0:03 नमस्कार देवी और सज्जनों आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है हमारी आज की एक और बहुत ही इंटरेस्टिंग एक और बहुत ही महत्त्वपूर्ण एक और बहुत ही जबरदस्ती क्लास में अपनी क्लास आप देखते हैं दोस्तों कि 10वीं के प्यारे बच्चों के साथ बात करते हुए एक बहुत ही जबरदस्त जो हमारा अध्याय है उसको हम लोग आप सभी के सामने पेश करने जा रहे हैं और इस चैप्टर की डिमांड दोस्तों आप लोग देखते हैं कि बहुत सारे बच्चों के द्वारा बहुत समय से की जा रही थी और जैसा कि आप सभी से वादा किया गया था उस वादे को पीडब्ल्यू परिवार हमेशा से पूरा करता आ रहा है और जैसी कि आप लोगों की डिमांड थी उस डिमांड को भी हमारा पीडब्ल्यू परिवार पूरे तौर पर पूरा तत्पर पूरी तत्परता के साथ पूरा करने के लिए हाजिर है कक्षा 10वीं के हमारे प्यारे बच्चे जो अलग-अलग बोर्ड से हैं चाहे बिहार बोर्ड एमपी बोर्ड राजस्थान बोर्ड झारखंड बोर्ड छत्तीसगढ़ बोर्ड सीबीएससी बोर्ड भारत के हर हिंदी मीडियम बोर्ड के बच्चों के लिए अ
0:49 youtube2 है जिसका नाम है वीर सीरीज और इस वीर सीरीज के अंतर्गत आपके पेपर से पहले या फिर एक सप्ताह पहले आप देखते हैं कि ये सीरीज हमारी चल रही थी फिर हमने थोड़े टाइम के लिए उसको रोका और अब दोबारा से आज आप देखते हैं दोस्तों कि इस वीर सीरीज को हम लोग आप सभी के सामने कंटिन्यू कर रहे हैं नमस्कार नमस्कार आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है उम्मीद करते हैं दोस्तों कि आप लोगों तक हमारी आवाज बिल्कुल सही तरीके से पहुंच पा रही है गुड इवनिंग सर राधे-राधे सर जी राधे राधे नमस्कार सर कैसे हैं आप मैं एकदम बढ़िया हूं और उम्मीद करता हूं दोस्तों कि आप सभी लोग भी बहुत अच्छे होंगे और बहुत अच्छे तरीके से हमारी इस क्लास का बहुत बेसब्र के साथ बहुत आप देखते हैं दोस्तों कि बहुत एक्साइटमेंट के साथ आप लोग हमारी इस क्लास का इंतजार कर रहे होंगे हमारे इस वीर सीरीज के अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि सामाजिक अध्ययन के साथ-साथ आपकी गणित की साइंस के अंदर
1:36 ज्योग्राफी साइंस के अंतर्गत अगर हम बात करते हैं फिजिक्स केमिस्ट्री बायोलॉजी की उसी के साथ-साथ इंग्लिश की और हिंदी की सारे के सारे ये जो आपके सब्जेक्ट्स हैं ये आपको कि आप अगर क्लास की शुरुआत में जुड़ गए हैं तो क्लास के आखिर तक रहिएगा क्योंकि इस चैप्टर की हर एक कहानी हर एक बारीकी हर एक चीज आपके साथ हम लोग डिस्कस करते चलेंगे बहुत ज्यादा यह महत्त्वपूर्ण होता रखता है और आप देखते हैं दोस्तों कि आपके पेपर के संदर्भ में यहां से बहुत सारे सवाल हमारे बच्चों के सामने हमें आते हुए देखने को मिलते हैं ठीक है तो स्टार्ट कर देते हैं हमारे हर एक बच्चे का बहुत-बहुत स्वागत है और बहुत रोचक तरीके से दोस्तों
2:23 हम लोग क्या करेंगे अपनी आज की इस क्लास के जो हमारे सारे के सारे बिंदु हैं उसको डिस्कस करना जारी रखेंगे ठीक चलिए हां तो स्टार्ट करते हैं दोस्तों उम्मीद करते हैं कि हमारे साथ हमारा हर बच्चा गया है जोड़ अब समय को बिल्कुल भी व्यर्थ नहीं करते हुए हम लोग अपनी आज की इस क्लास को स्टार्ट कर लेते हैं जिस चैप्टर के बारे में आपका और हमारा डिस्कशन हो रहा है वो आपको दिख ही रहा है हमारे चैप्टर का नाम है भूमंडलीकृत विश्व का बन्ना ये वाला जो हमारा अध्याय है दोस्तों आप देखते हैं कि हमें कहां देखने को मिलता है इस अध्याय को हम लोग देख पाते हैं कि आपकी जो इतिहास वाली पाठ्य पुस्तक है ना वहां पर हमें ये चैप्टर देखने को मिलता है जिसको हम लोग हिस्ट्री के नाम से भी जानते हैं और हिस्ट्री के अंदर ना ये चैप्टर काफी ज्यादा ज्यादा आप देखते हैं दोस्तों कि बच्चों को घुमा देता है कंफ्यूज कर देता है बच्चे इसके अंदर सकपका जाते हैं तो आप लोग अपनी घबराहट को बिल्कुल ना रखें हर एक चीज आपके सामने यहां पर बिल्कुल
3:08 क्लियर रहेगी हम लोग बहुत रोचक तरीके से ये समझने की कोशिश करेंगे कि भैया जी आखिर इस चैप्टर के अंदर है क्या क्या-क्या पढ़ेंगे उसको एक बार डिस्कस करते हैं वैसे तो संपूर्ण चैप्टर पढ़ने वाले हैं लेकिन इस चैप्टर के अंदर क्या-क्या बारीकी होगी क्या-क्या बिंदु होंगे जिसको हम लोग डिस्कस करेंगे एक बार हम लोग उसको देख लेते हैं जय भीम भैया चलो स्टार्ट करते हैं तो यहां पर हम लोग दोस्तों सबसे पहले इस चैप्टर के अंदर आप सभी के साथ डिस्कशन करेंगे सिल्क रूट के बारे में सिल्क रूट क्या है कहां पर है कैसा है सिल्क रूट सिल्क रूट की पूरी कहानी हम उसको पढ़ेंगे उसके बाद फिर हम लोग जानेंगे दोस्तों कि भोजन की यात्रा भोजन की बात आ गई भाई भोजन का मतलब है कि आपके और हमारे व्यंजनों के अंदर आपके और हमारी प्लेटों में ये जो आने वाला खाना है ना इसकी उत्पत्ति हमारी आज की तो हमारे देश के अंदर हमें होती हुई दिखती है बहुत सारे ये जो खाने हुए लेकिन शुरुआत अलग-अलग प्रकार के जो हमारे ये
3:54 खाने के पदार्थ हैं ये दुनिया में कहां-कहां पर पैदा होते थे ये दुनिया के अलग-अलग इलाकों में कैसे पहुंचे उसे जानेंगे फिर हम लोग जानेंगे कि दुनिया के बहुत सारे देशों को ना गुलाम बना लिया गया और आप देखते हैं दोस्तों कि कुछ देश जैसे विशेषकर अगर हम लोग अमेरिका की बात करते हैं ना तो उस देश को गुलाम बनाने के लिए एक बीमारी की आप देखते हैं दोस्तों की मदद ले ली गई और इस बीमारी की मदद से अमेरिका गुलाम बना अमेरिका को जीत लिया गया क्या था ये बीमारी क्या थी इसकी पूरी कहानी वो जानेंगे फिर हम लोग डिस्कशन करेंगे 19वीं शताब्दी के बारे में जो 1815 से 1914 का हमारा कालखंड है और इस समय दुनिया के अंदर क्या बड़े बदलाव हमें होते हुए देखने को मिल रहे थे उसे हम लोग जानेंगे फिर हम लोग बात करेंगे दोस्तों एक बहुत ही महत्त्वपूर्ण बिंदु के बारे में और यहां से आपके पेपर के अंदर बहुत सारे प्रश्न हमें आते हुए दिखते हैं कहा जा रहा है कौन लॉ जिसे हम लोग मक्का का कानून भी कहते
4:41 हैं ये क्यों बना कैसे बना क्यों बनाया गया क्यों हटाया गया इसके बनने की और इसके हटने के बाद दुनिया में और विशेषकर यूरोप के अंदर क्या बड़े बदलाव और क्या बड़े चेंजेज हमें होते हुए दिखे थे उनको हम लोग डिस्कस करेंगे और उसके बाद दोस्तों हम लोग डिस्कस करेंगे किसके बारे में हम लोग डिस्कस करेंगे कि दुनिया में ना हमें टेक्नोलॉजी आती हुई दिखी यानी कि अलग-अलग प्रकार की मशीनों का आविष्कार होने लगा और इन मशीनों के आविष्कार हो जाने की वजह से दुनिया में क्या बदलाव हुए और विशेषकर मीट का जो व्यापार है गोश्त का जो यह व्यापार है इसमें क्या बदलाव हुआ उसको हम लोग जानेंगे इसके बाद फिर हम लोग बात करेंगे कि जब 19वीं सदी हमें खत्म होती हुई दिखी तो उसकी समाप्ति एक बीमारी से होती है जिसे रिडर पेस्ट बीमारी कहते हैं ये क्या है ये जानेंगे हमारे प्यारे भारत के अंदर बहुत सारे बंद वा मजदूर थे ये बंद वा मजदूर गिरमिटिया मजदूर या फिर आधुनिक मजदूर क्या है उनके बारे में जानेंगे उसके
5:26 बाद फिर हम लोग जानेंगे कि भारत के अंतर्गत बहुत सारे हमारे व्यापारी व्यापारी लोग रहे थे ये जो व्यापारी लोग थे ना ये दुनिया के दूसरे देशों में जाकर व्यापार करते थे और इसकी वजह से दुनिया में बहुत सारे बदलाव हमें आते हुए दिखे थे उसको समझेंगे फिर हम लोग दूसरे विश्व युद्ध की कहानी को जानेंगे दूसरे विश्व युद्ध के बाद दुनिया में बड़े तौर पर क्या हमें नई-नई आप देखते हैं दोस्तों कि इनोवेशंस होती हुई देखी वो देखेंगे फिर हम लोग विश्वव्यापी मंदी के बारे में पढ़ेंगे हम लोग आर्थिक मंदी या फिर विश्वव्यापी मंदी क्या है और भारत का इस पर क्या असर पड़ा वो पढ़ेंगे बात करेंगे ब्रेटन वुड्स इंस्टीट्यूशन के बारे में और फिर फिर हम लोग बात करेंगे दोस्तों कि दुनिया में देशों को आजादी किस तरीके से मिलती है और फिर हम लोग बात करेंगे दोस्तों आप सभी के साथ किसके बारे में भैया और फिर हम लोग बात करेंगे g77 के बारे में तो मोटे-मोटे तौर पर भाइयों और बहनों प्यारे बच्चों आप
6:13 सभी के सामने ये 12 टॉपिक होने वाले हैं जिसके अंदर हमारा ये पूरा का पूरा संपूर्ण अध्याय आपके सामने रख दिया जाएगा बस आपको इस बात का पूरा पूरा अपने आप से वादा करना है कि भाई क्लास के अंदर में अगर शुरुआत में अभी आ गया हूं अगर डेढ़ दो घंटे की हमारी ये क्लास होगी तो मैं पूरी तत्परता के साथ अपने इस चश्मे वाले भैया के साथ बैठकर इस पूरी क्लास को करूंगा क्योंकि मेरे पेपर के अंतर्गत यहां से बहुत सारे सवाल बनने वाले हैं मैं आपसे वादा करता हूं कि अगर आप लोग क्लास के आखिर तक जुड़े रहे तो आपके सामने इस चैप्टर से किसी भी तरीके का कोई भी कंफ्यूजन किसी तरीके से नहीं रहेगा और आप बिल्कुल बहुत अच्छे तरीके से इस चैप्टर के अंदर अपने पूरे में से पूरे मार्क्स ला सकते हैं चलिए स्टार्ट करेंगे दोस्तों और बहुत अच्छे तरीके से ये जो हमारा अध्याय है जिसको हम लोग कह रहे हैं भूमंडलीकृत विश्व का बनना इसके अंदर हम लोग इन 12 पॉइंट्स के अंदर अपने इस पूरे चैप्टर को पढ़ेंगे अब एक प्यारा सा बच्चा आएगा मास्टर साहब मास्टर साहब क्विज
