0:01 हेलो दोस्तों इस क्वेश्चन को जितना भी इंपॉर्टेंट बताया जाए उतना ही कम होगा ठीक है यह क्वेश्चन आपके एग्जाम में आने की बहुत-बहुत संभावना है ठीक है और इस क्वेश्चन को बिल्कुल मैं आपको ट्रिक के माध्यम से बताऊंगा और एक बार में बस आपको वीडियो को देख लेना है उसके बाद छह पेज सात पेज आठ पेज जितना मर्जी करेगा उतना आप लिख पाएंगे लेकिन आप प्रयास कीजिएगा चार पेज से प्लस और छह पेज से कम यानी चार और छह पेज के बीच में ही आंसर आपको देना है इससे ज्यादा नहीं देना है ठीक है हमारा क्वेश्चन है कि आधुनिकता क्या अवधारणा एवं स्वरूप की विवेचना करें ठीक है आधुनिकता का जो अवधारणा है और स्वरूप है इसकी विवेचना करना है आधुनिकता का मतलब क्या होता है पुरानी चीजों को नई चीजों में बदलाव जो हम लोग करते हैं उसी को आधुनिकता कहते हैं सीधा सधी बात है पुरानी चीजों को नई चीजों में बदलाव होने की प्रक्रिया को
0:46 हम लोग क्या बोलते हैं आधुनिक या तो फिर आधुनिकता और इसका हमको एक देखना अवधारणा और इसका देखना है हमको स्वरूप ठीक है अब छोटा सा यह मैं आपको फिगर समझाऊ उसके बाद यूं ही आपको क्वेचन में समझ में आ जाएगा सबसे पहला आधुनिकता का बात कर रहे हैं ठीक है इसका अर्थ देखेंगे तो आधुनिकता क्या है पुरानी चीजों को जो नई चीजों में बदलाव होता है इसी प्रक्रिया को हम लोग क्या बोलते हैं आधुनिकता ठीक है अभी मैं आपको पूरा आंसर भी दिखाऊंगा ये एक ट्रिक है इसके बाद देखेंगे इसका अवधारणा क्या देखेंगे अवधारणा और अवधारणा का फिर हम लोग इसका क्या देख लेंगे तत्व ठीक है ये हो गया अवधारणा खत्म हो गया आपका उसके बाद इसका स्वरूप भी आपको लिखना है ठीक है क्वेश्चन में जाके देख सकते हैं स्वरूप अब इसका स्वरूप तीन प्रकार से एक सांस्कृतिक और सामाजिक स्वरूप कि जब पुरानी चीजों को नई चीजों में बदलाव हुआ ना तो हमारा सांस्कृतिक रीति रिवाज और समाज पर भी इसका
1:32 प्रभाव पड़ा ठीक है जब नई चीजों में परिवर्तन हुआ ना तो हमारा राजनीतिक स्वरूप में भी परिवर्तन देखने को मिला पहले लोगों को वोट देने का अधिकार नहीं था महिलाओं को पूरा अच्छा सा अधिकार नहीं मिलता था लेकिन अब मिलने लगा तो कहीं ना कहीं बदलाव हुआ है ठीक है तो इसका प्रभाव राजनीतिक पर भी पड़ा इसका प्रभाव आर्थिक पर भी पड़ा आर्थिक मतलब किसानों पर प्रभाव पड़ा पहले कृषि के लिए औजार नहीं होता था पहले चावल बिक नहीं पाते थे ठीक है और बिकते थे तो बहुत कम रेट में बिकते थे तो ऐसे ऐसे चीजों पर भी क्या हुआ बदलाव हमको देखने को मिला इसी चीजों पर हम लोग चर्चा करेंगे सबसे पहले देख लेते हैं थोड़ा सा आधुनिकता का अर्थ ठीक है तो आधुनिकता बोलो चाहे आधुनिक बोलो बात एक ही पड़ता है तो आधुनिक शब्द अंग्रेजी के एक शब्द मॉडर्न का हिंदी रूपांतरण नहीं बोलते मॉडर्न जमाना आ गया मतलब नया जमाना आ गया है ना तो उसी का मॉडर्न का ही हिंदी रूप होता है आधुनिकता
