INDIA Stunned! How NRIs Are Shaping Punjab Politics? | Khalistani | SFJ | UPSC | StudyIQ IAS

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो पंजाब में अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) के बढ़ते प्रभाव और इससे जुड़ी समस्याओं पर केंद्रित है। इसमें एनआरआई द्वारा राजनीतिक हस्तक्षेप, अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना, और विवाह संबंधी धोखाधड़ी जैसे मुद्दों पर प्रकाश डाला गया है। वीडियो में सरकार से एनआरआई गतिविधियों को विनियमित करने, कानूनी ढांचे को मजबूत करने, और पारदर्शिता बढ़ाने का आग्रह किया गया है ताकि पंजाब के विकास में एनआरआई समुदाय की सकारात्मक भूमिका को सुनिश्चित किया जा सके।

  • एनआरआई का राजनीतिक हस्तक्षेप और अलगाववादी गतिविधियों को बढ़ावा देना।
  • विवाह संबंधी धोखाधड़ी और महिलाओं का शोषण।
  • एनआरआई गतिविधियों को विनियमित करने और कानूनी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता।
  • पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार को कम करने के लिए सरकारी नीतियों में सुधार का सुझाव।

परिचय: पंजाब में एनआरआई का बढ़ता प्रभाव

पंजाब के किसी भी हाईवे पर, आइलेट्स कोचिंग और आलीशान कोठियां दिखती हैं, जो एनआरआई द्वारा भेजे गए धन का प्रतीक हैं। हालांकि, इन आलीशान कोठियों के पीछे एक कड़वी सच्चाई छिपी है, जो परेशान करने वाली है। एनआरआई, जो विदेश में बस गए हैं, अक्सर पंजाब की जमीनी हकीकत से दूर हो जाते हैं, जिससे आंतरिक सुरक्षा को खतरा होता है और हजारों एनआरआई शादियों में धोखाधड़ी होती है। यह वीडियो एनआरआई के प्रभाव को विनियमित करने की आवश्यकता पर जोर देता है, खासकर उन लोगों पर जो विदेशों में बैठकर पंजाब में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

राजनीति में एनआरआई की दखलंदाजी

एक समय था जब एनआरआई पंजाब की राजनीति में सिर्फ दर्शक थे, लेकिन पिछले 10-12 सालों में वे सक्रिय रूप से चुनावी प्रक्रिया में शामिल हो गए हैं। 2015 में, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कनाडा और अमेरिका का दौरा किया, जहां उन्होंने एनआरआई के साथ मिलकर एक नेटवर्क बनाया। इन एनआरआई ने पंजाब के चुनावों में सक्रिय रूप से भाग लिया, 25% से अधिक धन दान किया और चुनाव अभियानों का नेतृत्व किया। विदेशों में बैठे एनआरआई, गांवों में रहने वाले लोगों की मानसिकता और सामाजिक संरचना को प्रभावित करते हैं, जिससे उनकी पसंद को प्रभावित किया जाता है। यह हस्तक्षेप देश के लोकतंत्र के लिए खतरा है, क्योंकि विदेशी धन और आलीशान बंगलों में बैठे लोग मतदाताओं के दिमाग को हैक करने की कोशिश कर रहे हैं।

अलगाववादी आग को भड़काना

विदेशी धरती से पंजाब में अलगाववादी आग को दोबारा भड़काने की साजिश हो रही है। 80 और 90 के दशक का काला दौर पंजाब झेल चुका है, लेकिन यूके, कनाडा और मध्य पूर्व में बैठे कुछ कट्टरपंथी तत्व आज भी इस आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। वे सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को प्रभावित कर रहे हैं और हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं। 2020 में शौर्य चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या इसका एक उदाहरण है, जिसका उद्देश्य आम जनता के मन में डर फैलाना और प्रो-खालिस्तानी समूहों को एहसास दिलाना था कि वे अभी भी मौजूद हैं। सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए और एनआईए ने यूएस और कनाडा में बैठे गुरपतवंत सिंह पन्नू जैसे लोगों की संपत्तियों को जब्त करना शुरू कर दिया है।

