Debate between Angel V Chandra And Daniel Raj|| Tongues are Earthly Language or not? Sadananda P||

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संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो 21 तारीख को तनला सर और वीर चंद्र सर के बीच हुए डिबेट का विश्लेषण करता है, जिसमें वक्ता डिबेट के दौरान हुई कुछ कमियों और डिस्ट्रैक्शन पर प्रकाश डालता है। वक्ता ने दोनों पक्षों के तर्कों को समझने के लिए काफी समय लगाया और नोट्स बनाए। वीडियो में डिबेट की शुरुआत, दानियल राज सर के 40 मिनट के प्रेजेंटेशन, वीर चंद्र सर की आपत्तियों, रबा रबा पर चर्चा, और पौलुस के अन्य भाषा बोलने के उद्देश्य पर सवाल उठाए गए हैं। अंत में, वक्ता का मानना है कि वीर चंद्र सर का पक्ष अधिक मजबूत था क्योंकि दानियल राज सर कुछ सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

  • डिबेट में कई डिस्ट्रैक्शन थे, जिससे दर्शकों को समझने में मुश्किल हुई।
  • दानियल राज सर का प्रेजेंटेशन बहुत तेज था और उसमें संदर्भ की कमी थी।
  • वीर चंद्र सर ने दानियल राज सर के तर्कों पर कई आपत्तियां उठाईं, जिनमें रबा रबा का अर्थ और पौलुस के अन्य भाषा बोलने का उद्देश्य शामिल था।
  • वक्ता का मानना है कि वीर चंद्र सर का पक्ष अधिक मजबूत था क्योंकि दानियल राज सर कुछ सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

परिचय

वक्ता ने 21 तारीख को तनला सर और वीर चंद्र सर के बीच हुए डिबेट के बारे में बात करने की इच्छा व्यक्त की, जिसमें वे उन चीजों को समझाने का प्रयास करेंगे जो शायद दर्शक उस दिन समझ नहीं पाए। वक्ता ने उल्लेख किया कि डिबेट में कई बार आउट ऑफ ट्रैक चले गए और नोकझोंक होने लगी, जिससे दर्शकों का ध्यान भटक गया। वक्ता ने यह भी कहा कि उन्होंने डिबेट को समझने के लिए दानिल राज सर और वीरा सर दोनों के वीडियो को दो से तीन बार सुना और पांच पेज के नोट्स बनाए। वक्ता का उद्देश्य डिबेट को सिस्टमैटिकली पेश करना और अपना राय देना है।

बहस की शुरुआत और दानियल राज सर का प्रस्तुतीकरण

डिबेट की शुरुआत 8:30 बजे हुई, जिसमें दानियल राज सर को 40 मिनट का ओपनिंग स्टेटमेंट देने का समय दिया गया। वक्ता ने बताया कि दानियल राज सर ने खुद 40 मिनट का समय मांगा था ताकि वे अपने विचारों को अच्छी तरह से समझा सकें। हालांकि, वक्ता को लगा कि दानियल राज सर का प्रेजेंटेशन बहुत तेज था और वे ज्यादा कुछ समझ नहीं पाए। उन्होंने यह भी कहा कि दानियल राज सर ने बहुत सारे बाइबल के रेफरेंस दिए, लेकिन उनका कोई एक्सप्लेनेशन नहीं दिया। वक्ता को नहीं लगा कि दानियल राज सर के प्रेजेंटेशन से ऑडियंस को कोई फायदा हुआ होगा।

वीर चंद्र सर की आपत्तियां

दानियल राज सर के प्रेजेंटेशन के बाद, वीर चंद्र सर ने अपनी बात रखी। उन्होंने दानियल राज सर पर मनमानी तरीके से आयतों को उठाकर आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट एक्सप्लेन करने का आरोप लगाया। वीर चंद्र सर ने यह भी कहा कि दानियल राज सर अक्सर अपने प्रचार में अपना नाम बार-बार लेते हैं, बजाय इसके कि प्रभु यीशु मसीह को आगे करें। इसके अलावा, उन्होंने रबा रबा के ऊपर भी सवाल उठाए और कहा कि दानियल राज सर इसे जिब्रीस कहते हैं, जबकि इसका अर्थ है "वेरी मच"।

दानियल राज सर का जवाब और नोकझोंक

वीर चंद्र सर की आपत्तियों के जवाब में, दानियल राज सर ने पर्सनल अटैक शुरू कर दिया और कहा कि जो लोग चंद्रा को फॉलो करते हैं, उन्हें अफसोस होगा कि उन्होंने कैसे आदमी को सब्सक्राइब किया। इसके बाद, दोनों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। दानियल राज सर ने रबा रबा के बारे में जवाब देते हुए कहा कि जब वे चर्च में यह भाषा बोलते हैं, तो क्या वे बिलीवर्स को बताते हैं कि वे इब्रानी या ग्रीक भाषा में बोल रहे हैं? वक्ता ने कहा कि वीर चंद्र सर ने रबा रबा का जो मीनिंग बताया, वह इसलिए नहीं बताया कि वह वैसे ही है, बल्कि इसलिए बताया कि दानियल राज सर के स्टेटमेंट को रॉन्ग प्रूव किया जा सके।

पौलुस के अन्य भाषा बोलने का उद्देश्य

वीर चंद्र सर ने दानियल राज सर से सवाल किया कि पौलुस और जितने भी लोग अन्य भाषा बोलते थे, वे बोलने के पीछे उनका मकसद क्या था? दानियल राज सर ने जवाब दिया कि पौलुस एक मिशनरी थे और उन्हें जाति-जाति लोगों के पास जाकर सुसमाचार प्रचार करना था। इसलिए, पवित्र आत्मा ने उन्हें अलौकिक तरीके से बोलने के लिए शक्ति दी। इस जवाब को बेस में रखते हुए, वीर चंद्र सर ने पौलुस के तीन मिशनरी जर्नी का विश्लेषण किया और पाया कि तीनों जर्नी में पौलुस ऐसे जगहों में गए जहां यूनानी भाषा बोली जाती थी, जो कि पौलुस खुद जानते थे। इसलिए, उन्हें कभी भी अन्य भाषा बोलने की जरूरत नहीं पड़ी।

माल्टा द्वीप की घटना और अंतिम तर्क

वीर चंद्र सर ने एक और रेफरेंस दिया, जिसमें पौलुस एक्सीडेंटली एक ऐसे टापू में चले जाते हैं जहां यूनानी भाषा नहीं बोली जाती थी। बाइबल में लिखा है कि पौलुस ने वहां बहुत सारे चमत्कार किए, लेकिन एक बार भी प्रचार नहीं किया। वीर चंद्र सर ने सवाल किया कि अगर पौलुस को ग्लोसा का वरदान था, तो उन्होंने वहां प्रचार क्यों नहीं किया? इसके जवाब में, दानियल राज सर ने कहा कि क्या हम एक इवेंट को लेकर डॉक्ट्रिन बना सकते हैं? वीर चंद्र सर ने यूना और पतरस के बारे में भी बात की और सवाल किया कि वे क्यों अपनी ही मदर टंग भाषा जहां पर थी, वहां पर ही क्यों जा रहे हैं?

निष्कर्ष

वक्ता ने कहा कि डिबेट अच्छी तरह से कंक्लूड नहीं हो पाया। उन्होंने यह भी कहा कि दानियल सर ने जो लॉन्ग डिस्कशन किया, उसका जवाब नहीं दे पाए। वक्ता का मानना है कि यह डिबेट वी चंद्र सर की तरफ झुक गया है क्योंकि वे अच्छी चीजें सामने ला पाए, लेकिन तनिल राज सर उसका जवाब दे नहीं पाए। वक्ता ने दर्शकों से कमेंट बॉक्स में अपनी राय देने के लिए कहा।

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Transcript

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0:00 सबसे पहले तो ये वीडियो कितना लंबा होगा मुझे भी नहीं पता क्योंकि और मैं ज्यादा इस चीज के लिए फिक्र भी नहीं करता कि ये वीडियो कितना लंबा होगा क्योंकि मैं चाहता हूं कि ये वीडियो आप देखो क्योंकि ये वीडियो में वो चीजें मैं बात करने वाला हूं और वो चीजें मैं आप लोगों को समझाने वाला हूं जो चीजें शायद आप समझ नहीं पाए उस दिन वो वाले डिबेट में 21 तारीख को जो तनला सर और वीर चंद्र सर के बीच में जो डिबेट हुआ था तन्य भाषा के ऊपर क्योंकि उसमें में कुछ चीजें ऐसा हुआ था बहुत बार आउट ऑफ ट्रैक ये लोग चले गए और थोड़ा नोकझोंक होने लगा >> तो आप तब लीजिए ना जब हम ये डिनाई कर रहे हो कि हमने आपको 40 मिनट्स देने से मना कर दिया >> ओके तो फिर >> जब हम झूठ बोल रहे हो कि हमें 40 मिनट पास्टर एंजल आई थिंक हम इस सब टॉपिक से

