7 Tiny Japanese Habits That Can Change Your Life in 30 Days !

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो रिया नामक एक लड़की की कहानी बताता है, जो जापानी दर्शन के माध्यम से अपनी समस्याओं का समाधान करती है। इसमें सात जापानी आदतें बताई गई हैं जो जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद करती हैं।

  • वर्तमान में जीना
  • कम बोलना
  • गरिमा के साथ सहना
  • पुरानी पहचान को त्यागना
  • खुद पर भरोसा करना
  • आंतरिक मूल्य को पहचानना
  • लगातार सुधार करना

अंतिम जापानी आदत

एक 30-दिवसीय चुनौती के दौरान, रिया नामक एक लड़की डॉ. बुक से बात करने के लिए उत्सुक थी। उसने डॉ. बुक को बताया कि कैसे उसने "गोल्डन स्टैचू" के सबक का पालन किया और महसूस किया कि वह सोने से भी ज्यादा मूल्यवान है, जिससे उसका आत्मविश्वास बढ़ा और उसने अपना पहला क्लाइंट हासिल किया। रिया ने डॉ. बुक को धन्यवाद दिया, लेकिन सातवीं जापानी आदत के बारे में पूछा। डॉ. बुक ने कहा कि रिया ने पहले से ही इसे लागू करना शुरू कर दिया है। डॉ. बुक ने कहा कि आज की कहानी प्रेरणादायक होने के साथ-साथ वास्तविक भी है, जो समुदाय के सदस्यों के जीवन में हो रहे बदलावों पर आधारित है। यह कहानी उन लोगों के लिए उपयोगी है जो अधिक सोचते हैं, भविष्य के बारे में चिंतित रहते हैं, गुस्सा करते हैं या अपनी वैल्यू कम समझते हैं। डॉ. बुक ने जापानी दर्शन के माध्यम से इन समस्याओं का समाधान देने का वादा किया और बताया कि इन आदतों को कैसे लागू किया जाए।

30-दिवसीय चुनौती की शुरुआत

डॉ. बुक द्वारा शुरू की गई 30-दिवसीय चुनौती शुरू हुई। कई लोगों ने इसमें भाग लिया, कुछ ने कैमरे चालू रखे और कुछ ने बंद। डॉ. बुक ने पहले दिन की बातें सिखाईं, जिसमें ध्यान और दिनचर्या शामिल थी। प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान, एक पुराने लीडर ने डॉ. बुक से रिया नामक एक शर्मीली सदस्य से बात करने का अनुरोध किया।

वह लड़की जो बोल नहीं पाती थी

डॉ. बुक ने रिया को अनम्यूट किया, लेकिन वह घबराई हुई थी और बोल नहीं पा रही थी। प्रोत्साहन के बाद, उसने कहा कि वह अपनी जिंदगी में हो रही चीजों को समझ नहीं पा रही है, वह बहुत अधिक सोचती है, उसका अतीत बुरा रहा है, वह भावनात्मक हो जाती है, जिससे झगड़े होते हैं, और उसका आत्मविश्वास कम है। वह आत्मनिर्भर बनना चाहती है, लेकिन ऐसा नहीं कर पा रही है। उसे लगता है कि दूसरे लोग उसकी वैल्यू नहीं करते हैं। उसने डॉ. बुक के जापानी दर्शन वाले वीडियो को देखने के लिए धन्यवाद दिया और पूछा कि वह इन समस्याओं को कैसे खत्म कर सकती है और क्या 30 दिनों में अपनी जिंदगी को बदल सकती है। डॉ. बुक ने उसे बधाई दी और कहा कि वह 30 दिनों में अपनी पूरी जिंदगी बदल सकती है, लेकिन उसे अगले 30 दिनों तक रोजाना लाइव आना होगा, बिना किसी बहाने के। डॉ. बुक ने कहा कि वह जापानी दर्शन के माध्यम से उसकी समस्याओं का समाधान देंगे, लेकिन एक साथ नहीं, बल्कि रैंडमली। रिया थोड़ी घबरा गई, लेकिन सहमत हो गई। डॉ. बुक ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि पहले दिन का सबक प्रतिबद्धता के बारे में था।

स्ट्रॉबेरी का सबक

दिन 2 से 4 तक कुछ नहीं हुआ। दिन 5 को, डॉ. बुक ने रिया को ऑनलाइन देखा। रिया ने कहा कि वह पहली बार इतनी नियमित रूप से कोई चीज अटेंड कर रही है और उसे डॉ. बुक के लेसंस से फायदा हो रहा है, लेकिन वह बहुत अधिक सोचती है और भविष्य के बारे में चिंतित रहती है। डॉ. बुक ने एक कहानी बताना शुरू किया जो उन लोगों के लिए थी जो अपने अतीत से परेशान हैं या भविष्य के बारे में चिंतित हैं। एक आदमी कई महीनों बाद अपने घर जा रहा था और उत्साहित था। जंगल के रास्ते में, उसे लगा कि कोई उसका पीछा कर रहा है। उसने देखा कि एक शेर उसका पीछा कर रहा है। वह भागा और एक खाई के ऊपर से गिरने लगा, लेकिन उसने एक झाड़ी पकड़ ली। ऊपर शेर था और नीचे खाई थी। तभी दो चूहे उस डंठल को काटने लगे जिसे उसने पकड़ रखा था। वह रोने लगा, लेकिन फिर उसने एक स्ट्रॉबेरी देखी और उसे खाया। उसे इतना मीठापन महसूस हुआ कि उसके चेहरे पर मुस्कान आ गई। डॉ. बुक ने कहा कि शेर अतीत है, खाई भविष्य है और चूहे दिन-रात हैं जो हमारी जिंदगी की डोर को काटते रहते हैं। इन सब के बीच, हमें एक स्ट्रॉबेरी जरूर मिलेगी और जब हम सिर्फ उस पर ध्यान केंद्रित करेंगे और उसे एंजॉय करेंगे, तो अतीत और भविष्य अप्रासंगिक हो जाएंगे। डॉ. बुक ने कहा कि हम सबकी जिंदगी में कुछ न कुछ स्ट्रॉबेरी जरूर होती हैं, लेकिन उन्हें देखने के लिए हमें शांत होकर अपने आसपास देखना होगा। यही जापानी दर्शन की पहली आदत है: इची गो इची - यह पल कभी नहीं आएगा। हमें समस्याओं के बीच स्ट्रॉबेरी ढूंढना नहीं रोकना है। आजकल लोगों की सबसे बड़ी समस्या यही है कि हमारी बॉडी तो प्रेजेंट में है, लेकिन हमारा माइंड पास्ट या फ्यूचर में घूमता है, जिससे हम प्रेजेंट को एंजॉय नहीं कर पाते। इसलिए, सभी लोग आज से रोज कम से कम 5 मिनट निकालें जहां पर वे अपनी जिंदगी की स्ट्रॉबेरी ढूंढ सकें और उन्हें खाकर एंजॉय करें, जिसमें सिर्फ उनका ध्यान उस चीज पर होना चाहिए।

अधिक सोचने से कैसे बचें

डॉ. बुक ने सेशन खत्म किया और रिया ने कहा कि वह ऐसा जरूर करेगी।

मौन की शक्ति

दिन 9 को, रिया ने बताया कि उसकी ओवरथिंकिंग पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है, लेकिन उसने धीरे-धीरे अपनी जिंदगी में 5-10 मिनट ढूंढना शुरू कर दिया है, जो उसे बहुत मजा दे रहे हैं, जिससे उसकी चिंता कम हुई है। लेकिन एक समस्या है: उसके दिन में बहुत झगड़े होते हैं। डॉ. बुक ने उसे बधाई दी और जापानी दर्शन नंबर 2 के बारे में एक कहानी के माध्यम से बताना शुरू किया।

बहस करने से आपकी वैल्यू क्यों कम होती है

1925 में रूस में राइट्स चल रहे थे। वहां पर एक नए राजा बन गए थे निकोस द फर्स्ट और उनके अगेंस्ट बहुत लोग आवाज उठा रहे थे। कई लोग बहुत कुछ बोल रहे थे। जिसमें से स्पेसिफिकली एक आदमी था कंडटी रेली जिसने किंग को ओपनली चैलेंज कर दिया था और बहुत बुरा भला वो बोलता था। और इस वजह से हुआ क्या कि किंग ने उसे पनिशमेंट दे दी डेथ पेनल्टी की। अब जब एग्जीक्यूशन का दिन आया तो भीड़ जमा हुई थी। रैलेव को फांसी के तख्ते पर खड़ा करा गया। बट जैसे ही ट्रैप डोर खुला थड़ करके आवाज आई क्योंकि रस्सी टूट गई और वो नीचे गिर गया। जैसे ही वो नीचे गिरा उसने एक लंबी सांस ली और उठते साथ ही उसने बोला देखा यह राजा इतना खराब है कि ये लोग एक ढंग की रस्सी तक नहीं बना सकते हैं। ये लोग एक किंगडम क्या चलाएंगे। ना उस टाइम पे ऐसा रिवाज था कि अगर कोई इंसान की रस्सी टूट जाती है फांसी की वजह से तो यह गॉड का साइन है। ऊपर वाले का साइन है कि उस आदमी को जीने का मौका दिया जाए। लेकिन क्योंकि उसने ऐसी चीजें बोल दी थी जिससे अगेन राजा का मजाक उड़ा। राजा को जैसे ही पता चला उसने फ़ौरन एक नई रस्सी बनवाई बहुत मजबूत और उसको फिर से फांसी में लगाया गया। एंड गेस व्हाट इस बार रस्सी नहीं टूटी। नाउ यह जो लेसन मैंने तुम्हें बताया है यह एक किताब से लिया गया है जिसका नाम है द 48 लॉस ऑफ़ पावर। जिसका एक लेसन है ऑलवेज से लेस देन नेसेसरी। कई बार हम इंसान बहुत कुछ बोल देते हैं इमोशंस में आके। लेकिन अगर हम वो नहीं बोलेंगे तो प्रॉब्लम होगी ही नहीं। कई बार हम गलत टाइम पर गलत चीजें बोल देते हैं और इस गलत टाइम पर गलत चीज बोलने की वजह से ही हां शायद आपकी जान तो ना जाए लेकिन आपका पीस और बहुत सी इंपॉर्टेंट चीजें आपकी जा सकती है। इसीलिए जापानीज लोगों की एक और बहुत प्यारी हैबिट है टाइनी हैबिट है जिसे बोलते हैं मां। उसका मतलब है द पावर ऑफ स्पाउस और साइलेंस जो जैपनीज़ लोग कई बार फॉलो करते हैं। जब भी उनको लगता है कि उनका झगड़ा होने वाला है तो वो 10 सेकंड का पॉज लेते हैं। जैपनीज़ मां का जो कांसेप्ट है वो सुनने में बहुत इजी लगता है। बट इसे प्रैक्टिकली अप्लाई करने के लिए आपको बहुत प्रैक्टिस की जरूरत है। और यह चीज करने में आपकी बहुत ज्यादा हेल्प कर सकती है मेडिटेशन। और यहीं पे मैं आपको इनवाइट करना चाहूंगा मेरे 21 डेज चैलेंज में भी। जहां हम लोग हर मंथ सुबह 7:00 से 8:00 बजे मिलते हैं। वहां पर ऐसी किताब की बातों को सीखते हैं और फिर उन बातों के ऊपर मेडिटेट करते हैं। जिससे हमारा इमोशनली अपने को रेगुलेट कर पाना आसान होता है। मेडिटेशन आपके अंदर पेशेंस पैदा करता है जो बहुत ज्यादा जरूरी है अपने इमोशंस को कंट्रोल करने के लिए। एक बार मैं जरूर चाहूंगा कि आप लोग हमारी कम्युनिटी मेंबर्स के साथ लीडर्स के साथ ये चैलेंज जरूर करना। पिछले महीने हमने चैलेंज करके बहुत ही सिग्निफिकेंट रिजल्ट्स अचीव किए हैं। डोपामिन डीटॉक्स से रिलेटेड। आने वाले महीने में भी कुछ ऐसी चीजें होने वाली है। इसलिए इसका पार्ट जरूर बनिए। वैसे तो यह जो 21 डेज चैलेंज है वो पिछले साल मैं ₹1000 में बेच रहा था जो बहुत ही अच्छे से बिक रहा था। बट अभी के लिए क्योंकि हम समरी बोर्ड पे फोकस कर रहे हैं। इसीलिए आप लोगों के लिए अच्छी अपॉर्चुनिटी है। आप लोगों को और कुछ नहीं करना है। सिर्फ समरी बोर्ड का सब्सक्रिप्शन ले लीजिए जो सिर्फ ₹99 का है। जी हां, सिर्फ ₹99 में आप सब्सक्रिप्शन ले लो। और आपको यह ₹1000 का 21 डेज लाइव चैलेंज जहां पे हम रोज लाइव आते हैं। बातें सीखते हैं, साथ में मेडिटेट करते हैं, अफेमेशंस करते हैं और बहुत कुछ पावरफुल चीजें करते हैं। वो सब आपको कंप्लीटली फ्री मिल जाएगा। बस आपको समरी बोर्ड सब्सक्राइब करना है। लेकिन हां ZM पे लिमिटेड सीट्स ही होते हैं। इसीलिए आप अभी जाइए सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि आपको वो लिमिटेड लोगों में आने का मौका मिले और ये चैलेंज के साथ अपनी लाइफ में ट्रांसफॉर्म होने का मौका मिले। नाउ लेट्स गेट बैक टू द स्टोरी। और आज का टास्क भी यही है कि तुम लोगों को यही करना है। नेक्स्ट टाइम जब भी तुम्हें लग रहा है कि झगड़ा होने वाला है, गुस्सा आ रहा है, बहुत कुछ बोलने का मन कर रहा है तो वो करने से पहले सिर्फ 10 सेकंड का पॉज ले लो और कुछ देर के लिए अलग हो जाओ। अपने आप को स्पेस दो। सामने वाले को स्पेस दो। और फिर जब आप शांत हो जाओ उसके बाद ही बात करो।

सबसे पहले खुद पर भरोसा करें

मिस्टर बुक ने कहा रिया क्या तुम यह कर पाओगी? उसने कहा ठीक है मैं ट्राई करती हूं और बस इसी लेसन के साथ डे नाइन भी खत्म हुआ। अब अगेन कुछ दिन निकल गए। डे 13 को फिर उनकी वापस से बात हुई। इस बार रिया ने बताया कि कैसे पिछले दो-ती दिन में उसने अब अपने घर वालों से अपने रिलेशनशिप में आर्गुमेंट करना बंद कर दिया है और बंद करने का रीज़न यही है कि जब वो पॉज लेती है और अपने को थोड़ा टाइम देती है तो ऑटोमेटिकली उसके इमोशंस थोड़े कम हो जाते हैं और फिर जब वो लोग बात करते हैं नॉर्मल इमोशन के साथ तो झगड़े नहीं होते। उसने ड्रास्टिकली देखा कि कैसे उन लोगों के आर्गुमेंट्स कम होने लग गए हैं। लेकिन अभी भी उसके दिमाग में एक क्वेश्चन था। मिस्टर बुक ने कहा हां बताओ क्या क्वेश्चन है? उसने कहा, आपको नहीं लगता कि जब मैं ऐसे चुप हो जा रही हूं, तो इससे मेरी वैल्यू कम होते जा रही है। सामने वाला इंसान मुझे कुछ भी बोल के निकल रहा है फिर भी मैं पॉज ले रही हूं, टाइम ले रही हूं। बट मुझे ऐसा लग रहा है कि यह चीज तो मेरी और वैल्यू कम करती जा रही है। मिस्टर बुक ने बोला, "हां, सही बात है। अगर तुम्हें ऐसा लग रहा है तो तुम्हारे लिए एक और कहानी है।"