एनआरआई विवाहों में धोखाधड़ी

पंजाब के हजारों घरों में, बेटियों को विदेशी वीजा दिलाने की desperate कोशिश में परिवार अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी लगा देते हैं और भारी दहेज तक दे देते हैं। नेशनल कमीशन फॉर विमेन के अनुसार, पंजाब में 25,000 से ज्यादा ऐसी औरतें हैं जो अपने एनआरआई पतियों का इंतजार कर रही हैं। कई मामलों में, शादी के बाद ससुराल वाले और पैसे मांगते हैं, और जटिलताएं तब बढ़ जाती हैं जब बच्चे विदेश में पैदा होते हैं। कई बूढ़े मां-बाप को वापस पंजाब में छोड़ दिया जाता है। हालांकि, सिक्के का दूसरा पहलू यह है कि कई लड़के भी लालच में आकर शादी करते हैं ताकि वे स्पाउस वीजा पर विदेश जा सकें, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उनके साथ संपर्क तोड़ दिया जाता है। कई मामलों में, लड़कों पर दहेज के झूठे मामले दर्ज कराए जाते हैं ताकि गांव में उनकी संपत्ति पर कब्जा किया जा सके।

पंजाब सरकार की निष्क्रियता और एनआरआई सभा

एनआरआई द्वारा किए जा रहे fraud और हस्तक्षेप के बावजूद, पंजाब सरकार सख्त कार्रवाई करने की बजाय उन्हें खुश करने के लिए पंजाब एनआरआई सभा, जालंधर जैसी संस्थाएं चला रही है। एनआरआई हजारों रुपये देकर इसकी lifetime membership ले लेते हैं और सोचते हैं कि उन्होंने वीआईपी कार्ड खरीद लिया है। हालांकि, इस सभा के पास कोई कानूनी शक्ति नहीं है और यह सिर्फ एक महंगा पोस्ट ऑफिस बनकर रह गया है। यह आरटीआई आवेदनों को भी अस्वीकार कर देता है, यह कहकर कि यह एक निजी संस्था है। सरकार ने 2008 में एनआरआई पुलिस स्टेशन भी बनाए, लेकिन इससे कोई खास बदलाव नहीं आया। सरकार एनआरआई को वीआईपी ट्रीटमेंट देने के लिए एक विशेष कानून लाने का प्रस्ताव भी लाई थी, लेकिन इसे आलोचना के बाद रद्द कर दिया गया।

समाधान और आगे की राह

सभी एनआरआई खराब नहीं होते हैं, और कई एनआरआई ने charitable और philanthropic कार्य किए हैं, जैसे कि गांवों में अस्पताल, स्कूल और स्पोर्ट्स अकादमी बनवाना। सरकार को एक स्पष्ट नीति बनानी चाहिए जो पूरी तरह से digitized और transparent हो, और जिसमें single window clearance system हो ताकि भ्रष्टाचार को कम किया जा सके। सरकार को डायस्पोरा डेवलपमेंट बॉन्ड जारी करने चाहिए, जिसमें एनआरआई सरकारी infrastructure projects में निवेश कर सकें और सरकार उन्हें guaranteed return दे। सरकार को पंजाब एनआरआई अफेयर्स एक्ट को पारित करके एक statutory body बनानी चाहिए, जिसके पास कानूनी ताकत हो, या फिर एनआरआई सभा जैसे दिखावे को बंद कर देना चाहिए। पंजाबी डायस्पोरा हमारी ताकत है, लेकिन हमें इस संबंध को emotional appeals पर नहीं, बल्कि solid legal framework पर लेकर जाना पड़ेगा। Trouble Makers की संपत्ति को जब्त करना जरूरी है, और शादी के नाम पर धोखाखाई families को इंसाफ दिलाना चाहिए।

