SJL425 | Dhruv Rathee Soft Hindutva Agent | Achary Prashant Hidden Agenda | Science Journey

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो ध्रुव राठी के कंटेंट और उनके द्वारा प्रस्तुत की जा रही जानकारियों की सटीकता पर सवाल उठाता है। इसमें रामायण और महाभारत जैसे धार्मिक ग्रंथों के उदाहरणों का उपयोग करके यह दर्शाया गया है कि कैसे राठी कुछ तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत करते हैं या जानबूझकर छोड़ देते हैं। वीडियो में राठी के "सॉफ्ट हिंदुत्व" के एजेंडे पर भी सवाल उठाया गया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि वह हिंदू धर्म के कुछ पहलुओं को बदलकर उसे अधिक स्वीकार्य बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि मूल विचारधारा को बरकरार रखते हैं।

  • ध्रुव राठी के कंटेंट में तथ्यात्मक गलतियाँ और भ्रामक जानकारी।
  • रामायण और महाभारत के उदाहरणों का गलत उपयोग।
  • "सॉफ्ट हिंदुत्व" के एजेंडे पर सवाल।

परिचय

वीडियो में ध्रुव राठी के बारे में बात की जा रही है, जिनके वीडियो आजकल बहुत देखे जा रहे हैं और लोगों तक उनका मैसेज पहुंच रहा है। सवाल यह है कि क्या उनकी सारी बातें सही हैं या वह कोई एजेंडा चला रहे हैं। वक्ता का कहना है कि वह राठी की राजनीतिक सोच पर कोई बात नहीं करेंगे, क्योंकि हर किसी को अपनी राय रखने का अधिकार है। लेकिन, राठी अपने कंटेंट में कुछ ऐसे पॉइंट्स भी बताते हैं जो भ्रामक हैं, और लोगों को उनके बारे में पता होना चाहिए।

ध्रुव राठी और धार्मिक ग्रंथ

ध्रुव राठी के वीडियो में अक्सर रामायण और महाभारत का जिक्र होता है। पहले वह सीधे-सीधे राम-राम करते थे, लेकिन अब उन्होंने कुछ बदलाव किए हैं। उन्हें लगा कि बहुजन समाज धर्म ग्रंथों के चक्कर में पिछड़ा रह गया है, इसलिए उन्होंने थोड़ा सा बदलाव किया है। अब वह कभी-कभी ज्योतिराव फुले और बाबा साहब का नाम ले लेते हैं। लेकिन, रामायण और महाभारत को काल्पनिक को वास्तविकता बताने का उनका खेल अभी भी जारी है। यह हार्ड हिंदुत्व की जगह सॉफ्ट हिंदुत्व लाने का प्रयास है।

सीता जी को बचाने के लिए राम ने क्या किया?

ध्रुव राठी सावित्रीबाई फुले के बारे में बात करते हैं, जो अच्छी बात है। लेकिन, वह अपनी पुरानी आदत नहीं छोड़ते हैं। वह ज्योतिराव फुले जी का नाम लेते हैं और फिर रामलीला पर आ जाते हैं। वह कहते हैं कि सीता जी ने भी भगवान राम का साथ दिया वनवास में। वक्ता पूछते हैं कि राम ने सीता जी को बचाने के लिए क्या किया? और उनको बचाने के बाद सीता जी का क्या किया? राठी कहते हैं कि औरत को अड़चन की तरह देखते हो, लेकिन यह बात किताबों में लिखी हुई है।

युद्ध कांड और राम का संदेश

वक्ता बताते हैं कि राठी सॉफ्ट हिंदुत्व का चैनल लॉन्च कर रहे हैं, जिसमें वह आर्य समाजी की तरह कुछ चैप्टर हटा देंगे। वक्ता युद्ध कांड का 115 वां सर्ग दिखाते हैं, जिसमें राम सीता से कहते हैं कि उन्होंने जो युद्ध का परिश्रम उठाया है, वह तुम्हें पाने के लिए नहीं किया गया है। वक्ता कहते हैं कि राठी अपनी किताब नहीं पढ़ते हैं। राम कहते हैं कि उन्होंने सदाचार की रक्षा और अपवाद निवारण के लिए यह सब किया है। राम सीता जी से कहते हैं कि तुम्हारे चरित्र में संदेह का अवसर उपस्थित है, फिर भी तुम मेरे सामने खड़ी हो।

बुद्ध और ओशो का संदर्भ

ध्रुव राठी कहते हैं कि बुद्ध ने सत्ता पाने के लिए यह सब नहीं किया था। वह तो खुद एक राजकुमार थे। वक्ता कहते हैं कि यह अच्छी बात है कि राठी ने यह जिक्र किया। लेकिन, जब वह मिसलीड करते हैं, तो उस पॉइंट से पब्लिक को जागरूक करना जरूरी है। राठी कहते हैं कि जब बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति हुई, तो उन्होंने सबसे पहले ओशो के एक लेक्चर का ट्रांसक्रिप्ट दिया। वक्ता कहते हैं कि यह फिर से मिसलीडिंग पॉइंट है। बुद्ध की बात करते हो तो कम से कम यह तो पता होना चाहिए कि सबूत कहां से देना है।

बुद्ध और यशोधरा

ध्रुव राठी कहते हैं कि बुद्ध को ज्ञान प्राप्ति हुई तो पहली बात उन्होंने अपने शिष्यों से यह कही कि मैं यशोधरा के पास जाना चाहता हूं। वक्ता कहते हैं कि राठी को जानकारी होनी चाहिए कि बुद्धत्व के दिन वहां पर कोई भी नहीं था। आनंद तो थे ही नहीं। राठी की रिसर्च टीम पता नहीं कहां से जानकारी लाती है। राठी कहते हैं कि बुद्ध ने माफी मांगी और कहा कि मैं नासमझ था, अब समझ आई तो वापस आया हूं। वक्ता कहते हैं कि यह दरअसल इनको नहीं जानकारी है।

राम राज्य की स्थापना

ध्रुव राठी कहते हैं कि राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न चारों भाइयों में बहुत प्यार था। इसका मतलब यह हुआ कि राम जनता के लिए काम नहीं कर पाए। उन्होंने तो राम राज्य स्थापित किया था। वक्ता पूछते हैं कि राम ने कौन सा राम राज्य स्थापित किया था? किसी को पता है लक्ष्मण की मौत कैसे हुई थी? शत्रुघ्न और भरत की मृत्यु कैसे हुई थी? राम ने खुद सुसाइड किया था। राठी कहते हैं कि राम राज्य में कोई गरीब, बेरोजगार, दुखी नहीं था।

शंबूक वध और राम राज्य

वक्ता बताते हैं कि नारद जी का श्री राम से एक तपस्वी शूद्र के धर्माचरण बालक की मृत्यु का कारण बताना और शंबूक का गला काट देते हैं। त्रेता युग में ब्राह्मण और क्षत्रिय ही तपस्या करते हैं, अन्य वर्ण के लोग सेवा कार्य किया करते हैं। वैश्य और शूद्र को सेवा रूपी उत्कृष्ट धर्म स्वधर्म के रूप में प्राप्त हुआ। वैश्य कृषि आदि के द्वारा ब्राह्मण आदि की सेवा करने लगे और शूद्र सब वर्णों लोगों की विशेष रूप से पूजा आदर सत्कार करने लगे।

ध्रुव राठी का सॉफ्ट हिंदुत्व

वक्ता कहते हैं कि ध्रुव राठी के सॉफ्ट हिंदुत्व में राम राज्य में सिर्फ ब्राह्मण और क्षत्रिय ही तपस्या करते हैं। बाकी के दोनों वर्णों का क्या काम है? राम जाति पूछते हैं और शंबूक कहता है कि वह शूद्र योनि में उत्पन्न हुआ है, तो राम उसका सिर काट देते हैं। ध्रुव राठी इसको गायब कर देते हैं और कहते हैं कि यह मिलावटी है। वक्ता पूछते हैं कि मिलावट किसने किया? जब शूद्र का काम ही नहीं था पढ़ाई लिखाई करना, तो मिलावट किसने किया?

शंबूक वध की ऐतिहासिकता

वक्ता बताते हैं कि 11वीं सदी में एक यात्री आया था और उसने लिखा था कि उस समय भी शंबूक की घटना हिंदुओं में प्रचलित थी। राजा रामचंद्र जी के समय में मानवी आयु बहुत लंबी होती थी। एक ब्राह्मण का पुत्र पिता के जीवन काल में ही मर गया। ब्राह्मण बच्चे को राजा के द्वार पर लाकर कहने लगा कि यह नई बात मेरे समय में केवल इसी कारण से हुई है कि देश की अव्यवस्था में कोई वस्तु।

वाल्मीकि रामायण और उत्तरकांड

वक्ता बताते हैं कि ध्रुव राठी बार-बार उत्तरकांड को मिलावटी बोलकर भागने की कोशिश करते हैं। वाल्मीकि खुद लिख रहे हैं कि श्री रामचंद्र जी ने जब वन से लौटकर राज्य का शासन अपने हाथ में ले लिया, उसके बाद भगवान वाल्मीकि मुनि ने उनके संपूर्ण चरित्र के आधार पर विचित्र पद और अर्थ से युक्त रामायण काव्य का निर्माण किया। महर्षि ने 24000 श्लोक 500 सर्ग तथा उत्तर सहित सात कांडों का प्रतिपादन किया।

राम की सूरत और अलबरूनी का विवरण

ध्रुव राठी कहते हैं कि राम की सूरत बदलनी शुरू कर दी। पिछले कुछ सालों में आपने देखा होगा यह एंग्री हनुमान और एंग्री राम की आइकोनोग्राफी गाड़ियों के पीछे इसे लगाया जाता है। वक्ता कहते हैं कि राम वर्मा जो थे, उनसे पहले राम का कोई अस्तित्व ही नहीं है। 11वीं सदी का एक यात्री अलबरूनी लिखता है कि जिन अर्थात बुद्ध की मूर्ति का मुख मंडल तथा अंग यथा संभव सुंदर बनाओ।

रामायण में मुसलमानों का जिक्र

ध्रुव राठी कहते हैं कि रामायण में मुसलमानों का कोई जिक्र नहीं है। वक्ता कहते हैं कि पूरा वाल्मीकि रामायण मुस्लिम शासनकाल में लिखा गया है। वक्ता बालकांड का पांचवा सर्ग दिखाते हैं, जिसमें दशरथ के महल की बात आती है। वह पूरी बड़े-बड़े फाटकों और किवाड़ों से सुशोभित थी। उसके भीतर पृथक पृथक बाजारे थी। वहां सब प्रकार के यंत्र और अस्त्र शस्त्र संचित थे। स्तुति पाठ करने वाले शत और वंशावली का बखान करने वाले माग वहां भरे पड़े थे।

कामधेनु और मलेच्छ

वक्ता बालकांड का 55 वां सर्ग दिखाते हैं, जिसमें कामधेनु एक गाय थी। उसने अपने यज्ञ बल से असैनिक पैदा कर देती थी। तब उस गौ ने फिर हुंकार किया। उसके हुंकार से सूर्य के समान तेजस्वी कंबोज उत्पन्न हो गए। योनि देश से यवन उत्पन्न हो गए और शक्कू देश से शक उत्पन्न हो गए। रोम कूपों से मलेच्छ हारती और किरात प्रकट हुए। वक्ता बताते हैं कि मलेच्छ कौन हैं और इनका जन्म रोम से ही क्यों हुआ है।

भविष्य पुराण और अकबर का जन्म

वक्ता भविष्य पुराण दिखाते हैं, जिसमें अकबर का जन्म होता है। ब्राह्मण मुकुंद ने गौ के दूध के साथ गौ के रोम का भी पान कर लिया। इसी दोष के कारण वह दूसरे जन्म में मलेच्छ योनि में पैदा हुआ। वक्ता बताते हैं कि वाल्मीकि रामायण भी कह रहा है कि रोम कपों से मलेच्छ उत्पन्न होते हैं। यानी मलेच्छ कौन है? मलेच्छ योनि कौन था? अकबर। अकबर कौन से धर्म का था? मुस्लिम। यानी मलेच्छ मतलब मुस्लिम।

झूठा कोट और हिंदू धर्म

ध्रुव राठी कहते हैं कि हिंदू माफिया वालों ने हमारे हिंदू स्क्रिप्चर में एक झूठा कोट इंसर्ट कर दिया। वक्ता कहते हैं कि हिंदू अंदू कुछ ना होता। हिंदू होता ना तो आज आप जो हैं, ध्रुव हिंदू होते, ध्रुव राठी नहीं होते। वक्ता कहते हैं कि धर्म ग्रंथ सिर्फ ब्राह्मणों ने लिखा है। तो आप हिंदू कह के एससी एसटी ओबीसी और गैर ब्राह्मणों को बदनाम ना करें।

वेदांती और हिंसा

वक्ता बताते हैं कि ध्रुव राठी के गुरु वेदांती हैं। उनके वेदांत में लिखा हुआ है कि वह पत्नी यदि इस पति को मैथुन ना करने दे तो पति उसे उसकी इच्छा के अनुसार वस्त्र आभूषण आदि देकर उसके प्रति अपना प्रेम प्रकट करे। इतने पर भी यदि वह उसे मैथुन का अवसर ना दे तो वह पति इच्छा अनुसार दंड का भय दिखाकर उसके साथ बल समागम करे। वक्ता कहते हैं कि यह इनका उपनिषद वेदांत सिखाता है।

गीता और हिंसा

वक्ता बताते हैं कि पूरा गीता की शिक्षा किस लिए हुई थी? अर्जुन कह रहा हम ना लड़ेंगे भाई, हमारे तो सगे संबंधी हम तो ना लड़ रहे हैं भाई, हम छोड़ रहे हैं। और कृष्ण पूरे उसको बैठा के बीच मैदान में क्या सिखाता है? क्या पट्टी पढ़ाता है? तू जन्म से क्षत्रिय है तो तुझे क्षत्रिय वाला ही काम करना पड़ेगा। वक्ता कहते हैं कि धर्म के लिए हिंसा की बात नहीं लिखी है? अरे यहां लिखा है पूरा गीता ही उसमें ब्रेन वाश किया जा रहा है कि भाई तुझको लड़ना है सामने वाले को मारना ही मारना है।

मनुस्मृति और अथर्ववेद

वक्ता मनुस्मृति का एक चैप्टर खोलते हैं, जिसमें साफ-साफ लिखा है कि इस चराचर जगत में जो हिंसा वेद सम्मत है, उसे हिंसा नहीं समझे। वक्ता कहते हैं कि अथर्ववेद का कांड 12 का सूक्त नंबर पाच का मंत्र नंबर 62 कहता है कि वेद से धर्म विरुद्ध मनुष्य रोकने के दोषों का उपदेश कहता है तू धर्म विरुद्ध जो भी स्त्री हो पुरुष हो जो भी हो उसको काट डाल चीर डाल फाड़ डाल जला दे भस्म कर दे फूंक दे।

