Three Orders(तीन वर्ग) Part-2 | History NCERT Class 11 #10 | Drona Series🏹| Dr. Sheetal Ma'am

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो यूरोप में तीन वर्गों - ईसाई पादरी, अभिजात वर्ग और कृषक वर्ग - के उदय और सामंतवाद के विकास पर केंद्रित है। यह भिक्षुओं के जीवन, मठों के नियमों, और कृषि तकनीकों में हुए परिवर्तनों पर भी प्रकाश डालता है, जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास हुआ और अंततः सामंतवाद का पतन हुआ।

  • तीन वर्गों का उदय: ईसाई पादरी, अभिजात वर्ग, और कृषक वर्ग।
  • भिक्षुओं का जीवन और मठों के नियम।
  • कृषि तकनीकों में परिवर्तन और उनका प्रभाव।
  • सामंतवाद का पतन और शहरीकरण का उदय।

परिचय

वीडियो की शुरुआत में, शिक्षिका पिछली कक्षा में पढ़ाए गए यूरोप के तीन वर्गों - ईसाई पादरी, भूमि धारक अभिजात वर्ग और कृषक वर्ग - का संक्षिप्त परिचय देती हैं। वह बताती हैं कि अभिजात वर्ग का समाज में विशेष महत्व था क्योंकि उनका भूमि पर नियंत्रण था।

ईसाई पादरी वर्ग

ईसाई पादरी वर्ग स्वतंत्र था क्योंकि राजा ने उन्हें भूमि दी थी, जिससे वे कर वसूल कर सकते थे, जिसे टीथ कहा जाता था, जो उपज का 10वां भाग होता था। हालांकि, धीरे-धीरे पादरी भोग-विलास में लिप्त हो गए, जिससे एक नए वर्ग - भिक्षु - का उदय हुआ, जो एकांत में जीवन व्यतीत करते थे। पादरी बनने पर कुछ प्रतिबंध थे: दास, महिलाएं और शारीरिक अभाव वाले व्यक्ति पादरी नहीं बन सकते थे।

भिक्षु वर्ग

भिक्षु शहर से दूर मठों में रहते थे और ईश्वर के बारे में अध्ययन करते थे। ये पुरुष और महिलाएं दोनों हो सकते थे, जिन्हें क्रमशः मोनक और नन कहा जाता था। मठों के आकार धीरे-धीरे बढ़ने लगे और उनसे स्कूल, विश्वविद्यालय और अस्पताल जुड़ गए। आबे हिल्डेगार्ड नामक एक संगीतकार ने मठों में गायन की प्रक्रिया शुरू की। कुछ भिक्षुओं ने धर्म का विस्तार करने के लिए घूम-घूम कर शिक्षा देने का रास्ता अपनाया, जिन्हें फ्रायर कहा गया।

मठों के नियम

मठों के अंदर रहने के कुछ नियम थे, जो बेनेडिक्ट मठ की एक पुस्तक में 73 अध्यायों में लिखे हुए थे। इनमें शोर नहीं करना, कम बोलना, विनम्रता से रहना, निजी संपत्ति नहीं रखना और आलस नहीं करना शामिल था। मठों की स्थापना छठी शताब्दी में हुई थी, लेकिन धीरे-धीरे उनमें भी भोग-विलास आ गया, जिसकी चौसर और लैंग्लैंड जैसे लेखकों ने आलोचना की। लैंग्लैंड ने "पियर्स प्लाउ मैन" में भिक्षुओं के आरामदेह जीवन की तुलना किसानों के शुद्ध जीवन से की, जबकि चौसर ने "कैंटरबरी टेल्स" में धार्मिक यात्राओं पर व्यंग्य किया।

चर्च और समाज

ईसाई लोग क्रिसमस (ईसा मसीह का जन्मदिन, 25 दिसंबर को मनाया जाता है) और ईस्टर (ईसा मसीह के पुनर्जीवन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है) जैसे त्यौहार मनाते थे। ईस्टर की तिथि चंद्र पंचांग पर आधारित होने के कारण निश्चित नहीं थी।

कृषक वर्ग

कृषक वर्ग में दो तरह के किसान थे: स्वतंत्र किसान और कृषि दास (सर्फ)। स्वतंत्र किसानों का अपना घर और खेत होता था, लेकिन उन्हें लॉर्ड के खेत पर भी काम करना पड़ता था। कृषि दास पूरी तरह से लॉर्ड पर निर्भर थे और उन्हें कोई स्वतंत्रता नहीं थी। स्वतंत्र किसानों को लॉर्ड के खेत पर काम करने के बदले में श्रम अधिशेष देना पड़ता था, और उनकी पत्नियां सूत कातती थीं और बच्चे शराब बनाते थे। राजा भी किसानों से टैली नामक कर वसूल करता था, जिससे पादरी और अभिजात वर्ग मुक्त थे।

इंग्लैंड में सामंतवाद

छठी शताब्दी में एंजिल और सेक्शन नामक जर्मन जनजातियों ने इंग्लैंड पर आक्रमण किया और उसे अपना नाम दिया। 1066 में नौर मंडी के राजा विलियम ड्यूक ने इंग्लिश चैनल पर आक्रमण करके इंग्लैंड पर अधिकार कर लिया और उसे 180 भागों में बांट दिया, जिससे वहां सामंतवाद की स्थापना हुई। इंग्लैंड के सामंत नाइट का उपयोग अपने लिए नहीं कर सकते थे, क्योंकि यह राजा का आदेश था।

सामाजिक और आर्थिक जीवन

पांचवीं से 10वीं शताब्दी तक यूरोप में बहुत ठंडा मौसम रहता था, जिससे कृषि करना मुश्किल था। 11वीं शताब्दी में मौसम में गर्माहट आई, जिससे कृषि के लिए जमीन उपयुक्त हुई। शुरुआती दौर में किसान लकड़ी के हल का प्रयोग करते थे, लेकिन 11वीं शताब्दी में लोहे के फाल वाले हल का प्रयोग होने लगा। पशुओं को हल में जोतने के तरीके में भी सुधार हुआ, और घोड़े के पैर में लोहे की नाल लगाई जाने लगी। जल शक्ति और पवन शक्ति का उपयोग करके अंगूर को पीसा जाने लगा और शराब बनाई जाने लगी।

कृषि प्रौद्योगिकी में परिवर्तन

पहले किसान द्वि चक्रीय फसल व्यवस्था का उपयोग करते थे, लेकिन बाद में त्रि चक्रीय फसल व्यवस्था शुरू की गई, जिससे उत्पादन बढ़ गया। खेतों का औसत आकार भी कम हो गया, जिससे किसान कुशलता से खेती कर सकते थे और अन्य गतिविधियों में भी भाग ले सकते थे। लॉर्ड ने भी किसानों के प्रति सहानुभूति दिखाई और कृषि प्रौद्योगिकी में निवेश किया।

सामंतवाद का पतन

उपज बढ़ने से व्यापार बढ़ा और शहर स्थापित हुए। किसान लॉर्ड को पैसा देकर अपनी सेवाएं दे सकते थे, जिससे सामंतवाद कमजोर होने लगा। 1270 और 1320 के बीच कृषि मूल्यों पर भी प्रभाव पड़ा।

नए नगर और नगरवासी

कृषि के विस्तार से जनसंख्या बढ़ी और शहरों का विकास हुआ। कृषि दास भागकर शहरों में आने लगे, और जिन किसानों के पास अधिक खाद्यान्न था, वे उसे शहरों में बेचने लगे। शहरों में मियादी हाट मेले और विपणन केंद्र स्थापित हुए, और धीरे-धीरे शहरों के लक्षण विकसित हुए, जिससे एक नया शहरी वर्ग स्थापित हुआ।

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Transcript

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0:28 मेरे प्या विद्यार्थियों परिवार में आप सभी का हार्दिक स्वागत अभिनंदन कैसे हैं आप सभी लास्ट वीडियो में हमने इस चैप्टर को आधा पढ़ लिया था यूरोप के अंदर तीन वर्ग सामंतवाद का उदय नया चैप्टर स्टार्ट किया था कुछ चैप्टर मैंने करवा दिए इसी को आगे बढ़ाएंगे मैंने आपको सेकंड वाला वर्ग जो है पढ़ा दिया तीन वर्ग कौन-कौन से थे सबसे पहले यह जानेंगे तीन वर्ग कौन-कौन से थे पहला वर्ग कौन सा था ईसाई पादरी पहला वर्ग कौन सा था ईसाई पादरी थे है ना ईसाई पादरी थे जो पूजा पाठ वगैरह सब कुछ करते थे दूसरा क्या था भूमि धारक अभिजात वर्ग अभिजात वर्ग था जो भूमि का मालिक था लैंडलॉर्ड था भूधार और तीसरा वर्ग आज हम पढ़ने वाले हैं कृषक वर्ग कृषक वर्ग सबसे पहला वर्ग जो मैंने आपको पढ़ाया भाई प्रथम वर्ग तो ईसाई पादरी वर्ग है लेकिन समाज के

1:15 अंदर विशेष रूप से भूमिका किसकी थी अभिजात वर्ग की जो भी कार्य हो रहा था सब कुछ अभिजात वर्ग के द्वारा हो रहा था और ऐसा क्यों था क्योंकि इसका भूमि पर नियंत्रण था है ना फ्यूड इज्म सिस्टम जो है पूरा मैंने आपको पढ़ा दिया है लास्ट वाला वीडियो देखोगे तो आपको वन शॉर्ट वीडियो में सब कुछ समझ में आ जाएगा यह भूमि धारक वर्ग था इसका भूमि पर नियंत्रण था और इसी वजह से समाज के अंदर इसका सबसे ज्यादा महत्व था थर्ड वर्ग कृषक वर्ग है जिसके बारे में डिटेल में पढ़ेंगे अब ईसाई पादरी वर्ग जो था वह भी स्वतंत्र था व डिपेंडेंट नहीं था क्यों क्योंकि उसके पास भूमि थी भूमि कहां से आई भाई पादरी के पास तो राजा के द्वारा उसे भूमि दी गई थी राजा जो है उसको भूमि देता था और उस भूमि से वह टैक्स वसूल कर सकता था बताओ वह टैक्स कौन सा था

2:00 ईसाई पादरी एक वर्ग जो एक जो है टैक्स वसूल करता था आज मेरा हिस्ट्री का पेपर है हाफ रली एग्जाम बहुत बढ़िया बहुत बेस्ट ऑफ लक बेटा बहुत शानदार तरीके से करना बहुत अच्छा जाएगा आपका पेपर बहुत अच्छे से आपको सारा कोर्स जो है मैं करवा चुकी हूं बेस्ट ऑफ लक बेटा हम किसके बारे में बात कर रहे हैं भूमि पर अधिकार किसका था पादरी वर्ग का क्यों राजा ने भूमिया दी हुई थी और वहां से वह एक टैक्स लेता था वह टैक्स क्या कहलाता था वह टैक्स कहलाता था टीथ जो कितना भाग होता था 10वां भाग होता था उपज का जो किसान वगैरह उपज करते थे उसका दवा भाग इसके अलावा लोग दान भी तो देते हैं जैसे कोई किसी की मृत्यु हो गई तो उसके पीछे हम भी दान देते हैं ना मंदिरों में और तो इसी प्रकार से दान वान भी मिलता था ठीक है लेकिन धीरे-धीरे यह पादरी तो भोग विलासी हो गए खूब पैसा आ गया बड़ी-बड़ी

2:47 जागीर हो गई महलों में रहने लगे ये ईसाई पादरी इनका जीवन कैसा हो गया एकदम भोग विलास वाला हो गया बड़ी-बड़ी जागीर में यह रहने लगे बड़ी-बड़ी क्या हो गई जागीर में ये लोग रहने लगे एकदम आलीशान जीवन व्यतीत कर रहे कैसा भोग विलास वाला आलीशान जीवन ये आराम से मस्त बढ़िया एक राजा की तरह जीवन व्यतीत करने लगे ये तो गड़बड़ काम है आपको तो धर्म का काम करना है आपको धर्म के बारे में अध्ययन करना है लेकिन जब पैसा आता है तो बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है वह रास्ता भटक गए तब कुछ एक नए वर्ग का जन्म हुआ वह वर्ग कौन सा था वेरी गुड मॉर्निंग सभी को अब एक नया वर्ग जन्म लेता है जो यह फर्स्ट वर्ग था पादरी वर्ग था देखो पश्चिम में अगर हम बात करें तो रोम पश्चिम में रोम था पश्चिमी देशों की बात करें तो वहां

