0:17 हेलो हेलो प्यारे साथी नमस्कार मैं केशपाल कुमार स्वागत करता हूं आपके अपने परिवार रोजगार विद अंकित में आशा करता हूं कि भैया जी आप सभी अच्छे होंगे, बढ़िया होंगे, खुशहाल होंगे और जहां भी होंगे एकदम शानदार एवं जानदार होंगे। तो एक बार सभी के सभी मेरे साथी यहां पर जुड़ जाएंगे और फिर हम अपने इस सेशन को एक शानदार तरीके से स्टार्ट भी कर पा रहे होंगे। तो जैसे कि आप सभी को पता है और आपने भी देखा होगा भैया जी। ठीक है? कि जो हमने सामान्य अध्ययन सारी चीजों को कर लिया और उसी के बाद अब जो स्टार्ट हुआ
1:05 टॉपिक हमारा उत्तर प्रदेश के इतिहास से क्रम वाइज चलेंगे बढ़िया तरीके से आप सभी को साथ देते चलना है और जो पॉइंट आप सभी को नोट कराए जा रहे हैं तो भैया जी उन्हें भी आप करेंगे और कुछ जो भी आपको एक्स्ट्रा पॉइंट दिखाई दे तो आप जो है तुरंत अपने नोट्स में ऐड कर लेना। तो यहां पर भैया जी देखो तो गौरव कुमार जी, सुरेंद्र जी, सचिन जी, गुरु जी 2 मिनट बाद स्टार्ट करा करो। भैया मेरी तो इसमें जो है कोई दिक्कत ना थी। मैं तो आ गया टाइम से। मैं हमेशा टाइम से ही आ जाता हूं। तो जैसे जो स्टार्ट करते हैं ना कक्षा को हमारे स्टीमर भैया कोहरे का टाइम
1:51 है तो दो एक मिनट लेट हो गए। इसलिए क्लास आपकी टाइम से स्टार्ट हुई है। ठीक है? चलो तो अशोक बिंद जी सभी बॉबी भैया जी हमारे साथ हैं। सर जी फिरोजाबाद सुहाग नगरी अतुल जी हैं। अब तो ऊपर ही चले गए सारे। तो चलते हैं। तो आज उत्तर प्रदेश का प्राचीन इतिहास। ठीक है? उत्तर प्रदेश का प्राचीन इतिहास आप मतलब उन चीजों को तो आप कर ही आए। तो उत्तर प्रदेश का प्राचीन इतिहास एक आप सभी को हेडिंग यहां पर डाल देनी है। उत्तर प्रदेश का प्राचीन इतिहास प्राचीन इतिहास के बाद में आपको भैया जी मेडिवल
2:39 हिस्ट्री मतलब उत्तर प्रदेश की कराऊंगा। ठीक है ना? एंशिएंट हिस्ट्री ऑफ उत्तर प्रदेश। तो आप लिख भी देंगे बढ़िया तरीके से एक-एक पॉइंट को करते चलना है सभी को। ठीक है ना? तो आपका क्या होगा साथी? एंसिएंट एंशिएंट हिस्ट्री ऑफ ऑफ उत्तर प्रदेश। एंशिएंट हिस्ट्री ऑफ उत्तर प्रदेश। यह आप सभी को अब एक और मैं आप सभी को बताऊंगा
3:25 क्योंकि आप जो है मैं ज्यादा डीप लेकर चलूं तो एकदम टैग मारेंगे। तो देखो परीक्षा कंपटीशन डे बाय डेज बढ़ता जा रहा है। अब मैं जो है अब ये सारी चीज तो हो गई। अब क्विज में आपको मतलब जो पांच छह क्वेश्चन डालता हूं पांच ही डालता हूं वैसे तो तो अब उनका स्तर आपको दिखाई भी पड़ने लगेगा कि हां जी ये इस तरीके के क्वेश्चन आते हैं तो बढ़िया तरीके से हां और एक और बात अब जैसे उत्तर प्रदेश के इतिहास की बात करूं तो मैं मात्र उत्तर प्रदेश में जो घटना घटित हुई उन्हीं को यहां पर जो है उन्हीं
4:12 का व्याख्यान करता चलूंगा। उन्हीं का वर्णन करता चलूंगा। आप यदि मुझसे कहने लग गए सर जी कि चालुक्य वंश के वे राजा थे जी तो चालुक्य वंश ना पढ़ा पाऊंगा मैं। मैं मात्र तो मात्र पढ़ाऊंगा। उत्तर प्रदेश के इतिहास की बात होगी। तो आप सभी समझ भी गए होंगे कि हां सर हम उत्तर प्रदेश का यहां पर इतिहास पढ़ेंगे। उत्तर प्रदेश में वो एंशिएंट हिस्ट्री में जो घटना घटित हुई उन सारे कौन से वो वंश आए उन सारी चीजों को हम बेहतरीन तरीके से डिस्कस करते चलेंगे। मेडिवल हिस्ट्री में जो मध्यकालीन भारतीय इतिहास में अब मुगलों की बात होगी। दिल्ली सल्तनत की बात करूंगा तो मैं मात्र तो मात्र उन फैक्टों को
4:59 उठाऊंगा कि जो उत्तर प्रदेश में घटित हुए हैं। अब मैं ना इतना पढ़ाऊंगा कि आप कहने लग जाए कि सर जी हमें इल्तुतमिश पूरा नहीं वो इतिहास वाले सर या मैम जो भी करा रहे हैं वो कराएंगे। तो मैं मात्र यहां पर अपने उत्तर प्रदेश से ठीक है ना आपके साथ साझा करता चलूंगा। ठीक है? तो इसमें जो है चिंता करने की जरूरत नहीं है। वो सारी चीजें मुझ पर छोड़ो। ठीक है? तो आप हां मैं अपने हिसाब से पढ़ाता। अभी एक भैया ने टैग ना किए थे रात। वो कह रहे थे कि सर जी खिचड़ी पका दी आपने। पढ़ा तो बहुत बढ़िया रहे हैं लेकिन खिचड़ी पका दी और ये कर दी। तो मैंने मंडलों में वो चीजें आपको बता दी कि वो
5:45 मिलती भी ना है। वो कह रहे थे कि भैया यह सारी चीजें तो बुक में है। आप कोई सी भी बुक उठा लेना। ठीक है ना? और मुझे इतना पता है कि यदि आप में 60 किलो वजन होगा तो मुझ पर 30 किलो तो बुक ऐसी रखी होंगी। उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश की मार्केट में कोई ऐसी वो ना होगी। कोई ऐसा प्रैक्टिस सेट ना होगा। कोई ऐसे नोट्स मेरे पास ना हो जो मुझसे रह गए हों। ठीक है? तो आप जो है इन चीजों को ना करा करें। ये खामखा की चीजें हैं। माइंड डिस्टर्ब वाली है। उससे मुझे भी डिस्टर्ब होगा और आपको भी डिस्टर्ब होगा। ठीक है। सुधीर वर्मा जी क्विज मैं टेलीग्राम पर डालता हूं। ठीक है। चलो। हां, फतेहपुर नहीं देखा आपने। फतेहपुर देखा है। फतेहपुर के भी आठ जनपद लगे हुए
6:34 हैं। और वहां बधाइयू भी दे रखा है। ठीक है? और जो है पीलीभीत भी है। वो पीलीभीत भी दे रखी है। अब ये डिस्ट्रिक्ट जो अलग-अलग हो रखे हैं इनसे यहां ये कंफ्यूजन बन गई। और अभी एक और मैं बात बताऊं। अब एक चीज और सर्च हुई कि आजमगढ़ जनपद जो है उसमें भी आठ तहसील हो गई। क्योंकि पहले सात तहसील थी उसमें और अब हो गई है आठ। तो प्रयागराज और आजमगढ़ दोनों में आठ-आठ तहसील हो गई है। उसमें पहले सात थी। तो अब कितनी होगी? आठ। चलो तो चलते हैं भैया जी अपने इस टॉपिक को स्टार्ट करते हैं। उत्तर प्रदेश का इतिहास आप सभी यहां से अपने बढ़िया तरीके से करेंगे। सर इतिहास क्या है? अतीत की घटना समाज और मानव विकास का
