0:01 हेलो प्यारे बच्चे गुड इवनिंग कैसे हैं आप सभी उम्मीद है आप लोग बिल्कुल बढ़िया होंगे तो सभी प्यारे बच्चों का वेलकम है आस्क बोर्ड के स्टडी प्लेटफार्म पे जहां पे आपकी तैयारी को बहुत ही अच्छी तरीके से करवाया जाता है तो जितने भी सारे प्यारे बच्चे हैं फटाफट आप लोग एक बार लाइव आ जाइए ताकि आज का क्लास शुरू किया जाए और आज का क्लास काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि आज बाबू हम लोग क्लास 12th केमिस्ट्री का जो चैप्टर फाइव है जिसका नाम क्या है पृष्ठ रसायन है ना यानी सरफेस केमिस्ट्री का क्या करेंगे आगाज करेंगे। है ना? आज हम लोग इसका शुरुआत करेंगे और इसका बाबू क्या पढ़ेंगे? बेसिक पढ़ेंगे। और बेसिक से पढ़ते-पढ़ते बाबू इस चैप्टर को हम लोग क्या करेंगे? समाप्त करेंगे। ठीक है? तो आज का क्लास काफी ज्यादा महत्वपूर्ण होगा जिसमें आज हम लोग पृष्ठ रसायन का क्या करेंगे? शुरुआत करेंगे और तीन से चार पार्ट में क्या करेंगे? इसको
0:48 खत्म करेंगे। ठीक है? तो जितने भी सारे बच्चे हैं फटाफट से एक बार आप लोग लाइव आ जाइए और एक बार सेशन को शेयर करिए ताकि क्लास को शुरू किया जाए। जितने भी सारे बच्चे हैं फटाफट से एक बार आप लोग सेशन को शेयर करिए। तो और जल्दी से जल्दी आप लोग लाइव आ जाइए और चैनल पे पहली बार आए हैं तो फटाफट से क्या करिए चैनल को सब्सक्राइब करके बेल नोटिफिकेशन को ऑल पे करके और लाइक नहीं किए हैं बाबू फटाफट से आप लोग एक लाइक कर दीजिएगा ठीक है और WhatsApp ग्रुप में अगर आप नहीं जाइन है तो नंबर नोट कीजिए 9135742024 ठीक है आप इस पे क्या करिए मैसेज करिए और फटाफट से क्या करिए WhatsApp ग्रुप में आप ज्वाइन हो जाइए WhatsApp ग्रुप में ज्वाइन होने का कोई भी चार्ज नहीं है एक बार फटाफट से शेयर कर दीजिए क्योंकि क्लास क्लास 12th केमिस्ट्री का हम लोग कहां पे पहुंच गए हैं? चैप्टर फाइव में पहुंच गए हैं। पृष्ठ रसायन हम लोग पढ़ने वाले हैं।
1:34 फिर इसको एक से दो दिन में क्या करेंगे? खत्म करके इसका ऑब्जेक्टिव सब्जेक्टिव हम लोग क्या करेंगे? क्लियर कर लेंगे। ठीक है? बहुत ही ज्यादा इंपॉर्टेंट चैप्टर है ये। बिहार बोर्ड हो, चाहे यूपी बोर्ड, झारखंड बोर्ड, एमपी बोर्ड सबके लिए यह बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है। तो जितने भी बच्चे हैं फटाफट शेयर करिए और जल्दी से जल्दी आप लोग लाइव आ जाइए। चलिए रिजवाना स्पोर्ट के स्टूडेंट लाइव आ चुकी हैं। समीक्षा प्रजापति सभी बच्चे आशीष कुशवाहा रितेश नरेंद्र कुशवाहा जय हिंद गुरु जी जय हिंद सभी बच्चे लाइव आइए ताकि क्लास को शुरू किया जाए। सभी बच्चे लाइव आइए ताकि क्लास को शुरू किया जाए। बाबू क्लास को शुरू किया जाए। क्या आप सभी रेडी हैं? चलिए कौन और बच्चा है? एम एस मधु है ना? एमएस मधु जी आपका नाम ले लिए। सभी बच्चे लाइव आ जाइए। उसके
2:21 बाद से बाबू ध्यान में रखना है कि आज हम लोग क्या पढ़ने वाले हैं? पृष्ठ रसायन का आगाज करने वाले हैं। आज हम लोग क्या करेंगे? पृष्ठ रसायन शुरू करेंगे। ध्यान में रखिएगा। ठीक है? चलिए और जितने भी सारे बच्चे हैं सबको पता है कि ऐप पे क्या मिलने वाला है? पीडीएफ नोट्स मिलने वाला है। तो बाबू 499 में ऐप पे क्या मिलेगा? पीडीएफ नोट्स मिलेगा जो आपके परीक्षा के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण है और ये आपके फाइनल बोर्ड परीक्षा में लड़ता है। ये सब सारा क्वेश्चन 100% है कि आस्क बोर्ड का जितना भी गेस होता है एग्जाम में लड़ता ही लड़ता है। ठीक है? तो आप लोग क्या करिएगा? पीडीएफ नोट्स ले लीजिएगा। जाइए आस्क बोर्ड का ऐप डाउनलोड कीजिए। वहां पे जाकर परचेस कर लीजिए। नहीं तो एक नंबर हम यहां पे लिख देते हैं बाबू। 6299248935। ठीक है? आप इस पे WhatsApp के थ्रू आप हमसे संपर्क कर सकते हैं। ठीक है? और बाबू
3:07 ध्यान में रखना है कि आप इस पे क्या करिएगा संपर्क कर लीजिएगा अगर आपको परचेस करने में दिक्कत आ रहा है तो तो चलिए बाबू बोलिए क्लास को शुरू किया जाए हम लोग पढ़ रहे हैं पृष्ठ रसायन शुरुआत क्या करेंगे पृष्ठ पृष्ठ का मतलब क्या होता है सतह है ना और पृष्ठ रसायन के बारे में क्या करने वाले हैं हम लोग अध्ययन करने वाले हैं तो एक बार सभी बच्चे जोरदार तरीके से बोलिए कि यस सर क्लास को स्टार्ट करिए सीमा परवीन एंपायर आरिफ चलिए और उसके बाद से 9:00 बजे भी हमारा क्लास चल रहा है तो 9:00 बजे भी चलेगा और कल से आज तो बाबू हम कहीं पे चले गए थे। बहुत जरूरी काम था। है ना? जाना पड़ता है। घर का सिचुएशन है तो जाना पड़ता है। लेकिन कल 1:00 पीएम में भी हम लोग का क्लास होगा। ध्यान में रखिएगा। ठीक है? 1:00 पीm में भी हम लोग का क्लास होगा और 9:00 पीएम में चल ही रहा है। आज भी होगा 9:00 पी.m. में और 7:00 पीएम में तो रोज का रोज बंधा हुआ है कि होगा ही
3:54 होगा। ठीक है? तो ध्यान में रखना है यहां पे बाबू कि आज हम लोग क्या पढ़ने वाले हैं? पृष्ठ रसायन पढ़ने वाले हैं। पृष्ठ का मतलब क्या होता है? सतह। है ना? बाबू याद रखना है। है ना? यानी रसायन विज्ञान की ऐसी शाखा है जिसके अंतर्गत हम लोग पृष्ठ से जुड़ी घटनाओं के बारे में क्या करते हैं? अध्ययन करते हैं। ठीक है? जिसे हम लोग क्या कहते हैं? पृष्ठ रसायन कहते हैं। बाबू पृष्ठ रसायन क्या है? फिजिकल केमिस्ट्री यानी जो आपका क्लास 12th केमिस्ट्री है ना तीन भागों में बंटा हुआ है। फिजिकल केमिस्ट्री जिसमें बाबू एक से ले पांच चैप्टर आता है। उसके बाद से इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री है बाबू। याद रखना है। उसके बाद से क्या है? ऑर्गेनिक केमिस्ट्री है आपका। ठीक है? तीन भागों में बांटा हुआ है। जिसमें जो फिजिकल केमिस्ट्री है यानी ये भौतिक विज्ञान की बाबू क्या है? जो भौतिक विज्ञान की शाखा है ना उसका पांचवा चैप्टर है ये। ठीक है?
4:40 ध्यान रखना है। फिजिकल केमिस्ट्री का ये पांचवा और अंतिम चैप्टर है। इसके बाद जो चैप्टर सिक्स होगा ना तत्वों का निष्कर्षण एवं सिद्धांत का प्रक्रम यह बाबू इनऑर्गेनिक केमिस्ट्री के अंतर्गत आएगा। उसके बाद से पी ब्लॉक का तत्व आएगा। डी एंड एफ ब्लॉक का तत्व आएगा। ये सारी चीजें बहुत इजी है। आप लोग घबराइएगा मत। जब इनऑर्गेनिक चाहे ऑर्गेनिक स्टार्ट कर देंगे ना तो आपको लगेगा कि बहुत हलवा चीज होता है केमिस्ट्री। ठीक है? ध्यान में इतना बात रखिएगा। लेकिन आज फिजिकल केमिस्ट्री का हम लोग क्या करने वाले हैं? अंतिम चैप्टर पढ़ने वाले हैं और इसको जब खत्म करेंगे उसके बाद से इनऑर्गेनिक हम लोग स्टार्ट कर देंगे। है ना? यानी पृष्ठ रसायन क्या होता है? तो भौतिक विज्ञान की एक ऐसी शाखा होती है जो बाबू याद रखना है कि जिसमें द्रव और ठोस के सतह पे जिसके पृष्ठ पे होने वाली जो भी घटनाएं होती हैं
5:25 उसका अगर अध्ययन करते हैं तो उसे हम लोग क्या कहते हैं? सरफेस केमिस्ट्री कहते हैं। यानी बाबू आपको ध्यान में रखना है कि पृष्ठ रसायन क्या है? तो बाबू पृष्ठ रसायन क्या है? हमने क्या कहा कि बाबू भौतिक विज्ञान की है ना यानी फिजिकल केमिस्ट्री सॉरी फिजिकल केमिस्ट्री का एक ऐसा ब्रांच है बाबू जिसमें क्या कहते हैं कि किसी ठोस या द्रव के सतह पे जो भी घटनाएं घटती है उसका अध्ययन किया जाता है जिसे हम लोग क्या कहते हैं बाबू आपको ध्यान में रखना है पृष्ठ रसायन कहते हैं। मान लीजिए कि ये क्या है बाबू? कोई ठोस पदार्थ है। हम क्या लेते हैं कि कोई यहां पे हमने ठोस पदार्थ ले लिया। तो इस ठोस पदार्थ पे मान लेते हैं कि कोई भी यहां पे मान लेते हैं कि कोई यहां पे अणु आकर चिपक गया। है ना? यहां पे क्या हुआ कि कोई अणु आके क्या हो गए? चिपक गए। ठीक है? यानी हम ऐसे भी कह
6:13 सके कि जब किसी ठोस या द्रव के सतह पे कोई ठोस या द्रव के सतह पे द्रव और गैस के कण क्या करते हैं? इसके पृष्ठ पे आके चिपक जाते हैं। तो इस घटना को हम लोग क्या कहते हैं? तो बाबू पृष्ठ रसायन कहते हैं। ठीक है? आपको ध्यान रखना है। पृष्ठ का मतलब क्या होता है? सतह। अब अगर आपसे पूछा जाएगा पृष्ठ क्या होता है? तो किसी भी पदार्थ का जो बाहरी परत होता है ना उसी को कहा जाता है पृष्ठ। ठीक है? अगर बोला जाएगा कि ये पृष्ठ क्या है? तो पृष्ठ आप किसे कहेंगे? तो किसी भी पदार्थ का जो बाहरी सतह होता है वो क्या है? उसका पृष्ठ है। जैसे ये मेरा हाथ है। तो हाथ का ये जो चमड़ी है ना ये काला सा जो चमड़ी है। है ना? क्योंकि हम लोग तो लड़के हैं। लड़के काले अक्सर हुआ करते हैं। तो हमारा हमारा ये जो काला चमड़ी है ना बाबू तो ये चमड़ी क्या है? पृष्ठ है। अब इस चमड़ी पे क्या
6:58 हुआ बाबू कि धूल कणा के चिपक गए है ना और इससे अभिक्रिया करने लगे तो यह क्या कहलाएगा? पृष्ठीय परिघटना कहलाएगी। है ना? क्या कहलाएगी? पृष्ठीय परिघटना कहलाएगी। ये क्या है बाबू? हमारा बोर्ड है। ये डिजिटल बोर्ड है जिसमें हम आपको पढ़ाते हैं। स्मार्ट बोर्ड है। अब इस पे क्या हुआ? धूल कण आ के चिपक गया। तो ये भी क्या हुआ बाबू? इसके पृष्ठ पे क्या हुआ? आ के चिपक गया। तो ये भी क्या हुआ? इसकी पृष्ठीय परिघटना हो गई। यानी याद रखना है कि सरफेस केमिस्ट्री क्या होता है? तो फिजिकल केमिस्ट्री का एक ऐसा ब्रांच होता है जिसमें हम किसी ठोस या द्रव के सतह पे होने वाली प्रक्रियाओं के बारे में अध्ययन करते हैं कि हां उसके ठोस के सतह पे कौन-कौन सी प्रक्रियाएं हो रही है। है ना? ठोस सतह पे द्रव और गैस के कण चिपक जाते हैं। अभिक्रिया करने लगते हैं। इसी सब का अगर अध्ययन हम कर रहे हैं तब उसे हम लोग