समापन

वक्ता कहते हैं कि ध्रुव राठी के रिलीजन की रिसर्च जीरो है। वक्ता कहते हैं कि जो अच्छे पॉइंट्स हैं, उसको उन्होंने अप्रिशिएट भी किया। पर जहां पर मिसलीड हो रही है जनता, वह पॉइंट वह जरूर यहां दिखाएंगे। वक्ता कहते हैं कि डिजिटल मीडिया के थ्रू अगर कोई भी गलत फेक न्यूज फैलती है या मिसलीडिंग डाटा आते हैं, तो उस परे अगर हम आवाज नहीं उठाएंगे, तो वह फिर हमारे पूरे समाज के साथ अन्याय होगा।

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Transcript

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0:00 नमस्कार दोस्तों स्वागत है आप सभी का रेशनल वर्ल्ड में ध्रुव राठी के बारे में आज हम चर्चा करेंगे और ध्रु राठी के बारे में ऐसा देखा जा रहा है कि उनकी वीडियो काफी धड़ल्ले से आगे बढ़ रही है लोगों में मैसेज जा रहा है पॉलिटिकल वीडियो बनाते हैं सामाजिक हर तरह की वीडियो बनाते हैं और लोगों पर चकि लार्ज स्केल पर जा रहा है तो उनमें उनकी बातें पहुंच रही है वह जो भी अपना मैसेज देना चाहते हैं पब्लिक में वह मैसेज अमनन पहुंच रहा है तो सवाल य है कि जब इतने लार्ज स्केल पर अगर पहुंच ही रहा है तो क्या सारी बातें उसमें से अच्छी ही पहुंच रही है या कुछ वो अपना एजेंडा भी चला रहे हैं मैं उनके पॉलिटिकल कोई भी टॉक यहां नहीं करने वाला कि उनकी जो सोच है

0:45 पॉलिटिकली वो चेंज चाहते हैं वो लोग चाहते हैं कि यहां पॉलिटिकल चेंज हो ओके वो आपका हर व्यक्ति का अधिकार है आपको जो भी लगता है कि इस पार्टी को चेंज करना चाहिए यह काम नहीं कर रहा है दूसरा को लाना चाहिए वोह बेहतर काम करेगा ये आपके हर व्यक्ति का अपना अधिकार है राइट है कांस्टीट्यूशनल हक है यह सब इस पर अपना काम कर सकते हैं इस पर हमें कोई दोराय नहीं है उनके पॉलिटिकल किसी भी सोच से बात यह है कि इन पॉलिटिकल मैटर्स के लिए जब वह अपने कंटेंट डाल रहे हैं तो उसमें कुछ ऐसे पॉइंट्स भी वह प्रेजेंट कर रहे हैं जो मिस लीडिंग है और मेरे ख्याल से उन डाटास को सब लोगों को जानना चाहिए क्योंकि कभी-कभी ऐसा होता है कि आपको ऐसा लगे कि कोई व्यक्ति आठ बातें

1:31 हमारे मन मुताबिक बता रहा है हमारी इच्छा के अनुसार बता रहा है हमको आठ बात अच्छी लग रही हैं तो हो सकता है कि उसके साथ दो बातें जो हैं वह मिसली कर जाए वह जो दो पॉइंट्स होंगी उन आठ के साथ आप उसको भी सही मान लेंगे और उससे एक बहुत बड़ा भयंकर रूप से गलतियां हो सकती हैं जिसको हम आमतौर पर कहते हैं कि व यूनिवर्सिटी उस चीज का भी आप शिकार हो सकते हैं तो इसीलिए यह टॉपिक बहुत जरूरी था इसको शुरू करने से पहले मैं आप लोगों को लीगल डिस्क्लेमर दिखा देता हूं यह लीगल डिस्क्लेमर है जैसा कि आप जानते हैं यहां पर जो भी बातें होती हैं जो भी प्रेजेंटेशन होती हैं जो भी डिबेट्स होती हैं इसका उद्देश्य साइंटिफिक टेंपरामेंट को इनकरेज करना है मैं आपसे यह भी कहना चाहूंगा कि अध्र राठी को ओपन

2:16 डिबेट इनविटेशन भी दिया गया है कि इनको भी लेते आए क्योंकि बार-बार इनको कोट करके वो कुछ बातें बताने के प्रयास करते हैं तो इसीलिए इस ओपन डिबेट इन्विटेशन में दोनों लोगों का स्वागत किया गया है ध्रु राठी और उनके गुरु चार प्रसन वो भी साथ में आए तो डिबेट में बड़ा मजा आएगा बात यह है कि ध्रु राठी अक्सर हा बाबाओ के खिलाफ रहते हैं जैसे बागेश्वर हो गया बागेश्वर को उन्होंने एक्सपोज भी किया था धीरेंद्र शास्त्री को कि देखें उसने किस तरह से प्रोपेगेंडा फैलाया किस तरह से झूठा तो अब उनका क्या है कि आसमान से गिरे खजूर पलट के चाहिए तो बाबा ही बाबा मतलब

3:04 एक का विरोध करना है यह बुरा वाला ब्राह्मण है ये बुरा वाला बाबा है ये अच्छा वाला बाबा है हमको ना अब एक अच्छा बाबा चाहिए उस बाबे को हटाओ अब एक अच्छा अच्छा वाला बाबा ले आओ तो उसके लिए उन्होंने आचार पसान को ले आए हैं अभी अपने वीडियो में आए दिन इसको प्रमोट भी करते रहते हैं कि अच्छा वाला बाबा ले दो अच्छा वाला बाबा ले लो पुराना वाला बाबा खराब है वो वाला बाबा खराब है नया वाला बाबा ले लो तो हमने सोचा कि भाई क्या अच्छा है उसको हम लोग देखा जाए तो राठी के वीडियोस में अक्सर एक पॉइंट और देखने को मिलता है कि यह बार-बार जो है रामायण को महाभारत को भी कोट करते हैं थोड़ा सा सुधार भी हुआ है इनमें पहले तो सीधे सीधे राम राम ही करते थे और सुधार क्या किया है सुधार इन्होंने

3:50 दरअसल कुछ किया नहीं है कुछ एडऑन कर लिया है इनको जब ऐसा लगा कि बहुजन समाज जो है देश का एक बड़ा तबका जो है इसी धर्म ग्रंथ के चक्कर में धर्मों के चक्कर में ही देश का एक बहुत बड़ा 90 फीसद संख्या जो है एससी एसटी ओबीसी पिछड़ा रह गया हमेशा से पिछड़ा रहा तो जब इतना पिछड़ापन रहा ही धर्म ग्रंथों के तो इनका क्या किए हैं इन्होंने अब जब ट्रोल होना शुरू किया बच्चों ने ट्रोल करना शुरू किया तब इन्होंने क्या किया अब एडऑन कर लेते हैं कभी-कभी गलती से गाहे बगाहे ज्योतिराव फूले जी का नाम ले लेंगे कभी गाहे बगाहे जो है बाबा साहब का नाम ले लेते हैं थोड़ा सा इन्होंने बस एडऑन किया उसमें कोई सुधार नहीं है रामायण महाभारत काल्पनिक को वास्तविकता बताने की इनकी जो खेल है उसमें

4:35 कोई सुधार नहीं है मतलब एक होता है ना हार्ड हिंदुत्व का एजेंडा तो यह उसको ले आए हैं सॉफ्ट हिंदुत्व सॉफ्ट हिंदुत्व में क्या होगा हार्ड हिंदुत्व में जो है जय श्री राम के नारे लगते हैं और उसमें जो है बड़े-बड़े बाबा आते हैं बागेश्वर वाला बाबा हिंदुत्व राष्ट्र की बात आती है तो उसके बजाय यह इनका प्रयास है कि हम एक सॉफ्ट हिंदुत्व ले आए अब क्या करें ये समझा दे कि देखो वो बुरा वाला है अब ये अच्छा वाला ब्राह्मण है इन लोगों के आप पाले में आ जाइए और ताकि जो है अ फिर से वह हिंदुत्व का प्रोग्राम आगे बढ़ता रहे उसमें कोई डिनायल नहीं होना चाहिए उसको हम हार्ड कह देंगे सॉफ्ट कह देंगे कंसंट्रेशन में थोड़ी सी कमी आगे पीछे कर देंगे हिंदुत्व वाला पोर्शन नहीं हटाएंगे भाई इनका एकदम साफ अपना एकदम क्लियर कट मैसेज

5:20 है अन्यथा ये सब की जरूरत नहीं पड़ती अपनी बात तो यह बिना किसी बाबा ढाबा के भी बिना किसी धर्म के भी रख सकते थे लेकिन एजेंडा कहां से फिट एजेंडा तो रखना पड़ेगा ना एससी एसटी ओबीसी के ऊपर एक एजेंट धारी वाईफाई एंटीना सहित बैठाना जरूरी है नहीं रहेगा तो कैसे साबित होगा कि ये लोग एससी एसटी ओबीसी हैं तो आइए इनके कुछ हम सुनते हैं कुछ पॉइंट्स और फिर हम देखते हैं कि तब तक मैं वेट करता हूं इंतजार भी करेंगे कि अगर इ ये शामिल होते हैं तो डिबेट भी होगी हम उन मुद्दों पर चर्चा करेंगे फिलहाल इनके स्टेटमेंट सुनते हैं कि ये दरअसल क्या बताना क्या चाह रहे हैं नी सावित्रीबाई फूले के बारे में तो सब जानते हैं क्या उन्होंने देश के लिए महान काम

6:06 नहीं किया आपने तो देखि इनम मैंने क्या कहा था अब इन्होंने ना थोड़ा सा एड ऑन कर दिया है तो यह अच्छा पॉइंट है मैं ये नहीं कह रहा हूं कि इनका हर चीज ही खराब है और मैं पहले भी य इत्तला दे चुका हूं कि इनके पॉलिटिकल मैटर्स पर मैं कुछ नहीं बोलने वाला वो उनका अपना राइट्स है हर व्यक्ति का राइट है आप अपने पॉलिटिकल स्वतंत्र हैं आपको किसको चुनना है किसको ले आना है उसके लिए आप स्वतंत्र हैं हम इनके सिर्फ उस पॉइंट्स को देखेंगे जिस पॉइंट्स को देखकर हमारे बहुजन लोग एससी एसटी ओबीसी मिसलेड ना हो इसलिए उस पर चर्चा करनी जरूरी है तो यह चले ये अच्छा पॉइंट है कि इन्होंने जिक्र किया ठीक है ना अब कम से कम जिक्र करना तो सीख गए नहीं तो पहले तो नाम ही नहीं लेते थे किसी बहुजन महापुरुष का तो आगे सुनते हैं लेकिन करते क्या है कि अपनी

6:52 वाली जो आदत है ना वोह नहीं छोड़ रहे है आदत क्या है अब जो तिरा फुले जी का नाम लिया आगे सुनिए रामलीला देखिए तो उसमें आ गए आप रामलीला वाला पॉइंट प आ गए छूटेगा ही नहीं छूटेगा नहीं डीएनए में घुसते जा रहा है सुनिए आगे सुनिए कैसे सीता जी ने भी भगवान राम का साथ दिया वनवास में और राम ने सुन लिया आपने सीता जी ने भी साथ दिया तो भैया और किस कौन-कौन लोगों ने साथ दे दिया भाई सीता जी ने भी साथ दिया और कौन-कौन लोगों ने साथ दिया था भाई अच्छा आगे सुन लेते हैं उहे बचा लिए क्या क्या नहीं किया सुना आपने क्या कहा इन्होंने सीता जी को बचाने के लिए उन्होंने क्या क्या नहीं किया फिर से सुन लेते और राम ने उन्हे

7:38 बचाने के लिए क्या क्या नहीं किया अच्छा क्या किया था राम जी ने उनको बचाने के लिए क्या किया था बताइए आप राम जी ने सीता जी को बचाने के लिए क्या किया था भाई और रिजल्ट क्या हुआ उनको बचाने के बाद से क्या किया बात तो यह है ना उनको बचाने के बाद से सीता जी का क्या किया य भी तो बात होगी ना खैर सुनते हैं पूरी बात सुन लेते हैं ना यूनिवर्सिटी की कैसी घटिया नारी विरोधी मानसिकता है जहां आप औरत को एक अड़चन की तरह देखते हो सुन लिया आपने कह रहे हैं कि औरत को आप अड़चन की तरह देखते हो तो ये ट यूनिवर्सिटी की नहीं देन है यह आपकी ना किताबों में लिखा हुआ है दिया हुआ है दरअसल ये आपका दोष है क्या आप किताब पढ़ते नहीं है अब देखें इनको इनकी किताब हम

8:26 पढ़वाओ नहीं है तो हम ही पढ़वाओ बड़ा रोने लगते हैं अरे मिलावट है मिलावट है मिलावट है क्योंकि इनका जो सॉफ्ट हिंडवा का जो इन्होंने अपना नया चैनल लंच किया है सॉफ्ट हिंडवा चैनल नहीं है बेसिकली इनका जो ख्याली पुलाव है सॉफ्ट हिंदुत्व का उसमें इन्होंने क्या किया है आर्य समाजी की तरह ही उसमें से ये चैप्टर हटा देंगे ये वाला में हम फस जाते हैं ये वाला फस जाते हैं ये वाला हटा देंगे ये वाला उठाकर ला देंगे ओबीसी के ऊपर तो इसमें से ये क्या करते हैं इसीलिए हमने इनका ना ये छठा चैप्टर उठाया है इनका

9:11 सातवा तो मिलावटी बोलते हैं तो हम छठा उठा लिए हैं ये है युद्ध कांड और इसमें राम जो है क्या करते हैं जीत जाते हैं बोल रहे है ना कि राम जी ने क्या नहीं क्या नहीं उनके लिए क्या हम दिखाते हैं राम जी ने क्या किया ये देखिए 115 वां सर्ग है युद्ध कांड का और इसका 15 नंबर श्लोक में क्या कहते हैं राम जो है क्या कहते हैं सीता से कहते हैं तुम्हारा कल्याण हो तुम्हें मालूम होना चाहिए कि मैंने जो यह युद्ध का परिश्रम उठाया है राम खुद बता रहे है ना कि हमने जो यह युद्ध का परिश्रम उठाया है तथा इन मित्रों के प्राक से जो इसमें विजय पाई है यह सब तुम्हें पाने के लिए नहीं किया गया है तो राठी आपना अपनी किताब दरअसल पढ़ते