6:59 नहीं कराओ ग क्या अरे मेरे लाल बहुत सारे एमसीक्यू के क्वेश्चंस भी आप सभी के सामने लेकर आएंगे और झम झमाझम कर देकर दोस्तों हम लोग आपके साथ अपने जो प्यारे से क्विज के क्वेश्चंस होंगे उनको भी हम लोग आप सभी के साथ रखते चलेंगे तो बहुत सारे क्विज के क्वेश्चंस आपके सामने आएंगे आप लोग क्या कर सकते हैं दोस्तों हमारी ये जो क्लास का लिंक है इसको अपने दोस्तों के साथ सहेलियों के साथ सहें के साथ शेयर कर सकते हैं ताकि अधिक से अधिक बच्चा हमारे साथ जुड़ सके और हर बच्चा अपने साथ जुड़ता हुआ अपनी पढ़ाई के और अपने ज्ञान के अर्जन को ज्यादा से ज्यादा बढ़ा सके सर जी आप आप का नाम क्या है हमारा नाम है सरजू महाराज बनारस वाले चलिए स्टार्ट करते हैं दोस्तों अब एक बार जल्दी से आप लोग हमें कमेंट्स के अंदर देंगे थम्स अप और फिर हम लोग क्या करेंगे दोस्तों आप सभी के साथ अपनी आज की ये जो कहानी होगी उसको डिस्कस करना शुरू करेंगे ठीक है मेरे को कमेंट्स के अंदर
7:45 कोई और चीज देखने को मांगता ही नहीं है सिर्फ और सिर्फ मेरे को क्या चाहिए दोस्तों आप देखते हैं कि जो थम्स अप वाली इमोजी होती है ये आप लोग शेयर करेंगे और फिर हम लोग जल्दी से आप सभी के साथ अपनी आज की क्लास को स्टार्ट कर देंगे बहुत बढ़िया राम राम भैया जी चलिए जल्दी से आप लोग स्टार्ट करेंगे अरे लगता है एसी चल नहीं रहा है जल्दी से चलिए ना एसी भैया चलो ओ हो हो हो हो हो चलो भैया है ना तापमान बढ़ा दिया गया है और बहुत अच्छे तरीके से दोस्तों अब हम लोग अपनी कहानी को यहां पर स्टार्ट कर रहे हैं और बहुत रोचकता के साथ हमारा ये पूरा का पूरा अध्याय आपके सामने बहुत मक्खन के तरीके से आने वाला है 839 हो गए हैं लेट्स बिगिन द क्लास और क्लास के ऊपर अपन लोग पूरा फोकस कर रहे हैं देखिए सबसे पहले अगर हम लोग समझने की कोशिश करें क्या कोशिश डिस्कस करें दोस्तों यहां पर ये जो हमारा पूरा का पूरा
8:32 चैप्टर है ना और अगर हम लोग इस चैप्टर के नाम को ही समझ लें तो हमारे लिए ना इस चैप्टर को समझ पाना बहुत ज्यादा आसान होगा दोस्तों अगर आप लोग देखें यहां पर एक शब्द रखा गया है जिसे हम लोग कह रहे हैं भूमंडलीकृत अगर मैं आपसे पूछना चाहूं कि आपके हिसाब से भूमंडलीकृत का मतलब क्या होता है क्या आप में से कोई दोस्त है क्या कोई हमारा प्यारा बच्चा है जो हमें बता सके कि भूमंडलीकृत का मतलब क्या होता है जल्दी बताइएगा चैप्टर का नाम ही है भूमंडलीकृत विश्व का बनना मेरे दोस्त मैं आपसे ये पूछ रहा हूं कि आपके हिसाब से से भूमंडलीकृत का या फिर भूमंडलीकरण का मतलब क्या होता है एक बार जल्दी से आपको बताना है जल्दी बताइए एक बार जल्दी से आप लोग बताएंगे कि ये जो भूमंडलीकृत है या फिर ये जो भूमंडलीकरण है इसका मतलब क्या होता है इसके बारे में आप सभी से मैं पूरे तौर पर आंसर हासिल करना चाहूंगा जल्दी बहुत बढ़िया अंकित भैया ने बिल्कुल
9:19 सही आंसर दिया है और बच्चे भी हमारे बहुत सारे सारे बच्चे अपने आंसर्स को दे रहे हैं सर इसका मतलब होता है ग्लोबलाइजेशन सर इसका मतलब होता है पृथ्वी सर इसका मतलब होता है व्यापार सर इसका मतलब होता है आयात निर्यात सर इसका मतलब होता है चीजों का लेनदेन करना बिल्कुल सही दोस्तों अब ये जो शब्द हमारे सामने है ना इसी को हम लोग भूमंडलीकरण भी कहते हैं या फिर आप लोगों ने ना इस शब्द को और अच्छे तरीके से समझा होगा इसको हम लोग वैश्वीकरण के नाम से भी जानते हैं कहीं सुना-सुना सा ये शब्द है जी हां आपने कक्षा 10वीं में अर्थशास्त्र के अंदर कक्षा नाइंथ के अंदर भी इस शब्द को सुना होगा अगर हम लोग वैश्वीकरण की बात करते हैं या फिर अगर हम लोग भूमंडलीकरण की बात करते हैं तो ये चीज एक ही है इसका मतलब क्या है भैया वैश्वीकरण या फिर भूमंडलीकरण का मतलब होता है कि आपकी जो दुनिया है ना वो क्या है दोस्तों कि एक तरीके से जुड़ी हुई है जैसे एक देश के
10:04 अंदर जो बना समान है वो दूसरे देश के अंदर जाता है दूसरे देश के अंदर जो बना सामान है वो तीसरे देश के अंदर जाता है है ना इसी को हम लोग वैश्वीकरण कहते हैं या फिर इसी को हम लोग भूमंडलीकरण कहते हैं तो भूमंडलीकरण और वैश्वीकरण क्या है कि भाई एक देश के अंदर बना कोई सामान है कोई वस्तु है वो अलग-अलग देशों के अंदर जा रही है इसी को हम लोग भूमंडलीकरण या फिर वैश्वीकरण कहते हैं अब देखिए ये जो हमारा अध्याय है ये इतिहास का है और सवाल यहीं से खड़ा हो होता है कि दुनिया के अंदर ये जो दुनिया के अलग-अलग देश एक दूसरे के साथ आप देखते हैं दोस्तों कि तालमेल बनाए हुए हैं दुनिया के अलग-अलग देशों के साथ आप देखते हैं कि व्यापार हमें होता हुआ दिखता है इसकी शुरुआत कब से हुई तो आज से लगभग 00 साल पहले आज से लगभग 35000 साल पहले अगर हम लोग देखते हैं तो दुनिया के अंतर्गत अलग-अलग प्रकार की सभ्यताएं हमें
10:49 देखने को मिलती थी ऐसा नहीं है दोस्तों कि ये जो व्यापार हो रहा है ये सिर्फ आधुनिक टाइम पर हो रहा है कि भैया 100 साल से हो रहा है 200 साल से हो रहा है 300 साल से हो रहा है आज से लगभग 2500 साल पहले आप देखते हैं दोस्तों कि पृथ्वी पर अलग-अलग सभ्यताएं हमें देखने को मिलती हैं सभ्यताओं का मतलब क्या हुआ कि पुराने टाइम के अंदर ना देश नहीं होते थे लोग जो थे वो इकट्ठे होकर एक सभ्यता यानी कि एक नदी के पास रहा करते थे और उसी को हम लोग सभ्यता कह रहे हैं यहां पर हम लोग देखें दोस्तों कि भारत के अंदर सिंधु नदी है जिसको हम लोग क्या कहते हैं सिंधु घाटी सभ्यता के नाम से जानते हैं ये सिंधु घाटी के लोग क्या करते थे दोस्तों आप देखते हैं कि ये दूसरे देशों की जो सभ्यता थी जो मिस्र की सभ्यता थी जो नील नदी के पास रहती थी मेसोपोटामिया उनके साथ व्यापार करते थे तो ये जो आप देख रहे हैं दोस्तों वैश्वीकरण या फिर भूमंडलीकरण है ना ये आज का नहीं है ये हजारों साल पहले का है और हजारों साल
11:36 से जो आप देखते हैं कि जो अलग-अलग सभ्यताओं के लोग थे ना वो एक देश के साथ समान का लेनदेन हुआ अलग-अलग प्रकार की चीजों ई दोस्तों क्या किया करते थे वो लेनदेन किया करते थे तो वैश्वीकरण जो है वो आप देखते हैं दोस्तों कि नया फिनोमिना नहीं है ये एक नई चीज नहीं है हजारों साल से ये हमारी पृथ्वी के ऊपर उपस्थित है लेकिन जब हम लोग मानव इतिहास को डिस्कस करते हैं जब हम लोग मानव के इतिहास को समझने की कोशिश करते हैं तो हमें क्या देखने को मिलता है दोस्तों कि वैश्वीकरण का एक बहुत ही अच्छा जो एग्जांपल या फिर वैश्वीकरण का एक बहुत ही अच्छी उपस्थिति जो हमें दिखती है जहां पर दुनिया के अधिकतर देश हमें जुड़ते हुए दिखे हैं वो हमें कहां से दिखे हैं दोस्तों वो हमें एक रूट से दिखे हैं जिसको हम लोग सिल्क रूट या फिर रेशम मार्ग के नाम से पुकारते हैं इसको बेटा सिल्क रूट भी कहा जाता है या फिर इसको हम लोग रेशम मार्ग के नाम से भी पुकारते हैं अब ये जो हमारा सिल्क रूट या
12:23 फिर रेशम मार्ग है कहां चलो इसको हम लोग समझने की कोशिश करते हैं देखो दुनिया के अंतर्गत अगर हम लोग देखें दुनिया के अंतर्गत अगर हम लोग देखें कि सन 1000 से सन 1000 से सन 1400 सन 1500 के आसपास तक की जो कालावधि रही है इन 4500 सालों तक आप देखते हैं कि दुनिया के जो बड़े-बड़े देश थे वो आपस में जुड़े हुए थे और एक रास्ता है जो शुरू होता था बेटा चीन से चीन से होता हुआ ये रास्ता भारत आता था भारत से होता हुआ ईरान जाता था ईरान से होता हुआ अरब देश जाता था और फिर आप देखते हैं कि यूरोप तक जाता था और इस रास्ते के जरिए आप देखते हैं दोस्तों कि ये रास्ता जमीनी तौर पर भी जुड़ा हुआ था और उसी के साथ-साथ आप देखते हैं कि पानी के रास्ते से भी इस रास्ते को कवर किया जाता था और इसी रास्ते को हम लोग किस नाम से पुकार रहे हैं इसी रास्ते को हम लोग सिल्क रूट के नाम से पुकारते हैं इसी रास्ते को अपन लोग किस नाम से पुकारते हैं इसी रास्ते को हम लोग
13:09 सिल्क रूट के नाम से पुकार रहे हैं है ना तो इस रास्ते के जरिए ना ये जो हमारा रेशम मार्ग रहा था इस रास्ते के जरिए हम देखते हैं कि बहुत सारी चीजें हमको होती हुई दिखती थी क्या-क्या चीजें हमें होती हुई दिखती थी दोस्तों इस रास्ते के जरिए हम देखते हैं कि चीन से बना जो सिल्क था सिल्क का मतलब जो रेशम का कपड़ा था वो भारत आता था भारत के बाद वो ईरान जाता था अरब देश जाता था या फिर हमें यूरोप आता हुआ दिखता था तो इस रास्ते के जरिए चीन से बने बने जो अलग-अलग प्रकार के कपड़े थे चीन के अंदर बने जो अलग-अलग प्रकार के कपड़े और बर्तन थे वो दुनिया के अलग-अलग देशों में जाया करते थे और दुनिया के अलग-अलग देशों से भी जो समान था वो यूरोप या फिर चीन जाया जाया करता था अच्छा ये जो रास्ता था ना इस रास्ते के जरिए सिर्फ व्यापार ही नहीं हुआ इस रास्ते के जरिए हम लोग देखते हैं दोस्तों व्यापार के साथ-साथ हम लोग देखते हैं कि क्या हुआ अलग-अलग
13:56 प्रकार के क्या थे दोस्तों कि जो विचार थे ना उनका भी आदान प्रदान हमें होता हुआ दिखा इस रास्ते के जरिए हम लोग क्या देखते हैं दोस्तों इस रास्ते के जरिए समान तो आता ही था एक देश से दूसरे देश में अपितु उसके साथ-साथ हम लोग और भी बहुत सारी चीजें इस रास्ते के जरिए एक देश से दूसरे देश में आते हुए देखते थे क्या-क्या चीजें आती थी दोस्तों अगर हम लोग ध्यान से देखें कि भारत के अंदर पैदा हुआ जो हमारा बौद्ध धर्म था ये बौद्ध धर्म चीन जापान कैसे पहुंचा ये इसी रास्ते के जरिए पहुंचा भारत का जो जैन धर्म था वो दुनिया भर में कैसे पहुंचा इसी रास्ते के जरिए पहुंचा ऐसे ही इस्लाम धर्म जो अरब देशों में पैदा हुआ था वो दुनिया भर में कैसे पहुंचा इसी रास्ते के जरिए पहुंचा ऐसे ही ईसाई धर्म जो यूरोप में पैदा हुआ था वो दुनिया के अलग-अलग देशों में कैसे फैला इसी रास्ते के जरिए फैला तो इस रास्ते के जरिए व्यापार तो