3:33 पर रोम के अंदर पोप रहता था बाकी सारी जगह पर हर गांव के अंदर एक चर्च होती थी एक गांव है उसमें चर्च होगा और चर्च के अंदर पादरी विशप वगैरह होते थे यानी समझ लो ये तो हेड है बाकी उसके अंडर में काम करने वाले ये सारे हैं और ये सब के सब फर्स्ट वर्ग के अंदर आते थे प्रथम वर्ग के सदस्य थे ध्यान रखोगे प्रथम वर्ग में पश्चिमी अगर क्षेत्र की बात करें तो वहां पर रोम इटली के अंदर और वहां का पोप सर्वाधिक शक्तिशाली और बाकी सभी जगह पर हर गांव में बिशप है पादरी है वगैरह होते थे ये सब फर्स्ट वर्ग के मेंबर काउंट होते थे चलो सब कुछ ठीक चल रहा था लेकिन जब ये बहुत भोग विलास की तरफ हो गए तब इनमें से कुछ लोग ऐसे हुए कुछ ऐसे वर्ग का जन्म हुआ जो यह भोग विलास से दूर एकदम शांत एकांत में जीवन व्यतीत करते थे इसमें एक और चीज बताई

4:19 थी आपको पादरी बनने पर प्रतिबंध किसी बच्चे को याद है क्या ये मैं पढ़ा चुकी हूं लास्ट वीडियो में पादरी बनने पर कुछ रोक थी क्या क्या हर एक व्यक्ति पादरी बन सकता था या कुछ नियम थे कुछ बताओगे फटाफट से हां मैडम बहुत अच्छी तैयारी कराई है आपने वेरी गुड थैंक यू चलो आप अच्छे से पेपर करके आना है ना बताओगे फटाफट से कि प्रतिबंध क्या थे पादरी वर्ग पर मैंने आपको लास्ट वीडियो में कुछ प्रतिबंध बताए थे कि ये लोग है ना पादरी नहीं बन सकते कुछ ऐसी लिमिटेशन थी कुछ फंडेशन थी कि यह लोग पादरी नहीं बनेंगे देखो इसमें क्या था एक तो कोई दास व्यक्ति है वह पादरी नहीं बनेगा कृषि दस नहीं होना चाहिए फिर महि विवाह नहीं कर सकते ये लोग महिला महिलाए जो है वह पादरी नहीं बन सकती और शारीरिक अभाव वाला व्यक्ति पादरी नहीं बन सकता जैसे मान लो किसी का एक हाथ जो है उसमें

5:06 कुछ गड़बड़ है पैर में कुछ गड़बड़ है है ना तो शारीरिक अभाव नहीं होना चाहिए दास नहीं होना चाहिए और वह महिला नहीं होनी चाहिए इन सब पर प्रतिबंध था है ना अब बात करते हैं किसके बारे में एक नया वर्ग ऐसा वर्ग भिक्षु अब किसके बारे में बता रही हूं भिक्षु ये कौन थे भाई ये शांत से एबी में रहते थे है ना या हम कह सकते मोनेस्ट्री या हम कह सकते हैं मठ सबका एक ही मीनिंग है कुछ ऐसे लोग थे जो एकांत से भिक्षु जो है शहर से दूर यह शहर की चमक दमक में नहीं रहेंगे शहर से एकदम दूर आकर के एकदम शांत जहां पर जगह है जहां पर ध्यान किया जा सकता है वहां पर जाकर के जो है ईश्वर के बारे में अपने धर्म के बारे में अध्ययन कर रहे हैं उसी को भिक्षु कहा

5:51 गया यह कहां पर रहते थे मठों के अंदर रहते थे ध्यान रखोगे ये कहां रहते थे इसी को मोनेस्ट्री कहते हैं मठ कहते हैं ये भिक्षु शहर से बहुत ज्यादा जो शोर शराबे पैसा चमक दमक इन सबको छोड़कर बहुत दूर जाकर के मठों में रहने लगे यह भिक्षु पहले थोड़े से थे फिर धीरे-धीरे धीरे-धीरे बहुत सारे बढ़ने लगे इनकी संख्या में वृद्धि होने लगी यह ध्यान रखना यहां तक मैंने आपको लास्ट पढ़ा दिया था आज हम नया टॉपिक जो है इसी के आगे कंटिन्यू करेंगे लेकिन एक शानदार कोटेशन के साथ मंजिलें बड़ी जिद्दी होती है हासिल कहां नसीब से होती है मगर वहां तूफान भी हार जाते हैं जहां कश्तियां जिद पर होती कोई भी टॉपिक मुश्किल नहीं कोई भी चैप्टर मुश्किल नहीं कोई भी दुनिया का एग्जाम मुश्किल नहीं अगर हौसला है अगर आप में हिम्मत है समर्पण है

6:36 पूरा डेडिकेशन है तो बहुत अच्छे से आप सारे एग्जाम में बहुत अच्छे नंबर ला सकते हो देखो एक सेमिनार का आयोजन करवाया जा रहा है संडे 5 नवंबर को 10 बजे कहां पर गोपालपुरा जयपुर में बायपास रोड उत्कर्ष जयपुर यहां पर आपको जरूर जरूर पहले स्कैन करोगे रजिस्ट्रेशन करवाओ ग सिर्फ ₹10 फी रखी है मात्र और उसके बाद आपको वहां पर आना है 12थ के स्टूडेंट स्टूडेंट्स जो है उनके लिए कुछ खास है सीटी के स्टूडेंट्स के लिए बहुत कुछ खास है है ना चलो यहां तक मैंने आपको पढ़ा दिया था भिक्षु कौन है विशेष श्रद्धालु है जो बहुत धार्मिक पादरी जो व्यक्ति थे उसकी जगह पर नगरों से दूर गांवों में रहते थे एकांत जीवन बिताते थे आम आदम से बहुत दूर देखो यह दो जो है हमें मठ मिलते हैं सेंट बेनेडिक्ट मथ कब छठी शताब्दी देखो टाइम ध्यान रखना 529 यानी

7:23 छठी शताब्दी और 910 यानी हम कहेंगे 10वीं शताब्दी इस प्रकार से यह मठ हमें प्राप्त हुए भिक्षु कैसा जीवन व्यतीत करते थे देखो भारत में और यहां पे अंतर है हमारे यहां जो बौद्ध धर्म में भिक्षु थे वह फिजिकल वर्क नहीं करते थे वह जरूर अपने संघ के नियम कायदे कानून का पालन करते थे लेकिन बाहर यह माना गया है खाली दिमाग शैतान का घर यस ये बहुत अच्छी बात है आप फॉरेन कंट्रीज में कभी जाने का मौका पड़े तो जरूर इस बात को नोट करना वहां पर 80 साल का आदमी भी काम करता है यस मैंने खुद देखा है जो हम घूमने गए थे सिंगापुर तो वहां पर गाइड था वह 80 साल का था मैंने उनसे बात करी अंकल जी अभी भी आप काम कर रहे हो आप रेस्ट कर लो उन्होंने कहा नहीं ये हमारी बॉडी ऐसी है बैठ गए तो बैठ गए यानी काम करते रहेंगे तो स्वस्थ रहेगा नहीं तो बहुत

8:09 बीमारियां लग जाएगी और मैं खर्चा अफोर्ड नहीं कर सकता यहां बहुत कॉस्टली है मेडिसिन वगैरह है ना तो यानी शारीरिक श्रम का बहुत महत्व है फॉरेन कंट्रीज के अंदर ये जो मठ के मेंबर होते थे सिर्फ अध्ययन नहीं करते हमारे यहां जैसे ब्राह्मणों का कार्य क्या बताया गया आप 12थ में पढ़ोगे अध्ययन करना अध्यापन करना यज्ञ करना यज्ञ करवाना दान लेना और देना ये छह कर्तव्य आपके ब्राह्मणों के नेक्स्ट क्लास में आप पढ़ोगे लेकिन यहां पर यह मठों में तो अध्ययन तो करते थे ध्यान करते थे ईश्वर को याद जरूर करते हैं लेकिन उसके साथ-साथ एक दिन का समय कृषि कार्य में लगाते थे खाली दिमाग शैतान का घर होता है तो यह एक बहुत अच्छी बात है जो आपको ध्यान रखना है यह पुरुष भी हो सकते थे महिला भी हो सकती थी अभी क्या पढ़ा पादरी तो महिला नहीं हो सकती लेकिन भिक्षु में महिला भी हो सकती

8:55 पुरुष भी हो सकते क्या ये सब साथ रहते नहीं बहुत अपवाद स्वरूप कोई मठ ऐसा हो सकता है लेकिन ज्यादातर अलग-अलग मठ होते थे पुरुषों का अलग महिलाओं का अलग यह जो भिक्षु है इन्हें मोनक और नन कहा गया अगर पुरुष है तो यह क्या कहलाएगा मोनक कहलाएगा और अगर यह महिला है तो उसे नन या आपके एग्जाम में क्वेश्चन पूछते हैं मोनक और नन क्या है क्या है मोनक और नन तो यह ध्यान रखना है कि जो भिक्षु है जो पुरुष है उन्हें मोनक कहा गया और जो महिला होती उसे नन कहा गया इनके लिए क्या होते थे मठों की व्यवस्था की गई थी ये भिक्षु जीवन बिताते थे कुछ आबो को छोड़कर ज्यादा एक ही लिंग के रहेंगे यानी पुरुष पुरुष ही रहेंगे या महिला महिला ही रहेगी यह ध्यान रखना यह विवाह भी नहीं कर सकते थे अब धीरे-धीरे क्या हुआ भ जब भिक्षु बढ़ने लगे संख्या बढ़ने लगी तो मठों के आकार भी बढ़ गए

9:41 स्कूले इनसे जुड़ गई विश्वविद्यालय इनसे जुड़ गए हॉस्पिटल्स इनसे जुड़ गए सब कुछ सिस्टमैटिक हो गया पूरी इनकी किताब बताऊंगी इनके अध्याय बताऊंगी नियम कायदे कानून पढ़ेंगे हम अभी यह ध्यान रखना अब बात करते हैं कुछ ऐसे भिक्षु भी हुए जिन्होंने संगीत को जो है विकसित करा जैसे आप स्कूल जाते हो जैसे-जैसे स्टूडेंट बड़े बड़ी स्कूल हो गई कुछ नियम कायदे कानून हुए प्रेयर करते हो जनगण मन करते हो प्रतिज्ञा करते हो राष्ट्रगान गाते हैं ठीक इसी प्रकार यहां पर भी संगीत का प्रचलन हुआ गायन संगीत इसका प्रचलन हुआ और एक संगीतकार है आबे हिल्डेगार्ड या ध्यान रखोगे यहां पे क्वेश्चन पूछ लेंगे आबे डेगार्ड कौन थे महान संगीतज्ञ थे जिन्होंने मठों के अंदर गायन की प्रक्रिया को शुरू किया तो यह तो मठों के अंदर की बात हो गई अब कुछ ऐसे भिक्षु हुए उन्होंने

10:27 कहा अगर हम एक जगह पर रहेंगे तो कुछ लोगों को ही शिक्षा दे पाएंगे अगर हम घूम-घूम कर दूसरे लोगों को भी शिक्षा देंगे तो फिर धर्म का विकास होगा ज्यादा फैले का इसीलिए कुछ लोगों ने कौन सा रास्ता अपनाया फ्रायर किसे कहा गया मोस्ट इंपॉर्टेंट क्वेश्चन आपके बनेगा कुछ भिक्षुओं ने कहा कि हम मठ में नहीं रहेंगे बल्कि क्या करेंगे एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमेंगे जो मिलेगा दान में वही खा लेंगे उसी से जीवन चला लेंगे लेकिन धर्म का विस्तार करेंगे अच्छी शिक्षा लोगों को देंगे देखो अगर ये एक ही जगह पर रहता तो इतने भिक्षु नहीं जुड़ पाते लेकिन यह भिक्षु अब घूम घूम करके क्या कर रहे हैं शिक्षा दे रहे हैं उपदेश दे रहे हैं और जीविका कैसे दान से जीवन चला रहे हैं इन्हीं को फ्रायर कहा गया बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन बनेगा फ्रायर से क्या समझते मठ क्या थे भिक्षु कौन थे पादरी और भिक्षु में क्या अंतर है पादरी शहर में रहते भोग विलास से जीते चमक