7:45 क्या कहेंगे? बाबू ध्यान में रखना है। पृष्ठ रसायन कहेंगे। ठीक है? ध्यान में आया आपको? पृष्ठ रसायन किसे कहते हैं? अब बाबू आपको ध्यान में रखना है कि जो पृष्ठ होता है क्या होता है? तो पृष्ठ के बारे में हमने क्या कहा कि किसी भी पदार्थ का जो बाहरी सतह होता है बाबू उसे क्या कहते हैं? पृष्ठ कहते हैं। और पृष्ठ पे कोई भी घटना होगी है ना बाबू पृष्ठ पे जो भी घटनाएं होती है उसी को हम लोग पृष्ठ रसायन कहते हैं। जैसे मान लेते हैं क्या है बाबू? एक चमचमाता लोहा है हमारा। ये मान लेते हैं कि चमचमाता क्या है? एक लोहा है। ये चमचमाता क्या है बाबू? मान लेते हैं कि लोहा का रड है। ठीक है? ये क्या है? लोहा करणं है। पहली बात कि लोहा कर रण तो यहां पे क्या होता है? पीला नहीं होता है। ये सिल्वर कलर का होता है। तो हमने उजला कर दिया। ठीक है? अब इस पे क्या होगा कि अगर हम इस पे पेंट का लेयर चढ़ा दें। इसके
8:30 बाहरी सतह पे हमने क्या किया? ये जो रड है रड इस प्रकार से होगा गोल। ठीक है? ये जो रड है रड इस प्रकार से गोल होगा। जब हम इसके पृष्ठ पे बाबू क्या कर देते हैं कि किसी पेंट का लेयर चढ़ा देते हैं तो ये कौन सी परिघटना हुई? एक बार आप लोग बताइए। ये लोहा है और लोहे को हमने क्या कर दिया? रंग लगा दिया। चाहे लोहे को जंग से बचाने के लिए हमने जिंक का इसके ऊपर लेप लगा दिया। ठीक है? ताकि इसमें जंग ना लगे। तो ये कौन सी परिघटना हो गई? तो आपका कहेंगे कि पृष्ठीय परिघटना हो गई। क्या हो गई? पृष्ठीय परिघटना हो गई। तो यही होता है बाबू पृष्ठ रसायन। और ये आपको ध्यान में रखना है कि हां पृष्ठीय परिघटना क्या होती है? और पृष्ठ रसायन क्या होता है? क्लियर हो गया बाबू? पृष्ठ क्या होता है? यह भी आपने समझा। तो इसका डेफिनेशन देख लीजिए कि पृष्ठ रसायन क्या होता है? तो रसायन
9:17 विज्ञान की वह शाखा रसायन विज्ञान की एक ऐसी शाखा है जिसके अंतर्गत हम क्या करते हैं कि ठोस और द्रव पदार्थ के पृष्ठ पृष्ठ का मतलब क्या होता है? सतह होता है। सतह पर होने वाले भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन एवं उनकी प्रकृति का अगर हम अध्ययन करते हैं उसी को हम लोग क्या कहते हैं? बाबू पृष्ठ रसायन कहते हैं। देखिए कितना इजी है। यहां पे आपको समझ में आया कि पृष्ठ रसायन किसे कहते हैं? तो भौतिक विज्ञान की एक ऐसी शाखा है जिसके अंतर्गत हम ठोस द्रव पदार्थ के पृष्ठों पे होने वाले भौतिक एवं रासायनिक बाबू परिवर्तन एवं उसकी प्रकृति का अगर अध्ययन कर रहे हैं तो वो हमारा क्या कहलाएगा तो पृष्ठ रसायन कहलाएगा और पृष्ठ रसायन के अंतर्गत बाबू क्या होगा वो आएगा यहां पे आपको ध्यान में रखना है जैसे यहां पे पदार्थ की सतह पे रंग की परत मान
10:04 लेते हैं कि कोई भी चीज है है ना हमने क्या किया दरवाजा खरीद के लाया ठीक है दरवाजा है ना लकड़ी है ना लकड़ी का दरवाजा जा लाया और उस दरवाजे पे पेंट नहीं है। तो हमने क्या किया? उस दरवाजे को पेंट कर दिया। तो वो भी तो बाबू पृष्ठीय परिघटना है क्योंकि उसके पृष्ठ पे क्या किया? हमने पेंट चढ़ा दिया। मान लेते हैं कि लड़की है। ठीक है? कोई भी लड़की है। है ना? छोड़िए लड़की छोड़िए चाची है। चाची को क्या करना है? शादी में जाना है। और चाची को जब शादी में जाना है तो चाची को क्या देखना है? सुंदर देखना है। लेकिन चाची है कैसी? थोड़ा अजीब किस्म की कालीवली है। है ना? मान लीजिए कि चाची को थोड़ा सा सुंदर दिखना है। ठीक है? चाची को क्या है? सुंदर दिखना है बारात भर में यहां पे सबसे सुंदर यह सोच रही है चाची कि सबसे सुंदर हम ही हो तो यह क्या करेंगे बाबू एक बार फाउंडेशन का लेप लगाएंगे मुंह पे है ना एक बार क्रीम का लेप लगाएंगे एक बार फेयर एंड
10:51 लवली का लेप लगाएंगे चाहे किसी भी जितना भी क्रीम होता है लिपस्टिक का लेप काजल का लेप है ना ऑलाइनर का लेप ये सब क्या हो रहा है ये अपने फेस पे लगा रही हैं तो ये क्या हो रहा है पृष्ठीय परिघटना हो रही है क्योंकि सतह पे वो क्या कर रही हैं रगड़ रही हैं सतह पे ही लगा रही हैं तो उसी के अध्ययन को हम लोग क्या कहते हैं बाबू? पृष्ठ रसायन कहते हैं। और यह जो पृष्ठ रसायन है ना बाबू, यह खास करके दो प्रकार के होते हैं। कौन-कौन से होते हैं? अभी हम आपको बता देंगे। जैसे यहां पे एग्जांपल देख लीजिए कि पदार्थ की सतह पर रंगों की परत है ना? लगना और लोहे के पृष्ठ पर जंग लगना। अब बाबू लोहे के पृष्ठ पे क्या होता है? जंग लग जाता है। जब कार्बन डाइऑक्साइड जलवाष्प से अभिक्रिया करता है लोहा, तो क्या कर जाता है? उस पे जंग लग जाता है। तो, उस पे भी तो एक परत आ गया। है ना? उसके सतह पे ही तो परत आ गया, तो उसे क्या कहेंगे? पृष्ठीय परिघटना के अंतर्गत आएगा।
11:37 ठीक है? क्लियर हो गया? अब देखिए आगे बढ़ जाइए। अगला कि अधिशोषण क्या होता है? ऐड्सॉर्प्शन क्या होता है? बाबू ध्यान में रखना है कि बाबू ये दो प्रकार के होते हैं। है ना? पृष्ठीय परिघटना कितने प्रकार के होते हैं? दो प्रकार में जिसमें हम लोग को सिर्फ अधिशोषण के बारे में ही पढ़ना है। लेकिन हम आपको बताएंगे कि अबजॉर्प्शन यानी अवशोषण क्या होता है? है ना? लेकिन इस चैप्टर में पृष्ठीय परिघटना के बारे में ही हमको जानना है। है ना? तो हम सबसे पहले क्या करेंगे? ऐड्सॉर्प्शन के बारे में पढ़ेंगे। है ना? अबजॉर्प्शन नहीं ऐड्सॉर्प्शन का मतलब होता है बाबू याद रखना कि अधिशोषण और अवशोषण। ये कितने प्रकार के होते हैं? दो प्रकार के। पहला होता है अधिशोषण और दूसरा क्या होता है बाबू? अवशोषण। है ना? तो सबसे पहले हम लोग अधिशोषण के बारे में पढ़ेंगे कि अधिशोषण
12:24 क्या होता है? ऐड्सॉर्प्शन क्या होता है? ठीक है? अधिशोषण क्या होता है? हम आपको बता देते हैं कि किसी ठोस या द्रव के सतह पर सतह का मतलब क्या होता है? किसी भी पदार्थ का क्या होता है? बाहरी जो लेयर होता है उसको क्या बोलते हैं? सतह कहते हैं। किसी पदार्थ का बाहरी सतह जैसे ये मोबाइल है। इसका बाहरी सतह ही हमारा क्या कहलाएगा बाबू? यहां पे पृष्ठ कहलाएगा। है ना? तो वही किसी ठोस या द्रव के सतह। सतह का मतलब क्या? पृष्ठ पर किसी पदार्थ के अणुओं का आकर्षण करके जुड़ने की प्रक्रिया अधिशोषण की घटना कहलाती है। अब बाबू ये तो हो गया डेफिनेशन। अब आप एक और प्रकार से समझ सकते हैं कि जब किसी याद रखना है कि ठोस पदार्थ पे द्रव और गैस के कण आके चिपक जाते हैं। है ना? उससे अभिक्रिया करने लगते हैं। है ना? तो इसको हम लोग क्या कहते हैं बाबू? अधिशोषण की घटना कहते हैं।
13:11 कि जब भी किसी ठोस या द्रव पदार्थ पे है ना? याद रखना है कि किसी ठोस या द्रव पदार्थ पे जब भी किसी ठोस या द्रव पदार्थ पे ध्यान में रखिएगा कि जब भी किसी ठोस या द्रव पदार्थ पे बाबू क्या होता है? ध्यान में रखना है कि अणुओं का आकर्षण या मान लेते हैं कि कोई ठोस पदार्थ है। ठीक है? ठोस पदार्थ है। ठोस या द्रव पदार्थ पे अणुओं का आ के बाबू क्या करना? इसके पृष्ठ पे चिपक जाने की क्रिया ही क्या कहलाता है? तो ऐड्सॉर्प्शन कहलाता है। अधिशोषण की घटना कहलाती है। क्या कहलाती है बाबू? यह अधिशोषण की घटना कहलाती है। कि जब भी किसी ठोस या द्रव के सतह पे अणुओं का आकर्षण होना और इस पे चिपक जाने की क्रिया ही क्या कहलाती है? इसके सतह पे चिपक जाने की क्रिया ही क्या कहलाती है? तो बाबू अधिशोषण की क्रिया कहलाती है। अधिशोषण में
13:59 क्या होगा कि इसके पृष्ठ पे ही क्या होगा? आके चिपकेगा। ठीक है? ये आपको क्लियर रखना है। यानी ध्यान में रखना है कि किसी ठोस या द्रव के सतह पर किसी पदार्थ के अणुओं को आकर्षित कर जुड़ने की प्रक्रिया क्या कहलाती है? अधिशोषण कहलाती है। जिसके फलस्वरूप सतह पर अणुओं की सांद्रता क्या हो जाती है? अधिक हो जाती है। जिसे हम लोग क्या कहते हैं? अधिशोषण कहते हैं। ठीक है? जैसे प्यारे बच्चों गर्मियों के दिनों में देखे होंगे कि हम ही लोग हैं। जैसे क्या होता है कि ये हम लोग का हाथ है। ठीक है? अब ये हाथ पे क्या हो जाता है? दो दिन नहीं नहाइएगा गर्मी में तो क्या होगा? एक लेयर जम जाएगा। किस चीज का? मल का लेयर जम जाएगा। और जैसे ही ऐसे मारिएगा खराक से छूटेगा एकदम पूरा मल। तो वो भी क्या है? यह बाबू सतह पे अगर मान लीजिए कि किसी भी ठोस या द्रव के सतह पे कोई अणुओं का
14:45 चिपकना यही क्रिया क्या कहलाता है? तो ऐड्सॉर्प्शन यानी ध्यान में रखना है कि अधिशोषण की क्रिया कहलाती है। ठीक है? ध्यान में रखिएगा इस बात को। क्लियर हो गया? पहली बात बताइए। चलिए बहुत बढ़िया। वेरी गुड। वेरी गुड। चलिए बहुत बढ़िया। अब बाबू यहां पे ध्यान में रखना है कि देखिए अब यहां पे दो बातें आती है कि ये जो हमारा पृष्ठ है ना जिस पे ये अणु चिपकते हैं। जिस पृष्ठ पे ये जो अणु चिपके रहते हैं। ये मान लेते हैं कि ये उजला हमारा क्या है? पृष्ठ है और अगर इस पृष्ठ पे अणु चिपक रहा है तो इस पृष्ठ को क्या कहते हैं? अधिशोषक। है ना? इसको क्या कहा जाता है? अधिशोषक कहा जाता है। जो कि अभी हम आपको बताएंगे। अधिशोषक कहा जाता है। क्या कहा जाता है? अधिशोषक कहा
15:30 जाता है। और जिस पृष्ठ पे अणु चिपकते हैं। है ना? जिस पृष्ठ की तरफ जो अणु ये जो पृष्ठ है इसके तरफ जो अणु आकर्षित होते हैं। यानी ये सब अणु क्या हो रहे हैं? आकर्षित हो रहे हैं। ये क्या होते हैं? अधिशोष्य होते हैं। क्या होते हैं? अधि यहां पे याद रखना है कि अधिशोष्य यहां पे क्या होते हैं कि अधि शोष्य होते हैं। अधि क्या होते हैं? शोष्य पदार्थ होते हैं। क्या होते हैं? अधिशोष्य पदार्थ होते हैं। ये भी आप लोग क्लियर रखिएगा। ठीक है? यहां पे आप लोग इतना क्लियर रखिएगा कि जिस सतह पे अणु चिपकते हैं, जिस सतह पे अणु क्या होते हैं? आकर्षित होते हैं, चिपकते हैं। वो सतह को हम लोग क्या कहते हैं? अधिशोषक कहते हैं। और बाबू याद रखना है कि जो सतह पे आकर्षित होते हैं। तो ये अणु आकर्षित हो गए। तो इसे क्या कहेंगे? अधिशोष कहेंगे। यह आप लोग क्लियर रखिएगा। ठीक है?
