0:00 क्या ही बात है। क्या ही बात है। ओए होए होए होए होए हम हम हेलो हेलो हेलो हेलो हेलो हेलो हेलो नमस्कार नमस्कार नमस्कार दोस्तों आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है हमारी आज की इस क्लास में। उम्मीद करते हैं दोस्तों कि आप सभी तक हमारी आवाज बिल्कुल सही तरीके से पहुंच रही होगी। हमारे जो अलग-अलग बच्चे अलग-अलग बोर्ड्स के हमारे साथ जुड़े हुए हैं। अपने हर एक साथी का, अपने हर एक दोस्त का, अपने हर एक प्यारे बच्चे का दोस्तों बहुत ही प्यार भरा स्वागत है। हमारे साथ हैं अनुष्का जी, उसी के साथ हैं यूपीएससी बाय कृष्णा। खुशी हमारे साथ हैं।
0:45 अक्षत हमारे साथ हैं। उसी के साथ-साथ हमें देखने को मिल रहे हैं सूरज जी, रोशनी हमारे साथ हैं। नमन हमारे साथ हैं। और हमारे साथ समीर अंसारी साहब भी हैं और दिव्यांशु जी भी हैं और नीतू जी भी हैं। अलिष्का भी हैं, अक्षत भी हैं, कृष्णा भी हैं। अपने हर एक साथी का, अपने हर एक दोस्त का, अपने हर एक प्यारे बच्चे का दोस्तों बहुत ही प्यार भरा गुड इवनिंग। शाम के बज गए हैं आठ। उम्मीद करते हैं दोस्तों कि आप सभी लोग हमारी इस क्लास का बहुत ही बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे क्योंकि भैया हम तो कर रहे थे। हम लोगों ने पिछले सप्ताह ही आप सभी के साथ अपनी मैराथन सीरीज को किया था। उस सीरीज के अंदर हम लोगों ने सामाजिक अध्ययन हुआ, हिंदी हुआ, इंग्लिश हुआ। उसी के साथ-साथ हमारे जो साइंस के अलग-अलग पोर्शंस हैं और जो गणित है, उसको आपके साथ डिस्कस किया था और आप सभी बच्चों ने बहुत ज्यादा फायदा उनसे हासिल किया। हमारी जो ये वीर सीरीज आपके सामने पेश की जा रही है, उसका आज एक
1:32 और पार्ट हम लोग आपके सामने पेश करेंगे और एक बहुत ही जबरदस्त, बहुत ही इंटरेस्टिंग, बहुत ही ज्ञानवर्धक और एक बहुत ही महत्वपूर्ण जो हमारा अध्याय होगा, इसको हम लोग आपके सामने पेश करेंगे। हमारे साथ हैं दक्ष हमारे साथ हैं लोलता त्रिपाठी जी। उसी के साथ हैं हमारे साथ अमृत जी, अंकेश जी, निदा अख्तर कह रही है, हेलो सर निदाय सर। हमारे साथ हैं सत्यम गगन कपिल जी कपिल यादव वरीश जी भी हमारे साथ जुड़ गए हैं। तो अपने हर एक साथी का अपने हर एक दोस्त का अपने हर एक प्यारे-प्यारे बच्चे का दोस्तों बहुत ही प्यार भरा स्वागत। ठीक है तो यहां पर हम लोग आप सभी के साथ एक जबरदस्त से चैप्टर को डिस्कस करने के लिए आ चुके हैं। चैप्टर का नाम आपको मेरे पीछे दिख ही रहा है और इस प्यारे से चैप्टर के अंदर हम लोग बहुत ही प्यारी-प्यारी और बहुत ही महत्वपूर्ण बातों को आपके साथ डिस्कस करेंगे। ये
2:18 चैप्टर बहुत सिंपल है। ये चैप्टर बहुत ही अच्छा है। ये बहुत ही महत्वपूर्ण चैप्टर है क्योंकि इससे बहुत सारे सवाल आपके पेपर के अंदर हमें आते हुए देखने को मिल रहे हैं। तो चलिए एक बार जल्दी से हम लोग क्या करते है दोस्तों कि अपने आज के इस चैप्टर को डिस्कस कर लेते हैं और बहुत ही प्यारे तरीके से इस चैप्टर के जो हमारे सारे बिंदु होंगे उसको हम लोग समझ लेंगे। जिस चैप्टर का हम लोग डिस्कशन कर रहे हैं उसे बोला जा रहा है जल संसाधन और यह जो हमारा जल संसाधन वाला अध्याय है अगर हम लोग आपसे पूछ लें कि हमें कहां देखने को मिलता है मेरे प्यारे बच्चे हमारा जो भूगोल का पोर्शन है या फिर जिसे हम लोग ज्योग्राफी के नाम से जानते हैं वहां पर हमारा ये चैप्टर हमें देखने को मिलता है तो ज्योग्राफी या फिर भूगोल का हमारा ये अध्याय है जल संसाधन इसका नाम है और इसके अंतर्गत हम लोग इस पूरे चैप्टर को पढ़ेंगे। क्या है भैया? आज हमारा ये वन शॉट क्लास है वीर बैच के अंदर और इसके अंतर्गत हम लोग आप सभी के साथ इसका क्या करने लग गए
3:03 दोस्तों? हम लोग आपके साथ ना इस पूरे चैप्टर को बहुत ही मजेदार तरीके से आपके सामने पेश करेंगे। खुशबू कह रही है सर आपने हमारा नाम नहीं लिया। ठीक है बेटा आपका नाम ले लिया गया है। क्या-क्या पढ़ेंगे इस चैप्टर के अंदर? हम लोग सबसे पहले आप सभी के साथ यहां पर डिस्कशन कर लेंगे। जल दुर्लभता जल संसाधन के बारे में कि आखिर जल संसाधन का मतलब क्या होता है? फिर हम लोग आप सभी के साथ बात करेंगे जल दुर्लभता और उसके अलग-अलग कारणों के बारे में कि आखिर जल दुर्लभता क्या है? उसके अलग-अलग कारण क्या हैं? फिर हम लोग देखेंगे दोस्तों की जो हमारी ये जल है इसकी ना गुणवत्ता में हमें कमी आती हुई देखने को मिल रही है। इसके पीछे की वजह क्या है? उसको हम लोग समझेंगे। हमारे सामने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु आता है जिसे बोला जाता है बांध बहुउद्देशीय परियोजना। यह क्या होते हैं, क्यों बनाए जाते हैं? इनको समझेंगे। और बांध बहुउद्देशीय परियोजनाओं के होने वाले जो
3:49 हमारे लाभ हैं और उसी के साथ-साथ जो हमारी हानियां हैं, इनको हम लोग एक-एक कर कर आपके सामने यहां पर डिस्कस करेंगे। और फिर हम लोग आपके साथ वर्षा जल संग्रहण के बारे में जानेंगे और इस चैप्टर के जो हमारे कुछ महत्वपूर्ण क्वेश्चंस होंगे। है ना? जैसे आपके बहुत सारे एमसीक्यू हुए या फिर हमारे कुछ शॉर्ट और लॉन्ग क्वेश्चन हुए। उनको भी हम लोग अपनी आज की इस क्लास में एक-एक करके डिस्कस कर लेंगे। तो भैया, बहुत मजेदार बिंदु होंगे। मोटे-मोटे तौर पर ये सात हमारे महत्वपूर्ण पॉइंट्स आने लग गए हैं और उसके अंतर्गत हमारा ये पूरा का पूरा चैप्टर आपके सामने कंप्लीट हो जाएगा। ठीक है? क्लियर है? बातें हो गई क्लियर? चैप्टर का नाम क्या है? कहां पर देखने को मिलता है? क्या-क्या चीजें इसके अंदर पढ़ेंगे? अब एक बार जल्दी से आप लोग मेरे को क्या करेंगे दोस्तों कि एक बार जल्दी से आपको है ना? एक बार जल्दी से आप लोग क्या करेंगे दोस्तों कि एक बार जल्दी से आप लोग
4:34 मेरे को फायर वाला इमोजी देंगे एंड देन वी विल बिगिन। आवाज़ नहीं आ रही है क्या? एक बार जरा बताइए। कुछ बच्चे कह रहे हैं कि सर आवाज नहीं आ रहा है। एक बार आपसे जानना चाहेंगे। हां सर आपने हमारा नाम नहीं लिया। राधे-राधे जी बेटा आपका नाम ले लिया गया है। जो बच्चे कह रहे हैं कि सर आवाज नहीं आ रही है। अ क्या आवाज क्लियर है? पहले तो मुझे ये बताइए। है ना? आवाज क्लियर है तो ये बता दीजिए। क्लियर है? क्लियर है? क्लियर है? क्लियर है? क्लियर है। है ना? क्लियर है। जिन बच्चों को लग रहा है कि आवाज नहीं आ रही है। तो इसका मैं सिंपल तरीका बताता हूं। बेटा आपको कुछ नहीं करना है। घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। कभी कबभार ऐसा हो जाता है शाम के टाइम पर जैसे 8:05 हो रहे होते हैं। उस टाइम पर असर ज्यादातर हमें ये देखने को मिलता है। इसके लिए आपको एक चीज करनी है अगर आपको आवाज नहीं आ रही है। अपनी दोनों छोटी उंगलियां लेनी है। आपको अपने कान के अंदर लगाना है और ऐसे करना है और आपकी आवाज मेरी आवाज जो आप तक नहीं पहुंच पा रही थी वो आसानी से पहुंच जाएगी। अबे भैया
5:20 बिल्कुल सही जा रही है। कैसी बातें कर रहे हो? हमारे कैमरा वाले भैया डर गए। सर आवाज नहीं जा रही। नहीं भैया जा रही है। चलिए स्टार्ट करते हैं। हमारा ये प्यारा सा अध्याय है और इस चैप्टर के सारे महत्वपूर्ण बिंदुओं को हम लोग एक-एक कर कर आपके सामने पेश करेंगे। बहुत ही रोचक तरीके से इसको डिसकस करेंगे। हमारा सारे बच्चे हो गए हैं तैयार और अब हम लोग अपनी आज की इस कहानी को यहां पर आपके सामने रखने लग गए हैं तो ठीक है शुरुआत से लेकर आखिर तक हमें डिस्कस करना है। बहुत अच्छे तरीके से हम लोग अपने सारे के सारे बिंदुओं को आपके सामने यहां पर रखते चलेंगे। ठीक है दोस्तों? स्टार्ट कर रहे हैं। देखिए सबसे पहले ना हमारे सामने यहां पर एक शब्द आ रहा है और इसी शब्द को हम लोग जल्दी से आपके साथ डिस्कस कर लेते हैं जिसे हम लोग जल कह रहे हैं। अब क्या आप लोग जल का मतलब नहीं जानते? जी हां हम लोग जल को साधारण शब्दों में अलग नाम से भी जानते हैं। हम लोग इसको पानी कहते हैं। हम
6:06 लोग इसको नीर भी कहते हैं। इसके अलग-अलग नाम हैं। भाई ये वही जल है ये वही पानी है जिससे हमारी जरूरतें पूरे होती हैं। या फिर जिससे हमारे बहुत सारे काम पूरे होते हैं। सबसे पहले हमने जल को देखा। जल का मतलब क्या है बेटा कि जल को ही हम पानी कहते हैं नीर कहते हैं ना इसको अलग-अलग नाम से जानते हैं और वहीं पर अगर हम लोग ध्यान से दें क्या बेटा हमारे सामने यहां पर एक शब्द प्रस्तुत किया जा रहा है जिसको हम लोग संसाधन कह रहे हैं अब संसाधन का मतलब क्या है हम लोगों ने एक चैप्टर डिस्कस किया था अगर आपको याद होगा संसाधन एवं विकास उस चैप्टर के अंदर ना हमने संसाधन शब्द की परिभाषा को आपके साथ डिस्कस किया है और हमें पता है सर हमें क्या पता है हमें पता है कि संसाधन शब्द का मतलब क्या है संसाधन का मतलब होता है कि हमारे आसपास पास मौजूद कोई भी ऐसी वस्तु जो हमारी जरूरत को पूरा कर देती है।
