संक्षिप्त सारांश
यह वीडियो सांस फूलने की समस्या वाले मरीज़ों के निदान पर केंद्रित है। इसमें फेफड़ों और हृदय संबंधी समस्याओं के बीच अंतर करने के लिए इतिहास, शारीरिक परीक्षण और स्टेथोस्कोप के उपयोग पर मार्गदर्शन दिया गया है। त्वरित निदान और उचित उपचार के महत्व पर जोर दिया गया है।
- मरीज़ के इतिहास और लक्षणों का मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण है।
- स्टेथोस्कोप से फेफड़ों की आवाज़ सुनना निदान में मदद करता है।
- हृदय और फेफड़ों की समस्याओं के लिए अलग-अलग उपचार प्रोटोकॉल हैं।
एक दर्शक ने सवाल पूछा कि सांस फूलने की समस्या वाले मरीज़ में फेफड़ों और हृदय संबंधी समस्याओं के बीच कैसे अंतर किया जाए। डॉक्टर ने इस सवाल को महत्वपूर्ण बताया क्योंकि इमरजेंसी में मरीज़ की सांस फूल रही होती है, spo2 कम होता है और रेस्पिरेटरी रेट ज्यादा होता है।
सबसे पहले, मरीज़ से शॉर्ट हिस्ट्री लेने की कोशिश करनी चाहिए। मरीज़ से पूछना चाहिए कि क्या उन्हें पहले से सांस की कोई बीमारी है, जैसे दमा या अस्थमा। यह भी पूछना चाहिए कि क्या वे पंप लेते हैं या सिगरेट पीते हैं। इसके अतिरिक्त, मरीज़ से हृदय संबंधी समस्याओं के बारे में पूछना चाहिए, जैसे छाती में दर्द, पैरों में सूजन या चेहरे पर सूजन। मरीज़ से ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या थायराइड जैसी बीमारियों के बारे में भी पूछना चाहिए।
शारीरिक परीक्षण में, डॉक्टर स्टेथोस्कोप का उपयोग करके फेफड़ों की आवाज़ सुनते हैं। यदि मरीज़ को फेफड़ों की समस्या है, तो एयर एंट्री समान नहीं होगी। स्टेथोस्कोप को फेफड़ों में तीन जगहों पर लगाया जाता है: सबसे ऊपर, बीच में और नीचे। यदि तीनों लोब्स में एयर एंट्री बराबर है और कोई रुकावट नहीं है, तो इसका मतलब है कि मरीज़ को फेफड़ों की बीमारी नहीं है। यदि फेफड़ों की बीमारी है, तो गहरी सांस लेने में रुकावट महसूस होगी और सीटी जैसी आवाज आएगी, जिसे ब्रोंकोस्पज्म कहते हैं।
यदि मरीज़ को अस्थमा है, तो उसे तुरंत नेबुलाइज कराना चाहिए और ऑक्सीजन लगानी चाहिए। मरीज़ को प्रॉप पोजीशन में रखना चाहिए। यदि मरीज़ को हृदय की समस्या है, तो बीपी की जांच करनी चाहिए। यदि बीपी ज्यादा है और सांस फूल रही है, तो लेसेक्स जैसी दवा का इस्तेमाल करना चाहिए। लेसेक्स एक डायरेटिक है जो मरीज़ को पेशाब करने में मदद करता है और वॉल्यूम ओवरलोड को कम करता है।
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Transcript
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0:00 सर मेरा एक सवाल है क्या मैं पूछूं? बिलकुल पूछिए। सर जैसे अगर किसी पेशेंट की सांस फूल रही है तो हम कैसे पता करेंगे कि मतलब उसे लंग्स की प्रॉब्लम है या हार्ट की प्रॉब्लम है? ठीक। आपका प्रश्न है कि इमरजेंसी में मरीज आ रहा है, सांस फूल रही है, spo2 कम है, रेस्पिरेटरी रेट ज्यादा है। तो हम कैसे पता लगाएंगे कि इसको लंग्स इनवॉल्व्ड हो रहे हैं या हार्ट इनवॉल्व हो रहा है? एक अच्छा सवाल है। सबसे पहली चीज हम करेंगे कि शॉर्ट हिस्ट्री लेने की कोशिश करेंगे। बाऊजी को सांस का रोग तो नहीं है। बाऊजी को दमा अस्थमा तो नहीं है। बाऊजी पंप तो नहीं लेते हैं। बाऊजी सिगरेट तो नहीं पीते हैं। इतनी चीजें अगर हम पूछेंगे 10 सेकंड में तो थोड़ा सा पता लगेगा हां भाई 15 साल से पंप लेते हैं। बीच-बीच में मौसम बदलता है। सांस फूलती है। दमा अस्थमा की शिकायत है। पहली चीज। दूसरी चीज हम पूछेंगे। बाबूजी को कोई