9:57 नहीं है आपके प्रभु श्री राम जी जो हैं वो साफसाफ यह बात कहते हैं कि भैया यह जो परिश्रम किया है मैंने ये सीता जी आपके लिए नहीं किया है सीता आपके लिए तो कतई नहीं किया है हमारे दोस्त भी यहां जितने आए हैं सब नहीं आपके लिए नहीं कि आए हैं सब साफसाफ यहां लिखा हुआ है आपकी किताब में और यह मैं बता दूं कि ये युद्ध कांड है उत्तरकांड भी नहीं है कि आप रोने और मिम आने लगेंगे तुरंत रो रोना शुरू कर देंगे अरे मिलावट है अरे मिलावट कर दिया की थी ना हमारे लामाइन में रोने लगता है तुरंत बनय मैं बता देता हूं कि यह आपके वाल्मीकि रामायण के युद्ध कांड में राम प्रभु श्री राम आपके जो है साफसाफ यहां कह रहे हैं अब इसमें क्या होता है आगे लिखते हैं 16 नंबर में कि सदाचार की रक्षा और सब

10:44 और फैले हुए अपवाद निवारण तथा उसके सुखतवा है उसके परिमार्जन के लिए यह सब मैंने किया है यानी यहां पर जो हिंदुत्ववादी जो मर्द वादी सोच है कि अरे किसकी हिम्मत हो गई कि हमारे वाइफ को हमारी पत्नी को उठाकर ले गया कलंक लग गया था कुल खानदान पर उसके परिमार्जन के लिए ना कि सीता जी को वापस लाने के लिए उनको अपनी इज्जत प्यारी है ना कहते नहीं है राम कि निंदा नहीं सुन सकता भाई निंदा के लिए तो आत्महत्या कर लूंगा भाइयों को छोड़ दो निंदा नहीं सुन सकता य भी कहे है ना उत्तरकांड में रोने लगेंगे खोल दूंगा तभी तो यहां पर इसी साफसाफ यहां श्री राम क्या कहते हैं कि वो जो कलंक लग गया था उसके 17 नंबर में कहते हैं आगे

11:31 सीता जी से कहते हैं तुम्हारे चरित्र में संदेह का अवसर उपस्थित है सीता जी से कह रहे हैं बकाय दे य कह रहे थे ना भी क्या क्या नहीं किया है काहे मिस लीडिंग करते हो ध्रुव राठी काहे मिस लीडिंग करते हो पब्लिक को जो किताब में लिखा है सीधे-सीधे बता दो ना उसमें सीता जी से प्रभु श्री राम आपके जो हैं सीधे-सीधे कहते हैं सीता जी से तुम्हारे चरित्र में संदेह का अवसर उपस्थित है फिर भी तुम मेरे सामने खड़ी हो क र फिर भी तुम सामने खड़ी हो जैसे आंख के रोकी को दीपक की ज्योति नहीं सुवाती अच्छा ये कब हुआ है रावण को मार दिए हैं सीता को बुलाए हैं अ सीता सामने खड़ी है आराम उनसे कह रहे हैं क रहे दीपक की ज्योति नहीं सुहाती उसी प्रकार आज तुम मुझे अत्यंत अप्रिय जान पड़ती हो अतः जनक कुमारी

12:18 तुम्हारी इच्छा जहां इच्छा हो चली जाओ मैं तु तुम्हें अपनी ओर से तुम्हें अनुमति देता हूं भद्रे ये दसों दिशाएं तुम्हारे लिए खुली है अतः तुमसे मेरा कोई प्रयोजन नहीं है और आगे तो आप को पता है कह देते हैं कि राक्षस इसके साथ चले जाओ विभीषण के साथ चले जाओ सुग्रीम के साथ मेरे भाइयों के साथ चले जाओ सबके साथ भेज देते हैं जिसके साथ चले जाओ फिर अग्नि परीक्षा देनी पड़ती तो यह ध्रुव राठी आपको यह वाला ूथ नहीं बताते हमेशा ही ध्रुव राठी जो है चाहते हैं ध्रुव राठी का एजेंडा क्या है कि हम ना हिंदुत्व जो डिजाइन है उसको ना बाइ फरके करें दो पार्ट में उसका एक में कंसंट्रेशन जो है वो कम कर दें और कह दें कि यह वाला जो अभी तक जो चल रहा था ू थोड़ा ना हार्ड था हमने थोड़ा ना डालूट कर दिया है अब थोड़ा सा सॉफ्ट हिंदुत्व ले

13:04 आया जाए और जो बोतल का भीतर का मटेरियल है उसको एज इट इज रहने देते हैं और बोतल बदल देते हैं भाई ठीक है ना सॉफ्ट हिंदुत्व पे आ जाते हैं अरे इससे हमारे एससी एसटी ओबीसी को क्या फायदा होगा सर के ऊपर हमेशा ही बैठा रहेगा समाज में कैसे परिवर्तन होगा जब तक राम जो है इनको अपना आदर्श मानते रहेंगे तो तो बार-बार किताब खोलेंगे कहेंगे कि हां राठी भैया भी बड़ा सही बोले थे कि सब खराब है खराब है ई वाला हम पढ़ेंगे इसमें तो राम जी संदेह करते थे हम तो करेंगे राम जी के पथ पर चल रहे हैं प्रभु श्री राम और और महिला के ऊपर जब कोई पति संदेह करेगा और कुछ भी करेगा तो महिला भी कहेगी जय श्री राम ये तो हमारे प्रभु श्री राम जी ने भी किया था य तो किताब में लिखा है ना हमारा पति भी कर रहा है क्या हो गया

13:50 क्या दिक्कत है सहने दो ये तो आप प्रणाली चला रहे हो भाई गलत को गलत कहना कहां कब से बुरा हो गया सीधे सीधे कहो कि गलत है तो गलत है एक तो इन्होंने बहाना मार दिया कि मिलावट है मिलावट उसको वो भी मैं दिखाऊंगा पहले ये सुन लीजिए तो इनकी करामात आप देख लीजिए आगे तो यहां पे पूछना ही नहीं है 19 में कह देते हैं कौन ऐसा कुलिन पुरुष होगा जो तेजस्वी होकर भी दूसरों के घर में रही हुई स्त्री को केवल इस लोभ से कि यह मेरे साथ बहुत दिनों तक र हार स्थापित कर चुकी है मन से भी ग्रहण कर सके बोल रहे कौन ऐसा कुलिन पुरुष होगा बताइए सारे मर्द ऐसा करने लगे कि भैया लड़की जो है यह तो माइके गई थी यहां घूमने गई थी वहां घूमने गई थी कौन कुलीन पुरुष होगा जो दूसरे के घर में रही स्त्री को

14:37 ग्रहण करेगा विधवा विवाह नहीं होता क्या क्या यही थिंकिंग थी जिसके कारण से आप लोगों ने विधवा विवाह ही खत्म कर दिया कि दूसरे के घर में पहले से कहीं शादीशुदा थी तो तो यह तो मतलब हद हो गई है और राठी इसको जस्टिफाई करते बकाय ध्रु राठी इस पर प्रकाश ही नहीं डालते आप धु यह मैं बता दूं उत्तरकांड नहीं है भाई युद्ध कांड है क्यों नहीं बताते यह जब जब राम की बार-बार प्रशंसा य करते अपने वीडियो में ठीक है हम आपको खराब नहीं कर रहे हैं आप कीजिए इट्स ओके लेकिन भाई उसका जो दूसरा पक्ष है कि य सब भी बातें लिखी है य क्यों नहीं दिखा देते कि जब राम सबके आदर्श होंगे यह सब काम भी अगर पब्लिक करने लगी तो भारत का जो

15:22 कांस्टिट्यूशन जिसमें महिलाएं जो है अपने पति से जस्टिफिकेशन ले रही मतलब जस्टिस रही अगर कोई अन्याय कर रहा है उसका क्या किया जाएगा राम राजा ला दिया जाए यही सब हो जाएगा तो आगे 20 नंबर में तो हद ही पार है किताब में वाल्मीकि रामायण देखिए रावण तुम्हें अपनी गोद में उठाकर ले गया और तुम पर अपनी दूषित दृष्टि डाल चुका है ऐसी दशा में अपने कुल को महान बताता हुआ मैं फिर तुम्हें कैसे ग्रहण कर सकता हूं रावण तुम्हें अपनी गूध में उठा के ले गया क्या क्या भरा हुआ है लड़ाई खत्म हुआ है सीता जी को बुलाया गया सीता जी सामने हैं राम ये सब बातें कर रहे हैं सारा चारों तरफ पब्लिक है चारों तरफ पब्लिक है और इधर

16:07 राइट साइड में तो देख लीजिए लिख ही देते हैं लक्ष्मण के साथ चली जाओ तो भरत के साथ चली जाओ तो विभीषण के राक्षस राज विभीषण के साथ तो बानर राज सुग्रीम के साथ चली जाओ शतु दन के साथ पता नहीं क्या क्या लिखा क्या बोले छोड़ हटाइए तो देख लीजिए आप यह सब बातें है तो अब इनको क्या बोला जाए बोलिए यह सब बातें आपको बताएंगे नहीं तो खैर मैं ये पूरा स्क्रीन मैंने दिखा दिया है चलिए आगे सुनते हैं इनकी बात को देखें और ये क्या बोलते हैं फिर हम इस पर चर्चा करते हैं ुद ने यह सब नहीं किया था वो तो खुद कह रहे हैं सत्ता पाने के लिए अब यह क्या किया है इन्होंने एक और दो बातें नई नई लेकर आए हैं ये क्या करते हैं आप मैंने कहा ना बहुजन कुछ लोगों की भी बातें करना शुरू कर बुध की बातें कर रहे हैं सत्ता

16:54 पाने के लिए भगवान बुद्ध ने यह सब नहीं किया था वो तो खुद एक राजकुमार थे वो तो को महल को और सिंहासन को छोड़कर जंगल में गए थे और उनके पीछे उनके मां-बाप उनकी पत्नी यशोधरा और उनके बेटे राहुल तो राज महल में सुविधाओं के साथ जी रहे थे यह बात इन्होंने अच्छी कही है इसके लिए इनको मैं पॉइंट्स देता हूं जो अच्छी बात है उसको हमको एक्सेप्ट करना चाहिए कि कहीं-कहीं इन्होंने कुछ अच्छी बातें करते हैं लेकिन सवाल यह है कि जब यह मिसली कर देते हैं कुछ पॉइंट्स को उस पॉइंट से पब्लिक को जागरूक करना जरूरी है यह बिल्कुल सही बात कहा इन्होंने कि जो लोग भी बुध से बात कंपेयर करते हैं कि बुद्ध ने पत्नी को छोड़ा तो यहां पर मैं आपको जानकारी दे दूं कि बुद्ध ने पत्नी को नहीं छोड़ा बल्कि उनके पूरे गांव समाज के जो लोग थे उन लोगों ने बुध को छोड़ दिया था

17:41 देश निकाला हो गया था और देश निकाला होने के कारण उनकी मजबूरी थी तड़ीपार कर दिया गया था बुधा को तो बुधा को जाना पड़ा था क्योंकि वह हार गए थे नदी के बंटवारे में ये युद्ध नहीं चाहते थे बाकी पब्लिक युद्ध चाहती थी वोटिंग हुआ था उस समय वोटिंग सिस्टम था गणराज्य गणराज्य का क्रेडिट जाता है भारत को सबसे पुराना गणराज्य होने का तो उसमें वह हार गए थे जिस कारण से उनको देश निकाला दिया गया था तो उस कारण से जाना था तो यहां पर यह पॉइंट इन्होंने सही कहा पर मिस लीडिंग पॉइंट आगे यह कहते हैं आगे सुनिए और जब बुध की ज्ञान प्राप्ति हुई तो जानते हैं उन्होंने सबसे पहले क्या कहा था ओो क पर ओो के एक लेक्चर का ट्रांसक्रिप्ट दिया हुआ है जब बु अब देखें यहां पर यहां पर यह जिसको कहते हैं

18:27 न सिटी यहां पर ये फिर से मिस लीडिंग पॉइंट दे आते हैं जब आप बुध की बात करते हो तो कम से कम यह तो पता होनी चाहिए ना कि आपको सबूत कहां से देना है ठीक है ना आपको सबूत यह पॉइंट आपका बहुत अच्छा था कि बुधा जो है अपनी पत्नी या किसी को घर से बाहर भेजा दिए निकाल दिए दुख भोगने के लिए उल्टे उनको देश निकाला मिला तो वह खुद भटकते रहे पैरों में कांटे चुभते रहे खाने पीना जो एक अच्छे घर में रहा हो मतलब खाना प प्रॉपर मिलता हो वह कैसे जंगल में रहता होगा कष्ट खुश है यह बहुत अच्छी पॉइंट है लेकिन यहां पर यह जो रेफरेंस देना कि ओड कॉ ओो ने लिखा है ओो ने कहा मैं आपको बता दूं कि ओो बुद्धिस्ट नहीं थे आप रेफरेंस

19:13 दे रहे हो तो कम से कम एक अच्छे स्कॉलर का तो देना चाहिए कम से कम बाबा साहब का ही दे देते बाबा साहब ने बुद्धा धम पर सबसे अच्छा काम किया है भारत में एलर्जी है क्या आपको बाबा साहब और उनकी किताबों से कम से कम उनका तो किताब उठा के हवाला दे देते तो यहां पर इन्होंने क्या किया कि इन्होंने एक ऐसा रेफरेंस उठाया जो जयंत है ो जयंत है बुधा की भी बात करते थे वो लेकिन ना उनको रिसर्च उनकी अच्छी नहीं थी बुद्धिज्म पे तो वह क्या करते थे बड़ी हल्की हल्की सी बातें करते थे अपने मन मुताबिक बातें करते थे तो जो भी ओसो के विचार से बुधा को जानेगा वो हमेशा मिसली रहेगा वो कभी भी बुधा को नहीं जानेगा बल्कि एक इमेज जो जैसे ध्रुव राठी ने राम के लिए अपनी एक सॉफ्ट हिंदुत्व का एक वो

20:00 तैयार कर रखा है इमेज तैयार कर रखी है इसको कह देंगे कि य ये वाला पोर्शन बताएंगे नहीं पब्लिक को यह वाला को मिलावटी कह देंगे और एक फर्जी एक चीज क्रिएट करके लोगों के सामने इमेज पेश करेंगे ऐसा जो इमेज ऐसे ही ओसो ने भी बुधा का इमेज बना रखा था तो जब रेफरेंस ही गलत जगह से लेंगे तो ऑफकोर्स जो भी पब्लिक देखेगी सुनेगी अब करोड़ों पब्लिक जो है यह व्यूज करोड़ों में जाते हैं इनके तो करोड़ों लोग मिस लीड होंगे एक तो ओो ने मिस लीड कर ही रखा है य भी मिसलेड हो जाएंगे मैं य पर ओो को गलत नहीं कह रहा ओो को जितनी भी बुद्धि थी जितनी भी उनका अपना ज्ञान था उसके हिसाब से उन्होंने बुधा को बताया समझाया लोगों को पर वह एजेक्ट पॉइंट्स नहीं है जो होने चाहिए इससे बेहतर होता है इनको बाबा साहब अब सुन लीजिए आपको

