0:00 नमस्कार दोस्तों राधे-राधे जय श्री कृष्णा हर हर महादेव आप सभी का स्वागत है हमारे चैनल किचन पार्टनर्स टीएम पर जहां हम बात करते हैं बुढ़ापे को बेहतर और स्वस्थ बनाने की क्या आपको भी सीढ़ियां चढ़ते समय घुटनों से कट कट की आवाज आती है क्या सुबह बिस्तर से उठते ही आपके पैर जमीन पर रखने से जान निकल जाती है क्या आपको ऐसा लगने लगा है कि आपकी उम्र तो अभी भी जवान हैं। लेकिन आपके घुटने किसी 80 साल के बुजुर्ग जैसे हो गए हैं। अगर आपका जवाब हां है तो आज का यह वीडियो आप बीच में छोड़कर जाने की गलती मत करना क्योंकि आज मैं आपको कोई
0:45 महंगी दवाई नहीं बल्कि आप ही के किचन में छिपा हुआ एक ऐसा जादुई रहस्य बताने जा रही हूं जो आपके घुटनों का दर्द हमेशा के लिए जड़ से खत्म कर देगा। जी हां दोस्तों, मैं बिल्कुल सही कह रही हूं। अगर आपके पैरों में कमजोरी आ गई है, अगर आपको चलने फिरने में तकलीफ होती है और आपने हर तरह का इलाज करवा कर देख लिया है, फिर भी कोई फायदा नहीं हुआ। तो बस आज मेरी बात मान लीजिए। आज मैं आपको जो चीज बताने वाली हूं, उसकी कीमत तो बहुत कम है, लेकिन उसके फायदे लाखों करोड़ों के हैं। बस इसे रात भर पानी में भिगो दीजिए और सुबह खाली पेट खा लीजिए। फिर देखिए
1:31 इसका असली कमाल। सिर्फ 30 दिनों में आपकी टांगों में ऐसी घोड़े जैसी ताकत आ जाएगी कि जो इंसान सही से चल नहीं सकता था, वह भी दौड़ने लगेगा। जो इंसान दो सीढ़ियां नहीं चढ़ पाता था, वह आराम से छत पर भागता हुआ जाएगा। तो दोस्तों, वीडियो को बिना एक भी सेकंड स्किप किए पूरा जरूर देखिएगा क्योंकि आज मैं आपको इसे खाने के तीन बिल्कुल अलग और बेहद असरदार तरीके बताने वाली हूं। वीडियो में आगे बढ़ने से पहले मेरी आपसे एक छोटी सी रिक्वेस्ट है। अभी मुझे कमेंट बॉक्स में लिखकर जरूर बताइए कि आप हमारा यह वीडियो कौन से किस कोने से देख रहे हैं।
2:19 क्या आप दिल्ली से हैं? मुंबई से हैं, कोलकाता से हैं, बेंगलुरु से हैं? पुणे से, हैदराबाद से या फिर किसी छोटे से प्यारे से गांव से? और हां, अगर आप इंडिया के बाहर किसी विदेश से हमें देख रहे हैं, तो अपने देश का नाम जरूर बताइएगा। मुझे यह जानना बहुत अच्छा लगता है कि किचन पार्टनर्स टीएम का परिवार कहां-कहां तक फैल चुका है। आपका यही विश्वास आपकी सबसे बड़ी ताकत है और मैं भी भगवान से आपके लिए प्रार्थना करूंगी कि आप जल्दी से जल्दी पूरी तरह से स्वस्थ हो जाए। दोस्तों आज इस मॉडर्न समय में घुटनों और जोड़ों का दर्द एक बहुत ही
3:04 भयंकर और गंभीर बीमारी बन चुका है। एक वह भी समय था जब यह समस्या सिर्फ 60 या 70 साल के बुजुर्गों को ही हुआ करती थी। क्योंकि उस समय में हड्डियां कमजोर होना एक आम बात थी। लेकिन आज की स्थिति देखकर सच में बहुत रोना आता है। आज 25 से 30 साल के नौजवान लड़के लड़कियों को भी घुटनों के दर्द की शिकायत होने लगी है। कुछ लोग तो 20 22 साल की उम्र में ही कमर दर्द और जोड़ों के दर्द से तड़प रहे हैं। आखिर यह सब हो क्यों रहा है? क्या आपने कभी शांति में बैठकर इस बात के बारे में सोचा है? आइए मैं आपको इसके पीछे के चार सबसे बड़े और मुख्य कारण बताती हूं। पहला और सबसे बड़ा कारण है हमारा बिल्कुल