डॉक्टर बुक ने कहानी बताई। एक बार एक रोड की साइड पे एक रेस्टोरेंट था। रेस्टोरेंट में एक थोड़े बड़े उम्र का आदमी बैठ के आराम से चाय पी रहा था। सैंडविच खा रहा था। तभी क्या हुआ कि वहां पे कुछ बकर्स आवारा बकर्स होते हैं ना टपोरी टाइप के। वो लोग ने उस रेस्टोरेंट में एंट्री ली और जैसे ही उन्होंने एंट्री ली उन्होंने शोर शराबा करना स्टार्ट कर दिया। वो दूसरों के साथ मजाक मस्ती कर रहे थे, किसी को छेड़ रहे थे, कुछ कर रहे थे और तभी उनकी नजर इस आदमी पर पड़ी। नाउ बात यह थी ना कि यह जो आदमी था, उसके चेहरे पे एक बड़ा सा मस्सा था। एक बड़ा सा बर्थ मार्क था काला कलर का जो चाहकर भी छुपता नहीं था। इसलिए इन लोगों की भी नजर उस पर पड़ी और उन लोगों से रहा नहीं गया। वो लोग आके इस आदमी को सताने लग गए। उन्होंने अपनी सिगरेट ली और उसके चाय में डूबा दी। सबको लग रहा था अब तो झगड़ा होने वाला है। और यह लोग भी चाहते थे कि झगड़ा हो। बट उस आदमी ने कुछ नहीं करा। बट फिर इन लोगों ने जानबूझ के उसका जो सैंडविच था उसका एक टुकड़ा लिया और खुद खाने लग गए और उसका मजाक उड़ाने लग गए। फिर भी आदमी ने कुछ नहीं किया। फिर उसके एक दोस्त ने पूरे प्लेट को नीचे गिरा दिया। सबको लगा अब तो झगड़ा होगा। बट उस आदमी ने कुछ नहीं किया। उसने अपना हैंकर शिफ्ट लिया। अपना मुंह पोछा और वहां से निकल गया। यह लोग चिल्ला-चिल्ला के बोलने लग गए कि कैसे डरपोक आदमी है। कितना कमजोर आदमी है। डरा हुआ आदमी। थू है ऐसे लोगों पे। और ऐसे ही वो लोग अपनी एक फालतू मजाक मस्ती में खाने में बिजी हो गए। ना कुछ टाइम बाद वहां पर वहां की जो रेस्टोरेंट की वेटर थी वह लोगों के पास गई और उसने कहा सर आप लोगों को उस इंसान के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था। बचपन से ही उसे बहुत ज्यादा इन सब चीजों के पीछे चिढ़ाया गया है और बहुत कुछ करा गया है और इस वजह से ही अब वो एक ऐसा इंसान बन गया है जिसके साथ लोग चाह के भी मजाक नहीं कर सकते। उन तीनों आवारा ने बोला कि हां चलो जाओ अपना काम करो। उस वेट्रेस ने कहा आप लोगों को बाहर वो आदमी बुला रहा है। अब नाउ जैसे ही ये तीनों लोग आदमी लोग बाहर जाते हैं वो लोग क्या देखते हैं कि आदमी खड़ा हुआ है और अकेले नहीं खड़ा हुआ है। उसके साथ दो पुलिस की गाड़ी खड़ी हुई है। दरअसल बात यह थी कि ये कोई नॉर्मल इंसान नहीं था। यह उस जगह का शेरफ था। पुलिस ऑफिसर था जो नॉर्मल से कपड़े पहन के वहां खड़ा था। उसने उन तीनों लोगों को अरेस्ट करवाया और फिर पुलिस स्टेशन में जो उन लोगों के साथ हुआ होगा वो सब आप इमेजिन कर सकते हो। वेल बात यह थी बचपन से इस आदमी की वैल्यू नहीं करी गई थी। और इसलिए बचपन से उसने एक चीज समझ ली थी कि जब तक वह अपनी वैल्यू नहीं बढ़ाएगा तब तक उसके साथ यह होता रहेगा और इसलिए उसने बहुत मेहनत से पढ़ाई लिखाई करी और अपने आप को इतना केबल बना लिया कि आज लोग चाहकर भी उसका मजाक नहीं उड़ा सकते।

ऐसे ही रिया कई बार हमें लगता है कि जब हम बात करते हैं आर्गुमेंट करते हैं तो उससे हमारी वैल्यू बढ़ती है। बट ऐसा नहीं है। जैपनीज की एक और टाइनी हैबिट है जिसे बोलते हैं गमन। मतलब है एंडोर विद डिग्निटी। कई बार हमें लगता है कि हमारी खामोशी हमारी वीकनेस है। लेकिन नहीं खामोशी वीकनेस नहीं होती है। अगर आपको रिसोंड भी करना है तो उसे अपने एक्शन से करना चाहिए ना कि रिएक्शन से। कई बार हमें लगता है कि हमें आर्गुममेंट करने से हमारी वैल्यू बढ़ती है। जब हम कुछ चीजें बोलते हैं तब वैल्यू बढ़ती है। लेकिन एक्चुअल में हमारी वैल्यू तब बढ़ती है जब हम एक वैल्यूुएबल इंसान बन जाए। उस इंसान की तरह पुलिस ऑफिसर या फिर अपने आप को इतना ऊंचा उठा ले कि लोग ना चाहते हुए भी हमें डिसरिस्पेक्ट ना कर पाए। बट उस चीज के लिए हमें अपने आप को इंप्रूव करना पड़ेगा। इसीलिए आज का टास्क तुम्हारे लिए यही है। अपने अंदर अपनी स्किल्स, अपनी कैपेबिलिटी पर काम करो। अपने आप को एक वैलुएबल इंसान बनाओ। मिस्टर बुक ने पूछा रिया बताओ कौन सी ऐसी स्किल है जिसमें लगता है तुम नॉर्मल लोगों से ज्यादा अच्छी हो। एवरेज से ज्यादा अच्छी हो। उसने कहा सर पता नहीं। बट फिर जब उसने थोड़ा सोचा तो उसके दिमाग में आया योगा। योगा मैं यूजुअली अपने फ्रेंड्स में सबसे ज्यादा अच्छा करती हूं। और इस चीज के लिए लोग मुझे प्रज़ भी करते हैं। मिस्टर बुक ने कहा ग्रेट। इसी चीज में और एक्सपर्ट बनो। और एक्सपर्ट बनने के बाद उसे दूसरों को सिखाना भी स्टार्ट करो। यह चीज से तुम्हारी वैल्यू बढ़ेगी और तुम्हारा कॉन्फिडेंस और हर एक चीज बढ़ेगी। रादर देन झगड़ा करने के ऑटोमेटिकली तुम्हारी वैल्यू बढ़ते जाएगी। जिससे ना चाहते हुए भी लोग तुम्हें रिस्पेक्ट करने लग जाएंगे। और जब भी तुम्हें झगड़ा करने का मन करे तो बातों में अपनी एनर्जी वेस्ट करने के बजाय अपने ऊपर काम करना, अपनी स्किल्स को इंप्रूव करना।

अपनी पुरानी पहचान को मार डालो

नवरिया को ये सारी बातें इतनी हजम तो नहीं हुई बट उसने एक कमिटमेंट दिया था कि वो बातें फॉलो करेगी मिस्टर बुक की। इसलिए उसने उसको भी करना स्टार्ट किया। अब धीरे-धीरे उसने अपने ऊपर और काम करना स्टार्ट किया। अब भी जब कोई झगड़े होते, कुछ भी होती तो वह शांत होती और आर्गुममेंट करने के बजाय सिर्फ अपने आप को इंप्रूव करने पर काम करती है। उसने योगा से रिलेटेड क्लासेस ली। उसने अपने योगा लेसंस जो पहले कोर्सेज और क्लासेस लेके सीखे थे उसी चीज को रिवाइज करके उसकी प्रैक्टिस करने लग गई और धीरे-धीरे वापस से उसका कॉन्फिडेंस बढ़ने लग गया। जब भी कोई झगड़ा करने जाता, वो झगड़ा करने वालों के मुंह लगने के बजाय सीधा जाके अपने योगा की प्रैक्टिस करने लगती। अब ऐसे ही कुछ और दिन निकल गए। आया डे 17। रिया ने फिर डॉक्टर बुक से बात करी और इस बार वो बहुत एक्साइटेड थी। उसने बताया कि कैसे अभी भी वह उन जैपनीज फिलॉसोफी को फॉलो कर रही है। लास्ट टाइम जब उसका झगड़ा होने वाला था अपने घर वालों से तो वापस से उसने बोलने के बजाय अपने को काम डाउन किया, शांत करा और वो जाकर वापस से अपनी योगा की प्रैक्टिस करने लग गई और फिर हुआ यह कि कुछ टाइम बाद उसका जो दोस्त था जिसके साथ उसका झगड़ा हुआ था उसने खुद से आकर उसको सॉरी बोला और यह चीज पहले कभी नहीं हुई थी और वो इस चीज के लिए बहुत खुश थी। उसने डॉक्टर बुक को बताया कि सच में यह खामोश रहना और अपने आप को इंप्रूव करना काम कर रहा है। लोग सामने से आके सॉरी बोल रहे हैं। बट अभी भी एक क्वेश्चन है। डॉक्टर बुक ने फिर से स्माइल करा और कहा क्या? उसने कहा, "सर, बट अभी भी मुझे ऐसा लग रहा है कि यार यह मैं नहीं हूं।" मैं ऐसी बंदी हूं ही नहीं जो चुप रह के सुन ले। मैं ट्राई कर रही हूं बहुत अंदर से। बट मुझे अंदर से ऐसा लग रहा है कि दिस इज NOT WHO I AM। मैं तो एक ऐसी बंदी हूं जो लोगों को मुंह पर जवाब देती है। मुझे लोगों को सुनाना ज्यादा सही लगता है। रादर देन सिर्फ चुप रह के अपना काम करने के। इस चीज से मैं कैसे डील करूं। तब डॉक्टर बुक ने अगेन इस अपॉर्चुनिटी का फायदा उठाते हुए एक और स्टोरी बताई। एंशिएंट इंडिया में एक मर्चेंट था कारोबार करने वाला। एक बार जब वह जंगल गया तो उसे वहां पर तीन तोते मिले। वो तीनों ही तोते नॉर्मल नहीं थे। बात करने वाले तोते थे। अब तीनों को तो वो ले ही नहीं सकता था लेकिन उनमें से एक तोते को उसने ले लिया। वो अपने साथ उस तोते को लेके आया और अपने साथ शहर में जाके उसे रखने लग गया। मर्चेंट को वो तोता इतना पसंद था कि उसने उसके लिए सोने के केज बनवाए। वो उसे सबसे बेस्ट फ्रूट्स देता था। सबसे बेस्ट खाना देता था और एकदम कंफर्टेबल लाइफ देता था। बेसिकली वह तो को हर एक चीज देता था जिससे वह तोता खुश रहे लेकिन फिर भी वह तोता खुश नहीं था क्योंकि उसके पास एक चीज जो सबसे इंपॉर्टेंट थी वो नहीं थी वो था फ्रीडम और यह चीज उस तोते के ओनर को भी समझ में आ रही थी लेकिन वो तोते से इतना प्यार करने लग गया था कि उसे छोड़ना नहीं चाहता था इसीलिए एक बार जब वापस एक काम के सिलसिले में उसे उसी गांव में जाना था जो जंगल के पास था तो उसने उस तोते से बात करके पूछा उसने पूछा कि तुम्हारे लिए कुछ लेके आऊं कुछ चीजें कुछ चाहिए तुम्हें तो उसने बोला कुछ नहीं बस जाके मेरे जो दो दोस्त है तोते उनसे जाकर बात कर लेना मेरे बारे में बता देना मैं खुश खुश हूं। यहां मेरे पास गोल्डन केज है। खूब सारा अच्छा खाना है। लेकिन अभी भी मैं तुम लोगों के साथ का टाइम बहुत मिस करता हूं। तो मर्चेंट फिर वापस से उस गांव गया। वहां के जंगल गया और वहां जंगल में उसे वापस से वो दो तोते मिले। उसने जाके बताया कि तुम्हारे दोस्त तोते ने एक मैसेज दिया है कि वो अब गोल्डन केज में रहता है। वो बेस्ट खाना खाता है। मैं उसका ख्याल भी बहुत रखता हूं। वह ठीक है लेकिन अभी भी वह तुम लोगों को बहुत याद करता है और इस वजह से उसे बुरा लगता है और जैसे ही इस आदमी ने यह बात बोली तो उन दोनों तोतों में से एक जो तोता था वो कांपने लगा और कांपते-कापंपते जोर से वो नीचे गिर गया बिल्कुल मोशनलेस। उस मर्चेंट ने जाके भाग के देखा तो उसे रियलाइज हुआ तोता तो मर चुका है। उसे यह देख के बहुत शॉक लगा। वो फौरन वापस से गया अपने घर वाले तोते के पास और उसने सोते के पास जाके यह चीज बताई कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि क्या हुआ। मैंने तुम्हारा मैसेज उस तोते को दिया और वह तोता अचानक से गिर कर मर गया। नाउ यह सुनते ही उसके पिंजरे का भी जो तोता था वह भी उसी तोते की तरह कांपने लगा और अचानक से वह भी वहां पर गिर गया और उसकी भी मौत हो गई। मर्चेंट ने जब उसे अपने हाथ में लिया तो उसने नोटिस किया कि यह भी मर चुका है। जरा भी हिल रहा नहीं था वो। नाउ उस मर्चेंट को बहुत ज्यादा बुरा लगा। उसे समझ ही नहीं आ रहा था क्या हो रहा है। लेकिन फिर जैसे तैसे दिल पर पत्थर रख के उसने उस मरे हुए तोते को अपने हाथ में लिया और उसे देख के रोने ही लगा। तभी अचानक से क्या हुआ कि जैसे मानो उस तोते में जान आ गई। उसने अपने पर उड़ाए और वहां से वह तोता उड़ के भाग गया। मर्चेंट शॉक में था कि वह जिंदा था। फिर उसने यह सब कैसे किया? तो जाते-जाते तोते ने बताया कि कैसे उसका जो दोस्त था उसने भी वह मरने का नाटक किया था। वो भी मरा नहीं था। वो तो बस उसे एक मैसेज दे रहा था कि कैसे अगर तुझे भी जिंदा रहना है तो तुझे मरना होगा। तभी तू इस पिंजरे से बाहर निकल पाएगा। इसीलिए उसने मरने का नाटक किया। नाउ देखो इस कहानी से लेसन क्या है? देखो हम सबको ना जिंदगी में नई लाइफ चाहिए। नई बॉडी, नया कॉन्फिडेंस, नए पैसे। बट प्रॉब्लम यह है ना कि हम अपनी पुरानी आईडेंटिटी को छोड़ने के लिए रेडी नहीं है। वह तोता जब गोल्डन केज में था, उसके पास बहुत कुछ था। लेकिन जब तक वह कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलने के लिए, मरने के लिए रेडी नहीं था, तब तक वो वहां से निकल नहीं पाया। और यहीं आता है जैपनीज़ का नेक्स्ट फिलॉसोफी जिसे बोलते हैं शिंका। मतलब एववोल्यूशन बिकमिंग अ बेटर फॉर्म। अगर आप लोगों को भी ये अपनी एक नई आईडेंटिटी बनाना है, स्ट्रांग आइडेंटिटी बनाना है, तो आपको अपनी ओल्ड आइडेंटिटी को मारना होगा कि मैं तो बस ऐसा ही हूं। मैं तो इंट्रोवर्ट हूं। मैं तो बात करता ही हूं। मुझसे तो सुना नहीं जाता है। यह सब आपने एक अपनी ओल्ड आइडेंटिटी बना के रखी है। लेकिन जब तक आप इस ओल्ड आइडेंटिटी को खत्म नहीं करोगे, मारोगे नहीं तब तक आप वो न्यू वर्जन नहीं बन पाओगे। Just like that तोता जो कंफर्ट में था लेकिन पिंजरे में था। लेकिन जैसे ही उसने अपने ओल्ड आइडेंटिटी को मारा, उस कंफर्ट को मारा, तभी उसको बाहर निकलने का मौका मिला और वापस से वो आसमान में उड़ के अपने दोस्तों के पास वापस जा सका। इसीलिए यह टाइनी जैपनीज हैबिट भी अपने अंदर डालना चालू करो। अपने आप से डेली क्वेश्चन पूछो। कौन सा आपका वो पुराना वर्जन है जो आपको धीरे-धीरे मार रहा है? मतलब टॉक्सिक लड़ाई करना, बहुत ज्यादा मोबाइल स्क्रोल करना, कास्टेंट नेगेटिव थिंकिंग या फिर मैं एक इंट्रोवर्ट हूं। मैं एक लो कॉन्फिडेंट इंसान हूं। यह सब बोलना बंद करिए। यह आइडेंटिटी को मारना चालू करिए। तभी आपकी न्यू आइडेंटिटी बनेगी।