14:41 होता ही था उसी के साथ-साथ हम देखते हैं दोस्तों कि इस रास्ते के जरिए विचारों का भी आदान प्रदान होता था धर्म की ज्ञान की जो बातें थी वो भी एक देश से दूसरे देश के अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि बड़े तौर पर भेजी जा रही थी ठीक है तो यहां तक की बातचीत हमने आपके सामने रखी है ना तो यहां तक हमने हमने बहुत अच्छे तरीके से देखा कि जो पूरा का पूरा कालखंड रहा था इसके अंदर समान का तो लेनदेन होता ही था उसी के साथ-साथ हम देखते हैं कि इस रास्ते के जरिए विचारों को भी एक देश से दूसरे देश में हम लोग देखते हैं दोस्तों कि भेजा जाता था अगर हम लोग ध्यान से देखें कि क्या-क्या चीजें थी दोस्तों व्यापार के साथ और ज्ञान या फिर विचारों के आदान प्रदान के साथ-साथ इस रास्ते पर ना हमें और भी चीजों का लेनदेन होता हुआ दिखा और वो क्या चीजें हैं बेटा हम लोग बात कर रहे हैं कि जो बहुत सारे व्यापारी लोग आते थे ना ये अपने साथ सामान तो लाते ही थे अपने विचार भी एक दूसरे के साथ शेयर करते थे और
15:28 ये शेर करते थे बेटा क्या और ये शेयर करते थे अपने साथ भोजन भैया जो चीन के अंदर बना खाना था वो भारत पहुंचा भारत से वो यूरोप तक पहुंचा और अलग-अलग देशों तक हमें पहुंचता हुआ देखने को मिला जैसे आप लोग देखते हैं दोस्तों कि जो आज के समय में अगर हम लोग अपने आसपास बहुत सारी खाने पीने की चीजें देखते हैं ये आज तो हमारे भोजन का अंग बन गई हैं लेकिन इनकी उत्पत्ति या फिर इनका जन्म भारत में नहीं हुआ था जैसे हम एग्जांपल के तौर पर देखते हैं नूडल्स जिसे हम लोग साधारणतंत्र चीन से पैदा होकर जब यह भारत में पहुंची तो भारत में इसको सिवाई कहा गया और जब ये आप देखते हैं कि यूरोप में पहुंची तो उसको स्पेगेटी कहा गया तो एक ही तरीके का खाना अलग-अलग देशों में पहुंचकर अलग-अलग नाम और अलग-अलग तरीकों से खाया जाने लगा है ना उसी के साथ-साथ ये जो आलू है ये जो टमाटर
16:16 है मिर्च है सोया है शगर गंदी है जो आज के टाइम पर तो हमारे लिए बहुत ज्यादा खाने में महत्त्वपूर्ण होता रखती है आलू के बिना तो कोई खाना अपन लोग सोच ही नहीं सकते क्या तुम इमेजिन कर सकते हो कि कोई खाना जिसमें आलू नहीं हो लेकिन ये जो आलू है भारत का नहीं है मूंगफली भारत की नहीं है शगर गंदी भारत की नहीं है सोयाबीन भारत की नहीं है यह दुनिया के अलग-अलग देशों से आप देखते हैं दोस्तों क्या हुई है पूरी दुनिया के अंदर हमें फैलती हुई देखने को मिलती है अच्छा इसका अगर श्रेय दिया जाए कि इसका श्रेय अगर किसे दिया जाए कि वो कौन व्यक्ति है जिसने इन सभी सब्जियों को दुनिया के अलग-अलग देशों में पहचाने में बहुत बड़ा योगदान दिया तो उसका नाम है क्रिस्टोफर कोलंबस अब ये क्रिस्टोफर कोलंबस कौन है कहां से आते हैं इनसे मिलते हैं क्रिस्टोफर अंकल कैसे हो क्या हाल चाल है ऊप मिस कर रहे हो हमारे कक्षा 10वीं के बच्चों को हां मिस कर रहा हूं मिस कर रहा
17:04 भैया क्रिस्टोफर क्रिस्टोफर मिस कर रहा भैया आप सभी को और बताइए क्रिस्टोफर साहब क्या हाल चाल है ऊपर कैसी चल रही है आपकी जिंदगी बहुत बढ़िया चल रही है बेटा अरे अरे अरे क्रिस्टोफर अंकल कह रहे हैं कि सबको मिस कर रहे हैं और बहुत अच्छे तरीके से मिस कर रहे हैं बहुत बढ़िया क्रिस्टोफर अंकल आप हमारे कमल सर को जानते हैं हां हां गणित पढ़ाते हैं तुम्हारे अरे उनको भी जानते हैं गणित पढ़ाने वा ले कमल सर को भी जानते हैं कमल सर के बेस्ट फ्रेंड नहीं क्रिस्टोफर अंकल तो बात यहां पर कर रहे हैं हमारे प्यारे क्रिस्टोफर अंकल के बारे में और क्या है इनकी कहानी इनको हम लोग डिस्कस करते हैं कमल सर के बेस्ट फ्रेंड हैं है ना बता देंगे आपको आपके बेस्ट फ्रेंड के बारे में मिलवा देंगे आपसे चलिए अब यहां तक की बातचीत तो हमारी डिस्कस हुई अब हम लोग यहां पर ना समझने की कोशिश करेंगे कि भैया आखिर ये जो हमारे
17:50 क्रिस्टोफर अंकल रहे थे ये क्रिस्टोफर अंकल आखिर ये दुनिया के अंदर कैसे अलग-अलग तरीके की जो सब्जियां रही थी उसको पहचाने में बहुत बड़ा आप देखते हैं दोस्तों कि अपना योगदान दे देते हैं उसको हम लोग यहां पर समझने की कोशिश करते हैं ठीक है चलिए तो देखो सबसे पहले क्या था इसको ना हमें इस तरीके से समझना होगा आपके सामने मैंने विश्व का मानचित्र रख दिया और हमारे अधिकतर बच्चे इस चीज के बारे में जानते हैं बहुत सारे बच्चे नहीं जानते तो जिनको पता है बल्ले बल्ले जिनको नहीं पता मेरे भाई तो अब समझ ले ठीक है अब देखो यहां पर अगर हम लोग ध्यान से देखें हम लोगों ने ना बहुत बार इस बात को सुना है क्या सुना है हमने बहुत बार सुना है कि भैया अमेरिका की खोज हुई हमने बहुत बार शब्द को सुना है अमेरिका की खोज हुई और हमने बहुत बार सुना है भारत की खोज हुई है ना हमने ये भी सुना
18:35 है भारत की खोज हुई अरे भाई खोज कैसे हो सकती है किसी देश की क्या तुम्हारे दिमाग में ये सवाल नहीं आया कि कैसे किसी देश की खोज हो सकती है है ना अब देखिए जब हम लोग ये कहते हैं कि अमेरिका की खोज हुई जब हम लोग ये कहते हैं कि भारत की खोज हुई तो इसका मतलब है कि भाई अमेरिका तक जाने का रास्ता खोज लिया गया है जब हम ये कहते हैं भारत की खोज हुई तो उसका मतलब है कि भारत तक जाने का रास्ता खोज लिया गया है और इसी को हम लोग क्या कहते हैं भारत की खोज या फिर अमेरिका की खोज हुई अच्छा आपको याद है क्या याद है अभी-अभी हम लोग पढ़कर आए हैं क्या पढ़कर आए हैं अभी-अभी हमने पढ़ा है कि दुनिया के अंदर ना सिल्क रूट हुआ करता था जिसको हम लोग रेशम मार्ग कहते थे ये रेशम मार्ग चीन उसी के साथ भारत उसी के साथ ईरान अरब देश और यूरोप तक फैला हुआ था
19:20 और दुनिया ना इसे ही माना जाता था दुनिया जो थी वो इतनी ही मानी जाती थी कि भाई यही दुनिया है और इस तरफ वाला ये जो हिस्सा था ना इसके बाद बारे में तो किसी को कोई आईडिया ही नहीं था दुनिया के लोग इसके बारे में जानते ही नहीं थे सर कब तक नहीं जानते थे 1492 तक दुनिया को इस क्षेत्र के बारे में कोई भी जानकारी नहीं थी 1492 में ना हमारे क्रिस्टोफर अंकल जो थे ये क्या करते हैं दोस्तों कि अपने साथ तीन नाव को लेकर चलते हैं ये अपनी तीन नाव को लेकर चलते हैं और ये ना भारत की तरफ आना चाह रहे थे इन्होंने भारत के बारे में सुना था ये भारत की तरफ आने का रास्ता खोजना चाह रहे थे लेकिन जो इनकी नाव थी ना दोस्तों आप देखते हैं कि वो थोड़ी सी परिवर्तित हो जाती है और हवाएं जो थी इनके जहाज को दुनिया के एक नए नक्शे पर ले जाती है और ये यहां पर पहुंचते हैं और भाई यही जगह क्या कहलाती है बेटा यही जगह आज के टाइम
20:07 की हमारी अमेरिका या फिर आप देखते हैं कि यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका कहलाती है ठीक है तो क्रिस्टोफर कोलंबस क्या करते हैं 1492 में अमेरिका पहुंच जाते हैं और हो जाती है अमेरिका की खोज अब ये जब अमेरिका में गए ना तो क्रिस्टोफर कोलंबस आश्चर्य चकित रह गया क्यों क्योंकि भाई अमेरिका अपने आप में ही एक बहुत खूबसूरत देश था जैसे भारत को कहा जाता है एक ऐसा देश है जहां पर बहुत अच्छी हरियाली है जहां बहुत जबरदस्त जलवायु है जहां पर उत्पादन के लिए बहुत अच्छी जमीन है कुछ ऐसा ही हालात आप देखते हैं कि अमेरिका का भी था अमेरिका के अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि बड़े-बड़े घास के मैदान थे बहुत अच्छा मौसम था बहुत बड़े तौर पर यहां पर आपको दिखते हैं कि बहुत सारे संसाधन थे तो क्रिस्टोफर कोलंबस ने देखा कि ये तो बहुत अच्छी जगह है और यहां पर अलग-अलग प्रकार की फसलें उगाई जाती थी कौन-कौन सी फसलें उगाई जाती थी
20:53 बेटा आप देखते हैं कि इसी अमेरिका के आसपास आप देखते हैं कि आलू हुआ टमाटर मिर्च सोया तो दुनिया के अलग-अलग देशों में अमेरिका से आप देखते हैं कि जब अमेरिका का रास्ता खोज लिया गया तो अमेरिका से आलू आप देखते हैं कि यूरोप पहुंचता है फिर भारत और चीन दूर-दूर तक पहुंचना शुरू हो जाता है तो क्रिस्टोफर कोलंबस ही वो व्यक्ति रहे थे जिनके द्वारा ये जो खाने पीने का हमारा सामान था ये हमें दुनिया के अलग-अलग देशों में पहुंचता हुआ देखने को मिल रहा था अच्छा ये जो आलू था ना बेटा ये आलू तो यूरोप के देशों के लिए एक तरीके से अमृत हो गया आलू के अंदर आप देखते हैं कि क्या होता है आपकी बॉडी को गर्म रखने की तासीर होती है आप की बॉडी आलू खाने से अपने आप को क्या कर सकती है हीट प्रोवाइड करा सकती है गर्मी का एक अच्छा स्रोत है यूरोप के अंदर ना 8 महीने तक बहुत गर्मी पड़ती आठ आठ महीने तक बहुत
21:38 ठंड पड़ती है इतना ठंड पड़ती है दोस्तों कि बर्फ बर्फ हो जाता है और आपने बहुत सारी मूवीज में भी देखा होगा कि यूरोप के जितने भी देश हैं यहां पर आपको क्या दिखता है दोस्तों कि यूरोप के जितने भी देश हैं यहां पर बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है अब हुआ क्या कि जब आलू का आविष्कार हो गया ना तो यूरोप के अधिकतर देशों में आलू बहुत बहुत अच्छे तरीके से खाया जाने लगा और यूरोप के अंदर हमें एक देश दिखता है क्या कहा जाता है यूरोप के अंदर हमें एक देश दिखता है जिसको हम लोग किस नाम से पुकारते हैं आयरलैंड नाम से पुकारते हैं आयरलैंड के जो लोग थे ना वो तो आलू पर ही निर्भर हो गए थे और इतने ज्यादा निर्भर हो गए थे कोई फसल उगाते ही नहीं थे 1840 में ना यहां पर आलू की फसल खराब हो गई और इस आलू की फसल खराब हो जाने से इस देश में 10 लाख से भी ज्यादा लोगों की मौत हो गई और बड़े तौर पर इसे क्या कहा जाता है बेटा इसे इतिहास के अंदर हम लोग आयरिश अकाल के नाम से जानते
