0:00 इन 10 मिनटों में इन 10 मिनटों में मैं आपके 10 साल बचाने वाला हूं। और 10 साल में मैंने जो भी सीखा यू नो अपने इस 10 साल के अनुभव की बात मैं करता रहता हूं। और हर एक वीडियो में एक अलग चीज होती है। और यह केवल 10 साल नहीं यह तो टाइटल में दिख रहा है आपको। आपके ना जाने कितने साल यह वीडियो बचा सकती है। द फर्स्ट लर्निंग इज द फर्स्ट लर्निंग इज ऑलवेज रिमेन इन प्रेजेंट मोमेंट। हमेशा वर्तमान में रहो। प्रेजेंट मोमेंट में
0:46 रहो। क्यों मैं कह रहा हूं ऐसा? ऐसा मैं क्यों कह रहा हूं? यह बात मैं आज से चारप साल पहले अपने घर वालों को कहा करता था कि प्रेजेंट में रहो वर्तमान में रहो। जब मैंने ये काम स्टार्ट किया था इस पैशन को मैंने प्रोफेशन बनाया था अपना स्पिरिचुअलिटी को मेडिटेशन को तो नो अर्निंग कुछ नहीं आई वास नथिंग। तो उस दौरान मैं अपने घर वालों को कहता था प्रेजेंट में रहो सब ठीक हो जाएगा। मेरे घर वाले क्या टेंशन करते थे? मेरे घर वाले सोचते थे पागल हो गया है। रिलेटिव्स भी इसको पागल बोल रहे हैं।
1:31 दोस्त वगैरह शॉक हो गए कि ये क्या करने बैठ गया ये? ये तो अच्छा खासा साइंस से पढ़ा हुआ व्यक्ति था। इंजीनियरिंग कर रहा था। ये एक अच्छे कॉलेज से इसने इंजीनियरिंग की है। बहुत सारी चीजें और मेरे घर वालों को ऐसा लगने लगा किए गया काम से और मैंने कुछ मैं साधु संतों से बहुत मिलता था उस दौरान उनके साथ भ्रमण करता था तो मेरे घर वालों ने भी ये सोच लिया कि ये निकल जाएगा ये सन्यासी बन जाएगा 5 साल पहले की बात है ये ज्यादा नहीं तो ये सारी चीजें मेरे घर वाले सोचते थे मैं उनको एक ही बात बोलता था प्रेजेंट में रहो प्रेजेंट में रहो जो भी तुमने सोचा ना कुछ नहीं होगा बस प्रेजेंट में रहो तुम इवन मैं खुद अपने अंदर यह सोचता था
2:17 कि कहीं मैं कुछ मैं सन्यासी ना बन जाऊं कहीं सब कुछ छोड़ के। मैं खुद अपने अंदर ये सोचता था। मैं खुद अपने अंदर ये सोचता था कि जो मैंने ये रास्ता चुना है कहीं मैं बर्बाद ना हो जाऊं। मैं और मेरे थॉट पे रिएक्ट नहीं करता था। मैं अपने आप से भी ये कहता था कि प्रेजेंट में रहो। वर्तमान में रहो। बस एक फ्रेंड जो बहुत चिंता करती थी, बहुत स्ट्रेस में रहती थी। अपने फैमिली इशू की वजह से बहुत दिक्कत में थी, परेशान थी वो। इवन उसने सुसाइड करने की भी सोची। लेकिन मैंने उससे एक बात बोली प्रेजेंट में रहो। सिर्फ