7:21 देखो इतिहास हम पूछे इतिहास है क्या? ये हिस्ट्री क्या है? तो आप कहेंगे सर जी जो अतीत की जो घटना हुई है अतीत में जो भी घटना है भाई उनका ही तो वर्णन करते चलेंगे हम तो अतीत में अतीत माने जो बीता हुआ जो टाइम है तो अतीत की घटना हो गई और समाज और मानव विकास का जो समाज हमारा रहा और मानव विकास का सुव्यवस्थित जो काल क्रमानुसार है उसे ही हम इतिहास कहते हैं। ठीक है? उत अतीत में क्या चीजें हुई? कौन से वंश आए? कैसे-कैसे वह जो है डेवलप हुआ और कैसे-कैसे हम यहां तक पहुंचे हैं? उन सभी का क्या होगा मेरे साथी? सुव्यवस्थित कालक्रम अनुसार या का मैं बोलूं एक क्रम
8:10 में जो रख दिया उसे ही हम बोलेंगे। ठीक है जी? इतिहास। ये तो आपको नोट करने की जरूरत नहीं है। अब देखो इतिहास की भी मैं बात करूं। इतिहास का जो विभाजन है वो तीन कालखंडों में किया गया है। इतिहास का विभाजन कितने कालखंडों में? तीन। एक तो प्राचीन उत्तर प्रदेश का इतिहास, एक मध्यकालीन उत्तर प्रदेश का इतिहास और एक आधुनिक उत्तर प्रदेश का इतिहास। आ गई बात समझ में ना? तो कितने? इतिहास का भी जो विभाजन है वो भी तीन कालखंडों में कर दिया। कहने का मतलब होगा एक प्राचीन उत्तर प्रदेश, एक मध्यकालीन और एक आपका आधुनिक उत्तर प्रदेश। ये तो यहां तक ये तो आपके हो गए सबके बढ़िया अब इसी के साथ भैया जी
8:57 इतिहास और और यहां पर मैं कर पा रहा हूं कर पा रहा तो उत्तर प्रदेश का प्राचीन इतिहास मात्र तो मात्र उत्तर प्रदेश का प्राचीन इतिहास तो इतिहास का विभाजन हां सर जी तीन कालखंडों में किया गया इस प्राचीन की बात है तो आप लिख देना भैया जी इतिहास का इतिहास का विभाजन इतिहास का विभाजन डिवाइड। ठीक है ना? विभाजन का मतलब समझ गए ना? डिवाइड तीन काल खंडों में किया गया है। अब ये प्राचीन चल रहा है। अभी खंडों में किया गया है। भैया
9:45 जी किस में किया गया है? तीन प्राचीन कालखंडों में किया गया है। भैया जी इतिहास की बात है वह भी एंशिएंट की बात करूंगा मैं यहां पर। अब ये जो है अब यहां से क्वेश्चन भी बताऊंगा। अब वो तीन कौन-कौन से होंगे? एक तो आपका बन जाएगा प्रागैतिहासिक काल। अभी पहले एंशिएंट पे चल रहे हैं हम। अभी हम एंशिएंट पर चल रहे हैं। वैसे देखो तो तीन वैसे भी हैं और एंशिएंट में भी जो प्राचीन में तीन कर दिए। एक आपका होगा साथी प्रागैतिहासिक काल। आपने पढ़ा प्रागैतिहासिक काल। जी सर प्रागैतिहासिक प्रागैतिहासिक काल। एकदम राइट कर दो सर। जी। हां। ये हो गया प्रागैतिहासिक काल। एक
10:34 बात अब इसे हम बोलेंगे प्री हिस्टोरिकल पीरियड। ठीक है। चलो मैं एकदम भी लिख दूंगा। एक दूसरा होगा आद ऐतिहासिक काल। ठीक है जी। दूसरा कौन सा होगा? आद ऐतिहासिक काल। आद ऐतिहासिक काल। यह भी आप सभी को लिख देना है। और सर जी एक काल और आपका बनेगा ऐतिहासिक काल। एक काल और हो जाएगा ऐतिहासिक काल। ठीक है? ये स्टार्टिंग की बात कर पा रहे हैं हम। अब भैया प्रागैतिहासिक काल प्री हिस्टोरिकल पीरियड आप कर देना सर जी किसकी बात कह रहे हैं? प्री
11:21 हिस्टोरिकल पीरियड। ठीक है? मतलब कि प्रागैतिहासिक काल को प्री हिस्टोरिकल पीरियड साथ ही आदि की बात होगी तो प्रोटो हिस्टो रिकल पीरियड ठीक है। ऐतिहासिक काल हिस्टोरिकल पीरियड अब हमने तीन पार्टों में विभक्त कर दिया प्रागैतिहासिक काल को मेरे साथी ठीक है जी
12:07 सर ये विभाजन तो केवल इतिहास में होता है ना हां भैया इतिहास में ही कर रहे हैं हम तो जो एंशिएंट हिस्ट्री है इसको हमने तीन पार्टों में बांटा प्री प्री हिस्टोरिकल पीरियड। ठीक है? प्रोटो हिस्टोरिकल पीरियड और हिस्टोरिकल पीरियड। तो पहले हम पढ़ेंगे सर जी प्रागैतिहासिक काल को। उसके बाद ऐतिहाद ऐतिहासिक फिर ऐतिहासिक काल। प्रागैतिहासिक काल को मेरे साथी पाषाण काल भी हम बोल देंगे। इसे हम क्या बोल देंगे? तो आप लिख देंगे पाषाण काल। इसे पाषाण काल भी बोल देते हैं। ठीक है? क्या बोलेंगे सर जी? पाषाण काल मतलब कि प्रागैतिहासिक काल। प्रागैतिहासिक काल की जो घटनाएं हैं मेरे
12:55 साथी जो प्रागैतिहासिक काल की घटनाओं का कोई लिखित वर्णन नहीं है हमारे पास। आ रही है बात समझ में? ना प्रागैतिहासिक काल का कोई भी क्या बोलेंगे? लिखित वर्णन नहीं है। इस काल से संबंधित जानकारी मतलब अब इसकी जानकारी हमें कैसे हुई? तो इस काल की जो हमें संबंधित जानकारी जो पाषाण उपकरण हैं उनके द्वारा होती है कि हां भाई ये पाषाण काल के उपकरण हैं। तो ये आप अब प्रागैतिहासिक काल तो आप एक हेडिंग डालेंगे पहले इसी से स्टार्ट करेंगे सर जी प्रागैतिहासिक काल। ठीक है? थोड़ा सा टॉपिक तो ऐसे ही लगेगा लेकिन क्वेश्चन
13:41 बहुत इंपॉर्टेंट है इसके। अब मैं कोशिश करूंगा कि सारी चीजें हो जाएंगी क्लियर। प्रागैतिहासिक काल। ठीक है जी। कौन सा काल है? प्रागैतिहासिक काल। तो अब मैंने लिखा ही दिया इस प्रागैतिहासिक काल को। एक सेकंड यहां पर पाषाण काल भी लिख दो। कोष्क में यहीं कर दो। इसे क्या बोलेंगे? पाषाण काल। अब कर दो प्री हिस्टोरिकल। प्री हिस्टोरिकल पीरियड। चलो मैंने अभी बताया प्रागैतिहासिक काल का कोई