0:47 भटक रहे हैं। हां जी बिल्कुल >> एंड कई बार अगर आप दानिल राज सर के लाइव में जुड़े हुए थे तो कई बार इन्होंने तो वो प्लग ही बाहर निकाल दिए और बात सुनो बात सुनो बकवास आपके लिए बकवास हम दर्शक >> ऑडियो म्यूट कर दिए तो आपको वन साइडेड आपको समझ में आएगा बाकी जो पार्टी वो क्या बोल रहा है आपको समझ में नहीं आएगा आएगा जब आप दोनों दोनों तरफ से चीजों को सुनाई नहीं देगा समझ में नहीं आएगा तो देन यू कैन नॉट जज आप उस चीज को समझ नहीं पाओगे उस चीज को आप जज कर नहीं पाओगे तो ये हुआ चीजें और जो लोगों ने आप ज़ूम में जुड़े हुए थे आप लोगों को कई चीजें समझ में आएगा

1:33 लेकिन थोड़ा ऑडियो क्लेरिटी नहीं था एंड और बीच-बीच में जो डिस्ट्रैक्शन होते थे ये लोग बीच-बीच में थोड़ा पर्सनल अटैक वगैरह होता था >> दर्शक देख रहे हैं और जितने भी चंद्रा को फॉलो करते हैं अब अब आपको अफसोस होगा कि आपने कैसे आदमी को सब्सक्राइब किया। >> से बात करिए, तमीज से बात करिए। जवाब नहीं है तो इरिटेट मत होइए। >> जवाब जवाब दीजिए। पर्सनल अटैक मत कीजिए। >> नोकझोंक होता था। तो उससे उससे ऑडियंस जो था वो कई बार डिस्ट्रैक्ट हो गया। उनका जो अंडरस्टैंडिंग का जो फ्लो था वो कहीं ना कहीं खत्म हो जाता था। तो ये चीज़ हमने महसूस करी क्योंकि मैंने भी जोड़ा था। मैंने दोनों देख रहा था। ये भी वहां पे भी थोड़ा जा रहा था। यहां पे भी थोड़ा जा रहा था। लेकिन वो चीज मैंने नोटिस करा कि डिस्ट्रैक्शन जो सुनने वालों का जो फ्लो

2:20 था वो डिस्ट्रैक्शन उसमें आता था और उनको ढंग से समझ में नहीं आया। तो उसके बाद जब वो खत्म हुआ फिर बाकायदा मैंने उस चीज को समझने के लिए कम से कम दानिल राज सर का वीडियो जो लाइव थे वो कम से कम मैंने तीन घंटा का उनका वीडियो दो बार कम से कम मैंने पूरा वीडियो मैंने सुना और फिर ज़ूम से जो लाइव चल रहा था हमारा वीरा सर का वीडियो वो भी मैंने कम से कम दो से तीन बार मैंने सुना बस चीजों को समझने के लिए बारीकी से चीजों को समझने के लिए ताकि कोई चीज मिस ना हो मेरे से कोई चीज मिस ना हो मेरे से हर चीज मैंने देखा सुना और मैंने मैंने यहां पे मैंने नोट्स बनाया। पांच पेज का मैंने यहां पे आपको नोट्स बनाया। फाइव पेजेस ऑफ नोट्स आई हैव मेड हियर ताकि उस चीज को सीक्वेंस वाइज मैं समझ

3:07 पाऊं। है ना? शुरू कैसे हुआ? कौन सा सवाल से शुरू हुआ? फिर कौन जवाब दिया? फिर कैसे-कैसे वो गया। बीच-बीच में जो डिस्ट्रैक्शन हुआ वो डिस्ट्रैक्शन को मैं हटा दूंगा। और यहां पे ये वीडियो में मैंने आपको एक बाकायदा सिस्टमैटिकली जो डिबेट होना चाहिए था वो वाला डिबेट में काम की चीजें मैं यहां बताने जा रहा हूं। जो आप चीज आपको अच्छी तरीके से समझ में आएगा और मैं अपना राय भी दूंगा। यहां पे कौन जीता, कौन हारा वो चीज तो दिख भी रहा है वहां पे। साफ तरीके से दिख रहा है। लेकिन मैं बहुत सारी चीजों को एक्सपेक्ट कर रहा था कि यहां चीज हो दोनों पार्टियों से। कुछ लोगों से तो मेरा थोड़ा सेटिस्फेक्शन है। लेकिन कुछ लोगों से मेरा सेटिस्फैक्शन बिल्कुल भी नहीं। क्योंकि मैं उम्मीद कर रहा था बहुत सारी चीजें यहां पे रिसोर्सेज प्रूफ्स, बहुत सारे स्क्रिप्चर्स वहां पे आएंगे और समझ में आएगा। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। लेकिन उस डिबेट

3:53 को अगर बेस में रख के मैं आज अगर इवैलुएट करूं उस डिबेट को तो आइए ये वीडियो में मैं अपना अपना इवैल्यूएशन भी रख रहा हूं। उसके साथ-साथ पहले तो मैं इसको प्रेजेंट करूं। मैं जानता हूं ये काफी टाइम लगेगा क्योंकि वीडियो मतलब जो डिबेट था वो कम से कम 2ाई घंटा हो गया होगा। ये 3 घंटा के लगभग का वीडियो है। तो उसको मुझे प्रेजेंट करने के लिए शायद मुझे पता नहीं कितना टाइम लगेगा। लेकिन आज मैं समय का परवाह नहीं करने वाला। मैं यह वीडियो पूरा का पूरा अपलोड करने वाला हूं। मैं आग्रह करूंगा कि दोनों जो दानियल राज सर के टीचिंग्स को सुनते हो एंड जो लोग वी चंद्र सर के टीचिंग्स को सुनते हो उन दिन जो जो लोग लाइव थे वो लोग आप ये वीडियो को देखें और मुझे आप मुझे मालूम है कि आप इस वीडियो को पसंद करोगे क्योंकि मैं ऐसा कुछ मेहनत

4:38 कराऊंगा इसमें तो शुरू करते हैं ये डिबेट को किस तरीके से शुरू हुआ सबसे पहले शायद 8 बज 1720 में डिबेट शुरू हुआ आई थिंक लगभग एग्जैक्टली मुझे याद नहीं उस टाइम के 8:00 बजे शुरू होना करना था लेकिन लेट से शुरू हुआ 8:30 तक शुरू हुआ एंड शुरुआत में दलाल सार को 40 मिनट का ओपनिंग स्टेटमेंट दी जाता है नॉर्मल इतने समय कहीं डिबेट में भी ओपनिंग स्टेटमेंट नहीं दी जाती लेकिन इनको दी जाती है क्यों >> इनको कहा गया था 40 मिनट्स लूंगा इन्होंने खुद एग्री किया उसके रिकॉर्ड है हमारे पास >> क्यों दी जाती है क्योंकि इन्होंने डिमांड कर रखे थे कि मुझे 40 मिनट का प्रेजेंटेशन देने के लिए टाइम मुझे देना है नहीं तो मैं यह डिबेट नहीं करूंगा तो मजबूर हो के जो वी चंद्र और उनके टीम इनको बोले ठीक है आप 40 मिनट का प्रेजेंटेशन का टाइम ले लो।

5:24 भले उन्होंने कोशिश करी कि इसको 20 मिनट कर लो, 10 मिनट कर लो लेकिन इन्होंने एग्री नहीं करे। उसके पीछे एक स्ट्रांग लॉजिक है, स्ट्रांग अंडरस्टैंडिंग है, आईडिया है। वो क्या है? देखो अगर आप 40 मिनट सबसे पहले लेके लोगों को समझाने की कोशिश करते हो कि हो सके कि कुछ लोग आपके आईडिया को समझ ले। और जब आगे आपका सवाल जवाब शुरू होगा तो वहां पे लोगों को समझने में ज्यादा दिक्कत नहीं होगा। लेकिन मुझे यह नहीं लग रहा आप लोग अगर उस दिन थे ये जो 40 मिनट का प्रेजेंटेशन जो था धनराज सर का इतना फास्ट था कि भाई मैं तो ज्यादा कुछ समझा नहीं मैंने शुरुआत में लिखने की वर्सेस लिखने की मैंने कोशिश करा लेकिन मैंने लिख नहीं पाया इतनी ज्यादा तेजी से इतने फास्ट उन्होंने रेफरेंस बोले स्लाइड्स दिखाए लेकिन आइडिया कभी भी फ्लो

6:11 उनका नहीं था फ्लो वाज़ ब्रोकन एंड अंडरस्टैंडिंग िंग नहीं था आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट मुझे लगा कुछ आयत उन्होंने ले रहे थे मनमानी बहुत सारे आयतों को ले उन्होंने प्रेजेंट करने की कोशिश करे देयर वर जस्ट लॉट्स ऑफ बाइबल रेफरेंसेस थे बहुत सारे थे कम से कम 100 तो बोले ही होंगे मुझे नहीं पता मतलब बहुत ज्यादा बहुत सारे आयत उन्होंने बोले और आयत का कोई एक्सप्लेनेशन नहीं बस आयत में वो शब्द था एक दो शब्द को लेके ही जस्ट वांटेड टू से उन्होंने कोई बैकग्राउंड क्योंकि इतने कम समय में इतने सारे आयतों को अगर अगर आप लोगे और एक्सप्लेन करने की कोशिश करोगे तो भाई मुमकिन नहीं है। तो यही हुआ ही कुड नॉट एक्सप्लेन इट प्रॉपर्ली एंड सो मेनी वर्सेस ही ट्राई टू ब्रिंग 40 मिनट में तुम 100 आयतों को क्या क्या बोलोगे? क्या

