Articles1-4(Part1)Union and its territory ||Handwritten Notes|| Lec.10||Indian Polity||An Aspirant !

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो भारतीय संविधान के भाग 1, "संघ और राज्य क्षेत्र" पर केंद्रित है, जिसमें अनुच्छेद 1 से 4 तक शामिल हैं। वीडियो में प्रत्येक अनुच्छेद को सरल भाषा में समझाया गया है, जिसमें यूनियन शब्द का महत्व, नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना, राज्यों का पुनर्गठन, और अनुच्छेद 368 के तहत संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता के बिना कानूनों में बदलाव करने की संसद की शक्ति शामिल है।

  • अनुच्छेद 1 भारत को राज्यों का एक संघ घोषित करता है, जिसमें राज्यों को अलग होने का अधिकार नहीं है।
  • अनुच्छेद 2 नए राज्यों के प्रवेश या स्थापना से संबंधित है जो पहले भारत का हिस्सा नहीं थे।
  • अनुच्छेद 3 मौजूदा राज्यों के पुनर्गठन और नामों में परिवर्तन से संबंधित है।
  • अनुच्छेद 4 घोषणा करता है कि अनुच्छेद 2 और 3 के तहत बनाए गए कानून को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन नहीं माना जाएगा।

अनुच्छेद 1: भारत राज्यों का संघ

अनुच्छेद 1 कहता है कि "इंडिया, जो कि भारत है, राज्यों का एक संघ होगा"। यहां "यूनियन" शब्द का उपयोग इसलिए किया गया है क्योंकि भारत एक समझौते का परिणाम नहीं है और किसी भी राज्य को भारत से अलग होने का अधिकार नहीं है। "राज्य क्षेत्र" में राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और भारत द्वारा अधिग्रहित किए गए क्षेत्र शामिल हैं।

अनुच्छेद 2: नए राज्यों का प्रवेश या स्थापना

अनुच्छेद 2 संसद को नए राज्यों को भारत में शामिल करने या स्थापित करने की शक्ति देता है, जो पहले भारत का हिस्सा नहीं थे। इसका मतलब है कि अगर भारत किसी नए क्षेत्र का अधिग्रहण करता है, तो संसद उसे एक राज्य बना सकती है।

अनुच्छेद 3: नए राज्यों का गठन और मौजूदा राज्यों के क्षेत्रों, सीमाओं या नामों में परिवर्तन

अनुच्छेद 3 संसद को मौजूदा राज्यों को विभाजित करके, दो या दो से अधिक राज्यों को मिलाकर, या किसी राज्य के क्षेत्र को बढ़ाकर या घटाकर नए राज्य बनाने की शक्ति देता है। संसद किसी राज्य के नाम को भी बदल सकती है। यह सब करने की शक्ति केवल संसद के पास है, राज्य विधानसभाओं के पास नहीं।

अनुच्छेद 4: अनुच्छेद 2 और 3 के तहत बनाए गए कानून

अनुच्छेद 4 कहता है कि अनुच्छेद 2 और 3 के तहत बनाए गए कानूनों को अनुच्छेद 368 के तहत संविधान संशोधन नहीं माना जाएगा। इसका मतलब है कि संसद साधारण बहुमत से राज्यों के पुनर्गठन और नामों में परिवर्तन से संबंधित कानून बना सकती है, और इसके लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता नहीं होती है। ऐसे कानूनों को पारित करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश आवश्यक है, और संबंधित राज्य विधानसभाओं को अपनी राय व्यक्त करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

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Transcript

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0:00 हेलो हेलो मैं स्पिरिट्स बैक टू माय YouTube चैनल आज की वीडियो में हम पढेंगे पार्ट नंबर वन के बारे में जो कि है द यूनियन एंड स्टेट रंग सोपान में कितने आर्टिकल्स जाते हैं एक से चार तक टोटल 48 कर सकते हैं तो बस हमें इन्हें 48 इसके बारे में पढ़ना है बहुत ही सिंपल तरीके से मैं आपको पढ़ाओगे कोई भी डेबिट होगा आपका क्लियर हो जाएगा तो कॉस्ट आर्टिकल से चलते हैं पहला आर्टिकल इंडियन कॉन्स्टिट्यूशन का क्या बोलता है द इंडिया दैट इज भारत शैल भी अ यूनियन ऑफ स्टेट्स के इंडिया जिसे हम भारत के नाम से भी जानते हैं कि यूनियन होगा स्टेट्स का अब पेट साइनइन वह क्या मतलब इसमें ड्यूटी नहीं आएंगे केंद्र शासित प्रदेश में जायेंगे तो वहा बढ़ते हैं यह पौष्टिक तो इजी था कि आपको समझ आएगा तो पहली चीज और इन्होंने यहां पर यूनियन वर्ड क्यों यूज