11:14 दमक जागीर महल उनके पास होती तीथ नामक कर प्राप्त करते लेकिन भिक्षु कोई कर नहीं ले रहा भिक्षु तो शांति से मठों में रह रहा है मठों का आकार धीरे-धीरे बड़ा हुआ वहां पर नियम कायदे कानून बने पुस्तक बताऊंगी अभी बेनेडिक्ट मट की जिसमें 73 अध्याय देखो अब जब पूरी अच्छी तरह से मठ स्थापित हो गए हैं तो मठों के लिए मठ के अंदर रहने के कुछ नियम भी होंगे ठीक इसी प्रकार से आप 12थ में पढ़ोगे बौद्ध धर्म में भी जब संघ की स्थापना हुई तो वहां पर संघ में रहने के नियम जैसे आप स्कूल आते हो 7:00 बजे स्कूल आना है यूनिफॉर्म में आना है शू पॉलिश होने चाहिए नेल्स कट्स होने चाहिए है ना ऐसे नियम होते हैं आपको प्रेयर से पहले आना है नहीं तो पनिशमेंट मिलेगी इंटरवल में ही आपको लंच करना है ऐसा नहीं है आपने मनमर्जी पड़े खोल दिया टिफिन खा लिया नियम है ना ठीक इसी प्रकार मठों के भी नियम थे और वह एक पुस्तक में लिखे हुए

12:01 थे जिसमें 73 अध्याय थे कुछ अध्याय दिए हुए हैं तीन चार अध्याय ज्यादा नहीं लेकिन वो याद करने कितने टोटल अध्याय कितने थे 73 कहां पर मिलते हैं बेनेडिक्ट मठ में मिलती है एक बुक मिलती है जिसमें हमें लिखा हुआ मिलता है उनके कायदे कानून नियम अनुशासन कैसे रहेंगे मठ में तो सबसे पहले शिक्स ऐसे याद रखो श शोर नहीं करना भिक्षुओं को ज्यादा बोलने की इजाजत नहीं थी आप यहां पर धर्म ध्यान यहां करना आपको ज्यादा बातें नहीं करनी है तो सिक्स से याद रखो शोर नहीं कम बोलना सेवन से याद रखो साथ रहना है साथ कैसे रहोगे लड़ लड़ के विनम्रता से साथ रह रहे हो एक दूसरे से लड़ते ही रहोगे अपने ईगो की बात करोगे तो मठों में थोड़ी रह सकते हो मठ में तो सादा जीवन उच्च विचार है तो याद रखोगे सात सात

12:48 से याद रहेगा विनम्रता से रहना अब ज्यादा कपड़े होंगे खूब सारे होंगे तो आज यह पहनू आज यह पहनू भोग विलास हमारा ध्यान भटके का यूनिफॉर्म क्यों होती है कभी सोचा है आपने आपके स्कूल की यूनिफॉर्म क्यों है मेरी यूनिफॉर्म क्यों है ताकि आपका ध्यान नहीं भटके मैं पढ़ा रही हूं बस आप बिल्कुल 100% जो मैं पढ़ा रही हूं उसको ग्रहण कर रहे हो मेरे कपड़ों पे आपका ध्यान नहीं है क्योंकि वह सेम कपड़े अगर रोज रंग बिरंग के कपड़े पहन के आऊंगी आज लाल पीला हरा गुलाबी तो आपका ध्यान उसमें जाएगा है ना तो इसीलिए यूनिफॉर्म होती है स्कूल में भी सब बराबर रहे इक्वलिटी का भाव और माइंड जो है डिस्टर्ब ना हो तो वहां पर भी ध्यान रखना है 33 से याद रखोगे निजी संपत्ति नहीं रखनी है क्या नहीं रखनी है हमें बहुत सारे इकट्ठे तीन-तीन खूब सारे कपड़े नहीं रखने हैं निजी संपत्ति नहीं रखनी है 47 का याद रखोगे बहुत बढ़िया आलस नहीं करना है

13:35 और 48 में कहा है कि सब चीजें मठ में हो पंचक्की भी हो पानी भी हो सारी व्यवस्था हो ताकि एक मठ से ज्यादा भिक्षु को बाहर नहीं जाना पड़े तो यह कुछ नियम है क्या याद रखना है बेनेडिक्ट मठ के अंदर 73 अध्याय की पुस्तक मिलती है सिक्स में कम बोलना सेवन विनम्रता से रहना 33 में धन इकट्ठा नहीं करना 47 आलस नहीं करना हमें जरूर कुछ ना कुछ शारीरिक श्रम करना निश्चित घंटों में पवित्र पाठ और 48 कहता है कि सारी चीजें उसकी सीमा के अंदर हो कब मठ शुरू हुए हमने क्या पढ़ा मठों की स्थापना कब हुई देखो अभी आपको बता दिया मठ जो है हमने भिक्षु जीवन स्थापित किया मठ 529 इसका मतलब क्या है छठी शताब्दी 529 में मट आपको दिखाई देने लगे छठी शताब्दी यह तो बाद में दसवीं छठी शताब्दी है ना अब

14:21 छठी से 15वीं शताब्दी तक आ जाओ धीरे-धीरे हम क्या देखते हैं मठ भी बढ़ गए यहां पर भी भोग विलास आ यानी यह भी अब वह शुद्धता से नहीं रहे और इसी वजह से कुछ ऐसे राइटर हुए जिन्होंने इस पर बहुत आलोचनात्मक वजामंगला इनका एज अ बिजनेस टाइप हो गया खूब सारे लोग आ रहे हैं खूब दान दे रहे हैं खूब अशो आराम आ गया तो कुछ ऐसे राइटर हुए जिन्होंने इस पर भी आलोचनात्मक वजामंगला ध्यान रखने एक तो चौसर है और एक लिंग लैंड है लैंग्लैंड है याद रखोगे लैंग्लैंड और चौसर दोनों इंग्लैंड के हैं और दोनों ही इस भिक्षुओं के जीवन पर भी

15:09 पुस्तक लिख रहे हैं क्या पुस्तक है बहुत शानदार पुस्तक है लैंग्लैंड की पियर्स प्लाउ मैन प्लाउ मैन का मतलब क्या होता है जो हल चलाने वाला किसान है वह कह रहा है कौन कह रहा है लैंगलेट कह रहा है अरे भिक्षुओं तुमसे तो किसान गडरियन इनका जीवन ज्यादा शुद्ध है तुम इतने भोग विलास में रह रहे हो कहां तुम जो है पाठ पूजा कर रहे हो इससे तो किसान अच्छे से ईश्वर को याद कर लेता है इस प्रकार व्यंग्य किया गया किसान के शुद्ध जीवन शुद्ध आत्मा को शो किया गया तो याद रखोगे लैंग्लैंड की पुस्तक पियर्स प्लाउ मैन और दूसरी जो है आपकी पुस्तक कौन सी चौसर की कैंटरबरी टेल्स कैंटरबरी टेल्स का मतलब क्या है धार्मिक यात्राओं प जाते थे सभी धर्मों में धार्मिक यात्रा का महत्व है हम लोग भी धार्मिक यात्रा करते हैं मुसलमान है तो मक्का मदीना जाएंगे है ना तो यहां पर भी

15:55 जो मठ वगैरह है तीर्थ यात्राएं की जाती थी तो इसमें व्यंग किया है चौसर ने कैंटरबरी टेल्स में जब बढ़िया मौसम होता है अच्छे से तब घूमने के हिसाब से जाते हैं लोग जो है अपने वास्तव में अपनी शुद्ध आत्मा के लिए नहीं जाते उस मठों पर इस प्रकार से व्यंग चौसर ने कैंटरबरी टेल्स में किया है और यहां पर लैंग्लैंड ने पियर्स प्लाउ मैन के अंदर भिक्षुओं का आराम जीवन विलासिता के जीवन की तुलना किससे करी अरे कृषक गडर है जो देखो इस पे इमेज बनी हुई है मजदूरों के विशुद्ध विश्वास से करिए इसी प्रकार से देखो यह सब यात्रा पे जा रहे हैं चौसर ने कैंटरबरी टेल स बहुत इंपोर्टेंट पुस्तक है चौसर की कैंटरबरी ट्रेल्स जिसमें भिक्षु भिक्षुणी और फ्रायर का हास्य पद विवरण फ्रायर जो होते थे एक स्थान से दूसरे स्थान पर घूमते थे तो उनकी यात्राओं को उसने कहा मौज मस्ती की यात्रा है जब अच्छा

16:40 मौसम शुरू होता है तब ये यात्रा करने जाते हैं ये शुद्ध मन से यात्रा नहीं करते तो चौसर कैंटरबरी टेल्स लिखता है अब बात करते हैं चर्च और समाज की अब किसके बारे में कुछ त्यौहार है जो आपके बहुत इंपॉर्टेंट है और जो बार-बार पूछे जा रहे हैं कौन से त्यौहार ईसाई लोग मनाते थे आप सभी जानते हैं दो त्यौहार है एक कौन सा है है एक तो क्रिसमस का त्यौहार है और एक कौन सा त्यौहार है ईस्टर ध्यान रखोगे एक तो क्रिस्मस का त्यौहार ये लोग बनाते हैं और एक ईस्टर का त्यौहार मनाते क्या नया त्यौहार आया देखो चौथी शताब्दी से आपने क्या पढ़ा फोर्थ चौथी शताब्दी जब से आई जब से ईसाई धर्म शुरू हो गया है ना चौथी शताब्दी चौथी शता शताब्दी आप रोमन साम्राज्य जो है पूरा पढ़ चुके हो उसमें कांस्टेंटाइना पढ़ाया था जिसने ईसाई धर्म को राजधर्म बना दिया अब सब लोग ईसाई धर्म

17:26 को फॉलो कर रहे हैं और उसी समय से ईसा मसीह से जुड़े हुए दो त्यौहार मनाए जा रहे हैं क्रिसमस क्या है ईसा मसीह का जन्मदिन ध्यान रखना है ईसा मसीह का जन्मदिन है और यह 25 दिसंबर को मनाया जाता है यह सौर पंचांग पर आधारित था किस पर आधारित था सौर पंचांग देखो जो सूर्य पर आधारित होते हैं सौर पंचांग पर आधारित होते हैं उसकी डेट निश्चित होती है लेकिन जो चंद्रमा की कला पर आधारित होता है उसकी डेट निश्चित नहीं होती देखो ईद कभी भी निश्चित नहीं होती चांद दिखेगा तो ईद होगी नहीं दिखेगा तो नहीं होगी तो ठीक इसी प्रकार से यहां पर भी एक जो त्यौहार था इटर यह क्या था कि जब यसा मसीह का क्रुष रोपण हो गया उनका उनको चढ़ा दिया गया सूली पर कृष रोपण और कहा जाता है वो वापस जीवित हुए थे और पुनर्जीवन पुनर्जीवित होने के उपलक्ष में

18:13 यह त्यौहार मनाया जाता है तो यह त्यौहार की डेट क्या थी यह त्यौहार की डेट जो है फिक्स नहीं थी क्या इस त्यौहार की डेट फिक्स थी नहीं फिक्स नहीं क्यों क्योंकि ये चंद्र पंचांग पर आधारित थी यह दो त्यौहार ये लोग मनाते थे एक क्रिस्मस जो दिसंबर को और सौर पंचांग के अनुसार मनाया जाता था और दूसरा त्यौहार कौन सा ईस्टर है ईस्टर कब मनाएंगे पहले का कोई एक त्यौहार चलता था फॉरेन कंट्रीज में बहुत ठंड थी यूरोप में बहुत सर्दी पड़ती तो जब सर्दी खत्म होती बहुत लंबी सीत ऋतु बहुत लंबे समय तक क्या पड़ रही कठोर शीत ऋतु पड़ रही है लोग दुखी हो रहे हैं शीत ऋतु हो रही है तो लोग क्या हो रहे हैं बहुत दुखी हो रहे हैं कृषि नहीं कर सकते खेतीबाड़ी नहीं कर सकते लेकिन जब बसंत का मौसम आता है फिर से फसलें उग सकती है है ना ना अब खेत

