1:22 बचे हुए समय में पांचप फुल कॉल जरूर करें क्योंकि सबसे अच्छा तरीका है साथियों फॉलो अप करने का आप कनेक्ट हो गए हैं। आप सभी का स्वागत है और आप अपने टीम के साथियों को जरूर आज बैठे इस प्रोग्राम में क्योंकि महीने में यह महत्वपूर्ण सेशन होता है आदरणीय सर के द्वारा।
2:41 सभी साथी का धन्यवाद स्वागत है। महीने का जो एक प्रोग्राम रहता है हम सब लोगों का 2 तारीख को प्रत्येक दो तारीख को हम लोग करते हैं। आदरणीय टीसी सर के साथ में हम सब लोग मिलके पूरे महीने का एक एनर्जी लेते हैं। इस प्रोग्राम में आप सभी साथी का आभार है और मैं आपसे सभी से निवेदन करना चाहूंगा हमारी जितनी भी साथी यहां पर बैठे हुए हैं, हमारे सारे सीनियर्स हैं कि हम अपनेप टीम को एक बार फॉलो अप कर लें। कुछ एक मिनट हमारे बीच में बैठ बचा हुआ है ताकि सभी साथी आज के प्रोग्राम को अटेंड कर सकें और एक नई ऊर्जा एक नई जानकारी हम सब लोग के पास में आए और हम सब लोग जून को जुनून के साथ में बहुत बड़े लेवल पर पहुंचा सके। तो एक बार
3:26 आप सभी से निवेदन है कि आप सभी साथी एक बार चेक करिए और अपनेप टीम को एक बार बुला लीजिए ताकि हम लोग विधिवत प्रोग्राम को फिर से शुरू कर सकें। बहुत-बहुत धन्यवाद। एक बार चेक करिए और आदरणीय टीसी सर के ही हमेशा एक लाइन रहता है कि टेलीफोनिक कांटेक्ट सबसे ज्यादा कारगर रहता है। फोन पर अगर हम लोगों को लास्ट मोमेंटम में अगर इनवाइट कर लेते हैं तो इसके बहुत बड़े परिणाम आते हैं। तो मैं आपसे निवेदन करूंगा कि थोड़ा फोन उठाइए और अपनेप टीम को कॉल कर लीजिए क्योंकि यह बहुत हम सब लोगों के लिए एक गौरव का विषय वस्तु होता है कि हम सब लोग के जो गार्डियन हैं जिन्होंने पूरे हिंदुस्तान के भीतर में हम जैसे साधारण इंसानों को इस जगह पर लाने
4:13 में जो एक अहम भूमिका निभाई है उनका अगर सानिध्य हमारे को मिलता है और उससे अगर टीम वंचित रह जाती है तो मुझे लगता है कि बहुत बड़ा अपडेशन में कमी रहती है और उनके साथ अगर वह कनेक्ट हो जाए तो इसके बहुत बड़े लाभ यहां पर मिलने वाला है। तो मैं सभी से निवेदन करता हूं क्योंकि यह प्रोग्राम बहुत अहम और खास रहता है। यहां हमारे पूरे भारत के कोर लीडर्स उपस्थित रहते हैं। जिनके मार्गदर्शन में बहुत बड़ा काम हम लोग करते हैं। और सबसे बड़ी बात कि आदरणीय सर का जो मार्गदर्शन होता है हम सब लोगों के लिए जो एक रोड मैप होता है यह ना जाने किस रूप में हम लोग को पहुंचा देता है। कामयाबी में आप सब लोग जरूर देख रहे होंगे। क्योंकि मैंने अपने जीवन के कुछ एक सालों में जो गुरुकुल शिक्षा के साथ जुड़कर जो काम किया इसमें एक बातों को
5:00 अनुभव के लेवल पर लिया है कि आज सर की उपस्थिति ने पूरे भारत में जो एक क्रांति कर दिया है विचारों के भीतर में हम सब लोग के टर्नओवर के भीतर में वो सब लोग मानते हैं आज के डेट में हम लोगों ने कभी सोचा भी नहीं था कि ग्रोथ इस लेवल पर जा सकता है भाव इतना बदल सकता है यह सब कुछ अगर हो पाया है तो आज के डेट में आदरणीय सर ने इसमें बहुत बड़ी बड़ी भूमिका निभाई है। तो मैं आज सभी से निवेदन करना चाहूंगा कि एक बार जरूर से जरूर हम सभी टीम को इनवाइट कर लें। थोड़ा सा टाइम अपने बीच में है। 8:00 बज चुका है। सर ऑन टाइम रहते हैं। लेकिन मैं चाहता हूं कि एक मिनट का वक्त और भी लेते हुए हम लोग सर को हैंड ओवर करेंगे। लेकिन उससे पहले फोन कॉल करके एक बार टीम को बुला लीजिए। हमारी थोड़ी सी आदत बनी
5:47 हुई है कि कोई फिजिकल एक्टिविटीज रहती है तो एक घंटा देरी से पहुंचते हैं और ज़ूम का प्रोग्रामिंग रहता है तो 10 मिनट देरी से पहुंचते हैं। सोचते हैं कि शायद उसके बाद ही कुछ होता है। लेकिन सब जगह यह सारी प्रक्रिया नहीं होती। हम सब लोग जानते हैं। तो मैं बीच में बाधक ज्यादा नहीं बनूंगा। मैं केवल मात्र एक माध्यम बनने की कोशिश कर रहा हूं इस प्रोग्राम को पूरी तरीके तक आप तक ले जाने का। तो सभी साथी से निवेदन है कि अपना वीडियो ऑन करें क्योंकि जब हम वीडियो ऑन करके बैठते हैं तो हम अलर्ट मोड में रहते हैं। हम सभी बातों को रिसीव करने के मोड में रहते हैं और इससे ज्यादा महत्वपूर्ण काम कोई हो ही नहीं सकता जो अभी हम लोग करने जा रहे हैं। तो वीडियो ऑन करें। डायरी पेन के साथ बैठे और सर की जो भी बातचीत रहती है उसको पूरे
6:35 लेवल पर हम लोग रिसीव करें ताकि इसका रिजल्ट और परिणाम हम उस लेवल पर ले सके। तो अब मैं ज्यादा विलंब ना करते हुए मैं चाहता हूं कि हम सब लोग के गौरव हम सब लोग के हिंदुस्तान के वैसी एक शख्सियत जिनको मैं कहूंगा कि एक अवतार हैं इस दुनिया के लिए जिन्होंने पूरी दुनिया का बीड़ा उठाया है बदलने का इस इस रूप में उनके सोच रहते हैं और हम लोग की जिंदगी तो कई गुना बदल दिया उन्होंने तो मैं चाहता हूं कि आप सब लोगों के बहुत ही जोरदार वेलकम के साथ में बहुत ही जोरदार तरीके के स्वागत के बीच में मैं इनवाइट करने जा रहा हूं हम सब लोग के गौरव आदरणीय टीसी सर वेलकम है सर स्वागत है सर आपका आपका मार्गदर्शन हम लोगों के लिए बहुत इंपॉर्टेंट रहता है सर स्वागत है सर
7:22 आपका बहुत-बहुत धन्यवाद सर क्या हम अपने कार्यक्रम की शुरुआत उसी गीत से कर दे तो जब तक और जिनको भी आना है वो आ भी जाएंगे बहुत बढ़िया रहेगा सर आ गए उसका लाभ भी उठा लेंगे जी सर और मैं गीत ही प्रारंभ में लगा देता हूं क्योंकि बहुत सारे साथी हो सकता है उसको नहीं सुना हो सुन भी लिया होता तो बार-बार सुनने का वैसे भी
8:22 अब तक जो सपना हमने सजाया मेहनत से उसको मुकाम दिलाया। सेवा की लौहर दिल में जलाई। भारत में नई पहचान बनाई। स्वास्थ्य का संदेश घरघर पहुंचाया हर दिल में विश्वास
9:08 जगाया नारी सम्मान की अलख जगाई स्वच्छता की मुहिम भी चलाई किसान हो युवा हो या व्यापारी हर हाथ को दी हमने जिम्मेदारी रोजगार की राह बनाई आत्मनिर्भर भारत की दिशा दिखाई अब तुम्हारे हवाले आरसीएम
9:54 मसाला साथियों इस मिशन को आगे बढ़ाना साथियों हमने तो हर राह को रोशन कर दिया। अब तुमको इतिहास बनाना साथियों। जो वादा किया वो निभाया हमने हर मुश्किल में साथ निभाया हमने आरसीएम की नीव मजबूत
10:41 बनाई सेवा को ही पूजा बताया हमने एकता का हमने ने पाठ पढ़ाया। हर रिश्ते को अपना बनाया। भेदभाव और दूरियां मिटाकर साथ मिलकर चलना सिखाया। अब तुम्हारे हवाले आरसीएम साथियों नई पीढ़ी को राह दिखाना साथियों
11:27 हमने तो भेज प्रेम का बो दिया अब उसको वट वृक्ष बनाना साथियों सिर्फ व्यापार नहीं अभियान है। हर भारतीय का स्वाभिमान है। हर घर खुशहाली का सपना आरसीए आज हिंदुस्तान की शान है। चलो मिलकर नया इतिहास लिखें।
