HALL 2 PRE IND GEO ( UDYOG ) BY PRABHAKAR SIR

CHANDRA ACADEMY BILASPUR www.youtube.com

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो भारत में एल्यूमीनियम और रेलवे उद्योगों पर केंद्रित है। इसमें विभिन्न एल्यूमीनियम संयंत्रों और रेलवे कारखानों के स्थान, स्थापना वर्ष और सहयोगी देशों के बारे में जानकारी दी गई है। वीडियो में यह भी बताया गया है कि कैसे अंग्रेजों ने भारत में उद्योगों की स्थापना की और इसके पीछे उनकी क्या मंशा थी।

मुख्य बातें:

  • भारत में एल्यूमीनियम और रेलवे उद्योगों का विकास
  • विभिन्न एल्यूमीनियम संयंत्रों और रेलवे कारखानों के स्थान और विशेषताएं
  • अंग्रेजों द्वारा भारत में उद्योगों की स्थापना के पीछे का कारण

अक्षांश और देशांतर असाइनमेंट

छात्रों को एक एटलस का उपयोग करके विभिन्न शहरों के अक्षांश और देशांतरीय विस्तार का पता लगाने और उन्हें उत्तर से दक्षिण और पश्चिम से पूर्व की ओर व्यवस्थित करने का कार्य दिया गया है। उदाहरण के तौर पर, भिलाई (छत्तीसगढ़), राउरकेला और बोकारो के अक्षांश और देशांतर मानों को खोजने और व्यवस्थित करने की प्रक्रिया को समझाया गया है। यह अभ्यास छात्रों को भौगोलिक अवधारणाओं को समझने और मानचित्र कौशल विकसित करने में मदद करेगा।

एल्यूमिनियम प्लांट

भारत में एल्यूमीनियम संयंत्रों के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें इंडालको, हिंडाल्को, नाल्को, माल्को और वेदांता जैसी प्रमुख कंपनियों के नाम शामिल हैं। इन संयंत्रों के स्थान जैसे जेके नगर (पश्चिम बंगाल), एलवाय (केरल), बेलगाम (कर्नाटक), रेनूकूट (उत्तर प्रदेश), मुरी (झारखंड), बेलूर (पश्चिम बंगाल), हीराकुंड, अंगुल, दामन जोड़ी, झारसुगुड़ा (ओडिशा), मैटूर (तमिलनाडु) और कोरबा (छत्तीसगढ़) बताए गए हैं। जेके नगर में 1937 में स्थापित पहला एल्यूमीनियम प्लांट भी शामिल है।

एल्यूमिनियम कंपनियों का स्थान और सहयोग

विभिन्न एल्यूमीनियम कंपनियों के स्थानों और उनके सहयोगी देशों के बारे में बताया गया है। इंडालको एलवाय, बेलगाम, मुरी, बेलूर और हीराकुंड में स्थित है और कनाडा के सहयोग से बना है। हिंडाल्को रेनूकूट में है और अमेरिका के सहयोग से बना है। नाल्को अंगुल और दामन जोड़ी में है और फ्रांस के सहयोग से बना है। माल्को मैटूर में है और इटली के सहयोग से बना है। बालको कोरबा में है और रूस और हंगरी के सहयोग से बना है, जबकि वेदांता झारसुगुड़ा में है और जर्मनी के सहयोग से बना है। एमओयू (समझौता पत्र) का अर्थ समझाया गया है, जो दो देशों के बीच किसी परियोजना को मिलकर बनाने के लिए होता है।

एल्युमीनियम उद्योग का विकास

भारत में एल्यूमीनियम उद्योग के विकास पर प्रकाश डाला गया है, जिसमें पहला एल्यूमीनियम उद्योग जेके नगर में 1937 में स्थापित किया गया था। यह बताया गया है कि अंग्रेजों ने भारत में उद्योगों की स्थापना क्यों की, जिसमें उनका मुख्य उद्देश्य अपने खर्चों को कम करना और लाभ कमाना था। दादा भाई नौरोजी के धन के बहिर्गमन के सिद्धांत का उल्लेख किया गया है, जिसमें बताया गया है कि कैसे अंग्रेज भारत से कच्चा माल कम कीमत पर खरीदते थे और तैयार माल अधिक कीमत पर बेचते थे।

रेलवे उद्योग

भारत में रेलवे उद्योग के बारे में जानकारी दी गई है, जिसमें विभिन्न रेलवे कारखानों के स्थान शामिल हैं। चित्तरंजन (पश्चिम बंगाल), रायबरेली, वाराणसी (उत्तर प्रदेश), मधेपुरा, मढ़ौरा, छपरा (बिहार), कपूरथला (पंजाब), वड़ोदरा (गुजरात), बेंगलुरु, येलाहांका (कर्नाटक), ग्वालियर (मध्य प्रदेश), और पेरंबूर (तमिलनाडु) जैसे स्थानों का उल्लेख किया गया है।

रेलवे कारखानों का विवरण

विभिन्न रेलवे कारखानों के कार्यों और स्थानों के बारे में बताया गया है। चित्तरंजन में पहला विद्युत इंजन कारखाना (1950) स्थापित किया गया था, जबकि वाराणसी में पहला डीजल इंजन कारखाना (1962) स्थापित किया गया था। रायबरेली में एसी कोच, पेरंबूर में सवारी डिब्बे (सामान्य डिब्बे), और कपूरथला में माल डिब्बे बनाए जाते हैं। छपरा में पहिया निर्माण केंद्र है, जबकि येलाहांका में पहिया और धुरी दोनों का निर्माण होता है। वड़ोदरा में भारतीय रेलवे विश्वविद्यालय (गति शक्ति विश्वविद्यालय) स्थित है, और ग्वालियर में स्प्रिंग निर्माण केंद्र है। मढ़ौरा में डीजल इंजन कारखाना और मधेपुरा में विद्युत इंजन कारखाना प्रस्तावित हैं। भिलाई में स्लीपर का निर्माण होता है।

रेलवे उद्योग से जुड़े अतिरिक्त तथ्य

जमशेदपुर में टाटा इंजीनियरिंग लोकोमोटिव कॉरपोरेशन (टेल्को) स्थित है, जो अब बंद हो चुका है। बेंगलुरु में भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (बीईएमएल) स्थित है, जो भारी संरचनाओं के निर्माण में शामिल है। भारत का डेट्रॉइट पीथमपुर (मध्य प्रदेश) और चेन्नई को कहा जाता है, जो ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए प्रसिद्ध हैं।

