0:01 हेलो एवरीवन आज के इस वीडियो में हम बात करेंगे क्लास 12थ की ज्योग्राफी का चैप्टर नंबर एट है यानी कि बुक वन का चैप्टर नंबर एट है लास्ट चैप्टर है हमारा इंटरनेशनल ट्रेड यानी कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार इस चैप्टर के मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चन डिस्कस करूंगा और ये क्वेश्चन आप याद करके जाना आपके एग्जाम में यहीं से क्वेश्चन देखने को मिलेंगे ठीक है क्योंकि इस चैप्टर में से गिनती के तीन या चार क्वेश्चन हैं जो बनते हैं पेपर के लिए ठीक है उन्हीं में से क्वेश्चन आता है इसमें से ज्यादा क्वेश्चन नहीं बनते तो ये छोटा चैप्टर है आपके लिए तो देखते हैं इसमें क्या-क्या हमारे इंपोर्टेंट क्वेश्चन बन सकते हैं आप हमारी वेबसाइट पे विजिट जरूर करें यहां पे आपको फ्री नोट्स मिल जाएंगे google.com सर्च करना है आपके सामने वेबसाइट आएगी क्लास 12थ में जाना है अपने सब्जेक्ट में जाना है नोट्स को पढ़ सकते हो आप फ्री में सब कुछ अवेलेबल है ठीक है और चैप्टर की वीडियो ऑलरेडी बना रखी है मैंने सभी चैप्टर आपके अवेलेबल हैं तो आप
0:47 उसको जाके देखिए पहले फिर इसके बाद आप इंपोर्टेंट क्वेश्चन को देखें तो चलिए स्टार्ट करते हैं सबसे पहला क्वेश्चन है कि व्यापार संतुलन से क्या अभिप्राय है यानी कि आप व्यापार संतुलन से क्या समझते हो व्यापार संतुलन के जो विभिन्न प्रकार होते हैं उसके बारे में बताना है तो देखिए बिल्कुल सिंपल है देखिए क्या होता है आपको पता है कि विभिन्न देश जो होते हैं वो एक दूसरे के साथ वस्तु या फिर सेवाओं का आयात निर्यात करते हैं ठीक है यानी कि एक देश दूसरे देश से कुछ ना कुछ व्यापार कर रहा होता है जैसे भारत चाइना से व्यापार करता है चाइना से बहुत सारी चीजें भारत में आती है भारत की कुछ चीजें चाइना में जाती है ठीक है ऐसे ही भारत की बहुत सारी चीजें यूरोपियन कंट्री में जाती है यूरोपियन कंट्री की बहुत सारी चीजें भारत में आती है यानी कि आदान प्रदान यानी कि आयात निर्यात हम करते रहते हैं हम चीजों को बेचते भी हम चीजों को खरीदते भी हैं ठीक है तो यह तो हो गया हमारा व्यापार यानी जब
1:34 हम किसी वस्तु को क्रय कर रहे हैं ठीक है या फिर उसका विक्रय कर रहे हैं यानी खरीद रहे हैं या बेच रहे हैं तो यह तो व्यापार हो गया लेकिन इन आयात और निर्यात के बीच का जो अंतर होता है ना इसको बोलते हैं व्यापार संतुलन ठीक है अब यहां पे एक चीज समझिए आप मुझे कमेंट में बताइए मान लीजिए कोई देश है जैसे मान लीजिए भारत है अगर भारत अपने देश से ज्यादा मात्रा में कोई चीज निर्यात करता है यानी द दूसरे देशों को बेचता है ठीक है तो भारत को ज्यादा लाभ होगा या भारत दूसरे देशों से ज्यादा मात्रा में आयात करेगा यानी बाहर के देशों की चीजों को ज्यादा खरीदेगा तब भारत को ज्यादा लाभ होगा या भारत जब किसी चीज को ज्यादा निर्यात करेगा तब भारत को लाभ होगा आप कमेंट में बताइए ठीक है तो ये आयात और निर्यात के बीच के अंतर को ही हम व्यापार संतुलन कहते हैं अब यहां पे देखो व्यापार
