0:04 नमस्कार वेलकम टू करियर 247 मैं हूं प्रशांत धवन सो यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ अमेरिका में गवर्नमेंट शटडाउन कंप्लीटली इन इफेक्ट हो चुका है। मतलब कि इनके मिलिट्री बेसिस इनके इंपॉर्टेंट सरकारी बिल्डिंग्स हर जगह लोगों को यह कहा जाएगा कि बिना पगार के काम करो। अगर काम नहीं कर सकते तो बिल्कुल हट जाओ। तो बेसिकली आज के समय यूएस गवर्नमेंट बिल्कुल थम गई है। साल 2018 के बाद पहली बार हम देख रहे हैं कि एक कंप्लीट गवर्नमेंट शटडाउन हो चुका है यूएसए में। सिर्फ एक जगह यूएसए के जो सरकारी ऑफिसर्स हैं यह अभी भी काम करेंगे वो है एयरपोर्ट में। कि ऐसा ना हो कि कोई ऐसा आदमी सीधा एयरपोर्ट में पहुंच जाए और उसका पासपोर्ट वीजा चेक करने के लिए कोई हो ही ना और सीधा यूएसए में चला जाए। तो बस एयरपोर्ट में इमीग्रेशन का जो इनका
0:50 डिपार्टमेंट है वह एक्टिव रहेगा। बाकी उस सब के अलावा यूएस गवर्नमेंट कंप्लीट शटडाउन मोड में जा चुकी है। और डॉन्ड ट्रंप ने रिसेंटली अपने सोशल मीडिया हैंडल पर यह अजीब सी वीडियो पोस्ट करी। और यह वीडियो देखकर आपके मन में भी एक सवाल आएगा। वेट व्हाट डड आई जस्ट वाच? इसका मतलब क्या है? यह देखिए। इट्स डिस्कस्टिंग वीडियो [संगीत] अमेरिकन पीपल इन द फेस प्रेसिडेंटेड रिपब्लिकन। सो अब यहां पे आपके माइंड में आएगा कि ट्रंप ऐसी वीडियोस पोस्ट क्यों कर रहे हैं? क्या इशू आ गया कि आज के समय डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकनंस इस तरीके से आपस में भिड़ चुके हैं कि बिल्कुल यूएस
1:35 गवर्नमेंट का शटडाउन करना पड़ा। और यूएस गवर्नमेंट शटडाउन ये सिस्टम क्या है? हमारे यहां तो गवर्नमेंट शटडाउन कभी नहीं होती। हमारे यहां पॉलिटिकल पार्टीज खूब लड़ती है। कभी ऐसा नहीं देखा कि इंडियन गवर्नमेंट शटडाउन ये यूएस में ही शटडाउन क्यों होते हैं? समझाता हूं मैं आपको। नाउ यूनाइटेड स्टेट्स ऑफ़ अमेरिका में जैसे आप लोग जानते हैं दो मेन पॉलिटिकल पार्टीज हैं। और पार्टीज भी हो सकती है। मगर प्राइमरली दो पार्टीज डोमिनेट करती है। रिपब्लिकन पार्टी और डेमोक्रेट पार्टी। अब डेमोक्रेट पार्टी पर आरोप डोन्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी यह लगा रही है कि यह लोग सरकारी टैक्स पेयर का इस्तेमाल करके जो लोग इललीगली यूएसए में घुसे हैं ना उनको हेल्थ केयर प्रोवाइड करना चाहते हैं। नाउ यह बात ट्रंप के जो लोग हैं यह फैला रहे हैं। फॉर एग्जांपल इधर आप देख पाओगे जेडी