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Transcript

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0:01 Study IQ IS आपका सिलेक्षिन हमारा मिशन दोस्तों पंजाब के किसी भी हाईवे से आप निकलिए आपको दू चीज़ें सबसे ज़ादा कौमन दिखेंगी एक आईल्स कोचिंग के बड़े-बड़े होडिंग्स और दूसरा गाउं की कोठियों के ऊपर बनी हवाई जहाज वाली ये जब जाएंगे ते ओथे बनिया मेल नावर गियां कोठियां एक लिए दसदियां ने कि बारों पे जड़ार ते पॉंड जिननों तुसी फॉरन रिमिटन साख

0:47 देओ ओ एथों दी लोकल एकॉनमी नू चड़ दियां कलावाँ चे रख दिये विच बेसिकली मीन्स दाद मनी सें लेकिन इन आलिशान कोठियों और चमकती हुई आइलेट्स की होडिंग के ठीक पीछे एक दूसरी सच्चाई भी चिपी हुई है एक ऐसी सच्चाई जो थोड़ी डाक थोड़ी नहीं बहुत डाक है डिस्टर्बिंग है और जिसके बारे में पब्लिकली बात करने से लोग अक पर यहां की ground reality से वो पूरी तरह से detach हो चुक है. And I hope कि आप इस बात से agree करेंगे कि NRIs जब विदेश में settle हो जाते हैं, तो भारत के किसी भी प्रांत के जमीनी मुद्दे, उन्हें उस प्रकार

1:32 से प्रभावित नहीं करते, जिस प्रकार से यहां के रहने वाले लोगों को करते ह तो सम एक्स्टेंट यहां की इंटर्नल सेक्यूरिटी को थ्रेटन भी कर रहा है। और हजारों NRI शादियों में धोखा खाई फैमिलीज आपको पता होगा कई केसे सुने होंगे। यहना सन अफ सर्दार्टू, नमस्ते लंडन यह कई सारी चीज़ें आती हैं। तो इन सारी प absolutely needs to regulate the NRI influence, especially in Punjab and all over India.

2:23 अब एक disclaimer में पहले ही दे देना चाहता हूँ, मेरा मकसद यहाँ सभी NRIs को एक ही तराजू में तोल कर उन्हें गुनेगार साबित करना बिल्कुल भी नहीं है. जो genuine NRIs हैं, जो सच में यहाँ अकसर invest करना चाहते हैं और इंडिया की growth story का एक अभिन हिस् जो Middle East, UK या केनेडा के आराम दायक घरों में, फॉरन पासपोर्ट की आड में बैठ कर पंजाब में आग लगाने और इंटर्नल डिस्टर्बेंस क्रियेट करने का एजेंडा चला रहे हैं, इनको रोकना बड़ा जरूरी है और इनके खिलाफ सरकार को लगामे कसनी पड़ेंग

3:09 उन foreign based keyboard warriors को कोई फरक नी पढ़ने वाला जो शायद इस वीडियो के नीचे भी manipulative comments post करके आम लोगों को गुमरा करने की कोशिश करेंगे. तो आईए, बिना किसी diplomatic filter के इस पूरे के पूरे मुद्धे की एके clear को आराम से प्यास के छिलकों की तरह धीरे-धीरे करके unfurl करते हैं. यानि कि पंजाब की politics में NRIs की बढ़ती हुई दखल अंदाजी. एक दौर था जब NRI पंजाब की politics का सिरफ एक spectator हुआ करता था, मूख दर्शक होता था. और सही भी है, जब आपने ये मुल्क छोड़ दिया, जब आप बाहर बैठे डॉलरों में कमा रहे हो, और जब आप इ

4:05 अपनी यहां रहने वाली families के लिए बस dollar या pound भेजने तक सीमित हुआ करते थे और election आने पर ज़्यादा से ज़्यादा गाउं में phone करके पूछ लेना के प्रावा एदगी की दीवा आबंदी पईया मतलब के who is going to win this time, who is going to form the government this time बस इतना ही होता था लेकिन पिछले 10-12 सालों म ये दोनों मिलकर अब सिरफ एक सपोर्ट नहीं रहे बलकि हमारे डेमोक्रिटिक प्रोसेस में एक आक्टिव और बेहद सोचे समझे तरीके से किये गए चुनावी दखल अंदाजी का हिस्सा बन चुके हैं और यह मैं ऐसे