22:24 हैं क्या कहा जाता है इस अकाल को हम लोग आयरिश अकाल के नाम से जानते हैं ठीक है अब यहां तक की बातचीत हमने देख ली अब ना और हमने ये भी देख लिया कि दुनिया ने अमेरिका तक जाने का रास्ता खोज लिया है लेकिन अब हम ये देखेंगे ना कि अब अमेरिका को क्या किया जाएगा दोस्तों अब अमेरिका को गुलाम बना लिया जाएगा तो कैसे अमेरिका गुलाम बनेगा कैसे बनेगी अमेरिका की गुलाम बनने की कहानी और अमेरिका को गुलाम बनाने के लिए क्या तरकीबें अपनाई जाएंगी उसको हम लोग अब यहां पर एक-एक कर कर आपके सामने डिस्कस करेंगे ठीक है चलिए स्टार्ट करते हैं अब ना यहां से हम लोग आगे बढ़ना शुरू करते हैं और ये डिस्कस करने की कोशिश कर लेते हैं कि क्या होगा देखो जब आप देखते हैं दोस्तों कि क्रिस्टोफर कोलंबस ने अमेरिका जाने का रास्ता खोज लिया और जब उसने वापस यूरोप जाकर बताया कि भाई मैं एक ऐसी जगह पर होकर आया हूं जहां पर बहुत अच्छे बड़े-बड़े घास के मैदान हैं
23:11 जहां पर बहुत सारी सब्जियां हैं जहां पर भिन्न-भिन्न प्रकार के आप देखते हैं दोस्तों संसाधन है तो जितने भी ये यूरोप के देश थे ये तो दीवाने हो गए ये सारे के सारे लालची थे इन सारे यूरोप के देशों ने अलग-अलग जो यूरोप के देश के लोग थे इन्होंने उठाए अपने बड़े-बड़े पानी के जहाज और ये निकल पड़े कहां पर बेटा ये सब निकल पड़े अमेरिका की तरफ कि भैया भागो अमेरिका नामक जगह पर कब्जा कर लो क्योंकि अगर आप सबसे पहले पहुंच गए तो आप इस इलाके पर अपना अधिपत्य कर सकते हो तो यूरोप के बहुत सारे देश जो थे वो बड़े-बड़े पानी के जहाज लेकर निकलना शुरू कर देते हैं और इसके अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि यहां पर बहुत बड़े तौर पर यूरोप के जो बहुत सारे देश थे वो इस इलाके के ऊपर कब्जा करना शुरू करते हैं क्यों क्योंकि इस इलाके के अंदर हमें अकूत मात्रा में बहुत सारे भंडार देखने को मिलते हैं बहुत सारे खनिज ही खनिज यहां पर मौजूद थे अनाज के उत्पादन के लिए ये जगह बहुत अच्छी थी आप
23:56 यहां आलू उगाओ गेहूं उगाओ मक्का उगाओ शकर गंदी उगाओ हर एक तरीके से आप देखते हैं दोस्तों कि यह जीवन जीने के लिए बहुत अच्छी जगह थी अब ना ये जो पूरा का पूरा अमेरिका था ना इसको यूरोप के लोगों ने गुलाम बना लिया जैसे भारत को गुलाम बनाया था तो भारत के लोगों को डराया धमकाया भारत के लोगों को आप देखते हैं कि डर बनाकर अंग्रेजों ने गुलाम बनाया लेकिन अमेरिका को जब गुलाम बनाने की बात उठती है ना दोस्तों तो आप क्या देखते हैं कि यहां पर अमेरिकियों को डराना नहीं पड़ा अमेरिका के लोगों को मारना नहीं पड़ा आप क्या देखते हैं दोस्तों कि यहां पर एक बीमारी आती है और इस बीमारी की वजह से पूरा का पूरा जो अमेरिका था वो गुलाम बन जाता है कैसे अमेरिका को जीत लिया जाता है और आप देखते हैं कि अमेरिका को गुलाम बना लिया जाता है इसको हम लोग यहां पर समझने की कोशिश करेंगे तो देखो सबसे पहले पुर्तगाल और स्पेन ये जो दो देश थे जो यूरोप के अंदर ये दो देश हैं यहां के जो सैनिक थे ना वो
24:43 क्या करते हैं दोस्तों ये सबसे पहले अमेरिका पहुंचना शुरू करते हैं अब देखो कोई कंफ्यूजन तुम्हें अपने दिमाग के अंदर नहीं रहने देना है और बहुत अच्छे तरीके से तुम्हें हर एक चीज समझनी है हमने देख लिया कि यूरोप के देशों को पता चल चुका है कि भैया अमेरिका करके एक जगह है अब जितने भी ये यूरोप के देश थे ना ये धीरे-धीरे कर कर क्या करना शुरू कर देते हैं अमेरिका आना शुरू कर देते हैं और इनमें से अगर आप लोग देखें दोस्तों कि जो दो देश हैं कौन-कौन से देश हैं स्पेन जो देश है ये रहा स्पेन और दूसरा देश कौन सा है दोस्तों दूसरा देश है पुर्तगाल तो ये जो दो देश है ना इन देशों के जो सैनिक थे वो सबसे पहले अमेरिका आना शुरू करते हैं ठीक है भाई अमेरिका आ गए अच्छा अमेरिका आने से पहले ना पूरे के पूरे यूरोप में एक बीमारी फैली थी कौन सी बीमारी फैली थी पूरे के पूरे यूरोप में एक बीमारी फैली थी अमेरिका में इस तरी आने से पहले और इस बीमारी को हम लोग क्या कहते हैं हैं बेटा इस बीमारी को
25:29 हम लोग चेचक बीमारी के नाम से जानते हैं चेचक की बीमारी में आपकी बॉडी के ऊपर इस तरीके के रेड रेड डॉट्स हो जाते हैं और ये बीमारी बड़ी खतरनाक है यूरोप के अंदर ये बीमारी पैदा होती है और यूरोप के लोग धीरे-धीरे इस बीमारी से लड़ने में पूरी क्षमता दिखा लेते हैं जैसे कोरोना बीमारी आई थी तो धीरे-धीरे हमारी बॉडी कोरोना वैक्सीनेशन के बाद अपने आप को कोरोना से लड़ने में सक्षम कर लेती है कुछ ऐसी ही कहानी यूरोप के अंदर हुई यूरोप में चेचक की बीमारी आई धीरे-धीरे यूरोप के लोग इस बीमारी से लड़ने में सक्षम हो गए और ये बीमारी उनके लिए ज्यादा खतरनाक थी लेकिन अगर आप ध्यान से देखें क्या ध्यान से देखें कि जो अमेरिका के लोग थे वो तो पूरी दुनिया से एकदम अलग थे जब स्पेन और पुर्तगाल के ये लोग अमेरिकी लोगों के संपर्क में आए तो आप देखते हैं दोस्तों कि क्या हुआ कि इन लोगों ने ना ध्यान से देखिएगा कि यहां पर स्पेन पुर्तगाल के य लोग हैं और ये रहे अमेरिकी लोग तो जब ये
26:15 स्पेन पुर्तगाल के लोग अमेरिकी लोगों के संपर्क में आए तो इन्होंने क्या कर दिया इन्होंने ये जो चेचक के जीवाणु थे इन जीवाणुओं को इन अमेरिकियों के अंदर फैला दिया ना चाहते हुए आप क्या देखते हैं दोस्तों कि ना चाहते हुए ये जो स्पेन के लोग थे ना इन्होंने क्या कर दिया स्पेन पुर्तगाल के लोगों ने अमेरिकी लोगों के अंदर इस बीमारी के जीवाणुओं को फैला दिया और अमेरिकी लोग इस बीमारी से लड़ नहीं सकते थे क्योंकि वो दुनिया से बिल्कुल अलग थे तो उनकी जो बॉडी के अंदर लड़ने की क्षमता थी वो बहुत कम हो गई थी और अमेरिका के लोग जब इस बीमारी की चपेट में आए जिसे चेचक कहा जाता है तो वो इस बीमारी से बिल्कुल भी नहीं लड़ पाए और आप देखते हैं दोस्तों कि जो पूरे के पूरे ये अमेरिकी लोग रहे थे जो अमेरिका के मूल निवासी हैं जब ये पुर्तगालियों के संपर्क में आए स्पेन के लोगों के संपर्क में आए तो इस बीमारी की वजह से ये बहुत बड़े तौर पर आप देखते हैं दोस्तों कि क्या हो गए बीमार हो गए और इसी की मदद से क्या हुआ दोस्तों इसी
27:00 की मदद से जो पूरा का पूरा अमेरिका था ना वो बीमार पड़ गया और इतना बीमार पड़ गया कि बहुत बड़ी जो पॉपुलेशन है अराउंड 90 पर के करीब जो अमेरिका की पॉपुलेशन थी मूल निवासियों की वो खत्म हो गई और यूरोप के लोगों ने आसानी से पूरे के पूरे अमेरिका को कब्जे में कर लिया है ना पूरा का पूरा जो यूरोप था आप देखते हैं दोस्तों कि उसको कब्जे में कर लिया गया यहां तक की कहानी हमने आपके सामने रखी अच्छा उसी के साथ-साथ आप देखते हैं फिर क्या हुआ दोस्तों उसी के साथ-साथ हमें दिखता है कि अब यूरोप पर कब्जा तो कर लिया गया उसी के साथ-साथ हमें क्या देखने को मिलता है दोस्तों कि अब ना और जो यूरोप के देश थे वो भी अमेरिका आना शुरू कर देते हैं ठीक है क्यों आना शुरू कर रहे हैं क्योंकि यहां पर जो लोग हैं आप देखें कि यूरोप के अंदर महंगाई बढ़ चुकी है और आप देखते हैं कि यूरोप के अंदर आप देखते हैं कि बीमारियां फैली हुई हैं तो यूरोप के अंदर ये जानकारी फैल चुकी है कि भैया अमेरिका करके एक जगह है वहां चलो
27:47 वहां बड़ी-बड़ी जमीन है तो बहुत सारे लोग यूरोप से अमेरिका आकर बसना शुरू कर देते हैं और यहां पर आप देखते हैं कि फिर अमेरिका को पूर्णतः इस चेचक की बीमारी से गुलाम बना लिया जाता है अच्छा इस कालखंड में अगर हम लोग बात करें भारत की और चीन की क्या स्थिति थी तो इस कालखंड में अगर आप लोग बात करें दोस्तों भारत एक ऐसा देश था जो सोने की चिड़ियां कहलाया करता था आप लोगों ने जरूर सुना होगा भारत को सोने की चुड़िया कहा जाता था तो ये वही टाइम है जब भारत सोने की चुड़िया था यानी कि हम बहुत ज्यादा अमीर थे दुनिया में उस टाइम तक दुनिया में दो ही मशहूर और अमीर देश थे एक होता था चीन और दूसरा होता था भारत और चीन और भारत दुनिया के अमीर देश हुआ करते थे हालांकि चीन ने आप देखते हैं दोस्तों कि अपने आप को अपने देश तक ही सीमित कर लिया था और भारत के ऊपर धीरे-धीरे आप देखते हैं कि अंग्रेजों ने कब्जा करना शुरू कर दिया था और बाद में ये जो पूरा का पूरा केंद्र
28:32 अमेरिका और ये जो आप देखते हैं कि चीन और भारत था ये केंद्र अमेरिका की तरफ होना आप देखते हैं दोस्तों कि हमें शुरू होता हुआ दिखता है अब यहां तक हमने जो पॉइंट्स पढ़े हैं इनके कुछ सवाल आपके साथ करेंगे और समझने की कोशिश करेंगे आप में से कितने बच्चे हमारे बिल्कुल सही सही आंसर को पेश करेंगे तैयार हो जल्दी बताइए पोल करें जल्दी बताइए स्टार्ट करें एक बार झम झमाझम कर कर हम लोग आपके सामने रखेंगे अपने बोल्स को और आपको बता देना होगा मास्टर साहब मास्टर साहब साहब पोल कराइए ना जल्दी बताइए स्टार्ट करें कुछ पोल के क्वेश्चंस तुम्हारे सामने आएंगे और बहुत अच्छे तरीके से तुम लोगों को अपने को पोल के आंसर्स या क्विज के आंसर्स हमारे सामने रखने हैं ठीक है स्टार्ट कर रहे हैं बेटा आपके सामने तड़कता भड़कता सवाल है आपके पेपर के अंदर आया है और बहुत अच्छे तरीके से आप लोगों को इसका आंसर हमारे समक्ष रखना है दोस्तों पूछा जा रहा है और आप सभी के सामने ये