6:51 कोई भी ऐसी चीज जिससे हमारी जरूरतें पूरी हो जाती हैं। जिससे हमारी आवश्यकता पूरी हो जाती है। उसी को हम लोग क्या कहते हैं बच्चे? उसी को हम लोग संसाधन कहते हैं। क्या जल से हमारी जरूरतें पूरी होती है? जी हां, पानी से हमारी बहुत सारी जरूरतें पूरी होती हैं। जैसे आप क्या देखते हैं बेटा? जैसे हमें देखने को मिलता है कि पानी के जरिए हम लोग प्यास बुझाते हैं। पानी के जरिए हम लोग अपने शरीर पे क्या करते हैं दोस्तों कि स्नान करते हैं। पानी के जरिए हमारा हर एक चीज हमें होता हुआ दिखता है। कपड़े धोने के लिए, खाना बनाने के लिए, घर बनाने के लिए हर एक चीज में हमें क्या देखने को मिलती है दोस्तों कि हमें एक तरीके से पानी की या फिर जल की उपस्थिति देखने को मिलती है। जब आप देखते हैं दोस्तों कि जब हमारे आकाश सर मेकअप कर लेते हैं और मेकअप करने के बाद जब आकाश सर को अपना मेकअप उतारना होता है, उस टाइम पर आकाश सर क्या करते हैं कि पानी से ही यानी कि जल से ही अपने मेकअप को साफ करते हैं।
7:38 तो हमने देखा दोस्तों की जल हर एक चीज़ के लिए बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण है। अब हम लोग यहां पर क्या करेंगे? हम लोग एक-एक कर कर ना इस पाठ के अंदर दिए गए हर एक बिंदु को बहुत ही अच्छे तरीके से आपके सामने डिस्कस करेंगे और इसे बहुत ही डिटेल्ड तरीके से आपके सामने रखना शुरू करेंगे। सबसे पहले ध्यान देते हैं क्या? अभी हमने जल का मतलब क्या होता है? वो देखा और संसाधन का मतलब क्या होता है? इन दोनों शब्दों को मैंने आप सभी के सामने यहां पर पेश किया है। अब आगे बढ़ रहे हैं। ध्यान से देखिएगा क्या? हम लोग देखे दोस्तों की हमारी जो ये पूरी की पूरी पृथ्वी हमें देखने को मिलती है। पूरी पृथ्वी पे लगभग 97.5% के करीब जो हमारा जल या फिर पानी हमें देखने को मिलता है वो हमें कहां देखने को मिलता है? वो हमें समुद्र में देखने को मिलता है। तो हमारी पृथ्वी पर बहुत सारा पानी है। मगर ये पानी हमें कहां देखने को मिलता है बच्चे? ये जो हमारा पानी है ना
8:25 ये हमें देखने को मिलता है समुद्र में। और ये जो समुद्र या फिर सागरों के अंदर हमें पानी दिखता है। इसको हम लोग समुद्र भी कहते हैं बच्चे और इसी के साथ-साथ हम लोग इसे महासागर भी कहते हैं। आप लोग इनके अलग-अलग नाम से जान रहे हैं। आप समुद्र कह लो, महासागर कह लो एक ही बात है। हमारी दुनिया में जितना भी पानी है उसका लगभग 97.5% पानी हमें कहां दिखता है? हमें देखने को मिलता है दोस्तों कि वो महासागरों में है। क्या हम लोग समुद्र का ये जो पानी है क्या इसको प्रयोग में ला सकते हैं? बिल्कुल भी नहीं। समुद्र का ये जो हमारा पानी होता है ये खारा होता है। इसको हम लोग बिल्कुल भी प्रयोग में नहीं ला सकते हैं क्योंकि इसके अंदर नमक या फिर लवणता की मात्रा मात्रा बहुत ज्यादा आप देखते हैं दोस्तों कि हमें देखने को मिलती है। तो यहां पर हमने आपके साथ देखा कि पृथ्वी पर हमारे पास जितना भी पानी है उसका 97.5% पानी हमें समुद्र के
9:11 तौर पर देखा। अब बचा हुआ जो 2.5% पानी है। यही है दोस्तों कैसा कि यही है हमारा एक तरीके से ताज़ा पानी। और यही जो 2.5% पानी है ना इसी को मनुष्य आप और मैं क्या करते हैं बेटा कि प्रयोग मिलाते हैं। ये मात्र 2.5% पानी है जो भगवान ने जो ईश्वर ने आपको और मुझको पीने के लिए दिया है वरना बाकी समुद्र का पानी तो हम लोग नहीं पी सकते हैं। अच्छा, अगर हम लोग इस 2.5% पानी को भी समझे कि इसमें से कितना पानी हमारे पास मौजूद है? इस 2.5% में से लगभग 70% जो पानी है वो हमें बर्फ के तौर पर देखने को मिलता है जिसे हम लोग आइसबर्ग कहते हैं या फिर इसे हम लोग ग्लेशियर्स के नाम से भी जानते हैं। तो हमारे पास हमने देखा दोस्तों कि समुद्र में या फिर पूरी दुनिया में जितना भी पानी है उसका 97.5%
9:58 पानी समुद्र में है। बचा 2.5% पानी ये ताज़ा पानी है। इस 2.5% पानी में 70% के करीब जो हमने पानी को देखा वो हमें बर्फ के तौर पर या फिर ग्लेशियर्स के तौर पर देखने को मिला। और मात्र जो 30% पानी है वो हमें जमीन के तौर पर अंडर ग्राउंड जमीन के अंदर देखने को मिलता है। है ना? अंडर ग्राउंड जो हमारी जमीन होती है उसके अंदर हमें ये पानी देखने को मिल जाता है। अब बहुत ही महत्वपूर्ण बात यहां पर भी हमें देखने को मिलती है वो क्या? अगर आप ध्यान से देखें दोस्तों कि पूरी दुनिया में जितनी बारिश होती है भारत के पास उसका मात्र 4% ही आता हुआ देखने को मिलता है। भारत एक बड़ा देश है। भारत एक बहुत ही विराट देश है। अगर आप भारत की बात करते हैं। हमारा प्यारा भारत आकार के हिसाब से दुनिया का सातवां सबसे बड़ा देश है। और इतने बड़े देश में आप देखते हैं दोस्तों कि इतने बड़े देश में सिर्फ 4% ही बारिश
10:45 हमें देखने को मिलती है। और भारत में ये 4% बारिश भी बिल्कुल समान तरीके से नहीं होती। जैसे हमें दिखता है कि हमारे मिजोरम के अंदर बहुत ज्यादा होती है। राजस्थान के अंदर बहुत कम होती है। जम्मू कश्मीर में और हिमाचल प्रदेश में बर्फ के तौर पर होती है। हमारे दक्षिण भारत में अलग तरीके से होती है। तो भारत में जो बर्फ का हमारे भारत के अंदर जो हमें बारिश का बंटवारा होते हुए देखने को मिल रहा है। उसको हम लोग देखते हैं दोस्तों कि वो कदापि भी बिल्कुल सही तरीके से होता हुआ नहीं दिखता। यहां तक के जो हमारे पॉइंट्स हैं इनको हमने देखा। आगे बढ़ते हैं और यहां पर हमारे सामने पॉइंट आता है कि प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता के अंतर्गत। प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता का मतलब क्या हुआ बच्चे? प्रति व्यक्ति जल की उपलब्धता का मतलब है कि हमारे देश के अंदर हर व्यक्ति के लिए कितना पानी मौजूद है। हमारे देश में हर व्यक्ति देखो दुनिया में लगभग 193 देश हैं। पूरी दुनिया में लगभग 193 देश
11:31 हमें देखने को मिलते हैं। और दुनिया के 193 देशों में ना भारत का नंबर 133 वां आ रहा है। मतलब क्या है सर? कि हमारे यहां लोग ज्यादा हैं और लोगों के लिए पानी की कमी है। भारत के बहुत सारे राज्य भारत के बहुत सारे शहर पानी की कमी से जूझ रहे हैं। अगर आप जाते हैं दक्षिण भारत में हमारा जो तमिलनाडु राज्य है तमिलनाडु राज्य के अंतर्गत ये अनिवार्य किया गया है कि वहां पानी को बचाया जाए। वहां पर आप देखते हैं दोस्तों कि पानी को बचाने की कोशिश की जा रही है। हिमाचल प्रदेश हमारे जो ऊपर पहाड़ी इलाके हैं वहां शिमला शहर बहुत परेशान रहता है। दिल्ली की बात करें महाराष्ट्र हमारे बहुत सारे ऐसे शहरों को रखता है अपने अंदर। महाराष्ट्र में बहुत सारे ऐसे शहर है हमें देखने को मिलता है जहां पर पानी की कमी देखने को मिल जाती है तो भारत में ना बड़ी संख्या में लोग ज़्यादा है और पानी कम है और दुनिया में भारत इसके स्थान पर 133वें नंबर पर आता
12:18 है। भैया एक अनुमान लगाया गया है कि साल 2025 तक आपकी ये किताब छपी थी साल 2011 के अंतर्गत। तो साल 2011 में ये बोला जा रहा था कि साल 2025 तक आते-आते दुनिया के बहुत सारे देश ऐसे हो जाएंगे जहां पानी की कमी होगी और भारत भी उनमें से एक होगा। क्या भारत के अंदर हमें पानी की कमी देखने को मिल रही है? जी हां, हमारे तमिलनाडु राज्य के अंदर पानी की बड़ी कमी है। जी हां, हमारे महाराष्ट्र राज्य में पानी की बड़ी कमी है। जी हां, हमारे और भी राज्यों में पानी की बहुत कमी है। महाराष्ट्र के बहुत सारे राज्यों में पानी की इतनी कमी हो गई है कि भैया गुजरात से पानी की ट्रेन जाती है। जी हां, आपने भाई बिल्कुल सही सुना। ट्रेन है एक ट्रेन, उस ट्रेन के डिब्बों के अंदर हम लोग मालगाड़ी को रखते हैं। उस मालगाड़ी के अंदर कोई सामान नहीं डाला जाता। उसमे पानी को डाला जाता है। ट्रेन से गुजरात से नर्मदा नदी से पानी चलता है
13:06 और फिर महाराष्ट्र पहुंचता है। ट्रेन से उतर कर फिर ट्रकों में पानी पहुंचाया जाता है और फिर लोगों तक पहुंचाया जाता है। पानी की कमी गुजरात के अंदर गुजरात से पूरी की जा रही है जो महाराष्ट्र में हमें देखने को मिल रही है। तो भारत के अंदर बड़ी संख्या में बहुत सारे हमारे राज्य हैं जहां पानी की कमी बड़ी संख्या में हो रही है। अब यहां पर इसी को लेकर ना हमारे सामने एक शब्द आ रहा है। इस शब्द को हम लोग अच्छे तरीके से डिस्कस करते हैं। एक शब्द यहां पर रखा जा रहा है जिसे हम लोग बोल रहे हैं दुर्लभ। है ना? अब ये दुर्लभ का मतलब क्या है? क्योंकि अगर हमने दुर्लभ शब्द को समझ लिया तो हमारे लिए हम लोग इस चैप्टर को समझ पाएंगे अच्छे तरीके से। एक शब्द यहां पर पेश किया जा रहा है जिसे हम लोग दुर्लभ कहते हैं। और दुर्लभ के लिए हम लोग क्या बोल सकते हैं बेटा कि इसको हम लोग कम के नाम से भी समझते हैं। कम मतलब क्या है? कि कोई ऐसी चीज जो कम हो रही है या फिर जिसको हम लोग कम देखते हैं। है ना?
