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संक्षिप्त सारांश

इस वीडियो में, कॉस्मिक श्रद्धा ज्योतिष के मूल तत्वों पर चर्चा करती हैं, जिसमें राशियाँ, तत्व (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल) और उनकी विशेषताओं का विश्लेषण शामिल है। वह बताती हैं कि कैसे ये तत्व हमारे व्यक्तित्व, व्यवहार और जीवन की घटनाओं को प्रभावित करते हैं। इसके अतिरिक्त, वह चर, स्थिर और द्विस्वभाव राशियों के महत्व और उनके प्रभावों पर प्रकाश डालती हैं, और दर्शकों को अपने जन्म चार्ट का विश्लेषण करके स्वयं को बेहतर ढंग से समझने के लिए प्रोत्साहित करती हैं।

मुख्य बातें:

  • राशियाँ और उनके तत्व व्यक्तित्व को आकार देते हैं।
  • तत्वों का संतुलन स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण है।
  • चर, स्थिर और द्विस्वभाव राशियाँ जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करती हैं।
  • आत्म-जागरूकता के लिए जन्म चार्ट का विश्लेषण आवश्यक है।

पहला भाव और राशियों का प्रभाव

पहले भाव में स्थित राशि हमारी पर्सनालिटी और व्यवहार को निर्धारित करती है। उदाहरण के लिए, यदि मेष राशि (अग्नि तत्व) पहले भाव में है, तो व्यक्ति ऊर्जावान और उत्साही होगा। प्रत्येक राशि के अपने कारक तत्व होते हैं, जो व्यक्तित्व में दिखाई देते हैं। बाद में, हम ग्रहों को इन राशियों में स्थापित करेंगे, जिससे यह पता चलेगा कि वे कैसे व्यवहार करते हैं।

ग्रहों का प्रभाव और संगति का असर

जिस प्रकार एक सब्जी बनाने के लिए विभिन्न सामग्रियों की आवश्यकता होती है, उसी प्रकार ज्योतिष में ग्रहों को राशियों में स्थापित करने से उनके व्यवहार पर प्रभाव पड़ता है। ग्रह उस राशि के अनुसार व्यवहार करते हैं जिसमें वे स्थित हैं। उदाहरण के लिए, यदि राहु को मेष राशि में स्थापित किया जाता है, तो वह आक्रामक तरीके से भ्रम पैदा करेगा, जबकि मिथुन राशि में वह चालाकी से भ्रम पैदा करेगा। संगति का भी गहरा प्रभाव पड़ता है, और भौगोलिक परिस्थितियाँ भी हमारे शारीरिक स्वरूप को प्रभावित करती हैं।

तत्वों का महत्व

तत्वों (अग्नि, पृथ्वी, वायु, जल) का ज्ञान ज्योतिष और अन्य वैदिक विद्याओं को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। ये तत्व पंच महाभूतों से बने हैं और हमारी शारीरिक और मानसिक स्थिति को प्रभावित करते हैं। प्रत्येक तत्व का संतुलन आवश्यक है; असंतुलन विभिन्न प्रकार की समस्याओं का कारण बन सकता है। उदाहरण के लिए, अग्नि तत्व के बढ़ने से क्रोध और पाचन संबंधी समस्याएँ हो सकती हैं, जबकि इसके घटने से आलस्य आ सकता है।

तत्वों का असंतुलन और उसके लक्षण

यदि कोई व्यक्ति हर चीज में जल्दबाजी दिखाता है और आसानी से क्रोधित हो जाता है, तो उसमें अग्नि तत्व का असंतुलन है। यदि कोई व्यक्ति आलसी है और काम शुरू करने में असमर्थ है, तो उसमें अग्नि तत्व की कमी है। इसी प्रकार, तत्वों के असंतुलन को पहचानकर और उन्हें संतुलित करके जीवन को सुधारा जा सकता है।

अग्नि तत्व के लक्षण और उपाय

अग्नि तत्व के बढ़ने से क्रोध, अहंकार और दुर्घटनाएँ हो सकती हैं, जबकि इसके घटने से इच्छाशक्ति की कमी और आलस्य आ सकता है। सूर्य नमस्कार जैसी शारीरिक गतिविधियाँ अग्नि तत्व को संतुलित करने में मदद कर सकती हैं।

पृथ्वी तत्व के लक्षण और महत्व

पृथ्वी तत्व रोटी, कपड़ा और मकान जैसी बुनियादी आवश्यकताओं से जुड़ा है। इस तत्व के खराब होने पर असुरक्षा की भावना आती है। पृथ्वी तत्व को मजबूत करने से जीवन में स्थिरता आती है और भविष्य की चिंता कम होती है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के संतुलन के लिए पृथ्वी तत्व का महत्व है।

वायु तत्व के लक्षण और उपाय

वायु तत्व सबसे अधिक परेशान करने वाला तत्व है, जिसके असंतुलन से चिंता, घबराहट और गैस्ट्रिक समस्याएँ होती हैं। कलयुग में वायु दोष सबसे अधिक है, क्योंकि शारीरिक श्रम कम हो गया है और मानसिक तनाव बढ़ गया है। प्राणायाम और ध्यान वायु तत्व को संतुलित करने के सर्वोत्तम उपाय हैं।

वायु तत्व का प्रभाव और आधुनिक जीवन शैली

वायु तत्व विचारों और संचार से जुड़ा है। आधुनिक जीवन शैली में जंक फूड, देर रात सोना और मोबाइल का अत्यधिक उपयोग वायु दोष को बढ़ाते हैं। छोटे-छोटे कंटेंट देखने से विचारों में अस्थिरता आती है। प्राणायाम और क्लासिकल संगीत सुनने से वायु तत्व को नियंत्रित किया जा सकता है।

जल तत्व के लक्षण और उपाय

जल तत्व भावनाओं और हीलिंग से जुड़ा है। जल तत्व वाले लोग जल्दी घुल-मिल जाते हैं, लेकिन वे आसानी से आहत भी हो जाते हैं। जल तत्व के खराब होने पर व्यक्ति पुरानी बातों को पकड़ कर रखता है और भावनात्मक रूप से अस्थिर रहता है। पवित्र नदियों में स्नान और शिवलिंग पर जल चढ़ाना जल तत्व को संतुलित करने के सर्वोत्तम उपाय हैं।

जल तत्व का महत्व और आध्यात्मिक विकास

जल तत्व शरीर में 75% होता है और भावनाओं को नियंत्रित करता है। जल तत्व का संतुलन आध्यात्मिक विकास के लिए आवश्यक है, क्योंकि यह अनासक्ति और मोक्ष की ओर ले जाता है। अटैचमेंट जल तत्व को खराब कर देते हैं, इसलिए डिटैच होना महत्वपूर्ण है।

चर, स्थिर और द्विस्वभाव राशियाँ

चर राशियाँ (मेष, कर्क, तुला, मकर) गतिशीलता और परिवर्तन का प्रतीक हैं। स्थिर राशियाँ (सिंह, वृश्चिक, कुंभ, वृष) स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक हैं। द्विस्वभाव राशियाँ (धनु, मीन, मिथुन, कन्या) दोहरे स्वभाव और अनुकूलनशीलता का प्रतीक हैं। जन्म पत्रिका में इन राशियों की स्थिति जीवन के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित करती है।

चर राशियों का प्रभाव

चर राशियाँ जीवन में गतिशीलता लाती हैं। यदि लग्न में चर राशि है, तो व्यक्ति गतिशील और परिवर्तनशील होगा। यदि चौथे भाव में चर राशि है, तो व्यक्ति के पास कई संपत्तियाँ हो सकती हैं या उसका निवास स्थान बदलता रहता है।

स्थिर राशियों का प्रभाव

स्थिर राशियाँ स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक हैं। यदि लग्न में स्थिर राशि है, तो व्यक्ति के विचारों को बदलना मुश्किल होता है। यदि छठे भाव में स्थिर राशि है, तो रोग, ऋण और शत्रु लंबे समय तक बने रहते हैं।

द्विस्वभाव राशियों का प्रभाव

द्विस्वभाव राशियाँ दोहरे स्वभाव और अनुकूलनशीलता का प्रतीक हैं। यदि लग्न में द्विस्वभाव राशि है, तो व्यक्ति की पर्सनालिटी में दोहरापन होता है। यदि सप्तम भाव में द्विस्वभाव राशि है, तो पार्टनर में दोहरा स्वभाव हो सकता है।

उपाय और निष्कर्ष

ज्योतिष का अध्ययन करते समय धैर्य रखना महत्वपूर्ण है। सात्विक, राजसिक और तामसिक गुणों का अध्ययन करके ज्योतिष की यात्रा को और भी सफल बनाया जा सकता है। तत्वों, राशियों और गुणों का विश्लेषण करके व्यक्ति अपने जीवन को बेहतर ढंग से समझ सकता है और समस्याओं का समाधान कर सकता है।

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Transcript

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0:07 ठीक है? तो एग्जांपल के लिए हम पहले भाव को हमारा पर्सनालिटी बॉडी यह सब बोलते हैं। अब उस पहले भाव में कौन सी राशि की ऊर्जा है वो डिसाइड करेगी कि हमारी पर्सनालिटी के बिहेवियर्स कैसे हैं। एग्जांपल के लिए अगर उसमें अग्नि तत्व की राशियां आ रही है पहले भाव में आप देखेंगे अपनी राशि उठा के अपना चार्ट उठा के बर्थ चार्ट तो उसके अंदर नंबर लिखे हुए हैं उन उन खानों के अंदर वो खानों के नंबर क्या है बेसिकली वो राशियों के नंबर लिखे हुए हैं उसमें जो भी नंबर तो आप लगन में किसी के दो देखोगे तीन देखोगे 10 देखो तो वो राशि के नंबर है तो अब भाई ये इंसान ये भाव दिखा रहा है कि ये पर्सनालिटी को

0:53 दिखाता है ओवरऑल अब कैसी पर्सनालिटी? शांत पर्सनालिटी, लड़ाई करने वाली पर्सनालिटी, कम बोलने वाली, इंट्रोवर्ट, एक्सट्रोवर्ट कैसी पर्सनालिटी है? ये कौन डिसाइड करेगा? फिर बाद में वो कौन सी राशि बैठी हुई है? उस राशि के क्या कारक तत्व है? वो ट्रेड्स उस पर्सनालिटी में आपको झलक झलकेंगे। अगर सपोज वहां पर एक नंबर आ रहा है मेष राशि अगर आ रही है तो अग्नि तत्व की राशि है सामने आप जो पीपीटी दिख रही है ना सब लोगों को पीपीटी दिख रही है सबको >> यस मैम >> हां ठीक है >> तो अगर लग्न के अंदर एरीज आ रहा है तो

1:40 अग्नि तत्व की राशि आ रही है मतलब इस पर्सनालिटी में जिसकी भी है यह पर्सनालिटी भैया बड़ी फायरी नेचर की है। अभी हम जब एरीज के ट्रेड समझेंगे तब आपको और बेटर अंडरस्टैंडिंग होएगी कि हां अच्छा ये भैया लग्न है इसका मेष लग्न है। मेष लग्न अब मेष की जो भी हम चीजें समझेंगे उससे पता चल जाएगा कि ये इस आदमी के एट्रिब्यूट्स है। ये जल्दी-जल्दी चलता है। जल्दी-जल्दी बोलता है। एक्शन ओरिएंटेड है। अग्नि इसके अंदर है। फायर इसके अंदर है। तेज इसके अंदर है। यह झगड़ा जल्दी से कर सकता है। शांत भी जल्दी हो जाएगा। मारपिटाई भी कर सकता है। गुस्से स्वभाव होगा। ये सारे उस पर्सनालिटी के ट्रेट्स अब कौन डिफाइन कर रहा है? उसमें बैठे हुए जो राशि है। अब

2:29 इसके बाद में हम क्या बिठाने वाले हैं? जब 12 राशियां हम पढ़ लेंगे। उसके बाद में हम उन राशियों के अंदर हम बिठाएंगे प्लनेट्स को। अब प्लनेट्स को बिठा के क्या हो जाएगा? मतलब मैं हमेशा बोलती हूं कि एक सब्जी बन रही है। आपको कुछ पनीर की सब्जी बनानी है। तो पनीर की सब्जी बनानी है तो 10 चीजें आप लेकर आते हैं पहले बाजार से। मसाले भी होंगे उसमें। ग्रेवी भी बनेगी उसकी। एंड में पनीर डलेगा। तो वो पूरी फिर वो मिक्स होके एक डिश बनती है। तो इसी तरीके से अभी हम एक एक चीजों को इकट्ठा कर रहे हैं। फिर एंड में हम उन सब चीजों को मिक्स करेंगे। तो जब ग्रह बैठा देंगे उसमें तो वह ग्रह कैसा बिहेव करेगा? आपके घर में कोई इंसान आया। आप सिर्फ सिंपल ऐसेसे ऐसे मैनिफेस्ट

3:17 करो। एक स्टोरी के जैसे स्टोरी के जैसे लोगे तो बहुत सिंपल हो जाएगा समझने में। बहुत ज्यादा टिपिकल लैंग्वेज में ज्योतिष के लैंग्वेज में अगर सीखना है तो वो हार्ड है। तो जितना स्टोरी टेलिंग में सुनोगे उतना आप लोगों के लिए आसान है। आपको कहीं लिखना भी नहीं पड़ेगा। तो एग्जांपल के लिए आपके घर के अंदर कोई एक भाव है। भाव घर है। घर के अंदर एक गुंडा प्रवृत्ति का घर एक इंसान रह रहा है। तो उसके अंदर उस भाव में कैसी है? उस घर में एनर्जी कैसी है? मतलब एकदम फियर सी एनर्जी है। गुस्से वाली एनर्जी रहती है। ठीक है? अब उसके अंदर हमने कोई प्लनेट बैठा दिया। सपोज हमने एक नंबर के लग्न था या दो नंबर का था। तीन कुछ भी हो सकता है। उसके अंदर हमने जुपिटर बैठा दिया। एग्जांपल तो अब जुपिटर कैसे