6:58 हाउ यू विल एक्सप्लेन? ये मुमकिन नहीं था। तो मुझे कुछ समझ में नहीं आया। और मुझे नहीं लग रहा कि ऑडियंस को भी कोई भी तरीके से वो प्रेजेंटेशन से किसी भी तरीके से फायदा हुआ होगा। तो ये प्रेजेंटेशन होने के बाद समय दी जाती है वी चंद्र सर को। ठीक है? वी चंद्र आचार सर को। फिर इन्होंने शुरू करते हैं। सबसे पहले शुरू करते समय यह बोलते हैं कि इन्होंने दलाल सर के बारे में बोले कि इन्होंने मनमानी कहीं से भी आयत को उठा के आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट एक्सप्लेन करने की कोशिश करें। और आप अगर उस दिन थे या फिर आज भी अगर वीडियो जाके देखोगे मैं दोनों वीडियो का लिंक डिस्क्रिप्शन में मैं दे दूंगा। जाके अगर आप देखोगे तो आपको समझ में आएगा। वो मुझे भी बहुत हद तक ऐसा ही लगा। आउट ऑफ कॉन्टेक्स्ट उन्होंने लेते हुए क्योंकि सबसे पहले तो उन्होंने कॉन्टेक्स्ट वहां पे बताने की अह उनको समय ही नहीं मिला

7:45 होगा। वो क्यों लिखा गया? कौन सी सिचुएशन में लिखा गया है? उसका मतलब क्या है? बस वहां पे कुछ शब्द है तो आप उठा के बोल नहीं सकते। ये मुमकिन नहीं है। ऐसा होना नहीं चाहिए। तो लेकिन यहां पे ऐसा हुआ है। आउट ऑफ कॉन्टेस्ट यहां वहां से बहुत सारे आयतों को लेके अपना विचार को साबित करने की कोशिश करें। और यही चीज वी चंद्रा सार ने वहां पे कहे। जितने भी बाइबल के रेफरेंसेस है। उनमे सबसे बड़ा जो रेड फ्लैग है वो ये है कि वो किसी भी वर्ड्स को उठा के अन्य भाषा से कनेक्ट कर रहे थे। फर्स्ट थिंग और सेकंड थिंग उन्होंने कहे ये चीज आप लोग हो भी नोटिस करे होंगे और इस चीज को उन्होंने थोड़ा अलग तरीके से बोले जो उन्होंने बोले कि मैं इसको मूर्खता कहूंगा। उन्होंने बोले कि मैं इस चीज को मूर्खता कहूंगा कि इन्होंने ऐसा करें। >> और दूसरी चीज इनके एक्सप्लेनेशन में सबसे बड़ी जो मुझे लगी वो ये लगी। इसे मैं

8:31 मूर्खता बोलूंगा एक तरीके से। जितने लोग आप दानिल राज सर का वीडियोस देखते हो ये चीज आप जरूर जानते होंगे कि कई बार कई बार हर उनके प्रचार या हर उनके कन्वर्सेशन में वो इस चीज को बार-बार बोलते हैं मैं धनिल राज ये नहीं करता धनराज वो नहीं करता धनिल राज ऐसा नहीं करता धनिराज ऐसा करता है धनेल राज खिश कर देता है धनिराज को लोग नहीं धनिल राज धनराज धनिल मेनी टाइम्स धनिल राज जितना ना जितने बार जितने बार उन्होंने यीशु मसीह का नाम नहीं लेते होंगे गए अपने प्रचार में उतने या फिर उससे ज्यादा वो तो अपना नाम ही लेते वो बजाय इसके के प्रभु यीशु मसीह को आगे करें उनको ग्लोरिफाई करें वो ये बताने में ज्यादा इच्छुक थे कि डेनियल राज क्या कर रहा है डेनियल राज ऐसा डेनियल राज वैसा

9:17 डेनियल राज ये कर रहा है डेनियल राज वो कर रहा है तो ये चीजें मुझे भी भाई खटका मुझे भी अच्छा नहीं लगा एंड ये जरूरी है ही नहीं तरीका जरूरी है ही नहीं कि अपना ना भाई तुम हो मैं बोलो लोग समझ में आए और वो अपने कन्वर्सेशन में अपने मीटिंग्स में ये चीज करते हैं। तो ये चीज उन्होंने कहा कि कोई इंसान यीशु मसीह के बजाय वो खुद की ग्लोरिफाई करता है। खुद खुद के नाम को ग्लोरिफाई कराने की कोशिश करता है। जो मुझे भी कुछ हद तक लगा है। आपको क्या लगता है हमें नहीं पता कमेंट बॉक्स में बता देना। फिर तीसरा जो थर्ड चीज है वो बोलते हैं रबा रबा के ऊपर। क्योंकि अक्सर आप इनके वीडियोस देखे होंगे। रबा रबा रबा के बारे में बहुत ज्यादा बातें करते हैं। और रबा रबा को ये जो यानी जो टंग्स हम बोलते हैं पेंटिकस्टल चर्च में जो टंग्स हम कहते हैं इसको टंग टंग्स हम बोलते हैं। ये इसको

10:03 बोलते हैं जिब्रीस। मुझे नहीं पता जिब्रीस और मैं यह भी नहीं जानता मैं यह जिब्रीस को सेज जिब्रीस है या जिब्रीस है आई डोंट नो यह टर्म इन्हीं से ही मैंने सुना है और ये बोलते हैं कि जो टंग रबा रबा टाइप का जो टंग्स पेंटिकोस्टल लोग बोलते हैं ये बोलते हैं कि भाई ये तो जिब्रीस है ये ग्लोसा नहीं है क्योंकि वो ग्लोसा का मतलब क्या मानते हैं जो ग्लोसा मतलब जो टंग्स के लिए बाइबल में इस्तेमाल किया गया है उस ग्लोसा को वो बोलता है कि संसार की अंडरस्टैंडेबल लैंग्वेज है और इसलिए ये जो भाषा है जो पेंटिकस्टल लोग बोलते हैं रबर रबा रबा ये क्योंकि अंडरस्टैंडेबल नहीं है ये जुपिश तो यहां पे इन्होंने बोले वीचर सर ने ये बोलने की कोशिश करे कि भाई जिस भाषा रबा रबा को तुम जिप्रीस बोलते हो इसलिए क्योंकि ये अंडरस्टैंडेबल नहीं है इसका मीनिंग नहीं है आपको लग रहा है लेकिन

10:49 ये लो मैं आपको मीनिंग दे रहा हूं तो फिर उन्होंने रबा रबा का मीनिंग दे दिया तो रबा का मीनिंग दे दिया बहुत सारे शब्द उन्होंने इसे निकाल के उन्होंने बोले कि भाई देखो ये इतने सारे मीनिंग्स लो जिसको तुम जिब्रिस बोलते थे ना क्योंकि इसमें मीनिंग नहीं बोल के क्योंकि क्योंकि मीनिंगलेस बोल के ये लोग मीनिंग दे रहा हूं। >> रबा रबा को पास्टर डेनियल पूरी तरीके से जिब्रिज बोल रहे हैं। जबकि अगर रबा को देखेंगे सुनिएगा मेरी बात को। रबा का मतलब होता है वेरी मच जहां पर स्ट्रांग इमोशन शुरू हो जाता है। और अगर मैं टोडा रबा बोल रहा हूं यहूदी भाषा में हब्रू लैंग्वेज में तो इसका मतलब है थैंक यू वेरी। आप बोलो ये ग्लोसा है या जिब्रिस है। तो ऐसे बहुत सारे टर्म्स को उन्होंने ले आए और उनका अर्थ बताते हुए

11:35 बोले कि जिस भाषा को तुम जिब्रिस बोलते हो क्योंकि वो मीनिंगलेस लैंग्वेज आपको लग रहा है तो वही मीनिंग मैं दे रहा हूं और मैं अभी बोल रहा हूं। बोले कि अभी मैं बोला अगर इनका मीनिंग्स गलत है तो मैं वीडियो बनाना छोड़ दूंगा और राइट नाउ यू कैन चेक इट। वी चंद्र सर ने बोला राइट नाउ यू कैन चेक द मीनिंग ऑफ इट। यहां तक उन्होंने चैलेंज कर दिए और बोले यह मेरा फर्स्ट एक्सप्लेनेशन है। फिर समय आता है कि इनको दानियल राज को समय दिया जाता है। है ना? फिर दानियल राज साहब सबसे पहले फिर सबसे पहले इन्होंने करते हैं पर्सनल अटैक। जितने दर्शक देख रहे हैं और जितने भी चंद्रा को फॉलो करते हैं। अब आपको अफसोस होगा कि आपने कैसे आदमी को सब्सक्राइब किया और उन्होंने बोलते हैं कि भाई देखो