3:05 प्रेजेंट में रहो। मैं जब अपनी थोड़ा मेंटली मेंटली मैं परेशान था तो मैंने एक साइकोलॉजिस्ट से मैंने बात की काउंसलिंग के लिए उसने ही मुझे ये बोला प्रेजेंट में रहो सिर्फ प्रेजेंट में और आज अगर मैं देखता हूं आज इस वक्त तो यह सबसे बेस्ट चीज है प्रेजेंट में रहना। इससे बेहतर कुछ नहीं है। कुछ नहीं है। प्रेजेंट में रहना। क्या मेरे घर वालों ने सोचा था यह बेकार हो जाएगा, बर्बाद हो जाएगा? नहीं। मैं इतना अर्न कर रहा हूं कि मैं अपना खर्चा चला सकता हूं। मैंने सोचा था मैं बर्बाद हो जाऊंगा।
3:50 नहीं। मेरी वजह से कई सारे लोगों की मदद हो पा रही है। हेल्प हो पा रही है। लोग अपने डार्क फेस से बाहर निकल पा रहे हैं। देखो जरा। मेरे घर वालों ने सोचा सन्यासी बन जाएगा यह। बस एक दो साल के अंदर बन जाएगा यह जैसे इसके ढोंग है। मैंने खुद सोचा था कि मैं दुनिया से भाग कर मैं डरा हुआ था उस टाइम पर। मैं एक जगह एक आना चाहता था। लेकिन क्या ऐसा हुआ? नहीं हुआ। सो सबसे बड़ी लर्निंग यही है कि प्रेजेंट में रहो। प्रेजेंट मोमेंट इज अ आप कह सकते हैं कि आपको जो आपका जो पास्ट है वो आपको पछतावे देगा कि मैंने यह नहीं किया, मैंने
4:35 ये नहीं किया, काश ये कर लेता। और आपका फ्यूचर आपको हमेशा डराएगा, चिंता में रखेगा कि कहीं ऐसा ना हो जाए, कहीं वैसा ना हो जाए। लेकिन सिर्फ एक प्रेजेंट है जो आपको शांति देगा, पीस देगा। दिस इज माय फर्स्ट लर्निंग। द सेकंड वन इज अटैचमेंट इज पोइजन नेवर अटैच किसी से भी आपको अटैच नहीं होना किसी से भी। यू नो मैं आपको बताता हूं कि आई वाज इन रिलेशनशिप। एक रिलेशनशिप में था। और ऑलमोस्ट वो एक लिविंग रिलेशनशिप कह सकते हैं हम उसको। करीबन डेढ़ साल तक था
5:23 मैं। और मुझे ऐसी यकीन हो गई थी। मुझे यह भरोसा हो गया था कि यह व्यक्ति मुझे कभी छोड़कर नहीं जा सकता। यह व्यक्ति मुझे कभी भी निराश नहीं करेगा। हम थोड़ा सा आगे आते हैं क्योंकि यहां मशीन चल रही है। और हमने बहुत एक दूसरे के साथ पल गुजारे। बहुत सारे सपने देखे। बहुत सारी चीजें करी साथ में। मुझे ऑलमोस्ट ये भरोसा हो गया था। मतलब कोई मुझसे कहता भी ना तो भी मैं मानता नहीं उस टाइम
6:09 कि ये व्यक्ति तो मेरे जीवन में परमानेंट है। ये कभी जाएगा ही नहीं। और वो व्यक्ति भी मेरी बहुत हेल्प करता था। वो लड़की मैं भी उसकी बहुत मदद करता था। दोनों में बहुत प्यार था। मगर एकदम से यू नो एकदम से उसने मेरे को ब्लॉक कर दिया। मैंने दूसरे नंबर से पूछा। दूसरे नंबर से कॉल किया। तो उसने मुझे सारी बातें बताई कि मैं अभी ये रिलेशनशिप नहीं रखना चाहती।
6:55 शी फाउंड समवन उसको कोई और मिल गया। मैंने कहा यार मैं उस टाइम पर मेंटल हेल्थ से बहुत ज्यादा गुजर रहा था। परेशान था। मेंटली अकेला था। कोई अर्निंग वगैरह कुछ नहीं थी। और सडनली ये सारी चीजें हो गई। मैंने कहा यार ये क्या हुआ एकदम से? मैं अटैच हो गया था। तो ये अटैचमेंट ने मुझे परेशान किया बहुत ज्यादा। मैं एक एक कंपनी में था मैं। एक मल्टीीनेशनल कंपनी थी वो और उस कंपनी में मैं मतलब मुझे उस कंपनी से बहुत ज्यादा
