0:00 अजय को को पिक हो रोज शाम को 6 6:30 रात होती है ना अंधेरा हो जाता है तो किसी को आश्चर्य हुआ कि यह क्या हो रहा है विद्यालय ऐसा किसी ने किसी बच्चे ने किया हो तो बता दो क्यों नहीं करते ऐसा ना होने पर कोई रोता है
0:47 ऐसी ही इस संसार में आना उसकी खुशी मनाना चाहिए और जाना चाहिए क्योंकि यह इतिहास घृत जब तक पकाऊंगी जब तक भगवत प्राप्ति होगी भगवत्प्राप्ति के बाद जो शिक्षण है कर दो कि [संगीत] एक दिन एक दोहा खोला गया था है जो जाएगा वह आएगा का यह
1:34 तो कोई प्रॉब्लम शुरू होकर कोई स्वबस हो कर दो कि तुम मुझसे कहा गया है इसका यह थोड़ा विस्तार से बता दीजिए ना को जन्म कि शरीर का होता है कि आत्मा का नहीं होता है न जिवों मिलते जीव मरता भी नहीं है
2:20 कि चांदोग्य उपनिषद 611 तीन दो कि आज जो नित्य शास्त्रों एवं पुराणों हो कठोपनिषद 12 18 कि गीता 220 जो तु अजेय है है इसलिए कुठे झाला हुआ था नव निर्माण नहीं होता है का जन्म होता है लेकिन जन्म का मतलब होता है प्रादुर्भाव भाव जर्नी धातु है संस्कृत में उसका अर्थ है
3:09 प्रादुर्भाव मैंने प्रकट होना मां के पेट में प्रकट हो गया और फिर स्टेडिम में प्रकट हो गया फिर इस शरीर को छोड़कर उस सूक्ष्मशरीर में प्रकट हो गया सूक्ष्मशरीर से फिर उद्देश्य में प्रकट हो गया यह सब जगह प्रकट होता रहता है उसी को हम लोग कहते हैं उद्यान अधिकारियों मृत्युर्ध्रुवं जन्म मृतस्य च जीता 227 है
3:55 हुआ था जो जाता है वह आता है जो आता है वह जाता है यह प्रकृति का नियम है हुआ था देखो कितने आए कि आप कोई है सब चले गए सतयुग वाले नेतृत्व वाले द्वार पर वाले और हमसे 5,000 वर्ष पहले के कलयुग वाले हैं कि तुम चले गए में बने आत्मा चली गई थी हुआ था कि शरीर छोड़कर शरीर छोड़कर गई
4:44 है यानी दूसरा शरीर लेकर गई जैसे हम लोग कपड़ा बदलते हैं ना तो आशीष जाने का कपड़ा अलग रखते हैं है और घर में पहनने का अलग रखते हैं अपने कपड़े बदलते रहते हैं बड़े आदमी तो दिन में चार बार बदलते हैं लुट लेकिन कि यह शरीर बदलने में यानी आने-जाने में यानी आवा गमन इस संसार में आवा गमन कहलाता है जाना आना
5:37 12 प्रकार से होता है जो कि हमारे संसार में हर देश में जेल होता है जेल है उसमें लोग जाते हैं है और फिर आते हैं कि कोई चार साल को गया कोई 10 साल को गया कोई 2 साल को गया कि कोई एक घंटे को गया कोई 5 मिनट को गया थिस आईएस थे यह चौरासी लाख योनियों का जगत भगवान का जेल है
6:22 इस जेल में जो आएगा जाएगा आएगा जाएगा तो कि वो एक टोटका एबी जेल में जाता है अपराधी है इसलिए बॉर्डर किया है इसने चोरी की है इसलिए डकैती की है 14 साल तो 2 साल को एक साल को छह महीने को अलग-अलग टाइम के लिए जाता है टाइम पूरा हो गया जेल से बाहर आ गया कि आईएसी हुई कि यह 84 लाख प्रकार के शरीर वाले