2:20 संतुलन कितने प्रकार के होते हैं पेपर में ये भी आ जाता है तो बिल्कुल सिंपल है आप कहोगे कि व्यापार संतुलन जो होते हैं वो दो प्रकार के होते हैं ठीक है दो प्रकार के कौन-कौन से होते हैं तो देखिए एक है ऋणात्मक और एक है धनात्मक ठीक है अब ऋणात्मक क्या होता है यहां पे समझिए यानी कि मान लीजिए कोई देश है ठीक है कोई देश मान लीजिए भारत ही है ठीक है भारत है भारत के आयात का मूल्य निर्यात के मूल्य से अधिक हो यानी कि कहने का मतलब है भारत जो है बाहर के देशों से बहुत सारी चीजें आयात कर रहा है ठीक है लेकिन निर्यात कम कर रहा है यानी कि आयात यहां पे क्या कर रहा है ज्यादा कर रहा है और निर्यात जो है वो कम कर रहा है ठीक है तो इसमें क्या हो जाएगा इसे क्या कैसा संतुलन कहेंगे इसको ऋणात्मक बोलेंगे क्यों क्योंकि इसमें तो अपना घाटा हो जाएगा भाई हम बाहर से ज्यादा चीजें खरीद रहे हैं लेकिन हम तो बेच बहुत कम रहे
3:06 हैं यानी कि अपने अपना ज्यादा पैसा किस चीज में चला जा रहा है बाहर से चीजों को लेने में इंपोर्ट करने में ठीक है एक्सपोर्ट हमारा ज्यादा है ही नहीं तो ये क्या है नेगेटिव में चला जाएगा जिसको ऋणात्मक कहते हैं लेकिन मान लीजिए अगर कंडीशन में बदल दूं ठीक है दूसरी सिचुएशन आ जाती है ठीक है सिनेरियो चेंज करते हैं मान लीजिए भारत है ठीक है और भारत अपना निर्यात यानी निर्यात इस बार क्या कर रहा है वो ज्यादा कर रहा है यानी कि दूसरे देशों को जो एक्सपोर्ट करता था भारत वो ज्यादा करता है यानी ज्यादा एक्सपोर्ट कर रहा है लेकिन बाहर बाहर की चीजों को जो आयात होता है यानी बाहर के देशों से जो चीजों को खरीदते हैं जिसको हम इंपोर्ट कहते हैं इंपोर्ट जो है वो कम कर रहे हैं ठीक है यानी हमारा एक्सपोर्ट की जो मूल्य है वो ज्यादा है इंपोर्ट के मूल्य जो है वो कम है तो ऐसे में क्या होगा इसको अच्छा माना जाएगा यानी कि इसको धनात्मक माना जाएगा ठीक है सिंपल है बिल्कुल आगे चलते
3:52 हैं अगला प्रश्न है कि राष्ट्रीय संसाधनों में भिन्नता अंतरराष्ट्रीय व्यापार को किस तरीके से प्रभावित करती है आपको एग्जांपल से बताना है तो आप सभी जानते हैं कि विभिन्न देशों के पास अलग-अलग संसाधन होते हैं जो कि हम ऑलरेडी पढ़ चुके हैं ठीक है मान लीजिए भारत के भारत में किसी फसल की खेती ज्यादा होती है तो हो सकता है कि इंग्लैंड में किसी दूसरे फसल की खेती होती हो ठीक है हो सकता है रूस में किसी और फसल की खेती होती हो हो सकता है भारत में अ कोई खनिज संसाधन ज्यादा हो तो हो सकता है कि अमेरिका में वो खनिज संसाधन कम हो या फिर हो सकता है अमेरिका में कोई खनिज संसाधन ज्यादा हो तो वह अफ्रीका में कम हो अफ्रीका में कोई चीज ज्यादा हो सक हो सकता है वो भारत में कम हो तो ऐसा होता है ना कि मतलब संसाधन जो होते हैं वह अलग-अलग देशों में अलग-अलग प्रकार के होते हैं कोई संसाधन कहीं पर ज्यादा होता है तो कोई
