जो चाहो पूछो | शुद्ध हिंदी व्याकरण #1 | By Dr. Raghav Prakash Sir | REET | PATWAR | PSI | All Exam |

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो परिष्कार वर्ल्ड चैनल पर डॉ. राघव प्रकाश जी के साथ हिंदी व्याकरण और जीवन के महत्वपूर्ण पहलुओं पर आधारित है। इसमें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं, साथ ही मुश्किल समय में सकारात्मक रहने और सीखने के महत्व पर जोर दिया गया है।

  • मुश्किल समय में सकारात्मक रहने का महत्व
  • शुद्ध व्याकरण और समझकर सीखने पर जोर
  • प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मार्गदर्शन
  • छात्रों के प्रश्नों का समाधान

परिष्कार परिवार को श्रद्धांजलि

सविता जी ने परिष्कार परिवार के दो सदस्यों, डॉ. शिखा पालीवाल के पति तरुण पालीवाल और परिष्कार कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल डॉ. सचिन बजाज के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सभी से दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने का आग्रह किया और इस मुश्किल समय में मजबूत रहने की प्रेरणा दी।

मुश्किल समय में मार्गदर्शन

सविता जी ने बताया कि डॉ. राघव प्रकाश जी सोमवार से शनिवार तक रोज सुबह 9:00 बजे हिंदी व्याकरण और प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में मार्गदर्शन करेंगे। वे जीवन के अनुभवों और मुश्किल समय में मजबूत रहने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे। उन्होंने सभी से सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने और सकारात्मक रहने का आग्रह किया।

परिष्कार वर्ड का उद्देश्य

डॉ. राघव प्रकाश जी ने कहा कि परिष्कार वर्ड का उद्देश्य विषम परिस्थितियों में छात्रों का साथ देना है। सरकार ने कोरोना के कारण लॉकडाउन कर दिया है, लेकिन लॉकडाउन में जिंदगी कैसे जिएं, इसके लिए परिष्कार वर्ड छात्रों को तैयार कर रहा है। वे हिंदी व्याकरण पर बात करेंगे और छात्रों के प्रश्नों के उत्तर देंगे।

क्वालिटी और शुद्धता का महत्व

डॉ. राघव प्रकाश जी ने क्वालिटी और शुद्धता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिष्कार शुद्ध व्याकरण के लिए समर्पित है और यह पानीनी के संस्कृत व्याकरण पर आधारित है। क्वालिटी का ध्यान रखने से नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

जिंदगी की परीक्षा

डॉ. राघव प्रकाश जी ने कहा कि कोरोना महामारी जिंदगी की परीक्षा है और इसमें सफल होने के लिए सकारात्मक मानसिकता बनाए रखना जरूरी है। बुरी चीजों का रोना रोने के बजाय अच्छी चीजों से जुड़ना चाहिए। उन्होंने योग दर्शन के चित्तवृत्ति निरोध के सिद्धांत को समझाया और विपरीत परिस्थितियों से ध्यान हटाने की सलाह दी।

परिष्कार का कार्यक्रम

डॉ. राघव प्रकाश जी ने बताया कि परिष्कार ने विपरीत परिस्थितियों में भी छात्रों को अच्छी चीजों से जोड़ने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया है। वे घर से ही स्टूडियो बनाकर छात्रों को पढ़ा रहे हैं और सुरक्षित रहने का प्रयास कर रहे हैं।

सीखने का महत्व

डॉ. राघव प्रकाश जी ने सीखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सीखना जिंदगी का कर्म धर्म है और समझकर सीखने से चीजें हमेशा याद रहती हैं। परिष्कार समझाने और विश्लेषण करने की प्रक्रिया पर ध्यान देता है, जिससे छात्रों को चीजें आसानी से समझ में आ जाती हैं।

रटने से बेहतर समझना

डॉ. राघव प्रकाश जी ने कहा कि एक चीज को रटने से दूसरी चीज याद नहीं होती, लेकिन एक चीज को समझने से दूसरी चीजों को समझने में आसानी होती है। परिष्कार रटने वाली शिक्षा पद्धति को हटाकर समझने वाली शिक्षा पद्धति की ओर ले जाना चाहता है।

छात्रों के प्रश्नों के उत्तर

डॉ. राघव प्रकाश जी ने छात्रों के प्रश्नों के उत्तर दिए। शशि पूनिया ने महिला अधिकारी को पत्र में पद नाम संबोधन के बारे में पूछा, छोटूराम कलियां ने करुणासागर शब्द में समास के बारे में पूछा, और अभिषेक उपाध्याय ने रीट परीक्षा के बारे में जानकारी मांगी।

रीट परीक्षा की संभावित तिथि

डॉ. राघव प्रकाश जी ने रीट परीक्षा की संभावित तिथि के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा अगस्त के मध्य से अंत तक हो सकती है। उन्होंने छात्रों को 3 महीने तक अपने आप को संभाले रखने और मजबूत बनाए रखने की सलाह दी।

समास और संधि पर चर्चा

डॉ. राघव प्रकाश जी ने रीता रोठ के समन्वय शब्द के विच्छेद के बारे में बताया। उन्होंने राम पूनिया के पीतांबर में समास के बारे में संदेह को दूर किया और लोकेंद्र सिंह के जामवंत, भटनागर, गिरधारी, वानप्रस्थ, श्रेयस्कर, दूल्हा-दुल्हन आदि शब्दों का विश्लेषण किया।

लिंग और व्याकरण पर स्पष्टीकरण

डॉ. राघव प्रकाश जी ने पुलिंग और स्त्रीलिंग के बारे में स्पष्टीकरण दिया। बीके सोनू भाई ने भूगोल, कला-संस्कृति के लिए कौन सी बुक पढ़नी चाहिए, इसके बारे में पूछा। आशीष कुमार ने नायक में प्रत्यय और मूल शब्द के बारे में पूछा।

समास और तैयारी पर मार्गदर्शन

डॉ. राघव प्रकाश जी ने आर दिन में समास के बारे में बताया। घुमा राम सारण ने नीट की तैयारी के बारे में मार्गदर्शन मांगा। लोकेंद्र सिंह ने श्रीमान, सम्मान, विमान, भगवान और बागवान शब्दों के बारे में पूछा। कमल कुमार ने महाविनाशक में समास बताया।

प्रत्यय और उपसर्ग पर स्पष्टीकरण

डॉ. राघव प्रकाश जी ने नंदा राम जाखड़ के अन्य प्रत्यय वाले शब्दों के बारे में बताया। आर यू मिर्जा ने विचारधारा, आत्म परितोष, नतमस्तक और एकनिष्ठा में समास के बारे में पूछा। श्वेता उपयोगिता ने भटकता पूजा में उपसर्ग के बारे में पूछा।

संधि और समास पर विस्तृत चर्चा

डॉ. राघव प्रकाश जी ने संदिग्ध का अर्थ स्पष्ट किया। आर यू मिर्जा के शब्द में प्रत्यय के बारे में बताया। पंजाब शब्द का विग्रह और समास समझाया। जितेंद्र ने राजेश का संधि विच्छेद और ऋषि, मुनि, साधु और संत में अंतर पूछा।

कारक और वाच्य पर स्पष्टीकरण

डॉ. राघव प्रकाश जी ने सुखजिंदर कौर के शिष्य गुरु से विद्या ग्रहण करता है, इस वाक्य में कारक के बारे में स्पष्टीकरण दिया। आईएस जीनीयस विष्णु ने राजस्थान, उत्तरप्रदेश बहुव्रीहि समास क्यों नहीं होगा, इसके बारे में पूछा। सुरेंद्र कौर ने उषा पंखा में संज्ञा के बारे में पूछा।

काल और वाच्य के भेद

डॉ. राघव प्रकाश जी ने आज मैं आने वाले थे, इस वाक्य में काल के बारे में बताया। सुखजिंदर कौर ने लड़की ने खीर को खा लिया, क्या इसे कर्मवाच्य भी प्रयोग किया है, इस बारे में पूछा। पक्षी आकाश में उड़ते हैं, इसमें भावाचे है या नहीं, इस पर स्पष्टीकरण दिया।

अनावश्यक क्रियापद और उपसर्ग

डॉ. राघव प्रकाश जी ने वह विलाप करके रोने लगा है, इस वाक्य में किस प्रकार की अशुद्धि है, इस बारे में बताया। अध्यापक शब्द में मूल शब्द और उपसर्ग क्या होगा, इस पर चर्चा की। विसर्ग संधि में भ्रम को दूर किया और निशुल्क शब्द का संधि विच्छेद बताया।

जातिवाचक संज्ञा और अनेकार्थक शब्द

डॉ. राघव प्रकाश जी ने निम्नलिखित वाक्यों में जातिवाचक संज्ञा कौन सी है, इस प्रश्न का उत्तर दिया। प्रकाश चंद्र पुरबिया के हीरामन तोता में कौन सी संज्ञा है, इस बारे में स्पष्टीकरण दिया। राजस्थान उप निरीक्षक में हिंदी का अनेकार्थक शब्द टॉपिक है या नहीं, इस पर जानकारी दी।

कारक और प्रत्यय पर अंतिम प्रश्न

डॉ. राघव प्रकाश जी ने सुरेंद्र गुर्जर के कारक शब्दों में मूल शब्द क्या है, इस प्रश्न का उत्तर दिया। कणिका ने गायन कर रही है, इसमें कौन सा कारक है, इस पर स्पष्टीकरण दिया। प्रवीण कुमार ने चौमासा में कौन सा समास है, इस बारे में बताया। निम्नलिखित में कौन सा शब्द सही है, इस प्रश्न के साथ उन्होंने आज की क्लास का समापन किया।

आगामी कक्षा की जानकारी

डॉ. राघव प्रकाश जी ने बताया कि कल से वे अपनी तरह से पढ़ाएंगे और उनके खुद के प्रश्न होंगे। उन्होंने संधि को तैयार करके आने के लिए कहा और बताया कि वे रीट परीक्षा को फोकस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वे विश्लेषणात्मक ढंग से पढ़ाएंगे, जिससे छात्रों की ओवरऑल इंटेलीजेंस बढ़ेगी।

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Transcript

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0:00 आज हम आज शुरू करने जा रहे हैं डॉक्टर राघव प्रकाश जी के साथ उनके घर से ही मित्रों एक बहुत ही तनावपूर्ण समय आप लोगों ने पुजारा हम सब ने उतारा था को अनुचित थी बहुत सारे लोग हमारे बीच से गए आज मैं सर कोई कार्यक्रम देने से पहले बस 2 मिनट आपके लूंगी हमारे भी बीच में परिष्कार परिवार के दो सदस्य चले गए शेष डॉ शिखा पालीवाल आप जानते हैं आपको एजुकेशन साइकोलॉजी पढ़ाती हैं बीएड कॉलेज के प्रिंसिपल हैं उनके पति शेष तरुण पालीवाल हमारे बीच से चले गए और परिष्कार कॉलेज के बहुत ही मजबूत आधार स्तंभ वाइस

0:46 प्रिंसिपल डॉ सचिन बजाज भी हमारे बीच से चले गए तो बस हम कुछ क्षणों के लिए उनको अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे मैं आपसे निवेदन करती हूं कि 4 मिनट का हम मोहन रखेंगे उन लोगों को 10 सेकंड का हार्मोन रखेंगे और आप सब बजे बिलों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं श्रद्धांजलि दें साथ में सचिन जी और तरुण जी को भी याद रखें अब मोहन शुरू करते हैं हेयर पर अमीर व यह समय ऐसा है जब हम सब की परीक्षा है हम जानते हैं परमेश्वर की यह मुश्किल समय कि हर किसी ने किसी ने किसी परिचित को

1:34 खोया है हमारे बीच में से भी डॉक्टर सचिन बजाज और तरुण पालीवाल चले गए लेकिन परमेश्वर हम जानते हैं नियुक्ति के सामने किसी की कुछ नहीं चलती प्रभु जितने भी लोग अब इस संसार में प्रभु सब को शांति दे स्वास्थ्य दें और जो लोग हमारे बीच से चले गए हैं उन्हें मोक्ष प्रदान कर कि हम शांति शांति शांति मित्रों आर्य मुश्किल समय केवल हिंदी पढ़ना या कंपटीशन की तैयारी करना इसके लिए पूरा मूड बनना बहुत मुश्किल है हम भी जानते हैं पूरी दुनिया एक ही तरह के संकट

2:22 से गुजर रही है इस संकट के बीच में हमारे पुरोधा डॉ राघव प्रकाश जी रोज सुबह 9:00 आपसे रूबरू होंगे सोमवार से शनिवार तक वह हिंदी तो पढ़ाएंगे ही आपके कंपटीशन की बारीकियों को आपको बताएंगे ही लेकिन वह जिंदगी के उस दृश्य उनको भी आपसे शेयर करेंगे उन्नत तरीकों को आपसे शेयर करेंगे वह मूलमंत्र आपको देंगे जिससे हम मुश्किल समय में अधिक खड़े रह सकते हैं और मजबूत बने रह सकते हैं और अपने समय को काबू करते हुए हम खुद को और अपने परिवार को बचा सकते हैं मित्रों जो भी गाइडलाइंस कमेंट हमें दे ठीक है उसका पालन जरूर करें न अति जोश में

3:07 रहें ने लापरवाही रखें बल्कि बिल्कुल हमें ध्यान रखना है कि हम सब लोगों को मिलकर इस महामारी से लड़ना है मनुष्य की ताकत के आगे कोई चीज नहीं ठहरी वह लबालब बहते हुए पानी को कंट्रोल कर सकता है वह तूफान के आगे खड़ा रह सकता है ऐसी महामारियां मनुष्य के इतिहास में बहुत गुर्जर हैं लेकिन सबसे पाया है बहुत सारी पॉजिटिव चीजें हम लोगों के आसपास हो रही है हमें उनको याद रखना है मैं आप सबको और आपके सारे परिवार को सब परिजनों को सब परिचितों को मंगल कामना देती हूं पर इस स्टाप परिवार की ओर से कि आप स्वस्थ रहें खुश रहें और कॉन्फिडेंट रहें मैं मेरा समय तो