2:19 इंग्लिश में मॉडर्न और हिंदी में आधुनिकता जिसका अभिप्राय है प्रचलन यानी प्रचलन नई नई चीजों का प्रचलन यानी फैशन यानी कि वर्तमान काल ठीक है यानी कि वर्तमान काल अभी का काल पहले का नहीं यानी कि आज का समय ठीक है तो प्रचलन बोलो फैशन बोलो अभी का समय बोलो या आज का समय बोलो बात एक ही पड़ता है ठीक है अर्थात वर्तमान समय में जो चलन में है यानी कि वर्तमान समय में जो भी कुछ अभी चल रहा है वह आधुनिक है यानी अभी समय में जो भी कुछ प्रचलन चल रहा है वो सब क्या है हमारा आधुनिकता है आधुनिक चाहे वह अच्छा हो या बुरा हो मतलब जो भी कुछ अभी चल रहा है पहले की अपेक्षा जो अभी कुछ चल रहा है वही हमारा क्या होता है आधुनिकता होता है चाहे वो अच्छा चीज हो चाहे बुरा हो हमें पसंद आए या नहीं आए वो आधुनिक है ठीक है पहले जो होता था उससे जो अभी अलग हो रहा है वही हमारा क्या है
3:06 आधुनिकता है ठीक है चाहे वो अच्छा हो चाहे बुरा हो अभी नया नया मोबाइल की जमान आ गया हो सकता है मोबाइल बुरा भी हो सकता है किसी के लिए अच्छा भी हो सकता है तो ये भी एक आधुनिकता ही है ये नहीं कि जो अच्छा होता है सिर्फ वही आधुनिकता है ठीक है बुरा भी आधुनिकता ही है नेक्स्ट है कि पुराने तरीका और विचारों से अलग-अलग नए-नए तरीका और विचारों को अपनाने की प्रक्रिया होती है इसमें दूसरा पॉइंट है कि विज्ञान तकनीकी और नए विचारों को अपनाने की प्रक्रिया होती है तीसरा है कि आधुनिकता के दौर में शहरों का तेजी से शहरीकरण हुआ क्यों क्योंकि पहले ग्रामीण में लोग रहते तब धीरे-धीरे इसका विकास हुआ शहरों में बसने लगे तो शहरीकरण हो गया शहरीकरण मतलब शहरों में बसना शहरों का बढ़ावा होना शहरों का विकास होना ठीक है नेक्स्ट पॉइंट है कि आधुनिकता के दौर में दैनिक जीवन में आधुनिक उत्पादन की वस्तुओं का ग्रहण हुआ है यानी आधुनिक उत्पादन मतलब क्या और आधुनिक मतलब अभी के समय के वस्तुएं का
3:52 क्या हुआ है लोग क्या कर रहे हैं उत्पादकों का ग्रहण कर रहे हैं जो अभी के समय में वस्तु बन रहे हैं उसका क्या कर रहे हैं ग्रहण कर रहे हैं ठीक है नेक्स्ट क्या कि आधुनिकता एक ऐसी सामाजिक व्यवस्था का नाम है जिसमें प्राचीन परंपराओं के स्थान पर यानी पुरानी जो परंपरा था उसके स्थान पर नवीन मान्यताओं को स्थान दिया गया इसमें क्या हुआ कि जो प्राचीन परंपरा था पुराने रीति रिवाज थे पुराने जो परंपरा था उसके जगह में नए परंपराओं को क्या दिया गया स्थान दिया गया ठीक है ये हो गया दोस्तों अभी तक हम लोग उसका सिर्फ अर्थ देखें अब हम लोग देखेंगे आधुनिकता की अवधारणा आधुनिकता का क्या देखेंगे अवधारणा देखेंगे ठीक है तो आधुनिकता एक ऐसी दृष्टिकोण है ना जो प्राचीन यानी कि पुराना जिसको बोल सकते हैं पारंपरिक ठीक है तरीकों को छोड़कर नवीनतम यानी प्रगति विज्ञान पर आधारित है यानि इसमें पुरानी चीजों को छोड़ कर के नवीनतम मतलब नया प्रगति मतलब जो प्रगति करें और विज्ञान
