Iran Israel War | Why is ENTIRE Middle East under Attack? | Dhruv Rathee

Dhruv Rathee www.youtube.com

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले और उसके बाद के भू-राजनीतिक प्रभावों पर केंद्रित है। इसमें दुबई में हुए विस्फोटों, हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी और खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों पर संभावित प्रभावों का वर्णन है। वीडियो में इस संघर्ष के पीछे के कारणों, ऐतिहासिक संदर्भ और भारत पर इसके संभावित आर्थिक परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया है।

मुख्य बातें:

  • ईरान पर अमेरिका और इजराइल का सैन्य हमला।
  • खाड़ी देशों में मिसाइल हमले और हवाई अड्डों पर व्यवधान।
  • भारत पर आर्थिक प्रभाव, जिसमें तेल की आपूर्ति में बाधा और मुद्रास्फीति शामिल है।
  • ईरान में स्कूलों पर हमले और नागरिकों की मौतें।
  • इस संघर्ष के पीछे का भू-राजनीतिक इतिहास।

दुबई में विस्फोट और हवाई अड्डे पर अफरा-तफरी

लेखक अपने परिवार के साथ दुबई में थे जब उन्होंने एक होटल में विस्फोट देखा। अगली सुबह उनकी फ्लाइट थी और वे समय पर निकल गए, लेकिन उड़ान के दौरान उन्हें पता चला कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला कर दिया है। दुबई हवाई अड्डे पर शाम को धुआं फैल गया, उड़ानों को रद्द कर दिया गया और बुर्ज अल अरब के पास ड्रोन को रोका गया। लेखक के कुछ परिवार के सदस्य हवाई अड्डे पर फंस गए क्योंकि उनकी उड़ान रद्द कर दी गई थी। यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने ईरान की ओर से दागी गई कई मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट कर दिया।

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी: ईरान पर हमला

अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" नाम से एक बड़ा सैन्य हमला शुरू कर दिया है। यह हमला कई दिनों तक चलने वाला है। तेहरान, इस्फ़हान, कोम और किरमानशाह सहित पूरे ईरान में बमबारी हो रही है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के परिसर पर भी हमले हुए, जिसमें उनकी और उनके परिवार के सदस्यों की मौत हो गई। ईरान ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सात दिनों की छुट्टी का ऐलान किया है।

ईरान का जवाबी हमला और खाड़ी देशों पर प्रभाव

ईरान ने इजराइल के साथ-साथ यूएई, कतर, बहरीन और कुवैत पर भी मिसाइलें दागी हैं। दुबई में धमाके सुनाई दिए और आबू धाबी में एक व्यक्ति की मौत हो गई। बहरीन में अमेरिकी नौसेना के बेस पर सीधा हमला हुआ। ईरान की सेना ने 27 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला करने का दावा किया है। इन हमलों में नागरिक क्षेत्रों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। भारतीय दूतावास ने भारतीयों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

भारत पर संभावित आर्थिक प्रभाव

अगर यह संघर्ष एक पूर्ण युद्ध में बदल जाता है, तो भारत पर इसका बहुत बुरा प्रभाव पड़ेगा। भारत अपनी 50% से अधिक कच्चे तेल की आपूर्ति होर्मुज जलडमरूमध्य से करता है। अगर ईरान ने इसे बंद कर दिया, तो भारत की तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है। इससे पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाएगा, शिपिंग लागत बढ़ेगी, मुद्रास्फीति बढ़ेगी और रुपये पर दबाव बढ़ेगा। प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल यात्रा पर भी सवाल उठाए गए हैं, क्योंकि यह हमला इजराइल यात्रा के तुरंत बाद हुआ है।

