The Science Of Getting Rich Audiobook | By Wallace D. Wattles | Audiobooks Summary |

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संक्षिप्त सारांश

यह ऑडियोबुक "द साइंस ऑफ़ गेटिंग रिच" पर आधारित है, जो अमीर बनने के सिद्धांतों और मानसिकता पर केंद्रित है। यह बताती है कि अमीर बनना हर किसी का अधिकार है और यह केवल भाग्य या विरासत पर निर्भर नहीं करता है।

मुख्य बातें:

  • अमीर बनने के लिए एक निश्चित तरीके से काम करना जरूरी है।
  • विचार ही वह शक्ति है जो धन का सृजन कर सकती है।
  • अवसर किस्मत से नहीं मिलते, बल्कि बनाए जाते हैं।
  • कृतज्ञता और सकारात्मक मानसिकता सफलता के लिए आवश्यक हैं।
  • प्रतिस्पर्धा के बजाय रचनात्मकता पर ध्यान दें।

परिचय: अमीर बनने का विज्ञान

यह खंड एक अमीर जीवन की कल्पना के साथ शुरू होता है और बताता है कि अमीर बनने के लिए केवल विरासत या लॉटरी ही एकमात्र रास्ते नहीं हैं। लेखक वालिस डी वाटल्स की किताब "द साइंस ऑफ़ गेटिंग रिच" का परिचय देते हैं, जो अमीर बनने के पीछे के विज्ञान को समझाती है। यह खंड इस बात पर जोर देता है कि हर इंसान को अमीर बनने का अधिकार है, क्योंकि यह उसे अपने जीवन के उद्देश्यों को पूरा करने और अपनी क्षमताओं का विकास करने में सक्षम बनाता है।

अमीर बनने का तरीका: कुछ नियम

यह खंड बताता है कि अमीर बनने के लिए कुछ नियमों का पालन करना आवश्यक है। वालिस डी वाटल्स के अनुसार, धन और संपत्ति का मालिक बनने के लिए एक निश्चित तरीके से काम करना होता है। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि अमीर बनने के लिए आसपास का वातावरण मायने नहीं रखता, क्योंकि हर तरह के लोग अमीर बने हैं। महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने प्रयासों को सही दिशा में लगाएं और उस क्षेत्र के मूल सिद्धांतों को समझें जिसमें आप काम कर रहे हैं।

विचारों की शक्ति: धन का सृजन

यह खंड विचारों की शक्ति पर केंद्रित है। यह बताता है कि हमारे विचार ही वह शक्ति हैं जो किसी निराकार चीज से भी धन का सृजन कर सकते हैं। अपने विचारों को गंभीरता से लेना और उन्हें वास्तविकता में बदलने के लिए काम करना आवश्यक है। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि संसाधनों की कमी की शिकायत करने के बजाय, उन्हें इकट्ठा करने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

अवसरों का निर्माण: किस्मत नहीं, मेहनत

यह खंड अवसरों के निर्माण पर केंद्रित है। यह बताता है कि अवसर किस्मत से नहीं मिलते, बल्कि उन्हें बनाया जाता है। यदि आपका दिमाग चाहे तो वह आपके अमीर बनने के लिए कई अवसर पैदा कर सकता है। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि प्रकृति हमारे लिए धनवान बनने के लिए अलग-अलग तरह के अवसर पैदा करती है, और जो लोग बाजार में उस अंतर को समझ जाते हैं और उसे भरने के लिए काम करते हैं, वे अपने आप अमीर बन जाते हैं।

सकारात्मक मानसिकता: कृतज्ञता और विश्वास

यह खंड सकारात्मक मानसिकता के महत्व पर केंद्रित है। यह बताता है कि अमीर बनने के लिए आपके अंदर बदलाव और स्वीकृति के गुण होने चाहिए। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि कृतज्ञता और विश्वास सफलता के लिए आवश्यक हैं। आपको उस चीज के लिए आभारी होना चाहिए जो आपके पास है, और यह विश्वास करना चाहिए कि आप जो कुछ भी चाहते हैं उसे प्राप्त कर सकते हैं।

अमीर बनने का सही तरीका: क्रिएटर बनें, कंपटीटर नहीं

यह खंड अमीर बनने के सही तरीके पर केंद्रित है। यह बताता है कि आपको क्रिएटर बनना है, कंपटीटर नहीं। आपको जो चाहिए उसे इस तरह हासिल करना चाहिए ताकि आपकी वजह से उस चीज का इस्तेमाल करने वाले लोगों के जीवन में भी सुधार हो सके। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि प्रतिस्पर्धात्मक दुनिया में, लोग धन तो इकट्ठा कर लेते हैं, लेकिन उनकी लाइफ एक भ्रम की तरह होती है, जो सिर्फ बाहर से देखने में अमीर लगते हैं, पर असल में कर्ज और अस्थिर धन से जूझ रहे होते हैं।

वेल्थ का सृजन: मूल्य जोड़ना और दूसरों को देना

यह खंड वेल्थ के सृजन पर केंद्रित है। यह बताता है कि अमीर बनने के लिए आपको दूसरों की लाइफ में अपनी सर्विस या प्रोडक्ट के जरिए ज्यादा से ज्यादा वैल्यू ऐड करनी पड़ेगी। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि आपको अपने कर्मचारियों को उनकी सेवा से थोड़ा ज्यादा भुगतान करना चाहिए, क्योंकि इसी तरीके से आप उनसे उनकी मजदूरी से ज्यादा नकद मूल्य का काम ले पाएंगे।

आंतरिक शक्ति: अपनी रचनात्मक ऊर्जा को पहचानना

यह खंड आंतरिक शक्ति को पहचानने पर केंद्रित है। यह बताता है कि हम सभी के अंदर वह ऊर्जा किसी न किसी रूप में मौजूद है, और हमें सिर्फ उस बच्चे की तरह उसे विकसित करने की जरूरत है। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि गरीबी और आत्म-बलिदान भगवान को प्रभावित करने का सबसे आसान तरीका नहीं है। भगवान चाहते हैं कि आप गाओ, संगीत को महसूस करो, हर खूबसूरत चीज को देखो, सच को पहचानो, अच्छे कपड़े पहनो और अच्छा खाना खाओ।

कृतज्ञता का नियम: जो आपके पास है उसकी इज्जत करना

यह खंड कृतज्ञता के नियम पर केंद्रित है। यह बताता है कि उस चीज के लिए आभारी और दयालु होना जो आपके अंदर खास है। इसके लिए आपको पहले तो इस बात पर यकीन करना होगा कि यहां एक इंटेलिजेंट सब्सटेंस है जिससे सारी चीजें प्रोसेस हो रही हैं। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि जो आपके पास है उसकी इज्जत करना सीखिए, और उस स्किल या टैलेंट को विकसित करके उसका फायदा उठाना सीखिए।

मानसिक समायोजन: निराशा से आशा की ओर

यह खंड मानसिक समायोजन पर केंद्रित है। यह बताता है कि यदि आप अपने दिमाग को कमजोर वातावरण में रखेंगे तो वह हर गुजरते दिन के साथ और कमजोर होता चला जाएगा। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि आपको अपने इस एटीट्यूड को चेंज करना होगा और अपने दिमाग को बेस्ट के बीच रखना होगा, उसे वो फीड कराना होगा जो उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करे।

सही दिशा में विचार: ज्ञान का महत्व

यह खंड सही दिशा में विचारों पर केंद्रित है। यह बताता है कि किसी चीज को पाने के लिए या फिर अमीर बनने के लिए पहले आपको उसकी क्लियर इमेज अपने दिमाग में क्रिएट करनी पड़ती है। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि जिसके पास ज्ञान होता है वही इस दुनिया का सबसे धनी व्यक्ति होता है, क्योंकि उसके पास हर सिचुएशन में जिंदा रहने की शक्ति होती है।

प्रार्थना और कर्म: इच्छाशक्ति का सही उपयोग

यह खंड प्रार्थना और कर्म पर केंद्रित है। यह बताता है कि आपको जो चाहिए उसके लिए आपको डेली भगवान से प्रार्थना करने की जरूरत नहीं है। भगवान ने आपको वह पावर पहले से दे रखी है, आपको सिर्फ उसका इस्तेमाल करना सीखना है। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि प्रार्थना का रिजल्ट आपके फेथ के अकॉर्डिंग नहीं बल्कि आपके कर्म के मुताबिक मिलेगा।

इच्छाशक्ति का उपयोग: दूसरों को मजबूर न करें

यह खंड इच्छाशक्ति के उपयोग पर केंद्रित है। यह बताता है कि बहुत सारे लोग खुद जो अचीव करना चाहते हैं उसे पाने के लिए दूसरों को मेंटली फोर्स करते हैं, जो कि एक बहुत गलत तरीका है। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि आपको अपना विल पावर का इस्तेमाल किसी को प्लीज करने या फिर फोर्स करने के लिए करने की कोई जरूरत नहीं है।

सकारात्मकता बनाए रखें: संदेह से बचें

यह खंड सकारात्मकता बनाए रखने पर केंद्रित है। यह बताता है कि नेगेटिव इंप्रेशन इस नेचुरल साइंटिफिक फेनोमेना को कमजोर करता है। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि जिस भी पल फेलियर की वजह से आपके अंदर डाउट या फिर अन बिलीफ की भावना आना शुरू हुई उसी पल यह प्रोसेस अपोजिट डायरेक्शन में काम करना शुरू कर देगा।

गरीबी पर ध्यान न दें: अमीर बनने पर ध्यान केंद्रित करें

यह खंड गरीबी पर ध्यान न देने पर केंद्रित है। यह बताता है कि अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो आपको अपनी गरीबी के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है, क्योंकि आप जितना उस बारे में सोचेंगे आपके एक्चुअल डिजायर्स उतना ही आपसे दूर होते चले जाएंगे। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि कोई भी सिर्फ गरीबी की इमेज अपने दिमाग में रखकर गरीबी से बाहर नहीं आ सकता।

कुशल कार्रवाई: वर्तमान में सर्वश्रेष्ठ बनें

यह खंड कुशल कार्रवाई पर केंद्रित है। यह बताता है कि आपको वो सब कुछ ट्राई करना चाहिए जो आपके लिए करना पॉसिबल है। आप जिस जगह पर हैं या जो कर रहे हैं आप अपनी उस प्रेजेंट लाइफ से ज्यादा एडवांस बन सकते हैं, पर उसके लिए आपको प्रेजेंट पर रिग्रेट करना बंद करना होगा। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि हर दिन आप या तो कुछ पाते हैं या फिर कुछ लूज करते हैं, और इन्हीं को सक्सेसफुल डेस्ट कहा जाता है जो आपको उस तक पहुंचाते हैं जो आपको चाहिए।

मानसिक शक्ति और कार्रवाई: विजन को वास्तविकता में बदलें

यह खंड मानसिक शक्ति और कार्रवाई पर केंद्रित है। यह बताता है कि ज्यादातर लोग जो अमीर होने के बाद भी फेल होते हैं उनके फेलियर का सबसे बड़ा कारण यह है कि वह अपनी मेंटल पावर और पर्सनल एक्शन को सेपरेट रखते हैं। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि जब भी आप कोई काम करने के लिए बैठे उस समय आपको अपने विजन को अपने दिमाग में रखना है।

इच्छाशक्ति और स्वभाव: अपने जुनून का पालन करें

यह खंड इच्छाशक्ति और स्वभाव पर केंद्रित है। यह बताता है कि आप किसी भी बिजनेस या काम को करके अमीर बन सकते हैं उन कामों को करके भी जिनमें आपका टैलेंट नहीं है, क्योंकि कई बार आपके अंदर क्षमता होती है पर वह हुनर आपको खुद डेवलप करना पड़ता है। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि अगर आप वह करेंगे जो आपका मन करना चाहता है तो आप बहुत आसानी से अमीर बन जाएंगे क्योंकि वह काम आपको कभी थकावट महसूस नहीं होने देगा और आप उसे एंजॉय करने लगेंगे।