13:53 ये गुलाब का फूल ना मैं तुम्हारे लिए लाया हूं। बहुत दुर्लभ है। मिलता नहीं है यह वाला गुलाब का फूल। बहुत कम है यह पूरी मार्केट में। कोई ऐसी चीज जो हमें बहुत कम देखने को मिलती है या फिर जिसकी जो हमें कम होती हुई देखने को मिलती है उसे ही हम लोग दुर्लभ कहते हैं। है ना? जैसे कुछ ऐसे जानवर जो बहुत कम है जिनको ईश्वर ने बहुत कम बनाया है उनको दुर्लभ जानवर कहा जाता है। दुर्लभता का मतलब क्या है दोस्तों कि हमारे पानी की ना हमें कमी होती हुई देखने को मिल रही है। तो दुर्लभ या फिर दुर्लभता का मतलब क्या हुआ कि यहां पर हमारा जो पानी है उसके अंदर हमें कमी आती हुई देखने को मिल रही है। और ये जो हमारा पानी है ये कम काहे हो रहा है? इसको हम लोग समझने की कोशिश करते हैं। बहुत महत्वपूर्ण सवाल है। पेपर में बनता है। ध्यान से देखें। अगर हम लोग ध्यान से देखें दोस्तों कि पानी जो है वो हमारी
14:39 सारी जरूरतों को पूरा करता है। जी हां, नहाने के लिए, कपड़े धोने के लिए, स्नान करने के लिए, शौच के बाद स्नान करने के लिए या फिर आपको दिखता है दोस्तों कि घर बनाने के लिए। हर एक तरीके से हमें क्या देखने को मिलता है दोस्तों कि हमें पानी की आवश्यकता है। पानी से हमारे बहुत सारे काम होते हैं। है ना? हमारी आर्थिक क्रियाएं हमारा घर बनता है, रोड बनता है। लोगों की रोजी रोटी पानी के जरिए हमें होती हुई पूरी होती हुई दिखती है। सबसे बड़ी समस्या जो पानी की हमें आती हुई देखने को मिल रही है कि भैया भारत में या फिर दुनिया भर के अंदर लोग होते जा रहे है बहुत ज्यादा पैदा। और यहां पर हमें दिखता है दोस्तों कि जनसंख्या बहुत ज्यादा बढ़ती जा रही है कि भारत जैसे देश के अंदर हम देखते हैं दोस्तों कि हमारी देश की जो जनसंख्या है वो बहुत तेजी से बढ़ती जा रही है। और विशेषकर अगर हम लोग बात करें हमें क्या देखने को मिलता है? हम में से बहुत से बच्चों का ये मानना है कि भैया जो चीन
15:26 है सर वो जनसंख्या में नंबर एक पर है। लल्ला था। भारत के लोगों ने चीन को पीछे छोड़ दिया और जनसंख्या के मामले में तो भाई हमें कोई पीछे नहीं कर सकता। जनसंख्या के मामले में भैया हम बहुत आगे हैं। हम लोगों ने बहुत मेहनत करी। हम लोगों ने बहुत ज्यादा सोचा और बहुत ज्यादा मेहनत कर कर हम लोग नंबर एक पर जनसंख्या के अंतर्गत आ गए हैं। और हमने चीन को भी पीछे छोड़ दिया। भारत के अंदर दुनिया के सबसे ज्यादा लोग रहते हुए दिखते हैं। अब लोग इतने ज्यादा पैदा हो गए हैं। इतने सारे लोग हो गए हैं। पानी हमारे पास कम है। पानी हमारे पास बहुत सीमित है। इसीलिए लोगों के बढ़ जाने की वजह से लोगों के बहुत ज्यादा पैदा हो जाने की वजह से हमारे यहां पर पानी की कमी या फिर पानी की दुर्लभता होती हुई देखने को मिलती है। उसी के साथ-साथ एक और बड़ी वजह कि हमारे पास पानी की कमी है कि अब ना हमारे पास जो अंडरग्राउंड वाटर है।
16:12 आप इसे भूमिगत जल बोल दीजिए। या फिर आप इसे अंडरग्राउंड वाटर बोल दीजिए। तो इसके अंदर हमें क्या देखने को मिलता है बच्चे? इसके अंदर हमें देखने को मिलता है कि अपना जो जमीन का पानी है वो जमीन में जाता ही नहीं है और इसीलिए ना हमें पानी नहीं मिल पा रहा है। क्या कारण है कि जमीन के अंदर पानी नहीं जा पाता है। क्या कारण है कि हमारे जमीन के अंदर पानी नहीं जा पा रहा है। धरती माता के अंदर पानी नहीं जा पा रहा है। इसको हम लोग यहां पर अच्छे तरीके से आपके सामने डिस्कस करेंगे। सबसे पहले यहां पर जो हमारा बिंदु है इसको हम लोग डिस्कस कर रहे हैं। जैसे बोला जा रहा है जल दुर्लभता के कारण। बहुत महत्वपूर्ण बिंदु है। यहां से सीधा सवाल बनता है भाई। सीधा सवाल बनेगा। बहुत ही सिंपल सी बात है। आप कंफ्यूज मत होइएगा। यहां पर लिखा है कि दोस्तों हम ना जंगलों को काट रहे हैं। सर जंगल के कट जाने से पानी की कमी
16:57 ये कैसे हो सकता है? मेरे लाल, ऐसे होता है कि जो हमारे ये पेड़ है ना ये जो हमारे पेड़ हैं ये पेड़ बादलों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। प्रकृति ने अपना एक बहुत ही बेहतरीन सिस्टम बनाया हुआ है। प्रकृति ने एक अपना बहुत ही बेहतरीन निजाम बनाया हुआ है या फिर एक बहुत ही बेहतरीन सिस्टम बनाया हुआ है। जिसके अंदर हमारे ये जो पेड़ है ना ये क्या करते हैं? ये बादलों को अपनी तरफ आकर्षित करते हैं। अगर आप चाहते हैं किसी भी इलाके में बहुत ज्यादा बारिश हो। आप चाहते हैं कि वहां पर पानी की कमी ना हो तो पेड़ लगाने चाहिए। हम पेड़ों को ही काट रहे हैं। पेड़ खत्म हो रहे हैं तो बादल आकर्षित नहीं हो रहे हैं और बादल हमारे इलाकों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं जिससे हमें पानी की कमी होती हुई देखने को मिलती है। कि हमने तेजी से क्या किया दोस्तों कि हमने ना जंगलों को खत्म किया है और जंगलों के खत्म हो जाने की वजह से हमें क्या दिखता है दोस्तों कि
17:42 जो हमारे बादलों की उपस्थिति थी वो हमें खत्म होती हुई दिखती है या फिर कम होती हुई दिखती है। सर कल एग्जाम है मेरा बेस्ट ऑफ लक बेटा। अच्छा उसी के साथ-साथ हम देखें दोस्तों एक दूसरी बड़ी वजह जो हमें देखने को मिलती है कि जमीन के ऊपर ना हमने क्या किया बेटा कि कंक्रीट के कंक्रीट का मतलब क्या है कि जमीन के ऊपर हमने सीमेंट के घर बना दिए हैं। सीमेंट का मतलब क्या है भैया कि एकदम हमने ठोस पीट कर जो हमारे एक तरीके से बहुत ज्यादा मजबूत घर होते हैं। है ना? ईंट इसके अंदर लगी है और इसके अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि और चीजों को शामिल किया गया है। अब हमारे मकान मकान ना पक्के होते हैं। हम लोग सड़कों को बहुत पक्का बनाते हैं और इसी वजह से जो पहले अगर आप लोग अगर अपने गांव देहात के अंतर्गत रहते होंगे या फिर अगर आप लोग कभी गांव में जाते होंगे तो वहां पर अभी भी सड़कें कहीं ना कहीं हमें कच्ची दिखती हैं। और पगडंडियां होती हैं जिससे जमीन का
18:28 पानी अंदर चला जाता है। जमीन के अंदर है ना? भूमिगत लेवल पर चला जाता है। लेकिन शहरों की अगर हम बात करें या फिर शहरों में रहने वाले जो हमारे घर होते हैं ये सीमेंट के बने होते हैं और इसमें बड़ी परेशानी है कि सीमेंट की जो हमारी ये सड़कें हैं, सीमेंट की जो ये हमारे घर हैं ये पानी को सोख नहीं पाते हैं जिससे जमीन के अंदर पानी नहीं जा पाता और पानी की कमी होती है। एक और बहुत ही अजीब बात है और बहुत ही इंटरेस्टिंग बात भी है। वो कैसे? अगर आप ध्यान से देखें कि हमारी जनसंख्या में वृद्धि हो रही है। लोग बहुत ज्यादा पैदा हो गए हैं। अब लोग ज्यादा पैदा हुए हैं तो लोगों को खाना चाहिए। लोगों को खाना खा, खाना खाना है। लोग ज्यादा पैदा हुए हैं तो लोगों को क्या चाहिए होगा बेटा कि लोगों को कपड़े पहनने होंगे। लोगों को जूते चाहिए, लोगों को किताबें चाहिए। हमारे पास पानी सीमित है। जो पानी पहले हमें क्या करना था दोस्तों कि जो पानी हमें एक तरीके से आप देखते हैं कि जो पानी
19:14 पहले लोगों को पीना था, जो पानी पहले लोगों को दिया जाना था। अब वो पानी हमारे किसान भाइयों के साथ शेयर करना पड़ता है। वही पानी हमें अपने क्या करना पड़ता है दोस्तों कि फैक्ट्री के लोगों को देना पड़ रहा है। पानी तो हमारे पास उतना ही है बट उसकी आवश्यकता बढ़ती गई है क्योंकि लोग बहुत ज्यादा पैदा हो गए और ये बहुत बड़ी समस्या हमें देखने को मिलती है। जनसंख्या के बढ़ने की वजह से कि पहले जो हमारे पास पानी था वो पहले लोगों के लिए था। मगर अब यही पानी हमें किसानों के साथ शेयर करना पड़ता है। हमारा यही पानी हमें अपने फैक्ट्री मालिकों के साथ खा देना पड़ता है। और अगर हम बात करें ना तो मौसम में हमें विभिन्नता देखने को मिल जाती है। भारत एक ऐसा देश रहा है जहां बारिश का बंटवारा समान रूप से नहीं होता है। अगर आप राजस्थान की बात करें वहां पर बिल्कुल कम बारिश होती है। अगर आप हमारे उत्तर पूर्वी राज्यों की बात करें, तो वहां पर साल के
19:59 365 दिन जम झमाझम बारिश होती रहती है। और बहुत ज़्यादा बारिश भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में हो जाती है। उत्तरपूर्वी राज्यों का मतलब क्या है? कि हमारे इधर के जो राज्य हैं, है ना? हमारे पश्चिमी राज्य राजस्थान के अंतर्गत कम बारिश हो रही है। है ना? उसी के साथ गुजरात के अंदर समांतर बारिश होती है। लेकिन, अगर हम लोग देखें दोस्तों कि हमारे जो उत्तर-पूर्व के राज्य हैं यहां पर बहुत ज्यादा बारिश हो रही है। और ये जो बारिश का हमारे यहां पर समान रूप नहीं है ना? इससे भी हमारे यहां पर बहुत सारी परेशानियां होती हुई दिखती हैं। जड़ दुर्लभता से संबंधित कुछ हमारे और कारण आ रहे हैं। इनको भी एक-एक कर कर देख लेते हैं कि कुछ लोगों की जिंदगी जीने का जो तरीका होता है देयर आर पीपल हु हैव अ डिफरेंट वे ऑफ़ लिविंग लाइफ। कुछ ऐसे लोग होते हैं जो जिंदगी एक अलग तरीके से गुजारना पसंद करते हैं। जैसे अगर हम लोग बात करते हैं मुख्यता जो हमारे बहुत ज्यादा अमीर लोग होते हैं वो चाहते हुए या
20:46 फिर ना चाहते हुए क्या करते हैं दोस्तों कि वो चाहकर या फिर ना चाहते हुए पानी का दुरुपयोग करते हैं या फिर पानी की कनी खड़ी कर देते हैं। है ना? कि भैया पानी का दुरुपयोग किया जाता है। पानी का मिसयूज़ किया जाता है। स्विमिंग पूल बना दिए जाते हैं। गाड़ियां बना दी जाती हैं। घरों में बार-बार साफ पानी से क्या किया जाता है? दोस्तों के कार्य किए जाते हैं। भारत जैसे ऐसे देश में जहां पर लोगों को पानी नहीं मिल पा रहा है। जहां पर स्वच्छ जल देने के लिए हम लोग महाराष्ट्र में रेलगाड़ियों को आते हुए देख रहे हैं। जहां पर भारत के बहुत सारे दक्षिण के राज्यों में पानी की कमी हो रही है। वहां पर हम लोग स्वच्छ जल का सिर्फ सड़कों पर पानी डाल देते हैं। या फिर स्वच्छ जल को हम लोग क्या करते हैं कि पौधों पर डाल देते हैं। जो पीने योग्य पानी है। ये बिल्कुल भी सही बात नहीं है। तो लोगों को भी समझदार होने की जरूरत है। क्योंकि पानी जो है दोस्तों वो हमारे पास बहुत कम है। आपको पानी मिल पा रहा है तो
