0:08 हेलो एवरीवन वेलकम टू हिंदी विजा चैनल। हम यहां पर सॉल्व कर रहे हैं यूनिट वाइज प्रीवियस ईयर क्वेश्चन पेपर। तो यहां पर आज का हमारा टॉपिक है यूजीसी नेट हिंदी। यूनिट टू हिंदी साहित्य का इतिहास के पीवाईक्यू सॉल्व कर रहे हैं। जो 2024 और 25 में पेपर में क्वेश्चन पूछे गए हैं, वे क्वेश्चन सॉल्व कर रहे हैं। यह पार्ट टू है। कल की क्लास में पार्ट वन हमने सॉल्व किया था। यहां पर अगर मैं 2024 और 2025 की बात करूं, तो टोटल हमारे पास छह पेपर उपलब्ध है यूजीसी नेट हिंदी के। यहां पर मैं बात कर रही हूं 2024 और 2025 की। यदि आपको 2020 से 2024 तक के पेपर सॉल्व करने हैं तो वो मैंने पहले सॉल्व करवाए हुए हैं। आप जाकर देख सकते हो। ठीक है? यूनिट
0:54 वाइज यहां पर पेपर सॉल्व कर रहे हैं। तो इन छह पेपर में यूनिट टू से 100 प्लस क्वेश्चन पूछे गए हैं। अगर इन छह पेपर में हम एक-एक क्वेश्चन छांटे तो यूनिट टू से टोटल कितने 100 प्लस क्वेश्चन यहां पर है। तो हमने यहां पर शुरुआत के तीन पेपर के क्वेश्चन कल की क्लास में सॉल्व कर लिए थे। आज आगे के क्वेश्चन सॉल्व करेंगे। ठीक है? 50 क्वेश्चन हमने कल की क्लास में सॉल्व कर लिए थे और 50 आज हम सॉल्व कर लेंगे। ठीक है? यहां पर उससे पहले मैं आपको बता देती हूं प्ले स्टोर से जाकर हिंदी विद रीच ऐप डाउनलोड कर लीजिएगा अगर आप हर संडे को जो है यहां पर फ्री मॉक टेस्ट दे सकते हो। यहां पर प्रैक्टिस सेट होता है हर संडे सुबह 10:00 बजे ऐप डाउनलोड कर कर फ्री वीकली टेस्ट में आपको फ्री टेस्ट मिल
1:40 जाएगा। हर संडे होता है और वो ओपन रहता है। चाहे तो आप जो इस संडे टेस्ट हुआ था वो आप अभी भी जाकर देकर आ सकते हो ऐप में। ठीक है? साथ ही यदि आपको दिसंबर वाला बैच लेना है तो बैच हम आपके सामने उपलब्ध है। यहां पर छ महीने की वैलिडिटी के साथ आपको बैच मिल रहा है। कूपन कोड यूज कर लीजिएगा। हिंदी 50 आपको डिस्काउंट मिल जाएगा। ठीक है? क्लियर? इसमें आपको यूनिट वन टू 10 तो डिटेल में मिलेगी ही। साथ ही आपको मॉक टेस्ट भी मिलेंगे यहां पर। ठीक है? पीवाईक्यू सारे टेस्ट के फॉर्म में 2011 से 2025 शुक्ल बैच भी इसमें मिलेगा और क्रैश कोर्स एग्जाम टाइम पर जो क्रैश कोर्स आएगा वो भी आपको बिल्कुल फ्री मिलेगा। यानी आपको छ महीने इनमें कुछ भी एक बार आपने बैच ले लिया हर वो चीज आपको मिलेगी जो आपको जेआरएफ करवाएगी। ठीक है?
2:27 साथ ही जो YouTube पर हमारी क्लास चल रही है यह यूनिट वाइज पीवाईक्यू यह इससे पहले जो हिंदी कविता वाली हमारी क्लास हुई है YouTube पर उसकी पीडीएफ भी आपको पेड बैच में सब में मिल जाएगी। ठीक है? क्लियर? अब चलते हैं अपने आज के टॉपिक पर। ये रहा 50 क्वेश्चन हमने यहां तक सॉल्व कर लिए थे। 4 सितंबर सेकंड शिफ्ट वाले पेपर पर हम आ गए थे। क्वेश्चन 50। 50 क्वेश्चन हम सॉल्व कर चुके थे। अब हम आगे बढ़ेंगे। 51वें क्वेश्चन से क्वेश्चन सॉल्व करना शुरू करेंगे। ठीक है? क्वेश्चन नंबर 51 निम्नलिखित में से कौन सी रचना ईश्वरदास की नहीं है? राम जन्म भरत विलाप, अंगद पैच, रामायण, कथा। आपको बताना है इनमें से कौन सी रचना ईश्वरदास
3:12 की नहीं है? बताइएगा, जवाब दीजिएगा। जी कौन सी रचना नहीं है वो कौन सी नहीं है रामायण कथा ईश्वरदास की नहीं है बाकी तीनों रचनाएं और अंगद प्याज बहुत इंपॉर्टेंट रचना है ईश्वरदास की राम जनन भरत विलाप अंगद प्याज ये तीनों किसकी रचना है ईश्वरदास की ठीक आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 52 सूची वन को सूची दो से मिलान करना है। एक तरफ कहानीकार एक दूसरी तरफ कहानियां है। कहानियां है पुरोहित का आत्मत्याग दामोदर
3:58 राव की आत्मकहानी विदन हत्या सॉरी विदन हृदय चंद्रदास का अद्भुत आख्यान चार कहानियां आपको मैच करना है। कौन सी कहानी किस कहानीकार की है? क्वेश्चन नंबर 52 जब आप कमेंट में जवाब दे रहे हो तो क्वेश्चन नंबर भी लिख दिया करो। ठीक है? और मैं उम्मीद कर रही हूं कि कॉपी पेन आपके पास होगा और आप काउंट करते हुए चलोगे आपके टोटल कितने क्वेश्चन सही हो रहे हैं। ठीक जी यहां पर जवाब हमारा हो जाएगा ऑप्शन फोर विश्वंबरनाथ जीजा विदन हृदय सूर्यारायण