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Transcript

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0:04 चलो तो हम लोग शील प्राण पढ़े थे। ठीक। अगला जो प्लांट है उसका नाम है एलुमिनियम प्लांट। क्या है वो? एलुमिनियम प्लांट। ठीक है ना? देखो एलुमिनियम प्लांट कैसे कहां-कहां हमारे काम का है? कल वाली क्लास में कुल्टी लिखवाया था कुल्टी। ठीक है? उसका ईयर क्या था कुल्टी का? 1874

0:50 ठीक हां बताओ हां दिशा पूछा है बिल्कुल तो एक असाइनमेंट ये है कि एटलस उठाओगे और सारे शहर का अक्षांश और देशांतरीय विस्तार खोज के लेके आओगे जितना बताया हूं चाहे बनपुर हो ये सबको मंडे में मंडे में सबकी कॉपी में रहना चाहिए समझ गए कैसे बता दे रहा हूं फॉर एग्जांपल अगर मान लो राउरकेला की बात है तो देखो राहुलकेला उड़ीसा में सबको पता ही है कोई दिक्कत नहीं है साथ में भिलाई को देख लेना झाड़सुगड़ा को देख लेना सॉरी झाड़सड़ा बोलता हूं बोकारो को देख लेना सबका ब्रैकेट में रहेगा अक्षांश और क्या

1:35 रहेगा देशांतर देखने आता है कैसे देखते हैं कहां से नेट से देखो एटलस रखे हो एटलस नहीं लिए हो एटलस एटलस ले लेना। तुमको यह अरेंज करके लाना है। कैसे लेके आओगे? उत्तर से दक्षिण की ओर अरेंज करके लेके आना। और कहां? पश्चिम से कहां की ओर? पूर्व की ओर। ये दो चीज करके लेके आना। ठीक है? यह आया हुआ प्रश्न है। तो यह अरेंज करके ले आओ। क्लियर है ना? एटलस ले लेना भाई। एटलस ठीक है? इसका किसका ऑक्सफोर्ड का यह कैसा स्टूडेंट एटलस वो देगा तुमको

2:23 फिर तुम क्या करोगे उसको चेक करोगे कहां है कौन से राज्य में फिर देखोगे अक्षांश देशांतरीय विस्तार इसमें से कौन से कि दुर्गापुर का अक्षांशीय देशांतरीय विस्तार अगर मान लो यहां पर देखना चाहते हो मैं एग्जांपल दे देता हूं क्या है ना सब जगह अलग-अलग दिया हुआ है देखो भिलाई छत्तीसगढ़ का लैटीट्यूड और जो लोंगिट्यूड है ये दिख रहा है अपने को तो भिलाई का है 21° 19 मिनट और यहां कितना है 81° 35 मिनट मतलब ये है अक्षांश है और

3:11 यह क्या है? देशांत्रा। तो इसको लिखोगे बाजू में। ठीक है? भिलाई के ब्रैकेट में यह रहेगा। 219 और कितना रहेगा? 8135। आगे तक लिखना क्योंकि कई-कई शहर का यह भी सेम है। है ना? तो 219 तो रहेगा ही। ठीक है। और 81 और कितना रहेगा? 35। वैसे ही मान के चलो। एक आध लोकेशन और लिखता हूं मैं। उसका नाम है राउरकेला। तो राहुल केला का देखो कितना आ गया राहुल केला यह 22 और 26 वहां कितना था 21 19 ये कितना है 22 26 तो ये ऊपर आया कि नीचे आएगा ये ऊपर आएगा कि नीचे भाई नीचे रहता है 21

3:57 ऊपर रहता है 22 अरे 0 1 2 3 4 ऐसा करते-करते पहले क्या आएगा पहले क्या आएगा 21 फिर क्या आएगा 22 और वहां लिखे थे ये कितना था 81 86 ये कितना है? 84 पश्चिम से पूर्व जाओगे तो पहले वो पड़ेगा कौन सा? भिलाई। फिर क्या पड़ेगा? राउरकेला। ठीक है? समझ गए ना? कैसे बनाना है? ठीक। फिर यहां जैसे मान लो लिखते हो यहां पर बोकारो। बोकारो तो देखो कितना आ गया? 22 और सात। सॉरी यह नीचे 23 और 66 और 86 और 15 तो फिर वही बात है इससे पहले कितना था

4:43 22 नहीं पहले 21 था फिर 22 और ये 23 21 22 और 23 भिलाई राउरकेला और बोकारो तो दक्षिण से उत्तर और देशांतर उसमें पहले वाले में कितना था 81 फिर 84 और यह 86 भिलाई फिर राउरकेला और फिर बोकारो समझ गए ना कर लोगे इतना खोज के लिखना बस तो है कुछ तो करो जीवन में पैदा हुए हो तो कभी कोई क्वेश्चन आता है तो भाई उसको थोड़ा सा सेल्फ कमांड में लेके बनाना सीखो उसी को बोलते हैं सेल्फ अफर्ड बिना सेल्फ एफर्ट दिए कुछ होगा नहीं अब चलते हैं इसमें आगे वापस टॉपिक में

5:29 तो एलुमिनियम जो प्लांट हमारे पास है एलुम प्लांट पढ़ते हैं आज। तो इस एलुमिनियम प्लांट को अगर मैप से देखोगे

6:17 ठीक है। तो कहां-कहां कौन-कौन सा प्लांट है? प्लांट का मैं नाम लिख देता हूं। कौन-कौन सा प्लांट है? जैसे एक का नाम पड़ता है इंडाalको। क्या नाम पड़ेगा? इंडाalco इंडियन एलुमिनियम कॉरपोरेशन। ठीक है? फिर रहेगा यहां पर हिंडाल। एच आई एन डी। हिंदुस्तान एलुमिनियम कॉरपोरेशन फिर रहेगा नालको क्या रहेगा नालको ठीक है नेशनल एलुमिनियम कॉरपोरेशन फिर रहेगा मालको क्या रहेगा मालको मद्रास एलुमिनियम कॉरपोरेशन तो पहला क्या बोला मैं इंडियन एलुमिनियम कॉरपोरेशन फिर क्या

7:02 है हिंदुस्तान एलुमिनियम कॉरपोरेशन फिर क्या है नेशनल एलुमिनियम कॉरपोरेशन फिर क्या है मद्रास एलुमिनियम कॉरपोरेशन और भारत एलुमिनियम कॉरपोरेशन ठीक है सरल है यह इंडिया ये क्या है हिंदुस्तान फिर नेशनल फिर मद्रास और भारत बाकी आगे सेम है फिर यहां हमको मिलेगा एक कंपनी और उसका नाम पड़ता है वेदता क्या रहेगा vदanता तो यह सब कंपनियां कहीं ना कहीं सेट होंगी ठीक है तो देखो सबसे पहला जो हमको प्लांट मिलता यह पड़ेगा अपने को यहां पर वेस्ट बंगाल में और वेस्ट बंगाल में पहला जगह का नाम पड़ता है जेके नगर