ईरान में स्कूलों पर हमले और ऐतिहासिक संदर्भ

ईरान के शहर मिनाब में एक लड़कियों के प्राइमरी स्कूल पर बम गिरा, जिसमें कई बच्चे मारे गए। इजराइल ने इस हमले के बाद "आत्मरक्षा" करने के अपने अधिकार का दावा किया। इस संघर्ष की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी जब ईरान की अर्थव्यवस्था चरमरा गई थी। इसके बाद ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए, जिसमें हजारों लोग मारे गए। अमेरिका ने इस क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी थी।

शांति वार्ता और हमलों की योजना

हमलों से ठीक एक दिन पहले ओमान के वित्त मंत्री ने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने वाला है। हालांकि, वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, यह हमला महीनों पहले ही प्लान कर दिया गया था। सऊदी प्रिंस और इजराइल ने कथित तौर पर ट्रंप को ऐसा करने के लिए लॉबी किया था। यह स्थिति 2003 में इराक पर अमेरिका के युद्ध की याद दिलाती है।

विदेशी हस्तक्षेप के परिणाम

ईरान इराक से दो गुना बड़ा है और इस हमले का बहाना ईरान के तानाशाह को हटाना और ईरान के लोगों के लिए शांति और लोकतंत्र लाना है। हालांकि, एक विदेशी शक्ति का इस तरह से हस्तक्षेप करना चीजों को बद से बदतर बना सकता है। गद्दाफी और सद्दाम हुसैन इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं। अमेरिका ने जब इन तानाशाहों को हटाया तो ये देश और अस्थिर हो गए। आम जनता के लिए हालत बद से बदतर हो गई और नए आतंकवादी संगठन पैदा हो गए। सबसे बड़ा डर यही है कि कहीं ईरान भी इस तरह से अस्थिर न हो जाए।

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Transcript

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0:00 मैंने वॉर्स पर वीडियोस तो बहुत बनाए हैं दोस्तों लेकिन इतना पर्सनल कभी नहीं फील हुआ क्योंकि कल सुबह तक मैं अपने परिवार के साथ दुबई में ही था और फेयरम होटल पाम आइलैंड का वो होटल जहां पर एक एक्सप्लोजन देखा गया और आग लगी यह होटल बस सड़क के दूसरी पार था हमारे होटल से। सुबह हम फ्लाइट कैच करने के [संगीत] लिए निकले। हमारी एक अर्ली मॉर्निंग की फ्लाइट थी और थैंकफुली हमारी फ्लाइट टेक ऑफ कर गई। सब कुछ नॉर्मल लग रहा था। लेकिन टेक ऑफ के करीब दो से तीन घंटे बाद हमें पता चलता है कि फ्लाइट में अचानक से डिले आ गया है और एयर होस्टेस के द्वारा बताया जाता है कि यूएस और इजराइल ने ईरान पर हमला बोल दिया है। तब तो मुझे ज्यादा कुछ नहीं फील हुआ। तब मैं बस एक ख्याल आ रहा था कि कहीं हमारा फ्लाइट पाथ उसी के बीच से ना गुजर रहा हो जहां से यह मिसाइल्स फेंकी जा रही

0:47 है। लेकिन जब हम लैंड किए तब पता चला कि आखिर हो क्या रहा है। शाम को ये फोटो और वीडियोस देखने को मिले कि दुबई एयरपोर्ट पर पूरा धुआधुआ हो रखा है। पूरा इवाकुएट कर दिया गया। सारी फ्लाइट्स कैंसिल हो गई और इवन खलीफा के पास ड्रोंस को इंटरसेप्ट किया जा रहा है। बुर्ज अल अरब पर मिसाइल्स को इंटरसेप्ट करने के बाद उसका डेबरी गिर रहा है। उससे कहीं पर आग लग रही है। ये बहुत ही शॉकिंग था। ओह माय गॉड। स्पेशली इसलिए क्योंकि कुछ फैमिली मेंबर्स थे मेरे साथ जिनकी फ्लाइट कुछ घंटे बाद की थी और वो अपनी फ्लाइट अनफॉर्चुनेटली नहीं कैच कर पाए। उनकी फ्लाइट कैंसिल हो गई और वो अभी तक दुबई के एयरपोर्ट पर ही फंसे हुए हैं और कोई पता नहीं अब कि कब एयरपोर्ट [संगीत] वापस खुलेगा। आगे क्या