4:44 दीक्षित चंद्रहास का अद्भुत आख्यान माधव प्रसाद मिश्र पुरोहित का आत्मत्याग कार्तिक प्रसाद खत्री दामोदर राव की आत्म कहानी आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 53 कान नाग आदि को लेकर निबंध लिखने वाले निबंधकार है कुबेरनाथ राय, बालकृष्ण भट्ट, विवेकी राय, विद्यानिवास मिश्र। पाक, कान, नाग आदि को लेकर निबंध लिखने वाले निबंधकार है। कौन है? आपको बताना है। रोज शाम को YouTube पर 4:00 बजे हमारी लाइव क्लास होती है। ठीक है? फ्री क्लास होती है शाम को 4:00 बजे। पेड क्लास होती है सुबह 9:00 और 11:00 बजे। ठीक है जी जवाब हमारा यहां पर हो जाएगा ऑप्शन टू बालकृष्ण भट्ट के निबंध है आ काका नाक यह
5:31 पीवाई मतलब दो ये तो 2024 का पेपर है इससे पहले भी ये क्वेश्चन पूछा जा चुका है आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 54 सूची वन का सूची दो से मिलान कीजिए एक तरफ पत्रिका है दूसरी तरफ संपादक है आपको मैच करना है पत्रिका है आनंद कादंबिनी विचार समालोचक सुदर्शन जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन फोर आनंद कादंबिनी बहुत बार पेपर में यहां पर यह गलत है रामचंद्र शुक्ल प्रेम
6:19 घन की है ठीक उसके बाद विचार किसके है भगवती चंद्र वर्मा ठीक है समालोचक चंद शर्मा गुलेरी बिल्कुल सही सुदर्शन देवकीनंदन खत्री ठीक है यहां पर ये आनंद कादंबनी इसके संपादक कौन है प्रेमभ ठीक है रामचंद्र शुक्ल ने यहां पर ये गलत लिखा हुआ है जवाब हमारा क्या हो जाएगा ऑप्शन फोर आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 55 निम्नलिखित में से जयप्रकाश करदम का उपन्यास है छप्पर मुक्ति पर भिटिंबा तलाश आप जानते हैं दलित उपन्यासकार है ये
7:06 ओके ये एक बार मैं चेक करूंगी हो सकता है क्योंकि आप जानते हैं पत्रिकाओं के केवल एक तो संपादक रहते नहीं ठीक है कुछ टाइम तक संपादक रहते हैं फिर दूसरे संपादक हो जाते हैं तो शुक्ल ने भी इसका संपादन किया होगा ठीक है एक एक बार मैं क्रॉस चेक इसको शुक्ल वाली किताब में कर लूंगी। फिलहाल आप इसको यह सही मानकर भी चलें। हो सकता है रामचंद्र शुक्ल ने भी किया हो। ठीक है? मुझे एक बार क्रॉस चेक करना होगा। जी। यहां पर आपको बताना है जयप्रकाश करदम का उपन्यास है। जी जवाब हो जाएगा छप्पर। कौन सा? छप्पर जो है जयप्रकाश करदम का उपन्यास है। आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 56 सुधाकर अखबार के संपादक निम्नलिखित में से कौन है? नवीन चंद्र श्याम सुंदर सेन तारा मोहन मित्र राजा राममोहन राय
8:01 जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन थ्री तारा मोहन मित्र क्या सुधाकर अखबार के संपादक तारा मोहन मित्र आप जानते हैं यूनिट टू गहरा समुंदर है उसमें हर तरह के क्वेश्चन आते हैं क्वेश्चन क्वेश्चन नंबर 57 अयोध्या सिंह उपाध्याय हरियोध के संबंध में निम्नलिखित सत्य कथन पूछा है यहां पर ए पॉइंट रसिकेश उपनाम से ब्रज भाषा की रचना की थी। बी पॉइंट थेट हिंदी का ठाट नामक उपन्यास की रचना की थी। सी अनज्ञ नामक गीति नाट्य की रचना की थी। डी मिलन नामक प्रबंध काव्य की रचना की थी। ई रुक्मणी परिचय नाटक की 1894 में रचना की थी। ये क्वेश्चन देखने में डिफिकल्ट लग सकता है। लेकिन जब पॉइंट वाइज पॉइंट चलोगे ना और इसमें से पहले भी कुछ रचनाएं ऐसी है
8:50 जो पहले भी आपके पेपर में पूछी जा चुकी है 2024 से पहले। ठीक है? तो आप ये क्वेश्चन ईजीली कर ले जाओगे अगर टुकड़ों में एक-एक पॉइंट को देखते हुए चलोगे। जी इसका जवाब हो जाएगा क्या? देखते हैं यहां पर पॉइंट पढ़ते हैं। रसिकेश उपनाम से चलो यह पॉइंट आपको नहीं भी पता। ठेठ हिंदी का ठाट नामक उपन्यास की रचना की। यह सबको पता होता है। हरिऔध का बी पॉइंट देखोगे चारों में है। तो पता होना ना पता होना हमारे लिए कोई मायने नहीं रखता क्योंकि चारों में ही है। उसके बाद आते हैं अनज्ञा नामक गीत नाट्य की रचना किसने की? मैथिलीशरण गुप्त का है। अनज्ञ मैथिलीशरण गुप्त का। ठीक है? हरिऔध का नहीं। मिलन। मिलन नामक प्रबंध काव्य किसका है? रामनरेश त्रिपाठी का। और ये
9:36 दोनों बड़े प्रसिद्ध रचनाएं हैं। ऐसी नहीं है कि ये बहुत कम लोगों ने सुनी है। ये रचनाएं ऐसी है लोगों को याद रहती है। सी और डी हमें पता होना चाहिए ये गलत है। यहीं से हमारा जवाब बन जाता। अगर सही पॉइंट नहीं पता तो गलत वाला आपको पता होना चाहिए कि कि कौन सा गलत है। फिर रुकमणी परिचय नाटक की 1894 में रचना की हरऔध ने। यह बिल्कुल सही है। रुकमणी परिचय का प्रकाशन वर्ष याद रखिएगा 1894। तो जवाब हमारा हो जाएगा ऑप्शन वन ए बी ई। जी आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 58 जैनेंद्र की सृजन प्रक्रिया में नैतिक विशिष्टता और अज्ञा में वैद्विक विशिष्टता के बावजूद कहीं-क उसके सामान्यीकरण के अंतर्द्वंद का भी आभास मिलता है। जातपात