2:21 वैंस यूएसए के वाइस प्रेसिडेंट यह यहां पर कह रहे हैं कि डेमोक्रेट पार्टी के जो लोग हैं यह इन्होंने बहुत सारा टाइम और कई साल बर्बाद कर दिए। टैक्स फेयर फंडेड हेल्थ केयर देकर टू इललीगल एलियंस जो इललीगली यूएसए में आ चुके हैं। जैसे आप लोग जानते हैं ट्रंप के टेन्योर का एक बहुत ही बड़ा टारगेट यह है कि जो बाहर के लोग आ गए हैं इललीगल एलियंस यूएसए में आ गए हैं उनको यह यूएसए से बाहर निकालेंगे। हालांकि ट्रंप मास स्केल पर अभी भी ये कर नहीं पाए हैं। जो इन्होंने वादे किए थे उस स्केल पर यह इललीगल एलियंस या इललीगल इमीग्रेंट्स को नहीं हटा पाए हैं। अब यहां पर यह लोग कह रहे हैं कि जो सेनेट डेमोक्रेट्स हैं, यह शटडाउन कर रहे हैं गवर्नमेंट और पूरी इकॉनमी को बिल्कुल बंदी इन्होंने बना के रख दिया है। दे आर होल्डिंग द होस्टेज इकॉनमी बिकॉज़ दे वांट टू रीइंस्टेट दोज़
3:07 बेनिफिट्स फॉर इललीगल एलियंस। ट्रंप ने यह कहा जो इललीगल तरीके से यूएसए में घुसा है उसको हेल्थ केयर का कोई बेनिफिट हम नहीं देंगे। सरकार से कुछ उसको सहायता नहीं मिलेगी अपनी सेहत या फिर कई ऑपरेशन कराना है उससे रिलेटेड। मगर जेडी वेंस के हिसाब से डेमोक्रेट्स इसको रीस्टेट करना चाहते हैं। नाउ अगेन आप अगर डेमोक्रेट्स की बात सुनोगे वो लोग कह रहे हैं कि नहीं नहीं नहीं हमारे मुद्दे और भी बहुत सारे हैं। यह डोनल्ड ट्रंप भ्रामक तरीके से अमेरिकन पब्लिक को यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि हम बस इललीगल जो एलियंस हैं उनके सपोर्ट में यूएस गवर्नमेंट को शटडाउन कर रहे हैं। जो डेमोक्रेट पार्टी है जहां पर जो बाइडन, बराक ओबामा बड़े लीडर हैं। उनका यह कहना है कि देखिए हमारा मुद्दा यह है कि ट्रंप जिस तरीके से फॉरेन एड फंडिंग कट
3:52 कर रहे हैं उससे हम डिसए्री करते हैं। फॉरेन एड फंडिंग अभी भी चाहिए कई जगह वो बहुत इंपॉर्टेंट है। फिर यह कह रहे हैं कि अफोर्डेबल केयर एक्ट में जो सब्सिडीज हैं यह परमानेंट बनाकर रखो। हम चाहते हैं सब्सिडीज खत्म ना हो जाए। इनके कई इशूज़ हैं यहां पर रिगार्डिंग रिसेशन एक्ट ऑफ 2025 और ये लोग यह भी चाहते हैं कि डोन्ड ट्रंप जो एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पास करके रातोंरात नए कानून बना रहे हैं इसमें भी कहीं ना कहीं कुछ अकाउंटेबिलिटी होनी चाहिए। कुछ एक आप कह लीजिए डॉनल्ड ट्रंप को जवाबदेही कहीं ना कहीं देनी चाहिए क्योंकि ट्रंप अचानक से खुद ही एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर से बड़ा डिसीजन ले लेते हैं। तो यह सारी चीजें हैं जो डेमोक्रेट पार्टी कह रही है कि हम डिमांड करते हैं और यूएसए में आप समझ सकते हैं इसी बात पे ठन गई है। रिपब्लिकन पार्टी के लोग कह रहे हैं हम तुम्हारी मांगे स्वीकार