21:32 इसका मतलब है कि आप सौभाग्यशाली हैं। जिनको नहीं मिल पा रहा आप उनके बारे में सोचिए कि पानी की वास्तविक कीमत क्या होती है। है ना? तो पानी बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है मगर लोगों का जिंदगी जीने का जो तरीका है वो बिल्कुल भी संतुलित नहीं है और इसी वजह से हमें पानी की बहुत बड़ी कमी आती हुई देखने को मिल जाती है। अच्छा इसी के साथ-साथ कुछ हमारे मानवीय क्रियाकलाप है यानी कि कुछ हमारे ऐसे लोग होते हैं जो कुछ ऐसे काम कर देते हैं जिससे हमारे पानी की बहुत बड़ी बर्बादी हमें होती हुई देखने को मिल जाती है। जैसे अगर हम लोग ध्यान से देखें दोस्तों कि कुछ लोग जब अपने घरेलू क्रियाकलाप करते हैं कि जब वो घर से संबंधित कुछ काम करते हैं तो वो पानी की अधिक खपत करते हैं। जैसे अगर आप लोग देखें दोस्तों की ये है हमारे मिस्टर चंपक चंपक जी हैं। अब चंपक जी सुबह-सुबह उठे हैं। सुबह-सुबह उठने के बाद अब चंपक जी वाशरूम के अंदर गए हैं। स्नान करना है और इनको
22:19 ब्रश करना है। भाई साहब ने क्या किया दोस्तों कि ब्रश करते-करते नल को खोला हुआ है। भाई साहब ने एक तरीके से आप देखते हैं दोस्तों कि नहाने से पहले पानी को खोला हुआ है। जिससे शावर से पानी गिर रहा है। फुवारे से पानी गिर रहा है। और भाई साहब यहां खड़े हुए बात कर रहे हैं। सोच रहे हैं किसके बारे में? पता नहीं चकी ने मेरा मैसेज देख लिया होगा। सुबह-सुबह का टाइम है। पता नहीं चकी ने कॉफी पी ली होगी। पता नहीं वो मुझसे मिलना चाहेंगे। अरे भैया मिलेगी। घबराइए नहीं। मगर आप ध्यान से देखिए कि यहां पर हमें क्या देखने को मिलता है कि ये भाई साहब एक तरीके से क्या करते हैं दोस्तों कि अपनी ही दुनिया में लगे हुए हैं और ये यहां पर पानी का बहुत ही बेसब बहुत ही गलत तरीके से दुरुपयोग कर रहे हैं। इससे भी हमें पानी की कमी होती हुई दिखेगी। बहुत बार जो हमारी क्या देखते
23:05 हैं दोस्तों कि हमारी जो पानी की पाइप लाइन है इन पानी की पाइप लाइन में बहुत बार हम देखते हैं दोस्तों कि टूट प टूट जाता है वो और ये जो पानी हमारा टूटता है ये जो पानी की पाइप लाइन हमारी टूट जाती है इसके बाद भी बहुत सारा पानी आपको बाहर निकलता हुआ दिखता है जिससे कहीं ना कहीं हम लोग क्या देखते है दोस्तों कि जिससे कहीं ना कहीं हमें पानी की बर्बादी या फिर जल दुर्लभता होती हुई दिखती है। एक हमारे सामने यहां पर बिंदु आ रहा है जिसे हम लोग कह रहे हैं जल की गुणवत्ता में कमी। अब ये जल की गुणवत्ता में कमी का मतलब क्या है? ये हम लोग देख लेते हैं कि पहले के टाइम पर अगर आप लोग देखें ना हम तक जो पानी पहुंचा करता था वो बहुत ज्यादा स्वच्छ था। है ना? और आज के टाइम पर अगर हम लोग देखें दोस्तों कि पानी का स्तर बहुत ज्यादा प्रदूषित होता जा रहा है। इसके पीछे आप और मैं ही जिम्मेदार हूं। किसी और ने ये काम नहीं किया है। अगर हम लोग ध्यान से देखें
23:50 कि मनुष्य ने क्या किया दोस्तों कि मनुष्य ने ना प्रदूषण के जरिए पानी को ही दूषित कर दिया या फिर खराब कर दिया। हमारे घरों से निकलने वाला जो कूड़ा कचरा है या फिर जो अवशिष्ट पदार्थ है हमारे फैक्ट्री से निकलने वाली जो गंदगी है हम सीधा क्या करते हैं दोस्तों कि सीधा अपनी नदियों में डाल देते हैं और इन नदियों में डाले जाने से हमारी नदियां दूषित होती हैं और इसी की वजह से हमें बहुत सारी परेशानियां होती हैं। फैक्ट्री से निकलने वाला हमारा कचरा हुआ। हम सीधा उनको नदियों में बहा देते हैं जिससे हमारा पानी दूषित होता है जिससे उसकी गुणवत्ता या फिर क्वालिटी खराब होती है। और वर्षा जल संग्रहण तो हम कर ही नहीं पा रहे हैं। हम लोग पक्की सड़कों को बना रहे हैं। देखो पक्की सड़कों का बनना जरूरी है। विदेशों के अंदर भी पक्की सड़कों को बनाया जाता है। लेकिन आप देखिए कि क्या किया जाता है वहां पे अगर आप ध्यान से देखें तो हम लोग देखते हैं दोस्तों किस तरीके से ये अगर सड़क है तो सड़क के एक
24:35 तरफ क्या किया जाता है दोस्तों कि एक तरफ एक तरीके से ना पौधे लगाए जाते हैं जो कच्चे बनाए जाते हैं ताकि जो बारिश का पानी है वो इसके जरिए जमीन में जटाया जा सके तो हमें थोड़ी और बेहतर प्लानिंग की जरूरत होगी जिसके जरिए हम लोग क्या कर सकते हैं दोस्तों कि जो हमारा ये पानी है जो ये दूषित हो जाता है। बहुत बार आप देखें दोस्तों कि हमें अगर अंडरग्राउंड पानी आता हुआ दिखता है जो जमीन से पानी आता हुआ दिखता है वो कुछ ऐसा होता है। है ना? और बहुत बार आप देखें दोस्तों की अगर हम लोग इसका सेवन कर लेंगे तो हमारे लिए बहुत ज्यादा प्रदूषित होगा। है ना? तो यहां तक की बातें जो हमने अच्छे तरीके से देखी कि जल एक महत्वपूर्ण संसाधन है। जल के लेकर क्या-क्या बिंदु और क्या-क्या चीजें होती हैं? उसको हम लोग आपके सामने यहां पर डिस्कस कर चुके हैं। ठीक है? अब यहां से हम लोग क्या करेंगे दोस्तों कि अब हम लोग ना यहां से आपके साथ अपने कुछ क्वेश्चंस को जानना चाहेंगे। और आपसे चाहेंगे कि आप लोग अपने आंसर्स को बताएं।
25:22 बहुत प्यारा सवाल है। ध्यान से देखिएगा कि निम्नलिखित में से जल प्रदूषित होने का सही कारण क्या है? सर फैक्ट्री का सामान गिरता है, रसायनों का प्रयोग गिरता है, कीटनाशक होते हैं या फिर उपरोक्त सभी? जल्दी से आप लोग चारों ऑप्शंस को देखेंगे और अपने सही आंसर को हमारे साथ पेश कर देंगे। बहुत प्यारा सवाल है। सर उत्तर प्रदेश में बारिश हो रही है? सर, मैं हरियाणा बोर्ड से हूं और हमारे यहां पर हिस्ट्री की बुक अलग है। अच्छा सर जल्दी बताइएगा बेटा। तो यहां पर हमने आपके साथ अपने इस क्वेश्चन को देखा है और बहुत ही अच्छे तरीके से हम लोग अपने इस बिंदु को समझ पा रहे हैं। जल्दी बताइएगा देखते हैं कि हमारा कौन सा साथी बिल्कुल सही आंसर हमारे सामने यहां पर रखने लग गया है। तो अगर हम लोग प्रदूषित जल की बात करते हैं तो हमें दिखता है दोस्तों कि जो हमारा जल प्रदूषित हुआ है फैक्ट्री से निकलने वाली गंदगी हुई, घर से निकलने वाली
26:07 गंदगी हुई। केमिकल को हम लोग डाल देते हैं। कीटनाशकों को हम लोग गलत तरीके से प्रयोग करते हैं और उपरोक्त सभी कारण है जिसकी वजह से हमारी पानी की बड़ी कमी तो होती हुई दिख रही है। 97% दोस्तों ने हमारे बिल्कुल सही आंसर दिया। अगला सवाल हमारे सामने है। पूछा जा रहा है कि पूरी दुनिया में जितना भी पानी है उसका कितना प्रतिशत पानी महासागरों में या फिर समुद्र में है? बहुत बार पेपर के अंदर आया है। हाईली महत्वपूर्ण क्वेश्चन है। बहुत बार आपके पेपर के अंतर्गत बेटा ये पूछा जाता रहा है। तो जल्दी से आप लोग हमारे आंसर को यहां पर पेश कर देंगे। बहुत प्यारा सवाल। जल्दी से आप लोग इस क्वेश्चन के आंसर को बताएंगे। जल्दी बताइएगा। सर आप अपना मोबाइल नंबर प्लीज शेयर कर। अच्छा। अरे मेरे प्यारे बच्चे आप मोबाइल नंबर की जरूरत है। मैं भी शेयर करता हूं।
26:53 रुकिए। है ना? तो विश्व में जल के कुल उत आयतन का कितने प्रतिशत महासागर में है? हम सभी को पता है बेटा कि लगभग 97.5% पानी महासागरों में है और 2.5% पानी हमारा पीने योग्य है। ऑप्शन आपको क्या दिखता है बेटा कि ऑप्शन बी हमारा यहां पर बिल्कुल सही है। लगभग 76% दोस्तों ने हमारे बिल्कुल सही आंसर को हमारे सामने रख दिया। बहुत बढ़िया। ठीक है? चलिए। अब यहां पर एक बहुत ही प्यारा सवाल है। उस सवाल को आप बड़े इंटरेस्टिंग तरीके से देखिए। क्वेश्चन क्या है? सवाल पूछा जा रहा है कि निम्नलिखित में से कौन स्वच्छ जल यानी कि जहां पर हमें ताज़े पानी का स्रोत नहीं दिखता है? नहीं। इस पर फोकस करना है। जमीन का जो पानी है बर्फ की चादर, नदी या फिर महासागर कि इनमें से कौन सा पानी है जो पीने योग्य नहीं है? इनमें से कौन से पानी को अपन लोग पी नहीं सकते हैं? ये आंसर
27:39 आपको बताना है। ठीक है? जल्दी से आप लोग अपने आंसर को यहां पर पेश करेंगे। सर जी नोट्स कहां मिलेंगे बेटा? हमारी क्लास खत्म होने के बाद आप हमारी PW ऐप पर जाइएगा। वहां पर आप टाइप कीजिएगा। है ना? जो सर्च होता है बैच का ऑप्शन वीर तो वहां से आपको हमारा ये क्लास दिख जाएगी। वहां से आपको ये नोट्स हासिल हो जाएंगे। हां जी। तो चार ऑप्शंस आपके सामने हैं और बहुत ही अच्छे तरीके से हम लोगों ने अपने इन बिंदुओं को देखा और बहुत प्यारे तरीके से हमारा ये जो क्वेश्चन है इसको हम लोग देख पाए। अगर हम लोग ध्यान से देखें। है ना? तो हमने देखा दोस्तों कि स्वच्छ जल जो है हमारा इनमें से कौन सा इसका स्रोत नहीं है? तो जो हमारा महासागर है ये एक क्या है बेटा कि ये एक स्वच्छ जल नहीं है। ये पीने योग्य पानी नहीं है। ऑप्शन डी हमारा यहां
28:25 पर बिल्कुल सही लगभग 84% दोस्तों ने हमारे बिल्कुल सही आंसर को हमारे सामने रखा। अच्छा कितने प्रतिशत पानी है जिसको अपन लोग पीने योग्य ले सकते हैं या फिर जो हमारी जरूरत के लिए आ सकता है 2.5% 75% 25% या फिर 0.5% चार ऑप्शंस आपके सामने हैं। जल्दी से आप लोग चारों ऑप्शंस को देखेंगे और बेहतरीन तरीके से आप लोग अपने सही आंसर को बताएंगे। बहुत प्यारा सवाल है। जल्दी से बता दीजिएगा। है ना? बहुत बढ़िया। ओए होए होए होए होए। क्या जबरदस्त आंसर आप लोगों ने पेश किया। बहुत ही बेहतरीन तरीके से हम लोग इसको देख पा रहे हैं। तो अगर हम लोग ध्यान से देखें दोस्तों कि उपयोग के लिए कि इनमें से अगर हम लोग ध्यान से देखें कि कितने प्रतिशत