10:22 और स्थितियां स्वयं प्रमुख हो उठती है। यह कथन किस कथाचक का है? आपको बताना है। नामवर सिंह, कमलेश्वर, मदुरश, राजेंद्र यादव क्वेश्चन नंबर 58 जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन टू कमलेश्वर आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 59 रायमल पांडे कृत हनुमत चरित्र का रचना वर्ष है संवत 1696 संवत 1689 संवत 1698 संवत 1692 याद रखिएगा संवत में यहां पर पूछा है ठीक है थोड़ा सा इस बात का ध्यान रखिएगा यह भी आपको शुक्ल वाली किताब में ईज़ली मिल जाएगा।
11:07 जी। कब किया था? सो संवत 1696 में। यह भी पूछा जाता है अनुमत चरित किसकी रचना है? तो रायमल पांडे की। आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 60। एक तरफ रचनाएं लिखी है और दूसरी तरफ रचनाकार। रचनाएं हैं निर्वासन, नागरी सभ्यता, कालमृग की पीठ पर, आगम भय दरिया। बिल्कुल अलग रचनाएं हैं। इनको नोट डाउन कर लेना। कोई हमें पीवाईक्यू में ऐसा पॉइंट मिले जो बिल्कुल अलग है। बिल्कुल नया है। उसको क्या करना है? नोट डाउन कर लेना है ताकि उसका तीनचार बार हम रिवीजन कर लें एग्जाम के टाइम तक। जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन वन निर्वासन अखिलेश
11:54 नागरी सभ्यता राकेश मिश्र कालमृग की पीठ पर जितेंद्र श्रीवास्तव आगम बह दरिया शिवमूर्ति आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 61 सूची वन को सूची दो से मैच करना है नाटक है और दूसरी तरफ नाटककार नाटक है सभासार सम्यसार नवस आनंद रघुनंदन ये तो खैर बहुत प्रसिद्ध नाटक है। नाटककार है बनारसी दास, रघुरा नागर, विश्वनाथ सिंह, गोपाल चंद। आपको मैच करना है। हां, रचनाएं बहुत पूछी जाती है। जी जवाब हो जाएगा हमारा ऑप्शन वन। सभासार
12:40 रघुराज नागर की रचना समयसार बनारसी दास नऊस गोपाल चंद आनंद रघुनंदन विश्वनाथ सिंह की आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 62 निबंध में हजारी प्रसाद द्विवेदी की परंपरा को प्रशस्त किया है विद्यानिवास मिश्र ने। क्या कह रहा है? निबंध में हजारी प्रसाद द्विवेदी की परंपरा को प्रशस्त किया है विद्यानिवास मिश्र ने। यह कथन किस इतिहासकार का है? ये क्वेश्चन आपके किस में रखा जा सकता है? यूनिट नौ हिंदी निबंध में क्यों दोनों के निबंध आपके पाठ्यक्रम में लगे हुए हैं हजारी प्रसाद द्विवेदी का भी और विद्यानिवास मिश्र का भी तो ये क्वेश्चन यूनिट नौ में भी जा सकता है ठीक है आचार्य रामचंद्र शुक्ल बच्चन सिंह रामस्वूप चतुर्वेदी रामचंद्र तिवारी
13:28 जी आंसर हमारा हो जाएगा ऑप्शन थ्री किसका रामस्वरूप चतुर्वेदी के पंक्तियां यह आपको हिंदी साहित्य संवेदना वाला जो ग्रंथ है इनका उसमें आपको मिल जाएगी ठीक है जवाब हो जाएगा रामस्वूप चतुर्वेदी हर पंक्ति रामचंद्र शुक्ल और बच्चन सिंह की नहीं होती बच्चों ठीक है जो बच्चे शुक्ल और दे रहे हैं ना शुक्ल और रामसूप चतुर्वेदी वो बच्चन सिंह जवाब दे रहे हैं आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 63 छायावाद हिस्ट्रिया की भांति हिंदी कविता का एक मानसिक रोग है उक्ति किसकी है लीलाचंद जोशी नंदुलारे वाजपेयी नगेंद्र प्रभाकर माज
14:20 जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन फोर प्रभाकर माचरे इंपॉर्टेंट है छायावाद की जितनी भी पंक्तियां आपको इसमें मिली है ना वे सब क्या करना नोट डाउन कर लेना यह छायावाद वाली पंक्तियां मैंने कम से कम पांच छह पंक्ति छायावाद से संबंधित आपको पीवाईक्यू में मिली है। इनको एक जगह नोट डाउन कर लेना। ठीक? आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 64। आचार्य ध्यान से पढ़कर जवाब देना इस क्वेश्चन का। आचार्य शुक्ल की प्रतिज्ञा में केंद्रीय प्रयोग जनता की चितवृत्ति है और आचार्य द्विवेदी की प्रस्तावना में ऐसा प्रयोग लोक चिंता का है। यह कथन किस इतिहासकार का है? डॉ. बच्चन सिंह, रामसूप चतुर्वेदी, रामकुमार वर्मा, विश्वनाथ त्रिपाठी क्या कह रही है? जैसे हर चमकती चीज सोना नहीं