4:38 संसाधन कहीं पर कम होता है अब कोई संसाधन ऐसा भी हो सकता है जो किसी देश में बिल्कुल भी ना हो उसे बाहर से ही लेना पड़ता हो ठीक है तो यही जो भिन्नता है यही आपको बताना है किय भिन्नता जो होती है वो कैसे व्यापार को प्रभावित करती है तो बिल्कुल प्रभावित करती है कैसे करती है समझते हैं देखिए संसार के सभी देशों में संसाधनों में भिन्नता पाई जाती है ठीक है सभी देशों में सं साधन अलग-अलग मिलेंगे कहीं पर कोई चीज ज्यादा है कहीं पर कोई चीज कम है ठीक है यह भिन्नता जो है यह प्राकृतिक संसाधनों में भी आपको देखने को मिलेगी और मानवीय संसाधन दोनों तरह के संसाधनों में आपको देखने को मिलती है भिन्नता ठीक है इनकी गुणवत्ता और इनकी क्वांटिटी यानी इनकी मात्रा भी अलग है मान लीजिए भारत में लोहा जो है ठीक है भारत में जो लोहा है वो मान लीजिए ज्यादा होता है ठीक है तो हो सकता है किसी देश में लोहा कम होता हो हो सकता है किसी देश में
5:25 बहुत अच्छी क्वालिटी का लोहा होता हो ठीक है तो बिल्कुल हो सकता है कोई खनिज सं साधन हो कोई प्राकृतिक संसाधन हो कुछ भी हो सकता है मान लीजिए किसी देश में बहुत सारी नदियां है हो सकता है किसी देश में नदियां ही ना हो ठीक है तो कोई भी संसाधन कहीं पे कम ज्यादा हो सकता है तो इसीलिए फिर व्यापार की संभावना बढ़ जाती है अब मान लीजिए अ भारत के पास बहुत ज्यादा कपास हो रहा है ठीक है भारत के पास बहुत ज्यादा कपास है तो भारत क्या करेगा कपास को बाहर के देशों को बेच देगा यानी कि एक्सपोर्ट कर देगा ठीक है और कौन उसको खरीदेगा वो देश खरीदेगा जिसके पास उस चीज की कमी होगी यानी उसको इंपोर्ट करने वाला देश कौन कौन होगा वो देश जिसके पास कपास नहीं होता होगा वो खरीदेगा ना तो यही होता है इसीलिए व्यापार की संभावना बढ़ती है आई होप आपको समझ में आया होगा अब एग्जांपल से समझेंगे आपको बहुत अच्छे से समझ में आ जाएगा देखिए
6:10 आप सभी जानते हैं कि हर देश की भौगोलिक संरचना में अंतर होता है ठीक है कोई देश ऐसा है जो जैसे ऑस्ट्रेलिया को देखो ऑस्ट्रेलिया जो है उसमें बहुत बड़ा क्षेत्र है जो कि रेगिस्तान है बहुत बड़ा क्षेत्र है जो कि जंगलों से घिरा हुआ है ठीक है ऐसे ही कई कोई देश ऐसा भी होगा जो जहां पे बिल्कुल भी रेगिस्तान नहीं होगा कोई देश ऐसा होगा बहुत सारी नदी होंगी तो कोई देश ऐसा होगा जहां पर गिनती की एक दो नदिया ही होंगी तो यह भिन्नता होती है सभी देशों की भौगोलिक संरचना अलग होती है और इसी से ठीक है एक राष्ट्र दूसरे राष्ट्र से अलग हो जाता है उसकी कृषि फसल भी अलग हो जाती है जैसे एग्जांपल है ब्राजील में कॉफी बहुत ज्यादा होती है ठीक है ब्राजील में कॉफी बहुत ज्यादा होती है तो ब्राजील क्या करता है अपनी कॉफी को दुनिया भर के देशों को बेच देता है इसी प्रकार से किसी देश में चावल बहुत ज्यादा होता है तो अपने चावल को दूसरे देशों को बेच देता है ठीक