4:04 बिहेव कर रहा है? जुपिटर बिहेव कर रहा है उस राशि के हिसाब से। जुपिटर जो ग्रह आया उसने सारी एनर्जी अब्सॉर्ब कर ली। अब वो बिहेव कर रहा है उसके हिसाब से। एग्जांपल के लिए अगर अपन बोलते हैं ना संगति का असर पड़ता है। जैसी माहौल और संगति में रहोगे आप वैसे ही हो जाओगे। इवन जग्राफिकल कंडीशन हमारे ऊपर बहुत इंपैक्ट करती है। अगर आप बहुत लंबे समय तक किसी ठंडी जगह रहेंगे तो जो आपके बच्चे होंगे ना वो वहीं से मिलते जुलते होंगे। चाहे आप इंडियन है आप फॉरेन चले गए और वहां पे अगर आपके बच्चे हुए हैं तो उनका जो शक्ल सूरत और उनका जो कॉम्प्लेक्शन होगा वो फेयर आएगा। वहां से मिलताजुलता हो जाएगा क्योंकि ज्योग्राफिकल कंडीशन आपके

4:51 सारे जो बॉडी का जो एक स्ट्रक्चर है उसको डिसाइड करती है। तो वैसे अगर सपोज अ कोई लग्न है एरीज अब उसके अंदर हमने सपोज एग्जांपल मंगल राहु बिठा दिया। एक बहुत ही इल्लुजन का प्लनेट है। अब वो कैसे इल्लुजन क्रिएट करेगा? मंगल की एनर्जी एरीज की वजह से करेगा। मतलब इल्लुजन वो बहुत गुंडागर्दी के साथ में क्रिएट करेगा। नहीं मेरी ये चीज मानो। ये चीज उनको माननी पड़ेगी। डोमिनेट करेगा क्योंकि एरीज का नेचर है डोमिनेट करना। अब सपोज़ वही राहु को हमने मिथुन राशि में बिठा दिया तो वो कैसे मैनपुलेट? राहु का नेचर है मैनपुलेट करना, इल्लुजन क्रिएट करना। तो अब वो किस तरीके से कर रहा है? किस तरीके से कर रहा

5:38 है? अपनी बातों से कर रहा है। इल्लुजन और मैनपुलेट। स्कर्पियो में बिठा दिया तो सीक्रेटिव तरीके से कर रहा है मैनपुलेट सेजिटेरियस में बिठा दिया ज्ञान की राशि में अब राहु कैसे कर रहा है अपना ज्ञान बखार के कर रहा है कि देखो मैं कितना ज्ञानी हूं मेरे में कितनी नॉलेज है या फिर ऐसा आडंबर रच रहा है जिसमें उसको लोग बाग उस नजरिए से देख सके बड़ी कोई ऐसे धोती पहन ली कोई बांध लिया मालाएं पहन ली तो उसने एक ऐसा ओरा कर लिया जुपिटर वाला तो जैसे ऐसी संगति में है घर में अगर कोई इंसान बहुत सीधा साधा आ गया उस घर के अंदर गुंडे लोग रहते हैं तो छ महीने में वो सीधा साधा इंसान के भी वही रंग चढ़ जाएगा

6:24 आप जहां पे रहते हैं धीरे धीरे धीरे आपकी लैंग्वेज में वो टोन आने लग जाता है आपको पता नहीं चलता दूसरे को पता चल जाता है वो हम नहीं बोलते यार इसकी भाषा से पता चल रहा है ये हरियाणा से है यार इसकी भाषा से पता चल रहा है ये पंजाब से है क्या है वो आप तो नहीं सीखी लेकिन वहां का माहौल सोल जो है वो आपका कॉन्शियस सबकॉन्शियस पे इंपैक्ट डाल रहा है। तो धीरे-धीरे आप ऐसे बिहेव कर रहे हैं। तो लग्न के अंदर जो राशि आएगी वो आपके ट्रेड्स को डिसाइड करेगी कि आप किस तरीके के हैं। ठीक है? अब यहां पे मैंने जो आपको ये पीपीटी दिख रही है इसके अंदर 12 राशियों के नाम है। हिंदी में है, इंग्लिश में है। फिर उनका एलिमेंट है। एलिमेंट बहुत इंपॉर्टेंट है। बहुत इंपॉर्टेंट है। एलिमेंट के ऊपर मैं

7:10 बहुत ज्यादा बोलने वाली हूं क्योंकि इन ये एलिमेंट्स जो है ना ये हमारे पूरे ब्रह्मांड को बनाने में इनका कोर योगदान है। अगर ये एलिमेंट्स की थ्योरी आप समझ गए पीपीटी दिख रही है ना आप लोगों को?

7:57 यस ठीक है तो एलिमेंट्स की थ्योरी अगर आप लोग समझ गए तो आप ये मान लीजिए कि ज्योतिष को समझना और इवन जो भी साइंसेस ऐसी है चाहे वो आयुर्वेद हो एक सेकंड हां तो चाहे वो आयुर्वेद हो चाहे वास्तु हो चाहे ऐसी कोई भी वैदिक विद्या हो इवन शास्त्र ही क्यों ना हो इवन वेद ही क्यों ना हो अगर आपको पढ़ने है तो एलिमेंट्स की थ्योरी जानना बहुत जरूरी है क्योंकि ये पंच महाभूत से ही हर चीज बनती है सारे रिएक्शन

8:43 केमिकल रिएक्शन फॉरमेशन ये सब मिलते हैं तब एक चीज बनती है ये चीज मिली है तो हमारी बॉडी भी बनी है अब इनमें क्या होता है ये तत्व एलिमेंट हिंदी में तत्व इंग्लिश में एलिमेंट्स ये तत्व वो हमारी बॉडी में घट या तो हायर में होते हैं या लोअर में होते हैं तो हमको अलग-अलग तरीके की परेशानियां आ रही होती है और नेचर का कहना है कि हर एलिमेंट बैलेंस >> प्लीज अपना म्यूट पे रखना नेचर कहता है कि हर एलिमेंट बैलेंस फॉर्म में होना चाहिए। जब आप बैलेंस सीक कर रहे हैं तो आप एक बैलेंस लाइफ जी रहे हैं। एग्जांपल के लिए अगर आपका अग्नि तत्व बहुत बड़ा हुआ है तो आप क्या रिएक्ट करेंगे? आप हमेशा झगड़ा करते रहेंगे। आप हमेशा इरिटेट रहेंगे। आपको मेटाबॉलिज्म की प्रॉब्लम

9:30 रहेगी। पाचन तंत्र आपका खराब रहेगा। बॉडी वाइज नेचर में गुस्से सेल स्वभाव का लड़ना झगड़ना अगर फायर बहुत बढ़ा हुआ है। फायर अगर घटा हुआ है तो आलसी हो जाएंगे। प्रोकस्टिनेशन की आदत पड़ जाएगी। टालम टोल करते रहेंगे कामों के अंदर। मन नहीं करेगा। चीजों को स्टार्ट नहीं कर पाएंगे। तो नेचर क्या बोलता है? हमारे वेद क्या बोलते हैं? हमारी वैदिक संस्कृति क्या बोलती है? कि भाई आपका काम एक ही है। नेचर ने आपको इतनी खूबसूरत चीजें चाहिए। आपका काम है इन चीजों को बैलेंस करना। अब बैलेंस करने के तरीके बहुत सारे हमारे शास्त्रों में बताए हैं। उसमें से एक तरीका ज्योतिष शास्त्र भी है। उसमें से एक तरीका आयुर्वेद भी है। उसमें से एक तरीका वास्तु भी है। उसमें से एक तरीका आपका योग

10:15 शास्त्र भी है। आप कुछ भी उठा लीजिए वैदिक में। उन सब में यही चीजें आएंगी। अगर अग्नि इमंबैलेंस है तो नाड़ी वाला आयुर्वेद वाला नाड़ी पकड़ेगा और वो बोलेगा कि भैया आपका पित्त जो है वो बढ़ा हुआ है या घटा हुआ है आपकी वात वात मतलब एयर बढ़ी हुई है या घटी हुई है तो ये एलिमेंट्स कोर है अगर आप ये एलिमेंट थ्योरी समझ गए क्योंकि ये आप समझ गए तो आपको आगे की जो जर्नी चाहे मेरे साथ हो चाहे कोई और टीचर के साथ में हो वो बहुत बहुत बहुत आसान हो जाएगी और आप बहुत मास्टर हो जाएंगे लोगों की

11:00 पर्सनालिटी, लोगों के बिहेवियर, लोगों के चेंजेस, लोगों के काम, लोगों की सब चीजों को आइडेंटिफाई करने में। इवन विदाउट एनी चार्ट। आपके सामने कोई ऐसा इंसान आ गया जो यार एकदम से मतलब हर चीज का जल्दबाजी है। उसको नहीं मेरा काम अभी कर दो। मेरे से बैठ नहीं पा रहा है। वो झगड़ा कर रहा है। आप समझ जाओ। इसका आदमी तत्व खराब है। कोई इंसान आपके सामने आया एकदम नहीं यार आज तो मन ही नहीं है। कल करेंगे या कोई इंसान बोलता है मैं तो है ना कोई काम सोचता हूं। मेरा तो कोई चालू ही नहीं हो पाता। शुरुआत ही नहीं हो पाती। ब्लॉकेजेस ही ब्लॉकेजेस है। कब से सोच रहा हूं? कल करता हूं, परसों करता हूं। लोग ही नहीं मिल पा रहे हैं। अग्नि के नीचे है।

11:46 तो या तो आप अगर ज्योतिष पकड़ रहे हो तो ज्योतिष की रेमेडीज बता रहे हो। कोई आयुर्वेदिका वाला है तो वो खानपीन में बदलाव कर रहा है। वास्तु के अंदर जाओगे तो आपके डायरेक्शंस को हील किया जा रहा है। तो ले दे के कोर एक ही है। तो एलिमेंट थ्योरी को बहुत डीपली समझना। ये चाबी है आगे की सारी चीजों को अच्छे से समझने की। आपकी सारी की सारी दिमाग की है ना वो खुलगी परते अगर यह एलिमेंट्स आपने अच्छी तरीके से समझ लिए तो आपको आज ही हो सकता है क्लास के बाद में बहुत चीजें क्लियर दिखने लग जाए इवन आपके घर में आपके आपके जो भी नियर एंड डियर है उनके अंदर कि यार ये इंसान इतना परेशान क्यों रहता है इसका ये वाला एलिमेंट जो है वो इमंबैलेंस है अगर ये इसको बैलेंस करता है तो इसकी चीजें

12:33 ठीक होने लग जाएगी और इसके अंदर कोई जादू नहीं है कि किसी ने आपको एस्ट्रोलॉजर ने या किसी ने आपको कुछ रेमेडी दी थी और वो आपने करी तो वो वो एस्ट्रोलॉजर के पास में कोई जादुई शक्तियां है ऐसा कुछ नहीं है। उसको वो साइंस पता है बस उसको समझ में आ गया कि भैया इसका अग्नि तत्व खराब है। इसको बैलेंस करना है। तो वो क्या बोलेगा भाई आप डेली जाओ एक घंटा योगा करो। तीन महीने बाद में उसको पता है तीन महीने बाद में उसका फायर बैलेंस होगा। जैसे ही बैलेंस होगा उसकी चीजें सही होने लगंगी। उसके काम होने लग जाएंगे। झगड़ता रहेगा तो काम होंगे ही नहीं। इरिटेट रहेगा तो काम होंगे ही नहीं। एजिटेटेड रहेगा तो काम होंगे ही नहीं। इसमें कोई जादू नहीं है।

13:19 ठीक है? तो अभी हम हर एलिमेंट को डीपली समझेंगे। और ये एलिमेंट्स जो है जैसे कि देखो आप मेष राशि फायर है। ठीक है? फिर टॉरस क्या है? अर्थ है। अर्थी साइन है। फिर मिथुन क्या है? एयर है। फिर कर्क क्या है? वाटर है। ये मैंने आपको पहले भी चार्ट में समझाया था। फिर वापस से फायर, अर्थ, एयर, वाटर। फिर वापस से तीन तीन बन गए। मतलब फायर, अर्थ, एयर, वाटर। फिर फायर, अर्थ, एयर, वाटर, फायर, अर्थ, एयर, वाटर। तो ये 12 राशियों के कितने वो हो गए? तीन तीन तीन तीन इनके वो बन गए, ग्रुप बन गए। तो जितने भी फाइव राशियां है

14:04 कौन सी है? सबसे पहले तो एरीज दूसरा फायर कहां लिखा हुआ है? एक जना बताइए। सिर्फ एक जना >> फाइव नंबर नाइन नंबर >> फाइव नंबर यस करेक्ट। फिर अर्थ लिखा हुआ है कोई दूसरा बताइए। एक जनास्ट चार आठ 12 जल तत्व >> नहीं अर्थ बताइए अर्थ >> अर्थ >> राशि >> दो जना बोलेगा एक जना एक जना >> दो छ 10 >> दो छ 10 करेक्ट अब नेक्स्ट एक जना बोलेगा एयर बताओ कौन सी राशि है

14:53 तीन सात तीन सात 11 मैम >> करेक्ट अब अर्थ बता दो दूसरा कोई >> इट वाड़ा >> ओ सॉरी सॉरी वाटर बता दो वाटर >> हां मैम >> करेक्ट ठीक है अब देखो ये एलिमेंट्स जो है ये सारे चार ये आपके भावों में भी है और राशियों में भी जब आप कोई भाव को देख रहे हो तभी भी आपको अब आपका एक काम है आप अपनीप सब लोग अपनी जन्म पत्रिका के लगन चार्ट में आप ये सारे एलिमेंट्स लिख देना। ठीक है? राशियों के साथ जो राशि आ रही है भाव को मत लेना। राशि ले लेना वहां पर।

15:42 ठीक है? ये लिख देना आपको अपने चार्ट में। अब क्या है? देखो जहां पर भी फायर आ रही है ना जहां पर भी आपकी मेष राशि फॉल हो रही है मतलब एक नंबर जहां पे भी लिखा हुआ है पांच नंबर जहां पे भी लिखा हुआ है और नौ नंबर जहां पे भी लिखा है उन उन भावों में आप सबसे ज्यादा अपने जीवन में ऊर्जा डालने वाली हो ऊर्जा क्योंकि अग्नि क्या है फायर है गर्म चीज है तो या तो वो ज्यादा होगी या वो कम होगी जब वो ज्यादा होगी तभी भी आप परेशानी में हो। जब वो कम होगी तभी भी आप परेशानी में हो। अगर वह बैलेंस है तो आप उसके बारे में बात ही नहीं कर रहे हो अपनी जिंदगी में। अगर आपकी जॉब सही चल रही है तो आप उसके