4:51 नहीं कह रहा इस दखल अंदाजी को अगर आप समझन बिल्कुल भी नहीं। इसके पीछे एक बहुत बड़ी और बहुती वेल ओल्ड मशीनरी काम कर रही थी और वो मशीनरी चला रहे थे हमारे ओवरसीज पंजाबी। बात है 2015 की। आम आदमी पार्टी के टॉप लीडर्स कैनेडा और यूएस के टूर के उपर गए थे और इस ट अब कैनेडा में बेस ये जो पंजाबी लोग हैं, इनके साथ क्या है कि जिस साल या जिस दशक में ये पंजाब छोड़ते हैं, इनकी नजरों में पंजाब आज भी

5:39 वहीं अटका हुए है, for example मान लो किसी ने 1989 में पंजाब छोड़कर कैनेडा सेटल होने का फैसला किया, तो प लेकिन इस NRI भाई की perception में पंजाब आज भी 1989 वाला पंजाब ही है, तो आम आदमी पार्टी के Canada टूर के दोरान, जो लोग वहाँ पंजाब के पुराने सिस्टम से fed up थे, उन्होंने एक proper network बनाना शुरू कर दिया, और रातों रातों रातों इसको खड़ा करना स्टार्ट कर � कि यार इसमें गलत क्या है अपनी पसंद की पार्टी को सपोर्ट करना तो सभी का हक है बिल्कुल सही बात है

6:27 सबको हक है जिस पार्टी को हम पसंद करते हैं उसको सपोर्ट करने का definitely हमें हक है लेकिन जरा इसका scale देखिए आम आदमी पार्टी के total funds का 25% से ज़ादा हिस्सा इनी पकाइदा अपनी छुटियां ली पंजाब elections के समय पर, अपनी ticket कटा ही पंजाब की और यहां आकर election campaigns को front से lead करना start कर दिया जो physically नहीं आ पाए, उन्होंने वहां बैठे बैठे global calling campaigns चलाने शुरू कर दिये दोस्तों इन global calling campaigns के

7:14 अगर मैं आंकडे सुनाऊंगा आपको आप हैरान करने हैं सिरफ US में बैठे 2400 वोलंटिर्ज ने लोकल पंजाबियों को लगबग 11 लाख फोन घुआए थे उस दोर में अब पंजाब के गाउं की न साइकालोजी और सोशालोजी दोनों ज़रा ध्यान से समझेगा गाउं में जब कैनेडा वाले फुफड जी का या UK वाले चा� तो पूरा टबर उनके influence में आकर अपना mind और voting behavior बदल देते हैं. यह NRIZ इस पूरे campaign को payback time का नाम

8:01 देते हैं. कि पहले हमारे साथ कुछ गलात हुआ था 89 में, अब नाउ इस time for payback. पर यहीं पर एक बहुत बड़ा constitutional और moral सवार खड़ा होता है. एक इंसान जो पिछले 20 साल से या हो सकता है 25-30 साल से देश में है ही नहीं, जो यहां का पानी नहीं पी रहा, जो रोज सुबह ट्राफिक और टूटी सडकों का सामना नहीं कर रहा, जो हमारे tax structure का हिस्सा तक नहीं है, और सबसे बड़ी बात, जो यहां की सरकार के अच्छे य कॉमेंट में जबाब दीजिए, ये एक ऐसी अन्रेगुलेटिटिड ताकत है, जिस पर इलेक्शन कमिशन से लेकर सरकारों तक सबको सोचने की जरूरत है, और इस सब में ना एक इंटरस्टिंग