20:46 देखि क्या यह मिस लीडिंग यहां से य ज्ञान देते हैं ज्ञान प्राप्ति हुई तो पहली बात उन्होंने अपने शिष्यों से यह कही मैं यशोधरा के पास जाना चाहता हूं उससे बात करना चाहता हूं यह सुनकर आनंद कुल हो गए बोले कि अब सुने देखि यहां पर इन्होंने मिसलेड क्या कहा कहा कि जैसे ही बुधा को ज्ञान की प्राप्ति हुई तो सबसे पहले उन्होंने कहा मैं यशोधरा के पास यानी अपनी पत्नी जाना चाहता हूं और तब आनंद बोले इनको जानकारी होना चाहिए का कि बुधा का जो बुद्धत्व है या बुधा ने जिस दिन यह डिक्लेरेशन किया कि यहां अब वह पब्लिक को ज्ञान देंगे या आप उपदेश करेंगे या उनको ज्ञान की प्राप्ति हो चुकी है या जो भी इनलाइट मेंट कहा जाता है उस दिन वहां पर कोई भी नहीं था आनंद तो थे ही नहीं तो

21:32 आनंद कहां से कह देंगे भाई इसीलिए मैं कहता हूं कि ध ध्रु राठी जो है रिसर्च टीम तो इन्होंने पता नहीं कितने 10 20 50 कितनी टीम बना रखी है रिसर्च के लिए लेकिन पता नहीं कहां से ढकले लोग को उठा लिए हैं अरे इतनी तो तमीज होनी चाहिए भारत बुध की धरती है इतना तो ज्ञान होना चाहिए कि बुधा का जो इनलाइटनमेंट हुआ था कोई नहीं था बुधा खुद बोधगया में थे और सारनाथ पहुंचे थे सोचिए कितनी दूरी है बध गया से सारनाथ वहां पहुंच के पांच उनके जो अपने मित्र थे अपने जो शिष्य थे उनको उन्होंने ज्ञान दिया था पहली बार और ये सब लोग जानते हैं कि सारनाथ में पहला उपदेश उन्होंने दिया था और वो भी जो पांच थे उनमें से तीन इनके अपने ही दोस्त थे जो इनके अपने शा के वंश के थे दो कोली लोग थे जो इनके ममहर के थे

22:19 इनके मामा कह सकते हैं मतूल थे और ओशो पे मिस लीडिंग जगह से ही जब आप रेफरेंस लोगे तो मिस लीड करोगे तो ये पहला इनका मिस लीडिंग पॉइंट है आगे सुनिए ये ठीक नहीं है लोग क्या कहेंगे बुद्ध ने कहा मुझे उसका धन्यवाद करना है उसकी मदद के लिए और जो मेरे साथ हुआ जो मुझे मिला इसका कुछ हिस्सा मुझे उसे देना है यह उसका कर्ज है मुझ पर और वह गए यशोधरा ने उन्हें देखा 12 साल का गुस्सा उनके अंदर था आप सुने देखें फिर से यहां पर इन्होंने मिस लीडिंग पॉइंट कि 12 साल का गुस्सा था अरे भाई बुधा जो है उनके बारे में कहा गया है सिक्स ईयर आगे पीछे कहीं पर कोई कोई सेवन इयर्स भी कह देता है कोई फाइव इयर्स भी कहता है पर जो एक आंकड़ा है वह सेवन इयर्स सिक्स

23:06 इयर्स है सिक्स इयर्स है कि उन्होंने 29 साल की उम्र में घर से बाहर निकले कहीं कहीं कोई 27 भी बोल देता है पर 29 ज्यादा ऑथेंटिक है और 35 साल की उम्र में उनको बध बुद्धत्व की प्राप्ति हुई यह कहा जाता है तो ये 12 साल का गुस्सा कहां से आ गया भाई मैं बार-बार कहता हूं कि कभी भी ध्रु राठी जो है ट यूनिवर्सिटी से पता नहीं कर रहे हैं यूनिवर्सिटी से बुद्धि जम बताएंगे राम का भी प्रचार करेंगे एक अपना काल्पनिक राम बना रखा इन्होंने उसका प्रचार करेंगे अब बुधा के बारे में मिस लीडिंग बातें करेंगे रेफरेंस तो सही से ले लि अरे बाबा साहब की किताब है कम से कम उसको ही आपको पढ़ लेना चाहिए ढंग से तो अब यहां पर आगे

23:53 सुनिए आगे और क्या मिस लीड करते है वो बोली मुझसे कह कर तो जाते क्या मैं तुम रोकती इतना भी विश्वास नहीं था मुझ पर बुद्ध ने तो देखि फिर से मिस लीड किया इन्होंने कि वोह कहती उनकी पत्नी जो है गुस्सा हो के कह रही है कि मुझसे बता के तो जाते मतलब इन लोगों ने ओो ने भी फेक न्यूज फैलाई है कि बुधा जो है घर में बता उता के नहीं गए थे य फेक न्यूज है दोस्तों इन सब लोगों ने सारे ब्राह्मणवाद हों ने जितने गैर बुद्धिस्ट सब है बुद्धिज्म के बारे में बुधा के बारे में क्योंकि अंग्रेज है तो बुद्धिज्म को भारत से लगभग एलिमिनेट जा चुका था कुछ जानकारी थी नहीं और जब अंग्रेज खोजने लगे हैं तो ब्राह्मण यहां का जो था लगाता तरह की कहानी बना बना के किसी तरह पूधा को बदनाम कर रहे और उस

24:39 समय भारत के बहुजन एससी एसटी ओबीसी कुछ नहीं पता ना पढ़ाई किए थे ना उनको कोई जानकारी थी कुछ नहीं जानते थे वह धर्म से विमुक्त है अब उनको जो ब्राह्मणों ने गोल गट्टी गप्पी कुछ कुछ करके पकड़ाया झूठा झूठा कहानी बना के और उस टाइप के लोगों ने जिन्होंने भी जो के बारे में जैसी जैसी बातें कई लोगों ने उसी को सच बना लिया आज भी देखिए बेचारे रोज पहुंच जाते हैं डिबेट सेशन में पूछने के लिए अच्छा बुधा जो थे व ऐसे कैसे थे तो बुधा व वेद कैसे मानते थे तो उनके समय ब्राह्मण से ये सब गलतफहमी किसने फैलाया है ये उसी दौर की है बाबा साहब सबसे पढ़े लिखे बहुजन थे ज्योतिराव फूले जी ने बुद्ध की बात नहीं की क्योंकि उनके समय बुध का कुछ भी नहीं था कुछ भी नहीं था उनके समय में उस समय तो अंग्रेज

25:25 अभी रिसर्च कर रहे थे खोज रहे थे बाबा साहब त तक बाबा साहब आते हैं तो उन्होंने बुधा एंड हिज धम्मा लिखा आज हम लोग उससे आगे काम कर रहे हैं उससे भी आगे काम कर रहे हैं बहुत सारी नई नई रिसर्च आ रही है तो अब सोचे जब कोई था ही नहीं एससी एसटी ओबीसी से बुद्धम को जाना तो ओबीसी एससी एसटी को बताया कौन बुद्ध के बारे में यही ओो टाइप के लोग सब मिस लीडिंग डाटा अब ब्राह्मण वादियों ने गपो कथाए फैलाई तो अब ये देखें ये तो मिस लीडिंग पॉइंट था मैं इसका अभी फैक्ट चेकू पहले पूरी इनकी बात सुन लेते माफी मांगी ये कहा कि मैं ना समझ था अब समझ आई तो वापस आया हूं सुनो कुछ अद्भुत हो गया है तो अभी आपने देख लिया इन्होंने क्या कह दिया कि बुद्धा ने माफी मांगी और कहा देखो

26:11 मैं वापस आ गया हूं और यह सब कब हो रहा है बोल रहे 12 साल का गैप था फिर कह रहे हैं कि जैसे बुद्धत्व प्राप्त हुआ उसके बाद से यह कहा यह दरअसल इनको नहीं जानकारी है एक्चुअल जो बात है व मैं आपको दिखाता हूं बाबा साहब ने बुधा निज धमा लिखा है ठीक है और उसमें साफ-साफ लिखा है मैं इनसे इनको कम से कम बाबा साहब की किताब का रेफरेंस ले लेते उसू से तो ऑथेंटिक है ना जी बाबा साहब ने इस पर काम किया है स्कलर है उस तो स्कलर भी नहीं है तो इसमें यह क्या कहते हैं बाबा साहब ने साफसाफ अपने बुद्धा धम्मा में लिखा है कि यह देखिए यहां पर क्या कहते हैं 23 नंबर 23 नंबर पॉइंट प तब सिद्धार्थ यशोधरा के कमरे में पहुंचे पहले तो उनको देश निकालना का आज्ञा

26:57 हो चुका था माता-पिता को भी पता चल चुका था कि हां इनको देश निकाला हुआ है अब देश छोड़कर जाएंगे अब माता-पिता से आशीवाद लेकर आ गए थे अब पत्नी के कमरे में आते हैं उसे देखकर सिद्धार्थ के मुंह से वचन नहीं निकला वह नहीं जानता था कि क्या कहे और कैसे कहे यशोधरा ने मौन भंग किया बोली कपिल वस्तु में शाक्य संघ की सभा में जो कुछ हुआ है वह सब मैं सुन चुकी हूं यह बोली यशोधरा खुद बोलती है कि हमको सब पता चल चुका है भाई फिर सिद्धार्थ ने पूछा यशोधरा मुझे पता है कि तुझे मेरा प्रव होना निश्चय कैसा लगा है 25 नंबर सिद्धार्थ समझता था कि शायद यशोधरा बेहोश हो जाएगी किंतु ऐसा कुछ नहीं हुआ अपनी भावनाओं को अच्छी तरह अपने वश में रखकर उसने उत्तर दिया यदि मैं तुम्हारी स्थिति में होती तो दूसरा मैं कर ही क्या सकती थी

27:45 निश्चय ही मैंने कुलय के विरुद्ध छेड़ जाने वाले युद्ध में हिस्सा नहीं ले सकती थी तुम्हारा निर्णय ठीक है तुम मेरी अनुमति और समर्थन प्राप्त है यानी यशोधरा जो है साफसाफ उनकी पत्नी जो है वह वद कच्चा ना कहा जाता है उन्होंने साफ-साफ अनुमति दे रही है कि मेरी आपके साथ अनुमति है और कुलय कौन थे इन्हीं के तो ससुराल के लोग थे इनकी पत्नी के ठीक है ना तो समर्थन प्राप्त है आप जाइए मैं भी तुम्हारे साथ प्रवेज य भी कह रहे हैं कि मैं भी तुम्हारे साथ प्रवेज हो जाती यदि मैं नहीं हो रही हूं इसका कारण एकमात्र कारण है कि मुझे राहुल का पालन पोषण करना है तो इसी कारण से वह घर में रह गई और उनको अकेले जाना प पड़ा जो देश निकाला हुआ तो उनको जाना पड़ा तो कम से कम इनको राठी

28:33 को कम से कम एक बार यह भी तो पढ़ लेना चाहिए था बुद्धा निमा से कम से कम कोट कर देते ओो से कोट कर रहे हैं जो बंदा खुद गैर बुद्धिस्ट है जिसको जानकारी नहीं है और वह कुछ भी कह कह के अपने प्रवचन का ज्ञान बांटते थे जो जो उनको उन्होने कहानी बना रखी थी वह करते थे तो यहां पर आप देख लीजिए कि ध्रुव राठी ने यहां पर बुधा पर मिस्ड किया है पब्लिक को य धर्म प मैं बोलता हूं कि ध्रु राठी को धर्म का नॉलेज एकदम जीरो है स्टडी है नहीं टेक्निकल पढ़ाई है टेक्निकल तो कोई भी पढ़ाई कर सकता है लेकिन बात यह है कि उसके पढ़ने के बाद से भी अगर आप हिस्ट्री पर रिसर्च करते हो तो पढ़ाई करनी पड़ती है ऐसा थोड़े होता है कि दिन रात सर सपाटा कीजिए दो चार स्क्रिप्ट राइटर बैठा दीजिए दो चार जो है

29:19 रिसर्चर बैठा दीजिए और वो रिसर्चर आपको टाइम ठलुआ छाप बना के दे दे लेके स्क्रिप्ट राइटर पढ़ दीजिए टेली प्रोमट आगे लगा के ऐसे ऐसे बनता है वीडियो ऐसे बनता है पैसा तो खूब छाप लेंगे आप लेकिन पब्लिक को जब यह सच्चाई पता चलेगी कि टेली प्रोमट वाला स्क्रिप्ट पढ़ पढ़ के आप लोगों को मिस लीड कर रहे हैं तब क्या होगा भाई इसीलिए आपको कहा है मैंने क्या के डिबेट कर लीजिए ओपन डिबेट इन्विटेशन ही से लाइव डिबेट इसलिए रखा है मैंने पता चल जाए ना पब्लिक को कहां से आप पढ़ के करोड़ों लोगों को मिस लीड कर रहे हैं बुद्धा के बारे में अब ये यहां पर आप देख सकते हैं कि यह पॉइंट इनका सीधे-सीधे मिस लीडिंग है जब भी वह रामायण की बात करेंगे तो भी मिस लीड बुधा की बात करेंगे तो भी मिसलेड क्योंकि उनके सोर्स ऑथेंटिक नहीं होते ठीक

30:07 है ना अच्छा अब इसके बाद से इनका आगे का स्टेटमेंट भी हम लोग सुन लेते हैं के साथ रहते थे राम लक्ष्मण भरत शत्रुगन चारों भाइयों में कितना प्यार था क्या अच्छा जी बड़ा बढ़िया है चारों भाई में कितना प्यार था बहुत बढ़िया आगे इसका मतलब यह हुआ कि राम जनता के लिए काम नहीं कर पाए उन्होंने तो राम राज्य स्थापित किया था सुन लिया आपने इनका प्रेम देखिए राम राज्य स्थापित किया था राम ने कौन सा राम राज्य स्थापित किया था भाई किसी को पता है लक्ष्मण की मौत कैसे हुई थी किसी को पता है शत्रु धन और भारत की मृत्यु कैसे हुई थी राम ने खुद सुसाइड किया था यह बात कभी बताया इन्होंने नहीं बता पाएंगे य यह आपको यह तो बताएंगे कि

30:53 राम राज राम राज लेकिन उनकी मृत्यु कैसे हुई थी यह नहीं बताएंगे क्योंकि उसके फिर से आपको उत्तरकांड खोलना होगा फस जाएंगे य उसी में यह आपको यह तक नहीं बताएंगे कि लोक उस का जन्म कैसे हुआ था और लोक उस उसने कैसे यह स्टोरी बालकांड में सुनाई राम को ही सुनाई तब कहानी स्टार्ट हुई बताएंगे नहीं शुरुआत ही नहीं बताएंगे क्योंकि इन्होंने तो एक एजेंडा बना रखा है ना हम उसको मिलावटी कहेंगे मिलावटी कहेंगे तो यह क्या कह रहे हैं कि रामराज बना रखा था अ क्या रामराज बना रखा था भाई आइए सुनते जहा कोई गरीब बेरोजगार दुखी नहीं था लेकिन कोई गरीब बेरोजगार और दुखी नहीं था सुन लिया आपने इन्होंने क्या कहा जहां कोई गरीब नहीं था बेरोजगार नहीं था दुखी नहीं था अच्छा जी फिर यह क्या हुआ था भाई यह सेवंथ कांड