4:39 मतलब जो विज्ञान से संबंधित हो ये नहीं कि उसका कोई मतलब ही ना निकले ठीक है ये सब चीजों पर आधारित होता है हमारा आज का आधुनिकता ठीक है अभी आधुनिकता की अवधार हम लोग पढ़ रहे हैं ठीक है यह अतीत की स्थिर संरचनाओं से मुक्त पाने और समाज को आर्थिक अधिक गतिशील और स्वतंत्र बनाने का प्रयास करती है मतलब देखो ये अतीत आनी जो पुराने चीजों में जो भी संरचना स्थिर थी जो रुकी हुई थी उसमें क्या हुआ कि समाज को अधिक गतिशील करने का प्रयास किया गया स्वतंत्र बनाने का प्रयास किया गया यानी कि पहले की परंपराओं को जो रुकी हुई थी उसको तेज गति प्रदान किया गया ठीक है नेक्स्ट कि आधुनिकता का उदय वैज्ञानिक विकास अन आधुनिकता से क्या हुआ वैज्ञानिक का विकास हुआ तकनीक तकनीकी का विकास हुआ प्रगति हुआ औद्योगिक क्रांति हुआ औद्योगिक मतलब अनेक औद्योगीकरण किया गया अनेक अनेक वस्तुओं
5:25 बनाने के लिए उद्योग का निर्माण किया गया सामाजिक राजनीतिक बदलाव देखने को मिला समाज में राजनीतिक में ये सब चीजों में बदलाव देखने को मिला अब देखते हैं आधुनिकता के प्रमुख तत्व ये तत्व उसी से जुड़ा हुआ है किससे जुड़ा हुआ है तो ये हमारा अवधारणा से ही जुड़ा हुआ है ठीक है जैसे कि आप सभी को पता है क्वेचन में अवधारणा पढ़ना है स्वरूप पढ़ना है ठीक है तो अभी हम अवधारणा का ही सिर्फ बात कर रहे हैं ठीक है चलिए अवधारणा हो गया उसके बाद अवधारणा का ही हम लोग क्या देख रहे हैं इसका तत्व इसका तत्व कौन-कौन सा है तो सबसे पहला इसका तत्व होता है प्रगति और विकास यानी आधुनिकता में सबसे पहला ये देखा जाता है कि प्रगति और विकास हो है ना तो आधुनिकता में प्रगति और विकास को प्रमुख स्थान दिया गया है इसे सामाजिक आर्थिक और तकनीकी उन्नति के रूप में देखा जाता है यानी कि आधुनिकता से समाज में विकास होता है आर्थिक विकास होता है और तकनीकी के क्षेत्र में भी विकास देखने को मिलता है जिससे समाज के सभी क्षेत्रों में सुधार
6:12 होता है जिससे समाज में हर एक क्षेत्र में क्या होता है सुधार होने लगता है दूसरा इसमें देखा जाता है कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण यानी कि विज्ञान का उसमें हो जाता है जैसे फॉर एग्जांपल दोस्तों हम मशीन बना रहे हैं ठीक है तो मशीन बना रहे हम अपने हाथों से बना दिया तो वो एक आधुनिकता हो गया मशीन लेकिन क्या वो वाक्य में कितना दिन तक चलेगा किस कितना उसका साइड इफेक्ट है मतलब कितना उसका बुराइयां है कितना अच्छाई है ये वैज्ञानिक तौर तरीका से भी उसका जांच किया जाना चाहिए ठीक है तो ये एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण पर भी आधारित होता है ये नहीं कि हां मतलब ये नियम आ गया या तो ये मशीन आ गया तो चलो ठीक है चल रहा है और बहुत सारा नुकसान पहुंचा रहा है नहीं उसमें वैज्ञानिक का दृष्टिकोण होना चाहिए उसका जांच पड़ताल होता है ठीक है तो जो आधुनिकता होता है ना वो तर्क और वैज्ञानिक परीक्षण और अनुभवी पर आधारित है ऐसे नहीं कि आधुनिकता में कोई भी चीज नया-नया चीजों को ला दिया गया कोई नया कानून लाया गया ठीक है तो कोई अभी