स्वर्ण बुद्ध भीतर

नाउ रिया को यह वाली कहानी एक्चुअल में पसंद आई। उसको रियलाइज हुआ कि हां जब तक वो यह बोलते रहेगी कि मैं ऐसे ही हूं तब तक ग्रोथ का चांस नहीं है। प्रोग्रेस का चांस नहीं है। इसीलिए उसने वापस से ट्राई करना स्टार्ट किया। अपनी ओल्ड आइडेंटिटी को मारना स्टार्ट किया। बट यह एक्सजेक्टली करे कैसे? उस लड़की को यह समझ नहीं आ रहा था। इसीलिए वह बहुत दिल से वेट कर रही थी कि कब उसका वापस से मौका मिले मिस्टर बुक से बात करने का ताकि वह इसका यह क्वेश्चन पूछ सके। उसको समझ में आ रहा है कि कौन सी कौन सी आदतें हैं जो उसकी ओल्ड आइडेंटिटी है वो उसे परेशान कर रही है। लाइक चुप रह के बातें ना सुनना और यह सारी चीजें। डे 21 आज रिया ने मिस्टर बुक को कहा, "सर, पिछली बार आपने मुझे बताया था कि अगर मुझे अपना एक न्यू ब्राइट फ्यूचर बनाना है, तो मुझे अपने ओल्ड सेल्फ को मारना पड़ेगा उस तोते की तरह। अपनी पुरानी लिमिटिंग आइडेंटिटीज को उन्हें मारना होगा और नई स्ट्रांग आइडेंटिटीज बनानी होगी। पर बट यह चीज मैं करूं कैसे? मुझे समझ नहीं आ रहा है। इसका कोई प्रैक्टिकल तरीका है? डॉक्टर बुक ने कहा हां। इसके पीछे भी एक लेसन है जिसे जैपनीज में जीको शिनराॉय बोलते हैं। और यह क्या होता है मैं तुम्हें एक कहानी से बताता हूं। 1940 की बात है। एक कोर्ट में कटघरे में एक अमेरिकन फुटबॉल प्लेयर था जिसका नाम था फ्रैंक जिमेनस्की। किसी तो लीगल केस की वजह से उसे एज अ विटनेस कोर्ट में बुलाया गया था। बातोंबातों में जज ने कैजुअली पूछ लिया कि फ्रैंक तुम करते क्या हो? फ्रैंक ने बोला सर आई प्ले सेंटर फॉर नॉट ट्राडम। बेसिकली वो एक फुटबॉल प्लेयर थे जो एज अ सेंटर खेलते थे नॉट ट्रेडम के लिए जो एक कॉलेज थी। नज ने हल्के से मुस्कुराते हुए पूछा अच्छा वेर यू एनी गुड? तुम क्या थोड़े अच्छे प्लेयर थे? नाउ कोर्ट रूम इस पे साइलेंस हो गया। बट फिर फ्रैंक ने कुछ ऐसा बोला कि उनका जो कोच था वो शॉक हो गया। फ्रैंक ने फुल कॉन्फिडेंस के साथ बोला सर आई एम द BEST CENTER NOTM HAS EVER HAD। मेरे से अच्छा और प्लेयर कभी नोट के पास नहीं था। नाउ यह चीज बहुत शॉकिंग थी क्योंकि फ्रैंक एक ऐसा इंसान था जो यूजुअली बहुत हम्ल था। वह कभी अपनी बढ़ाई नहीं करता था। अपने बारे में बड़ा नहीं बोलता था और हमेशा शांति ज्यादा रहता था। और इसीलिए जब उसने इतना कॉन्फिडेंटली इस चीज को कहा तो उनका कोच भी थोड़ा सा क्यूरोसिटी में आ गया कि यार इसने ऐसा बोला क्यों? तो फिर जैसे ही सेशन खत्म हुआ कोच ने फौरन फ्रैंक को साइड में लिया और पूछा फ्रैंक तुम तो यूजुअली कभी अपनी तारीफ नहीं करते या अपने बारे में कोई बड़ी बात नहीं करते बट तुमने आज सबके सामने इतनी बड़ी बात कैसे बोली? नाउ इसके ऊपर फ्रैंक थोड़ा सा शर्मा गया और उसने कहा सर मुझे यूजुअली यह सब बातें बोलना पसंद नहीं है बट क्या कर सकता था आई WAS UNDER ओथ मैंने वहां कसम खाई थी कि मैं झूठ नहीं बोलूंगा नाउ यह होता है कॉन्फिडेंस खुद पे और इसे ही बोलते हैं जीको शिनराय मतलब ट्रस्ट इन योरसेल्फ कई लोगों को लग रहा था कि फ्रैंक वहां पर एगेंट हो रहा है कोच को भी यही लगा बट एक्चुअली में वो एगेंट नहीं था वो उसका सेल्फ कॉन्फिडेंस था वो उसका खुद पर ट्रस्ट था और इसीलिए उसने कटघरे में कसम खाने के बाद सिर्फ यह सोच के साथ सच बोला क्योंकि उसे झूठ नहीं बोलना था उसे वहां पर हम्ल नहीं होना था और यह एक बहुत पावरफुल लेसन है। कई बार हम खुद को अननेसेसरीली छोटा समझते हैं। अपने बारे में छोटा बोलते हैं कि नहीं मैं इतना अच्छा नहीं हूं। मैं यह नहीं कर सकता। मैं वो नहीं कर सकता। लेकिन अगर आप एक छोटी हैबिट अपनी लाइफ में लाना स्टार्ट करो जीको शिनराई की तो इससे आप अपनी आइडेंटिटी चेंज कर सकती हो। रिया ने पूछा अच्छा बट कैसे? उसने कहा सिंपली यह छोटी आदत रोज अप्लाई करो। अपनी एक कुछ आइडेंटिटी के स्टेटमेंट्स बनाओ और डेली उनको बोला करो। I AM CAPABLE, I AM IMPROVING, I AM CONFIDENT। और इसको कॉन्फिडेंटली बोलने की कोशिश करना। बिना ज्यादा सोचे इस चीज को करना चालू करो। कई लोग इसे ही अफेमेशंस बोलते हैं। कई सारे बड़े-बड़े एथलीट्स, प्लेयर्स ये लोग अफमेशन का यूज करते हैं खुद का कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए। खुद का सेल्फ ट्रस्ट बनाने के लिए। तुमने देखा होगा शाहरुख खान भी कई बार अपने को बोलता है आई एम द बेस्ट। रोनाल्डो बोलता है आई AM THE BEST। मोहम्मद अली बोलते थे, आई AM THE GREATEST। यह उन लोगों का एगेंस नहीं था। यह वो लोगों का सेल्फ ट्रस्ट है। बिकॉज़ वो एक चीज समझते हैं। जब तक वो खुद पर ट्रस्ट नहीं करेंगे, दुनिया उन पर ट्रस्ट नहीं करेगी और ना ही वह अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दे पाएंगे। इसीलिए तुम भी आज से ऐसे स्टेटमेंट्स बनाना स्टार्ट करो और यह छोटी आदत धीरे-धीरे तुम्हारी आइडेंटिटी को चेंज करना स्टार्ट करेगी। जहां पहले तुम बोलती थी कि मैं किसी का भी सुन के नहीं ले सकती हूं जो कहीं ना कहीं यह बताता है कि मैं इंपेशेंट हूं। तुम यह बोलो कि मैं पेशेंटली लोगों को सुनती हूं, समझती हूं और फिर मुझे जो चाहिए वो चीज अच्छे से कम्युनिकेट करती हूं। I AM A GOOD COMMUNICATOR। ऐसे टाइप की चीजें तुम्हें अच्छा कम्युनिकेटर भी बनाएगी और तुम्हारे रिलेशनशिप भी अच्छी करेगी।

रिया का पहला क्लाइंट

नाउ ये सिंपल सी चीज रिया ने फिर फॉलो करना स्टार्ट करी। अगेन डे 22, 23, 24 ऐसे ही डेज़ आए और डेज गए। फाइनली इसके बाद डे 27 को रिया को मौका मिला अगेन फिर बात करने का। रिया ने मिस्टर बुक से बात करते हुए कहा, "सर, मैंने ये छोटे अफोर्मेशंस रोज बोलना स्टार्ट करी हूं।" और धीरे-धीरे जब भी मैं यह बोलती हूं, मेरे अंदर एक कॉन्फिडेंस फील होना स्टार्ट होता है। लेकिन अभी भी एक प्रॉब्लम है। मिस्टर बुक मुस्कुराए और उन्होंने पूछा, "अच्छा, अब क्या प्रॉब्लम है?" रिया ने कहा, "सर, मैं यह बोल तो रही हूं बट कहीं ना कहीं मुझे लग रहा है कि यह सच नहीं है।" कहीं ना कहीं मुझे ऐसा लग रहा है मैं फेक कर रही हूं। सच में जो मैं बात बोल रही हूं वो सच है या सिर्फ झूठी बातें मैं बोल के अपने आप को बेवकूफ बना रही हो। नाउ यह चीज ने मिस्टर बुक को काफी इंप्रेस किया। मिस्टर बुक ने कहा इट्स अ ग्रेट क्वेश्चन। और फिर उन्होंने हमेशा की तरह एक कहानी बताई। कई डेकेड्स पहले थाईलैंड का रिनोवेशन जैसा हो रहा था। नए हाईवेज, रेल रोड्स ये सारी चीजें बन रही थी। तभी वहां पे एक टेंपल था जिसके अंदर एक बड़ा सा गौतम बुद्ध का स्टैचू रखा हुआ था। नाउ किसी तो रीजन की वजह से उस स्टैचू को वहां से हटाना था रेनोवेशन और कंस्ट्रक्शन के काम के लिए। तो इसीलिए उस स्टैचू को उठाने के लिए कन बुलाई गई। और जैसे तैसे करके उसे कन के थ्रू उठाने की कोशिश करी गई। लेकिन हुआ यह कि जैसे ही कन ने उस स्टैचू को उठाना स्टार्ट किया अजीब सी आवाजें कन से आने लग गई। उन्होंने एक्सपेक्ट नहीं किया था कि यह जो गौतम बुद्ध का स्टैचू है वो इतना वजन होगा और इसीलिए वो कन ने काम करना बंद कर दिया। वो थोड़ा सा वो बेंड सा हो गया। फौरन उन्होंने उस कन से उस स्टैचू को उठाने के लिए रोका। बट वो स्टैचू फिर भी थोड़ा सा अटक सा गया था और हुआ यह कि उसके कुछ देर बाद ही मौसम एकदम बादलों से छा गया और ऐसा लग रहा था कि अब बारिश होगी क्योंकि यह बुद्ध स्टैचू मिट्टी का बना हुआ था इसलिए फौरन वहां के जो लोग थे उन्होंने उसको अच्छे से ढकना स्टार्ट किया जो भी उनको प्लास्टिक का मटेरियल मिल रहा था कवर मिल रहा था उससे उस चीज को कवर करना स्टार्ट किया ना सभी वर्कर्स ने बहुत अच्छे तरीके से उस गौतम बुद्ध के स्टैचू को ढाक तो दिया था और बारिश भी होना स्टार्ट हो गई लेकिन फिर बहुत देर से बारिश हो रही थी तो जो एक काम वाला था उसने सोचा कि चलो जाके देखते हैं गौतम गौतम बुद्ध का स्टैचू बराबर है कि नहीं? और जब वो वहां पर गया और उस प्लास्टिक को हटा के थोड़ा उसने देखा तो उसने नोटिस किया कि गौतम बुद्ध के स्टैचू से कुछ तो एक चीज चमक रही है। और यह चमकती हुई चीज देख के उसकी क्यूरोसिटी जागी। जब उसने हाथ से उस चीज को थोड़ा सा हटाया, साफ किया तो उसने कुछ ऐसा नोटिस किया जो उसने जिंदगी में एक्सपेक्ट नहीं किया था। जैसे-जैसे धीरे-धीरे वह मिट्टी उन वर्कर्स ने हटाना चालू करी, उनको रियलाइज हुआ कि यह जो गौतम बुद्ध का स्टैचू है, वह एक्चुअल में मिट्टी का नहीं बल्कि पूरे का पूरा सॉलिड गोल्ड से बना हुआ है। जिसकी वर्थ 100 एंड मिलियंस ऑफ डॉलर्स की है। नाउ हिस्टोरियन ने जब इसके बारे में रिसर्च किया तो उनको पता चला कि दरअसल बात यह थी कि कई 100 साल पहले थाईलैंड किंगडम सियाम के नाम से जाना जाता था और तब वहां पे म्यांमार के जो बर्मीज लोग थे वो लोगों ने थाईलैंड पे अटैक कर दिया था। अब गौतम बुद्ध का यह जो स्टैचू जो सॉलिड गोल्ड का था उनको पता था कि यह वो लोग शायद चुरा सकते हैं। उसे तोड़ सकते हैं, उसे मेल्ट कर सकते हैं। इसीलिए उनके दिमाग में एक ब्रिलियंट आईडिया आया। उन्होंने पूरे गौतम बुद्ध के स्टैचू को मिट्टी से और प्लास्टर से ढक दिया ताकि लोगों को लगे ये सिर्फ मिट्टी का है और वो उसको चुराए ना। अब हुआ यह कि जब बर्मीज़ लोगों ने अटैक किया तो हां वो गौतम बुद्ध के स्टैचू को उन्होंने मिट्टी का ही समझा। लेकिन अनफॉर्चूनेटली शायद जितने भी मॉक्स थे वो बचे नहीं। उन सभी को मार दिया गया और इसीलिए फिर कोई भी इंसान बचा ही नहीं जो बता सके कि एक्चुअल में यह जो गौतम बुद्ध का स्टैचू है वह मिट्टी का नहीं बल्कि सोने का है और यहीं पे आता है एक इंपॉर्टेंट लेसन। सच बात तो यह है कि गौतम बुद्ध के स्टैचू की तरह ही हम सब भी इंसान देखा जाए तो अंदर से गोल्ड से ही बने हुए हैं। हम इतने वैल्यूुएबल है लेकिन जिंदगी में कई बार हम अपने आप को मिट्टी से ढक लेते हैं। मिट्टी मतलब हमारे फियर, रिजेक्शन कंपैरिजन इनसिक्योरिटी फेलियर ट्रॉमा क्रिटिसिज्म ईगो लेज़नेस ये सारी चीजें मिट्टी बनके हमें ढक देती है। जिस वजह से कई बार हम खुद भी आईने में देखते हैं तो हमें लगता है हम वर्थस हैं। दूसरे भी देखते हैं तो शायद उनको लगता होगा कि हम वर्थलेस हैं। लेकिन सच बात तो ये है कि अगर इस मिट्टी को इस प्लास्टर को एक-एक करके अगर हम निकालना स्टार्ट करें तो हमें रियलाइज होगा कि एक्चुअल में हम खुद भी सोने के बने हैं। हम सब में टैलेंट है। जिस दिन तुम इस चीज को रियलाइज कर