डिजायर और विश्वास: सफलता की कुंजी

यह खंड डिजायर और विश्वास पर केंद्रित है। यह बताता है कि अगर आप किसी भी सेक्टर में कामयाब होना चाहते हैं तो पहले आपके अंदर उससे जुड़ा डिजायर होना जरूरी है, क्योंकि डिजायर ही है जिसे मेनिफेस्ट करके हम पावर में कन्वर्ट करते हैं। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि एक ही प्रोफेशन में काम करने वाले लोगों की सक्सेस, वेल्थ और फेम में जमीन आसमान का फर्क होता है, यह फर्क उनके डिजायर और बिलीफ की वजह से है।

रचनात्मकता और समर्पण: जल्दबाजी से बचें

यह खंड रचनात्मकता और समर्पण पर केंद्रित है। यह बताता है कि जो करना चाहते हैं उसे सही तरह से हर रोज करें बिना किसी चिंता, डर या फिर जल्दबाजी के। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि जिस पल आप किसी चीज को पाने के लिए जल्दबाजी करने लगते हैं उसी पल आप एक क्रिएटर से कंपटीटर बन जाते हैं और फिर वापस अपने पुराने रास्ते पर लौट आते हैं जो आपको कामयाबी की तरफ नहीं फेलियर की तरफ ले जाते हैं।

अवसरों का लाभ उठाएं: वर्तमान में कार्य करें

यह खंड अवसरों का लाभ उठाने पर केंद्रित है। यह बताता है कि कभी अपॉर्चुनिटी का इंतजार मत कीजिए कि जब आपको मौका मिलेगा जब कुछ करके दिखाएंगे, क्योंकि प्रेजेंट से बड़ी अपॉर्चुनिटी कोई है ही नहीं। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि वह इंसान जो अपनी लाइफ को एडवांस कर चुका है और अपनी क्रिएटिव पावर को यूज करना सीख चुका है उसके लिए दुनिया में ऐसी कोई चीज नहीं है तो जिसमें अवसरों की कमी हो।

नियंत्रण और मानसिकता: अपनी सफलता के लिए जिम्मेदारी लें

यह खंड नियंत्रण और मानसिकता पर केंद्रित है। यह बताता है कि एक अमीर आदमी कभी भी किसी और को खुद पर काबू नहीं पाने देता, क्योंकि वह जानता है कि जिस पल उसने दूसरों को यह अधिकार दिया उस पल वह करोड़ों की संपत्ति होते हुए भी दूसरे का गुलाम बन जाएगा। यह खंड इस बात पर भी जोर देता है कि आपको जो कुछ अमीर बनने के लिए चाहिए वह ऑलरेडी आपके पास है, आपको सिर्फ उस पावर को यूज करना सीखना है।

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Transcript

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0:01 दोस्तों इमेजिन कीजिए कि आप एक सुबह उठते हैं और खुद को एक बड़े से महल के कमरे में पाते हैं घर के बाहर महंगी लगजरी गाड़ियों की लाइन लगी है कुछ भी खरीदने से पहले प्राइस टैग ना देखना पड़े और दुनिया में जहां जाना चाहते हैं जहां घूमना चाहते हैं वहां जा पाए सपना खूबसूरत है ना दोस्तों अब इतना अमीर होने के लिए या तो बाप दादा का करोड़ों का कारोबार होना चाहिए या फिर करोड़ों की लॉटरी लग जाए तो शायद यह पूरा हो सकता है लेकिन दोस्तों इसके अलावा भी एक रास्ता है जो आपको अमीर बना सकता है नहीं नहीं मैं आपको कोई 25 दिन में पैसा डबल करने वाली स्कीम नहीं बताने वाला अमीर बनने के पीछे का असली साइंस बताने वाला हूं कहीं अब आप इस सोच में तो नहीं डूब गए

0:47 कि भला अमीर बनने के पीछे भी कोई साइंस होती है तो होती है जनाब होती है वह हर चीज जिसमें कोई कंपोनेंट्स या फिर प्रोसेस शामिल होता है वो साइंस ही तो होती है अमेरिकन ऑथर वालिस डी वाटल्स ने 1910 में एक बुक लिखी थी द साइंस ऑफ गेटिंग रिच जिसने कई पर्सनेलिटीज की लाइफ चेंज की और उन्हें सक्सेस का रास्ता दिखाया वालिस का कहना था कि इंसान की जिंदगी का असली मकसद डेवलपमेंट होता है पर वो तभी पॉसिबल है जब उसके पास पैसा हो हम कितने भी बड़े-बड़े डायलॉग्स मार ले गरीब या आम आदमी को प्रेस करने के लिए पर सच तो यही है कि कोई भी इंसान अपनी लाइफ में अपने मकसद तक तभी पहुंच पाता है जब उसके पास पैसा होता है

1:33 जब तक उसके पास पैसा नहीं होता वह अपनी लाइफ में सिर्फ अपनी बेसिक नीड्स को ही पूरा करने में बिजी रहता है और उस मकसद से दूर हो जाता है जिसके लिए शायद वह इस दुनिया में आया था इस दुनिया में मौजूद हर इंसान के राइट टू लाइफ का मतलब है कि उसके पास बिना किसी रिस्ट्रिक्शंस के इस दुनिया में मौजूद हर चीज जो उसके दिमाग शरीर और आस्था के पात को पहचानने के लिए जरूरी है वो उ पाने का अधिकार रखता है जिसका मतलब होता है अमीर बनना यह हर किसी का अधिकार है पर अब सवाल यह उठता है कि अमीर बना कैसे जाए इस दुनिया में शायद ही कोई होगा जिसे अमीर बनने की इच्छा ना होगी और हां अमीर बनने का मतलब सिर्फ पैसे कमाना नहीं है बल्कि अमीर होने का मतलब है दुनिया में

2:21 मौजूद कोई भी चीज जिसकी आपके मन में इच्छा जागती है तो आप उसे पा सकते हैं इसलिए अमीर बनने की इच्छा हर किसी में है पर हम में से ज्यादातर लोगों का दिमाग सिर्फ अपनी बेसिक नीड्स को पूरा करने पर लगा रहता है वो यह मान चुके हैं कि अमीर बनना उनके बस की बात नहीं है पर क्यों क्या यह कोई मिरेकल है जो हर किसी के साथ नहीं हो सकता या फिर भाग्य जिसे बदला नहीं जा सकता असल में ऐसा कुछ भी नहीं है दोस्तों हर इंसान जो अमीर बनना चाहता है व अमीर बन सकता है और उतनी वेल्थ इकट्ठा कर सकता है जितनी कि उसे चाहत है है जितना वह चाहता है पर तरीका क्या है यही सोच रहे हैं ना कुछ लॉज हैं जो अमीर बनने के प्रोसेस के

3:08 लिए जरूरी है और एक बार जो इन लॉस को समझकर फॉलो करना सीख जाता है उसे फिर अमीर बनने से कोई नहीं रोक सकता है वॉलिस डी टल्स अपनी बुक द साइंस ऑफ गेटिंग रिच में बताते हैं कि कोई भी धन और संपत्ति का मालिक तभी बनता है जब उसने एक सर्टेन वे में काम किया हो फिर चाहे वह उससे गलती से हुआ हो या फिर उसने जानबूझकर वो प्रोसेस फॉलो किया हो पर सच यही है कि अगर आप उस प्रोसेस को फॉलो नहीं करते तो आप चाहे कितनी भी मेहनत कर ले आप अमीर नहीं बन सकते अमीर बनने के लिए आपके आसपास का एनवायरमेंट भी मायने नहीं रखता लेकिन क्यों क्योंकि दुनिया में हर कैटेगरी के लोग अमीर बने हैं और हम दुनिया में कई जगह देखते हैं कि अमीर और गरीब लोग एक ही

3:55 सोसाइटी में रह रहे हैं पर फिर क्या है जो उन दोनों की जिंदगी को एक दूसरे से अलग बना रहा है एक बिल्डिंग और एक ही तरह का बिजनेस करने वाले दो लोग भी अमीर गरीब होते हैं एक उसी काम को करके अमीर बन रहा है जिसमें दूसरा आदमी अपना गुजारा तक नहीं चला पा रहा है जैसे मिट्टी के बर्तन आपने अपने आसपास कई कुम्हारों को मिट्टी के बर्तन दिए सेल करते देखा होगा उनके पास मिट्टी की चीजें बनाने की कला तो है पर उसे वह केवल अपना गुजारा ही कर पाते हैं लेकिन ऑनलाइन आपको ऐसी बहुत सारी ई कॉमर्स कंपनीज मिल जाएंगी जो वैसे ही मिट्टी के बर्तन तीन गुना कीमत पर बेच रही हैं और अच्छा खासा प्रॉफिट भी कमा रही हैं और वो सिर्फ इसलिए क्योंकि उनके पास टैलेंट के

4:41 साथ-साथ विजन और रोड मैप भी है वहीं यह भी सच है कि कुछ एनवायरमेंटल फैक्टर्स होते हैं जो शायद अमीर बनने वाले को हेल्प कर रहे हो पर यह अल्टरनेटिव फैक्टर्स है जो उसे ग्रो करने में हेल्प कर रहे हैं एक्चुअली उन दोनों आदमियों के काम करने का तरीका उन्हें अमीर या ग बना रहा है इसलिए आंख बंद करके सिर्फ मेहनत करने से काम नहीं चलेगा अगर उस बिजनेस या जॉब में सरवाइव करना चाहते हैं और अमीर बनना चाहते हैं तो आपको उसके कोर प्रिंसिपल को समझना पड़ेगा और एफर्ट्स राइट डायरेक्शन में लगाने होंगे और यह फिलोसॉफिकल नॉलेज नहीं है आप कोई भी काम करके अमीर बन सकते हैं पर उसे करने से पहले खुद से दो सवाल पूछिए क्या आप उस काम को करने में कैपेबल हैं

5:26 क्या आपके पास उस फील्ड से जुड़ी रिक्वायर्ड स्किल्स और नॉलेज है अब आप मान लीजिए आपके पास उस फील्ड से जुड़ी स्किल्स हैं पर फिर भी आप उसमें फेल हो रहे हैं या फिर दूसरे लोग उसी फील्ड में आपसे बेहतर काम कर रहे हैं क्यों क्योंकि वह अपनी स्किल्स को टाइम के साथ शार्प कर रहे हैं अगर आप अमीर बनने की इच्छा रखते हैं या बनना चाहते हैं तो आपके अंदर चेंज और एक्सेप्टेंस ये दो स्किल्स जरूर होनी चाहिए आप अपनी बनाई ख्यालों की दुनिया को फॉलो करके अमीर कभी भी नहीं बन सकते सकते आपका दिमाग जब ऐसा क्यों ऐसा तो हो ही नहीं सकता जैसे सवाल करना बंद कर देगा और एक्सेप्शनल केस को एक नॉर्मल नेचुरल फेनोमेना की तरह लेने लगा तब सही मायनों

6:13 में आपके अमीर बनने की जर्नी शुरू होगी पर अमीर बनने के प्रिंसिपल्स को समझने के लिए आपके अंदर उसे पाने के लिए स्ट्रांग थॉट्स होना जरूरी है बिकॉज थॉट इज द ओनली पावर चच कैन प्रोड्यूस टेंज बल रिचेस फ्रॉम द फॉर्मलेस यानी कि हमारे विचार ही वह शक्ति है जो किसी ऐसी चीज से भी धन बनाकर हमें दे सकता है जिसका रियलिटी में कोई आकार ही नहीं होता यह नहीं कि अमीर बनने की इच्छा तो है पर जो है उसके साथ कंप्रोमाइज भी कर लेते हैं अपने थॉट्स को इमेजिनेशन से रियलिटी में बदलने के लिए पहले आपको उन्हें सीरियसली लेना शुरू करना होगा जब दिमाग यह तय कर लेता है कि उसे वो चीज चाहिए तो उसके बाद वो उसे पाने के आपके रास्ते भी