16:17 इतना ध्यान में रखिएगा। ठीक है? बहुत बढ़िया। चलिए, अब अधिशोषण के बारे में एक-एक पॉइंट आप लोग डाल के लिखिएगा। एक-एक पॉइंट आप लोग डाल के लिखिएगा कि जो अधिशोषण की घटना होती है। ध्यान में रखिएगा। यहां पे आप लोग एक-एक पॉइंट डाल के लिखिएगा कि यहां पे अधिशोषण की घटना यहां पे अधि शोषण की घटना है ना? अधिशोषण की घटना अधिशोषण की घटना की घटना पृष्ठीय परिघटना कहलाती है। है ना? अधिशोषण में जो भी घटनाएं घटेगी किस पे घटेगी? सतह पे ही घटनाएं घटती है। इसके अंदर नहीं जाती है। तो अधिशोषण की घटना क्या कहलाती है बाबू? पृष्ठ परिघटना कहलाती है। पृष्ठीय यहां पे याद रखना है कि पृष्ठीय क्या कहलाता है? परिघटना कहलाता है।
17:03 है ना? याद रखना है। परिघटना कहलाता है। है ना? परिघटना कहलाता है। पृष्ठीय परिघटना कहलाता है। अब बाबू याद रखना है कि जो अधिशोषण होता है ना शुरू में क्या होता है? तीव्र होता है। और कुछ समय बाद क्या होता है प्यारे बच्चों? कि फिर यहां पे आप लोग ध्यान में रखना है कि फिर क्या होता है? घट जाता है। ठीक है? प्रारंभ में तीव्र और बाद में क्या होता है? घटने लगता है। जो अधिशोषण की घटना होगी। ध्यान में रखिएगा कि अधिशोषण की जो घटना होगी, अधिशोषण की घटना है ना? अधिशोषण की जो घटना होगी, अधिशोषण की घटना क्या होती है? शुरू में है ना यहां पे शुरू में क्या होता है? शुरू में क्या होता है? तीव्र होता है। यानी जल्दी-जल्दी होता है। ठीक है? और बाद में क्या होता है? घटने लगता है। बाद में क्या होता है? घट जाता है। ये
17:51 सब सारी चीजें आपको समझ में आएगा। नहीं भी आ रहा है तो अभी आप सिर्फ क्लास करिए। ठीक है? बाद में क्या होता है? घट जाता है। ठीक है? ये आप लोग क्लियर रखिएगा। इतना आप लोग क्लियर रखिएगा। अब यहां पे एक और पॉइंट डाल के लिखिएगा। क्या लिखिएगा वो पॉइंट? बहुत बढ़िया कि बाबू यहां पे अधिशोषक जो पदार्थ होता है ना ये अधिशोषक पदार्थ है। मान लेते हैं कि अधिशोषक किसे कहते हैं? तो जिसके सतह पे अगर मॉलिक्यूल यहां पे जो अणु है वो चिपका है तो उस सतह को हम लोग क्या कहते हैं? अधिशोषक कहते हैं। और यह जो चिपका हुआ कण है ये क्या होता है? अधिशोष्य होता है। तो याद रखना है कि अधिशोषक पदार्थ यानी अधिशोषण में जो क्या होता है? अधिशोषक पदार्थ से अधिशोष को हटाया जा सकता है। यानी ये जो परत है ना परत को हम हटा सकते हैं। है ना?
18:37 अधिशोषण पदार्थ में जो अधिशोषण की घटनाएं होती है तो मान लीजिए कि अधिशोषण की घटना क्या हो गई कि हमारे हाथ पे मैल लग गया है ना? तो हम क्या इसको हटा नहीं सकते हैं। हटा सकते हैं। है ना? अगर मान लेते हैं कि कोई भी पदार्थ है उसको हमने पेंट कर दिया। तो जब हमने उसको पेंट किया तो उस पेंट को हम लोग हटा भी सकते हैं। यानी लिखिएगा कि अधिशोषक है ना याद रखना है कि अधिशोषण की घटना में जो अधिशोषक होता है अधिशोषक से अधिशोष्य को हटाया जा सकता है। यानी आप यहां पे ऐसे भी लिख सकते हैं अधिशोषण की घटना कई परतों में होती है जिसे हटाया जा सकता है। यानी लिख दीजिएगा कि अधिशोष्य पदार्थ अधिशोष यहां पे याद रखना है कि अधिशोषण है ना याद रखना है कि अधिशोषण अधिशोषण की घटना में है ना याद रखना है
19:24 अधिशोषण की घटना में है ना अधिशोष पदार्थों को हटाया जा सकता है यानी उसके परतों को हटाया जा सकता है है ना अधिशोष्य पदार्थों को है ना अभी यहां पे याद रखना है कि शोष्य अधिशोष्य पदार्थों को अधिशोष्य पदार्थों को हटाया जा सकता है क्या हटाया जा सकता है हटाया जा सकता है। ठीक है? यहां पर आप लोग ध्यान में रखिएगा। नहीं भी समझ में आया होगा तो अभी आपको पूरा का पूरा सारा खेल समझ में आ जाएगा। बस आप लोग बने रहिए। ठीक है? बस आप लोग क्या करिए? बने रहिए। कैसे? हम आपको बताते हैं। ठीक है? अधिशोषण की घटना क्या होती है? अधिशोषण किसे कहते हैं? तो ध्यान में रखना है कि अगर किसी
20:10 द्रव और गैस मतलब सॉरी ठोस और द्रव के सतह पे क्या होता है? कोई भी यहां पे क्या होता है? अनु आकर्षित हो के इस पे चिपक जाता है तो उसे हम लोग क्या कहते हैं बाबू ध्यान में रखना है कि अधिशोषण कहते हैं। यानी जो अधिशोषण की घटनाएं होती है वो पृष्ठीय परिघटना होती है। ये आपको पता है कि सतह पे ही होगा। है ना? मान लेते हैं कि ठोस सतह पे क्या हुआ? कोई यहां पे आ के द्रव और गैस के कण क्या हो गया? आ के चिपक गया। ठीक है? तो बाबू ध्यान में रखना है कि ये जिस पे चिपका हुआ है। ये ठोस या द्रव के कण ये जिस पे चिपका हुआ है इसे क्या कहते हैं? अधिशोषक कहते हैं। ये जिस पे चिपका हुआ है उसे हम लोग क्या कहते हैं? अधिशोषक। है ना? क्या कहते हैं? अधिशोषक कहते हैं। ठीक है? ये क्या होता है? अधिशोषक होता है। और जिस पृष्ठ के तरफ
20:58 ये अणुओं जो यहां पे जो अणु होते हैं जो आकर्षित होते हैं, है ना? जो द्रव और गैस के कारण आकर्षित हुए हैं। इसे ही हम लोग क्या कहते हैं? अधिशोष्य कहते हैं। क्या? अध यहां पे याद रखना है कि शोष्य कहते हैं और ये जो अधिशोष्य होते हैं ना इन्हें अधिशोषक से हटाया जा सकता है। वही लिखे हैं कि अधिशोषण की घटना में अधिशोषक से ये जो अधिशोष्य होते हैं ना इसको हटाया जा सकता है। क्योंकि मान लीजिए कि लोहे पे जंग लग गया। मान लीजिए कि लोहा है इसके ऊपर क्या हो गया? जंग लग गया। तो क्या हम जंग को नहीं हटा सकते हैं? तो बिल्कुल ही हटा सकते हैं। तो ये अधिशोषण के बारे में इतना बात आप लोग लिखिएगा। ठीक है? अब आगे बढ़ जाइए। जैसे एग्जांपल देते हैं कि अधिशोषण के कौन-कौन से एग्जांपल हो सकते हैं। पहला चारकोल की सतह पर एसिटिक अम्ल का अधिशोषण। है ना बाबू याद रखना है कि
21:45 चारकोल की सतह पर एसिटिक अम्ल का अधिशोषण। मान लीजिए एसिटिक अम्ल है और उसके बीच आपने क्या किया? चारकोल रख दिया तो ये चारकोल क्या करेगा? जितने भी एसिटिक अम्ल होगा उसको क्या करेगा? अपने पृष्ठ पे जमा कर लेगा। है ना? तो यह क्या हो जाएगा? चारकोल के सतह पर एसिटिक अम्ल का अधिशोषण। ठीक है? अब देखिए कि चारकोल के सतह पर आयोडीन का क्या अधिशोषण है ना सिलिका जेल द्वारा जलवाष्प का अवशोषण है ना यहां पे याद रखना है सॉरी अधिशोषण तो सिलिका जेल आप लोग देखे होंगे जितना भी इलेक्ट्रॉनिक सामान आप खरीदते हैं आप दाढ़ी काटने वाला मशीन माइक खरीद लीजिए आप मोबाइल खरीदिए चाहे जितना भी स्टील का इलेक्ट्रॉनिक सामान हो जो भी इलेक्ट्रॉनिक सामान हो अगर आप खरीदते हैं तो एक पुड़िया यहां पे इस प्रकार से सफेद कलर का एक पुड़िया आपको दिखाई देता है सिल्का झील आप लोग देखे
22:31 होंगे सफेद कलर का क्या होता है? पुड़िया दिखाई देता है और उसमें कुछ दाने-दाने टाइप का होता है। आप कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान कीजिए। आप एक एयर बड्स किन लीजिए, चार्जर किन लीजिए। कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदिएगा ना बाबू तो उसमें क्या होगा? एक सिलिका झील उसमें आपको दिखलाई देगा। उसका कार्य क्या होता है कि जो डब्बा में चारों तरफ नमी जितना भी बनता है ना नमी उस नमी को क्या करता है? ऐड्सॉर्ब कर लेता है। यह क्या कर लेता है? अधिशोषण कर लेता है। अपने ऊपर क्या कर लेता है? चिपका लेता है। क्या करेगा कि उस डब्बा में जितना भी नमी होगा उसे क्या करेगा? अपने ऊपर चिपका लेगा। जिससे क्या होगा? उसमें जंग ही नहीं लगेगा। है ना? सिल्का झील का यही काम है। है ना? यानी सिलिका झील का यहां पे याद रखना है कि सिल्का जेल द्वारा जलवाष्प का अवशोषण। मान लेते हैं कि डब्बा में क्या होगा? जलवाष्प हो
23:17 जाएगा। अगर सिल्का जेल नहीं रखेंगे तो वो क्या होगा? आहिस्ता-आहिस्ता जो सामान है क्या होगा? मुरझाने लगेगा। जैसे आप लोगों ने देखा होगा कि आप जो सामान रखते हैं डब्बा में मान लीजिए कि कोई भी डब्बा है अब डब्बा में आप सामान रखेंगे तो क्या होगा उसमें जंग लग ही जाएगा आज नहीं तो कल नहीं तो महीने दिन बाद सालों बाद उसमें जंग लगना तय है नया सामान में लेकिन वही आप इलेक्ट्रॉनिक दुकान में से लाएंगे चाहे वो कितना भी पुराना एक साल पहले का भी बना हो और एक साल पहले ही वो डब्बा में बंद हो लेकिन उसमें थोड़ा सा भी जंग नहीं लगता है। क्यों? क्योंकि उसमें क्या होता है? सिलिका जेल होता है। और सिल्का जेल क्या करता है कि मान लेते हैं कि ये डब्बा है। डब्बा में सिल्का जेल है। इसमें कोई भी इलेक्ट्रॉनिक सामान रखा है। तो इसमें जितना भी वाष्प बनेगा ना जलवाष्प बनेगा। ध्यान में रखना है कि जितना भी जल वाष्प बनेगा ना बाबू ये क्या करेगा? उसको अपने
24:02 ऊपर क्या करेगा? ऐड्सॉर्ब कर लेगा। अधिशोषण कर लेगा। तो ये सब बाबू क्या होता है? एग्जांपल होता है जो कि आपके एग्जामों में पूछा जा सकता है। बोलिए इतना क्लियर हो गया? मंज कुमार लक्ष्मी सिंह चलिए बताइए सभी बच्चे इतना क्लियर हो गया अधिशोषण क्या होता है? अधिशोषण किस प्रकार से होता है? और अधिशोषण के कुछ एग्जांपल जो हमने आपको दिए क्लियर हो गया? यस सर आयुष कुमार बहुत बढ़िया। अब देखिए क्वेश्चन क्या है? अवशोषण। एब्जॉर्बशन। अब बाबू यहां पे आपको दिख रहा होगा एब्जॉर्बशन। है ना? यानी क्या? एब्जॉर्ब कर लेना। है ना? यानी किसी ठोस या द्रव के सतह पे जैसे बाबू हम ले लेते हैं स्पंज। है ना बाबू? किसी ठोस या द्रव के सतह पे बाबू क्या होना किसी बाबू याद रखना है कि
24:49 अणुओं का क्या होना इसके अंदर तक क्या अबजॉर्ब हो जाना उसी क्रिया को क्या कहेंगे बाबू अब्जॉर्प्शन कहेंगे यानी ध्यान में रखना है मेरे बच्चे कि अ मतलब अवशोषण एक ऐसी प्रक्रिया होती है जिसमें किसी द्रव या गैस के अणु ठोस के अंदर अवशोषित हो जाते हैं। है ना? जिसमें द्रव और गैस के अणु क्या होते हैं? ठोस के अंदर तक अवशोषित हो जाते हैं। उसे हम लोग क्या कहते हैं बाबू? तो उसे कहते हैं हम लोग एब्जॉर्प्शन। है ना? अब उसमें क्या होता है? ऐड्सॉर्प्शन में क्या हो रहा था कि सिर्फ पृष्ठ पे ही क्या हो रहा था? क्रियाएं हो रही थी। अब बाबू मान लेते हैं कि ये लोहे का रड है। ठीक है? ये लोहे का क्या है? रड है। तो क्या इसमें जलवाष्प इसके अंदर तक जाएगा? अंदर तक जाएगा। तो आप बोलिएगा अंदर तक नहीं जाएगा। ये क्या होगा? जलवाष्प इसके ऊपर ही क्या करेगा?