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0:00 हे दोस्तों, चैलेंज का 30वां दिन चल रहा था। कई लोग आकर अपना एक्सपीरियंस शेयर कर रहे थे बड़ी खुशी-खुशी। तभी वहां साइड में जो मैसेज का टैब होता है, वहां पे एक लड़की बार-बार मैसेज कर रही थी रिया कि आई वांट टू टॉक, आई वांट टू टॉक, आई वांट टू टॉक। इतनी बार मैसेज आ चुके थे कि मिस्टर बुक चाहकर भी इग्नोर नहीं कर पाए। और फाइनली रिया को मौका मिला बात करने का। जैसे ही उसे मौका मिला, उसने एक लंबी सी सांस ली और कॉन्फिडेंटली बोलना स्टार्ट किया। सर लास्ट टाइम जब हमारी बात हुई थी आपने जो लेसन गोल्डन स्टैचू का मुझे सिखाया था उस लेसन को बहुत दिल से फॉलो किया। मैं बार-बार अपने आप को विजुअलाइज करके ऐसा महसूस कर रही हूं कि मैं गोल्ड से भी ज्यादा वैल्युएबल हूं और इस वजह से मेरा कॉन्फिडेंस बढ़ चुका है और आपको पता है मैंने अपना पहला क्लाइंट भी क्लोज कर लिया है। एक वर्किंग लेडी जिन्हें मैं ऑनलाइन ही योगा की ट्रेनिंग देने वाली हूं। एंड शी इज पेइंग मी वेल। सच में सर

0:46 आपके लेसंस नहीं होते तो मैं यह कभी नहीं कर पाती। थैंक यू सो मच। रिया यह सारी बातें बोल ही रही थी। तभी डॉक्टर बुक भी अपने को रोक नहीं पाया और उन्होंने बोल भी दिया कि रिया मैं बिलीव ही नहीं कर रहा हूं 30 दिन पहले की रिया और आज की रिया में कितना फर्क आ चुका है। याद है पहले टाइम जब तुम बात कर रही थी तो तुम लिटरली काप सी रही थी। तुम्हारे वर्ड्स तक नहीं निकल रहे थे। तुम्हारी कितनी सारी प्रॉब्लम्स थी और आज देखो तुम कितना कॉन्फिडेंटली बात कर रही हो। रिया ने हल्के से स्माइल करते हुए थोड़ा सा इमोशनल फील करते हुए कहा सच में सर मुझे भी बिलीव नहीं हो रहा है। इतना कुछ भी हो सकता है इस चैलेंज की वजह से। थैंक यू सो मच। आपके लेसंस नहीं होते तो शायद मैं ये सब नहीं कर पाती। बट अभी भी मेरा एक सवाल है। डॉक्टर बुक ने पूछा अभी भी सवाल है क्या सवाल है? रिया ने कहा सर आपने अभी तक मुझे छह जैपनीज की वो टाइनी हैबिट्स बताई है। बट सेवंथ हैबिट क्या है? वो आपने अभी तक नहीं बताई। मिस्टर बुक ने स्माइल करा और

1:31 कहा सेवंथ हैबिट तो तुमने ऑलरेडी अप्लाई करना स्टार्ट भी कर दिया है। अब ये सातों हैबिट्स क्या है? वह सब बताने से पहले आज की जो कहानी मैं आपको बताने वाला हूं, वह कोई नॉर्मल मोटिवेशनल स्टोरी नहीं है। बल्कि यह स्टोरी में एक्चुअल में रियल एलिमेंट्स हैं। रियल में हमारी कम्युनिटी मेंबर्स के साथ जो चीजें हो रही है, जो प्रैक्टिकल चेंजेस उनकी लाइफ में आ रहे हैं, उसके ही टुकड़ों को मैंने जोड़ के ये कहानी बनाई है जो आपके लिए बहुत पावरफुल होगी। स्पेशली अगर आप एक ऐसे इंसान हो जो बहुत ज्यादा सोचता है अपने पास्ट को लेके या फिर फ्यूचर की एंजाइटटी आपको होती है। फ्यूचर में क्या होगा? अगर आपको बहुत जल्दी गुस्सा आता है, आपके झगड़े बहुत होते हैं तो भी यह वीडियो आपके लिए काम का होगा। अगर आपको लगता है कि लोग आपकी इतनी वैल्यू नहीं कर रहे हैं या अगर आपको लग रहा है कि आप चाहकर भी चेंज नहीं हो पा रहे हो तो आज मैं आपको यह जैपनीज़ फिलॉसोफीस बता के इसका सलूशन देने वाला हूं वो भी एक प्यारी सी कहानी के फॉर्मेट में ताकि आप इसे अच्छे से याद रख सको प्लस इन बातों को सीखने के साथ-साथ इसे अप्लाई

2:16 कैसे किया जा सकता है वो भी आज के वीडियो में मैं आपको बताऊंगा। अगर आप छोटी-छोटी टाइनी जैपनीज़ हैबिट्स अपनी लाइफ में अप्लाई करके बड़े-बड़े चेंजेस लेके आना चाहते हो तो ये वीडियो आप जरूर एंड तक देखना। अब चलो जाते हैं 30 दिन पहले के फ्लैशबैक पे। डे वन एक नया चैलेंज स्टार्ट ही हुआ था जो मिस्टर बुक ने इनिशिएट किया था। कई सारे लोगों ने यह चैलेंज को ज्वाइन किया था। कुछ लोगों के कैमरा ऑन थे, कुछ लोगों के ऑफ। मिस्टर बुक ने सक्सेसफुली पहला दिन की बातें सिखा चुके थे। मेडिटेशन, रूटीन सारी चीजें जो होनी थी वो सब हो चुकी थी और अब आया था क्यूएनए का टाइम। क्वेश्चन एंड आंसर्स में जो इस ग्रुप के ओल्ड लीडर्स थे उनमें से एक ने कहा कि सर मेरे ग्रुप में एक मेंबर है रिया। वो आपसे बात करना चाहती है। वो थोड़ी शाय है बट मैं चाहता हूं आप उसके क्वेश्चंस का आंसर दो। डॉक्टर बुक ने रिया को अनम्यूट किया और रिया ऑकवर्डली स्माइल करते हुए बात करने की कोशिश करने लगी। उसने गुड मॉर्निंग एवरीवन बोला और वह बोलने जा ही रही थी बट तभी अटक गई। उसके

3:03 मुंह से मानो शब्द निकल ही नहीं रहे थे। उसे घबराहट हो रही थी। उसकी बॉडी में उसे कपकपी महसूस हो रही थी क्योंकि कई बार उसके साथ यह होता था। कई बार जब उसे मौका मिलता था बात करने का तो वो बात नहीं कर पाती थी। उसका कॉन्फिडेंस इतना लो था। बट फिर भी थोड़ी एनकरेजमेंट मिलने के बाद उसने बोलना स्टार्ट किया। उसने कहा कि सर मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि मेरी लाइफ में हो रहा क्या है। मैं बहुत ओवरथिंकिंग करती हूं। मेरा पास्ट बहुत बुरा रहा है। पास्ट की बातें मुझे बहुत सताती है। मेरा दिमाग बहुत चलता है कि क्या करूं क्या नहीं। मैं कई बार बहुत इमोशनल हो जाती हूं। जिसकी वजह से मेरे झगड़े भी बहुत होते हैं। ऑन द अदर हैंड मेरा कॉन्फिडेंस भी बहुत लो रहता है। मैं चाहती तो हूं बहुत कुछ करना, खुद से पैसे कमाना, सेल्फ इंडिपेंडेंट होना बट ये सारी चीजें मुझसे हो नहीं पा रही है। कभी-कभी ऐसा लगता है कि मेरे अंदर वो बात ही नहीं है। दूसरे लोग भी मेरी इतनी वैल्यू नहीं करते हैं। कभी भी कुछ भी बोल के निकल जाते हैं। और यह सारी चीजों की वजह से मेरा कॉन्फिडेंस गिरता जा रहा है। सर, मैं आपको बहुत टाइम

3:50 से फॉलो कर रही हूं। मैंने आपका एक जैपनीज वाला वीडियो भी देखा था जो मुझे बहुत पसंद आया था। थैंक यू सो मच फॉर दैट वीडियो सर। और हां, मैंने एक और वीडियो भी आपका देखा था कि कैसे हम 30 डेज में अपनी लाइफ बदल सकते हैं। मेरा एक क्वेश्चन यह भी है कि यह सारी प्रॉब्लम्स मैं कैसे खत्म कर सकती हूं? प्लस क्या 30 डेज में सच में हम अपनी लाइफ में कुछ भी बदल भी सकते हैं? इसके ऊपर मिस्टर बुक ने स्माइल किया। हल्का सा पॉज लिया। कांग्रेचुलेट किया कि डरने के बाद भी उसने क्वेश्चन पूछा और मिस्टर बुक ने रिया से कहा 30 दिन में तुम अपनी पूरी लाइफ बदल सकते हो। लेकिन तुम्हें एक कंडीशन फॉलो करनी होगी। रिया थोड़ी कंफ्यूज हुई और उसने पूछा क्या कंडीशन सर? मिस्टर बुक ने कहा कि अगले 30 दिन के लिए तुमको डेली लाइव आना पड़ेगा। कोई एक्सक्यूज नहीं, कोई बहाना नहीं। एक भी सेशन मिस नहीं होना चाहिए। प्लस क्योंकि तुम्हें जैपनीज़ फिलॉसोफी पसंद है तो मैं तुम्हें तुम्हारे प्रॉब्लम्स के सशन जैपनीज़ फिलॉसोफीस में ही दूंगा। लेकिन एक साथ नहीं दूंगा। मैं रैंडमली कभी डे 15

4:35 को, कभी सेवन को जब भी हो स्पेशली तुम पे फोकस डालते हुए एक लेसन सिखाऊंगा और तुम्हें उसको फॉलो करना है। और उससे क्या फर्क तुम्हें मिला लाइफ में वो मुझे आकर बताना है। क्या तुम यह करने के लिए रेडी हो? रिया थोड़ी घबरा गई जैसे उसके ऊपर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी आने वाली है। लेकिन फिर भी जैसे तैसे करके उसने कहा ठीक है सर मैं करूंगी। अब डॉक्टर बुक ने ऐसा इसलिए कहा बिकॉज़ डे वन का लेसन यही था। इट वाज अबाउट कमिटमेंट कि आज हमने चैलेंज स्टार्ट किया है लेकिन इसे कंप्लीट जरूर करेंगे। और बस उस दिन के लिए उतना बोल के डॉक्टर बुक ने उस कन्वर्सेशन को वहीं खत्म करा। और कहा आने वाले कुछ दिनों में रैंडमली एक दिन मैं तुम्हें तुम्हारे एक प्रॉब्लम का सशन दूंगा। बिकॉज़ लाइफ के प्रॉब्लम्स एक साथ शायद एक दिन में खत्म नहीं होंगे। लेकिन एक-एक प्रॉब्लम पे फोकस करके हम एक-एक प्रॉब्लम को खत्म कर सकते हैं। रिया ने और सभी मेंबर्स ने ग्रुप के एग्री किया और बस ऐसे ही डे वन खत्म हुआ। फिर आया डे टू। तब डॉक्टर बुक ने कुछ नहीं कहा। डे

5:21 थ्री डे फोर कुछ नहीं। डे फाइव में फाइनली मिस्टर बुक ने नोटिस किया कि रिया ऑनलाइन है। रिया को इस बार फिर ग्रुप लीडर ने बात करने का मौका दिया। उसने कहा सच बोल रही हूं पहली बार इतना रेगुलरली कोई चीज अटेंड कर रही हूं और मुझे आपके लेसन से फायदे हो रहे हैं। आप जो भी डेली आके सिखाते हो उससे फायदा हो रहा है। बट मेरी एक बहुत बड़ी प्रॉब्लम है। मैं ओवरथिंकिंग बहुत करती हूं। फ्यूचर के लिए क्या एंजायटी बहुत होती है। उसके लिए आप मेरी हेल्प कर सकते हो। मिस्टर बुक ने कहा डन। और फिर उन्होंने एक कहानी बताना स्टार्ट करी। यह बोलते हुए कि यह कहानी उन सभी लोगों के लिए है जो अपने पास्ट को लेकर परेशान है या फिर फ्यूचर का सोच के जिन्हें एंजायटी होती है। और फिर उन्होंने कहानी बोलना स्टार्ट करी। बहुत समय पहले की बात है। एक आदमी था जो काफी दिनों के बाद अपने घर जा रहा था। उसके दिल में बहुत एक्साइटमेंट थी क्योंकि फाइनली वो अपने बच्चों से, अपनी बीवी से मिलने वाला था जिससे वह कई महीनों से नहीं मिला था। अब गांव के रास्ते में एक बड़ा सा जंगल पड़ता था। जिस जंगल से वह

6:07 गुजर ही रहा था। तभी अचानक से उसकी दिल की धड़कनें तेज हो गई क्योंकि उसे महसूस हुआ कि कोई तो उसका पीछा कर रहा है। जैसे ही उसने मुड़ के देखा उसको रियलाइज हो गया पीछे काफी दूर एक शेर खड़ा है जो उसका धीरे-धीरे पीछा कर रहा है। वो देखते ही उस आदमी की सांसे रुक सी गई। उसने अपना सभी सामान फेंकते हुए जोर से भागना स्टार्ट किया। शेर ने जैसे ही देखा कि आदमी भाग रहा है, उसने उसका पीछा करना स्टार्ट किया। आदमी अपना पूरा होशोहवास छोड़ के भागने लग गया। जैसे ही वह एक हरेभरे पत्तों के अंदर घुसा, उसने रियलाइज किया कि इसके आगे तो जमीन ही नहीं है। उसके पैर हवा में थे। वो एक क्लिफ के ऊपर से गिरने लग गया था। जैसे-तैसे करके उसने एक वहां पे एक झाड़ था। उसकी डंडल पकड़ ली। वाइन पकड़ ली और उस पे लटक सा गया। नीचे एक बड़ा सा गड्ढा था। ऊपर शेर था। उसको पैर रखने के लिए थोड़ी सी फॉर्चूनेटली एक जगह मिल चुकी थी। जिससे वो कंफर्टेबली वहां

6:54 खड़ा तो हो सकता है थोड़े टाइम के लिए। फिर भी उसने जोर से डंठल को पकड़ के रखा था ताकि वो गिरे ना। ऊपर वह देख रहा था शेर की आवाज आ रही थी जो उसका इंतजार कर रहा था ऊपर आने का। नीचे जब उसने देखा तो बड़ी सी खाई थी और वह खाई के नीचे भी कुछ जानवरों की आवाज आ रही थी जो कौन से जानवर थे पता नहीं। इसीलिए सिचुएशन ऐसी हो गई थी कि शायद वो कूदता तो भी मरता, ऊपर जाता तो भी मरता। बट बात इधर भी खत्म नहीं हुई। तभी अचानक जिस डंठल से उसने बैलेंस करके रखा था, वो बीच में अटका हुआ था, उस डंठल को काटने के लिए दो चूहे आ गए। एक काला और एक सफेद चूहा। और बस उस टाइम पे उसका सब्र टूट गया। वो जोर-जोर से रोने लग गया। उसे समझ में नहीं आ रहा था कि अब वह क्या करें। ऊपर जाएगा तो भी मरेगा। नीचे का भी कुछ पता नहीं। अब जिस डंठल से वह लटका हुआ है वह भी कट रही थी। वो बहुत फ्रस्ट्रेट हुआ, रोया। बट फिर फाइनली जब वो शांत हुआ तो उसने अपने पास में ही देखा कि एक छोटा