29:19 सवाल काफी ज्यादा महत्त्वपूर्ण रखता है कि एशिया यूरोप और अफ्रीका को जोड़ने वाले रास्ते को अपन लोग क्या कह रहे हैं चार ऑप्शंस तुम्हारे सामने हैं और फट फटाफट कर कर जल्दी से तुम्हें अपने सही आंसर को मेरे सामने पेश करना है जल्दी बताओ जल्दी से आपको अपने आंसर को पेश करना है फट फटाफट कर कर तुम्हें अपने आंसर को पेश कर देना है जल्दी से एशिया और यूरोप को और उत्तरी अफ्रीका को जोड़ने वाले रास्ते को अपन लोग क्या कह रहे हैं ए बी सी डी जल्दी-जल्दी से आप लोगों को अपने आंसर्स को हमारे सामने पेश करना है बहुत बढ़िया बहुत अच्छे तरीके से तुम्हारे आंसर्स हमारे साथ शेयर किए जा रहे हैं और बढ़ते हैं आगे देखा जाए दोस्तों कि एशिया को यूरोप और उत्तरी अफ्रीका से जोड़ने वाले रास्ते को अपन लोग सिल्क रूट या फिर रेशम मार्ग के नाम से पुकारते हैं ऑप्शन बी अपन का बिल्कुल सही है और अराउंड देखा जाए ओ हो हो 99 पर बच्चा हमारा बिल्कुल
30:06 सही दिया मजा आ गया बहुत बढ़िया बेटा बहुत अच्छे तरीके से आप लोग अपने आंसर को हमारे सामने पेश कर रहे हैं अगला सवाल है पूछा जा रहा है कि निम्नलिखित में से किस देश के जो लोग थे उन्होंने सबसे पहले अमेरिका पर कब्जा किया पुर्तगाल स्पेन पुर्तगाल स्पेन दोनों या फिर इनमें से कोई भी नहीं जल्दी से आपको अपने सही आंसर को हमारे समक्ष पेश करना है जल्दी बताइए बेटा कि इनम से वो कौन से देश था जिसके सैनिकों ने सबसे पहले अमेरिका पर अपना आधिपत्य कर लिया
30:54 था बहुत अच्छे तरीके से दोस्तों आप लोगों के आंसर आ रहे हैं होता है कंप्लीट तो देखा जाए दिए गए ऑप्शंस में से आप देखते हैं दोस्तों कि पुर्तगाल और स्पेन दोनों देशों के जो सैनिक थे इन्होंने ही चेचक की बीमारी फैला दी थी और फिर इन्हीं के द्वारा यू आप देखते हैं कि अमेरिका को सबसे पहले गुलाम बनाया गया ऑप्शन बी सॉरी ऑप्शन सी हमारा बिल्कुल सही था अरे मैंने गलत ऑप्शन चूज कर दिया कोई बात नहीं ऑप्शन सी हमारा बिल्कुल सही था 77 पर बच्चों ने बिल्कुल सही आंसर हमारे सामने रखा है बढ़ते हैं आगे अगला सवाल था कि अमेरिका के जो हमारे ये मूल निवासी हैं इनके ऊपर बेसिकली वो कौन सी बीमारी आ गई थी जिसकी वजह से अमेरिका अका के लोग गुलाम बन गए यूरोप के देशों का चिकन पॉक्स खसरा चेचक या फिर
31:56 पायलेरिड टाइम हमारा गुजर रहा है दोस्तों और देखते हैं हम सभी को बताए कि अमेरिका के अंदर जितने भी हमारे यह मूल निवासी रहे थे इनके ऊपर आप लोग देखते हैं कि एक बहुत ही खतरनाक बीमारी आती है जिसको हम लोग चेचक बीमारी कहते हैं और इस चेचक बीमारी की वजह से ही अधिकतर अधिकतर अमेरिका के जो मूल निवासी थे वह खत्म हो गए थे ऑप्शन सी हमारा बिल्कुल सही है और 94 पर बच्चे हमारे बिल्कुल सही आंसर दिए हैं बहुत अच्छा बेटा चलो अगला सवाल है पूछा जा रहा है कि आलू का काल किस देश में हुआ था बहुत अच्छा सवाल है और बहुत बार पेपर में आया है बहुत बार पेपर में आया है सीधा प्रश्न बदर से उठाकर आपके सामने रखा है इंग्लैंड आयरलैंड स्पेन या फिर अमेरिका इनमें से वो कौन सा देश है जहां पर आलू काकाल आता है और बहुत बड़ी संख्या में लोग अपना जीवन खो देते
32:41 हैं जल्दी बहुत अच्छे तरीके से दोस्तों आप लोगों के आंसर्स हमारे समक्ष आ रहे हैं और बहुत सारे बच्चे बिल्कुल सही सही आंसर हमारे सामने रख रहे हैं टाइम होता है कंप्लीट दोस्तों ये जो हमारा आलू का काल है आप सभी को पता है कि ये आयरलैंड के अंदर आया था और जिसकी वजह से इसको हम लोग आयरिश अकाल भी कहते हैं जिसमें लाखों लाख आयरलैंड के लोग मर गए थे ऑप्शन अब देखते हैं दोस्तों कि जो हमारा बी है ये बिल्कुल सही ऑप्शन है अराउंड 63 पर बच्चों ने बिल्कुल सही आंसर दिया है चलो बढ़ते हैं आगे अगला सवाल हमारे सामने होगा पूछा जा रहा है और इसका आंसर आपको देना है कि नूडल्स किस देश का मूल है किस देश से नूडल्स की उत्पत्ति हुई चीन भारत स्पेन अ या फिर यूरोप या फिर जापान चार ऑप्शंस
33:27 आपके साथ सामने है और फट फटाफट कर कर आपको अपने सही आंसर को पेश करना है जल्दी बताइएगा नूडल का जन्म या फिर नूडल की उत्पत्ति आप लोग कहां से आते हुए देख र हैं चलो बहुत बढ़िया बेटा और बहुत अच्छे तरीके से आप लोगों ने अपने आंसर्स को हमारे सामने यहां पर प्रस्तुत किया है जल्दी से हम लोग इस आंसर को देखते हैं कि जो नूडल है वो बेसिकली आप देखते हैं कि कहां से पैदा हुआ है वो चीन से पैदा हुआ जब यह भारत में पहुंचा तो इसको हमने सिवाई के नाम से जाना और उसी के साथ-साथ जब यह यूरोप पहुंच गया तो उसम हमने स्पेगेटी के नाम से आप देखते हैं दोस्तों कि जानना
34:12 शुरू कर दिया तो ऑप्शन ए हमारा यहां पर बिल्कुल सही ऑप्शन है और 89 पर दोस्तों ने बिल्कुल सही आंसर दिया है अब एक और आखिरी सवाल देखेंगे और फिर दोबारा कहानी की तरफ आपको ले जाना शुरू कर देंगे ठीक है पूछा जा रहा है कि क्रिस्टोफर कोलंबस आलू जो था वह कहां से लेकर आया कहां से आलू पूरी दुनिया में हमें फैलता हुआ दिखा यह ऑप्शन आपके सामने हैं इंग्लैंड से अमेरिका से भारत से या फिर अफ्रीका से और जल्दी से आपको अपने सही आंसर को हमारे सामने रख देना है जल्दी हां जी बहुत अच्छे तरीके से हमारे बच्चे अपने आंसर्स को हमारे सामने पेश कर रहे हैं और बहुत रोचक तरीके से हर एक चीज हमारे सामने यहां पर रखी जा आ रही है अब
34:58 ना यहां तक की जो हमारी बातें रही उसको हमने मोटे-मोटे तौर पर आपके सामने रखा और बच्चों के भी आंसर्स बिल्कुल सही आए हैं देखते हैं कि जो क्रिस्टोफर कोलंबस भाई साहब थे ये अमेरिका से आलू को उठाते हैं और उसके बाद फिर यूरोप यूरोप से फिर आप देखते हैं कि भारत और फिर दुनिया तक फैल जाता है ऑप्शन बी हमारा बिल्कुल सही ऑप्शन है है ना ऑप्शन बी हमारा बिल्कुल यहां पर सही ऑप्शन हमें दिख रहा है और देखा जाए तो 84 पर दोस्तों ने बिल्कुल सही आंसर दिया है चलिए बेटा ठीक है अब यहां तक की जो कहानी थी वो तो हमने समझ ली अब वापस हम लोग चलते हैं जिस पॉइंट को लेकर हमारा डिस्कशन हो रहा था अब हमारे सामने एक नया पॉइंट आएगा जिसको हम लोग क्या कह रहे हैं जिसको हम लोग 19वीं शताब्दी के नाम से पुकार र हैं आप सभी के सामने दोस्तों एक शब्द रखा जा रहा है जिसे कहा जा रहा है शताब्दी शताब्दी का मतलब क्या होता है दोस्तों शताब्दी का मतलब होता है 100
35:45 सालों का समूह है ना जब हम लोग कहते हैं क्या दोस्तों इस शब्द को आपको क्लियर करना है जब हम लोग कहते हैं सदी या फिर हम लोग कहते हैं शताब्दी तो इसका मतलब क्या है दोस्तों इसका मतलब है 100 साल सालो का समूह है ना 100 सालों के समूह को हम लोग क्या कहते हैं शताब्दी या फिर समूह कहते हैं और जब हम लोग बात करते हैं किस चीज के 10 सालों के समूह के बारे में तो इसको क्या कहा जाता है 10 सालों के समूह को हम लोग कहते हैं दशक क्या कहा जाता है दोस्तों इसको हम लोग दशक कहते हैं ठीक है चलिए बढ़ते हैं आगे अब यहां से हमारी जो आगे की कहानी है उसको हम लोग एक-एक कर कर आगे बढ़ाएंगे अब देखो दुनिया के अंदर ना एक शताब्दी हमें होती हुई दिखी है जिसे हम लोग 19वीं शताब्दी कह रहे हैं और आपकी पाठ्य पुस्तक के अंदर विशेषकर 19वीं शताब्दी को इस तरीके से दिखा रहे हैं 1815
36:32 से 1914 तक बेसिकली इन 100 सालों में 1815 से 1914 तक ना दुनिया में ना बहुत बड़े-बड़े बदलाव हुए 1815 से पहले की दुनिया बहुत अलग थी और 1815 से 1914 की दुनिया अलग हमें देखने को मिलती है इसमें क्या हुआ इस कालखंड में ना दुनिया में हमें बहुत तेजी से बदलाव होता हुआ देखने को मिला 1815 से 1914 के बीच में 100 सालों में दुनिया में बहुत जबरदस्त तौर पर में बदलाव होता हुआ दिखा भाई क्या बदलाव होता हुआ दिखा हम देखते हैं दोस्तों कि इस अवधि में ना दुनिया के अलग-अलग देशों में सामाजिक राजनीतिक और आर्थिक बदलाव होते हुए देखिए सामाजिक तौर पर दुनिया में महिलाओं को भी अधिकार दिया जाने लगा राजनीतिक तौर पर इन्हीं 100 सालों में राजतंत्र को खत्म करकर लोकतंत्र को आगे बढ़ाने की बात की गई आर्थिक तौर पर बात की
37:18 जाए दोस्तों तो दुनिया के अंदर कारखाने बनने शुरू हुए तो लोगों के पास पैसा आना शुरू हुआ तो इन 100 सालों में दुनिया पूरे तौर पर बदली है यहां पर लोग लोकतंत्र को पसंद करने लगे राजतंत्र खत्म होने लगा महिलाओं को समान दिया अधिकार दिए जाने लगे और उसी के साथ-साथ लोगों के पास कारखाना बनाने ल लगाने लगे और उससे आप देखते हैं कि लोगों की जिंदगी अच्छी हुई अच्छा इस काल अवधि में ना हमें तीन चीजें बड़े तौर पर होती हुई दिखती हैं क्या कि इन 100 सालों में तीन चीजें हुई सबसे पहले हम देखते हैं दोस्तों कि व्यापार का आदान प्रदान हुआ व्यापार का आदान प्रदान का मतलब कि एक देश का बना हुआ सामान दूसरे देश में इन 100 सालों में बहुत ज्यादा किया जाने लगा इससे पहले भी होता था हजारों साल पहले भी होता था लेकिन इन 100 साल में व्यापार की जो गति थी वो बहुत तेजी से हमें बढ़ती हुई देखने को मिलती है उसी के साथ-साथ दोस्तों इन 100 सालों में