6:59 सज करने लगता है लेकिन कई लोग जर्नी तो शुरू करते हैं पर उसे बीच में ही छोड़ देते हैं यह कहकर कि उनके पास इनफ रिसोर्सेस नहीं है बट वेट अ मिनट जिसके पास रिसोर्सेस है वह तो पहले से अमीर है ना पर आपको वह प्रोसेस जीरो से शुरू करना है बिजनेस स्टार्ट करने के लिए कैपिटल नहीं है यह सोचकर बिजनेस शुरू ना करना क्या बेवकूफी नहीं है क्योंकि कैपिटल इकट्ठा करना भी तो प्रोसेस का पार्ट है आप अमीर बनना चाहते हैं इसलिए आप यह कंप्लेन या डिमांड नहीं कर सकते कि मैं अमीर बन जाता अगर मेरे पास कैपिटल होती कुछ पर्टिकुलर चीजों के बारे में कंप्लेन करना यह कहकर कि मेरे पास यह होता तो मैं यह कर लेता आपके फेयर और इन कैपेबिलिटीज को

7:46 दर्शाता है अगर आपको पता है कि आप वो बिजनेस कर सकते हैं तो यकीनन आप कैपिटल भी कहीं ना कहीं से इकट्ठा कर ही लेंगे फिर चाहे आप दुनिया के सबसे अनलकी इंसान ही क्यों ना हो तब भी आपके पास रास्ता जरूर होगा बस यह आप पर निर्भर करता है कि आप उस रास्ते पर चलने के लिए तैयार हैं या नहीं इन शॉर्ट सब कुछ आपके माइंड सेट से शुरू होता है व कहते हैं ना जैसी आपकी सोच वैसे ही उसके कर्म यह कहावत में काफी नेगेटिव फ्रेज में यूज करते हैं पर एक्चुअल में यह हमारे माइंड सेट के लिए इस्तेमाल होता है जिस आदमी का माइंड सेट जितना ज्यादा स्ट्रांग होगा उसके पास उतनी ही बड़ी सफलता हासिल करने की क्षमता होगी क्या

8:31 वेल्थ लिमिटेड है क्या अपॉर्चुनिटी जिनके पास होती है सिर्फ वही अमीर बन सकते हैं और अगर हां तो खुद के लिए अपॉर्चुनिटी को कैसे क्रिएट किया जा सकता है आइए जानते हैं अगले एपिसोड में दोस्तों अक्सर हम जब फेल हो जाते हैं या फिर अपने करियर में वो हासिल नहीं कर पाते जिसकी हमें हमेशा से ख्वाहिश थी तो अक्सर हम इसके लिए अपॉर्चुनिटी को ब्लेम करने लगते हैं हमें ये लगता है कि अगर हमने सही समय पर अपॉर्चुनिटी को ग्रैब कर लिया होता तो शायद हम भी अमीर होते पर असल में ऐसा नहीं है टल्स कहते हैं कि कोई भी मिडिल क्लास आदमी इसलिए मिडिल नहीं है कि उसे सही अपॉर्चुनिटी नहीं मिली या फिर उसे अपॉर्चुनिटी दूर कर दी गई बल्कि सच्चाई तो

9:17 यह है कि दूसरे लोग उस अपॉर्चुनिटी को वेल्थ में कन्वर्ट करने में कामयाब रहे जैसे आप नहीं कर पाए पर क्या इसका मतलब यह है कि आपके पास अब कोई रास्ता नहीं है जी नहीं ऐसा बिल्कुल भी नहीं है एक बिजनेस अपॉर्चुनिटी अगर मोनोपोलिस्ट हुई है तो उसके तो उसने आपके लिए नए बिजनेस आइडियाज भी ओपन किए हैं जैसे आपको याद होगा कि 1950 से 60 का ये वो टाइम था जब अमेरिका में सिलिकॉन एरा शुरू हुआ था और कंप्यूटर चिप्स बनना शुरू हुए थे जिसके बाद इंटरनेट रेवोल्यूशन भी देखने को मिला और आज के टाइम में लगभग सभी बिजनेस इंटरनेट पर डिपेंडेंट है अब जिन्होंने चिप्स या फिर कंप्यूटर और इंटरनेट की शुरुआत की उन्हें फायदा हुआ पर इसकी वजह

10:05 से कई नए मार्केट्स और जॉब्स भी ओपन हुए जिनसे दूसरे लोग अमीर बने इसलिए आप जिंदगी भर अपने फेलियर के लिए उस एक अपॉर्चुनिटी को ब्लेम नहीं कर सकते जो सालों पहले आपके हाथ से निकल गए या फिर जिसे आप पहचान नहीं पाए अपॉर्चुनिटी कभी किस्मत से नहीं मिलती बल्कि यह क्रिएट की जाती है अगर आपका माइंड चाहे तो आपके अमीर बनने के लिए मल्टीपल अपॉर्चुनिटी क्रिएट कर सकता है इसलिए सवाल कभी अपॉर्चुनिटी का था ही नहीं सवाल तो यह है कि क्या आप उसे मनी में यूटिलाइज कर सकते हैं हर एरा में हमारे लिए नेचर हमारे वेल्थी बनने के लिए अलग-अलग तरह की अपॉर्चुनिटी क्रिएट करता है और जो लोग मार्केट से उस गैप को समझ जाते हैं और उसे फील करने के लिए काम करने

10:53 लगते हैं वह अपने आप यानी खुद बखुदा वो सब कुछ एक सब्सटेंस से इवॉल्व होकर बनी है यह प्रोसेस कभी नहीं रुकने वाला एक के बाद एक नई चीजें इन्वेंट होती रहेंगी क्योंकि वह ओरिजिनल सब्सटेंस कुछ और नहीं बल्कि हमारी क्रिएटिव एनर्जी है जो हर व्यक्ति के पास इक्वल क्वांटिटी में है जो लोग इस क्रिएटिव एनर्जी को कल्टटर सीख जाते हैं उनके लिए नेचर खुद वेल्थ जनरेट करने का काम करने लगती है जैसे पहले इंसान पैदल चला करता था पर उसने बैलगाड़ी घोड़ा गाड़ी से सफर करना शुरू किया फिर साइकिल कार हवाई जहाज और शिप से ट्रेवल करना शुरू किया हर बीते वक्त के साथ हम अपने ट्रेवल

11:38 टाइम को शॉर्ट करते जा रहे हैं और एक नई चीज का आविष्कार कर रहे हैं ताकि वो हमें और जल्दी दूसरी जगह पहुंचा दे नेचर के पास हर सब्सटेंस का अल्टरनेटिव मौजूद है इसलिए आप नेचर को ब्लेम नहीं कर सकते कि उसने आपको रिसोर्सेस या इनफ अपॉर्चुनिटी नहीं थी अमीर बनने के लिए अमीर बनने के लिए जितनी भी इंग्रेडिएंट्स की आपको जरूरत है वो सब कुछ आपके पास मौजूद है आपको सिर्फ उसे एक प्रोसेस में लाना है ताकि वह एक ऑटोमेटिक मशीन की तरह काम करके आपके लिए वेल्थ जनरेट कर सके और जैसा कि मैंने पिछले एपिसोड में भी कहा था कि आपके थॉट्स ही आपकी वेल्थ का बेस है और यही साइंस ऑफ रिच का फर्स्ट प्रिंसिपल भी है आपके विचार जिस डायरेक्शन में जाएंगे आपकी क्रिएटिव

12:26 एनर्जी भी उसी तरह की चीजें फॉर्म करेगी और उसी पर आपका करियर और वेल्थ भी डिपेंड करेंगे मान लीजिए शनि और आकाश दो दोस्त हैं और दोनों ही गरीब परिवार से हैं सनी को लगता है कि वह अगर एक स्टेबल नौकरी करेगा तो उसे फाइनेंशियल प्रॉब्लम्स फेस नहीं करने पड़ेंगे अब क्योंकि सनी की सोच ही ऐसी है कि उसे एक ठीक-ठाक इनकम वाली नौकरी चाहिए तो उसकी क्रिएटिव एनर्जी भी उसी पाथ पर काम करेगी लेकिन आकाश को सिर्फ फाइनेंशियल स्टेबिलिटी नहीं चाहिए बल्कि उसे अमीर बनना है इसलिए उस के दिमाग में उसी तरह के विचार आते हैं और उसकी सारी क्रिएटिव एनर्जी उसी डायरेक्शन में लग रही है आप लाइफ में कहां पहुंचेंगे कितना कमाएंगे इसकी कहानी आपके विचारों से शुरू

13:11 होती है अगर आप यह सोचे कि साल के 5छ लाख रप की इनकम आपके लिए काफी है तो आपका दिमाग जब तक आपको पा से ₹ लाख रप कमाकर नहीं दे देता तब तक शांत नहीं बैठेगा पर अगर आप यह सोचे कि मुझे साल का नहीं बल्कि महीने का च5 लाख र कमा माना है तो आपकी क्रिएटिव एनर्जी उस गोल को अचीव करने के लिए काम करने लगेगी और एकदम से नहीं लेकिन कुछ वक्त में आपको रिजल्ट भी नजर आने लगेंगे क्यों क्योंकि हमारा मन हमारे सेल्फ सेटिस्फेक्शन के लिए काम करता है व आपको वो देने के लिए मेहनत करता है जिसकी आपको कर्विंग हो रही है और कई बार आपको शायद एहसास भी नहीं होगा कि आपके दिमाग ने आपके लिए यह सब प्लान भी कर लिया है

13:56 क्योंकि हमारी बॉडी नेचुरली वो इंस्ट्रक्शन फॉलो करती है जो उसे हमारे थॉट्स के बेसिस पर हमारा माइंड करने के लिए कहता है अमीर बनने का क्या मतलब है क्या सिर्फ पैसा होना ही अमीर बनना होता है और लाइफ में अगर किसी को अपनी संपत्ति को बढ़ाना और मिडिल क्लास लाइफ से बाहर आना हो तो उसे क्या करना चाहिए सक्सेस की असली पहचान क्या है हम जहां पैदा होते हैं जिस कल्चर और एनवायरमेंट में बड़े होते हैं उसे हमारा माइंड सेट फॉर्म होता है इसलिए उसे आसानी से बदल पाना इंपॉसिबल है यह एक प्रोसेस के जरिए होता है जो हमारा अगला प्रिंसिपल है प्रोसेसिंग ही वो रास्ता है जिसे कोई व्यक्ति बेवकूफ से बुद्धिमान और गरीब से अमीर का सफर तय करता है हमारी सोसाइटी में अमीर और गरीब का यह

14:43 कांसेप्ट हमने खुद बनाया है अपने लिए सही रास्ता ना बना पाने वालों के अंदर यह भावना क्रिएट करके कि उसे गरीब भगवान ही बनाया है भगवान ने उसे सजा दी है यह उसके पिछले कर्म है जो व भोग रहा है लेकिन व कलेज डी टल्स इस बारे में अपनी बुक द साइंस ऑफ गेटिंग रिच में कहते हैं कि आज लोग पहले से ज्यादा एजुकेटेड भी हैं और जागरूक भी लेकिन फिर भी उनके दिमाग में यह भावना एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पास की जा रही है हमारे अंदर शुरू से भावना पैदा की जाती है कि हम उस दुनिया को बिलोंग नहीं करते इसलिए पैसा कमाने के सही और सटीक तरीके को चुनने की बजाय आपके थॉट्स आपको एक ऐसे रास्ते पर चलने को मजबूर करते हैं जिस पर पूरी लाइफ चलने के बाद भी आप

15:30 अपने लिए इनफ वेल्थ जनरेट नहीं कर पाएंगे इसलिए अगर आप अपनी लाइफ में कुछ बनना चाहते हैं या फिर पैसा कमाना चाहते हैं तो दिमाग से इस बात को निकालना होगा कि मैं उस दुनिया को बिलंग नहीं करता अमीर और गरीब दोनों एक ही दुनिया का हिस्सा है हां लेकिन दोनों के जीवन में जो सुख सुविधाओं का गैप है वो उनके अपने काम करने के तरीकों की वजह से एक सीट को जब जमीन में बोया जाता है तो वो नेचुरल प्रोसेस से अपने जैसे थाउजेंड्स और सीड्स प्रोड्यूस करता है और यह प्रोसेस चलता रहता है आपके दिमाग में वो सीड आपका इंटेलिजेंस है जो भी थॉट्स आपके दिमाग में आएंगे वो कई और थॉट्स को प्रोड्यूस करेंगे जब हमें किसी चीज के बारे में कोई जानकारी मिलती है तो