7:40 सा पेड़ है जिस पे एक स्ट्रॉबेरी लगा हुआ है। उसने उस स्ट्रॉबेरी को पकड़ा, अपने हाथ में लिया और गौर से उसे देखने लग गया क्योंकि शायद वो उसकी जिंदगी का आखिरी खाना था। उसने गौर से उस स्ट्रॉबेरी के लालपन को देखा, महसूस किया उस स्ट्रॉबेरी को। उसने स्ट्रॉबेरी को स्मेल किया और उसने स्ट्रॉबेरी का एक बाइट लिया। जब उसने वह बाइट लिया तो उसे एक ऐसा मीठापन महसूस हुआ जैसा मीठापन उसने आज तक जिंदगी में कभी महसूस नहीं किया था। उस वक्त में वह स्ट्रॉबेरी खाकर उसे इतना अच्छा लगा कि उसके चेहरे पर एक बड़ी सी स्माइल आ गई। यह कहानी बोलने के बाद डॉक्टर बुक रुक गए। रिया ने पूछा सर इसके बाद क्या हुआ? तो डॉक्टर बुक ने कहा पता नहीं। बट इंपॉर्टेंट यह है इस कहानी में एक बहुत बड़ा लेसन छुपा है रिया तुम्हारे लिए। वो जो शेर था जो पीछा कर रहा था जो ऊपर खड़ा था उस आदमी का इंतजार कर रहा था वो शेर है तुम्हारा पास्ट। नीचे जो खाई है जिसमें जानवरों की आवाज आ रही है वह है फ्यूचर जो

8:26 समझ नहीं आ रहा है कि कैसा होगा। वो जो दो चूहे डंठल काट रहे थे जो काला था वह थी रात जो सफेद था वह था दिन जो दिन-ब दिन हर दिन हमारी जिंदगी की डोर को काटते रहते हैं जो कब कटेगी हमें नहीं पता बट कटेगी जरूर लेकिन इन सब चीज के बीच में अगर आप आसपास देखोगे तो आपको एक स्ट्रॉबेरी जरूर मिलेगा और जब आप सिर्फ उस स्ट्रॉबेरी पर फोकस करोगे और उसे एंजॉय करोगे तो एक टाइम पे तुम्हारा पास्ट और फ्यूचर सब इरिलेवेंट हो जाएगा और सिर्फ तुम स्ट्रॉबेरी को एंजॉय कर पाओगे। मुझे नहीं पता तुम्हारी लाइफ में कितनी प्रॉब्लम्स है रिया। तुम्हारा पास्ट फ्यूचर का क्या प्रॉब्लम है? लेकिन मैं एक चीज़ जरूर जानता हूं। हम सब की लाइफ में हम सबको कुछ ना कुछ स्ट्रॉबेरीज जरूर दिख सकते हैं। लेकिन उसको देखने के लिए हमें शांत होकर अपने आसपास देखना होगा। और यही आता है जैपनीज़ का पहली फिलॉसोफी और पहली टाइनी हैबिट। इची गो इची दिस मोमेंट विल नेवर कम। प्रॉब्लम्स हमेशा लाइफ में रहेगी। करियर

9:12 का टाइगर, रिलेशनशिप का टाइगर। इन सारी प्रॉब्लम्स के बीच हमें स्ट्रॉबेरी ढूंढना रोकना नहीं है। सबसे बड़ी प्रॉब्लम आजकल लोगों की यही हो गई है जिसकी वजह से हम एनशियस रहते हैं वो यही है बिकॉज़ हमारी बॉडी तो प्रेजेंट में है लेकिन हमारा माइंड पास्ट या फ्यूचर में घूमता है और इस वजह से हम प्रेजेंट को एंजॉय नहीं कर पाते। इसीलिए पहली चीज पहली टाइनी हैबिट यह करना सभी लोग कि आज से रोज एटलीस्ट 5 मिनट निकालना जहां पर तुम अपनी जिंदगी के स्ट्रॉबेरीज ढूंढ सको और उन्हें खा के एंजॉय करना जिसमें सिर्फ तुम्हारा ध्यान उस चीज पे होना चाहिए। 5 मिनट के लिए कोई फोन नहीं, कोई ओवरथिंकिंग, कोई मल्टीटास्क नहीं। हो सकता है सिर्फ तुम 5 मिनट सुकून से चाय पी रहे हो लेकिन सिर्फ उस टाइम पे तुम्हें चाय पीनी है। शायद से तुम 5 मिनट सनसेट देखो। शायद ऊपर वाले के साथ प्रेयर करो। शायद वॉक पे निकल जाओ। शायद ब्रेकफास्ट करो। लेकिन डेली उस स्ट्रॉबेरी को ढूंढना जरूर। क्योंकि जब तक तुम उसे टेस्ट करते रहोगे मुश्किल से मुश्किल

9:59 सिचुएशन में भी तुम्हें मजा आएगा। तो यही है तुम लोगों का आज का टास्क। मिस्टर बुक ने यह बोल के उस सेशन को खत्म किया। और रिया ने भी बोला कि वो इस चीज को जरूर करेगी। ऐसे ही कुछ और दिन निकल गए। अब आया डे नाइन। डे नाइन को जब वापस से रिया को बात करने का मौका मिला तब उसने बताया कि सर मैं यह नहीं बोलूंगी कि मेरी पूरी ओवरथिंकिंग खत्म हो चुकी है। लेकिन अब मैंने धीरे-धीरे डेली अपनी लाइफ में वो 510 मिनट ढूंढना स्टार्ट कर दिया है। उस स्ट्रॉबेरी की तरह जो मुझे बहुत मजा दे रहे हैं। और उस वजह से मेरी थोड़ी बहुत ही सही लेकिन ए्जायटी कम हुई है। लेकिन एक प्रॉब्लम है। जब तक वो मोमेंट रहता है तब तक ठीक है। लेकिन नॉर्मली मेरे दिन में मेरे बहुत झगड़े होते हैं। बहुत प्रॉब्लम होती है। उसके लिए मुझे क्या करना है। डॉक्टर बुक ने पहले तो कांग्रेचुलेट किया कि एटलीस्ट उसको एक पॉजिटिव रिजल्ट्स दिखना स्टार्ट हुए। और फिर उन्होंने जैपनीज़ फिलॉसोफी नंबर टू के बारे में

10:45 बताना चालू किया एक कहानी के थ्रू। 1925 की बात है रशिया में राइट्स चल रहे थे। वहां पर एक नए किंग बन गए थे निकोस द फर्स्ट और उनके अगेंस्ट बहुत लोग आवाज उठा रहे थे। कई लोग बहुत कुछ बोल रहे थे। जिसमें से स्पेसिफिकली एक आदमी था कंडटी रेली जिसने किंग को ओपनली चैलेंज कर दिया था और बहुत बुरा भला वो बोलता था। और इस वजह से हुआ क्या कि किंग ने उसे पनिशमेंट दे दी डेथ पेनल्टी की। अब जब एग्जीक्यूशन का दिन आया तो भीड़ जमा हुई थी। रैलेव को फांसी के तख्ते पर खड़ा करा गया। बट जैसे ही ट्रैप डोर खुला थड़ करके आवाज आई क्योंकि रस्सी टूट गई और वो नीचे गिर गया। जैसे ही वो नीचे गिरा उसने एक लंबी सांस ली और उठते साथ ही उसने बोला देखा यह राजा इतना खराब है कि ये लोग एक ढंग की रस्सी तक नहीं बना सकते हैं। ये लोग एक किंगडम क्या चलाएंगे। ना उस टाइम पे ऐसा रिवाज था कि अगर कोई इंसान की रस्सी टूट जाती है

11:31 फांसी की वजह से तो यह गॉड का साइन है। ऊपर वाले का साइन है कि उस आदमी को जीने का मौका दिया जाए। लेकिन क्योंकि उसने ऐसी चीजें बोल दी थी जिससे अगेन राजा का मजाक उड़ा। राजा को जैसे ही पता चला उसने फ़ौरन एक नई रस्सी बनवाई बहुत मजबूत और उसको फिर से फांसी में लगाया गया। एंड गेस व्हाट इस बार रस्सी नहीं टूटी। नाउ यह जो लेसन मैंने तुम्हें बताया है यह एक किताब से लिया गया है जिसका नाम है द 48 लॉस ऑफ़ पावर। जिसका एक लेसन है ऑलवेज से लेस देन नेसेसरी। कई बार हम इंसान बहुत कुछ बोल देते हैं इमोशंस में आके। लेकिन अगर हम वो नहीं बोलेंगे तो प्रॉब्लम होगी ही नहीं। कई बार हम गलत टाइम पर गलत चीजें बोल देते हैं और इस गलत टाइम पर गलत चीज बोलने की वजह से ही हां शायद आपकी जान तो ना जाए लेकिन आपका पीस और बहुत सी इंपॉर्टेंट चीजें आपकी जा सकती है। इसीलिए जापानीज लोगों की एक और बहुत प्यारी हैबिट है टाइनी हैबिट है जिसे बोलते हैं मां। उसका मतलब है द पावर ऑफ स्पाउस और साइलेंस जो

12:17 जैपनीज़ लोग कई बार फॉलो करते हैं। जब भी उनको लगता है कि उनका झगड़ा होने वाला है तो वो 10 सेकंड का पॉज लेते हैं। जैपनीज़ मां का जो कांसेप्ट है वो सुनने में बहुत इजी लगता है। बट इसे प्रैक्टिकली अप्लाई करने के लिए आपको बहुत प्रैक्टिस की जरूरत है। और यह चीज करने में आपकी बहुत ज्यादा हेल्प कर सकती है मेडिटेशन। और यहीं पे मैं आपको इनवाइट करना चाहूंगा मेरे 21 डेज चैलेंज में भी। जहां हम लोग हर मंथ सुबह 7:00 से 8:00 बजे मिलते हैं। वहां पर ऐसी किताब की बातों को सीखते हैं और फिर उन बातों के ऊपर मेडिटेट करते हैं। जिससे हमारा इमोशनली अपने को रेगुलेट कर पाना आसान होता है। मेडिटेशन आपके अंदर पेशेंस पैदा करता है जो बहुत ज्यादा जरूरी है अपने इमोशंस को कंट्रोल करने के लिए। एक बार मैं जरूर चाहूंगा कि आप लोग हमारी कम्युनिटी मेंबर्स के साथ लीडर्स के साथ ये चैलेंज जरूर करना। पिछले महीने हमने चैलेंज करके बहुत ही सिग्निफिकेंट रिजल्ट्स अचीव किए हैं। डोपामिन डीटॉक्स से रिलेटेड। आने वाले महीने में भी कुछ ऐसी चीजें होने वाली है। इसलिए इसका पार्ट

13:03 जरूर बनिए। वैसे तो यह जो 21 डेज चैलेंज है वो पिछले साल मैं ₹1000 में बेच रहा था जो बहुत ही अच्छे से बिक रहा था। बट अभी के लिए क्योंकि हम समरी बोर्ड पे फोकस कर रहे हैं। इसीलिए आप लोगों के लिए अच्छी अपॉर्चुनिटी है। आप लोगों को और कुछ नहीं करना है। सिर्फ समरी बोर्ड का सब्सक्रिप्शन ले लीजिए जो सिर्फ ₹99 का है। जी हां, सिर्फ ₹99 में आप सब्सक्रिप्शन ले लो। और आपको यह ₹1000 का 21 डेज लाइव चैलेंज जहां पे हम रोज लाइव आते हैं। बातें सीखते हैं, साथ में मेडिटेट करते हैं, अफेमेशंस करते हैं और बहुत कुछ पावरफुल चीजें करते हैं। वो सब आपको कंप्लीटली फ्री मिल जाएगा। बस आपको समरी बोर्ड सब्सक्राइब करना है। लेकिन हां ZM पे लिमिटेड सीट्स ही होते हैं। इसीलिए आप अभी जाइए सब्सक्राइब कर लीजिए ताकि आपको वो लिमिटेड लोगों में आने का मौका मिले और ये चैलेंज के साथ अपनी लाइफ में ट्रांसफॉर्म होने का मौका मिले। नाउ लेट्स गेट बैक टू द स्टोरी। और आज का टास्क भी यही है कि तुम लोगों को यही करना है। नेक्स्ट टाइम जब भी तुम्हें लग रहा है कि

13:48 झगड़ा होने वाला है, गुस्सा आ रहा है, बहुत कुछ बोलने का मन कर रहा है तो वो करने से पहले सिर्फ 10 सेकंड का पॉज ले लो और कुछ देर के लिए अलग हो जाओ। अपने आप को स्पेस दो। सामने वाले को स्पेस दो। और फिर जब आप शांत हो जाओ उसके बाद ही बात करो। मिस्टर बुक ने कहा रिया क्या तुम यह कर पाओगी? उसने कहा ठीक है मैं ट्राई करती हूं और बस इसी लेसन के साथ डे नाइन भी खत्म हुआ। अब अगेन कुछ दिन निकल गए। डे 13 को फिर उनकी वापस से बात हुई। इस बार रिया ने बताया कि कैसे पिछले दो-ती दिन में उसने अब अपने घर वालों से अपने रिलेशनशिप में आर्गुमेंट करना बंद कर दिया है और बंद करने का रीज़न यही है कि जब वो पॉज लेती है और अपने को थोड़ा टाइम देती है तो ऑटोमेटिकली उसके इमोशंस थोड़े कम हो जाते हैं और फिर जब वो लोग बात करते हैं नॉर्मल इमोशन के साथ तो झगड़े नहीं होते। उसने ड्रास्टिकली देखा कि कैसे उन लोगों के आर्गुमेंट्स कम होने लग गए हैं। लेकिन अभी भी उसके दिमाग में एक क्वेश्चन था। मिस्टर बुक ने कहा हां बताओ क्या क्वेश्चन है?