14:28 हमें लिखित वर्णन नहीं है। इस काल की जानकारी पाषाण काल उपकरणों से मिलती है। यह बात आपको नोट कर लेनी है या नोट भी ना याद रखेंगे। अब भारत में जो पाषाण कालीन जो सभ्यता है भारत में भारत में पाषाण कालीन जो सभ्यता होगी साथी इसकी जो खोज की बात आती 1863 ईस्वी में हुई थी। भारतीय भूतत्व सर्वेक्षण विभाग है जो कि मतलब कि इन चीजों की रिसर्च वगैरह खोज वगैरह जो करता है भारतीय भूतत्व सर्वेक्षण विभाग और उसके जो अध्यक्ष थे उनका नाम था रॉबर्ट
15:16 ब्रूस। उनका नाम क्या था? रॉबर्ट्स ब्रूस। और भैया जी तमिलनाडु का एक पलभरम पड़ता है। समझना है थोड़ा सा बस। कहां पड़ता है? तमिलनाडु में एक पलबरम जगह पड़ती है और वहीं पर उन्होंने एक पाषाण कालीन ठीक है ना? उपकरण प्राप्त होता है। और जब उन्होंने देखा कि पाषाण कालीन उपकरण है भाई। तो ऐसी कोई सभ्यता होगी तो धीरे-धीरे चीजों को ठीक है ना खेतों में मिल जाती हैं। और वहीं खुदाई स्टार्ट हुई तो देखा कि हां भैया जी ये तो पाषाण कालीन इतना पुराना मानव था। उस टाइम इन चीजों से परिचित था। चलो जी। तो पहली बात अब इसका ही पॉइंट आप सभी को लिख देना है। यह
16:03 क्वेश्चन अभी तुम्हें मिलेंगे भी आगे ही। अभी जस्ट बताऊंगा अभी कि भारत में पाषाणिक सभ्यताओं की खोज का आरंभ एक पॉइंट यह क्वेश्चन आया। भारत में अभी भारत की बात है। भारत में पाषाणिक सभ्यता इसे हम बोलेंगे सिविलाइजेशन। इसे क्या बोलेंगे भैया जी? सिविलाइजेशन। ठीक है ना? सिविलाइजेशन ये भी आप कर देना। सिविलाइजेशन सभ्यता भारत में पाषाणिक सभ्यता जो सिविलाइजेशन की खोज का जो आरंभ है, खोज जो आरंभ होती
16:49 है। खोज आरंभ कब हुई? तो भैया जी 1863 यह पॉइंट लिख देना सर जी कब की बात आती है 1863 ईस्वी में अब ये पॉइंट हमसे पूछ लिया जाए कि भारत में पाषाणिक सिविलाइजेशन की खोज का आरंभ ठीक है सर जी आपने जहां प्राचीन इतिहास लगाया वहां केवल इतिहास होगा कहां लिख दिया उत्तर प्रदेश का मैं यार प्राचीन इतिहास पढ़ा रहा हूं भैया ठीक है प्राचीन इतिहास या इतिहास का विभाजन जो अब प्राचीन प्राचीन डालना है आपको ही प्राचीन पढ़ा रहा हूं मैं ना कि पूरा अभी ठीक है अभी इसी तरीके से तो करते चलेंगे मतलब कि पॉइंट टू पॉइंट अब पहले आया प्रागैतिहासिक
17:35 काल यह मात्र उत्तर प्रदेश में अभी चीजों को थोड़ा सा बढ़न दो और 1863 में भारतीय भूतत्व सर्वेक्षण विभाग के अध्यक्ष थे रॉबर्ट ब्रूस फ्रूट थे ठीक है तो खोज का आरंभ कब हुआ 1863 में जी सर 1863 में यही लिख दो 1863 ईस्वी में भारतीय भूतत्व सर्वेक्षण विभाग भूतत्व सर्वेक्षण विभाग और इस विभाग के अध्यक्ष कौन थे? विभाग
18:24 विभाग का अध्यक्ष था सर। ठीक है? अभी जस्ट बता के निमटा ब्रूटो ऐसे कर ब्रूस फ्रूट। सर ऐसे करेंगे भैया जी ब्रूट ब्रूस ये कर देना। ठीक है? ये था। अब इस जो है फ्रूट फ्रूट जो भी है यह अब इसकी जो निगाह इसका जो ध्यान होता है पलवरम और पलवरम कहां पड़ता है तमिलनाडु में और इसने तमिलनाडु में इसे फ्रूटी कर देना ठीक है इसने भैया जी तमिलनाडु में पलवरम में एक पाषाण कालीन ठीक है उपकरण इसे प्राप्त हो जाता है अब जब धीरे-धीरे प्राप्त हुआ तो
19:11 अब चलते हैं हम अपने उत्तर उत्तर प्रदेश में कैसे-कैसे वो ठीक है जी अब पहली बात यह है भैया जी इस प्रागैतिहासिक काल को भी हमने तीन पार्टों में विभक्त किया ठीक है ये ये तो पॉइंट आपके क्लियर अब ये प्रागैतिहासिक काल के भी तीन पार्ट हैं। ठीक है? यह पाषाण काल को तीन भागों में इसे भी तीन भागों में देखो कहने का मतलब है पहले तो एंशिएंट हिस्ट्री को तीन पार्टों में फिर अब हमारा चल रहा है प्रागैतिहासिक काल मतलब पाषाण काल प्री हिस्टोरिकल पीरियड और सर जी इसको भी तीन भागों में विभक्त किया गया है। इसको भी कितने भागों में? तीन भागों में। ठीक
19:56 है? तीन भागों में बांटा गया है। बस थोड़ा सा समझना है। बाकी अभी चीजें ठीक है। आ जाएंगी समझ में। इसे भी कितने भागों में? तीन भागों में। अब तीन भाग एक तो पुरापाषाण काल। आपने पढ़ा होगा सर। एक कौन सा काल आ जाता है? पुरा भाई पाषाण काल को भी पाषाण काल। ठीक है? एक तो पुरापाषाण काल एकदम राइट करेंगे सर जी। पुरापाषाण काल एक मेरे साथी मध्यपाषाण काल। एक कौन सा? एक कौन सा होगा? मध्य पाषाण काल। एकदम राइट। और एक और बात बताऊं मैं? एक होगा नवपाषाण काल। एक कौन सा मेरे साथी? नवपाषाण काल एकदम राइट होगा।
20:46 ठीक है? एक पुरापाषाण काल, मध्यपाषाण काल, नवपाषाण काल। ठीक है? चलो जी। अब ये आप कर देना। अब पुरापाषाण काल की बात होगी। पेलेथिक पीरियड बोल देंगे हम इसे। हां सर जी। क्या होगा? तो आप करेंगे भैया जी पेियोलथिक पे मतलब कि लिथिक पेथिक पीरियड। यह आपका हो गया पेियोलिथिक पीरियड। ठीक है? पुरापाषाण मध्य मिसोलिथिक मीसो लिथिक पीरियड और यदि नवपाषाण काल न्यूलिथिक न्यूलिथिक
21:32 पीरियड इसे भी हमने भैया जी मतलब कि प्री हिस्टोरिकल पीरियड को भी तीन पार्टों में विभक्त कर दिया। एक पुरापाषाण काल, एक मध्यपाषाण काल और एक नवपाषाण काल। इन्हें आप नोट कर लेना। जी। ठीक है? आ गई बात समझ में? इन्हें आप नोट कर लेना और सारी चीजें अभी क्लियर हो जाएंगी। आप धैर्य पकड़ो। ठीक है? बस अभी जब करते चलेंगे आप। अब एक हेडिंग और आप सभी को डालनी है। एक सेकंड भैया जी। चलो कर ही दो। ठीक है। पुरापाषाण काल एक हेडिंग डालेंगे। ठीक है? कौन सा काल डालेंगे? अब इसमें प्रागैतिहासिक काल में पुरापाषाण पेलेथिक पीरियड तो आप हेडिंग डाल दो। पुरा