18:59 लहराएंगे फसलें उ गगी तो लोग अपने घरों से निकलते हैं पूरे गांव का दौरा करते हैं पूरे गांव अब गांव के लिए शब्द यूज कर लिया पेरिश पादरी की भूमि क्योंकि धर्म से इसको जोड़ दिया तो यह त्यौहार पहले से मना रहे थे यहां के लोग जो हैं जब बहुत ठंडी मौसम खत्म होकर बसंत का मौसम आता तो लोग घरों से बाहर निकलते अपने गांवों में घूमते थे और इसको एक बहुत अच्छे त्यौहार के रूप में मनाते थे अब इसी को क्या नाम दे दिया ईस्टर नाम दे दिया और गांव की भूमि को पेरिश कह क्योंकि उसे पादरी की भूमि मान लिया और इस प्रकार से दो त्यौहार जो है मनाए जाने लगे लेकिन आज जैसे दीपावली आ रही है तो हम राजा राम को तो याद करते हैं लेकिन आप लोग क्या याद करते हो अरे वाह मैडम दीपावली आएगी हमारी छुट्टियां हो जाएगी हमें स्कूल नहीं जाना पड़ेगा हमें घर पर आराम से सोना है हमें

19:46 सुबह जल्दी नहीं उठना पड़ेगा हमें होमवर्क नहीं करना पड़ेगा आपके स्कूल में होमवर्क देते होंगे तो बात अलग है लेकिन ज्यादातर बच्चे क्या कहते हैं वाह मजा आ गया दीपावली आई कोई राम को नहीं याद कर रहे आप लोग छुट्टियां मनाते हो हम बहुत बढ़िया फेस्टिवल सेलिब्रेट करते हैं नए कपड़े पहनते हैं मिठाई खाते हैं खुशियां आती है है ना कि दिवाली आएगी बड़े मजे करेंगे पटाखे चलाएंगे है ना तो ठीक इसी प्रकार से यहां पर जो ईस्टर का त्यौहार मना रहे थे लोग वह वास्तव में पवित्र दिनों को याद नहीं करते बल्कि लोग इसलिए मनाते थे वाह किसान कहता अब तो दावत खाएंगे अब तो दावत होगी अब हमें काम से क्या मिलेगी काम से छुट्टी मिलेगी काम नहीं करना पड़ेगा मजे से रहेंगे और इस प्रकार से यह त्यौहार मनाए जाते थे तो यह दो त्यौहार बहुत इंपॉर्टेंट है ध्यान रखोगे यूरोप वासी ईसाई बन गए फिर भी कुछ चमत्कार रीति

20:31 रिवाजों से जुड़े पहला त्यौहार है क्रिसमस और दूसरा त्यौहार है ईस्टर दोनों बहुत महत्त्वपूर्ण तिथियां बन गई इस्लामिक ईसाई कैलेंडर की 25 दिसंबर को मनाते कौन सा ईसा मसीह का जन्म का त्यौहार ये पहले से कोई रोमन त्यौहार चल रहा था उसको सौर पंचांग के आधार पर ले लिया ईस्टर क्या है ईसा मसीह को सूला रोपण और वापस जीवित होने की एक जो है त्यौहार है तिथि इसकी निश्चित नहीं है और लंबी सर्दी के पश्चात बसंत आती उसको मनाने के लिए यह मनाते कैसे मनाते थे गांव की भूमि का दौरा करते पादरी की देखरेख में आने वाला क्षेत्र कहने लगे अब इसे पेरिस कह दिया काम से दबावा किसान इसको होली डे देखो होली मतलब पवित्र लेकिन इसका मैंने वाई हटा दिया और आई डी ए वाई कर दिया हॉलीडे हो गया यानी छुट्टियां मनाओ भाई अब तो मजे हैं तो इस प्रकार इसको

21:17 क्या कह दिया हॉलीडे कह दिया जब कोई काम ही नहीं करना वैसे तो प्रार्थना करनी चाहिए लेकिन प्रार्थना कौन करे मजे करते सब मौज मस्ती करते तीर्थ यात्राओं पर जाते थे गिरजाघर की लंबी यात्राओं पर जाते थे अब चलते हैं मेन तीसरा वर्ग दो वर्ग कंप्लीट हो गए हैं तीसरा वर्ग एक क्लास और लेंगी चैप्टर काफी बड़ा है अब हम चल रहे हैं तीसरे वर्ग की और बहुत शानदार एक अच्छे से आपको याद करना है तीसरा वर्ग बहुत इंपॉर्टेंट देखो जो तीसरा वर्ग है उसमें कौन है तीसरे वर्ग में बच्चों किसान है किसान कौन है तीसरे वर्ग में किसान अब किसान भी दो तरह के किसान भी दो तरह के हैं एक तो स्वतंत्र किसान है एक तो स्वतंत्र किसान है और एक सर्फ सर्फ मतलब क्या जिससे कपड़े धोते हैं डिटर्जन नहीं सर्फ का मतलब है कृषि दस जो बिल्कुल गुलाम है कृषि दस अब इसको समझोगे दोनों कैसे हैं

22:04 आपने मैनर की जागीर पढ़ ली है है ना लॉर्ड की जो मैनर की जागीर है पढ़ लिया ये लॉर्ड है और ये पूरी भूमि इसकी है लेकिन यहां पर किसान रहता है यहां पर किसान रहता है यह इसका घर है और यह इसका खेत है यह इसका घर है यह इसका खेत है यहां पर भी किसान रहता है यह एक बड़ा किसान है जिसका बड़ा खेत है पूरी भूमि लॉर्ड की है लेकिन किसान की भी भूमि है कुछ किसान ऐसे हैं जो सिर्फ और सिर्फ लॉर्ड की भूमि पर ही रहते हैं लॉर्ड के ऊपर ही डिपेंडेंट है वह कृषि दस है दोनों वर्गों का भरण पोषण यह कृषक वर्ग करता था लेकिन बेचारा सबसे ज्यादा तकलीफ में रहता सबसे ज्यादा शोषण इसी का होता पूरी जमीन किसान की है देखो सर्वेंट है दोनों के दोनों दोनों के दोनों जो है

22:49 किराएदार की तरह है अच्छे से समझोगे यह लॉर्ड है लॉर्ड की भूमि मैनर की जागीर है और इसमें सारा किसान रह रहा है बहुत सारे गांव लॉर्ड के अंडर में हो होते थे तो बहुत सारे किसान लॉर्ड के अंदर में हो गए ठीक है अब किसान दो तरह के हैं है तो दोनों ही लॉर्ड के अंडर के अंदर है तो दोनों लॉर्ड के गुलाम लेकिन एक पूरा गुलाम है और एक कुछ हद तक स्वतंत्र है कैसे कुछ हद तक स्वतंत्र का मतलब ये वाला जिसका खुद का घर है खुद का खेत है खुद का जीवन है लेकिन उसके ऊपर भी शर्त यह है कि तुम हमारी जमीन पर रह रहे हो इसलिए तुम्हें क्या करना पड़ेगा तुम्हें लॉर्ड की जो खेत है लॉर्ड का खेत है उस पर आकर के काम करना पड़ेगा कितना एक सप्ताह है उसमें में तीन दिन चार दिन या उससे ज्यादा दिन काम करना पड़ेगा इस किसान को यहां काम करना पड़ेगा क्यों क्योंकि उसे रेंट देना है ना यह

23:36 जमीन किसकी है जमीन पूरी लॉर्ड उसका मालिक है आप उसकी जमीन पर रह रहे हो तो आपको किराया तो देना पड़ेगा ना तो इस प्रकार से जैसे मान लो एक मकान मालिक है उसका छोटा सा प्लॉट कहीं पर है मैं वहां रह रही हूं तो मुझे उसे क्या देना पड़ेगा मुझे उसे रेंट देना है और मान लो मेरी स्थिति इतनी खराब है मैं रेंट दे ही नहीं सकती मैं लॉड के घर में ही रह रही हूं तो फिर मैं पूरी उसकी दया पर निर्भर यानी 24 घंटे की नौकर बात समझ में आई तो दो प्रकार के जो किसान है वो कौन से हैं स्वतंत्र किसान और एक सर्फ सर्फ यानी कृषि दस स्वतंत्र किसान वह है जो खुद का खेत भी रखता है उसका खुद का घर भी है लेकिन उसी के साथ-साथ उसे लॉड के खेत पर तीन से चार दिन सप्ताह में काम करना सात दिन है उसमें से तीन दिन वहां काम करेगा बाकी दिन खुद के घर पे काम करेगा खुद के खेत में काम करेगा ज्यादा भी कर सकता है अगर लॉर्ड उसको कहे तो और इसी

24:23 के साथ-साथ लॉर्ड जब युद्ध की आवश्यकता होती है सेना तैयार करेगा तो लड इसको कहेगा कि भाई तुझे आना है कम से कम साल के अंदर 40 दिन उसे सैनिक कार्य के लिए भी भेजा जा सकता था ज्यादा भी भेज सकता है लॉर्ड पूरा सर्वे सर्वा है लेकिन यह कुछ नियम थे कि भाई 40 दिन तो कम से कम आपको सेवा में रहना ही है और सप्ताह में तीन चार दिन यह काम करना है बस छुट्टी हो गई क्या नहीं अभी भी छुट्टी नहीं हुई है अभी किसान जो है वहां पर तो काम करेगा और उसका जो काम करने से जो फसल उगे गी उसका क्या होगा क्या लॉर्ड को मिलेगी नहीं क्या इस किसान को मिलेगी नहीं पूरा का पूरा उसका जो भी फसल का उत्पादन होगा वह सब लॉर्ड के पास जाएगी जिसे श्रम अधिशेष कहते हैं क्वेश्चन आता है श्रम अधिशेष क्या है ध्यान से समझोगे क्या बता रही हूं मैं यह

25:09 बता रही हूं कि जो स्वतंत्र किसान है वस सप्ताह में तीन-चार दिन लड के खेत पर काम कर रहा है काम कर रहा है मजदूरी कर रहा है तो उसको पैसा मिलेगा नहीं मिलेगा क्यों नहीं मिलेगा भाई मेरा रेंट चुक जाएगा मैं यहां रह रही हूं इसकी जमीन पर तो रेंट भरना है मैं रेंट नहीं भरू गी मैं काम कर रही हूं और आपका जो है रेंट चूक जाएगा इस प्रकार से सेट चलती थी कि यह वहां पर काम करेगा श्रम अधिशेष पूरा सीधा लॉर्ड के पास जाएगा और वह वास्तव में रेंट के रूप में माना जाएगा इसके साथ-साथ और भी कुछ काम करना यस इसको और भी काम करना है जैसे खड्डे खोदने हैं खड्डे खोदने हैं तो वह भी किसान को करने पड़ेंगे सड़क निर्माण करनी है सड़कें बनानी है इमारतों की मरम्मत करनी है इमारतें हैं किसकी लॉर्ड की इमारतों की मरम्मत करनी है बाड़ बंदी करनी है चारों तरफ तो बाड़ बंदी भी करनी पड़

25:55 यानी बहुत सारे फ्री ऑफ कॉस्ट बेगार काम करने पड़ेंगे अब बात करते हैं क्या इसके अलावा भी कुछ बच गया यस अभी इन किसानों की पत्नियां हैं इन किसानों की पत्नियां हैं इन किसानों के बच्चे वह भी इसमें साथ-साथ जो है अपना श्रम देंगे केवल किसान का शोषण नहीं किया किसान की पत्नी का भी उसके बच्चे का भी पत्नियां क्या करेगी कपास जो है उसको सूत काटे गी कपड़ा बनाएगी और बच्चे क्या करेंगे मदरा अंगूर को निचो करके उससे क्या बनती थी शराब और फॉरेन कंट्रीज में शराब तो चलती बहुत जबरदस्त तो बच्चे क्या करते थे मदिरा संपीड़न का कार्य करते थे अंगूर जो है उसको प्रेश करते और शराब बनाते मोमबत्तियां बनाई जाती थी उसमें भी बच्चे सपोर्ट करते महिलाएं क्या करती सूत काटती थी कपड़ा बनती बुनती

26:41 थी तो बहुत सारे फ्री ऑफ कॉस्ट हमें काम करना पड़ता था यह तो हो गया स्वतंत्र किसान सोचो स्वतंत्र किसान की यह स्थिति है तो कृषि दस की क्या स्थिति होगी अब चलते हैं कृषि दस की तरफ यह कृषि दस है यह तो पूरी तरीके से यही रह रहा है तो कृषि दास तो कुछ भी जो भी करेगा वह सब कुछ उसके पास चला जाएगा लॉर्ड के पास थोड़ा बहुत उसको कुछ मिलेगा व रह सकता है खाना खा सकता है उसी के लॉर्ड के जो तंदूर है उसी में रोटी सेके का लॉर्ड के मदिरा संपीड़न से ही मदिरा यूज करेगा व जा नहीं सकता उस जगह को छोड़कर जाने का उसको अधिकार नहीं है वह पूरी तरीके से गुलाम है इसीलिए इसे क्या कह दिया इसीलिए इसे सर्फ कह दिया गया इवन यह शादी भी करेगा तो लॉर्ड की इच्छा से लॉर्ड की अनुमति से बहुत ज्यादा उसकी