38:04 ना व्यापार तो हुआ ही था उसी के साथ-साथ एक देश के जो मजदूर थे वो दूसरे देशों में बेजे जाने लगे तो इन 100 सालों में 1815 से 1914 तक हम देखते हैं कि एक देश का सामान दूसरे देश में भेजा जा रहा है और इन्हीं 100 सालों में दुनिया के एक देश के मजदूर दूसरे देश में काम करने के लिए भेजे जा रहे हैं और तीसरी चीज थी कि एक देश के अंदर जो पूंजी थी एक देश का जो पैसा था वो दूसरे देश में इन्वेस्ट किया जा रहा है मान लो कि कोई आप देखते हैं तो यूरोप का अमीर आदमी है वो अमेरिका के अंदर जमीन खरीदकर वहां पर खेती करा रहा है तो उसने वहां पर अपनी एक तरीके से पैसे को लगाकर और समान पैसा बनाने की कोशिश की जैसे मान लीजिए कि एक अंग्रेज अधिकारी है वो भारत के अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि अपने कारखाने को स्थापित करता है तो इस काल अवधि में 1815 से 1914 के बीच में दुनिया में तीन बड़ी चीजें होती हुई दिखी एक देश
38:51 का सामान दूसरे देश में बहुत तेज गति से जाना शुरू हुआ एक देश के मजदूर दूसरे देश में बहुत तेज गति से भेजे जाने लगे और उसी के साथ-साथ एक देश के अंदर जो पैसा था वो दूसरे देश के अंदर लगाया जाने लगा ताकि वहां से फायदा उठाया जा सके और इस काल अवधि में ना दोस्तों हम लोग देखते हैं कि क्या हुआ कि दुनिया के जो लोग थे ना उनकी एक सोच में परिवर्तन आता हुआ दिखा पता है इससे पहले तक ध्यान से सुनिए 1815 से पहले तक ना दुनिया के अंदर जो अधिकतर लोग थे उनका मानना था कि भैया हमें क्या करना है हमें तो खेती की तरफ जाना है हम लोग खेती की तरफ चलकर क्या कर सकते हैं अपना पूरा का पूरा फायदा कर सकते हैं बहुत अच्छे तरीके से हम लोग इसको अच्छे तरीके से समझेंगे ताकि कोई भी कंफ्यूजन तुम्हारे सामने नहीं रहे देखो इस बात को हम लोग समझेंगे कि सन 1815 से 1914 की ये जो
39:36 दुनिया है इन 100 सालों में इससे पहले तक की दुनिया को अगर आप ध्यान से देखें तो यह माना जाता था कि भैया अगर तुम कृषि करोगे ना तो इसका मतलब है कि तुम्हारा क्या होगा तुम्हारा विकास होगा तुम अच्छा पैसा बना सकते हो लेकिन 1815 से 1914 में एक चीज हमें होती हुई दिखी जिसको हम लोग क्या कहते हैं दोस्तों जिसको हम लोग कहते हैं बिजली अरे भाई बिजली का आकार हो गया और बिजली के आविष्कार हो जाने की वजह से अब बड़े-बड़े कारखाने बनाए जाने लगे और कारखानों के अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां लगने लगी और इन फैक्ट्रियों के अंदर अब खाने को कोई ज्यादा पसंद नहीं करता था खेतीबाड़ी को छोड़ दिया गया और लोग कारखाने में अधिक से अधिक कारखाने लगाकर ज्यादा पैसा बनाने लगे तो पूरे यूरोप के अंदर एक अलग तरीके की सोच दिखी पहले लोग खेतीबाड़ी कर करर पैसा
40:21 कमाते थे लेकिन जब बिजली का आविष्कार हो गया कारखाने फैक्ट्रियां खुलने लगी तो सभी लोग बिजली कारखाने ने खोलना शुरू कर दिए और जो कृषि थी ना वो पूरे के पूरे यूरोप में आप देखते हैं दोस्तों कि उसकी बहुत बड़ी कमी हो गई कितनी बड़ी कमी हो गई कि जो ये यूरोप के लोग थे ना ये क्या करते थे बेटा कि जो ये यूरोप के लोग थे ये सिर्फ और सिर्फ मशीनें और कारखाने खोले जा रहे हैं फैक्ट्रियों पे फैक्ट्रियां खोले जा रहे हैं और इन्होंने क्या कर दिया खेतीबाड़ी पर ध्यान देना बंद कर दिया और ये दूसरे देशों से जैसे आप देखते हैं कि ये अमेरिका से बहुत सारा अनाज अपने यहां पर मंगवाने लगे ये ऑस्ट्रेलिया से अपने यहां पर बहुत सारा अनाज मंगवाने लगे ये आप देखते हैं दोस्तों कि रूस से बहुत सारा अनाज अपने यहां मंगवाने लगे खुद फैक्ट्री में मशीनें बनाते कारखाने बनाते बिजली से और अनाज जो था वो इन दूसरे देशों में यहां
41:08 पर आया करता था और आप देखते हैं दोस्तों कि इसी काल अवधि में ना हमें दिखता है दोस्तों कि दुनिया के अंदर हमें क्या आता हुआ दिखता है एक चीज आती हुई दिखती है जिसे हम लोग कहते हैं कॉन लॉ या फिर मक्के का कान अब ध्यान से सुनना ये जो बात मैं तुम्हें बताने जा रहा हूं तुम्हारे पेपर में बिल्कुल आएगी और एक से बढ़कर एक जो ज्ञानी है कक्षा 10वीं के अंदर वो इसके अंदर कं फुजिया जाता है कि सर ये क्या है ये कौन लॉ क्या है इस कौन लॉ को क्यों लाया गया क्यों हटाया गया इसको मक्खन के तरीके से समझेंगे तो पूरा फोकस स्क्रीन पे रखिएगा मक्खन के तरीके से हम लोग कौन लॉ की पूरी कहानी को समझेंगे सबसे पहले कौन क्या होता है वो जानो कौन-कौन कौन-कौन सर जी कौन है अरे मेरे लाल कौन का मतलब होता है मक्का कौन का मतलब क्या होता है बेटा कौन का मतलब होता है मक्का दिखने में कुछ इस तरीके से होती है है ना मक्का ये हमारी भुट्टा जिसे कहा जाता है है ना अब ये
41:55 हमारा भुट्टा है यही हमारा मक्का है यही हमारा कौन है अब इसको लेकर आप देखते हैं दोस्तों कि एक बहुत बड़ी चीज आती हुई दिखेगी जो पूरी दुनिया को आप देखते हैं दोस्तों कि प्रभावित करेगी ठीक है आप सभी लोग मेरे साथ हैं जल्दी बताइएगा क्या आप सभी लोग मेरे साथ हैं स्टार्ट करें एक बार जल्दी से आप लोग बताएंगे कि यस सर हम लोग तैयार हैं एक बार फट फटाफट करकर आप लोग जल्दी से क्या करेंगे दोस्तों कमेंट्स के अंदर फायर वाली इमोज शेयर कर देंगे और हम लोग फिर यहां से कौन लॉ की जो पूरी कहानी है उसको आप सभी के सामने डिस्कस करेंगे जल्दी बताइएगा क्या सब तभी क्या आप सभी लोग हमारे साथ उपस्थित हैं कहीं बराबर में तो नहीं निकल गए है ना ब थोड़ा बहुत कंफ्यूजन होता है इसको हम लोग क्लियर करते चलेंगे बिल्कुल तैयार हैं एक बार फट फटाफट कर कर आप लोग क्या करेंगे बेटा हमारे साथ जो हमारी ये फायर वाली इमोजी है ये शेयर करेंगे एंड देन वी विल बिगिन सर भूख लग रही है चाउमीन ऑर्डर कर दिए जीने आए लल्ला
42:43 चलिए बहुत बढ़िया स्टार्ट कर रहे हैं अब यहां से हम लोग अपने इस प्यारे से बिंदु को डिस्कस करेंगे ताकि कोई भी कंफ्यूजन तुम लोगों के दिमाग में नहीं रहे और पूरे अच्छे तरीके से तुम्हें समझते चलना है देखो अभी-अभी हमने क्या पढ़ा अभी-अभी हमने पढ़ा कि सन 1815 से 1914 का ये जो पूरा का पूरा कालखंड है इस कालखंड में हमने देख लिया कि दुनिया के अंदर यह बात की जा रही है कि हम लोग खेती की तरफ ध्यान नहीं देंगे बल्कि मशीनों को हमने लगाना शुरू करना है और अब क्या हुआ दोस्तों कि यही परेशानी पूरे तौर पर एक देश में हमें देखने को मिलती है यूरोप में बहुत सारे देश थे और यूरोप का एक देश है जिसे हम लोग किस नाम से पुकारते हैं जिसे हम लोग ब्रिटेन कहते हैं और ब्रिटेन को हम लोग अंग्रेज भी कहते हैं है ना यही अंग्रेज ब्रिटेन के अंदर रहते हैं अब ब्रिटेन के अंदर रहने वाले जो लोग थे ना इन लोगों ने क्या किया दोस्तों कि ये सिर्फ और सिर्फ फैक्ट्रियां लगा रहे थे
43:30 कारखाने ही कारखाने खोले जा रहे थे और ये लोग किस चीज पर ध्यान बिल्कुल नहीं दे रहे थे ये लोग कृषि की तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दे रहे थे ये लोग खेतीबाड़ी पर ध्यान नहीं दे रहे थे अब ब्रिटेन के अंदर क्या हुआ दोस्तों कि ब्रिटेन की जनता क्या करती थी ब्रिटेन में लोग तो रहते थे तो इन लोगों ने क्या कर रखा था ये लोग अमेरिका से उसी के साथ-साथ आप देखते हैं दोस्तों कि क्या हुआ उसी के साथ-साथ आप देखते हैं कि ऑस्ट्रेलिया से और उसी के साथ-साथ हम लोग देखते हैं दोस्तों कि रूस से इन तीन देशों से ये क्या कर रहे थे पूरा का पूरा जो अनाज था वो अपने देश में मंगवाते थे ठीक है अच्छा इन्हीं इसी काल अवधि में ना ब्रिटेन के अंदर एक चीज होती है क्या होती है दोस्तों कि इसी काल अवधि में ना ब्रिटेन की जनसंख्या बहुत तेजी से बढ़नी शुरू हो जाती है लोग ज्यादा पैदा हो जाते हैं और जितना अनाज चाहिए था उतना अनाज बाहर से आ नहीं पा रहा था इसी काल अवधि
44:15 में ना ब्रिटेन के अंदर जो ब्रिटेन की सरकार थी ब्रिटेन के अंदर जो ब्रिटेन की राजा या फिर ब्रिटेन की जो सरकार थी यहां पर आप देखते हैं दोस्तों कि एक एक समूह ब्रिटेन के राजा के पास आता है कौन था ब्रिटेन न के जो किसान थे वो अपने राजा के पास आते हैं वो अपने राजा से कहते हैं कि आप बाहर से क्यों मंगवा रहे हो अनाज कौन सा अनाज मंगवाते थे यह मक्का मंगवाया करते थे क्योंकि यहां पर मक्का बहुत खाई जाती थी तो ब्रिटेन के जो किसान थे ये अपने राजा से आके कहते हैं अपनी सरकार से आके कहते हैं कि अमेरिका ऑस्ट्रेलिया और रूस से हम क्यों बना रहे हैं अनाज हम खुद ही पैदा कर सकते हैं और ये अपनी सरकार से क्या कहते हैं एक मक्का का कानून बनवा लेते हैं क्या बनवा लेते हैं एक मक्का का कानून या फिर जिसको हम लोग क्या कहते हैं बेटा जिसको हम लोग कौन लॉ कहते हैं ना तो ब्रिटेन के ये किसान अपनी सरकार से ये कानून बनवाते हैं इस कानून में ये कहा
45:00 जाता है कि यूरोप के अंदर अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया से रूस से अब कोई भी अनाज नहीं आएगा ब्रिटेन के जो किसान है वही अनाज को पैदा करेंगे ठीक है भैया परेशानी सॉल्व हो गई ब्रिटेन में अब अनाज की परेशानी नहीं रहेगी लेकिन ये जो किसान लोग थे ना ये बहुत चालाक थे इन किसान लोगों ने इस कानून को बनवा लिया और इस कानून के बन जाने के बाद अब ये क्या करने लगे ये देश के अंदर ना जो मक्का था उसको क्या करके बेचने लगे उसको महंगा बेचने लगे है ना महंगा बेचने लगे और अब बाहर से तो अना जाता नहीं था बाहर से तो मक्का आता नहीं था तो लोगों को महंगा अनाज खरीदना पड़ गया इन किसानों को बहुत फायदा होने लगा इससे लेकिन गरीब जनता बहुत परेशान थी अब इसी कहानी में ना हमें एक नया समूह आते हुए दिखता है कौन सा समूह इसी कहानी में हम देखते हैं कि ब्रिटेन के जो उद्योगपति थे उद्योगपति का मतलब कि जो फैक्ट्री के मालिक थे उनकी नजर पड़ी उन्होंने देखा कि