6:57 नया-नया रीति रिवाज चलता है तो क्या वैसे आ जाता नहीं उसको वैज्ञानिक तरीका से बहुत ज्यादा जांच पड़ताल किया जाता है तब उसको लागू किया जाता है ठीक है तो ये वैज्ञानिक पर भी आधारित है नेक्स्ट है व्यक्तिवाद ठीक है क्या है व्यक्तिवाद अब देखिए जो हमारा आज का आधुनिकता आधुनिकरण जो हो रहा है इसमें व्यक्तिवाद है मतलब व्यक्ति की इच्छा पर डिपेंड है व्यक्ति जैसे मर्जी वैसे जी सकता है ठीक है वैसे संस्कृति रीति और रिवाज को अपना सकता है वैसे सारे वस्तुओं को भी वो अपना सकता है है ना तो आधुनिकता व्यक्तिवाद का समर्थन करता है कि व्यक्ति जैसा चाहे वैसे वो कर सकता है जिसमें व्यक्ति के अधिकार स्वतंत्रता और उसकी पहचान को प्राथमिकता दी गई है कि व्यक्ति के पास अधिकार है वो स्वतंत्र है जो चाहे वो कर सकता है इसका मतलब है कि व्यक्ति अपने पसंद और सोच के आधार पर जीवन को दिशा दे सकता है मतलब वो व्यक्ति अपने पसंद के आधार पर जो मर्जी वो संस्कृति
7:44 अपना सकता है उस वस्तु को अपना सकता है वो धर्म को अपना सकता है संस्कृति को अपना सकता है मतलब वो क्या है खुला है उसको ठीक है तो उसी को बोलते हैं व्यक्तिवाद नेक्स्ट देखा जाता है धर्म निरपेक्षता किसी भी धर्म को इसमें बढ़ावा नहीं दिया जाता जो मर्जी वो सभी धर्म को विकास किया जाता है इसमें ठीक है तो आधुनिकता के तहत महत्त्वपूर्ण पहलू के रूप में धर्म निरपेक्षता को देखा जाता है यानी इसमें किसी भी तरीके का किसी के साथ भेदभाव नहीं होता है ठीक है समानता और नया यानी कि आधुनिकता समाज में समानता और न्याय और मानवाधिकारों के सिद्धांतों को बढ़ावा देती है समाज में सभी लोगों को समानता हो सभी के साथ न्याय हो मानवाधिकार यानी सभी मानव को अधिकार हो ठीक है वोट देने का अधिकार हो घूमने का अधिकार हो सब तरह से क्या हो उसको अधिकार हो ये सब चीजों को ध्यान में दिया जाता है इसी को हम लोग क्या बोलते हैं इसका तत्व ठीक है जो लोगों के प्रति ध्यान दिया जाता है अब हम लोग
8:30 देखते हैं दोस्तों आधुनिकता का स्वरूप तो देखिए आधुनिकता के स्वरूप को मुख्यत तीन वर्गों में विभाजित कर सकते हैं ठीक है इसका जो स्वरूप है इसको तीन भागों में बांट सकते हैं एक आधुनिकता का कौन सा एक सांस्कृतिक और सामाजिक स्वरूप है ना इसका जो प्रभाव पड़ता है वो सांस्कृतिक और समाज पर भी पड़ता है तो ये हो गया सांस्कृतिक और सामाजिक स्वरूप इसका प्रभाव राजनीतिक पर पड़ता है इसलिए दूसरा हो गया राजनीतिक स्वरूप और तीसरा आपका हो गया आर्थिक स्वरूप ठीक है अब हम एक करके देखते हैं पहले देखेंगे सांस्कृतिक सामाजिक स्वरूप फिर राजनीतिक स्वरूप फिर आर्थिक स्वरूप तो हम नंबर वन पर आते हैं आधुनिकता का सांस्कृतिक और सामाजिक स्वरूप ये सांस्कृतिक और समाज से रिलेटेड होगा निश्चित सी बात है है ना तो देखिए आधुनिकता का सांस्कृतिक और सामाजिक स्वरूप जटिल और बहु आयमी मतलब ये बहुत ही जटिल प्रक्रिया है इसमें परंपरागत समाज के कई तत्त्वों को चुनौती दी जाती है परंपरागत