7:08 संसार में आए कोई आते वापस चले गए बच्चा पैदा होते ही मर गए कोई एक दिन का होकर मर गया कोई एक साल होकर कोई दोस्त लाल कोई 1000000 को इस साल एक दिन जाना होगा ना कि यह बात अगर हम लोग पहले से मानने रहे तो किसी के जाने में हम को कष्ट न हों ठीक हो रोज शाम को 6 6:30 रात होती है ना अंधेरा हो जाता है
7:55 घृत किसी को आश्चर्य हुआ था में पढ़िए क्या हो रहा है भय विद्यालय ले जा रहा है अंधेरा और ऐसा किसी ने किया है यदि किसी बच्चे ने भी किया हो तो बता दो क्यों क्यों नहीं करते दो गए सा टेनियम है शाम से ही अंधेरा होगा दस बारह घंटे को मैं सवेरे अरे यह क्या हो रहा है उजाला हो रहा है है पुण्य उजाला होने पर कोई ख़ुशी मनाता
8:40 है ना अंधेरा होने पर कोई रोता है सब उसको गलत से नेचुरल नैचुरल कि आईएसी हुई इस संसार में आना उसी खुशी नहीं बनाना चाहिए और जाना है उसका अरुण जाओ नहीं मनाना चाहिए क्योंकि है कि माया वध का यह इतिहास है घ्र जब तक भगवत प्राप्ति होगी कि भागवत प्राप्ति के बाद
9:25 दो सेक्शन है एक को सदा मुक्त हो जाते हैं कि अवधी एक भगवान के लोक में भगवान से पृथक कर रहे कर भगवान की सेवा करते हैं बोलो मुक्त हो गए जातिगत व नॉन वर्तंत वहां जाकर फिर नहीं आते हैं लुट महत्वपूर्ण राह बढ़ते महत्वपूर्ण रॉबर्ट करते हैं और फिर लौट के नहीं आते हैं लुट मैं अब आते हैं
10:12 है अरे जीव की कौन कहे भगवान भी आते हैं वह जाते हैं हाथ जाते हैं आते हैं कि अरे आप लोगों से सुना है ना अवतार होते हैं रामायण कृष्णाय परशुरामाय बलराम भाई बड़े-बड़े भगवानों के बाप आए कहां हो चले गए थे हुआ था है और शंकराचार्य जाए तुलसीदास राय बड़े-बड़े अवतारी महापुरुष भी आए अवतारी कहते हैं उनको मैंने स्वेच्छा से आए
10:59 भगवत्प्राप्ति के बाद कैदी बंद करने आए इस जेल में हमारे सनसारी जिले में पुलिस वाले चाहते हैं रक्षा के लिए है कि कोई गड़बड़ ना करें नंबर दो कि डॉक्टर पी जाते अस्पताल धोते हैं अंदर हुई ए इलाज के लिए कि बड़े-बड़े मंत्री जाते हैं अ का निरीक्षण के लिए सब ठीक-ठाक है न वह कथित बनकर नहीं जाते कि जात पर
11:44 कि अ पहले अपनी इच्छा से चले जाते ऐसे भगवान भी अपनी इच्छा से जाते हैं अपनी चाहते आ जाते हैं इसलिए ही सिद्ध महापुरुष है मैं भी अपनी इच्छा से जाते हैं अपनी चाहते और फिर चले जाते हैं अपने हुए दो कि कोई परवश होकर के आते जाते हैं और को इस वर्ष हो कर मैंने अपनी इच्छा से जाते जाते हैं यह वैध है और बाकी सब आते जाते हैं जो अद्वित वाले मुक्त होते हैं हुए भी
12:30 आते हैं मुख तरफ वीएस या ग्रहण कृत्वा पध शंकराचार्य ने लिए मुताबिक ही के प्रति गहरा जाते हैं [संगीत] MP3