45:47 किसान लोग बहुत चालाकी चल रहे हैं ये मक्का महंगा बेच रहे हैं इन्होंने गलत कानून बनवाया हुआ है तो ये जो उद्योगपति थे ना ये उद्योगपति क्या करते हैं बेटा ये उद्योगपति सर को बात करते हैं राजा से बात करते हैं राजा तुमने ये कैसा कानून बनाया इस कानून से देश की जनता परेशान है और यह उद्योगपति क्या करते हैं सरकार से कहते हैं कि इस मक्के के कानून को हटा दिया जाए सरकार को राजा को समझ में आता है वो इस मक्का के कानून को क्या कर देता है टाटा बायबा कर देता है और दोबारा से ब्रिटेन के अंदर अमेरिका से ऑस्ट्रेलिया से और रूस से अनाज आना शुरू हो जाता है अब जब बहुत सारा अनाज आ जाता है इतना ज्यादा अनाज आ जाता है के जो बाहर का अनाज था वो थोड़ा अच्छा था और जो लोग थे ना वो बाहर के अनाज को ज्यादा पसंद कर रहे थे वो देश का जो ब्रिटेन के किसानों ने मक्का उ उगाया था उसको पसंद नहीं कर रहे थे इतना ज्यादा
46:32 अनाज आ जाता है दोस्तों कि अनाज बहुत सस्ता बेचना पड़ जाता है और इतना सस्ता बेचना पड़ जाता है कि किसानों की जो हालात थे ब्रिटेन के जो किसान थे उनके हालात बहुत खराब हो जाते हैं उनको अपनी जमीन बेचनी पड़ जाती है और फिर ये वो क्या करने लग जाते हैं फिर ये शहरों में आकर फैक्ट्रियों में काम करना शुरू कर देते हैं तो ये था कॉन लॉ इसको लाया गया था किसानों के जरिए ताकि वो अपना फायदा कर सके इसको हटवाने वाले थे उद्योगपति क्यों हटवाया क्योंकि ये देश के गरीब लोगों के लिए सस्ता नहीं अच्छा नहीं था जब इस कॉन लो को हटाया गया तो किसानों की जो पूरी की पूरी मजबूती थी वो कमजोर हो गई बाहर का अनाज लोगों ने बहुत पसंद किया और इसी वजह से आप देखते हैं कि क्या हुआ दोस्तों कि ब्रिटेन के जो किसान थे उनकी पूरी की पूरी स्थिति आप देखते हैं दोस्तों कि हमें डूबती हुई दिखी है ना एक बहुत बड़ी चीज हमें यहां पर देखने को मिलती है है ना अच्छा उसी के साथ-साथ आप देखते हैं
47:18 दोस्तों कि जब कॉन लॉ हटाया गया तो हमें दुनिया में क्या-क्या बदलाव हुए हुए दिखे कि अब बड़े तौर पर पूरे देश में आप देखते हैं क्या किया गया रेलवे लाइन को बिछाया गया क्यों रेलवे लाइन को बिछ बया गया अगर आप ध्यान से देखें कि ये जो अमेरिका ऑस्ट्रेलिया और रूस से आया हुआ अनाज है इसे देश के अंदर तक पहुंचाना है तो इसके लिए देश में रेलवे लाइन को पहुंचाया बिछाया गया और उसी के साथ-साथ पूरे देश में रेलवे लाइन को बिछाया गया और हम देखते हैं दोस्तों और इस बड़े तौर पर हम देखते हैं कि इस अनाज को देश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया गया और उसी समय आप देखते हैं दोस्तों कि यूरोप के अलग-अलग देशों से जो मजदूर थे ना वो ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका जाने लगे क्योंकि वहां पर खेती हो रही थी तो उनको काम की तलाश में उन लोगों नेन दूसरे देशों में जाना शुरू कर दिया और जब कॉन लॉ को हटाया गया दोस्तों जो किसान थे वो पूरे तौर पर बर्बाद हो गए और वह मजदूरी गिरी करनी शुरू कर दी तो ये था कौन लॉ यह हटा तो इससे हमें यह बड़ा बदलाव होते हुए
48:05 देखने को मिला अब यहां से हम लोग एक और नई भूमिका के बारे में डिस्कशन करेंगे जिसे कहा जा रहा है तकनीक की भूमिका अब ये क्या है उसको हम लोग अच्छे तरीके से समझेंगे देखो हम ये कह रहे हैं कि 1815 से 1914 का जो कालखंड है ये अपने आप में बहुत अच्छा है क्योंकि इसमें बहुत तेजी के साथ नई-नई चीजें बनती हुई दिख रही थी क्यों क्योंकि इस कालखंड में ना इस इन 100 सालों के अंदर हम लोग देखते हैं दोस्तों कि जो दुनिया की व्यवस्था थी उसमें बहुत तेजी के साथ टेक्नोलॉजी आने लगी भाई आज से लगभग 20 से 25 साल पहले क्या कोई ये कल्पना कर सकता था अरे 10 साल पहले भी कोई कल्पना कर सकता था कि टीचर दिल्ली में बैठा है एक बच्चा यूपी में है एक बच्चा बिहार में है एक बच्चा आप देखते हैं हरियाणा में है एक बच्चा आप देखते हैं झारखंड में है एक बच्चा दिल्ली में है एक ही टाइम पर क्लास हो रही है बच्चे क्लास कर रहे हैं उनके कमेंट्स आ रहे हैं टीचर पढ़ा रहा है ऐसी
48:52 कोई कल्पना कर सकता था 20 साल पहले 15 साल पहले ऐसा सोचना भी संभव था लेकिन आज हम इस युग के अंदर आपको जीवित दिख रहे हैं हम इसके आप प्रतिभागी होते हुए दिख रहे हैं हम इसको लाइव एक्सपीरियंस कर रहे हैं ऐसा हो रहा है और ये क्यों हुआ क्योंकि हमने टेक्नोलॉजी को बनाया इंटरनेट को सस्ता किया है ना youtube0 पहले 1815 से 1914 के टाइम के दुनिया को देखें तो उस टाइम पर भी नए-नए आविष्कार हुए थे जिन्होंने दुनिया को बड़े तौर पर प्रभावित किया इनमें सबसे पहला है
49:38 कि हमने भाव से चलने वाले जो इंजन थे इनको यूज किया हमने बड़े-बड़े पानी के जहाजों को यूज किया और सूचनाओं देने के लिए हमने टेलीग्राम को यूज किया तो इन टेलीग्राम के जरिए पानी के बड़े-बड़े जहाजों के जरिए और रेलगाड़ी के जरिए सामान का लेनदेन हुआ वो बहुत तेजी से हमें होता हुआ दिखा अच्छा इस वजह से ना हमें एक और चीज भी होती हुई दिखती है जिसे हम लोग किस नाम से पुकारते हैं बेटा जिसे हम लोग कहते हैं मीट का व्यापार अब इस मीट के व्यापार को कैसे हम देखते हैं कि टेक्नोलॉजी ने बेहतर बना दिया उसको हम लोग यहां पर समझने की पूरी कोशिश करेंगे देखो क्या हुआ करता था दोस्तों कि 1870s पास 1870s पास की क्या दव दिशा थी उसे हम लोग यहां पर समझने की कोशिश करेंगे कि कैसे तकनीक जो है कि टेक्नोलॉजी जो है उसने दुनिया के अंदर आप
50:23 देखते हैं दोस्तों क्या किया कि जो मीट का व्यापार था मीट का मतलब क्या होता है मांस का जो व्यापार था उसको बहुत बेहतर कर दिया देखो है क्या इसको पूरे तरीके से समझिए यहां पर हमें यूरोप देखने को मिलता है और यूरोप के अंदर बेटा परेशानी क्या है कि यहां पर बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है और ठंड से बचने के लिए इनको मास और उसी के साथ-साथ आप देखते हैं कि जो मदिरा है उसका सेवन करना पड़ता है मदिरा का मतलब शराब है ना शराब ठीक तो यूरोप के जो लोग हैं वो मांस और मदिरा का सेवन करते हैं नॉर्मल बात है उनके लिए लेकिन इनके यहां पर ना इतने ज्यादा जानवर नहीं है तो तो 1870s पास इन लोगों ने देख लिया कि भैया अमेरिका में ना बहुत बड़ी मात्रा में इनको जानवर देखने को मिलते हैं तो ये क्या करते थे अमेरिका से पानी के जहाज में जानवरों को बिठाते और फिर आप देखते हैं कि दो से ढाई
51:09 महीने तक लंबी समुद्री यात्रा करने के बाद ये जानवर यूरोप पहुंचते अब इन दो ढाई महीने में बहुत से जानवर मर जाते थे और बहुत से जानवर इस लंबी समुद्री यात्रा में उनका वजन कम हो जाता था इसी वजह से यूरोप के अंदर जितनी मांस की डिमांड थी जितनी मांस की मांग थी ना उतना मांस पहुंच नहीं पाता था और इसी वजह से सिर्फ और सिर्फ जो अमीर लोग थे वही क्या कर पाते थे यूरोप के अंदर मांस को या फिर आप देखते हैं मीट को खा पाते थे अब होता क्या है दोस्तों अब यहां पर होता क्या है कि इसी काल अवधि में ना तकनीक या फिर टेक्नोलॉजी हमें आती हुई दिखती है कौन सी टेक्नोलॉजी बेटा हम लोग बात करते हैं कि यहां पर हमें आता हुआ दिखता है रेफ्रिजरेटर टेक्नोलॉजी अरे आपके घर में जो फ्रिज है उसी की बात हो रही है रेफ्रिजरेशन टेक्नोलॉजी आप देखते हैं कि आ जाती है और इसी रेफ्रिजरेशन टेक्नोलॉजी में क्या होता है कि अमेरिका में ही
51:56 बड़े-बड़े जो पानी के जहाज थे ना उन्हीं के अंदर क्या किया जाता है पहले जिंदा जानवरों को ले जाते थे अी जिंदा जानवरों के बदले आप देखते हैं कि क्या किया जाता है अमेरिका में ही बड़े-बड़े जो जानवर थे इनको क्या कर दिया जाता है दोस्तों आप देखते हैं कि इनको अमेरिका में ही मार दिया जाता था और अमेरिका में ही इनको काटने के बाद क्या कर दिया करते थे फ्रिज में रख दे जहाज की जो रेफ्रिजरेटर थे उसमें रख देते थे और फिर लंबी समुद्री यात्रा करकर ये जो मीट था ये यूरोप पहुंचता था अब जितना मीट अमेरिका से डलता था उतना ही मीट वहां पहुंच जाता था जानवर मरते भी नहीं थे जानवरों का वजन भी कम नहीं होता था क्योंकि मीट सही था मीट बिल्कुल सुरक्षित रहता था और इस वजह से आप देखते हैं जितनी मांग थी उससे ज्यादा मात्रा में मीट पहुंचने लगा यूरोप में और इसकी वजह से जो गरीब आदमी था यूरोप का वो भी मीट को खा पाया तो उस तकनीक ने पूरे तौर पर आप देखते हैं कि जो यूरोप की गरीब
52:43 जनता थी उसे ठंड से बचाया और उनको क्या किया बेटा आप देखते हैं कि उनको ठंड से बचाया और उनको अच्छे तरीके से आप देखते हैं कि खाने पीने की जरूरतें ये सामान मिले अच्छा इसी के साथ-साथ दोस्तों अगर हम लोग देखें कि जब ये 19वी सदी हमें खत्म होती हुई दिख रही है 19 सदी का मतलब कि सन 1885 के आसपास की बात है इस काल अवधि में दुनिया के अंदर हमें कुछ और भी चीजें होती हुई दिख रही हैं क्या है अब यहां पर हम लोग समझने की कोशिश करेंगे किसके बारे में बेटा यहां पर हम लोग समझने की कोशिश करेंगे अफ्रीका के बारे में और अफ्रीका की क्या कहानी है इसको हम लोग यहां पर समझने की कोशिश करेंगे ताकि कोई भी कंफ्यूजन तुम्हारे दिमाग में नहीं रहे ठीक है क्लियर है चलिए अब यहां से हम लोग अफ्रीका के बारे में देखेंगे कि अफ्रीका को कैसे गुलाम बनाया गया और अफ्रीका के गुलाम बनने की क्या कहानी है उसको हम लोग समझेंगे ठीक