12:14 सफलता की नई कहानियां लिखें। हमारा तो है बस इतना संदेश। अब तुम आगे बढ़ो। और देश बदलो। अब तुम्हारे हवाले और सीएम साथियों। भारत का मान बढ़ाना साथियों हमने तो मशाल तुम्हें सौंप दी अब उसको शिखर तक पहुंचाना साथियों
13:13 जी बहुत-बहुत धन्यवाद साथियों। एक बहुत मूलभूत विषय जो समझने का है। इंसान मूल रूप से क्या है? इंसान तो मूल रूप से भगवान का अंश ही है। ईश्वर का अंश है। इस ब्रह्मांड की सबसे बड़ी शक्तियों को लेकर इस धरती पर आता है। लेकिन कोई न कोई दिशा उसको जो मिलती है उसी से इंसान के विचारों का और सोच का निर्माण होता है। मूल रूप से तो वो सही है। मूल रूप से तो
14:00 बहुत अच्छा है। मूल रूप से तो वो दिव्य है। लेकिन सदियों सदियों से वर्षों वर्षों से जो भी उसको विचार मिलते हैं वो उसी विचारों के अनुसार ढल जाता है। क्योंकि इंसान में एक गुण होता है। वह निर्णय लेने की क्षमता अपने भावों को बदलने की क्षमता और उसमें मन में बहुत सारी प्रवृत्तियां का जन्म होता है। जैसे उदाहरण के लिए एक इंसान किसी ऐसे परिवेश में पलता बढ़ता है। उसके कुछ दोस्तों की ऐसी संगत होती है। उसके समाज के कुछ ऐसे आचार व्यवहार होते हैं। उसके आसपास का एक माहौल होता है। तो वो वैसा बन जाता है। साधुओं की संगत में रहेगा वो साधु बन जाएगा। शैतानों की संगत
14:46 में रहेगा वो शैतान बन जाएगा। तो इसका मतलब यह है कि दुनिया को एक सही दिशा देने की जरूरत है। अगर हमें अच्छा देश बनाना है, अच्छा विश्व बनाना है तो जो दिशा हम देंगे ऐसा नहीं कि दिशा नहीं दी जा सकती और दिशा दे इंसान नहीं आ सकता। तो हमें आरसीएम के माध्यम से इस अभियान को एक ऐसा गौरव पूर्ण कार्य बनाना है जिसके माध्यम से हम इस दुनिया को सही दिशा दे सके। आज आरसीएम का मूल मकसद तो यही है। प्राण गीत भी हम बार-बार सुनते हैं। बोलते हैं कि एक प्रेममई संसार बने। हर कोई किसी के
15:33 साथ चले। किसी का सहयोग करे। सबको आगे बढ़ाया जाए। तो ये दुनिया अच्छी हो सकती है। इंसान ऐसा कर सकता है। तो आरसीएम को हमें उस भाव से देखना है। उस भाव से जीना है। उस भाव से समझना है और उस भाव से आगे बढ़ाना है। बाकी तो सारा कार्य हो ही जाएगा। पर हमारा मूल ये रहना चाहिए। प्रेम से जीना। क्या आप विश्वास करते हैं इस बात पर कि हम सब मिलजुलकर उस माहौल का निर्माण करें तो दुनिया बदल सकती है और नहीं बदलेगी
16:18 या बदलेगी उस लेवल तक हमें वो एनालिसिस नहीं करना हमें केवल अपने आप का एनालिसिस करना है कि हम क्या कर सकते हैं ये करना हमें अपने कर्म पर ध्यान देना कि हम क्या कर सकते हैं तो आरसीएम जैसा कि इस गीत में भी है कि आरसीएम कोई व्यापार नहीं है। एक अभियान है दुनिया बदलने का। किसी भी अभियान को बोलो, किसी संस्थान को बोलो, किसी उद्योग को बोलो, किसी भी कार्य को बोलो। उसकी सफलता और असफलता का सबसे प्रथम जो पहलू होता है जिससे उसकी
17:07 आगे की दिशा निर्धारित होती है वह होता है उसका एक क्रिटिकल एनालिसिस सिस्टम यानी गहन विश्लेषण गहन विश्लेषण विश्लेषण सही है तो सब कुछ ठीक होगा अगर विश्लेषण गलत है तो कुछ भी ठीक नहीं हो सकता फिर भले आप कितनी मेहनत करते रहो क्योंकि विश्लेषण गलत है तो रास्ते गलत विश्लेषण सही तो रास्ते सही तो हमें इस पूरे अभियान में अब तक जो हुआ है जो हम अभी कर रहे हैं और आगे जो हमें करना चाहिए उसका
17:53 विश्लेषण बहुत जरूरी है। तो बहुत सारी चीजें अपने आपके सामने आती जाएगी और फिर रास्ते भी बनते रहेंगे। हमारा सबसे पहला प्रश्न क्या हम पूरे आरसीएम परिवार को उन भावों से ओतप्रोत कर पाए जो आरसीएम की मूल भावना है। तो हमारा तुरंत जवाब आएगा कि ऐसा नहीं कर पाए। अब दूसरा फिर उसमें क्वेश्चन पैदा हो जाता है तो क्या नहीं कर पाए तो जैसा चलता आ रहा है इसी को ऐसे ही चलाते रहे कि जैसे तैसे हम काम निकाल लेंगे या हमें रुक कर सोचकर समझ कर उस चीज को पहले व्यवस्थित
18:38 करें। हमारा विश्लेषण का अगला पॉइंट ये बोलता है कि जब तक हम ये सही नहीं करेंगे तब तक हम सफलता प्राप्त कर ही नहीं सकते। अब नेक्स्ट विश्लेषण में फिर पॉइंट आ जाता है कि हम क्या कर सकते हैं कि हम अपने आप को तो बदल सकते हैं। सबको कैसे बदले? आता है ना ये सबके मन में आता है कि मैं तो बहुत सही करना चाहता हूं। मैं उसी तरह से करना चाहता हूं। लेकिन दूसरों को कैसे बदले?
19:23 तो ऐसे हर विषय का विश्लेषण किया जाए तो पहले प्रश्न ज्यादा आएंगे समाधान कम आएंगे। फिर प्रश्नों के साथ धीरेधीरे हमें समाधान की दिशा में आगे बढ़ना पड़ेगा। समाधान भी होते हैं। हर प्रश्न के साथ समाधान जुड़ा हुआ रहता है। हर चुनौती के साथ उसका समाधान भी जुड़ा हुआ ही रहता है। वो अलग नहीं होता है। हां यह बात अवश्य है कि इस तरह के बड़े अभियान इस तरह के महान अभियान हम अगर चाहे कि हम तो बस जैसे हैं उसमें छोटा-मोटा कुछ करके बड़े आराम जीवी होके सारे आलस्य और
20:10 सारी पुरानी आदतों को ऐसे का ऐसे पालते हुए हम इतने बड़े अभियान कर लेंगे। उस इच्छा को तो त्यागना पड़ेगा। बड़े काम को आसान मान के करना यह तो अपने आप के साथ ही धोखा है। आसानी से तो वही होगा जो दुनिया में होता आ रहा है। विशेष कार्यों के लिए तो विशेष कदम उठाने पड़ेंगे। अपने आप को बदलने के लिए पूरी तरह से तैयार रहना पड़ेगा और बाहर से भी बदलना, भीतर से बदलना और उस अभियान के लिए जो भी आवश्यक कदम हो उसको उठाने के लिए हर पल तैयार रहना। और अब यहां सबसे बड़ी जरूरत आ जाती है हम सब पहले एक बने।
20:56 हमारी दिशा एक हो। हमारे विचार एक हो। अब यहां क्या होता है? यही से गैप आना शुरू होता है। बहुत सारे साथी सोचते हैं कि हमें तो ग्रोथ से मतलब है। हमें इनकम से मतलब है। हमें ये सब बातों से कोई मतलब नहीं है। मेरा एनालिसिस ये बोलता है कि अगर हम मूल रूप से एक हो जाए और सही हो जाए तो ग्रोथ भी चुटकियों का काम हो जाएगा। पैसा भी चुटकियों का काम हो जाएगा।
21:43 दुनिया को साथ लेने के लिए आपकी आकर्षण जो शक्ति है वो कुछ विशेष होनी चाहिए। जैसे हमने रूपांतरण यात्रा की जैसे आरसीएम में सेवा गतिविधियों को शामिल किया जैसे स्वास्थ्य क्रांति जैसे विषयों को लिया तब ज्यादा आपके प्रति लोग आकर्षित हुए या जब हम केवल वो करते थे तब आकर्षित हुए ये तो हमारा विश्लेषण होना चाहिए ना ये तो हमें समझ में आनी चाहिए बात अच्छा इसके नुकसान क्या है कि हम एक हुए हम पवित्र बने हम प्रेम से जिए। इसके नुकसान क्या-क्या है?