22:21 पाषाण पुरापाषाण काल। पुरा पाषाण काल। अब पुरापाषाण काल को हम देखें तो भैया जी अभी बता ही दिया पेलिथिक। ठीक है ना? लिथिक पीरियड पुरापाषाण काल अब ये हम आते हैं भैया जी अपने उत्तर प्रदेश में ये अपने उत्तर प्रदेश का मानचित्र ठीक है जी ठीक है तो अब चलेंगे भैया जी पुरापाषाण काल पेियोलिथिक पीरियड। अब इसमें राज्य
23:10 में पुरापाषाण कालीन सभ्यता के साक्ष्य अब क्वेश्चन पूछा जाता है कि उत्तर प्रदेश में पुरापाषाण कालीन जो ये सिविलाइजेशन है इसके जो साक्ष्य हमें मिलते हैं वो साथी बेलन घाटी। अब ये बेलन घाटी कहां होगी? तो ये आपकी बनेगी भैया जी प्रयागराज में। ठीक है? बेलन घाटी आपकी क्या होगी भैया जी? प्रयागराज में। यहां से हमें मिल जाएगी। दूसरी बात भैया जी एक सिंग्रोली घाटी पड़ेगी आपकी सोनभद्र में। सिंग्रौली घाटी सोनभद्र में और एक आपका जो है चंदौली का चकिया क्षेत्र। एक कौन सा? चकिया क्षेत्र। ये चंदौली पड़ गई।
23:56 यहां से ही हमें पुरापाषाण काल के जो प्रदेश में साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। ठीक है? ये थे। यह कह रहे हैं कि सर जी लिख क्या रहा है? 1863 में भारतीय भूतत्व सर्वेक्षण विभाग का अध्यक्ष कौन था? सर ब्रूट फ्रूट था। जिस समय इन सभ्यताओं की खोज आरंभ हुई। ये है। ठीक है? अब चलें आगे। अब क्वेश्चन लिखना है। राज्य में पुरापाषाण कालीन सभ्यता की साक्ष्य। अब राज्य में राज्य में ठीक है हमारा जो स्टेट है स्टेट में इसी सभ्यता के ठीक है पुरा पाषाण
24:41 पुरापाषाण कालीन सभ्यता का साक्ष्य यह जो सिविलाइजेशन है सभ्यता के जो साक्ष्य हैं वह हमें कहां से प्राप्त हुए हैं भैया जी तो आप लिख देना साक्ष्य एक तो कहां से मिला है तो प्रयागराज की बेलन घाटी ठीक है एक आप लिखेंगे बेलन घाटी अब अब क्वेश्चन पूछा जाए कि बेलन घाटी कहां स्थित है तो आप लिख देना भैया जी प्रयागराज में दूसरी एक और होगी साथी सिंग्रौली घाटी एक कौन कौन सी घाटी? तो सिंग्रौली घाटी जो कि आपका आज सिंग्रौली
25:28 घाटी किसके लिए कोयले की प्रसिद्ध है? कोयले के लिए यह आपकी सोनभद्र में और एक चकिया क्षेत्र एक कौन सा चकिया और यह चकिया जो क्षेत्र होगा यह आपका चंदौली में होगा। भैया जी कहां पर होगा? चंदौली। अब यह जो मतलब कि देखूं क्वेश्चन पूछ लिया जाए कि उत्तर प्रदेश में पुरापाषाण कालीन सभ्यता के साक्ष्य कहां से प्राप्त हुए हैं? एक बेलन घाटी जो प्रयागराज में सिंग्रोली घाटी सोनभद्र और चंदौली का चकिया क्षेत्र। भैया जी चंदौली का क्या हो गया? चकिया क्षेत्र। तो ये ये जो क्षेत्र हैं यहीं से भैया मात्र इनसे ही क्या
26:13 मिलते हैं? पुरापाषाण कालीन सभ्यता के साक्ष्य और यह बेलन जो घाटी है यह विश्व की प्राचीन स्थलों में से एक है जो बेलन घाटी बेलन घाटी विश्व के प्राचीनतम स्थलों में से एक है जहां पर सर्वप्रथम मानव के बसाव के साक्ष्य मिले हैं। हमें पता चला कि मानव का बसाव मतलब रहना उनका जो रहने-सहने की जो बातें हैं वो हमें कहां से प्राप्त होती हैं। मेरे साथी बेलन घाटी से ये बहुतेंट क्वेश्चन है। तो ये बेलन घाटी विश्व का प्राचीन स्थल होगा। ये नोट करके आप सभी को लिख देना है। यह क्या करना है भैया जी? बेलन घाटी विश्व का प्राचीनतम स्थल है।
27:00 क्या होगा सर जी? बेलन घाटी बेलन घाटी विश्व का विश्व का प्राचीनतम मतलब कि प्राचीनतम स्थलों में से एक है। बेलन घाटी विश्व के विश्व के प्राचीन प्राचीनतम स्थलों में से एक है। स्थलों में से एक है। जहां मानव के वसाव का जहां इसके वसाव की बात होगी मेरे साथी मानव के वसाव का सर्वप्रथम ठीक है जी सर्वप्रथम
27:48 साक्ष्य मिला है एविडेंस सर्वप्रथम साक्ष्य मिला कि भैया जी हमें पता है कि मानव उस समय ठीक है अपने झोपड़ी पट्टी बनाकर रहता था। उस समय भी भैया जी मानव अपनी झोपड़ी वगैरह जो झोपड़ी पट्टी है वह बनाकर रहता था। आज बेलन घाटी मैंने बताया कहां पड़ती है? प्रयागराज में। अब ये हमें बसाव का प्रथम साक्ष्य तो प्राप्त हो गया। अब इस बेलन घाटी की खुदाई व खोज खोज व खुदाई का निर्देशन यह भी तो क्वेश्चन आता है। इसकी खुदाई पहले बताओ। पहले तो खोज हुई। पहले तो खोज की व खुदाई खुदाई का निर्देशन किसने दिया? इसकी खुदाई किसने
28:34 करवाई? यह आप मुझे बताओ। पहले तो खोज की बेलन घाटी की और प्रयागराज में तो इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थे जी आर शर्मा के निर्देशन में। ठीक है? बहुतेंट क्वेश्चन होगा। तो आप लिख देना इलाहाबाद विश्वविद्यालय के। हां सर। कौन सी यूनिवर्सिटी की बात है? तो आप राइट करेंगे इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थे और नाम था जी आर शर्मा। नाम क्या होगा? तो आप राइट करेंगे जी आर जी आर शर्मा के निर्देशन में। अब एक पॉइंट हमसे यही पूछ लिया जाए कि जो आपका पुरापाषाण कालीन स्थल में तो चल ही रहे हैं। तो बेलन घाटी बेलन घाटी विश्व का प्राचीनतम स्थलों
29:22 में से वो स्थल माना जाता है। जहां से हमें मानव के बसाव के साक्ष्य मिले हैं। और सर दूसरी बात एक और ये बेलन घाटी जो प्रयागराज में है इसकी खोज और इसकी खुदाई का निर्देशन किसने दिया था? तो आप बताएंगे सर जी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के एक प्रोफेसर जी आर शर्मा के निर्देशन में। ठीक है सर जी। इनका टाइम पीरियड हिस्ट्री वाले सर बताएंगे। ठीक है ना? अब मैं उत्तर प्रदेश चल रहा हूं तो मेरी बुक में कुछ मिलेगा और जब वो पढ़ाएंगे कुछ तो इसलिए आपको इनकी जो है वो पूरी डेट बताते आएंगे मैं डेट ना क्योंकि अब डेट का कोई काम ही ना है तो ये आप इन्हें लिखते चलना बढ़िया तरीके से और साथी इस घाटी में बेलन घाटी