16:28 बारे में क्यों बात करोगे? शादी नहीं हो रही है तो उसके बारे में बात करो। बच्चा नहीं हो रहा है तो उसके बारे में बात करोगे। तो अब आपके सामने एक बहुत अच्छी ट्रिक आ जाती है हमारे सामने। ये क्या ट्रिक है? आप लोग खुद लिखना उसमें कि यार यह मेरा यह वाली राशि इस एलिमेंट की इसके 12 का 12 लिख देना एफ ई ए डब्लू एफ ई ए डब्लू तो आपको ये आइडेंटिफाई हो जाएगा कि अच्छा ओ मेरा ये वाला तत्व खराब है इस चीज से वो निकल के आ जाएगा आंसर कि अच्छा मेरा अर्थ खराब है इसलिए मुझे पैसों की प्रॉब्लम चल रही है मैं स्टेबल नहीं हूं मेरे पैसे बचते नहीं है कमाई इतनी नहीं है क्योंकि अर्थ स्टेबिलिटी को दिखाता अभी हम एक-एक एलिमेंट पे बात कर रहे हैं।

17:17 अच्छा मेरा एयर खराब है इसलिए मेरे को कोई नए आइडियाज नहीं आ पाते। मैं ब्लैंक हो जाता हूं। मेरी चीजें ब्लॉक हो जाती है। मेरे को गैस्ट्रिक इश्यूज रहते हैं बहुत ज्यादा। हेयर फॉल बहुत ज्यादा हो गया है। बॉडी में ड्रनेस आ गई है। जो भी वात के जो भी ट्रेड्स है वो आपको दिखेंगे। अच्छा जल मेरा खराब है। इसीलिए मैं इतना इमोशनल हूं। हर बात पे मेरे को रोना आ जाता है। मैं इमोशनली अटैच हो जाता हूं। मेरे को डर लगता है खोने का चीजों का। सिंपल है। खुद का खुद का एमआरआई खुद बना लेना। भाई डॉक्टर क्या करता है? आपका वो देखता है, इलाज करता है तो क्या करता है? वो आपके सारे टेस्ट करवाता है ना।

18:04 तो ये रिपोर्ट है आपकी खुद की। ऐसी रिपोर्ट बनाना आप खुद की। अब जो खराब है हो सकता है आपके दो एलिमेंट्स भी खराब हो तीन भी हो किसी का एक ही हो पर ऐसा कोई इंसान नहीं है जिसके चारों के चारों बैलेंस हो अगर चारों के चारों बैलेंस हो तो वो इस क्लास में नहीं बैठा हुआ होता क्योंकि चारों के चारों जो बैलेंस है वो हिमालय में बैठे हुए हैं जिनके ऊपर ग्रहों का भी इंपैक्ट नहीं है क्योंकि वो स्टेज पे पहुंच चुके हैं तो चारों तो किसी का बैलेंस नहीं है। किसी का एक हो सकता है, किसी का दो हो सकता है, किसी का तीन हो सकता है। कोई बहुत ही वियर्ड कंडीशन में तो चार भी हो सकते हैं। उसकी कंडीशन बहुत ही खराब है। सारे ग्रह

18:50 खराब हो गए। बहुत ही ज्यादा कंडीशन खराब चल रही है। तो अब आपने अपनी ये बना लिया। एक रिपोर्ट बना ली खुद की। अब उस रिपोर्ट के ऊपर जब हम अब अभी अब सुनो एक बात इंपॉर्टेंट क्योंकि जब हमारी नेक्स्ट क्लास होगी उसमें हम रेमेडीज तक नहीं पहुंचेंगे। रेमेडीज एंड में तो अभी आप नेक्स्ट क्लास में ये क्वेश्चन मत करना। अच्छा मेरा फायर खराब है तो मैं क्या रेमेडी करूं? तसल्ली से पढ़ना पड़ेगा ज्योतिष को। तसल्ली नहीं रखोगे ये विद्या दिमाग में नहीं घुसेगी। जल्दबाजी करोगे ये विद्या स्किप कर जाएगी। यह विद्या है। यह डिवाइन विद्या है। यह साइंस की, ग्रेजुएशन की, इकोनॉमिक्स की पढ़ाई नहीं है। क्या आप एक रात बैठ के

19:35 पूरे नोट्स याद कर लोगे? तसल्ली से चलोगे तो बहुत डीपर लेवल पर पहुंचोगे। भागा दौड़ी करोगे तो दो दिन में आउट हो जाओगे। यहां से आउट मतलब यहां से नहीं मतलब इस ये विद्या आपके जीवन से आउट हो जाएगी। तो तसल्ली तसल्ली से एक एक चीजें क्योंकि यह एक मिस्ट्री है और मिस्ट्री जितना धीरेधीरे खुलती है ना उसका आनंद अलग होता है। घूंघट जितना धीरे-धीरे उठता है उतना ज्यादा प्यार बना रहता है। तो धीरे-धीरे इस मिस्ट्री को अनफोल्ड करो। जल्दबाजी करोगे तो ये मिस्ट्री दबी रह जाएगी जीवन में हमेशा के लिए।

20:22 लेकिन आज ये रिपोर्ट बनाना अपनी और इससे आपको आंसर मिल जाएगा। अच्छा भाई ये खराबी है इसलिए मेरे को इतनी प्रॉब्लम आती है। अब चलो फायर का मैंने आपको बताया क्या-क्या ट्रेड्स होंगे। फायर में ये मैंने आपको बताया बड़ी भी है तो भयंकर एंगर इश्यूज भयंकर ईगो के इशूज़ लड़ाई झगड़ा एजिटेटेड माइंड जल्दबाजी एक्सीडेंट्स ब्लड अ लॉस जल्दबाजी में काम करना जल्दबाजी के की वजह से काम करने की वजह से लॉसेस घटी हुई है तो काम ही नहीं कर रहा कल कर लूंगा देखता हूं मन ही नहीं है इच्छा ही नहीं होती कुछ करने की इच्छा मर चुकी है। भूख ही नहीं लगती। नींद ही नींद आती रहती है। क्या

21:07 करूं? तो भी अग्नि खराब है। ये सब फायर के ट्रेट्स है। अब फायर की रेमेडीज करोगे आप चाहे स्पिरिचुअल रेमेडीज करो, चाहे प्रैक्टिकल करो, चाहे आप मंत्र से करो, कैसे भी करो आप। वो फायर जब बढ़ेगी आप सूर्य नमस्कार भी करोगे। जैसे ये बहुत अच्छी फिजिकल रेमेडी है। आप सूर्य नमस्कार करो तीन महीने में फायर आपकी बैलेंस हो जाएगी। आपको दिखने लग जाएंगे आपके जीवन में चेंजेस। भूख भी लगेगी टाइम से क्योंकि अगर बड़ी भी है तो जल्दी-जल्दी खाना खाता है इंसान। और अगर ये ट्रेड्स है आयुर्वेद वाले पकड़ते हैं ना। वो पूछते हैं आपसे पूरी हिस्ट्री पूछते हैं केस हिस्ट्री। आपको ऐसा होता है क्या? ऐसा होता है क्या? तो आपकी जन्म

21:53 पत्रिका वो सब चीजें दिखा देती है। एडवांस टाइम्स है ये। पहले ज्योतिष आई है। इसके सारे अह वो ब्रांचेस है ये। तो आप पीएचडी आप हायर स्टडीज कर रहे हो भाई। फायर बड़ी भी है ना किसी की। वो इंसान को अगर भूख लगी है और उसको दो मिनट में खाना नहीं मिला तो वो चिल्लाएगा। कितनी बार बोल रखा है मेरे को खाना टाइम पे चाहिए। मेरे को भूख बर्दाश्त नहीं होती। वो ऐसी बात बोलेगा। और फिर जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी जल्दी खाना खाएगा। उसका मेटाबॉलिज्म खराब होएगा। उसके सारा जो अंदर का जो सिस्टम है वो

22:41 खराब होगा। वो इंपैक्ट उसके एक्शन में आएगा। उसके बिहेवियर में आएगा तो उससे आगे की चीजें खराब होगी। अब सपोज किसी का अर्थ खराब है। किसी का अर्थ खराब है। चार्ट नहीं है आपके पास में। सोचो एक बार। ठीक है? बिना चार्ट के बात कर रहे है अभी। आपके सामने कोई बैठा हुआ है। या आपसे कोई बात कर रहा है। अब आप ये सब चीजें प्रैक्टिस करना चालू कर दो। ये ट्रेड्स देखना। [संगीत] ठीक है। अर्थ खराब है तो सबसे पहले उसको

23:26 इनसिक्योरिटी है। किस चीज की? रोटी, कपड़ा, मकान। >> एक कौन है? उषा जी है शायद। आप म्यूट पे कर लीजिए। हां। तो अर्थ क्या करता है? अर्थ एक ऐसा एलिमेंट है। आप फायर पे खड़े रह नहीं सकते, खड़े नहीं हो सकते। जल पर आप खड़े रह नहीं सकते। वायु तत्वों पर आप रख नहीं सकते। आपको क्या चाहिए? अर्थ चाहिए। ठोस चीज जहां पर ठोस है। तो जब अर्थ एलिमेंट किसी का खराब होता है मतलब कि दो छ 10 भाग दो छ 10 राशियां जब इमंबैलेंस होती है तो इनसिक्योरिटी की फीलिंग आती है कि हाय मेरे पास अगर घर

24:13 नहीं हुआ तो मैं कैसे रहूंगा? मेरी जॉब चली गई तो मैं कैसे रहूंगा? बैंक बैलेंस कम हो गया तो मैं कैसे रहूंगा? कहां से आएंगी? मैं क्या खाऊंगा? मैं क्या पहनूंगा? मैं बच्चों को कैसे पढ़ाऊंगा? क्योंकि जब तक आप जिंदा है इस सांस ले रहे हैं। आपको हर मिनट अर्थ एलिमेंट की नीड है। क्योंकि रहने को घर भी चाहिए, खा पेट भरने के लिए खाना चाहिए और तन धकने के लिए कपड़े चाहिए। यह सारी की सारी चीजें दुनिया में जितनी भी दिख रहे हो आप आू बाजू में अपने घुमाओ आंखें वो सब आपको अर्थ फॉर्म में दिखेगी। चाहे ये छोटा सा ये एक ये रिमोट कंट्रोल भी ये अर्थ एलिमेंट है। ये फोन अर्थ एलिमेंट है। ये घड़ी अर्थ

25:00 एलिमेंट है। ये कुर्सी अर्थ एलिमेंट है। भोजन अर्थ एलिमेंट है। तो जभी भी ये इमंबैलेंस होगी तो ये वाले भाव या ये वाली राशियों में आपके प्रॉब्लम्स आ रही है। तो अर्थ वाली जो भी रेमेडीज है जब हम वो करेंगे तो धीरे धीरे धीरे धीरे आपका अर्थ स्ट्रांग होने लग जाएगा। तो बेसिक रिक्वायर अब ऐसा नहीं होगा भाई यह भी धारणा बहुत प्रचलित है कि भैया दिन रात दबा के आप है ना रेमेडीज करो और फिर हम अंबानी ऐसा कभी नहीं होता है ये दिमाग से निकाल दो जितना यहां भाग्य में लिख दिया ना आपके वो आएगा लेकिन इसका मतलब क्या अब आप

25:46 बोलोगे जब उतना ही आना है तो फिर जरूरत ही क्या करने की क्योंकि काउंटर पार्ट यही होता है इसका भाई बीमार और रोज नहीं रहते ना आप स्वस्थ चल रहे हो जब बीमार होगे तो डॉक्टर के पास जाना है और दवाई लेनी है उस चीज को ठीक कर लेनी है तो ये मत समझना कि अब अच्छा रेमेडीज तो हमारे पास आ ही गई है अब हम बस दिन रात लग जाते हैं और हम अब अंबानी बन के रहेंगे अपने अर्थ को स्ट्रांग कर लेंगे हां आप जब आप अर्थ को स्ट्रांग करोगे तो आपकी जो भी लाइफ में डिफिकल्टीज अर्थ को लेकर है वो धीरे धीरे धीरे धीरे ठीक हो जाएगी जैसे आप अपने आप बीमार गए आपने दवाई ली वो ठीक ठीक हो गए। इसका मतलब ये नहीं है कि अब आप दवाई लेके वो बन जाओगे। क्या बन जाते हैं? कोई भी कोई हेल्थी मतलब हनुमान जी बन

26:34 >> हां जी सॉरी। >> सुपरमैन >> हां हां करेक्ट कि सुपरमैन बन गए। दवाई ली आपने अपने को ठीक किया। खानपान ठीक किया। डॉक्टर ने जैसा बताया ये खाओ ये मत खाओ ऐसे करो वैसे करो। अब आप नॉर्मल हो गए। इसका हां सुपरमैन नहीं बन गए। तो प्रैक्टिकल चीजों से एक इल्यूजन से बाहर निकलो क्योंकि ज्योतिष आज के टाइम में लोगों के लिए इल्यूजन बन चुकी है। तो अर्थ की जब आप चीजें करोगे तो आपके लाइफ में स्टेबिलिटी आ जाएगी। अब आप रात को सोओगे ना तो ये चिंता नहीं हां यार कल का क्या होगा? कल मेरी ईएमआई भी आने वाली है। कल ये भी होने वाला है। वो ये नहीं होगा। फिर वो स्टेबिलिटी आ रही है। अब आपकी लाइफ में अरे यार रिलेशनशिप में क्या होगा? अब थूक जाएगी क्या? मेरा मैं कहां रहूंगा? घर छूट

27:19 जाएगा क्या? ये हो जाएगा सारा ये इनस्टेबिलिटी ये धीरे धीरे धीरे ये प्रॉब्लम ये खत्म हो जाएगी आपके लाइफ। तो यह अर्थ का सिग्निफिकेंस है हमारी लाइफ और अर्थ बहुत जरूरी है क्योंकि आपको अगर मोक्ष तक पहुंचना है तो मोक्ष तो एंड में दिया गया है। सबसे पहले तो धर्म है। फिर अर्थ है, फिर काम है, फिर मोक्ष है। तो ये चारों लाइफ के पैटर्न जब बैलेंस होंगे तो सतयुग में ये चारों बैलेंस थे। कलयुग में हमारे सिर्फ एक ही बैलेंस रह पाता है। तीन खराब रहते हैं। इनको इन चार को धर्म, अर्थ, काम, मोक्ष बोल लो या ये चार एलिमेंट बोल लो, पृथ्वी, तत्व, वायु, तत्व इसको हमारे गाय के चार पैर बताए गए