14:35 उसने कहा, आपको नहीं लगता कि जब मैं ऐसे चुप हो जा रही हूं, तो इससे मेरी वैल्यू कम होते जा रही है। सामने वाला इंसान मुझे कुछ भी बोल के निकल रहा है फिर भी मैं पॉज ले रही हूं, टाइम ले रही हूं। बट मुझे ऐसा लग रहा है कि यह चीज तो मेरी और वैल्यू कम करती जा रही है। मिस्टर बुक ने बोला, "हां, सही बात है। अगर तुम्हें ऐसा लग रहा है तो तुम्हारे लिए एक और कहानी है।" डॉक्टर बुक ने कहानी बताई। एक बार एक रोड की साइड पे एक रेस्टोरेंट था। रेस्टोरेंट में एक थोड़े बड़े उम्र का आदमी बैठ के आराम से चाय पी रहा था। सैंडविच खा रहा था। तभी क्या हुआ कि वहां पे कुछ बकर्स आवारा बकर्स होते हैं ना टपोरी टाइप के। वो लोग ने उस रेस्टोरेंट में एंट्री ली और जैसे ही उन्होंने एंट्री ली उन्होंने शोर शराबा करना स्टार्ट कर दिया। वो दूसरों के साथ मजाक मस्ती कर रहे थे, किसी को छेड़ रहे थे, कुछ कर रहे थे और तभी उनकी नजर इस आदमी पर पड़ी। नाउ बात यह थी ना कि यह जो आदमी था, उसके चेहरे पे एक बड़ा सा मस्सा था। एक बड़ा सा बर्थ मार्क था काला कलर का जो चाहकर भी छुपता नहीं था। इसलिए इन

15:21 लोगों की भी नजर उस पर पड़ी और उन लोगों से रहा नहीं गया। वो लोग आके इस आदमी को सताने लग गए। उन्होंने अपनी सिगरेट ली और उसके चाय में डूबा दी। सबको लग रहा था अब तो झगड़ा होने वाला है। और यह लोग भी चाहते थे कि झगड़ा हो। बट उस आदमी ने कुछ नहीं करा। बट फिर इन लोगों ने जानबूझ के उसका जो सैंडविच था उसका एक टुकड़ा लिया और खुद खाने लग गए और उसका मजाक उड़ाने लग गए। फिर भी आदमी ने कुछ नहीं किया। फिर उसके एक दोस्त ने पूरे प्लेट को नीचे गिरा दिया। सबको लगा अब तो झगड़ा होगा। बट उस आदमी ने कुछ नहीं किया। उसने अपना हैंकर शिफ्ट लिया। अपना मुंह पोछा और वहां से निकल गया। यह लोग चिल्ला-चिल्ला के बोलने लग गए कि कैसे डरपोक आदमी है। कितना कमजोर आदमी है। डरा हुआ आदमी। थू है ऐसे लोगों पे। और ऐसे ही वो लोग अपनी एक फालतू मजाक मस्ती में खाने में बिजी हो गए। ना कुछ टाइम बाद वहां पर वहां की जो रेस्टोरेंट की वेटर थी वह लोगों के पास गई और उसने कहा सर आप लोगों को उस इंसान के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था। बचपन से ही उसे बहुत

16:07 ज्यादा इन सब चीजों के पीछे चिढ़ाया गया है और बहुत कुछ करा गया है और इस वजह से ही अब वो एक ऐसा इंसान बन गया है जिसके साथ लोग चाह के भी मजाक नहीं कर सकते। उन तीनों आवारा ने बोला कि हां चलो जाओ अपना काम करो। उस वेट्रेस ने कहा आप लोगों को बाहर वो आदमी बुला रहा है। अब नाउ जैसे ही ये तीनों लोग आदमी लोग बाहर जाते हैं वो लोग क्या देखते हैं कि आदमी खड़ा हुआ है और अकेले नहीं खड़ा हुआ है। उसके साथ दो पुलिस की गाड़ी खड़ी हुई है। दरअसल बात यह थी कि ये कोई नॉर्मल इंसान नहीं था। यह उस जगह का शेरफ था। पुलिस ऑफिसर था जो नॉर्मल से कपड़े पहन के वहां खड़ा था। उसने उन तीनों लोगों को अरेस्ट करवाया और फिर पुलिस स्टेशन में जो उन लोगों के साथ हुआ होगा वो सब आप इमेजिन कर सकते हो। वेल बात यह थी बचपन से इस आदमी की वैल्यू नहीं करी गई थी। और इसलिए बचपन से उसने एक चीज समझ ली थी कि जब तक वह अपनी वैल्यू नहीं बढ़ाएगा तब तक उसके साथ यह होता रहेगा और इसलिए उसने बहुत मेहनत से पढ़ाई लिखाई करी और अपने आप को इतना केबल बना लिया कि आज

16:53 लोग चाहकर भी उसका मजाक नहीं उड़ा सकते। ऐसे ही रिया कई बार हमें लगता है कि जब हम बात करते हैं आर्गुमेंट करते हैं तो उससे हमारी वैल्यू बढ़ती है। बट ऐसा नहीं है। जैपनीज की एक और टाइनी हैबिट है जिसे बोलते हैं गमन। मतलब है एंडोर विद डिग्निटी। कई बार हमें लगता है कि हमारी खामोशी हमारी वीकनेस है। लेकिन नहीं खामोशी वीकनेस नहीं होती है। अगर आपको रिसोंड भी करना है तो उसे अपने एक्शन से करना चाहिए ना कि रिएक्शन से। कई बार हमें लगता है कि हमें आर्गुममेंट करने से हमारी वैल्यू बढ़ती है। जब हम कुछ चीजें बोलते हैं तब वैल्यू बढ़ती है। लेकिन एक्चुअल में हमारी वैल्यू तब बढ़ती है जब हम एक वैल्यूुएबल इंसान बन जाए। उस इंसान की तरह पुलिस ऑफिसर या फिर अपने आप को इतना ऊंचा उठा ले कि लोग ना चाहते हुए भी हमें डिसरिस्पेक्ट ना कर पाए। बट उस चीज के लिए हमें अपने आप को इंप्रूव करना पड़ेगा। इसीलिए आज का टास्क तुम्हारे लिए यही है। अपने अंदर अपनी स्किल्स, अपनी कैपेबिलिटी पर काम करो। अपने आप को एक वैलुएबल इंसान बनाओ। मिस्टर बुक ने पूछा रिया बताओ कौन

17:40 सी ऐसी स्किल है जिसमें लगता है तुम नॉर्मल लोगों से ज्यादा अच्छी हो। एवरेज से ज्यादा अच्छी हो। उसने कहा सर पता नहीं। बट फिर जब उसने थोड़ा सोचा तो उसके दिमाग में आया योगा। योगा मैं यूजुअली अपने फ्रेंड्स में सबसे ज्यादा अच्छा करती हूं। और इस चीज के लिए लोग मुझे प्रज़ भी करते हैं। मिस्टर बुक ने कहा ग्रेट। इसी चीज में और एक्सपर्ट बनो। और एक्सपर्ट बनने के बाद उसे दूसरों को सिखाना भी स्टार्ट करो। यह चीज से तुम्हारी वैल्यू बढ़ेगी और तुम्हारा कॉन्फिडेंस और हर एक चीज बढ़ेगी। रादर देन झगड़ा करने के ऑटोमेटिकली तुम्हारी वैल्यू बढ़ते जाएगी। जिससे ना चाहते हुए भी लोग तुम्हें रिस्पेक्ट करने लग जाएंगे। और जब भी तुम्हें झगड़ा करने का मन करे तो बातों में अपनी एनर्जी वेस्ट करने के बजाय अपने ऊपर काम करना, अपनी स्किल्स को इंप्रूव करना। नवरिया को ये सारी बातें इतनी हजम तो नहीं हुई बट उसने एक कमिटमेंट दिया था कि वो बातें फॉलो करेगी मिस्टर बुक की। इसलिए उसने उसको भी करना स्टार्ट किया। अब धीरे-धीरे उसने अपने ऊपर और काम करना स्टार्ट किया। अब भी जब कोई झगड़े होते,

18:25 कुछ भी होती तो वह शांत होती और आर्गुममेंट करने के बजाय सिर्फ अपने आप को इंप्रूव करने पर काम करती है। उसने योगा से रिलेटेड क्लासेस ली। उसने अपने योगा लेसंस जो पहले कोर्सेज और क्लासेस लेके सीखे थे उसी चीज को रिवाइज करके उसकी प्रैक्टिस करने लग गई और धीरे-धीरे वापस से उसका कॉन्फिडेंस बढ़ने लग गया। जब भी कोई झगड़ा करने जाता, वो झगड़ा करने वालों के मुंह लगने के बजाय सीधा जाके अपने योगा की प्रैक्टिस करने लगती। अब ऐसे ही कुछ और दिन निकल गए। आया डे 17। रिया ने फिर डॉक्टर बुक से बात करी और इस बार वो बहुत एक्साइटेड थी। उसने बताया कि कैसे अभी भी वह उन जैपनीज फिलॉसोफी को फॉलो कर रही है। लास्ट टाइम जब उसका झगड़ा होने वाला था अपने घर वालों से तो वापस से उसने बोलने के बजाय अपने को काम डाउन किया, शांत करा और वो जाकर वापस से अपनी योगा की प्रैक्टिस करने लग गई और फिर हुआ यह कि कुछ टाइम बाद उसका जो दोस्त था जिसके साथ उसका झगड़ा हुआ था उसने खुद से आकर उसको

19:10 सॉरी बोला और यह चीज पहले कभी नहीं हुई थी और वो इस चीज के लिए बहुत खुश थी। उसने डॉक्टर बुक को बताया कि सच में यह खामोश रहना और अपने आप को इंप्रूव करना काम कर रहा है। लोग सामने से आके सॉरी बोल रहे हैं। बट अभी भी एक क्वेश्चन है। डॉक्टर बुक ने फिर से स्माइल करा और कहा क्या? उसने कहा, "सर, बट अभी भी मुझे ऐसा लग रहा है कि यार यह मैं नहीं हूं।" मैं ऐसी बंदी हूं ही नहीं जो चुप रह के सुन ले। मैं ट्राई कर रही हूं बहुत अंदर से। बट मुझे अंदर से ऐसा लग रहा है कि दिस इज नॉट हु आई एम। मैं तो एक ऐसी बंदी हूं जो लोगों को मुंह पर जवाब देती है। मुझे लोगों को सुनाना ज्यादा सही लगता है। रादर देन सिर्फ चुप रह के अपना काम करने के। इस चीज से मैं कैसे डील करूं। तब डॉक्टर बुक ने अगेन इस अपॉर्चुनिटी का फायदा उठाते हुए एक और स्टोरी बताई। एंशिएंट इंडिया में एक मर्चेंट था कारोबार करने वाला। एक बार जब वह जंगल गया तो उसे वहां पर तीन तोते मिले। वो तीनों ही तोते नॉर्मल नहीं थे। बात करने वाले तोते थे। अब तीनों को तो वो

19:56 ले ही नहीं सकता था लेकिन उनमें से एक तोते को उसने ले लिया। वो अपने साथ उस तोते को लेके आया और अपने साथ शहर में जाके उसे रखने लग गया। मर्चेंट को वो तोता इतना पसंद था कि उसने उसके लिए सोने के केज बनवाए। वो उसे सबसे बेस्ट फ्रूट्स देता था। सबसे बेस्ट खाना देता था और एकदम कंफर्टेबल लाइफ देता था। बेसिकली वह तो को हर एक चीज देता था जिससे वह तोता खुश रहे लेकिन फिर भी वह तोता खुश नहीं था क्योंकि उसके पास एक चीज जो सबसे इंपॉर्टेंट थी वो नहीं थी वो था फ्रीडम और यह चीज उस तोते के ओनर को भी समझ में आ रही थी लेकिन वो तोते से इतना प्यार करने लग गया था कि उसे छोड़ना नहीं चाहता था इसीलिए एक बार जब वापस एक काम के सिलसिले में उसे उसी गांव में जाना था जो जंगल के पास था तो उसने उस तोते से बात करके पूछा उसने पूछा कि तुम्हारे लिए कुछ लेके आऊं कुछ चीजें कुछ चाहिए तुम्हें तो उसने बोला कुछ नहीं बस जाके मेरे जो दो दोस्त है तोते उनसे जाकर बात कर लेना मेरे बारे में बता देना मैं

20:42 खुश खुश हूं। यहां मेरे पास गोल्डन केज है। खूब सारा अच्छा खाना है। लेकिन अभी भी मैं तुम लोगों के साथ का टाइम बहुत मिस करता हूं। तो मर्चेंट फिर वापस से उस गांव गया। वहां के जंगल गया और वहां जंगल में उसे वापस से वो दो तोते मिले। उसने जाके बताया कि तुम्हारे दोस्त तोते ने एक मैसेज दिया है कि वो अब गोल्डन केज में रहता है। वो बेस्ट खाना खाता है। मैं उसका ख्याल भी बहुत रखता हूं। वह ठीक है लेकिन अभी भी वह तुम लोगों को बहुत याद करता है और इस वजह से उसे बुरा लगता है और जैसे ही इस आदमी ने यह बात बोली तो उन दोनों तोतों में से एक जो तोता था वो कांपने लगा और कांपते-कापंपते जोर से वो नीचे गिर गया बिल्कुल मोशनलेस। उस मर्चेंट ने जाके भाग के देखा तो उसे रियलाइज हुआ तोता तो मर चुका है। उसे यह देख के बहुत शॉक लगा। वो फौरन वापस से गया अपने घर वाले तोते के पास और उसने सोते के पास जाके यह चीज बताई कि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि क्या हुआ। मैंने तुम्हारा मैसेज उस तोते को दिया और

21:28 वह तोता अचानक से गिर कर मर गया। नाउ यह सुनते ही उसके पिंजरे का भी जो तोता था वह भी उसी तोते की तरह कांपने लगा और अचानक से वह भी वहां पर गिर गया और उसकी भी मौत हो गई। मर्चेंट ने जब उसे अपने हाथ में लिया तो उसने नोटिस किया कि यह भी मर चुका है। जरा भी हिल रहा नहीं था वो। नाउ उस मर्चेंट को बहुत ज्यादा बुरा लगा। उसे समझ ही नहीं आ रहा था क्या हो रहा है। लेकिन फिर जैसे तैसे दिल पर पत्थर रख के उसने उस मरे हुए तोते को अपने हाथ में लिया और उसे देख के रोने ही लगा। तभी अचानक से क्या हुआ कि जैसे मानो उस तोते में जान आ गई। उसने अपने पर उड़ाए और वहां से वह तोता उड़ के भाग गया। मर्चेंट शॉक में था कि वह जिंदा था। फिर उसने यह सब कैसे किया? तो जाते-जाते तोते ने बताया कि कैसे उसका जो दोस्त था उसने भी वह मरने का नाटक किया था। वो भी मरा नहीं था। वो तो बस उसे एक मैसेज दे रहा था कि कैसे अगर तुझे भी जिंदा रहना है तो तुझे मरना होगा। तभी तू

22:15 इस पिंजरे से बाहर निकल पाएगा। इसीलिए उसने मरने का नाटक किया। नाउ देखो इस कहानी से लेसन क्या है? देखो हम सबको ना जिंदगी में नई लाइफ चाहिए। नई बॉडी, नया कॉन्फिडेंस, नए पैसे। बट प्रॉब्लम यह है ना कि हम अपनी पुरानी आईडेंटिटी को छोड़ने के लिए रेडी नहीं है। वह तोता जब गोल्डन केज में था, उसके पास बहुत कुछ था। लेकिन जब तक वह कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलने के लिए, मरने के लिए रेडी नहीं था, तब तक वो वहां से निकल नहीं पाया। और यहीं आता है जैपनीज़ का नेक्स्ट फिलॉसोफी जिसे बोलते हैं शिंका। मतलब एववोल्यूशन बिकमिंग अ बेटर फॉर्म। अगर आप लोगों को भी ये अपनी एक नई आईडेंटिटी बनाना है, स्ट्रांग आइडेंटिटी बनाना है, तो आपको अपनी ओल्ड आइडेंटिटी को मारना होगा कि मैं तो बस ऐसा ही हूं। मैं तो इंट्रोवर्ट हूं। मैं तो बात करता ही हूं। मुझसे तो सुना नहीं जाता है। यह सब आपने एक अपनी ओल्ड आइडेंटिटी बना के रखी है। लेकिन जब तक आप इस ओल्ड आइडेंटिटी को खत्म नहीं करोगे, मारोगे नहीं तब तक आप वो न्यू वर्जन नहीं बन

23:02 पाओगे। जस्ट लाइक दैट तोता जो कंफर्ट में था लेकिन पिंजरे में था। लेकिन जैसे ही उसने अपने ओल्ड आइडेंटिटी को मारा, उस कंफर्ट को मारा, तभी उसको बाहर निकलने का मौका मिला और वापस से वो आसमान में उड़ के अपने दोस्तों के पास वापस जा सका। इसीलिए यह टाइनी जैपनीज हैबिट भी अपने अंदर डालना चालू करो। अपने आप से डेली क्वेश्चन पूछो। कौन सा आपका वो पुराना वर्जन है जो आपको धीरे-धीरे मार रहा है? मतलब टॉक्सिक लड़ाई करना, बहुत ज्यादा मोबाइल स्क्रोल करना, कास्टेंट नेगेटिव थिंकिंग या फिर मैं एक इंट्रोवर्ट हूं। मैं एक लो कॉन्फिडेंट इंसान हूं। यह सब बोलना बंद करिए। यह आइडेंटिटी को मारना चालू करिए। तभी आपकी न्यू आइडेंटिटी बनेगी। नाउ रिया को यह वाली कहानी एक्चुअल में पसंद आई। उसको रियलाइज हुआ कि हां जब तक वो यह बोलते रहेगी कि मैं ऐसे ही हूं तब तक ग्रोथ का चांस नहीं है। प्रोग्रेस का चांस नहीं है। इसीलिए उसने वापस से ट्राई करना स्टार्ट किया। अपनी ओल्ड आइडेंटिटी को मारना स्टार्ट किया। बट यह एक्सजेक्टली करे