3:56 आएगा आप लोगों से विशेष बात करने के लिए हफ्ते में एक दिन में लूंगी लेकिन राघव प्रकाश जी आपको बहुत सारी में बताएंगे कुछ छोटी कहानियां सुनाएंगे आपको कुछ ऐसे लोगों के विचार आपसे शेयर करेंगे जिन्होंने दुनिया को एक दृष्टि दी है एक का दिशा दी है तो मित्रो अब समय है राघव प्रकाश जी का मैं आपसे लेती हूं विदा और हम मिलते रहेंगे नमस्कार अ अजय को को सब्सक्राइब करें हमारे YouTube चैनल बैंक आइकन को क्लिक करना ना भूलें जिससे आगे आने वाले सभी YouTube अपडेट्स वीडियोस

4:42 नोटिफिकेशंस आपको मिलते रहें हैं [संगीत] बहुत अच्छे शब्द आ नमस्कार मित्रो आपको इस समय विषम परिस्थितियों के बीच में आपके साथ होना बहुत जरूरी है और परिष्कार वर्ड इस दायित्व को निभा रहा है कि आप जानते हैं कि सरकार ने कोड़ा की वजह से लोग ज्वाइन कर दिया है बहुत जरूरी है लॉन्ग गाउन लेकिन लोग डॉन के भीतर हम लोग जिंदा तो रहेंगे चलेंगे सोचेंगे विचार करेंगे उस लोग लाइन में जिंदगी कैसे जिए आप उसके लिए

5:28 हम लोग गए तैयार रहें हैं उसी के बारे में कुछ शुरू में बात करूंगा और बात करने के साथ-साथ फिर मैं हिंदी तक बात करूंगा आज खास ओर से हमारे विद्यार्थी जिन्होंने बहुत पहले प्रश्न पूछें मैं उनके प्रश्नों को लेकर के उनके उत्तर दूंगा और मैं आपसे आमंत्रित भी करूंगा कि जिनको जो भी प्रश्न पूछने हो जिनको जो भी हिंदी से संबंधित योगी प्रश्न व्याकरण संबंधित वे कृपया जरूर आप एक प्रश्न पूछें हर यहां पर भी कमेंट में डाल सकते हैं इसके अलावा आप जो 6806 जो मैं अलग से लिखूंगा उस पर भी आप अपने डाल सकते हैं लेकिन हम आधे इंच के बराबर इंटरएक्टिव सेशन आप लोग भी पूछे और

6:16 हम लोग बताएं मैं नियमित रूप से एक टॉपिक ले करके उसके प्रश्नों को आप से हल करवाते हुए और हिंदी व्याकरण के साथ में चलूंगा का यह मेरा है क्रश लाल और इसके बीच में जैसा सविता जी ने कहा मैं कुछ जिंदगी की बातें करते रहेंगे क्योंकि हम लोग जिंदगी कि विपरीत परिस्थितियों से घिरे हुए आप मित्रों इस समय हम लोग जिन चीज़ों की ओर बात करेंगे वह यह देखो अ बिल्कुल फिर से क्वालिटी के अंदर लुक देने की कोशिश करेंगे आ आप जानते इसको पिछले एक साल से आप देख चुके हैं अब खूब अच्छी तरह से अपने सपनों तुलना कर लिए कि परिष्कार कमाई ने क्वालिटी और दूसरा क्वालिटी कमाई ने है इस

7:02 क्वालिटी कमाई ने नौकरी से है इसलिए अगर हम क्वालिटी को मेंटेन करेंगे तो हम जॉब लेंगे निश्चित रूप से तो इसमें व्याकरण तो हम सीखेंगे लेकिन यह शुद्ध व्याकरण सीखेंगे आप सब जानते हैं कि परिष्कार अब शुद्ध व्याकरण के लिए समर्पित है और खासतौर से पानी ने जो संस्कृत व्याकरण शुरू की उसके आधार पर फिर आगे चलकर के हिंदी के व्याकरण जरूर व्याकरण तैयार के उसके आधार पर परिष्कार की व्याकरण बनी है इसलिए हम लोग उसको करेंगे आ निश्चित रूप से यह खास बात है जरूर है जबकि निचुड़ता भी लगा हुआ नुकसान लगावे जरूर है यह बिल्कुल अगर हम लोग क्वालिटी

7:47 का ध्यान रखते हैं शुद्धता का ध्यान रखते हैं तो फिर नौकरी हमारे लिए जरूर है यह सीधा सा सूत्र इसको समझ लीजिए अच्छी तरह क्वालिटी को समझने वाले बहुत कम होते हैं और इसी लिए नौकरी लेने वाले भी बहुत कम होते जो क्वालिटी को समझते हैं वह बिल्कुल उस विषय को मैं बार अनुमति प्राप्त करते हैं और फिर रोते अब यहां पर आपके सामने इस समय बिंदी कि आपने काफी तैयारी कर ली जाए आप रीच के हूं और चाय आपको यह सब इंस्पेक्टर सकते हो पटवार के हूं हमारे दूसरे यदि सी और दूसरे रास्ता हाई कोर्ट और दूसरी और बहुत सी परीक्षाएं जहां हिंदी उसको लेकर आप पढ़ते रहें लेकिन फिर भी आपके मन में पढ़ते-पढ़ते जीवन जो जितना हम पढ़ते जाते

8:33 हैं हमारे सवाल बढ़ते जाते हैं इसलिए जो भी सवाल आपके हैं इसलिए आपको आजादी दी गई है परिष्कार ही यह आजादी देता है कि जो भी चाहो पूछ इसलिए इसमें आपके पूछने का आपके प्रश्नों का बहुत महत्व रहेगा मित्रों इस लिए इसमें आप रहेंगे यहां पर खासतौर से और मुझे जो बताना होगा वह तो मैं बताऊंगा कि आप मित्रों को ना हमारी परीक्षा है की जिंदगी में हम और परीक्षा देते रहते हैं लेकिन यह जिंदगी की परीक्षा है कुछ नौकरी की परीक्षाएं होती हैं और जिंदगी की परीक्षा और हमें इसमें भी सफल होना है जैसे नौकरी की परीक्षा में तो हमें सफल होना है लेकिन को रोना की परीक्षा में भी

9:19 सफल होना है आप सफल होने के लिए क्या क्या करना है इसको ना कि मैं यह कैसी मानसिकता अपने को बनानी है यह बहुत महत्व है आप मित्रों इस चीज को एक मंत्र के रूप में ले ली जिंदगी भर के लिए जिंदगी भर का मंत्र है सिर्फ करोड़ों का वक्त नहीं जब हमारे आसपास भुनी चीजें घट रही हूं है तो फिर बुरी चीजों का रोना रोते रहने के बजाए अपने आपको अच्छी चीजों से जोड़ी है कि यह महत्वपूर्ण सूत्र जिंदगी में बुरी चीजें पाएंगी विपरीत जाएंगे लेकिन आप उन बुरी चीजों से अगर उग्र चाहेंगे तो आपके ऊर्जा व ही खत्म हो जाएगी आप आगे नहीं पढ़ पाओगे आप सुधर जाएंगे लेकिन जिंदगी उलझने

10:06 का नाम नहीं है जिंदगी तो सूरज ने का नाम विद अभी को रोना आया है कॉर्ड उन्होंने अनेक प्रकार के संकट खड़े किए हैं स्वास्थ्य संकट खड़ा किया है भाई खड़ा कर दिया है पता नहीं मेरे काम करो ना हो जाएगा मेरे परिवार के लोगों की कोरोला को हो जाएगा अगर कोरोना हो गया तो उसके बाद में दवाई मिलेंगे कि नहीं अस्पताल मिलेगा कि नहीं बेड मिलेगा कि नहीं ऑक्सिजन मिलेगी कि नहीं फिर वापस हम जिंदा रहेंगे कि नहीं यह एक है हमारे लेकिन इसी के साथ दूसरा है और है कोरोना के कारण हम काफी समय से बंद और आगे भी पता नहीं कब तक बंद रहेंगे इससे आर्थिक संकट बहुत से परिवारों का काम नहीं कर पा रहे रोजगार ही नहीं रोजगार नहीं है तो खाने को नहीं है हम कौन व्यक्ति ऐसी स्थिति में हमको उद्धार देगा कि नहीं देगा उद्धार से भीम काम चलाएंगे क्वेश्चन आएंगे यह आर्थिक संकट कब है बहुत

10:54 हों की शादी वह रुक गए हैं उनके उन्होंने काफी खर्चा कर लिया और खर्चा करने के बाद में वह कहां पर नाचते को थ्रू उत्सव मनाते वह सब यहां पर बंद हो गए पाप सोचिए कि किस प्रकार की विपरीत परिस्थितियां इस समय है लेकिन यह तो अभी यह किस करती है और यह उजड़ जाएगी इस आई तो यह रहेगी भी नहीं लेकिन जिंदगी में बहुत से कुमार झा आते रहेंगे हर व्यक्ति की जिंदगी का अलग-अलग प्रकार के कोरोना होंगे और आते रहेंगे ऐसी स्थिति में क्या किया जाए कि यह जाए कि जो कुछ विपरीत नकारात्मक है जिस पर हमारा वर्ष नहीं है वहां से हम कम से कम अपने ध्यान को हटा सकते हैं ना वहां से अपने दिमाग को अलग करें देखो इसी को हमारे यहां

11:40 पर योग रहा है का योग पातंजलि का जो योग दर्शन है आप जानते इसकी परिभाषा के है योग की परिभाषा है चित्तवृत्ति निरोध कि हमारी जो हमारी चित्त की वृत्तियां जिधर जाती हैं जिन विषयों की ओर जाती है जिन लोगों की ओर जाते हैं जिन चिंताओं की ओर जाती है वहां से इसको रोको निरोध यानि रोकना तो चित्तवृत्ति को रोक तो चित्तवृत्ति तो जहां-जहां जाएगी तो फिर वह ऑयल होती रहेगी को रोना के बारे में सोचते रहेंगे बेरोजगारी के बारे में सोचते रहेंगे हम गरीबी के बारे में सोचते रहेंगे तो फिर हम लोग सोचते रहेंगे तो नीचे उतर आई नो उधर से उसको रुको यह चित्तवृत्ति

12:25 निरोध है देखो योग का मतलब केवल आसन नहीं है आसन तो उसका आठ प्रकार के योगों का एक रूप है आसन तो हम तो केवल योग का एक रुपए लेकिन कुल मिलाकर के मूल परिभाषा है चित्तवृत्ति का निरोध इस समय हमारे हमें क्या योग करना चाहिए को रोना के कारण जो कुछ विपरीत परिस्थितियों में मानसिकताओं में आशंकाओं में वह में हम फंसे पढ़ें परीक्षा होगी कि नहीं होगी कब होगी और फिर उसके बाद में नौकरी लगे कि लोग कि यह जो आशंकाएं यह आशंका है हमारी ऐसी चित्तवृत्ति को नकारात्मक बनाती इससे कुछ पल नतीजा निकलता नहीं लेकिन हम लोग ऐसी चित्तवृत्ति में जब चले जाते हैं तब बिल्कुल एक फालतू की जिंदगी जी रहे होते हैं और अपने आपको तनाव मिला रहे होते हैं

13:12 इससे अपने आपको रोक को इससे रोकना यही योग है तो इस समय को रोना काल में जो योग है वह योग है कि कोणार्क की वजह से जो विपरित परिस्थितियां हमारे सामने उपस्थित हो गई हैं उससे अपने आपको रोक हैं इसलिए जो बुरी चीजें समय घट रही है और बुरी चीजों का रोता रन एक बजाया रोना रोते रहने के बजाए अपने आपको अच्छी चीजों से जोड़े रखना यह एक विवेक संपन्न व्यक्ति का कर्म है और धर्म है और यही बात सोच करके हमने परिष्कार का एक कार्यक्रम शुरू किया है आप सोचिए कि पिछले तीन सप्ताहों से हम लोग बंद थे क्योंकि आधा जब हमारे परिवार में योग इस तरह से विदा अच्छा लगे तो हमने सोचा कि हम हमारे और दूसरे परिष्कार

13:57 कर्मियों को जिंदगी कि आप खत्म नहीं डालें अलग बेदी डेस्क पर इस प्रकार के कार्यक्रम से जुड़े हुए सहज रूप से जा रहे थे लेकिन कहां पर की चपेट में आ गए और आ करके एक अपनी जिंदगी को गंवा बैठे लेकिन हम नहीं चाहते थे कि हमारे और दूसरे साथी इस समस्या में आए मैं स्वयं भी सविता और हम सब लोग अपने आप को सुरक्षित रखना इसकी इसके धर्म कौन समझ रहे थे इसलिए हमने हमारे दूसरे साथियों को भी सुरक्षित रखने का सोचा और यह स्टूडियो हम लोग वहां कॉलेज में जाने के बजाय वहां पर स्टूडियो के सामने प्रस्तुत होने के वहां अनेक लोगों को बुलाने के बजाय अलग बनाया जा सकता लोग दिन में भी सरकार की ओर से प्रावधान है लेकिन

14:44 हमने ऐसा नहीं किया और यही सोचा कि इस स्टूडियो का हम लोग अपने घर में रख लेते और घर में यहां पर आप देखिए हम लोग तीन है कि इस कमरे में तीन लोग हैं मैं हूं कविता है और सविता का जो बेटा है युगांतर है वह सब इसको आईआईटी को देख रहा है सारा वह संचालित कर रहा है और इसके अलावा घर पर बैठे हुए हमारे आईआईटी के और उसे साथ हैं वहां पर हमारे दूसरे साथी संजय भाई वहां पर हैं वहां पर ओम हैं और वहां अरविंद है यह सब लोग दूसरे साथी वहां पर इन चीजों को देख रहे हैं तो इस प्रकार से हम अपने घर से इस कार्यक्रम को आपके लिए चला रहे हैं यह काफी विपरीत परिस्थितियां लेकिन इन विपरीत परिस्थितियों का रोना रोते रहने के बजाय हमने सोचा कि हमारे साथी जो घरों में