22:29 एक भी नुकसान आप नहीं ढूंढ पाओगे। एक भी नुकसान कोई भी ढूंढ के बता दे तो मैं कहूं जो कर सकता हूं। और आरसीएम अभियान के साथ चलते हुए तो नुकसान एक भी नहीं है। फायदे कितने हैं? फायदे ना जाने कितने गिनतेगिनते थक जाओगे इतने फायदे। आपका जीवन आपके परिवार का जीवन आप जिस सोसाइटी में जीते हो उसका माहौल सारी चीजें कितने पता नहीं कितने अनगिनत फायदे फायदे। फिर बाधा क्या है? बाधा है हमारी पुरानी सोच बाधा है हमारी पुरानी
23:14 आदतें बाधा है हम उस माहौल से मुक्त नहीं हो पा रहे जिस माहौल में हम रह रहे हैं हम कीचड़ में रह रहे हैं हम कीचड़ जैसे ही अगर रहते रहेंगे तो कमल थोड़ी बन पाएंगे तो ये संसार की बहुत बड़ी कहावत है कि कीचड़ में कमल कमल समान खिलना तो हम उस आदतों की जकड़न उस माहौल की जकड़न उन पुराने अनुभवों की जकड़न और सबसे बड़ी समस्या है स्वार्थ लालच लोभ मोह ईर्ष्या ये सब ये स्वार्थ जो है ना ये एक बहुत बड़ा बंधन है दिखने में स्वार्थ दिख रहा है दिखने में
24:00 अपना हित दिख रहा है पर वही सबसे बड़ा अपना अहित हो रहा है एक इंसान तात्कालिक फायदे के लिए कुछ ना कुछ सिस्टम में अगर थोड़ा भी या तो गलत कर रहा है या जितनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए उतना नहीं ले रहा है तो उसका फायदा उसको भी नहीं हो रहा है तो दिखने में स्वार्थ दिख रहा है पर वह खुद का बहुत बड़ा नुकसान भी हो रहा है दूसरों का तो हो रहा है तो चलो छोड़ो खुद का भी बहुत बड़ा नुकसान होता है क्योंकि वो जितना आगे बढ़ सकता है उतना खुद भी आगे नहीं बढ़ पाता ये प्रामाणिक रूप से हमारे सामने पैसे वाइज आगे नहीं बढ़ पाता है। मान सम्मान वाइज आगे नहीं बढ़ पाता है। अपने
24:48 जो गुण होते हैं जो हमारे जो क्वालिटी होती है लाइफ की उस वाइज आगे नहीं बढ़ पाता है। तो नुकसान ही नुकसान है। स्वार्थ की वजह से। तो हम सबको एकजुट होकर एक ऐसे माहौल का निर्माण करना चाहिए जिससे एक आरसीएम को गौरवमई कार्य माना जाए इस धरती पर इसकी बहुत मान सम्मान इज्जत प्रतिष्ठा हो इसको दुनिया एक अलग अंदाज में देखे ये अगर किया तो बाकी सब कुछ ठीक होने की
25:33 संभावनाएं बढ़ जाएगी यह कहता है क्रिटिकल एनालिसिस गहन विश्लेषण। अब ऊपर ऊपर का विश्लेषण करेंगे तो हमें ऊपर ऊपर की चीजें नजर आएगी। ज्यादा गामा ओरिजिनल बेचे हैं। ज्यादा नेट चार्ज बेचे हैं तो ज्यादा पीली बनेगा। वो भी विश्लेषण है। वो भी गलत नहीं है। अपनी जगह परंतु वो ऊपरी विश्लेषण है। कि ज्यादा सेहत मित्र बनाना चाहिए। ज्यादा यह करना चाहिए। ओvरा पेंट पर ज्यादा काम करना चाहिए। इससे बड़ी ग्रोथ आएगी। लेकिन साथियों आप स्वास्थ्य क्रांति पर काम करना चाहते हैं। बड़ा आप ओरा पेंट पर
26:19 बड़ा काम करना चाहते हैं। आप बड़ी ग्रोथ करना चाहते हैं। पर इन सारी चीजों के लिए जो मूल पात्रता है वो उसकी वजह से दिक्कतें कितनी आ रही है कि आप स्वास्थ्य क्रांति पर काम करना चाहते हैं। लेकिन आपके भाव स्वास्थ्य के क्रांति के नहीं है। आप खुद लापरवाही बरतते जीवन जीने में क्योंकि आप वो भाव में नहीं आए। आपका दर्द पैदा नहीं हो रहा है कि सामने मुझे कोई दिख रहा है तो मेरे दिल में दर्द होता है कि उसको ठीक करना है। वो दर्द आएगा ना वो दुनिया की मेरे समाज में बीमार क्यों है मेरे होते? वो चीज आएगी तो बिना कहे आप 100 गुना काम करेंगे और केवल पीवी के लिए कर रहे हैं तो
27:05 आप उसे एक टारगेट को पूरा करने के लिए करेंगे। लेकिन जब आरसीएम का कोई भी काम बिना भाव के हो नहीं सकता। अब आप ओरा पेंट पे काम करना चाहते हैं। आपकी टीम के साथ कोऑर्डिनेशन ही अच्छा नहीं है। आपके व्यवहार अच्छे नहीं है। मैं तो उससे तो बात ही नहीं करता हूं। उससे मेरे रिलेशन बहुत खराब है। उससे मैंने उधार ले रखा है। उसको उधार दे रखा है। तो आप कैसे काम करेंगे? बताइए कौन आपकी सुनेगा? आपकी टीम ही आपकी नहीं सुन रही है। आपकी इज्जत मान सम्मान नहीं है। आपके आपस में एकता नहीं है। आपके कहने से आपकी टीम सुनती नहीं है। तो कैसे करेंगे किसी भी विषय? तो ये ऊपरी विश्लेषण अपनी जगह है लेकिन
27:50 गहन विश्लेषण ये बोलता है कि हम सब मिलजुलकर इस अभियान को ऐसा बनाए कि इस धरती पर एक प्रसिद्ध हो जाए कि जीवन जीने का सबसे सुंदरतम तरीका है आरसीएम। सबसे पवित्रता देखी जा सकती है तो वो कहीं होती है आरसीएम। सेवा के भाव अगर सबसे ज्यादा देखने हो तो वह होता है आरसीएम। सबसे ज्यादा धार्मिकता कहीं नजर आएगी तो वो नजर आएगी आरसीएम में। देखो बहुत बड़ा काम करना हो तो रास्ता ये है। छोटा मोटा काम करना हो तो फिर मैं बोलूंगा कि हमें स्वास्थ्य क्रांति पे ज्यादा से ज्यादा काम करो। सेहत मित्र
28:37 बनाओ। ज्यादा ओरा पेंट पर काम करो, जल संचय पर काम करो, सेलिंग पर काम करो, यूएलपी पे काम करो। तो ये भी सही है। वो भी सही है। परंतु बड़ी चाहत कितनी है? अगर बड़ी चाहत है तो पहले प्रथम उसको लेना पड़ेगा। हर 11 तारीख को हर साथी को सेवा गतिविधि करनी ही करनी है। अब आप सोचोगे उससे तो तेली नहीं पड़ता है।
29:23 साथियों उसी से ही सब कुछ होता है। हमारे साथियों के भाव बदलेंगे। दुनिया को हम समझा पाएंगे। ये सब कुछ होगा ना उसी से तो वो तो एक पॉइंट तो आपको बात स्पष्ट हो रही होगी इसको आरसीएम में जो भी बात कही जाती है या जो भी आरसीएम थोड़ी अलग बातें जरूर करता है। मैं मानता हूं इस बात को जो हम सामान्यत जिन बातों को किसी भी उस रूप में महत्वपूर्ण नहीं मानते हैं और आरसीएम बार-बार उन चीजों की ओर आपका ध्यान
30:10 आकृष्ट करता है। लेकिन मैं आज थोड़ा सा आपको वो बात समझाने की कोशिश की कि उसके पीछे भी राज है। उसके भी पीछे भी कोई कारण है। ऐसे ही नहीं कहा जाता है। और हम चाहे तो सब कुछ हो सकता है। आपको सारी सीमाओं को ब्रेक करना पड़ेगा। हमने इस सिस्टम को करते करते अनजानेपन में कहो चाहे कैसे भी कहो हमने बहुत सारी सीमाएं बांध ली अपने आप की खुद ही बांध ली।
30:57 इससे ज्यादा खरीदना नहीं। हर महीने ग्रोथ करना नहीं। प्रोडक्ट सेलिंग घटिया काम है। ना जाने कितने बंधन मैं नया हूं। मैं बोल नहीं सकता। मैं सीख नहीं सकता। देखिए डायरेक्ट इनडायरेक्ट ऐसी ऐसी चीजें सिस्टम में डेवलप हो गई जो आज हमारे लिए बहुत बाधक बनी हुई है। पहले के मुकाबले में अगर 5 साल पहले का सिस्टम चेक करोगे आज का सिस्टम चेक करोगे तो हजार गुना ज्यादा पावर से भर चुका हो। लेकिन ये हमारी सीमाएं हमारे लिए बहुत बंधन बनती