4:38 नहीं करते क्योंकि तुम्हारा मेन मुद्दा यही है कि जो इललीगली लोग देश में आ रखे हैं तुम उनको सब्सिडीज में सरकारी टैक्स सब्सिडीज उन पे खर्चना चाहते हो। डेमोक्रेट्स कह रहे हैं नहीं नहीं नहीं नहीं हमारा और भी बहुत सारे यहां पे इश्यूज हैं। इसी बात को लेकर ठन गई और जो डेमोक्रेट पार्टी के लोग हैं इन्होंने यूएस के पार्लियामेंट जो रीसेंट बिल्स पास होने थे उस पर रोक लगा दी और कह दिया अच्छा ठीक है अगर हमारी बातें नहीं मानी जाएगी ना तो पूरा का पूरा गवर्नमेंट शटडाउन होगा। साल 2018 के बाद 7 साल में पहली बार यूएस गवर्नमेंट का शटडाउन होगा। इंटरेस्टिंग बात देखिए इससे पहले जो शटडाउन हुआ था यूएस गवर्नमेंट का वह भी डोन्ड ट्रंप के टेन्योर में ही किया था डेमोक्रेट पार्टी ने और यह यूएस में ही
5:23 क्यों होता है इंडिया में क्यों नहीं होता देखिए यूएस का सिस्टम अलग है यूएसए में खास टाइप का एक्ट एगिस्ट करता है दी एंटी डेफिशिएंसी एक्ट इस एक्ट के अंडर अगर समझौता नहीं होता यूएस की पॉलिटिकल पार्टीज में तो यूएस के जो बिल्स हैं मतलब खर्चे के बिल ये मैं वो कानून वाले बिल की बात नहीं कर रहा जो इनके स्पेंडिंग के बिल्स हैं, इसकी पेमेंट नहीं हो पाएगी। तो यह पावर है यूएस में कि अगर मान लीजिए कोई बहुत ही बड़ा मुद्दा है उसको लेकर दोनों बड़ी पार्टीज में या फिर जितनी भी पार्टीज हैं उनमें समझौता नहीं हो पा रहा तो बिल्कुल गवर्नमेंट शटडाउन हो सकती है। ये मेरे हिसाब से काफी एक डेंजरस एक्ट है। क्योंकि जैसे मैंने आपको बताया आज के समय यूएसए के मिलिट्री बेसेस इनकी जो फॉरेन
6:10 फंडिंग के और सेंटर्स हैं और दुनिया भर की चीजें जो यूएस करता है सिवाय इमीग्रेशन के हर जगह फंडिंग रुक चुकी है और हमें नहीं पता कि यह जो लॉकडाउन है कब तक चलेगा। क्या ट्रंप पीछे हटेंगे यहां पे? क्योंकि कहीं ना कहीं कुछ समझौता होगा तभी गाड़ी आगे बढ़ेगी। मान लीजिए यह शटडाउन कई हफ्तों तक चलता रहता है ऐसे तब क्या होगा? यूएसए के जो कई सरकारी ऑफिसर्स हैं, कई जो सरकारी यहां पे एंप्लाइजज़ हैं, उनकी नौकरियां आ जाएंगी या वो नौकरी छोड़ देंगे। दिस इज रियली डेंजरस। भारत में ना इसलिए यह एंटी डेफिशिएंसी एक्ट नाम की कोई चीज है नहीं। हमारे यहां सिंपल होता है वोट एंड अकाउंट। अगर मान लो बजट प्रेजेंट किया गया। बजट को लेकर हंगामा हो गया पार्लियामेंट में और बजट मान लीजिए पास
6:55 नहीं हो पाया पार्लियामेंट में। उस केस में गवर्नमेंट एक वोट ऑन अकाउंट प्रेजेंट कर सकती है। जिससे जो भारत का कंसोलिडेटेड फंड ऑफ इंडिया है उससे इतना पैसा निकलता रहे जिससे सैलरीज, डिफेंस और वेरियस और जो प्रोग्राम्स हैं वो कई महीनों तक चलते रहेंगे। तो भारत में आई मीन देखो अगर कोई कल को बिल्कुल ही कोई ऐसी पॉलिटिकल पार्टी आ जाती है जो कहती है कि हमें कोई परवाह ही नहीं है। हमारी मांगे जब