15:07 होती वैसे ही हर एक कोटेशन रामचंद्र शुक्ल और बच्चन सिंह की नहीं होती। वैसे आप सही करते हो। अगर आपको जवाब नहीं पता पंक्ति तो अगर आपको जो है यहां पर तुक्का ही लगाना है तो इन दो पर लगाने में ही फायदा है आपको। जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा। रामस्वूप चतुर्वेदी की पंक्ति है। यह कहां पर मिलेगी आपको पंक्ति रामस्वूप चतुर्वेदी वाली किताब में? कहां पर मिलेगी? पढ़ी है किसी ने उसकी भूमिका। रामचंद्र शुक्ल की किताब की इसलिए तो मैं चाह रही थी कि आपको जितने भी इतिहास ग्रंथ है उन सब की भूमिका आपको पढ़ा दूं। आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 65 प्रद्युमंड विजय नामक एक पद्यवध नाटक किसने लिखा? बनवारी सभा सिंह चौहान गणेश कवि विश्वनाथ सिंह।
15:55 प्रद्युम् विजय नाटक और भाई क्लास को शेयर कर देना। ठीक है? इतना तो आप कर ही सकते हो। जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा गणेश कवि किसका नाटक है? गणेश कवि का नाटक। आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 66 चांद सूरज के विरण किस विधा की रचना है? जीवनी आत्मकथा संस्मरण रेखा चित्र। चांद सूरज के विरण। जी जवाब हमारा क्या हो जाएगा? आत्मकथा है यह चांद सूरज के विरण और यह 1952 में
16:42 प्रकाशित हुई थी। किसकी आत्मकथा है ये? देवेंद्र सत्यार्थी की आत्मकथा है। देवेंद्र सत्यार्थी। ठीक है? इंपॉर्टेंट है। इसलिए इसका प्रकाश और इस इनकी आत्मकथा दो भागों में छपी थी। यह भाग वन है। ठीक है? भाग टू का क्या नाम था? नील यक्षिणीनी आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 67 नाम मंजरी किसकी रचना है? परमानंद नंददास कृष्णदास चित स्वामी जी नाम मंजरी नंददास की रचना है। आ गया क्वेश्चन नंबर 68 ओके 1 मिनट ये पेपर था 4 सितंबर 2024 को जो हुआ था। अब आ
17:29 जाओ दिसंबर 2024 के क्वेश्चन शुरू हो गए यहां से जो कि पेपर हुआ था आपका 8 जनवरी 2025 को देखते हैं क्वेश्चन नंबर 68 आपको मैच करना है सूची वन को सूची दो से मिलान करना है युगल किशोर दुर्गा प्रसाद मिस मदन मोहन मालवीय माधवरास पे आपको बताना है कौन सी पत्रिका किसकी है किशोर यह जुगल किशोर है। पेपर में भी युगल ही जुगल किशोर है। यह टाइपिंग अलग-अलग है। हां नंददास अच्छा के कवि हैं। जी यहां पर जवाब हमारा हो जाएगा ऑप्शन सी जुगल किशोर। जुगल किशोर आप जानते
18:17 ही है उदंत मार्तन आप सब परिचित ही है उदंत मार्तंग से। ठीक है? दुर्गा प्रसाद मिस उचित वक्ता मदन मोहन मालवीय अभुध्या माधवरा इस पे छत्तीसगढ़ मित्र। इसमें आपके पाठ्यक्रम की कौन सी कहानी प्रकाशित हुई थी इस पत्रिका में? जल्दी से कमेंट करके बता दो। छत्तीसगढ़ मित्र में कौन सी कहानी प्रकाशित हुई थी आपके पाठ्यक्रम की? कमेंट करो भाई। बताओ। आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 69 रचनाकारों एवं रचना का युग्म सुमेलित कीजिए। सोमपल सूरी कुमारपाल प्रतिबोध ज्ञानाचार्य मेरुतुंग रणमल छंद नरपति नालय बीसलदेव रासो श्रीधर प्रबंध चिंतामणि भट्ट केदार जयचंद प्रकाश
19:02 बताइए जवाब दीजिएगा जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ए सी ई सोमपल सूरी कुमारपाल प्रतिबोध बिल्कुल सही है रणमल छंद रणमल छंद जयनाथ आर्य मेरो की नहीं श्रीधर की रचना है ठीक है नरपति नालय बीसलदेव रासो बिल्कुल सही है श्रीधर पर्वन चिंतामणि गलत पर्वन चिंतामणि किसकी रचना है मेरुतंग की यानी आपस में इनको उल्टा कर दो जनाचार्य मेरुतंग प्रवन चिं चिंतामणि रणमल चंद श्रीधर ठीक है भट्ट केदार जयचंद प्रकाश बिल्कुल सही है तो जवाब हो जाएगा ए सी और ई यानी ऑप्शन सी हमारा सही जवाब है
19:50 बिल्कुल मादर राज स्प्रे छत्तीसगढ़ मित्र में कौन सी कहानी प्रकाशित हुई है आपके पाठ्यक्रम की एक टोकरी भर मिट्टी ठीक है याद रखिएगा आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 70 सूची वन को सूची दो से मिलान करना है। एक तरफ है हमारे नाटक दूसरी तरफ है रचनाएं। मत्स्यगंधा तोललिए शिवा साधना कामना। ये तोललिए शब्द होगा भाई।
20:37 जी आंसर यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन बी हरिकृष्ण प्रेमी का शिव साधना बिल्कुल सही है। उदयशंकर भट्ट का मत्सगंधा यह भी सही है। जयशंकर प्रसाद का कामना यह भी सही है। उपेननाथ अस का तोल मुझे तो इस नाम में ऐसा लग रहा है कुछ टाइपिंग एरर नो क्योंकि मैंने तो यह रचना नहीं पढ़ी। पेना तस की तो इसकी जगह कुछ और होगी रचना हो सकती है। चेक करना पड़ेगा एक बार चेक करती हूं। बता दूंगी आप लोगों को। ठीक है? जवाब हो जाएगा ऑप्शन बी। ठीक? वैसे इतनी बड़ी टाइपिंग एरर तो नहीं हो सकती। सही होगा। हो सकता है हो इनकी कोई एकांकी।