6:56 है खनिज भी असमान रूप से वितरित है दुनिया में ठीक है दक्षिण अफ्रीका में बहुमूल्य खनिज बहुत है वो दूसरे देशों को निर्यात कर दिए जाते हैं अब जापान देखो जापान कितना डेवलप देश है लेकिन उसके पास कच्चा माल नहीं है वो दूसरे देशों से खनिज खरीदता है सोचिए तो यही होता है इसीलिए कहते हैं हम भौगोलिक संरचना सबकी अलग है तो हो सकता है सबकी अ जो संसाधन में विविधता होती है वो भी अलग हो जाएगी ऐसे ही जलवायु भी प्रभावित करती है क्योंकि आपको पता है कि सभी जलवायु में सभी प्रकार की फसलें नहीं हो सकती है ठीक है भारत में जो फसल होगी जरूरी नहीं है वो फसल अमेरिका में भी होती होगी क्योंकि भारत की जलवायु भारत की मिट्टी अलग है वहां की जलवायु अलग है ठीक है तो एग्जांपल आपके सामने दे रखा है कि जैसे ऊन का उत्पादन जो होता है वो ठंडे क्षेत्रों में हो सकता है ठीक है हर जगह ऊन का उत्पादन नहीं होगा केला हो गया
7:41 रबड़ हो गई कहवा हो गया ये सब उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाएंगे तो यहां से आपको एग्जांपल से समझ में आ गया होगा आगे चलते हैं ये बहुत सिंपल क्वेश्चन है फ्री ट्रेड क्या होता है यानी कि मुक्त व्यापार क्या होता है इसके क्या फायदे हैं और इसके क्या नुकसान हैं तो देखिए पहले क्या होता था पहले के समय में व्यापार में ना सभी देश अपने ऊपर बहुत बाधा लगाते थे यानी कोई देश दूसरे देश से व्यापार करने में कतरा आता था ज्यादा व्यापार नहीं करना चाहता था लेकिन आज के समय में वैश्वीकरण का दौर है तो विभिन्न देश व्यापार की बाधाओं को हटा रहे हैं ठीक है जब दो देश आपस में जो व्यापार में जो बाधाएं होती है उसको हटा दे बाधा का मतलब क्या है सीमा शुल्क को कम कर दे टैक्स को कम कर दे तो इसी को क्या कहा जाता है मुक्त व्यापार कहा जाता है बिल्कुल सिंपल है अब मुक्त व्यापार के कुछ फायदे भी है तो कुछ नुकसान भी है अब फायदे क्या है इसके ये देखते हैं
8:27 देखो इससे क्या होता है घरेलू जो उत्पाद होते हैं और जो सेवा होती है उसको अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा मिलती है ठीक है इंटरनेशनल लेवल पर उस चीजों को बेचा जा सकता है इससे जो उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ती है क्योंकि अब बाहर की चीजें भी अब व्यापार खूब होगा तो बाहर की चीजों को भी हम यहां पर खरीद पाएंगे आप इंडिया में बैठ के चाइना में बनने वाली चीजों को इलेक्ट्रॉनिक आइटम को खरीद लेते हो कोरिया में बनने वाले इलेक्ट्रॉनिक आइटम को आराम से खरीद लेते हो कैसे पॉसिबल है व्यापार से ही तो पॉसिबल है ना तो यानी इससे क्या होता है मार्केट में कंपटीशन भी आता है और क्वालिटी भी बढ़ती है और इससे व्यापार भी बढ़ता है यह तो लाभ हो गए अब इसमें कमी क्या है भाई इसमें कमी यह होती है कि जो विकासशील देश होते हैं ना इसमें विकास अच्छे से नहीं हो पाता है ठीक है इसके कारण जो विकसित देश होते हैं वह अपने उत्पादों को उनके बाजारों में बेच देते
9:12 हैं जिससे कि क्या होता है विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था जो है वह प्रभावित होती है और उसके अपने उद्योग कहीं ना कहीं बंद हो जाते हैं ठीक है तो कहीं ना कहीं विकासशील देशों के उद्योग धंधे बंद हो जाते हैं विकसित देशों के कारण तो यह इसके कुछ कमियां है या फिर दोष है अगला है पत्तन का अर्थ और पत्तन की विशेषता बतानी है तो देखो पत्तन जो होते हैं ना वो क्या होते हैं जैसे मान लीजिए कोई समुंद्र है कोई