15:30 बंद रहेंगे अब कहीं आजा भी नहीं रहेंगे एक गांव से दूसरे गांव में जाना भी अब संभव नहीं है और आखिर वह क्या-क्या यूज करेंगे इसलिए हमने सोचा कि उनको अच्छी चीजों से कैसे हम जोड़ें इसलिए अच्छी चीजों से जोड़ने के लिए हम यह सिर्फ डायलॉग नहीं लिख रहे हैं संवाद नहीं लिखे करें इसके अनुसार हम लोग वैसा काम कर रहे हैं और यही हमारा इस समय काम है मित्रों को हैं आप अब मैं आता हूं देखो सीखना आप लोग जो नौकरी के लिए सीख रहे थे ऊपर करके थक गए होंगे लेकिन नहीं सीखा नौकरी काफी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है सैनिकों ने से नौकरी मिलती है लेकिन सीखना तू जिंदगी का कर्म धर्म है हम यहां पर आए जिंदगी में तो बराबर सी करके और हम अपने

16:16 आपको या कि का आप क्या हुआ है प्लज़ रीड की बिल्कुल क्लासेज शुरू कर देंगे जो स्थितियां ठीक होंगी मित्रों पार री सभी क्योंकि निश्चित रूप से भी मेरिट में बात करूंगा रीटा भी काफी आगे खिसक रही है ऐसी स्थिति में आ तब तक यह स्थिति है ठीक हो जाएं फिर हम रीड कि हमने तो तैयार किया हुआ था बीच का और बीच का भी फॉर और की सारी कविठाई लोग खड़े कर हमारी बहुत अच्छी तरह से तैयार थे और हम शुरू करने लॉन्च करने जा रहे थे इसके लिए लेकिन अब ऐसी स्थिति में फिलहाल हम अपने आप को बचाएंगे हमारे साथियों को बचाएंगे ताकि हम वो कार्यक्रम करने के लिए आपके सामने उपस्थित हो सके देखो सीखना कभी थकता नहीं

17:02 अगर हम उसे समझ कर सकते हैं कि मैं यहां पर बेसिक बात करना चाहता हूं दोस्तों आपमें से ज्यादातर शिक्षक बनना चाहते हैं आप अभी तो सीख ही रहे हैं और बाद में सिखाएंगे भी सीखना अगर समझ करके सीखना तो वह नहीं था आएगा क्योंकि मनुष्य के भीतर बराबर जिज्ञासा नई नई चीजों को जानने की उसमें अंतर्निहित क्षमता है वह नई नई चीजों को जानना चाहता नई चीज जो है उठाती नहीं बल्कि उत्साहित करती है और रोमांचित करती है नई चीजों को समझने से हम लोग इस लिए ब शर्ते रखी नहीं जाए समझने से विपरीत के हाथ ना अ कि अब अगर कोई बटाएगा वार्ता तथ्यों को फैक्स को हटाया जाता है

17:49 तो उन शक्तियों को घर की उम्र हटाएंगे और आप क्यों अरेस्ट करके सीखेंगे तो आप देखेंगे इसलिए रखना थक जाता है लेकिन अगर आप रखेंगे नहीं आप चीजों को समझना चाहते हैं तो फिर समझने की गहराई में जाएंगे और आप वहां पर रखेंगे नहीं इसलिए मित्रों सीखना कभी थकता नहीं अगर हम उसे समझकर सीख सकें और आप जानते कि परिष्कार की प्रकृति समझाने की प्रक्रिया विश्लेषण की प्रकृति रहिए इसलिए वह इसलिए आप और इस कार को बहुत पसंद करते हैं क्योंकि उसी से आपकी चीजें दिमाग में बैठती हैं फिर आप उनको बहुत मजबूती से तैयार करती है कि अगर हम समझकर सीखते हैं तो हमें पक्का पक्का याद रहता है बे को याद रहने का

18:37 हमारा लक्ष्य होता है यह याद रहेंगी परीक्षा में तो हम को नौकरी मिलेगी हम ज्यादा प्रश्नों को हल करके लाएंगे अब याद कैसे रखे जाएं और इस कार्य सोचता है कि अगर हटाओगे केवल केवल संधि हटा दूंगा उस पर डालूंगा उससे वह चीज वहां पर याद आए नहीं आए इसकी कोई नहीं हम लोग की स्मृति में कोई भी चीजें ज्यादा गहरा इससे जाती हैं हमारे अवचेतन और अचेतन मस्तिष्क वह चीजें ज्यादा बैठती हैं जो समझकर होती इसलिए हम लोग समझ करके इन चीजों को पक्का पक्का याद पर इसलिए जो लोग थोड़े से जल्द बाद मैं आप में से जो रखने पर विश्वास करते हैं और जो समझने में लगता है कि इसमें तो समय जा रहा है समय बर्बाद जारी योर वे लोग सही अपने साथ खुद के साथ न्याय

19:22 नहीं कर रहे थे और परीक्षा में बच्चा खाएंगे इसलिए मित्रों आप लोग भीतर अच्छी तरह से समझ लो कि सीखने का मतलब है समझना समझने का मतलब है पक्की पक्की तोड़ पर याद रखना और पक्के तौर पर याद रखने का मतलब है अधिकतम प्रश्नों को सही करना और नौकरी लिया यह मैं एक-एक करके आपको सीढ़ियां बता रहा हूं को पिक चीज को रखने से देखें बारी की सूची आप लोग आप लोग सब्सक्राइब लोग हैं मैं एक चीज को रटने से दूसरी चीज याद नहीं हो जाती है कि ताजमहल कब बना इस तथ्य को झड़ने से लाल किला कब बना यह आपको याद नहीं रहेगा लाल किले उपलक्ष याद करना पड़ेगा ऐ

20:09 कि हमारे महाराणा प्रताप की ने क्या-क्या काम किया इसको रखने से हमारे दुर्गादास राठौड़ ने क्या काम किया यह याद नहीं रहेगा क्योंकि तब तक केवल एक से जुड़ता है बस खत्म लेकिन देखो समझने में क्या होता है एक चीज को रटने से दूसरी चीज याद नहीं हो जाती किंतु एक चीज को समझने से हम दूसरी चीजों को समझने में अधिक होशियार हो जाते हैं यह ताकत आप लोग सब समझदार लोग हैं शिक्षा से जुड़े हुए लोग हैं इसलिए बारी की चीजों को देखिए परिष्कार किस दिशा में चलता है परिष्कार के टी-शर्ट किस दिशा में ले जाते हैं वो आपको और दूसरी जगह क्या हो रहा है वह उठाने की जो चीज हैं वह हटाने की चोर वहीं तक सीमित रहेगी और वह

20:55 भी उस समय याद नहीं आएगी तो गए और अगर आप समझने की दिशा में जाओगे अगर आपने हिंदी को चित्र से समझ संडे को अच्छी तरह से समझ लिया तो उस पर को आप बहुत अच्छी तरह से समझ लेंगे अगर संधि रुखसत को आपने अच्छी तरह से समझ लिया तो फिर कि को समझने में अच्छी तरह से मदद मिलेगी अगर आपने हिंदी को अच्छी तरह से समझ लिया तो फिर समाज विज्ञान आपको अच्छी तरह से समझ में आने लग जाएगा फिर आपको गणित अच्छी तरह से समझ में आने लग जाएगा यह समझने का इसलिए समझना एक ऐसे सीधी बनाता है कि जिस सीढ़ी पर खड़े रहकर के आप दूसरे विषय की दूसरी सीढ़ी दूसरे में से किसी को छोड़ सकते हैं उस विषय की सीडी को तो चढ़ी जाएंगे लेकिन दूसरी विषय की सीडी को समझ जाएंगे यह समझिए कि यह मैं बात आपको अनेक बार कह रहा

21:40 हूं कैसा रहा हूं लेकिन यह बात जितनी बार की जाए उतनी ही कम है क्योंकि पूरी दुनिया में जो कुएं में भांग पड़ी हुई है और रचने की भांग पड़ी हुई है और हम परिष्कार में रखने वाली शिक्षा पद्धति को वहां से हटा करके और समझने वाली शिक्षा पद्धति की ओर ले जाना चाहते हैं में आ देखो अब इसके बाद में मैं सबसे पहले हमारे काफी अरसे से हमारे यहां पर जिन बच्चों ने प्रश्न दिए हैं उनको आपके सामने प्रस्तुत करता हूं यह प्रश्न तो किसी एक स्प्रे ने पूछा लेकिन यह प्रश्न तो हमारी सभी के लिए और इसमें से बहुत सी जगह मैं आपसे भी कहूंगा कि आप भी टिप्पणी करके और बताएं और इस प्रश्न का सही उत्तर क्या हो सकता आपकी समझ में क्या हो सकता मैं तो

22:26 एक्सप्लेन करूंगा करूंगा देखो हमारे शशि पूनिया है सर किसी महिला अधिकारी को पत्र में पद नाम संबोधन आदि का संपूर्ण विश्लेषण करें आशीष जी पदनाम जो है वह स्त्रीलिंग और पुल्लिंग नहीं होता और इसलिए हमको उस रूप में नहीं करना चाहिए हालांकि कुछ पलों में ऐसा कर दिया है प्रधानाध्यापक का प्रधानाध्यापिका कर दिया और ऐसी स्थिति में महोदय जी के मध्य कर दिए बस इतनी सी बात है लेकिन सब जगह ने जिला कलेक्टर का कोई फीलिंग नहीं होगा ग्रेड महिला जिला कलेक्टर पद पर बैठी हुई है तो बिल्कुल आप कि यहां पर आप चाय महोदया ने लिखें कोई मतलब नहीं है आप किसी व्यक्ति को पत्र नहीं लिख रहे हैं आप एक पदनाम को पत्र लिखने और पदनाम वहां पर

23:11 पुलिंग रूप में यह एक सामान्य रूप में है यह सामान्य प्रश्न है जोशी दास आफ थे रिच और दूसरी ओर परीक्षाओं नहीं है लेकिन मैंने इन्होंने प्रश्न पूछा मेरा धर्म है कि जिन जिस विश्वास के साथ ही प्रश्न पूछते हैं उसी विश्वास के साथ में उत्तर भी 21 करुणासागर शब्द में समास कौन सा होगा बिल्कुल छोटूराम कलियां करुणासागर अब आप खुद विचार कर लीजिए आप लोग विचार की जो खुद भी प्रश्नावली वितरित मेरे लिए भी है कि Bigg Boss का विग्रह क्या होगा करुणा सागर कमीज क्या हुआ करुणा का सागर है यह है करुणा गया और उसका समुद्र कोई ऐसा व्यक्ति अर्थ क्या हुआ कोई ऐसा व्यक्ति विशाल व्यक्ति जो बहुत करुणा करता है सब

23:58 परिक्रमा करता है कि समुद्र का मतलब क्या है समुद्र का मतलब है कि बहुत अधिक विस्तार बहुत अधिक गहराई तो एक ऐसा व्यक्तित्व जो दूसरों पर करूंगा करता है वह करुणा का सागर हुआ अब यहां पर का आ गया का क्या है कारण चलने का रक्षण का जब लोग होता है तो आप मालूम में कौन सा समास होता है अब आप खुद समझ गए होंगे करुणा का सागर करुणा का सागर ता या तो फिर यह कौन सा का यह हमारा संबंध तक पुष्ट हो गया समन सब कुछ अब देखो मैं समझने की बात कह रहा हूं छोटूराम ने यह प्रश्न पूछा था यह प्रश्न तो आप पूछेंगे पूछेंगे क्योंकि जब आप अच्छी तरह से उसका अर्थ जान लेंगे

24:44 तब भी प्रश्न पूछेंगे क्योंकि आप कंफर्म होना चाहेंगे कि यह बात सही है या नहीं लेकिन उसके पहले आप खुद भी सोचिए कि इसका विग्रह क्या हो सकता है इसका विरोध और करुणा का सागर है तो करुणा का सागर है तो फिर यह समय तक पूरा होगा कि आरक्षण का लोग है तो अब आप इसकी समझ में चले जाइए जहां देख जहां कारण चीन के लोग होंगे वह तत्पुरुष समास होंगे अब आंखें की संबंध वाला है संबंध संबंध कारक है इसलिए यह देखो आ यह अभिषेक उपाध्याय लिख रहे प्रणाम गुरुदेव चीज के बारे में कुछ बता दीजिए कब तक होगी और इस परेशानी भरे माहौल में यह देखिए बच्चों के सामने किस तरह से अपनी पढ़ाई को कंफर्म करें यह समय बच्चों

25:29 आपका सब का संकट है जो अभिषेक उपाध्याय ने लिख दिया है आपको मालूम है परीक्षा कब की हो जानी चाहिए थी लेकिन किसी न किसी वजह से आगे बढ़ती गई और हम तो जो है शिक्षा मंत्री ने भी घोषणा कर दी है आज अखबार हम आया है कि यह है अब हमारी जून में यह नहीं होने वाली वीडियो उनको नहीं होने वाली है अब कब होगी मैं इसका थोड़ा सा अंदाजा आपको बता देता हूं ये देखो अभिषेक के माध्यम से आप सभी विद्यार्थियों के विपरीत परिस्थिति में अपने आप को संतुलित रखने का नाम भी है मजबूत व्यक्तित्व मजबूत व्यक्तित्व विपरीत परिस्थितियों में भी विचलित हो जाता है लेकिन आप विपरीत परिस्थिति में अपने आप को संभाले रखता है और कमजोर व्यक्ति तो विचलित हो जाता है इस

26:16 समय विचलित होने का सवाल नहीं हम विचलित ना आप क्या होने को है पहली बात जो अभी अनिश है वह अंश यह कोर्णाक पहला है कोर्णाक अकोनकागुआ रोना को लेकर के अंश व इसका समय कब तक रहेगा हम अंदाजा लगाते हैं कि को ना मई के महीने में बिल्कुल नीचे आ जाएगा बिल्कुल निशा जाएगा क्योंकि लॉन्ग गाउन जो है लोगों सबसे बड़ी चैन को तोड़ने का सबसे अच्छा काम है और यह अब कंप्लीट जो लॉन्ग गाउन हमारे यहां पर हुआ और लगभग गैप लगभग कुछ राज्यों को छोड़कर के पूरे देश में राज्य सरकार उन लोगों दबाव जारी कर दिया खासतौर से राजस्थान में नुकसान हमारे मुख्यमंत्री जी बहुत ले ज्यादा प्रभाव के