16:17 वह इंफॉर्मेशन हमारे दिमाग में एक नई इंफॉर्मेशन को जानने के लिए क्यूरियोसिटी पैदा करती है और इस तरह धीरे-धीरे हमारी नॉलेज बढ़ती जाती है इस तरह कोई कोई भी स्किल या टैलेंट को जब हम अपने अंदर कल्ट वेट करते हैं तो वह हमारे अंदर उससे जुड़ी दूसरी स्किल्स या फिर टैलेंट को कल्टटर पैदा करता है और इन सब की ही तरह डिजायर्स ऑफ रिचेस का मतलब है कि आप जितना ज्यादा कमाने की इच्छा रखेंगे आपका दिमाग उसे पाने के लिए उतने ही ज्यादा एफर्ट्स करेगा और जब आप उस लेवल पर पहुंच जाएंगे तो वो आपको उसे और आगे जाने के लिए इनकरेज करेगा पर सिर्फ दिमाग में सोचकर भी काम नहीं चलेगा दोस्तों आपको वह सपना हकीकत

17:04 में जीना है तो उस डायरेक्शन में काम भी करना पड़ेगा लाइफ का मतलब ही फंक्शंस को परफॉर्म करना है कोई अपनी लाइफ को सच में आराम से जीना चाहता है तो उसे फिजिकल मेंटल और स्पिरिचुअल तीनों पर काम करना होगा अब ऐसा तो नहीं है कि आप सिर्फ इसलिए अमीर बनना चाहते हैं ताकि आपको कोई काम करना ना पड़े कोई फिजिकल पेन फेस ना करना पड़े या फिर बस बैठकर खाते रहे ऐसी वेल्थ की कामना जानवर करते हैं इंसान नहीं वहीं आप सिर्फ इसलिए भी अमीर नहीं बनना चाहते होंगे कि आप अपने मेंटल प्लेजर को पूरा कर सके यह एक पार्शियल वेल्थ है और शायद सिर्फ इसलिए भी अमीर नहीं बनना चाहते होंगे कि सिर्फ दूसरों का भला कर सके एक्चुअली में आप अमीर बनना चाहते हैं ताकि

17:51 आप अच्छा और हेल्दी खा पी सके दुनिया में मौजूद खूबसूरत जगह देखें अपने ज्ञान को बढ़ा सकें और सोसाइटी को आ आगे पढ़ने में और उसकी समस्याओं को सॉल्व करने में हेल्प कर सके हां लेकिन वेल्थ के लिए बिल्कुल सेल्फिश हो जाना या फिर बिल्कुल दानवीर बन जाना दोनों ही गलत है दोस्तों आपको इस विचार से बाहर आना होगा कि भगवान चाहता है कि आप खुद को दूसरों के लिए सैक्रिफाइस करें भगवान का इस बात से कोई लेना देना नहीं है दोस्तों बल्कि वो तो यह चाहता है कि आप अपने लिए ज्यादा से ज्यादा वेल्थ बनाए और फिर दूसरों के लिए बनाए आप अपने के लिए ज्यादा से ज्यादा वेल्थ बनाकर भी दूसरों की हेल्प कर सकते हैं आपके अंदर मौजूद क्रिएटिव एनर्जी आपको अमीर बनाने

18:37 में हेल्प करेगी पर अपने अंदर से इस विचार को भी निकाल दीजिए कि इसे आप दूसरों से कुछ छीन रहे हैं या फिर आपके अमीर बनने से उनके लिए रास्ते बंद हो जाएंगे उनके पास अपनी क्रिएटिव एनर्जी है जो उन्हें आपसे कम या ज्यादा अमीर बना सकती है इसलिए कोई किसी का कंपटीशन नहीं होता आपका जन्म कुछ नया क्रिएट करने के लिए हुआ है ना कि उसे कंपीट करने के लिए जिसे पहले से कोई क्रिएट कर चुका है और जो लोग इस बात को समझते हैं व कभी किसी को धोखा देकर या फिर किसी का फायदा उठाकर वेल्थ क्रिएट करने के बारे में नहीं सोचते आपको क्रिएटर बनना है कॉम्पटन नहीं आप जो चाहिए उसे इस तरह हासिल कीजिए ताकि आपकी वजह से उस चीज का इस्तेमाल करने वाले लोगों की लाइफ में भी

19:24 सुधार हो सके हां मैं मानता हूं कि कई लोग मेरी बात से सहमत नहीं होंगे और इसकी भी एक वजह है हमारी सोसाइटी में रहने वाले कई मल्टी मिलेनियल लोग आपको ऐसे मिल जाएंगे जो कॉम्पिटेटिव वर्ल्ड में अपनी एक्स्ट्राऑर्डिनरी स्किल्स की वजह से अमीर बने हैं स्पेशली बिजनेस वर्ल्ड में आपको इसके कई एग्जांपल्स मिल जाएंगे पर कंपट लोग वेल्थ इकट्ठी तो कर लेते हैं लेकिन अगर आप उनकी प्राइवेट लाइफ के बारे में जानेंगे तो आपको पता चलेगा कि उनकी लाइफ एक इल्यूजन की तरह है जो सिर्फ बाहर से देखने में अमीर लगते हैं पर असल में कर्ज और इंस्टेबल वेल्थ से जूझ रहे होते हैं जिसकी वजह से वह पैसा होते हुए भी हैप्पी नहीं रह पाते वहीं कंपटिंग वर्ल्ड में आपको लगातार कंपीट करते रहना पड़ता है जब

20:13 तक आप कंपीट करेंगे तब तक ही आपके पास पैसा रहेगा जिसका मतलब है कि यह असल में उस नौकरी से भी बुरा है जिसमें हम कम पैसों में काम कर रहे होते हैं रियल वेल्थ वो होती है जहां आप अपनी क्रिएटिविटी से वेल्थ जनरेट करते हैं और वो वेल्थ डे बाय डे मल्टीप्लाई होती जाती है जैसे चांदनी चौक में एक 150 साल पुरानी कचौड़ी की दुकान है और आज भी लोग दूर-दूर से वहां खाने के लिए आते हैं या फिर कोई फेमस फैशन डिजाइनर है जो अपने यूनिक डिजाइनर क्लोथिंग के लिए जाने जाते हैं यानी कोई भी चीज जिसे आप खुद अपने दिमाग से क्रिएट करते हैं फिर चाहे वह कोई प्रोडक्ट हो या सर्विस हो वो आपकी रियल वेल्थ है जिसे आप अगर सही तरह से इन्वेस्ट करें

20:59 तो आप भी अमीर बन सकते हैं अमीर बनने के लिए कौन से रिसोर्सेस जरूरी हैं कैसे आप उन चीजों को अपनी तरफ अट्रैक्ट कर सकते हैं जो आपके लिए वेल्थ जनरेट करें कोई रेवेन्यू मनी या फिर वेल्थ किसी सोर्स से जनरेट होती है जैसे दुकान सामान बेचकर पैसे कमाता है यानी कि वह प्रोडक्ट उसका सोर्स ऑफ इनकम है जहां से उनकी वेल्थ जनरेट हो रही है ऐसे ही अमीर बनने के लिए कुछ टूल्स और रिसोर्सेस हमारे एनवायरमेंट में मौजूद हैं जो अगर आप आपके पास हो तो वह खुद किसी मैगनेट की तरह मनी को भी आपकी तरफ अट्रैक्ट करते हैं पर ऐसा तभी पॉसिबल है जब आप पहले खुद दूसरों को जरूरत से थोड़ा ज्यादा देना शुरू करें यानी कि जितना आपको मिला उससे थोड़ा ज्यादा दूसरों को लौटाए जैसे अगर आप किसी दुकान पर सामान

21:47 खरीदते हैं तो हमेशा बारगेन करने की जरूरत नहीं होती खासतौर पर तब जब वो प्रोडक्ट या फिर सर्विस अपनी वैल्यू को रीच कर रही है हां लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि आप किसी को उसकी वैल्यू से ज्यादा पे करें पर इसका सिंपली मतलब यह है कि आपको कभी भी दूसरों के साथ अनफेयरली डील नहीं करना है जिसके पास खुद कुछ नहीं है उसे आपको बारगेन करके भी कुछ नहीं मिलेगा हां लेकिन आप दूसरों से जितना लेते हैं उसे अगर ज्यादा उन्हें देते हैं तो यह आपकी वैल्यू को इंक्रीज करता है वसडी टल्स इस बारे में अपनी बुक द साइंस ऑफ गेटिंग रिच में कहते हैं मार्केट में जितनी कैश वैल्यू है आप हर किसी स को से ज्यादा नहीं दे सकते लेकिन आप उन्हें कुछ ऐसा जरूर ऑफर कर सकते

22:33 हैं जिसकी यूज वैल्यू कैश वैल्यू से ज्यादा हो जैसे किसी किताब को छापने में लगे कागज या इंक की कस्टमर की नजर में कोई वैल्यू नहीं है वह आपको उसके लिए पे कभी नहीं करेगा हां लेकिन उस किताब में मौजूद इंफॉर्मेशन स्टोरी या फिर आइडियाज आपकी लाइफ में कई तरह के वैल्यू ऐड करते हैं उसे पढ़ने के बाद अगर आपका ज्ञान बढ़ता है आपके अंदर नए विचार पैदा होते हैं या फिर आपको इमोशनल सेटिस्फेक्शन मिलता है तो इसका मतलब है कि वह किताब अपनी प्राइस वैल्यू को जस्टिफाई कर रही है चलिए इमेजिन करते हैं कि मेरे पास किसी फेमस आर्टिस्ट की एक पेंटिंग है अब किसी भी सोसाइटी में उस पेंटिंग की कीमत कम से कम पा से 10 लाख होगी पर अगर मैं उस पेंटिंग को किसी लोअर

23:20 क्लास के व्यक्ति को बेचता हूं तो क्या वो उसकी कीमत समझेगा नहीं उसके लिए उस पेंटिंग का कोई मोल ही नहीं है इसकी बजाय अगर मैं उसे ₹1 दे देता तो शायद वह ज्यादा खुश होता क्योंकि उसे लगता कि वो उसे खाना तो खरीद सकता है यही फर्क है जब आप कंपट से क्रिएटिव प्लेन में बैठते हैं क्रिएटिव व्यक्ति अपनी हर बिजनेस ट्रांजैक्शन को स्ट्रिक्टली स्कैन करता है अगर आप अपने कस्टमर्स को कुछ ऐसा सेल कर रहे हैं जो उनके लाइफ में कोई वैल्यू ऐड नहीं कर रहा है या वह रिक्वायरमेंट पूरी नहीं कर पा रहा है जिसके लिए उन्होंने पे किया था तो यकीनन आपको अपने बिजनेस को वहीं पर बंद कर देना चाहिए और हां अगर आप किसी ऐसे बिजनेस जॉब या प्रोफेशन में है जहां आपकी क्रिएटिविटी दूसरों को नेचुरली बीट नहीं

24:07 कर पा रही है तो आपको उसे वहीं छोड़ देना चाहिए सक्सेसफुल होने और वेल्थ जनरेट करने के लिए आपको दूसरों की लाइफ में अपनी सर्विस या प्रोडक्ट के जरिए ज्यादा से ज्यादा वैल्यू ऐड करनी पड़ेगी तभी आप उनसे उतनी ही वैल्यू का कैश ले पाएंगे अगर आपके पास लोग हैं जो आपके लिए काम करते हैं तो आपको उनकी सर्विस से थोड़ा ज्यादा उन्हें पे करना चाहिए क्योंकि इसी तरीके से आप उनसे उनकी वेजेस से ज्यादा कैश वैल्यू का वर्क ले पाएंगे आपको अपने एंप्लॉयज के लिए वही बनना होगा जो यह ऑडियो बुक एक्सप्लेनेशन आपके लिए भी काम कर रही हैं उन्हें न्यू पाथ न्यू विजन और मेंटल सेटिस्फेक्शन देना होगा आपको कोई यह नहीं कह रहा है कि आप उन्हें एक्स्ट्रा पे करो