25:34 क्रिया करके जंग लगा देगा। है ना? है ना? तो ये क्या हो गया? पृष्ठीय परिघटना हो गया। ऐड्सॉर्प्शन हो गया। अधिशोषण हो गया। और वहीं ये क्या है? रसगुल्ला है। रसगुल्ला का क्या है? सर सिर्फ गुल्ला है। है ना? इसमें रस नहीं डाला गया है। रसगुल्ला का क्या है? गुल्ला है। गुल्ला किसे कहते हैं? तो खाली उजार का जिसको छान दिया जाता है। है ना? उसमें क्या है? रस नहीं है। खाली क्या है? रसगुल्ला में कि खाली रस है। सॉरी रसगुल्ला में खाली क्या है? गुल्ला है। और जब गुल्ला को हम लोग क्या करेंगे बाबू? रस यानी चासनी में डालेंगे, तो चाशनी क्या होगा? इसके अंदर तक चला जाएगा। रस पूरा इसके गुल्ला में गुल्ला गुल्ला तक चला जाएगा। तो बाबू ये क्रिया क्या हो गया? यही तो क्रिया होता है अब्सॉर्प्शन का। यही तो क्रिया होता है अब्सॉर्प्शन का। देख लीजिए कोई भी
26:20 रसगुल्ला अगर आप खाते हैं तो क्या करेगा? पहले मिठाई वाला गुल्ला छानेगा। है ना? कढ़ाई में छान देगा। वो सिर्फ क्या रहेगा? गुल्ला रहेगा। लेकिन जैसे ही रस में डूबा देगा क्या होगा? रसगुल्ला बन जाएगा। अब फिर जैसे ही डूबाएगा क्या होगा? पूरा का पूरा क्या होगा? अंदर तक क्या होगा? चला जाएगा। जैसे आप लोगों ने स्पंज देखा होगा स्पंज कौन? तो पहले हम लोग बाबू साइकिल का ये वाला सीट आप लोग में बैठे हैं कि नहीं? ये साइकिल का हम लोग का सीट था। ये क्या था? साइकिल का सीट था। है ना? यही ना साइकिल का सीट था। जी हम लोग इस पे बैठ के खूब बढ़िया से पडील मारा करते थे। है ना? और उसके अंदर बाबू यहां पे क्या था? स्पंज था। क्या था? स्पंज था। है ना? स्पंज है ना? गुदगर। उससे आप लोग खेले भी होंगे। अब उस पे स्पंज को क्या करते थे आप? कि आप पानी में डूबा देते थे। पानी में डूबा देते थे। तो वो स्पंज क्या करता था? इस
27:07 पानी को क्या कर देता था? अवशोषित कर लेता था। बोलिए सही बात है कि नहीं? इस पानी को क्या करता था कि अवशोषित कर लेता था। और पानी क्या होता था कि स्पंज के अंदर घुस जाता था। है ना? ये क्या कर लेता था? एब्जॉर्ब कर लेता था। तो यही क्रिया क्या कहलाती है? एब्जॉर्प्शन कहलाती है। कि जब किसी ठोस या द्रव के कण क्या होते हैं प्यारे बच्चों? किसी ठोस सतह के अंदर चले जाते हैं तो उसे क्या कहते हैं? एब्जॉर्प्शन कहते हैं। ठीक है? अबजॉर्प्शन कहते हैं। जैसे मान लेते हैं कि एक अभी एक्सपेरिमेंट करिए। लाइए ग्लास बाबू यहां पर हम आपको बता रहे हैं। यह क्या है? ग्लास है। अब यह ग्लास है। ठीक है? ये क्या है? हमारा ग्लास है। अब इस ग्लास में क्या है? वाटर है। क्या है बाबू? वाटर है। वाटर का मतलब क्या? पानी। ठीक है? अब पानी है। अब इसमें कागज का एक टुकड़ा क्या करेंगे? कागज। है ना? कागज।
27:54 है ना? क्या है बाबू? कागज का एक टुकड़ा क्या करेंगे? डालेंगे। तो ये कागज का टुकड़ा क्या होगा? अपने अंदर क्या करेगा? कि पानी को अब्सॉर्ब कर लेगा तो उसी क्रिया को क्या कहते हैं? अबजॉर्प्शन कहते हैं। है ना? जैसे बाबू यहां पे ध्यान में रखना है कि स्पंज के टुकड़े को जल के संपर्क में रखने पे स्पंज कौन सा? खाने वाला स्पंज भी ले सकते हैं। रसमलाई बाबू का रसमलाई और रसमलाई हम आप लोगों से मांगते हैं कि अगर अच्छा नंबर आया तो सर के लिए रसमलाई जरूर लाइएगा। और चाहे स्पंज हो गया बाबू स्पंज आप लोग खाते हैं ना जो ₹10 ₹15 मिलता है। ठीक है? थोड़ा सा उसका चाशनी पतला होता है। वो क्या होता है? वो जो स्पंज होता है ये पूरे चाशनी को क्या करता है? अपने अंदर अब्सॉर्ब किए रहता है। और जैसे ही आप चम्मच से काटते हैं रस एकदम
28:41 छिदरा जाता है। रस बहने लगता है। क्या होता है कि वो एब्जॉर्ब किया रहता है। एब्जॉर्ब है ना? उसी को क्या कहेंगे? एब्जॉर्प्शन है ना? और चाहे स्पंज की बात किया जा रहा है जो गुदेदार टुकड़ा होता है उसको आप जल में डालेंगे वो क्या करेगा? सूंख लेगा। है ना? जल में डालेंगे वो सूंख लेगा। तो वो क्या कहलाएगा? एब्जॉर्प्शन। है ना? यानी स्पंज के टुकड़े को जल के संपर्क में रखना क्या कहलाएगा? एब्जॉर्प्शन कहलाएगा। कागज के टुकड़े को जल के संपर्क में रखिएगा। अब कागज का टुकड़ा जैसे ही जल के संपर्क में रखिएगा वो भी के लोदा फौदा हो जाएगा। है ना? हो जाएगा बाबू। एकदम भींग के क्या हो जाएगा? लोदा फौदा हो जाएगा। पूरा का पूरा पानी अब्सॉर्ब कर लेगा। है ना? पहले तो ऐसे उठाइएगा तो टाइट रहेगा। जैसे भीगा दीजिएगा ढीला हो जाएगा। है ना? यानी क्या करेगा? पानी अब्जॉर्ब कर लेगा। ठीक है? अब देखिए
29:27 कि अमोनिया गैस को जल के संपर्क में रखने पे है ना अमोनिया गैस को अगर जल के संपर्क में रखा जाए तो अमोनिया क्या करेगा जल को एब्जॉर्ब करेगा NH3 का जल का जल पे क्या विघटन है ना तो ये सब जितने भी होते हैं एब्जॉर्प्शन की क्रिया होती है ठीक है जिसमें क्या होते हैं कि जो कण होते हैं क्या होते हैं इसके अंदर चले जाते हैं ठीक है स्पष्ट हो गया क्या होता है गोलगप्पा चाउमीन लाएंगे गुरु गुरु जी ना नहीं गोलगप्पा चाउमी नहीं लाना है बाबू गोलगप्पा चाउमी नहीं लाना है ये सब खराब ही करता है ये सब नहीं लाइएगा तो रस मलाई लाइएगा मजा आ जाएगा खाने में चलिए आगे बढ़ जाइए अगला कि बाबू हमने क्या कहा कि अधिशोषक क्या होता है बाबू हमने आपको अभी पढ़ाया लेकिन फिर भी बता देना एकदम जरूरी
30:14 है कि अधिशोषक क्या होता है कि मान लेते हैं देखिए ये मान लेते हैं कि कोई ठोस है ठीक है ये क्या होता है कोई ठोस है अब ठोस के सतह पे बाबू क्या ठोस के सतह पे बाबू ध्यान में रखना है कि इस ठोस के सतह पे रे इसको क्या कर देते हैं यहां पे ला देते हैं इस ठोस के सतह पे ध्यान में रखिएगा यह जो ठोस है मान लेते हैं क्या है बाबू ये हमारा क्या हो गया ठोस हो गया है ना अब ये ठोस के सतह पे कोई भी यहां पे कण आके क्या हो गया चिपक गया ठीक है ये क्या हो गया कण आके चिपक गया तो जिस सतह पे कण चिपका है उस सतह को हम लोग क्या कहेंगे तो अधिशोषक कहते हैं यानी वह पदार्थ जिसके सतह पर अधिशोषण की घटना होती है तो इसके पृष्ठ पे ही ना मतलब अधिशोषण की घटना हो रही है।
31:00 उसी को हम लोग क्या कहेंगे? अधिशोषक कहेंगे। जो कि हमने आपको पहले ही बताया कुछ देर पहले कि अधिशोषक किसे कहते हैं? कि वह पदार्थ जिसके सतह पर अधिशोषण की घटना हो रही है। तो इसके सतह पे हो रहा है ये अधिशोषण की घटना। तो इस सतह को क्या कहेंगे बाबू? तो अधिशोषक कहेंगे। तो यहां पे हम लिख देते हैं क्या? अधि शोषक। अधिशोषक कहेंगे। अब बाबू अधिशोष्य किसे कहते हैं? तो वह पदार्थ जो ठोस या द्रव के सतह पर आकर्षित होता है। है ना? ये मान लेते हैं ये ठोस है चाहे द्रव है और इसके सतह पे ये जो आकर्षित हुआ है ना ये जो गोल-गोल बनाए हैं ये जो आकर्षित हुआ है यही होता है क्या बाबू ध्यान में रखना है कि अध शोष्य है ना यही होता है अधिशोष्य। तो ये तो हमने आपको पीछे भी पढ़ाया कि
31:47 अधिशोषक क्या होता है कि अधिशोषक वह पदार्थ है जिसकी सतह पर अधिशोषण की घटना होती है। क्या कहते हैं? अधिशोषक कहते हैं। और अधिशोष क्या होता है कि वह पदार्थ जो ठोस या द्रव के सतह पर आकर्षित होता है। तो ठोस या द्रव के सतह पे ये ये जो कण आकर्षित हुआ है ना ये होता है अधिशोष से। ठीक है? इतना आपको क्लियर हो गया। बहुत अच्छी बात है। सर जी क्लास बहुत अच्छा लग रहा है। बहुत अच्छा बाबू। अब देखिए अब यहां पे क्वेश्चन पूछ देता है आपके एग्जाम में। अब फाइनल बोर्ड परीक्षा में घुसिए कि अधिशोषण एवं अधिशोषण में अंत मतलब क्या? अधिशोषण एवं अवशोषण में विभेद करें चाहे अंतर लिखें। बाबू ये सब क्वेश्चन आपको पता है ना कि ये सब बिहार बोर्ड का क्वेश्चन है। पूछ देगा कि अधिशोषण और अवशोषण में अंतर लिखें। तो सबसे पहली बात कि अधिशोषण
32:34 की घटना क्या होती है? तो अधिशोषण की घटना क्या होती है? कि द्रव और मतलब याद रखना कि ठोस और द्रव के क्या सतह पे कोई भी अणु क्या होता है? आकर्षित हो के उस पे चिपक जाता है। यानी क्या होता है? अधिशोषण की जितनी भी घटनाएं होती है पृष्ठीय परिघटना होती है। यानी पृष्ठ से जुड़ी घटना जो भी होती है पृष्ठ पे जो भी घटना होती है उसी को हम लोग क्या कहते हैं बाबू? अधिशोषण की घटना। तो पहला बात यहां पे अगर आपसे बोल देगा कि आप इसमें अंतर लिखे विभेद लिखे तो आप लिख नहीं सकते हैं कि यह एक क्या है? पृष्ठीय घटना है। यानी पृष्ठ से यानी सतह से जुड़ी होने वाली घटनाएं होती है। जिसे हम लोग अधिशोषण के नाम से जानते हैं। अवशोषण किसे कहते हैं? यह पूरे माध्यम की घटना है बाबू। क्या होता है? इसके अंदर तक चला जाता है। है ना? इसके अंदर तक चला