27:02 साथ में तत्परता के साथ में और बहुत अच्छे विवेक के साथ में चीज को अच्छी तरह से लागू करते रहे पिछले साल से इस बार भी तो उन्होंने पहले से ही रोक दिया था हमको अभी 15 दिन तो हमको वैसे रोकने होंगे और अब बिल्कुल कर दिया के एक गांव से दूसरे गांव में मिल जाएंगे कोई मोटरसाइकिल भी नहीं चलेगी कोई कार्रवाई नहीं चलेगी तो फिर ऐसी स्थिति में अगर हम लोग है तो एक कोना की जो करुणा की जिंदगी जो है वह आप सिर्फ 15 दिन होती है 15 दिन कि अगर कठिन की जिंदगी है तो 15 दिन में जिसके पास जो करो ना जिस घर में उसके साथ जो कुछ होना होगा इसको हम उम्मीद करते हैं कि मई के अंत तक बिल्कुल काफी नीचे

27:48 जो कुछ थोड़ा सा रहेगा लेकिन कम रहेगा और मई के अंत तक हो जाएगा सरकार के अंत में अपना फिर से वापस से मूल्यांकन में एक मैं सोचता हूं कि 15 जून तक यह 15 जून तक हमारी स्थिति काफी सामान्य हो जाएगी मैं सामान्य की बात कर रहा हूं 15 जून सकते हैं कुछ सामान्य होने के बाद मैं देखो आप सब जानते उन्हीं तथ्यों के साथ मैं भी बात कर रहा हूं और आप लोग भी इसको समझाएं 15 जून तक गर्म सामान्य हो जाते हैं तो उसके बाद सबसे पहले हमारे सीनियर सेकेंडरी 12वीं के स्कूल खुलेंगे परीक्षा लेने के लिए सबसे पहले बारहवीं के बच्चों की चिंता है क्योंकि उनको स्कूल से 12वीं का

28:34 सर्टिफिकेट ले करके और आगे हायर एजूकेशन में एडमिशन लेना तो सरकार की जो सबसे पहली पार्टी है अपराइट यही है तो आ तू देखो जो प्राचीन अप्रैल ठीक है वह यह है तो तरफ 15 जून तक यह होगा उसके बाद परीक्षा होगी परीक्षा में लगेगा कम से कम एक महीना एक महीना तो हम 15 जुलाई तक 15 जुलाई तक इस परीक्षा तक पहुंच गए और उसमें यह 12वीं की परीक्षा होगी 12वीं की परीक्षा है और उसके बाद फिर हमारा नंबर बाद में आता है यह परीक्षा किसी भी हालत में अगस्त से

29:21 पहले नहीं हो सकते हैं अगस्त के मध्य से अंत तक यह परीक्षा होगी अंत तक को इसी बीच में ईडब्ल्यूएस के फॉर्म भराए जाएंगे 15 दिन से क्योंकि अभी उनके फॉर्म नहीं भरे इसलिए उनकी इमेज की छूट मिली है तो ऐसी स्थिति में अभी और दूसरे उपयोग हमारे बीच में आने वाले हैं वह सब काम इसमें होगा और इसलिए यह अगस्त के मध्य तक यह अगस्त के अंत तक अगर सितंबर का पहला सप्ताह भी चला जाए तो आप आश्चर्य मत कीजिएगा इसका मतलब हम अगस्त के अंत तक इस परीक्षा को आयोजित नहीं कर पाएंगे अब अपनी मानसिकता बना लीजिए हमारे पास में जुलाई और अगस्त 3 महीने हैं हमारे पास 3

30:07 महीने तक हम लोग अपने आप को संभाले रखें और मजबूत बनाए रखें में आ यह देखो भी था संस्कारी की समन्वय का विच्छेद क्या होगा अब देखो यह बहुत सीधा समस्याएं हैं है यह समन्वय है कि यह हमारी रीता रोठ कि जो अ जो संकट है समस्या कि वह समस्या संकट बढ़ता है कि जब आप चीजों के विश्लेषण करने की ओर जाति हमें विश्लेषण की ओर जाना चाहिए देखो अब विश्लेषण करेंगे हमारे परिष्कार से जुड़े और काफी विद्यार्थी बहुत इसको आसानी से कर लेंगे इसका शहर के समन्वय का विच्छेद क्या होगा यह संधि है या नहीं

30:53 बताने की कृपा करें कि अब अगर हमको विश्लेषण अच्छी तरह साफ मैं सोचता हूं कि आप में से बच्चे आपको खुद व यह पटवार की परीक्षाएं बच्चों तब होगी मैं देख रहा हूं पटवार के बारे में पूछ रहे हैं यह साफ फिर बाद में एक-एक करके एक सप्ताह-दो सप्ताह के गैप के साथ ही परीक्षाएं होंगी और यह सब परीक्षाएं पटवारी की परीक्षाएं बिल्कुल अगस्त से पहले नहीं होंगी इसलिए पटवाल की परीक्षा हो और पुलिस सब इंस्पेक्टर की परीक्षा एवं सब कोई भी परीक्षा अगस्त के पहले नहीं होगी सितंबर में इनकी संभावनाएं होंगी अगर अगर हम लोग 15 जून तक हम हमारे स्कूल को परीक्षा के लिए खोल देते जो खोलेंगे हमारा खोलने का होगा लेकिन यह ध्यान रखिएगा का यह है अ यह राजस्थान की बात है दूसरे

31:40 राज्यों की यूपी जैसे राज्यों का चीजों का घर संभालना मुश्किल हो गया तो अखिल भारतीय परीक्षाएं और भी आगे जा सकती क्योंकि अखिल भारतीय परीक्षा में पूरे देश के बारे में ध्यान रखना होता है है तो ऐसी स्थिति में राजस्थान में 12वीं कि बात कराऊं राजस्थान से संबंधित परीक्षाएं बिल्कुल समझ में मैं आप मुझसे बच्चों ने बहुत हमने इसमें कर दिए या कर दिया मैं सरिता पारीक ने देखो सब बच्चे जो है यह है समुद्र कि आप देख यह समुपस्थितम् यह मैं और मैं से क्या निकालेंगे निकालेंगे और अ यह अन्वय हो गया अब आप जानते हैं कि वे के पहले आधार बन जाएगा तो वैकुंठ बदलकर कि आप अनूपशहर करेंगे और अनु और फिर यह आए हो जाएगा और अगर वह में बदलता है फिर संधि कौन सी होगी

32:28 यह संधि व्यंजन संधि होगी तो इसमें समुद्र और अनूप शहर के दो तो है इसमें उत्तर और यह ऐसे प्रश्न या सकता समन्वय में कितने अपसव्य या कौन सा शब्द है जिसमें दो उपसर्ग हैं तो समन्वय में बॉक्सर गए एक ऐसा काम और एक अनु और इसमें संदेह है या तो जैसे हमारे काफी बच्चों ने काफी बच्चों ने आ हिंद टॉर्च बंद किस प्रकार का आता है देखो यह तो हिंदी में निबंध इधर तो है नहीं तो आदेश में आते हैं निबद्ध तो उसके बारे में बाद में बात करेंगे है अब चलिए यह देखो मां राम पूनिया अ हां सर नमस्कार पीतांबर में बहुव्रीहि समास है इसमें कोई संदेह नहीं लेकिन उन्हें गहरा कुलदीप भाई खुद ही ओमाराम कह रहा हूं आराम दुनिया कह रहा है फिर इसमें

33:14 पीतांबर में कोई शक नहीं है लेकिन माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की किताब में कर्मधारय समास बता रखा है यह दिए परीक्षा में आ जाए तो क्या करना है कर्मधारय समास एवं बहूब्रीहि समास भिक्षु परीक्षार्थी अपनी स्क्रीन सिस्टम भी होती है इसमें तो कोई संदेह नहीं कि कर्मधारय समास जो है वह बिल्कुल बाहरी समाज क्यों है पहले इसको समय लीजिए क्यों है कर्णधार पीतांबर को पीतांबर में पीड़ित और नंबर है को पित्त कहते पीले को अंबर कहते हैं वस्त्र को कैमरे ने आकाश में होता लेकिन नंबर यूनिवर्स पीला वक्त कि आप पीतांबर जो शब्द चल पड़ा दो अर्थों में काम में आता है है एक तो पीतांबर स्वयं पीला वस्त्र धारण करके हुए कृष्ण को कहते हैं पीतांबर

34:01 पितांबर मींस पीला वस्त्र धारण किए कृष्ण तो जब कृष्ण के लिए है तो बुरी है पितांबर लेकिन अगर राम नाम का चोला पीतांबर कैसे धारण किए चले तो वहां पर भी पीला वस्त्र एक खास प्रकार का वस्त्र है जो राम नाम जिस पर लिखा हुआ राम राम राम राम राम राम हरे हरे कृष्ण हरे कृष्ण दिखाए वह भी पीतांबर दें इसके अलावा बहुत से जो कृष्ण के भक्त होते हैं उपासक होते हैं वह पीला वस्त्र धारण के पीली धोती पहने हुए रहेंगे पीला और और जो है वह हमारे अंदर वस्त्र और दूसरा धारण किए हुए होंगे पीले रंग का वह भी पीतांबर है किसी भी यह मैं पीले कपड़े पहने हूं अब इसको कोई भी पीतांबर नहीं कहेगा अरे जो नहीं कहेगा एक पीला वस्त्र

34:49 एंड व्यवस्था है वह पीला है लेकिन इसको पीतांबर नहीं करेंगे जब अगर पीतांबर का इस यहां से खुला अर्थ है ही नहीं तो फिर बताइए यह हमारा कर्मधारय समास कैसे हो सकता है यह तो फिर बहुत ही अच्छा होगा ना विशिष्ट अतिथि इसलिए पीतांबर कार चाय कृष्ण के हाथ में हो और चाय पीने वस्त्र जो कृष्ण संप्रदाय से संबंधित जुड़े हुए लोग काम में लेते हैं उसके लिए तो यह दोनों ही अर्थों में एक बाहरी समाज से इसलिए बहुव्रीहि समास यह हमारे हमारे डिस्क और इसमें तो कोई संदेह नहीं यह तो बहरी हो गया है तो प्लीज हमारे ओम राम को संदेह नहीं लेकिन हमारे बहुत से साथियों को अगर संदेश था तो उनको दूर हो जाना चाहिए समझे दूर कर लेना चाहिए पीतांबर बहुत ही समाज अब देखो आइए परीक्षा प्रभात

35:36 है क्योंकि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड में अनेक गलतियां हैं उनमें से एक गलती यह भी है और है काल में बहुत सी गलतियां यहां बहुत सी गलतियां किताब में काफी गलतियां काफी गलतियां ठीक करवा दी थी लेकिन काफी गलतियां अभी भी है अब आ गई परीक्षा के पास अब कर परीक्षा में हमको तो नंबर लेने नौकरी लेनी है है अब देखिए पीतांबर के विकल्प एक ही Aa Gaya पीतांबर का विकल्प दिया गया कि कर्मधारय आ गया वहां कर्मधारय आ गया कि गुरुवार गया कि वह बीच गुरुवार गया और वहां तत्पुरुष दिया गया ऐसे तक पुष्टि अलग ही कर्णधार तत्पुरुष कई प्रकार है और वहां पर आ गया हर इसके साथ-साथ बंद सा गया दोनों आगे अगर

36:21 देखो यह है तब तो आप आराम से कर्णधार लेकर जाओ ना तब तो कोई दिक्कत है अगर कर्मधारय नहीं आए और यहां पर आ गया बहु री यह बहु लिया गया तो आप बहुत ही कर देंगे अब संकट यह है कि नहीं साहब हमारे तो बहुत ही भी अज्ञात कर्णधार भी आ गया ऐसी स्थिति में हमको इसको भंवरी चुन लेना चाहिए देखो भले यह प्रश्न दद्दू होगा यह तय है अगर ये दोनों विकल्प आ गए तो फिर यह प्रश्न होगा रद रद क्यों होगा का या माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने इसको कर्मधारय कर रखा है तो बच्चे कर्णधार करेंगे उसके अनुसार यह किताब लिखिए यह देखिए हमने तो हम तो कर्मधारय करके आए वे दूसरी तरफ और दूसरी जो बच्चे

37:08 हैं वह कहेंगे कि साथ यज्ञ विशिष्ट अर्थ धारण कर चुका है तो किताब है कि लेकिन किताब गलत है इसलिए भले आप कर्मधारय को गलत न माने लेकिन इस प्रश्न को तो आपको गलत मान नहीं पड़ेगा इसलिए प्रश्न फिर दूं करके रहेगा यह परीक्षा की स्थिति है तो मैंने तीन विकल्प के सामने बता यह केवल इसके बाहर नहीं यही नहीं और अनेक जगह पर ऐसे प्रश्न आएंगे नंबर वन अगर यह कर्मधारय आ जाए तो कर्मचारी चुन लीजिए क्योंकि यहां पर भंवरी नहीं है लेकिन अगर और अगर कर्णधार इस जगह बहुत ही आ जाए तो फिर बहुत ही चुन लीजिए क्योंकि यहां पर कर्णधार ए नहीं है और अगर बहु रियल कर्णधार आ जाए तो आपको बहुत ही चुन लेना चाहिए और उस दृष्टि से आप इसमें आगे बढ़ सकते हैं है अब देखिए चलिए यह लोकेंद्र सिंह लौकी