7:41 प्यार हो गया था। कॉलेज टाइम पर मैं उस कंपनी को कभी नहीं छोड़ना चाहता था। मुझे वहां के लोग बहुत पसंद थे। एसोसिएशन अच्छे लोगों से हो रहा था। बहुत कुछ सीखने को मिल रहा था। और मैं उस कंपनी से बहुत ज्यादा अटैच हो गया था। बट धीरे-धीरे करके मुझे ऐसा लग रहा है ये कंपनी मेरी जान है। मेरा जीवन है। मगर फिर मेरे को समझ आया मैं इस कंपनी के लायक नहीं हूं। वो कंपनी मुझसे छूट गई। मैं अपने कुछ साधु संतों गुरुओं के साथ था। मैं उनसे अटैच हो गया था। मैंने कहा मैं अब यही मेरा जीवन है। मैं
8:27 इसी में ही रहूंगा। मैं इसको कभी नहीं छोड़ सकता। यू नो उन लोगों ने मुझे नकार दिया। अटैचमेंट। मेरा दोस्त था एक। मैंने सोचा था यह मेरा बहुत ही अच्छा दोस्त है। मुझे उससे अटैचमेंट हो गई। उसने ही मेरा साथ छोड़ दिया। अब मैं यह नहीं कह रहा कि इसमें जो सामने वाले जो लोग हैं उनकी गलती है। मैं वो नहीं कह रहा। मैं कह रहा हूं कि सरकमस्ट्ससेस ऐसे बन जाते हैं। दुनिया कुछ ऐसी ही है। एक लिविंग चीज कभी भी फिक्स नहीं हो सकती। उसमें हमेशा बदलाव आ रहे हैं, चेंज आ रहे
9:14 हैं। नेवर अटैच विद एनीथिंग। किसी से भी अटैचमेंट हो। तीसरी चीज कभी भी अपने विचारों पर विश्वास मत करो। जो भी आपके थॉट्स हैं, जो भी आपके विचार हैं, आज आपके अंदर एक विचार आ रहा है, कल दूसरा आएगा। परसों तीसरा आएगा। एक दिन में ना जाने कितने विचार आ जाते हैं। कभी भी विचारों को क्वेश्चन मत करो। कभी भी विचारों को पकड़ो मत। कभी भी विचारों को जकड़ो मत। कभी भी विचारों को पर रिएक्ट मत करो। कभी भी विचारों को सीरियसली मत लो। कभी भी थॉट से कोई लगाव ना लगाओ। रखो। ना थॉट्स को रोको, ना सप्रेस करो, ना एक्सेप्ट करो,
10:00 ना रिजेक्ट करो। उनको उनकी जगह पर रहने दो बस खाली। यू आर नॉट योर थॉट्स। यू आर बियों्ड। यू आर नॉट इवन योर नॉलेज। यू आर बियों्ड। तो ये तीन चीजें आपको कई साल आगे कर सकती हैं। जो नए लोग हैं मेरे साथ जुड़ सकते हैं मेरे स्पिरिचुअलिटी के कोर्स में। कुल 24 वीडियो का कोर्स है। बहुत सारी चीजें आपको सीखने को मिलेगी। मेडिटेशन, अवेयरनेस, क्या है? अटैचमेंट क्या है? फियर क्या है? सफरिंग क्या है? मैं कौन हूं? थॉट, फ्रीडम फ्रॉम थॉट इन सभी चीजों की। साथ-साथ 50 से ज्यादा गाइड एंड मेडिटेशन की वीडियोस भी हैं। यू कैन जॉइन दिस कोर्स। मेरा WhatsApp नंबर लिख लो। 9773529489। ये नंबर मैं डिस्क्रिप्शन में भी ड्रॉप कर रहा हूं। वहां से जाकर आप इस कोर्स को ज्वाइन कर सकते हैं। थैंक यू वेरी मच।