7:49 क्या बोलोगे जेके नगर 1937 तो भारत का पहला एलुमिनियम प्लांट भारत का पहला एलुमिनियम प्लांट कहां लगा कहां लगा जेके नगर कब लगा 1937 कहां है वेस्ट वेस्ट बंगाल। ठीक है? कल बताया था भारत का पहला एलुमिनियम भारत का पहला स्टील प्लांट कुलटी 1874 ये 1937। तो जितने पहले पहले उद्योग हैं पहले नंबर वाले सबका नाम लिख देगा और सबका ईयर पूछेगा आपसे। बोलेगा इन सारी इंडस्ट्री को एस्टैब्लिशमेंट ईयर के आधार पर घटते या बढ़ते क्रम में अरेंज करो। यह भी क्वेश्चन एग्जाम में आया।

8:34 ठीक है? वह डायरेक्शन वाला क्वेश्चन अभी आया है। 2 साल हुआ है और दो एग्जाम में आए उसको बनाना है। ठीक है? चलो तो पुराना क्वेश्चन भी देखा करो बट क्वेश्चन के साथ सॉल्यूशन निकालने का भी प्रयास किया करो। तो मेरा वेट करना नहीं पड़ेगा तुमको और ऐसा नहीं कि नहीं कर सकते हो। आराम से कर सकते हो। हां कैसे करना है? अगर यह समझ में आया देन यू कैन आस्क कि हां भाई कैसे करें? बट लग रहा है कि हां हो सकता है बिना पूछे तो क्यों किसी का वेट करना क्योंकि कल को अगर मान लो एग्जाम में आ गया तो वहां थोड़ी लिखोगे कि सर ने पढ़ाया नहीं था। है ना? बनने ना बने तो तू कुछ मैं तो मैं पढ़ा रहा हूं कुछ तुम पढ़ो बस हो गया चलो तो वेस्ट बंगाल हो गया अब मैं पूरे के पूरे स्टेट में नाम लिखते जा रहा हूं क्या-क्या स्टेट में कौन-कौन से नाम है केरल में यहां पर हमको नाम मिलता है एलवाय

9:22 जगह का नाम है क्या नाम है इसका एलवाय कर्नाटक में हमको नाम मिलता है बेलगांव या बेलगाम फिर चलते हैं यहां पे हमको मिलेगा यूपी। यूपी में नाम मिलता है रेनूकूट। क्या नाम है उसका? रेनूकूट। ठीक है? फिर चलेंगे झारखंड। झारखंड में हमको मिलता है यहां पर। इसको बोलते हैं मुरी। क्या नाम है? मुरी। भूरी नहीं क्या लिखा है? मुरी वेस्ट बंगाल में नाम पड़ता है।

10:10 क्या नाम पड़ेगा? बेलूर। उड़ीसा में बहुत सारा नाम है। जैसे पहला नाम है हीराकुंड। दूसरा नाम मिलता है अंगुल दामन जोड़ी। और एक मिलता है झारसूगड़ा। क्या मिलता है अपने को? झारसुगुड़ा। ठीक है? फिर चलेंगे तमिलनाडु में। जगह का नाम है यहां पर मैटूर।

10:58 क्या नाम है? मैटूर। तमिलनाडु में मैटूर। उड़ीसा में हीराकुंड, अंगुल, दामन जोड़ी, झारसोगड़ा। ठीक है? वेस्ट बंगाल में दो नाम है। एक का नाम जेके नगर और एक का नाम बेलूर। झारखंड में एक नाम उसका नाम है मुरई। यूपी में एक नाम क्या नाम है? रेनोकोट। कर्नाटक में बेलगाम। केरल में एलवाय। और छत्तीसगढ़ में भिलाई। कोरबा। सॉरी भिलाई बोल रहा हूं। क्या बोलते हैं? कोरबा। तो मुरी मुरी कहां दिख रहा है अपने को झारखंड बेलूर कहां दिख रहा है बेलूर वेस्ट बंगाल बेलगाम कर्नाटक एलवाई केरल मैटूर तमिलनाडु दामन जोड़ी

11:44 उड़ीसा अंगुल रेनुकूट मुरी रेणुकूट बेलगांव एलवाई मैटूर अंगुल बेलूर दिक्कत बताओ बेलूर कहां है? ठीक है मुरी झारखंड एक बार देख लो हटाऊंगा अभी मैं मुरी कहां है झारखंड रेणुकूट यूपी यूपी कर्नाटक में केरल में छत्तीसगढ़ में वेस्ट बंगाल में यह नाम बताना ना क्या नाम है बेलूर उसको मत बताना वो तो सेट हो चुका है झारखंड में क्या नाम है? मुरी है ना

12:33 रेणुकूट कहां है? यूपी बेलगांव एलवाई मुरी रेनुकूट कर्नाटक केरल एलवाई मुरी एलवाई केरल बेलगाम कर्नाटक मुरी रेणुकूट अंगुल दामन जोड़ी उड़ीसा मैटूर बैतूर झारखंड वेस्ट बंगाल बेलूर यूपी रेनुकूट वेस्ट बंगाल कर्नाटक

13:19 केरल उड़ीसा एक पहला हीराकुंड दूसरा अंगुल तीसरा दामन जोड़ी और झारसूगड़ा ठीक है ना यह सब है तो यहां पर कंपनियां सेट करनी कौन-कौन सी कंपनी सेट होगा देखो जो एक एलवाई है एक बेलगांव है एक मोरी है और एक बेलूर है यहां पे एक ही कंपनी है और यहां पर कौन-कौन से जहां पे बोला मैं बेलू सॉरी कहां पर एलवा है फिर बेलगांव फिर मोरी और बेलूर और हीराकुंड कंपनी का नाम यह है क्या है इंडालको को एक ही साथ

14:04 ठीक है तो इंडाalको देखो कहां-कहां है इंडाalको पहला कहां एलवाया दूसरा कहां बेलगांव तीसरा कहां मुरई फिर बेलूर फिर हीराकुंड ठीक है सेट हो गया फिर अपन देखें हिंडालको क्या दिख रहा है अपने को हिंडालको रेनूकूट हिंडालको पूरा नाम पता है ना ये क्या है हिंदुस्तान एलुमिनियम कॉरपोरेशन रेनूकूट में पड़ेगा कहां पड़ेगा रेनोकूट। ठीक है? फिर अपन चलते हैं इसमें आगे। तो देखो नालको मिलता है हमको कहां पर? नालको मिलेगा अंगुल और दामन जोड़ी में। ठीक है? सेट हो गया। नालको कहां है? अंगुल और दामन जोड़ी। फिर अपन चले उसमें अगला मालको। एम से