24:53 इवन आप उन्हें मार्केट प्राइस से ज्यादा पे कर भी नहीं सकते पर फ्रेंडली वर्किंग इमेंट प्रॉपर ग्रोथ अपॉर्चुनिटी एप्रिसिएशन और सैलरी ऑन टाइम यह वो वैल्युएबल फैक्टर्स है जो आपके एंप्लॉई को आपके लिए और बेहतर ढंग से काम करने के लिए एंकरेज करेंगे हमेशा याद रहे कि इस वेल्थ क्रिएशन के प्रोसेस में आप सेंटर में है आपका हर डिसीजन इस प्रोसेस को स्लो या फास्ट करेगा और शायद बिगाड़ भी सकता है अगर आपके बिजनेस में इशू आ रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपके विजन प्रोसेस में कमी है आप कहीं गलती कर रहे हैं पर ज्यादातर लोग इस बात को समझने की बजाय इसका गुस्सा अपने एंप्लॉयज पर निकालते हैं आपका काम इस प्रोसेस को डे बाय डे स्मूथ

25:38 इजी और क्वालिटेटिव बनाने का है अगर आपके प्रोडक्ट्स में कमी आ रही है या आपकी कंपनी के एंप्लॉयज आपसे खुश नहीं है तो इसका मतलब है कि आप खुद कहीं लैक कर रहे हैं ओरिजिनल क्रिएशन जो प्रोडक्ट सर्विस या आर्ट के रूप में लोगों को नजर आ रही है वो आपके अंदर से निकली है इसलिए व आपका पूरा एफर्ट मानती है उसे जिंदा रखने के लिए आपको अपनी पूरी एनर्जी उसे देनी पड़ती है तभी वह आपको वोह दे पाने में एबल हो पाती है जिसकी आपको इच्छा है फिर चाहे वह फेम हो या वेल्थ हो मैंने एक बार एक बच्चे को पियानो बजाते हुए देखा दोस्तों व पियानो की कीज को धू देने की कोशिश कर रहा था पर कर नहीं पा रहा था मैंने उससे पूछा कि उसकी इस निराशा का क्या कारण है तो

26:24 उसने कहा कि मुझे लगता है कि म्यूजिक मुझ में है पर मैं अपने हाथों को सही जगह नहीं बैठा पा रहा यहां पर जब उसने कहा कि म्यूजिक उसमें है तो इसका मतलब उस क्रिएटिव एनर्जी से ही है जिसके बारे में मैं अब तक आपको बताते हुए आया हूं जिसकी मैं बात कर रहा था वह एनर्जी उसके लिए लाइफ की सारी पॉसिबिलिटीज अपने पास रखकर बैठी है वह खास एनर्जी उस बच्चे के अंदर संगीत के रूप में जीवित रहना चाहती है इसलिए उसने कहा कि वोह अपने हाथों को इस तरह बिल्ड करना चाहता है कि वो उस आध्यात्मिक धुम को बजा पाए जो उसके अंदर है वो पिक्चर पेंट कर पाए जिसे अब तक सिर्फ उसकी अंतर आत्मा ने देखा है इसका मतलब है कि हम सभी के अंदर वो एनर्जी किसी ना किसी रूप में मौजूद है हमें सिर्फ उस

27:11 बच्चे की तरह उसे कल्ट वेट करने की जरूरत है और यही रियल वेल्थ है जहां तुम उस एनर्जी को खुद में जीवित करके उसे महसूस करने में कामयाब हो पाते हो लेकिन बहुत सारे लोगों के साथ प्रॉब्लम यह है कि वो अभी भी अपने अंदर उस विचार को लेकर चल रहे हैं कि गरीबी और सेल्फ सैक्रिफाइस भगवान को इंप्रेस करने का सबसे आसान तरीका है जबकि यह सच्चाई नहीं है दोस्तों भगवान चाहता है कि आप गाओ संगीत को महसूस करो हर खूबसूरत चीज को देखो सच को पहचानो अच्छे कपड़े पहनो और अच्छा खाना खाओ उसने आपको खुश रहने का या जिन चीजों से आपके शरीर आत्मा और मन को सुकून मिल सकता है उन्हें पानी की पावर आपको दी है मुझे यहां पर एक

27:56 स्टूडेंट की याद आती है जिसने मुझसे कहा था कि उसे क्या चाहिए इसकी उसके दिमाग में पिक्चर बिल्कुल क्लियर है जिसका मतलब है कि जो एनर्जी उसके अंदर मौजूद है उसने उसके लिए उस डिजायर को पाने का काम शुरू कर दिया है वो एक गरीब स्टूडेंट था जो एक किराए के घर में रहता था और जो वह कमाता था उसी से अपने खर्चे पूरे किया करता था इसलिए उसका दिमाग इस बात को अच्छी तरह से जानता था कि वो अपनी सारी कमाई अपने पास होल्ड करके नहीं रख सकता काफी सोचने के बाद उसने फैसला किया कि वह फर्श पर बिछाने के लिए एक नया रक लेगा और एक स्टोव ताकि सर्दियों में घर गर्म रह सके उसने इन दो चीजों को पाने के लिए उसी डायरेक्शन में काम करना शुरू कर दिया और कुछ महीने की मेहनत के बाद उसने यह दोनों चीजें खरीद भी

28:44 ली फिर उसे महसूस हुआ कि उसने अपने आप से इनफ चीजें नहीं मांगी व अपने घर में गया जहां वह रहा करता था और उस घर को देखने के बाद उसने अपने दिमाग में उस घर में वो सारी चीजें ऐड की उसके लिए उसका आइडियल होम बनाए और फिर अपने दिमाग में आइडियल होम की वो पिक्चर रखने के बाद उसने उसी तरह जीना और उसी डायरेक्शन में खुद को पुश करना शुरू कर दिया ऐसी ख्वाहिशें हम सबके अंदर होती हैं पर हम में से बहुत कम लोग ही अपनी चाहतों को एक एक्चुअल डिजायर में कन्वर्ट करके उसे पाने की कोशिश करते हैं पर दोस्तों सच यही है कि अपने डिजायर्स को पूरा करने के लिए पहले उन्हें लेकर अपने दिमाग में क्लेरिटी होना जरूरी है और फिर उनके साथ हमारे इमोशंस का अटैच होना भी

29:30 जरूरी है ग्रेटू क्यों जरूरी है मेंटल एडजस्टमेंट क्या है और अपने थॉट्स को प्रोसेस में कैसे कन्वर्ट किया जाए और ससे पाने का पहला स्टेप वो आइडिया या फिर डिजायर है जो आपके अंदर मौजूद एनर्जी को उस डायरेक्शन में काम करने के लिए एंकरेज करता है और जो लोग इसे समझ जाते हैं उन्हें फिर लाइफ से ना तो कोई शिकायत रहती है और ना ही उन्हें किसी सक्सेस या फेलियर से कोई फर्क पड़ता है क्यों क्योंकि उस आदमी का दिमाग इस प्रोसेस को समझ चुका है वहीं अगर इस प्रोसेस के लिए जरूरी मेंटल एडजस्टमेंट और अटोनमेंट को अगर एक शब्द में समरा इज करना हो तो वो शब्द होगा ग्रेटू उस चीज के लिए थैंकफूल और काइंड होना जो आपके अंदर खास है इसके लिए आपको

30:15 पहले तो इस बात पर यकीन करना होगा कि यहां एक इंटेलिजेंट सब्सटेंस है जिससे सारी चीजें प्रोसेस हो रही हैं दूसरा आपको इस बात को भी मानना होगा कि आपको जो कुछ भी चाहिए वो आपको यह एनर्जी दे सकती है तीसरा आपको अपने अंदर मौजूद इस शक्ति के लिए ग्रेट ूडल होगा सिंपल शब्दों में कहूं तो जो आपके पास है उसकी इज्जत करना सीखिए पर वह आप कैसे करेंगे उस स्किल या फिर टैलेंट को कल्टटर के आपके पास जो है उसका फायदा उठाना सीखिए क्योंकि वह आपका है और आपके लिए है अगर किसी के पास बहुत खूबसूरत आवाज है लेकिन अगर वह अपनी आवाज की रेस्पेक्ट नहीं करता उसका ध्यान नहीं रखता तो ये उस शक्ति की बेइज्जती है जो आपको भगवान ने

31:01 ऊपर वाले ने या खुदा ने दी है इसलिए आपने देखा होगा कि बड़े से बड़े सिंगर भी अपनी डाइट को लेकर कॉन्शियस होते हैं कि कहीं उससे उनकी आवाज खराब ना हो जाए डेली सुबह गरारे करना और रियास करना उनके रूटीन में शामिल होता है क्योंकि वह जानते हैं कि उनकी आवाज के बिना उनका करियर नहीं है वहीं बहुत सारे लोग जो गरीबी में जी रहे हैं वो भी ऐसी लाइफ इसलिए जी रहे हैं क्योंकि कि वो टैलेंट या स्किल की रिस्पेक्ट नहीं करते और कई लोग तो पूरी उम्र बीतने के बाद भी अपने उस खास पावर को पहचान तक नहीं पाते यह समझना बहुत आसान है कि आप जितना वेल्थ सोर्सेस के करीब रहेंगे उतनी ज्यादा वेल्थ अपनी लाइफ में जनरेट कर पाएंगे जैसे आप जितना अपनी आत्मा के करीब

31:47 रहेंगे खुद को भगवान के उतने करीब पाएंगे यह सब कुछ हमारे दिमाग से शुरू होता है हम जितने बेहतर तरह से अपने दिमाग को फिक्स करेंगे उतनी अच्छी चीजें हमारे पास खुद चलकर आने लगेंगे और यह कभी कम नहीं होंगे बल्कि बढ़ते ही जाएंगे अगर आपको अभी भी मुझ पर यकीन नहीं है तो अपने आसपास मौजूद उन अच्छी चीजों को देखिए जो अब तक आपको लाइफ में मिली है वो सभी किसी सर्टेन लॉ को फॉलो करने की वजह से ही आपके पास आई है अगर सच्चे दोस्त चाहिए तो उन्हें पाने के लिए पहले आपको खुद दूसरों के साथ ऑनेस्ट और काइंड होना पड़ता है दूसरों के दर्द को समझने के लिए समय देना पड़ता है जिसके बदले में में आपको कुछ अच्छे स्ट्रांग रिलेशंस मिलते हैं ठीक उसी तरह जितना आप

32:32 अपनी क्रिएटिविटी की रिस्पेक्ट करेंगे वह आपके दिमाग में उतने बेहतर ढंग से सक्सेस के इस प्रोसेस को कल्टटर्ड आपको हर पॉसिबल एस्पेक्ट को देखने में मदद करता है साथ ही कोई भी गलती करने से बचाता है यह लॉ ऑफ ग्रेटू है जिसे समझना आपके लिए बहुत जरूरी है खासतौर पर अगर आप अपनी लाइफ में मीनिंगफुल रिजल्ट चाहते हैं तो लॉ ऑफ ग्रेटू एक नेचुरल प्रिंसिपल है जिसका मतलब है कि एक्शन और रिएक्शन हमेशा इक्वल होते हैं एक दूसरे के सामने भी और एक दूसरे के अपोजिट डायरेक्शन में भी मतलब कि आप जितना अपनी क्रिएटिविटी से भागेंगे आपकी सक्सेस और वेल्थ भी आपसे उतनी दूर होती जाएगी अगर आप अपने दिमाग को

33:18 वीक एनवायरमेंट में रखेंगे तो वह हर गुजरते दिन के साथ और कमजोर होता चला जाएगा क्योंकि वो उसी तरह की चीजें कंज्यूम कर रहा है वीक माइंड यह मान लेता है कि उसके पास कोई पावर नहीं है और उसे ऐसे ही जीना पड़ेगा लेकिन अगर आप अपने इस एटीट्यूड को चेंज करें और अपने दिमाग को बेस्ट के बीच रखें उसे वो फीड कराएं जो उसे आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करें वो सब पाने के लिए मोटिवेट करें जो दूसरों के पास है तो वो भी बेस्ट बनेगा हमारी जो क्रिएटिव पावर होती है वो उस प्रोसेस पर काम करती है जो पूरी दुनिया की इमेज हम उसे देते हैं हम एक थिंकिंग सब्सटेंस है जिसका काम अपनी सोच से चीजों को बनाना है ग्रेटफुल माइंड ऐसे ही काम करते हैं वह खुद को बेस्ट बनाने के लिए तैयार करते हैं