28:06 हैं हमारे धर्म के अंदर। सतयुग में ये चारों पैर बैलेंस रहते थे। हर इंसान चारों एस्पेक्ट्स पे बराबर 25 25% काम करता था। धर्म पर भी काम करता था, अर्थ पर भी काम करता था, मोक्ष डिजायर्स पर भी काम करता था और मोक्ष पर भी काम करता था। तो उसी हिसाब से 25-25 25% हमारी लाइफ के बांटे गए कि इस टाइम पे ये पढ़ाई करेगा। अब ये अर्थ में विवाह करेगा। फिर चीजें बढ़ाएगा और जैसे ही 60 70 साल का होएगा जो भी ऐज सा वो था फिर ये अपने मोक्ष के लिए निकल जाएगा सब छोड़ के। यह प्रैक्टिस हमारे धर्म में हमारे समाज मेंस्टब्लिश की गई इस तरीके से धर्म अर्थ काम मोक्ष को

28:53 बैलेंस करने के लिए अब कौन जा रहा है भैया ऐसे मतलब सब छोड़छाड़ के पहले जाते थे लोग का अब मोक्ष का टाइम आ चुका है भैया हमारी ऐ हो चुकी है अब हमको त्यागने की प्रवृत्ति पे आना चाहिए अब तो 70 साल का इंसान भी त्यागने को तैयार नहीं है तो अब गुरु में चाहे एक पैर है तो भी तैयार नहीं है नहीं मैंने तो वो वो प्रैक्टिस पहले से समाज में डाली गई थी। अब क्योंकि हम मॉडर्न वर्ल्ड में है। हम मॉडर्न एजुकेशन सीख कर रहे हैं। और मॉडर्न एजुकेशन ने सबसे पहला जो वार किया था वो हमारी वैदिक एजुकेशन के ऊपर किया था। उसको सुपरस्टीशियस बता के जब बाहर के लोग इनवेट किया तो हमारी नॉलेज को दबा दिया गया। और नालंदा यूनिवर्सिटी जो बिगेस्ट

29:39 यूनिवर्सिटी थी उसकी सभी नॉलेज को जला दिया गया था। क्योंकि कहा जाता है आपको भी पता होगा अगर किसी का विनाश करना है तो उसकी बुद्धि खराब कर दो उसका ज्ञान खराब कर दो तो उसका विनाश ऑटोमेटिकली हो जाएगा क्योंकि हिंदुस्तान भारतवर्ष जो था वो एक सोने की चिड़िया था अगर इसको डिस्ट्रॉय करना है तो इसकी एजुकेशन को खत्म कर दो ठीक है तो यहीं से ये वर्ण व्यवस्था ये सब चीजें यहीं से निकली थी और यही है इसलिए मैंने बोला एलिमेंट्स पे मैं बहुत ज्यादा ज्यादा बोलने वाली हूं क्योंकि बेस यही है जहां से आपको अगर आप लोग कोई वास्तु करते हैं या आगे वास्तु पढ़ेंगे या जो भी यहां पे भी आप वहां पे भी आपको ये काम आने आपको बॉडी में बीमारी हो रही है

30:25 कुछ भी तो आयुर्वेद में भी यही काम आएगा और ज्योतिष पढ़ तो उसमें तो आने ही वाला है ठीक है अब हम समझते हैं एयर एयर अगर बहुत बड़ी हुई है वात उसको हम बोलते हैं वात जो है एयर एलिमेंट सबसे ज्यादा डिस्टर्बिंग एलिमेंट है अगर हो हो जाता है तो उसको कंट्रोल करना बड़ा मुश्किल काम है और कलयुग में सबसे ज्यादा वात की ही प्रॉब्लम है हमको सबको है मुझे भी है क्योंकि इतना ऐसा ये एक एलिमेंट है जिसको क्योंकि देखो वायु को आप देख नहीं सकते वायु को आप पकड़ नहीं सकते वायु को आप कैद नहीं कर सकते और मेजर हम सबके अंदर वात दोष है आज की

31:12 तारीख एंग्जायटी भी उसी में ही आता है। घबराहट भी उसमें आती है। बेचैनी भी उसी में ही आती है। फिजिकल बॉडी की अगर मैं बात करूं तो गैस्ट्रिक इशूज़ उसी के अंदर आते हैं। ड्राई स्किन उसी के अंदर आती है। हेयर फॉल होना भी उसी के अंदर आते हैं। ग्रे हेयर होना भी उसी में आते हैं। रिंकल्स पड़ना उसी में ही आते हैं। थॉट्स स्टेबल नहीं रहना। जिसको हम स्पिरिट पर्सनालिटी या स्पिरिट माइंड बोलते हैं। यह वात दोष की वजह से होता है। अभी कोई थॉट आया कि दो घंटे बाद में कुछ थॉट आ गया। सबको है ये। आप देख लो अपने आजू-बाजू में कोई ऐसा इंसान नहीं होगा जो

31:58 स्टेबल है अपने माइंड से। जिसका एयर एलिमेंट बैलेंस है। है ही नहीं। एयर एलिमेंट तो आज के टाइम पे क्योंकि मैं बताऊंगी एयर एलिमेंट ही कलयुग के अंदर इमंबैलेंस क्यों है? आप देखिए शारीरिक कष्ट अब खत्म होते जा रहे हैं। शारीरिक बटन दबाओगे कपड़े धुल जाएंगे। बटन दबाओगे खाना बन जाएगा। बटन दबाओगे। शारीरिक फिजिकल हार्डशिप्स खत्म होती चली जा रही है। मेंटल बढ़ती चली जा रही है। मानसिक दोष बढ़ रहे हैं। शारीरिक नहीं है। शारीरिक तो ठीक हो जाएंगे सारे। इतनी टेक्नोलॉजी आ चुकी है। 60 तक या मान लो 70 तक भी

32:45 फिजिकल परेशानियां थी कि एक इंसान के लिए एक स्ट्रेस था कि यार यहां से मुझे जाना है तो उसके वो बहुत उसको मेहनत करनी पड़ती थी। अभी आप सोच रहे हैं बम्बई जाना है तो आप दूसरे दिन सुबह निकल जाओगे रात तक आ भी जाओगे। कुछ भी चीज चाहिए आपको ऑर्डर करोगे आ जाएगा। फिजिकल प्रॉब्लम तो खत्म हो चुकी थी। वो 70ज 80 तक लोगों लोग बाग उस वक्त बहुत हार्ड वर्क कर लेते थे। तो उनको आप देखिए कोई मानसिक परेशानियां नहीं थी क्योंकि वो हार्ड वर्क में सारी एनर्जी उनकी जा रही थी। अब हार्ड वर्क खत्म हो गया है। वात रोग बढ़ते चले जा रहे हैं। क्योंकि आपके पास में फ्री माइंड बहुत सारा फ्री टाइम बहुत सारा है। सोचने के लिए नेगेटिव और पॉजिटिव सोचने के लिए बहुत ऊर्जा डालनी

33:31 पड़ती है। क्रिएटिविटी करने के लिए बहुत ऊर्जा डालनी पड़ती है। वहां पर फायर एलिमेंट का होना बहुत जरूरी है। फायर नहीं है तो वो आप सिर्फ सोच रहे हो। सोच रहे हो, सोच रहे हो, सोच रहे हो और वो सोचते सोचते ओवरथिंकिंग हो रही है। फिर उससे ए्जायटी हो रही है। फिर उससे पैनिकिक अटैक आ रहे हैं। क्योंकि फायर नहीं है तो आप उसको एक्शन में कन्वर्ट नहीं कर पा रहे। इसलिए कलयुग में सबसे ज्यादा जो दोष है वो मानसिक दोष आ रहे हैं और वो एयर एलिमेंट इमंबैलेंस के कारण आते हैं। आप जितनी भी अभी आप देख रहे हैं एयर एलिमेंट के अंदर अगर मैं छोटी सी बड़ी सीट बोलू तो जो भी चीजें आप आजू-बाजू में अपने देख रहे हैं आप आप घर से बाहर निकले आपने कोई

34:17 बोर्ड देखा बड़ा सारा उसप कुछ एडवर्टाइजमेंट हो रखा है एयर एलिमेंट आप मैं आपसे बातचीत कर रही हूं किससे कर रही हूं मुंह से कर रही हूं ना एयर मीडियम क्या है वायु है एयर से आप सुन रहे हैं आइडियाज शेयर करना, कम्युनिकेट करना, आदान प्रदान विचारों का होना। तो एयर एलिमेंट मोस्ट इंपॉर्टेंट एलिमेंट है एक ह्यूमन को सर्वाइव करने के लिए क्योंकि वो आपको विचारों की शक्ति देता है। अगर विचार नहीं आएंगे तो आप कुछ नया नहीं कर पाएंगे। जीवन में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। लेकिन वही विचार अगर दिन भर नेगेटिव आए तो सोचो कितनी प्रॉब्लम होती है लोगों को।

35:04 वही विचार अगर डाउटफुल आए कि यार पता नहीं ज्योतिष की क्लास तो ले ली पर मैं तो कर ही नहीं पाऊंगी। ये मैम तो पता नहीं धड़ धड़ धड़ धड़ बोल जाती है। मेरे से तो होगा ही नहीं। चलो ले ली तो कोई बात नहीं। ₹1000 डाले हैं तो सुन तो लेंगे। ये डाउट्स ये कौन दे रहा है आपको? यह कोर्स ज्वाइन करने का भी शक्ति आपके विचारों ने दी थी कि चलो कर लेते हैं और नेगेटिव थॉट्स भी कौन दे रहा है? डाउट्स कौन दे रहा है? आपके विचार दे रहे हैं। तो वायु को समझना इस पे भी एक पूरा दो घंटे की क्लास हो सकती है। और जितने आजू-बाजू में आपके लोग हैं ना सब वायु से पीड़ित है। आने वाले समय में पांच साल बाद में आप एसआईम, मेंटल

35:49 आइलम, साइकेट्रिक सेंटर्स ये ज्यादा देखेंगे घर गली गली में होंगे। क्योंकि सबके विचारों में ब्लॉकेजेस है। सबके विचारों में डाउट्स है। नेगेटिविटी है। नेगेटिव विचार क्योंकि विचार आ रहे हैं। फिजिकल तो कुछ है ही नहीं। खत्म ही हो चुका। सब काम नौकर कर देगा। काम वाले कर देंगे। कुछ खत्म ही हो गया ना। कुछ करना ही नहीं है। आपको बटन दबाओगे फैन चल जाएगा। सब हो जाएगा। और आप अगर किसी भी कोई लोग जो थेरेपीस पर जाते हैं थेरेपी पर जब जाते हैं तो वहां के जो थेरेपिस्ट होते हैं वो सबसे पहले जब थेरेपी करते हैं ना वो एक ही बात बोलते हैं कि आपका रूटीन क्या है जी फिर वो रूटीन बताएगा आगे मेरा ये तो आप एक काम करो कल से अपनी चाय खुद बनाना कल से अपना खाना खुद लेना अपना बेड

36:36 खुद लगाना अपनी साफ सफाई खुद करना वो क्या कर रहा है आपका फायर एलिमेंट को एक्टिव कर रहा है ज्योतिष की भाषा में आपको एक्शन में लेकर आ रहा है क्योंकि जब आप एक्शन करोगे तो जो आपको जो विचार आ रहे हैं वो कहीं ना कहीं स्टेबल होना स्टार्ट हो जाएंगे। या आप जिम ज्वाइन करो वो सबसे पहले बोलेगा आपको क्योंकि एक्शन हो रहा है वहां पर तो विचार थोड़े कहीं ना कहीं डायवर्ट हो रहे हैं तो वो गांव में कहावत है यहां पर कि ये ये लुगाई ना बावली हो गई। पहले गांव में ऐसे बात करते हैं ये लुगाई बावली हो गई। क्या कर रहा है? इसको खेतों में भेजो काम करने। सारी बावलापंती निकल जाएगी। इसको बहसों का काम करवाओ। क्यों? बहसों का मतलब वहां पर इतना एनर्जी उसकी यूज़ हो जाएगी कि उसको नेगेटिव सोच में जाने का

37:22 टाइम ही नहीं है। थक के सो जाएगी। कहां से सोचेगी? और आप देखिए गांव के लोगों को यह प्रॉब्लम नहीं है। जितने ज्यादा जो मेट्रो सिटीज है वहां की लोगों को प्रॉब्लम है। अगर वो लोग किसी क्रिएटिव काम में नहीं है। पैसा बहुत है, लग्जरी बहुत है। काम करने के लिए कुछ नहीं है। उन महिलाओं को ये प्रॉब्लम्स बहुत है। तो डॉक्टर उनको यही बोलता है क्योंकि मेरे ऐसे बहुत सारे जानकार हैं जो विक्टिम भी है और जो थेरेपिस्ट भी है। तो वो यही बोलते हैं कि ज्यादातर लेडी आती है हमारे पास में वो जो बहुत संपन्न घर से है जिनके पास में कुछ करने के लिए नहीं है तो दिन भर विचार तो चलते रहते हैं और वो विचार धीरे धीरे धीरे धीरे ऐसे बदलते हैं तो वायु इस वक्त कलयुग में सबसे ज्यादा क्योंकि क्यों बोलते हैं कि भाई राहु जो

38:09 है वो कलयुग का वो है राजा है कलयुग में राज कर रहा है क्योंकि राहु की एनर्जी सबसे ज्यादा है और सैटर्न कर रहा है सैटर्न और राहु दोनों वायु तत्व के ग्रह वायु तत्व का है प्रभाव। राहु तो वायु तत्व ही है। इसलिए आप देखो आजकल के जो बच्चे हैं वो बोर्न इंटेलिजेंट ही पैदा हो रहे हैं। क्यों वो इतने शार्प है? क्यों वो इतने इंटेलिजेंट है? क्यों उनमें इतनी ओवरथिंकिंग क्यों इतने वो फ्यूचरिस्टिक सोच रहे हैं? क्यों इतने आगे की सोच रहे हैं? यह भी चीजें बहुत अच्छी हो रही है। वायु अच्छा है तो बच्चे इतने इंटेलिजेंट पैदा हो रहे हैं। इतनी आगे की चीजें सोच रहे हैं। लेकिन वही वायु उन एक क्राउड को एक मेजर क्राउड को मेंटल इमंबैलेंस दे रहा है।

