शिव जी को गुरु कैसे बनाएं 🙏 जानिए इस वीडियो में ओम नमः शिवाय ❤️

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो बताता है कि भगवान शिव को अपना गुरु कैसे बनाया जाए और उनकी कृपा कैसे प्राप्त की जाए। इसमें गुरु बनाने की विधि, आवश्यक शर्तें, और शिष्य के कर्तव्य शामिल हैं।

  • भगवान शिव को गुरु बनाने के लिए मन, वचन और कर्म से शुद्ध होना आवश्यक है।
  • सच्चे हृदय से समर्पण और सेवाभाव से ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त की जा सकती है।

परिचय

इस वीडियो में, ज्योतिषी बताती हैं कि भगवान शिव को गुरु के रूप में कैसे स्वीकार किया जा सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जो किसी सांसारिक गुरु को नहीं खोज पा रहे हैं। वह बताती हैं कि शिव को गुरु मानने से साधना, ध्यान और अन्य आध्यात्मिक क्रियाओं में कैसे प्रगति की जा सकती है।

महादेव को गुरु कैसे बनाएं

ज्ञानी गुरु को साक्षी मानकर किए गए कार्य में कोई रुकावट नहीं आती। भगवान शिव गुरु हैं और गुरु शिवजी हैं, इसलिए उनकी प्राप्ति हो जाती है। भगवान शिव को गुरु बनाने के लिए सबसे पहले मन को शांत करके ध्यान मुद्रा में बैठें। फिर, भगवान शिव से प्रार्थना करें कि आप उन्हें अपना गुरु बनाना चाहते हैं और उनसे शिष्य के रूप में स्वीकार करने का आग्रह करें। इसके बाद, दोनों हाथ ऊपर उठाकर ब्रह्मांड की ओर देखते हुए तीन बार घोषणा करें कि शिव आपके गुरु हैं और आप उनके शिष्य हैं। गुरु दक्षिणा के रूप में राम नाम सुनाने का संकल्प लें।

शिव गुरु को साक्षी मानकर कार्य करना

शिव गुरु को साक्षी मानकर शुरू किए गए कार्यों में रुकावट नहीं आती। इसलिए, कोई भी काम शुरू करने से पहले भगवान शिव को साक्षी बना लें और उनसे दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान करने की प्रार्थना करें। प्रतिदिन कम से कम तीन बार कहें कि शिवजी आपके गुरु हैं और आप उनके शिष्य हैं, और उन पर दया करने की प्रार्थना करें।

शिव गुरु को नमन और गुरुदक्षिणा

हर रोज शिव गुरु को नमन करें। शांत मन से कुछ मिनटों तक "ओम नमः शिवाय गुरुदेव सचिदानंद निष्प्रपञ्चाय शांताय निरालंबा हितेश" का जाप करें। गुरुदक्षिणा के रूप में ओम नमः शिवाय मंत्र की कम से कम एक माला का जप प्रतिदिन करने का संकल्प लेकर शिवजी को अर्पित करें। इस प्रकार आप भगवान शिव को गुरु बना सकते हैं।

भगवान शिव के योग्य बनना

यदि आप भगवान शिव को गुरु बनाना चाहते हैं, तो आपको उनके योग्य बनना होगा। इसके लिए, आपको सच्चाई, ईमानदारी और छल-कपट से दूर रहना होगा। सत्कर्म करें और जनसेवा व समाज सेवा के कार्यों में आगे बढ़ें। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो भगवान शिव आपको अपने शिष्य के रूप में स्वीकार नहीं करेंगे। आपको अपनी आत्मा को शुद्ध करना होगा और भोलेनाथ पर संपूर्ण विश्वास करके स्वयं को समर्पित करना होगा। तभी वे आपको अपना शिष्य स्वीकार करेंगे और आपके जीवन की समस्त रुकावटें दूर होंगी।

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Transcript

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0:01 झाल झाला का [प्रशंसा] हुआ था हुआ था नमस्कार मित्रों अभियान प्रोडक्शन में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है ज्योतिष विज्ञान के अनुसार मैं आपको वीडियोस दिखाती रहती हूं बताती रहती हूं उसमें मैं आज आपको बताने वाली हूं बहुत बार ऐसा होता है कि कहते हैं कि गुरु के

0:47 बिना ज्ञान नहीं है तो आप किसी ने किसी को गुरु बनाना होता है लेकिन आपमें से बहुत सारे लोग सोचते हैं कि मैं इधर भगवान शिवजी को अपना गुरु क्यों न बना लूं है तो यहां पर मैं आज आपको बताऊंगी कि अगर आप चाहते हैं कि शिवजी को ही अपना गुरु मान लें और अपनी कोई भी साधना है कि मेडिटेशन है कोई क्रिया है उसको आगे बढ़ाना चाहते हैं तो आप कैसे करेंगे मैं आपको इस वीडियो में आज बताऊंगी और आप लोगों से कहना चाहूंगी कि अगर पहली बार मेरा चैनल देख रहे हैं तो मेरे चैनल अभिज्ञान प्रोडक्शन को लाइक शेयर और सब्सक्राइब कर लीजिए तो प्लीज press Bell Icon चलिए आगे बढ़ता है बताती हूं कि कैसे बनाएं महादेव को गुरु ज्ञानी गुरु को साक्षी मानकर किए गए