9:17 समाज मतलब पुरानी समाज पुरानी समाज को जो रीति रिवाज वस्तुएं हैं उसको चुनौती दी जाती है मतलब उसको अपनाया नहीं जाता है मतलब उसको चुनौती दिया जाता है और नई दृष्टिकोण और जीवन शैली को अपनाया जाता है पुरानी चीजों को छोड़ दिया जाता है नई चीजों को अपनाया जाता है ये हम किसका बात कर रहे हैं सांस्कृतिक और समाज का ठीक है अब इसी के अंतर्गत और भी छोटे-छोटे हम लोग पॉइंट देखते हैं कि कैसे संस्कृति पर और समाज पर इसका प्रभाव पड़ता है तो पहला जो प्रभाव पड़ता है वो संस्कृति पर पड़ता है हमारा संस्कृति आज का देखते जा रहा है कि परिवर्तन होते जा रहा है पहना हुआ बढ़ा हुआ खानपान में क्या होते जा रहा है परिवर्तन होते जा रहा है ठीक है तो ये जो पहला पॉइंट है दूसरा पॉइंट है ये सब सब किसका है सांस्कृतिक और सामाजिक स्वरूप का ही पॉइंट है ठीक है तो पहला सांस्कृतिक परिवर्तन हो रहा है आधुनिकता में सांस्कृतिक परिवर्तन अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण है मतलब इसमें बहुत ज्यादा संस्कृत क्या हो रहा है परिवर्तन हो रहा है इसमें परंपरागत कलाओ यानी जो पुरानी
10:02 कला था पुराना साहित्य था पुराना संगीत था और जीवन शैली था उसमें नई दृष्टिकोन और तकनीकों से प्रभावित किया जा रहा है ठीक है मान लो कि पहले गाना वगैरह गाया जाता था ढोल ढपली जैसा रहता था अब नया नया ढोल ढपली आ गया पहले लोग क्या करते थे बहुत बैल गाड़ी वगैरह चलाते थे अभी नया नया ट्रैक्टर हो गया बहुत बहुत मतलब नया-नया तकनीकी आ गया ठीक है तो सांस्कृतिक परिवर्तन कैसे हुआ पहले की जो कला था लोगों का रीति रिवाज था उसमें अभी क्या हुआ चेंजिंग आ गया अभी नए-नए परिवर्तन देखने को हमें क्या हो रहा है मिल रहा है दूसरा परिवर्तन कहां देखने को मिला सामाजिक संरचना में बदलाव यानी हमारा समाज में भी बदलाव हुआ पहले महिलाओं के साथ बहुत ज्यादा गलत व्यवहार किया जाता था उसको बाहर निकलने नहीं दिया जाता था लेकिन अभी समाज में बदलाव आया है ठीक है तो आधुनिकता के साथ-साथ सामाजिक संरचनाओं में
10:48 भी बहुत ज्यादा बदलाव आए हैं सामाजिक असमानता और जातीय भेदभाव और जो जातीय भेदभाव था था इसके खिलाफ आवाज उठाएगी जो समाज में असमानता था सभी को एक जैसा समानता नहीं मिलता था जाति भेद भाव किया जाता था तुम ये जाति का है वो जाति का है ये सबके खिलाफ आवाज उठाया गया और ये सब चीजों को नष्ट किया गया तो ये सब आधुनिकता के कारण ही हो पाया ठीक है महिलाओं के अधिकार दिया गया श्रमिकों का अधिकार दिया गया जो श्रम व्यक्ति है जो मजदूर लोग हैं उसको अधिकार दिया गया अन्य वंचित वर्ग जो अन्य प्रकार के छोटे वर्ग के लोग वंचित रह जाते थे अपने अधिकारों से उसके लिए संघर्ष लड़ा गया ठीक है जिससे समाज में समानता और न्याय की दिशा आ सके है ना तो ये सब किसकी वजह से हो पाया तो ये सब आधुनिकता के वजह से ही हो पाया तीसरा देख परिवार और विवाह में भी परिवर्तन देखने को मिला परंपरागत समाज में विवाह और परिवर्तन के ढांचे में