33:21 जाता है। है ना? क्या होता है? जैसे गुल्ला हमने क्या बनाया है? क्या बाबू? गुल्ला रस में डाल दे तो क्या हो? रसवा एक अंदर ज पूरा तो सोख ली रस के है ना? स्पंज का टुकड़ा लीजिएगा और पानी में डालिएगा तो क्या पानी को छोड़ देगा। पनिया के तो सोख ली। सोख ली ना बाबू। तो क्या कर रहा है? अब्जॉर्ब कर रहा है। तो उसी को तो कहते हैं अवशोषण का मतलब क्या? एब्जॉर्प्शन। तो बाबू यह क्या होता है? पूरे माध्यम की घटना है। ऐसा नहीं है कि यहां पे कोना में ही आ गया। गुला डाले। इतने में क्या हुआ कि रस आया। इतना में नहीं आया। तो फिर यहां पे क्या होगा? जो हलवाई होगा ना वो सही से गुल्ला बनाया नहीं है। क्योंकि हलवाई सही से गुल्ला बनाएगा। रस पूरे एरिया में जाएगा। पूरा कण-कण में क्या होगा? चाशनी भर जाएगा। तब कह लाएगा रसगुल्ला। और रसगुल्ला अगर गुल्ला सही से
34:06 नहीं होगा तो मान लीजिए एक-एक कोना में रस गया तो वो रसगुल्ला खाएगा। नहीं। आप खाइएगा उसके हाथ का रसगुल्ला। नहीं बोलिएगा नहीं खाएंगे तो वही बात है यह पूरे माध्यम की क्या होती है घटना होती है और जैसे हमने आपको बताया कि यह प्रारंभ में क्या होता है तीव्र प्रक्रिया की होती है तथा बाद में ये क्या हो जाता है धीमी हो जाता है क्वेश्चन पूछेगा आपसे कि अधिशोषण की घटना किस प्रकार से होती है तो प्रारंभ में तीव्र यानी तेजी से होगा और बाद में क्या होगा आहिस्ता हो जाएगा धीमे हो जाएगा और बाबू यह पूरी प्रक्रिया में गति क्या होती है एक समान होती है क्लियर रखिएगा अधिशोषण पदार्थ का सांद्रण अंदर माध्यम की तुलना में बाह्य सतह पर क्या होता है? अधिक होता है। अंदर की अपेक्षा बाह्य पे ही होता है। पृष्ठ से ही सतह पे से ही जुड़ी क्या होती है? घटनाएं होती है। इसके बाह्य एवं अंदर दोनों सतह पर
34:52 सांद्रण जो होगा क्या होगा? समान रहेगा। अब देखिए अधिशोषक की सतह से अधिशोषित पदार्थ को हटाया जा सकता है। अधिशोषक किसे कहें हैं? तो जिस सतह पे अगर कोई भी बाबू कण यहां पे आके चिपक रहा है तो ये जो सतह होगा हमारा क्या होगा? अधिशोषित। तो अधिशोषक के सतह से जो अिश मतलब मतलब क्या अधिशोषित पदार्थ जो होंगे ना ये जो अधिशोषक है ये हमारा क्या है अधिशोषक है और ये अधिशोष्य पदार्थ है जिसे हम लोग क्या कहेंगे अधिशोषित भी कहेंगे तो इस लेयर को हम लोग हटा भी सकते हैं तो ये आपको क्लियर रखना है कि अधिशोषक की सतह से अधिशोषित पदार्थ को हटाया जा सकता है अवशोषण में पृथकरण विशिष्ट विधियों द्वारा संपन्न होता है जैसे वाष्पन क्रिस्टगलीकरण आदि से इसको भी हटाया जा सकता है ठीक है?
35:38 तो ये क्या हो गया? इसका एक एग्जाम मतलब सॉरी ये क्या हो गया? अंतर हो गया जो आपके एग्जामों में पूछा जाता है। गुरु जी मजा आता है। बिल्कुल सर जी क्लास लेना है कैसे ले? क्लास बाबू YouTube पे फ्री होता है। हेलो मुस्कान हम अभिनव है। दूसरी आईडी से आए हैं। बोलो अशिया रहा है। बतिया लो मुस्कान पहले इसे। छोड़ दो पढ़ाई तुम पहले जताना चाहता है बच्चा कि हां हम आ गए हैं पहले बात करो पढ़ाई मत करो आप लोग इसके चक्कर में नहीं पड़ना है प्लीज हम यही बोलेंगे चाहे लड़का हो चाहे लड़की हो आपको इस सब के चक्कर में नहीं पड़ना है अभी कैरियर बनाना है सिंपल सा बात कैरियर
36:25 बनाना है ठीक है कैरियर बनाइए चलिए यहां पे आपको क्लियर हो गया अब देखिए अधिशोषण के प्रकार बाबू इसमें पहला प्रकार हम लोग यह पढ़ेंगे धनात्मक अधिशोषण पॉजिटिव अधिशोषण फिर पढ़ेंगे नेगेटिव अधिशोषण। फिर अधिशोषण के प्रकार में हम क्या पढ़ेंगे? तो फिर अधिशोषण के प्रकार में हम क्या पढ़ेंगे? ध्यान में रखना है कि भौतिक अधिशोषण और रासायनिक अधिशोषण। ठीक है? सबसे पहले हम क्या पढ़ेंगे कि अधिशोषण के प्रकार में धनात्मक अधिशोषण। तो धनात्मक अधिशोषण यानी हमको सिर्फ अधिशोषण के बारे में ही पढ़ना है। क्योंकि पृष्ठ रसायन यानी पृष्ठ से सुता मतलब सतह से जुड़ी हुई घटनाओं के बारे में हमको पढ़ना है। तो सिर्फ हम अधिशोषण के बारे में इस चैप्टर में क्या करेंगे? अध्ययन करेंगे। तो अब बाबू अधिशोषण दो प्रकार के होते हैं।
37:10 धनात्मक अधिशोषण ऋणात्मक अधिशोषण। अब देखिए धनात्मक अधिशोषण किसे कहते हैं? कि जब अधिशोषक के पृष्ठ पर अधिशोष की सांद्रता के स्थूल में सांद्रता से अधिक होती है तब यह धनात्मक अधिशोषण कहलाता है। जैसे बाबू ध्यान में रखना है कि बाबू क्या है? ये पृष्ठ है। ठीक है? यह हमारा ठोस का पृष्ठ है। बाबू ये क्या होता है? ये जो पृष्ठ होता है इसे हम लोग क्या कहते हैं? तो इसे हम लोग कहते हैं अधिशोषित। है ना? बाबू क्या कहते हैं? इन्हें हम लोग अधिशोषक कहते हैं कि जब अधिशोषक पर पृष्ठ का यह जो अवशोष्य पदार्थ हो ना वो बहुत ज्यादा हो। यह बहुत ज्यादा हो। है ना? ये बहुत ज्यादा हो। अधिशोषक से भी ज्यादा क्या हो? ये अधिशोष्य हो तब इसे हम लोग क्या कहेंगे? पॉजिटिव अधिशोषण कहेंगे। जब
37:58 ये अधिशोषक पदार्थ से ज्यादा अधिशोष्य पदार्थ हो तब उसे हम लोग क्या कहेंगे? धनात्मक अधिशोषण कहेंगे। बाबू हमने क्या कहा कि जब ये यहां पे याद रखना है ये हमारा क्या हो गया ये जो होता है हमारा क्या होता है ये वाला भाग निकाल दिए ये हमारा अधिशोषक होता है ठीक है ये अधिशोषक से ज्यादा अगर इस पे अधिशोष्य पदार्थ हो तब इसे क्या कहेंगे धनात्मक अधिशोषण कहेंगे क्लियर रखिएगा आनात्मक किसे कहेंगे कि जब अधिशोषक के पृष्ठ पर क्या बाबू जब अधिशोषक के पृष्ठ पर अधिशोष की सांद्रता के स्थूल में सांद्रता में कमी होती है यानी बाबू यहां पे ध्यान में रखना है कि यह क्या है? हमारा कोई ठोस है। ठीक है? यह हमारा क्या है? कोई ठोस है। अब यह क्या होता है? तो यह हमारा होता है अधिशोषक। अब
38:44 अधिशोषक के पृष्ठ पर अधिशोष से जो होते हैं, अधिशोष से वो कम हो तो उसे क्या कहेंगे? नेगेटिव अधिशोषण कहेंगे। जो कि ये पूछा नहीं जाता है। लेकिन आप लोग इसको समझ लीजिए कि जब अधिशोषक अधिशोषक क्या होता है? ये वाला होता है। है ना? जो पृष्ठ होता है अधिशोषक। अधिशोषक के पृष्ठ पर जो अधिशोष यानी ये जो कण चिपका हुआ है ना ये हमारा क्या होता है तो बाबू ये होता है हमारा अधिशोष की सांद्रता स्थूल में सांद्रता से कम हो तब यह क्या होगा ऋणात्मक अधिशोषण कहलाएगा है ना ये आप लोग क्लियर रखिएगा अब ये तो उतना नहीं पूछा जाता है एग्जाम में लेकिन ये बात जरूर आपके एग्जाम में पूछा जाता है कि अधिशोषण के कितने प्रकार होते हैं अधिशोषण के कितने प्रकार होते हैं तो अधिशोषण दो प्रकार का होता है पहला होता है फिजिकल और
39:29 दूसरा होता है रासायनिक यानी याद रखना है कि भौतिक अधिशोषण और रासायनिक अधिशोषण। ठीक है? भौतिक अधिशोषण क्या होता है? हम आपको बता देते हैं कि भौतिक अधिशोषण किसे कहते हैं? तो बाबू आप क्या कहेंगे कि भौतिक अधिशोषण किसे कहते हैं? तो जब याद रखना है कि किसी ठोस या द्रव के सतह पे कोई भी पार्टिकल अगर कमजोर वंडर वाल से चिपका हो तो उसे हम लोग क्या कहेंगे? तो बाबू भौतिक अधिशोषण के नाम से जानेंगे। क्या बाबू? जब किसी ठोस या द्रव के सतह पे याद रखना है कि जब भी किसी ठोस या द्रव के सतह पे ध्यान में रखिएगा बाबू कि जब भी किसी ठोस या द्रव के सतह पे ये क्या है? ठोस या द्रव है। है ना? ये मान लेते हैं कोई ठोस है। जब भी किसी ठोस या द्रव के सतह पे कोई भी कण अगर
40:18 बाबू क्या? कमजोर वंडरवाल बल द्वारा चिपका हो। ये तो चिपका तो है। लेकिन अगर इसमें कमजोर वंडरवाल बल लगा हो। कमजोर बल लगा हो तो इस प्रक्रिया को हम लोग क्या कहेंगे? भौतिक अधिशोषण कहेंगे। है ना? यह आप लोग क्लियर रखिएगा कि भौतिक अधिशोषण किसे कहेंगे? कि जब किसी ठोस या द्रव के सतह पे है ना? या आप ऐसे भी बना सकते हैं कि जब किसी ठोस के सतह पे द्रव और गैस के कण कमजोर वंडर वाल बल द्वारा चिपके हो तब उसे हम लोग क्या कहेंगे? भौतिक अधिशोषण कहेंगे। बाबू इतना क्लियर हो गया भौतिक अधिशोषण के बारे में। चलिए बहुत बढ़िया। वेरी गुड वेरी गुड चलिए बहुत बढ़िया वेरी गुड भौतिक अधिशोषण किसे कहेंगे तो जब भी किसी यहां पे याद
41:04 रखना है कि ठोस या द्रव के कण यानी ठोस या द्रव के सतह पे कोई भी यहां पे बाबू ध्यान में रखना है कि कोई भी अणु क्या करता है चिपका रहता है किससे तो कमजोर वांडर वाल बल से है ना यहां पे किसके द्वारा कमजोर यहां पे लिख देते हैं किसके द्वारा तो कमजोर है ना कमजोर है ना कमजोर वांडर वाल बल है ना वांडर वाल बल के द्वारा अगर चिपका हो तो उसे हम लोग क्या कहते हैं? तो वह भौतिक अधिशोषण कहते हैं। और भौतिक अधिशोषण में ना कई परतें होती है। इस पे एक और परत भी आकर जुड़ सकता है। भौतिक अधिशोषण में क्या होते हैं? कई परतें होती हैं। भौतिक अधिशोषण में क्या होता है? कई परतें होती है। और भौतिक अधिशोषण जो होता है ना उत्क्रमणीय होता है। अब उत्क्रमणीय का मतलब क्या हो गया? जिसे पुनः प्रतिस्थापित किया जा सके। जिसे फिर से
