0:00 हम लोगों का जो सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ उसमें किनका है कौन बोल रही हैं? >> मैं निशि डॉक्टर निशि निशि के बातें हमें रुक गई थी। अब वो एक अच्छा सा हमें कविता सुनाएंगी या जो उनका है चलिए >> ये मैंने YouTube से लिया है सर। मतलब मेरा खुद का लिखा हुआ नहीं है। कल सब लोग कर रहे थे अपना प्रेजेंटेशन तो मैंने सोचा मैं अभी कुछ बोल लूं। हालांकि फातिमा मैडम ने स्टार्टिंग कर दी लेकिन मैं उसको अपने उसमें बोल देती हूं। खूबसूरत से एक पल का किस्सा बन जाता है। खूबसूरत से एक पल का किस्सा बन जाता है। जाने कब कौन जिंदगी का हिस्सा बन जाता है। कुछ खास लोग मिलते हैं जिंदगी में। कुछ खास लोग मिलते हैं जिंदगी
0:46 में जिनसे कभी ना बिछड़ने वाला रिश्ता बन जाता है। सर आप बिल्कुल ऐसे ही हैं। अब जो कविता मैं बोलना चाहती हूं वो यह है। तू अपनी खूबियां ढूंढ कमियां निकालने के लिए लोग हैं। अगर रखना ही है कदम तो आगे रख। अगर रखना ही है कदम तो आगे रख। पीछे खींचने के लिए लोग हैं। सपने देखने ही हैं तो ऊंचे देख नीचा दिखाने के लिए लोग हैं। अपने अंदर जुनून की चिंगारी भरका अपने अंदर जुनून की चिंगारी भरका चलने के लिए लोग हैं। अगर बनानी है तो यादें बना अगर बनानी है तो यादें बना। बातें बनाने के
1:34 लिए लोग हैं। प्यार करना है तो खुद से कर। प्यार करना है तो खुद से कर। दुश्मनी करने के लिए लोग हैं। रहना है तो बच्चा बनकर रह। रहना है तो बच्चा बनकर रह। समझदार बनाने के लिए लोग हैं। भरोसा रखना है तो खुद पर रख। भरोसा रखना है तो खुद पर रख। शक करने के लिए लोग हैं। तू बस सवार ले खुद को आईना दिखाने के लिए लोग हैं। तू बस सवार ले खुद को आईना दिखाने के लिए लोग हैं। खुद की अलग पहचान बना। खुद की अलग पहचान बना। भीड़ में चलने के लिए लोग हैं। तू कुछ करके दिखा दुनिया को। तू कुछ करके
2:20 दिखा दुनिया को। तालियां बजाने के लिए लोग हैं। >> लोग है ना? बस और लास्ट में दो लाइनें और खुद से जीतने की जिद है मेरी। खुद से जीतने की जिद है मेरी। मुझे खुद को ही हराना है। मैं भीड़ नहीं हूं दुनिया की। मेरे अंत ही जमाना है। धन्यवाद। >> थैंक यू। थैंक यू सो मच। >> वेरी गुड मैडम। >> सर मेरा देशभक्ति गीत कल रह गया था। चलिए >> तो मैं गा दूं प्लीज मैडम और उसके बाद गुंजन मैडम सुबह बोली थी कि मैं भी बोलना चाहती थी कुछ और मे बी अ सॉन्ग तो गुंजन मैडम आप अगर रेडी है तो वो भी आज सुना ही दीजिए हम लोगों को >> बोला था चार लाइन के लिए
3:08 सर पुलवामा अटैक के टाइम पर मैंने यह लिखा था और इसमें अल्फाज मैक्सिमम उर्दू के यूज किए हुए हैं मैंने भारत मां के बेटे जहां भी रहे भारत मां के बेटे जहां भी रहे सलामत रहे पले बोले भारत का प्यारा चमन बने सबकी आंखों
3:57 का तारा चमन नजर बद से महफूज भारत रहे नजर बद से महफूज भारत रहे सलामत रहे तिरंगा ऊंचा ये मुल्क ज़बी का जहां में बजे डंक का फत है मुबीका
4:46 खुदा की हमेशा इनायत रहे खुदा की हमेशा इनायत रहे [संगीत] सलामत रहे थैंक यू नाइस नाइस मैडम वै नाइस या गुंजन मैडम >> मैम यस मैम >> या >> हेलो एवरीवन मेरा नाम गुंजन सिंह है असिस्टेंट प्रोफेसर जग्राफी जग्राफी अंबेडकर नगर उत्तर प्रदेश से अभी मुझे एक
5:32 गाना याद आ रहा है जो आज की सिचुएशन पे एकदम फिट भी बैठ रहा है उसको मैं गुनगुनाना चाहूंगी तुम ही सोचो भला क्यों ना रोके तुम्हें जान जाती है जब उठ के जाते हो तुम जान जाते हैं जब उठ के जाते हो तुमको अपनी कसम जाने जा बात इतनी
6:18 मेरी मान लो आज जाने की जििद ना करो यू ही पहलू में बैठे रहो [संगीत] यू ही पहलू में बैठे रहो। आज जाने की जििद ना करो। थैंक यू एवरीवन। >> क्या बात है बहुत अच्छा। >> थैंक यू। थैंक यू। सर लोग कितने समय तक रह सकते हैं इस प्लेटफार्म में टुडे? >> मैम कौन से विज्ञापन में आए हैं आप?