31:43 का 74 सर्ग है ई क्या हुआ था यहां इसमें लिख रहा है कि नारद जी का श्री राम से एक तपस्वी सद्र के अ धर्माचक्रम मालक बालक की मृत्यु का कारण बताना और जाक अ शंभू का गला काट देते हैं य कैसे हो गया था राम जा 20 नंबर इसी में आप देखिए क्या लिखता है तथापि त्रेता युग में जो ब्राह्मण और क्षत्रिय हैं वेही सब तपस्या करते हैं अन्य वर्ण के लोग सेवा कार्य किया करते हैं अच्छा यह इसको मिलावट भी नहीं बोल सकते क्योंकि यह सिर्फ यहीं पर नहीं रामायण में ही नहीं बात लिखी है इनके तमाम धर्म ग्रंथों में यह सब बातें लिखी हुई है य तो मिलावट भी नहीं बोल सकते ना इसको अब इनके राम राज्य में क्या है कि

32:29 देखें त्रेता युग में त्रता युग में राम राज्य था इनका तो त्रेता युग की क्या कहानी थी कि ब्राह्मण और क्षत्रिय ही तपस्या करते हैं अन्य वर्ण के लोग सेवा कार्य किया करते हैं तो भैया गरीब बेरोजगार क्या है किसी को पकड़ के दिन रात नाला साफ करवाइए टट्टी धुलवा इए तो उसको रोजगार मिल गया उसके बाल बच्चों को हक नहीं है क्या तपस्या करें तपस्या करने जाए तो उसका गर्दन कटवा दीजिएगा आगे देखिए 21 नंबर में उन चारों वर्णों में से वैश्य और शूद्र की को सेवा रूपी उत्कृष्ट धर्म स्वधर्म के रूप में प्राप्त हुआ वैश्य कृषि आदि के द्वारा ब्राह्मण आदि की सेवा करने लगे और शूद्र सब वर्णों यानी ऊपर के तीनों वर्णों लोगों की विशेष रूप से पूजा आदर सत्कार करने लगे अब इनके राम

33:18 राज्य में ध्रुव का जो सॉफ्ट हिंद त्वा है उनके राम राज्य में ध्रु राठी को यह सब अलाउ है कि भाई राम राज्य में सिर्फ ब्रा और क्षत्रिय य अपने को क्षत्रिय समझते हैं है नहीं समझते आएंगे शूद्र में ही लेकिन यह क्या करते हैं कि अपने को क्षत्रिय समझ लिया तो सोचते हैं कि राम राज आएगा तो चलो हमने एक जो बुरा वाला बाबा को छाट के एक अच्छा वाला बाबा जो ले आया ू चार पसान उसको आगे कर दूंगा अब मैं बन जाऊंगा छत्री तो छत्री लेकर खड़ा हो जाऊंगा बाबा के पीछे और बड़ा छत्री ब्राह्मण उसके पीछे छोटा छतरी काम चल जाएगा हमारा बन जाएगा रामराज समझ रहे हैं य में फसे हुए हैं लोगों को फंसा रहे हैं ये ब्राह्मण क्षत्रिय ही तपस्या करते राम राज्य में तो कहां से आप बाकी के दोनों वर्णों का क्या

34:05 क्या काम है इसलिए जन्म लिए हैं कि दोनों की सेवा करते रहे और तो देखिए 76 में राम जाते हैं जाति पूछते हैं और वह जैसे कहता है शंभु कि देखो मैं शूद्र योनि में उत्पन्न हुआ हूं तो तीन नंबर चार नंबर श्लोक में क्या कहते हैं कि वह इस प्रकार कह ही रहा था कि मेरा नाम शंभु है शूद्र है श्री रामचंद्र जी ने म्यान से चमचम माती तलवार निकाली और उसका सिर काट दिया क्योंकि अधर्म हो गया ना भाई अधर्म हो गया हक ही नहीं है सूत्र को तपस्या का तो यह क्या करते हैं ध्रुव राठी इसको गायब कर देते हैं और गायब करने के पीछे क्या कारण बताते इन्होने अपने वीडियो में क्या बताया है कि भाई देखो यह ना मिलावटी है भाई किसी ने ना मिलावट कर दी है हमारे ये तो हमारे चार वर्ण होते थे भाई शूद्र जो है वो सबकी

34:54 सेवा करता था वैश्य जो है वो कृषि कार्य से ऊपर के दो वर्णों की सेवा करता था क्षत्रिय जो है वो लड़ाई करता था और ब्राह्मण जो है इन तीनों को बैठकर लूटता था यह सब हमारा काम था और ब्राह्मण का काम था लिखना पढ़ना लिखावट पढ़ाव करना तो यह सब काम था फिर कहते हैं मिलावट कर दिया अब हम ्र राठी से पूछते हैं भाई ध्रु राठी बता मिलावट किसने किया जब शूद्र का काम ही नहीं था पढ़ाई लिखाई करना जब वैश्य का काम ही नहीं था धर्म ग्रंथ लिखना क्षत्रिय का काम ही नहीं था धर्म ग्रंथ लिखना तो ये बता कि मिलावट किसने किया किसने किया ब्राह्मण ने ठेका लिया कि हम धर्म ग्रंथ लिखेंगे 100% रिजर्वेशन और साथ में क्या कह दिया कि दूसरा कोई अगर पढ़ लिख लेगा

35:39 सुन लेगा ना तो उसकी जीभ तो काटेंगे काटेंगे कान में शीशा पिघला के भी और डाल देंगे य भी तो नियम जारी किया ना 100% आरक्षण लिया ब्राह्मण ने धर्म ग्रंथ लिखने का अब ब्राह्मण कह रहा है कि उसने ये जो आरक्षण लिया था उस आरक्षण में किसी ने भ्रष्टाचार कर दिया है भाई यह आप देख लीजिए कि अब अगर ब्राह्मण ने जिसमें 100% आरक्षण लिया किसी दूसरे को पढ़ने नहीं दिया और अगर अब क अब उसकी चोरी पकड़ी जा रही है कि जो जो उसने लिखा है धर्म ग्रंथ पे तो यह जो धुव राठी है य किस हिसाब से वहां पहुंच के कह रहा है कि नहीं ब्राह्मण की गलती नहीं है किसी ने मिलावट कर दिया ब्राह्मण की गलती है भाई य ब्राह्मण ने ही ठेका लिया था धर्म ग्रंथ

36:24 लिखने का 100% आरक्षण दूसरे का जीभ काट के पता लगा लेना राठी अंग्रेजों के आने से पहले कितने लोग आपके घर परिवार खानदान में पढ़े लिखे थे कितनों की जीभ काट दिया गया होगा कान में शीशा पिघला के डला होगा तभी नहीं पढ़ लिख पाए थे समझ रहे ना नहीं डाला गया हो व भी पढ़ लिख लिए होते तो जब 100% व आरक्षण लिया धर्म ग्रंथ लिखने का उसका ठेका तथा आप किस मुंह से आकर कूद रहे हो मिलावट हो गया मिलावट हो गया कौन कर दिया भा मिलावट यह पूरा का पूरा आरक्षण ब्राह्मण का है जो लिख के देखा वही सही है समझ रहे ना आप होते कौन हो अपनी तरफ से रोने गाने वाले क्षत्रिय तो आज तक आके नहीं कहा कि उसके क्षत्रिय वाले काम में आकर किसी ने

37:09 मिलावट कर दिया वैश्य ने कभी नहीं रोया कि उसके वैश्य वाले काम में किसी ने मिलावट कर दिया शूद्र भी कभी नहीं रोया कि उसमें ये सारा काम ब्राह्मण में ही काहे होता है सबसे बड़ा भ्रष्टाचारी वही है क्या इतना हरामखोर इतना जलील व्यक्ति है क्या वो एक ही काम लिया 100% आरक्षण के साथ कि धर्म ग्रंथ लिखेंगे हम ही पढ़ाएंगे अब कह रहा मिलावट हो गया कोई मिलावट लाट नहीं है उसने 100% आरक्षण के साथ अपना काम किया है तुम्हा को बहुत चुल्ल मच रही है ब्राह्मणवाद को बचाने की उस ब्राह्मणों के ब्राह्मणवाद को हार्ड सॉफ्ट में बांट के कीड़ा काट रहा है बचाने की समझ र ना इनको कीड़ा काट रहा है जबरदस्ती का और इसके पीछे एजेंडा क्या है कि भारत का एक्चुअल इतिहास सामने ना आ जाए य हिंदू ये जो

37:55 ब्राह्मणों का ब्राह्मणवाद जो है इसको बचा के पब्लिक के सामने दिखाते रहेंगे और हम कभी भी भारत का जो एक्चुअल पुरातत्त्व इतिहास उसको सामने नहीं आने देंगे यह इसका हिडन एजेंडा है जिसके शिकार हैं ध्रुव राठी चाहे जाने अनजाने में या हो सकता है कि प्रोफेशनल ढंग से पैसा बना रहे हैं उस कारण से अब बात यह आती है कि यह वाला जिसको मिलावटी बताते यह तो मैंने अभी तार्किक रूप से कहा एक्चुअल फैक्ट रूप मैं दिखाऊं तो 11 सेंचुरी में एक ट्रेवलर आया था और यह बंदा लिख के गया है उस समय कि उस समय भी शंभु की घटना थी शंबूक की घटना उस समय भी हिंदुओं में प्रचलित थी लिख के गया है

38:43 ऊपर देखिए हिंदुओं के एतिहद में से यह एक है राजा रामचंद्र जी के समय में मानवी आयु बहुत लंबी सदा सुनिश्चित और सुविख्यात लंबाई की होती थी यहां तक कि कभी कोई बच्चा अपने पिता के सामने ना मरता था किंतु एक बार ऐसा हुआ कि वह एक ब्राह्मण का पुत्र पिता के जीवन काल में ही मर गया ब्राह्मण बच्चे को राजा के द्वार पर लाकर कहने लगा यह नई बात मेरे समय में केवल इसी कारण से हुई है कि देश की अव्यवस्था में कोई वस्तु विगलिंक लगा और अंततः लोगों ने उसे एक चंडाल को दिखाया जो भगवत पूजा और आत्म पीड़ा में अत्यंत परिश्रम कर रहा था राजा

39:29 सवार होकर उसके पास गया उसने देखा कि वह गंगा के किनारे नीचे सिर किए हुए किसी चीज पर लटक रहा था राजा ने अपना धनुष झुकाया और बाड़ मारकर उसकी अतड़प्पा अगर रामायण का कोई चैप्टर है व है शुख वध थ सेंचुरी का एक ट्रेवलर भी इस बात को लिख के गया है जो 18811 में वहां पर पहुंचे थे अरब की यात्रा पर पहुंचे थे एडवर्ड सचो और उनको

40:16 जब यह पता चला कि अरब में एक ऐसी भी किताब है जो भारतीयों के बारे में कुछ कुछ लिखी है उनका दिमाग ही खुल गया लगे बैठ के अरबि हों को बैठाए भाई क्या लिखा है पढ़ाओ पढ़ाओ बताओ इसमें सब उसको रिराइज किया गया छपवा के जर्मनी में पब्लिश हुआ फिर अंग्रेजी में पब्लिश तब पता चला कि वहां ये सब कहानी प्रचलित थी 1883 में उन्होंने इंग्लिश में पब्लिकेशन करवाया अब पता चला कि उसमें 11वीं सदी में भी शुक का जिक्र था अब भारत में तो शुक का किताब में ऑलरेडी पहले से ही अवेलेबल था यानी कि यह घटना मुगलों मुगल तो 15वीं 16वीं सदी में आया ना 1526 में आया ना और 11वीं सदी में तो भारत में मुस्लिम का शासन भी नहीं था

41:03 मुस्लिम का तो शासन हुआ है 12वी 13वीं सदी से खिलजी हों से शुरू हुआ है उसके पहले तो लूट पार करके भाग जाते थे सब हैं तब भी यह कहानी थी यानी इसीलिए यह क्यों दिखाया मैंने ताकि यह जो सॉफ्ट हिंदु दवा का एजेंट जो मिलावटी कहक भाग रहे हैं सच्चाई से इनको पता होना चाहिए कि मुस्लिम के आने से पहले भी यह कहानियां थी और ब्राह्मणों ने इसको लिख रखा था और अपने से जुड़ रखा है कि हमारे ब्राह्मण का काम है यह दूसरा कोई चंडाल डाल यह सब काम नहीं कर सकता है और तो और इसी में 12वां चैप्टर में फिर से यह लिख दिया है कि ब्राह्मण जो है वेद पढ़ाते थे क्षत्रियों का वैश्य और शूद्र का जीभ काट लेते थे य

41:49 भी लिखा हुआ है नीचे वाला पैराग्राफ में दिखा ही चुका हूं मैं और तो और यह जो मिलावट बोलते हैं फिर से दिखा देता हूं इनके वाल्मीकि रामायण में बार-बार उत्तरकांड को मिलावटी बोल बोल के बंदा भागने की कोशिश करता है भागने नहीं दूंगा मैं गोल पोस्ट चेंज नहीं हो सकता पैर रख दिया गोल पोस्ट प अब ये इनके बालकांड है वाल्मीकि रामायण का गीता प्रेस गोरखपुर चतुर्थ सर सब लोग देख लीजिए बालकांड पहला ही कांड का चौथा सर्ग में वाल्मीकि खुद यह लिख रहे हैं श्लोक नंबर एक दो तीन नहीं दिख रहा य य से देखिए श्लोक नंबर एक क्या लिखते हैं श्री रामचंद्र जी ने जब वन से लौटकर राज्य का शासन अपने हाथ में ले लिया उसके बाद भगवान वाल्मीकि मुनि ने उनके संपूर्ण चरित्र के आधार पर विचित्र पद और

42:37 अर्थ से युक्त रामायण काव्य का निर्माण किया यानी कि रामायण तब लिखा गया जब युद्ध कांड युद्ध हो चुका था और वन में लौट गए थे वन से लौटकर शासन हाथ में ले लिए थे और वाल्मीकि जो है वाल्मीकि लिख रहे थे अब वाल्मीकि कहां थे वाल्मीकि का तो जिक्र ही आता है जंगल में जहां पर लोकस सीता जाती है वाल्मीकि के आश्रम में और लोकस उनके आश्रम में पलते बढ़ते हैं तो वाल्मीकि लिखते हैं लोग उसको सिखाते हैं उस काल्पनिक कथा में तो जहां पर जिक्र ही वाल्मीकि का आता है व आता है उत्तर कांड में और ध्रुव राठी का ज्ञान का भंडार देखिए जो सबसे ज्यादा ऑथेंटिक चैप्टर है वही चैप्टर गायब कर देता है अपने सॉफ्ट