34:05 वो यह मानते हैं कि दुनिया में मौजूद हर बेस्ट चीज को टेस्ट करने का या एक्सपीरियंस करने के उनके पास पावर और राइट है पर हम में से ज्यादातर लोग अपनी फिजिकल अपीयरेंस को अपने माइंड से ज्यादा अटेंशन देते हैं इसलिए वह अपनी डेस्टिनी को नहीं बदल पाते आपके फेथ से आपके ग्रेट ूडल होता है स्ट्रांग माइंड कंटिन्यू अच्छी चीज चीजों को ग्रैब करता जाता है जिसके बाद उसकी एक्सपेक्टेशन उसका फेथ बन जाती है जबकि जो लोग खुद मेंटली स्ट्रांग नहीं बना पाते या फिर अपनी क्रिएटिव एनर्जी पर फेथ नहीं रख पाते उनकी एक्सपेक्टशंस डिसपिटर जाती हैं इसलिए जिसके अंदर ग्रेट ूडल नहीं होती उसके अंदर फेथ भी नहीं रह पाता और बिना फेथ के आप किसी भी क्रिएटिव

34:52 मेथड से अमीर नहीं बन सकते जिस पल आपने अपने दिमाग को निराशा के कुएं में कूदने के लिए परमिशन दे दी उस पल आप इस सर्वाइवल गेम में अपनी पोजीशन लूज कर देते हैं लेकिन जिस पल आप चीजों को फिक्स करने की ठान लेते हैं उसी पल आपका दिमाग उस कुएं से बाहर निकलने का रास्ता ढूंढने लगता है जब हमें कोई चीज पसंद आती है तो उसके सिग्नल्स हमारा नर्व सिस्टम हमें देता है जिसके बाद उस चीज को पाने के लिए हम मेहनत करने लगते हैं सक्सेस के साथ भी यही फार्मूला अप्लाई होता है हमारी क्रिएटिव पावर अपनी एनर्जी उस एक इमेज पर लगाती है जिस पर हम सबसे ज्यादा फोकस करते हैं मान लीजिए आपको अगले महीने किसी काम के लिए ₹ लाख की जरूरत है अब आपका दिमाग हर वो सजेशन आपके सामने रखेगा जिससे आप वो पैसे

35:41 पा सकते हैं ठीक उसी तरह जब आप यह डिसाइड कर लेते हैं कि आपको क्या करना है तो आपका दिमाग आपको उस करियर को पाने के लिए कुछ सजेशंस देगा जिसमें से जो भी रास्ता आप चूज करेंगे उसी डायरेक्शन में आपकी क्रिएटिव एनर्जी इन्वेस्ट होना शुरू हो जाएगी सही डायरेक्शन में अपने थॉट्स कैसे लेकर जाया जाए दुनिया में सबसे बड़ी वेल्थ क्या है और क्यों कई बार अमीर लोग भी ऐसे लोगों के आगे झुकते नजर आते हैं जो पैसों के मामले में उनसे बहुत नीचे हैं दोस्तों आपको याद होगा मैंने पिछले एपिसोड में आपको एक स्टूडेंट के बारे में बताया था जिसने अपने दिमाग में अपने घर की इमेज क्रिएट की और फिर उसे पाने के लिए अपनी एनर्जी को उस तरफ लगाने लगा यहां पर आपको यह समझ आ गया होगा कि किसी चीज को

36:28 पाने के लिए या फिर अमीर बनने के लिए पहले आपको उसकी क्लियर इमेज अपने दिमाग में क्रिएट करनी पड़ती है वेल्थ कई तरह की होती है पर आपको किस तरह की वेल्थ चाहिए यह आपके दिमाग में क्लियर होना चाहिए इस दुनिया में पैसा कमाने के 999999 से ज्यादा तरीके मौजूद है पर आपको पैसा किस तरह कमाना है यह आपको तय करना होता है एक माफिया और बिजनेसमैन में क्या फर्क है एक माफिया इल्लीगल तरीके से पैसा बनाता है पर उसकी समाज में कोई इज्जत नहीं होती लोग उसे अच्छी नजर से नहीं देखते ऐसी वेल्थ किसी को नहीं चाहिए पर एक बिजनेसमैन किसी सामान या सर्विस को बेचकर पैसे बनाता है उसकी वजह से कई और लोगों को पैसा बनाने का मौका मिल रहा है साथ ही वो लोगों की

37:13 जरूरतों को पूरा कर र है इसलिए वह हमारी नजर में सही मायने में अमीर है पर आपने देखा होगा कि बिजनेसमैन सेलिब्रिटीज या फिर स्पोर्ट्स प्लेयर जिनके पास करोड़ों की संपत्ति है वो भी कई बार ऐसे इंसान के आगे से सिर झुकाते हैं जिसके पास उनके जितनी संपत्ति तो नहीं है पर उसके पास ज्ञान का भंडार है जिसे वेल्थ ऑफ नॉलेज कहते हैं और सही मायनों में जिसके पास ज्ञान होता है वही इस दुनिया का सबसे धनी व्यक्ति होता है ऐसा क्यों क्योंकि उसके पास हर सिचुएशन में जिंदा रहने की शक्ति है एक दिन के लिए अगर वह किसी जंगल में खो जाए तो भी वो अपने ज्ञान से जिंदा रहने का रास्ता ढूंढ ही लेगा इसलिए जरूरी है कि आप जो चाहते हैं उसे एक सर्टेन वे में करें

37:59 ताकि आपको उसका रिजल्ट मिल सके दोस्तों कई लोग शिकायत करते हैं कि मेहनत करने के बाद भी उन्हें वो नहीं मिल पाता जो कई लोगों को बिना एफर्ट्स के मिल जाता है अब इसके दो कारण है पहला वो मेहनत तो कर रहे हैं लेकिन उस सर्टेन वे में मेहनत नहीं कर रहे जिससे उसे रिजल्ट मिले अगर आप न से पाच काम करते हैं यानी ना टू फ कि आपकी कोई जॉब है पर फिर भी अपनी स्किल्स को डेवलप नहीं कर पा रहे तो यह गलती आपकी है आपको यह मानना होगा कि आपके काम करने के तरीके में कुछ कमी है जिसे आपको बदलने की जरूरत है आपकी वेल्थ में बढ़ोतरी कभी भी आपकी मेहनत करने से नहीं होती बल्कि उस मेहनत की वजह से डेवलप हुई स्किल्स की वजह से होती है दूसरा कारण आपके विजन में कमी है

38:45 आप मेहनत कर रहे हैं और सही तरीके से भी कर रहे हैं लेकिन आपका विजन ही क्लियर नहीं है कि उसके आगे आपको जाना कहां है जब तक दिमाग में विजन क्लियर नहीं होगा आप अपनी क्रिएटिव एनर्जी को यूटिलाइज नहीं कर पाएंगे और जर्नी में प्रोसेस उतना ही इंपॉर्टेंट होता है जितना विजन और क्रिएटिव पावर जैसे कार को चलाने के लिए उसके इंजन का सही तरह से काम करना जरूरी है ठीक उसी तरह आपके विजन को पूरा होने के लिए उसका सर्टेन वे में क्रिएटिव पावर को यूटिलाइज करना जरूरी है इसलिए सबसे पहले ज्यादा से ज्यादा टाइम इस बात को समझने में लगाइए कि आपको असल में चाहिए क्या क्योंकि जिस व्यक्ति को यह पता होता है कि उसे लाइफ में चाहिए क्या उसे खुद को बार बार वो बात याद दिलानी नहीं पड़ती उसका दिमाग अपने आप उस

39:31 डायरेक्शन में काम करने लगता है इसलिए जो लोग अमीर बनना चाहते हैं उन्हें खुद को पहले तो इतना मजबूत बनाना होगा कि वह अपनी मेंटल लेने से बाहर आ सके आपको जो चाहिए उसके लिए आपको डेली भगवान से प्रार्थना करने की जरूरत नहीं है भगवान ने आपको वह पावर पहले से दे रखी है आपको सिर्फ उसका इस्तेमाल करना सीखना है और आपकी प्रार्थना भी तभी पूरी होगी जब आप उसके लिए पहला स्टेप लेंगे और प्रार्थना का रिजल्ट आपके फेथ के अकॉर्डिंग नहीं बल्कि आपके कर्म के मुताबिक मिलेगा मान लीजिए आपको एक महंगी गाड़ी की ख्वाहिश है पर अगर आप ये इच्छा करें कि वो गाड़ी अपने आप मिल जाए तो ऐसा पॉसिबल नहीं है दोस्तों प्रार्थना का असर होता है और इसके रिजल्ट भी देखने को मिलते हैं प्रेयर करने की वजह से आपके विजन में

40:16 आपका फेथ मजबूत होता है और आपके ड्रीम को लेकर बन रहे इमेज और क्लियर होती है पर सिर्फ प्रार्थना करने से आपको वो नहीं मिल सकता जो आप चाहते हैं इसके एक स्टेप आगे आगे बढ़कर उसे प्रोसेस में कन्वर्ट करना पड़ता है कई लोग ओरल प्रेयर नहीं करते तब भी कामयाब है क्यों क्योंकि वो अपने कर्म के जरिए प्रार्थना करते हैं कर्म करते रहना और खुद से कहना कि भरोसा रख तुझे वह मिलेगा यही प्रार्थना का सही तरीका है और इसे हम अपनी विल पावर कहते हैं हां लेकिन इसका भी सही तरह से इस्तेमाल किया जाना जरूरी है दोस्तों विल पावर हर किसी के अंदर होती है पर उसे सही जगह पर लगाना या फिर इस्तेमाल करना बहुत कम लोग जानते हैं विल पावर आपके क्रिएटिव एनर्जी को एक एक्शन में चेंज करती है जिसके रिजल्ट से

41:03 आपकी वेल्थ इंक्रीज होती है पर आप खुद रिच बनने के लिए अपने विल पावर का इस्तेमाल दूसरों पर नहीं कर सकते और यह अच्छा नहीं कर सकते कि वह तुम्हें अमीर बनाएंगे यह बिल्कुल गलत है फिर विल पावर को इस्तेमाल करने का सही तरीका क्या है कैसे आप इसे एक एनर्जी में कन्वर्ट कर सकते हैं यह जानेंगे अगले एपिसोड में दोस्तों बहुत सारे लोग खुद जो अचीव करना चाहते हैं उसे पाने के लिए दूसरों को मेंटली फोर्स करते हैं जो कि एक बहुत गलत तरीका है जैसे किसी आदमी ने अपनी एक कंपनी शुरू की पर कुछ वक्त के बाद उसे बिजनेस में लॉस होने लगा अब देखा जाए तो उस लॉस के लिए मालिक जिम्मेदार है क्योंकि वह अपने आईडिया को एग्जीक्यूट करने में फेल रहा है पर अपनी गलती को ठीक करने की बजाय

41:50 कंपनी का मालिक इसके लिए अपने वर्कर्स को जिम्मेदार ठहरा आता है और उन्हें एक्स्ट्रा घंटे काम करने के लिए फोर्स करता है जिसका मतलब है कि वह अपने लॉस को फोर्सफुली अपने वर्कर्स से कवर करवाना चाहता है आपके पास कोई अधिकार नहीं है कि आप दूसरे लोगों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए करें फिर चाहे उसमें उनका फायदा भी क्यों ना हो अगर आप ऐसा करते हैं तो आप ज्यादा टाइम तक उस वेल्थ को एंजॉय नहीं कर पाएंगे साइंस ऑफ गेटिंग रिच में आपको अपनी मेंटल पावर किसी दूसरे पर फोर्स करने की जरूरत नहीं पड़ती जैसे कि आपको भगवान से बार-बार रिक्वेस्ट करने की जरूरत नहीं है कि वह आपको वो चीजें दें जो आप लाइफ में पाना चाहते हैं या फिर अपने पेरेंट्स या फिर पार्टनर से एक्सपेक्ट करना कि वह आपकी