21:22 है ना? होगी। जरूरी थोड़ी है। एक दो रचनाएं तो हमें ऐसी मिल ही जाती है जो हम सीधा पेपर में ही सामने होता है हमारे से। है ना? आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 71 दाई जी क्वेश्चन उत्तर अपभ्रंश पुरानी हिंदी है। यह कथन किस विद्वान का है? रामचंद्र शुक्ल, चंद्रश गुलेरी, हजारी प्रसाद द्विवेदी, महावीर प्रसाद द्विवेदी यही थी। हां, सही है। तो सही है भाई। तो याद रखना आगे एग्जाम के लिए उपेनाथ अस की रचना है। ठीक है जी उत्तर अपभ्रंश ही पुरानी हिंदी है। ये क्वेश्चन तो बड़ा इजी है। बहुत टाइम से पढ़ते हुए आ रहे हैं। गुलेरी ने पुरानी हिंदी कहा है अपभ्रंश को। ठीक है? आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 72। इसमें सही युग्म कौन से हैं? सही युग्म पहचानना
22:09 है। कला विवेचन कुमारी विमल की रचना। शब्द और स्मृति निर्मल वर्मा की नई कविता के प्रतिमान नामवर सिंह आधुनिकता के पहलू विपिन कुमार अग्रवाल नई कविता स्वरूप और समस्याएं लक्ष्मीकांत वर्मा क्या सही है आपको यह पहचानना जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन ए। कला विवेचन कुमार विमल शब्द स्मृति निर्मल वर्मा बिल्कुल सही। नई कविता के प्रतिमान ये चीज मैंने आपको बहुत बार बताई भी है,
22:55 बहुत बार समझाई भी है कि नई कविता के प्रतिमान किसकी रचना है? लक्ष्मीकांत वर्मा की है। ठीक है? नामवर सिंह की रचना का नाम है कविता के नए प्रतिमान। कविता के नए प्रतिमान। ठीक है? दोनों में अंतर है। नाम सिंह की जो रचना है उसमें कविता शब्द पहले आता है। लक्ष्मीकांत की जो रचना है उसमें नई कविता आता है। नई कविता और कविता का अंतर है। ठीक है? नई कविता लक्ष्मीकांत वर्मा और कविता के नेम बहुत बच्चे तो इसी कंफ्यूजन में सी ऑप्शन को सबसे पहले सही किया होगा उन्होंने और बाकी ऑप्शन फिर सी के बाद ने एलिमिनेट किए होंगे। ये चीज बहुत बच्चों ने की भी है एग्जाम में। ठीक है? तो याद रखिएगा
23:42 सी पॉइंट इसलिए हमारा गलत है। फिर आता है आधुनिकता के पहलू विपिन कुमार अग्रवाल बिल्कुल सही। उसके बाद ई पॉइंट गलत है हमारा नई कविता स्वरूप और समस्याएं ये लक्ष्मीकांत वर्मा की नहीं है। किसकी है वो आप कमेंट कर बताओगे। ठीक। वाह। ठीक। वैसे तो आपको आईडिया हो ही गया होगा। किसकी रचना है पर फिर भी बताना कमेंट्स सेक्शन में। आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 73। वैसे इसमें आपको कंफ्यूजन होना नहीं चाहिए था क्योंकि ये तो मैंने आपको बहुत बार जब भी नई कविता के प्रतिमान या कविता के नए प्रतिमान का जिक्र आता है। मैंने हमेशा आपको ये दोनों रचनाएं बताई है और दोनों
24:27 बहुत प्रमुख है। ठीक है? दोनों प्रसिद्ध रचनाएं हैं। ये अनीता शर्मा मैंने तो अभी भी यही किया मैडम। हां बस ध्यान नहीं देते तो इसका तो खास तौर पर याद रखा करो जब भी ये नई कविता के प्रतिमान या कविता कहे क्योंकि आपको ऑप्शन में दोनों मिलेंगे हमेशा नामवर सिंह भी और लक्ष्मीकांत वर्मा भी आपको कंफ्यूज करने के लिए ठीक है आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 73 प्रकाशन वर्ष की दृष्टि से उपन्यासों का सही क्रम क्या है? त्रिवेणी परीक्षा गुरु चंद्रकांता तारा आदर्श सिंह तो सारे उपन्यास आपके प्रसिद्ध उपन्यास ही है बताइएगा जवाब दीजिएगा
25:27 जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन बी। सबसे पहले क्या आएगा? चंद्रकांता। चंद्रकांता का समय क्या है? ऑप्शन बी। देखते हैं एक बार शुरू से सबके प्रकाशन
26:14 वर्ष देखते हैं। परीक्षा गुरु 1882 ठीक है वह हमें पता ही है। त्रिवेणी 1800 90 ठीक है। आदर्श हिंदु 1915 तारा 1902 चंद्रकांता का जो प्रकाशन वर्ष है वो 1800 88 अच्छा ठीक तो है बी पॉइंट पहले आएगा मुझे लग रहा है कि जवाब में सी पॉइंट पहले इसलिए मैं मेरा दिमाग सॉरी सही तो है ना मुझे ये था परीक्षा गुरु पहले आएगा और मैं यहां पर बी की जगह सी ठीक है परीक्षा गुरु 1882 सबसे पहले बी पॉइंट आएगा उसके बाद चंद्रकांत का 1888 सी पॉइंट उसके बाद त्रिवेणी 1890 ए पॉइंट उसके बाद तारा 1902 फोर्थ नंबर पे
27:02 डी पॉइंट और उसके बाद आदर्श हिंदू 1915 ई पॉइंट बीसीए डी बिल्कुल सही है जवाब यहां पर हमारा ठीक है अच्छा ये तो बताने की जरूरत नहीं है ना कौन सा उपन्यास किसका है ये तो आपको याद होगा नहीं याद है तो एक बार देख लेते हैं भाई परीक्षा गुरु आपके पास पाठ्यक्रम का लाला श्रीनिवास दास चंद्रकांता यह बड़ा प्रसिद्ध उपन्यास है देवकी नंदन खत्री का ठीक है त्रिवेणी किशोरी लाल आप देख रहे हो किशोरी लाल गोस्वामी के उपन्यास कितने पूछे जा रहे हैं जाकर याद कर लेना किशोरी लाल गोस्वामी के उपन्यास है ना आपने देखा ना हिंदी साहित्य के इतिहास में कितने पूछे जा रहे हैं किशोरी लाल गोस्वामी तारा तारावी किशोरी लाल गोस्वामी का ही उपन्यास है आदर्श सिंधु लज्जाराम मेहता