14:50 मालको, एम से मद्रास, एम से मैटूर। तो मैटर में कौन सा कंपनी है? मालको। तो वो भी सेट हो गया। बालको तो सबको पता ही है कहां है कोरबा एक ही जानते ही हो बस हो गया वेदांता झारसुगुड़ा कहां है झारसूगड़ा वेदांता कहां है झारसूगड़ा बालको कोरबा मालको मैटूर नालको कहां है अंगुल दामन जोड़ी ठीक है हिंडालको रेनुकूट और पहला वाला हिंडालको वो एक तो एलवाए में है, बेलगांव में है, मोरी में है, बेलूर में और हीराक में।

15:38 ठीक है। मालको कहां है? मालको एम नालको एनु अंगुल और दामन जोड़ी हिंडालको एच एच हिंडालको रेनू कोट ठीक है ना? और इंडालको ज्यादा जगह है। हो गया ये प्लांट एलुमिनियम प्लांट। दूसरा प्रमुख प्लांट यह है। पहला वाला कौन सा बोला? पहला स्टील प्लांट इंपॉर्टेंट है। दूसरा सबसे महत्वपूर्ण कोई प्लांट है तो यही है। कौन सा? एलुमिनियम। ठीक? चलो नाम लिख देता हूं यहां पे।

16:47 ठीक ठीक है। और छूटा तो नहीं कहीं पर ना सारे जगह सेट हो गए। देखो अब इसमें कुछ देश का नाम बता रहा हूं जिनके सहयोग से बना है। जैसे जितना इंडाalको है इंडाalको पहला वाला वो

17:33 बना है कनाडा के सहयोग से। किन के कनाडा कनाडा सुने हो कनाडा? ठीक है। अमेरिका के ऊपर कनाडा है। ठीक। तो कनाडा के सहयोग से बना है। कौन सा कंपनी बना है? कनाडा क्या नाम है? कनाडा। ठीक है? दूसरा हिंडालको देखो। Halco बना है अमेरिका के सहयोग से। किन के सहयोग से? अमेरिका। तो पहला वाला किन के सहयोग से? कनाडा। ठीक है? दूसरा जो हिंडालको किन के सहयोग से? अमेरिका। ठीक है? नालको बनता है यह फ्रांस के सहयोग से। किनके सहयोग से? फ्रांस। नालको बोल रहा हूं। नाल्लको एन अंगुल और दामन जोड़ी किनके सहयोग से फ्रांस ठीक है हिंडालको किन के सहयोग से बना है अमेरिका इंडालको इंडालको किन के

18:21 सहयोग से कनाडा है ना हिंडालको किन के सहयोग से बोला अमेरिका ये सब किन के सहयोग से कनाडा ठीक है नालको किन के सहयोग से फ्रांस ठीक है मालको रहेगा इटली मालको इटली मालको इटली ठीक है मालको इटली वेदांता रहेगा जर्मनी क्या रहेगा जर्मनी वेदता जर्मनी ठीक है और बालको रहेगा रूस और हंगरी के सहयोग से रूस और क्या बोलेंगे हंगरी के सहयोग से बनता है यह बनता है क्या बालको ये शायद पढ़े भी होंगे ठीक है तो एक बार देख लेते हैं जो इंडालको है उसमें सहयोग किसका मिला है किसका मिला है कनाडा कनाडा कनाडा

19:07 इंडालको किन के सहयोग से यूएसए अमेरिका नालको क्या रहेगा फ्रांस मालको रहेगा इटली बालको रूस और हंगरी सहयोग से और वेदांता क्या बोला जर्मनी जर्मनी यह भी हो गया तो लोकेशन स्टेट उसमें कंपनी का नाम और सहयोग इसको हम लोग बोलते हैं एम ओ यू मतलब होता है इसका मतलब मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग

19:55 तो मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग का मतलब होता है समझौता पत्र चलती फिरती भाषा में माने जब कोई कंट्री ए किसी दूसरी कंट्री के साथ टाई अप करता है कि हम इसमें यह बनाएंगे वह बनाएंगे मिलके बनाएंगे उसी बोलते हैं क्या बोलते हैं इसको एमओयू बोलते हैं जैसे भारत में बुलेट ट्रेन चलने वाली है बुलेट ट्रेन में भारत का सहयोग दे रहा है कौन दे रहा है आपका जापान तो ये इनके बीच में यह हुआ होगा क्या हुआ होगा एमओयू इतना करोड़ पैसे का इतना टेक्नोलॉजी ठीक है ये होता है एमओयू होता है चलो ये दूसरा उद्योग हो गया कौन सा उद्योग है आपका एलुमिनियम उद्योग तो पहला एलुमिनियम उद्योग कहां पर खुला है जेके नगर कब कब खुला है? 1937। ठीक है? सबसे ज्यादा नोटिस

20:41 करने वाली बात यह है कि भारत के सबसे पहले उद्योग अधिकतर यहीं खुले हैं। कहां खुले हैं? वेस्ट बंगाल। उसका रीजन भी है क्योंकि अंग्रेज जहां पर थे उन लोगों ने ही भारत में उद्योग को जन्म दिया है। ठीक है? वो लाते थे यहां से। हम बोलते थे ना इंडिया को सोने की चिड़िया बोलते थे। तो इस सोने की चिड़िया को उन लोगों ने पूरा इस्तेमाल किया। यहां का कच्चा माल भेज दिया दूसरे देश अपने यहां विदेश। कच्चा माल यहां से निकालते थे और पानी जहाज के रास्ते भेजते थे। कहां भेजते थे? ब्रिटेन। वहां से सामान मिलकर फिर से बन के आता था। भारत में बनता था। बनता नहीं था। भारत में बिकता था। बनना वहां जाता था। वहां से यहां आता था। हमको बेचा जाता था। हमारा ही कच्चा माल कम रेट में खरीदते थे और बना के हमको अधिक रेट में क्या करते थे? बेचते थे। तो उससे वहां ब्रिटिश औद्योगिक