12:22 जिस इंसान को तुम नहीं सब्सक्राइब करा ये अफसोस करोगे तुम लोग पर्सनल शुरू करा और उन्होंने क्यों करा? क्योंकि उससे पहले ये लोग थोड़ा हंस दिए थे। ये लोग थोड़ा हंस दिए थे। और उसके वजह से हंस दिए थे। और यहां पे जो मैंने कहा जो अपना नाम बार-बार बोल रहे थे अनिल राज धनिराज उसमें उन्होंने बोले थे कि मैं इस चीज को मूर्खता कहता हूं। वो इनको डायरेक्टली मूर्खता नहीं कहे थे। लेकिन बोले कि मैं इस प्रकार के चीजों को मैं मूर्खता कहता हूं। तो ये दो चीजों से इन्होंने इरिटेट होके यहां पे बोल दिए अभी तुम लोग जिस इंसान को सब्सक्राइब करे हो ना। अब मेरा जवाब सुनके तुम अफसोस करोगे। ये हो गया पर्सनल लड़ाक। फिर उसके बाद थोड़ा नोकझोंक शुरू हुआ। यहां इस प्रकार का डिस्ट्रक्शन आपको अक्सर इस डिबेट में देखने को मिला है। तो फिर उसका जवाब देते हुए रबा रबा का जो जवाब देते हुए दानियल सर ये बोलते हैं कि ठीक है तुमने जो ये मीनिंग्स ला के

13:07 मुझे दिए हो ये जो मीनिंग्स रबा रबा का मीनिंग्स और रबा रिबा का मीनिंग्स तोड़ा रबा का मीनिंग्स जो दिए हो और मुझे बोल रहे हो कि ये जिप हम जो बोल रहे हैं ये ग्लोसा है देखो आप जिसको जिप्स बोल रहे हो वो खुद ग्लोसा है आपको नहीं पता तो मैं बोल रहा हूं तो दानियल राजा ने बोले जब आप ये भाषा बोलते हो चर्च में या फिर कहीं भी बोलते हो क्या बिलीवर्स को ये चीज आप बताते हो कि हम देखो इब्री इब्रानी भाषा में हम बोल रहे हैं हम देखो ग्रीक भाषा में बोल रहे हैं हम देखो वो वाला वाली भाषा में बोल रहे हैं। हम अ आ अ आ अ आ अ आ अ आ अ आ अ आ अ आ अ आ अ आ अर्ब में बोल रहे हैं। क्या ये भाषा आप लोग बोलते हो? हे प्लीज एंजल आप ये बताइए आप जब पब्लिक में टंग्स बोलते हैं जिसको आपने अभी डिफाइन किया कि वो टंग्स जो ग्लोसा है वो लैंग्वेज है तो आप पब्लिक को बोलते हो कि अभी मैं अरबी बोल रहा हूं। अभी आप मैं

13:53 जिब्रिश क्या कहते हैं उसको इजराइल की जो भाषा है मैं वो भाषा बात कर रहा हूं। मैं जुइस की लैंग्वेज बात कर रहा हूं। आपने कभी ऐसा बोला है? >> तो ये क्वेश्चन उन्होंने पूछा। लेकिन ध्यान से सुनना लेकिन ये क्वेश्चन यहां का चीजें बिल्कुल भी नहीं है। क्योंकि मैं बताता हूं जो वीर चंद्र सर ने रबा रबा का जो मीनिंग बताएं वो इसलिए नहीं बताए कि वो वैसे ही है। थोड़ा समझने में मुश्किल हो रहा होगा। समझो मैं क्या बोल रहा हूं। रबा रबा जो उन्होंने एक्सप्लेन करे वो बस इस चीज को साबित करने के लिए उन्होंने ये मीनिंग दिए। भाई जिसको तुम जिब्रीस बोलते हो वो अपने आप जिब्रीस नहीं है वो ग्लोसा है। जबकि हम नहीं मानते ग्लोसा मतलब अर्थ लैंग्वेज है। पेंटिकस्टल बिलीवर्स लोग ये नहीं मानते ग्लोसा का मतलब अंडरस्टैंडेबल

14:39 लैंग्वेज है। हां मानते हैं। अंडरस्टैंडेबल लैंग्वेज भी है। लेकिन और भी बहुत सारे चीज उसमें है। तो वो चीज भी है। लेकिन यहां पे रबर रबा का जो मीनिंग्स यहां पे देने के पीछे वी चंद्र सर देने के पीछे एक मकसद था वो है भाई दानियल र सर का जो स्टेटमेंट है कि तुम लोग जिप बोलते हो रबा रबा जिप है उस स्टेटमेंट को रॉन्ग प्रूव करने के लिए उन्होंने बोला कि रबा रबा जिप है नहीं रबा रबा का मीनिंग है उसका मतलब ये ग्लोसा है ये देख लो आपके अंडरस्टैंडिंग के हिसाब से मैंने आपको दिखा दिया ये उनका मतलब था ये इसलिए वो नहीं बोले कि ये सही है ग्लोसा मतलब एल लैंग्वेज है इसलिए नहीं बोले बस बस इनका स्टेटमेंट को रॉन्ग साबित करने के लिए बोले। इसलिए मैं इनका जो ये रिप्लाई है डानियल सर का जो रिप्लाई है कौन सा कि तुम

15:26 क्या बोलते हो? मैं वो भाषा में बोलता हूं। सबसे पहले तो हम कभी बोलते ही नहीं कि हम ये भाषा में बोलते हैं। क्योंकि हमें लग रहा है कि हेवनली लैंग्वेज है। मैं अपनी तरफ से बोल रहा हूं। ठीक है? पेंटिकस्टल लोग जब अन्य भाषा में बोलते हैं, रबा रबा बोलते हैं। दे डोंट थिंक वी आर स्पीकिंग हेब्रू लैंग्वेज। वी आर स्पीकिंग हेवनली लैंग्वेज। ये वो मानते हैं। सबसे पहले ये बोलने के पीछे एक ही मकसद है कि भाई आपका जो स्टेटमेंट है वो खुद ब खुद गलत है। वो खुद ब खुद रोंग है। इसलिए वो स्टेटमेंट बोले थे। दूसरा कि दानिल आचार्य का मैं बोलो दानिल आचार्य का। ठीक है? दूसरा उन्होंने बोले। उन्होंने एक वीडियो दिखाए थे जहां पे वीर चंद्राचार्य ने अन्य भाषा करते हुए जो मैं मानता हूं। वहां पे थोड़ा वो लला लाल टाइप का बोले। तो बोले ये लला लाला क्या है? ओके अभी है लल्ला लल्ला क्या है बताइए

16:12 >> फिर समय जाता है वी चंद्राचार सर को समय दिया जाता है इनको दिया जाता है वी चंद्र सर को टाइम वी चंद्र सर बोलते हैं मैं इस सवाल का जवाब दूंगा लेकिन इस सवाल का जवाब मेरे एक और सवाल में है तो उन्होंने एक और सवाल करेंगे वो था जब पौलुस में अन्य भाषा बोलते थे या फिर कोई भी चेले लोग अन्य भाषा में बोलते थे वो कौन सी अन्य भाषा बोलते थे और क्या उद्देश्य था ये सवाल था ध्यान से सुनिए पहला 14 का 18 में जो पौलुस बोलते हैं कि मैं तुम लोगों से ज्यादा अन्य भाषा में बात कर रहा हूं। ये क्या है अन्य भाषा और फिर ये अन्य भाषा बोलने के पीछे इनका उद्देश्य क्या था? मकसद क्या था? तो ये सवाल उन्होंने पूछा। अब इन्होंने ये बोला है कि भाई जो मैं बोल रहा हूं वो चीज जो है वो मैं क्या बोल रहा

17:00 हूं? तो इसके लिए मेरा एक सवाल है क्योंकि उसी सवाल में मेरा जवाब छुपा हुआ है। ठीक है? आपके हिसाब से अन्य भाषा जब प्रेरितों पर उतरा और जब उन्होंने अन्य भाषा को बोला और पौलुस भी पहला कोथियों 14 में बोलते हैं कि तुम सबसे ज्यादा मैं बोलता हूं अन्य भाषा तो प्लीज आप मुझे इतना बता सकते हैं कि ये जो भी अन्य भाषा बोलते थे ठीक है ये क्यों बोलते थे और इनके अन्य भाषा बोलने का औचित्य क्या था या पौलुस के बोलने का औचित्य क्या था >> फिर जब धन्यला सर बोले आप पहले लाला लाला का जवाब दो फिर मैं इस ये वाला सवाल का मैं जवाब दूंगा >> आप ही का बात आप ही के ऊपर थोप दे रहा हूं लाला ला ला का जवाब दे दो उसके बाद बोलूंगा >> ऐसा बोल के फिर वो उनका वीडियो चला देते हैं वो ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला ला वाला वो जो वीर चंद्र आचार्य जो अन्य भाषा बोलते हैं उसका वीडियो चला देते हैं