27:51 ठीक ठीक है? आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 74। सूची वन को सूची दो से मैच कीजिए। एक तरफ है कविता, दूसरी तरफ है कवि। कविता ये टूटा पहिया, नाटक जारी है। जंगल का दर्द, एक छोटी सी लड़ाई। राइटर है लीलाधर, जगुड़ी, कुमार विमल, धर्मवीर भारती, सर्वेश्वर दयाल सक्सेना। ठीक है भाई। किशोरी लाल गोस्वामी का उपन्यास देख लेना। जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा। इसमें तो मैच ही करना था। टूटा पहिया धर्मवीर भारती नाटक जारी है लीलाधर जगुरी जंगल का दर्द सर्वेश्वर दयाल सक्सेना एक छोटी सी लड़ाई कुमार विमल आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 75 आपको बताना
28:38 है कौन सा युग्म सही है स्वामी गोकुलनाथ 84 वैष्णव की वार्ता ओंकार शरद राम मनोहर लोहिया जगदीश चंद्र माथुर जिन्होंने जीना जाना तेज बहादुर चौधरी अग्निसेतु भारतेंदु सुकवि संकीर्तन आपको बताना है निम्न में से कौन सही है? कौन सी रचना और रचनाकार मैच है? चारों ऑप्शन है। एलिमिनेट आपको करना है। ठीक है? बताइए। जवाब दीजिए। क्लास यूज़फुल लग रही है ना आपको? कोई परिवर्तन करना हो तो बता देना भाई। जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन ए
29:25 स्वामी गोकुलनाथ 84 वैष्णव की वार्ता बिल्कुल सही है ओंकार शरद राम मनोहर लोहिया बिल्कुल सही जगदीश चंद्र माथुर की रचना जिन्होंने जीना जाना बिल्कुल सही ये हमारी बिल्कुल सही रचनाएं हैं। ठीक है। तेज बहादुर चौधरी के अग्निसेतु गलत। भारतेंदु के सुकवि संकीर्तन गलत। अग्निसेतु किसकी रचना है? याद आ रहा हो तो बता देना। नहीं आ रहा हो तो खोज कर जब बता देना। सुकवि संकीर्तन अंबिका दत्त व्यास की रचना। ठीक है? और अग्निसेतु की विधा भी बताना। विधा भी बताना और साथ में राइटर भी बताना। ठीक है? यह जो मैं आपको बता रही हूं ना होमवर्क की इसलिए है ताकि आपका रिवीजन होता रहे और मुझे भी पता चले कितने स्टूडेंट सीरियस हो
30:12 गए क्लास देखते हैं ना आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 76 गोविंद वल्लभ पंत वीर रचित नाटक वरमाला किस पुराण की कथा पर आधारित है विष्णु पुराण स्कंद पुराण मार्कंडेय पुराण शिव पुराण जब ये क्वेश्चन पूछा गया था बहुत उल्ला हुआ था कि ये इतना डिफिकल्ट क्वेश्चन कैसे पूछ लिया गया लेकिन ये क्वेश्चन कहां से पूछा गया था शुक्ल वाली किताब से हिंदी साहित्य का इतिहास आचार्य जय रामचंद्र शुक्ल की किताब से पूछा गया था। ये रामचंद्र तिवारी वाली किताब में भी आपको ये मिल जाएगा। जी जवाब हो जाएगा मार्कंडेय पुराण। जब इस तरह के क्वेश्चन मिले तो एक बार शुक्ल वाली किताब और तिवारी रामचंद्र तिवारी वाली किताब देख लेनी चाहिए। ठीक है? आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 77 चंदनबाला
30:58 रास की रचना कब हुई? ये तो आसान ही है। 1209 ईवी, 1200 ईस्वी, 1231 ईसवी, 1213। अगर मैं कह रही हूं ये क्वेश्चन आसान है तो इसका मतलब यह है ये क्वेश्चन पहले पीवाईक्यू में काफी बार पूछी जा चुका है। ठीक है? जी। चंद्रमाला रास कब? 1200 ईस्वी में। किसकी रचना है? कासबू कवि की रचना है। चंदनमाला रास 1200 ईस्वी में प्रकाशित हुआ था। आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 78 नागार्जुन के उपन्यासों को कालक्रम के अनुसार व्यवस्थित करें। बाबा पटेश्वरनाथ बलच मा नई फौज प्रतिनाथ की चाची वरुण के बेटे बेटे सॉरी पांच चार ऑप्शन है। बताइएगा जवाब दीजिएगा।
31:48 जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन बी। अगर आपको ज्यादा टाइम चाहिए क्वेश्चन सॉल्व करने के लिए तो आप वीडियो को पॉज करके आराम से क्वेश्चन पढ़कर जवाब दे सकते हो। ठीक है? सबसे पहले आएगा रतिनाथ की चाची 1948 फिर आएगा बलच मां 1952 फिर नई पोत 1953 फिर वरुण के बेटे फिर आएंगे बाबा बटेश्वरनाथ 1954 और सबसे आखिरी में वरुण के बेटे 1957 ठीक है। यह सब नागार्जुन के उपन्यास है। जवाब हो जाएगा डी बी सी ए ई। आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 79। निम्न में से कौन से कथन सत्य नहीं है?