8:48 चीज बताता हूं मैं, कही लोग कहेंगे कि अपनी मर्जी से करते हैं सब लोग कि हम आजाद हैं और EVM पर बटन जो हम दबाते हैं वो अपनी सोच और समझ के हिसाब से दबा रहे हैं लेकिन हकीकत यह है कि हमारी choices को लगातार influence किया जाता है अब ध्यान से सुनिएगा जब तक यह influence देश के अंदर से हो, local नेताओं और local मुद्दों के ऊपर हो तब तक तो � जब foreign पैसा और foreign आलिशान बंगलों में बैठे लोग हमारे आम वोटर के दिमाग

9:36 को hack करना start कर दें, तो ये सिरफ politics नहीं रह जाती. ये हमारे देश के लोक तंतर के लिए एक सीधा और बहुत बड़ा खतरा बनना शुरू हो जाती है. I hope you are able to understand this. अब हम आते हैं इस मुद्दे Political funding, ठीक है, we get it. But अब विदेशी जमीन से पंजाब में एक अलगावादी, यानि की separatist आग को दूबारा भढ़काने की साज़िश हो रही है. पंजाब 80s और 90s का वो काला दौर जहल चुका है. Being a Punjabi, I have seen, I have witnessed it on the ground. आज आपंजाबी सिरफ शांतिय और डिवलेप्मेंट चा

10:22 पर UK, Canada और Middle East में बैठे कुछ radical elements आज भी इस आग में घी डालने का काम कर रहे हैं हम लोगों के यहाँ हाथ जल गए यह लोग घी डाल रहे हैं इनका plan बड़ा clear है वो physically यहाँ पर है नहीं विदेशी कानून और political asylum की छत्री के नीचे अराम से बैठे हैं और वहाँ बैठ कर social media � जो इतने सालों में दुबारा बना है, इसको तोड़ने के लिए targeted assassinations तक sponsor करते हैं। इसका सबसे खौफना की example में देना चाहूंगा targeted assassination का। पिछले कुछ सालों में हमने तरन-तरन में इसकी example देखी। शौरे चक्रविजिता बलविंदर

11:14 सिंग संदू जी की हत्या। ये वो नि उन्हें 2020 में दिन दिहाडे गोली मार दी गई और क्यों मारी गई? वाई इन 2020 पुरानी दुश्मनी निकालने और आम जनता के मन में डर फैलाने के लिए और जो प्रो खालिस्तानी ग्रूप्स हैं उनको एसास दिलाने के लिए कि we are still there. कैनेडा और पाकिसान में बैठे खालिस आप इनके मानसिक्तिया देखिए इन लोगों की, जो लग पंजाब छोड़ चुके हैं, जिनका यहां की ground reality से अब कोई वास्ता ही नहीं है, वो वहां अराम से बैठ कर, वॉयलेंस को रोमांटिसाइस करवा रहे हैं,

12:02 यहां के यूथ को influence कर रहे हैं, रब की कृपा से पंजाब इनकी नापाक गतिविद्यों का असर हमारे रेजिडेंट पंजाबियों पर पढ़ेगा। जान हमारे लोगों की जाएगी। नुकसान हमारे बिजनेस का होगा, हमारी आर्थिक ग्रोथ का होगा। क्यों नहीं आती पंजाब में कोई इंडस्ट्री। इन ही सब चीजों की व� वहां से कोई हमारी पुलिस की पॉहन से तो आदमी बाहर है लेकिन उसकी जड़ें तो यहीं पर है उसकी जड़ें यहीं है तो इन extremists की पंजाब में आलिशान

12:48 प्रॉपर्टीज और जमीने हैं विदेश में बैठे ये लोग सरकार की एजेंसी की नजरों से बचने के लिए जो सरकार को बिटा अब सक्त होना पड़ेगा और मैं हवा में बात नहीं कर रहा एन आईये ने ये डंडा चलाना शुरू कर भी दिया है यूएस और कैनेडा में बैठे गुर्पतवंत सिंग पन्नू इनकी अमरित्सर और चंडिगर्ड वाली प्रॉपर्टीस और लखभीर सिंग