31:44 है। ब्रेक कौन करेगा? खुद से ब्रेक करनी पड़ती है। जितने भी गलत धारणाएं पाल रखी ने वो सब तोड़नी होगी कि मैं सेहत मित्र का टारगेट 100 तो बहुत ज्यादा है। मैं 5000 पीवी करता हूं तो मैं तो आरसीएम का सबसे बड़ा धुरंधर खिलाड़ी हूं। यह कितनी बड़ी सीमा बांध रखी है। आप 5000 का नहीं आप 5 लाख का कर सकते हो। 5 करोड़ का महीने का कर सकते हो। पूरी दुनिया में तो प्रोडक्ट बिक ही रहा है ना। सब बेच रहे हैं। हर कोई बेच रहा है। आपसे
32:29 1% पढ़ा लिखा आपसे 1% ज्ञानी वो आपसे 100 गुना प्रोडक्ट सेल कर रहा है। आपने अपने आप में एक बंधन बांध लिया कि नहीं यह तो घटिया काम है। सबको मजा आ गया। काम तो करना ही नहीं। और आरसीएम में करना काम एक्टिविटी तो करनी नहीं है। अपने को तो केवल ज़ूम पे आ जाओ, मीटिंगों में आ जाओ। एक दूसरे को मोटिवेट करते रहो, बातें करते रहो और बस आरसीएम चल जाएगा। एक्टिविटी नहीं करनी है। हमें जॉइनिंगों पर ध्यान नहीं देना है। उनको एक्टिव रखने पर ध्यान नहीं देना है। हमें फॉलो पर ध्यान नहीं
33:15 देना है। हमें सेलिंग नहीं सीखनी है। हमें स्वास्थ्य क्रांति नहीं सीखनी है। बस एक दूसरे को मोटिवेट करते रहो और आरसीएम चल जाएगा। अनेक सीमाएं नजर आएगी। आप विश्लेषण करोगे तो जो हमें बहुत अच्छी बातें दिख रही है कभी कभी वही हमारे विरोध की बातें हैं। जो बहुत अच्छी जिनको हमने बहुत बढ़ा चढ़ाकर ऐसा प्रचारित करते हैं वही विरोधी बातें हैं। मैं ज्यादा यहां बोलूंगा नहीं क्योंकि मेरा ऐसा कोई भाव भी नहीं है। मैं केवल आपको कुछ चीजें याद दिला रहा हूं। और मैं ऐसा भी नहीं कह रहा हूं कि आप लोग तो गलती कर रहे हो और मैं बिल्कुल
34:00 हरिश्चंद्र हूं। हम सबसे गलतियां होती है। उसको गलती भी नहीं बोलोगे। बोलेंगे किसी यात्रा का प्रारंभिक चरण है। लेकिन एनालिसिस सही हो और उन चीजों को ठीक किया जाए। हम बेचने को क्यों घटिया काम मानते हैं। पूरी दुनिया तो बेचती है। मुकेश अंबानी बेचता है। हम उसको इज्जतदार कार्य बनाए ना। तरीके ठीक करो। ऐसा नहीं कह रहा हूं कि आप उसको घटिया तरीके से करो कि हमारा एक निम्न श्रेणी का कार्य कहलाए। आप इज्जतदार तरीके से करो। आप अच्छा लोगों को एक अच्छी स्थिति में बुलाइए। उनको अपने प्रोडक्ट की वैल्यू बताइए। उद्देश्य बताइए। इस अंदाज
34:46 में बात कही। मैं ये नहीं कह रहा हूं कि आप कोई दरवाजा दरवाजे जाके ऐसे काम कीजिए। लेकिन सेल नहीं किया जा सकता है। यह कहां से धारणाएं पाल ली? तो बंधन बन गया। अब 1000 प्रोडक्ट और आ जाओ। हमको 1500 से आगे निकलना ही नहीं है। तो ग्रोथ कैसे आएगा? तो साथियों विश्लेषण के बहुत सारे विषय है। पर आज आप अगर ठान लो तो दुनिया की कोई ताकत रोक नहीं सकती इस अभियान को शीर्ष पहुंचाने से। आप अगर नहीं ठानो और कोई एक जना आप में से चाहे तो दुनिया की कोई ताकत
35:32 उसको पूरा भी नहीं करवा सकता। तो सत्य आपके सामने है। हम सबको अपने स्तर पर जिम्मेदारी लेनी है। ये इस एक सत्य को मान लेना, जान लेना कि इस धरती पर परमात्मा ने जो रचना की है उसमें अलग-अलग भूमिका देकर हमें भेजा है। वो उतना ही दिमाग देता है, उतना ही सोच देता है। उसी परिस्थिति में पैदा करता है। तो कुछ लोग यहां होते हैं जो वो करोड़ों के बराबर जिम्मेदारी ले लेते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं जो खुद की भी जिम्मेदारी नहीं लेते हैं। कुछ लाखों के बराबर लेते हैं। कुछ हजारों के बराबर लेते हैं। कुछ सैकड़ों के बराबर लेते हैं। कुछ अपनी भी
36:20 नहीं लेते हैं। तो जो अपनी भी नहीं लेते उनकी जिम्मेदारी हमें लेनी होती है दुनिया को बदलने के लिए। हम ये सोचे कि मैं क्या करूं मैं? नहीं मैं ही कर सकता हूं। तो वो सारी बात आपको समझनी है। बदलाव एक बहुत बड़ी ताकत है। उसको समझना है। तो सही विश्लेषण सही बदलाव और मूल्य आधारित अभियान बनाइए। इसको गौरव प्रदान कीजिए। उसकी पहचान सुंदर बनाइए। सेहत मित्र का एक टारगेट लिया अभी हमने कि हम 10,000 साथी ऐसे तैयार करें जो सेहत मित्र बने। अब आप में से हो सकता है किसी
37:06 को सेहत मित्र की परिभाषा पता नहीं हो तो आप उसको पहले समझ ले। गुरुकुल में हर विषय पर विस्तृत चर्चा की जाती है। अगर आपके पास समय नहीं हो तो मैं एक रिक्वेस्ट जरूर करूंगा। आप अब मैं सबके सामने बोल रहा हूं कि नहीं बोलूं लेकिन अब बोल देता हूं। आपके पास जिनके पास समय नहीं हो मैं उनकी बात कर रहा हूं। जिनके पास समय है वो तो जैसे आ ही रहे हैं बहुत सारे साथी नी में आते हैं। उसका तो कोई बढ़िया समाधान नहीं है। वो तो सर्वश्रेष्ठ तरीका है। पर जिनके पास समय नहीं हो आप गुरुकुल के हर वीडियो को
37:53 चाहे आप फास्ट फॉरवर्ड करके देखें चाहे आधा देखें लेकिन एक बार उस पर नजर जरूर मार लेना मेरे साथ हर दिन की वीडियो। उस विषय का सार जरूर निकाल लेना कि आज क्या है और आपको लगेगी कि आज से मित्र पर बात की गई और मेरे समझ में नहीं आया तो उस वीडियो को मेहरबानी करके थोड़ा जितना जब तक समझ में नहीं आता है तब तक एक बार दो बार तीन बार देख लेना इस अभियान के सारे विषय तो आपको ध्यान में होना बहुत जरूरी है।
38:39 अब नहीं है तो नहीं है समय कोई बात नहीं लेकिन इतना तो जरूर करें कि आरसीएम के विषय तो आपको ध्यान दे रहे देखिए कुछ बातें ऐसी कहने की नहीं होती है लेकिन मुझे पता है हमारे बहुत सारे टेक्निकल अचीवर्स ऐसे हैं जिनको अभी मैं पूछूं कि सेहत मित्र क्या है क्या है तो सारे नहीं बता पाएंगे मैं ये नहीं कह रहा हूं पर कुछ ऐसे मिल जाएंगे जिनको अभी पता नहीं ये अच्छी बात है क्या पूरे अभियान का एक मेन प्रोजेक्ट अभी जो सबसे टॉप प्रायोरिटी में लिया गया है कि हम स्वास्थ्य क्रांति अभियान के रूप में राष्ट्र में पहचान बनाए हम 10 लाख रिजल्ट
39:28 हम बाकायदा वित्त डॉक्यूमेंट इकट्ठे करें उसका एक मेथड डेवलप किया गया है अब आपको ध्यान में ही नहीं है। आप कुछ और ही बातें कर रहे हो तो एक टेक्निकल अचीवर जब इधर-उधर होता है तो उसकी कितनी टीम इधर-उधर होती है? तो थोड़ी जिम्मेदारी बनती है तो भले ही आपके समय नहीं है मत देखिए मत आइए कोई बात नहीं है। आपको जो अच्छा लगता है वो कीजिए लेकिन विषय आपकी निगरानी में रहना चाहिए। आप फिर चलाया वीडियो उनकी वही बात हो रही है। ठीक है आप स्किप कर दीजिए, उड़ा दीजिए। पर मुख्य मुख्य्य बात आप जरूर पता रहे कि गैसेस के पॉइंट होते हैं। यह विषय है। यूएलपी पर अभी ये फोकस चल रहा है। गुणा पर फोकस चल रहा है। तो आप कम से कम