तक नहीं होंगी हम तो कुछ होने नहीं देंगे और जो सरकार है उनके पास प्रॉपर नंबर्स नहीं है अगर पार्लियामेंट में तो प्रॉब्लम आ सकती है। वह भी कई महीनों बाद आएगी। बट यूएस का सिस्टम ऐसा है जहां पे कांस्टेंटली आपको यह एनश्योर करना होगा कि पॉलिटिकल पार्टीज गवर्नमेंट के साथ एग्री करती है। नहीं तो गवर्नमेंट शटडाउन बिल्कुल एक रियलिटी है। अब अब आने वाले समय में देखना होगा कि
7:41 ट्रंप यह शटडाउन कब तक बर्दाश्त करते हैं? क्या होगा? क्योंकि ऑब्वियसली इससे यूएस की इकॉनमी को भी नुकसान होने वाला है। ऑलरेडी यूएस में बताया जा रहा है। रिसेशन का खतरा बना हुआ है आने वाले क्वटर्स में। क्या इस शटडाउन के बाद रिसेशन एमिनेंट हो जाएगा? यह देखना होगा। और वैसे मैं आपको एक बात बताता हूं। मैं वैसे ही डोन्ड ट्रंप का जो यह सोशल मीडिया इनका प्लेटफार्म है ट्रुथ सोशल। यह देख रहा था वीडियो बनाने के लिए जो एक कुछ इंफॉर्मेशन थी यहां से मैंने कलेक्ट करी। मैंने मोदी जी की ट्वीट देखी। मोदी जी ने भी जो ट्रंप का ट्रुथ सोशल प्लेटफार्म है। ज्वाइन कर रखा है। तो यहां पे गाज़ा को लेकर मोदी जी ने ट्वीट करी कि मैं गाज़ा प्लान को लेकर ट्रंप का बिल्कुल समर्थन करता हूं। अच्छा प्लान है। और डॉनल्ड ट्रंप ने रीट्वीट भी किया है इसको। मैं नीचे कमेंट्स पढ़ रहा था अमेरिकनंस की। क्या अजीब ही मतलब
8:29 दुनिया है ट्रंप की। इनकी पोस्ट दिखाता हूं। आप कहोगे यह तो इंडिया में एक दूसरे को लेफ्ट विंग राइट विंग बोलते रहते हैं ना। तू भागता है तू यह चमचा तू ये वो एक दूसरे को बोलते रहते हैं मतलब लड़ते रहेंगे। जबकि जो बड़े-बड़े इन्फ्लुएंसरर हैं राइट विंग लेफ्ट विंग के। कोई यूरोप में रहता है, कोई अमेरिका में रहता है। मतलब वो इंडिया में रहते नहीं है। इंडिया में रह के ना मतलब एक दूसरे को लोग गले निकालते रहेंगे सोशल मीडिया पे। ये चीज मुझे कभी समझ नहीं आएगी। अब हमारे यहां जो होता है वो होता है। इनके यहां देखो अलग ही दुनिया चल रही है। ठीक है? नीचे यहां पे देख पाओगे डोनल्ड ट्रंप नॉट मीन ईवल नहीं ना रेसिस्ट नहीं हेटफुल नहीं बस एक ऐसा आदमी जो अपने कंट्री के लिए बेस्ट चाहता है। आई मीन इससे क्या रिलेशन है इसका यहां पर और नीचे आप देख पाओगे ऐसे पोस्टर्स और द ग्रेटेस्ट पीस मेकर ऑफ ऑल
9:15 टाइम आई मीन नॉर्थ कोरिया लेवल का इंडिया में ना ऐसा कहीं नहीं होता। आई मीन और दिखाता हूं आपको। एक यह था हां यह द वर्ल्ड यूनाइटेड इज अ ब्यूटीफुल थिंग पूरी दुनिया के सभी देश अमेरिकन फ्लैग के अंडर आई मीन क्रेंज होने के मामले में ना अमेरिकनंस कई मामलों में बहुत बहुत आगे निकल चुके हैं। जो ट्रंप का वोटर बेस है ना वो सच में इनको कोई अंतरात्मा ही मानता है कि यह आदमी तो बस ग्रेटेस्ट पीस मेकर ऑफ ऑल टाइम और सबसे बढ़िया आदमी है। इससे बढ़िया कोई आदमी हो नहीं सकता। यह अलग ही दुनिया है ट्रंप की ट्रुथ सोशल में। खैर एनीवे देखिए लोग काफी बार कहते हैं कि जॉब्स की कमी हो रही है। बट इन रियलिटी जॉब्स बढ़ती जा रही हैं। बस लोग सही जगह सर्च नहीं कर रहे। रिसेंटली यूएस की एक