38:55 डाउट्स दे रहा है जिंदगी में। चाहे वो रिलेशनशिप में डाउट्स हो। रिलेशनशिप खराब क्यों हो रही है? डाउट्स की वजह से। इंटेलिजेंट आदमी दोनों काम करेगा। तो वो मैं बता रही हूं ना। फिर से वही बात बोलूंगी। बहुत ऐसा एलिमेंट है ना जिसको बैलेंस करना बड़ा मुश्किल है। लेकिन जब ये सारे तत्वों की बात आती है जब हम वैदिक थ्योरी को पढ़ते हैं तो वहां पर माइथोलॉजी कथा के हिसाब से पार्वती जी शिव जी से बोल रही है कि आप ऐसी कोई शास्त्र कोई विज्ञान बताओ जिससे ये सारे बैलेंस हो सके। तो उन्होंने विज्ञान भैरव के बारे में बताया। विज्ञान भैरव पूरी तरीके से नाड़ी क्रिया है जिसमें ब्रीथिंग एक्सरसाइज जिसको हम बोलते हैं अनुलोम विलोम बोलते हैं

39:43 प्राणायाम बोलते हैं प्राणायाम अनुलोम विलोम ये सब क्या करता है आपके वात को कंट्रोल करता है इसीलिए बोलते हैं जब आपको बहुत पैनिकिक अटैक्स आए एंजायटी आए तो आप सांस लो छोड़ो सांस लो छोड़ो क्योंकि उसमें क्या होता है सांस से ही दिक्कत होती है कि सांस नहीं ली जा रही घबराहट पीछे नहीं हो रही यहां पर अटक गई सांस जंक फूड से सबसे ज्यादा वात दोष खड़े होते हैं। एडिक्शन से सबसे ज्यादा वात दोष क्रिएट होते हैं। लेट नाइट सोने से सबसे ज्यादा वात दोष क्रिएट होते हैं। रेगुलर मोबाइल यूज़ करने से वात दोष क्रिएट होते हैं। छोटे-छोटे कंटेंट देखने से बहुत ज्यादा

40:30 देर तक वाद दोष क्रिएट होते हैं क्योंकि वह आपके विचारों को बदलता रहता है। बार बार आपने अभी कुछ देखा अभी आपने कुछ प्यार देख लिया। अभी आपने कुछ लड़ाई देख ली। अभी आपने कुछ अजीब सी चीज। अब हर इतनी सी एक आधे घंटे के अंदर आप वेरियस थॉट्स आपके दिमाग में आ गए। आपकी स्टेबिलिटी ख़ हो गई। इसलिए अगर आप देखें तो लॉन्ग कंटेंट्स ज्यादा देखने चाहिए ताकि आपका माइंड स्टेबल रह सके। इसलिए Instagram सबसे बड़ा वाक दोष है। आप समझ पा रहे हैं कि कहां से स्टोरी ये चालू हुई और मैं आपको कहां पे क्योंकि ये सबसे इंपॉर्टेंट बात है। उसके बारे में तो मैं आपको राशन तो यूं पढ़ा दूंगी एक घंटे के अंदर।

41:18 तो वात करो। वायु तत्व वायु के कौन से भाव है? एक जरा बताओ मुझे कोई वात दोष हा >> 3 7 11 >> हां और राशियां भी यही जेमिनाइन तुला एंड एक्वेरियस ये विचारों की शक्ति देते हैं। और अगर ये बैलेंस नहीं है ना तो क्या हो रहा है? सबसे पहले तो विचार नेगेटिव आ रहे हैं। और अगर ये बैलेंस है, अच्छी है तो विचार जो आ रहे हैं ना आपको क्रिएटिव आ रहे हैं। पॉजिटिव आ रहे हैं। क्योंकि सबसे पहले विचार आएंगे फिर आप उसप एक्शन करोगे। तो विचार वात का बैलेंस होना बहुत जरूरी है।

42:04 और सबसे ज्यादा विज्ञान भैरव ने भगवान शिव ने जो है वो नाड़ी मतलब पूरा का पूरा वात के ऊपर मतलब आपका एयर एलिमेंट के बारे में बताया है जिसके अंदर सारी आपका ये ब्रीथिंग एक्सरसाइज आ गई। तो बेस्ट रेमेडी है। अब ये मत पूछना इसके लिए क्या रेमेडी है? इसके लिए बेस्ट रेमेडी है कि आप डेली प्राणायाम करो। आपके ऑटोमेटिकली ये तीनों भाव और तीनों राशियां बैलेंस हो जाएंगी। जब आप रेगुलर प्राणायाम करोगे आपको थॉट्स, आपके विचार सही डायरेक्शन में आने लग जाएंगे। उसमें डाउट्स नहीं आएंगे। 99% मेरी कंसलटेंसी के अंदर यही चीजें आती है कि डाउट्स बहुत है। फिर मैं उनको यही राम कथा सुना देती हूं। तो आप भी सुना

42:50 सकते हो आगे किसी को भी। तो ब्रीथिंग एक्सरसाइज हो गया। फिर क्योंकि भगवान शिव ने ही सबसे ज्यादा मेडिटेशंस की थ्योरी बताई है क्योंकि डीप मेडिटेशन में वही बैठे हैं। जब आप मेडिटेशन करते हो ना तो आपका धीरे धीरे धीरे धीरे धीरे विचार केंद्रित हो जाते हैं और जितने केंद्रित होंगे उतनी ज्यादा आपकी लाइफ में क्रिएटिविटी आएगी और जितनी ज्यादा आप क्रिएटिविटी आएगी आप लाइफ में सक्सेसफुल होते चले जाएंगे मल्टीपल थॉट्स अगर आ रहे हैं एक टाइम के ऊपर तो वो डिस्ट्रक्शन है। अब इतना पढ़ाने के बाद में मैं गारंटी दे

43:35 सकती हूं कि आपके सामने कोई ऐसा इंसान आए बैठे आपके पास उसका चार्ट भी नहीं है। वो दो चार एक्शन करेगा। दो चार एक्शन क्या करेगा? सबसे पहले तो वो बार-बार हाथों को ऐसे करेगा। एयर एलिमेंट इमंबैलेंस। बाल थोड़े से उसके बड़े ऐसे उलझेउल से होंगे। बात करेगा तो ऐसेसे करेगा बार बार घबराहट है उसको ब्रीथिंग में प्रॉब्लम हो रही है बार-बार स्मोक करने की इच्छा करेगी उसकी या कॉफी पीने की बहुत इच्छा करेगी

44:20 छोटे-छोटे स्ट्रेट्स बता रही हूं मैं आपको कुछ बात बोलेगा बोलते बोलते बोलते शिफ्ट कर जाएगा दूसरी बात के ऊपर नहीं तो मैं ना आपको ऐसे से कह रहा था चलो वो बात तो छोड़ो अब आप मेरी ये बात सुनो चलो आप ये बात तो छोड़ो आप मेरी ये बात सुनो फिर पता है क्या होगा ऐसे कहीं आपको समझ में नहीं आएगा कि भैया ये मतलब कोई डायरेक्शन ही नहीं क्योंकि उसका खुद का ही बेचारे का एयर एलिमेंट खराब हो रखा है या फिर वो चार बार अपनी कुर्सी से उठेगा कभी उधर जाके बैठेगा कभी उधर जाके बैठेगा आप घर में भी हो सकता है आपके बच्चे में हो ऐसा ये ट्रीट आपकी पार्टनर में हो हस्बैंड में हो फ्रेंड में हो आप में खुद में हो या फिर उसको लगेगा एसी अगर बहुत इमंबैलेंस है ना आप नोटिस करना यह बात वो लोग दिन भर

45:06 एसी में रहते हैं हर एसी ऑन करके बैठते हैं उनको एयर एलिमेंट का प्रॉब्लम है क्योंकि जैसे एसी बंद होगा उनको घबराहट होना चालू हो जाती है और जिसका वात अच्छा है वो आराम से कम फैन के अंदर खिड़की खुली है तो भी बैठा बहुत तेज फैन चल रहा है फैन सॉरी एसी फुल पे चल चल रहा है। वात इमंबैलेंस है। आप बंद कर दो उसको घबराहट होने लग जाएगी। वैसे बहुत सारी चीजें हैं। मैं वात का इसलिए बोल रही हूं क्योंकि कलयुग में सबसे ज्यादा वात ही इमंबैलेंस है। अब अभी इस टाइम पे क्योंकि मानसिक परेशानियां ज्यादा है। पागलपन तक लोग पहुंच गए हैं धीरे-धीरे। मानसिक दोष बढ़ रहे हैं। शारीरिक अब नहीं

45:53 है। शारीरिक का ट्रीटमेंट है। तो जितने भी डिसऑर्डर्स होते हैं, पर्सनालिटी डिसऑर्डर, बायपोलर ये सब वात देता है बॉडी के अंदर जब इमंबैलेंस होते हैं। क्योंकि मल्टीपल थॉट्स आ रहे हैं। आपकी स्टेबिलिटी नहीं है। आपको कभी लग रहा है नहीं यार इंसान तो अच्छा है। नहीं यार इसने ऐसी बात कही थी कि गड़बड़ है। नहीं नहीं यार अच्छा है। अच्छा अच्छा है। नहीं नहीं गड़बड़ है। गड़बड़ गड़बड़ है। रिलेशनशिप में बार-बार बार-बार मल्टीपल थॉट्स आ रहे हैं। नहीं यार ये सही नहीं है। यह गड़बड़ है। फिर सही आ गए। तो कितना आप परेशान हो जाता है इंसान इन चीजों से। और जब आप उसका चार्ट खोल के देखोगे तो आपको ये सारी या तो ये राशियां या इसकी महादशा या ये भाव एक्टिव दिखेंगे।

46:42 शनि, राहु या कोई भी ग्रह मेजरली किसी के चार्ट में अगर इन भावों में या इन राशियों में बैठ जाए या तो वो सुपर इंटेलिजेंट है या सुपर पागल है। ये दो ही बातें होंगी क्योंकि वायु आपको इंटेलिजेंस देता है। वायु वाला ही एक फ्लो में बोस जिसका वायु अच्छा है वो एक फ्लो में बात कर लेगा। जिसका वायु खराब है वो अटक अटक के बात करेगा। कम्युनिकेशन स्किल्स अच्छे नहीं होंगे। डर लगेगा। ये बहुत सारे ट्रेड्स मैं आपको जैसे-जैसे मुझे याद आते जा रहे हैं मैं बताती चली जा रही हूं।

47:27 उसके लिए कुछ मत करो। उसको बोल तीन महीने रेगुलर प्राणायाम की प्रैक्टिस कर। वॉक कर हल्का लाइट वक कर। कोई भी राग सुनना चालू कर दे क्लासिकल। धीरेधी वायु उसकी कंट्रोल हो जाएगी। उसको पॉज एक थॉट्स उसके विचार टिकने लग जाएंगे और सबसे पहले उसकी रील का जो कंसशन है वो कम करा दो। उसको बोलो लॉन्गेंट कंटेंट देखो। आप देखो मेरे साथ भी हो जाता है। कई बार आधे घंटे तक Instagram देखने के बाद आदमी है उसको थोड़ी देर बंद करके रख दो साइड में। जैसे कोई दिमाग कोई चक नहीं हो गया। खिचड़ी कभी कुछ आ गया। कभी कुछ आ गया। कभी कुछ आ गया। कभी कुछ आ गया। ऐसा होता है कि दुनिया में क्या सर्वनाश हो रहा है कि हर जगह पे। कोई भिड़ रहा है, कोई जल रहा है, कोई गिर रहा है। भाई साहब विचार की ऐसी

48:14 बैंड बज जाती है। फिर रखने के बाद में एक लंबी सांस लेनी पड़ती है। आजकल तो प्रैक्टिस करवाई जा रही है कॉर्पोरेट वर्ल्ड में कि जब स्ट्रेस हो जाए आप जाके लंबीलंबी सांस लो और छोड़ो। वो हमारी कोई जानकार है वो अच्छी जॉब कॉर्पोरेट में अच्छी उस है तो वो तो क्या उनका एम्प्लई आता है ना ऐसे ये मैं ऐसा हम नहीं कर सकते ये हो गया ये हो गया बोलते कुछ नहीं आप पहले बाहर जाओ बालकनी में आप स्मोक करते हो क्या तो या तो स्मोक कर कर आओ क्योंकि वायु है तो आप शांत होगे या फिर एक काम करो आप स्मोक नहीं करते हो तो आप जाके ना तीन बार चार बार छ बार 10 बार आप ना इन्हेल एक्सेल कर कर आओ

49:01 और ज्यादातर लोगों का तो आपने देखा आप फटाफट से उनका स्मोकिंग जोन बना हुआ है। फटाफट स्मोक करके आते हैं। तब उनको लगता है कि अब स्थिरता ये हां अब क्या बात करनी है आप बताओ मुझे अब समझ में आएगा। डिस्टर्ब माइट तो विज्ञान भैरव में पूरी सांसों के ऊपर और सांसे सबसे इंपॉर्टेंट है भाई। जो एक एक सांस जो आपकी पहुंच रही है ऑक्सीजन जो जा रहा है ऊपर ब्रेन तक वह आपके विचार लेकर आ रहा है। जब ऊपर ब्रेन तक ये जाएगा नहीं ना खोपड़ी में अच्छे से ऑक्सीजन तो विचार नेगेटिव आएंगे और वो ऑक्सीजन कैसे जाएगा जब आप डीप ब्रीथिंग करेंगे। इतना समझ में आ गया ना? आगे बढ़ रहे। बात आपको पूरा क्लियर हो गया।

49:51 अब दो मिनट क्या आप लोग प्लीज होल्ड पर रह जाओगे? मैं पानी ले बैठना भूल गई। कोई दिक्कत किसी को? वेट करने दो मिनट। दिक्कत भी हो गई तो कौन बोलेगा बेचारा?

