0:00 मूर्ख और महान दोनों व्यक्तियों को बनाने वाली होती है उनकी सोच अगर अपने आसपास कोई ऐसे मूर्ख व्यक्ति को आप जानते हैं जो बात-बात पर बहस करता है दूसरों पर ब्लेम करता है हर समय शिकायतें करता है झीकता रहता है लड़ने पर उतारू हो जाता है मारने मरने पर चढ़ जाता है पर अपनी गलती कभी नहीं मानता अपने आप को कभी सुधारना नहीं चाहता कभी उसने अपने अंदर झांका ही नहीं है तो उसके पीछे भी उसकी गहरी सोच है वहीं दूसरी तरफ अगर आप किसी महान व्यक्ति को उसकी सज्जनता के साथ देखते हैं जानते हैं उसका अच्छा व्यवहार लोगों के साथ लाइफ की रिस्पांसिबिलिटी लेने का
0:50 एटीट्यूड हर समय हम्ल रहना पॉजिटिव रहना दूसरे लोगों को सपोर्ट करना यह सब अगर आप उसकी क्वालिटीज देखते हैं तो इसके पीछे भी उसकी बेहद गहरी सोच ही है हम जैसा सोचते हैं वैसा हम बन जाते हैं और वैसा ही व्यवहार करने लगते हैं किसी भी व्यक्ति का व्यवहार देखकर किसी भी व्यक्ति की आदतों से उसके हर आचरण से उसकी गहरी सोच की परतें खुलती जाती हैं कोई भी व्यक्ति आपके आसपास अगर मूर्खता करता हुआ आपको दिखाई दे तो आप बस उसकी गहरी सोच को समझने की कोशिश करो क्योंकि अगर आप उसके बिहेवियर
1:40 पर उसकी हैबिट्स पर पॉइंट आउट करेंगे तो वो अपनी उस गहरी सोच जिसकी वजह से उसके अंदर यह मूर्खता पैदा हो रही है वो आपके पिन पॉइंट करने को एकदम से ऐसा मानेगा कि जैसे जैसे आप उस पर अटैक कर रहे हैं और वो और डिफेंसिव हो जाएगा और क्योंकि उसकी सोच पहले से ही बहुत गलत है तो वह गलत सोच से ही और सोचेगा और आप पर अटैक करेगा अपने बचाव में वो आपको किसी भी हद तक हर्ट कर देगा तो आप डायरेक्ट किसी के बिहेवियर पर क्वेश्चन करने की बजाय उसे गलत साबित करने की बजाय आप समझें कि वो व्यक्ति ऐसा बन गया है ऐसा सोचता है ऐसा कर रहा है उसके पीछे के क्यों को जानने की कोशिश करें
2:33 अब ऐसा नहीं है कि दुनिया के सारे मूर्खों को आपने सुधारने का ठेका ले रखा है बट अगर कोई आपका अपना यह सब कर रहा है तो आपको उससे रिश्ते सुधारने के लिए उसका जीवन सवारने के लिए आपको थोड़ी मेहनत तो करनी ही पड़ेगी वहीं दूसरी तरफ अगर कोई व्यक्ति महानता कर रहा है तो भी आपको उसके गहरे में उतरना पड़ेगा कि वह इतना महान व्यक्ति कैसे बना ताकि आप उसके आचरण से उसके व्यवहार से उसकी आदतों से उसकी अच्छाई से आप बहुत कुछ सीख पाए और आप उसकी अच्छी बातों को अपने जीवन में अपना पाए क्योंकि किसी का भी व्यवहार