43:22 हिंदुत्व के प्रचार के लिए अब यहां पर देखें दो नंबर इसमें महर्षि ने 24000 श्लोक 500 सर्ग तथा उत्तर सहीद सात कांडों का प्रतिपादन किया अगर आप संस्कृत देखेंगे तो यहां लिखा है ट करनी अब लोग सोचेंगे कि यहां सट करनी लिखा है तो छ छह कांड होना चाहिए पर अनुवादक ने क्या किया है थोड़ा ज्यादा चमत चलाक है गीता प्रे पूरक बोला सात लिख दिया है ताकि लोग ना कंफ्यूज ना हो बालकांड उत्तरकांड दोनों को एक माना जाता था बाद में उसका जो है वो कर दिया गया बाइ फरके करके दो कांड अलग-अलग बनाया गया ताकि इन लोगों को उत्तरकांड को जबरदस्ती पब्लिक के बीच में प्रचार फैलाया जा सके कि इसको मिलावट कह देंगे आप बच

44:09 निकलेंगे य बाइ फरके किया हैं सब ये दोनों कांड एक में ही है आप देखिए जब आप उत्तरकांड पढ़ते हैं तो उत्तरकांड में क्या पढ़ते हैं कि वहां पर लकस जो है उनका जन्म होता है पला पुछते हैं फिर राम से जाकर मिलते हैं और जब कहानी सुनाते हैं राम के पास जाते हैं अश्वमेध यग वाला कहानी जब सुनाना शुरू करते हैं तो वहीं से तो शुरू होता है रामायण तो उसने क्या किया कि जो बालकांड है उसका पोर्शन जो है इन्होंने उत्तर कांड से काट गया तब बालकांड बनाया है तो ये यहां पर और खास बात क्या है कि जब आप उत्तरकांड हटा देंगे तो यह जो बालकांड में ही यह बात लिखी हुई है कि 24000 श्लोक 500 सर्ग और उत्तर सहित

44:55 उत्तर सहित यानी उत्तर कांड तो उत्तर सहित सात कांड उत्तर सहित अ छह कांड तब जाकर सात कांड बनेगा अगर उत्तर कांड हटा देंगे तो 24000 श्लोक ही नहीं पहुंचेंगे यह 24000 श्लोक और 500 सर्ग उत्तर कांड को मिलाकर होते हैं दोस्तों तो इससे आपको पता चल जाएगा फिर आगे तीन नंबर में फिर से लिखते हैं भविष्य तथा उत्तर कांड सहित समस्त रामायण पूर्ण कर लेने के पश्चात अब देखिए यहां पर लिख रहे हैं कि बाल्मीकि खुद बालकांड में ही लिख रहे हैं कि हमने उत्तर कांड भविष्य य सारा कांड लिख लिया है मिलावट किस आधार पर कहते हैं भाई अब पहला ही कांड मिलावट हो गया हैं तो यहां से इनकी चोरी पकड़ी जाती है चलिए आगे इनकी थोड़ी और कहानी सुन लेते हैं विनम्रता सौम्यता करुणा राजा रवि वर्मा की साइको

45:43 हां राम की सूरत में दिखती है विनम्रता सौम्यता करुणा और यह बंदा के ये दुरु राठी जो है बकाय एक फोटो भी दिखाता है यहां पे और यह फोटो किसका बनाया हुआ है तो ये ये सुन लीजिए किसका बनाया हुआ है करुणा राजा रवि वर्मा की इस आइकॉनिक पेंटिंग को देखिए राम दरबार जो कि हमारे देश के करोड़ों घरों में लगी हुई है इस तो सुन लिया आपने करोड़ों घरों में लगी हुई है राजा राम वर्मा राजा राम वर्मा कौन से सदी के थे राजा राम वर्मा कौन सी सदी के थे तो राजा राम वर्मा थे पिछली शताब्दी के तो थे 19वी और 20वीं सदी के और वहां पर उन्होंने चित्र बनाई एक कलाकार जो है व चित्र बनाता है और ये बोल रहे हैं कि उससे झलकता है

46:29 मतलब कहना क्या चाहते हो ध्रु राठी कि राम वर्मा को कैसे पता चला कि राम ऐसे दिखते थे भाई उनको कैसे पता चला उससे पहले आपके राम क्यों नहीं मिलते हैं तो ध्रुव राठी को भी एक बात का एहसास हो गया है कि राम वर्मा जो थे उनसे पहले राम का कोई अस्तित्व ही नहीं है इनके वर्मा महोदय जो थे उन्होंने जो चित्रकारी कही राज वर्मा जो भी वर्मा थे उन उसके पहले राम का अस्तित्व ही नहीं है मिला ही नहीं कुछ ना है ही नहीं इतने सारे ट्रैवलर्स आए मेगस्थनीज आया वन संग आया फाहियान आया इत सिंह आया 56 से ज्यादा कोरियन यात्री जापानी चीनीज यात्री आकर चले गए पढ़ के ले गए उनके नोट्स मिल गया किसी ने जिक्र ही नहीं किया राम का ना कृष्ण का ना दुर्गा काली ब्रह्मा विष्णु महेश का किसी का नहीं

47:15 जिक्र किया और और तो और लिख के यह चले गए कि पूरे भारत सहित जितने समुद्र के दीप हैं सब में बुध चरित सब लोग पढ़ते हैं बुध की वंदना करते हैं बुध के सारे चीजें मिलता है य उल्टे और लिख के चले गए इनके राम कृष्ण और रामायण म भारत कोई लिखा ही नहीं एक भी ट्रेवलर को मिला ही नहीं पूरा भारत ट्रेवलर करके पग पग प एक एक छोटे-छोटे चीजों को लिख के गए इनका कुछ मिला ही नहीं और यह बता रहे हैं कि राम वर्मा एक चित्र बना दिया बड़ा सौम्य है सौम्य है असल बात क्या है कि इन्होंने बताया है 19वीं और 20वीं सदी का हम आपको ना उससे भी पुराना एविडेंस दिखाते हैं हम दिखाते हैं आपको 11वीं सदी का एक ट्रेवलर आया था अलब और वो क्या लिख के गया है वो देखिए चैप्टर 11 में अलबरूनी क्या लिख के जाता है कि

48:02 जिन अर्थात बुद्ध की मूर्ति 11वीं सदी में ना जिन कहा जाता था बुध को 13वीं सदी में जिन चरित्र लिखा गया था बुध के नाम पर जिन जो है बुध का नाम था आजकल जिन जो है लोग जैन को समझते हैं जिनर लोग बोलने लगे हैं लेकिन आपको जानकारी होनी चाहिए कि 11 सेंचुरी में जिन किसका नाम था बुध का नाम था जिन चरित्र जो है उसी को बुद्ध चरित्र समझिए किताब है बुद्धा पर श्रीलंका में भी किताब है तो जिन अर्थात बुध की सबसे खास बात क्या है कि जब अलबरूनी सारे मूर्तियों की चर्चा कर रहा था उसने महावीर की मूर्ति नहीं बताई कि कहां यहां पर मूर्ति बन रही है तो खैर वो आगे लिखता है बुध के बारे में कि जिन अर्थात बुध की मूर्ति का मुख

48:48 मंडल तथा अंग यथा संभव सुंदर बनाओ ये नियम था कि जब भी आपको बुध की मूर्ति बनानी है मुख मंडल उसको बहुत ही सुंदर खूबसूरत बनाना है मूर्तियां बहुत सारी बनती थी लेकिन जब बुध की बनती थी उसको देख के सामने वाला बिल्कुल हैरान रह जाए उसको देखकर एकदम शांत कोमल प्रतीत हो ऐसा बनाया जाता था उनके पांव और हथेलियों की रेखाएं कमल के सदृश्य हो उसे कमल पर बैठा हुआ दिखलाओ उनके बाल श्वेत हो आकृति बड़ी शांत हो मानो व सृष्टि के पिता है ऐसे बुद्ध की मूर्ति बनाओ ये 11 सेंचुरी में लिख के गया था अब जरा सोचिए जितनी मूर्तियां बनती थी उसमें सबसे सुंदर सबसे करुणामय बुध की

49:33 बनती थी लेकिन ध्रुव राठी को तो पता नहीं कौन सी इनकी रिसर्च टीम है कौन कंटेंट क्रिएटर है यह इतिहास एकदम नील बटे डब्बा जीरो अरे भाई जब आपको जानना ही है तो भारत का असल इतिहास बताओ ना पब्लिक को कि भारत में सबसे सुंदर खूबसूरत मूर्ति बुध की बनती हैय राजा राम वर्मा जो बना रहा है कागज प पेंट प 21वीं सदी में 20वीं 20वीं 19वीं सदी में अंग्रेजों के समय में बना रहा है वो आर्टिफिशियल बनाया गया है ओरिजिनल तो ये है नहीं बताएंगे ओरिजिनल चीज कभी आपको क्योंकि असल इतिहास सामने आ जाएगा ना भाई असल इतिहास इसीलिए बताइए इतने सारे मंदिर मंदिर खुदाई हुई कहीं राम का मिला आपको ये जो कहानी गढ़ रहे हैं

50:18 बड़ा सुंदर मुख कमल बुध का मिल जाएगा नहीं बताएंगे सच्चाई आपको तो इसीलिए मैं बोलता हूं कि आप जब जानकारी लेना है तो यह क्या करते हैं कि अपनी जो बातें रखना चाहते हैं पब्लिक से उसमें जो मिस लीडिंग पॉइंट है उसको अपडेट करना जरूरी है और इसीलिए हमने यह आज की स्ट्रीम की है चलिए आगे सुनते हैं इनका और क्या यह कहते हैं य इनके लोगों ने राम की सूरत बदलनी शुरू कर दी पिछले कुछ सालों में आपने देखा होगा यह एंग्री हनुमान और एंग्री राम की आइकोनोग्राफी गाड़ियों के अब यह बात इनकी सही है इस पर हम एग्री करते हैं कि इन लोगों ने राम का आइकन ही अंग्रेजों के समय में खड़ा किया और अब यह इस तरह से यह दिखाते हैं कि हम बड़े हिंसक

51:03 हैं यह हैं इस पर हम एग्री करते हैं इनकी बात प पीछे इसे लगाया जाता है यह दर्शाने के लिए कि यह है असली में भगवान राम चरित्र ही बदल दो भगवान का लेकिन ध्रुव राठी आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि आप यह जो बात कह रहे हैं कि चरित्र ही बदल दो राम का दरअसल पूरा वाल्मीकि रामायण जिसको आप अपना आइडियल आदर्श सॉफ्ट हिंदुत्व बनाकर घूम उसमें राम का चरित्र ही वैसे ही लिखा है भाई उसमें शुख वध लिखा है सीता जी का गर्भवती अवस्था में घर निष्कासन लिखा है उसमें राम के द्वारा सुपनखा सुपनखा के लिए लक्ष्मण को कहना कि इसका वो करो नाक कान काटो नाक कान कटवाया है आपने जहांगीर ने नाक कान कटवाने की प्रथा बंद की थी जब

51:50 राजा बना ना तो अपने जहांगीर नामा में लिखवाया है नाक कान पहला 12 आदेश जारी किया था से एक आदेश ये था कि नाक कान मत काट देना किसी का भा तो आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि आज जो आरोप आप लगा रहे हो हार्ड हिंदुत्व पे व आपके सॉफ्ट हिंदुत्व उर्फ वाल्मीकि रामायण में ऑलरेडी पहले से ही राम का चरित्र उस तरह से लिखा हुआ है समझ रहे ना तो यह जबरदस्ती यह दिखाना कि नहीं नहीं व वाला खराब है ब्राह्मण व वाला हमारा वाला अच्छा है य नहीं चलेगा ऑलरेडी उसमें लिखा हुआ है रामायण में मुसलमानों का कोई जिक्र नहीं है लेकिन इन क्या कहा आपने रामायण में मुसलमानों का ही जिक्र नहीं है पूरा रामायण ही मुस्लिम काल में लिखा कर मुसलमानों का ही जिक्र नहीं है

52:35 बड़ा गजब के कहानीकार निकले भाई आप हम आपको दिखाएंगे मुसलमानों का कैसा जिक्र है चले सुनते हैं पूरी बात इनकी कह रहे हैं कि मुसलमानों का ही नहीं जिक्र है बताइए अरे पूरा वाल्मीकि रामायण बैठ के मुस्लिम शासनकाल में लिखा गया है क मुसलमानों का जिक्र नहीं है बड़ा गजब के नई बात बता दिया इन्होंने कौन से यूनिवर्सिटी से पढ़ के आए हैं क्या राठी ट यूनिवर्सिटी से अरे आइए इनको सुनले पहले पूरी बात सुन लेते हैं लोगों ने रामायण को भी तोड़ मरोड़ दिया अपने नफरत खोर देखिए क रामायण महाभारत को अपनी काहे बात बता रहे हैं भाई अपने ही कंधे पर अपनी ही बंदूक रख के लगे नाधन चलाने की तोड़ मरोड़ आप खुद तोड़ मरोड़

53:21 रहे हो भाई आप खुद तोड़ मरोड़ रहे हो वाल्मीकि रामायण में साफ साफ है एजेंडा के लिए 2016 में बीजेपी एमपी ने कहा कि मुसलमान तो रावण के डिसेंडेंट्स है देख लीजिए कह रहे हैं कि मुसलमान जो है रावण के अरे भाई वो ठीक कह रहा है जो भी व्यक्ति कहा ना बिल्कुल ठीक कह रहा है आपने नहीं पढ़ा है क्या आपने भविष्य पुराण नहीं पढ़ा है क्या अरे ब्राह्मण भाई भाई है मुगल का भाई अकबर को भाई बनाकर बैठा है तो डिसेंडेंट कह दिया कौन सा बुरा कह दिया व सही बोल रहा है आप ही को जानकारी नहीं है दुरो राठी आइए अब हम आपको को बताते हैं कि कैसे मुस्लिमों का जिक्र है आप लोग देखें एक होता है ना बस पढ़ लेना लिखा है पढ़ लेना एक होता है रुदु रोता रोने लना

54:07 एक होता है बिटवीन द लाइंस पढ़ना बिटवीन द लाइंस समझते हो ना क्या होता है उसके गुण अर्थों को समझना तो मुस्लिमों का जिक्र उसमें कूटकूट के भरा है अरे भाई आपके तुलसीदास तो जब लिख रहे थे रामचरित मानस तो तो साफसाफ लिखते हैं मांग के खव मसीत में स वो तो मस्जिद का नाम ले रहे हैं सीधे-सीधे मांग के खाते थे मस्जिद में सोते थे तो खैर आपने वाल्मीकि रामायण का नाम लिया है हम आपके वाल्मीकि रामायण खोल के दिखाएंगे कि उसमें कैसे जिक्र है आइए आइए हम दिखाते हैं आपको यह है वाल्मीकि रामन बालकांड का पांचवा सर्ग है बालकांड खुले हैं इनको उत्तर कांड से बड़ा एलर्जी है तो हम इनको ना बाल ही कांड पहला ही कांड खोल दिए हैं