30:10 भी एक ऐसा होगा जिसमें पुरापाषाण काल के तीनों ठीक है ना भाई इसमें पुरापाषाण जो आपका ये मतलब कि बोले पुरापाषाण काल और मध्य नवपाषाण काल कहने का मतलब है सर जी इसमें तीनों के तीनों ठीक है मतलब कि पुरापाषाण काल मध्यपाषाण काल और नवपाषाण काल तीनों की साक्ष्य यहीं से अवशेष मिले हैं। ठीक है? तो आप लिख देना तीनों कालों के अवशेष वी नोट करके लिख देना। तीनों कालों के अवशेष मिले हैं। तीनों कालों के अवशेष यहीं से मिल गए। ठीक है जी। तीनों कालों के अवशेष मिले हैं। यहीं से ये पॉइंट भी आप लिख देना। ठीक है
30:56 जी। चलो अब जब भैया जी बेलन घाटी का एक लौदा नाला क्षेत्र पड़ता है। यही तो क्वेश्चन आते हैं। कौन सी घाटी? बेलन घाटी। यह कहां स्थित है भैया जी? आप बताएंगे तो प्रयागराज में। इस बेलन घाटी का एक लोहदा नाला क्षेत्र में पाषाण उपकरणों के साथ-साथ एक अस्थि निर्मित मातृ देवी भी मिली थी। ये भी यहां से हमें मिल गई भैया जी। ये भी बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन होगा। तो आप लिखेंगे मतलब पाषाण उपकरण तो मिल ही मिल रहे हैं और यहीं से हमें एक और मिल जाती हैं अस्थि निर्मित। अस्थि मतलब हड्डियों के द्वारा। अस्थियों के द्वारा अस्थि निर्मित एकमात्र देवी की प्रतिमा भी
31:44 मिली है। यह बहुतेंट क्वेश्चन होगा। तो आप लिख देंगे बेलन घाटी के लोहदा नाला क्षेत्र से। अब लोहदा नाला क्षेत्र किस में पड़ता है? बेलन घाटी में। तो आप बताना सर जी। बेलन घाटी के हां सर कौन सा? बेलन घाटी के लोहौदा नाला। लोहदा नाला क्षेत्र में लोधा नाला क्षेत्र में पाषाण उपकरणों के साथ-साथ पाषाण उपकरणों के के साथ-साथ पाषाण उपकरण तो मिल रहे हैं और
32:31 इन्हीं के साथ-साथ मेरे साथी अस्थि निर्मित कौन सा भैया जी अस्थि निर्मित मातृदेवी की साथ-साथ अस्थि निर्मित अस्थि निर्मित मातृ देवी अस्थि निर्मित मात्र मातृ देवी की देवी की प्रतिमा मिली है। अस्ति निर्मित मातृ देवी की प्रतिमा मिली है। ये भैया जी ये हमें एक इस तरीके से एक मातृ देवी की प्रतिमा भी मिली है। ठीक है? चलो आ गई बात समझ में ना? ये ठीक है। चलो तो ये पॉइंट भी आप सभी को कर
33:19 देना है। तो यहीं से हम देखें तो हमें क्या मिले हैं? तो भैया जी तो बेलन घाटी के लोहौदा नाला क्षेत्र में पाषाण उपकरणों के साथ-साथ अस्थि निर्मित मातृ देवी की प्रतिमा भी मिली है। तो ये पॉइंट आपके होगी सर जी पुरापाषाण काल मतलब कि प्रागैतिहासिक काल में हमने पढ़ा पुरापाषाण काल पेियोलिथिक पीरियड में तो पेलिथिक पीरियड में यह पॉइंट हमें यहां से मिल जाएंगे। ठीक है जी? शिकार के लिए क्वार्ट जाइट से बने औजारों का प्रयोग किया जाता था। बहुत बढ़िया। यह भी पॉइंट एकदम सही होगा। ठीक है। सुजीत निषाद जी कह रहे हैं बहुत बढ़िया। मतलब वहां जगह डेट
34:04 ना दी इसलिए ना कराएंगे। हैं? तो उत्तर प्रदेश में मेरी वर्तमान में छह कक्षा चल रही हैं। जैसे अब देखूं आप आज के टाइम में तो तीन कक्षा इतिहास की मैं यूपी जीके और इतिहास का ही टीचर हूं। जिनन की तुम कह रहे हो ना अरे छोड़ो बड़े खामोखा में भैया करते चलो इन ये किताब तो हाथ में भी ना ली जाती आगे चलते हैं भैया जी अगला एक और पॉइंट यहां देखेंगे मध्यपाषाण काल दूसरे पर आ जाओ अब दूसरे की बात होगी तो आप लिख देंगे मध्य पाषाण काल एक और काल होगा मध्यपाषाण काल यह आप सभी को करना है। अब मध्यपाषाण काल
34:50 बोले तो मेसोलिथिक पीरियड ठीक है जी तो आपने किया ही है अभी भैया जी चलो मीसो लिथिक पीरियड आ गई बात समझ में मिसोलिथिक पीरियड अब मध्यपाषाण काल की तरफ चलें सर ठीक है अब मध्यपाषाण काल की तरफ हम बढ़े। अब यहां से हमें क्या-क्या मिला है? अब कहां-कहां से? तो साथी मध्यपाषाण काल में जब हम मिर्पुर और सोनभद्र में जाएं। मिर्जापुर अब पूरा मिर्जापुर तो होगा ना और ना ही भैया जी पूरा का पूरा सोनभद्र
35:37 होगा। तो यहां के कुछ क्षेत्र हां अब कुछ क्षेत्र कौन-कौन से? एक का नाम होगा मोहरना। मोरना पहाड़ लेखैया बगरी खोर तो आप कर देना साथी एक होगा आपका मोरहाना ऐसे कर देना मोरहाना एक एक आपका होगा लेखैया लेखैया यह भी बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन है एक बगरी खोर आता है साथी कौन सा एक और होगा बघरी बघरी खोर और एक आपका होगा पहाड़ एक होगा आपका पहाड़ ठीक है जी बघरी रीखोर पहाड़ तो मध्यपाषाण काल अब क्वेश्चन आ जाए कि लेखैया लेखैया अब यहां से मतलब कि मध्यपाषाण काल
36:25 के कुछ एविडेंस प्राप्त हुए हैं उत्तर प्रदेश के कौन से जनपदों में तो ये आपका मिर्जापुर और सोनभद्र में मतलब कि इनकी अवस्थिति पड़ती है। ये आ गई बात समझ में? चलो जी। दूसरी बात क्या होगी साथी? प्रयागराज। अब यहीं से हम देखें एक प्रयागराज और प्रयागराज की जो तहसील होंगी एक नाम होगा कर्षना 12 आपने पढ़ी भी होगी फूलपुर मेजा कोराब ठीक है तो एक आपकी आ जाएगी साथी मेजा मेजा एक आप लिख देना करछना एक आपकी मेजा एक कर्षना एक आपकी फूलपुर कुराब फूलपुर ठीक है जी कौन सा होगा फूलपुर एक कोराब