23:48 कैसे? उस लड़की को यह समझ नहीं आ रहा था। इसीलिए वह बहुत दिल से वेट कर रही थी कि कब उसका वापस से मौका मिले मिस्टर बुक से बात करने का ताकि वह इसका यह क्वेश्चन पूछ सके। उसको समझ में आ रहा है कि कौन सी कौन सी आदतें हैं जो उसकी ओल्ड आइडेंटिटी है वो उसे परेशान कर रही है। लाइक चुप रह के बातें ना सुनना और यह सारी चीजें। डे 21 आज रिया ने मिस्टर बुक को कहा, "सर, पिछली बार आपने मुझे बताया था कि अगर मुझे अपना एक न्यू ब्राइट फ्यूचर बनाना है, तो मुझे अपने ओल्ड सेल्फ को मारना पड़ेगा उस तोते की तरह। अपनी पुरानी लिमिटिंग आइडेंटिटीज को उन्हें मारना होगा और नई स्ट्रांग आइडेंटिटीज बनानी होगी। पर बट यह चीज मैं करूं कैसे? मुझे समझ नहीं आ रहा है। इसका कोई प्रैक्टिकल तरीका है? डॉक्टर बुक ने कहा हां। इसके पीछे भी एक लेसन है जिसे जैपनीज में जीको शिनराॉय बोलते हैं। और यह क्या होता है मैं तुम्हें एक कहानी से बताता हूं। 1940 की बात है। एक कोर्ट में कटघरे में एक अमेरिकन फुटबॉल प्लेयर था

24:34 जिसका नाम था फ्रैंक जिमेनस्की। किसी तो लीगल केस की वजह से उसे एज अ विटनेस कोर्ट में बुलाया गया था। बातोंबातों में जज ने कैजुअली पूछ लिया कि फ्रैंक तुम करते क्या हो? फ्रैंक ने बोला सर आई प्ले सेंटर फॉर नॉट ट्राडम। बेसिकली वो एक फुटबॉल प्लेयर थे जो एज अ सेंटर खेलते थे नॉट ट्रेडम के लिए जो एक कॉलेज थी। नज ने हल्के से मुस्कुराते हुए पूछा अच्छा वेर यू एनी गुड? तुम क्या थोड़े अच्छे प्लेयर थे? नाउ कोर्ट रूम इस पे साइलेंस हो गया। बट फिर फ्रैंक ने कुछ ऐसा बोला कि उनका जो कोच था वो शॉक हो गया। फ्रैंक ने फुल कॉन्फिडेंस के साथ बोला सर आई एम द बेस्ट सेंटर नॉटम हैज़ एवर हैड। मेरे से अच्छा और प्लेयर कभी नोट के पास नहीं था। नाउ यह चीज बहुत शॉकिंग थी क्योंकि फ्रैंक एक ऐसा इंसान था जो यूजुअली बहुत हम्ल था। वह कभी अपनी बढ़ाई नहीं करता था। अपने बारे में बड़ा नहीं बोलता था और हमेशा शांति ज्यादा रहता था। और इसीलिए जब उसने इतना कॉन्फिडेंटली

25:21 इस चीज को कहा तो उनका कोच भी थोड़ा सा क्यूरोसिटी में आ गया कि यार इसने ऐसा बोला क्यों? तो फिर जैसे ही सेशन खत्म हुआ कोच ने फौरन फ्रैंक को साइड में लिया और पूछा फ्रैंक तुम तो यूजुअली कभी अपनी तारीफ नहीं करते या अपने बारे में कोई बड़ी बात नहीं करते बट तुमने आज सबके सामने इतनी बड़ी बात कैसे बोली? नाउ इसके ऊपर फ्रैंक थोड़ा सा शर्मा गया और उसने कहा सर मुझे यूजुअली यह सब बातें बोलना पसंद नहीं है बट क्या कर सकता था आई वास अंडर ओथ मैंने वहां कसम खाई थी कि मैं झूठ नहीं बोलूंगा नाउ यह होता है कॉन्फिडेंस खुद पे और इसे ही बोलते हैं जीको शिनराय मतलब ट्रस्ट इन योरसेल्फ कई लोगों को लग रहा था कि फ्रैंक वहां पर एगेंट हो रहा है कोच को भी यही लगा बट एक्चुअली में वो एगेंट नहीं था वो उसका सेल्फ कॉन्फिडेंस था वो उसका खुद पर ट्रस्ट था और इसीलिए उसने कटघरे में कसम खाने के बाद सिर्फ यह सोच के साथ सच बोला क्योंकि उसे झूठ नहीं बोलना था उसे वहां पर हम्ल नहीं होना था और यह एक बहुत पावरफुल लेसन है। कई बार हम

26:08 खुद को अननेसेसरीली छोटा समझते हैं। अपने बारे में छोटा बोलते हैं कि नहीं मैं इतना अच्छा नहीं हूं। मैं यह नहीं कर सकता। मैं वो नहीं कर सकता। लेकिन अगर आप एक छोटी हैबिट अपनी लाइफ में लाना स्टार्ट करो जीको शिनराई की तो इससे आप अपनी आइडेंटिटी चेंज कर सकती हो। रिया ने पूछा अच्छा बट कैसे? उसने कहा सिंपली यह छोटी आदत रोज अप्लाई करो। अपनी एक कुछ आइडेंटिटी के स्टेटमेंट्स बनाओ और डेली उनको बोला करो। आई एम केपेबल, आई एम इंप्रूविंग, आई एम कॉन्फिडेंट। और इसको कॉन्फिडेंटली बोलने की कोशिश करना। बिना ज्यादा सोचे इस चीज को करना चालू करो। कई लोग इसे ही अफेमेशंस बोलते हैं। कई सारे बड़े-बड़े एथलीट्स, प्लेयर्स ये लोग अफमेशन का यूज करते हैं खुद का कॉन्फिडेंस बढ़ाने के लिए। खुद का सेल्फ ट्रस्ट बनाने के लिए। तुमने देखा होगा शाहरुख खान भी कई बार अपने को बोलता है आई एम द बेस्ट। रोनाल्डो बोलता है आई एम द बेस्ट। मोहम्मद अली बोलते थे, आई एम द ग्रेटेस्ट। यह उन लोगों का एगेंस नहीं

26:54 था। यह वो लोगों का सेल्फ ट्रस्ट है। बिकॉज़ वो एक चीज समझते हैं। जब तक वो खुद पर ट्रस्ट नहीं करेंगे, दुनिया उन पर ट्रस्ट नहीं करेगी और ना ही वह अपना बेस्ट परफॉर्मेंस दे पाएंगे। इसीलिए तुम भी आज से ऐसे स्टेटमेंट्स बनाना स्टार्ट करो और यह छोटी आदत धीरे-धीरे तुम्हारी आइडेंटिटी को चेंज करना स्टार्ट करेगी। जहां पहले तुम बोलती थी कि मैं किसी का भी सुन के नहीं ले सकती हूं जो कहीं ना कहीं यह बताता है कि मैं इंपेशेंट हूं। तुम यह बोलो कि मैं पेशेंटली लोगों को सुनती हूं, समझती हूं और फिर मुझे जो चाहिए वो चीज अच्छे से कम्युनिकेट करती हूं। आई एम अ गुड कम्युनिकेटर। ऐसे टाइप की चीजें तुम्हें अच्छा कम्युनिकेटर भी बनाएगी और तुम्हारे रिलेशनशिप भी अच्छी करेगी। नाउ ये सिंपल सी चीज रिया ने फिर फॉलो करना स्टार्ट करी। अगेन डे 22, 23, 24 ऐसे ही डेज़ आए और डेज गए। फाइनली इसके बाद डे 27 को रिया को मौका मिला अगेन फिर बात करने का। रिया ने मिस्टर बुक से बात करते हुए कहा, "सर, मैंने ये छोटे अफोर्मेशंस रोज

27:41 बोलना स्टार्ट करी हूं।" और धीरे-धीरे जब भी मैं यह बोलती हूं, मेरे अंदर एक कॉन्फिडेंस फील होना स्टार्ट होता है। लेकिन अभी भी एक प्रॉब्लम है। मिस्टर बुक मुस्कुराए और उन्होंने पूछा, "अच्छा, अब क्या प्रॉब्लम है?" रिया ने कहा, "सर, मैं यह बोल तो रही हूं बट कहीं ना कहीं मुझे लग रहा है कि यह सच नहीं है।" कहीं ना कहीं मुझे ऐसा लग रहा है मैं फेक कर रही हूं। सच में जो मैं बात बोल रही हूं वो सच है या सिर्फ झूठी बातें मैं बोल के अपने आप को बेवकूफ बना रही हो। नाउ यह चीज ने मिस्टर बुक को काफी इंप्रेस किया। मिस्टर बुक ने कहा इट्स अ ग्रेट क्वेश्चन। और फिर उन्होंने हमेशा की तरह एक कहानी बताई। कई डेकेड्स पहले थाईलैंड का रिनोवेशन जैसा हो रहा था। नए हाईवेज, रेल रोड्स ये सारी चीजें बन रही थी। तभी वहां पे एक टेंपल था जिसके अंदर एक बड़ा सा गौतम बुद्ध का स्टैचू रखा हुआ था। नाउ किसी तो रीजन की वजह से उस स्टैचू को वहां से हटाना था रेनोवेशन और कंस्ट्रक्शन के काम के लिए। तो इसीलिए उस स्टैचू को उठाने के लिए कन बुलाई गई। और जैसे तैसे करके उसे कन के

28:27 थ्रू उठाने की कोशिश करी गई। लेकिन हुआ यह कि जैसे ही कन ने उस स्टैचू को उठाना स्टार्ट किया अजीब सी आवाजें कन से आने लग गई। उन्होंने एक्सपेक्ट नहीं किया था कि यह जो गौतम बुद्ध का स्टैचू है वो इतना वजन होगा और इसीलिए वो कन ने काम करना बंद कर दिया। वो थोड़ा सा वो बेंड सा हो गया। फौरन उन्होंने उस कन से उस स्टैचू को उठाने के लिए रोका। बट वो स्टैचू फिर भी थोड़ा सा अटक सा गया था और हुआ यह कि उसके कुछ देर बाद ही मौसम एकदम बादलों से छा गया और ऐसा लग रहा था कि अब बारिश होगी क्योंकि यह बुद्ध स्टैचू मिट्टी का बना हुआ था इसलिए फौरन वहां के जो लोग थे उन्होंने उसको अच्छे से ढकना स्टार्ट किया जो भी उनको प्लास्टिक का मटेरियल मिल रहा था कवर मिल रहा था उससे उस चीज को कवर करना स्टार्ट किया ना सभी वर्कर्स ने बहुत अच्छे तरीके से उस गौतम बुद्ध के स्टैचू को ढाक तो दिया था और बारिश भी होना स्टार्ट हो गई लेकिन फिर बहुत देर से बारिश हो रही थी तो जो एक काम वाला था

29:13 उसने सोचा कि चलो जाके देखते हैं गौतम गौतम बुद्ध का स्टैचू बराबर है कि नहीं? और जब वो वहां पर गया और उस प्लास्टिक को हटा के थोड़ा उसने देखा तो उसने नोटिस किया कि गौतम बुद्ध के स्टैचू से कुछ तो एक चीज चमक रही है। और यह चमकती हुई चीज देख के उसकी क्यूरोसिटी जागी। जब उसने हाथ से उस चीज को थोड़ा सा हटाया, साफ किया तो उसने कुछ ऐसा नोटिस किया जो उसने जिंदगी में एक्सपेक्ट नहीं किया था। जैसे-जैसे धीरे-धीरे वह मिट्टी उन वर्कर्स ने हटाना चालू करी, उनको रियलाइज हुआ कि यह जो गौतम बुद्ध का स्टैचू है, वह एक्चुअल में मिट्टी का नहीं बल्कि पूरे का पूरा सॉलिड गोल्ड से बना हुआ है। जिसकी वर्थ 100 एंड मिलियंस ऑफ डॉलर्स की है। नाउ हिस्टोरियन ने जब इसके बारे में रिसर्च किया तो उनको पता चला कि दरअसल बात यह थी कि कई 100 साल पहले थाईलैंड किंगडम सियाम के नाम से जाना जाता था और तब वहां पे म्यांमार के जो बर्मीज लोग थे वो लोगों ने थाईलैंड पे अटैक कर दिया था। अब गौतम बुद्ध का यह जो

30:00 स्टैचू जो सॉलिड गोल्ड का था उनको पता था कि यह वो लोग शायद चुरा सकते हैं। उसे तोड़ सकते हैं, उसे मेल्ट कर सकते हैं। इसीलिए उनके दिमाग में एक ब्रिलियंट आईडिया आया। उन्होंने पूरे गौतम बुद्ध के स्टैचू को मिट्टी से और प्लास्टर से ढक दिया ताकि लोगों को लगे ये सिर्फ मिट्टी का है और वो उसको चुराए ना। अब हुआ यह कि जब बर्मीज़ लोगों ने अटैक किया तो हां वो गौतम बुद्ध के स्टैचू को उन्होंने मिट्टी का ही समझा। लेकिन अनफॉर्चूनेटली शायद जितने भी मॉक्स थे वो बचे नहीं। उन सभी को मार दिया गया और इसीलिए फिर कोई भी इंसान बचा ही नहीं जो बता सके कि एक्चुअल में यह जो गौतम बुद्ध का स्टैचू है वह मिट्टी का नहीं बल्कि सोने का है और यहीं पे आता है एक इंपॉर्टेंट लेसन। सच बात तो यह है कि गौतम बुद्ध के स्टैचू की तरह ही हम सब भी इंसान देखा जाए तो अंदर से गोल्ड से ही बने हुए हैं। हम इतने वैल्यूुएबल है लेकिन जिंदगी में कई बार हम अपने आप को मिट्टी से ढक लेते हैं। मिट्टी मतलब हमारे फियर,

30:46 रिजेक्शन कंपैरिजन इनसिक्योरिटी फेलियर ट्रॉमा क्रिटिसिज्म ईगो लेज़नेस ये सारी चीजें मिट्टी बनके हमें ढक देती है। जिस वजह से कई बार हम खुद भी आईने में देखते हैं तो हमें लगता है हम वर्थस हैं। दूसरे भी देखते हैं तो शायद उनको लगता होगा कि हम वर्थलेस हैं। लेकिन सच बात तो ये है कि अगर इस मिट्टी को इस प्लास्टर को एक-एक करके अगर हम निकालना स्टार्ट करें तो हमें रियलाइज होगा कि एक्चुअल में हम खुद भी सोने के बने हैं। हम सब में टैलेंट है। जिस दिन तुम इस चीज को रियलाइज कर लोगी उस दिन तुम्हारी लाइफ कंप्लीटली चेंज होना स्टार्ट हो जाएगी। बस प्रॉब्लम ये है कि हम वो चीज को रियलाइज नहीं करते। मैं एक क्वेश्चन पूछता हूं तुमसे रिया। क्या तुमको लगता है सोना एक वैल्यूुएबल चीज है? रिया ने बोला हां सर वैलएबल है। बहुत वैल्यूुएबल है। मिस्टर बुक ने कहा सोना एक ऐसी चीज है जिसकी वैल्यू हजार साल पहले भी थी। आज भी है कल भी रहेगी। रिया ने कहा हां हां सर। जहां रुपीस डॉलर्स की वैल्यू कम हो रही है बट सोने की वैल्यू बढ़ते जा