3:52 गलत और खराब खानपान। आजकल के युवाओं को देखिए उन्हें पिज़्ज़ा चाहिए, बर्गर चाहिए, मोमोज चाहिए, चाइनीस फूड चाहिए और साथ में ठंडी-ठंडी कोल्ड ड्रिंक्स चाहिए। दोस्तों, यह सब चीजें आपके शरीर में जाकर जहर का काम करती हैं। यह आपके शरीर में यूरिक एसिड को बहुत तेजी से बढ़ाती हैं और आपके जोड़ों के बीच का जो तरल पदार्थ होता है जिसे हम साइनोवियल फ्लोइड कहते हैं, उसे सुखा देती हैं। घर का बना हुआ शुद्ध और सात्विक खाना तो अब लोग जैसे भूल ही गए हैं। दूसरी सबसे बड़ी वजह है हमारी गतिहीन जीवन शैली। यानी कि एक ही जगह पर बैठे रहने की आदत। लोग दिन भर ऑफिस में
4:38 कुर्सी पर बैठे रहते हैं। घर आते ही तो सीधे सोफे पर लेटकर मोबाइल चलाने लगते हैं। शरीर से कोई मेहनत नहीं, कोई व्यायाम नहीं, कोई योग नहीं। अब आप ही बताइए जिस मशीन को आप चलाएंगे ही नहीं तो उसमें जंग तो लगेगा ही। नतीजा यह होता है कि शरीर का मोटापा लगातार बढ़ता जाता है और आपके शरीर का सारा एक्स्ट्रा वजन आपके बेचारे घुटनों पर पड़ने लगता है जिससे घुटनों की गद्दी घिसने लगती है। तीसरी ओर बहुत ही गंभीर समस्या है शरीर में कैल्शियम, विटामिन डी और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की भारी कमी होना। आजकल के जो फल और सब्जियां हैं उनमें पहले जैसा पोषण बचा ही नहीं है। ऊपर
5:25 से लोग अब सुबह की धूप में भी नहीं बैठते जिससे शरीर में विटामिन डी की इतनी कमी हो जाती है कि शरीर कैल्शियम को सोख नहीं पाता। इसका सीधा असर हमारी हड्डियों पर पड़ता है। हड्डियां अंदर से खोखली और भुरभुरी होने लगी हैं। जोड़ आपस में रगड़ खाने लगते हैं और मांसपेशियों में भयंकर दर्द शुरू हो जाता है और चौथी सबसे बड़ी वजह है शरीर में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाना। जब यूरिक एसिड बढ़ता है तो यह आपके जोड़ों में छोटे-छोटे क्रिस्टल के रूप में जमा हो जाता है। जिससे जोड़ों में भयंकर सूजन आ जाती है और इंसान को गठिया यानी अर्थराइटिस की खतरनाक बीमारी जकड़ लेती
6:12 है। पैरों में सूजन आ जाती है और इंसान का चलना फिरना तक दुश्वार हो जाता है। और दोस्तों सबसे बुरी बात तो यह है कि जब लोगों को दर्द होता है तो वह तुरंत मेडिकल स्टोर पर भागते हैं और कोई भी पेन किलर यानी दर्द निवारक गोली खा लेते हैं। आपको लगता है कि दर्द ठीक हो गया? नहीं मेरे दोस्तों। पेन किलर सिर्फ आपके दिमाग तक जाने वाले दर्द के सिग्नल को कुछ घंटों के लिए रोक देती है। वे बीमारी को अंदर से ठीक नहीं करती बल्कि बीमारी अंदर ही अंदर और बड़ी हो जाती है। और अगर आप लंबे समय तक इन पेन किलर्स दवाइयों का सेवन करते हैं तो लिखकर ले लीजिए आपकी किडनी, आपका लीवर और आपका पूरा