0:46 किया है और और वर्ड वेरिफिकेशन हो गया या फिर कुछ और क्यों यूज नहीं किया सिर्फ यूनियन यूज किया है क्योंकि कि यूनियन का मतलब है कि कोई एग्रीमेंट में सब इससे कि गोवा है महाराष्ट्र है करना चाहिए राजस्थान व गुजरात सर्विसेस है इन सब का एग्रीमेंट नहीं है इन्हें एग्रीमेंट भी साइन किया इंडिया के अंदर रहने के लिए यह इंडिया का ही पाठ ठीक है सेकंड थिंग इज नॉट हैव थे राइट टो गेट सेपरेटेड फ्रॉम नेट किसी भी स्टेट के पास इतना अधिकार ने कि वह इंडिया से अलग उपाय मानी जय महाराष्ट्र बहुत पावरफुल हो गया रेवेन्यू अच्छा हो गया वह इंडिया से अलग होना चाहते है यह इतिहास के पास ठीक है तो इसलिए कहा जाता है कि इंडिया जो है वह न्यू नोट्स नाइट नो टेरिटरीज ऑफ इंडिया क्या होता है बढ़ते हैं यूनियन एंड स्टेट एंट्री रोड का मतलब होता क्षेत्र एग्जाम

1:33 अब इसमें क्या-क्या है इंडिया के जितने भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के जितने भी यूटीएस है मतलब जितने भी राज्य हैं और जितने भी केंद्र शासित प्रदेश है प्लस अदर टेरेरिस्ट्स वेयर कॉज्ड बाय इंडिया और कोई वेरिया है इंडिया के पास या किसी पर अवैध कब्जे इंडिया हमला करें या इंडिया के अंदर किसी बाहर के अंदर इंडिया का पार्ट बन जाए इस तरह से तु और ट्रिक को कोई और चित्र इंडिया के पास तो वह भी इंडिया के टेरिटरी ही माना जाएगा ठीक है यह फेस्टिवल की जो कि भारत यह अब हम पढेंगे नंबर टू के बारे में है तो यह एडमिशन और एस्टेब्लिशमेंट आफ न्यू स्टेट्स नॉट पार्ट आफ थे यूनियन आफ इंडिया मतलब हम इसमें कोई नहीं

2:19 कर सकते हैं ठीक है या नहीं बना सकते हैं जो पहले से इसका मतलब समझ का मतलब किसी ने हमला किया तो आप उसको बना सकते हैं यह बात किसी भी और तरीके से किसी भी तरीके से कोई नई चीज हो जाती है तो आप चाहे तो इसे बना सकते हैं यह कहते हैं यह और डाटा नॉट पार्ट आफ थे यूनियन आफ इंडिया है अब हमें पढ़ना है आर्टिकल चम्मच घी आटे का नंबर दूसरी कुछ ऐसा यह हल्का सा डिफेंस है इसमें विनर यही है इस आर्टिकल टो में कहेंगे कि नहीं स्टेट बना सकते हैं

3:05 आर्टिकल्स इन अभी नहीं खाए नहीं स्टेट बना सकते हैं लेकिन आर्टिकल टो में कहा कि जो इंडिया का पहले से ना हो आर्टिकल से में क्या कहा है कोई भी सेट है कोई भी यह जो पहले से हमारी है या तो उसको अलग अलग करके नहीं स्टेट में हमें इसे आंध्र प्रदेश तेलंगाना का हुआ था कि आंध्र प्रदेश से पहले बाद में दो बन गए यूपी और उत्तरांचल का भी ऐसे था यूपी था पहले से बाद उत्तराखंड बना दिया ना या फिर इंवाइट करके अपने दोस्त को जोड़ा या एक ट्यूटर को जोड़ा और बिना इस्टेट बनाती ऐसा भी हो किया जा सकता है अंडर आर्टिकल्स इन अब यह सब करने की पावर किसके पास है क्या 2 स्टेट्स कि अगर विधानसभा रहमान जाती है तो क्या काम चल पड़ेगा नहीं पार्लियामेंट ओनली पार्लियामेंट के पास इतना राइट लेफ्ट पार्लियामेंट हस थे पावर टो इंक्रीज और डिमिनिश्ड एरिया आफ एनी स्टेट टो ओडीशा और