53:28 है तैयार है जल्दी बताइए स्टार्ट करें सर और क्लास कितनी देर और चलेगी 5720 घंटे और चलेगी लल्ला जल्दी बताइएगा अफ्रीका सर आप पढ़ा रहे हैं कि उड़ा रहे हैं दोनों चीजें कर रहे हैं बेटा जल्दी बताइएगा यहां तक के पॉइंट्स क्लियर है है ना यहां तक के पॉइंट्स क्लियर है कोई कंफ्यूजन यहां तक किसी बच्चे के सामने नहीं है एक बार बताइएगा यहां तक के पॉइंट्स क्लियर है कोई कंफ्यूजन नहीं है आपके सामने जल्दी बताइए हां बेटा पोल की तरफ चलेंगे बिल्कुल घबराने की जरूरत नहीं है बिल्कुल भी
54:14 घबराने की जरूरत नहीं है अब ना यहां से हम लोग आगे की कहानी को डिस्कस कर लेते हैं देखो अब हम लोग यहां पर आपके सामने एक नया बिंदु डिस्कस कर रहे हैं और हम लोग जिस बिंदु को डिस्कस कर रहे हैं उसे कहा जा रहा है कि जो अफ्रीका है ना जैसे अमेरिका को गुलाम बनाया गया जैसे आप देखते हैं कि एशिया को गुलाम बनाया गया ऐसे ही हमें दिखता है दोस्तों अफ्रीका भी गुलाम बन रहा है अब इसकी पूरी कहानी हम लोग यहां पर एक-एक कर करर डिस्कस करेंगे देखो था क्या ये जो यूरोप के देश थे ना ये जो यूरोप के देश थे सर कौन-कौन से देशों की बात हो रही है कि जितने भी यूरोप के देश हमें देखने को मिलते हैं इसके अंदर बेटा हमें देखने को मिलता है ब्रिटेन यूरोप के अंदर हमें देखने को मिलता है एक देश ब्रिटेन एक देश देखने को मिलता है दोस्तों जर्मनी एक देश हमें देखने को मिलता है स्पेन एक देश हमें देखने को मिलता है पुर्तगाल एक देश हमें देखने को मिलता है दोस्तों आप देखते हैं
54:59 कि इटली यह सारे के सारे यूरोप के बड़े-बड़े देश थे और ये सारे के सारे लालची देश थे इन्हीं देशों ने एशिया को गुलाम बनाया हुआ था और इन्हीं देशों ने अमेरिका को भी गुलाम बनाया हुआ था अब ना इन देशों की नजर पड़ती है कि यूरोप के एकदम नीचे एक और दुनिया का बहुत बड़ा इलाका है और इस इलाके को क्या कहा जाता है बेटा यह जो पूरा का पूरा भूभाग है इस पूरे भूभाग को हम लोग कहते हैं अफ्रीका का का क्या कहा जाता है इसे कहा जाता है अफ्रीका का दुनिया में जितने भी संसाधन हैं दुनिया में सबसे ज्यादा सोना अफ्रीका में दुनिया में सबसे ज्यादा चांदी अफ्रीका में दुनिया में सबसे ज्यादा हीरे अफ्रीका में निकलते हैं दुनिया में सबसे ज्यादा मवेशी या फिर जो जानवर हैं वो भी अफ्रीका में पैदा होते हैं तो अपने आप में एक बहुत संपन्न पूरा का पूरा यह महाद्वीप था अब ना ये सारे के
55:47 सारे जो यूरोप के देश थे ब्रिटेन जर्मनी फ्रांस ये सभी कब्जा करना चाह रहे थे अफ्रीका मैं लूंगा अफ्रीका मैं लूंगा और ये आपस में लड़ते रहते थे 1885 में जर्मनी की राजधानी है बर्लिन 1885 में जर्मनी की राजधानी है बर्लिन यहां पर ये सारे के सारे जो यूरोप के देश थे ब्रिटेन जर्मनी स्पेन पुर्तगाल इटली इन सभी देशों ने मीटिंग करी और इन सभी देशों ने कहा कि आपस में काहे लड़ते हैं चलो अफ्रीका को बांट लेते हैं तो ये यूरोप के देश बर्लिन में 1885 में मिलते हैं और ये डिसाइड करते हैं कि भैया ऊपर वाला हिस्सा तू रख ले नीचे वाला हिस्सा तू रख ले दक्षिण वाला हिस्सा तू रख ले उत्तर वाला हिस्सा तू रख ले अपने हिसाब से ये क्या करते हैं पूरा का पूरा जो अफ्रीका था उसे बांट लेते हैं अब इनका अफ्रीका को बांटने का जो उद्देश्य था वो यह था कि अफ्रीका के अंदर ना इनको जानवर
56:33 मिल जाएंगे और अफ्रीका की जमीन पे ये लोग क्या करेंगे बेटा अफ्रीका की जमीन पर ये लोग खेती करवाएंगे ये इनकी ख्वाहिश थी कि अफ्रीका के अंदर कॉफी की खेती होगी और अलग-अलग प्रकार की खेती होगी वो ये यहां पर करेंगे लेकिन परेशानी एक बहुत अजीब थी जो यहां पर आप देखते हैं कि आने वाली थी ये पूरा का पूरा यूरोप है बेटा और यूरोप के इन सभी देशों ने डिसाइड कर लिया कि अब क्या होगा बेटा कि हम ना अफ्रीका को अपना गुलाम बना लेंगे और अफ्रीका को अपना गुलाम बनाने के लिए उन्होंने 1885 में एक मीटिंग भी कर ली और अपने हिसाब से अफ्रीका को बांट लिया लेकिन अगर इनको अफ्रीका पर क्या करना था अ अफ्रीका को अपने कब्जे में करना था और ये सारे देश अफ्रीका से खेती करवाना चाह रहे थे अफ्रीका में खेती करना चाह रहे थे अब खेती के लिए इनको क्या जरूरत थी बेटा खेती के लिए इनको मजदूरों की जरूरत थी मजदूरों की जरूरत थी अब ऐसा थोड़ी था
57:18 कि अपने देशों से मजदूर लेकर आएंगे अब इनको जरूरत थी कि अफ्रीका के ही लोग ही इनके लिए मजदूरी करें लेकिन अफ्रीका के लोग कैसे थे बेटा अफ अका के लोग थे स्वाभिमानी अफ्रीका के लोगों की जो जिंदगी थी वो बहुत ही साधारण थी बहुत सिंपल सी जिंदगी वो जीते थे है ना और अफ्रीका के लोगों की जिंदगी कैसी थी भैया अफ्रीका के लोगों की जिंदगी बस यही थी कि उनके पास उनके मवेशी होने चाहिए उनके पास उनके जानवर होने चाहिए इसी जानवर से उनको क्या मिल जाता है इसी जानवर से उनको खाना मिल जाता है इसी जानवर से वो क्या कर लेते हैं बेटा इसी जानवर से वो दूध हासिल कर लेते हैं और उसी के जरिए उनकी जिंदगी गुजर रही थी और वो मजदूरी करने के लिए तैयार नहीं थे अब होता क्या है दोस्तों कि एक सिचुएशन आ जाती है जिसकी वजह से अफ्रीका के ये जो जो अफ्रीका के लोग थे उनके जानवर मर जाते हैं क्या होता है बेटा उसको हम लोग यहां पर समझने की कोशिश करेंगे और अफ्रीका कैसे
58:04 गुलाम बन जाएगा उसको हम लोग यहां पर अच्छे तरीके से आप सभी के साथ डिस्कस करेंगे चलो एक-एक कर करर अब ये जो पूरी कहानी है अफ्रीका की इसको हम लोग यहां पर एक-एक कर कर आपके सामने डिस्कस करना शुरू करते हैं तो अफ्रीका को आप देखते हैं कि 1885 में सभी यूरोपीय देशों ने अपने हिसाब से बांट लिया अब ठीक है लेकिन इनको मजदूरों की जरूरत थी इनको मजदूर नहीं मिल रहे थे फिर क्या हुआ बेटा फिर ना एक बीमारी अ अफ्रीका के अंदर एंट्री करती है जिसे कहा जाता है रिंडल पेस बीमारी और ये जो रिडर पेस बीमारी थी ये अफ्रीका के जानवरों में फैल जाती है याद होगा आपको चेचक बीमारी ने अमेरिका को गुलाम बनवा दिया था और ये जो रिडर पस बीमारी आ रही है ये अफ्रीका को गुलाम बनवा देगी अफ्रीका में जानवर ही जानवर थे मवेशी मतलब जानवर और ये जो बीमारी थी ना ये जानवरों में ही फैलती है और जानवरों में फैलने का मतलब है कि इससे जानवरों की आंखें जल जाती हैं जानवर जो भी
58:51 खाता है वो दस्त की फॉर्म में बाहर आ जाते हैं वो कुछ खा नहीं सकता क्योंकि उसका मुंह जलता रहता है अर्थात क्या होता है बेटा कि पूरे के पूरे अफ्रीका में ये बीमारी बहुत आग के तरीके से फैल जाती है और इतने जबरदस्त तौर पर फ फैलती है दोस्तों कि आप इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं बहुत बड़े तौर पर ये बीमारी आप देखते हैं कि अफ्रीका के अंदर हमें फैलते हुए दिखती है कितने बड़े स्तर पर फैलती है सबसे पहले आप देखिए कि 1880 के आसपास इस बीमारी की शुरुआत होती है और इस बीमारी में आप देखते हैं दोस्तों कि अफ्रीका के कुछ शुरुआत के जानवर इस बीमारी की चपेट में आते हैं धीरे-धीरे हम क्या देखते हैं दोस्तों कि 18922 तक आते-आते मात्र 12 सालों में ही अफ्रीका के 90 प्र जानवर मर गए ये देखो अफ्रीका के मरे हुए जानवर आपको दिख रहे हैं रिडर प्रेस बीमारी से अब अफ्रीका के जो लोग थे जिनकी जिंदगी इन जानवरों पर टिकी हुई थी अब जब इनके जानवर
59:37 ही नहीं रहे तो इनको क्या करना पड़ गया तो इनको यूरोप के द्वारा यूरोपियों के द्वारा बसाए गए जो खेत थे उनमें जाकर मजदूरी करनी पड़ी और उनको फिर हमेशा के लिए गुलाम बना लिया गया तो कुछ इस तरीके से आप देखते हैं दोस्तों कि इस रडर प्रेस बीमारी ने संपूर्ण जो पूरा का पूरा अफ्रीका था उसको गुलाम बना दिया तो एक बीमारी क्या करती है बेटा है ना एक बीमारी क्या कर देती है पूरे के पूरे महाद्वीप को एक तरीके से गुलामी की चपेट में रख देती है अब उनके पास कोई चारा नहीं था और उनको क्या करना पड़ा उनको यूरोपियों के लिए उनके खेत खलिहान में जाकर मवेशी उनके मर गए अब इनको जाकर मजदूरी करनी पड़ी तो कुछ इस तरीके से अफ्रीका हम देखते हैं दोस्तों कि हमें गुलाम बनता हुआ देखने को मिलता है चलिए अब यहां से हमारे कुछ सवाल आएंगे एक-एक कर कर बेटा आपको उनके आंसर्स हमारे सामने रखने
1:00:22 होंगे तो देखते हैं कि आप में से कौन बच्चा होगा जो सबसे पहले अपने आंसर को हमारे सामने रखिएगा पूछा जा रहा है कि जो कौन लॉ था या फिर मक्के का जो कानून था ये सबसे पहले किस देश के अंदर रखा गया चार ऑप्शन फ्रांस जर्मनी रूस ब्रिटेन जल्दी से बताना है जल्दी बताइए बहुत अच्छे तरीके से आप लोगों को अपने क्वेश्चन के आंसर को देना है और बहुत रोचक तरीके से आप लोगों ने अपने आंसर को दिया कि बेटा ये जो कौन लॉ है या फिर ये जो
1:01:08 मक्का का कानून है हम देखते हैं कि इसको कहां पारित किया गया था इसे ब्रिटेन में पारित किया गया था और ऑप्शन डी हमारा बिल्कुल सही ऑप्शन है अराउंड अगर हम देखें 90 प्र बच्चे हमारे बिल्कुल सही आंसर हमारे सामने रखे हैं अगला सवाल पूछा जा रहा है कि यूरोप के जितने भी देश थे ना इन्होंने अफ्रीका को बांटने के लिए एक मीटिंग करी थी वो किस ईयर में हुई है पेपर
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