11:34 भी आधुनिकता के कारण बदलाव आए पहले परिवार में विवाह अलग प्रकार से होता था लेकिन अभी पहले अपने ही जाति में होता था लेकिन अभी अगर किसी से प्रेम हो गया तो हम दूसरा जाति से भी कर लेते हैं ठीक है पहले यहां विवाह का उद्देश्य सामाजिक और धार्मिक कर्तव्यों की पूर्ति था यानी कि समाज जिस समाज के हैं आप और जिस धर्म के हैं उसी समाज और धर्म की भी व्यक्ति होना चाहिए वही आधुनिकता के साथ आनक अभी के साथ में क्या होता है व्यक्तिगत पसंद प्रेम और स्वतंत्रता का महत्व बढ़ गया यानी जिससे हम प्रेम करते हैं पसंद करते हैं उसी से शादी होगा ठीक है इसके अलावा महिलाओं की स्थिति में भी सुधार दिशा में कदम उठाए गए महिला का स्थिति में सुधार हो इसके प्रति भी कदम उठाया गया है ना जिससे उन्हें शिक्षा और स्वतंत्रता प्राप्त करने का अवसर मिले ठीक है यानी इसकी स्थिति में सुधार किया गया महिलाओं की स्थिति में सुधार किया गया ताकि उ उन्हें शिक्षा मिल सके वो स्वतंत्र रह सके और वह भी अपना
12:21 विकास कर सके चौथा पॉइंट है शहरीकरण और जीवन शैली ग्राम समाज से शहरीकरण यानी कि ग्रामीण से बहुत सारे लोग विकसित होकर के आगे बढ़ करर के शहर में चल गए और इसका जीवन भी बदल गया है ना तो आधुनिकता के साथ-साथ शहरीकरण की प्रक्रिया में तेजी हुई जिसके कारण शहरों का विकास हुआ ग्रामीण समाज का हस हुआ ग्रामीण समाज का हस हुआ मतलब ग्रामीण समाज नष्ट हो गया और धीरे-धीरे समाज जो ग्रामीण था वो किस में बदलने लगा शहर में बदलने लगा शहरी जीवन ने लोगों को नए प्रकार की चुनौतियों और अवसरों को सौगत कराया जो शहरी जीवन है ना तो ग्रामीण से ग्रामीण में लोग कुछ नहीं जानते थे लेकिन ग्रामीण से जैसे शहर में गए उन लोग नए-नए चुनौतियां आने लगा उन लोगों के सामने और नए-नए अवसर भी आने लगा ठीक है और धीरे-धीरे उन लोगों का विकास भी होने लगा इसमें उपभोक्तावाद मशीनीकरण और
13:06 तकनीकी उन्नति भी महत्त्वपूर्ण भूमिका रही है ठीक है उपभोक्तावाद मतलब लोग नए नए चीजों का उपभोग कर रहे हैं मतलब प्रयोग कर रहे हैं नया नया मशीन आया नया नया तकनीकी आया ठीक है तो ये सब चीजों को भी देखने को मिला चलिए अब देखते हैं स्वरूप का दूसरा प्रकार आधुनिकता का राजनीतिक स्वरूप किय राजनीतिक में इसका कैसे प्रभाव पड़ा राजनीतिक में इसका क्या महत्व है ठीक है तो देखिए आधुनिकता का राजनीतिक स्वरूप लोत तंत्र मानवाधिकार और स्वतंत्रता की अवधारणा पर आधारित है मतलब देखिए राजनीतिक मतलब राजनीतिक से रिलेटेड तो पहले जहां पर लोगों को स्वतंत्रता प्राप्त नहीं था जहां पर लोकतंत्र अच्छे रूप से कार्य नहीं कर पाते थे हमारा देश तो लोकतंत्र था लेकिन लोग स्वतंत्र नहीं हो पाते थे उस चीजों पर ध्यान दिया गया मानवाधिकार लोगों को अधिकारों पर ध्यान दिया गया स्वतंत्रता पर के लोग स्वतंत्र है या नहीं है इस चीजों पर ध्यान दिया गया ठीक है इसमें परंपरागत