17:47 भले उधर वो दिखता नहीं ज़ूम में वो दिखता नहीं लेकिन इधर लाइव में जो चलते हैं इनके क्योंकि Facebook में भी इनसे जुड़े हुए थे लोग YouTube में लोग जुड़े हुए थे तो लोग देख ही रहे हैं तो ये उधर चला देते हैं उधर उधर zूम में भी लाइव चल रहा है लेकिन उधर क्या है वो ज़ूम में वो स्क्रीन शेयर नहीं हो रहा वो बंद कर दिए लेकिन इधर लोगों को यह दिखा रहे हैं। अपने YouTube ने अपने Facebook में यह वीडियो चलाते हुए प्रोजेक्टर लगाए थे। तो यह बीच-बीच में इस प्रकार का डिस्ट्रैक्शन होते हुए आपको देखने को मिलेगा। तो इसलिए मैं आज के ये वीडियो में आपको मैं तो सिस्टेटिकली मैं आपको बताने की कोशिश करता हूं। तो समझने की कोशिश करिए। फिर उन्होंने बोले नहीं। बोले आप पहले बताओ लाला लाला का। फिर मैं आपको बताता हूं। फिर बीच साहब ने रिप्लाई करते हुए बोलते हैं। देखो मैं बता रहा हूं। ये लला लाला का जो अर्थ है देखो वहां

18:32 पे थोड़ा नोकझुक होता है। फिर ये बोलते हैं ये जो लाला लाला का जो अर्थ है मुझे नहीं पता। >> आपको कि मेरे को मुझे पर्सनली अगर आप पूछेंगे मुझे उसका मतलब नहीं पता और बाइबल ये बात बताती भी है कि जरूरी नहीं है आपको उसका मतलब पता हो। >> क्यों नहीं पता उसका भी जवाब देते हुए वो बोलते हैं। भले कि जब उन्होंने बोले कि मैं इस चीज का जवाब नहीं पता तो दलील सर ने हंसने लगा। अजीब तरीके से उन्होंने हंसने लगे। >> एक मिनट एक मिनट एक मिनट। पूरी बात कहने दीजिए। अरे हसिए मत। अभी आप खुद हंसते कर रहे हैं। मतलब आप आपका वही से ऐसा मत करिए। मैं गाऊ तो गीत और >> लेकिन वहां पे वीरेंद्र साहब ने बोलते हैं कि भाई जिस भाषा के बारे में बाइबल ये कहती है कि हम उस भाषा को समझने की कोई ज्यादा जरूरत है नहीं। तो मुझे क्यों मैं ऐसा सोचूंगा कि मुझे वो भाषा का अर्थ मुझे मालूम होना चाहिए। जब बाइबल खुद कहता है

19:18 कि मुझे वो भाषा का मालूम नहीं पड़ेगा तो भी कोई दिक्कत नहीं। तो मैं क्यों इस चीज को सोचते बैठूंगा। लेकिन वहां पे ज्यादा कोई ज्यादा असर नहीं। कारण क्योंकि लोग यह इधर अपने वो में मौजगूल थे। फिर उन्होंने वही सवाल करते हैं कि नीचे चंद्र सर इनको सवाल करते हैं कि तुम तो बताओ मुझे कि पौलुस और जितने भी लोग अन्य भाषा बोलते थे वो बोलने के पीछे उनका मकसद क्या था? क्यों बोलते थे? देखिए मैं अब एक अहम पड़ाव में जा रहा हूं। जो इंटरप्रिटेशन वाकई ही आपको सुनना चाहिए। इसके बाद जो इंटरप्रिटेशन आ रहा है उसके बाद जो विच सर ने बोले हैं। ठीक है? अब अभी तक अभी से अभी ये लोग थोड़ा सीरियस कन्वर्सेशन में जाएंगे तो यह कन्वर्सेशन आप जरूर सुनना। तो फिर वीर चंद्र सर ने वीर चंद्र सर को

20:04 वी सर इनको पूछेंगे कि ये भाषा मुझे बताओ। पौलुस ने कौन सी भाषा बोल रहे थे और ये क्यों बोल रहे थे वो आप मुझे बताओ। द सर वहां पे बीच में बोलते हैं। कुछ रेफरेंस लाते हैं। वो अन्य भाषा नहीं वो शब्द थे। गिने वो एक्ट चैप्टर 14 18 से जो आगे लिखा है 18 में जो पौलुस बोलते हैं कि मैं सबसे ज्यादा अन्य भाषा में बोलता हूं तो उस चीज को एक्सप्लेन करते हुए यहां पे दलाल सर ने बोलते हैं कि भाई वो अन्य भाषा नहीं था वो शब्द था वो क्या था दे वर वर्ड्स लेकिन आप हिंदी बाइबल पढ़ोगे तो वहां बात नहीं लिखा है ऑडियो बाइबल में भी बात नहीं लिखा है इंग्लिश में देखोगे तो वहां पे वर्ड्स लिखा है और वर्ड्स मतलब क्या है ये टोमेटो पोटैटो टाइप का वर्ड्स है किसी से कन्वर्सेशन करने की बातें हैं।

20:52 किसी से बातें करने की किसी से कन्वर्सेशन करने की ये चीजें तो ये क्या है? क्या मैं अब जो बोल रहा हूं वहां पे वर्ड्स नहीं है? नाउ व्हाटएवर आई एम स्पीकिंग वहां पे क्या वर्ड्स नहीं है? वर्ड्स है शब्द है। मेनी वर्ड्स मेक अ सेंटेंस। तो बात यही है। बात है वर्ड्स। ये कोई चीज अलग-अलग है नहीं। तो इसको डिफरेंशिएट करने का मुझे ज्यादा कोई बुद्धिमानी का काम नहीं लग रहा। ये तो ऐसा हो रहा है कि जैसे भी हो तुम अपना विचार को साबित करना पड़ेगा। यानी यानी जैसे कि घी अगर सीधी उंगली से नहीं निकलता है तो टेढ़ा करके निकाल घी निकलना चाहिए। यानी अपना विचार जैसा नहीं तैसा साबित होना चाहिए। तो ये जो चीजें कुछ चीजें जो मुझे दिख रहा था धरेला सर के में वो चीजें और ज्यादा आगे जाके तेज होने

21:39 लगा। आपको मैं दिखाऊंगा। तो यहां पर वो उस आयत को 14 चैप्टर 19 वर्ष को बोलेंगे 10,000 शब्द पांच शब्द तो यह मुझे इसका ज्यादा कोई वो नहीं लगा क्योंकि वो बात ही है जब हम बात करते हैं देयर आर वर्ड्स फिर एक स्ट्रांग क्वेश्चन पूछा गया धनेला सर को आप तो ये बताओ पौलुस ने अन्य भाषा बोलता था या नहीं पौलुस ने अन्य भाषा बोलता था या नहीं तब धनेला सर बोले नहीं बोलता था वो बोला है कि वो बुद्धि से बोलता था। एथली लैंग्वेज बोलता था। फिर उन्होंने उनको पूछे हमारा रिच सर ने पूछे आप पहला करंट 14 का 18 वर्ष के हिसाब से आप मुझे बताओ पौलुस ने अन्य भाषा बोला

22:25 बोला था कि नहीं? उन्होंने बोले वो अन्य भाषा नहीं बोला था। वो ग्लोसा बोला था। ग्लोसा बोला था। यानी वो जो आप बोलते हो वो वाला रबा रबा रबा कभी नहीं किया। वो अंडरस्टैंडिंग लैंग्वेज करा था। अंडरस्टैंडिंग लैंग्वेज करा था। यानी पृथ्वी के अर्थली लैंग्वेज उन्होंने बोला था। तो यहां पर आया है मुद्दा। अब इस मुद्दा को ले आगे जाएंगे वी चंद्र सर ने। तो अब जो मैं आपको बोलने वाला हूं तो थोड़ा ध्यान से सुनिएगा। ठीक है? अब यहां पे वी चंद्र सर ने इनको एक सवाल करेंगे। ठीक है? अगर ये अन्य भाषा इस अर्थली भाषा ये बोलता था तो मुझे आप बताओ ये क्यों बोलता था? व्हाट वास द पर्पस? क्यों बोलता था? इस सवाल का जवाब थोड़ा बहुत टेढ़े-मेढ़े टेढ़े-मेढ़े टेढ़े-मेढ़े करके इन्होंने दिए। लेकिन जवाब यही है कि हां उन्होंने एक मिशनरी थे और उनको जाति जाति

23:12 लोगों के पास जाकर सुसमाचार प्रचार करना था। लोगों के पास सुसमाचार प्रचार करना था। एक ऐसे लोगों के पास भी जाना था जिनमें अलग-अलग प्रकार के भाषा लोग रहते हैं। इसलिए अगर जो भाषा इनको नहीं आता था उनको पवित्र आत्मा ने अलौकिक तरीके से उनको बोलने के लिए शक्ति देता था। सामर्थ्य इनको देता था और ही यूज्ड टू स्पीक इन अदर लैंग्वेजेस जो वो खुद सीखा नहीं था। इस तरीके से हुआ है। यानी अगर मैं इसको सम अप करूंगा तो ये अन्य भाषा दानियल सर के हिसाब से प्रचार करने के लिए इस्तेमाल किया है पौलुस वही चीज दानियल सर ने यहां पे वी चंद्र सर को जवाब दिए। अब इस सवाल का जवाब को बेस में रखते हुए अब जो चीजें वी चंद्रा सर ने यहां पे रखे हैं बहुत ही