54:54 अब बालकांड में पांचवा सर्ग जो चलता है तो उसमें बात चलती है कि दशरथ के महल की अभी राम का जन्म नहीं हुआ है तो दशरथ के महल की बात चलती है जन्म तो बसवा बावा सर्ग में होगा ना 18 से 20 सर्ग के बीच में होगा जन्म राम काभी पांचवा सर्ग चल रहा है तो इसमें ना दशरथ के महल की बात आती है तो कैसी बात आती है तो जरा ध्यान से देखिए बताया जाता है वहां पर कि वह पूरी मतलब दशरथ का जो महल है वह पूरी बड़े-बड़े फाट को और किवाड़ से सुशोभित थी उसके भीतर पृथक पृथक बाजारे थी वहां सब प्रकार के यंत्र अब यंत्र क्या होता है भाई कौन सा यंत्र था भाई और अस्त्र शस्त्र संचित थे य

55:39 कौन से अस्त्र शस्त्र संचित थे भाई बता सकते हैं आप आपको नहीं पता होगा हम बताएंगे उस पूरी में सभी कलाओ के शिल्पी निवास करते अरे भाई आपके ब्राह्मण संप्रदाय में तो शिल्पकार नरक में जाएगा शिल्पी का तो नामो निशान नहीं होना चाहिए कहां की बात चल रही है जहां पर शिल्पी तो हम आपको बताते हैं इसका एक्चुअल हकीकत एक्चुअल हकीकत क्या है 11 नंबर में लिखता है कहता है स्तुति पाठ करने वाले शत और वंशावली का बखान करने वाले माग वहां भरे पड़े थे अब माग होते थे राजपूत शासन काल में मगध जो है राजपूत शासन काल में हुआ करते थे जिसको इतिहास पता है उस सही से जाकर अपना जाकर चेक कर ले य मगध पहले नहीं इतिहास प्राचीन कभी चर्चा नहीं हुई है मगध का क्योंकि मुस्लिम शासन के आने से पहले

56:26 भारत में लिखित परंपरा थी यूनिवर्सिटी हुआ करती थी यहां के लोग लिख लेते थे कोई स्तुति पाठ करने वाले मगध नहीं थे मागत की चर्चा ही आई है कब आई है मुस्लिम शासनकाल में और सुनिए वह पूरी सुंदर शोभा से संपन्न थी उसकी सुषमा की कहीं तुलना नहीं थी वहां ऊंची ऊंची अट्टा लिखाए थी जिनके ऊपर ध्वज फहराते थे सैकड़ों सतघ नियों अब ब्रैकेट में क्या लिखा है तोपो से वह पूरी व्याप्त थी अब तग नहीं कहते हैं तोप को संस्कृत में जैसे इंग्लिश में तोप को कहते हैं कैनन उसी तरह से सतघ नहीं कहते हैं संस्कृत में तोप को तो गीता प्रेश गोरखपुर के जो अनुवादक हैं वो अच्छी तरह से जानते

57:12 हैं कि शत अगनि किसको कहते हैं और 100 सालों से किताबें यह बिक रही हैं अब तो 101 साल हो गया 100 साल का तो इनको पुरस्कार भी दिया आए प्रधानमंत्री जी माननीय प्रधानमंत्री जी दे आए हैं 100 साल का गांधी पुरस्कार कि आपने बड़ा सेवा की है देश देश में सच्चाई बता के तो वह साफसाफ वहां पर लिखते हैं सैकड़ों सतनिक 100 से ज्यादा सैकड़ों कई स तोपे जो है दशरथ के महल पर विद्यमान थी बताइए हमें कि तोप जो है राजा दशरथ के महल पर कहां आ जाएगा एक रुदु रोना रो रहा था कमेंट में कहता है कि सत अगनि मतलब लोहे का बना हुआ यंत्र हम कहे कि बेटा य बता कि तिरता युग में लोहा कैसे पहुंच जाएगा लोहा की खोज कब हुई है कितने साल पहले हुई है सि टी सभ्यता में तो लोहा मिला नहीं कब हुई है

57:59 खोज लगा मेमने लियाने यह आप देख सकते हैं सैकड़ों सतघ नियों लोहे से बनता है ना तो लोहा का भी प्रयोग होता उसमें तो यह तब किताब लिखी गई बालकांड उत्तर कांड में नहीं है कि राठी भागेंगे बोल रहा हूं गोल प पर रख दिया भागने भी नहीं दूंगा मैं यहां से तो यह सैकड़ों सतया तोप की चर्चा एक जगह यहां नहीं है यह युद्ध कांड में भी चर्चा आती है शत गनियो की कि वहां पर भी सतघ निया रखी थी लंका रावण के भी महल पर रखी हुई थी यानी इसका जो लेखक था वाल्मीकि रामायण का मुस्लिम शासन काल में बैठकर लिख रहा था इसीलिए आप देखें ऊपर जो लिखा ना भीतर पृथक पृथक बाजार थी वह माग जो है लिखा ना स्तुति पाठ करने वाले सूत और मागत

58:45 थे वंशावली बखान करने वाले य राजपूत शासन काल के कालखंड की बात चल रही है यानी यह बात चल रही है बाबर के आने के बाद से बाबर ही तोप लेकर आया था इब्राहिम लोदी के पास भी तोप थी लेकिन तोपों की चर्चा ना बाबर काल में ही सबसे ज्यादा हुई है इब्राहिम लोदी उसी के वही दोनों आपस में लड़ाई किए थे इब्राहिम लोदी हार गया था लेकिन उसी के इर्दगिर्द में आया है तोपों की चर्चा यानी उसके बाद ही यह किताब लिखी गई है अब यहां पे य जो ू रोना रोते हैं अब यहां यही देखिए 12 नंबर भी आप पढ़ेंगे तो लिखता है उसी पूरी में ऐसी बहुत सी नाटक मंडलिया थी जिसमें केवल स्त्रियां ही नृत्य एवं अभिनय करती थी यानी यह तब की बात चल रही है आपको पता है मुगल काल में कैसे रखे रहते थे अभी

59:31 तो आया है ना कौन सा मंडी करके लीला भान शली का वेब सीरीज भी आया है अब देख लीजिए अंग्रेजों के समय और मुस्लिम शासन काल में कैसे मंडिया चलती थी तो यहां पर भी य जिक्र है कि केवल स्त्रियां ही नृत्य और अभिनय करती थी उस नाटक मंडली में ये सब का जिक्र आया है जबकि इस तरह का जिक्र आपको नहीं मिलता है पूरे बुद्धिस्ट पीरियड में नहीं मिलता इतने सारे ट्रैवलर्स आए गए तब इनका जिक्र नहीं नहीं मिलता हां यह बुधा के समय में सीधे जिक्र मिलता है लेकिन उसमें आम्रपाली एकाद नगर वधु की मिलता है ऐसे नहीं मिलता है कि बहुत सी नाटक मंडलिया थी इसका नहीं जिक्र मिलता बहुत सी वह मिलेगा कि पूरे शहर में एक कोई नगर वधु रहती थी उस तरह से एक जिक्र मिलेगा लेकिन यहां पर क्या मिलता है कि बहुत सी नाटक

1:00:17 मंडलिया थी जिनमें केवल स्त्रिया ही नृत्य अभिनय करती थी यानी यह बात चल रही है मुस्लिम शासनकाल की तो य से फिर यहां पर देख लीजिए कहता है घूट घोड़े हाथी गाय बैल ऊंट ऊंट की जिक्र करता है यानी सीधी सी बात है राजपूत शासन काल के दौरान की ये किताबें लिखी हुई है फिर इन्होंने क्या कहा था इसमें कि जिक्र कहां है मुस्लिम का कहां जिक्र है तो अभी हमने दिखा दिया कि किताबों का लिखावट मुस्लिम शासनकाल में हुआ तोपों का जिक्र है हमने एक झलक दिखाया अब आते हैं एक्चुअल मुद्दे पर कि इन्होंने जो कहा कि मुस्लिम का कहां जिक्र है वह हम आपको दिखा देते हैं यह ध्यान से देखिए यहां पर कहता है यह जो है 55 सर्ग है बालकांड का ही य भी

1:01:03 उत्तर कांड नहीं है कि रनू रोना रो के भागेंगे भागने भी नहीं दूंगा तो इसमें कहता है कि कामदेव एक गाय थी उसने अपने यग बल से असैनिक पैदा कर देती थी तो दो नंबर में लिखता है कि तब उस गौ ने फिर हुंकार किया उसके हुंकार से सूर्य के समान तेजस्वी कंबोज उत्पन्न हो गए फन से शस्त्र दारी बबर प्रकट हो गए देखिए बर्बर भी प्रकट कर दिए अब इसके बाद से तीन नंबर अगर आप देखें तो कहता है यनि देश से यवन अब यानी कि यहां पे जो गाय की योनि जो है उसके योनि से यवन पैदा हो गए यवन कौन लोग थे कहीं-कहीं पर मुस्लिम कहा गया कहीं-कहीं पे ग्रीक्स को भी कहा गया पर हम नहीं लेते इनको इनको छोड़ते हैं अभी आगे और लिखता है

1:01:50 और शक्कू देश से यानी गोबर के स्थान यानी जहां से वोह गोबर करती है गाय वहां से शक उत्पन्न हो गए देखिए कामधेनु कैसे पैदा कर रही है कंबोज पैदा कर रही है योनि देश पैदा कर दे योनि से यवन पैदा कर दे रही है और शक को कहां से पैदा कर दी तो जहां से गोबर करती है टट्टी करती है वहां से शक को पैदा कर दी मतलब जो गोबर खाता है व तो शक को खाता है भाई डेली शक को खाता है हैं बताइए और एक सबसे खास बात यहां पर क्या है उसके आगे लिखा है रोम कूपों से सबसे नीचे लेफ्ट साइड में देखि रोम कूपों से मलेच्छ हारती और किरात प्रकट हुए अब यहां पे ये जो पॉइंट लिखा है ना कि रोम कूपों से

1:02:37 मलेच्छ अब मलेच्छ कौन है और इसका जन्म रोम से ही क्यों हुआ है ध्यान से समझिए दोस्तों यहां मुस्लिम की चर्चा है मैं क्या कहता हूं जब भी आप अपने कालखंड में जो भी किताब लिखते हैं वहां पर अपना इनपुट दे ही देते हैं अब कोई मुझसे ये कहेगा कि भाई राठी भी कह सकते हैं कि भाई यह मले लिखा है यहां पर ये मुस्लिम कैसे कह रहे हो भाई ए कैसे कह दिए कि यहां पर मलेच्छ को तुम मुस्लिम कैसे बना दिए अरे हम देते हैं आपके सबूत सा आपके इतने इतने विद्वान पिताजी लोग हैं सब अपनी किताब में लिख के बैठे हुए हैं ना काहे घबराते हैं हम देते हैं सबूत आपको ध्यान से देखिए क्या लिखा है रोम कूपों से मलेज यानी रोम कप रोम

1:03:22 किसको कहते हैं जो गाय का जो बाल होता है ना उसके शरीर में जो रोम होते हैं जो बाल होते हैं उसी को कहते हैं रोम तो रोम से क्या पैदा होते हैं मलेज याद है अच्छा अब हम आपको यह पॉइंट एकदम याद कर लीजिए यही पॉइंट से मैं साबित करूंगा कि यह मुस्लिम की ही बात चल रही है तो रोम से मलेच्छ पैदा हुए यह कौन लिखता है वाल्मीकि रामायण अब हम आप ले आते हैं भविष्य पुराण में अब इसी भविष्य पुराण में जरा अकबर का जन्म देखिए कैसे होता है यहां पर मैंने बीच में यह देखिए हाईलाइट मार रखा है प्रति सर्ग पर्व चतुर्थ खंड का है भविष्य पुराण संक्षिप्त गीता प्रेश गोरखपुर यह क्या कहता है यहां पर कि किसी समय

1:04:07 ब्राह्मण मुकुंद ने गौ के दूध के साथ गौ के रोम का भी पान कर लिया अब देखि वहां भी गाय के रोम से मलेच्छ पैदा हुआ ठीक है अकबर की बात चल रही थी दरअसल वहां पर समझ रहे है ना मुस्लिम अकबर मुस्लिम नहीं था अब देखिए यहां पर क्या क कता है ब्राह्मण मुकुंद ने गौ के दूध के साथ यानी गाय का जो दूध था उसका जो रोम था गाय का उसका भी पान कर लिया इसी दोष के कारण वह दूसरे जन्म में मलेच्छ योनि में पैदा हुआ तो यहां पर क्या लिख दिया भविष्य पुराण ने कि गाय के रोम का जो पान कर लिया तो क्या पैदा हुआ मलेच्छ योनि में पैदा हुआ कौन पैदा हुआ अकबर पैदा हुआ पहले क्या था पहले

1:04:53 था मुकुंद ब्राह्मण मुकुंद ब्राह्मण कौन था ऊपर देखिए शंकराचार्य के गोत्र में उत्पन्न मुकुंद नामक एक श्रेष्ठ ब्राह्मण था आत्महत्या कर लिया देखा कि बाबर वगैरह ये सब तोड़फोड़ कर रहे हैं तो लड़ाई तो कर नहीं सकता क्योंकि ब्राह्मण तो कभी लड़ाई करते नहीं थे आत्महत्या कर लिया सुसाइड कर लिया भाग जाते थे सुसाइड कर लेते थे तब इन्होंने भारतीय मूल निवासियों को यहां पर जबरदस्ती य दिखाने के लिए कि हम बड़े प्रतापी थे परशुराम नाम का चाणक्य नाम का फर्जी फर्जी किरदार खड़ा किया अंग्रेजों के समय में ये दिखाने के लिए कि हम बड़े तेजस्वी बड़े लड़ाके थे सच्चाई असल में क्या थी भविष्य पुराण में लिखी है कि जब मलेच्छ राज बाबर ने देवताओं की प्रतिमा वादी को नष्ट भ्रष्ट किया यह जानकर ब्राह्मण मुकुंद ने दुखी होकर अग्नि में अपने प्राणों की आहुति दे दिया उसके बीश

1:05:39 शीष भी आग में जलकर मर गए अ फिर जो है ब्राह्मण मुकुंद क्या किया था गौ के दूध के साथ गौ के रोम का पान कर लिया था तब मल योनि में जन्म हुआ और यही जो है आकाशवाणी हुई तो हुमायूं के घर में पैदा हो गया अकबर बन के तो अब आपको क्लियर पता चल गया होगा कि यहां अकबर की बात चल रही है जो गाय के रो का दूध पी लिया था मलेश योनी में जन्म हुआ वाल्मीकि रामायण भी यहां पर क्या कह रहा है बाल कांड का पचपन सर्ग भी साफ साफ का तीसरा नंबर श्लोक क्या कह रहा है कि रोम कपों से मलिस उत्पन्न होते हैं यानी मलिस कौन है मलिस योनि कौन था अकबर अकबर कौन सी जा धर्म का था मुस्लिम यानी मल मतलब मुस्लिम तो वेरीफाई हो गया तो ्र