27:26 स्वतंत्रता का होता था इसीलिए इसे सर्फ कहा गया क्लियर है तो दोनों प्रकार के किसानों के बारे में मैंने आपको बता दिया ये देखो ये किसान जो है यहां पे काम कर रहे हैं यहां पर हल चला रहे हैं किस पे लॉर्ड की जागीर पर किसान स्वतंत्र भी थे और बंधक भी थे दो तरह के हैं स्वतंत्र किसान और सर्फ सर्फ टू सर्व से बना है देखो अगर आप लोग सिक्सथ से एथ तक का कोर्स परचेज करना चाहते हो शानदार फैकल्टी के माध्यम से अपना कोर्स कवर करना चाहते हो तो उसकी रेट 2000 है नाइ से 10 तक ऑनलाइन ट्यूशन उत्कर्ष से लेना चाहते हो बहुत ही शानदार एक्सपीरियंस फैकल्टीज के द्वारा बहुत ही बढ़िया आप अच्छे से कोई भी स्टेट के हो सीबीएससी है चाहे आरबीएससी है हिंदी मीडियम हो या इंग्लिश मीडियम हो तो यह ध्यान रखना नाइंथ से 10 तक का 3000 और 11 12थ के 33500 चाहे आर्स विंग से हो चाहे

28:14 कॉमर्स विंग से हो चाहे साइंस विंग से हो यह जो है कॉस्ट रखी अब बात करते हैं स्वतंत्र किसान मैंने पूरा आपको समझा दिया है एक बार वापस रिवाइज करेंगे स्वतंत्र किसान कौन है स्वतंत्र किसान वह है जो लॉर्ड को काष्ट का के रूप में लॉर्ड का काश्तकार कास्तकार का मतलब समझ लो किराएदार लॉर्ड का किराएदार के रूप में अपने आप को देखता है वह क्या करेगा सैनिक सेवा में योगदान देगा कितने दिन 40 दिन इसके अलावा उसकी जागीर पर जाकर काम करेगा कितने दिन सप्ताह में तीन या चार दिन उससे अधिक भी हो सकता है और श्रम अधिशेष यानी लेबर रेंट देखो यहां पर क्या लिख दिया रेंट उसको कहेंगे जो लॉर्ड के पास चली जाएगी इसके अलावा क्या करेगा खड्डा खोदे लकड़ियां लेकर आएगा बाड बंदी करेगा सड़कें बनाएगा इमारतें बनाएगा महिला क्या करेगी देखो सूत काटे गी कपड़ा बुने गी

28:59 मोमबत्तियां बनाएगी बच्चे शराब बनाते थे इस प्रकार के कार्य करते थे अब बात करते हैं टैली क्या है मोस्ट इंपॉर्टेंट बहुत इंपॉर्टेंट क्वेश्चन यहां पर बनेगा टैली से क्या समझते हो टैली एक और कर है प्रत्यक्ष कर जो राजा लेगा वह भी किसान से यानी सोचो किसान कितना दुखी है लॉर्ड तो पूरा उसके ऊपर कंट्रोल कर ही रहा है लेकिन राजा भी टैली नामक कर लेता था क्या पादरी से लेता नहीं क्या लॉड से लेता नहीं सिर्फ और सिर्फ किसानों से से यह कर लिया जाता था तो ध्यान रखोगे टैली एक प्रत्यक्ष कर है राजा कृषकों पर लगाते थे लेकिन यहां पर बहुत इंपॉर्टेंट यह चीज लिखनी है आपको मोस्ट इंपॉर्टेंट यह चीज लिखनी है कि पादरी और अभिजात वर्ग यानी प्रथम दो वर्ग ये कौन से वर्ग है यह प्रथम दो वर्ग हैं य ध्यान रखना है ये दो वर्ग

29:46 जो हैं ये दोनों वर्ग इससे मुक्त है यानी फ्री है उन्हें इसको देने की आवश्यकता ही नहीं है बेचारा किसान लॉर्ड को सेवाएं दे रहा है अपने खेत पर काम कर रहा है लॉड के खेत पर काम कर रहा है फिर सड़कें बना रहा है बाढ बंदी कर रहा है खड्डे खोद रहा है इमारतों को ठीक कर रहा है उसकी पत्नी काम कर रही है उसके बच्चे काम कर रहे हैं फिर भी शोषण बाकी रह गया या शोषण बाकी रह गया राजा भी एक क लेता पादरी भी टैक्स लेते थे आपने पढ़ा है ना तीर्थ नामक कर उपज का 10वां भाग यानी किसान पूरी तरीके से सिर्फ जीवन जी रहा था बाकी स्थिति उसकी बहुत खराब थी चलो अब बात करते कृषि दस को तो बिल्कुल ही कोई जीवन की स्वतंत्रता ही नहीं है क्योंकि वह तो उसी के घर में रह रहा है ऐसा समझ लो कृषि दस अपने गुजारे के लिए जिस भूखंडों पर रह रहा है वह तो पूरी

30:31 तरह से लॉर्ड की है इसलिए उसकी अधिकतर उपज लॉर्ड को ही मिलेगी वह उन भूखंडों पर भी कृषि करेगा जो केवल लॉर्ड की लॉर्ड ने कह दिया जाओ वहां पर मेरा खेत है वहां पर काम करके आओ तो उसे वहां पर भी जाना पड़ता मान लो नौकर है वो घर में ही रह रहा है मेरे अब मेरा एक घर और है तो वह वहां प जाएगा करना ही पड़ेगा उसको काम तो इस प्रकार से वह वहां पर भी जाता था और उसे कोई मजदूरी नहीं मिलती वह छोड़कर भी नहीं जा सकता वह उसके ऊपर पूरा पूरा लॉर्ड एकाधिकार रखते थे इससे कृषि दस को बहुत हानि होती थी लॉड की चक्की का ही आटा खाएगा उसी की तंदूर की रोटी सकेगा उसी के मदिरा संपीडन से आश्मन मदिरा और ब बियर तैयार करते थे लॉर्ड तय करता था कि कृषि दस किसके साथ विवाह करेगा उसे अपने पसंद की शादी करने की भी इजाजत नहीं थी और अगर करेगा तो उसे उसके बदले में पैसा देना पड़ेगा चलो अब नया टॉपिक

31:19 पढ़ा रही हूं यह तो हो गए तीनों वर्ग पढ़ा दिए अब सामंतवाद को लेकर चलते हैं इंग्लैंड की तरफ फ्रांस में सामंतवाद पूरा पढ़ा दिया प्रथम वर्ग पढ़ा दिया द्वितीय वर्ग पढ़ा दिया तृतीय वर्ग पढ़ा दिया अब हम चलेंगे चतुर्थ वर्ग की ओर नेक्स्ट क्लास में लेकिन अभी इस क्लास में थोड़ा इंग्लैंड के बारे में पढ़ेंगे और पर्यावरण के बारे में पढ़ेंगे मौसम कैसा था यहां की टेक्नोलॉजी कैसी थी खेतीबाड़ी कैसे करते थे कैसे धीरे-धीरे उसमें परिवर्तन आया क्या इंप्रूवमेंट हुए यह सब अब हम पढ़ने वाले देखो अब हम इंग्लैंड की बात करते पहली बात ये इंग्लैंड बना कैसे है तो यह ध्यान रखना है यहां ये कौन से लोग थे जर्मनी के लोग हैं एंजिल एंजिल और सेक्शन एंजिल है और यह कौन से हैं सेक्शन एंजिल और सेक्शन दो जातियां हैं और यह जातियां कहां की तरफ उ चलती है यह इंग्लैंड की तरफ

32:04 उ चलती है और इसी से नाम क्या पड़ गया इंग्लैंड नाम पड़ा क्या नाम पड़ा इंग्लैंड एंजिल और सेक्शन दो जातियां थी छठी शताब्दी की अगर हम बात करें छठी शताब्दी में यूरोप से यह एंजिल और सेक्शन दो जातियां आई और इंग्लैंड में आकर बस गई जैसे फ्रैंक जनजाति आई और फ्रांस को नाम दिया ना ठीक उसी प्रकार से जर्मनी की रहने वाली एंजल और सेक्शन दो जातियां अटैक करती है कहां पर ये इस जगह पर खाली जगह पर और यहां पर अटैक करके उस पर अपना अधिकार कर लिया सीधे-साधे लोग थे उन्हें गुलाम बना दिया और अपने नाम से यहां का नामकरण क्या कर दिया इंग्लैंड नामकरण कर दिया ठीक है तो जर्मन मूल के लोग हैं यहां पर चलो इंग्लैंड है इसका नाम एंजी लैंड था उसी से ही यह इंग्लैंड आज आप जो बोलते हो ना इंग्लैंड वह कैसे बना एंजल और लैंड उसी से इंग्लैंड बन गया और इंग्लैंड नाम हम पढ़ते

32:51 हैं चलो अब बात करते हैं सामंतवाद इंग्लैंड में सामंतवाद कब आया देखो यहां पर क्या है फ्रांस है और फ्रांस में एक जगह है नौर मंडी कौन सी जगह नौर मंडी यहां का शासक 1066 की बात है विलियम ड्यूक नामक राजा हुआ करता था विलियम ड्यूक है ना इस विलियम ड्यूक ने क्या कर दिया इंग्लिश चैनल पर यहां पर अटैक कर दिया कहां पर इसके पास में यहां पर तो समुद्र है और यहां पर है इंग्लिश चैनल इंग्लिश चैनल जो है उस पर यानी इंग्लैंड की तरफ यहां पर अटैक कर दिया अटैक का कारण क्या था अटैक का कारण है व्यापार और साम्राज्य की सीमा दो ही कारण होते हैं देखो यहां तो समुद्र है है ना और यह दोनों की सीमाएं जो है वह टकरा रही है व्यापार पर किसका अधिकार हो इसके बारे में भी दोनों के बीच में लड़ाई चल रही थी संबंधों में तनाव था और इस प्रकार नौर मंडी के राजा ने यहां पर अटैक

33:38 कर लिया और जीत हासिल कर दी जीत हासिल कर दी या विलियम ड्यूक यहां आया था इसके साथ 180 लोग थे न नॉर्मन लोग थे 180 नॉर्मन नॉर मंडी के लोग नॉर्मन कहलाएंगे 180 नॉर्मन लोग थे ठीक है अब ये कहां पर आ गए इंग्लैंड में आ गए इंग्लैंड को जीत लिया और उसके बाद में इस इंग्लैंड को इन्होंने 180 भागों में बांट दिया कितने भागों में 180 भागों में और यह नॉर्मन लोग जो है उनको बिठा दिया य ए बी सी डी ई इस प्रकार से यहां पर क्या कर दिया इन नॉर्मन लोगों को बिठा दिया और इस प्रकार से यहां पर भी सामंतवाद जो आप पढ़ते आ रहे हो फ्यूड इज्म वह सिस्टम क्रिएट हो गया 11वीं शताब्दी में इंग्लैंड के अंदर सामंतवाद की स्थापना हो गई कैसे हुई क्यों हुई यह मैंने आपको

34:23 पूरा बता दिया है क्लियर है यहां पर कैसे यहां सा मतवाद आया नॉर मंडी का राजा विलियम ड्यूक विलियम है वह अटैक करता है कहां पर इंग्लिश चैनल पर उस पर अपना अधिकार कर लिया और वहां अपने लोगों को बिठा दिया भाई अब राजा तो वापस आ जाएगा ना तो वहां उस जमीन पर अपने आदमियों को छोड़ दिया और जमीन का हेड उसे बना दिया ठीक उसी प्रकार से जैसे फ्रांस में आपने अभी व्यवस्था पढ़ी है जो हमने सामंतवाद व्यवस्था फ्यूड इज्म सिस्टम भूमि धारक लॉर्ड किसान ठीक इसी प्रकार बिल्कुल वही सिस्टम यहां पर भी क्रिएट हो गया और इसी वजह से हम कहते हैं कि 11वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में 1066 है ना तो उत्तरार्ध में इंग्लैंड में भी क्या हो गया सामंतवाद का उदय होता है अब ये लोग बैठ कर के अपना जो है शासन संभाल रहे हैं इस ये लोग भी नाइट रखेंगे जिस प्रकार से आपने वहां पर