41:51 प्रतिस्थापित किया जा सके। उत्क्रमणीय प्रकृति का होता है। यानी बाबू क्या होता है आप लोग ध्यान में रखिएगा कि जैसे हमने क्या किया कि जल को बर्फ बनाया। हमने क्या किया? पानी को प्याला में रखा और फ्रीजर में डाल दिया। डी फ्रिज में डाल दिया। अब वो जल क्या हो गया? हमारा बर्फ में बदल गया। अब फिर हम चाहते हैं कि बर्फ को जल में बनाना तो हम बना सकते हैं। तो बिल्कुल बना सकते हैं। तो इसे कहते हैं उत्क्रमणीय। यानी जिसको पुनः प्रतिस्थापित किया जा सके। यानी जो भौतिक अधिशोषण होते हैं उत्क्रमणीय प्रकृति के होते हैं। जिसको पुनः आप बना सकते हैं। है ना? जैसे बाबू जल को आप बर्फ भी बना सकते हैं। फिर बर्फ से आप जल भी बना सकते हैं। है ना? मोमबत्ती पिघला के आप फिर से मोमबत्ती बना सकते हैं। बाबू लाइए मोमबत्ती को और कढ़ाई
42:36 में रख के। इतना सारा मोमबत्ती लाइए और कढ़ाई में रख दीजिए और फिर एक मोटा होइए। मोटा होते जगह क्या करिए? मोमबत्ती बना दीजिए। रात भर जराइए। खूब हंसिए। बाबू मोमबत्ती को गला के आप मोमबत्ती बना दिए। मोमबत्ती को क्या किया? आपने द्रव भी बना दिया। फिर चाहा तो आपने मोमबत्ती भी बना दिया। तो उसे क्या कहेंगे? उत्क्रमणीय प्रकृति कहेंगे। यानी जो भौतिक अधिशोषण होता है अगर किसी ठोस या द्रव के सतह पे कोई भी परमाणु या कोई भी कण है अगर कमजोर वंडर वाल बल के द्वारा चिपका है तो उसे क्या कहेंगे? भौतिक अधिशोषण कहेंगे। और भौतिक अधिशोषण आपको ध्यान में रखना है कि भौतिक अधिशोषण में कई परतें होती हैं। बहुत सारी परतें होती है। यह भी आपको ध्यान में रखना है। और भौतिक अधिशोषण क्या होता है बाबू? इसमें कमजोर वंडर वाल्व बल होता है। अब भौतिक अधिशोषण आपको ध्यान में
43:22 रखना है कि ये उत्क्रमणीय प्रकृति का होता है। जिसे पुनः प्रतिस्थापित किया जा सकता है। और भौतिक अधिशोषण में बाबू याद रखना है कि 20 से 40, 20 से 40 कि.जूल है ना? किलो प्रति मोल है ना? ऊष्मा निकलता है। क्या निकलता है? ऊष्मा जो कि एग्जाम में पूछा जाता है। तो भौतिक अधिशोषण में क्या होता है? 20 से 40 किलोजूल प्रति मोल क्या निकलता है? ऊष्मा का अवशोषण होता है। ठीक है? तो भौतिक अधिशोषण के बारे में इतना आपने जाना। अब देखिए रासायनिक अधिशोषण क्या होता है? तो रासायनिक अधिशोषण किसे कहते हैं? तो जब भी किसी ठोस या द्रव के सतह पे कोई भी पार्टिकल हो अगर रासायनिक मजबूत बंधन बल से चिपका हो रासायनिक बंधन बल यानी मजबूत रासायनिक बंधन बल से चिपका हो तो उसे हम लोग क्या कहेंगे रासायनिक
44:09 अधिशोषण कहेंगे है ना और रासायनिक अधिशोषण में बाबू क्या होगा एक परतें होगी और वो भी क्या होगा मजबूत रासायनिक बंधन बल से चिपका होगा उसे क्या कहेंगे रासायनिक अधिशोषण कहेंगे यानी बाबू अधिशोषण के दो प्रकार आपने पढ़ा भौतिक अधिशोषण, रासायनिक अधिशोषण। भौतिक अधिशोषण किसे कहते हैं? कि जब किसी ठोस या द्रव के सतह पे कोई भी पार्टिकल अगर कमजोर वांडल वाल बल के द्वारा चिपका हो उसे हम लोग भौतिक अधिशोषण कहते हैं। अब भौतिक अधिशोषण में बाबू याद रखना है कि कई सारे परतें बनी होती है। है ना? कई परतें हो सकती है। ठीक है? और भौतिक अधिशोषण क्या होता है? उत्क्रमणीय होता है। और भौतिक अधिशोषण में जो ऊर्जाएं निकलती है 20 से 40 क्या होगा? किलोजूल प्रति मोल ऊर्जाएं निकलती है। ठीक है? और
44:54 वही रासायनिक अधिशोषण किसे कहते हैं? तो बाबू हमने क्या कहा कि जब किसी ठोस या द्रव के सतह पे कोई बाबू याद रखना है पार्टिकल अगर मजबूत रासायनिक बंधन बल से चिपका हो। मजबूत रासायनिक बंधन बल से चिपका हो तो उसे हम लोग रासायनिक अधिशोषण के नाम से जानते हैं। अब रासायनिक अधिशोषण में कितने परतें होंगी? तो बाबू एक परतें। वहीं भौतिक अधिशोषण में कितने परतें होंगी? तो बहुत सारे परतें होती है लेकिन रासायनिक में क्या होगा एक ही परतें होंगी और भौतिक अधिशोषण क्या होता था उत्क्रमणीय प्रकृति का होता था जैसे हम लोग पुनः प्रतिस्थापित कर सकते थे जैसे दूध से क्या मतलब सॉरी जल से क्या कर देना बाबू जल से बर्फ बनाना फिर बर्फ से जल बनाना मोमबत्ती को पिला के फिर मोमबत्ती बना लेना तो ये सब क्रियाएं उत्क्रमणीय होती है लेकिन
45:40 रासायनिक अधिशोषण अभिक्रियाएं क्या होती है अनुत्क्रमणीय प्रकृति का होती है अब अनुत्क्रमणीय क्या होता है इरिवर्सिबल यानी जिसको हम रिवर्स नहीं कर सकते हैं। जैसे दूध आज लाए। ठीक है? दूध लाए और दूध में क्या किए? जोरण डाल दिए। क्या किए? जैसे ही दूध में हमने क्या किया बाबू? दूध में क्या किया? जोरण डाल दिए। क्या किए? यहां पे लिख देते हैं जोरन। जोरण और जोरण डाले तो क्या हो गया? दही हो गया। तो बाबू आज आपका मन किया कि आज दूध नहीं खाएंगे। आज जोरण डालेंगे इसमें। क्या करेंगे? आज तो दूध में जोरन डाला ही बाबू। तो जैसे ही आप जोरन डालेंगे क्या होगा? सुबह तक चाहे एक दिन बाद क्या होगा दही में परिवर्तित हो जाएगा तो फिर आप चाहिएगा कि दही से दूध बना ले तो कोनो कीमत पे पॉसिबल है जी कोनो भी कीमत पे अगर पॉसिबल हो तो बताइए कि हां
46:27 दही से हम दूध बना लेंगे कितनो मगा मलाई बाहर निकल जाएगा लेकिन वो दूध नहीं बनेगा दही पात्र हो जाएगी लेकिन क्या हुई दूध ना बनी है ना अब बाबू सजीवों में वृद्धि जैसे आप थे बच्चे ठीक है आप थे बच्चे है ना आप थे क्या बच्चे अब बच्चा में बाबू सब किसी को अच्छा अच्छा लगता है। अब आप क्या हो गए हैं? 12th के छात्र हो गए। आप क्या हो गए? सयान हो गए। अब मोचारी सब आ गया। क्या बाबू? ये क्या है? मोच है। ये मान लीजिए कि मोछ है। ये जीव है। हंस रहे हैं जीभ निकाल निकाल के। ठीक है? ये आप है। ठीक है? और यहां पे क्या हो गया? मोचारी हो गया आपका। तो आप चाहते हैं कि फिर हम लका बन जाए तो ऐसा पॉसिबल है जी? नहीं है। ऐसा पॉसिबल है? बिल्कुल भी नहीं है। तो, यह क्या कहलाएगा? अनुत्क्रमणीय प्रकृति कहलाएगा। जिसको हम फिर पुनः प्रतिस्थापित नहीं कर सकते हैं। है ना? अब लड़की एक मान
47:14 लीजिए लड़की थी और छोटी चुगी में बहुत क्यूट थी और जैसे बड़ हुई थोड़ा सा उसका क्यूटनेस गायब हो गया अब लोल हो गई है ना अब अच्छा नहीं लग रही है तो फिर सोचेगी कि हम फिर छोटा हो जाए कि बहुत क्यूट दिखे तो ऐसा पॉसिबल है नहीं है तो इसे क्या कहेंगे इररिवर्सिबल यानी ये फिर उस छोटाई में तो नहीं जा सकते यानी जो सजीवों में वृद्धि होता है वो अनुत्क्रमणीय होता है है ना दूध से दही बनना अनुत्क्रमणीय तो ये सब क्या होते हैं रासायनिक अधिशोषण के एक एग्जांपल होते हैं अनुत्क्रमणीय ठीक है? क्लियर रखिएगा। चलिए हैप्पी गर्ल। चलिए मानवी कुमारी सर वो कौन है? छोड़िए कोई बात नहीं है। लड़की इसका नाम बहुत खतरनाक रखी है। चलिए
48:02 क्लियर हो गया। तो यहां पे आप लोग एक-एक करके समझिए कि भौतिक अधिशोषण क्या होता है कि जब अधिशोषक की सतह पर अधिशोषित पदार्थ के मा के मध्य क्या होता है? दुर्बल यानी कमजोर वंडरवाल बल होता है। तब इसे हम लोग क्या कहते हैं बाबू? भौतिक अधिशोषण। हमने क्या कहा? अधिशोषित क्या होता है कि ये ठोस पदार्थ है। तो इसका ये जो सतह हो गया है क्या हो गया? यहां पे क्या हो गया? अधिशोषक हो गया। अब अधिशोषित का मतलब क्या हो गया? कि ये जो चिपका हुआ है यानी अधिशोषक पे ये जो अधिशोष्य पदार्थ जो है ये जो चिपका हुआ है। अगर यह कमजोर वांडरवाल बल द्वारा चिपका है। यह क्या है बाबू? अगर ये चिपका हुआ है तो कितना तो बाबू कमजोर का बाबू कमजोर है ना अगर ये कमजोर वंडर वाल बल द्वारा
48:51 कमजोर वंडरवाल बल द्वारा चिपका है तो ये क्या कहलाएगा भौतिक अधिशोषण की क्रियाएं कहलाएंगी जो कि आपको समझ में आ गया भौतिक अधिशोषण में कई परतें ऊपर एक और परत बन जाएगा इसमें कई परतें होती है क्योंकि ये कमजोर वांडर वाल बल के द्वारा बंधा होता है कई परतें होती है यह उत्क्रमणीय प्रकृति का होता है। है ना? ठीक है। भौतिक अधिशोषण यहां पे अस्थाई प्रकृति का होता है। ताप को बढ़ाकर या गैस के दाब को कम करके अधिशोषण की मात्रा कम की जा सकती है। जैसे चारकोल के सतह पर गैस का अधिशोषण। ठीक है? ये आप लोगों ने अधिशोषण के बारे में पढ़ा। बाबू अब देखिए कि भौतिक अधिशोषण के प्रमुख लक्षण यानी जो भौतिक अधिशोषण आपने पढ़ा उसके प्रमुख लक्षण क्या है? कि भौतिक अधिशोषण पे ताप का प्रभाव क्या
49:37 पड़ेगा? बाबू अधिशोषण पे ताप का प्रभाव क्या पड़ेगा? तो भौतिक अधिशोषण क्या होता है? ताप। ताप समानुपाती क्या होता है? x/ m के है ना बाबू याद रखना है कि बाबू ताप बढ़ाएंगे तो क्या होगा? भौतिक अधिशोषण की मात्रा क्या होगी? घटेगी। यानी बाबू आप लोग याद रखिएगा कि ताप वृद्धि करने पे भौतिक अधिशोषण में क्या आती है? कमी आती है। ये क्वेश्चन पूछा जाता है कि तापमान बढ़ाने पे भौतिक अधिशोषण में क्या होता है? वृद्धि होती है कि कमी आती है? तो ताप बढ़ाने में भौतिक अधिशोषण में क्या होता है बाबू? आपको ध्यान में रखना है कमी आता है। जैसे अगर इसका आप एक ग्राफ बनाना चाहें तो बाबू यहां पे याद रखना है कि अगर आप इसका ग्राफ बनाना चाहें तो इस प्रकार से आप बना सकते हैं। देखिए किस प्रकार से बना सकते हैं हम आपको बताते हैं। अगर आप