23:59 इंटरेस्टिंग है। बहुत ही इंटरेस्टिंग है। ये था कुछ मेरे एक्सपेक्टेशन से बाहर। ठीक है? यहां पे वीर चंद्र सर ने सीधा जाते हैं हां और ये चीज को उन्होंने भी जिक्र करे कि पौलों ने तीन यात्रा करे हैं और तीन यात्राओं में अलग-अलग जगहों में वो गए हैं और ये अलग-अलग जगहों में जाने के लिए उन्होंने इस भाषा को इस्तेमाल करे हैं। यानी ये जो स्पीकिंग इन टंग है ग्लोसा एयर थ्री लैंग्वेज जो है खुद ने सीखा हुआ भाषा उन्होंने इस भाषा को इस्तेमाल किए हैं। इस थ्री जर्नी में जाकर इस चीज को दानिल सर ने खुद कहे। अब इसी चीज को पकड़ कर इसी चीज को बेस में रखते हुए जो चीज है वी चंद्रा सर ने सामने लाए हैं। आप लोगों को सुनना पड़ेगा। पहला मिशनरी जर्नी, सेकंड मिशनरी जर्नी एंड थर्ड मिशनरी जर्नी पूरा का पूरा इन्होंने यहां पे खोल के रख दिया

24:47 है। पहला मिशनरी जर्नी एक्ट चैप्टर 13 वर्स फोर टू अह चैप्टर 14 वर्स 26 पूरा वो बोल दे और वो जहां जहां गए थे मैं स्क्रीन पे आपको वो कंट्रीज के नाम दे दूंगा। मैं उस जगह का नाम दे दूंगा। ये सारी कंट्रीज में उन्होंने गए थे फर्स्ट मिशनरी जर्नी में। लेकिन हैरानी करने वाली बात ये थी कि जितने ये जगहों में फर्स्ट मिशनरी जर्नी में पोलुस गए थे। वहां सारे के सारे यूनानीिक भाषा यानी ग्रीक भाषा बोली जाती थी। वहां पे जो जनरली जो भाषा बोले वो ग्रीक था, यूनानी भाषा था और यूनानी भाषा वही भाषा है जो पोलुस खुद जानता है अच्छी तरीके से। क्योंकि वह खुद एक रोमान था और खुद एक जूस भी था। तो यह खुद और एजुकेटेड

25:33 बंदा था। यह पढ़ा लिखा बंदा था। तो ये वही भाषा जो ये खुद जानता है वही भाषा ये सारे जगहों में प्रचलित था। तो वहां ये मिशनरी जर्नी में जाके एक भी ऐसा जगह नहीं जहां पे दूसरी भाषा बोलने वाली चीज हो। यानी फर्स्ट मिशनरी जर्नी में इनको यह टर्न बोलने की कभी भी जरूरत नहीं पड़ी है। फिर वो जाते हैं सेकंड मिशनरी जर्नी में जो आप वो अह वो रेफरेंस तौर पे देते हैं कि आ्स चैप्टर 15 36 से चैप्टर 18 22 वर्स तक। और यहां पर भी मैं आपको स्क्रीन पर दे दूंगा जो जो जगहों में उन्होंने गए हैं यह सारे जगहों में जो उन्होंने गए हैं वहां पर भी सारे के सारे जगहों में यूनानी भाषा बोली

26:18 जाती थी एज ए कॉमन लैंग्वेज और जो भाषा पौलुस का भी था तो वहां पे भी पौलुस को सुसमाचार प्रचार करने के लिए जो ग्लोसा आप लोग जो बोलते हो यानी नीरज बोलते हैं वो कभी भी जरूरत नहीं पड़ी है। फिर वह जाते हैं कि थर्ड मिशनरी जर्नी में। थर्ड मिशनरी जर्नी में भी जो जो जगहों में वो जाते हैं रेफरेंस के तौर पे वो बोलते हैं कि चैप्टर 18 23 से 21 17 वर्ष तक उन्होंने देते हो। जिस-जिस जगहों में वो गए उस सारे जगहों में सरप्राइजिंगली मैं बोल रहा हूं। मैं ये आउट ऑफ मेरे लिए तो ये सरप्राइजिंग था। यहां पे भी ऐसा एक भी जगह नहीं। एक भी जगह नहीं जहां पे यूनानी भाषा नहीं बोली जाती थी। कॉमन लैंग्वेज ये सारे इलाकों में जो था वो है यूनानी जो कि पौलुस का भाषा था। पौलुस अच्छी तरीके से

27:04 जानते थे। यानी ये तीन मिशनरी जर्नी में पौलुस को कभी भी कभी भी अपना भाषा यानी यूनानी भाषा छोड़ के दूसरे भाषा वाला जगह यहां कहीं भी नहीं था। क्योंकि उस समय यूनानी भाषा एक यूनिवर्सल लैंग्वेज था। तो हर कोई बोलता था। वो एक कॉमन लैंग्वेज था। तो नॉर्मली जितने भी उस समय जगह थे रोमन एंपायर्स थे वो सब यूनानी भाषा में वह बोलते थे। तो, यहां पे उन्होंने एक सवाल करते हैं। आप जो बोलते हो कि यह स्पीकिंग इन टंग जो यह आप बोलते हो ग्लोसा पोलुस ने प्रचार के लिए इस्तेमाल किए हैं। तो मुझे बताओ पहला जर्नी में उन्होंने क्यों इस्तेमाल नहीं किए? कभी भी ऐसे जगह में क्यों नहीं गए? जहां पे अह यूनानी भाषा नहीं है वहां पे क्यों नहीं गए? सेकंड मिशनरी जर्नी में ऐसे जगह में क्यों नहीं गए? जहां पे यूनानी भाषा नहीं है। और थर्ड

27:51 मिशनरी जर्नी में भी वैसे ही वहां ही क्यों गए? जहां पे यूनानी भाषा है और एक ऐसे कभी जरूरत तो पड़ी नहीं इनको यूनानी भाषा बोलने के फिर ये का हम बोले तो फिर पहला कोंथियों 14 का 18 आयत में कब पौलुस बोलते हैं कि मैं जो बोलते हैं कि मैं तुमसे ज्यादा अन्य भाषा बोलता हूं तो ये कहां कब और क्यों अन्य भाषा बोलते हैं हमें बताओ तो ये था फर्स्ट स्ट्रोक और इस चीज को आप लोग मिस कर रहे होंगे खास करके जो लोग ये चीज में आप दान सर के लाइव में आपने देख रहे थे तो ये चीज को आपने डेफिनेटली मिस करे होंगे क्योंकि ये चीज मुझे समझ में नहीं आया जब मैंने इनके लाइव में जुड़ा था दानिला सर के लाइव में जब मैं ये चीज जुड़ा था तो मुझे ये चीज समझ में नहीं आया। लेकिन जब मैंने ज़ूम मीटिंग का जो मैंने वो वीडियो मैंने देखा यानी वी चंद्र सर का जो चैनल का जो वीडियो मैंने देखा तब मुझे ये प्रेजेंटेशन सही तरीके से

28:39 समझ में आया और ये सही में मान रहा हूं। ये सोचने वाली चीज है। ये सोचने वाली चीज है। ये नहीं कि आप लोग कौन सी टीचिंग को मानते हो लेकिन थोड़ी देर के लिए सोचो। पौ ने 14 का 18 में बोलते हैं कि आई एम स्पीकिंग टंग मोर देन ऑल ऑफ यू। आप लोगों से ज्यादा मैं अन्य भाषा में बात कर रहा हूं। लेकिन आप लोगों के हिसाब से पौलुस ने ये जो ग्लोसा है अन्य भाषा आपके हिसाब से प्रचार में अगर इस्तेमाल कर रहे हैं तो प्रचार में कहां इस्तेमाल करें? एक भी जगह में बाइबल में कहीं लिखा है कि पोलुस ने ठंग को ग्लोस को प्रचार में व्यवहार करे प्रचार में इस्तेमाल लिखा है। लेकिन ये चीज तो साबित हो ही रहा है कि ऐसी जगह कभी है ही नहीं। चलो अगर ऐसे लिखा भी नहीं है कहीं। पौलुस ने ग्लोसिया को प्रचार के लिए इस्तेमाल करा। अगर ऐसा लिखा भी नहीं है तो