35:10 नाइट वर्ग पढ़ा ये भी नाइट रखेंगे क्यों क्योंकि राजा ने कह दिया है कि आपको कभी भी मुझे जब आवश्यकता होगी तो सैनिक सेवा देनी है तो नाइट वर्ग को भी इन्होंने रखना शुरू करा जैसे आपने पढ़ा नाइट को फिफ की भूमि इन्होंने भी भूमि प्रदान करी इन्होंने भी नाइट वर्क को ठीक वैसे ही मेंटेन किया जैसे फ्रांस में सब कुछ चल रहा था लेकिन एक खास बात यहां ध्यान रखनी है कि यहां के जो सामंत थे यहां जो लॉर्ड बिठा है 180 वह इस नाइट का प्रयोग अपने लिए नहीं कर सकते थे स्वयं के लिए अपने लिए नहीं करेंगे यह राजा का ऑर्डर था क्योंकि यह दूसरी धरती है है ना अगर ये लोग नाइट रख लेंगे तो ये राजा से आजाद हो जाएंगे ये खुद का राज्य स्थापित कर लेंगे तो ऐसा तो होने नहीं देना है इसलिए एक चीज जो डिफरेंट है बस वह यही है कि ये लोग नाइट का उपयोग खुद के लिए नहीं करते राजा

35:56 के लिए इन्होंने ने नाइट वर्क को तैयार किया था तो यह पूरी कहानी मैंने आपको बता दी है नॉर मंडी का ड्यूक विलियम है इंग्लिश चैनल पर अटैक करता है उसको इंग्लिश चैनल को पार करके इंग्लैंड के सेक्शन के राजा पर अटैक करता है सेक्शन का राजा जो था उस पर अटैक करा और सत्र सीमा और व्यापार की वजह से झगड़े हो रहे थे यह देखो यह है नौर मंडी यह इंग्लिश चैनल है इसको पार कर लिया और यहां पर वह अटैक कर रहा है और इस प्रकार से विलियम प्रथम ने अब वहां पर पहुंच गया जीत हासिल कर ली पूरी भूमि नाप ली और 180 भागों में उस भूमि को बांट दिया लॉर्ड राजा का प्रमुख कास्तकार बन गए और सैनिक सहायता की उम्मीद की जाती थी नाइट को देने के लिए बाद दि थे धीरे-धीरे इन्होंने नाइट स्थापित कर दिए नाइट को भूमि दी जाती ठीक उसी प्रकार जैसे आप फ्रांस में पढ़ चुके हो और इस प्रकार

36:42 सेवा की आशा रखते थे जैसे राजा की वो करते थे लॉर्ड नाइट को मेन जो चीज याद रखनी वह यह ध्यान रखनी निजी युद्ध के लिए उपयोग नहीं कर सकते क्योंकि यहां पर प्रतिबंध ऐसा राजा ने लगा दिया था तो इस प्रकार से यहां पर भी सामंती व्यवस्था आ गई अब एक एक नया टॉपिक कर रहे हैं सामाजिक और आर्थिक जीवन बहुत अच्छा टॉपिक है यहां पर क्वेश्चन बनेगा कि यूरोप में प्रारंभिक कृषि पर्यावरण क्या प्रभाव पड़ा पांचवीं शताब्दी से 11वीं शताब्दी में क्या परिवर्तन आए किस प्रकार से जीवन बदला इसन सबको पढ़ने वाले हैं सबसे पहले अगर हम बात करें कौन से टाइम पीरियड की व्यवस्था को बदल रही है इसमें बहुत सारी पर्यावरण जो है बहुत जबरदस्त प्रभाव डालेगा जो आपको अब ध्यान पड़ेगा देखो पांचवीं से 10वीं शताब्दी पहले कौन सा टाइम पीरियड पढ़ा रही हूं पांचवीं से 10वीं शताब्दी बहुत ठंड है

37:27 बहुत ज्यादा लंबा शीत ऋतु यानी इतने सालों तक यहां पर ठंडा ही मौसम रहा मिट्टी पर पाला होगा तो आप खेतीबाड़ी कैसे करोगे बर्फ ही बर्फ जमी हुई होगी तो खेती कर सकते हैं क्या नहीं कर सकते तो पांचवीं शताब्दी की अगर हम बात करें पांचवीं से लेकर पूरी 10वीं शताब्दी 10वीं यानी 901 902 ये 10वीं शताब्दी है ना तो यह ध्यान रखोगे पांचवीं से 10वीं शताब्दी पूरे यूरोप में क्या है जंगल ही जंगल है क्या कृषि है नहीं कृषि बहुत कम है कृषि बहुत कम समय केलिए ज्यादातर मौसम कैसा रहता था ठंडा मौसम रहता था बहुत कम मौसम ऐसा होता जब आप खेतीबाड़ी कर सकते हो जैसे हमारे यहां गर्मी बहुत ज्यादा पड़ती है है ना सर्दी बहुत कम बस अब सर्दी आएगी थोड़े समय सर्दी चलेगी और बस फैप तक आप देख लो सर्दी होगी मार्च अप्रैल मई जून जुलाई सब गर्मी गर्मी

38:13 गर्मी है ना गर्मी का मौसम ज्यादा रहता है ठीक उसका उल्टा यूरोप के देशों में बहुत ठंडा मौसम रहता है खेतीबाड़ी के लिए जमीन उपयुक्त नहीं होती बहुत शॉर्ट टाइम पीरियड ऐसा होता है जब आप फसलें उगा सकते हो ठीक है और इसी वजह से प्रोग्रेस नहीं होती परिस्थितियों से असंतुष्ट है किसान और किसान भागकर भी चले जाते थे जंगलों में बहुत ठंडा मौसम चल रहा था लंबी सर्दी पड़ती थी फसलों के उपज का टाइम बहुत छोटा था अब आ जाओ 11वीं शताब्दी बहुत शानदार मौसम एकदम गर्मी आई 11वीं शताब्दी में पर्यावरण एनवायरमेंट चेंज हुआ पांचवीं से 10वीं शताब्दी तक तो खराब था 11वीं शताब्दी से थोड़ा मौसम चेंज हुआ गर्माहट आई खेतीबाड़ी के लिए जमीन उपयुक्त हुई मिट्टी से पाला कम हुआ लंबी सर्दियां कम हो गई और उत्पादन जो है वह शुरू हुआ तो यह

38:59 बहुत जबरदस्त अंतर जो आता है तापमान बढ़ेगा तो कृषि पर अच्छा प्रभाव होगा अब लंबी अवधि मिलेगी खेतीबाड़ी के लिए पाले का असर कम हो जाएगा आसानी से खेती करेंगे और इस प्रकार से अब जंगल कम होंगे और खेतीबाड़ी के क्षेत्र ज्यादा विकसित होंगे अब बात करते हैं शुरुआती दौर शुरुआती दौर में कैसी खेतीबाड़ी में टेक्नोलॉजी क्या थी क्वेश्चन आता है यहां पर बहुत इंपोर्टेंट क्वेश्चन बनेगा कृषि प्रौद्योगिकी प्रारंभिक कैसी थी आदिम कैसी थी फिर टेक्नोलॉजी 11वीं शताब्दी में क्या परिवर्तन है देखो पहले क्या सिर्फ एक जोड़ी बैल यानी दो बैल है और एक लकड़ी का हल है कैसा हल है लकड़ी का हल इसका प्रयोग करते थे यह लकड़ी का हल जो है ज्यादा मिट्टी के अंदर तक नहीं जाता सिर्फ ऊपर ऊपर खरोच होता था और जब तक आप मिट्टी को

39:44 पलटोला उ उर्वरता वह हमें प्राप्त नहीं होती आपको ध्यान है हम छोटे-छोटे गमले में भी खुरपी देते पूरा उसको पलटते हैं तब जाकर के अंदर के जो मिट्टी के तत्व हैं वह हमारी फसल को हमारे जो भी पौधा है उसको बढ़िया करते हैं लेकिन शुरुआती दौर है एक जोड़ी बैल यानी दो बैल और एक लकड़ी का हल क्या लिखोगे एक जोड़ी बैल और लकड़ी के हल का प्रचलन था यूरोप के अंदर और चूंकि लकड़ी का हल था तो ये ज्यादा भूमि को खरोच नहीं सकता था लकड़ी का हल है ये ऊपर ऊपर की भूमि जो है ऊपर ऊपर की मिट्टी है उसको खरोच होता था और इसी वजह से मिट्टी की जो नेचुरल एकदम प्रोडक्टिविटी है वह खुलकर बाहर नहीं आ पाती थी प्राकृतिक उत्पादकता जो है उसका पूरा फल हमें नहीं मिलता था यह आदि टेक्नोलॉजी यानी शुरुआती जो दौर है उसकी इनिशियल टाइम पीरियड में इसी प्रकार

40:31 का प्रयोग किया जाता था भूमि की उत्पादकता को पूरी तरह से बाहर नहीं निकाल पाते और बहुत लेबर लगती थी इसलिए ज्यादा इस तरीके का काम करते नहीं थे 4 साल में एक बार जो है पूरी भूमि जो है उसकी जुताई करते थे और बहुत लेबर लगती थी अब फसल चक्र बहुत इंपॉर्टेंट है फसल चक्र क्या है देखो फसल चक्र ये पूरा खेत है है ना इस पूरे खेत को दो भागों में बांट दिया और यहां पर पहले हम गेहूं गेहूं बोएंग और दूसरी भूमि खाली रख देंगे है ना फिर दूसरे साल हम यहां पर इस भूमि पर जो है गेहूं या राई बोएंग और इसको खाली रखेंगे इस प्रकार से फसल चक्र काम करता था जो बिल्कुल बढ़िया नहीं था भूमि का नाश हो रहा है उर्वरता का नाश हो रहा है किसान बड़े दुखी हैं कुपोषण के शिकार हो रहे हैं उपज ही नहीं है खाएंगे क्या प्रोटीन विटामिन जो हमें

41:16 कार्बोहाइड्रेट चाहिए वो नहीं मिल पाएंगे और यह स्थिति बहुत खराब स्थिति थी शुरुआती दौर देखो भूमि को फसल चक्र को एक प्रभावहीन तरीके से उपयोग करें भूमि कितने भागों में बांटी दो भागों में पहली भाग में जब सर्दी का मौसम आया तो हमने गेहूं बो दिया है ना और जबक दूसरी भूमि को खाली छोड़ दिया परती यानी खाली छोड़ दिया फिर अगले वर्ष हमने खाली भूमि पर क्या बो दिया राई पहले यहां गेहूं बोया फिर वहां राई बोया और वह फर्स्ट वाली भूमि खाली पड़ी रही और इस प्रकार से धीरे-धीरे उर्वरता खत्म हो गई कुपोषण हुआ विनाश हो रहा है देखो ये लकड़ी का हल है जो खाली ऊपर ऊपर की भूमि को जो है खरो चगा और यह फसल चक्र है पहली भूमि में यहां हमने उगाया और ये खाली छोड़ दिया ग्रीन है यानी उगाया और यह ब्राउन जो दिख रहा है वो खाली छोड़ दिया दूसरी बार हमने इसको खाली छोड़ा और इसको

42:02 उगाया तीसरे साल फिर से यहां फसल उगाई एक भूमि को खाली छोड़ते थे यह द्वि चक्रीय टू फीड सिस्टम है ठीक है अब लॉर्ड क्या करेगा लॉर्ड तो मालिक है लॉर्ड कहेगा ज्यादा से ज्यादा उगाओ तुम्हारे खेत में तुम इच्छा हो जैसे करो मेरे तो इतनी सारी जमीन पड़ी है खाली जमीन पे भी तुम खेतीबाड़ी करो इसमें ज्यादा नहीं हो रहा है तो दूसरी जमीन पर करो तीसरी जमीन पर करो खूब ज्यादा खेतीबाड़ी करो लॉर्ड किसान को बहुत परेशान करता फिर जंगल है चरागाह है तो किसान अपने जानवर को चरा रहा है लॉर्ड कहता नहीं नहीं यह तो मेरा चरागाह है इस प्रकार से बहुत टक्कर जो है किसान में और लॉर्ड में चलती थी देखोगे लॉर्ड अपनी आय को बढ़ाना चाहता है इसलिए भूमि उत्पादन को बढ़ाना चाहता है भूमि उत्पादन तो आपको पता है एक साल में एक जगह पर ही बोएंग दूसरी खाली रहेगी लेकिन वो तो पूरी मैनर की जागीर का मालिक है ना तो वह कहेगा यहां छोड़ा तो दूसरे