42:36 जरूरतों को पूरा करें यह पूरी तरह यूजलेस है आपको जो चाहिए उसे पाने का पावर आपके पास है इसलिए आपको अपना विल पावर का इस्तेमाल किसी को प्लीज करने या फिर फोर्स करने के लिए करने की कोई जरूरत नहीं है जब आपको यह समझ आ जाए कि आपको क्या चाहिए और किस तरह से चाहिए तो अपने ल पावर का इस्तेमाल शॉर्टकट्स में नहीं उस चीज को पाने के लिए सर्टेन वे में सोचने में लगाइए आप अपने पर्पस और फेथ को जितनी कंटिन्यूटी और नियमित रूप से फॉलो करेंगे उसका आपके क्रिएटिव पावर पर उतना ज्यादा पॉजिटिव इंपैक्ट पड़ेगा और वह उतनी ज्यादा तेजी से नॉरिश होने लगेगी और आपके डिजाइंस की फॉर्मलेस इमेज जो अब तक सिर्फ आपके

43:21 दिमाग में मौजूद एक इमेजिनेशन थी वो रियलिटी में कन्वर्ट होना शुरू हो जाएगी वो किसी केमिकल रिएक्शन की तरह आपके आसपास एनवायरमेंट में मौजूद हर चीज को आपके लिए काम करने के लिए फोर्स करेगी जिसके बाद आपके आसपास के लोगों के दिमाग चीजें सब कुछ आपके डिजाइंस के लिए काम करने लगेगा लेकिन ध्यान रहे कि नेगेटिव इंप्रेशन इस नेचुरल साइंटिफिक फेनोमेना को वीक करता है एनवायरमेंट में मौजूद हर चीज अपनी फॉर्म को बनाए रखने के लिए निरंतर प्रोसेस को रिपीट करती रहती है जिस भी पल फेलियर की वजह से आपके अंदर डाउट या फिर अन बिलीफ की भावना आना शुरू हुई उसी पल यह प्रोसेस अपोजिट डायरेक्शन में काम करना शुरू कर देगा और धीरे-धीरे आपकी क्रिएट की गई

44:07 चीजें और एफर्ट्स यूजलेस साबित होने लगेंगे समुद्र का पानी भाप बनकर आसमान में चला जाता है जिससे बादल बनते हैं और फिर यही बादल पहाड़ों से टकराकर दोबारा पानी बनकर धरती पर आता है सोचिए अगर समुद्र का पानी भाव में बदले ही ना तो यह फिर बादल बरसना बंद कर दें तो क्या यह साइकिल चल पाएगा नहीं ना एनवायरमेंट के बैलेंस को बनाए रखने के लिए उन्हें इस प्रोसेस को बार-बार रिपीट करना पड़ता है हम पर भी यही साइंस अप्लाई होती है अगर आप किसी फल की उम्मीद कर रहे हैं तो उसके लिए आपको बार-बार एक ही प्रोसेस में अपनी क्रिएटिव एनर्जी को बिना निराश हुए या फिर बिना थके लगातार इन्वेस्ट करते जाना होगा एक बात याद रहे कि रिजल्ट से पहले निराश होना

44:52 बेवकूफी है और जब तक आप अपने डिजायर को अचीव नहीं कर पाए तब तक आप फेल हुए ही नहीं इस दुनिया में जो लोग अपने डिजायर वेल्थ के लिए काम कर रहे हैं अगर वह फेल होते हैं तो इसमें गलती उनकी क्रिएटिव एनर्जी की नहीं बल्कि उसके प्रोसेस और विल पावर की है आप रेस में फर्स्ट आएंगे या लास्ट यह आपकी स्ट्रेंथ नेचुरल स्टैमिना विल पावर और प्रैक्टिस पर डिपेंड करता है ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के लिए एक साथ कई देशों के खिलाड़ी पार्टिसिपेट करते हैं जो सालों से उसकी प्रैक्टिस कर रहे थे और अपने देश के कई हजार एथलीट्स को अपनी क्रिएटिव एनर्जी से डिफीट करके यहां तक पहुंचे पर यहां पर भी उन्हें वही प्रोसेस फिर से परफॉर्म करना है और उनके विल पावर

45:38 ही उन्हें आज वो गोल्ड मेडल जिताए और ओलंपिक में हारे या जीते उन्हें दोबारा अपने घर लौटकर अगले ओलंपिक की तैयारी करनी होगी क्योंकि जब तक वह प्रैक्टिस करते रहेंगे उनके जीतने के दरवाजे तब तक ही खुले रहेंगे वैसे ही आपके वेल्थ गेट तब तक ओपन है जब तक आप अपनी विल पावर के साथ कंटीन्यूअसली उस डायरेक्शन में काम कर रहे हैं आपका बिलीफ ही आपकी स्ट्रेंथ है जो आपके थॉट्स को गाइड करेगा और आपको याद दिलाएगा कि आपको किन चीजों को एक्चुअल में इंपॉर्टेंस देनी चाहिए अगर आप अमीर बनना चाहते हैं तो आपको अपनी गरीबी के बारे में सोचने की जरूरत नहीं है क्योंकि आप जितना उस बारे में सोचेंगे आपके एक्चुअल डिजायर्स उतना ही आपसे दूर होते चले जाएंगे अगर कोई हेल्दी रहना चाहता है तो

46:26 वो बीमारी के के बारे में नहीं सोचेगा इसलिए गरीबी के बारे में मत सोचिए ना उसके बारे में जानने की कोशिश कीजिए इस बारे में सोचने का फायदा नहीं है कि आप गरीब क्यों है आपका उससे कोई लेना देना नहीं है आपकी चिंता दवा होनी चाहिए चैरिटेबल काम करने में या फिर चैरिटी मूवमेंट चलाने में आपका टाइम वेस्ट करने की जरूरत नहीं है दोस्तों अब मेरे कहने का मतलब यह भी नहीं है कि आपको पत्थर दिल बन जाना चाहिए और अपनी जरूरतों की आवाज को अनसुना कर देना चाहिए हां लेकिन आप किसी भी तरह गरीबी को जितना हो सके उसे अपने सोचने की शक्ति से दूर रखिए अगर आप किसी का भला करना चाहते भी हैं तो भी इसका सबसे अच्छा तरीका है अपने काम के प्रति ईमानदार होना अगर आप सिर्फ गरीबी के बारे

47:12 में सोचते रहेंगे तो आप उस इमेज को ज्यादा टाइम तक अपने दिमाग में होल्ड करके नहीं रख पाएंगे जो आपको अमीर बना सकती है जिसका मतलब है कि कोई भी सिर्फ गरीबी की इमेज अपने दिमाग में रखकर गरीबी से बाहर नहीं आ सकता उसकी यह सोच तो उसे और ज्यादा पुअर बना देगी जैसे एल के फाउंडर स्टीव जॉब्स जो कॉलेज के दिनों में कोका कोला की बोतलें बेचा करते थे और इतने गरीब थे कि गुरुद्वारे जाया करते थे ताकि वहां उन्हें खाने के लिए खाना मिल सके पर आज वो इस दुनिया में ना होते हुए भी एक इंस्पिरेशन के तौर पर याद किए जाते हैं क्यों क्योंकि उन्होंने दुनिया की बेस्ट टेक ब्रांड एल की शुरुआत की अगर वह अपने बुरे हालात को लेकर रोते रहते तो शायद कभी अपनी उस जिंदगी से बाहर नहीं आ पाते इसलिए अगर

48:00 किसी को भी अपनी लाइफ में कुछ हासिल करना है तो उसे अपनी इस सोच से छुटकारा पाकर अमीर बनने की इमेज को अपने माइंड में सेट करना होगा तभी कामयाबी उसे अपनाए गी किसी भी विजन को वेल्थ में कन्वर्ट करने के लिए एफिशिएंट एक्शन की जरूरत पड़ती है जैसे वहां से शुरू करो जहां पर आप हैं और उसे शुरू करो जो आप कर सकते हैं आपको वो सब कुछ ट्राई करना चाहिए जो आपके लिए करना पॉसिबल है आप जिस जगह पर हैं या जो कर रहे हैं आप अपनी उस प्रेजेंट लाइफ से ज्यादा एडवांस बन सकते हैं पर उसके लिए आपको प्रेजेंट पर रिग्रेट करना बंद करना होगा दुनिया में जितने भी सक्सेसफुल लोग हैं वह आम लोगों से बेहतर तभी बन पाए जब उन्होंने अपने प्रेजेंट को जरूरत से ज्यादा दिया

48:45 दुनिया की तरक्की सिर्फ उन लोगों की वजह से हुई है जो सिर्फ अपनी पोजीशन को होल्ड करके नहीं बैठे थे उनमें से कई साधारण परिवार या फिर उससे भी नीचे के तबके से आते थे पर उनके एफर्ट्स ने उन्हें और सोसाइटी दोनों को बदला कोई भी सोसाइटी उन लोगों के जरिए नहीं बदली जाती जो अपनी पोजीशन से कम अर्न करते हैं या फिर जिस जगह पर वह हैं वहां रहने के लिए उससे भी कम एफर्ट्स लगाते हैं दुनिया में जितनी भी सोशल इवोल्यूशन हुई है वो लॉ फिजिकल और मेंटल इवोल्यूशन की वजह से ही हुई है हर दिन आप या तो कुछ पाते हैं या फिर कुछ लूज करते हैं और इन्हीं को सक्सेसफुल डेस्ट कहा जाता है जो आपको उस तक पहुंचाते हैं जो आपको चाहिए अगर हर दिन फेलियर का होगा तो आप कभी अमीर नहीं बन सकते और अगर हर

49:33 दिन कामयाबी का होगा तो आप कभी अमीर बनने में फेल नहीं होंगे पर हर कामयाबी का होना इंपॉसिबल है क्योंकि कोई भी इंसान इतना परफेक्ट नहीं हो सकता कि उसे कोई गलती ना हो इसलिए फेलियर को तो अपनी जिंदगी का हिस्सा मानकर चलिए हां लेकिन अगर आपको कुछ काम करना है लेकिन आप इस डर से नहीं कर रहे हैं कि फेल हो जाएंगे तो उसका रिजल्ट आपके फेलियर से भी भयंकर होगा क्योंकि इसकी वजह से आपकी रिच बनने की इमेज धुली होने लगेगी और आपके क्रिएटिव पावर का फोकस खोता चला जाएगा आप इस बात को कभी समझ ही नहीं सकते कि जो कॉमिनेशन सुप्रीम इंटेलिजेंस इस दुनिया में आपके लिए तैयार कर रही है आप उसे एक छोटे से डे टू डे फेलियर की वजह से डिले करते जा रहे हैं पर

50:19 इसका मतलब ये नहीं है कि आपको ओवरवर्क करना चाहिए या फिर कल का काम आज या फिर पूरे हफ्ते का काम एक दिन में निपटा देना चाहिए यह भी गलत है और वह इसलिए क्योंकि आपने कितना काम किया इसके नंबर से फर्क नहीं पड़ता जरूरी है आपके लिए काम की एफिशिएंसी हर एक्ट अपने आप में या तो फेलियर है या फिर कामयाबी हर एक्ट अपने आप में इफेक्टिव है या तो इनएफिशिएंट हर इनएफिशिएंट एक्ट अपने आप में एक फेलियर है और अगर आप अपनी पूरी लाइफ इनएफिशिएंट एक्शंस को परफॉर्म करने में लगा देंगे तो आपकी पूरी लाइफ फेलियर होगी आप अपने लिए जितनी खराब चीजें करेंगे आपकी लाइफ की इमेज उतनी ज्यादा खराब होती जाएगी जबकि दूसरी तरफ आप अपनी लाइफ में जितनी ज्यादा

51:07 एफिशिएंट एक्शंस को जोड़ेंगे आपको उतनी बड़ी सक्सेस मिलेगी कई बार फेलियर का कारण बहुत सारे कामों को इनएफिशिएंट मैनर में करना है जबकि दूसरी तरफ हर एफिशिएंट एक्ट आपके लिए सफलता की सीढ़ी बनता है आप जितने ज्यादा एफिशिएंट एक्ट परफॉर्म करते हैं आपकी लाइफ में उतनी ज्यादा तरक्की होती आप अपने हर एक्ट को सही मैनर में परफॉर्म करके उसे सक्सेस में चेंज कर सकते हैं क्योंकि आपके अंदर की क्रिएटिव पावर आपके साथ काम कर रही है और जब आप अपनी सारी एनर्जी किसी काम को करने में लगा देते हैं तो वो काम कभी फेल नहीं हो सकता हर एक्शन या तो स्ट्रांग होता है या वीक जैसे आप किसी पत्थर को जितना जोर से हिट करेंगे उसके टूटने के चांसेस उतने ज्यादा होंगे