50:55 तो वापस से हम इसको एंड करेंगे। फिर जल तक हम पहुंचेंगे। तीन सात 11 भाव तीन सात 11 राशियां ये एयर एलिमेंट को दिखाती है। एयर एलिमेंट आपकी बॉडी में वात है। और जब वात बढ़ता है तो बॉडी में और क्या सिम्टम्स आते हैं? छोटे-छोटे कभी यहां दर्द हो रहा है बैठे-बैठे यहां दर्द हो गया कभी पैरों में दर्द हो गया कभी घुटनों में हम बोलते है ना वात वात की वजह से मौसम बदल रहा है बादल बन रहे हैं तो वात तो वो क्या करते हैं आपके नर्व्स में ना ब्लॉकेजेस हो जाती है तो आपको दर्द होता है उससे और जब आप रेगुलर प्राणायाम या ब्रीथिंग एक्सरसाइज करते हो तो वो नर्व्स की ब्लॉकेजेस नहीं बनती और जब नर्व्स ब्लॉक होता है तो क्या होता है ऑक्सीजन पूरा ब्रेन तक नहीं जाता तो विचार आपके सारे इधर-उधर हो जाते हैं तो आपको ये

51:41 सब अटैक आना, घबराहट जो भी मैंने बताई है वात के इमैल वो होने लग जाते हैं और बॉडी में आपको पेन होता है वो दवाइयां आप ले और कई लोग वो सोचते हैं अच्छा ये वात का मतलब ये मेरे तो नसों में दिक्कत हो रही है नसों में। नसे मतलब वो वात का प्रॉब्लम दवाइयां लेते रहते हैं। उससे ठीक नहीं होता कभी भी। फिर वो धीरे-धीरे इतने आ भी हो जाते हैं। लेते लेते लेते लेते पता है दवाइयों से कुछ होता तो है नहीं। छोड़ देते हैं लेकिन वो दर्द रहता है। दर्द है। कभी यहां दर्द हो रहा है। कभी यहां दर्द हो रहा है। कभी यहां घूमने में वात ज्यादातर आपके जो भी जॉइंट्स है वहां पे इंपैक्ट करती है जॉइंट्स। इसलिए स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज और ब्रीथिंग एक्सरसाइज योग के अंदर सबसे इंपॉर्टेंट है जो वात को कंट्रोल करती है।

52:27 और वात मैंने बता दिया आपको। अभी मॉडर्न टाइम में सबसे ज्यादा जंक फूड इंटरनेट पता ही नहीं आजकल अच्छा मुझे बताओ ओवरफ्लो देखो इंटेलिजेंस एयर एलिमेंट की वजह से ही सारा ज्ञान का फ्लो हो रहा है सब अपनीपनी बातें बना रहे हैं सारी दुनिया ने पडकास्ट बना लिया सब लगे हुए हैं ज्ञान ज्ञान अब हम कंफ्यूज हो गए कि यार खाने से पहले दूध पीना चाहिए घी पीना चाहिए कोई बोलता है पीना चाहिए कोई बोलता है नहीं पीना चाहिए कोई बोलता है घी नहीं खाना चाहिए कोई बोलता है घी खाना चाहिए चाहिए। कोई बोलता है जिम नहीं करना चाहिए। कोई बोलता है जिम करना चाहिए। कोई बोलता है जिम करने से हार्ट अटैक आ रहा है। कोई बोलता है जिम करना चाहिए। कोई बोलता है मतलब कितने वो सब क्या है? ये सब एयर है।

53:14 अब क्या होगा? जब आपका एयर एलिमेंट बैलेंस रहेगा ना तो आप उस चीज को अच्छी तरीके से समझ पाओगे कि यार क्या चीज मेरे लिए अच्छी है। दुनिया में क्या चल रहा है। उसे आपको खत्म करो उसको। आपको समझ में आ जाएगा मेरी बॉडी के लिए क्या चीज अच्छी है। कि मुझे घी खाना चाहिए या नहीं खाना चाहिए। मुझे जिम करना चाहिए या मुझे योगा करना चाहिए या आपके दिमाग की में जब जब आपका दिमाग हल्का होएगा ऑक्सीजन पूरी ब्रेन तक पहुंच जाएगी ना ऑक्सीजन क्या है एयर है ना वो पहुंच जाएगी वहां तक प्राण वायु है वो तो आपको ये डिसीजन लेने में भी आसानी हो जाएगी अच्छा बुरा क्या है ये भी समझ में आ जाएगा चलिए अब है जल तत्व जल तत्व कौन सी राशियां है कर्क राशि वृश्चिक राशि और मीन राशि

54:05 और भाव कौन से हैं? चौथा भाव, अष्टम भाव, 12वा भाव। ये जल तत्वों को दिखाते हैं। अब वाटर देखो आप। वाटर के ट्रेड्स उठाओ। अभी हमने अग्नि को समझ लिया था। ठीक है? अर्थ को समझा। फिर हमने वायु को समझा। अब जल को समझो। वो कैसे बिहेव करता है? कैसे बिहेव करेगा? जल का काम है बहते रहना। चाहे उसके अंदर कोई कचरा डाले, चाहे उसको पवित्र नदी के सांप जैसे उसकी पूजा करें। गंगा के अंदर लोग कचरा भी डाल रहे हैं और गंगा को लाके हम पूजा भी कर रहे हैं। हर तरीके की चीजें है ना। तो जल तत्व वाले जो लोग होते हैं वो जल्दी

54:51 घुल मिल जाते हैं। वायु वाले भी जल्दी घुल मिल जाते हैं। क्योंकि वायु कैसी है? एक छोटा सा खेत करो उसमें से भी एंटर कर जाएगी। आप खिड़की खोलते ही आपको वायु का एहसास होता है। हवाई दरवाजा खुला हवाई पंखा जला एहसास हो गया। सबसे रिचिड जो है ना वो अर्थ है जो जिसमें लचीलापन नहीं है। जैसे अब ये ठोस चीज है ना ये फोन। इसको मैं ऐसे ऐसे कुछ नहीं कर सकती। आप अपने मकान को हिला के कहीं लेके जा सकते हो क्या उठा के? कि चलो यार मैं उठा के वहां ले जाता हूं। ठोस है। तो अर्थ वाले अगर किसी के मेजर प्लनेट्स अर्थी साइन में बैठे हुए हैं या इन भावों में बैठे हुए हैं भैया वो ढीठ स्वभाव का इंसान

55:38 है। ढीठ मतलब ऐसे नेगेटिव हो गया। बहुत स्टबन है। चीजें जल्दी से छूटेगी नहीं। आदतें छूटेगी नहीं। एक चीज को पकड़ के रहेगा। इकट्ठा करते रहेगा। किसी की बात बहुत जल्दी से मानेगा नहीं। अग्नि क्या करती है? अग्नि हमेशा ऊपर जाती है ना। फायर एयर ओ सॉरी फायर एलिमेंट क्या है? मतलब आदमी हमेशा ऊपर जाती है। या तो ऊपर जाती है या एसएफएल। तो अगर किसी के मेजर प्लनेट्स फायर एलिमेंट मतलब फायर की राशियों में

56:24 बैठे हुए हैं एक पांच नौ में तो आप ये कह सकते हैं ये इंसान बहुत ज्यादा एक्शन ओरिएंटेड है और अगर वो फायर बैलेंस है तो ये ऊंचा ही जाएगा लाइफ मतलब ये लीडरशिप जल क्या है जल का क्या एक ट्रेट होता है जल बह रहा अगर थोड़ा सा जल जैसे बह रहा है वैसे बह रहा है और आप जल को ऐसे बहते बहते कोई यू कर दो थोड़ा सा तो वहां बहने लग जाएगा। फिर जल को थोड़ा सा रास्ता इधर दिखा दो तो वो उधर बहने लग जाएगा। तो अगर किसी के मेजर प्लनेट्स जल तत्व की राशियों में बैठे हुए हैं या इन भावों में बैठे हुए हैं वो खुद जल्दी स्टैंड नहीं ले पाएगा। कहीं पे भी बह जाएगा। मतलब कहीं पे भी ढुल

57:09 जाएगा जिसको हम बोलते हैं हमारी भाषा में। यार ये हर जगह डुल जाता है। इसका खुद का कोई इमो ही नहीं है। इंडिविजुअलिटी नहीं है जिसको हम बोलते हैं। इंडिविजुअलिटी स्ट्रांग किस में होती है? सबसे ज्यादा फायर में होती है क्योंकि वो ऊपर जा रही है। लेकिन सारे अब ये मत कभी सोचना अच्छा ये ये तत्व सबसे अच्छा है। ये तो खराब है। वो सब बढ़िया नेचर की कोई चीज खराब नहीं है। बस या तो वो बहुत ऊपर है या बहुत नीचे है। हमको उसको बैलेंस करना है। बस इसी आप थ्योरी समझ लो। खराब कुछ भी नहीं है। कोई तत्व खराब नहीं है। हां अडॉप नहीं कर पाते चीजों को बहुत जल्दी से। अर्थ एलिमेंट वाले रिजिड माइंडसेट होता है बहुत ज्यादा।

57:57 वो दिखेगा उसके अंदर। एस्टर्स बनाने का दिमाग ज्यादा लगेगा। चीजें बनाऊं मैं इकट्ठा करूं, जोडूं अर्थ वाले मेजर दिखेंगे आपको जो जिनसे 10 साल पुरानी साड़ी भी निकाल के दी नहीं जा रही। जल तत्व वाला निकाल के दे देगा। अग्नि वाला दे देगा और अगर उसकी चीज नहीं दी तो लड़ने आ जाएगा और तुम्हारा तो निकाल के नहीं देगा कि नहीं यार क्यों दूं क्या पता 10 साल बाद में काम आ जाए टूटा हुआ सा कोई चम्मच भी रखिए तो वो रख देगा सिखा अरे यार रख दो अभी कहीं काम आ जाए क्या करना है किसी को देख के कितनी मुश्किल से चीजें बनती है ऐसे लुटाने के लिए है क्या वो इकट्ठा करता रहेगा करता रहेगा करता रहेगा आप उनके चार्ट में देखो आपको और एलिमेंट की चीजें

58:42 सबसे ज्यादा प्रोमिनेंट दिख जाएगी। इन इन भावों में इन राशियों में सबसे ज्यादा प्लनेट्स दिखेंगे या चंद्रमा देखेगा सूर्य देखेगा मेजर प्लनेट्स देख उससे चीजें निकलेगी नहीं बना रहा है और ये भी हो सकता है कि उसने खूब सारी प्रॉपर्टीज बना ली खूब सारा गोल्ड इकट्ठा कर लिया खूब सारे रिसोर्सेज है किचन में छोटी छोटी छोटी चीजें इकट्ठा मतलब प्लास्टिक के वो जो होते है ना फेंकते थे ना उठा के वो भी इकट्ठा कर लेते हैं कि नहीं नहीं नहीं कहीं बाहर जाएंगे तो काम आएगा तो वो निकालेगा नहीं जल्दी से अर्थ वाले को कोई चीज को छोड़ना बड़ा मुश्किल होता है। जल वाले के लिए छोड़ना अच्छा है। क्योंकि जल तो अपनी बह रहा है। बह रहा है। जल अगर एक जगह इकट्ठा हो गया तो बदबू मारेगा।

59:28 बांस आएगी उसमें से। तो जल वाले में यह है कि अगर उनके ऊपर लोग कितना भी नेगेटिविटी डालते हैं ना तो यह लोग अब्सॉर्ब भी कर लेते हैं। अगर अच्छा है, बैलेंस है और इमंबैलेंस है तो क्या करते हैं? हर्ट हो जाते हैं और वो हार्ट को लेट गो नहीं कर पाते। सालों साल तक उसको मेमोरीज के फॉर्म में अपने दिल दिमाग पे रखते हैं। तो वाटर एलिमेंट खराब हो। इसलिए वाटर की सबसे बेस्ट रेमेडी है लेट गो कर देना। क्योंकि हमारी पवित्र नदियों में हम इतना कचरा डाल के जाते हैं। फिर भी वो लेट गो कर देती है। फिर भी वो बह रही है सालों साल से सदियों से।

1:00:16 इसलिए जब आपके आंसू निकलते हैं तो आप हल्के हो जाते हो। वो जल तत्व है आपका। और जो रोता नहीं है वो गड़बड़ है। तो बहुत ज्यादा रोना भी गड़बड़ है। नहीं रोना भी गड़बड़ है। अब यह सारी थ्योरी को आप एज इट इज समझ में आ जाइए। आपको जल्दी जल्दी जल्दी ज्योतिष क्या आगे की चीजें तो जल खराब अब कोई इंसान मिला आपको पता चल जाएगा चलो चार्ट की भी जरूरत नहीं है। अब कोई बैठा आपके पास में अगर कोई इंसान एक ही एक इमोशंस को बार-बार रिपीट कर रहा है ना उसका जल तत्व खराब है। मतलब जल की राशियां खराब। नहीं मेरी सास ने मुझे ऐसे बोला था। फिर

1:01:01 आपने उसको समझा दिया। कल शांत उसके दुखड़े सुन लिए आपने। आपको लगा नहीं यार मैं इसकी दोस्त हूं। मैं इसकी यार हूं। मैं जो भी हूं मैं इसकी बहुत अच्छी वो हूं। आपने सुन लिया क्योंकि सुनना भी चाहिए। एक अच्छा ह्यूमन बीइंग की निशानी क्या है? अगर कोई दुख में है, कोई पेन में है, उसका जल तत्व खराब है, मतलब वो इमोशनली अभी इमंबैलेंस है। अगर आप उसकी चीजें सुन लोगे तो उसकी सारी अंदर की वो चीजें निकल जाएगी। इमोशंस। तो यह बैलेंस जल तत्व है। अगर वो इंसान बार-बार बार-बार बार-बार एक ही राम कथा को सुनाया जा रहा है 10 साल की भी पुरानी हाथ जोड़ लो उससे। मैं मैं बोल रही हूं आपको ये बात। क्योंकि वहां पे मैलेफिक इंपैक्ट है। वो उसके पुराने जन्मों का इतना कोई पाप कर्म कि उसको उन इमोशंस में जो बातें खत्म हो

1:01:47 चुकी है। जो जा चुकी है जिसने बोला था हो सकता है वो मर भी गया हो। जिसने किसी इंसान ने इसको हर्ट किया हो वो मर भी गया हो। लेकिन वो तो वही के वही नहीं मेरा दुख सबसे बड़ा है। मैं 20 साल से रो रहा हूं। उनका कोई इलाज नहीं है। उनसे आप भी नमस्ते कर लेना। मैं भी कर लेती हूं। उनका सिर्फ भगवान ही कुछ आप ये प्रे कर सकते हो कि भगवान इनको आप हील करो। तो जल तत्व जो है ना ये हीलिंग की राशियां है। हील करती है आपको। इसलिए मैं बहुत सारे लोगों को रेमेडी बताती हूं। जब वो इमोशनली बहुत इमंबैलेंस होता है कि भैया जाओ और पवित्र नदियों के स्नान कर कर आओ

1:02:32 क्योंकि वो आपको हील कर देगी। गंगा जी आपको तार देंगी और ये मतलब इसमें कोई इफ एंड बटी नहीं है कि अच्छा ऐसे कैसे होगा आप? मतलब कोई बोले कि सूरज थोड़ा ना कोई निकल सुबह थोड़ा निकलता है रात में तो कितनी स्टुपिड बात है। तो ये ऐसी बात है कि अगर कोई ये बोले कि नहीं ऐसे कैसे होगा? बिल्कुल होगा। अगर बहुत ज्यादा कुछ इमोशनल ट्रॉमास है उसको रेगुलर आप पवित्र नदियों के स्नान कराओ उसका इमोशनल ट्रॉमा बिल्कुल खत्म हो जाएगा और जो भी आप कल तो भाई ये इंटरनेट का जमाना है इतनी सारी रेमेडीज तो वैसे ही चलती रहती