13:52 राज राजतंत्र शासन को चुनौती दी गई पहले क्या होता था राजतंत्र शासन चलता था राजाओं का शासन चलता था उसको भी चुनौती दिया गया और लोकतांत्रिक शासन प्रणाली का विकास हुआ लोकतांत्रिक शासन प्रणाली मतलब जहां पे जो सरकार होगा वो मेरे बात सुने को ना कि वो राजा खुद अपने बातों को सुनेगा ठीक है तो राजनीतिक में भी क्या प्रभाव हुआ कि पहले का जो राजतंत्र था उसको समाप्त करके अभी लोकतांत्रिक व्यवस्था को अपनाया गया जहां प लोगों को मानवाधिकार प्राप्त नहीं था वो लोगों का भी मानवाधिकार प्राप्त होने लगा है ना और कहां-कहां प्रभाव पड़ा तो इसी का पॉइंट नंबर वन देखिए लोकतंत्र का उदय इससे लोकतंत्र का उदय हुआ पहले राजा का शासन होता था लेकिन अभी हम लोग खुद से चुनाव करते हैं इसी को बोलते हैं लोकतंत्र तो इससे क्या हुआ लोकतंत्र का भी उदय हुआ आधुनिकता के साथ-साथ लोकतंत्र का भी उदय हुआ जिसमें नागरिकों को शासन में भागीदारी और स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त हुआ जिससे नागरिक क्या कर सकते हैं शासन में
14:38 भागीदारी ले सकते हैं वो राजनीति में जाकर के खुद से शासन चला सकते हैं चुनाव लड़ सकते हैं वोट दे सकते हैं है ना और स्वतंत्रता का अधिकार भी प्राप्त कर सकते हैं मतलब जो अधिकार है वो अधिकार इसको भी प्राप्त हो सकता है राष्ट्रीयता और स्वतंत्रता आंदोलन हम लोग स्वतंत्रता आंदोलन भी कर सकते हैं कोई में बोल नहीं सकता है ठीक है तो आधुनिकता ने राष्ट्रीयता और स्वतंत्र के विचारों को भी बढ़ावा दिया है नेक्स्ट राजनीतिक विचारधाराएं हम लोग देख रहे हैं कि हमारा अनेक प्रकार से विचारधाराएं भी क्या हो रहा है बढ़ रहा है जैसे भी आप देख रहे होंगे जयराम मत्व के नया नया न युवक लड़के लोग आते हैं और क्या करते हैं नए नए विचारों को रखते हैं ठीक है तो यह हो पाया किसकी वजह से आधुनिकता के वजह से तो आधुनिकता के साथ-साथ कई राजनीतिक विचारों का भी विकास हुआ नेक्स्ट आधुनिकता का आर्थिक स्वरूप आर्थिक मतलब हम देखते हैं
15:25 कि हमारा आर्थिक व्यवस्था ने जैसे आर्थिक मतलब समझ जाओ कि पैस से रिलेटेड ठीक है तो इसमें क्या उसका महत्व रहा तो देखिए आधुनिकता का आर्थिक स्वरूप मुख्यत औद्योगिक क्रांति धनिक औद्योगिक क्रांति व नया औद्योगीकरण हुआ उद्योग बनाए गए किसान वहां पे गए उसको रोजगार मिला पैसे कमाए है ना पूंजीवाद का विकास हुआ नए-नए जो लोग थे वो नया-नया कंपनी बसाने लगे तो उसी को बोलते हैं पूंजीवाद इसमें कृषि आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बदलाव देखा गया यानी कृषि में भी बदलाव देखा गया नया-नया कंपनियां आने लगी नया-नया वस्तु का निर्माण होने लगा है ना तो ये आर्थिक स्वरूप के अंतर्गत कौन-कौन आ जाएगा पहले पहली क्या हो जाएगा नए-नए उपकरण यानी नया-नया उपकरण बनाया गया है ना आधुनिकता के साथ पूंजीवाद और औद्योगीकरण का विकास हुआ जिसमें उत्पादन और व्यवहार व्यापार के नए-नए साधनों का उपयोग किया गया यानी कि