37:13 कोराब भी कर देंगे और सती तथा 12 तथा क्या होगा? 12 तहसीलों में यह तहसील हैं। 12 तहसील में 12 तहसील में मध्यपाषाण काल के एविडेंस हमें प्राप्त हुए हैं। यह भी आप लिखेंगे सर। जी। एकमेजा कर्षना फूलपुर कोराव तथा बारा तहसील ये प्रयागराज में पड़ती है। जहां से हमें मिसोलिथिक पीरियड के एविडेंस प्राप्त हुए हैं। एक सर जी प्रतापगढ़ एक और आप करेंगे भैया जी एक और आपने पढ़ा होगा प्रतापगढ़। ठीक है। अब जब प्रतापगढ़ में भी पहुंचे इतिहास वेदता तो यहां से सराय नाहर राय एक आपने पढ़ा होगा सर जी
37:59 सराय नाहर सराय नाहर राय बहुत बेहतरीन क्वेश्चन है सराय नाहर राय ये यहीं से होगा एक दमदमा एक महद एक कौन सा होगा मह महादहा और एक भैया जी दमदमा एक कौन सा दमदमा अब देखो एक सराय नाहर राय महदाहा और एक दमदमा और ये आपके कहां से यह प्रतापगढ़ से अब क्वेश्चन आएगा मध्यपाषाण कालीन स्थल सराय नाहर ठीक है मध्यपाषाण कालीन स्थल सराय नाहर राय यह उत्तर प्रदेश के कौन से जनपद में स्थित है? जी मध्यपाषाण कालीन स्थल महद उत्तर प्रदेश के कौन से जनपद में
38:45 है? प्रतापगढ़ में दमदमा की बात आती है साथी लेखैया इस तरीके से क्वेश्चन आएगा तो आप बताएंगे ठीक है चलो जी ठीक है तो ये पॉइंट एकदम राइट होंगे हां सर जी ये पॉइंट एकदम राइट होंगे तो इन्हें भी आप कर देना प्रतापगढ़ सराय नाहर राय महादहा और दमदमा ठीक है चलो जी यह एकदम करेक्ट होगा। सुजीत निषाद जी जो सर जी लाइन टू लाइन पढ़ा रहे हैं हम इसलिए कोर्स लिया था कि बुक से कुछ अलग कंटेंट मिले तो अच्छा बुक से अलग कहां मैं जो है रिसर्च करके
39:32 लाऊं। जितनी भर भी बुक हैं आप किसी भी बुक उठाकर देख लेना। यदि लेखैया यहां मिर्जापुर में है तो मिर्जापुर ही होगा। वो प्रतापगढ़ में ना दे देगा। आ रही है बात समझ में ना यदि सराय नाहर राय प्रतापगढ़ में इनके एविडेंस जो भी प्राप्त हुए हैं कल को यदि आप भी कोई बुक लिखेंगे जो एविडेंस मिले अपनी बुक में लिखेंगे हमारी बुक में भी यही चीजें हैं तो यहां से अलग थोड़ी होगा वैसे ही खामोखा में इतना जो है कमेंट्स करने पर फोकस कर रहे हो इतना अपने कंटेंट तैयार करो बढ़िया तरीके से क्यों खामोखा में जो है जीवन बेकार कर रहे हो तो यह चीजें चलो आगे चलेंगे। आगे चलें भैया जी। अब सराय नाहर राय की यदि हम बात
40:19 करें तो मध्यपाषाण काल के सर्वाधिक साक्ष्य यहीं से प्राप्त हुए हैं। भैया जी मध्यपाषाण काल के कौन से जो मिसोलिथिक काल है। मध्य पाषाण काल के मध्यपाषाण काल के काल के सर्वाधिक एविडेंस मध्यपाषाण काल के सर्वाधिक सर्वाधिक एविडेंस मींस आपके क्या हो गए? साक्ष्य यहीं से प्राप्त हुए हैं। कहां से? यहीं से प्राप्त हुए हैं। यह भी पॉइंट आप सभी को लिख देना है। अब क्वेश्चन आए कि मध्यपाषाण काल के सबसे ज्यादा एविडेंस हमें कहां से मिले हैं? तो आप बता देना सर जी। सराय नाहर राय से। ये कहां है
41:06 सराय नाहर राय? प्रतापगढ़ में। यहीं से हम देखें तो हमें झोपड़ी का फर्श मिल गया। पहले एक झोपड़ी का फर्श यह आप कर देना सर जी कौन सा झोपड़ी का फर्श यहीं से मिला है? अस्थाई निवास स्थान भैया जी लोगों के स्थाई ना थे। अस्थाई थी। जैसे आज भी देखें हम उत्तर प्रदेश हो या देश की बहुत सारी ऐसी जनजाति हैं ग्रामीण क्षेत्रों में भी आ जाते हैं। कभी जैसे नट हुए, ठीक है ना? दुधलिया इस तरीके से होते हैं जो लोहार वगैरह का कार्य करते हैं। उनका स्थाई निवास नहीं होता है। उन्होंने 20 दिन डेरा यहां डाला। फिर लेकर अपने टांडे को आगे
41:52 लाद चले। फिर भैया जी 20 दिन वहां रहे। तो इस तरीके से उस टाइम के लोगों का जो निवास स्थान था उस टाइम पर तो वो अस्थाई ना होकर कैसा था? अस्थाई था। क्योंकि अभी जो है जब देखो कृषि वगैरह कोई चीज का डेवलप हो जाता है व्यक्ति उसी के सहारे से तो डटता है। तो आर्य ऐसे ही डटे थे। ठीक है ना? उन्होंने कृषि उपकरण वगैरह खोज सारी कर ली तब व्यक्ति स्थाई होता है। अभी तो यह अस्थाई निवास इनका होगा। ठीक है जी। तो ये कहां पर होगा? तो सर जी आप बता देंगे सराय नाहर में और एक एक और कर देना गर्त चूल्हे गर्त चूल्हे का मतलब है जमीन पर ठीक है मतलब कि गड्ढा सा खोदकर एक
42:41 गर्त बनाई और उसी में भैया जी मतलब कि खाना वगैरह जो बनाते थे तो यहीं से हमें गर्त चूल्हे भी मिले हैं। यहीं से 15 समाधान कहीं-कहीं 14 मिलेंगे भैया जी। 15 समाधान समाधान का मतलब जहां पर सबों को दफनाया जाता है। कहीं 14 भी आपको किसी बुक में दिखाई पड़ जाएंगे और सबों का सिर पश्चिम और पैर पूर्व में रखा गया था। इसी में आपको लिख देना है सबों का जो सिर था सरों का सबों का सिर पश्चिम पश्चिम तथा पैर तथा किसकी बात होगी? पैरों को पैरों को पूरब में रखा गया था। पैरों को पूरब में पूरब में रखा गया था। रखा गया। अब
43:29 जैसे कि भाई हम तो इस तरीके से जैसे ये आपकी पूरब और ये आपकी पश्चिम तो पश्चिम में तो सिर हो गया। पश्चिम में सिर और इस तरीके से इधर को आपके पैर कर दिए जाते थे। तो सबों को ऐसे रखा जाता था। तो ये कहां से? सरय नाहर राय से। यहीं से मेरे साथी चूल्हे में पशुओं की अधचली अस्थि भी मिली थी सराय नाहर राय से ही ये भी आप लिख दो चूल्हे जो थे ना चूल्हों में चूल्हों में चूल्हों में पशुओं की अधली चूल्हों में पशुओं की क्या थी साथी अधली अस्थि पशुओं की अधली अध मतलब कि आधी जली हुई अधली अस्थि भी हमें देख लो यहीं से मिली है