1:03:18 सबसे पहली जो मैंने बताया दूसरी अब तो हर कोई तो एकदम से जान नहीं सकता भाई कोई पवित्र नदी की। उसके बाद में सबसे बेस्ट रेमेडी है शिवलिंग पे जल चढ़ाना। क्योंकि जब आप शिवलिंग पे जल चढ़ाते हो तो ये हमारे शास्त्रों में बनाया है। इसलिए आपका जल तत्व बैलेंस होता है। 100% आपका वो ट्रॉमा अगर कोई आप बहुत किसी एक बात को लेके परेशान हो, विचलित हो, इमोशनली ट्रॉमा में हो। आप शिवलिंग के जल चढ़ाओ, तीन महीना रेगुलर आपका वो इमोशन डिोल्व खत्म हो जाएगा। आपको चमत्कार लगेगा। अरे हां यार अब तो मुझे उस बात पे रोना ही नहीं आ रहा। पहले रोरो के रोरो के रोरो के बंद कमरा कर कर के लाइटें बंद करके लोगों को पकड़ पकड़ के

1:04:03 वो कितना बुरा हाल कर लिया था पूरा। अब तो हां अब तो अब तो अब तो हंसी और आ रही है कि यार ये ऐसी हरकतें थी। तो अब आपके सामने कोई बैठे ना और वो नॉर्मल अगर अपने कोई दुख खड़ा सुना रहा है तो क्या है देखो चार आठ 12 में क्या होता है ये एस्ट्रोनस के चार्ट में बहुत दिखेगा आपको क्योंकि ये हीलिंग की राशि है। अब हमारे पास में सब दुखड़ा सुनाने तो आते हैं क्योंकि हमारी शक्ल देख के उसको दुखड़ा याद आता है अपना किस बात क्योंकि डॉक्टर को देखते ही आपको अपना डॉक्टर के आप चले गए डॉक्टर ने दवाई दे दी सपोज वो डॉक्टर मिल गया आपको चार दिन बाद हां जी कैसे वो सही हो गए नहीं वो सही तो हो गया लेकिन फिर भी थोड़ा सा कुछ क्योंकि

1:04:50 डॉक्टर को देखते ही हमारे एक सिग्नल गया माइंड में और डॉक्टर मतलब अब उसको बताओ सारी चीजें तो अभी अभी आज सुबह की बात है। किसी ने मुझे बोला अरे आप है ना एक काम करो मुझे भी रख लो कम ज्ञान का पर बहुत ज्यादा बाततूनी मैं हूं। ज्ञान कम है ज्योतिष का लेकिन बाततूनी मैं हूं तो मैं ना ये ज्योतिष बहुत अच्छा कर सकता हूं। तो मैंने बोला आप कर तो सकते हो भाई तेरे इतने वायु तत्वों में ग्रह बैठे हुए हैं। तो बोलते क्या करना है? ज्योतिष में कुछ नहीं है। ये सब तो चलो सीख सिखा लो। लोगों के दुखेड़े तो सुनने हैं बैठकर। मैडम बोल तो सही जाएगी दूसरी बात तो करना क्या है कि तो सुनने पैसे कमाने हैं बस बोलते मैं तो स्पीकर में फोन डाल दूंगा हां भाई बताओ

1:05:35 क्या है और दुनियादारी में अपन एक्सपर्ट है ही शता जी मुझे बोलता है वो दुनियादारी के वही परेशानियां वही परपंच शादी बच्चे घर गृहस्ती तो स्पीकर फोन पड़ा उसप डाल दूंगा वो दुखड़े सुनाएगा वो सुन लूंगा इसमें क्या करना है तो ये चार आठ 12 राशियां एस्ट्रोलॉजर के चार्ट में बहुत प्रॉमिनेंट होती है या उनके चार्ट में बहुत प्रॉमिनेंट होती है। या तो बहुत दुख में है या लोगों के हील कर रहे हैं। ये दो ही चीजें इसलिए डॉक्टर्स के चार्ट में, थेरेपिस्ट के चार्ट में, एस्ट्रोलॉजर्स के चार्ट में, रेकी हीलर्स के चार्ट में जो भी हीलिंग के चीजों के अंदर है या तो लग्न आठ नंबर है या राशि आठ नंबर है या 12 नंबर है या आपका चार नंबर है या

1:06:20 इसमें मेजर ग्रह बैठे हुए हैं। यह आपको दिख नहीं। और अगर यह आपकी लाइफ में आए अब आप नोटिस करना एक और चीज आप आप कभी जब बहुत पेन में हो और ये देखो ये एक्सपेरिमेंट्स मैंने बहुत करे हैं। इससे ज्योतिष बहुत अच्छा सीखता है आदमी क्योंकि मैं हमेशा बोलती हूं किताबें कितनी पढ़ लोगे किताबें तो लाखों करोड़ों में कोई नहीं पढ़ सकता और पढ़ने के बाद में याद कितना रख लोगे तो क्लासिकल टेक्स्ट पढ़ लो जिसके अंदर थ्योरी सब समझ में आ जाए आपको उसके बाद में रोज लोगों को समझना चालू करो और वो इवेंट क्यों हुआ मेरा रोज का काम था अभी तक भी है कि भाई ये आज मेरे साथ में ऐसा हुआ तो क्यों हुआ

1:07:07 तो वो चार्ट खोल के देखना ग्रह देखना ये चलता रहता है आप नहीं भी करोगे इससे आपकी ज्योतिष की जर्नी बहुत सिंपल हो जाएगी। तो अब आप सपोज किसी दिन बहुत आपका लो मूड है भयंकर वाला कि आज तो जीने की इच्छा ही ख़ हो गई और उस वक्त आपकी जिंदगी में कोई आए और फिर जीने की इच्छा जाग जाए तो आप देखना उसका चार्ट अगर मांग सको तो उसके चार्ट में चार 8 12 राशियां ये भाव में मेजर प्लनेट्स होंगे 1000% इसलिए वो आपको हील करके चला गया। समझ में आ गई थ्योरी? दो चार लोग हां बोलो। >> यस सर। >> यस।

1:07:53 >> यस मैम। >> क्या करना है आपको? जिस दिन आपको जीने की इच्छा खत्म हो उस दिन दो घंटे के लिए होती है। ऐसे वो थॉट्स थोड़ी देर के लिए आते हैं कि आप मर जाओ ज्यादा अच्छा है। इतना सब कष्ट है जीवन में। ठीक है? और आप बहुत रो रहे हो, धो रहे हो और ऐसे बावले हो रहे हो इमोशनल। जिंदगी खत्म हो गई। ऐसे हो गया और आपको उस वक्त कोई आया है तो किसी का फोन ही आ गया तो आपका मन तो नहीं था उठाने का लेकिन आप सोचा चलो यार उठा ही लेते हैं तो आप उससे बात करते करते अपने दुख दर्द भूल गए और आपको जब फोन रखा तो आपने आंसूस तो सब पछ लिए चाय बना के और पी ऐसा लगा थोड़ा सा हल्का-हल्का फील कर रहा है तो आप क्या करना उसका चार्ट मंगाना है भाई तेरा तेरा तेरा डेट ऑफ टाइम आप देख लेना उसके चार आठ बार आपको्ट दिख जाएंगे उसमें क्योंकि उसके पास में हीलिंग कैपेबिलिटी थी उसने अपने

1:08:41 जल से सब कुछ अब्सॉर्ब कर लिया। पानी क्या करता है? जल क्या करता है? शीतलता देता है। समझ में आ गई? और आपके भी अगर आप ज्योतिष सीख रहे हो तो या तो आपकी महादशा चल रही है। चार आठ 12 या आपके मेजर प्लनेट्स बैठे हुए हैं या आप कोई ट्रॉमा में से निकले थे। कोई परेशानी आई थी। कि कुछ ना कुछ तो हुआ था चार आठ 12 से जो आपको मानस सारे आपका जिससे मन खराब था। इसीलिए मैं हमेशा एक डायलॉग चिपकाती हूं अपने कोर्स में स्टार्टिंग में ही चिपका देती हूं कि भाई जो जो ये कोर्स कर रहा है सीखेगा नहीं सीखेगा तो बहुत दूर की बात

1:09:27 है। लेकिन ये कोर्स करते करते उसकी हीलिंग पूरी हो जाएगी। हील हो जाएगा वो। वो हील हो जाएगा। तो ये जल की ताकत है। अब जल की ताकत कितनी बड़ी है? 75% वाटर है। हमारी बॉडी में भी वाटर है। इसीलिए जल क्या करता है? जल स्थिर नहीं है। हाई टाइट्स लो टाइट्स हाई टाइट्स लो टाइट। सो इमोशनली हम ऊपर नीचे ऊपर नीचे होते रहते हैं।

1:10:12 अभी बहुत मतलब ऐसा प्यार आ गया कि भैया जन्मों जन्मों का प्यार आ गया किसी के ऊपर। और फिर वो जब लो गया तो बस तो यह चंद्रमा या यह राशियां डिसाइड करेगी कि आप इमोशनली कितने स्टेबल हो। गीता में भगवान कृष्ण ने अगर आप उसको बहुत डिकोड करो तो उन्होंने सबसे ज्यादा सबसे ज्यादा अपने श्लोकों में मन को स्थिर रखने के लिए कहा है। हर श्लोक में मन आ जाता है। मन मन मन मन के हारे हार मन के जीते जी मन को ये मन को स्थिरता बताई उन्होंने क्योंकि जिसका मन स्थिर है उसकी दुनिया वश में है। जो इमोशनली बहुत

1:11:01 ज्यादा इमंबैलेंस है उसका जीना बड़ा मुश्किल है। अब चार 8 12 राशियों वालों में दोनों चीज़ होती है। या तो ये सबसे ज्यादा भी इंटेंसिटी है। इन अब देखो ये जो राशियां है ना इनमें भी हम बात करेंगे कि 1 5 9 फायर थी। इनकी फायर के ट्रेड्स अलग-अलग है। मेष राशि में क्या जल्दबाजी वाली फायर है। लियो में गुस्से की फायर है। सेजिटेरियस में ज्ञान की फायर है। मतलब ज्ञान का ईगो घमंड आ गया। दो छ 10 अर्थी साइन है तीनों। तीनों अर्धी है लेकिन तीनों के ट्रेड्स अलग-अलग हैं काम करने के। टॉरस वाला इकट्ठा करेगा। वर्गो वाला कैलकुलेशन करेगा। जिसको हम

1:11:47 ब्याज का कैलकुलेशन बोल सकते हैं और कैप्रीिकॉर्न वाला मेहनत करके कमाएगा। वायु के अंदर तीन जो है वो टॉकेटिव है। टॉकेटिव है बहुत ज्यादा और आइडिया को कॉपी पेस्ट करेगा। कॉपी पेस्ट मतलब आईडिया की है क्योंकि वायु मतलब आपके विचार, थॉट्स, आईडिया। तो मिथुन राशि वाला क्या पता है कैसा होगा? वो कॉपी कैट है। इसका विचार लिया, इसका विचार लिया, उसमें चिपकाया और सामने प्रेजेंट कर दिया। लिब्रा वाला वायु है। लेकिन उसके ट्रेड्स काम करने के तरीके अलग है। सोफिस्टिकेटेड है। वो बहुत तोल के कर रहा है काम। जितना लिया उतना देगा।

1:12:36 विन विन सिचुएशन की बात करेगा कि यार आपको भी ऐसा कुछ काम करते हैं। चलो बिज़नेस करते हैं जिसमें आपको भी फायदा हो। मुझे भी फायदा हो। चलो आपको यह काम आता है मुझे यह काम करता है। इसको हम चालू कर एक्वेरियस जो वायु तत्व की राशि है वहां पे हाइली मतलब वो बहुत ज्यादा हाई क्रिएटिव आइडियाज देती है वो। रिवोल्यूशन की राशि बोलती हूं मैं उसको। समाज में देखो समाज में रिवोल्यूशन कब आता है? कोई ऐसा इंसान पैदा हो जो अपने विचारों से लोगों के विचारों को बदलने की ताकत रखे। जैसे भक्ति मूवमेंट आया था जैसे वो एक मूवमेंट आया था जिसमें लोगों ने मूर्ति

1:13:23 पूजा बंद कर दी थी। वो क्या था? वो उनके किसी की सोच थी कि नहीं ये गलत है ये कि क्यों मूर्ति पूजा हो कौन सा मुथा हो क्या बोलते तुम लोगों को >> आर्य समाज >> आर्य समाज तो आर्य समाज या ऐसा कोई भी समाज ऐसी कोई भी सोसाइटी जो एक किसी बिलीफ किसी आईडियोलॉजी को चेंज कर रही है और लेकर आ रही है यह सब वायु तत्व में होगा लेकिन कुंभ राशि में होगा मिथुन राशि में वायु है लेकिन वहां पर कॉपी कैट है लेकिन एक्वेरियस में एक ऐसी आईडियोलॉजी एक ऐसा विचार है जहां पे वो मासेस के अंदर उन विचारों को चेंज कर दिया कि नहीं अब लोग

1:14:09 अडॉप गए कि हां यार मूर्ति नहीं हां वही कि लिविन में रहना तो अच्छा है कुछ भी हो सकता है वो तो जिनका एक्वेरियस बहुत प्रोमिनेंट होता है वो लोगों के आइडियोलॉजी को चेंज कर सकते विचारने की सोचने की क्षमता ही बदल दी पूरी। इसीलिए जितना भी प्रिंटिंग का काम है, मीडिया का काम है वो सब वायु तत्वों में आता है और वो क्या काम करती है? आपके विचारों को बदलती है। आपका खुद का कोई विचार नहीं है भाई। कुछ भी रिवॉल्यूशन ले लो। आप ग्रीन रिवॉल्यूशन, रेड, पिंक कुछ भी ले लो। कोई भी रिवॉल्यूशन। यह कुंभ राशि के अंदर आता है और जिनके यह वायु खराब होते हैं वह बहुत जल्दी इन्फ्लुएंस होते हैं। इसलिए