40:14 मेन मेन विषय है तो पूरे सिस्टम में बात तो एक हो कम से कम ये थोड़ा सा है। बहुत सारी बातें हैं पर बातें आप क्या बोलोगे वो है मेन। मेरा बोलना इतना मायने नहीं रखता। साथियों कार्यकर्ता तो आप हो फील्ड तो आपसे चलेगा आप जो करोगे वो होगा मैं कितना ही यहां पीठ रहूं उससे कुछ नहीं होने वाला तो मैं चाहता हूं आप कुछ बोले यस आप हैंड रे करके हो सकते हैं क्योंकि अभी हैंड रेज ही करना पड़ेगा नहीं तो किसको बुलाया जाए किसको नहीं बुलाया जाए ये तो क्लियर नहीं हो पाता तो
40:59 धन्यवाद वाद सर आइए जे स्पीक सर थैंक यू सर थैंक यू सर डेफिनेटली जो आपके इमोशन है आपकी भावनाएं हैं वो हमारे रोम रोम तक है और उन्हीं चीजों को लेकर के हम लगातार प्रयासरत हैं। अभी हम लोगों ने एक स्लोगन बनाया हुआ है। घरघर तंदुरुस्ती, घरघर रोजगार ताकि रोग मुक्त भारत के इस मिशन को घरघर तक पहुंचाया जा सके। अपने लिए सोचते हैं तो बड़ा बड़ी सोच नहीं बनती। सर जब टीम के लिए सोचते हैं तो डेफिनेटली एक जुनून एक पैशन पैदा होता है कि हर साथी को आगे ले जाना है। घरघर इस मिशन को ले जाना है। गैसेस की एजुकेशन के साथ 100 50 के जो ग्रोथ के टारगेट बने हुए
41:47 हैं उनको सफल बनाना है। इसके ऊपर पूरी तहे दिल से जी जान से लगे हुए हैं सर और लगातार अपने गतिविधियों को और बेहतर करेंगे और मजबूत करेंगे। ऐसा संकल्प लेते हैं सर। थैंक यू। थैंक यू वेरी मच। थैंक यू सर। आदरणीय श्याम सर। जी बहुत-बहुत धन्यवाद आदरणीय सर को प्रणाम और बड़ा मिशन है इस बड़े मिशन पर काम करना है तो एनालिसिस बहुत जरूरी है जो आज सर का विशेष हमारे लिए एक निर्देश है कि एनालिसिस करना जरूरी है और इस मिशन के मूल भाव में काम करना जरूरी है क्योंकि कहते हैं कि आदमी हमारी गुडविल गुडविल के साथ जोड़ता है और इसकी जो आरसीएम की गुडविल है कि हम इसको एक पवित्रतम अभियान के रूप पे पूरे भारत में लेकर जाए। इस साल का हमारा
42:34 जो तीन मुख्य उद्देश्य उसमें से एक स्वास्थ्य क्रांति भी है। तो इस स्वास्थ्य क्रांति को घरघर तक लेकर जाना सेहत साथी सेहत मित्र इन चीजों पर काम करना और जब हम किसी चीज को एनालिसिस करेंगे तो उसमें चार चीजें आदरणीय टीसी सर ने गुरुकुल में कहा था एनालिसिस से और साथ में कनेक्ट करके कि सीखना, खोजना, पूछना और करना। यह ऐसी चार चीजें हैं जो जिंदगी में कहीं भी ले जा सकती है। जो भी हमारी लिमिट्स है उस लिमिट्स को ब्रेक करना है। यह नहीं माना है कि जो आ रहा है जो मिल रहा है जो कर रहा हूं ऐसा ही होगा क्योंकि परिवर्तन संसार का नियम में हमेशा परिवर्तन होता रहता है। अपने लिमिट को हमें ब्रेक करना है। और अगर किसी चीज में तेजी से ग्रोथ
43:20 नहीं आ रही है। देखिए ब्रेक क्यों करना? क्योंकि तेजी से ग्रोथ चाहिए। कि हमें 100 50 25 की ग्रोथ इस साल के एंडिंग तक करनी ही करनी है। यह संकल्प इस साल का है। अगर इस लेवल पर ग्रोथ नहीं आ रही है तो हमें विश्लेषण की जरूरत है। और यदि कहीं समाधान नहीं मिले तो मुझे ऐसा लग रहा है कि सारे सवालों का जवाब आरसीएम गुरुकुल है। एक धारा में चलेंगे तो एक पहचान, एक विचार, एक भावना पूरे देश तक भी जाएगी। हमारे बीच में भी आएगी और उससे ही बड़ी क्रांति आएगी। तो केवल जोर लगाने से नहीं होगा। सही दिशा में जोर लगाना है और मुझे ऐसा लगता है कि टीसी सर का जो मार्गदर्शन है जो आरसीएम गुरुकुल है इससे लगातार कनेक्टेड रहेंगे तो इस दिशा में हम बड़ा काम कर पाएंगे और लगातार सर मैं zूम पर
44:07 कनेक्ट कभी रह पाता हूं कभी नहीं रह पाता हूं लेकिन मैं YouTube पे लगातार सुनता हूं तो बहुत उस डायरेक्शन में काम करने में काफी मदद मिलती है सर तो थैंक यू सो मच एंड ओवर टू रिंकू जी धन्यवाद सर आदरणीय बत्स सर थैंक यू सो मच चिरंकू जी सर बार-बार बात कर रहे थे कि हमें अपनी सीमाओं को तोड़ना पड़ेगा। लिमिट्स में हम लोग हैं और अपनी अक्षमताओं को कहीं ना कहीं हम लोग भूल भी रहे हैं और अपने साथ में न्याय नहीं कर रहे हैं। अगर हम अक्षमताओं का पालन नहीं कर रहे हैं। लिमिट एक्चुअली बनती कैसे है? अगर इसको हम लोग देखें। लिमिट बनने का पहला जो पॉइंट है वो है हम कोई एक्सपीरियंस करते हैं। जैसे हमने प्रयास किया कि हम लोग ग्रोथ करेंगे
44:52 25 50 100% वाली ग्रोथ के जिस क्राइटेरिया में हमने वहां पे प्रयास किया और प्रयास करने के बाद में हमें सफलता नहीं मिली तो सेकंड स्टेप है एक रोंग कंक्लूजन पे हम लोग पहुंचते हैं और रोंग कंक्लूजन ये होता है कि नहीं यार ऐसे ग्रोथ होती नहीं है और उसके बाद में तीसरा स्टेप है उसी रोंग कंक्लूजन की कहानी को हम बार-बार रिपीट करते हैं अपने मन मन में जब भी ग्रोथ की बात आएगी तो हम उसको रिपीट करेंगे कि नहीं यार मैंने प्रयास करके देखा था हुआ नहीं मैंने प्रयास करके देखा था हुआ नहीं जब वो कहानी बार-बार बार-बार रिपीट होती रहती है तो फिर फाइनली वो लिमिट के रूप में कन्वर्ट हो जाती है यानी पहले हमने कोई एक्सपीरियंस किया किसी भी प्रकार का किसी भी लिमिट में फिर एक रोंग कंक्लूजन निकाला कि नहीं ऐसा संभव नहीं है मैंने करके देखा है फिर उसी कहानी को किया तो वो एक बार
45:40 प्रयास तो एक बार किया लेकिन उसको रिपीट किया बार-बार नहीं यार होता नहीं है होता नहीं है होता नहीं है और फाइनली वो हमारी एक लिमिट के रूप में परिवर्तित हो जाती है चाहे वो ग्रोथ की लिमिट है। चाहे वो हमारी अपनी सेलिंग की लिमिट है। चाहे ज्यादा काम करने की लिमिट है। कोई भी लिमिट है। इसी प्रकार से लिमिट बनती है। उसको तोड़ने का तरीका क्या है? तोड़ने का एक ही तरीका है। वो है सेल्फ कॉन्फिडेंस। हम ये मान के चले कि परमात्मा का अंश है। हम लोग सब भी बार-बार इस चीज की तरफ इशारा करते हैं और परमात्मा का अंश है। वो छोटा बीज ही सही है। लेकिन हमारे अंदर में है। अगर उसको हम सही खाद पानी देंगे, सही माहौल देंगे, गुरुकुल की शिक्षा के साथ में अगर जोड़ेंगे तो वो पनपेगा और पनपने के बाद में वो बाहर निकल के कहीं ना कहीं आएगा।