21:27 क्रांति हुई थी। ब्रिटिश इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन हुआ था। कहां पर? ब्रिटेन में। ठीक है? फिर मालूम पड़ा जैसे 1837 के आसपास जहां याद आ रहा है हल्का-हल्का या 1868 के आसपास दादा भाई नौरोजी का नाम सुने होंगे। हिस्ट्री हिस्ट्री नहीं पढ़े हो ना? पढ़ लिए हो ना? तो दादा भाई नौरोजी का नाम सुने होगे ना यार? हां। उन्होंने बताया कि भारत का पैसा कैसे बाहर जाता है। द ड्रेन थ्योरी ऑफ वेल्थ धन के बहिर्गमन का सिद्धांत जिसमें कच्चा माल भी हमारा और सामान भी हमको ही बेचा जा रहा है बिना हमको किसी प्रॉफिट के। तो इसके चलते धीरे-धीरे क्या हुआ कि कुछ ऐसी कंपनियां तो ये सब बने तो बने कैसे? सवाल यह भी उठता है। इनको बनाने का रीजन क्या था? कुछ उद्योग ऐसे थे जिनको हम

22:12 वहां नहीं भेजते। यहीं बना लेते उद्योग तो ज्यादा अच्छा रहता। जैसे यहां से भेजते, वहां से बनवाते, वहां से लाते तो इसको भेजने में, बनाने में और लाने में जो खर्चा लग रहा था बहुत ज्यादा लग रहा था। तो हमने क्या किया? उसी का उद्योग हमने यहां बना दिया। कहां पर? भारत में। और बोला कि हमने तुमको उद्योग दिया है। हमने तुमको इंडस्ट्री बना के दी है। तो इंडस्ट्री बनवाने के पीछे दो रीजन थे। एक तो पहली बात उनको अपना खर्च कम करवाना था। प्रॉफिट कमाना था उनको। और दूसरा रीजन ये था कि हम जो मांग कर रहे थे कि हमको आजादी दे दो। तो बोले आजादी तो नहीं लेकिन हां आजादी के बदले तुमको उद्योग दे देते हैं। जाओ यह उद्योग तुमको दिया। इसमें एंप्लॉयमेंट करके अपना लाइफ कमाओ। तो ये फिर कहने का मतलब था कि जैसे उद्योग का बनना भारत में अंग्रेजों की मजबूरी या उनकी सोची समझी चाल। ऐसा बोला भी जाता है।

22:59 तो कहीं ना कहीं उनकी मजबूरी भी थी और उनके क्या थे? एक सोची समझी चाल भी थी। ताकि शांत रहें। उद्योग मिल तो गया हमको। ठीक है? बट उसके पीछे उन्होंने अपना प्रॉफ़िट भी देखा। इसलिए अधिक क्योंकि अंग्रेजों ने सबसे पहले यहीं से रूल करना चालू किया। कहां से? वेस्ट बंगाल से। और प्लासी विलासी देखे होंगे। सिराजुद्दौला ब्लैक होल की घटना। ठीक है? बक्सर का बैटल ठीक है? सब यहीं से स्टार्ट होता है। कहां से? वेस्ट बंगाल। इस बेल्ट से होते पूरे भारत में लोग फैलना चालू हुए। ठीक है? तो इसलिए वेस्ट बंगाल ज्यादा उद्योग से जुड़ा फूड़ा है। और हमेशा उन लोग तटीय क्षेत्रों को ज्यादा टारगेट करते थे। तटीय क्षेत्र में देखो चेन्नई, तमिलनाडु वही बहुत डेवलप्ड सिटी है। ठीक है? मुंबई का अब डेवलप हुआ है जाकर के। यह बहुत पहला कोलकाता बहुत

23:46 पुराना बंदरगाह है। बंदरगाह से सामान भेजोगे ना आप कहीं ना कहीं। तो बंदरगाह बहुत समृद्ध है यहां के। यह हुआ हमारे पास उद्योग। सेकंड। अब चलते हैं इसमें। उसको हम लोग बोलते हैं रेलवे उद्योग। बोलते हैं। अगला उद्योग। कौन सा उद्योग बोलेंगे? रेलवे। रेल देखे हो? रेल? ट्रेन। ट्रेन ट्रेन। अरे वो लोहे वाला नहीं देखे हो? रेलवे इंडस्ट्री नहीं देखे हो क्या? ठीक है।

24:49 तो इस रेलवे इंडस्ट्री में जैसे तुम लोग के नए-नए जो बच्चे हैं ना अभी जो नए-नए प्री बैच ज्वाइन किए इन लोग को मॉडल आंसर भेजा गया है। क्या मॉडल आंसर? तो आंसर मैसेज कैसे जा रहा है? सर इसका आंसर ये क्यों लिए हो? जैसे धमकी दे रहा है। आप सर गलत आंसर लिए हो। नहीं गलत आंसर नहीं हो सर। आप गलत आंसर क्यों लिए हो? मतलब कहीं मार वार मत दे। फुल खत्म टाइप के लोग हैं। क्या इन लोग को पहले सिखाना चाहिए कि कैसे बात किया जाता है।

25:36 अब कुछ बोल दोगे तो आंसू निकलना चालू हो जाता है। क्योंकि अब टीचर टीचर नहीं है। अब टीचर केवल सर्विस प्रोवाइडर है। क्या प्रोवाइडर है? सर्विस प्रोवाइडर। और टीचर्स डे तो केवल वह टाइम पास और मजे के लिए रहता है। बाकी तो सुविधा प्रदाता जो टीचर जितनी अच्छी सुविधा दे दे जो संस्थान जितना अच्छा सुविधा दे दे वही संस्थान बेस्ट है। है ना? अरे है कि नहीं ऐसा? हां ऐसा है। तो इसमें जो इंडिया के मैप में रेलवे इंडस्ट्री स्टार्ट करते हैं। इसमें फिर से भाई स्टार्ट करते हैं लोकेशन से। तो वेस्ट बंगाल में पहला नाम पड़ता है।

26:23 इसका नाम है चितंजन। क्या नाम है? चितंजन। यूपी में पहला नाम मिलेगा रायबरेली। क्या नाम है? रायबरेली यूपी में हमको मिलता है यहां पर वाराणसी क्या मिलेगा वाराणसी वाराणसी ठीक फिर चलते हैं बिहार में मधेपुरा

27:10 और एक का नाम है मढौरा। एक का नाम है मधेपुरा और एक का नाम है मौरा। पंजाब क्या नाम मिलता है? कपूरथला। गुजरात में क्या नाम है? बड़ोदरा। कर्नाटक में देखेंगे तो यहां पर दो नाम है।

27:58 एक बेंगलुरु देखो पढ़ो तो क्या लिखा है ये हंका येला हंका एमपी में क्या नाम है ग्वालियर बिहार में एक और नाम है उसका नाम है छपरा। क्या नाम है? छपरा। ठीक। बिहार में क्या नाम है? और छबरा। ठीक।