महासागर है ठीक है ये कहीं जा रहा होगा तो इसके साइड में एक प्लेटफॉर्म बना दिया जाएगा जिसको पत्तन कहा जाता है इस प्लेटफॉर्म से क्या होता है जहाजों का उ उसमें सामान लाधना उतारना ये सारा काम होता है और यहां से क्या होता है जहाजों की आवज आई वगैरह होती है तो इसको पत्तन कहा जाता है तो पत्तन को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का प्रवेश द्वार कहा जाता है क्योंकि आपको पता है कि जो
9:58 अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है वो समुद्र के मार्ग से सबसे ज्यादा होता है तो पत्तन व्यापार के लिए बहुत जरूरी होता है क्योंकि बड़े पैमाने पर जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है व सारा समुद्री मार्गों से ही होता है तो उसमें पत्तन बहुत इंपॉर्टेंट हो जाते हैं अब इसकी विशेषता क्या होती है तो देखिए पत्तन जो होते हैं ना वो जहाज के रुकने ठहरने के लिए उसको एक जगह प्रदान करते हैं इसमें वस्तु को लाधना वस्तु को उतारना या फिर वस्तु का स्टोरेज करा जा सकता है ठीक है यहां पे सारी सुविधाएं होती हैं छोटी नौकाओं की भी सुविधा होती है छोटे-छोटे नाव भी अवेलेबल होती है यहां पे मजदूर भी अवेलेबल होते हैं यानी श्रम भी अवेलेबल होता है और यहां पे पूरा मैनेजमेंट की सुविधाएं होती हैं जहाजों का जो रख रखाव होता है उसकी भी यहां पे व्यवस्था होती है ठीक है अगला क्वेश्चन है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार से रिलेटेड प्रमुख समस्या बतानी है अब देखो
10:43 अंतरराष्ट्रीय व्यापार से रिलेटेड कुछ समस्या भी है जैसे कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार का होना देशों के लिए लाभदायक तो होता है कब लाभदायक होता है यदि उत्पादन अच्छे लेवल पे हो वस्तु और सेवाओं की अच्छी उपलब्धता हो अच्छी कीमत मिल रही हो तो फिर व्यापार में होता है लाभ लेकिन अगर मान लो अंतरराष्ट्रीय व्यापार विभिन्न देशों के लिए हानिकारक भी हो सकता है अब आप कहोगे कि व्यापार हानिकारक कैसे हो सकता है तो यह ऐसे हो सकता है कि मान लो अगर आपकी किसी दूसरे देश पर निर्भरता हो रही हो ठीक है विकास का असमान स्तर हो खूब शोषण हो रहा हो कंपटीशन बहुत ज्यादा हो ठीक है तो यह चीजें क्या होती है कहीं ना कहीं आपको नुकसान पहुंचा देती है जैसे मान लीजिए कहते हैं ना कि आत्मनिर्भर बनो क्यों बोलते हैं क्योंकि मान आप ये देखिए हमारे यहां पे चीन से बहुत ज्यादा चीजें ली जाती है हम चीन में बहुत ज्यादा
11:29 डिपेंडेंट है ठीक है तो यह किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी बात नहीं होती इसीलिए कहा जाता है कि अपने लेवल पर भी हमें सारी चीजें बनानी आनी चाहिए ठीक है अगला पॉइंट है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार से प्राकृतिक संसाधनों का उपभोग जो है वोह बढ़ जाता है क्योंकि प्राकृतिक संसाधन जो है वो एक लिमिटेड मात्रा में है ठीक है जिससे संसाधन की डिमांड बढ़ रही है तो उससे संसाधन का कहीं ना कहीं हास होता है अगला क्वेश्चन है कि एक अंतरराष्ट्रीय संगठन के रूप