32:37 सत्य नहीं है। बहुत ध्यान से पढ़ना। बहुत ध्यान से पढ़ना इस क्वेश्चन को। ठीक है? मुश्किल लग रहा होगा देखने में। ठीक? लेकिन ध्यान से पढ़ोगे तो जवाब कर ले जाओगे। इस तरह जब भी पांच पॉइंट हो एकदम घबराना नहीं है देखकर कितने बड़े-बड़े पॉइंट है। एक-एक पॉइंट पढ़ना उसमें से दो एक पॉइंट आपको पढ़े हुए मिलेंगे। ठीक है? ए पॉइंट दया नारायण निगम ने अध्यापक कौन सिंह के शिव शंभू के चिट्ठे की आलोचना जमाना में की? रामचंद्र शुक्ल की पंक्ति यह रामचंद्र शुक्ल की पंक्ति है। यह कह रहे हैं बी पॉइंट बालमुकुंद गुप्त ने बसवारी के मूलवासी सरस्वती संपादक हजारी
33:22 प्रसाद द्विवेदी पर कठोर व्यंग किया था। रामविलास शर्मा ने कहा सी अच्छी हिंदी बस एक व्यक्ति लिख रहा था और वो था बालमुकुम गुप्त आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की कोटेशन डी उस शेर को पढ़कर मैं रात भर बेकरार रहा। मजे ले लेकर बार-बार पढ़ता और झूमता था पदम सिंह शर्मा के कोटेशन। ई पॉइंट भला इस संसार को बनाने का क्या काम था? व्यर्थ इतने उल्लू कितनी अच्छी लाइन है। भला इस संसार को बनाने का क्या काम था? व्यर्थ इतने उल्लू एक संग पिंजरे में बंद कर दिए। भारतीयों की पंक्ति ये लाइन तो बड़ी अच्छी है। यूज़ की जा सकती है जीवन में। बताइए गलत पूछा है। इसमें कौन से सही नहीं है? यह याद रखिएगा।
34:25 जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा सी पॉइंट्स आपका जवाब ना केवल एक पॉइंट से बन जाता केवल एक पॉइंट से इतना बड़ा क्वेश्चन है। ठीक है? अब आप समझना इसमें पूछा है सत्य नहीं है। अगर आपको केवल अपना सिलेबस याद होता तो आप ये क्वेश्चन कर ले जाते। कैसे कर ले जाते? बताती हूं। दयाराम निगन ने अध्यापक पून सिंह के शिव शंभू के चिट्ठे की आलोचना जमाना में की। क्या शिव शंभू के चिट्ठे अध्यापक पून सिंह का है?
35:11 यहीं से यह पॉइंट गलत हो गया। ठीक है? केवल अगर आपको ये पता हो शिव शंभू के चिट्ठी किसकी रचना है? बालमुकुंद गुप्त की जो कि आपका पाठ्यक्रम में ही लिखा हुआ है। ठीक है? और ए पॉइंट देखो चारों में कहां पर है? केवल यहां पर है। ठीक है? और इसमें पूछा है गलत नहीं है। गलत नहीं है। मतलब कौन से पॉइंट जो है यहां पर गलत है। सत्य नहीं है। पूछा यानी कौन से पॉइंट गलत है। तो ये पॉइंट हमारा गलत है। हमें पता चल रहा है। यहीं से जवाब हो जाता ए बी क्योंकि ए और कहीं है ही नहीं। इतना बड़ा क्वेश्चन। इतना बड़ा क्वेश्चन। ठीक है? पांच पॉइंट देखकर घबरा गए। अरे ये तो हमने कभी पढ़ा ही
35:58 नहीं है। ठीक है। उसके बाद आगे आते हैं। दूसरा पॉइंट गलत है यह। बालमुकुंद गुप्त ने भसवाड़ी के मूलवासी सरस्वती संपादक हजारी प्रसाद द्विवेदी पर कठोर व्यंग किया था। सरस्वती के संपादक कौन थे? महावीर प्रसाद द्विवेदी। ठीक है? क्लियर? उसके बाद आते हैं सी पॉइंट। सी पॉइंट आपका गलत क्यों है? आपको मतलब क्यों आपको पता होना चाहिए था? क्योंकि एक बार वन लाइनर में आपके पेपर में पूछा जा चुका है 2024 से पहले। ठीक है? अच्छी हिंदी बस एक व्यक्ति लिख रहा था और वो था बालमुकुंद गुप्त। ऐसा आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी ने कहा। बिल्कुल गलत है।
36:48 यह किसने किसके बारे में कहा? आपको पता होना चाहिए। कमेंट सेक्शन में बता दो जल्दी से। हां अच्छी हिंदी महावीर प्रसाद द्विवेदी तो तीनों पॉइंट बिल्कुल बेसिक नॉलेज वाले थे। दो तो बिल्कुल बेसिक थे। पता ही होनी चाहिए आपको और तीसरा पॉइंट ऑलरेडी 2024 से पहले पेपर में पूछा जा चुका। तो क्वेश्चन ऐसे गलत होते हैं। मैं हमेशा कहती हूं पांच पॉइंट में कोई भी इतना बच्चा होशियार नहीं होता कि उसको पांच के पांच पॉइंट आते हैं और कोई इतना बेवकूफ भी नहीं होता कि उसको कोई भी पॉइंट ना आता हो। बस समझदारी की बात है वहां पर कैसे आप डील करते हो? मैं ये नहीं कह रही हर क्वेश्चन में आपको एक ही पॉइंट पता होगा जवाब बन जाएगा। नहीं पर अगर आपको पांच में से दो पॉइंट पता है
37:35 तो 70% क्वेश्चन इस तरह के आपके निकल जाएंगे। बस हमें दिमाग थोड़ा खुला रखना है। ठीक है? आगे चलते हैं। अगली बार हो सकता है यह लाइन दे दे। भला इस संसार को बनाने का क्या काम था? विद्यार्थ पिंजरे में बंद कर दिए। किसकी पंक्ति है? यह भी पूछा जा सकता है। तो भारतेंदु ठीक है। आगे चलते हैं। अब क्वेश्चन नंबर 18 दीक्षित परस राम दाद व विदित नाम जिनको ने यज्ञ जाकी जग में बढ़ाई है। ये भी आपको शुक्ल वाली किताब में पंक्ति मिल जाएगी। इन पंक्तियों से निर्मित छंद में रीतिकाल के किस कवि ने अपना परिचय दिया है?