29:10 पानी है जिसको हम लोग पीने योग्य रखते हैं वो हमारा 2.5% है और 2.5% में भी 70% पानी है बर्फ के तौर पर और 30% पानी हमारे नदियों में है या फिर अंडर ग्राउंड हमें देखने को मिलता है। ऑप्शन ए हमारा यहां पर बिलकुल सही है। लगभग हमारे 88% दोस्तों ने बिल्कुल सही आंसर हमारे सामने रख दिया है। बहुत ही अच्छे तरीके से हमने अपने इस बिंदु को रखा। चलो एक और क्वेश्चन आपके सामने करेंगे और अब बहुत अच्छे तरीके से अपने आंसर को यहां पर हमारे सामने पेश करेंगे। है ना? कहां गया उसे ढूंढो? चलो। एक सवाल हमारे सामने आएगा। लेकिन उससे पहले हम लोग अपनी कहानी को कंटिन्यू कर लेते हैं। हमारा आगे के बिंदु बढ़ना शुरू हो गए और इस बिंदु को हम लोग अच्छे तरीके से डिस्कस करेंगे।
29:56 देखो यहां पर हमारे सामने एक शब्द आ रहा है जिसे हम लोग कह रहे हैं बांध बहु उद्देशीय परियोजना। अब ये बांध बहुउद्देशीय परियोजना का मतलब क्या है? इसको समझने से पहले हमें सबसे पहले बांध के बारे में डिस्कस करना होगा कि बांध का मतलब क्या होता है? आप इसे बांध कह लीजिए या फिर आप इसे बांधना कह सकते हैं। है ना? आप लोग बांध बोल दीजिए या फिर इसे बांधने के नाम से भी समझ सकते हैं कि भैया पानी को बांधा जा रहा है। पानी को क्या किया जा रहा है बच्चे कि पानी को रोका जा रहा है। क्या सर पानी को रोक सकते हैं? जी हां, पानी को रोका जाता है, पानी को बांधा जाता है या फिर पानी पर बांध बनाया जाता है। इंग्लिश में इसको हम लोग डैम के नाम से जानते हैं। है ना? अब ध्यान से अगर हम देखें कि जैसे हमारी ये नदी है। नदी, नदी प्यारी नदी। हमारी ये प्यारी नदी है। नदी बह रही है। नदी के आगे हमने एक तरीके से दीवार बना दी और इस दीवार के आगे हमने
30:42 क्या किया बेटा कि इस दीवार को बनाकर हमने पानी को रोक दिया। है ना? नदी हमारी बह रही है। और इस नदी के आगे हमने क्या किया? एक दीवार बना दी और पानी को रोक दिया। इसी को हम लोग क्या कहते हैं? इसी को हम लोग बांध के नाम से जानते हैं। जैसे हमारी ये नदी हमें बहती हुई दिख रही है। भैया ये हमारी नदी है। नदी का ये हमारा पानी है। और इस नदी के आगे हमने क्या किया बेटा कि एक तरीके से एक दीवार बना दी। इसी ये जो दीवार बनाई गई है इसी को हम लोग बांध कहते हैं। है ना? या फिर इसे इंग्लिश में डैम कहा जाता है। अब यहां पर हमने सबसे पहले बांध का क्या अर्थ है? इसको आपके सामने रख दिया है। अब एक-एक कर कर हम लोग अपनी कहानी को आगे बढ़ाना शुरू करते हैं। ध्यान से अगर देखें क्या? कि ये जो हमारा बांध है, है ना? आप क्या देखते है दोस्तों कि इसको बांध भी बोला जाता है या फिर इसे बांध बहुउद्देशीय परियोजनाओं के नाम से जानते हैं। सर इसे बांध बहु उद्देशीय परियोजना क्यों कहा जाता है? क्योंकि इससे
31:28 बहुत सारे उद्देश्य पूरे होते हैं। ये जो हमारा बांध बनाया जाता है। इससे बहुत सारी चीजों को किया जाता है। क्या-क्या चीजें होती हैं? चलिए उसको एक-एक करके हम लोग डिस्कस करें। कि बांध को हम लोग अनेकों उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कि बांधों के जरिए हम लोग अलग-अलग चीजों को कर लेते हैं और इसीलिए इसको बांध बहुउद्देशीय परियोजना बोलते हैं। अच्छा पेपर में अगर बांध लिखा आ जाए तो इसका मतलब बांध ही है। अगर बहुउद्देशीय परियोजना लिखा आ जाए तो ऐसा मत कीजिएगा। मेरे को समझ में नहीं आ रहा। इस मेरे को बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा क्या लिखा है मुझे मुझे बिल्कुल भी समझ में नहीं आ रहा मेरे लाल बहु उद्देश्य का मतलब क्या है बहु उद्देश्य परियोजना का मतलब भी बांध ही है आप बांध बोल लो आप बहुउद्देशीय परियोजना बोल दो बात एक ही है इसको लेकर बिल्कुल भी कोई कंफ्यूजन आपको अपने दिमाग के अंदर नहीं रखना है ध्यान से देखें क्योंकि इस बांध के जरिए ना हम लोग क्या
32:15 करते हैं बच्चे कि इस बांध के जरिए हम लोग अलग-अलग काम कर सकते हैं अलग-अलग चीजों को पूरा करते हैं जैसे बांध के जरिए हम लोग बिजली को बनाते हैं है ना जैसे यहां पर हमें में बिजली बनती हुई दिख रही है। जैसे बांध के जरिए हम लोग बाढ़ को रोकते हैं और बांध के जरिए हम लोग सिंचाई को करते हैं। चलिए एक-एक करके ये जो हमारा बांध है और इससे होने वाले जो हमारे ये लाभ हैं इनको हम लोग एक-एक कर कर आपके सामने डिस्कस कर लेते हैं ताकि सारे बिंदु हमारे सामने यहां पर अच्छे तरीके से रहे। ठीक है? एक-एक करके इसको हम लोग देखते हैं। सबसे पहले कि बांधों के या फिर बहुउद्देशीय परियोजनाओं के हमारे लाभ क्या होते हैं? उसे हम लोग देखते हैं कि भैया अगर हम लोग बांध के बांध बनाते हैं, पानी को रोकते हैं, तो उसके जरिए हम सिंचाई कर सकते हैं। जैसे हमारी नदी घाटी परियोजना है। इसे नदी घाटी परियोजना भी बोलते हैं बेटा। इसे हम लोग बांध बहुदेश परियोजना भी बोलते हैं और बांध भी बोलते हैं। कि हमारी नदी घाटी
33:01 परियोजना है। इसके जरिए हम लोग सबसे महत्वपूर्ण कार्य जो करते हैं वो है सिंचाई। जैसे क्या किया जाता है कि यह हमारी एक नदी है। हमने नदी के ऊपर क्या किया बेटा कि हमने नदी के ऊपर बांध बना दिया और बांध बनाने के बाद फिर अपनी जरूरत के हिसाब से पानी को छोड़ते रहते हैं और फिर नदी से जो यह पानी गिर रहा है बांध के जरिए जो ये पानी आगे गिर रहा है। इसके आगे फिर हम क्या करते हैं कि हम नहरे बनाते हैं और इन नहरों के जरिए हम लोग पानी अपने खेतों तक पहुंचाते हैं जिससे हम लोग सिंचाई कर सकते हैं। देखो अगर ये बांध नहीं बना होता तो पानी को रोक पाना हमारे लिए बहुत मुश्किल होता। पानी को दिशा देना हमारे लिए बहुत मुश्किल होता। हमने बांध बनाया। बांध बनाने के बाद हमने क्या किया कि इस पानी को अपनी जरूरत के हिसाब से छोड़ा और फिर हमने छोटी-छोटी नहरे बना दी और ये नहरे फिर हमारे पानी को सिंचाई के लिए यूज़ करती हैं। है ना कि बांध के जरिए
33:46 हम लोग क्या कर सकते हैं दोस्तों कि नदियों पर बांध बनाकर हम नहरों के जरिए पानी को खेतों तक पहुंचा सकते हैं जिससे हम सिंचाई करेंगे या फिर जिससे हमारी कृषि का उत्पादन किया जा सकता है। दूसरा महत्वपूर्ण फायदा। दूसरा महत्वपूर्ण फायदा क्या है बेटा कि पानी के जरिए हम लोग बिजली बनाते हैं। है ना? अब ये पानी के जरिए बिजली कैसे बनती है? सबसे पहले आप देखिए बेटा कि यहां पर हमारा ये पानी हमें देखने को मिला। पानी को हम लोग क्या करते हैं कि छोड़ते हैं ऊपर से नदी की तरफ से। पानी ढलान की तरफ से नीचे आता है। जब पानी नीचे आता है तो यहां पर हम देखते हैं दोस्तों कि हम लोग ना बांध के आगे एक चक्का लगा देते हैं। सर ये चक्का क्या होता है? आप इसे चक्का बोल लीजिए। आप इसे टायर बोल दीजिए। आप इसे टरबाइन बोल दीजिए। बात एक ही है कि एक तरीके का गोल-गोल टायर होता है। पानी आ रहा है। पानी आ रहा है। पानी आ रहा है। पानी आया। पानी पर आप देखते हैं दोस्तों कि पानी का यह जो
34:32 प्रेशर था यह चक्के पर गिरा यानी कि टायर पे गिरा या फिर टरबाइन पे गिरा। और ये जो टरबाइन होती है फिर आप देखते हैं दोस्तों कि ये घूमने लग जाती है। और टरबाइन के घूमने से ही आप देखते हैं दोस्तों कि हम लोग बिजली को बनता हुआ देखते हैं। इससे मोटर चलती है और इस मोटर के चलने से ही बिजली बन जाती है। और इसी के हमने क्या किया कि हमने नदी के ऊपर पानी को रोका और फिर इसी को जब हमने ढलान पर गिराया है ना ऊंचाई से जब पानी को नीचे गिराया टरबाइन पर तो इससे हमने बिजली बनाई। तो, नदी हमारा जो बांध बहुदेशीय परियोजना का पहला फायदा है कि इससे सिंचाई होती है। इससे बिजली बनाई जाती है। दूसरा महत्वपूर्ण तीसरा महत्वपूर्ण फायदा जो हम लोग देखते हैं दोस्तों की इसके जरिए हम लोग बाढ़ को भी रोक सकते हैं। जी हां, बांध के जरिए क्या किया जाता है बच्चे? हमारी जो यह बांध है, इसके जरिए हम लोग क्या कर पाते हैं? इसके जरिए हम लोग बाढ़ को रोक लेते हैं। कैसे? ध्यान से देखिए कि भैया यहां
35:18 पर हमने देखा दोस्तों कि यहां पर बाढ़ आई हुई है। पीछे बाढ़ आई हुई है। हमने यहां पर बांध बनाया हुआ है। हम अपनी जरूरत के हिसाब से यहां पर पानी छोड़ रहे हैं और यहां पर हमने पानी छोड़ा ही नहीं। यहां पर पूरे-पूरे शहर हैं। आपको ध्यान से देखेंगे बेटा। यहां पर पूरे-पूरे शहर हमें देखने को मिल रहे हैं। है ना? यहां पर लोगों के पूरे-पूरे शहर आपको देखने को मिल रहे हैं। अगर हम लोग ध्यान से देखें कि अगर हमने यहां पर बांध नहीं बनाया होता तो ये जो पूरा इलाका है यह जलमग्न हो जाता। ये सब डूब जाते। तो बांध बनाकर हमने क्या किया कि जो बाढ़ का पानी है वो अपनी जरूरत के हिसाब से आगे छोड़ा जिससे हम लोगों ने क्या किया बेटा कि जिससे हमने पानी को अपने हिसाब से आगे भेजा जिससे बाढ़ की जो स्थिति थी वो हमने उत्पन्न होने नहीं दी और इन इलाकों को हमने डूबने से बचाया। बिल्कुल इनको क्या रखा दोस्तों कि हमने डूबने से बचाया। कुछ और फायदे भी हैं। जैसे बांध के जरिए ही पानी हमारे घरों तक