6:59 पाचन तंत्र पूरी तरह से खराब हो जाएगा। तो दोस्तों, अब सवाल यह उठता है कि आखिर इसका पक्का इलाज क्या है? मैं आपको पूरे विश्वास के साथ बताना चाहती हूं कि इन सभी भयंकर समस्याओं का एक बहुत ही आसान, बेहद सस्ता और 100% प्राकृतिक उपाय हमारे पास मौजूद है और यह उपाय कोई बाहर से नहीं लाना है। यह आपके अपने किचन के डिब्बे में ही मौजूद है। दोस्तों, यह चमत्कारी चीज और कोई नहीं बल्कि है हमारा अपना देसी मखाना। जी हां दोस्तों जिसे अंग्रेजी में फॉक्स नट्स या लोटस सीड भी कहा जाता है। आप सोच रहे होंगे अरे वही मखाना जो हम व्रत और उपवास में खाते हैं। वही मखाना जिसकी हम खीर
7:45 बनाते हैं। वही मखाना जिसे घर में भूनकर हम टीवी देखते हुए नमकीन की तरह खाते हैं। जी हां मेरे प्यारे दोस्तों बिल्कुल सही साधारण सा दिखने वाला सफेद मखाना। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटा सा हल्काफुल्का सा दिखने वाला मखाना आपके अंदर कितनी भयंकर ताकत भर सकता है? यही आपकी कमजोरी और कांपती हुई टांगों को एक जवान घोड़े जैसा मजबूत और फौलादी बना सकता है। आइए मैं आपको बहुत ही आसान और सरल भाषा में पूरे विस्तार से समझाती हूं कि आखिर इस मखाने के अंदर ऐसा क्या छिपा है जो इसे सबसे ताकतवर सुपर फूड बनाता है। सबसे पहले बात करते हैं कैल्शियम की। जैसे एक बड़ी इमारत को मजबूत खड़ा रखने के लिए ईंट और सीमेंट की जरूरत होती है, वैसे ही
8:32 हमारे शरीर के ढांचे को खड़ा करने के लिए कैल्शियम की जरूरत होती है। मखाने के अंदर कैल्शियम का पूरा का पूरा भंडार भरा हुआ होता है। यह आपकी कमजोर हड्डियों को अंदर से ठोस और मजबूत बनाता है। यह आपको ऑस्टियोपोसिस जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाता है। जिसमें हड्डियां कांच की तरह चटकने लगती हैं। मखाना आपके घुटनों की टूट-फूट को बहुत तेजी से रिपेयर करता है। आपको जानकर हैरानी होगी कि सिर्फ एक मुट्ठी मखाने में लगभग 60 मिलीग्राम तक शुद्ध कैल्शियम होता है जो सीधा आपकी हड्डियों में जाकर लगता है। दूसरा सबसे महत्वपूर्ण तत्व है मखाने में कूट-कूट कर भरा है वह है मैग्नीशियम। दोस्तों, सिर्फ कैल्शियम होना ही काफी
9:18 नहीं है। अगर आपकी मांसपेशियां यानी मसल्स मजबूत नहीं होंगी, तो जोड़ काम नहीं करेंगे। मैग्नीशियम आपकी मांसपेशियों को फौलाद बनाता है। क्या आपको रात को सोते समय पिंडलियों में भयंकर ऐंठन या नस पर नस चढ़ने की शिकायत होती है? अगर हां, तो यह मैग्नीशियम की कमी है। मखाना इस एंठन को हमेशा के लिए गायब कर देता है। यह आपके पूरे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन यानी रक्त संचार को इतना शानदार कर देता है कि आपकी ब्लॉक नसें भी खुलने लगती हैं। तीसरा सबसे बड़ा गुण है इसमें मौजूद हाई क्वालिटी प्रोटीन। प्रोटीन हमारे शरीर का बिल्डिंग ब्लॉक है। जब आपके घुटने घिसते हैं, तो वहां के उत्तक यानी टिश्यूस डैमेज हो जाते हैं। मखाने का प्रोटीन उन टूटे हुए टिश्यूस की रातोंरात मरम्मत करता है। यह