38:21 रसनिधि, वृंद, सेनापति, हटी जी। जी। किसकी है? सेनापति की है यहां पर। आगे इजी क्वेश्चन है यह। तो सुदामा चरित्र के रचनाकार हैं स्वामी हरिदास रसखान हित हरिवंश नरोत्तम दास जी जवाब हो जाएगा नरोत्तम दास मैं फिर कह रही हूं अगर आपको कोई भी नई रचना कोई भी नई पंक्ति मिल रही है तो तुरंत नोट डाउन कर लो ये मत सोचो फिर बाद में करेंगे बाद का बाद ही हो जाता है ठीक है वो बाद कभी आ ही नहीं पाता तो सुदामाचरित की रचना नरोत्तम दास ये तो काफी प्रसिद्ध रचना है
39:08 आगे चलते है क्वेश्चन नंबर 82 अब तक पेपर चल रहा था ये दिसंबर 2024 अब आते हैं बिल्कुल लेटेस्ट पेपर पर लेटेस्ट इसलिए है क्योंकि इसके बाद पेपर वो अभी होगा ठीक है जून 2025 का ये पेपर है कब हुआ था 29 जून 2025 को चलिए सॉल्व करते हैं क्वेश्चन नंबर 82 निम्नलिखित रचनाओं को कालक्रम के अनुसार पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए। कवि प्रिया केशवदास प्रेम वाटिका रसखान हरित चरित लालच दास प्रेम सागर लल्लू लाल सुदामा चरित नरोत्तम दास प्रकाशन वर्ष के अनुसार इनको आपको पहले से बाद के क्रम में लगाना है
39:58 बताइएगा जवाब दीजिएगा सही कर रहे हो तुम जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा सी ई ए बी डी सबसे पहले आएगी हरितचरित लालस दास सुदामा चरित फिर नरोत्तम दास उसके बाद कवि प्रिया केशवदास की फिर प्रेम वाटिका रस खान की और सबसे आखिरी में प्रेम सागर लल्लू लाल आप प्रेम सागर लल्लू लाल से आईडिया लगा सकते थे अगर आपको इनके प्रकाशन वर्ष नहीं पता और खोजोगे तो भी एक दो रचनाओं के ही मिलेंगे देखिए सबके तो मुश्किल ही है। राइटर के अनुसार आप लगा सकते थे कौन सा पहले आया है राइटर कौन सा बाद में कौन किस काल का है। ठीक है? आगे चलते हैं। यह तो
40:46 इजी क्वेश्चन ही है। निम्नलिखित काव्य आंदोलनों को पहले से बाद के क्रम में व्यवस्थित कीजिए। नई कविता, हालावाद, प्रगतिवाद, प्रयोगवाद, अकविता। जी सबसे पहले आप पता लगा लोगे हालाद क्योंकि हालाबाद सब छायावाद की में आता है ना छायावाद के समय के लगभग ठीक है उसके बाद प्रगतिवाद आता है बी सी फिर आता है प्रयोगवाद उसके बाद आती है नई कविता और फिर अकविता ये बिल्कुल बच्चों वाला क्वेश्चन था। ठीक है? बी सी डी ए ई ये तो
41:34 आपको हमेशा बोला जाता है ना भारतेंदु युग द्विवेदी युग छायावाद फिर आता है प्रगति फिर प्रयोग और प्रयोगवाद के बाद नई कविता। यह तो मैं जब सिलेबस डिफाइन करती हूं ये चीज तो ज बताती रहती हूं। आगे चलते हैं। क्वेश्चन नंबर 84 हरि ओम एक तरफ रचनाकार है। दूसरी तरफ रचनाएं हैं। रचनाएं देखो प्रहलाद चरित प्रद्युम विजय। प्रद्युम भी आप पीछे भी देख कर आए हो ना पीवाईक्यू में दमयंती सोमबर अमर सिंह राठौड़ चार राइटर है हरिऔध लाला श्रीनिवास दास राधा चरण गोस्वामी बालकृष्ण भट्ट
42:32 जी जवाब यहां पर हमारा हो जाएगा ऑप्शन ए अयोध्या सिंह उपाध्याय हरियोध प्रद्युम्न विजय लाला श्रीनिवास दास प्रहलाद चरित राधा चरण गोस्वामी अमर सिंह राठौर बालकृष्ण भट्ट दमयंती स्वयंवर आगे चलते हैं क्वेश्चन नंबर 85 निम्नलिखित में से किस पत्रिका का संपादन अब आप देखो लेटेस्ट पेपर सॉल्व कर रहे हो। क्या आपको पीवाईक्यू मिल रहे हैं? थोड़े बहुत पीवाईक्यू भी आपने केवल दो-ती साल के सॉल्व किए हैं। तो क्या आपको उससे हेल्प हो रही है? अब आप यह देखना। और जब आप 2020 से लेकर 2025 तक के पीवाईक्यू कर लोगे तब सोचना आपकी कितनी हेल्प होगी। सरस्वती सुदर्शन जासूस आनंद कादंबनी