1:33 होगा। लेकिन इस सब में अच्छी खबर यह है कि यूएई का एयर डिफेंस सिस्टम बहुत स्ट्रांग है। ऑफिशियल सोर्सेस बता रहे हैं कि 1137 मिसाइल्स ईरान की तरफ से फेंकी गई थी यूएई पर। जिनमें से 1132 को डिस्ट्रॉय कर दिया गया। 209 ड्रोन स्ट्र्राइक्स अटेम्प्ट की गई थी। लेकिन 1195 को इंटरसेप्ट कर लिया गया। तो ज्यादातर जगह जहां पर यह आग लगी हो सिर्फ ड्रोन इंटरसेप्ट करने [संगीत] की वजह से जो डेबरी था मिसाइल का या ड्रोन के टुकड़े वो नीचे गिर रहे थे। अब यहां ये सब हो क्यों रहा है? आइए समझते हैं इस पूरी सिचुएशन को थोड़ा डिटेल में इस वीडियो में। अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर फुल स्केल मिलिट्री अटैक शुरू कर दिया है। ऑपरेशन को नाम दिया है ऑपरेशन एपिक

2:18 फ्यूरी। और यह कोई एक दिन का स्ट्राइक नहीं है। यूएस ऑफिशियल्स कह रहे हैं कि यह कई दिनों तक चलेगा। वी आर गोइंग टू डिस्ट्रॉय देर मिस रेल इंडस्ट्री टू द ग्राउंड इट विल बी टोटली अगेन। तेहरान इसहान कोम किरमन शाह पूरे ईरान में बॉम्ब्स गिर रहे हैं। सबसे शॉकिंग ईरान के सुप्रीम लीडर हयातुल्ला अली खामिनी के कंपाउंड पर भी स्ट्राइक्स हुई और अब यह कंफर्म हो चुका है कि वो मारे जा चुके हैं। यह चीज ईरानियन स्टेट टीवी ने खुद कंफर्म की। हजरत उस्म सैयद अली हुसैनी खमि दर सर बुलंद हराम जमूर इस्लाम ईरान शहादत ईरान में अब 40 दिन की नेशनल मॉर्निंग और

3:04 सात दिन की छुट्टी का ऐलान किया है। खामिनी अपने ऑफिस में थे जब यह स्ट्राइक हुई है। इसके साथ-साथ उनकी बेटी, उनके दामाद और पोती की भी जान गई है। इसके अलावा ईरान की सेना के कई सारे टॉप कमांडर्स भी एक डिफेंस काउंसिल मीटिंग में मारे गए। ट्रम्प ने कहा द पीपल दैट मेक ऑल द डिसीजंस मोस्ट ऑफ़ देम आर गॉन और तेहरान की सड़कों पर इसका रिएक्शन बटा हुआ रहा। एक तरफ कुछ लोगों ने जश्न मनाया तो दूसरी तरफ कुछ लोग रो रहे थे। जवाब में ईरान ने सिर्फ इजराइल पर ही नहीं बल्कि यूएई, क़तर, बहरेन, कुवैत सब पर मिसाइल्स दागे हैं। दुबई में धमाके सुनाई दिए। आबू धाबी में एक इंसान की जान गई मिसाइल डेबरी की वजह से। दोहा में यूएस के अल उदैद एयरबेस की तरफ धुआं उठ रहा है। बहरेन में यूएस नेवी के फिफ्थ फ्लट बेस पर तो डायरेक्ट हिट हुआ जिसका यह बहुत ही शॉकिंग वीडियो