3:23 उसकी गहरी सोच का ही नतीजा होता है हम जैसा सोचते हैं धीरे धीरे धीरे-धीरे हम वैसे ही बनते चले जाते हैं उतावलापन ना करें क्योंकि अगर हम किसी महान व्यक्ति का किसी बहुत पहुंचे हुए व्यक्ति का भी केवल व्यवहार कॉपी करने की कोशिश करते हैं बिना उसकी वैल्यूस को जाने बिना उसकी बिलीफ को जाने बिना उसकी कोर थिंकिंग को जाने तो वो हम जो उसकी मॉडलिंग करते हैं उसके जैसा होने का अभिनय करते हैं वह कुछ ही समय के बाद हमारे अंदर से गायब हो जाता है वो हमारा चरित्र नहीं बन पाता क्योंकि हमारे कैरेक्टर को शेप देने के लिए कोई भी चीज हमें हैबचुअल फॉर्म में करनी होती है और
4:08 कोई भी चीज हैबिट कब बनती है जब आप उसे लगातार करते हैं और किसी भी चीज को लगातार करने के लिए आपकी एक गहरी एक सही दिशा की सोच बहुत ज्यादा जरूरी है तो अंततः आपको उस गहरी सोच तक ही पहुंचना है तो किसी भी गलत मूर्ख व्यक्ति को उसके व्यवहार के लिए एकदम से क्वेश्चन ना करें और किसी भी महान व्यक्ति के व्यवहार को एकदम से कॉपी ना करें दोनों से ही आपको उनकी सोच के बारे में अंदर गहराइयों तक समझने के लिए उनसे सीखना है मूर्ख व्यक्ति से भी सीखना है कि कैसे मूर्खता से बचा जाए और महान व्यक्ति से भी सीखना
4:53 है कि कैसे महान बना जाए क्योंकि हम सबके अंदर महान बनने की गहरी चाहत होती है एक मूर्ख व्यक्ति भी वो सिर्फ और सिर्फ अपने आप को अपनी मूर्खता से महानता का प्रदर्शन करने के लिए अनजाने में बार-बार बार-बार अपनी मूर्खता को कर रहा होता है उसकी भी अंतर गहरे में यही चाहत होती है कि लोग मुझे कुछ अलग ही महान ऊंचा समझे लेकिन वो बहुत ही अनजान होता है और एक उसने गलत सोच से जो गलत रास्ता उसको दिखाई दिया उसको चुन लिया होता है बुरा वह भी नहीं होता अंदर से लेकिन उसके जीवन के अनुभवों ने जो भी उसने
5:39 अपने आसपास देखा सुना उस सब से उसने कुछ बहुत ही गलत मैसेज रिसीव कर लिया होता है उसकी गलती सिर्फ इतनी होती है कि बड़ा होने के बाद अवेयर होने के बाद भी वो कभी भी अपने अंदर की गलत प्रोग्रामिंग को रीोग्राम करने की कोशिश नहीं करता इसीलिए वह भी दोषी बन जाता है क्योंकि आपके साथ कोई गलत तब तक कर सकता है जब तक आपकी खुद की जागृति आपके अंदर की खुद की अवेयरनेस ना हो पर यह कुदरत का नियम है कि जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं वैसे-वैसे हमारे अंदर कि वह अवेयरनेस हमारे अंदर अपने आप ही आती रहती है हमें बस अपने अंदर की जो प्रोग्रामिंग
6:24 है उससे अलग हटकर अवेयरनेस में प्रेजेंट में नए नजरिए को सीखने के उद्देश्य से देखना होता है अपने व्यवहार को भी अपनी आदतों को भी अपनी सोच को भी और अपने आसपास जो सही हो रहा है उसको भी और उसे देखना होता है कि कैसा मिसमैच है इसमें और जो आप कर रहे हैं जिस तरह से आप लोगों को ब्लेम करते हैं उनसे झगड़ा करते हैं अपनी गलत सोच पे अडियल रहते हैं उससे जो आपकी जिंदगी में स्ट्रगल आ रही है और अगर कोई गेन भी होता है तो वह सब बड़ा टेंपरेरी होता है और फिर आप और दुखों में घिर जाते हैं यह सारे जो लगातार आपके अनप्लेज़ेंट एक्सपीरियंस हो रहे हैं उसको देखकर हमें अपने अंदर वह अवेयरनेस को और बढ़ाना होता है और रिस्पांसिबिलिटी लेनी