31:32 रही है। रिया ने कहा हां हां मतलब तुम सोने की वैल्यू समझती हो। इसीलिए मैं तुम्हें रिकमेंड करूंगा एक एक्सरसाइज करो। विजुअलाइजेशन जहां पे तुम अपने आप को रोज सुबह मेडिटेशन करने के बाद ऐसा विजुअलाइज करो तुम भी एक्चुअल में गोल्ड की हो। गोल्ड से ज्यादा वैल्यूुएबल हो। जिसकी वैल्यू दिन-बदिन बढ़ते जा रही है। जो शायद दूसरों को दिखे ना दिखे लेकिन खुद से जानती है कि उसके अंदर वो बात है। उसके अंदर वो दम है। इस चीज को विजुअलाइज करो। और जो मैंने इससे पहले का लेसन बताया था जीको शिनराई के लिए वो अफमेशंस को रिपीट करो। बिकॉज़ जितना तुम विजुअलाइज़ करके अपने को रिपीट करवाओगे उतना जल्दी तुम अपने ब्रेन को रिवायर करोगे अपना कॉन्फिडेंस बढ़ाओगे। उतना जल्दी तुम अपने ट्रू सेल्फ तक पहुंच पाओगे। जिसे जैपनीज़ में हॉर्ने बोलते हैं। हॉर्ने का मतलब होता है योर ट्रू सेल्फ। याद रखो तुम्हारा सेल्फ, ट्रू सेल्फ, इनर नेचर गोल्ड से भी ज्यादा वैल्युएलुएबल है। इसीलिए आज से यह एक्सरसाइज़ करना स्टार्ट करना। प्लस कुछ

32:19 टाइनी हैबिट्स तुम यह भी कर सकती हो। देखो तुम कौन सा फेक क्ले अपने ऊपर कैरी कर रही हो। कौन सा डर तुम्हें सता रहा है। क्या तुम अपने को कंपेयर कर रहे हो दूसरे से? क्या चीजें तुम्हें सेल्फ डाउट दे रही है? इन क्वेश्चन के आंसर्स करने की कोशिश करो। धीरे-धीरे ही सही तुम्हारा खुद से रिलेशनशिप इंप्रूव होगा और तुमको आज नहीं तो कल रियलाइज हो ही जाएगा कि तुम खास हो और सोने से भी ज्यादा वैल्यूुएबल हो। और जब तुमको यह हुआ तब तुम्हारे लिए एक्शन लेना और आसान हो जाएगा। और बस नाउ फिर यही चीज दो-तीन चार दिन रिया ने करना स्टार्ट करी। उसने अपने आप को सोने की तरह इमेजिन करना स्टार्ट किया। वैल्यूुएबल देखना स्टार्ट किया। या विजुअलाइज करके अमेशंस के थ्रू अपना कॉन्फिडेंस बढ़ाया और यही चीज का नतीजा था कि उसने अपना पहला क्लाइंट भी फिर क्लोज किया जो डे 30 में रिया आके बता रही थी जब उसकी एनर्जी पूरी तरीके से चेंज हो चुकी थी अब उसके अंदर वो डर नहीं था अब उसके अंदर वो कपकपाहट नहीं थी जो डे वन को थी और यहीं पे उसने फिर आखिरी एक क्वेश्चन

33:05 पूछा कि सर यह तो छह हैबिट सी हुई सातवीं टाइनी हैबिट क्या है जैपनीज की जो मुझे अपने अंदर लाना चाहिए और मिस्टर बुक ने कहा वो हैबिट ऑलरेडी तुम अपने अंदर ला चुकी हो बस तुम्हें उसे छोड़ना नहीं है ये हैबिट बड़ी फेमस है जिसको शायद तुमने सुना भी होगा जिसे जिसे बोलते हैं इकी गाय और ये इकी गाय जिसे बोलते हैं काइजन जो प्रिंसिपल जापानीज फिलॉसफी बहुत फेमस है जिसकी वजह से Hyundai कंपनी इतनी बड़ी बन पाई और इसे भी समझाने के लिए अगेन मैं एक आखिरी स्टोरी तुम्हें बताऊंगा रिया रिया गौर से सुनने लगी। सो जापान के एक छोटे से गांव में एक आदमी रहता था। गरीब था पैसे की बहुत तंगी रहती थी। लेकिन उसका एक गुरु था जिसे वो बहुत मानता था। हमेशा वो गुरु के पास जाकर अपनी परेशानियां बताता था। तब गुरु ने उसे एक चीज बताई थी। उसने कहा था कि गांव के पास ही एक बड़ा सा पत्थर रखा हुआ है। पत्थर इतना बड़ा है कि कई लोग उसे पहाड़ भी बोल दें। पर बात यह है कि उस बड़े से पत्थर के अंदर कुछ ऐसी चीज छुपी

33:51 है जो तुम्हारी सारी परेशानियों को खत्म कर सकती है। और उसके लिए तुम्हें करना कुछ नहीं है। रोज तुम्हें उस पत्थर की तरफ जाना है। मैंने उस पत्थर पे एक लाइन खींच दी है। तुम्हें उस लाइन पे हथौड़ा मारना है और रोज तुम्हें जाके वो हथौड़ा उसको मारना पड़ेगा। नाउ ये जो आदमी था वो गुरु की काफी इज्जत करता था। इसलिए उसने बोला ठीक है गुरु जी मैं ये पक्का करूंगा। गुरु जी ने कहा था कि हर दिन एटलीस्ट एक बार हथौड़ा तुम्हें जोर से वहां मारना है। दो बार मार सकते हो, दो बार मारना, तीन बार मारना है, तीन बार। जितनी बार मारना है मारो। लेकिन एटलीस्ट रोज एक बार जरूर मारना। तो वो आदमी ने ये चीज मान ली और अब वो रोज जाता था उस बड़े से पत्थर पे एक हथौड़ा मारता था उस लाइन पे जो गुरु ने खींच के रखी थी। गुरु ने उसे कुछ खीले भी दिए थे जो उसी लाइन के ऊपर रख के उसे मारने के लिए कहा गया था। तो वही चीज वो एक-एक करके करता था। कई बार गांव वाले आते थे। उसकी यह हरकत देखते थे और उस पर हंसते थे। बोलते थे तू पागल है। तेरा गुरु भी पागल है तू भी पागल है। तू इतना बड़ा

34:36 पत्थर तोड़ने की कोशिश कर रहा है सिर्फ हथोड़े से नहीं टूटने वाला। कमर टूट जाएगी पत्थर नहीं टूटेगा। कई लोग बोलते थे तू जिंदगी बर्बाद कर रहा है। टाइम वेस्ट कर रहा है। ये सब चीज से कुछ नहीं होने वाला। लेकिन फिर भी उस आदमी के अंदर एक विश्वास था। इसीलिए वो रोज जाता था और एटलीस्ट एक दो बार तो हथौड़ा मारता ही था। कई बार 10 बार मारता था और थक जाता था तो फिर वापस आता था। ऐसे ही कई दिन बीतने लगे। गांव में बात हर जगह फैल गई। तो इसीलिए हर दिन कई बार लोग मजाक उड़ाने के लिए उसके पास पहुंच जाते थे। कई नए लोग आकर रोज देखते थे कि कैसे वो हथौड़ा मार रहा है और चले जा रहा है। बट कुछ नहीं हो रहा। ऐसे ही करते-करते महीनों साल बीत गए। एक दिन वो बंदा फिर वहां पर गया। कुछ लोग आकर खड़े हुए उसे देख रहे थे और उसने जोर से हथौड़ा मारा और जैसे ही उसने हथौड़ा मारा बड़ा सा पत्थर दो टुकड़ों में डिवाइड हो गया। और शॉकिंग बात बस यह नहीं थी कि वो बड़ा सा पत्थर टूट गया था। शॉकिंग बात यह थी कि उस

35:22 पत्थर के बीच में एक नगीना था। एक प्रेशियस जेम था जो बहुत वैल्यूुएबल था। जैसे ही उस आदमी ने उस नगीने को देखा उसके चेहरे पे एक मुस्कान थी। वहां पर जितने लोग थे सब इंप्रेस हो गए थे। एक ने वहां पर जोर से चिल्लाते हुए कहा, "एक बार मार के तूने इतना बड़ा पत्थर तोड़ दिया। उस आदमी ने उस ब्यूटीफुल शाइनिंग जेमस्टोन को हाथ में लेते हुए कहा, एक बार हथौड़ा मार के नहीं तोड़ा हूं। 1000 एक बार मार के तोड़ा हूं। क्योंकि सच में उसने वो गिनता था। वो उसका 1001वीं हिट थी जिसकी वजह से वो बड़ा सा पत्थर टूटा। रिया जब पहले दिन मैंने तुमसे एक कमिटमेंट मांगा था तो काइंड ऑफ मैंने तुमसे मुझ पर भरोसा करने के लिए कहा। और रोज तुम्हें आके यहां लाइव अटेंड करने के लिए कहा। हर बार जब तुम लाइव अटेंड कर रही थी तो एक तरीके से एक हथौड़ा मार रही थी उस बड़े से पत्थर पे जो है तुम्हारी प्रॉब्लम्स जो है तुम्हारे गोल्स। मुझे पता था आज नहीं तो कल तुम्हारा एक ना एक हथौड़ा इस बड़े से

36:08 पत्थर को तोड़ ही देगा और गेस व्हाट हुआ भी यही। तुमने इन पिछले 30 दिनों में सिर्फ कंसिस्टेंसी की बदौलत अपने वो सारे प्रॉब्लम्स खत्म कर लिए जो शायद तुम अगर कमिटेड नहीं रहती कई साल में भी नहीं होता। मुझे पता है यहां जितने भी लोग लाइव आए हैं, इस ग्रुप के पार्ट बने हैं, उन सबके बड़े-बड़े सपने हैं। उनके बड़ी-बड़ी प्रॉब्लम्स हैं। वो सब उस बड़े पत्थर की तरह है। जिसपे आप आके हर रोज एक हथौड़ा मार रहे हो। मुझे नहीं पता वो कौन से दिन का कौन सा हथौड़ा होगा जो आपका पत्थर तोड़ेगा। बट एक चीज मैं जरूर जानता हूं। एक ना एक दिन अगर हम रेगुलरली हथौड़ा मारते रहेंगे तो बड़े से बड़े पत्थर को तोड़ सकते हैं। बड़े से बड़ी प्रॉब्लम को खत्म कर सकते हैं। क्योंकि जिंदगी उनकी नहीं बदलती है जो एक बार एक बड़ी मेहनत करने के लिए रेडी है। जिंदगी उनकी बदलती है जो हर दिन एक सही एक्शन लेने के लिए रेडी है। जो 1001 बार हथौड़ा मारने के लिए रेडी है। और यही है काइंड ऑफ काइज एंड फिलॉसफी। कंसिस्टेंटली अपने आप को इंप्रूव

36:54 करना। मिस्टर बुक ने कहा रिया तुमने अपनी लाइफ के कुछ पत्थर तो तोड़ लिए हैं लेकिन लाइफ एक ऐसी चीज है जो आपको और बड़े-बड़े पत्थर लाके देती रहेगी। और नए चैलेंजेस और नए गोल्स। बट याद रखना हर एक गोल पूरा हो जाएगा बस अगर हम कंसिस्टेंटली बने रहे तो अभी तुम्हारा नेक्स्ट पत्थर क्या है जो तुम्हें तोड़ना है। रिया ने कहा सर मैं चाहती हूं कि मैं एटलीस्ट ₹00 महीने के कमाने लग जाऊं जिससे मैं फाइनेंशियली स्टेबल हो सकूं। मिस्टर बुक ने कहा डन यह भी हो जाएगा। किस दिन होगा? कितने स्ट्राइक पे कौन से दिन होगा यह नहीं पता लेकिन होगा जरूर। बस अगर तुम कमिटेड रहने के लिए तैयार हो तो। रिया बोलती है फॉर श्योर सर मैं कमिटेड हूं। जब तक नहीं होगा तब तक करने के लिए काम। नाउ गेस व्हाट? इसके बाद रिया को हार्डली कुछ क्वेश्चंस आते हैं। उसके दिमाग में सिर्फ एक चीज होती है कि उसे डेली इंप्रूव करना है। कुछ महीने बीत जाते हैं। कई महीनों बाद वापस से रिया हैंड रेज करती है। मिस्टर बुक से

37:40 बोलती है सर आज मेरे पास कोई क्वेश्चन नहीं है। बस मैं एक अनाउंसमेंट बताना चाहती हूं। मैंने पिछले ही महीने 50,000 का रेवेन्यू क्रॉस किया। आज मेरे पास योगा के लिए 10 से ज्यादा क्लाइंट्स हैं जो मुझे मंथली 5,000 पे करते हैं। और ऐसा भी नहीं है कि वो लोग वन टाइम है। वो लोग रीअकरिंग में मुझे 5,000 देते हैं बिकॉज़ दे ट्रस्ट माई सर्विस। और ये सारी चीजों का थैंक्स मैं आपको करना चाहूंगी। नाउ डॉक्टर बुक इस पर बहुत ज्यादा प्राउड फील करते हैं और पूरी कम्युनिटी रिया को कांग्रेचुलेट करती है। नाउ देखो ये जितनी भी बातें आपने वीडियो से सीखी है वो सब पावरफुल बातें हैं। एक-एक हैबिट में इतना दम है कि वो आपकी लाइफ को कंप्लीटली चेंज कर सकता है। लेकिन अगेन सिर्फ सीखना इंपॉर्टेंट नहीं है। डेप्थ में सीखना और उसे प्रैक्टिकली अप्लाई करना जरूरी है। और यहीं पे आता है हमारा कॉम्बो। समरी बोर्ड जहां से आप इन बातों को डेप्थ में सीख सकते हो इन किताबों की हेल्प से। प्लस इन्हें प्रैक्टिकली अप्लाई करने के लिए मैंने एक सिस्टम क्रिएट किया है। 21 डेज

38:26 चैलेंज। जैसे 30 डेज था वैसे ही हमने 21 डेज चैलेंज क्रिएट किया है। जहां हम इस पूरी स्टोरी की तरह ही ज़ूम पे मिलते हैं। प्रॉब्लम्स डिस्कस करते हैं। बातों को प्रैक्टिकली अप्लाई करते हैं। हर दिन मेडिटेट करते हैं। अमेशंस करते हैं। बातें करते हैं और एज अ कम्युनिटी ग्रो करते हैं साथ में। अगर आप इस कम्युनिटी का पार्ट बनना चाहते हो तो आपको ₹10,000 लाख देने की जरूरत नहीं है। सिर्फ ₹99 का समरी बोर्ड का सब्सक्रिप्शन ले लीजिए। आपको फ्री में 21 डेज चैलेंज भी मिल जाएगा। लेकिन हां वो कुछ मंथ के लिए ही मैं कर रहा हूं। इसीलिए फ्यूचर में होगा नहीं होगा मुझे नहीं पता। अभी जाइए इसका फायदा उठाइए। सिर्फ ₹99 में अभी मिल रहा है। शायद फ्यूचर में आपको इतना अच्छी अपॉर्चुनिटी ना मिले। ZM पे लिमिटेड सीट्स भी है। इसीलिए अभी जाइए। सब्सक्राइब कर लीजिए। मिलते हैं लाइव चैलेंजज़ में। और कोई भी इशू आ रहा है इस चीज को करने में तो यह हमारा सपोर्ट मेल है। यहां पे आप मेल डाल सकते हो। आज के लिए इतना ही। मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो में। बाई बाय।

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