3:50 भी सामने आया। ईरान की आर्म्ड फोर्सेस आईआरजीसी ने कहा कि उन्होंने 27 अमेरिकी मिलिट्री बेसिस पर हमला किया है। इस ऑपरेशन का नाम ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस फोर रखा गया लेकिन हमला सिर्फ मिलिट्री बेसिस पर नहीं बल्कि सिविलियन एरियाज पर भी किया गया है। इसका सीधा सबूत दुबई, कुवैत और बहरेन में देखने को मिलता है। जहां फाइव स्टार होटल से लेकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स को टारगेट किया गया। इमेजिन करो दोस्तों, इन्हीं गल्फ कंट्रीज में 1 करोड़ से ज्यादा इंडियंस रहते हैं। जहां-जहां मिसाइल्स गिर रही हैं, वहां आपके रिलेटिव्स आपके दोस्त हैं। लाखों इंडियन वर्कर्स हैं। इंडिया की एंबेसी ने एडवाइज़री जारी की है कि इंडियंस अटमोस्ट कॉशन बर्थ। इजराइल में भी अकेले 18,000 से ज्यादा इंडियन स्टूडेंट्स हैं। ज्यादातर गल्फ देशों की पूरी एयर स्पेस को क्लोज किया जा चुका है। सारी

4:36 फ्लाइट्स कैंसिल हो गई हैं। लेकिन अगर यह स्ट्र्राइक्स फुल स्केल वॉर में बदल गई, तो इसका इंपैक्ट और भी बहुत बुरा पड़ेगा। इंडिया अपना 50% से ज्यादा क्रूड ऑयल स्टेट ऑफ हॉर्मोस से इंपोर्ट करता है। अभी इंडिया 26 लाख बैरल्स ऑयल हर रोज गल्फ कंट्रीज से इंपोर्ट करता है। अगर ईरान ने हॉर्मोस को बंद कर दिया तो इंडिया का ऑयल सप्लाई रुक सकता है। रिपोर्ट्स आ रही है कि ईरान की फोर्सेस ने स्टेट बंद करने का ऐलान ऑलरेडी कर दिया है। एक्सपर्ट्स इसे इंडिया का नाइट मेयर सिनेरियो कह रहे हैं। सीधा असर होगा कि पेट्रोल डीजल महंगा हो गया। शिपिंग कॉस्ट बढ़ेगी। इनफ्लेशन बढ़ेगी और रुपी पर और भी दबाव पड़ेगा। और यहां पर टाइमिंग भी देखिए दोस्तों प्रधानमंत्री मोदी सिर्फ दो दिन पहले इजराइल से लौटे हैं। 25 26 फरवरी को मोदी इजराइल में थे। नेतन याू के साथ डिनर कर रहे थे। उनके पार्लियामेंट नेसेट में

5:22 स्पीच दे रहे थे। और अब यह देखो इजराइल डिफेंस ऑफिशियल ने रटर्स को बताया कि यह अटैक हफ्तों पहले ही प्लान हो चुका था। इसी कारण से कांग्रेस के लीडर्स ने सवाल उठाया है कि मोदीस फ्रेंड नेतन याहू ने इंडियास ओल्ड फ्रेंड ईरान पर अटैक कर दिया। ओवैसी ने कहा कि इंडिया ने हमेशा इस कॉन्फ्लिक्ट में न्यूट्रल पोजीशन रखी है। लेकिन अटैक से ठीक पहले इजराइल विजिट करना एक बहुत ही गलत मैसेज देता है। लेकिन इस पूरी सिचुएशन की सबसे दिल दहला देने वाली बात यह है कि ईरान में स्कूल्स पर भी अटैक किया गया। ईरान के शहर मिनाब में एक लड़कियों के प्राइमरी स्कूल पर बम गिरा जिसमें कम से कम 100 बच्चे मारे गए। यह दिन के वक्त में हुआ जब स्कूल भरा हुआ था। और आयरनी की बात देखिए कि इजराइल का ऑफिशियल अकाउंट फिर क्या ट्वीट करता है। इजराइल हैज़ द राइट टू डिफेंड इटसेल्फ। जबकि पहला हमला उन्होंने यहां पर किया। इस