10:02 यूनिवर्सिटी ने एक बहुत ही इंटरेस्टिंग रिसर्च पब्लिश करी। इन लोगों ने यह कहा कि कुछ स्पेसिफिक करियर ऑप्शंस हैं जिसकी डिमांड बहुत ही ज्यादा बढ़ने वाली है दुनिया भर में। इधर आप देख पाओगे द एंप्लॉयमेंट ऑफ डाटा साइंटिस्ट इज प्रोजेक्टेड टू ग्रो बाय 36% फ्रॉम 2023 टू 203। यह बाकी जो और एवरेज ऑक्यूपेशंस हैं उनसे कई ज्यादा गुना बढ़ने वाली है। और इवन हमारे प्यारे भारत में आप देखोगे अब खुल के ऐसे आर्टिकल्स पब्लिश होने स्टार्ट हो गए हैं कि इकोनॉमिक्स में पढ़ाई करें या डाटा साइंस में। सैड बात यह है कि आप में से कई लोगों के पेरेंट्स को डाटा साइंस के बारे में पता भी नहीं होगा कि आज के समय दिस हैज़ बिकम अ ग्रेट करियर ऑप्शन फॉर मेनी पीपल। जो डाटा साइंटिस्ट एक वेल रेप्यूटेड एक अच्छी कंपनी में लग
10:48 गए हैं। दे आर अर्निंग अ लॉट। और इवन आप अगर एक इंडियन स्टार्टअप में भी एज अ डाटा साइंटिस्ट काम कर रहे हैं। आप एक अच्छी सैलरी अर्न कर सकते हैं। क्वेश्चन यहां पर यही है कि क्या आप इतने अवेयर हैं कि बदलते समय के हिसाब से जो न्यू एज जॉब्स हैं उनके लिए आप खुद को स्किल कर पाओगे या नहीं कर पाओगे? क्योंकि इवन वर्ल्ड इकोनमिक फोरम की रिपोर्ट यह कहती है कि डेटा एनालिस्ट, एआई स्पेशलिस्ट, मशीन लर्निंग इंजीनियर्स, डेटा साइंटिस्ट इन सब की डिमांड इन द फ्यूचर बहुत ज्यादा बढ़ने वाली है। और यहीं पर आपकी हेल्प करने के लिए आता है करियर 247। करियर 247 का स्टेट ऑफ द आर्ट डेटा साइंस कोर्स विद जनरेटिव एआई आपको फ्यूचर जॉब्स के लिए प्रिपेयर करता है। और वैसे मार्केट में देखो सिंस डेटा साइंटिस्ट की इतनी डिमांड है। कोर्सेज भी आपको काफी मिलेंगे। ज्यादातर कोर्सेज में आपको प्रीरिकॉर्डेड क्लासेस
11:34 मिलती हैं और कुछ टूल्स आपको दे देंगे और बोल देंगे गुड लक खुद अपने आप सीखते रहो जबकि आप जो करियर 247 का कोर्स है इसमें आप देखोगे आपको लाइव क्लासेस मिलती है 260 आवर्स ऑफ लाइव क्लासेस जो वीकेंड्स में होगी आप वीकेंड्स में लाइव क्लास करिए अपनी वीक डे में प्रैक्टिस करिए अपनी क्राफ्ट स्किल्स अपनी कांस्टेंटली इंप्रूव करते रहिए करियर 247 के डाटा साइंटिस्ट कोर्स में आपसे हम प्रोजेक्ट भी करवाएंगे आपको बेसिकली जो स्किल्स मिल रही है इनको यूज कैसे करना है रियल लाइफ में यह भी आप सीख पाएंगे।