42:49 खेत में काम कर लो इस प्रकार से कृषक को मैनर की जागीर की समस्त भूमि को खेतीबाड़ी योग्य बनाने के लिए वह बाध्य करते थे और इस प्रकार से निर्धारित समय से ज्यादा निर्धारित समय क्या था एक सप्ताह में तीन या चार दिन आपको काम करना है लेकिन वह चाहता ज्यादा काम करो चार नहीं पांच दिन मेरे खेत में काम करो मेरे उपज ज्यादा हो मुझे पैसा ज्यादा मिले मैं धनवान ज्यादा हूं अब किसान एकदम आमने-सामने तो लड़ नहीं सकता तो वह अपने खेतों में ज्यादा समय लगाता जानबूझकर देरी करता वहां नहीं जाता था विरोध तो नहीं कर सकता लेकिन निष्क्रिय प्रतिरोध करते थे अपने खेतों में ज्यादा समय लगा देते अधिकतर उत्पादन अपने लिए ही रखते थे चरागाह भूमि पर भी झगड़े होते थे क्यों क्योंकि लोगों के साथ विवाद इसलिए लॉर्ड कह रहा है यह मेरी भूमि है और किसान कह रहा है अरे ये तो सबकी भूमि है अब चलते हैं नई कृषि प्रौद्योगिक की नया

43:36 टेक्नोलॉजी में चेंज क्या आया बहुत शानदार चेंज आया 11वीं शताब्दी तापमान भी फेवरेबल हुआ यानी नेचर भी हमारे फेवरेबल हो गई और हमने भी चेंज करे बहुत शानदार अब देखोगे आप बहुत बढ़िया अब लकड़ी का हल नहीं है लोहे के फाल वाला हल है इसमें सांचे दार पटरा लगा हुआ है और इससे बहुत अच्छे से मिट्टी पलटेगी और बहुत बढ़िया उसके के मिट्टी के पौष्टिक तत्व जो हैं उत्पादकता को बढ़ाएंगे और इससे फसल बहुत अच्छी होगी देखो 11वीं शताब्दी एक तो एक तो हम हमारा साथ किसने दे दिया पर्यावरण भी साथ में ध्यान रखना पर्यावरण भी फेवरेबल है तापमान बढ़ गया है खेतीबाड़ी अब जंगल कम हो जाएंगे कृषि बढ़ जाएगी खेत बढ़ेंगे देखो यहां पर लोहे का हल कर लिया लकड़ी के स्थान पर और इससे बहुत गहरी खुदाई होगी और सांचे दार पटरा है वो मिट्टी को पलट देगा

44:22 इससे बहुत पौष्टिक तत्व जो है वह हमारे पास आएंगे देखो अब दूसरा परिवर्तन क्या हुआ पहले गले के अंदर जो है यह जुआ डालते थे अगर मेरे गले में बैग डालोगे तो मैं ज्यादा देर नहीं उसको कैरी कर सकती लेकिन कंधे पर लगा दो तो मैं ऊपर चढ़ जाऊंगी तब भी मुझे फर्क नहीं पड़ेगा पहले हमें इतना नॉलेज नहीं था तो जानवर जो है जिसको जुताई के लिए काम करते उसके गले में जुआ डालते लेकिन अब यह समझ आई कि कंधे में जुआ डालेंगे तो वह ज्यादा अच्छे से काम करेगा तो एक और चेंज ध्यान रखोगे पशुओं को हल हल में जोतने में तरीके में सुधार हुआ गले के स्थान पर क्या कर दिया कंधे पर जुआ बांध दिया गया अब यहां बांध दिया तो ये बहुत अच्छे से काम कर रहा है घोड़ा है घोड़े बहुत काम आते थे युद्ध वगैरह में घोड़ा दौड़ेगा उसके पैर में क्या होगा कील चुप जाएगी कुछ भी कंकर घुस जाएंगे तो अब यह

45:08 नया टेक्नोलॉजी भाई जानवर को जूते तो नहीं पहना सकते लेकिन घोड़ा तो बहुत काम आ रहा है हमारे उस समय युद्धों का दौर है तो यहां भी बुद्धि उसी समय आई घोड़े के पैर में क्या करते हैं ये लोहे का नाल है देखो ये दिख रहा है इसको फिट कर देते अब घोड़ा दौड़ेगा तो उसके खुर सुरक्षित रहेंगे तो यह भी नया प्र किया इसके साथ-साथ पानी में बहुत पावर है पानी से एनर्जी प्रोड्यूस की जा सकती हवा से एनर्जी प्रोड्यूस की जा सकती है और उससे अंगूर को पीसा जा सकता है शराब बनाई जा सकती है देखो वहां मेन दो चीज ही है पेट भरना है और शराब इनका प्रचलन बहुत ज्यादा है और इसको बनाने के लिए हाथ से काम कर रही थी महिलाएं बच्चे लेकिन अब हम जल की शक्ति पन शक्ति और पवन शक्ति देखो पानी से यह एनर्जी प्रोड्यूस होगी जिससे अंगूर पीसे जाएंगे जिससे अनाज

45:53 को पीसा जाएगा और ठीक इसी प्रकार जल है जल की शक्ति से भी चलने वाले कारखाने स्थापित हुए अब फसल चक्र भी परिवर्तित कर दिया पहले हमने दो भागों में बांटा था ना अब त्रिच कर्री फसल व्यवस्था शुरू करेंगे खेत को तीन भागों में अब हमने क्या कर दिया यह हमारा खेत है उसको हमने तीन भागों में एक दो तीन अब न साल में दो फसलें तो हो ही जाएगी डेढ़ डेढ़ साल के गैप से सर्दी में बोई फिर बसंत में बो दी गेहूं या राई बो दी फिर हमने मटर से मसूर बो दी जानवरों के लिए भी जवाब बाजरा बो दिया जानवरों को भी चारा मिला हमें भी खाना अच्छा मिला लाइफ जो है उसकी टाइम पीरियड बढ़ा जीवन की आयु बढ़ी प्रोटीन विटामिन कार्बोहाइड्रेट मिलने लगे मनुष्य स्वस्थ होने लगा अब खेत भी छोटे हो गए पहले खेत कैसे थे दो भागों

46:41 में बांटा तो बहुत बड़ा खेत होता अब हमने तीन भागों में बांट दिया तो खेत जो 100 10000 एकड़ होते थे अब 30 40 एकड़ हो गए जब छोटे खेत में काम करना होगा तो मैं फटाफट कर लूंगी और ज्यादा उत्पादन भी हुआ और मैं फ्री भी हो गई फ्री हुई तो मैंने दूसरा काम भी कर लिया तो इस प्रकार से किसान फ्री भी रहने लगे वो नेक्स्ट दूसरे काम में भी अपना दिमाग और अपना शरीर जो है एनर्जी है वह लगाने लगे तो बहुत बढ़िया हुआ भूमि के उपयोग के तरीके में क्या बदलाव आया पहले द्वि चक्रीय व्यवस्था थी दो खेत वाली और इसकी जगह पर हमने खेतों को तीन भागों में बांट दिया इससे कृषक तीन वर्षों में दो फसलें कितनी तीन सालों में दो फसल यानी डेढ़ साल के बाद वह एक और फसल बो देता था अपने खेत का उपयोग कर रहा एक फसल सर्दी में बोई वही आपने पहली पढ़ी थी

47:26 सर्दी में गेहूं और फिर दूसरी बार में उधर राई बोते थे इधर सर्दी में गेहूं या फिर राई कोई भी बो लेते थे और डेढ़ वर्ष के बाद दूसरी फसल बसंत में बोते थे अब जत को तीन खेतों में ज्योत यानी उसकी जो खेत में वह भाग जिस पर वो जुताई कर रहा है उसको तीन खेतों में बांटा अब मनुष्य के लिए सर्दी में तो गेहूं या राई बो रहे और इसी के साथ बसंत ऋतु में मटर सेम मसूर सेम जो है बींस को कहा है मसूर जो है वह बोर है घोड़ों के लिए जौ बाजरा यह भी बोया जा रहा है तो जानवर को भी चारा मिल गया और हमारे को भी खाना मिल गया इसका क्या प्रभाव पड़ा इससे सुधार से प्रति इकाई उत्पादन बढ़ गया भोजन डबल मिलने लग गया मटर सेम जैसे पौधों के उपयोग से यूरोपियन की आहार में प्रोटीन जो है वह बढ़ गया और बहुत अच्छा जो है जानवरों को भी चारा मिल गया अगर हमें

48:13 प्रोटीन मिल जाए तो बहुत ज्यादा उससे क्या होती है एनर्जी मनुष्य की लाइफ की जो एज का पीरियड है वह भी बढ़ जाता है तो इस प्रकार से ध्यान रखना है चारा भी मिल गया कृषकों को भी बेहतर आहार मिल गया अब ज्यादा भोजन जो है वह उगा रहे हैं और खेत का औसत आकार पहले कितना होता था 100 एकड़ अब 30 एकड़ तक रह गया 20-30 एकड़ अब बताओ एक तो मैं 100 एकड़ भूमि पर काम करूं और एक 20 एकड़ भूमि पर तो बहुत जल्दी-जल्दी फ्री हो जाऊंगी उत्पादन भी ज्यादा हो रहा है तो दोनों तरह से फायदा हो गया छोटी जत पर बहुत अच्छी तरह से कुशलता से खेतीबाड़ी हो रही है और क्रम श्रम चाहिए और इसी वजह से किसान अन्य एक्टिविटीज दूसरा काम भी कर सकता है खेती भी बढ़िया हो गई और फ्री भी रह रहा है टाइम भी बच गया और इसी टाइम को वह दूसरी जगह लगाकर अन्य कार्य को भी करने

48:58 लगा तो इस प्रकार से कृषकों की जीवन जो है बहुत बढ़िया हो गया अब टेक्नोलॉजी ई लाएंगे तो पैसा किसानों के पास थोड़ी है मैंने कह दिया पन चक्की लगा दी पवन चक्की लगा दी पैसा कहां से आएगा तो यहां पर थोड़ा सा लॉर्ड ने भी दया भाव रखा पहले जो भाव थे लॉर्ड के किसान का शोषण करना शोषण करना अब ऐसा नहीं लॉर्ड ने भी थोड़ा अच्छा व्यवहार रखा लॉर्ड ने पैसा लगाया धन नहीं होता तो कोई भी चीज नहीं आज मैं आपको पढ़ा रही हूं तो यहां पर सारा खर्चा लगा पैनल है आपको सारी क्लासेस डाली जा रही है आईटी में इतने सारे लोग काम करते हैं तब आप तक क्लासें आती है ना तो यह खर्चा कौन देगा मैं अगर अकेली करूं तो मैं इतना सेटअप नहीं कर सकती बड़ा आदमी बड़ा पैसा जब तक नहीं लगेगा बड़े लेवल पर काम नहीं होगा अब यह पं चक्की और पवन चक्की किसने लगाई यह

49:45 लॉर्ड की पहल रही लॉडों ने भी थोड़ा परिवर्तन किया अपने व्यवहार में और किसानों के प्रति थोड़ी सहानुभूति रखी और उन्होंने भी इस प्रकार से सारी जो आवश आवश्यकताएं थी अब लोहा है लोहे के हल है तो उसकी भटियां यह सब भी तो करने पड़ेंगे इस सब कार्यों में उन्होंने पहल करी तो किसानों ने भी पहल करी किसानों ने तीन चक्री फसल व्यवस्था करी खेत को तीन भागों में बांटा यानी सब मिलजुलकर इस 11वीं शताब्दी में परिवर्तन लेकर आते हैं और अब पर्याप्त धन तो नहीं है तो लॉर्ड के द्वारा पहल की गई पहल करने में सक्षम कौन रहे किसान भी रहे उन्होंने तीन चक्री व्यवस्था को अपनाया अब देखो गांव के अंदर लोहार की दुकान भी होगी भटिया भी होगी घोड़े की नाल कहां से आएगी कहां से तो उसकी शॉप्स भी जो है वह यहां पर लगाई गई सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन अब