37:55 बन्ना लौकी बनना है लोकेंद्र सिंह करें सर जाम मंत्र भटनागर गिरधारी वानप्रस्थों श्रेयस्कर दूल्हा-दुल्हन आदि का विश्लेषण सुधार देने के लिए कृपा करें देखो अब यहां पर बहुत से शब्दों के विश्लेषण की कोई जरूरत है नहीं और इसलिए अनावश्यक हम दिमाग नहीं खराब करें यह जामवंत है भटनागर जो जामवंत है बिल्कुल एक नाम है भटनागर जो है हमारे काश तुम का एक गोत्र होता है भट्ट कहते हैं बिल्कुल योद्धा को भी कहते हैं भट्ट और बुद्धिमान व्यक्ति को कहते नागर का मतलब जो चतुर वहीं अगर से नागर बनाएं गिरधारी यह मूल तक गिरी है यदि कुदारी तो गिरी को धारण करता है वह कृष्ण के अर्थ में और बहुत ही समाज हमारा वानप्रस्थ देखो यह है वह

38:43 व्वन प्रेस है तो वन वन बना है कि सेवन से वन से प्रत्यय अलग करके यहां पर ऐप टेलर गया और बांध फर्स्ट है तो पहले नहीं प्रयोग करके इस तरह निश्चित तो जो वन में स्थित विशेष रूप से वन में ही रहता है वह वापस हो गया हमारा यह अनूप तो कोई है हमारा श्रेष्ठ क्रश है कर यह विसर्ग संधि यह जो श्री कल्याण करने वाला उस अर्थ में और दूल्हा और दुल्हन यह हमारे फारसी भाषा के शब्द हैं इनके कोई संधि विच्छेद की जरूरत नहीं है कि मेरा एक सवाल है गुरुवर आपने अपनी एक व्याख्यान में पुलिंग को कम उम्र और लिंग बताया दूसरे वीडियो में कुछ और लिंग देखो संस्कृत व्याकरण में मुस्तैद पुलिस है और इसलिए आप इसको छोड़िए आप और पुष्प और लिंग को कई पुष्प कहते हैं पुरुष को तो स्त्री

39:31 और पुरुष दोनों अलग-अलग प्रकार की जेंडर है तो इन दोनों के जेंडर के लिए संस्कृत में शब्द पुरस्कार थे पुरुष और ऐसी स्थिति में आप उस वाली संधि को आप सही माने में कि आप भी के सोनू भाई करें भूगोल कला-संस्कृति के लिए कौन सी बुक करनी चाहिए जो सभी राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए अति महत्वपूर्ण को आने वाली परीक्षाओं के लिए रामबाण सिद्ध हो सके यह प्रश्न कई स्पोर्टिंग संस्थानों से पूछ चुका हूं किसी ने भी जवाब नहीं दिया मैं बेसब्री से आपके जवाब का इंतजार कर रहा हूं धन्यवाद यह हमारी बीके बीके सोनू का भाई करें देखो भाई किताबी मार्किट में काफी है हमको परीक्षा की दृष्टि से पढ़नी परीक्षा की दृष्टि से किताबों में दो बात होनी चाहिए नंबर एक है वह किताब इतनी बड़ी न हो कि

40:18 उसको याद नहीं रखा जा सका कुछ लोगों ने इतनी मोटी मोटी किताब है बना दी कि किताब तो काफी मोटी उसमें सब चीज सामग्री भरी पड़ी है लेकिन याद किसको रहेगा कौन उसको और याद नहीं रखेगा तो फिर वह किताब परीक्षा के लिए उपयोगी कैसे हुई इसलिए मोटी-मोटी किताबें पूंछ से हमारा परीक्षा की प्रतियोगिता की दृष्टि से कंपटीशन की दृष्टि से मोटी-मोटी किताबें नुकसानदायक दूसरी बात हम लोगों ने क्योंकि हम तो जिस क्वालिटी को समर्पित तो क्वालिटी के समर्पित होने के कारण हम लोग काफी हम तो खुद अपने पिता के तैयार करते हैं कि मेरी किताब है जैसी प्रकार से की किताब हमने तैयार किए हैं कि सोशल साइंस की किताब स्क्रीन की इसी प्रकार से हमारे जीवन की

41:06 किताब हमने पुलिस सब-इंस्पेक्टर के लिए पुलिस सब-इंस्पेक्टर के लिए तैयार है लगभग खत्म होते आपके हाथों में आ जाएगी परिष्कार की किताब है जिसमें खासतौर से 2008 में की जो समस्या है अब भूगोल कला संस्कृति भूगोल इतिहास और अर्थशास्त्र विषय से संबंधित कौन कितना महत्वपूर्ण उसमें और वह सही और महत्वपूर्ण यह दोनों दृष्टि से जो किताब हमने लिखा हुआ आ जाएगी पुलिस सब-इंस्पेक्टर के लिए वह स्प्रे के लिए उपयोगी होगी रॉब राजस्थान में एक बहुत महत्वपूर्ण किताब होगी उसको अनेक विद्वानों ने मिलकर के उस पुस्तक को लिखा है इसलिए मित्रों थोड़ा इंतजार कीजिए और वह संभव है कि को रोना के बाद में को ना

41:53 के 10 दिन के बाद में वहां के हाथों में हु परिष्कार के द्वारा होगी और पुलिस सब इंस्पेक्टर और इसके लिपटी होगी वह ऑथेंटिक हिसाब होगी आप उसके साथ जा सकते हैं कि आप रात्रि 2016 विज्ञान और गणित कक्षा की वेटिंग लिस्ट मैं अब इसका कोई उत्तर नहीं दे सकता भाई वेटिंग लिस्ट में 2016 में 877 की मीटिंग में इसके बारे में और ना कीजिए आशीष कुमार कहते हैं नायक में कौन सा प्रत्यय है मूल शब्द अब यह तो बताइए आप बताइए कौन सा प्रत्यय नायक शब्द है नायक अब इसमें प्रत्येक कौन सा है है और मूल शब्द कौन सा है अब लोग संधि विच्छेद जानते हैं वह बहुत अच्छी तरह साथ ही आसानी से आप लोग इसमें अपना-अपना उत्तर दे सकते हैं आप जानते हैं

42:41 यह संधि कौन सी है संधि है अयादि संधि इस का संधि विच्छेद क्या होगा यह आए है आए से आप जान तो यह समय पड़ा चुका हूं आपको तो नहीं और रखा होगा इसमें प्रत्येक कौन सा हुआ अखबार पढ़ते हैं नई कार थे ले जाने वाला है है जो आप कोई खास दिशा की ओर लीड करता ले जाता है और आपके अनुमानक तो जो ले जाने वाला होता है उसे नायक कहते हैं जो एक दिशा की और आपको ले जाता हूं नायक कहलाता है तो नई संस्कृत का शब्द नई कार ले जाना और अखबारों में पढ़ते हैं न जाने वाला आ देखो आर दिन में समास को कोई खास बात नहीं अवैध इन विकासकर्ता गया तो देखो जो है दिन जब एक शब्द की दोबारा आवृत्ति

43:29 हो जाती है तो आप जानते हैं कौन सा समास होता है अबे भाव समास होता चाहिए उन दिनों दिन हो और चाय पिने दिन हो और चेहरा धो रातों चेक घर घर हो चाहे मंद-मंद दो में आ घुमा राम सारण करें बायतु मैंने दो माह पहले नीट की तैयारी कर चुका में 30 नंबर कैसे लाएं तब भाई देखो अगर आप पीस लें इसे पीस नंबर लेना चाहते हैं तो उसके लिए पहले तो फिर आप तैयारी कर चुके तो देखो आधारभूत तैयारी पाप कर चुके यह सबसे पहले में सभी के लिए बता रहा हूं आपको पहला होना चाहिए आधारभूत तैयारी यानी चीजों को समझना आधारभूत तैयारी का मतलब है चीजों को समझना यह बात और दूसरा समझने से काम नहीं होता

44:16 जब हम परीक्षा देने लगते हैं प्रैक्टिकल करने लगते हैं तो बहुत सी चीजों को भूल जाते हैं मिस कर जाते हैं तो प्रैक्टिकल प्रैक्टिकल तो इसके बाद में दूसरा है अच्छी-अच्छी खालसा स्कूल बता रहा हूं एगजेक्टिव लगा रहा हूं अच्छी टेस्ट सीरीज एक अच्छी टेस्ट सिरीज के माध्यम से अपने आपको पर खुलवाना अगर आप यह तो आप अच्छा सा काम कर सकेंगे तफ्तीश में से पीस लेंगे मैं यहां कोई कहने की बात नहीं है पर इस कार निश्चित रूप से परिष्कार का जिन लोगों ने पाठ्यक्रम लिया है कोर्स लिया है विद धन्य है उन्होंने अपने बहुत से साथियों को परिष्कार का पाठ्यक्रम का कोर्स खरीदना है अभी भी 3 महीने 3 महीने में जिनकी इच्छा कि नहीं मुझे तो हर हालत में परीक्षा पास

45:03 करनी है कोई और कॉन्फिडेंस नहीं वापस में आपने तो फिर आप परिष्कार का अभी यह फिर से टाइम को रोना नहीं टाइम दे दिया आपको आप परिष्कार का पाठ्यक्रम खरीद सकते हैं उससे आपकी बेसिक आधारभूत तैयारी अगर नहीं हुई है तो हर टॉपिक की आधारभूत तैयारियों की हर पृष्ठ हर विषय के हर टॉपिक की आधारभूत तैयारी होगी और उसी में टेस्ट सीरीज भी उन टेस्ट सीरीज से आपको जरिए वरना तो केवल परिष्कार की टेस्ट सीरीज ले सकते हैं उससे भी ले सकते हैं लेकिन साथ साथ हिंदी के लिए दूसरी आपके लिए हमारे और दूसरे जो कार्यक्रम चलते रहते हैं पर इस कारोबार के रीड के चलते रहेंगे कोरोना के बाद में खूब घमासान ढंग से और चलेंगे तब फिर आप उनसे जुड़े यह आपकी लेती इसमें से 20 लाने का साफ है यह लोकेंद्र सिंह कहते फिर बन्ना आ

45:49 गए अ श्री मान सम्मान विमान तथा भगवान और भगवान और बलवान उस शब्द एक ही है क्या अब देखो कुछ शब्द जो है समान से होते हैं में कुछ बारीक अंतर तो होता है लेकिन श्रीमान मूल विषय मिश्री यानि शोभा कांत श्री लक्ष्मी होता है और यानि शुभ होता है यह मान तो एक प्रकार का प्रत्यय है शोभायुक्त इसका अर्थ यह शोभा वाला इस श्रीमान है और इसके यह लगता है संस्कृत में तो हिंदी में आप नहल जो है न अब लगाएं तो भी चलेगा अब यहां पर देखो यह तक प्रत्येक की तरह इस्तेमाल हो रहे हैं और यह है मान इसमें ऊपर गिरा सम्मान मान का मतलब या इज्जत हो गई तो यह श्री और इज्जत

46:37 नहीं है श्री अपने आप में इज्जत है श्री अपने आप में शोभा है तो श्रीमान का मान तक प्रत्येक इस तरह से और मां यहां पर अपने आपने शब्द है और समुद्र हैं अब ईमान विशेष प्रकार का यह देखिए यह विशुद्ध 20 मुकर गए विशेष प्रकार से एक मानक तय मानक के अर्थ में भी यह अ एक प्रतिमान के अर्थ में लिया जाता है तो उसमें यहां पर विमान में व्यक्तिवाचक बन गया भगवान यह भग कहते भजने को पूजा करना और उसे कहते हैं जो पूजा करने योग्य वहां पर जाकर के वन प्रति लग गया पूजा करने की होगी बागवान यह तो फारसी भाषा का शब्द है भगवान बाग-बगीचा बगीची यह बार गर्भ है और बागवान

47:26 यहां पर बाग का पालन पोषण करने वाला बैग की सिंचाई करने वाला बैग की देखभाल करने वाला यहां पर इस पते की तरह इस्तेमाल है और यह भी बंद से युक्त यह द्वीप रखते हैं तो यह वाहन भी प्रत्यय यह भी यहां पर विप्र थे और यह यहां पर भी पढ़ते हैं लेकिन यह मूल शब्द है यह भी मूल शब्द है और अ श्री मूणत ने कि सर महाविनाश रूप पठान ने समास बताएं देखो और यह हमारे कमल कुमार है मैं इसको काफी बार बता चूका पता नहीं महाविनाशक कैसे आप के चक्कर में पड़ रहा है यह देखो बिना शिक्षा देने विनाश में वृद्धि और नाशाद अविनाश विसर के नाच विनाश और विनाश कैसा फाल विनाश कैसा महान महक क्या है यह महा

48:15 विशेषण अगर पहला शब्द विशेषण है और दूसरा विशेष शहद और मैं आपको एक बता चुका हूं अगर आप दूसरे शब्द के बाद पूछो कैसा प्रश्न और उसका उत्तर आ जाए पहला शब्द विन्यास कैसा माह महापुरुष कैसा महान महासागर सागर कैसा महान तो पहला शब्द उड़न खटोला खटोला कैसा रुकने वाला काली मिर्च मिर्च कैसी काली तू कैसी का जो उत्तर देगा यह है हमारा भी शिक्षण यह व्यक्ति के शोषण और यह गुणवाचक विशेषण और विशेष्य हो गया तो फिर कौन सा समास हो गया यह समाप्त हो गया कर्मधारय समास यह कर्णधार इस महाविनाश का कोई

49:00 विशिष्ट अर्थ बहन या महाविनाश हो गया बहुत ज्यादा तो कह देते हैं कि ओसामा ने विनाश और एक महाविनाश है यह विश्लेषण लग गया विशेष संलग्न कार्यक्रम धीरे समाप्त हमारा हो गया यह कर्णधार ने अब रहा ऊंट पटांग यह चिन्ह ऊपर टांगें मित्रों ऊंट-पटांग अ कि एक शाम तुम्हारी नीचे और एक हैंग आउट करो बताई कितनी बेतुकी बात है तो आप न चल सकते नोटपैड सकते हैं नीचे रह सकते तो उन पर आपकी टांग है तो अगर और कोई नीचे छोटी चीज पर टांगों तो कोई बात नहीं आप का संतुलन ठीक रहा है लेकिन ऊटपटांग यह मामला हो गया बेग फूफा कि क्या उठ पटांग बात करते हो क्या बेटू की बात करते हो बिना तर्क रहित बात करके तो यह बे तू का मामला

