें पीलीभीत, लखीमपुर खीरी यह इस तरीके से शाहजहांपुर

50:58 भी आ जाता है। तो यह इसका विस्तार होगा सर किसका? तो आप एकदम राइट करेंगे भावर क्षेत्र का। अब दूसरी बात दूसरी बात क्या होगी? भावर क्षेत्र कृषि की दृष्टि से उपयोगी है ही ना। और तराई का जो क्षेत्र है तराई के क्षेत्र में मेरे भैया जी चावल गेहूं गन्ना की खेती बहुत अधिक मात्रा में की जाती है। तराई क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है। यहां की जलवायु हानिकारक है। यहां मलेरिया बुखार बहुत होता है। एक और बात क्या होगी? कि जो तराई क्षेत्र है अब तो पूर्वांचल की तरफ ही चले गए हैं। तराई क्षेत्र में तराई क्षेत्र में वर्षा अधिक

51:44 होती है। सर वर्षा क्या होती है? अधिक होती है। तराई क्षेत्र में वर्षा अधिक होती है। होती है। यहां की जलवायु कहां की? तराई क्षेत्र की। यहां की जलवायु। अब आगे जो पूरा तराई तराई क्षेत्र है लखीमपुर खीरी से आगे निकलती यहां की जलवायु यहां की जलवायु हानि हानिकारक है। यहां की जलवायु हानिकारक है और मलेरिया मादा मच्छर काट खाएगा। यहां मलेरिया ज्वर बहुत होता है। यहां की जलवायु हानिकारक है। और और यहां और यहां यहां मलेरिया ज्वर ज्वर माने क्या हो गया? बुखार। मलेरिया ज्वर अधिक

52:32 होता है। ठीक है? क्योंकि भैया जी जब बारिश होगी दलदली भूमि है यहां की और जलवायु हानिकारक हो जाती है तो यह एकदम राइट बन जाता है। अब दूसरी बात क्या होगी? एक और बात आप लिख देना। दूसरी बात यह तो उत्तर प्रदेश है। अब देख लो यहां शाहजहांपुर में भी भाई पीलीभीत से सटा हुआ है। शाहजहांपुर में भी पूरे में ना कह के लेकिन थोड़ा सा हिस्सा टच हो रहा है। अब शाहजहांपुर इस ये तो पीलीभीत हो गया। ये आपका शाहजहांपुर यहां से निकल जाती है। तो इसलिए भाबर क्षेत्र में आता है और ये आपका लखीमपुर खीरी तक ये भावर क्षेत्र में फिर आगे पूरा तराई क्षेत्र बन जाता है। गोरखपुर के समीप शिवालिक पहाड़ी को जब हम

53:21 गोरखपुर में पहुंच जाएंगे सर जी कहां पर? गोरखपुर। ठीक है? तो पहले अब देखो ये रहा ना गोरखपुर। गोरखपुर के समीप शिवालिक पहाड़ी को अब नाम अलग-अलग हो जाते हैं। ढूंढवा के नाम से जाना जाता है। ठीक है? मतलब कि गोरखपुर के यह एक और पॉइंट आप सभी को लिख देना है। गोरखपुर के समीप गोरखपुर के समीप ठीक है? शिवालिक श्रेणी को शिवालिक नाम बदल गए वो तो शिवालिक श्रेणी को श्रेणी को ढूंढवा श्रेणी को को ढूंढवा ढूंढवा नाम से नाम से जाना जाता है। तो ये

54:09 पॉइंट आप करना बढ़िया तरीके से। एक बार मैं रिवीजन आपको करा दूंगा। ठीक है? सबसे ज्यादा चावल होता है। तो मैंने बता तो दिया। अब सबसे ज्यादा चावल होता है तो फिर क्या दिक्कत है? थोड़ा सा ही तो हिस्सा है। यहां ये थोड़ा सा टच है। अब नहीं तो ये पूरा की पूरा शाहजहांपुर है। ये रहा। ठीक है? पूरा का पूरा छोटा-मोटा थोड़ी है शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश प्राचीनतम भूभाग गोंडवाना लैंड का भूभाग है। उत्तर प्रदेश की यदि हम बात करें दक्षिण का जो भाग है वो विंध्यन क्रम की जो शैलियां उनके द्वारा निर्मित है। विंध्यन क्रम की शैलियों में मेरे साथी एक कैमूर श्रंखला जो उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और मिर्जापुर में इस विंध्यन क्रम की

54:57 श्रेणियों में सर जी एक लाल बलुआ पत्थर जो आगरा एवं आगरा के समीप मुगल कालीन इमारतों में उसका प्रयोग किया गया वो जो लाल बलुआ पत्थर है विंध्यन क्रम की शैलों से प्राप्त किया जाता है। आज भी आ रही है बात समझ में? भौतिक संरचना में यदि हम देखें तो अपने उत्तर प्रदेश को चार पार्टों में एक आपका सहारनपुर का शिवालिक तलहटी क्षेत्र इस शिवालिक पहाड़ियों की सबसे ऊंची चोटी अमसोत जो कि उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश में 957 और जो कि आपका एक और होगा शिवालिक की बात चलो इसे भी यहीं जोड़ देंगे। गोरखपुर के समीप शिवालिक श्रेणी को ढूंढवा के नाम से जाना जाता है। उत्तर प्रदेश के उत्तरी जो क्षेत्र को भाबर एवं

55:42 तराई प्रदेश के नाम से जाना जाता है। भाबर क्षेत्र का निर्माण अह पथरीली एवं कंकरीली मिट्टी के द्वारा और जबकि तराई क्षेत्र का निर्माण महीन अवसादों से निर्मित मिट्टी के द्वारा हुआ है। ठीक है? भाबर क्षेत्र का जो क्षेत्र है वो कृषि योग्य नहीं है क्योंकि वो पथरीली कंकली मिट्टी और तराई का जो क्षेत्र है वो उसमें तो चावल देखो सबसे ज्यादा क्योंकि यहां पर वर्षा अधिक होती है। तो इन पॉइंटों को ठीक है जी। इन पॉइंटों को आप जो है करेंगे एकदम शानदार तरीके से आ रही है बात समझ में अनुज कुमार मास्टर जी सही पढ़ाओ ठीक है बहुत बढ़िया लग रहा होगा आपको सही पढ़ाओ ठीक है बैठे हो ना बंद कमरे में और चाय ने मार रहेगे

56:28 घूंट से इधर-उधर को देख लेतेगे ना आया तो अपने जो है कॉपी बंद करी बाहर की तरफ निकल गए तो आपके कहने से कुछ ना है आपने कह दिया अपने विचार व्यर्थ कर दिए लेकिन सही ना लगता ऐसा ठीक है सर सहारनपुर में बाबर क्षेत्र में लोगों ने जुगाड़बाजी करके अमरूद के बाग लगा दिए हैं अब कटवाऊं ना आगे चलो इन्हें करते चलना और चीजें आप सभी की समझ में आई होंगी कल दो पॉइंट और रह गए उन्हें करवा के फिर इसके जो है वैसे क्वेश्चन ठीक है चलो तो इसी के साथ बोलेंगे सर जी जय हिंद जय भारत

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