36:05 पहुंच पाता है। जहां पर बांध बनाया जाता है लोग वहां पर बैठते हैं और वहां पर फिशिंग करते हैं, मछलियां पकड़ते हैं। लोग वहां पर सैर सपाटा करने के लिए जाते हैं, घूमने के लिए जाते हैं। वहां पर एक तरीके से वो पिकनिक स्पॉट बन जाता है कि वहां पर मछली पकड़ी जाती है। वहां पर लोग क्या करते हैं कि छोटे-मोटे अपने साधनों को लेकर जाते हैं। लोग वहां पर घूमने जाते हैं। वहां पर अच्छे तरीके से आप देखते हैं दोस्तों कि वहां पर पानी हमारे घरों तक पहुंचता है। तो ये बहुत सारे हमारे लाभ हमें देखने को मिले। अब देखिए जैसे आप देखते हैं दोस्तों कि हर एक चीज के फायदे होते हैं वैसे ही हर एक चीज के नुकसान भी होते हैं। है ना? है ना? तो अब तक हमने बांध परियो बांध बहुदेशीय परियोजनाओं के फायदों को देखा था। लाभ को देखा था। अब एक-एक करके जो हमारे बांध बहु उद्देशीय परियोजनाएं हैं उनकी क्या करेंगे बेटा कि हम लोग यहां पर हानियों को डिस्कस करेंगे।
36:51 ठीक है? सबसे पहले अगर हम देखें कि बांध के ऊपर कि जब हम नदी के ऊपर बांध बनाते हैं तो इससे सारा का सारा जो हमारा इलाका है वो जलमग्न हो जाता है। देखिए यहां पर पहले नदी बहा करती थी। ये पूरी नदी थी। हमने दीवार बनाई हमने बांध बनाया। अब बांध को बनने की वजह से यहां के पेड़ों को हटाया गया। पहली बड़ी परेशानी। उसी के साथ-साथ जिन लोगों का नदी के किनारे घर था उन लोगों के घरों को हटाया गया। यहां पर मौजू मौजूद जो जानवर थे उनको हटाया गया। तो तीन चीजें खराब हुई। जानवरों को हटाया गया। यहां पर मौजूद जो वनस्पति है, पेड़-पौधों को हटाया गया और यहां पर मौजूद जो लोग रहते हैं, जो मानव रहते हैं उनको हटाया गया। है ना? तो बांध के बन जाने से उस इलाके में कृषि करने वाले लोगों को हटाया। वहां की वनस्पति यानी कि पेड़-पौधों को हटाया। और वहां पर रहने वाले जो लोग हैं वो एक तरीके से आप देखते हैं दोस्तों कि उनको विस्थापित होना पड़ता है जो बिल्कुल सही नहीं है। तो बांध से
37:37 सबसे बड़ी परेशानी है कि लोगों के घर छिन जाते हैं। वहां पे जानवरों के घर छिन जाते हैं और हमारे पेड़ पौधों को हमें काटना पड़ जाता है। दूसरी बड़ी परेशानी है कि दोस्तों कि जब हम लोग नदियों पर बांध बनाते हैं तो इससे हम लोग नदी का जो प्राकृतिक बहाव था वो रोकते हैं। हर एक चीज का एक प्राकृतिक नेचर होता है। नदी का काम है बहना। लेकिन, हम जब नदी के ऊपर बांध बनाते हैं, तो हमने नदी के प्राकृतिक बहाव को रोक दिया। नदी पहले पूरी होती, लेकिन अब हमने नदी को इतना छोटा सा कर दिया। बस हमने नदी के प्राकृतिक बहाव को रोक दिया। और नदी के अंदर हमें क्या दिखता है बेटा कि नदी के अंदर हमें बहुत सारे जानवर दिखते हैं। बहुत सारी मछलियां है। बहुत सारे अलग-अलग प्रकार के हमारे हमें जीव देखने को मिलते हैं। अब हमारे यह जो जीव हैं, इनका घर छोटा हो गया। है ना? नदी पहले अगर पूरी होती तो यहां पर जो जानवर हैं वो पूरे-पूरे तैर सकते थे और कहीं से भी अपने अपने भोजन को प्राप्त कर सकते थे।
38:24 हमने इनके आवास को हमने अपने जानवरों के जो नदी में मौजूद हमारे जानवर हैं उनके आवास या फिर घर को छोटा कर दिया जिससे इनके लिए भोजन की कमी भी हो पा रही है। जो हमारे पानी में रहने वाले जानवर हैं उनके लिए भोजन को प्राप्ति कर पाना भी बहुत कम हो रहा है। तो लोगों के घर छिन रहे हैं, जानवर मर रहे हैं, वनस्पतियां कट रही है और जो पानी में रहने वाले हमारे जानवर हैं वो भी इससे परेशान हो रहे हैं। तीसरी बड़ी परेशानी जो हमें बांध से देखने को मिलती है और वो क्या है बच्चे? कि जब हम लोग बहुत ऊंचे-ऊंचे बांध बनाते हैं और पानी को रोक लेते हैं और जब ये पानी नीचे गिरता है जब ये पानी नीचे गिरता है तो इस पानी के गिरने से हमारी पृथ्वी के अंदर मौजूद जो प्लेटें होती हैं वो हलचल करती हैं और पृथ्वी के अंदर मौजूद प्लेटों के हलचल करने से हमें भूकंप आता हुआ देखने को मिल जाता है। तो बांध के बनने से भूकंप आ जाता है। बांध के बनने से हमारे जो जानवर है
39:10 उनका घर छोटा होता है। उनको खाने की कमी होती है। और बांध के बनने से हमें क्या देखने को मिलता है दोस्तों कि जो हमारे जानवर और वनस्पति हैं वो बड़ी संख्या में हमारे साथ चले जाते हैं। तो यहां तक कि जो हमारी ये बातें थी इनको हमने एक-एक कर कर आपके सामने देखा है और कोई भी कंफ्यूजन यहां पर हमारे बच्चों के सामने बिल्कुल है नहीं बहुत अच्छे तरीके से हम लोग इसको देख पा रहे हैं। सर सीबीएसई बोर्ड में है क्या ये हमारे लिए है? है ना सर क्लास टाइम बता दीजिए। बेटा हमारी ये क्लास हर मंडे को होती है 8:00 बजे। ठीक है? चलिए, अब आगे बढ़ते हैं। अब यहां से हम लोग अपनी कहानी को आगे बढ़ाएंगे और बहुत अच्छे तरीके से हम लोग अब आगे बढ़ना शुरू करते हैं। यहां से इस चैप्टर की बहुत ही इंटरेस्टिंग बातें एक-एक कर कर हमारे सामने आनी शुरू हो जाएंगी। तो चलिए आगे बढ़ते हैं, है ना? चलिए एक-एक कर कर इसको हम लोग आगे बढ़ा देते हैं। ध्यान से देखिए। हमारे सामने यहां पर एक शब्द आ रहा है जिसे बोला जा रहा है वर्षा, जल
39:56 संग्रहण। सबसे पहले संग्रहण का मतलब हम लोग देखते हैं। है ना? संग्रहण का मतलब क्या होता है बेटा? संग्रहण का मतलब होता है जमा करना। या फिर आप देखते हैं दोस्तों कि क्या मतलब होता है कि इसका मतलब होता है कि इकट्ठा करना। आप इकट्ठा करना बोल सकते हैं। आप जमा करना बोल सकते हैं। इसी को हम लोग क्या बोलते हैं? संग्रहण करना बोलते हैं। भारत दुनिया का एक ऐसा देश रहा है ना जहां पर बारिश शुरुआती टाइम पर भी, आज से हजारों साल पहले भी और आज के टाइम पर भी हम लोग क्या करते हैं? हमारा जो ये बारिश का पानी है ना इसको क्या किया जाता है दोस्तों कि इसको हम लोग संरक्षित रखते हैं। भारत के बहुत सारे इलाकों में जैसे हम देखें दोस्तों कि हमारे पास तालाब होते हैं। तालाब का मतलब क्या है? कि एक बहुत बड़ा सा गड्ढा होता है। इसमें बारिश का पानी आके जमा हो जाता है। इसे तालाब कहा जाता है। ये तालाब आपके सामने रहा। एक चीज हमें देखने को मिलती है जिसे हम लोग बाव बावली बोलते हैं और कहीं-कहीं पर इसे
40:42 बावड़ी बोला जाता है। बावड़ी है ना? राजस्थान के अंतर्गत विशेषकर हमें देखने को मिलती है। दिल्ली में भी बहुत सारे इलाकों में भी है। हरियाणा के राज्यों में भी बहुत देखने को मिलती है। यूपी में कुछ इलाकों में देखने को मिलती है। बावली या फिर बावड़ी इसे बोला जाता है। ये क्या होता है बेटा कि यहां पर ना पुराने टाइम के अंदर राजा महाराजा बहुत गहरा गड्ढा करवा दिया करते थे। और इस बहुत गहरे गड्ढे में सीढ़ियां सीढ़ियां सीढ़ियां होती थी। लोग यहां नीचे जाते थे। बारिश का पानी सीधा यहां पर आके जमा हो जाता था और इस बारिश के पानी को लोग अपने घरों पे लेके जाते थे। बावड़ियां हुआ करती थी और तालाब हुआ करते थे जो भारत में प्राचीन समय से हैं। आज के टाइम पर भी हमारे प्यारे भारत में हम लोग क्या करते हैं? बारिश के पानी को जमा करते हैं। कैसे? हमने देखा बेटा कि हमारे पास यहां पर एक तरीके से ये हमारे बादल रहे। बारिश हुई। हमने अपनी छतों के ऊपर पाइपों को लगाया हुआ है और ये छतों के ऊपर जो हमारे पाइप हैं ये पाइप नीचे आते
41:29 हैं जो एक टंकी के अंदर आकर जमा हो जाते हैं और इसी को हम लोग क्या बोलते हैं बेटा कि इसी को हम लोग वर्षा जल संग्रहण के नाम से जानते हैं। अच्छा ये जो हमारा वर्षा जल संग्रहण है ये जो हमारा बारिश का पानी आता है ये बिल्कुल आप कैसा देखते हैं बेटा ये बिल्कुल हमें शुद्ध देखने को मिलता है। है ना? यह जो हमारी बारिश का पानी हमें देखने को मिलता है, यह पूर्णतः शुद्ध होता है। इसका हम लोग पूरे तौर पर प्रयोग कर सकते हैं। तो जब अगली बार आपको बारिश होते हुए दिखे आराम से खड़े हो जाना। इंद्रदेव जी प्लीज आई एम फीलिंग थस्टी पानी। तो ये जो हमारा बारिश का पानी होगा आप क्या देखते हैं दोस्तों कि हम लोग इसको प्रयोग कर सकते हैं। और ये जो हमारी बारिश का पानी होता है ये बिल्कुल प्रयोग में लाया जा सकता है। और इस बारिश के पानी से हमें किसी भी तरीके की कोई परेशानी होती हुई नहीं दिखती है। ठीक है? अब आगे बढ़ते हैं। अब यहां से हम लोग डिस्कशन करेंगे कि भारत
42:14 में ना हमें अलग-अलग इलाके देखने को मिलते हैं जहां पर बारिश के पानी को जमा किया जाता है या फिर उसको संरक्षित रखा जाता है या फिर उसको बचाने के अलग-अलग बिंदु हमें देखने को मिल जाते हैं। इसको हम लोग यहां पर आपके सामने पेश कर लेते हैं। ठीक है? एक-एक कर कर हम लोग इन बिंदुओं को एक-एक कर कर आपके सामने रखना शुरू करते हैं। क्या? अगर हम लोग ध्यान से देखें क्या? हमारे सामने यहां पर एक शब्द रखा जा रहा है जिसे हम लोग टांका कह रहे हैं। इसे हम टांका भी बोलते हैं या फिर इसे हम लोग कुंड के नाम से भी जानते हैं। देखो पेपर में सवाल बनता है। इसमें कंफ्यूज मत होना। राजस्थान का जो हमारा इलाका है अगर आप भारत के नक्शे को देखते हैं सबसे ज्यादा अगर पानी कहीं बचाया जाता है वो राजस्थान के जो हमारे रेगिस्तानी इलाके हैं वहीं पर होता है और आपकी पाठ्यपुस्तक में वहीं के बारे में बताया गया है। तो सबसे पहले हम देख रहे हैं बेटा कि राजस्थान भारत के अंदर जो हमारा राजस्थान है वहां पर जो
43:00 मरुस्थलीय क्षेत्र है यानी कि जो रेगिस्तानी इलाका है वहां के गांव के जो लोग हैं ना वो क्या करते हैं वो बारिश के पानी को जमा करके रखते हैं। और इस इस सिस्टम को हम लोग टांका बोलते हैं या फिर इसे कुंड बोला जाता है। कैसे क्या किया जाता है बेटा एक तरीके से आप देखते हैं कि एक तरीके से ना एक ऐसी ये नाली रूपी हमें देखने को मिलता है और एक बहुत बड़ा गड्ढा होता है जो तल जो एक तरीके से कुआं है मगर ये सीमेंट वाला कुआं है ऊपर से इसका ढक्कन होता है बारिश का पानी क्या करता है बेटा कि बारिश का पानी यहां पर आया और इसके जरिए हमें दिखता है बेटा कि वो हमारे इस इस कुएं के अंदर चला जाता है जब बारिश चली जाती है गर्मियां आती है तो इसको खोल लिया जाता है इसके अंदर बाल्टी डाली जाती है और बाल्टी से हम लोग क्या करते हैं बेटा कि बाल्टी से हम लोग पानी को बाहर निकाल लेते हैं तो ये है हमारा टांका या फिर आपको दिखता है कि यह हमारा कुंड है जो हमें बारिश के पानी को जमा करते हुए दिखता है।