10:06 आपके शरीर में गजब सी स्टेमिना और ताकत को बढ़ाता है। चौथा और सबसे जादुई गुण है। इसके अंदर मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स। यह एंटीऑक्सीडेंट्स आपके शरीर के अंदर पुलिस का काम करते हैं। जोड़ों में जो भयंकर लाल रंग की सूजन आ जाती है, मखाने के एंटीऑक्सीडेंट्स उस सूजन को बर्फ की तरह शांत कर देता है। यह आपके जोड़ों को सुरक्षा का एक कवच पहना देते हैं। शरीर में मौजूद फ्री रेडिकल्स जो आपको जल्दी बूढ़ा बनाते हैं। मखाना उनसे लड़ता है और आपकी उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया को बहुत धीमा कर देता है। आप अपनी उम्र के 10 साल जवान दिखने लगते हैं। पांचवा सबसे जरूरी तत्व है फास्फोरस। फास्फोरस क्या करता है? यह आपकी हड्डियों
10:53 की डेंसिटी यानी उनके घनत्व को बढ़ाता है। यह आपके दांतों को पत्थर जैसा मजबूत करता है। और सबसे बड़ी बात शरीर में जो कैल्शियम आप खा रहे हैं, उसे सोखने में यह फास्फोरस ही मदद करता है। छठवां गुण जानकर तो डायबिटीज के मरीज खुशी से झूम उठेंगे। मखाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स बहुत ही कम होता है। इसका मतलब यह है कि इसे खाने से आपके खून में अचानक से शुगर का लेवल नहीं बढ़ता। इसलिए शुगर के मरीज भी इसे बिना किसी डर के बेझिझक खा सकते हैं। सातवां बहुत बड़ा फायदा यह है कि इसमें सोडियम नाम मात्र का होता है। लेकिन पोटेशियम बहुत ही अच्छी मात्रा में होता
11:39 है। इसका सीधा फायदा आपके दिल को मिलता है। यह आपके हाई ब्लड प्रेशर को बिल्कुल नॉर्मल कंट्रोल में रखता है। और आठवां गुण है इसमें मौजूद फाइबर की भारी मात्रा। अगर आपका पेट साफ नहीं रहता, आपको कब्ज रहती है तो सब बीमारियां वहीं से शुरू होती हैं। मखाने का फाइबर आपके पाचन तंत्र को एकदम झाड़ू लगाकर साफ करता है और आपकी आंतों को मजबूत बनाता है। दोस्तों अगर हम अपने प्राचीन आयुर्वेद की बात करें तो महर्षि वाग्भट और चर्क जैसे महान ऋषियों ने मखाने को कमल ककड़ी का बीज कहा है और इसे धरती की संजीवनी बूटी का दर्जा दिया है। आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर में
12:26 वात दोष यानी हवा बढ़ जाता है। तभी जोड़ों में दर्द और कट कट की आवाज आनी शुरू हो जाती है। मखाना इसे बिगड़े हुए वात दोष को तुरंत शांत करता है। यह कफ को बीज संतुलित करता है। अगर आपकी कमर में भयंकर दर्द रहता है, तो मखाना आपको चमत्कारी रूप से तुरंत राहत देता है। यह आपके सूखे हुए जोड़ों के बीच में प्राकृतिक चिकनाई यानी ग्रीस पैदा करता है जिससे आपके घुटने बिना किसी रगड़ के आसानी से मुड़ सकें और चल सकें। यह आपके पूरे शरीर को अंदर से डिटॉक्सिफाई करता है। यानी खून के अंदर जितने भी विषैले पदार्थ और गंदगी जमा हो गई है, उसे पेशाब के रास्ते बाहर निकाल फेंकता है। आपको पता है पुराने जमाने के जो राजा महाराजा हुआ करते