0:45 हार्ट की शिकायत तो नहीं है। बाऊजी थोड़ा चलते हैं तो छाती में दर्द तो नहीं बताते। बाऊजी जब पैर लटका के बैठते हैं तो पैरों में सूजन तो नहीं आ जाती। बाबूजी जब सुबह उठते हैं तो फेशियल पफीनेस चेहरे में थोड़ा सूजन आंखें मोटी-मोटी तो नहीं लगती। बाऊजी को ब्लड प्रेशर की बीमारी, डायबिटीज की बीमारी, थायराइड की बीमारी कोई बीमारी तो नहीं है। इतनी बातें पूछने से बहुत सारे क्वेश्चंस का आंसर हमको मिल जाएगा। फिर हम आले का प्रयोग करेंगे। आले का प्रयोग जैसे ही हम लंग्स में लगाएंगे अगर हमारे मरीज को लंग्स की प्रॉब्लम होगी तो एयर एंट्री इक्वल नहीं होगी। लंग्स में आला तीन जगह लगाया जाएगा। सबसे ऊपर उसको अप्पर लोब, फिर बीच में मिडिल लो, फिर नीचे लोअर लोब। अगर तीनों लोब्स में दोनों लंग में एयर एंट्री बराबर है, क्लियर है, मरीज से कहेंगे बाऊजी गहरी सांस लीजिए। मरीज गहरी सांस ले रहे हैं। बहुत बढ़िया आवाज सुनाई पड़ रही है। कोई रुकावट नहीं
1:30 है तो इसका मतलब लंग की बीमारी नहीं है। क्लियर कर दो। अगर लंग की बीमारी होगी तो गहरी सांस लेने में रुकावट महसूस होगी। उस रुकावट में सीटी जैसी आवाज आएगी। उस सीटी जैसी आवाज या रुकावट को क्या कहेंगे? ब्रोंकोस्पज्म। ब्रोंकोस्पज्म। ऐसेसे आदमी सांस ले। दूर से पता लगेगा कि अस्थमा का रोगी आ रहा है। तो उस तरीके में इसमें क्लियर हो जाएगा कि भ मरीज हमारा एस्थेटिक है। तो अगर एस्थेटिक है तो हम मरीज को लिबलाइज तुरंत कराएंगे। ऑक्सीजन थोड़ी सी लगाएंगे। प्रॉप पोजीशन करेंगे। हमारे मरीज को देखते ही देखते 10 मिनट में आराम आ जाएगा। अगर हार्ट का मरीज है तो इसका मतलब कहीं बीपी बहुत ज्यादा तो नहीं है जिसकी वजह से हमारे मरीज की सांस फूल रही है। कहीं ऐसा तो नहीं कि हार्ट का पंप वीक हो गया है। इंजेक्शन फ्रैक्शन बहुत पुअर है और वॉल्यूम ओवरलोड में मरीज है और उसकी सांस फूल रही है। तो उस केस में बीपी देखेंगे
2:16 अगर बीपी ज्यादा है और सांस फूल रही है। पैर में सूजन है और लंग्स में फाइन क्रिप्ट्स आ रही हैं। पैरों में पिटिंग एडिमा आ रहा है और हिस्ट्री भी पॉजिटिव है तो हम लेसेक्स की दवा का इस्तेमाल करेंगे। डायरेटिक कोई भी डायरेटिक अगर हम लगाएंगे लेसेक्स टॉस फोरसमाइट एल्डक्टोन स्पाइरो गाइटेनिक्स तो उस इन दवाओं को देने से मरीज को 5 700 800 एमl पेशाब हो जाएगी जैसे ही 500 700 800 एमl पेशाब घंटे भर में होगी तो जो वॉल्यूम एक्स्ट्रा हो गया था टोटल वॉल्यूम ऑफ सर्कुलेटिंग फ्लूइड का जिसकी वजह से उसको कार्डियक कंजेशन हो रहा था ऐसे में गर्दन की नस भी मोटी मोटी दिखेगी एनगर्ज नेक वेन दिखेगी है ना कौन सी वेन होती है ये कैरोटेड नहीं हो।