7:09 होती है कि मेरे अंदर की गलत प्रोग्रामिंग जो मेरे ही शायद मां-बाप से हो गई मेरे रिलेटिव से हो गई मेरे स्कूल में हो गई मेरे फ्रेंड से हो गई सोसाइटी से हो गई किसी टीवी प्रोग्राम से हो गई कहीं से भी हो गई उसको चेंज करने की जिम्मेदारी मेरी है यह जिंदगी मेरी है चुनाव की शक्ति मेरे पास है पावर ऑफ चॉइस का इस्तेमाल करना है और अब सही चुनाव करना है लोगों का भी आप जो टीवी सीरियल्स देखते हैं किताबों का भी हर एक चीज का सही चुनाव सही चुनाव से आप जब अलग नजरिए से अलग तरीके से नई सोच के साथ व्यवहार करेंगे तो नए अनुभव आएंगे नए अनुभव पुराने अनुभवों को अपने आप ही बेकार कर देंगे और वह नए एक्सपीरियंसेस के साथ आप नए तरोताजा होते चले जाएंगे तो कभी भी
7:57 मूर्ख व्यक्ति भी अपनी मूर्खता छोड़कर अपनी महानता को प्राप्त हो सकता है जो वास्तविकता उसके अंदर की दबी हुई चाहत है और जो महान है वह अपनी लगातार अच्छी सोच ऐसे ही बनाए रखता है अच्छे आचरण करता है तो अपनी महानता को बरकरार कर सकता है पर जो भी चीज आपको हमेशा चाहिए उसे आपको मेंटेन करना होता है एक महान व्यक्ति भी आगे चलकर मूर्खता को प्राप्त हो सकता है अगर वह अपनी महानता को मेंटेन करना छोड़ दे अगर वह गलत सोचने लगेगा या अपने अहम में आ जाएगा वो सोचेगा मेरी एक बार इमेज बन गई है अच्छी अब इसी इमेज से मैं पूजा जाऊंगा हमेशा के लिए तो यह कुदरत का नियम है ही नहीं अगर आपको कोई भी चीज हमेशा मेंटेन करनी है तो उसके लिए आपको
8:46 कंटीन्यूअस एफर्ट्स करने होंगे तो अच्छाई को भी मेंटेन करना पड़ता है और बुराई को भी लोग मेंटेन करते हैं और कभी भी एक दूसरे में शिफ्ट हुआ जा सकता है मूर्ख महान बन सकता है और महान व्यक्ति भी एक समय ऐसा आता है कि वह मूर्खता को प्राप्त हो सकता है तो यह जीवन हमारा है चुनाव हमारा है कि हम क्या चाहते हैं अगर आप आज किसी भी कारणवश जीवन में कुछ गलतियां कर रहे हैं और थोड़े कड़े शब्दों में कहें तो मूर्खता कर रहे हैं और आप चाहते हैं कि आप महानता को प्राप्त हो तो अवेयरनेस लाकर आप जो कर रहे हैं अभी उसके बदले वो करें जो आज तक महान लोग हुए हैं उन्होंने जिस तरीके का आचरण सोच अपनाई है आदतें बनाई है अपनी वो सारी मुश्किलों का सामना