13:13 थे। वे युद्ध में जाने से पहले और बाद में मखाने का सेवन जरूर किया करते थे। ताकि उनके शरीर में हाथियों जैसी ताकत बनी रहे और वह कभी थके नहीं। यही कारण है कि हमारे घर के बुजुर्ग भी हमेशा दूध और मखाना खाने की सलाह दिया करते थे। तो दोस्तों, फायदे तो हमने जान लिए, लेकिन इसे खाना कैसे है? यह सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि गलत तरीके से खाई गई अच्छी चीज भी फायदा नहीं करती। मैं आपको मखाना खाने के तीन बिल्कुल अलग-अलग और बहुत ही विस्तार से तरीके बता रही हूं। आपके शरीर की जैसी जरूरत हो, आप वैसा तरीका अपना सकते हैं। पहली विधि सबसे साधारण और शरीर की सफाई के लिए। यह तरीका
13:59 उनके लिए है जो अपना वजन भी कम करना चाहते हैं और दर्द भी दूर करना चाहते हैं। रात को सोने से पहले लगभग 8:00 बजे के आसपास कांच की एक बिल्कुल साफ कटोरी लीजिए। उसमें 15 से 20 साबुत मखाने डालिए। ध्यान रहे मखाने साफ हो। पहले इन मखानों को साफ पानी से अच्छे से धो लीजिए क्योंकि बाजार से आते समय इन पर धूल, मिट्टी या कीटाणु लगे हो सकते हैं। धोने के बाद कटोरी में एक गिलास पीने वाला साफ पानी डालिए और मखानों को रात भर के लिए उस पानी में डूबने दीजिए। कटोरी को ऊपर से किसी प्लेट से अच्छे से ढक दीजिए ताकि रात में कोई कीड़ा मकोड़ा या छिपकली उसमें ना गिरे। जब आप सुबह उठे तो अपना नित्य कर्म करने से बाद सबसे पहला
14:46 काम यह करें कि खाली पेट आराम से एक जगह बैठ जाएं। अब कटोरी से एक-एक मखाना निकालें और उसे अपने दांतों से बिल्कुल धीरे-धीरे चबा चबाकर खाएं। दोस्तों, जल्दबाजी बिल्कुल नहीं करनी है। ऐसा नहीं कि उठाया और पूरा निगल लिया। जितना आप चबाएंगे, आपकी लार उसमें मिक्स होगी, और उसके सारे पोषक तत्व आपके शरीर की एक-एक कोशिका में बहुत अच्छे से ऑब्जर्व होंगे। जब सारे मखाने खा लें, तो ऊपर से कटोरी से बचा हुआ वही पानी भी घुट-घुट करके पी लें। उस पानी को फेंकना बिल्कुल नहीं है क्योंकि रात भर भीगने के कारण मखाने के बहुत सारे घुलनशील विटामिन और मिनरल्स उस पानी में ही आ जाते हैं। इसे खाने के बाद
15:34 कम से कम 30 से 40 मिनट तक आपको कुछ और नहीं खाना पीना है। उसके बाद ही आप अपना रोज का नॉर्मल नाश्ता कर सकते हैं। दूसरी विधि हड्डियों को फौलाद बनाने वाली। यह तरीका उनके लिए बहुत ही ज्यादा शक्तिशाली है जिनकी हड्डियां बहुत ज्यादा कमजोर हो चुकी हैं। जिन्हें सीढ़ियां चढ़ने से सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। इस विधि में हम पानी की जगह दूध का इस्तेमाल करेंगे। रात के समय 15 से 20 मखाने लीजिए। अब एक गिलास शुद्ध गाय का या भैंस के दूध को गैस पर हल्का गुनगुना कर लीजिए। ध्यान रखिए दूध को बहुत ज्यादा खोलता हुआ गर्म नहीं करना है। बस पीने लाया गुनगुना होना