में जो विश्व व्यापार संगठन है जिसको हम डब्ल्यूटीओ कहते हैं वर्ल्ड ड ऑर्गेनाइजेशन आपको इसकी भूमिका बतानी है और इसकी कुछ कमियां है इसकी आलोचना भी करनी है तो देखिए विश्व व्यापार संगठन जो है ये एक इंटरनेशनल लेवल का संगठन है यह विभिन्न देशों के बीच में जो विवाद होता है उसको सुलझा आता है और उनके बीच में व्यापार को बढ़ावा देता है ठीक है व्यापार के लिए य बनाया गया है इसकी आलोचना देखते हैं पहला पॉइंट है
12:17 कि डब्ल्यूटीओ ने मुक्त व्यापार और भूमंडलीकरण को बढ़ावा दिया है इस ये अच्छी चीज है लेकिन इसका एक नुकसान हुआ है कि धनी देश तो धनी हो गए हैं लेकिन गरीब देश इससे काफी गरीब हो गए हैं ठीक है तो ये नेगेटिव पॉइंट है फिर विकसित देशों ने अपने बाजार को विकासशील देशों के उत्पादों के लिए नहीं खोला है अपना अपना प्रोडक्ट वो विकासशील देशों में तो बेच देते हैं विकसित देश लेकिन हमारे प्रोडक्ट को कम लेते हैं तो ये एक नेगेटिव पॉइंट है फिर इस संगठन में केवल कुछ ताकतवर देश जो है ना उनकी चलती है यानी उनका वर्चस्व हो जाता है खासकर अमेरिका जैसे देशों का फिर डब्ल्यूटीओ जो है यह पर्यावरण के मुद्दे बाल श्रम और श्रमिकों के स्वास्थ्य अधिकारों की भी कई बार इग्नोर करता है उसकी अपेक्षा करता है तो ये भी इसकी नेगेटिव पॉइंट है आप आलोचना में लिख सकते हो अगला क्वेश्चन है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार जो होता है इसका मेन आधार क्या होता है आपको पता है कि दुनिया भर के देश में जो उत्पादन है वह अलग-अलग प्रकार का
13:04 होता है यानी विशिष्ट करण होता है विशिष्ट करण का मतलब है जैसे मान लो कोई देश है वहां पे हो सकता है चावल ज्यादा होता हो तो हो सकता है किसी दूसरे देश में कॉफी का उत्पादन ज्यादा होता हो ठीक है किसी देश किसी तीसरे देश में किसी और चीज का उत्पादन ज्यादा हो सकता है कहीं पे ज्यादा खनिज हो सकते हैं कहीं पे ज्यादा प्राकृतिक संसाधन हो सकते हैं जो हमने शुरू में पढ़ा था तो हर देश विशिष्ट होता है एक दूसरे से तो यह कहीं ना कहीं व्यापार का आधार बन जाता है जैसे कि देखिए रा राष्ट्रीय संसाधनों में भिन्नता अब मान लीजिए अफ्रीका जैसे देशों को देखिए वहां पे बहुत बहुमूल्य संसाधन है तो किसी दूसरे देश में और अलग तरह के संसाधन है फिर जनसंख्या का आकार भी इसको प्रभावित करता है आर्थिक विकास की अवस्थाएं भी प्रभावित करती है ठीक है आप देखोगे जो डेवलप देश होते हैं वो कहीं ना कहीं ज्यादा डेवलप होते हैं उनका आर्थिक विकास ज्यादा हो रखा
13:50 है तो होता है तो व्यापार में उनका वर्चस्व भी आपको ज्यादा देखने को मिलेगा फिर विदेशी निवेश की सीमा परिवहन ये सारे इसके पॉइंट बन जाते हैं ठीक है तो यहां पे ये चैप्टर खत्म हो जाता है इसके मोस्ट इंपोर्टेंट क्वेश्चन जो है मैंने आपको बताए हैं आई होप आपको समझ में आया होगा इससे ज्यादा क्वेश्चन नहीं बनते यही क्वेश्चन याद करके चले जाओ पेपर में ठीक है वीडियो को लाइक कर दें कमेंट कर दें शेयर कर दें मिलते हैं आपसे नेक्स्ट वीडियो में थैंक्स फॉर वाचिंग जय हिंद जय भारत