49:47 हो गया जब यह विशिष्ट अर्थ होगा इसका तो फिर समास कौन सा हो गया यह समाप्त हो गया बहुव्रीहि समास मैं आपको तर्क के साथ आपको समझा रहा हूं यही समझना है वह तुरंत लोग समाजों को रख टू पलटने से काम नहीं चलेगा अब तक समझिए यहां पर यह गुणवाचक विशेषण हो गए इसलिए कर्मधारय हो गया यहां पर ऊटपटांग खास विशिष्ट हो गया बे तू की बात करते हुए कोई भी कुछ बटन बोलता है तो उन प्रधान के साथ में आपका भी नहीं सोचते कि ऊंट पटांग का अर्थ उस पर टांग होती ग्यारह रुद्र प्रयाग बात क्यों कर रहे हो इसका मतलब विशेष दे0 विस्तार से 10 मिनट समाज को भगवत बहुव्रीहि समास होगा अ कि अ हां सर अन्य शब्द बताइए यह प्रत्यय वाले

50:32 वैसे तो देखो यह नंदा राम जाखड़ है नंदा राम जाखड़ हनी प्रत्यय वैसे तो किताब मेरी किताब में देखोगे तो ही आपके पास में लेकिन इसको देखो तो यह नियर और नियर आपको कंफ्यूजन में डालेगा यह सब है जैसे विचार नहीं है विचारणीय है यह ध्यान रखना यह जो है बन रहा है यह नहीं MS Word तरह की वजह बन गया है लेकिन विचार मैं यहां तक विचार तक तो आए और रहने से निकाल करके फिर बनेगा अनिल यह कथनीय कथनीय है पठनीय है तो देखो पटक तो संस्कृत कर सक पट्टियां निपटना और इस खेमे से निकलकर के बन गया

51:19 नहीं कछिया निकालना और यहां से नहीं लिख यो हनी हो गया तो विचारनीय तथ्य पठनीय यह हमारे अन्य प्रत्यय हैं में आ रखो आर यू मिर्जा है कैंसर विचारधारा आत्म परितोष नतमस्तक और एकनिष्ठा में कौन सा समास है अब देखो जिसके माध्यम से तो समाज ही पढ़ लेंगे मेरे से यह है है क्योंकि कौन सा समास है इसके बताने से तो पिंड छूटेगा नहीं है कि यह समाज ऐसा क्यों है यह समझाना पड़ेगा ना यही समझना पड़ेगा विचार की धारा 8 यह देखो जलधारा होती है की जलधारा टो स्ट्रीम मोतिहरा यह विचार इधर जब विचार

52:06 की धारा की का आखिर क्यों नहीं तो कौन सा समास हो गया इस संबंध तत्पुरुष हो गया अ का कारक सिंह कानोत अभी पहले आया था वहीं कार चिंता लो पर विचार की धार तो विचार की धारा यह हो गया इसके बाद मैं आत्म परितोष यह आत्म का परितोषण संतोष परीक्षण लगा तो शेरनी संतुष्टि प्रमुख संतोष हो जाता परितोष परीक्षण से परितोष भी तरह से पर यह चारों ओर सभी ओर से आपको संतुष्टि है उसको परितोष कहते हैं और उचित रूप से पुष्टि हो जाए उसे कहते हैं संतोषी दिए तो संतोष अब किसका संतोष खुद का मेरा संतोष लड़के का संतोष उस लड़के को संतोष हो गया तो यहां

52:53 पर देखिए आप मत का परितोष स्वयं का हो गया कि आखिर क्यों गया वहीं समय तक पुलिस हो गया अब देखिए नतमस्तक हो के मस्तक कहते हैं सिर्फ को है ना और फिर कैसा है नथिया नहीं छुपा हुआ तो फिर कैसा है कि नखै उन्नत मस्तक उन्नत ऊंचा मस्तक तो फिर कैसा सिर है नीचा नीचा उन्नत यहां पर क्या काम कर रहा है न कि यहां पर विश्लेषण का काम कर रहा है तो मस्तक कैसा नीचे झुका हुआ है तो नीचे जो कि अगर यह हो जाएगा तो बताइए कौन सा समास हो गया यह कर्मधारय समास हो गया नतमस्तक कर्मधारय समास के साथ जो

53:39 बताया वह आपको समाज में मेरे करीब सात लाख लोग समास का देख चुके सात लाख व्यूअर्स ने मेरे समाज के अध्याय को देखा है YouTube पर पड़ा हुआ भी आप अच्छी तरह से समाज के चैप्टर को पड़ी आपको वहां पर एक चीज को बारी की समझें तो आप देखिए यह नतमस्तक मस्तक जिसका नाम है एकनिष्ठता में क्या हुआ एक क्या है एक संख्या है कि निष्ठता कैसी निषेध के प्रति आपकी निष्ठा दो के प्रति व्यक्ति प्रति नहीं पहला शब्द संख्या संख्यावाचक विशेषण आ गया जब संख्या कृष्ण गया तो हमारा यह युद्ध समाप्त हो गया द्विगु समास में पहला पद संख्यावाचक विशेषण होता है और कर्मधारय में पहला शब्द हमारा गुणवाचक विशेषण होता

54:26 है यह गुणवाचक विशेषण नथ और यह हमारा संख्या एक है संख्या है ना तो यह संख्यावाचक संख्यावाचक विशेषण का यह व है द्विगु समास और गुणवाचक विशेषण आएगा व है कर्मधारय समास और यह दोनों के दोनों ने दूसरा प्रधान होता है इसलिए यह तक पुरुष के ही हिस्से में कि श्वेता उपयोगिता भटकता पूजा में कौन सा शब्द अवसर गए अब देखो यह मूल शब्द और सभा सभा सभा और सभा के योग्य जो व्यक्ति होता है पांच नदियों के जो लाइक उसे कहते सबवे कि यह सब और उसी में ताकत लगा देते हैं यह प्रत्यय लगे वह माधुर्य सौंदर्य था वाला

55:13 नहीं है यह सब का शब्द है और शब्दार्थ संज्ञा के जो यह प्रत्यय लग रहा है वह विशेषण के यह प्रत्यय लगता है वहां पर यह एक ताकि पिया के बाद में आने लगता तो वह कहानी अलग उसको छोड़ देगी वह प्रसंगवश पहले बता चुका हूं एक बार और मेरे प्रति वाले जो जो चैप्टर सुन में मैंने बताया नहीं आ कि वे कुछ सभा शब्द है तो देखो इसमें उपसर्ग नहीं प्रश्न क्या है आप सड़क कौन सा शब्द उतर गए अब यहां तो बहुत ही साफ़ दिखै उपयोगिता मु शेयर करें यह योगिता तो फतेह और यह उपसर्ग व भटकता में भटकना तो प्रिय और सफर तय है तो फिर बहुत ही सरल सा प्रश्न है अब यह सरल सा प्रश्न मुश्किल क्यों बन जाता है जब हम शब्दों का

55:59 विश्लेषण नहीं करते जब हम सपनों को रचते हैं कितना ही रजिस्टर भर लीजिए आप अगर रखते रहेंगे तो फिर नया शब्द जाएगा उसका उसका आप उत्तर नहीं दे पाएंगे पसंद का अर्थ क्या है यह देखो मूल शब्द दिव्य है और फिर संदिग्ध संदिग्ध का मतलब है संदेश हूं जिसके बारे में आप शोर नहीं हो वहां और अ संदिग्ध बींस संदेह रहित संदेश है रहित बिल्कुल पक्का तौर पर आपको जिस बात को कह सकते हो sange हम दे रही थी तो अ संदिग्ध पसंद चाहा तो संदेश है इस यह संदिग्ध का मतलब है संदेश है सहित और संदेश रहित आप

56:44 सॉरी सॉरी मुझे जो है सविता जी कह रही हैं संदेश दे रही थी तो यह देखो अ संदिग्ध तो संदिग्ध मींस संदेश से सहित पसंद मींस संदेश से रहित तो संदेश सेट पर एक निशान दे जो बात होती है वह असम देखते हैं अब आधे को आर यू मिर्जा के शब्द में प्रत्यय नहीं है अब देखो मिर्ज़ा साहब अब दिमाग तो आपको लगाना पड़ेगा और मेरे इस YouTube के साथ ही हमारे ऐड है देखो दे दो उत्तर दे दिए मित्रों मित्रों उत्तर दीजिए आप इस प्रश्न को मेरे साथ के प्रश्नों का उत्तर आप दीजिए हुआ है को भली-भांति में कर्मधारय समास हो गया ना

57:31 भाई बनी क्या है बहुत यानि तरह अच्छी तरह तो कर्णधार हो गया ना सुरेश गुर्जर कि अ अजय को कि शाबाश हमारे बच्चे देखो आईटी बच्चों ने बिल्कुल बिल्कुल बच्चों का आंसर लिया शाबाश शाबाश शाबाश वेरी गुड तो यह अभी तो मैं भी बाद में तो आप को आंसर देना है मैं प्रश्न लाने वाला हूं अभी तो यह मेरे जो इतने मेरे ऊपर कर्ज था मेरे बच्चों के जो प्रश्न पूछे मेह करीब लोगों ने एक महीने से तीन सप्ताह से प्रश्न पूछे गए उनके मैं उत्तर नहीं दे पाया तो सबसे

58:18 पहले आज मैं उनके उत्तर दे रहा हूं उसके बाद मेरे अपने प्रश्न व उत्तर आपको हेने लेकिन फिर भी देखो यह स्पीड हैं और इसमें प्रत्येक कौन सा हुआ या हो गया ना ही हों तो यह समय प्रयोग या पेज और क्यों है और यहां पर भी क्या खूब सर गए शाब्बास विशेष जोश से अलग हो क्षेत्र से रहित क्षेत्र शनि सारी दुनिया और उससे जो अलग वह विशेष होता है स्पेशल होता दुनिया से और लड़ना में तो आप रहते हमारा यह देखो लड़ और लड़ने में नाप रखे हमारा और है सॉरी नाडा और सैकड़ों सैनिकों में यह और प्रति हमारा है इससे थोड़ा सा कपड़ा में प्रत्येक और सैंकड़ों परतें अब यहां पर देखो इन में

59:05 प्रति नहीं है तो इसमें इधर भी प्रत्यय इधर भी प्रत्यय और इधर भी प्रत्याशी बहुत सरल है आप लोग बहुत अच्छी तरह बता दिया या तो वी रीड बता दिया रीड कब होगी आप देर से आए भाई रीड हमारे अगस्त अंत में यह सिस्टम होगी जांच है या उसके पहले उत्सव की संभावना हमारे इस सब संभावना में बात कर सकते हैं प्रत्यय से निर्मित शब्द कौन सा है देखिए यहां पर फिर इसका उत्तर दीजिए उत्तर दीजिए प्रत्यय से निर्मित छत हुआ है कर दो है या आपके ऊपर आने लगे या देखो मोनिका सीमा शर्मा मनोज डििया था और यह मछली बॉल

59:53 है मां फल या मांस वाले सुरेश कुमार आशुतोष हमारे संजू और सुबह-शाम नियमित अनुश्रवण के और 30 की सौगात कि एक साथ इतने बच्चों को खूबसूरत ढंग से अपने साथियों इस वक्त परिष्कार का मतलब समझ न इंटेलीजेंट बनने पर इंटेलिजेंट जिंदगी इंटेलिजेंट में बीच-बीच में यहां पर के अलावा और बहुत सी बातें करता रहूंगा आप लोग यहां से निर्मित प्रत्यय से शब्द कौन सा है हैं या आप लोगों ने शाबाश शाबाश काफी बच्चों ने बहुत सही आंसर दिया उचित तैयारी

1:00:39 आपकी जिनका आंसर यह है मैं वह आंसर चाहिए देखो कुछ एक में क्या है कुछ है और एक है कि एक प्रत्यय थोड़ी एक तो संख्या है है एक तो संख्यावाचक विशेषण कुछ एक तो एक तो सब बहन हमारा प्रत्येक आंसर पिछड़े और यह खिलाफ और कोशिश अपने-अपने फारसी भाषा के शब्द अगर कोशिश 6 ऐसा होता तो एक प्रति हो जाता है कि खिलाफत होता तो अधिपत्य हो जाता लेकिन यह तो खिलाफ है और यह कुछ ठीक है और यहां पर आप देखो यह सब धीर और धाम में प्रत्येक कौन सा है यह और यह प्रत्येक की वजह से ही किस्म चेंज

1:01:26 हो गया आईडी चेंज हो गया यह धैर्य हो गया यह देखो धरि धीर से बन गया और धैर्य इसलिए यह धैर्य हो गया तो यहां पर यह प्रत्यय है यहां पर इसको देखिए यह रेस व रही हो गया सूरज धोकर के ऊपर चला गया और यह प्रदेश में लग गया था कि आप पंजाब का समास विग्रह क्या होगा इसमें कौन सा समास होगा आ है अब देखिए मूंछ अवधि क्या है यह संस्कृत का शब्द यहां से आई हेव है वैसे तो अब संस्कृत के पंच से ही और यह पंक्चर हो गया यह शब्द है पंक्चर तरफ और आप कहते पानी को है लेकिन यह जो संस्कृत है कि

1:02:13 संस्कृत और अवेस्ता यह दोनों बहनें रही हैं अब इससे अरबी-फारसी निकली है अरबी और फारसी इसलिए इन दोनों शब्दों में संस्कृत में अवस्था में काफी समानता है वहीं हुआ था इनकी मूल जो अलग एक भाषा रही है वह भारोपीय भाषा indo-european लैंग्वेज इस बार उच्च परिभाषा की संस्कृत 2050 और इसकी लेकिन भी और इसकी ग्रीक भी है यह चारों अलग-अलग प्रकार की भाषाएं हैं और इस समय यह पंच ही हमारे बन जाता है पंजाब और यह आपको बन जाता आप फारसी भाषा में आप भी पानी को कहते हैं संस्कृत में अब भी पानी को कहेंगे मजे की