28:45 उसके बाद फिर तमिलनाडु। तमिलनाडु मिलता है हमको यहां पर पेरांबूर। पेरांबुर। क्या बोलते हैं इसको? पेरांबु। नाम देखो क्या-क्या नाम है।

30:08 तो पंजाब में क्या नाम बोला मैं कपूरथला ठीक है है ना रायबरेली यूपी बनारस तो जानते हो कोई दिक्कत नहीं वाराणसी ठीक है बिहार में तीन नाम है एक मधेपुरा और एक है पौरा और एक छपरा से छपरा तुम लोग से जुड़ा नाम है छपरी से छपरा तो याद ही रहेगा अब तो है ना वेस्ट बंगाल से क्या नाम है चितंजन एमपी में तो सरल नाम है क्या है ग्वालियर गुजरात में वड़ोदरा है ना कर्नाटक में एक नाम है हेड क्वार्टर और एक कौन सा येलाहांका बेंगलुरु और येहंगका और तमिलनाडु पेरामोर नाम ठीक अब देखते हैं यहां पे क्या-क्या है। देखो जब भी कोई उद्योग बनता है तो उस

30:56 उद्योग रेलवे उद्योग की बात करते हैं तो रेल का जितना भी सामान है सब यहीं बने हैं कहीं ना कहीं जैसे जहांजहां बिजली नहीं गया है वहां पर डीजल इंजन कारखाना लगेगा। जानते हो डीजल डीजल इंजन कारखाना मतलब जिसमें देखना धुआं निकलता है इंजन से ठीक क्या निकलता है धुआ वो कौन से इंजन का होगा डीजल इंजन ठीक है और जो धुआं वाला नहीं होगा उसमें क्या होगा विद्युत इंजन दो होता है एक विद्युत इंजन और एक कौन सा डीजल इंजन तो देखो भारत में सबसे पहले विद्युत इंजन कारखाना यहां लगता है कहां लगता है चित्र इंजन तो पहला विद्युत इंजन कारखाना पहला विद्युत इंजन कारखाना कहां लगता है? चित्रंजन। कहां लगेगा?

31:41 चित्रंजन। 1950। 1950 संविधान लागू हुआ और यहां लग गया प्लांट। ठीक है? भारत का पहला कौन सा इंजन बोला मैं? विद्युत इंजन कारखाना। विद्युत इंजन नहीं विद्युत इंजन का कारखाना। ये बहुत सारे इंजन बनते हैं। फिर देखो ऊपर दिख रहा है अपने को ये। क्या है अपने को? वाराणसी। पहला डीजल इंजन कारखाना। ठीक है ना? पहला विद्युत इंजन कहां पर? चित्रंजन। पहला डीजल इंजन दो हो गया। वह बना है 1962 और ये 1950। तो इसी को याद करना। उसको याद मत करना। तो पहला डीजल इंजन कहां पर बोला? चित्रंजन नहीं वाराणसी। पहला विद्युत इंजन।

32:28 पहला विद्युत इंजन चित्रंजन। विद्युत देखो इलेक्ट्रिक वाला देखेगे। इंजन के ऊपर एक एंगल ऐसे उठता है। मतलब अगर देखोगे तो जैसे ट्रेन ऐसे खड़ी है तो उसके ऊपर का एंगल एक ऐसे जॉइंट होता है तार से हाई वोल्टेज वायर रहता है छू के देखना महसूस हो जाएगा ठीक है तो बचोगे तो बताना सर आई डीड इट है ना तो वही विद्युत इंजन कारखाना का हेड पहला संस्थान कहां खुलता है कहां है चित्रंजन ठीक तो डीजल विद्युत का हो गया कहीं ना कहीं। अब देखो यह है एक रायबरेली और दूसरा वो कौन सा? कपूरथला और तीसरा यह कौन सा? पेरांबुर। ठीक है? एक

33:14 रायबरेली है और एक कपूरथला है और एक कौन सा है? पेरांबुर। तो रायबरेली बरेली, कपूरथला और पेरांबुर में बनता है रेल का डब्बा बनता है। क्या बनता है? रेल का डब्बा। ठीक है? कुछ और नाम लिख देता हूं। जैसे छत्तीसगढ़ में एक स्थान है। उसको बोलते हैं अपन भिलाई। ठीक है? और एक नाम हमको मिलता है झारखंड में कल लिखे थे जमशेदपुर। ठीक है? तो पहले तो ये दो जगह चेक हो गया हमारा। एक चित्रंजन और दूसरा कौन सा? वाराणसी। अब बारी है रायबरेली की और कपूरथला की और पेरामपुर। देखो यहां पर ना एसी डब्बा बनता

34:00 है। एसी कोच। एसी कोच जानते हो? ठीक है ना? एसी में एसी कोच में एसी लगा होता है। क्या लगा होता है? एसी। तो एसी डब्बा कहां बनता है? कहां बनता है? रायबरेली। पहला। दूसरा देखो। दो टाइप का सामान्य गाड़ी होता है। एक जिसको पैसेंजर बुक ही कहते हैं। जिसमें एसी नहीं होता है। नॉर्मल डब्बे रहते हैं। बिना एसी वाला डब्बा जिसमें आदमी लोग बैठे रहते हैं। माने महिला भी बैठ सकती है। इसमें ऐसा नहीं है। ठीक है। तो लोग बोलोगे सर भेदभाव कर रहे हैं। है ना? सब बैठ सकते हैं उसमें महिला पुरुष ट्रांसजेंडर सब के सब तो वैसा डब्बा कहलाता है उसको हम लोग बोलेंगे सवारी डब्बा बोलेंगे क्या बोलेंगे सवारी डब्बा तो सवारी डब्बा यहां बनता है कहां बनता है पेरांबूर और एक होता है जिसमें सामान लेके जाते हैं

34:47 कोयला ले जाना होता है पेट्रोलियम लेके जाना होता है चूना लेके जाना होता है उसे माल डब्बा बोलते हैं। क्या बोलते हैं? माल डब्बा वहां बनता है। कहां बनेगा? कपूरथला। सामान्य डिब्बा बोल सकते हो उसको। तो सामान्य डिब्बा कहां बनेगा? कबुरथला। सवारी वाला कहां बनेगा? पैरांबूर। और एसी वाला हो गया। पहला विद्युत इंजन कारखाना पहला डीजल एसी सामान्य डब्बा कपूर थला और सवारी हो गया। फिर अपन चलते हैं इसमें। हमको मिलता है देखो ट्रेन के नीचे लगा होता है चक्का। लगा होता है। देखे हो? ठीक गोलगोल रहता है। है ना? उसको बोलते हैं पहिया बोलते हैं। क्या बोलते हैं? पहिया। व्हील्स। तो