1:06:25 मराठी बिटवीन द लाइंस पढ़िए धर्म ग्रंथ जो है ना बच्चों का खेल नहीं है खिलौना नहीं है मार्केट से खरीद के लाए लगे खेलने थोड़ा सा क्या मुंह भी जलेगा हाथ भी चलेगा चरू बगल से जल जाएगा धर्म ग्रंथ है इतना आसान है 90 प्र एससी एसटी ओबीसी को इतने साल से बेवकूफ बना के इनके हक अधिकार छीन के कुछ फर्जी फर्जी कथा कहानी बनाकर सारे संस्थानों पर कब्जा करके बैठ के कोई इनके घरों की रोटियां एससी एसटी ओबीसी के घरों की रोटियां जो है घर के अपना त बैठा हुआ है मार्केट का खिलौना है समझ रहे हैं कि इसको मिलावट कह देंगे व कह देंगे व कह देंगे भाग जाएंगे ये इतना हल्का नहीं है ध्रुव राठी जितना आप समझ रहे हैं कि हार्ड हिंदुत्व से सॉफ्ट हिंदुत्व में घुसा देंगे बोलना है तो सीधे-सीधे बोला कीजिए

1:07:12 सॉफ्ट तवा हार्ड हित वाला खेल नहीं चलता यहां पर आइए कुछ और सुन लेते हैं इनकी बातें देख लेते हैं कुछ और इनको कहना हो तो स्क्रिप्चर में एक झूठा कोट इंसर्ट कर दिया धर्म सुना आपने झूठा कोटस इंसल्ट कर दिया क्या इंसल्ट किया भाई अरे राठी फिर से फिर से भाई फिर से एक बार और एक बार और यार मौज दिला दी मौज दिला दी पिक्चर्स में एक झूठा कोट नहीं फिर से पूरा पूरा पूरा सुनेंगे भाई पूरा सुनेंगे पूरा सुनेंगे सब माफिया वालों ने हमारे हिंदू स्क्रिप्चर में एक झूठा कोट इंसर्ट कर दिया धर्म हिंसा अच्छा बताइए झूठा हिंदू माफि ने कोट कर दिया है सुन अप हिंदू माफिया ने

1:07:59 अरे राठी हिंदू अंदू कुछ ना होता हिंदू होता ना तो आज आप जो है ध्रुव हिंदू होते हैं ध्रुव राठी नहीं होते य पे कोई हिंदू हिंदू ना होता किसको कहानी पढ़ा रहे हैं माफी अरे हिंदू में एससी एसटी ओबीसी जनरल सब आते हैं 3 हज जातिया उपजातियां आती है लेकिन धर्म ग्रंथ सिर्फ ब्राह्मण लिखा है तो य आप हिंदू कह के ना एससी एसटी ओबीसी और गैर ब्राह्मणों को बदनाम ना करें भाई राठी मैं सीधे-सीधे बोल रहा हूं यहां पर आपको बदनाम ना करे गैर ब्राह्मणों को कि हिंदू माफि ने पूरा धर्म ग्रंथ लिखा है ब्राह्मणों ने ए टू जेड धर्म ग्रंथ लिखा है ब्राह्मणों ने तो दम नहीं है बोलने का

1:08:45 कि ब्राह्मणों ने ब्राह्मण माफि ने लिखा है पैसा मिलता है शर्म आती है बोलने में सच्चाई बोलने में इतना बेशर्मी सही नहीं होती है भाई सीधे-सीधे ठोक के कहिए कि ब्राह्मण माफि ने लिखा है य क्या होता है भाई जब धर्म ग्रंथ का पूरा ठेका ब्राह्मणों ने लेकर रखा हुआ है दूसरों के कान में शीशा पिघला के बताइए मनुस्मृति चैप्टर 10 के पहला श्लोक में क्या लिखता है लिखता है कि क्षत्रिय भी वेद को नहीं पढ़ा वे वैश्य भी नहीं पढ़ा वे अ शूद्र को तो पढ़ने पर ही जीभ विभ काट के कान में शीशा पिघला के डालने की बात है तो पूरा का पूरा पढ़ाने का लिखने का ठेका ब्राह्मण का तो हिंदू माफिया कैसे मिलावट करेगा रोनू रोना नहीं चलेगा भाई यहां पर गोल पोछना

1:09:30 चेंज हो पाएगा राठी महोदय सीधे-सीधे बोला कीजिए कि ब्राह्मण माफियाओं ने मिलाया है और सवाल यहां पर यह आएगा कि अगर एक ब्राह्मण माफिया ने लिखा तो बाकी के ब्राह्मण माफिया क्या कर रहे थे बाकी के ब्राह्मण कितने खड़े होकर बोल दिए कि अकबर हमारा ब्राह्मण भाई नहीं है जब आपके भविष्य पुराण में अकबर को ब्राह्मण बनाया गया तब कितने ब्राह्मण सवाल यह नहीं है कि कुछ ब्राह्मण माफियाओं ने लिखा सवाल यह है कि बाकी के ब्राह्मण माफियाओं ने क्या खड़े होकर उस गलत को गलत कहा जैसे आज आपको लगता है कि सरकार बदल देनी चाहिए आप खड़ा है ना आपका नाम दर्ज हो गया है इतिहास में यहां एक कोई है यूटर है जिसने एक जोरदार

1:10:16 ढंग से आवाज उठाई है और अच्छे-अच्छे आईटी सेल्स को इसके लिए आपका क्रेडिट जाता है आपके क्रेडिट में कमी नहीं है लेकिन सवाल यह है कि जहां जो पॉइंट आप मिस लीड कर रहे हैं वहां पर हम आवाज उठाएंगे वहां पर तो कोई चुप रहेगा ना अंबेडकराइट बच्चे कभी चुप नहीं रहेंगे वहां पर तो यह हमें बता दीजिए कि जब अकबर को ब्राह्मण भाई बनाया जा रहा था तब कितने ब्राह्मणों ने उसके अगेंस्ट में किताब लिखा कि हम इन ब्राह्मण माफियाओं के इस बात का समर्थन नहीं करते असली भविष्य पुराण यह है लिखा किसी ने असली भविष्य पुराण नहीं लिखा सबने उसी भविष्य पुराण को सही माना क्यों क्योंकि सारे के सारे ब्राह्मण ही उसके लिए एग्री है वह कभी हिंदू थे ही नहीं ना उन्होंने

1:11:04 अपनी किसी किताब में एक जगह अपने को हिंदू बताया ना अपनी एक भी किताब में कभी हिंदू लिखा लेकिन आज आपको शर्म आ जाती है यह बात बताने में कि भाई हिंदू माफिया लिखा ब्राह्मणों ने धर्म ग्रंथ धर्म ग्रंथों में कहीं हिंदू शब्द नहीं और दोष देना हो तो हिंदुओं को अब हिंदू कहने का मतलब क्या कि ताकि सारे एससी एसटी ओबीसी और गैर ब्राह्मण जनरल भ्रमित रहे कि हमने हमने ही गलती कर दी जिसने गलती ही नहीं की आरक्षण पूरा का पूरा ब्राह्मण का लिखने का आरोप किसी और का आगे सुनिए इनकी फिर हम यहां क्लेरिफाई करते हैं किसी वेद पुराण में नहीं थी किसी रामायण महाभारत में नहीं थी इन्होंने जबरदस्ती अपना नफरत खोर एजेंडा देख लीजिए कह रहे हैं कि किसी

1:11:52 महाभारत में नहीं थी ये में नहीं थी नफरत खोर एजेंडा और और सुनते हैं तब बताते हैं भाई बीच में घुसा दिया उस धर्म हिसा ला गुरु को भी ले आए गुरु को भी ले आए आप तो मजा आएगा भाई सुनते हैं इनके गुरु की भी बात दोनों लोगों की आज खींचते हैं भाई क्या सच्चाई है आपको जान कर के आनंद होगा कि ये किसी भी ग्रंथ में कहीं पर भी नहीं लिखा क्या क्या नहीं लिखा है थोड़ा फिर से बताए परेशान परेशान महोदय परेशान ना हो आराम से बताए क्या चीज नहीं लिखा हुआ है जरा फिर से बताए हमें फिर से बताइए क्या नहीं लिखा हुआ है न करके आनंद हो ये किसी भी ग्रंथ में कहीं पर भी नहीं लिखा हुआ है और इससे आपके रोंगटे भी खड़े हो जाने चाहिए कौन सी सेंट्रलाइज कंस्पिरेशन यूनिट है जो इतनी बड़ी बड़ी साजिशें करती है बताइए सेंट्रलाइज यूनिट

1:12:40 है जो इतनी बड़ी बड़ी कंस्पिरेशन करती है यह एक ब्राह्मण बोल रहा है यानी राठी जो है यह राठी जो अब तक बात बोल रहे थे इनके पीछे एक बाबा चल रहा है सॉफ्ट हिंदुत्व बाबा हार्ड हिंदुत्व बाबा साइडलाइन सॉफ्ट हिंदुत्व बाबा एक चल रहा है जो इनको रोज ज्ञान देता है और क्या ज्ञान देता है कि भाई देखो हिंसा की बात ही कहीं नहीं लिखी है समझना हिंसा की बात नहीं लिखी है कोई सेंट्रलाइज एजेंसी है अरे लिखने का धर्म ग्रंथ आज तक एससी एसटी ओबीसी में से एक बंदा मुझे बता दीजिए जिसने अनुवाद किया हो आपके रामायण का आपके महाभारत का आपके गीता का आपके वेद का उपनिषद का स्मृतियों का एक नाम बता दो एक एससी एसटी ओबीसी सब ब्राह्मण करता है

1:13:28 लेकिन देखें इसका भी कमाल देखिए य खुद ब्राह्मण है नाम लिया इसने क्या कहा कोई सेंट्रलाइज यूनिट है जैसे अभी दोष देना हो तो कह दो बाम पंथिया ने किया येने किया लेकिन ब्राह्मण को कभी दोष नहीं देंगे यह यह ब्राह्मणों का आप हिडन एजेंडा देख लीजिए और ध्रुव राठी का एजेंडा इसमें घुस लिए ध्रु भी इस पर फस गए इसके चक्कर में यह भी हिंदू कह रहे थे जबकि लिख धर्म ग्रंथ लिखने का अधिकार सिर्फ ब्राह्मण को है और यह ब्राह्मण है इसको भी पता है कि धर्म ग्रंथ लिखता ब्राह्मण है और इसने क्या कहा एक जगह नाम लिया ब्राह्मण का नहीं कोई सेंट्रलाइज यूनिट है यानी ब्राह्मण जो है खुद गलती करेगा उसके सब उसको पता है कि खुद उन्होंने सारी चीजें की है जब इस ये जो लिखा उसका मजा ले रहे

1:14:14 थे आज उसको बदल के मजा लेंगे लेकिन कभी गलती नहीं बताएंगे कि ये गलती ब्राह्मण की है हां अगर शुद्र वेद पढ़ ले सुन ले तो उसका कान पिघला के कान में शीशा पिघला के डाल दो जीभ काट लो य शूद्र की गलती है भाई तू कैसे पढ़ लिया लेकिन ब्राह्मण कुछ भी लिख के कुछ भी कितनी भी धूर्तता लिख देगा उसमें ब्राह्मण की गलती कभी नहीं बता सकते यह इनका हिडन एजेंडा है आगे सुनिए जो बात धर्म ग्रंथ में लिखी भी नहीं हुई है उसको संस्कृत में लिख कर के उसको चारों तरफ से और दूसरे जरि से फैला देती तो सुन लिया आपने ये झूठ बोल रहा है बंदा एकदम झूठ बोल रहा है मैं दिखाऊंगा अभी सब लिखा हुआ है तो यह है दोस्तों कि ये लोग हमारे हिंदू धर्म को ही तोड़ने मरो देखिए इनके हिंदू धर्म को तोड़ रहे मरोड़ रहे अरे ध्रु आपको नहीं जानकारी है भाई आपको जानकारी नहीं है

1:15:00 काहे जबरदस्ती रो रहे हैं कैसा आपका चेहरा लग रहा है देखिए पब्लिक देख के क्या हंस रही होगी सबसे कितना बड़ा बेवकूफ व्यक्ति है सब सामने सामने सबूत रखा हुआ है पढ़ा लिखा है नहीं और रो रहा है ऐसे कर हिंदू धर्म को इन अरे आपका हिंदू धर्म कभी था ही नहीं आपके जितने धर्म ग्रंथ लेकर घूम रहे हो सब ब्राह्मण कहा है ब्राह्मण ने अपने को हिंदू कभी कहा नहीं ना अपने धर्म ग्रंथ में कहा है आप जबरदस्ती कूद के उसमें जा रहे हो आपका कोई हिंदू धर्म नहीं है य बुद्ध की धरती थी यही पुरातत्व से जो मिल रहा है वही भारत का कल्चर है यही श्रमण कल्चर है भारत का और जाकर आप जहां रहते हैं आप इतिहास पता लीजिए अगल बगल खुदाई उद करवा के पता लग सब बुद्ध की जगह मिलेगा आपको जबरदस्ती हिंदू बने पड़े हैं लोगों को हिंदू बनाए पड़े हुए हैं हकीकत हम आपको दिखाते हैं यह लोग झूठ बोल रहे थे धर्म में नहीं लिखा है यह नहीं लिखा है

1:15:48 वह नहीं लिखा है सब चीज लिखा हुआ है यह वेदांती था इनका गुरु इनका गुरु आचार जो है व वेदांती है इसके वेदांत में क्या लिखा हुआ है बोल रहा है कि कुछ लिखा हुआ नहीं है इनके वेदांत का हम अभी एक झलक दिखाते हैं इनका वेदांत है उ भी शंकर भाष्य दिखाते हैं सबसे बड़ा वेदांत वही था ना जिसका य गुणगान गाते रहते हैं तो यह इनके वेदांत के सबसे पुराने 13 माने जाते हैं उस 13 में से एक यह है वृह दरक उपनिषद और इसके छठे अध्याय के चौथे ब्राह्मण के सात नंबर श्लोक हम दिखाते हैं एक बार आपको देखिए क्या लिखा है कहता है वह पत्नी यदि इस पति को मैथु ना करने दे तो पति उसे उसकी इच्छा के अनुसार वस्त्र आभूषण आदि देकर उसके प्रति अपना प्रेम प्रकट करें ठीक है इतने पर भी यदि वह उसे मैथु का

1:16:36 अवसर ना दे तो वह पति इच्छा अनुसार दंड का भय दिखाकर उसके साथ बल समागम करे यानी कि

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