50:23 ग्राफ बनाना चाहें तो आप इस प्रकार से बना सकते हैं। ये क्या है बाबू? हमारा बाबू याद रखना है कि कोई हमारा अधिशोषण है क्या? x/ m ठीक है? ये हमारा कोई अधिशोषण है x/ m ठीक है? और ये क्या है हमारा? ताप है। ठीक है? ताप है। तो बाबू क्या है? तापमान बढ़ाएंगे। बाबू मान लेते हैं कि भौतिक अधिशोषण यहां पे है। तो अगर हम जैसे-जैसे टेंपरेचर बढ़ाएंगे क्या होगा? अधिशोषण की घटनाएं क्या होगी? घटेगी। तो इसका ग्राफ यहां पे हमारा इस प्रकार से होगा। ठीक है? ये आप लोग ध्यान में रखिएगा। ठीक है? आगे बढ़ जाइए। अगला कि दाब का क्या प्रभाव पड़ेगा? भौतिक अधिशोषण में दाब का क्या प्रभाव पड़ेगा? दाब में वृद्धि करने पे भौतिक अधिशोषण में भी क्या होता है? वृद्धि होता है। दाब बढ़ाने पे भौतिक अधिशोषण का मान क्या होता है? बढ़ता है। दाब बढ़ाने पे भौतिक अधिशोषण का मान
51:09 क्या होता है? बढ़ता है। और हमने क्या कहा था कि यह उत्क्रमणीय प्रकृति का होता है। कौन? भौतिक अधिशोषण। यानी भौतिक अधिशोषण एक उत्क्रमणीय प्रकम है। अतः किसी ठोस सतह पर अधिशोषित गैस को ताप में वृद्धि करके या दाब में कमी करके यहां पे सरलता से सतह से पृथक किया जा सकता है। यानी इसको हटाया जा सकता है। फिर से उसको उसी प्रकार से बनाया जा सकता है कि मान लीजिए कि लोहा है। इस पे मान लीजिए कोई भी ठोस पदार्थ है। इस पे कोई कुछ पदार्थ आके लग गया। तो इसको हम लोग बाबू ताप में वृद्धि करके और चाहे दाब में कमी करके इसको क्या कर सकते हैं? हटा सकते हैं। इसको अलग कर सकते हैं। यानी फिर उसको उसी हिसाब से कर सकते हैं। तो ये क्या कहलाएगा? उत्क्रमणीय कहलाएगा। अब बाबू यहां पे ध्यान रखना है कि रासायनिक अधिशोषण क्या है? और रासायनिक
51:55 अधिशोषण के बारे में हमने आपको अभी बताया कि रासायनिक अधिशोषण क्या होता है? कि अधिशोषण की सतह पर अधिशोषण की सतह पर अश मतलब क्या? अधिशोषित पदार्थ रासायनिक बंधन बल द्वारा अगर चिपके हो तो उसे हम लोग क्या कहते हैं? रासायनिक अधिशोषण कहते हैं। यानी किसी ठोस सतह पे द्रव और गैस के कण रासायनिक मजबूत बंधन बल द्वारा चिपके हो तो उसे हम लोग क्या कहते हैं? रासायनिक अधिशोषण के नाम से जानते हैं। और रासायनिक अधिशोषण में कितने परतें होती हैं? तो आपको ध्यान में रखना है कि रासायनिक अधिशोषण में एक परत होगी। ठीक है? और रासायनिक अधिशोषण बाबू याद रखना है कि रासायनिक अधिशोषण क्या होता है? एक अनुत्क्रमणीय प्रकृति का होता है। ये भी आप लोग क्लियर रखिएगा जो कि हमने पीछे एक्सप्लेन किया है। अब देखिए कि इस पे ताप का प्रभाव क्या पड़ेगा? किस पे? तो
52:40 रासायनिक अधिशोषण पे। तो ताप वृद्धि करने पे रासायनिक अधिशोषण में पहले तो वृद्धि होगा परंतु बाद में क्या होने लगेगा? कमी होने लगेगा। याद रखिएगा कि रासायनिक अधिशोषण में ताप वृद्धि करने पे पहले क्या होता है? वृद्धि होता है। बाद में कमी होता है। अनुत्क्रमणीय प्रकृति का होता है। यानी रासायनिक अधिशोषण एक अनुत् करमणीय प्रक्रम है। यह रासायनिक अधिशोषण में यौगिक बनाने का कारण है। क्योंकि यहां पे रसोस एक यहां पे ऊष्माक्षेपी क्या होता है? प्रक्रम होता है जो एक बार हो गया फिर वह हट नहीं सकता है। अब देखिए कि भौतिक यहां पे पृष्ठीय क्षेत्रफल भौतिक अधिशोषण के समान रासायनिक अधिशोषण भी पृष्ठीय क्षेत्रफल पर निर्भर करता है। अर्थात क्षेत्रफल बढ़ाने पे रासायनिक अधिशोषण का मान भी बढ़ेगा।
53:26 जितना ज्यादा बड़ा क्षेत्रफल होगा इसका बाबू क्या होगा? उतना ज्यादा बड़ा क्या होगा? पृष्ठीय यहां पे भौतिक अधिशोषण की घटनाएं होगी। है ना? जितना बड़ा उतना बड़ा क्या होगा? भौतिक अधिशोषण की घटना होगी चाहे रासायनिक अधिशोषण की घटना होगी। तो ये आप लोग क्लियर रखिएगा। अब ये अंतर आता है आपके एग्जाम में बहुत ज्यादा इंपॉर्टेंट है। उसके बाद से इससे संबंधित कुछ क्वेश्चन करेंगे जो आपको मजा आएगा और आपको समझ में भी आएगा कि पढ़ने का फायदा यह है। भौतिक तथा रासायनिक अधिशोषण में अंतर। भौतिक अधिशोषण क्या है? कि यह दुर्बल वांडरवाल बलों के कारण उत्पन्न होता है। बाबू आपको पता है ना कि जब ठोस सतह पे द्रव और गैस के कण कमजोर वंडर वाल बल द्वारा चिपके हो तो उसे क्या कहते हैं हम लोग? भौतिक अधिशोषण। फिर आप लोग लिख सकते हैं रासायनिक अधिशोषण में कि इसमें क्या होता है? रासायनिक बंधन बल होता है। फिर आप भौतिक अधिशोषण में लिख सकते हैं कि
54:12 भौतिक अधिशोषण में अनेक परतें होती हैं। जबकि रासायनिक अधिशोषण में एक परत होती है। फिर आप लिख सकते हैं कि भौतिक अधिशोषण एक उत्क्रमणीय होता है। जबकि रासायनिक अधिशोषण अनुत्क्रमणीय होता है। आप लिख सकते हैं ना ये सब सारी बातें। तो वही तो होता है अंतर। कि यह पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ाने पे बढ़ता है। जितना ज्यादा बड़ा होगा उतना ज्यादा भौतिक अधिशोषण की क्रिया होगी। अब ये भी तो हमने क्या कहा कि जितना बड़ा होगा ये भी पृष्ठीय क्षेत्रफल बढ़ाने पे बढ़ता है। तो ये भी आंसर हो गया। ताप में वृद्धि करने पे भौतिक अधिशोषण में क्या होता है? कमी होती है। हमने अभी आपको बताया कि ताप बढ़ाने पे भौतिक अधिशोषण में कमी आता है। जबकि तापमान वृद्धि करने पे रासायनिक अधिशोषण में क्या होता है? पहले तो क्या होगा? तीव्रता आएगी। बढ़ेगा फिर बाद में क्या होगा? घटता है। है ना? बाद में क्या होता है? कमी होने लगता है। यह प्रकृति में क्या है? उत्क्रमणीय है। जिसको पुनः प्रतिस्थापित कर सकते हैं। और
54:58 यह क्या होता है? अनुत्क्रमणीय यानी इररिवर्सिबल होता है जिसको पुनः परिस्थित हम लोग नहीं कर सकते हैं। तो ये अंतर आपको याद हो जाना चाहिए। ठीक है? और ये क्वेश्चन पूछा जाता है आपके एग्जाम में। ठीक है? अब सुनिए बाबू एक-एक क्वेश्चन करते हैं अब यहां से कि निम्नलिखित में से कौन सा अधिशोषण बहु आणविक स्तर बनाता है? अब देखिए सबसे पहली बात बाबू शेयर करिए वीडियो को। ये देखिए सबसे पहली बात यह पूछा कब गया है? 2025 के परीक्षा में पूछा गया है। कब पूछा गया है? जी 2025 के परीक्षा में बाबू ये क्वेश्चन आया हुआ है। है ना बाबू कि कौन है? निम्नलिखित में से कौन सा अधिशोषण है जो बहु आणविक स्तर बनाता है यानी बहुत सारा स्तर बनाता है। तो हमने क्या कहा था कि जो
55:45 भौतिक अधिशोषण होती है उसमें कितने परतें बनती है? तो आपने बताया कि भौतिक अधिशोषण में अनेक यानी बहुआ आणविक स्तर बनता है। अनेक परत बनती है। बाबू क्या होता है? अनेकों परत बनता है। बहु आणविक स्तर बनता है। बोलिए। तो अगर आप हमसे पढ़े हैं थ्योरी तो ये थ्योरी का ही तो क्वेश्चन है। सही-सही बताइएगा। हमने आपको थ्योरी पढ़ाया और उसमें समझाया और उसी से देखिए बिहार बोर्ड क्वेश्चन बना दिया कि निम्नलिखित में से कौन सा अधिशोषण बहु आणविक स्तर बनाता है? तो आपका क्या आंसर आना चाहिए? कि जो हमारा भौतिक अधिशोषण होता है ये क्या होता है? कई स्तरों का निर्माण करता है। बहु आणविक स्तर बनाता है। बाबू क्लियर हुआ ना? देखिए ये थ्योरी पढ़ने का फायदा है। रासायनिक अधिशोषण में कितने परतें होती है? क्या यह
56:30 पूछा नहीं गया है। 2021 के एग्जाम में पूछा गया है कि रासायनिक अधिशोषण में कितने परतें होती हैं? तो हमने क्या कहा? भौतिक अधिशोषण में तो बहुत सारे परतें बनती है। लेकिन रासायनिक अधिशोषण में क्या होगा? एक परतें बनती हैं। बाबू कितना एक बाबू अभी समझ में आएगा देखिए पढ़ने से आपको लगता होगा कि हां कुछ समझ में आया नहीं आया लेकिन जैसे ही उससे क्या करेंगे आप क्वेश्चन करेंगे ना तब पता चलेगा कि हां पढ़ाई बाबू हुआ है और मजा भी आ रहा है। अगला क्वेश्चन है कि भौतिक अधिशोषण में लगभग ऊष्मा उत्सर्जित होता है। तो हमने आपको लिख के बताया था ना कि भौतिक अधिशोषण में कितना किलोजूल प्रति मोल ऊष्मा उत्सर्जित होता है? तो भौतिक अधिशोषण में हमने क्या लिखा था कि 20 से 40 किलJूल प्रति मोल ऊष्मा का क्या होता
57:16 है? उत्सर्जन होता है। लिखे थे हम बताए भी थे। वीडियो को पीछे करिए। देखिए तो ये सब सारे क्वेश्चन आइए कब पूछा गया? तो 2021 में ये बाबू प्रूफ है कि हमारा थ्योरी पढ़ाया हुआ है ना और उसी से क्वेश्चन ये आ रहा है। हमारा पढ़ाया हुआ थ्योरी से ही ना ये सब क्वेश्चन है कि अलग है? नहीं है। आगे बढ़ जाइए 2020 में कि रासायनिक अधिशोषण अभिक्रिया क्या होती है बाबू? रासायनिक अधिशोषण किसे कहते हैं? कि जब किसी ठोस या द्रव के सतह पे कोई भी कण क्या होता है? मजबूत रासायनिक बंधन बल से चिपके हो उसे हम लोग रासायनिक अधिशोषण कहते हैं। और रासायनिक अधिशोषण में परतों की संख्या कितनी होती है? एक। और ये क्या होता है? अनुत्क्रमणीय प्रकृति का होता है। तो रासायनिक अधिशोषण क्या होता है? अनुत्क्रमणीय इरिवर्सिबल। जिसको पुनः प्रतिस्थापित हम लोग नहीं कर सकते हैं।