46:25 साथ में हम हमारे पुराने एक्सपीरियंसेस को देखें। जो जो हमारी अचीवमेंट छोटी मोटी जो जो अचीवमेंट रही है उनसे हम कॉन्फिडेंस गेन कर सकते हैं कि नहीं यार मैंने पहले ये किया था। मैंने ये भी अच्छा किया था। मैंने ये भी अच्छा किया था। तो वो अच्छी चीजें भी कहीं ना कहीं हमारे कॉन्फिडेंस को बढ़ाती हैं और हमारी जो लिमिट्स बनी हुई है उनको कहीं ना कहीं ब्रेक करती हैं। एक तरीका ये हो सकता है कि हमारे आजू-बाजू में जो लोग लिमिट तोड़ के काम कर रहे हैं जैसे कई सारे एग्जांपल हैं। हमने अभी मसाल इवेंट में भी देखा कुछ लोग रेगुलर ग्रोथ कर रहे हैं। तो उनको जब हम लोग देखते हैं तो उससे भी मोटिवेशन होता है क्योंकि मानव इतिहास तो इस चीज से भरा पड़ा है कि एक व्यक्ति किसी काम को कर सकता है तो दूसरा भी कर सकता है। तो जब कुछ लोग इस प्रकार के एग्जांपल बन रहे हैं तो हम भी उसको कर
47:11 सकते हैं। तो इस प्रकार की कुछ तरीकों से हम अपनी लिमिट को तोड़ सकते हैं और तोड़ना चाहिए और मैं तो हमेशा कहता हूं कि अभी आरसीएम का एक नया दौर है। इस नए दौर में नए रोजर बेनिस्टर नए एडमम हिलरी बनने का मौका हम सब लोगों के पास है ताकि हम दुनिया के सामने एग्जांपल बने और सर बार-बार हमें प्रेरित करते हैं। मार्ग निर्देशित करते हैं। हमें एहसास दिलाते हैं कि हम सबके अंदर में शक्तियां हैं। विद्यमान है। बस उनको कहीं बाहर निकालने की जरूरत है। सर हमेशा जामुन की भूमिका में हमारे बीच में रहते हैं। उसके लिए सर का बहुत-बहुत आभार। थैंक यू वेरी मच सर। थैंक यू सर। रामशरे सर। धन्यवाद सर। बचे हुए सात महीना महीने जो बचे हैं सर
47:58 2026 50% ग्रोथ और एक अभियान को पवित्र अभियान बनाना इसके लिए सर हर सीमाओं को तोड़ते हुए हर वो काम करेंगे हर वो काम करेंगे सभी सीनियर साथी है जो भी हमारे लीडर्स है जो इतिहास बनाए सेंटर सीखते हुए पूरा प्रयास करेंगे सर हर दिन बदलने का प्रयास करेंगे और जरूर हम इस बाधा को तोड़ते 2026 के सौंदर्य वर्ष बनाएंगे सर धन्यवाद थैंक यू सर नल सर आदरणीय सर को प्रणाम मैं संकल्प लेता हूं सर कि आपकी भावनाओं के अनुरूप स्वास्थ क्रांति वर्ष में स्वयं सेहत का सितारा बनकर अधिक से अधिक सेहत तैयार कर लोगों में समाज में आरसीएम को सम्मान के भाव से
48:45 देखें ऐसा सर ने जो हमें चार बात बताई है सीखना खोजना पूछना और करना इन पर फोकस करके ज्यादा से ज्यादा अपना प्रयास करूंगा सर आज से बहाने बिल्कुल बंद और एक्शन शुरू। थैंक यू सर। ओवर टू यू सर। कृष्णा सर जी नमस्कार और सौभाग्य है कि ये आरसीएम रूपी सिस्टम हमारे जीवन में आया और सही कहा खुद का विश्लेषण करना जरूरी है। हम करते हैं सर। बहुत सारी गलतियां हमसे होती है और उन गलतियों का विश्लेषण हम खुद से करते हैं और एक ही चीज का वादा है सर कि कीचड़ अगर कमल बनना है कमल के जैसे खिलना है तो कीचड़ से बाहर निकलना होगा कीचड़ में जन्मे तो जरूर लेकिन आरसीएम रूपी डोर हमको मिला है सर हम दावे के साथ संकल्पित भाव
49:31 से ये कहते हैं एक एक सांस हमारा सेवा भाव में समर्पित है भाव के बिना भाव दूर नहीं हो सकता और वादा है सर एकदम एक एक सांस हमारा इस सिस्टम के हवाले है दुनिया दुनिया में हमें कुछ नहीं चाहिए। इस सिस्टम में सेवा भाव से काम करते रहने का एक लगन हमारे अंदर है। धन्यवाद। थैंक यू रूपराम सर। थैंक यू सो मच ऑल ऑफ यू। बताना चाहेंगे 22 दिसंबर 2025 जब रूपांतरण यात्रा का समापन हुआ तो हम भीलवाड़ा के अंदर थे और टीसी सर से अलग से मुलाकात हुई और गौत के लोकर के सर ने बहुत सारी चीजें बताई जो रेगुलर गुरुकुल के अंदर बताई जाती है उन सारी चीजों के ऊपर सर हमने जनवरी 2026 से काम करना शुरू किया मुझे नहीं पता बाकी लोगों के साथ में क्या हुआ लेकिन लगातार पिछले
50:18 पांच महीनों से गुरुकुल में जो शिक्षा दी जा रही है टीसी सर के साथ में सानिध्य के अंदर जो काम किया जा रहा है रेगुलर सर पिछले पांच महीनों से ग्रोथ हो रही है सर वैसे मुझे आरसी में काम करते साल हो गए लेकिन मेरे करियर के ये वो पांच महीने है जिनमे रेगुलर ग्रोथ ग्रोथ हुई है हालांकि जितनी हमने उम्मीद लगाई थी उतनी तो नहीं हो पाई बट रेगुलर हो रही है हां जो एक्टिविटी सर ने बताई है उनको हम और बढ़ाएंगे और ये वादा करते हैं और कोई करे नहीं करे सर हम इस अभियान को पवित्र भी बनाएंगे और जो आपने सपना ग्रोथ का लिया है उसे भी सर पूरा करके दिखाएंगे थैंक यू सो मच धन्यवाद सेंद्र सर देखिए दोस्तों सब के लाठी एक के बोझा यानी कि एक एक आदमी लाठी लेंगे 100 आदमी तो लाठी हो जाएगा एक आदमी का बोझा हो जाएगा
51:05 यानी पूरे टीम एक हो जाते हैं एक बात बोलते हैं तो छोटा मोटा अटकते भटकते जो कंपनी वाला हम सब के जो डिस्टटर को हल्का फुल्का चोट लगता है वो चोट उठा के पटक देंगे दोस्तों लेकिन एक बनने पड़ेगा एक बात पढ़ने पड़ेगा एक तरह से करने पड़ेगा तो कोई माइक के लाल हिला नहीं सकता दोस्तों तो बस एक ही कहेंगे अंदर से सर गुरुकुल में बोले थे ऊपर से टूटो नहीं अंदर से फूटो एक जीवन के दान बनता है दोस्तों हम सब का अंदर से एक बन जाइए हिंदुस्तान में 2026 में छ महीना बाकी है छ महीना में तो आधा हिंदुस्तान के दोस्तों हम सब रगड़ के पकड़ लेंगे तैयारी के साथ में दोस्तों जय आरसीएम थैंक यू संजीव सर धन्यवाद सर सर मैं सौभाग्यशाली हूं कि गुरुओं का मार्गदर्शन हमें इतना अच्छा मिल
51:51 रहा है आदरणीय रामेश्वर जी को मैंने शुरुआत बात से देखा है रोहतक से कि पहले दिन से वह कहते हैं कि जो गलत उद्देश्य से काम करेगा मैं उसका साथ नहीं दूंगा। हम हर स्टोर को पहले ही सुनिश्चित करते हैं। चाहे वह पुराने हो चाहे नए हो कि वो किसी को गुमराह ना करें। अच्छी सेवा दें। सबसे जरूरी क्योंकि यह पवित्र जो गुरुदेव ने कहा है इस संकल्प के साथ हम बड़ा करेंगे और हर विभाग में चाहे सेत मित्र हो वीरा पेंट हो जल संचय उड़ान हर विभाग में हम अब कई गुना बड़ा ले ही गुरु चलेंगे और इसके ऊपर प्रॉपर काम कर रहे हैं। तो बहुत अच्छा गुरुदेव आपका मार्गदर्शन यू ही मिलता रहेगा। धन्यवाद रमजान सर जी गुरुदेव 16 सूत्रों में को सुनने का
52:36 मौका मिला था आपको भीलवाड़ा वर्ल्ड में सर सर ने पांच बात ही बताइए हम लोगों को फार्मूला जो एक है सेहत के सितारे सेहत गुरुकुल गुरुकुल शाखा और छ महीना बड़ी ग्रोथ उसके ऊपर काम चल रहा है सर और इस बार बड़ा कुछ करेंगे सर इस महीने का हम एक नाम दिया है सर जून का जुनून और इस छ महीने में सर बड़ा कुछ करके खुद को प्रूफ करेंगे सर धन्यवाद सर थैंक यू रवितेश सर जी धन्यवाद सर सर ने एक सॉन्ग बजाया अभी कुछ देर पहले अब तुम्हारे हवाले आरसीएम साथी हो सर ये पूरी सॉन्ग ने भाव विभोर करके रख दिया है सर ने इशारे इशारे में सब कुछ हमारे सामने खोल कर रख दिया है इसके बाद भी अगर हम ना जगे हमारी आंखें ना खुले