13:38 और भारत के दुश्मन बन गए उनकी सारी प्रॉपर्टी सरकार की हो जाती है तो आप खुद सोचिए अगर पाकिसान में बैठे दुश्मन की प्रॉपर्टी जब्त हो सकती है तो कैनेडा या या यूके में बैठ कर पंजाब को जलाने की साज़श रचने वाले ये जो देश इनकी जमीन और इनकी आलिशान कोठियों को क्यों नहीं confiscate किया जा सकता। ये भी तो internal enemies हैं। इनकी सारी local wealth को भी उसी enemy property के तर्श पर confiscate करना चाहिए। और इसमें एक और angle जुड़ता है, family accountability का। अगर यहां बैठे किसी relative को पता है

14:28 कि उसके पास जो पैसा बाहर से आ रहा है, जब हवाला की पाइपें कटेंगी ना तब भी ये remote controlled आतंगवाद के उपर लगाम लगेगी ऐसे नहीं लगने वाली और चलिए internal security से निकल कर अब थोड़ा आगे बढ़ते हैं जमीन पर मैं एक और issue बताता हूं NRIS का बात करते हैं उस दर्द की जो पंजाब के हजारों घरों एक बड़ी desperate कोशिश रहती है कि किसी तरह से बेटी को foreign visa मिल जए, इस चक्कर में परिवार अपनी जिंदेगी भर की जमापुझी लगा देते हैं, भारी दहेज तक दे देते हैं, लेकिन हकीकत

15:16 में कुछ और ही हो रहा है, शादी देखो होती है, no doubt, honeymoon भी हो जाते हैं, और उसक और अगर आप आंकडे सुनेंगे तो अगेन ये दंग कर देने वाले आंकडे हैं. National Commission for Women का एक data बताता है कि भारत में इस तरह के बहुत से cases हैं, लेकिन सिरफ पंजाब की बात करें तो 25,000 से ज़ादा ऐसी ओरते हैं पंजाब के अंदर, जो उन NRI पतियों का इंतजार कर रही ह ये हमारे सिस्टम के उपर हमारी सुसाइटी के उपर एक उल्टे हाथ का तमाचा है

16:01 बाइदी जैनराइस, वेस्टेड इंटरस्ट वाले जब पानी सिर से उपर हो गया तो विमिन और चाइल डिवेलिपमेंट और एक्स्टरनल अफेर्स मिनिस्ट्री ने पिछले कुछ सालों म उसकी शादी हुई वो अपने ससुराल गई, ससुराल वालों के ताने अलग सुनती है, प्रॉबिबली डिवेस्टिक वालेंस को अलग जहेल रही है, और उपर से लड़की वालों से और पैसे मांगे जाते हैं, और सबसे ज़्यादा कॉम्प्लिकेशन तब भाजाती है, जब �

16:53 क्योंकि जाद अतर इस तरह की शादियां ये कोट में रिजिस्टर ही नहीं होती हैं, ये भी फ्लॉव है, कई बूडे माबाप को छोड़ दिया जाते है वापिस पंजाब में, पर दोस्तों सिक्के का न, एक और पहलू है, ठीक है मैं जेंडर बाइस नहीं होना चाहता, तो इ ठीक है अपना भी थोड़ा देखो लालच सो होता ही है लड़के वालों लड़की वालों दोनों का लड़के के परिवार इस लालच में कि हमारा लड़का भी स्पाउस वीजा पर पत्नी के पीछे बीचे फॉरन चला जाएगा ये सोचकर सारा खर्चा लड़की का सारा का सारा

17:46 या फिर उसको पी आर मिल जाता है पर्मनेंट रेजिदेंसी मिल जाती है वो सारे के सारे कॉंटाक्ट अपने इन लॉस के साथ तोड़ देती है वो लड़का विचारा नमस्ते लंडन देखी होगी आपने वो लड़का वीजा के इंतजार में यहीं बैठा रह जाता है और उस there is a very sad reality to this कई cases में वहाँ विदेश में बैठ कर इन लड़कों के ऊपर domestic violence या दहेज के जूखे cases डालने की धमकी दी जाती है और इस सब का मकसद सिर्फ और सिर्फ एक होता है कि गाउं में लड़के की family की जो जमीन और property है उस पर कबजा करना चाहे शिकार दोस्तों बेटी हो �

18:34 अब यहां आप कहेंगे कि भाई, जब NRIs इतना fraud और इतना interference कर रहे हैं, तो पंजाब सरकार इनके खिलाफ strict action क्यों नहीं लेती? दोस्तां, strict action तो बहुत दूर की बात है, यहां की सरकार ने उल्टा इन पैसे वाले NRIs को खुश करने के लिए और इन्हें VIP treatment देने का एक अलग नाम सुनो, पंजाब NRI सबा, जलंदर अगर आप कभी गए हो, इसका बड़ा आलिशान ओफिस है, पता लगता है कि भी NRI सबा है, नाम सुनकर आपको ये भी लग रहा होगा कि ये NRI इसको special powers देने वाले की कोई बड़ी सरकारी

19:23 एजिंसी या तरब्यूनल हो सकते हैं, लेकिन � कि विदेश में बैठे ये NR20, 1000 लाखों रुपे दे कर इसकी lifetime membership ले लेते हैं, और उन्हें लगता है कि उन्होंने ये पैसे दे कर पंजाब सरकार को कोई VIP कार्ड खरीद लिए, और अब वो यहां के आम पंजाबियों और local administration को आसानी से bypass कर देगा, ऐसा भ्रम आ जाता है, इस private लेकिन ground reality यह है कि इस सभा के पास तेले की legal power नहीं है, ना कोई enforcement,

20:09 ना कोई कानूनी ताकत, nothing. अब आप समझधार हैं, थोड़ा practically सोचिए, मान लो, जमीन का कोई dispute है, एक NRI और एक local गाउवाले के बीच, NRI सोचेगा कि वो NRI सभा में जाकर अपना VIP influence यूज करेगा, और कानून सचा ही यह है कि यह NRI सभा एक बहुत ही महंगा पोस्ट ओफिस बन कर रह गया है NRI क्या गरता है वो इनको application देता है dispute के context में यह लोग उस पे अपनी stamp लगाते हैं और local SP यां तहसीलदार को forward कर देते हैं इनका बस इतना ही काम है इनका काम

20:55 खतम इनके पास कानूनी कोई ताकत है खुले आम, RTI applications को ये लोग deny कर देते हैं, ये बोलके कि हम तो private entity हैं, हमें सरकार को जवाब देनी की जुरुरत नहीं है, हमें privacy exemption है, private body होने के नाते हैं, just imagine, एक society जो आम कानून को bypass करने का दिखावा करती है, NRI से भर-भर के cash collect कर रही है, fund के नाम पर, membership fees के नाम पर, जिसका CM म सरकार ने इन powerful NRIs को appease करने के लिए एक administrative level पर और भी एक नाटक किया था 2008 की बात है पुरानी बात है थोड़ी सरकार ने क्या किया पंजाब सरकार ने NRI police stations बना दिये ताकि इनके cases को थोड़ा priority के उपर सुना जा सके पर भाई building बदलने से कानून थोड़ी ना बदलेगा

21:44 वो N और हां मुझे पता है भई पता है हां बहुत से लोग करेंगे comment के CRPC IPC has now become BNSS and BNS बट यह आप भी जानते के उनमें largely similar provisions ही है when it comes to those sections जिनकी आज हम बात कर रहे हैं तो सरकार इस पूरे मुद्दे पर बना सरकार इस पूरे मुद्दे पर ना एक legal dilemma में अलग से फसी हुई है उस समय प्रकास सिंग बादल जी के टाइम परना एक प्रपोजल लाया गया था कि NRIS को पूरी तरह VIP बनाने के लिए एक स्पेशल कानून लाया जाए ताकि कोर्ट्स में इनके केसिस की सुनवाई आम पंजाबियों से पहले फास्ट ट्रैक पर हो सके लेकिन इस आइडिया को �

22:38 इस सवाल उठेंगे अगर ऐसा करोगे कि जो आम रेजिडेंट पंजाबी यहां मेहनत कर रहा है, टाक्स दे रहा है, पूरा सिस्टम जहेल रहा है, वो कचेरियों में सालों से धक्के खाए हैं और जो वहां बाहर बैठ कर वोट देने नहीं आता, उसको हम वी आईपी ड्रेट कि जो आम रेजिडेंट पंजाबी यहां सिस्टम की मार जेल रहा है उसको पंजाब सरकार इग्नोर कर रही है और NRI इसको VIP ट्रीटमेंट देने की कोशिश कर रही है और मज़े की बात ये है कि इनका ये VIP ट्रीटमेंट भी पूरी तरह से फर्जी और खोखला है तो पंजाब स

23:27 तो अब इस पूरी बात का conclusion क्या है? मैंने negative बातने काफी ज़्यादा कर दी, पट यार देखो सब कुछ negative नहीं है, तेक इतना भी ज़्यादा, please don't get too much negative, अब हम अपने इस discussion के सबसे जरूरी पड़ाव के उपर आएंगे, that is how can we harness the good, देखो यार सारे NRIs खराब नहीं होते हैं ऐसे NRIZ द्वारा लिए गए, सारे ये जो charitable और philanthropic works, अपने आप में मिसाल भी बनते हैं, इन्होंने गाउं गाउं में hospitals, schools और sports academies बनवाई, इनके भेजे remittance के पैसे से, पंजाब में industry नहीं है, बट फिर भी लोग अमीर

24:15 हैं, ग्रो कर रहे हैं, पर इनकी ये, मतलब ये जितन पॉलिसी इसके उपर clear होनी चाहिए जिसमें दो points हैं पहला ये कि it should be completely digitized, 100% transparent और इसमें single window clearance system होनी चाहिए ताकि corruption वर गएरा ये सब ना हो अगर कोई NRI agro plant या solar project लगाना चाहता है तो उसे सरकारी दफ्तरों में इन बाबूओं के आगे धक्के नहीं खाने पड़ने चाहिए एक शांदार policy हो सकती है कि डायस्पोरा development bonds इसका नाम प्रॉबिबली आपने सुना होगा इसका मतलब होता है कि सरकारी infrastructure projects में NRI अपना पैसा invest करें और सरकार उन्हें guaranteed return दें

25:01 इससे क्या होगा कि उनका जो पैसा जमीन के दाम बढ़ा देता है वो एकदम irrationally increase नहीं होंगे और सा यहां तो officially एक पंजाब NRI Affairs Act को पास कर दो, एक ऐसी statutory body बनाओ, जिसके पास officially कानूनी ताकत हो, यह NRI सभा का ड्रमा बंद करो, यह फिर दूसरा option यह है, कि यह जो दिखावा है न, NRI सभे बला, इसके उपर लगाओ ताला, और NRI इसको honestly बता दो, कि भाया, आपको भी हम armed citizens की � My dear friends,

25:48 पंजाबी डायस्पुरा हमारी ताकत है, लेकिन हमें इस relation को अब emotional appeals पर नहीं, बलकि आगे solid legal framework पर लेकर जाना पड़ेगा, Trouble Makers कि इनकी property को जब्त करना जरूरी है, इनकी जो local families हैं, उनको accountable खेराना भी जरूरी है, शादी के नाम पर ये धोखाखाई families, इनको इनसाफ � यह balance होगा, तब ही यह diaspora हमारे लिए एक bridge to global prosperity बनेगा, इस पूरे मुद्दे के उपर दोस्तों आपकी क्या राय है, क्या आपने अपने आसपास ऐसी abandoned bride's या grooms के cases देखे हैं, यह diaspora की वो positive side देखी है, जहां उन्होंने पूरे गाउं

26:38 की तस्वीर पलटके रख दी, काया कलप जिसके फॉरन वाले सपने कुछ जादा ही उंचे उड़ रहे हैं। जल्दी मिलेंगे अगले किसी important topic के साथ तब तक लिए अपना ध्यान रखिए। मिलते हैं अगली वीडियो में। चेहंद।

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