16:19 चाहिए। अब उस गुनगुने दूध में मखानों को डाल दीजिए। अगर आप इसके फायदों को डबल करना चाहते हैं तो इसमें एक चम्मच शुद्ध देसी शहद भी मिला दीजिए। शहद आपके दूध को एक बहुत ही प्यारा मीठा स्वाद दे देगा। साथ ही शहद के अंदर खुद से सैकड़ों चमत्कारी गुण होते हैं जो ताकत बढ़ाते हैं। चीनी का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं करना है। और दोस्तों अगर आप इसे एक रॉयल ड्रिंक बनाना चाहते हैं और आपका बजट अनुमति देता है तो इसमें चार पांच धागे शुद्ध केसर के भी डाल दीजिए। केसर आपके शरीर की नसों में गर्मी और गजब की ताकत भर देगा। सुबह उठकर खाली पेट इन फूले हुए मखानों को अच्छे से चबा चबाकर
17:06 खाइए और ऊपर से वह स्वादिष्ट दूध भी पी लीजिए। दूध और मखाने का यह जो कॉम्बो है ना यह कैल्शियम का एक ऐसा बम है जो शरीर में जाते ही आपकी हड्डियों को लोहे जैसा मजबूत बना देगा। तीसरी विधि सबसे पावरफुल और सुपर चार्ज कॉम्बिनेशन। दोस्तों, अगर आप जोड़ों के दर्द से बहुत ही ज्यादा परेशान हैं। आपकी हालत ऐसी हो गई है कि एक कदम चलना मुश्किल है, तो आप आंख बंद करके इस तीसरी विधि को फॉलो करना शुरू कर दीजिए। यह तरीका हड्डियों और जोड़ों के लिए किसी रामबाण से कम नहीं है। इस सुपर कॉम्बिनेशन को बनाने के लिए आपको चाहिए 15 साबुत मखाने, पांच भीगे हुए बादाम जो आपके दिमाग और नसों के लिए बेहतरीन है। अखरोट
17:53 की गिरी अखरोट का आकार हमारे दिमाग जैसा होता है और यह ओमेगा थ्री फैटी एसिड से भरा होता है जो जोड़ों को ग्रीस वापस लाता है और एक चम्मच अलसी के बीच अलसी जोड़ों की भयंकर से भयंकर सूजन को भी खींच कर बाहर निकाल देती है। रात को इन सभी चारों चीजों को एक साथ एक कांच के गिलास में पानी या दूध में भिगोकर रख दें। सुबह उठकर सबसे पहले बादाम का छिलका उतार लें। अब खाली पेट इन सभी चीजों को एक-एक करके बिल्कुल आराम से चबा चबाकर खा लें। दोस्तों, यकीन मानिए यह कॉम्बिनेशन दुनिया का सबसे ताकतवर न्यूट्रिशन सप्लीमेंट है। इसके आगे बाजार के हजारों रुपए वाले प्रोटीन पाउडर और दवाइयां भी फेल हैं।
18:39 इसमें आपको एक साथ कैल्शियम, ओमेगा थ्री, प्रोटीन और फाइबर सब कुछ मिल जाता है। इस विधि को अपनाइए और फिर चमत्कार देखें। अब एक बहुत ही जरूरी बात करते हैं जो है खाने की टाइमिंग। दोस्तों, इसका सबसे अच्छा और सही समय है सुबह बिल्कुल खाली पेट। यह नियम आपको बांध लेना है। सुबह खाली पेट क्यों? क्योंकि रात भर के आराम के बाद हमारा पेट पूरी तरह से खाली होता है और उस समय आप जो भी खाते हैं हमारा शरीर उस खाने के 100% न्यूट्रिएंट्स को स्पंज की तरह सोख लेते हैं। आपको इसे नाश्ते से कम से कम आधे घंटे पहले खाना है। अगर आप ऑफिस जाते हैं या शाम को आपको हल्की-फुल्की भूख