1:34 कोई भी कार्य में रुकावट नहीं आती भगवान शिव गुरु गुरु गुरु शिवजी हो तो कोई भी हो अभी की प्राप्ति हो जाती हैं उनको गुरु बनाने की विधि नीचे दी गई है चलिए मैं आपको बताउंगी कि कैसे किया जाएगा कैसे बनाएंगे कैसे बनाएं और कैसे सबसे पहले सबसे पहले मन को शांत करके ध्यान की मुद्रा में आंखें बंद करके बैठ जाइए भगवान शिव से ही मैं अमुक नाम गोत्र गोत्र गोत्र का नाम है उसका उच्चारण की चाहिए आपको अपना गुरु बनाने का आग्रह कर रहा हूं यो यो कर रही हूं आप मुझे शिष्य के रूप

2:20 में स्वीकार कीजिए तो फिर दोनों हाथ ऊपर उठाकर ब्रह्मांड की तरफ देखते हुए तीन बार घोषणा करें मैं अमुक राम गोत्र अमुक गोत्र अखिल अंतरिक्ष साम्राज्य में घोषणा करता हूं कि शिव मेरे गुरु है मैं उनका शिष्य हूं शिव मेरे गुरु है न कोई शिष्य हूं शिव मेरे गुरु है मैं उनका शिष्य हूं मैं गुरुदक्षिणा के रूप में आपको राम नाम सुनाऊंगा तथास्तु घोषणा दर्द हो कि हे ईश्वर आप मेरे इस प्रार्थना को सुनिए इससे भगवान शिव अपनी हितैषी शास्त्रीय व्यवस्था के मुताबिक आगरा करने वाले को शिष्य के रूप में स्वीकार कर लेते हैं कि शिव गुरु को साक्षी मानकर शुरू किए गए

3:06 कार्यों में रुकावट कभी भी नहीं आती है इसीलिए जो भी काम करें उसके लिए भगवान शिव को पहले साक्षी बना लें और कहीं खुशबू जी आप मेरे गुरु है मैं आपका शिष्य हूं आप को साक्षी बनाकर यह कार्य करने जा रहा हूं इसकी सफलता के लिए मुझे दैवीय सहायता और सुरक्षा प्रदान कीजिए फिर शिव गुरु से कम से कम तीन बार रोज कहीं ही शिवजी आप मेरे गुरु है मैं आपका शिष्य हूं मुझ पर दया करें शिवजी आप मेरे गुरु मैं आपका शिष्य हूं मुझ पर दया करें Hey you आप मेरे गुरु मैं आपका शिष्य हूं मुझ पर दया करें फिर हर रोज शिव गुरु को नमन करें इसके लिए

3:53 शांत मन से कुछ मिनटों तक ओम नमः शिवाय गुरुदेव सचिदा नंद आखें मूंद तह कि निष्प्रपञ्चाय शांताय निरालंबा हितेश से का जाप करें ऊं है इसके बाद गुरुदक्षिणा के रूप में ओम नमः शिवाय मंत्र की कम से कम एक माला का जप प्रतिदिन करने का संकल्प लेकर शिवजी को गुरु मानकर अर्पित करें इस प्रकार आप भगवान शिव को गुरु बना सकते हैं कि तो हमेशा यह स्मरण रहे कि आप भगवान से उसे इश्वर जाएंगे इसीलिए अगर आप ऐसा करना चाहते हैं तो हमें सच्चाई ईमानदारी छल कपट प्रपंच इशा आपके अंदर जैसे मैं Android

4:39 करने को कहती हंसारी जो यह बुरी चीज है इनको आप दूर करेंगे सत्यता के साथ उस राह पर चलते हुए सत्कर्म करेंगे और हमेशा जनसेवा युवा समाज सेवा के कार्य करने के लिए आगे बढ़ेंगे यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो भगवान शिव आपको अपने शिष्य के रूप में स्वीकार कर देंगे और कितना भी फिर भगवान के पीछे रोएंगे कुछ भी प्रार्थना करेंगे आपकी प्रार्थना स्वीकार नहीं की जाएगी तो सबसे पहले अगर आप मेहराज अपने शिवजी को गुरु मानना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको उनके योग्य बनना होगा तो शिवजी के योग्य कैसे बने उसके लिए आपको इन वर करना होगा आपको साधना आफ मेडिटेशन या अपनी आत्मा को जैसा कि विशाल बच्चा होता है जब जन्म लेता है वैसा होना होगा यह

5:26 जैसे एक मां अपने बच्चे को देखिए हवाओ में खिलते हैं उछालते हैं बच्चा खिलाकर हंसता है उसे नहीं पता होता कि वह गोद में गिरेगा या जमीन में गिरेगा आपको डिवाइन को भोलेनाथ को टोटली सरेंडर करना होगा आप जब संपूर्ण विश्वास करेंगे सबसे पहले जो अपनी आत्मा को क्लीन करेंगे उसके बाद जब भोलेनाथ पर संपूर्ण विश्वास करके स्वयं को समर्पित कर देंगे सरेंडर कर देंगे तब जाकर वह आपको अपना शिष्य स्वीकार करें और आपके जीवन की समस्त रुकावटें दूर होंगी तो यह थी एक छोटी सी जानकारी आप लोगों के लिए आपको कैसा लगा यह वीडियो नीचे जरूर लिखिए और अगर अच्छा लगता है तो आप इस ग्रुप में अपने लोगों ने इसको शेयर भी कीजिए कि आप भोलेनाथ के भक्त हैं मेरे साथ कई

6:12 व्यक्ति माता की ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय ॐ नमः शिवाय हरि ओम तत्सत हरी ओम तत्सत हरी ओम तत्सत कर दो

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