50:31 सामंतवाद के पतन की तरफ जा रहे हैं अभी तक तो सामंतवाद बढ़चढ़ कर पड़ा अब एक नया टॉपिक नया चेंज बता रही हूं इतिहास का नया दौर देखो जब उपज बढ़ेगी पैसा आएगा मुद्रा आएगी व्यापार होगा पहले तो था ही नहीं खेतीबाड़ी है ही नहीं खाने को ई नहीं है भूखे मर रहे हैं कुपोषण हो रहा है अब जब बहुत सारी फसल मेरे पास होगी मान लो मैंने फैक्ट्री डाली खूब प्रोडक्शन किया तो प्रोडक्शन का क्या मतलब जब तक वो बेचू नहीं है ना तो बाजार चाहिए अगर मैं बेचूंगा पैसा आएगी तो ताकत आएगा ताकत आएगी तो मैं सामंतवाद को क्यों फॉलो करूंगी पहले क्या था कि भाई जैसे मान लो मैं एक किसी के मकान मालिक के घर में रह रही हूं अब उसने कह दिया आपको आकर यहां पर काम करना है ठीक है तो मैं वहां जाकर काम कर रही थी लेकिन अब मैंने अपना काम शुरू कर

51:16 दिया मेरे पास पैसा आ रहा है मैंने उसको कह दिया 10000 दे दूंगी मुझे परेशान नहीं करोगे तो अब इससे क्या हुआ वह जो अंडर में रहने वाली चीज थी वह टूट गई बहुत बढ़िया यहां पर रहा क्या यहां बढ़िया रहा सामंतवाद का पतन क्यों हुआ एक से एक टॉपिक लिंक्ड है पूरा अच्छे से फ्लो में चैप्टर पढ़ोगे तभी आगे का टॉपिक समझ में आएगा उत्पादन बढ़ा फसलें बढ़ी उपज बढ़ी तो उसे बेचना भी पड़ेगा बाजार भी स्थापित होंगे शहर स्थापित होंगे नगर बढ़ेंगे नगरी जनसंख्या बढ़ेगी और जब बेचेंगे खरीदेंगे तो पैसा आएगा और पैसा आएगा तो लॉर्ड को पैसा दे दो अब लॉर्ड के खेत पर हम जाकर काम नहीं करेंगे हम उन्हें पैसा भेज देंगे तो इस प्रकार से सामंतवाद टूटने लगेगा यह ध्यान रखना है 11वीं शताब्दी अब सामंतवाद

52:03 जो जिसका बेस था वो कमजोर हो गया क्योंकि अब हम आर्थिक लेनदेन किससे कर रहे हैं मुद्रा पर आधारित हो गया अब मुद्रा पर आधारित हो गया लॉर्ड को लगान हम सेवा नहीं कर रहे नकदी में दे रहे हैं लॉर्ड भी खुश है लॉर्ड को भी अच्छा लग रहा है कि मेरे कैश आ गए कृषि दास तो है ही है वह कर देंगे काम तो इस प्रकार लॉर्ड भी खुश और इसी के साथ-साथ किसान भी खुश सब खुश कैश पेमेंट किया और काम हो गया तो इस प्रकार से मुद्रा का प्रचलन बढ़ा और ये सुविधाजनक भी लगा किसान भी अपनी फसलों को व्यापारियों को मुद्रा में बेचना शुरू कर दिया जो पुनः उन वस्तुओ को शहर में बेचते अब किसान जो है अपनी फसल को क्या कर रहा है मार्केट में बेच रहा है और व शहर में ले जाकर बेच रहे हैं लॉर्ड को पैसा दे दिया किसान भी एकदम आराम से अपना खाना खा रहा है अपने आराम से जीवन जी रहा है और लॉर्ड को भी फायदा है उसको कैश मिल रहा है

52:49 इस प्रकार सब खुश है धन का प्रयोग बढ़ रहा है जैसे-जैसे धन का प्रयोग बढ़ेगा तो खराब अगर फसल हो गई तो उस समय फसल की कीमत बढ़ेगी जैसे इंग्लैंड में 1270 और 1320 के मध्य में कृषि मूल्य पहले कृषि मूल्य नहीं थे पहले खेती में काम करते आ गए हमने रेंट वेंट नहीं देना लेकिन अब कृषि मूल्य पर प्रभाव पड़ेगा जैसे ही फसलें खराब होगी तो मूल्य डबल हो जाएंगे क्या ऐसा हुआ यस ऐसा हुआ कब हुआ 1270 और 1320 के बीच में हुआ अब बात करते कृषि के विस्तार का जैसे जैसे खेतीबाड़ी बढ़ेगी बड़े-बड़े बाजार स्थापित होंगे विपणन केंद्र स्थापित होंगे जहां माल देगे देगे मान लो मैंने गेहूं उगाया आपने राई उगाई किसी ने क्या उगाया तो बाजार हाट बाजार लगेंगे जिसके पास जो चीज है वोह बेचेगा जिसको जो चाहिए खरीदेगा और

53:35 यह हम चल रहे हैं नगर की तरफ पूरी पिक्चर की तरह इस चीज को समझोगे ना कुछ भी याद नहीं करना है एकदम बढ़िया तरीके से एक-एक स्टेप को समझते चले जाओगे एक को एक से जोड़ते चले जाओगे रोमन साम्राज्य का पतन हुआ तो सामंतवाद का जन्म हुआ क्योंकि राजा नहीं रहा जर्मनी की जातियां आई और उन्होंने अधिकार करके अपना नाम दिया मुद्रा का प्रचलन होगा तो सामंतवाद टूटेगा क्यों कोई व्यवस्था आई क्यों कोई व्यवस्था टूटी क्यों उसका यूरोप में विकास हुआ यह सारा एक से एक लिंक है और उसके पीछे परिस्थितियां है एटमॉस्फेयर ठीक हुआ वातावरण बढ़िया हुआ तापमान बढ़ा खेतीबाड़ी बढ़ेगी मेरे पास पैसा होगा तो मैं गुलामी क्यों सहन करूंगी है ना तो जब बढ़िया खेतीबाड़ी हुई वह नेचर का भी सपोर्ट रहा और इसी वजह से कृषक जो है वह स्वतंत्र हुए

54:20 अब मैं पढ़ रही हूं चौथा वर्ग पढ़ा रही हूं अब एक नया वर्ग पढ़ा रही है चौ था वर्ग कौन सा है तीन वर्ग ही तो है चैप्टर का नाम पादरी वर्ग है अभिजात वर्ग है और किसान थे अब ये किसान जो स्वतंत्र हो रहा है जो बहुत बढ़िया फसलें उगा रहा है जो शहर में जा रहा है अब लोग शहरों की तरफ जा रहे हैं यही चौथा वर्ग है जनसंख्या में वृद्धि पहले लोग कुपोषण से मर रहे हैं खाने को था ही नहीं अब जब बहुत सारी फसल है तो जनसंख्या बढ़ेगी कि नहीं बढ़ेगी जनसंख्या बढ़ेगी तो शहर भी विकसित होंगे कि नहीं होंगे और इस प्रकार चौथा वर्ग जो है वह उदय होगा देखोगे नए नगर और नगरवासी कृषि का विस्तार हुआ और इससे जनसंख्या बढ़ी व्यापार बढ़ी और नगर देखो यह यह सारा का सारा खेल किसका है पर्यावरण ने साथ दिया 11वीं शताब्दी में अच्छी फसलें होने

55:07 लगी उपज बढ़ने लगी और इसी के साथ-साथ जब उपज बढ़ी जनसंख्या बढ़ी और इसी के साथ शहरों का विकास हो गया यूरोप की जनसंख्या कितनी थी पहले अगर हम बात करें 1000 में लगभग 420 लाख थी जो 1200 ईसवी में 620 लाख हुई 1300 ईसवी में 730 लाख हो गई अच्छा आहार मिल रहा है लंबा जीवन मिल रहा है औसत यूरोपियन आठवीं शताब्दी की तुलना में 10 साल ज्यादा जी रहा है पहले जो एज थी मान लो 50 साल इंसान जीता जिंदा रहता तो अब वो 60 साल जी रहा है क्योंकि खाना उसको बढ़िया मिल रहा है प्रॉपर एटमॉस्फियर है सब कुछ बढ़िया है विटामिन प्रोटीन कार्बोहाइड्रेट सब मिल रहे हैं तो 10 साल ज्यादा जीने लगा पुरुषों की तुलना में देखो महिलाओं का जीवन अवधि छोटी थी क्योंकि ज्यादा बढ़िया खाना पुरुषों को ही मिलता था अब बात करते हैं नगरों की जनसंख्या कैसे बढ़ी सब कहां से शुरू करोगे

55:53 11वीं शताब्दी से जब कृषि का विस्तार हुआ जनसंख्या का भार सहन करने में सक्षम हुई तब नगरों का यह देखो यह नगर विकसित हो रहे हाट बाजार लग रहे हैं विपन केंद्र स्थापित हो रहे लोग आ रहे हैं और एक और यहां पर अच्छी चीज थी क्या अच्छी चीज थी अगर कोई कृषि दस है जो बहुत अत्याचार से दुखी है लॉड के और व भाग करके एक साल और एक दिन क्या बोला मैंने एक साल और एक दिन अपने लॉर्ड की नजर से बच जाता तो फिर वो स्वतंत्र माना जाता लोग भाग करके नगरों की तरफ आने लगे वह कुशल कारीगर नहीं है लेकिन वह नगरों की तरफ आ रहे हैं भागकर जिन कृषकों के पास अपनी आवश्यकता से अधिक खाद्यान है वह क्या करेंगे उसको बेचेंगे भाई फसल बढ़ गई गांव में तो जितने लोग हैं उनको पेट भर गया अभी भी बहुत सारी फसलें हुई तो भेजो कहां पर जहां उनकी आवश्यकता

56:38 है तो वह बिक्री के केंद्र स्थापित होने लगे और वहां पर ये बिक रहे उपकरण कपड़े खरीद सके ऐसी जगह स्थापित हो गई और इस प्रकार से मियादी हाट मेले मियादी यानी टेंपररी हाट मेले यानी जहां आप कुछ वस्तु खरीद सको बेच सको वह हाट मेला कहलाता है विपणन केंद्रों का विकास हुआ और धीरे-धीरे नगरों के लक्षण विकसित हुए चौक बन गया सड़कें बन गई दुकानें बन गई कार्यालय स्थापित हो गए नगर बन गया शासन बन गया बात समझ में आई क्या सारा खेल किसका हुआ 11वीं शताब्दी फसलें ज्यादा हुई उपज ज्यादा हुई गांव वालों को जितना चाहिए वह तो हो गया सबकी फसल ज्यादा हुई है तो सभी लोग उसको ऐसी जगह पर बेचना चाहते हैं जहां लोग खरीद ले तो इस प्रकार से उसको लेकर जा रहे हैं कहां शहरों की तरफ जहां पर मंडी है जहां पर बाजार है जहां व्यापार किया जा सकता है जहां लेनदेन किया जा सकता है सब लोग आ रहे

57:25 हैं तो बढ़िया अच्छी तरह से वेल मैनेज बाजार बनेंगे अब लोग आने जा रहे तो सड़कें विकसित हुई बाजार विकसित हुई मंडियां स्थापित हुई वहां पर लोग खाने पीने की व्यवस्था करने लगे रहने लगे देखो आप कोई तीर्थ स्थल है तो वहां आसपास में कितने सारे बाजार लग जाते हैं कोई शनि भगवान का मंदिर है शनी भगवान की कितनी बोलबाला है छोटा सा मंदिर होता है धीरे-धीरे हम देखते देखते क्या देखते हैं कि इतना शानदार बन गया लोग इतना चढ़ावा लेकर आ गए और उसके आसपास जो आप देखोगे बैलून वाले सब्जी वाले फ्रूट वाले सारे आ जाते हैं क्यों तेल वाले क्योंकि उनकी भी तो पेट भरेगा उनको भी तो रोजगार मिलेगा तो जब किसानों की फसलें बढी तो बाजार स्थापित करें मियादी हाट बजा टेंपररी लेकिन धीरे-धीरे इतने बड़े होते चले गए सड़कें बन गई चौक बन गए कार्यालय बन गए और यह चौथा वर्ग है इस

58:12 प्रकार यह शहरी वर्ग जो है नया वर्ग स्थापित होता है यह चौथा वर्ग है विपणन केंद्र जब स्थापित हुए दुकाने हुई तो यहां पर जो है लोग आकर रहने लगे जनसंख्या बढ़ने लगी और यह चतुर्थ वर्ग जो है का उद थोड़ा सा अभी भी चैप्टर बच गया है व नेक्स्ट क्लास में मैं उसको एकदम बढ़िया तरीके से आपको कंप्लीट करवाने वाली हूं इसी के साथ आपसे आज्ञा लेना चाहूंगी धन्यवाद i

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