19:24 लगती है, तो आप शाम को 4:00 से 5:00 बजे के बीच एक कढ़ाई में आधा चम्मच देसी घी डालकर मकानों को हल्का सा रोस्ट यानी भूनकर स्नैक्स की तरह भी खा सकते हैं। यह बाहर के समोसे और कचौड़ी से हजार गुना बेहतर है। लेकिन याद रहे सुबह वाली डोस तो आपको खाली पेट जरूर लेनी ही लेनी है। और सबसे महत्वपूर्ण बात जो अक्सर लोग गलती करते हैं, लोग दो दिन खाते हैं और कहते हैं कि फायदा नहीं हुआ। दोस्तों, यह कोई अंग्रेजी जादुई गोली नहीं है। आपको इसे रोज बिना कोई नागा किए पूरी ईमानदारी और नियमित रूप से खाना होगा। अपने आपको एक चैलेंज दीजिए। कम से कम 30 दिन यानी एक महीने तक लगातार इसे खाइए। तभी आपके शरीर
20:12 में वह असर दिखेगा जो आप देखना चाहते हैं। थोड़ा सा धैर्य रखें क्योंकि आयुर्वेद और प्राकृतिक चीजें शरीर में बहुत धीरे-धीरे अपना काम करती हैं। लेकिन जब यह काम करती हैं, तो बीमारी को हमेशा के लिए जड़ से उखाड़ फेंकती हैं और बीमारी दोबारा लौट कर नहीं आती। और हां, सिर्फ मखाना खाने से सब नहीं होगा। इसके साथ आपको अपनी जीवन शैली में भी थोड़ा सा बदलाव करना होगा। दिन भर में खूब सारा पानी पीजिए। सुबह शाम कम से कम 20 मिनट। टहलने की आदत डालिए। बहुत ही हल्काफुल्का व्यायाम या स्ट्रेचिंग कीजिए और सुबह की ताजी धूप जरूर लीजिए।
20:59 दोस्तों, बात यहीं खत्म नहीं होती। मखाना सिर्फ जोड़ों के दर्द के लिए ही नहीं बल्कि आपके पूरे शरीर के लिए एक वरदान है। तो मेरे प्यारे दोस्तों, अब आप पूरी तरह से समझ ही गए होंगे कि एक छोटा सा सफेद रंग का दिखने वाला यह मखाना कोई मामूली चीज नहीं है। यह प्राकृति का हमें दिया हुआ बहुत ही शक्तिशाली और फायदेमंद तोहफा है। मैं आज किचन पार्टनर्स टीएम के इस मंच से आपसे दिल से रिक्वेस्ट करती हूं कि प्लीज अपनी सेहत को नजरअंदाज मत कीजिए। आज से ही बल्कि मैं तो कहूंगी कि आज रात से ही मखाने भिगोना शुरू कर दीजिए। मैं गारंटी देती हूं जब एक महीने बाद आप अपने
21:44 शरीर में होने वाले बदलाव को महसूस करेंगे। आप खुद हैरान रह जाएंगे। आपके जोड़ों का दर्द गायब हो चुका है। आपके शरीर में एक नई ऊर्जा होगी और आप एक खुशनुमा जिंदगी जी रहे होंगे। हमेशा याद रखिए मेरे प्यारे दोस्तों प्राकृति और भगवान ने हमें हर बीमारी का इलाज हमारे आसपास ही दे रखा है। बस हमें उसे पहचानने की जरूरत है। तो दोस्तों इस वीडियो में बस इतना ही। उम्मीद करती हूं आपको वीडियो पसंद आई होगी। अगर आपको वीडियो पसंद आई है तो वीडियो को लाइक करें, शेयर करें। हमारे चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें। मिलते हैं कल एक नई वीडियो के साथ। तब तक के लिए स्वस्थ रहें, मस्त रहें।