29:25 कम से कम ऐसा इवेंट ही दिखा दो। ऐसे आप एक घटना ही दिखा दो जहां पर पोलुस ने अन्य भाषा में प्रचार कर रहे हैं जो वो कभी सीखा नहीं था। लेकिन ये भी नहीं है। तो ये क्या सोचने वाली बात नहीं है? मुझे आप बताइए ये सोचने वाली बात नहीं है। पौलुस ने तीन-तीन मिशनरी जर्नी में एक भी ऐसे जगह में ना गया जहां पर उनको यूनानी भाषा बोलना नहीं पड़ा हो। और उसके बाद जो उन्होंने एक और जो रेफरेंस दिए ठीक है एक और रेफरेंस दिए वो तो भाई यार जैसे वो बोलते थे ना ताबूत ताबूत में कील ठोकने का काम करेगा समझ में आ रहा यानी फाइनल टच सही में वो फाइनल टच था और आपको इसके बारे में सोचना है फिर इसका जवाब जब दानियल राज सर को पूछा गया इट वाज़

30:10 लाइक सरप्राइज ध्यान से सुनिएगा तो दानियल राज सर ने यहां पे सीधे आके बोलते हैं कि भाई ये तो इफान बट में है। ये शायद में है। शायद वो बोला नहीं होगा। शायद वो बोला होगा। ये इरफान बट में है। तो ऐसे चीजें मैं नहीं मानता। ये बोलते हमें आप तो कट टू कट वचन दिखाओ। आपको लग रहा है ये ईफान बट में था। इट इज़ वेरी क्लियर। पोल इज़ गोइंग इन फर्स्ट मिशनरी जर्नी, सेकंड मिशनरी जर्नी, थर्ड मिशनरी जर्नी। टू द प्लेसेस वेयर यूनानी भाषा इज देयर यूनानी लैंग्वेज इज देयर ग्रीक लैंग्वेज इज देयर व्हाई ही डिड नॉट गो टू द प्लेस वेयर अदर देन यूनानी लैंग्वेज वाज़ बीइंग स्पोकन क्यों नहीं गए

30:56 अगर ये ग्रोसा था गिफ्ट था ये दुनिया की भाषा बोलने का गिफ्ट था तो पौलुस ने क्यों ऐसी जगह में नहीं गए जहां पे दूसरी भाषा बोली जाती हो तो ये एक शॉकिंग था ये शॉकिंग रिप्लाई था क्योंकि उसने उनके पास पास कोई जवाब नहीं था। इसका जवाब नहीं था। इसलिए वो इस चीज को जवाब नहीं दे। फिर वो क्या बोलते पता है? आप मुझे वो लाला लाला का जवाब दे दो। आपने जो लाला लाला प्रार्थना किया तो मतलब वही लगे थे। देखो आप जब ये डिबेट देखते हो ना आपको उतना समझ में नहीं आएगा। लेकिन मैं आपको सीक्वेंस वाइज बता रहा हूं। फिर आखरी चीज जो वी चंद्र सर ने देते हैं। आखरी चीज जो वी चंद्र सर ने देते हैं। ध्यान से सुनिए यह वाला भी ये वाला प्रेजेंटेशन को भी आप

31:43 ध्यान से सुनिएगा। एक चैप्टर में मैं चैप्टर आपको यहां पे दे दूंगा। रेफरेंस यहां पे दे दूंगा। एक जगह में जब इस मिशनरी जर्नी में जाते थे तब एक्सीडेंटली एक्सीडेंटली इनका वो प्लान नहीं था क्योंकि इनका स्पिरेक हो जाता है। और स्पिर्रेक होने के बाद ये क्या जाते हैं? ये एक ऐसा टापू में चले जाते हैं जो आप लोग भी जानते हो। हां, वहां पे चले जाते हैं। वहां पहुंच जाते हैं और वहां पे आप लोग जानते हो जो मतलब सांप काटता है फिर ये मरते नहीं है। फिर फिर इन जो जब मरते नहीं है फिर वहां के जो लोग चकित हो जाते हैं। फिर इनको गॉड मानते हैं। फिर इनको ले जाते हैं। तो ये सारी चीज़ टापू में जाना पौलुस का प्लान नहीं था। पौलुस का इंटेंशन नहीं था। वो बाय एक्सीडेंट वो वहां पहुंच गए और उस

32:29 टापू के बारे में जो बाइबल में लिखा है वो बार्बरियन थे यानी जंगली थे और क्योंकि एक टापू था ये रोम रोमियन एंपायर से दूर था तो यहां पे यूनानी भाषा नहीं था समझो इस बात को यहां पे यूनानी भाषा नहीं था इसलिए वहां पे अगर आप देखोगे बाइबल में कहीं भी ऐसा नहीं लिखा है कि पौलुस ने प्रचार करा हो एक बार भी नहीं लिखा कि पौलुस ने प्रचार करा हो लेकिन ये जरूर लिखा है कि पौलुस ने बहुत सारे चमत्कार करे बहुत सारे मिरेकल्स वहां पर करे बहुत वहां पर लिखा तीन महीने पोलुस ने वहां पर रोके और ये सारे तीन महीने के दौरान ये टाइम पीरियड में सुनो ध्यान से पौलुस एक बार भी प्रचार किए इस चीज का बाइबल में जिक्र नहीं है लेकिन ये चीज जरूर है कि पौलुस ने क्या-क्या करे कौन से कौन से चमत्कार करे

33:16 कितने कितने मिरेकल्स परफॉर्म करे एवरीथिंग इज रिटेन देर लेकिन प्रचार करने की बात लिखे नहीं शायद पौलु ने प्रचार करा ही नहीं होगा और इसका जवाब क्यों नहीं करा होगा? क्योंकि ये जो टापू जो था ये जो आइलैंड था ये यूनानी भाषा बोलने वाले लोग नहीं थे। जो भाषा पौलुस को खुद को भी नहीं पता था। इसलिए पौलुस ने यहां पे कोई भी प्रचार नहीं करे होंगे। तो यहां पे वीर चंद्र सर का एक सवाल है कि अगर इनको ग्लोसा यानी ये गिफ्ट था। ग्लोसा का वरदान इनको था और जो 19 का जो 18 में लिखा है मैं सबसे ज़्यादा अन्य भाषा में बोलता हूं। यही अन्य भाषा अगर ये अर्थली लैंग्वेज है। पवित्र आत्मा इनको अलौकिक तरीके से इनको ये दुनिया की भाषा बोलने के लिए मदद करता

34:01 था तो यहां पे क्यों नहीं हुआ ये चीज? कम से कम यहां तो प्रचार होना चाहिए था। लेकिन यहां पे प्रचार क्यों नहीं हुआ? एक बार भी प्रचार यहां पे किए पौलुस तीन महीने रहे लेकिन प्रचार पौलुस ने करे इस चीज को क्यों नहीं लिखा गया? जबकि चमत्कार करे बहुत सारी चीज़ लिखा गया है। क्यों ऐसे उसका मतलब धीर चंद्र सर ने ये चीज़ साफ करी उसका मतलब पुरुष ने यहां पे प्रचार नहीं करा क्योंकि उन्होंने ये वाला जो अर्थली लैंग्वेज वाला ग्लोसर कभी भी नहीं बोलते थे। लेकिन वो एक तरफ बोलते हैं कि मैंने ढंग्स में बात कर रहा हूं। यानी वो ये अर्थली लैंग्वेज में नहीं बात कर रहे थे। वो कुछ और बात कर रहे थे। तो ये उनका फाइनल स्टेटमेंट था। भले उसके बाद में उन्होंने कुछ चीजें कही। लेकिन इसका रिप्लाई में पता है दंड साहब ने क्या बोले? उन्होंने सीधा आकर बोले वो होस्ट जो

34:47 करते थे इमान प्रॉफेट इमानुएल सर उनको बोले कि आपने एक इवेंट को लेके एक घटना को लेके क्या डॉक्ट्रिन बनाओगे? क्या हम ऐसा डॉक्ट्रिन बना सकते हैं कि एक इवेंट को लेके एक घटना को लेके हम क्या डॉक्ट्रिन बना सकते हैं? ये सवाल उनका था। यह सोचने वाली बात थी कि पौलुस ने फर्स्ट मिशनरी जर्नी, सेकंड मिशनरी जर्नी, थर्ड मिशनरी जर्नी में यूनानी भाषा में प्रचार करें। ये वाकई ही सोचने वाली बात थी कि तीनों तीनों मिशनरी जर्नी में पौलुस को जो ग्लोसर बोलने की कभी जरूरत ही ना पड़ा। आपके

35:32 हिसाब से टंग्स दुनिया की भाषा और यह माल्टा आइलैंड के बाद जब आती है तो यहां पे लिखा है ही नहीं कि पौलुस ने कभी प्रचार करा है जबकि लिखा है कि उन्होंने बहुत सारे चमत्कार करे तो ये चीज सोचने वाली बात है और डॉक्ट्रिन कौन बना रहा है क्या यहां पे डॉक्ट्रिन बनाया जा रहा है यहां पे बस हम समझने की कोशिश कर रहे हैं कि सही क्या हो सकता है और गलत क्या लेकिन इतने सारे सारी चीजों को देखने के बावजूद मेरा समझ कहीं ना कहीं वी चंद्रा सर के तरफ झुक रहा है। क्योंकि इस सवाल का जवाब से ये यही कहे धने सर कि भाई कट्टू कट्टू मिला। इससे मुझे एक प्रचारक को याद आ रहा