1:02:59 बात संस्कृत का शब्द तरफ यानी पानी और फारसी भाषा का शब्द आ पेपर घोषित-अघोषित हुआ है बैक तो हुआ है तो यह कि हमारे यह पाचन प्रभाव की वजह से यह पंज्ााब हो गया और यह पंजाब हो गया अब पंजाब आप कौन सतलज व्यास रावी चुनाव और एलम से पांच नदियां सतलज है तो हेल्प सतलज व्यास रावी चुनाव झलक यह पांच नदियां जिस प्रवेश से बहती हैं वह पंजाब हो गया हमारा अब पंजाब प्रदेश का नाम हो गया तो प्रदेश का नाम अगर विशिष्ट राख हो गया तो समास कौन सा हो गया यह बहुत

1:03:44 ही समाप्त हो गया ना यह ध्यान रखिए जो दो शब्दों से मिलकर एक किताब लिख रखा समास पढ़ाते समय बताया फिर बता देता हूं आपको दो शब्दों से मिलकर अगर कोई व्यक्तिवाचक संज्ञा बनती है इन दो शब्दों से मिलकर व्यक्तिवाचक संज्ञा बनती है वह है बहुव्रीहि समास होता है ताज महल बहुव्रीहि समास कि ब्रम्हपुत्र व्यक्तिवाचक संज्ञा बहुव्रीहि समास हिमालय हिमालय व्यक्तिवाचक संज्ञा बबुनी समाज पंजाब उत्तर प्रदेश राजस्थान छत्तीसगढ़ जयपुर जोधपुर अजमेर उदयपुर यह सब के सब दो शब्दों से मिलकर बनी व्यक्तिवाचक संज्ञा और व्यक्तिवाचक संज्ञा होने के कारण यह सब

1:04:31 के सब उमड़ी समाज तो आप देखिए छोटी सी ट्रिक आपको बहुत से आइए पंजाब के माध्यम से बहुत से शब्दों के आप समास बता देगी यह जितेंद्र हो जाए सर जी नमस्ते राजेश का संधि विच्छेद क्या होता है है और कहा ऋषि मुनि साधु और संत इसमें क्या अंतर है क्या प्यारे देखो हमारे बच्चे कितनी बारीकी से चीजों को सोचने लगे हैं यह सबसे बड़ी बात प्रश्न का पैदा होना यह बहुत बड़ी उपलब्धि है उत्तर तो मिल जाते हैं कई बार उत्तर भी नहीं मिल पाते लेकिन उत्तर से अधिक महत्वपूर्ण होता है प्रश्न देखो मित्र राजेश राजेश में मूल शब्द संस्कृत का क्या है राजन और आज हम लोग गलती से राजा कर देते राजा हिंदी का

1:05:19 शब्द और राजा और इस गलत हो जाएगा राजा ऋषभ कनक और इसलिए राजा और ऋषि करते हैं राजर्षि भाभी शब्द गलत संस्कृत का शब्द है राजन ने देखा होगा लोग और उसके बाद में इसका है और इसका है यह और एवरीवन करके बनेगा यह और यह संधि होगी गुण संधि 119 अंक यह व्यंजन संधि दिया नखरालो है मैं का लोक में व्यंजन संधि है और एवरीवन करके एक बना और यह रिबन राजेश तो राजनौतिक राजेश है है इसके बाद में देखो ऋषि विशेष देखो उसको कहते हैं जो सत्य का दर्शन कर सकता है है जो इसको दुनिया की खेती कब पता है कि यह संसार क्या है दुनिया के है प्रकृति

1:06:05 क्या है जो प्राकृतिक शक्तियों को अच्छी तरह से जान सकता है उसको कहते हैं ऋषि ऋषि या द्रष्टा होता है सत्य का दृष्टा तो आप देखिए जो सत्य दृष्टा है सत्य का दृष्टा आ व है ऋषि है है उसको सब कुछ दिखाई देता है यह सच क्या है कि मुनि कौन है मुनि वह जो मौन रहता है मुनि से मौन बना मुनीम है प्रत्यय लगाकर के है पर तिलक करके क्या बना मौन इस कम लोग वह ऋषि जो मौन धारण किए हुए उसको मुनि कहते हैं कई लोग वर्षों नहीं बोलते हैं को मनोनीत वर्षाणि बोलते मौन धारण किए रहते उनको कहते मुनि

1:06:51 तुम निषिद्ध शांत होने से भाषा में बोल ना वर्धित करके और जो अपनी जिंदगी को देते हैं इसको बोलते हैं सब एक साधु का मतलब है जो अच्छा ही काम करता है अच्छा काम करने वाला साधु है एक साधु का मतलब अच्छा काम करने वाला साधु लोग साधु-असाधु बहुत अच्छा इस अर्थ में भी सामने आता है तो साधु अच्छे वक्त में काम करने वाले कहते हुए यह मेरी दाढ़ी और द टाइम बढ़ाने वाले कुछ आधुनिक कहते तो साधु वचन अच्छा वतन यह साधु अक्षर और संत व है जो कि विषय वासनाओं से सबसे ऊपर हो जाता है उसको कुछ जरूरत नहीं जिसने अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण कर लिया और वसंत है और उस चीनी सी आवश्यकता के आधार पर अपनी

1:07:38 जिंदगी जीता उसको कहते हैं संत तो यह संत है संत की आवश्यकताएं कामनाएं वह संतुलित हो जाती तो देखो यह व्यक्तित्वों के जो सकते को देख सकता मुंशी है और जो सत्य को देख करके मौन धारण किए रहता है वह मुनि है जो अच्छा काम करने का बहुत पॉजिटिव सकारात्मक कल्याण के काम में जुटा हुआ उस आदमी हुए और जो विषय वासनाओं को नियंत्रित करके और बिल्कुल सहज साधन भाव से जीता वह सकते हैं कि भाड़ शिष्य गुरु से विद्या ग्रहण करता है यह देखो यह हमारे सुखजिंदर कौर है यह मैडम पूछनी है कि मैं राघव सर की पुस्तक में अपादान कारक दे रखा है परंतु यहां गुरु वह साधन है जिससे वह विद्या ग्रहण करता है तो उस हिसाब से तो करण कारक होना चाहिए प्लीज

1:08:25 राइट क्लियर करें यही तो खूबसूरत बात हमारी प्रश्नों पर कि देखो यह हमारा गुरु है यह गुरु है और यह हमारा शिष्य और यहां पर इस गुरु से इस रे विद्या ग्रहण की और इससे के पास आ गई तो गुरु से इसके पास आ गई अब हमारी सुखजिंदर कौर कहती थी गुरु तो साधन है और साधन इसका इस साधन से इस साधारण से इसको यह ज्ञान प्राप्त हुआ है है लेकिन यहां पर सुखजिंदर संस्कृत के जमाने से यह बिल्कुल तय है इसके बारे में कि यहां पर यह जो ज्ञान यहां पर था और इसके पास ज्ञान नहीं था वह ज्ञान यहां पर आ गया हलवा जो वह ज्ञान यहां भी इसके पास

1:09:11 है या ने एक ऐसी चीज है जिसके पास होता है वह दूसरे को दे दे तो उसका ज्ञान यह नहीं कि ट्रांसफर हो जाए रुपए में तो है रुपया मेरे पास है मैंने दूसरे को दे दिया था रुपये मेरे पास नहीं रहा तो वस्तु तो बिल्कुल दूसरे के पास चली जाती ज्ञान के खास बात है तो जिसके पास रहता है उसके पास नीरज लेकिन दूसरे के पास तो चला गया ना कि ज्ञान यहां से इधर चला गया पहले ज्ञान केवल गुरु के पास था और यहां से जब यह इधर चला गया तो ज्ञान इधर चले जाने के कारण यहां पर यह अपादान है और इसलिए संस्कृत के पानी से सुखजिंदर कौर आप लोग भी उसके माध्यम से और दूसरे जो बच्चे हैं वह इस को देखिए थिस आईएस जीनीयस विष्णु क्या राजस्थान उत्तरप्रदेश बहुत यह सकता युद्ध में समास

1:09:56 क्यों नहीं होगा पंजाब में कर देंगे लिखा और संखवाया रे भाई अब यही तो समझने की बात है डर विशेष पुरस्कार खो गया पंजाब का मतलब पांच को इसी तरीकों को लेकर कि आप पंजाब नहीं कर सकते ना पंजाब तो भारत में है और भारत के वह भारत के उत्तर-पश्चिम का क्षेत्र है वह पंजाब है तो फिर अब बताइए जहां भी और दूसरी जगह पहुंचने के लिए हो जाएगी पंजाब नहीं कर सकते तो खिला रूप सुनहरा विशेष स्टार्ट हो गया विशेष दोगे बावरी समाज को कि यह जो समझने की बात है जिन लोगों को जो लोग रखते हैं चीजें कि पहला शब्द संख्या गया द्विगु समास पहला शब्द संख्या गया द्विगु समास यही तो रचने की बात है अरे समझने की बात है कि जब वह एक विशिष्ट अर्थ धारण कर चुका एक विशिष्ट क्षेत्र का पर्याय बन चुका है तब फिर उसका खुला रत्न रहा ना पंचरतन तो कोई भी हो सकते हैं यहां पर इस इस डिब्बे में भी

1:10:42 पंचरत्न इस डिब्बे में पंचरत्ना इस डिब्बे में पंचरत्न ने तो पंचरत्न द्विगु समास होगा लेकिन पंजाब यह तो नहीं कह सकते कि पांच में दिया 5 मिनट यह भी कुंवर यह पानी यह भी पंजाबी ऐसा नहीं खिलाफ नहीं तो आप समझ यही तो बात है ना और यह जगत सिंह जी आपको खरीदना चाहते हैं यह तो सब लोगों ने मेरे पास तो सिर्फ मैं जो आपको आपके प्रश्न का उत्तर देना चाहता हूं आदमी को ऊंचा पंखा में कौन सी संज्ञा अभी सुरेंद्र कौर जिसके पास भी है यह लड़की तो करने वाली है और इस लिए यह मुझे लगता है कि इधर-उधर ऐसी जगह पर पड़ गई है और अब यह परिष्कार से जुड़ गई है और सुंदर पता नहीं वास्तविक बात किया है आप बताएंगे अगर कमेंट कर सके तो कमेंट कीजिए अगर आप सुन

1:11:29 लें यह समय देख रही आपको ही पता नहीं पता नहीं कब कब प्रश्न पूछ लिया जगविंदर हो सकता सुन ही नहीं रही हो लेकिन सवाल जुन्नर का तो नहीं है नहीं तो सवाल तो सभी का है अब पंखा तो सब जाति वाचक है इसमें क्या बात है पंखा तो जाति वाचक है कि लेकिन सवाल पूछा पंख है उषा पंखा को मारे बहुत से साथियों ने व्यक्तिवाचक संज्ञा पड़ा है उसको व्यक्तिवाचक बता दिया और बस यहीं पर यह मसला हो गया व्यक्तिवाचक संज्ञा नहीं यह भी जातिवाचक क्यों देख व्यक्तिवाचक दुनिया में केवल एक होती है केवल एक अ कि वह विशिष्ट होती बस और जातिवाद दुनिया में अनेक मोती इसकी 22 उन्हें जातिवाचक संज्ञा एक तो

1:12:15 दुनिया में एक लड़के देख पेड़ अनेक पुश्तैनिक मकान अनेक अनेक शब्द दूसरा उसकी पहचान किस के आधार को थी उनके आधारित कि गुड़ के आधार पर उसकी पहचान की जाती है कि आपने भले उसको नहीं देखा हूं उसको देखो पहले नहीं देखा था कि आज रेखा उसको क्वेश्चन देखते करते हैं कुत्ता आ गया क्यों कहते हो उसके गुणों के आधार आपके दिमाग में पहले से उन फिट है और गुणों को उसको तेलुगू करते हो लगता है यह तो बिल्कुल वह सब है तो को था लड़के को पेड़ को देखते कर दे तो नया फिर देखो क्या वह पेड़ यही बात पूछा पंखा के साथ पूछा पंखा दुनिया में एक ही है क्या दुनिया में एक ही एक कमरे में दो पंखे लगे हुए दूसरे

1:13:02 दूसरे मकान में 2 घंटे में लाखों शव पंखे लाखों दूसरी बात पूछा पंखा और पंखों से किसी उनके आधार पर अलग है इसलिए आप कैद देखते उसको कह सकते हो तो गुस्सा पंख है में यह कॉटन का पंख है तो क्रोम पिन का पंखा अलग तरह का होता है उसके गुण अलग है और क्रोमटन पंखे आधुनिक दुनिया ने इसलिए ऊंचा संख्या देख इसीलिए तो राठी गाय जातिवाचक संज्ञा है वरना रोटी गाय को लोग ऐसे ही कहते थे कि या राई जो है व्यक्तिवाचक बिल्कुल नहीं पॉमेरियन कुत्ता इसी प्रकार से परमिशन कुत्ता भी जातिवाचक इन लोगों की पॉमेरियन कुत्ते बहुत दुनिया मैंने एक है यह उपर जाती है यह पंख अगर एक जाती है तो यह ऊंचा पंखा इसकी उपजाति है पीस है तो फिर भी एक क्लास ही और क्लास

1:13:49 होने के कारण जातिवाचक संज्ञा है यह मैंने एक बार समझा चुका हूं फिर से आपको समझा देता हूं या-या यह भाई विश्व ऊर्जा रीट की परीक्षा कब होगी बीएड की परीक्षा अगस्त के अंत से पहले नहीं होने वाली इसकी संभावना भी अगस्त के अंत तक जाएगी यह मैं पहले आपको इस वीडियो को फिर से देखिएगा मैं इसका विश्लेषण कर चुका हूं कि किस प्रकार से रीट की रीड जो है वह अगस्त के अंत तक को है इसलिए आपके पास में 3 महीने 3 महीने में वापस तैयारी करो सब लोग तैयारी कर रहे हैं कोई बैठा हुआ तो है नहीं जो भी जिसको भी नौकरी नहीं हालत में इसको लॉन्ड्री लेनी है वह फिर दोबारा से तैयारी कर रहा है कर रहा है और आप लोग परिष्कार से जुड़े रहिए आपकी तैयारी अनेक प्रकार की सूचनाएं भी आपको मिलती रहेगी और अनेक प्रकार से तैयारी भी होती रही है