16:12 उत्पादन नया-नया चीजों का उत्पादन होने लगा अब नया-नया चीज अगर उत्पादन होने लगा तो नया-नया तरीका से व्यापार भी होने लगा मशीनों और नई तकनीकों ने उत्पादन की प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाया यानी कि नया-नया तकनीक आने लगा मशीना लेने लगा इससे क्या हुआ जो तकनीक है ना तकनीकी का जो विकास हुआ ना वो तेजी से होने लगा इसके परिणाम स्वरूप उद्योगों का विकास हुआ और श्रम विभाजन में बदलाव आया श्रम विभाजन मतलब जो मजदूर लोग है ना उन लोगों को जो रोजगार नहीं मिलता तो उन लोगों को रोजगार भी मिलने लगा नेक्स्ट है वैश्वीकरण अब देखिए दोस्तों आधुनिकता की वजह से दुनिया धीरे-धीरे आगे बढ़ने लगी और आगे बढ़ने लगी ना तो अब एक देश का जो रिलेशन है ठीक है रिश्ता है वो दूसरे देश से जुड़ने लगा क्यों क्योंकि जो हमारे देश में वस्तु बनेगा वो दूसरा देश में भेजेंगे जो दूसरा देश में बने बनेगा वो हमारे देश में आएगा
16:59 ठीक है हमारे चीजें वहां पे और वहां का चीजें यहां पे आएगा तो इससे क्या होगा वैश्वीकरण यानी कि विश्व में करण होगा विश्व करण मतलब सभी लगभग लगभग बहुत सारे देश क्या होंगे मिलेंगे इसी को बोलते हैं वैश्वीकरण यानी जहां पे एक से अधिक देशों में क्या होता है व्यापार वगैरह होता है संबंध बनता है दोस्ती बनता है तो आधुनिकता के साथ-साथ वैश्वीकरण की प्रक्रिया भी तेजी हुई व्यापार में संचार में व्यापार मतलब व्यापार होना संचार मतलब एक जगह से दूसरे जगह आना जाना ठीक है परिवहन के साधनों में परिवहन मतलब वही जैसे सामान एक जगह से दूसरे जगह ले जाते हैं इन सब चीजों में सुधार के कारण देश के बीच आर्थिक संबंध भी मजबूत हुआ ये सब की वजह से क्या हुआ हमारे देश का आर्थिक मजबूती हुआ हमारे देश के लोग भी रोजगार पा रहे हैं यहां वस्तु बना रहे हैं दूसरा देश जा रहा है ठीक है तो इससे आर्थिक संबंध मजबूत हुआ यानी पैसों के मामले में भी क्या हुआ मजबूत हुआ उपभोक्तावाद यानी कि नया-नया जब चीज बना तो लोग भी नया-नया चीजों का उपभोग
17:45 करने लगे तो उपभोक्तावाद का मतलब हो गया जो आदमी नए-नए चीजों को क्या कर रहे उपभोग कर रहे हैं अपने जीवन में तो आधुनिकता के आर्थिक स्वरूप में उपभोक्तावाद का भी विशेष स्थान है आधुनिक तकनीकी और उत्पादन के कारण वस्तुओं की उपलब्धता बढ़ी यानी नए-नए वस्तु अधिक मात्रा में बनाया जाने लगा है ना जिससे उपभोक्ता संस्कृति का विकास हुआ जिससे लोगों का संस्कृति में देखने को मिला परिवर्तन ठीक है लोगों की जीवन शैली में बदलाव आया वे अधिक उपभोक्ता और सेवाओं की मांग करने लगे अब व्यक्ति भी क्या करने लगे अधिक से अधिक वस्त्रों को यानी कि देखते हैं आज क्या जींस चल गया टीशर्ट चल गया अनेक प्रकार के कपड़ा चला है ठीक है जो लोग क्या करते हैं हर एक त्यौहार को में अपनाते हैं तो कहीं ना कहीं ये सब उपभोक्तावाद का ही कारण है जो लोग नए-नए चीजों को अपना रहे हैं उसके बाद निष्कर्ष देखिए दोस्तों आधुनिकता एक जटिल
18:30 और व्यापक अवधारणा है जिसने समाज के सभी पहलुओं को जैसे कि सामाजिक सांस्कृतिक राजनीतिक और आर्थिक पर अपना गव गहरा प्रभाव डाला है मतलब आधुनिकता एक बहुत ही व्यापक अवधारणा है इसने समाज के हर एक पहलू पर प्रभाव डाला जैसे समाज में सांस्कृतिक में राजनीतिक में और आर्थिक हर एक क्षेत्र में क्या डाला है प्रभाव डाला है तो ये वीडियो आपको कैसा लगा दोस्तों कमेंट में जरूर बताइए मिलेंगे नेक्स्ट वीडियो में तब तक जय हिंद जय भारत