35:34 पहिया निर्माण केंद्र यहां पर है। कहां पर है? छबरा। नहीं देखे होगे देख लेना, चले जाना, नीचे लेट जाना। आज मैं देख के रहूंगा या देख के रहूंगा। चाहे कुछ भी हो जाए। ठीक है। तुमको अच्छे से दिख रहा है वो। है ना? तो पहिया यहां बनता है। कहां बनता है? छपरा। पहिया निर्माण केंद्र। रेल का पहिया ना? रेल पहिया निर्माण केंद्र कहां पर है? छपरा। और छपरा के साथ-साथ जब दो चक्का रहता है, उस दोनों चक्के के बीच में एक एक्सेल लगा होता है। इधर एक चक्का, इधर एक चक्का और बीच में क्या रहेगा? एक एक्सेल। उसको बोलते हैं अपन इसको एक्सेल को हम लोग बोलते हैं हिंदी में बोलते हैं इसको धुरी। क्या बोलेंगे? धुरी। तो पहिया और धुरी। यह

36:20 मिलता है यहां। कहां रहेगा? येला का केवल पहिया बोलोगे तो कहां रहेगा छबरा और पहिया और धुरी अगर बोले तो कहां रहेगा ये का पहिया और क्या बोला धुरी पहला पहिया और धुरी पहिया और धुरी कहां ये केवल पहिया छबरा पहला विद्युत इंजन कारखाना पहला डीजल इंजन ठीक है विद्युत इंजन कब बना 1950 ठीक है एसी कोच सवारी डब्बा सामान्य डब्बा कपूर थला पहिया छपरा और पहिया के साथ जो धुरी है वो कहां है ये का ठीक है इतना हो गया अब चलते हैं आगे बड़ोदरा बड़ोदरा में

37:06 देखो एक एजुकेशनल इंस्टट्यूट है यहां पर भारतीय रेलवे विश्वविद्यालय है यहीं पर कहां पर बोला वड़ोदरा में क्या है भारतीय रेलवे विश्वविद्यालय ठीक है भारतीय रेल रेलवे विश्वविद्यालय कहां पर है? वड़ोदरा। उसी का नाम दिया गया है गति शक्ति। गति शक्ति गति शक्ति विश्वविद्यालय उसी का नाम है। किसका नाम है? भारतीय रेलवे विश्वविद्यालय। क्या बोलोगे? भारतीय रेलवे विश्वविद्यालय। कहां? उसका एक और नाम। गति शक्ति गति शक्ति। गति शक्ति विश्वविद्यालय। वडोदरा का नहीं। उस विश्वविद्यालय का एक और नाम। माने भारतीय रेलवे विश्वविद्यालय वैसे तो नाम है उसका नाम बदल दिए हैं क्या हो गया

37:52 गति शक्ति लोकेशन वही है क्या है वड़ोदरा फिर अपन देखते हैं स्प्रिंग ट्रेन के नीचे स्प्रिंग लगा होता है देखना उसमें वो भी एक घुस के देख सकते हो चक्का के नीचे उतना हैवी गाड़ी नीचे सस्पेंशन नहीं रहा तो होगा कैसे उतनी हैवी गाड़ी होती है उसको उस ट्रैक पे चलाने के लिए हमको उस पूरे के पूरे गाड़ी के ऊपर वाले वजन का वेट हमको ऑलरेडी स्प्रिंग में स्टोर कराना पड़ता है पहले से ताकि वह स्प्रिंग ऑटोमेटिक जो है उसका लोड को क्या कर सके? अब्सॉर्ब कर सके। स्प्रिंग का काम यही होता है कि हम स्प्रिंग को लोड या फिर शॉक अब्सॉर्ब करने के लगाते हैं। कभी देखना जब ट्रेन जब चलती है तो बहुत थोड़ा सा अप एंड डाउन अप एंड डाउन करती है। बहुत हल्का-हल्का हिलती है। उस सब वाइब्रेशन को वही स्प्रिंग क्या

38:38 करता है? पूरा झेलता है। वो स्प्रिंग निर्माण केंद्र यहां पर है। कहां पर है? कहां पर है? ग्वालियर। ठीक है? स्प्रिंग निर्माण केंद्र कहां पर है? ग्वालियर। अब देखो ग्वालियर यहां पर क्या बनता है? स्प्रिंग। भारतीय रेलवे विश्वविद्यालय कहां? बड़ोदरा। उसका एक और नाम क्या? गति शक्ति। पहिया कहां बनेगा? छबरा। पहिया के साथ धुरी गति शक्ति विश्वविद्यालय भारतीय रेल विश्वविद्यालय गति शक्ति विश्वविद्यालय और क्या बोलते हैं उसको? भारतीय रेलवे विश्वविद्यालय ठीक है। सामान्य गाड़ी कहां बनेगा? सवारी गाड़ी स्प्रिंग ग्वालियर पहिया

39:26 भैया के साथ धुरी स्प्रिंग ग्वालियर ठीक है अब देखो छपरा हो गया है मधेपुरा है और एक क्या है मौरा एक मधेपुरा है और एक क्या है मडौरा मधेपुरा और क्या है मौरा देखो मढौरा में एक नया प्लांट खुल रहा है। वह है डीजल इंजन के लिए। किसके लिए? डीजल इंजन। म डीजल इंजन कारखाना प्रस्तावित है। कौन सा कारखाना? डीजल इंजन कारखाना कौन सा वाला? प्रस्तावित वाला। यह है पड़ता है यहां पर। कहां पर? मौरा। मौरा में कौन सा? डीजल इंजन। बना हुआ है कि प्रस्तावित है? प्रस्तावित है। वैसे ही विद्युत इंजन कारखाना यहां प्रस्तावित

40:13 कहां पर? मधेपुरा। दोनों हो गया। एक डीजल इंजन और एक क्या होगा? विद्युत इंजन। डीजल इंजन कारखाना कहां? बड़ौरा। प्रस्तावित है ना? बना नहीं है। डीजल इंजन कारखाना कहां प्रस्तावित है? बड़ौरा। विद्युत इंजन कारखाना कहां प्रस्तावित है? मधेपुरा। तो दोनों आसपास में। तो डीजल इंजन कारखाना कहां प्रस्तावित है? विद्युत इंजन कारखाना कहां प्रस्तावित है? ठीक है? अब हमको मिलता है भिलाई। जिसमें बैठ के जाते हो चाहे वो जनरल का डब्बा हो, चाहे स्लीपर का हो, चाहे एसी हो, चाहे कूपे हो। ठीक है? तो उसमें यह ध्यान रखना है कि हर जगह पर बैठने के लिए आपको कहीं ना कुछ दिया जाता है। उसी को बोलते हैं स्लीपर बोलते हैं। क्या बोलते हैं? स्लीपर। स्लीपर मतलब डब्बा नहीं बोलता