44:17 कहां से सराय नाहर राय से और यह कहां पड़ता है? यह उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में पड़ता है सर जी और बाहरी मानवीय आक्रमण तथा युद्ध के साक्ष्य भी बाहरी बाहर के जो बाहर व्यक्ति मानवीय आक्रमण जो हुए थे बाहरी मानवीय आक्रमण आक्रमण भी हुए थे जो बाहर जैसे हम पे मुगल वगैरह ने किए थे। इसी तरीके से उस टाइम पर बाहरी मानवीय आक्रमण तथा तथा भैया जी युद्ध के साक्ष्य तथा युद्ध के साक्ष्य हमें कहां से मिले हैं ये एविडेंस भी तो आप एकदम राइट कर देना सर जी ये हमें मिले हैं कहां से मध्यपाषाण काल के सराय नाहर
45:02 राय जो कि आपका उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद में पड़ता है। यह एकदम राइट कर देना। अब इसी के साथ एक और होगा साथी चौपानी मांडो। चौपानी मांडो आपने पढ़ा है। मैंने पहले ही बोला है कहीं तो आपको 15 मिलेगा। कहीं आपको 14 मिलेगा। ठीक है? कहीं आपको 15 कहीं आपको 14 लेकिन यह ना पूछेगा कितने सवाधान हैं। यह तो पूछिएगा भी क्वेश्चन मैं बताऊंगा जो आए हुए भी हैं वैसे भी। एक आपका होगा साथी चौपानी मांडो। ठीक है? और चौपानी मांडो पर भी चलो एक और कर देना सेकंड पर चौपानी मांडो बताइए चौपानी मांडो कहां पड़ता है ये भी
45:48 मध्यपाषाण कालीन स्थल है चौपानी मांडो और सर इसकी जो अवस्थिति हम देखें इसकी जो लोकेटेड ये कहां स्थित है तो मेजा तहसील होगी और मेजा तहसील कहां पर प्रयागराज में तो भैया जी कौन सी तहसील की बात तो मेजा तहसील और यह मेजा तहसील कहां पर तो राइट कर देना सर जी प्रयागराज तो चौपानी मांडोम मध्यपाषाण कालीन स्थल ये कहां से प्राप्त हुआ है तो आप बताएंगे मेजा तहसील प्रयागराज से झोपड़ी तथा हाथ से बनी मिट्टी के बर्तन यहां से हमें क्या साक्ष्य क्या एविडेंस प्राप्त हुए हैं तो आप लिख देना सर जी यदि एविडेंस की बात आती
46:34 है एविडेंस यहां से क्या मिल गए तो आप लिखेंगे के मतलब कि झोपड़ी झोपड़ी तो मिली है। झोपड़ी तथा झोपड़ी तथा हाथ से बने तथा हाथ से हाथ से बने बने मिट्टी के बर्तन बने किसके बर्तन? तो मेरे साथी मिट्टी के बर्तन। अब ये भी हमें कहां से मिल गए? तो भैया जी आप चौपानी मांडू कर देना। आप कहां? चौपानी मांडू बहुत बेहतरीन। ठीक है चलो जी तो राइट क्या होगा सर जी चौपानी मांडो जिसकी अवस्थिति मेजा तहसील प्रयागराज एविडेंस झोपड़ी तथा हाथ से बने मिट्टी के बर्तन होंगे एक दमदमा भी अभी हमने करा था ना
47:22 दमदमा ठीक है ये रहा दमदमा अब दमदमा कहां से ये आप बताएंगे सर जी दूसरे पर भी तीसरा ही कर दो चलो दमदमा कहां से प्राप्त हुआ है तो ये आप लिख देना ये जो स्थल होगा यह आपका प्रतापगढ़ में होगा। यह कहां पर होगा? प्रताप गढ़ में। अब यहां से कितने 41 सवादान? 41 सवादान मतलब कि आज के टाइम में बोले हम तो भैया जी जहां पर सबम मतलब कि जो मृत व्यक्ति को दफनाया जाता था मतलब समाधि। तो समाधि की बात होगी। ठीक है। चलो जी। तो यह भी आप करेंगे एकदम करेक्ट और साथी जिनमें पांच युग्म समाधान एक समाधान
48:09 में तीन व्यक्ति भी मिले हैं। ठीक है? इसमें क्या होगा? पांच 41 में से जिनमें पांच में जिनमें पांच युगल समाधान। अब युगल का मतलब समझ रहे हैं? जिनमें पांच युगल समाधान मतलब कि अब इसमें या तो युगल की बात है क्योंकि उस टाइम पर मानव के साथ कुत्ते को भी दफनाया जाता था तो इसमें अब जानवर तो नहीं है युगल की बात है या तो दो पुरुष पुरुष हो गए या दो महिला महिला होगी या एक पुरुष या एक स्त्री तो इस तरीके से यह आप करेंगे ठीक है अरे भैया वो मेजा तहसील प्रयागराज में ही है ठीक है तो आप करेंगे इन्हीं 41 में से पांच युगल हैं और तथा एक समाधान
48:56 में तथा एक और कर देना तथा एक सभाधान में एक सभा दान में तीन कंकाल भी मिले हैं। कितने भैया जी? तीन कंकाल मतलब एक एक समाधि में तीन कंकाल भी हमें यहां से मिले हैं। तो यह भी आप करेंगे। कहने का मतलब है तो तीन मतलब कि तीन मानव कंकाल एक साथ एक समाधान में तीन मानव कंकाल मानव लिख दो ठीक है नहीं कल को लिख देंगे सर जी ऊंट के कंकाल है किसके हैं तो तीन मानव कंकाल भी हमें यहीं से मिले हैं और महादहा भी आपका कहां हो गया ये भी प्रतापगढ़ में है सर जी ठीक है बहुत बढ़िया क्वेश्चन और प्रयागराज का जो लेखैया नामक शिलाश्रय से सर्वाधिक
49:44 मानव कंकाल ठीक है ना यहां से लेखैया लेखैया प्रयाग सॉरी लेखैया जो आपका ये आपका मिर्जापुर सोनभद्र ये भिड़े पड़े हैं सारे यहां पर सर्वाधिक सर्वाधिक कितना हो गया 17 17 मानव कंकाल मिले हैं सर्वाधिक 17 मानव कंकाल ठीक है जी 17 मानव अब ये जो है ना डिस्ट्रिक्टों की सीमा से भिड़े पड़े हैं ये डिस्ट्रिक्टों की सीमा कुछ क्षेत्र इधर जैसे खुदाई होती चली गई कुछ इस तरीके से। चलो जी। तो अब इनके हम देख लेते हैं एक बार जल्दी से। ठीक है? एक बार जल्दी से इनके क्वेश्चन किस तरीके से आएंगे? तो आप एक बार देखो जी। चलो। उत्तर प्रदेश के किस मध्यपाषाण
50:32 कालीन पुरस्थल से हड्डी के बने आभूषण और उपकरण। अभी तो वो क्वेश्चन भी यह ना आया है। ठीक है ना? अब यह आता मेहदा ही होता। ठीक है? मेहदा में लिखवाता मैं तो मेहदा से अस्थि एवं सींग के आभूषण व साक्ष्य मिले थे तो मैदा ही रह गया नहीं टाइम हो जाता तो इन्हें और जल्दी कर लेंगे ऐसा क्वेश्चन आएगा अब क्वेश्चन आएगा उत्तर प्रदेश के किस मध्यपाषाणिक पुरस्थल से हड्डी से बने अब मेहदा ही आता ठीक है चलो तो मेहदा ठीक है सर थोड़ी गति से पढ़ाइए पढ़ाने पेपर तक हम लोग रिवीजन क्या कोर्स तुम्हें पता है कि पेपर कल का ही है। मैं जैसे पढ़ा रहा हूं। ठीक है ना? मुझे अभी ज्यादा वो मत दो ज्ञान। ठीक है?