36:20 है। कोई मसीह प्रचारक नहीं मुस्लिम प्रचारक डॉक्टर जाकिर नायक उन्होंने भी बोलते हैं आप लोग अगर मुझे दिखाओगे कि यीशु मसीह कहे हैं मैं खुदा मुझे इबादत करो कट टू कट वचन में तो मैं तो ईसाई बन जाऊंगा। लेकिन वाकई में बाइबल में ऐसा कट टू कट नहीं है। तो फिर आज हम क्यों उनको पूछते हैं? यीशु ने तो कभी कहे नहीं इस चीज को। देखो यह जो मेंटालिटी है कि हमें कट्टू कटू चाहिए। यह बेवकूफी है। कई चीजें हमें समझ में आता है। उसको कॉन्टेक्स्ट को देखने से इवेंट को देखने से हमें समझ में आता है कि ऐसा हुआ है। ऐसा क्यों हुआ है। आप उसको

37:05 मानोगे ना हमें कट टू कट चाहिए। तो ये रिप्लाई जो था मुझे सेटिस्फाई नहीं लगा। और मैं अगर कहूं तो मुझे बहुत उम्मीद था दानियल राज सर से कि बहुत कुछ वो कह सकते थे ऐसा मुझे उम्मीद था लेकिन उन्होंने कुछ करा नहीं तो उस चीज का मुझे अफसोस है और इसके बाद उन्होंने एक वचन दिए ये भी ऐसा बोले कि आप जो मांग रहे हो ना ताबूत में कील ठोकने का काम मैं भी वचन दे रहा हूं तो उन्होंने भी एक वचन दिए प्रेरितों का काम नौ अध्याय उसका 15 जहां पे वो वो यीशु मसीह बोल रहे हैं पौलुस को कि तुम्हें मैं अन्य जाति के लिए एक प्रिय पत्र मतलब क्या एक पात्र बनाऊंगा। ऐसा कुछ लिखा है मैं स्क्रीन में आपको दे दूंगा ये आयत और ये

37:52 आयत दिखाते हुए वो बोलते हैं कि देखो पौलुस को तो दूसरे जातियों में प्रचार करने के लिए चुना गया है। तो मना कौन कर रहा है? दूसरे जातियों में ही तो जाके वो प्रचार कर रहा है। दूसरे जाति इंग्लिश में जो सेंटेंस लिखा है उसका मतलब नॉन जीव है। उसका मतलब ऐसा ही नहीं है जो अलग-अलग प्रकार का भाषा बोलते हैं। नॉन ड्यू मींस जेंटाइल्स। लेकिन यही मैं कहूंगा कि इतने सारे रेफरेंस देने के बावजूद तनिल सर का जो रिप्लाई था कि वी चंद्रा ने कटुकट वचन नहीं दे पाया। यही उनका आखिरी स्टेटमेंट था कि वी चंद्रा ने कटुकट वचन नहीं दे पाया तो इनसे नहीं हो पाएगा। वैसे देखा

38:38 जाए तो उन्होंने जवाब नहीं दे पाए उसका। यह तीनों का ऐसा क्यों है? उसका एक रिप्लाई तक नहीं दिए। बस ये दिए कि इन्होंने कटुकट वचन नहीं दे पाए। कटु कट चीजें दे नहीं दे पाए। इसलिए इनसे नहीं हो पाएगा। लेकिन उसके आगे जब वी चंद्राचार्य ने टाइम ले लिया। उन्होंने और भी बोले। यूना के बारे में बात करी। यूना भी ऐसे जगहों में गए हैं जहां पे उनका मदर टंग था। पतरस ने भी ऐसे जगह में गए जहां पर उनका मदर टंग था। तो यहां पर भी उन्होंने सवाल करे इनको कि भाई ठीक है पौलुस को बात हम छोड़ते हैं। पतरोस और यूना की बात अगर हम करेंगे फिर भी ये क्यों अपनी ही मदर टंग भाषा जहां पे थी वहां पे ही क्यों जा रहे हैं? अगर ये जो ग्लोसा अगर एल थ्री

39:23 लैंग्वेज है और ये इनमें भरा भरा के था। भरपूर मात्रा में था यह आत्मा का वरदान। तो व्हाई डिड दे नॉट गो टू द प्लेस वेयर देयर मदर टंग वाज़ इन देयर? जहां पे उनका अपना मदर टंग नहीं था। अपना जो बचपन से जो भाषा ये लोग बोलते हैं वो भाषा जहां पे नहीं है। ऐसे जगहों में वो क्यों नहीं गए? ये एक सवाल उन्होंने खड़ा कर दिया। लेकिन इस सवाल का जवाब वो दे दे नहीं पाए। फिर उन्होंने 120 लोग एक ही साथ जो अन्य भाषा में बोलते हैं प्रेरितों के काम दूसरे अध्याय में जो लिखा है उसको भी जिक्र करते हैं वी चंद्रासामी और बोलते हैं कि अगर कोई अगर कुछ लोग 120 लोग एक चीज को एक ही साथ बोलते हैं तो क्या सामने

40:09 वाले लोग समझ पाएंगे वो गड़बड़ी पैदा करेगी लेकिन यहां पे ऐसा हुआ नहीं हर एक लोग आराम से सुने ऐसा क्यों ऑटो ट्रांसलेट उनके कान में प्रभु लगा दिया यानी खुदा ने उस चीज को ट्रांसलेट करके उनके कानों तक पहुंचा दिया जो कि मैंने भी अपने वीडियोस में कहा था ये चीज इसका रिप्लाई जरूर वो देते हुए कहे देखो मैं आपको बता रहा हूं पहले का जो रिप्लाई था ऐसा क्यों था पहला मिशनर जर्नी सेकंड थर्ड है कि नहीं माल्ट आइलैंड का जो बातें और फिर पतरोस और यहना के चीजें इसका रिप्लाई वो नहीं दिए लेकिन ये 120 लोग बोलने का रिप्लाई देते हुए कहे कि प्रेरित हो के काम जो दूसरा अध्याय चार में जो लिखा है कि आत्मा उनको जैसा सामर्थ्य दिया वैसा वो बोले ये फिर उन्होंने एक सवाल करे चलो ठीक है अगर यह

40:57 अन्य भाषा इस संसार की भाषा आप लोग मानते नहीं हो तो फिर हमें बताओ आत्मा अन्य भाषा में बोलने से आत्मिक जीवन में उन्नति होता है बाइबल में कहां लिखा है दिखाओ आत्मिक उन्नति कहां होता है हमें दिखाओ तो होस्ट ने एक आयत देते पहला उसका 14 का चार पढ़वाते हैं जहां पे लिखा है कि कोई अन्य भाषा में बोलता है तो वो उसका अपना उन्नति करता है लेकिन वो वो बोले कि वो सेल्फ एडिफिकेशन है। वो स्पिरिचुअल एडिफिकेशन नहीं है। देखो ये कितनी बड़ी बेवकूफी वाली बात है। और इसलिए मैं अभी आपको एक आयत पढ़वाता हूं क्योंकि मेरा मोबाइल का बैटरी भी शट डाउन होने वाला है। मैं आपको एक आयत दिखाता हूं। पहला उसका 14 का 26 आयत में मैं पढ़ता

41:43 हूं। इसलिए हे भाइयों क्या करना चाहिए? जब तुम इकट्ठा होते हो तो हर एक के हृदय में भजन या उपदेश या अन्य भाषा या अन्य भाषा को मैं हाईलाइट करता हूं या अन्य भाषा या प्रकाश या अन्य भाषा अन्य भाषा का अर्थ करना करना रहता है सब कुछ आत्मिक उन्नति के लिए होना चाहिए पौलुस खुद बोलते हैं अन्य भाषा भी आत्मिक उन्नति के लिए होना चाहिए यह कट टू कट वचन मैं आपको दे रहा हूं तो इसी आयत के साथ यह सवाल के साथ एक्चुअली के लिए आगे थोड़ा और भी बातें होता है। यह चीजें खत्म होता है। इन अ वे हम देखा जाए तो यह अच्छी तरीके से कंक्लूड नहीं हो पाया। लेकिन मैं आपको आज इस वीडियो में बताया कि कैसे ये चीज हुआ था।

42:29 दलाल सर ने यह जो लॉन्ग डिस्कशन जो हुआ था उसका जवाब नहीं दे पाए और फिर इस तरीके से यह खत्म हो गया। इसीलिए मैं कहता हूं कि यह डिबेट अनक्लियर रहा। मेरे हिसाब से यह डिबेट वी चंद्रा सर की तरफ झुक गया है। कहीं ना कहीं उनका थोड़ा एज रहा है। वह अच्छी चीजें सामने ला पाए लेकिन तनिल राज सर उसका जवाब दे नहीं पाए। तो आपको क्या लगता है? आप कमेंट बॉक्स में जरूर उसको कमेंट करके रखिए और मिलेंगे एक और वीडियो में। तब तक आप सही आत्मिक चीजों में लगे रहो और गलत शिक्षाओं से दूर रहो। परमेश्वर आप सभी को आशीष दे। गॉड ब्लेस यू। [संगीत]

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