41:00 हूं। स्लीपर मतलब जिसमें आप बैठते हो, जिसमें आप सोते हो, उसको बोलते हैं क्या बोलते हैं? स्लीपर का निर्माण केंद्र यह है। क्या है आपका? भिलाई। स्लीपर डब्बा का मतलब स्लीपर से बिल्कुल नहीं है। स्लीपर मतलब आप सोते हैं, बैठते हैं उसी को बोलते हैं क्या होते हैं? स्लीपर। स्लीपर निर्माण केंद्र कहां मिलेगा? भिलाई। समझ गए? स्लीपर का मतलब क्या होता है? जनरल में भी स्लीपर रहता है, सोने वाला, नीचे बैठने वाला। ठीक है? उसमें भी रहता है। बाकी सब में रहता है। ठीक? तुम लोग देखे होंगे। तो, यह जो चितंजन है, अब देखो, सारे स्थान तो शायद पैक हो गए। कोई बचा है क्या? कौन सा? बेंगलुरु ठीक जमशेदपुर चलो लिख देता हूं जितना याद है फिलहाल

41:46 तो पहला क्या बोलेंगे विद्युत इंजन कारखाना कब बना ठीक यहां पर क्या होगा पहला डीजल इंजन कारखाना कारखाना ठीक यहां पर क्या रहेगा एसी कोच नीचे सवारी डिब्बा निर्माण केंद्र यहां क्या होगा स्लीपर यहां स्प्रिंग

42:35 यहां पर क्या है? भारतीय रेलवे विश्वविद्यालय। इसका नाम क्या है? गति शक्ति विश्वविद्यालय। पहिया एवं क्या बोलेंगे? धुरी। तो यहां पर कौन सा प्रस्तावित है? विद्युत इंजन और यहां पर डीजल इंजन। यहां पे केवल पहिया। कपूरथला में क्या है? सामान्य डब्बा।

43:29 ठीक है। अब बचा है जमशेदपुर। ये कंपनी बस इंपॉर्टेंट है। बाकी ये बंद हो चुका है। टाटा इंजीनियरिंग लोकोमोटिव कॉरपोरेशन टाटा इंजीनियरिंग लोकोमोटिव कॉरपोरेशन टेलको बोलते हैं टेलको ठीक है और बेंगलुरु में क्या था भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड

44:16 क्या लिखा है भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड ये करता क्या है भारत के जितने बड़े-बड़े बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर है। नाम से देखो ना क्या लिखा है? क्या लिखा है? अर्थ मूवर्स। अर्थ मतलब पृथ्वी। अर्थ मतलब पृथ्वी और मूवर्स मतलब उसको घुमाने वाला। तो सोचो ना कि बनाता क्या होगा? कुछ ऐसा बनाता होगा जो बहुत बड़े-बड़े इंफ्रा बनते होंगे। अब ऐसा नहीं बना सकते जैसे पृथ्वी पूरी घूम जाए। वो तो बनाना पॉसिबल ही नहीं है। लेकिन वैसा हैवी स्ट्रक्चर बनाने का जो भारीभारी संरचनाओं को बनाने का जो काम करता है ये कंपनी करता है। क्या नाम है इसका? भारत अर्थ मूवर्स ठीक है। यह कंपनियां हैं। यह हमारे अनुसंधान केंद्र है। रेलवे इंडस्ट्री यहां पर खत्म होता है। उससे जुड़ा दो बात एक्स्ट्रा और है। जैसे

45:13 भारत का डेट्रायट क्या बोला? भारत का डेट्रॉयड दो नाम है। पहला नाम यह रहेगा क्या रहेगा? पीथमपुर। पहला नाम क्या नाम रहेगा? पीथमपुर। कहां पड़ता है? मध्य प्रदेश। और ये क्या है? चेन्नई। दोनों ऑप्शन करेक्ट है। ज्यादा बेस्ट फिट आंसर यह रहेगा। कौन सा? चेन्नई। डेट्राइट एक शहर पड़ता है यूएसए में। टेट्राइट एक शहर है। कहां है? यूएसए। और यह फेमस है इसके लिए। किसके लिए? ऑटोमोबाइल। जानते हो क्या होता

45:58 है? क्या होता है? हैं? व्हीकल्स हैवी व्हीकल्स जो आइसर मोटर्स वगैरह है, भारत बेंज है। अरे ट्रक सीधी सी बात है। उन सबको जो बनाती है वही कहलाता है। क्या कहलाता है? ऑटोमोबाइल। ठीक है? गाड़ियां बनाती हैं, फोर व्हीलर वगैरह जो भी बनता है, तो ये अमेरिका के इस शहर में बहुत सारा बनता है। कौन शहर है? डेट्राइड। वैसे ही काम हमारे इंडिया में कहां होता है? कहां होता है? पीथमपुर में और कहां होगा? चेन्नई में। ठीक है? यह हुआ हमारा इंडस्ट्री का एक और क्लास। बाकी और देखते हैं नेक्स्ट क्लास में। जहां डब्बा बनेगा वहीं पर असेंबल कर देंगे सारे डब्बों को। फिर असेंबली सेंटर ऐसा है नहीं। जहां-जहां उनको मिलता है व्यवस्था

46:44 कर देते हैं। बाकी विशेष अलग-अलग बना है यहां। हां क्या रेल पटरी यहां भी बनता है हमारे विलाई में बनता है। फिश प्लेट अब उसके लिए देखो जैसे फिश प्लेट की बात कर रहे हो तो वह जितने हमारे कल पड़े हैं स्टील प्लांट पड़े हैं उनको मिलता है कॉन्ट्रैक्ट। कि जो प्लांट ले ले क्योंकि भाई कमाना सबको है। वो डिपेंड करता है किससे ज्यादा अच्छी डीलिंग सेट हो रही है। उसके हिसाब से इंडस्ट्री के सामान को बनाया जाता है। लेकिन जो बड़े-बड़े चीजें हैं उनको हमने एलोकेट कर दिया है। अब जो छोटा-मोटा पार्ट्स होता है एंगल बनवाना हो, कुछ एक्सेसरीज बनवाना हो तो उसको डिपेंड करता

47:30 है कि कौन सी फ्रेंचाइजी उसको ओन कर रही है। उसके हिसाब से कंपनियां काम करती है। ठीक है?

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