53:24 हमारा दिल अगर बाग ना हो हम कौन से सिपाही है वो द्वेष वो छल वो कपट वो लालच हम कब खत्म करेंगे जब तक भाईचारा और प्रेम की भावना नहीं होगी तब तक सर या आरसीएम का सपना हम कभी नहीं पूरा कर सकते गुरुकुल की शिक्षा ही एक रूप शिक्षा है जो हमें बड़ी ग्रोथ पर ले जाएगा और इस भारत में बड़ी क्रांति ले आएगा और हम समग्र विकास तब कर पाएंगे जो समग्र ज्ञान एक रूप शिक्षा मिलेगा सर ये पूरा जीवन समर्पित है। बहुत कुछ कहने से नहीं सर करके दिखाना है और इस अभियान को पवित्रम अभियान बनाना है। धन्यवाद शब्बीर सर जी सर जी सर गेसेस पर पूरा फोकस है सर। जॉइनिंग एक्टिविटीज और स्टोर पर और सेलिंग
54:11 पर भी फोकस है। टीम में जबरदस्त हमारे ट्यूनिंग है। सेहत मित्र अधिक से अधिक अब फोकस और ज्यादा करेंगे। उड़ान पर भी फोकस करेंगे। मानव सेवा परमोध इस भाव से जबरदस्त काम कर रहे हैं। सर थैंक यू वेरी मच सर सर निर्भय अनम्यूट करिए सर। सर को कोटि-कोटि नमन सर आपने सारे विषय को रखे हैं सर। ऐसी कोई भी विषय बाकी नहीं है जिससे हम लोगों को काम आए हर साथी के लिए। सर कमी है तो हमारे अंदर में है। अगर हम सफल नहीं हो पा रहे हैं तो इसमें हमें ही मूल्यांकन करना है। कहां-कहां क्या कमी है सर जो भी विषय आई है सर वो चाहे वो गैसेस की हो चाहे वो राइस की हो चाहे वो स्वस्थ क्रांति हो चाहे सारे विषय वस्तु पर हो उस
54:58 पे अगर हम सही तरह से अगर विषय बार अगर काम कर ले एकरूपता के साथ काम कर ले एक मंच पे काम करें तो सर सफलता निश्चित आएगी और अब ये अभियान जो है क्रांति का रूप जब तक नहीं लेगा तब तक हम बहुत बड़ा कुछ नहीं कर सकते सर सर क्रांति लानी है सर और आगे भी जारी रहेगी सर थैंक यू सर सुशील सर धन्यवाद सर। एक रूप शिक्षा खुद को और अपनी टीम को लाना और सीमाओं को तोड़ना, खुद को और अपने टीम को साथियों को भी सीमाओं को तोड़ के आगे बढ़ के काम करना जो मूल मंत्र है सीखना, खोजना और पूछना और करना ये वाकई इस पे जो होगा तो बड़ा काम होगा और इसी टीम को साथियों को सर इसी पे डाल रहा हूं। थैंक यू। किरण पाल दी
55:47 थैंक यू सर और बिल्कुल कमल की तरह खिलना है। देखिए अगर एक कमल खिलता है तो वह इतना अच्छा नहीं लगता। लेकिन अगर एक बड़ी संख्या में कमल खिलते हैं तो वह बहुत ज्यादा सुंदर लगते हैं। ऐसे ही हमें भी आरसीएम में एकजुट होकर बहुत बड़ा कार्य करना है और ऐसे करने से दुनिया की नजरों में आरसीएम की एक बहुत बड़ा सम्मान की नजरों में आएगा। और दूसरा आरसीएम करते हुए बहुत लंबा टाइम हो चुका है। लेकिन जो शिक्षा गुरुकुल में आने के बाद मिली उससे मैं बहुत ज्यादा प्रभावित हूं। बहुत लगता है कि आरसीएम में आने के बाद ही असली आरसीएम शुरू हुआ है। थैंक यू सर। सियाराम सर। थैंक यू सर। समग्र सफलता के लिए हर पल
56:34 बदलाव करूंगा। सिर्फ हर दिन कुछ करूंगा। अपने को हर क्षण बदलने का प्रयास करूंगा। परमिंदर सर जी सर धन्यवाद जी सर सबसे जरूरी है हमने अपने आप को बदलना है और अपने आप को बदलने का एक ही माध्यम है कि गुरुकुल शिक्षा अगर हम पूरी टीम को अपने गुरुकुल से जोड़ दें तो यहां पर हमारे को हर रोज अलग-अलग प्रोडक्ट के बारे में हर चीज के बारे में हमारे को रोज बताया जाता है। अगर एक भी पॉइंट यहां से हम नोट करें तो बहुत बड़ा काम कर सकते हैं। और हमारी करनी कथनी एक होनी चाहिए जो यहां पर बोला जाता है उसको करके भी दिखाओ। तो मेरे को गुरुकुल शिक्षा से और गुरुकुल के माध्यम से मेरी हर महीने बहुत ज़्यादा मात्रा में ग्रोथ हो रही है और सारी की सारी टीम बहुत एक्टिव हो के काम करती है और इसको बहुत बड़ा काम करके
57:19 दिखाएंगे सर। हमने दिल से किया इसको दिल से करेंगे। पैसा तो हम कहीं भी कमा सकते हैं। कोई भी माध्यम हो सकता है हमारे पास और एक ज्ञान और एक शिक्षा और एक रास्ता हमारे को गुरुकुल से मिलता है। बहुत-बहुत धन्यवाद सर। तसपाल सर। सर जो बातें मैं बहुत अच्छी सोच रहा हूं वह भी सबसे विरोधी हो सकती है। इस पर गहन विश्लेषण करूंगा। सभी गलत धारणाओं को छोडूंगा और गुरुकुल की शिक्षा की मैं लगातार प्रमोशन करता रहूंगा। महेश सर बहुत-बहुत धन्यवाद रिंकू झा सर जी। गुरुदेव को प्रणाम करते हैं। सभी गलत गलत धारणा को तोड़ते हुए संकल्प लेते हुए सभी
58:05 टीम में एक साथ कमल को खिलाते हुए हम दो विशेष काम कर रहे हैं। हम सभी जान पहचान दूर बैठे लोगों को आरसीएम हेल्थ ऐप डाउनलोड करा रहे। अब तक हम 81 डाउनलोड हेल्थ करा चुके हैं और अभी भीलवाड़ा से यह फाइल हम लेके आए हैं। संपूर्ण स्वास्थ्य क्रांति का। यह लोगों को हम देख के और विशेष काम कर रहे हैं और अच्छा काम करेंगे और ग्रोथ की ओर आगे बढ़ते रह। धन्यवाद गुरु जी। अशोक सर सर थैंक यू सर। आरएम एक पवित्र अभियान है। मैं संकल्प लेता हूं आरसीएम के हर गतिविधि को ईमानदारी और निस्वार्थ भाव से अपना योगदान दूंगा और अपने सभी साथियों को प्रेरित करूंगा। आज भी सर बहुत सारे ऐसे लोग हैं सर जो गुरुकुल में नहीं आते हैं और गलत तरीके से काम करते हैं। जब भी जब एक जॉइनिंग लगा है तो और फिर बगलाकर दूसरा
58:53 जॉइनिंग लगा देते हैं। ऐसे लोग का गुरुकुल में जरूर आना चाहिए सर। धन्यवाद डॉक्टर अशोक कुमार सर थैंक यू सर और आदरणीय गुरुदेव टीसी सर को चरण वंदना नमन गुरुदेव सर मैं अभी ब्रेक योर लिमिट में गया था और गुरुदेव मैं उस दिन से अपने ब्रेक लिमिट तोड़ चुका हूं पर डे जॉइनिंग पर चल रहा हूं गुरुदेव और मैंने इसका विश्लेषण किया था लेकिन अब गुरुदेव के कहने से गहन विश्लेषण करना है और इस उस पर काम करेंगे गुरुदेव और गुरुदेव जैसे कह रहे हैं कि 10 लोगों 10 लाख लोगों को हमें स्वास्थ्य मित्र बनाने हैं। उस पर पूरा जबरदस्त फोकस चल रहा है गुरुदेव और हम लोग अपने आप को स्वस्थ
59:39 करेंगे जब हम 10 लाख लोगों तक पहुंचेंगे और रही गुरुकुल की बात गुरुदेव गुरुकुल में मैं कंटिन्यू आता हूं और अपनी टीम को लेकर आता हूं और गुरुदेव ग्रोथ हो रही है इसी पर काम करेंगे गुरुदेव थैंक यू ओवर टू गुरुदेव सुधीर सर जी थैंक यू सर बहुत-बहुत धन्यवाद सर एक रूप शिक्षा में आना हमको बहुत जरूरी है और आरसीएम एक अभियान है डायरेक्ट सेलिंग तो पर एक दूसरे डायरेक्ट सेलिंग के अपेक्षा एक अभियान है और अभियान को हम लोग तभी बड़ा कर पाएंगे जब एक रूप शिक्षा पे पूरे टीम पूरे भारत आएगा और दूसरा है सर पीवी के लिए काम नहीं करें स्वास्थ्य क्रांति के लिए हम बड़े भाव से जब हम लोग उतरेंगे देश पे तभी हम लोग नए भारत का निर्माण कर पाएंगे और सेवा कार्य को हम लोग ज्यादा से ज्यादा मात्रा में करेंगे तो हमारे साथ में लोग जुड़ पाएंगे तब हम लोग बड़े क्रांति ला सकते हैं। थैंक यू