1:14:54 इन्फ्लुएंसरर जो कम्युनिटी है वो भी वायु तत्व से हम देखते हैं। और जिनका वायु खराब होता है वो बहुत जल्दी इन्फ्लुएंस करते हैं। अच्छा फैशन के अंदर ये चल रहा है। मतलब फैशन के अंदर यह चल रहा है कि छोटे कपड़े पहनने हैं तो ही हम कुछ कर सकते हैं लाइफ में या मतलब कुछ जो चीजें अनऑर्थोडॉक्स है अगर ये करना है तो ही हम लोग कोई कोई आपको इन्फ्लुएंस कर रहा है कोई चीज आपको इन्फ्लुएंस कर रही या तो आप कर रहे हैं या आपको कोई कर रही है ये सब वायु तत्व डिसाइड करेगा आपका और ये सब मीडिया डिसाइड करेगी। मीडिया में जो चल रहा है वो आपके विचार है। इसलिए सबसे ज्यादा एडवरटाइजमेंट कंपनीज जो है

1:15:41 जितनी भी मीडिया वो सब वायु तथ से देखते हैं। जिनका वायु कद्द अच्छा था वो तो एडवरटाइजमेंट में कर रहे हैं काम या मीडिया में काम कर रहे हैं। और न 60% बजटिंग किसी भी कंपनी को खड़ी करने में मार्केटिंग पे खर्च होती है। मार्केटिंग का सबसे बड़ा फंड निकालते हैं वो लोग पहले। क्योंकि मार्केटिंग से क्या होगा? आपके विचार बदलेंगे कि भैया ये चीज तो 10 बार ऐड देखते देखतेदेखते आपको उस चीज की नीड हो जाएगी यार इसके बिना तो मैं रह ही नहीं सकता। इसके बिना तो मैं बाहर निकल ही नहीं सकता। तो ये क्या है? मार्केटिंग जो आपकी आईडियोलॉजी आपके विचारों को बदल रही है। सारी आ गई भाषा समझ में आपको पूरी तत्वों की। यही सब अप्लाई करनी है। यह ज्योतिष का

1:16:28 राज है। यह चाबी है। बस यहां से सब चीजें आपको निकलने लग जाएगी। एक के बाद एक सब कनेक्टिविटी चालू हो जाएगी। तो जल जो लास्ट बचा था अपना तो जल मैंने फिर बोलूंगी। इमंबैलेंस है। बहुत टच है। बहुत इमोशनल है। बहुत सेंसिटिव है। छोटी-छोटी बात पर हर्ट होकर रोने लग जाता है। बॉडी वेट बढ़ेगा, स्वेलिंग रहेगी बॉडी के अंदर। अगर फिजिकल बॉडी में देखिए अगर किसी का यार वाटर एलिमेंट खराब है तो क्या होगा? आंखों के नीचे पफीनेस हो जाएगी। ऐसे कुछ करेंगे जैसे गड्ढा पड़ जाना, स्वेलिंग हो जाना, वाटर रिटेंशन जिसको हम बोलते हैं। छोटी-छोटी बात पे एकदम से बस टच

1:17:16 करानी है आपने कोई बात और वो धड़ने लग जाना। हर बात पे रोना। रोना अच्छा है भाई। अगर कोई भी आपको चैलेंज आया है ऐसा इमोशनल आप एक दो घंटे रो लो कमरा बंद करके वो ज्यादा अच्छी थेरेपी है बाथरूम में नहाते नहाते रो लो बहुत अच्छी थेरेपी है भगवान के बैठ के भगवान के सामने बैठो और एक घंटा रोलो आप हील हो जाओगे 100% हील होगे 5000 10000 1000 2000 एक्स्ट्रा देने की जरूरत ही नहीं है लेकिन ये बार-बार बार-बार बार-बार अगर वो वो इंसिडेंट वो ट्रॉमा आपको इमोशनली हिट कर रहा है कर रहा है और आप उसको लेट गो नहीं कर पा रहे हो तो वो बहुत बड़ा

1:18:01 प्रॉब्लम देगा आपको लाइफ में और इस लाइफ में भी नहीं नेक्स्ट लाइफ में क्योंकि सड़ा हुआ पानी बास उसमें जर्म्स आ जाते हैं बैक्टीरियास आ जाते हैं। उससे फिर आपको बॉडी में बहुत डिफरेंट डिफरेंट डिजीज भी हो सकती है। और फिर जल की बहुत सारी चीजें हैं। यह तो मैंने आपको हीलिंग तो मेजर है हीलिंग। और जब आप हील होते चले जाते हो तो आपके लिए फिर क्या होता है? अब आप किसी चीज से अटैच नहीं हो। जब अटैचमेंट खत्म होता है तो धीरेधी फिर आप इवॉल्व हो रहे हो तो आपकी स्पिरिचुअलिटी बढ़ती चली जाती है। अध्यात्म बढ़ता चला जाता है। क्योंकि अध्यात्म में यही सिखा रहा है अटैच नहीं होना है। बहुत ज्यादा अगर अटैच है आदमी

1:18:49 चीजों से तो उसका वाटर एलिमेंट खराब है। खराब नहीं बोलूंगी इमंबैलेंस। अटैचमेंट्स जो है वह वाटर को खराब कर देते हैं। इसलिए मोक्ष त्रिकोण राशियां है। यह मोक्ष दिलाती है। मोक्ष में सबसे पहला काम क्या है? डिटच होना। वो कोई भी चीज हो सकती है। इंसान हो सकता है, परिस्थिति हो सकती है, जगह हो सकता है, एनवायरमेंट हो सकता है, कुछ भी चीज हो सकती है। कई लोगों का अटैचमेंट हम सोचते हैं लोग बढ़िया है। कई लोगों का अटैचमेंट इस लेवल पर होता है कि भाई किसी इंसान को मरे हुए 50 साल हो गए फिर भी उसकी चीजों को रख के बैठा हुआ है और हम सोचते हैं अरे वाह यार इसको कितना

1:19:35 उससे उसको कोई ये नहीं है उसका कुछ ये इमोशनल ड्रामा है भैया छोड़ने को तैयार नहीं है या एक्सेप्ट करने को तैयार नहीं है कि वो आदमी जा चुका है वो मर गया वो गया अब वो कहीं और है तो कई लोग इसमें हैप्पी हो रहे होते हैं और सालों साल उसको मतलब समझो के रखते हैं रखते हैं रखते हैं रखते हैं रखते रखते रखते रखते हैं तो वो उस उस आदमी से भी डिटच नहीं होते उसको भी फ्री नहीं करते क्योंकि देखो ना आप चार और 12 कितनी सुंदर राशियां है डिवोशन की राशि है डिवोशन में देना है लेट गो करना है और प्यार में क्या बोलते हैं प्यार में तो

1:20:21 पकड़ना है ही नहीं प्यार में तो छोड़ना है जाने देना है। पकड़ोगे तो दिक्कत आएगी। जाने दो, छोड़ दो। अगर आपकी चीज आपके पास में आ जाएगी नहीं तो नहीं थी वो चलेगी। आएगी आपकी थी तो आपके पास में आ जाएगी। नहीं थी और फिर भी आप पकड़ के बैठे हो तो पेल देगी। चार आठ 12 जब बहुत एक्टिव होता है। बहुत ज्यादा ज्यादातर मैंने अगर कोई बहुत ज्यादा स्पिरिचुअल प्रैक्टिस नहीं कर रहा ये थ्योरी को नहीं समझता ना वो पेन में होता है। तगड़ा वाला और मैं बता दूं हम बोलते हैं नहीं ये तो देखो उसका प्यार था। ये उसके इमोशंस थे। वो उससे उससे इतना प्यार करता था। नहीं वो

1:21:07 उससे प्यार नहीं करता था। वो खुद से प्यार करता है। वो उससे प्यार नहीं करता है। जैसे छोटा बच्चा को हम बोलते हैं कि हम बहुत अच्छे उसको कपड़े बना रहे हैं। हम उसको बहुत ज्यादा अच्छे स्कूल में भेज रहे हैं। फिर हम उसको बड़े हो के बोले कि भाई देख मैंने तेरे को इतना पढ़ाया। मैंने तेरे को ऐसे किया। मैंने अरे उस बच्चे को तो पता ही नहीं था कुछ कहीं भी पढ़ा दो, कुछ भी कपड़ा पहना दो, कुछ भी खिला दो। वो तो आपका सेटिस्फेक्शन था दुनिया में दिखाने के लिए कि मैं अपने बच्चे को बेस्ट स्कूल में बेच रही हूं। बेस्ट कपड़े पहना दूं। वो आपका अटैचमेंट है। उसका नहीं है उस बच्चे का। तो उस अटैचमेंट में भी आप अपना ही सुख ढूंढ रहे होते हो बेसिकली। तो चार आठ 12 यह सिखाता है कि लेट गो करोगे तो और लेट गो में जो पावर है अगर आपने लेट गो कर दिया तो आपको नहीं पता

1:21:52 फ्रेश चीज कितनी अच्छी आने वाली है आप तो उसी में सड़ी हुई चीज में पकड़े बैठे हो नहीं मेरा मेरा मेरा मेरा नहीं छोड़ सकती मैं नहीं भूल सकती मैं तो जाने ही नहीं दूंगी मैं तो यादों में रखूंगी मैं बात ही करती रहूंगी वो पेन पेन पेन पेन जाना ही नहीं और इन लोगों को कितना भी समझा लो आप अगर इसमें मैनेजिक इंपैक्ट आ जाए तो बड़ा मुश्किल है इन लोगों को समझाना क्योंकि ये पुरानी वासनाएं को लेकर कैरी फॉरवर्ड कर रहा है। यहां पे ये इंसान को खुद को बहुत सारी सात्विक या स्पिरिचुअल रेमेडीज करनी पड़ेगी ताकि इन दोषों से वो छुटकारा पा सके। इसमें पिस राशि लास्ट राशि है जहां पर मोक्ष दिखाता है। पिस राशि या

1:22:38 12वा भाव जहां पे कंप्लीट सेलुशन है। कंप्लीट सरेंडर है। कंप्लीट हैप्पीनेस है। और चीजें आप जितना देते जाओगे किससे? समुद्र का पानी है। वो डीप सी है। वो कभी खत्म नहीं हो सकता। इसलिए देने में जो इतनी बड़ी ताकत है वो किसी और एलिमेंट में नहीं है। जितना दोगे उससे मल्टी फोल्ड होके वो चीजें आ जाती है। तो आपको लग रहा हो कभी भी कोई ऐसी सिचुएशन है ना कि यार आपके बस में नहीं है। फिर भी आप अपना बस चला रहे हैं उसको रोकने के लिए उसको पकड़ने के लिए उसको थमाने के लिए वो कुछ भी हो सकता है। वो जॉब हो सकती है। यार ये जॉब तो जानी नहीं चाहिए। जानी नहीं चाहिए। जानी नहीं चाहिए। चाहे कुछ भी हो जाए। ये सर्वेंट नहीं जाना चाहिए। ये काम नहीं जाना चाहिए। ये मेरा क्या मतलब छोटी-छोटी

1:23:25 चीजों में भी करते हैं लोग कि यार वो मेरा एक सामान वहां रखा हुआ है वो कहीं चला नहीं आप अगर वो नहीं है तो वो जाएगा और जितना होल्ड करोगे उतना पेन देगा वो और आप लेट गो कर दो छोड़ दो आप रिलैक्स हो जाओगे आपको शांति से नींद आएगी और बेटर चीज आपके लिए लिखी है तो जब पुरानी चीज जाएगी तभी नहीं आएंगे जब पुराने विचार दिमाग से जाएंगे तभी नए विचार आएंगे पुराने इमोशंस जब खत्म होंगे तो नए इमोशंस जागृत होंगे नहीं तो वो बांस मारेगा पत्थर पनपेंगे काई जमेगी फूट लगेगी इसलिए बार-बार मोक्ष को भी दिखा रहा है और पागल खाने को भी दिखा रहा है अकेलेपन को भी दिखा रहा है लॉसेस को भी दिखा रहा है

1:24:10 चैरिटी को भी दिखा रहा है अब आप फिर से ये देख लो एलिमेंट्स और राशियों के लिस्ट लगे हैं 12 राशियां। यह छोटे छोटे से कीवर्ड्स हैं। यह आप लोग पढ़ लेना हर राशि के जो मैंने बहुत डिटेल में भी आपको बताए।

1:25:02 अब इंपॉर्टेंट ये तीन मॉडेलिटी देखो। यह जो राशियां लिखी हुई है ना एरीज, कैंसर, लिब्रा, कैप्रीिकॉर्न यह मूवेबल राशियां है। लियो, स्कर्पियो, एक्वेरियस, टॉरस ये फिक्स राशियां है। सेजिटेरियस, पिस, जेमिनाई, वर्गो ये डुअल राशियां है। अब आपकी जन्म पत्रिका में जहां पर अब यह भी आप काम करना एक और चार्ट बनाना और वहां पर लिखना जहां पे एक नंबर एरीज आ रही हो चार नंबर कैंसर आ रहा हो सात नंबर लिब्रा आ रही हो 10 नंबर कैप्रीिकॉर्न आ रहा हो वहां पे आप एम एम एम एम लिख देना जहां पे लियो स्कर्पियो एक्वेरियस टॉरस आ रहा हो

1:25:50 वहां पे एफ लिख देना और जहां पे सेजिटेरियस पाइ जेमिनाई वर्गो आ रहा हो वहां पे टी लिख देना इसका मतलब यह है कि इन भावों से रिलेटेड अगर जहां पे एम एम आ रहा है मूवेबल वहां पे चीजें आपकी जिंदगी भर मूवमेंट में रहने वाली है। वो भाव वो एरिया एग्जांपल किसी का लगन एरीज है जो मूवेबल साइन में है। इसका मतलब यह है यह इंसान की पर्सनालिटी कैसी है? इधर से उधर मतलब मूव मूव मूवमेंट वाला है। मूव मूव करेगा इधर से उधर। एक्टिव मोशन में रहने वाला मूव मतलब मोशन स्थिर नहीं है

1:26:37 एडमेंट नहीं है मूवेबल आ गया एग्जांपल के लिए एक और ले लेते हैं किसी के फोर्थ हाउस चौथे भाव में कैप्रीिकॉर्न आ रहा है 10 नंबर लिखा हुआ है फोर्थ हाउस के अंदर 10 नंबर लिखा हुआ है मूवेबल है तो हो सकता है उसकी मल्टीपल प्रॉपर्टीज बने मूवेबल कभी किसी घर में रह रहा है कभी कभी फ्लैट में रह रहा है, कभी

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