51:52 इसलिए पूरी ताकत के साथ किसी भी काम को कीजिए तो अमीर आप अपने आप बन जाएंगे ज्यादातर लोग जो एम होने के बाद भी फेल होते हैं उनके फेलियर का सबसे बड़ा कारण यह है कि वह अपनी मेंटल पावर और पर्सनल एक्शन को सेपरेट रखते हैं उनके दिमाग में अपने ड्रीम को लेकर प्रॉपर इमेज होगी और उन्हें यह भी पता होगा कि उस ड्रीम को रियलिटी में चेंज करने के लिए उन्हें क्या करना है पर वह सही एक्शन परफॉर्म करने के बजाय किसी दूसरे ही रास्ते पर चल रहे होते हैं वो माइंड पावर को एक टाइम पर इस्तेमाल करते हैं और एक्ट को दूसरे टाइम जोन में परफॉर्म करते हैं एंड यही रीजन है कि उनके विजन और एक्ट आपस में कनेक्ट नहीं हो पाते और वो फेल हो जाते हैं मेरे कहने का मतलब है कि जब भी आप कोई काम करने के लिए बैठे

52:38 उस समय आपको अपने विजन को अपने दिमाग में रखना है ऐसा करने से आपके अपने काम में लापरवाही या गलती करने के चांसेस कम हो जाएंगे सक्सेस भी एक बिजनेस है जिसमें बिना वेल डेवलप डिवीजन के आप सक्ड नहीं हो सकते यह बिल्कुल वैसे ही है जैसे एक म्यूजिक टीचर बनने के लिए पहले आपको एक अच्छी म्यूजिकल फैकल्टी की जरूरत पड़ती है बिना मैकेनिकल फैकल्टीज के कोई मैकेनिकल इंजीनियर नहीं बन सकता हमारे लिए वो फैकल्टीज डिफरेंट टूल्स है जिनके जरिए हम अपने विजन को शेप देते हैं अपनी क्रिएटिव एनर्जी को सही डायरेक्शन में काम करने के लिए गाइड करते हैं और फिर उस टास्क को अपनी मेंटल स्ट्रेंथ के लिए परफॉर्म करते हैं जो हमें सक्सेस की तरफ ले जा सकती है आप किसी भी बिजनेस या काम को करके अमीर बन

53:25 सकते हैं उन कामों को करके भी जिनमें आपका टैलेंट नहीं है क्योंकि कई बार आपके अंदर क्षमता होती है पर वह हुनर आपको खुद डेवलप करना पड़ता है जिसका मतलब है कि अगर आपके पास वो टूल नहीं है तो उसे क्रिएट करो उसके सहारे अपनी जर्नी को आगे पढ़ाते जाओ बजाय इसके कि उसे लिमिटेड नॉलेज के साथ अपनी जिंदगी बिता दो जो आपने अपनी डेवलपिंग एज में ली थी आप थोड़े से एफर्ट करके भी आसानी से अमीर बन सकते हैं अगर आप उस काम को करने में लग जाए जिसमें आप बेस्ट हैं या फिर जो काम आपके स्वभाव को सबसे ज्यादा सूट करता है सिंपल शब्दों में कहे तो जो आपका मन करना चाहता है अगर आप वह करेंगे तो आप बहुत आसानी से अमीर बन जाएंगे क्योंकि वह काम आपको कभी थकावट

54:11 महसूस नहीं होने देगा और आप उसे एंजॉय करने लगेंगे और जब आप किसी चीज को एंजॉय करने लगते हैं तो उसमें समय का आपको पता नहीं चलता दोस्तों अगर आप किसी भी सेक्टर में कामयाब हो चाहते हैं तो पहले आपके अंदर उससे जुड़ा डिजायर होना जरूरी है क्योंकि डिजायर ही है जिसे मेनिफेस्ट करके हम पावर में कन्वर्ट करते हैं कोई संगीत तभी सीखा जा सकता है जब आपके अंदर म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट सीखने का या गाने का डिजायर हो क्योंकि हमारे अंदर की यही भावना हमें उसे सीखने के लिए इनकरेज करती है और हमारा डिजायर किसी चीज को लेकर जितना ज्यादा स्ट्रांग होता है हम उस फील्ड में उतने ज्यादा बेस्ट बनते जाते हैं कोई मैकेनिकल डिवाइस भी बना सकता है जब उसके अंदर

54:58 मैकेनिकल इंजीनियरिंग को सीखने का डिजायर अगर आपके अंदर किसी चीज को लेकर कोई डिजायर नहीं है तो इसका मतलब है कि आपके अंदर वो पावर भी मिसिंग है या फिर वोह अभी तक एक्टिवेट नहीं हुआ है इसलिए आपका खुद से यह सवाल पूछना जरूरी है कि आपको क्या पसंद है आप क्या चाहते हैं जो आप अभी कर रहे हैं क्या वही आपका एक्चुअल डिजायर है या फिर कुछ और जिसे आपने अपने मन के अंदर दबा कर रखा है दुनिया में ऐसी कोई कला कोई प्रोडक्ट कोई सर्विस ऐसी नहीं है जो आपको अमीर नहीं बना सकती पर उसके लिए आपको अपने डिजायर को एक्सेप्ट करना होगा इसलिए आपने देखा होगा कि एक ही प्रोफेशन में काम करने वाले लोगों की सक्सेस वेल्थ और फेम में जमीन आसमान का फर्क होता है यह फर्क उनके

55:44 डिजायर और बिलीफ की वजह से है इसलिए जो करना चाहते हैं उसे सही तरह से हर रोज करें बिना किसी चिंता डर या फिर जल्दबाजी के जितना तेज जा सकते हैं तेज जाए पर जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है जिस पल आप किसी चीज को पाने के लिए जल्दबाजी करने लगते हैं उसी पल आप एक क्रिएटर से कंपीटीटर बन जाते हैं और फिर वापस अपने पुराने रास्ते पर लौट आते हैं जो आपको कामयाबी की तरफ नहीं फेलियर की तरफ ले जाते हैं और वह इसलिए क्योंकि एक क्रिएटर खुद को अपनी आर्ट के प्रति समर्पित कर देता है उसके लिए उसकी आर्ट की प्रशंसा सबसे बड़ी वेल्थ है वह किसी भी तरह से अपनी आट को खराब नहीं करना चाहता ज अगर क्रिएटर कोई प्रोडक्ट मार्केट में सेल करने वाला है तो वह उस प्रोडक्ट की

56:30 क्वालिटी पर ध्यान देगा एक एक्टर का ध्यान उसकी एक्टिंग पर होता है कि वह कितनी बेहतरीन एक्टिंग कर सकता है यही सही मायनों में क्रिएशन है पर कॉम्पटन खुद का कुछ यूनिक क्रिएट करने की बजाय दूसरों से आगे कैसे निकला जाए यह सोचता रहता है इसलिए हमेशा कंपट माइंड से अवेयर रहना प्रिंसिपल ऑफ क्रिएटिव एक्शन का सिंपल सा नियम है और वो यह है कि जो मैं अपने लिए चाहता हूं वही मैं सबके लिए चाहता हूं इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि आप एक टीचर हैं डॉक्टर हैं या फिर कुछ और है अगर आपने अपने काम से लोगों की लाइफ को बेहतर बनाने के बारे में सोच रखा है और आप बेहतर बना सकते हैं तो वह अपने आप आपकी तरफ अट्रैक्ट होते चले जाएंगे एक डॉक्टर जो

57:15 अपने मन में यह विजन रखता है कि वह खुद को इतना बेहतर बनाए कि हर मरीज को ठीक कर सके और इसी परपस से अपनी क्रिएटिव पावर को अपनी स्किल्स को डेवलप करने में लगा देता उसके पास पेशेंट्स अपने आप चले आते हैं फिर इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि उसने अपनी पढ़ाई दुनिया के किस मेडिकल स्कूल से की है अगर उसके दिमाग में अपनी कामयाबी की तस्वीर मौजूद है और वह लॉज ऑफ फेथ पर्पस और गेटट्यूब को फॉलो करता है तो यकीनन वह अपने पास आने वाले मरीजों का इलाज करने में सक्सेसफुल होगा कभी अपॉर्चुनिटी का इंतजार मत कीजिए कि जब आपको मौका मिलेगा जब कुछ करके दिखाएंगे क्योंकि प्रेजेंट से बड़ी अपॉर्चुनिटी कोई है ही नहीं आपको जो भी करना है उसके लिए आज ही स्टेप लेना होगा वो इंसान जो

58:01 अपनी लाइफ को एडवांस कर चुका है और अपनी क्रिएटिव पावर को यूज करना सीख चुका है उसके लिए दुनिया में ऐसी कोई चीज नहीं है तो जिसमें अफसरों की कमी वह कभी भी किसी भी जगह और किसी भी उम्र में खुद को कामयाब बना सकता है और इंटरेस्टिंग बात यह है कि ऐसे लोग कभी दोबारा गरीब नहीं बनते आपने बहुत सारे लोगों के बारे में पढ़ा होगा जो अपनी आठ की दम पर सक्सेस तो हासिल कर लेते हैं लेकिन उसे मेंटेन करके नहीं रख पाते हैं और कुछ टाइम के बाद उनकी सक्सेस भीड़ में कहीं खो जाती है ऐसा इसलिए क्योंकि वो लोग खुद को एडवांसमेंट में कन्वर्ट नहीं कर पाते हैं अब ऐसे भी बहुत लोग होंगे जोस बात में यकीन रखते होंगे कि वेल्थ की सप्लाई लिमिटेड है गवर्नमेंट इंस्टीट्यूशंस अमीर उद्योगपति या फिर ऊंचे

58:49 स्तर पर बैठे दूसरे तपते के लोग इस वेल्थ को होल्ड करके बैठे हैं इसलिए ज्यादातर लोग मिडिल क्लास है अब यह सच है कि सोसाइटी का मास नंबर ऑफ पॉपुलेशन मिडिल क्लास में है पर इसलिए नहीं कि इन्होंने सारी वेल्थ होल्ड कर रखी है पर इसलिए क्योंकि वह उन्हें सर्टेन वे में सोचने या एक्शन लेने से रोकते हैं पर इसमें ज्यादा गलती आपकी है कि आप उन्हें अपने दिमाग पर काबू पाने दे रहे हैं जिस माइंड को आपको कंट्रोल करना चाहिए था जो आपके शरीर का अंग है उस पर कोई कंट्रोल करके बैठा हुआ है कोई दूसरा वह आपको जो दिखाते हैं आप उसी ही दुनिया मान लेते हैं ऐसे में आप अपनी मिडिल क्लास लाइफ का ब्लेम किसी और को भला कैसे दे सकते हैं और यही फर्क होता है एक अमीर और मिडिल क्लास व्यक्ति में एक

59:35 अमीर आदमी कभी भी किसी और को खुद पर काबू नहीं पाने देता क्योंकि वह जानता है कि जिस पल उसने दूसरों को यह अधिकार दिया उस पल वह करोड़ों की संपत्ति होते हुए भी दूसरे का गुलाम बन जाएगा और इसका मतलब यह है कि आपको जो कुछ अमीर बनने के लिए चाहिए वह ऑलरेडी आपके पास है आपको सिर्फ उस पावर को यूज करना सीखना है इस मिथ को भूल जाइए कि आपके पास बेटर रिसोर्सेस होते तो आप अपनी लाइफ में कुछ बेहतर कर पाते किसी को रेस में आपसे थोड़ी सी बेटर एडवांटेज मिली है इसका मतलब यह नहीं है कि आप रेस हार गए आखिर में विनर वही होता है जो फिनिशिंग लाइन पर पहले पहुंचता है वो नहीं जिसने रेस पहली शुरू की

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