43:47 यह सीमेंट का बना होता है एक गड्ढे रूपी जिसके जरिए राजस्थान के जो हमारे ग्रामीण इलाके के लोग हैं वो क्या करते हैं? वो पानी को संरक्षित रखते हैं। ठीक है भैया? इस बिंदु को हमने देखा। आगे बढ़ते हैं और इस पॉइंट को हम लोग आपके सामने यहां पर देख लेते हैं। अगर ध्यान से देखा जाए राजस्थान के अंतर्गत ना ये दूसरा तरीका है बारिश के पानी को जमा करने का। जिसे हम लोग क्या बोलते हैं? जिसे हम लोग खादीन बोलते हैं। ये दूसरा तरीका जिसे खादीन बोला गया। खादीन में क्या होता है कि जमीन का धरातल है जमीन है। जमीन के आगे गड्ढा कर दिया जाता है। और गड्ढे करके एक दीवार सी खड़ी कर दी जाती है। जमीन है धरती है। धरती के आगे गड्ढा किया ढलान बनाया और यहां पर एक दीवार सी खड़ी कर दी। बारिश हुई, बारिश हुई, बारिश हुई, पानी आया, पानी आया, पानी आया। यही पानी फिर इस ढलान के जरिए आगे इस गड्ढे में जमा हो जाता है। और इसे ही खादीन बोला जाता है। इसे ही क्या बोलते हैं बेटा? कि हम लोग क्या करते
44:32 हैं कि जमीन के आगे एक ढलान खड़ी करते हैं। ये ढलान से जो पानी होता है वो एक गड्ढे में जाकर जमा हो जाता है और इसी को हम लोग खादीन कहते हैं और इस खादीन को राजस्थान के जैसलमेर में लोग बड़ी संख्या में यूज़ करते हैं। एक और तीसरा तरीका जो राजस्थान के अंतर्गत हमें देखने को मिलता है। इसे हम लोग जौहर बोलते हैं। अब जौहर में क्या होता है कि एक बहुत बड़ा एक गड्ढा हमें देखने को मिलता है। इस बहुत बड़े गड्ढे में हम लोग क्या देखते हैं दोस्तों कि यहां पर हमारा एक एक तरीके से हमें क्या देखने को मिलता है बेटा कि यहां पर हमारी दो ये बड़ी-बड़ी आपको सराएं देखने को मिल रही है या फिर ये दो बड़ी-बड़ी नालियां आप बोल सकते हैं। देखो ध्यान से एक बहुत बड़ा ये गड्ढा है। इस बहुत बड़े गड्ढे में बारिश का पानी आया भाई आया। अब इस बारिश के पानी को फिर हम लोग क्या देखते हैं कि नालियों के जरिए खेतों तक पहुंचा सकते हैं। तो भारत के अंदर हमारे जो गरम वाले इलाके हैं शुष्क और अर्ध शुक जहां पर बहुत ज्यादा गर्मी पड़ती है रेगिस्तानी इलाके वहां पर खेतों में पानी
45:19 पहुंचाने के लिए हम लोग जोहार को निर्मित करते हैं। एक बहुत बड़ा गड्ढा है। इस गड्ढे के आसपास की दो नालियां हो जाती हैं। जिसके जरिए हम लोग क्या करते हैं जिसके जरिए हम लोग राजस्थान के भूभाग में खेती करने के लिए क्या कर पाते हैं। दोस्तों की अपने इस चीज को प्रस्तुत करते हैं। अच्छा भारत के अंदर हमारा पूर्वोत्तर राज्य जो है, विशेषकर अगर हम लोग बात करते हैं किसकी? हमारा जो ये उत्तर पूर्वी राज्य है जिसकी हम लोग बात कर रहे हैं क्या? जिसको हम लोग मेघालय के नाम से जानते हैं। मेघालय के अंतर्गत क्या किया जाता है बेटा कि हमारा ये जो मेघालय राज्य है, मेघालय में क्या किया जाता है कि नदी का जो पानी होता है ना? उसके आगे हम लोग क्या करते हैं कि बांस जो होता है जिसे बंबू कहा जाता है उसको छील लेते हैं और बांस में जो पानी होता है वो बूंद बूंद बूंद बूंद कर कर लोगों तक पहुंचता है तो यहां पर बांस को ऐसे लगाया गया है और बांस के जरिए जो पानी है वो बूंद बूंद कर कर
46:05 कहां पहुंचता है दोस्तों कि वो खेतों तक पहुंच जाता है। इसे ही क्या बोला जाता है? इसे ही हम लोग बांस ड्रिप प्रणाली। ड्रिप का मतलब होता है बूंद कि बूंदूबूंद कर कर हमें आती हुई देखने को मिलती है जो मेघालय राज्य में है। अच्छा कुछ और हमारी महत्वपूर्ण बातें हैं जो आपको याद रखनी है वो क्या है इस चैप्टर से संबंधित वो भी देख लेते हैं। एक महत्वपूर्ण बात जो आपको ध्यान रखनी है कि भारत के अंदर एक राज्य है जिसको हम लोग बोलते हैं तमिलनाडु। और तमिलनाडु राज्य में ये अनिवार्य है। क्या अनिवार्य है? कि अगर आप कोई भी नया घर बनाएंगे। अगर आप कोई भी भवन बनाएंगे चाहे आपका हो या फिर सरकारी। वहां पर आपको रेन वाटर हार्वेस्टिंग करना होगा। और बारिश के पानी को जोड़ने का इंतजाम आपके यहां पर होना चाहिए। दूसरी महत्वपूर्ण बात हम लोग यहां पर डिस्कस करते हैं वो क्या कि भारत के अंदर अगर पूछ लिया जाए या फिर पूरी दुनिया के अंदर सबसे ज्यादा वर्षा कहां होती है? वो होती है हमारे प्यारे भारत
46:51 में। सबसे ज्यादा बारिश भारत में होती है दुनिया में। और भारत के अंदर आप देखें दोस्तों कि जो हमारा मेघालय है। है ना? मेघालय से कैसे याद रखेंगे? मेघ का मतलब क्या होता है? बादल। तो बादल जहां पर है वहीं पर बारिश होती है। मेघालय के अंतर्गत भी एक इलाका है जिसे हम लोग बोलते हैं मौसिन राम। मौसिन रामा ये जो इलाका है यहां सबसे ज्यादा बारिश होती है। कुछ-कुछ लोग चेरापूंजी भी बोलते हैं। नहीं बेटा ये चेरापूंजी नहीं है। इसका सही आंसर हमारा मौसिन राम होगा। प्लीज याद रखिएगा। तो उसी के साथ भैया चैप्टर तो अपना कंप्लीट हो गया। ओए होए होए होए देखिए दोस्तों हमने ये चैंपियनर को कंप्लीट कर लिया। तो एक बार जल्दी से हम लोग क्या करेंगे? आपके साथ अपने कुछ क्वेश्चंस को डिस्कस करना चाहेंगे। और आप जल्दी-जल्दी से अपने आंसर्स को यहां पर हमारे सामने पेश करेंगे। तो दोस्तों, हो जाइए तैयार। सवालों की झड़ी आपके सामने पेश की जा रही है। है ना? सबसे पहला सवाल बांस ड्रिप प्रणाली जो है
47:37 यह भारत के किस राज्य में देखने को मिल रही है? मणिपुर, मेघालय, असम, तमिलनाडु। चार ऑप्शंस आपके सामने हैं। चारों ऑप्शंस को आप देखेंगे और जल्दी से आप लोग अपने सही आंसर को हमारे सामने यहां पर पेश कर देंगे। जल्दी बताइएगा। ओए होए प्रिंस मौर्य जी, क्या बात पूछी है आपने। जल्दी बताइएगा। बेहतरीन तरीके से हमारे इस प्यारे बच्चों के आंसर्स आने लग गए हैं। एक बार जल्दी से हम लोग अपने इस क्वेश्चन के आंसर को देख लेते हैं। बताइए बेटा। तो अगर हम लोग ध्यान से देखें कि जो हमारी ये बांस ड्रिप प्रणाली है जो हमारी ये सिंचाई प्रणाली है ये भारत के अंदर मेघालय राज्य में देखने को मिलती है। ऑप्शन बी हमारा यहां पर उपरोक्त है बिल्कुल और लगभग हमारे 92% दोस्तों ने बिल्कुल सही आंसर हमारे सामने रख दिया है। ठीक है चलिए। अगला सवाल
48:24 हमारे सामने है। जल्दी से आप लोग बताएंगे। पूछा जाता है कि भारत के उस राज्य का नाम बताइए, जहां पर टांका प्रणाली या फिर जिसे कुंड भी कहा जाता है, उसके जरिए हम लोग क्या करते हैं? बारिश के पानी को बचाते हैं। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान। चार ऑप्शंस आपके सामने हैं। और जल्दी से इस क्वेश्चन के आंसर को आपको हमारे सामने रखना है। जल्दी बताइएगा। है ना? बहुत प्यारा यह भी सवाल है। ओए होए होए होए होए। क्या जबरदस्त क्वेश्चन पूछा गया है। बहुत प्यारा यह सवाल है। तो चलिए देखते हैं दोस्तों कि यहां पर हमारे कितने परसेंट साथियों ने बिल्कुल सही आंसर दिया है। तो अगर हम लोग ध्यान से देख पाएं कि इनमें से कुछ उस राज्य का नाम बताइए जहां पर हमें टांका यार पूर्ण व्यवस्था देखने को मिलती है और वो है हमारा प्यारा राजस्थान।
49:12 मारो राजस्थान। ऑप्शन डी हमारा यहां पर बिल्कुल सही है। और अगर हमने ध्यान से देखा तो लगभग 90% बच्चों ने हमारे बिल्कुल सही आंसर को पेश किया है। बहुत अच्छा। बहुत अच्छे तरीके से आपके आंसर्स को हम लोग यहां पर रख पाए हैं, देख पाए हैं और समझ भी पाए हैं। कुछ और क्वेश्चंस आपके सामने करेंगे। आपको इनके आंसर्स को हमारे सामने पेश करना है। पूछा जा रहा है कि भारत में पूरी दुनिया के हिसाब से कितना प्रतिशत हमारे पास क्या होती है दोस्तों? कि बारिश होती है? पूरी दुनिया में जितनी बारिश होती है, उसकी कितनी प्रतिशत बारिश भारत में हो रही है? इसको आपको हमारे सामने यहां पर रखना है। जल्दी बताइएगा। बहुत महत्वपूर्ण बिंदु है। बहुत महत्वपूर्ण सवाल है। जलचक्र का मतलब क्या होता है मेरे बच्चे? जल चक्र का मतलब होता है कि बेसिकली जो हमारा पानी है वह एक तरीके से एक चक्र के
49:59 जरिए एक साइकिल के जरिए कंप्लीट होता है। हमारे बादल समुद्र से पानी को अवशोषित कर लेते हैं। फिर वो बादल आते हैं। हमारी पृथ्वी पर पानी गिरता है। फिर यही पानी नदियों के जरिए आप देखते हैं दोस्तों कि पहुंचता है। तो ये पूरा चक्र चल रहा है। इसे ही जलचक्र कहा गया। और यहां पर हमारा टाइम कंप्लीट होने लग गया है। अगर हम लोग भारत में कितनी बारिश होती है तो लगभग 4% के आसपास की हमारी बारिश हमें होती हुई देखने को मिल रही है। ऑप्शन ए हमारा बिल्कुल सही लगभग 87% साथियों ने हमारे बिल्कुल सही आंसर को पेश किया। पूछा जा रहा है कि दुनिया में सबसे ज्यादा बारिश कहां होती है? सर मौसिन राम में होती है सर। चेन्नई में होती है? सर वलादीक में होती है या फिर न्यूयॉर्क? न्यूयॉर्क अमेरिका में है। वलादीवस्तक रशिया में है। रूस में है। चेन्नई तमिलनाडु में है। मौसिन राम कहां मैं नहीं बताऊंगा वरना तुम आंसर पकड़ लोगे। चार ऑप्शंस आपके सामने