6:08 करंट सिचुएशन की शुरुआत दोस्तों दिसंबर 2025 में हुई थी जब ईरान की इकॉनमी कोलैप्स हुई। करेंसी 40% गिर गई और खाने का दाम 72% बढ़ गया। ईरान में हिस्ट्री के सबसे बड़े प्रोटेस्ट शुरू हुए और ईरान की सरकार ने अपने ही लोगों पर गोलियां चलवाई। एस्टीमेट्स हैं कि 30,000 से ज्यादा प्रोटेस्टर्स मारे [संगीत] गए। ट्रंप ने रिस्पांस में कहा, "हेल्प इज ऑन द वे। मिडिल ईस्ट में 2003 की इराक वॉर के बाद सबसे बड़ा बिल्ड अप किया। लेकिन फरवरी के शुरू में लगा था कि शायद सिचुएशन ठंडी पड़ जाएगी। और स्ट्राइक से सिर्फ एक दिन पहले ही ओमान के फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा था कि यह जो पीस डील है अमेरिका और ईरान के बीच में यह विद इन रीच है। पीस डील इज [संगीत] विद इन आवर रीच। लेकिन अगले ही दिन बॉम्ब्स की बरसात होने लग जाती है।

6:54 वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक यह अटैक महीनों पहले ही प्लान कर दिया गया था। एलेजिडली सऊदी प्रिंस और इजराइल ने बार-बार ट्रंप को लॉबी किया था यह करने के लिए। ट्रंप का ट्वीट देखो यहां पर खुद को एकदम दुनिया का बॉस समझते हैं। ईरानियन लोगों को लिखते हैं कि व्हेन वी आर फिनिश्ड टेक ओवर योर गवर्नमेंट। ये स्क्रिप्ट साल 2003 की याद दिलाती है जब अमेरिका ने इराक पर वॉर छेड़ी थी। वो वाली वॉर 20 साल तक चली जिसका खर्चा अमेरिकन टैक्स पेयर ने दिया और नुकसान आम लोगों को। मिलिट्री ऑपरेशन। अब यहां पर ईरान इराक से दो गुना ज्यादा बड़ा है और बहाना दिया जा रहा है कि ईरान के डिक्टेटर को हटाने के लिए ईरान के लोगों के लिए शांति और डेमोक्रेसी लाने के लिए यह सब किया जा रहा है। टू प्रिवेंट दिस वेरी विकेड रेडिकल

7:41 डिक्टेटरशिप आवर ऑफ योर फ्रीडम एट हैंड। लेकिन देखने वाली बात यही होगी कि इससे आम लोगों को फायदा होता है या नुकसान। बहुत से लोगों को ऊपर ऊपर से देखकर लगता है कि ऑब्वियसली इससे फायदा ही होगा। आखिर एक देश का डिक्टेटर जो मारा गया है। लेकिन एक फॉरेन पावर का इस तरीके से इंटरफेयर करना चीजों को बद से बदतर भी बना सकता है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण है गद्दाफी और सद्दाम हुसैन। दोनों बड़े क्रूर डिक्टेटर्स थे। लेकिन अमेरिका ने जब इनवेड करके इन डिक्टेटर्स को हटाया तो यह देश और अनस्टेबल बन गए। आम जनता के लिए हालत बद से बदतर हो गई और नए आतंकवादी संगठन पैदा हो गए। अब सबसे बड़ा डर यही है कहीं ईरान भी इस तरीके से अनस्टेबल ना हो जाए। अगर आपको इस पूरी सिचुएशन के पीछे जियोपॉलिटिक्स को डिटेल में समझना है क्या इतिहास रहा है ईरान वर्सेस इजराइल और यूएसए का तो इसे मैंने इस वाले वीडियो में समझाया है। यहां क्लिक करके देख सकते हो।

8:34 [संगीत]

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