58:03 जबकि भौतिक वाला में क्या होगा? उत्क्रमणीय होगा। अब पूछा कब गया? 2020 पढ़ाई है। जो भी पढ़ाए हैं उसमें का क्वेश्चन है ये। है ना? आगे बढ़िए। अगला। अब देखिए किस गैस का अवशोषण चारकोल के द्वारा सबसे अधिक होता है? अवशोषण। हमने आपको एग्जांपल दिया था और उस एग्जांपल से ही क्वेश्चन है कि किस गैस का अवशोषण किस गैस का कौन सा ऐसा गैस है जिसका अवशोषण चारकोल के द्वारा सबसे अधिक होता है? तो हमने बाबू क्या बताया था? NH3 अमोनिया अमोनिया। NH3 क्या बाबू? NH3 अमोनिया गैस का अवशोषण क्या होता है? चारकोल पे सबसे ज्यादा अधिक होता है। तो अमोनिया हम लोग क्या करेंगे? राइट आंसर करेंगे। तो बताइए अमोनिया आप लोग मारेंगे राइट आंसर? बिल्कुल मारेंगे क्योंकि हमने पढ़ाया है बाबू। अब देखिए अगला क्वेश्चन है कि पृष्ठ
58:50 पर किसी आणविक स्पीशीज की केंद्रीकरण की घटना क्या कहलाती है? अगर पृष्ठ से जुड़ी है। ये क्या है बाबू? कोई ठोस पदार्थ है। इसके पृष्ठ से जुड़ी घटना को हम लोग क्या कहते हैं? इस पृष्ठ से जुड़ी इसके पृष्ठ से जुड़ी घटनाओं को हम लोग क्या कहते हैं? क्या हम अवशोषण कहते हैं? अवशोषण का मतलब क्या होता है? एब्जॉर्प्शन यानी अब्जॉर्ब कर लेना। यानी उसके अंदर चला जाना। तो ये तो होगा नहीं। बाबू पृष्ठीय परिघटना किसके अंतर्गत आती है? अधिशोषण ऐड्सॉर्प्शन। यानी पृष्ठ से सतह से जुड़ी घटनाओं को हम लोग क्या कहते हैं? बाबू अधिशोषण की घटना कहते हैं। सत्ता से जुड़ी घटनाओं को अधिशोषण की घटना ही कहा जाता है। रामानंद कश्यप, नरेंद्र बहुत बढ़िया। वेरी गुड। चलिए जल्दी-जल्दी आंसर लगाते चलिए। आगे
59:35 बढ़िए। अगला कि ठोस की सतह पर गैस के अधिशोषण के संदर्भ में कौन सा सही नहीं है? क्या बोला गया है? कि किसी ठोस के सतह पर गैस के अधिशोषण के संबंध में क्या सही नहीं है? अधिशोषण लिखा है। अधिशोषण। तो बाबू आपको पता है कि ताप बढ़ाने पे अधिशोषण की मात्रा बढ़ जाती है। हमने क्या कहा कि ताप बढ़ाने पे अधिशोषण की मात्रा क्या होती है? घट जाती है। पढ़ाया था ना कि ताप बढ़ाने पे अधिशोषण की मात्रा घट जाती है। लेकिन पहला ही ऑप्शन है कि ताप बढ़ाने पर अधिशोषण की मात्रा बढ़ जाती है। कहां तक यह उचित है? तो गलत तो यही है ना। तो गलत ही तो पूछा है ना कि कौन सा कथन सही नहीं है। यानी कौन सा गलत है? तो ताप बढ़ाने पर अधिशोषण की मात्रा घट जाती है। बढ़ती नहीं है। तो पहला ही ऑप्शन राइट आंसर। चलिए अब देखिए कि भौतिक अधिशोषण के
1:00:22 गैस के कण ठोस सतह पर किस बल द्वारा बंधे रहते हैं? देखिए हमने आपको पढ़ाया है और यह सारा पढ़ाई का ही क्वेश्चन है कि भौतिक अधिशोषण में गैस के कण जो है ठोस सतह पर किस बल द्वारा बंधे रहते हैं। यह बाबू मान लेते हैं कि क्या है? भौतिक अधिशोषण में ठोस सतह पे। यह हमने क्या किया? ठोस सतह बना दिया। अब इस ठोस सतह पे मान लेते हैं कि ये हमारा गैस का कण है। ये गैस का कण क्या हुआ है? इस ठोस सतह पे चिपका हुआ है। इस ठोस सतह पे क्या हुआ है? ये गैस का कण हमारा मान लेते हैं क्या है? ठोस है। अब ये ठोस के सतह पे ये जो गैस का कण चिपका हुआ है। ये कौन सा बंधन बल के द्वारा चिपका हुआ है? तो हमने क्या कहा? भौतिक अधिशोषण में किसी ठोस सतह पे द्रव और गैस के कण अगर कमजोर वंडर वाल बल के द्वारा
1:01:10 चिपके हो तो उसे हम लोग क्या कहते हैं? भौतिक अधिशोषण। तो भौतिक अधिशोषण में गैस के जो कण है ठोस सतह पर ये जो गैस के कण है इस ठोस सतह पर किस बल के द्वारा चिपका है? तो कमजोर वांडर वाले बाबू वांडर वाले वंडर वाल बल वांडर वाल बल के द्वारा चिपका है। इसे हम लोग क्या कहेंगे? भौतिक अधिशोषण। बताइए ये जो सारे के सारे क्वेश्चन कराए हैं, वह आपको इजी इसलिए लग रहा है क्योंकि हमने पीछे सारे के सारे क्वेश्चन जितने भी टॉपिक थे, उसको एक्सप्लेन किया है। तभी आपके लिए आसान हुआ है। ठीक है? क्लियर है? मिस डार्क क्वीन छोटान बहुत बढ़िया रामानंद कश्यप चलिए विकास फैमिली कॉमेडी और बाबू यहां पे एक और क्लास होने वाला है जो 9:00 बजे
1:01:56 होने वाला है। बहुत ज्यादाेंट चैप्टर है। पांच नंबर का क्वेश्चन है। उसको हम आज सॉल्व कराएंगे। बाबू उस क्या सॉल्व कराएंगे? तो याद रखना है कि वृत्ताकार धारावाही कुंडली के केंद्र पे उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता है ना? वृत्ताकार धारावाही कुंडली के केंद्र पे उत्पन्न चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता का व्यंजक प्राप्त करें जो कि पांच नंबर का क्वेश्चन पूछा जाता है। चैप्टर फोर का है फिजिक्स का। अभी 9:00 बजे ज्यादा देर नहीं 15 से 20 मिनट का क्लास होगा लेकिन क्लास में दम होगा और वो क्वेश्चन आपके एग्जामों में पूछे जाते हैं। ठीक है? तो ये आप लोग क्लियर रखिएगा। अब एक बात बताइए आप लोग। एक क्वेश्चन पूछ देते हैं कि लोहे पे जंग लगना क्या है? अधिशोषण है कि अवशोषण है? एक बात बताइए कि लोहे पे जंग लगना कैसी परिघटना है? अधिशोषण की कि अवशोषण की? एक
1:02:44 बार बताइए। न्यू स्टूडेंट टाइम टेबल क्या है? बाबू सिंपल सा बाबू कि शाम में 7:00 पी.m. में क्लास होता है। है ना? और रात में 9:00 पी.m. में क्लास होता है। दोपहर में 1:00 पीएम में क्लास होता है। अभी सुबह में भी क्लास स्टार्ट हो जाएगा। जो कि हम लॉन्ग क्वेश्चन बताएंगे फिजिक्स का बाबू कल या परसों। तो यहां पे क्या कितना बजे? 6:00 am में होता है। ठीक है? तो ये क्लियर रखिएगा। लेकिन ये 7:00 पीm वाला फिक्स है। 9:00 पीm वाला फिक्स है। 1:00 पीएम वाला फिक्स होता है। ठीक है? तो ये आप लोग क्लियर रखिएगा बाबू। क्लास करने के लिए क्या है? नंबर नोट कीजिए। 9135742024 आप इस पे WhatsApp मैसेज करिए। आपके पास दो लिंक जाएगा। एक वो लड़का का होगा। ठीक है? लड़का का। ठीक है? लड़का का। एक क्या होगा? गर्ल का होगा यानी लड़की का होगा।
1:03:30 है ना? बाबू तो देखिए लड़का का ग्रुप में लड़का जुड़ेगा। ठीक है? और लड़की के ग्रुप में भी लड़का जुड़ जाएगा। यह बाबू पॉसिबल है। लड़का जुड़ सकता है क्योंकि यह क्या है? गर्ल्स ग्रुप जो है ना यह WhatsApp चैनल है। इसमें किसी का नंबर नहीं दिखाएगा। रे बाबू लालची मत बनिए सन लालची बनेगा नहीं के बाबू। पहली बात लालची बनना नहीं है कि हां लड़की वाला में जुड़ जाएंगे। जी आई आर एल गर्ल आई क्या है? ग्रुप जी आर ओ यू पी। बाप रे बाप तब तो खाली नमरे ही नंबर मिली। हैं बाबू कहां नमरे नंबर मिली। तो ऐसा नहीं है ये चैनल है। इसमें किसी का नंबर शो नहीं करता है। तो लड़का बाबू लड़की के ग्रुप में जुड़ जाएगा। कोई भी दिक्कत नहीं है। चैनल है वह जुड़ जाएगा। लेकिन खास करके हाथ जोड़ के हम लड़कियों से यह निवेदन करेंगे। भुला भटक के भी लड़का का ग्रुप लिखा है। जुड़ना
1:04:15 नहीं है। नहीं तो कभी-कभी गलती से लड़की जुड़ जाती है। लड़का कुछ परसेंट लड़का ऐसा होता है। एकदम परेशान करके रख देगा। कामना नेचर का होता है। जी। हम नहीं समझते हैं कि क्या करो? बहन तो होगी ना कम से कम। अब उसके बहन के पास कॉल कर कर के कोई परेशान करेगा तो अपना बहन पाएगा तो तलवार निकाल देगा मार दे गोली के ना गोली और दूसरा के बहन थी हैं फैलाना ही चलिए तो ये आप लोग क्लियर रखिएगा ठीक है और गर्ल्स लोग से निवेदन है कि जो दूसरा लिंक जाता है ना जिसमें लिखा है कि खास करके ना पूरा लिखा रहता है कि इसमें केवल मतलब लड़की अगर हैं आप तो इसी ग्रुप में ज्वाइन करिए और गर्ल्स ग्रुप में आप ज्वाइन करिएगा ठीक है। भुला के भी बॉय
1:05:00 ग्रुप में आपको ज्वाइन नहीं करना है। चलिए बहुत बढ़िया। सर जी आप भी मांग करते थे क्या? क्या चीज मांग बाबू? चलिए तो बाबू क्लास को यहीं पे समाप्त करते हैं। आप लोग जुड़ जाइएगा। ठीक है? और लाइक नहीं किए हैं लाइक कर दीजिएगा। कल जो क्लास कराए थे ना गतिमान आवेश तथा चुंबकत्व बाबू जैसे हमने एंपियर का परिपथ
1:05:46 नियम पढ़ाया था और बाबू उसका हमने क्या किया था बाबू? उसका हमने बाबू अनुप्रयोग किया था। दो है ना उसका पीडीएफ जो है ना पैनल का नहीं मिल पाएगा क्योंकि सेव नहीं हो पाया। ठीक है? तो आप लोग वहीं से उसका नोट्स बना लीजिएगा कॉपी पे। ठीक है? वो सेव नहीं हो पाया तो वो डिलीट हो गया है। तो कल वाला जो क्लास था ना पैनल का पीडीएफ कल का क्लास का नहीं मिलेगा। बाकी इसका मिल जाएगा क्योंकि सेव नहीं हो पाया है। ठीक है? उसको आप लोग क्या करिएगा बाबू? क्लास से ही दो-तीन पेज का है। नोट आउट कर लीजिएगा। ठीक है? चलिए तो बाबू मिलते हैं ऐसी अगली क्लास में। आप लोग वीडियो को लाइक करिए एक बार और चैनल को फटाफट से सब्सक्राइब करिए। अभी मिलते हैं जस्ट 9:00 बजे। ज्यादा नहीं 9:00 बजे ही मिलेंगे। आप लोग आइएगा। ज्यादा देर का क्लास नहीं होगा। 15 से 20 मिनट का क्लास है। लेकिन मजेदार क्लास है
1:06:33 बाबू। मजा वाला क्लास है। पांच नंबरिया क्वेश्चन है। तो मिलते हैं ऐसी अगली क्लास में। आप लोग अपना ध्यान रखिए। मन लगा के पढ़ाई करिए। टेक केयर एंड बाय। थैंक यू सो मच।