51:18 मैं अपने आप करा दूंगा। तुम्हें कोर्स कंप्लीट चाहिए ना पेपर से पहले और रिवीजन सारी चीज का टाइम मिलेगा। ज्यादा ठीक है ना? इतने गति पति मत करो। गांव की भाषा है कि बाबा के हाथ में फावला लगा हुआ। पोते को ऐसा लगे कि फूल। ठीक है? कि फूल है। अब मैं एक बच्चे ना लेकर चलूंगा। यहां जी के जो अब देखो ना 1700 कुछ बच्चे जुड़े हुए हैं। 1700 अब तुम्हारे ऊपर गतिगति करके मैं इनका नाश थोड़ी करूंगा। ये बढ़िया क्लास चल रही है। ठीक है। सब ठीक है। पर ज्यादा ऐसे नहीं करेंगे। सराय नाहर राय जहां से भारत के सबसे पुराने मध्यपाषाण
52:04 कालीन मानव कंकाल मिले हैं। यह उत्तर प्रदेश के कौन से जनपद में हैं? यह आप बता दो। ठीक है। यह अभी मैंने जस्ट कराया सराय नाहर राय प्रतापगढ़ में सर जी। अभी जस्ट आपने देखा भी होगा। भाई ये रहा ना सराय नाहर राय। यह रसराय प्रतापगढ़ और सारी चीजें मैंने अभी जस्ट इसकी कराई है। ठीक है जी। आगे चलो। दमदमा नामक मध्यपाषाण कालीन स्थल जहां 41 सभाधान प्राप्त हुए। अब दमदमाई चलता ये भी आपका कहां पर होगा? प्रतापगढ़ में। भैया जी ये भी आपका कहां पर होगा? प्रतापगढ़ में। चलो अगला क्वेश्चन। मध्यपाषाण काल में मानव ने सबसे पहले किस
52:49 पशु को पालतू बनाया जिसके साक्ष्य राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में भी मिलते हैं। तो आप कुत्ता कर देना। ये तो कुत्ता वैसे भी दिखाई पड़ जाएगा। भाई कुत्ते को मानव के साथ दफनाया जाता था। ये सारी चीजें आप यहां पर लिख देना। विंध्यन क्षेत्र के किस शिलाश्रय से सर्वाधिक मानव कंकाल अब आ गया क्वेश्चन अभी जस्ट मैंने बताया लेखैया अब ये विंध्या क्षेत्र लेखैया आ गया ना आ गया लेखैया और लेखैया ये आपका विंध्या क्षेत्र विंध्या जैसे मिर्जापुर और सोनभद्र ठीक है मिर्जापुर सोनभद्र का जो क्षेत्र है विंध्या क्षेत्र कहलाता है तो ऐसा क्वेश्चन आएगा कि विंध्या क्षेत्र के किस
53:36 शिलाश्रय से मतलब रॉक सिलेक्टर से सर्वाधिक मानव कंका लेखैया से अभी करवाया मिर्जापुर सोनभद्र में पड़ता है। बेलन घाटी की खुदाई किसके निर्देशन में कराई गई? अभी जस्ट कराया भैया जी भाई बेलन घाटी की जो खुदाई है वो प्रोफेसर जी आर शर्मा जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर थे। उस समय मध्यपाषाण युग के सर्वाधिक साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। मध्यपाषाण युग के अभी मैंने बताया आपको कहां से सराय नाहर राय जो कि आपका प्रतापगढ़ में है। मध्य युग में दमदमा प्रतापगढ़ में उत्खनन के दौरान कितने? अब दमदमा अभी बतियो दमदमा
54:21 अभी जस्ट मैंने कराया। यह रहा आपका दमदमा। ठीक है। एक सेकंड अब दमदमा पर भी आ जाओ। ये रहा ना दम धमाम कितने 41 और ये क्वेश्चन आया हुआ है ठीक है ना तो दम दमा से कितने हो गए भैया जी तो आप लिखेंगे एक सेकंड कहां गया हां 41 कितने हो गए 41 आ गई बात समझ में चलो जी आगे देखो मध्यपाषाणिक काल के किस स्थान से सींग के आभूषण तो यह महादाह होगा अभी जस्ट महादा होताई मादा वहना नवपाषाण कालीन के जो है नवपाषाण कालीन सभ्यता के साक्ष्य उत्तर प्रदेश के तो प्रयागराज
55:08 सोनभद्र प्रतापगढ़ इन सब में मिले हैं। ठीक है? नवीनतम खोजों के अनुसार भारतीय उपमहाद्वीप में कृषि की प्राचीनतम अभी जो है ना यह आपका रह गया जो आपका लहूरा देव ये नवपाषाण कालीन होगा ना जो संत कबीर नगर में पड़ेगा कहां भैया जी संत कबीर नगर में तो यह भी आप राइट करेंगे और आज का लास्ट क्वेश्चन उत्तर प्रदेश के किस नवपाषाण की ये नवपाषाण की बात है तो आप कोलड़ी हवा कर दें देना यह आपका प्रयागराज में आ गई बात समझ में यह आपका होगा प्रयागराज में तो इन्हें भैया जी देखो इसी तरीके से करते चलेंगे ज्यादा अफरातफरी ना करेंगे धैर्य
55:54 जो चीजें आराम से धैर्य के साथ हो जाएंगी वो ना होंगी मैं फिर आपसे डेली कहता आ रहा हूं कि आप जैसे हाथ पैरों को फुला देते हैं ना एकदम अभी एक ने जो भैया जन बहन जी न सर जी अलेक्जेंडर कौन था अलेक्जेंडर यहां कहां टॉपिक आ गया अलेग्जेंडर का भी वो चंद्रगुप्त मौर्य के टाइम पर आएगा। ठीक है? तो इस तरीके से ना करेंगे। अब टॉपिक से हटकर अब मैं तुम्हारी तरफ को इधर को देखूं तो एकदम हां ये दो क्वेश्चन ना कराए कल को होंगे। ठीक है? तो ये कल को दोनों के दोनों मतलब ये नवपाषाण कालीन में हैं। तो आप हाथ पैर ना फुलाएंगे। बढ़िया तरीके से चलेंगे। इसी के साथ मेरे साथी सभी बोलेंगे सर जय हिंद जय भारत।