1:00:25 सर। कंचन जी धन्यवाद सर। जैसा कि सर ने हमें उद्देश्य बता ही दिया है कि हमें खुद की सीमाओं को तोड़ना है। जैसे हम किसी सीमा में अगर बंधे रहते हैं तो हम किसी कार्य को नहीं कर पाते और हमें ये लक्ष्य बना के चलना है कि हमें इस अभियान को जनजन तक पहुंचाना है। जागरूक करना है और ये हम कर तभी पाएंगे जब हम खुद से संकल्प होंगे। जब तक हम दूसरों की भलाई के बारे में नहीं सोचेंगे हम कभी कुछ नहीं कर पाएंगे। और जो अपना चार तीन उद्देश्य है पवित्र अभियान बनाना और हर चीज को लेते हुए हम इस चीज को आगे बढ़ा सकते हैं। धन्यवाद सर। थैंक यू सर आगे और लेना है पांच मिनट और बचा हुआ। हां जी सर ओपी राजपूत सर
1:01:15 बहुत अच्छा लगा सर दो तारीख का सर जी टेक्निकल स्कोर के लिए तो बहुत अच्छा एक रूप शिक्षा के लिए सर मैं अपना प्रतिबद्ध हूं और मेरी टीम मेरा संगठन भी प्रतिबद्ध है मेरी टीम के ज्यादातर लोग मेरे संगठन के आरसीएम गुरुकुल को अटेंड करते हैं और नित नए ग्रोथ के लिए काम कर रहे हैं और एक रूप शिक्षा पर और ये जो सेहत के सितारे और जो ओरा पेंट इस पर भी अच्छा है और ये हम के जो मतलब जो सपना है उसके लिए हम साकार करेंगे और अपने लिए बहुत बड़ा प्लेटफार्म तैयार करेंगे पारदर्शी बनेंगे थैंक यू सर ओ दुर्गेश सर थैंक यू सर सर
1:02:03 मैं इस महीने जितने भी सेवा केंद्र है उनको शोरूम में बदलने की मुहिम में लगा हूं। मैं हर सेवा केंद्र पर जाता हूं। खुद वीडियो बनाता हूं उसका लाइव और जो हमारे जेबीएम है उनके पास पहुंचाता हूं। कल मैंने चार सेवा केंद्र विजिट किए उनके वीडियो बनाए और हाथों हाथ मैंने कंपनी स्टाफ को भेजे। आज मैं फिर टूर पर हूं और इस महीने लास्ट तक जितने भी मेरे अड़ोस पड़ोस मेरी टीम में मेरे मिलने वालों में जितने भी सेवा केंद्र है उनको जून लास्ट तक सबको शोरूम में मैं तब्दील करवा दूंगा। इस टारगेट पर काम कर रहा हूं। साथ ही मैं खुद सेहत का सितारा बन रहा हूं। मुझे डायबिटीज थी और डायबिटीज को मैं मेंटेन कर
1:02:48 रहा हूं। कम करने की कोशिश में लगा हूं। उस पर मैं लगा हूं और खुद सेहत का सितारा बनके सेहत मित्र में बनूंगा। बहुत-बहुत धन्यवाद। थैंक यू सर। शंभू सर। जय आरसी सर गुरुकुल में आने के बाद बहुत अच्छा ग्रोथ भी है सर और सेहत मित्र और सेहत के सितारे पर काम कर कर रहे हैं और सेवा केंद्र जो है सेवा केंद्र पर भी हम लोग हर सेवा केंद्र को ईमानदारी के साथ में बिना किसी प्रेम भावना के साथ में काम करने के लिए निर्देश देते हैं। थैंक यू सर जय सिंह किशन सर धन्यवाद सर लक्ष्य जीवन का था वह मुझे मिल चुका है और लक्ष्य को नहीं बदललूंगा
1:03:34 रास्ते जरूर बदलूंगा कि रास्ते कौन से रास्ते से मैं लक्ष्य तक पहुंच सकूं और उसके लिए रोज सर क्या बोलना है कि रोज मिलनाजुलना जरूरी है और रोज मिलते जुलते उससे पता चलता है कि क्या काम कर रहे हैं क्या बदलाव करना चाहिए तो उसके लिए सबसे आसान और सबसे अच्छा तरीका है गुरुकुल जहां से हमारे को एक रूप शिक्षा शिक्षा मिलती है। मैं उसमें लगातार आ रहा हूं और अपने साथियों को उसमें गुरुकुल शाखा भी चलती है। वहां से ज्वाइन करते हैं और भी साथी इसमें लाएंगे और लगातार बड़ा करेंगे सर। बहुत-बहुत धन्यवाद। जी सर डॉक्टर एस के मौर्य सर। थैंक यू सर। बहुत-बहुत धन्यवाद। गुरुदेव को प्रणाम। सर ने आज जो बात किया है कि हमको मूल चीज
1:04:19 को अगर हम पकड़ ले अगर आरसीएम का जो मूल सिद्धांत है पवित्रता और सेवा भावना उसको पकड़ ले तो सारी चीजों में ग्रोथ आना चालू हो जाता है और मैंने सर केवल बिजनेस पे ही नहीं सारी चीजों पर ग्रोथ करने का मैं रोज प्रयास कर रहा हूं अपने स्वास्थ्य से लेके अपने टीम के स्वास्थ्य से लेके और सारी चीजों में मतलब ग्रोथ का मतलब मतलब है कि रोज हम अपने आप को बदलने का प्रयास कर रहे हैं। रोज मतलब ग्रोथ लाने का प्रयास कर रहे हैं। और अपने पर्सनालिटी से ले टीम की टीम का पर्सनालिटी टीम का परफॉर्मेंस ये सारी चीजों में ग्रोथ का और जो सर ने आज मूल मंत्र दिया है एनालिसिस करने का। तो अभी और भी एनालिसिस करने की जरूरत है और
1:05:05 भी इस पर काम करने की जरूरत है और इस 2026 में जो है बहुत बड़ा कुछ करेंगे। सर बहुत-बहुत धन्यवाद। थैंक यू। धन्यवाद सर और टाइम हो चुका है तो मैं बाकी सभी साथी से जिनको नहीं बुला पाया उनसे माफी चाहूंगा और हम लोग फिर आदरणीय सर के पास में चलते हैं। आइए सर स्वागत है सर आपका। जी बहुत-बहुत धन्यवाद और सभी के विचार जब इस तरह से आते हैं तो कितना अच्छा माहौल बनता है। ये हम महसूस कर पा रहे हैं। तो क्या इनको बढ़ाया नहीं जा सकता क्या? सब कुछ किया जा सकता है। सारा संभव है चीज। दो चीजों का विशेष में थोड़ा याद दिला देता हूं लास्ट में जो हमारे से चूक होती है। देखिए हम जब तक जीवन जिएंगे तब तक हमारे से गलतियां होएगी। उसका कोई वो
1:05:52 तकलीफ का विषय नहीं है कि गलती क्यों हुई? तकलीफ का विषय ये है कि हम उस गलती को छिपाने की उसको जस्टिफाई करने की कोशिश में लगे रहते हैं। गलती है गलती को ढूंढना, मानना और दूर करना। यही हीरा बनने का एक तरीका है। अक्सर कर जिंदगी का अधिकतम समय अधिकतम समय अधिकतम ऊर्जा हम उन गलतियों को आवरण पहनाने में ही लगे रहते हैं। कि मैं तो ठीक हूं। मैं ये गलत नहीं हूं। और ये हमारी सबसे बड़ी बाधा है। एक तो इस सत्य को आप ही समझ सकते हैं। दूसरा कोई नहीं समझ सकता है। मतलब हम खुद अपना एनालिसिस नहीं कर सकते। और दूसरी हमारी जो सबसे बड़ी प्रॉब्लम है
1:06:39 दुनिया की खराबियां देख देख कर हम खुश होते रहते हैं कि मैं तो ठीक हूं। मैं औरों से ठीक हूं। औरों से ठीक होने से काम नहीं चलेगा। आपको अपने आप को ठीक करते रहना है। आपको उतना ठीक होना है कि ईश्वर भी आपको पसंद करने लग जाए। तो ये दो चीजों का ध्यान में रखते हुए जीवन को आगे बढ़ाएंगे। तो बदलाव हमारे लिए स्वागत योग्य हो जाएंगे। जो बदलाव में कठोर होते हैं ना जो बोलते हैं मैं तो बिल्कुल ठीक ही हूं। मुझे कुछ बदलने का मेरे पास कुछ है ही नहीं। और तो वो हमारा सबसे बड़ा वीक पॉइंट है। जिस दिन आपको बदलने की बातें समझ में
1:07:25 आने लगी और आप तुरंत तुरंत तुरंत एक मिनट में अपने आप को बदलना शुरू कर दिया। जिंदगी का हर मुकाम आप हासिल कर सकते हैं। तो बहुत-बहुत धन्यवाद। धन्यवाद सर। ओवर कर दूं सर। हां।