1:14:35 कि आज मैं आने वाले थे मैं कौन सा पुस्तकालय बिल्कुल सामान्य भूतकाल है आज वह आने वाले थे आने वाले संभावना और वह भी थी मीणा ने वाले थे तो इसलिए आज आने वाले थे यह बात आप एक सूचना दे रहे हो और एक सूचना देर हो तो सामने खाल है हमारा इसमें व पूर्वोत्तर संदिग्ध भूत और पूर्ण भूत और आसन्न भूत और कुछ भी नहीं है आज वह आने वाले थे एक स्टेटमेंट है जो गुणों के बारे में लगाएं में आ गया यह देखो फिर सुखजिंदर कौर है लड़की ने खीर को खा लिया क्या इसे कर्मवाच्य भी प्रयोग किया है बिल्कुल आ सुखजिंदर लग रहा है कि सुजैन बहुत इंटेलिजेंट लड़की है और यह प्रयोग तक आ गई है प्रयोग तक सुधर शायद आप में सब

1:15:23 इंस्पेक्टर की तैयारी कर रही है क्योंकि वहां पर वहां पर इस प्रकार के वाक्य वाक्य वहां पर पाठ्यक्रम में रीड में तो नहीं या लड़की ने खीर को खा लिया है मैं कोई सामान्यत ऐसा नहीं लेकिन अगर खीर को खा लिया उसमें तो अगर को आ गया तो खीर तो कर्म है और लड़की करता है तो इसका कर्मवाच्य भी प्रयोग किया जा सकता है तो बिल्कुल भावे प्रयोग को है लेकिन यह कर्म वाच्य नहीं हो सकता कर्म बच्चे इसलिए नहीं हो सकता यह भावे प्रयोग तो ठीक है इसमें भाभी प्रयोग के बारे में तो मैं भी सहमत है लेकिन कर्मवाच्य नहीं है ने आ गया इसलिए कर्तृवाच्य भाभी प्रयोग यह कर्तृवाच्य और आधे प्रयोग है

1:16:08 और भावेश प्रयोग क्या होता है और भाभी प्रयोग होता है कि यह कारक चिन्ह जब लग जाता है यहां पर तो यह बिल्कुल एक बच्चन पुलिंग प्रयोग होता है एक बच्चन फुल दिन हमेशा अब देखो लड़की ने खीर को खा लिया है अब आखिर की जगह थी तो इसलिए है लेकिन खा लिया पुलिंग रूप है अगर यहां पर हलवा हलवा ने खाया हलवा खा लिया है तो हलवा जो है हमारा पुलिंग है तो भी यह रहेगा और तो इसका मतलब हमेशा को लगने के बाद मैं हमेशा खा लिया या आएगा एक बच्चन पुलिंग रूप क्रियारूप होता है और वह बाहरी प्रयोग किया जाता है अगर कौन नहीं होता या तो योगिता लड़की ने

1:16:53 खीर खा लिए तब क्षेत्र के अनुसार कर्म के अनुसार क्रिया थी लड़की ने खीर खा लिए है तो देखूं मैं आ बे रिकॉर्डेड बातचीत अब इसको सुखजिंदर कौर अगर आप है पुलिस सब इंस्पेक्टर की तैयारी कर रही हूं तो बिल्कुल परिष्कार का पुलिस अभियुक्त का कोर्स ज्वाइन कर लीजिए कि निश्चित रूप से मैं आपको राय दे रहा हूं उसमें यह सब चीजें मैंने स्पष्ट की है कर्तृवाच्य की दो विशेषताएं लड़की खेल खाती है कि लड़की खाती है ए 1 कि एक का मतलब है कि क्रिया किस के अनुसार आएगी लड़की के अनुसार अगर लड़का खीर खाता है तो देखिए तो स्त्रीलिंग है लेकिन

1:17:39 क्रिया रही है खाता है तो लड़का के अनुसार क्रिया रही है करता के अनुसार क्रिया रही है लड़की खाती यह लड़की हलवा खाती हलवा तो है पुलिंग लेकिन लड़की खाती है तो लड़की के अनुसार करता के अनुसार अगर किसी आती है तो एक कंट्रोलर होता है और दूसरा है कि भूतकाल और सकर्मक क्रिया में लड़ अगर आपके ने लग गया करेक्शन तो ने का मतलब है कि बिल्कुल यह करता है कर्ता कारक और कर्ता कारक व कर्ता कारक के रूप में ही है इसलिए उन कर्तृवाच्य तो कर्तृवाच्य की दोस्त भी हैं नंबर वन ने कारक चिन्ह हो लेकिन क्रिया करता के अनुसार आए और नंबर टू ने कारण जब लग जाए तो भी कर्तृवाच्य तो आप यहां देखिए ने कारक जब लगा हुआ है तो बिल्कुल कर्म वाच्य नहीं होगा यह कट

1:18:26 प्रवास होगा लेकिन को आने के कारण क्वेश्चन पुलिंग क्रियारूप हो गया इसलिए इसका भाभी प्रयोग को तो यह भाभी प्रयोग हमारा इस रूप में है में आ अब देखो कि अगर यह सा होता है कि लड़की द्वारा खीर को कि खा लिया गया है एक लड़की द्वारा देखो लड़की करता तो क्या बन गई द्वारा बन की द्वारा होने का मतलब यह जो करण में बदल गई लड़की जो करता थी यह करता बदल गई करण में में है तो इसका मतलब यह पत्र वाचन नहीं रहा और

1:19:13 खीर को खा लिया है अब यहां पर यह कर्म वाच्य भी प्रयोग यह वाक्य है कर्मवाच्य भव्य प्रयोग का और लड़की ने खीर खा लिया है यह कर्तृवाच्य और भाभी प्रयोग अवतार है आप पक्षी आकाश में उड़ते इसमें भावाचे है कि बिल्कुल नहीं पक्षी विरुद्ध तहत चिड़िया आकाश में उड़ती है यह तो बिल्कुल भावुक होने का सवाल ही नहीं कौन सा होगा यह कट क्रॉच देता है कि यह कर्तृवाच्य है क्योंकि कर्ता कर्म शुक्रिया रही है पक्षी बहु चैनल पुलिंग है और इसमें क्रिया गई उड़ते मजदूर से दर्द के कारण उठा नहीं गया मैं भावाचे बिल्कुल है उठा आ गया उठा नहीं गया अब यहां पर कोई कर नहीं है यह तो जो कारण है दर्द के कारण तो दर्द की वजह से यह तो करण है इसमें और

1:20:00 इसलिए मजदूर से यहां पर उठा नहीं गया कि अब कोई प्रश्न नहीं पूछ जो कुंठा गया क्या नहीं का उठाव नहीं गए तो इसका मिश्र मधुकर मुनी करनी है से भाववाच्य अ आ जाओ सुखजिंदर कौर के बहुत वृद्ध से चला नहीं गया मैं कौन सा वाचत वृक्ष चलाओगे तो विद्रोह बिल्कुल अब यह भाववाचक हमारा भाव वाच्य वृक्ष से चला नहीं गया वृद्धा से नहीं चला गया तो बस एक बटन क्लिक करिए होगी कर्म इसमें है नहीं आप देखो वह विलाप करके रोने लगा है इस वाक्य में किस प्रकार कछुए अरे भाई अब सुखजिंदर वह रोने लगा और विलाप करने लगा तो इसका मतलब अनावश्यक क्रियापद आ गया ना एक क्रिया पत्थर है विलाप करना और एक क्रिया पर होना अत्यंत आवश्यक कृपया

1:20:47 अनुपयुक्त या पद नहीं क्योंकि होने के अर्थ विल आप भी चलता रोना भी चलता है और आवश्यक क्रियापद तो कोई भी आवश्यक क्रियापद तो कोई गलती होती नहीं उपयोग सभी का मतलब ही नहीं सकता इसलिए यह हमारा है यह अनावश्यक क्रियापद का उदाहरण है कि अध्यापक शब्द में मूल शब्द और उपसर्ग क्या होगा देखें अध्यापक में आप जानते हैं सुनिश्चित करेंगे ना तो आधी आ और पक तो यह दो तो हमारे उतर गए और मूल शब्द होगा पक पक मींस परिपक्व करने वाला जो विद्यार्थी की चेतना को उच्च स्तर पर ले जाकर के प्रयत्न पूर्वक परिपक्व करता वह व्यापक है तो यहां पर जो है यह तो हो गए अवसर और यह हो गया हमारा मूल तत्व

1:21:33 कि पंजाब सब का विग्रह क्या होगा और इसमें कौन सा समास होगा रामबाग यह बताया जा चुका आपको यह पहले विसर्ग संधि में आते थे अफसर अरविंद को विसर्ग संधि में डाल दिया कंफ्यूजन है कौन सा सामान हैं आप देखो दूर राज दूर आज यह सही है निरोग यह सही है निरंतर यह सही है निर्दोष है निर्दोष है क्योंकि उपसर्ग दूर और निर्भर होता है उपसर्ग दो और नहीं होता ही नहीं लोगों ने गलती से और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की किताब में भी 2014 में 2014 में इसको दो और नहीं मान लिया था उन्होंने चेंज कर दिया है और 2018 की जो माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की किताब में उसमें दूर वॉर्नर के साथ में संधि है दूर निरीक्षक माना गया है इसलिए यही सही है अब पहले लोगों की गलतियां थी मीण लापरवाही से लोगों ने ऐसा

1:22:18 किया उन्होंने जब गलतियां ठीक कर ली तो आप भी गलती थी के लिए कोई कंफ्यूजन की बात नहीं है को निशुल्क शब्द का संधि विच्छेद क्या है और नहीं और स्थिर नहीं उतर गए और के वजह से स्थल बन गया इस तरह यह स्टार बन गया नी वस्तुनिष्ठ करोगे निम्नलिखित वाक्यों में जातिवाचक संज्ञा कौन सी है देखिए बच्चों आप लोग बताइए एबीसीडी अब आपका नंबर है कि यह बहुत इंपोर्टेंट है जातिवाचक संज्ञा यह संख्या संख्या जो है यह बीच में भी है और संज्ञा हमारे पुलिस सब-इंस्पेक्टर में तो है ही को अच्छी तरह से पढ़ो देख

1:23:03 कर दो कि जातिवाचक पूछा है कि आजकल में दो तरह के समाज हैं आजकल में आज या कल द्वंद समास में है और आजकल बहु ढूंढ कि यह बताएंगे कभी और शाबाश शाबाश बच्चों शाबाश बच्चों वेरी गुड काफी अच्छी तरह से तैयारी कर रखी आप लोगों ने वेरी गुड और यह बच्चे जाता है हमारी डी क्वेश्चन गए कुछ लोग भी क्वेश्चन गर्मी को भी को चुन गए प्राय जरिए कोई एजुकेशन मनीषा सुभाष शुक्राचार्य सरिता दूषण

1:23:49 ज्योति पवन प्रेम का हम लगा दूंगी और देवेंद्र अर्चना सत्यम विष्णु क्या फैसलें निरंजन घड़ी और सुभाष और वीनू और लोग लोकतंत्र की आवाज़ और राजेंद्र प्रद्युम्न नोट कविता और सुभाष धुप्पड़ सुरेंद्र कांताप्रसाद कपिल देव राजू व्यास यदि देखो यह तो व्यक्ति और सरदार पटेल होने के कारण सरदार सरदार जातिवाचक संज्ञा लेकिन यहां पर पटेल महात्मा जी कौन है महात्मा गांधी यहां पर वैसे जो महात्मा तो कोई भी हो सकता है लेकिन यह कि महात्मा गांधी यहां पर पंडित जी कौन है यहां पर पंडित का मतलब है

1:24:34 जवाहरलाल नेहरू इसलिए अब देखिए वरना पंडित पंडित जोश धो जातिवाचक है लेकिन यह जवाहरलाल नेहरू के लिए आए लेकिन यह भीष्म पितामह भीष्म पितामह है तो व्यक्तिवाचक लेकिन यहां पर भीष्म पितामह के गुणों से युक्त यह जो सर नाम है यह भीष्म पितामह है अपनी बात से टस से मस नहीं होते यह अभिषेक मिश्रा के गुणों से युक्त होने के कारण या भीष्म पितामह जाति वाचक को गया वेरी गुड बच्चो आप लोग बहुत अच्छे ढंग से क्लियर शार्प यह देखो आदमी सैफ राज्य और व्यवहार और सुनील प्रजापत काफी बच्चे जुड़े आज कजोड़मल है मंजीत है मुकेश है आप लोग सब अपने और साथियों से करिए आखिरी छोर से इसको ना के तनाव से मुक्ति होने के लिए

1:25:21 थोड़ा हिंदी व्याकरण के माध्यम से इंटेलीजेंट बनने के लिए ताकि वह इंटेलीजेंसी न केवल हिंदी व्याकरण में बल्कि और दूसरे सब्जेक्ट्स में मी आपको आहूति दें इसके लिए भी और हिंदी तो हिंदी है सब अच्छी तरह से हर प्रश्न का यह मित्रों अध्यापिका मेरी किताब से प्रश्न किया अध्यापिका शब्द यह दोनों तरफ से चलता है पिता और अध्यापक दोनों है इसलिए आप इसको भी सही मान लें और इसको भी सही मान लें या बिलकुल इसलिए रफ पद के अर्थ में अध्यापक होना चाहिए लेकिन यह सब दोनों तरह से चलता है इसलिए आप दोनों में यह प्रकाश चंद्र पुरबिया के असर मेरा कंफ्यूजन दूर करो सर जी हीरामन तोता में कौन सी संज्ञा हीरामन होता है इस विशेष प्रकार का होता है और यह व्यक्ति वाचक भाई यह जातिवाचक नहीं है हीरामन धोता

1:26:09 नाम लिखा वन उसका ही दामन तोता तोता है जातिवाचक तो लेकिन हीरामन तो नाम है यह हमारा एक खास का प्रतीक है इसलिए व्यक्तिवाचक संज्ञा इसमें क्या बात है

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