50:44 हैं और जल्दी से आप लोगों को अपने सही आंसर को हमारे सामने यहां पर पेश करना है। ठीक है बच्चे? ए भैया हमारा पोल को कहां हो गया रे? हां एक बार जल्दी से हम लोग अपने इस क्वेश्चन को स्टार्ट करेंगे और बहुत अच्छे तरीके से ये सवाल आपके सामने हमारे पेश किया जाएगा। एक मिनट रुक जाइएगा। यह पोल हमारा नाराज हो गया। एक बार पोल को तैयार करते हैं। ठीक है। पोल जी पोल जी प्लीज तैयार हो जाइए। पोल जी। ओ जी प्लीज देखिए ना हमारे प्यारे बच्चे आए हैं। तैयार हैं आप? चलो सवाल कर दिया स्टार्ट। पूछा जा रहा है कि विश्व में सबसे ज्यादा बारिश कहां हो रही है? ये ऑप्शन ए होगा बच्चे। ये वाला ऑप्शन बी होगा। ये वाला सी होगा। ये वाला डी होगा। और जल्दी से आपको अपने सही आंसर को पेश करना है।
51:42 बेहतरीन भैया बेहतरीन बहुत बढ़िया तो यहां पर अगर हम लोग देखें दोस्तों कि भारत में सबसे ज्यादा बारिश अगर कहीं होती है भारत में नहीं भाई पूरे विश्व में तो मौसिन राम में हो रही है और मौसिन राम हमारे मेघालय राज्य के अंदर देखने को मिलता है। देखिए कितने परसेंट बच्चों ने बिल्कुल सही आंसर दिया है। देखिए अगर हम लोग देखें तो 98% हमारे बच्चों ने बिल्कुल सही आंसर दिया है। ओए होए होए होए क्या बात है। बहुत प्यारा आंसर रहा बच्चे। चलिए बढ़ते हैं आगे। एक और प्यारा सवाल आपके सामने आएगा और जल्दी से हमें अपने इस बिंदु को देखना है। अच्छा इस बिंदु को हमने देखा यहां पर क्वेश्चन के फॉर्म में कि भारत के अंदर जो हमारे ये बांध हैं इनको आधुनिक भारत का मंदिर किसने कहा है? इनमें से वो कौन कौन से महापुरुष हैं जिनका मानना था कि भारत के जो आधुनिक मंदिर होंगे वो भारत के बांध होंगे। गांधी जी, नेहरू जी, विनोबा भावे या फिर आचार्य सॉरी अन्ना हजारे चार
52:29 ऑप्शंस आपके सामने हैं। और जल्दी से आप लोगों को अपने सही आंसर को पेश करना है। है ना? सर मुझे अभी भी अनब्लॉक नहीं किया गया है। कोई बात नहीं। एक बच्चा कह रहा है सर जी राम राम। एक बच्चा कह रहा है सलाम वालेकुम। वालेकुम सलाम भैया। राम राम। जल्दी बताइएगा। चार ऑप्शंस आपके सामने हैं। और बेहतरीन तरीके से हम लोग अपने इन सारे क्वेश्चंस को देख पा रहे हैं। और टाइम अपन का गुजर रहा है दोस्तों। बहुत प्यारा ये हमारा सवाल है और जल्दी से हम लोग इस क्वेश्चन के आंसर को आपके सामने रखने लग गए हैं। बहुत अच्छा। तो चलिए। अगर हम लोग ध्यान से देखें दोस्तों कि भारत के अंदर जो हमारे आधुनिक भारत का मंदिर कहा गया है। आधुनिक भारत का मंदिर हमने जवाहरलाल नेहरू जी के भारत के जो पहले प्रधानमंत्री हैं उनका मानना था कि जो भारत के बांध होंगे ये भारत को आगे बढ़ाने में बहुत बड़ा योगदान देंगे। ऑप्शन
53:14 बी हमारा यहां पर बिल्कुल सही बन रहा है और लगभग हमारे 82% दोस्तों ने बिल्कुल सही आंसर को हमारे सामने रखा। चलिए। तो यहां तक की जो हमारी ये कहानी थी, यहां तक की जो हमारे ये बिंदु थे, इनको हम लोग एक-एक कर कर आपके सामने रख चुके हैं और बहुत अच्छे तरीके से हमने अपने इन पॉइंट्स को आपके सामने रखा। चलिए, तो यहां तक की जो हमारी कहानी और यहां तक के जो हमारे बिंदु थे वो हमने समझ लिए। अब एक-एक कर कर आज की क्लास में जो हमारे टॉप 10 बच्चे हैं उनसे मिलते हैं। कहां गए? ये हमारे बच्चे हैं जो आज की क्लास में छाए हुए हैं। कुरन वश रजा अनिष्का नैना आर्यन सिंह अंकिता नीरज चौहान जिया चौधरी मानवी उममा निदा अख्तर अंजलि चकी चकी जी आई हैं। क्या बात है है ना नेहा? तो दोस्तों आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है ना अब हम लोग क्या करते हैं कि
54:00 आप लोग अपने सवाल हमसे पूछ सकते हैं और उसके बाद फिर हम लोग अपनी आज की इस क्लास को समापन की ओर लेके जाएंगे। है ना? अच्छा एक सवाल जो है जो हमें डिस्कस करना है वो क्या है बेटा? कुछ हमारे क्वेश्चंस हैं जो हमें अभी और डिस्कस करने बाकी हैं। क्या एक-एक कर कर हमारे जो कुछ क्वेश्चंस हैं ना इनको भी हम लोग आपके सामने डिस्कस कर ही लेते हैं। जैसे जल दुर्लभता का मतलब क्या है? मतलब कि पानी की कमी का हो जाना ही। है ना कि पानी की कमी का हो जाना ही कि पानी अब जितना था पहले उतना अब नहीं है। इसी को ही हम लोग जल दुर्लभता कहते हैं। जिसे हमने समझा। एक और शब्द है कि पानी को बचाना क्यों जरूरी है? क्योंकि पानी से हमारी बहुत सारी जरूरतें होती हैं। अगर पानी ही खराब होगा हमारा अनाज खराब होगा। हमारी रोजी रोटी खराब होगी। हमारा जीवन ही खराब हो जाएगा। इसीलिए हमें पानी को बचाने की जरूरत है। नर्मदा बचाओ, नर्मदा नदी जो हमें गुजरात के अंदर देखने को मिलती है, वहां पर सरदार सरोवर बांध
54:48 बनाया जा रहा है। है ना? और ये जो सरदार सरोवर बांध बनाया जा रहा है इसकी वजह से हमें क्या देखने को मिलता है बेटा? कि इसकी वजह से जो बहुत सारे लोग थे ना उनको विस्थापित होना पड़ता है। और इसीलिए ये लोग क्या करते हैं? ये लोग नर्मदा बचाने की डिमांड करते हुए एक आंदोलन चलाते हैं। सवाल है पलार पानी क्या है? राजस्थान के अंतर्गत राजस्थान के अंतर्गत जो बारिश का पानी होता है जो बारिश का पानी होता है यहां पर इसको पलार पानी कहा जाता है और यह पलार पानी बिल्कुल शुद्ध पानी होता है जिसको कोई भी व्यक्ति यूज़ कर सकता है बारिश का पानी किसी भी तरीके से यूज़ किया जाता है बांस ड्रिप प्रणाली भारत में किस राज्य में है मेघालय राज्य में है आपको पता है और उसी के साथ-साथ भारत का वो कौन सा राज्य है जहां पर ये अनिवार्य किया गया है कि आपको क्या करना पड़ेगा आपको जब भी आप घर बनाएंगे तो आपको बारिश के पानी को बचाने की कोशिश करनी होगी और वो हमारा तमिलनाडु राज्य हमें देखने को मिलता है।
55:36 तो चलिए यहां तक के जो हमारे पॉइंट्स थे इनको हमने एक-एक कर कर देख लिया। अब अगर हम लोग ध्यान से देखें दोस्तों कि हमारे साथ जो हमारे साथी जुड़े हुए हैं वो अ नंबर ऑफ लाइक्स हमें कम दिख रहे हैं यार। जितने व्यूअर्स हमारे साथ अभी जुड़े हुए हैं, हमारे साथी जुड़े हैं। तो एक बार जल्दी से लाइक के बटन को दबा दो। है ना? वहां पे जो वो दिख रहा है आपको साइड में और उसके बाद फिर हम लोग आपके साथ बढ़ लेते हैं। ठीक है? है ना सर? सर हमारे उत्तर पूर्वी राज्यों में बारिश ज्यादा क्यों होती है? ये एक बच्चे का बड़ा प्यारा सवाल है। इसका आंसर देख लेते हैं। इस बच्चे का बड़ा प्यारा सवाल है। देखो अगर भारत के अंदर अगर हम लोग बारिश को समझने की कोशिश करते हैं। भारत में बारिश किस प्रारूप में होती है? ये हमारा प्यारा भारत है। बारिश के लिए हम देखते हैं कि हमारी दो तरफ से बादल हमें आते हुए दिखते है। ये हमारा अरब सागर है बेटा। ये हमारा अरब सागर है। यहां से
56:22 हमारे बादल शुरू होते है। और दूसरा है हमारा बंगाल की खाड़ी। तो भारत के अंदर जो बारिश का आगमन होता है वो कुछ दो तरीकों से ऐसे होता हुआ दिखता है। एक शुरू होती है बंगाल की खाड़ी की तरफ से और एक शुरू होते है अरब सागर से। यहां पर समुद्र है तो यहां से बादल चलने शुरू करते हैं। लो भाई बादल चलने शुरू करते हैं। अरब सागर वाले जो हमारे बादल है ये पहुंचना शुरू करते हैं कहां पर? केरला हुआ, कर्नाटक हुआ। उसी के साथ-साथ हमें दिखता है दोस्तों के हमारा गोवा हुआ, फिर महाराष्ट्र हुआ और फिर गुजरात हुआ। ये अरब सागर वाले जो बादल हैं, ये करते हैं इस तरफ बारिश। बंगाल की खाड़ी के जो हमारे बादल हैं ये चलना शुरू करते हैं सीधा-सीधा सीधा और यहां पर ये जो हमारा उत्तर पूर्व के राज्य हैं ना यहां पर आपको दिखते हैं दोस्तों कि बहुत सारी पहाड़ियां हैं। कौन सी? खासो गारो है ना? गारों ये पहाड़ियों के नाम है। खासोगाड़ी। इस तरीके से हमारी ये पहाड़ियां हमें देखने को मिलती है।
57:08 ऊंची ऊंची पहाड़ियां हैं। हमारे ये जो बादल होते हैं वो इन पहाड़ियों के अंदर फंस जाते हैं। है ना? और वो क्या नहीं कर पाते? वो आगे नहीं जा पाते। क्योंकि पहाड़ियां चारों तरफ हैं। चारों तरफ से पहाड़ियां पहाड़ियां हैं। तो बादल इन पहाड़ियों के अंदर फंस जाते हैं। समुद्र से चले यहां पहुंचे। चारों तरफ पहाड़ियां ही पहाड़ियां और बादल इन पहाड़ियों में फंस गए। चारों तरफ पहाड़ियां हमारे बादल फंस गए। इसके बाद जितना भी पानी होता है बादलों का जो ये लेके चलते हैं बंगाल की खाड़ी से वो इसी इलाके में पूरा का पूरा क्या करते हैं बेटा कि यहीं पर फेंक देते हैं सारा का सारा पानी। और इसलिए सबसे ज्यादा बारिश इस क्षेत्र के अंदर हमें होती हुई देखने को मिल जाती है। सर क्या ठीक है सर हमारा जो सेकंड चैप्टर है वन और वन्य जीव संसाधन वो आखिर में होगा बेटा
57:56 सर भारत की मुख्य नदी कौन सी है भारत की मुख्य नदी हमारी गंगा नदी है सर अपना नंबर दे दीजिए प्लीज बेटा नंबर ऐसे कैसे मांग रहे हैं आप है ना देखिए यहां पर इतने सारे लोग हैं हम नंबर बताएंगे तो सारे के सारे बच्चे फिर रात को फोन करेंगे ऐसे रात को 2:00 बजे मास्टर सोए तो नहीं हो ना? मिस कर रहा हूं। बाय। काट दिया सुबह। मास्टर जाग गए। ब्रेकफास्ट में क्या खाओगे? बोलो। मिस कर रहा हूं। बाय। ऐसे करेंगे हमारे बच्चे। हां। अ मुख्य नदियां और बांध का जो मैप होगा बेटा उसको लेकर हम लोग एक स्पेसिफ़िक क्लास करने वाले हैं। उसके अंदर भूगोल की और उसी के साथ-साथ आप देखते हैं दोस्तों कि जो हमारी राजनीतिक विज्ञान की सारी क्लासेस होंगी। भूगोल की और इतिहास की जितनी भी सारी
58:43 क्लासेस होंगी उनको एक साथ कर लेंगे। है ना? इसीलिए ठीक है। चलिए बहुत बढ़िया। तो अब हम लोग क्या करते हैं बेटा कि सर आपका नाम क्या है? हमारा नाम। आपको हमारा नाम ही नहीं मालूम। ठीक है। है ना? अपना ध्यान रखिएगा। हम लोगों ने आपके साथ हमारे इस बेहतरीन से
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