9:33 किया है खुद को तराशा है नित नया कुछ नया सीखा है और लगातार सतत प्रयास किए हैं तो आप अपने अंदर उस कंप्लीट ट्रांसफॉर्मेशन को बहुत ही जल्दी महसूस करेंगे ऐसे ही अगर आप ऑलरेडी महान हैं और आप चाहते हैं कि आप कभी मूर्ख ना बने तो आप लगातार जो अच्छा आज तक करते आए हैं सोचता आए हैं उसको मेंटेन रखें फिर आप महानता को ही प्राप्त रहेंगे तो यह जीवन आपका है चुनाव भी आपका है अगर आप किसी दूसरे को बदलने की कोशिश कर रहे हैं जो कि है बड़ा मुश्किल बट फिर भी हम लोग ऐसे प्यार की डोर से बंधे हुए होते हैं कि मुश्किल से मुश्किल काम को भी अपने हाथों में ले लेते हैं अगर कोई आपका अपना है आपके सर्कल में आप भाग्यशाली हैं कोई
10:22 बहुत महान व्यक्ति है जिससे आपको सीखने का अवसर मिल रहा है तो जरूर सीखिए ऐसे लोगों के पास बैठना उन्हें अपना समय देना इससे अच्छा काम कोई दुनिया का है ही नहीं क्योंकि उनके पास बैठने पर भी आप बहुत कुछ सीख जाते हैं जैसे आप किसी फूलों के बगीचे में जाएंगे तो वहां वो महक रहा होगा बगीचा तो आपकी नाक से जो सुगंध अंदर जाएगी वो आपके मन को शांत कर देगी तरोताजा कर देगी खुशनुमा अपना देगी वहीं आप किसी कीचड़ के ढेर के पास जाकर बैठ जाएंगे तो उसकी बदबू आपके दिमाग को सड़ा देगी तो महान व्यक्तियों के पास जाकर बैठे और मूर्ख व्यक्तियों के पास बैठने ना जाएं या तो आप उनमें कुछ परिवर्तन करने की अगर कोशिश कर रहे हैं तो उस परिवर्तन के
11:08 इरादे से जाएं यह माइंड मेकअप करके कि उनकी मूर्खता को मुझे पहले झेलना पड़ेगा और उनकी गहरी सोच को समझकर उन्हें धीरे-धीरे बिना डिफेंसिव मोड में डाले उन्हें आईडिया देना पड़ेगा उन्हें सुधारने के लिए कुछ प्रयास करने पड़ेंगे और प्रयास करने के बाद हो सकता है आपको कुछ रिजल्ट मिले और हो सकता है कि आप डिसपॉइंट हो जाए जहां पर आप देखें तीनचार ट्राई के बाद कि सामने वाला उस माइंड ट्रेन में है ही नहीं वो अभी भी अपनी बुद्धि पर ताला लगाकर बैठा हुआ है तो उस ताले को किसी भी और तरीके से तोड़ने की कोशिश ना करें क्योंकि वो फिर से नया ताला लाएगा और पहले से भी ज्यादा बड़ा ताला लाएगा और अपनी बुद्धि पर लगा लेगा तो आप सिर्फ दो-तीन प्रयास करें और देखें कि अगर वह व्यक्ति जरा सी भी फ्लैक्सिबिलिटी दिखाता है और वह समझ रहा
11:58 है आपका पॉइंट ऑफ व्यू आपकी बात आपकी इंटेंशंस कि कितनी प्योर इंटेंशंस है उसके लिए आपको सपोर्ट करना शुरू कर रहा है तो उस पर मेहनत करें वरना आप उस कूड़े के ढेर से दूर हो जाएं और किसी फूलों से महकते बगीचे में जाकर बैठे हैं क्योंकि आपकी सुरक्षा आपकी खुद की जिम्मेदारी है आज लोग कोई चाकू भाला तलवार लेकर कोई गोली लेकर हर समय आपके पीछे नहीं पड़े हैं लेकिन वह लगातार अपनी सोच से आपको छलनी कर रहे हैं आपको घायल कर रहे हैं तो आपको अपने आप को खुद को बचाना है समझदार को इशारा ही काफी है समझ तो गए होंगे ना चलो अब जल्दी से इस वीडियो को शेयर भी करो इंग्लिश में कंटेंट देखना चाहते हो तो कashिकाa केयर को भी सब्सक्राइब कर लो मैं मिलूंगी नेक्स्ट वीडियो में अपना ख़ास ख्याल रखना