3:52 नेमस आफ एनी स्टेट ऑफ यह हमारा जो पार्लिमेंट है सिर्फ इसी के पास इतनी बात है कि यात्री इस्टेट के बीजों को बढ़ा सकता है या कम कर सकता है यहां का नाम चेंज कर सकता है इसलिए हमेशा से में किसके पास इतनी है कि [संगीत] किसी भी किसी भी लोकसभा राज्यसभा में उसके लिए रिकमेंडेशन प्रेसिडेंट प्रेसिडेंट प्रेसिडेंट में होने चाहिए फिर बिल पास कर सकते हैं किसी भी किसी भी किसी को कम करने के लिए फिर करने के लिए

4:38 सब्सक्राइब अगर किसी से रिलेटेड एंट्रीज करनी है यह नाम चेंज करना है तो रजिस्ट्रेशन करना पड़ेगा उसके बाद में यह दो हुआ था लेकिन अगर किसी यूपी का कर रहे हो तो स्टेट लेजिसलेच्योर में देने की जरूरत नहीं है तो इसलिए पार्लियामेंट में जाएगा ठीक है नो एक्सप्रेस न्यूज़ विजन टाइम लिमिट फॉर स्टेट लेजिसलेच्योर है उनको प्रेसिडेंट टाइम देंगे 10 दिन 15 दिन शाहीन के साथ आएंगे तो उनको उतने दिन के अंदर अपने प्रोडक्ट करता है पड़ेगा अब वाइट पार्ट अदरवाइज सुझाया कि हां हां सो गए उनका युटुब कंटेंट नाइन कि हमें जरूरी नहीं है कि सिंपल मेजॉरिटी यह जो पास किया जाता है बहुत ही सिंपल मेजॉरिटी के साथ पास किया जाता है ठीक है अब हमारे जो फोर्थ पार्ट

5:26 वन का चौथा और लास्ट आर्टिकल है यह नॉट मेड अंडर आर्टिकल्स तो एंट्री नॉट बे कंसीडर्ड एंड आर्टिकल 368 इसका मतलब आपको यह बता दूं कि संविधान में संशोधन को चेंज कर सकते हैं ठीक है यह एंट्री पढ़ना अपनी स्टेट बना सकते हैं वह सब जो में कहानी पढ़ी थी है उसको लेकर आप कमेंट नहीं कर सकते संविधान में संशोधन नहीं कर सकते हो जाता है वह वैसा ही रहेगा और लिमिट के पास पावर है पार्लिमेंट के पास एक इस्टेट के पास नहीं जाएगी ठीक है तो आज के लिए इतना ही मैंने आपको चार आर्टिकल्स बहुत अच्छे समझा

6:12 दिया यह आपको कोई डाउट ना रहा हुं फिर भी आपको डाउट तो आपको अच्छे से पता क्या करना है जल्दी से कमेंट सेक्शन में लिख ही अपना क्वेश्चन आफ फटाफट जो अपने फ्रेंड मैं जरूर रिप्लाई करूंगी एंड अगर आपको वीडियो अच्छी लगी है तब आपको अच्छे से बताएं क्या करना है जो कि से कर दीजिए चैनल को सबस्क्राइब बेल आइकॉन को कीजिए रेस्टोरेंट में जैसे को वीडियो अपलोड करूं आप तक एकदम नोटिफिकेशन पहुंच जाए बेल आइकॉन को प्रेस जरूर करना तब तक नोटिफिकेशन पहुंच गई व्हाट्सएप वीडियो को लाइक करें वीडियो को लाइक शेयर में फ्रेंड्स के साथ एंड तक एडिसन

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