7:06 सर मैडम >> गवर्नमेंट डिग्री कॉलेज >> नहीं सर ये >> सहायता प्राप्त है डीवीडी पीजी कॉलेज करके पर आश्रम अंबेडकर नगर >> 50 >> हां जी सर 2022 में >> बहुत अच्छे गाई मैडम मैंने आपने और कोई एक मैडम अभी लिखी है >> मैं भी कुछ बोलना चाहती हूं श्वेता श्वेता मैडम मैम यस मैम गुड इवनिंग मैम गुड इवनिंग सर गुड इवनिंग एवरीवन अ मैंने संजीव सर की बातें सुनकर के कभी-कभी ऐसा लगता है कि ज्ञान के रास्ते पर तो हम सब चल पड़े हैं पर असली ज्ञान क्या है वो अंतरात्मा से ही जाने तो ही किताबों की
7:53 बोल समझ में आएगी तो कुछ लिखा था और आपका परमिशन हो तो आप सबके सामने कुछ आधी अधूरी लाइनें मैं >> प्लीज प्लीज मैडम जी थैंक यू थैंक यू सो मच कि आधे जली तीली की एक सूखी सी सिसकी कि आधे जली तीली की एक सूखी सी सिसकी जो पूरी रोशनी से जलने से पहले ही झुक जाती है। वो आखिरी सी लौ वो आखिरी सी लौ जो गैस के चूल्हे पर बुझने से पहले एक बार और भड़क कर तेज जल उठना तो चाहती है पर बुझ जाती है। वह सवेरा जिसमें उजाला नहीं बस एक थकी सी रोशनी होती है जो तमाशे की गोद में
8:41 धीरे से गिर जाती है वो वक्त जो या तो रेत सा हाथों से फिसलता है या फिर या फिर हम हर बार हम एक तीली जलाते हैं शायद यही सोचकर कि जिंदगी जले तो कम से कम उसकी राख में कुछ गर्मी तो हो वरना बिना जले बिना झुके के बिना गिरे बिना फिसले क्या जिए। सो दैट्स इट। थैंक यू। >> बहुत अच्छा मैडम। >> बहुत अच्छे। बहुत अच्छा श्वेता मैम। >> थैंक यू। >> एनीबडी मैडम हम आज सर से रिक्वेस्ट करेंगे। सर इतना हंसाते हैं। इतना अच्छे से हमें
9:29 ट्रीट करते हैं। ऐसा लगता है कि पत्थर भी उनके सामने बोल पड़े। तो सर भी एक छोटा सा गाना आज गा दे। संजीव सर >> संजीव सर इसदर प्रोग्राम एंड होगा हमको लग रहा है सर उधर >> बाकी लोग कोई कुछ बोलना >> स्पीकर म्यूट है >> मैडम मैं दो लाइनें कहना चाहती हूं >> डॉक्टर संध्या चौरसिया >> या >> काम करो ऐसा कि पहचान बन जाए चलो ऐसे कि निशान बन जाए। जिंदगी तो जी लेते हैं सभी। जिंदगी जियो ऐसे की पहचान बन जाए। >> वाह बहुत बढ़िया संध्या बहुत बढ़िया।
10:16 >> बहुत अच्छा। >> हेलो >> जी मैडम। हेलो >> हां कौन बोल सर? >> हां >> जी सर चार लाइन मैं भी बोलना चाहता हूं। प्लीज सर आज बोलिए आज के शाम सबके नाम >> जी जी थैंक यू मैडम थैंक यू मैडम जी जी वैसे मैं तो एफआईपी मैडम हां फैकल्टी इंडक्शन प्रोग्राम भी मैंने यहीं से किया था 2021 में आदरणीय पांडे साहब के साथ बहुत ही अच्छे हैं सर मेरे लिए तो आदर्श जैसे मानता हूं मैं सर को हमेशा बहुत मदद करते हैं सर और हर चीज को बड़े ही सहज रूप में पेश करते हैं मैं चार लाइन सुनाना चाहता हूं।
11:03 हेलो आवाज आ रही है सर आ रही है थैंक यू सर >> यस सर यस सर सर लाख दलदल ही सही पैर जमाए रखिए लाख दलदल ही सही पैर जमाए रखिए हाथ खाली ही सही ऊपर उठाए रखिए कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता कौन कहता है छलनी में पानी रुक नहीं सकता बर्फ होने तक जरा धैर्य बनाए रखिए बर्फ होने तक जरा धैर्य बनाए रखिए। थैंक यू। जय हिंद सर। >> अरे वाह सर बहुत अच्छे कही सर। बहुत अच्छे >> मैम। >> हां सर। >> राम कुमार सर >> मैडम >> हां सर बोलिए।
11:50 >> हेलो >> सचिन सर बोल रहा हूं सर। मैम >> सचिन सर बोलिए। देना था। >> हेलो >> लास्ट वीक हमारे ग्रुप में ऐसी बात हुई थी एचपीएसएस सीखना है। >> यस वेरी नाइस। >> अगर जिसको सीखना हो जिसको डेटा एनालिसिस में कुछ भी प्रॉब्लम हो तो WhatsApp ग्रुप के अंदर कुछ भी मैसेज दे दो। एनी टाइम आप मुझको बोलेंगे तो बेसिक से हाउ टू एंटर डेटा हाउ टू क्रिएट वेरिएबल हाउ टू एनालाइज योर डेटा वि डेटा एंड वि स्टेज टू परफॉर्म वो सब अगर आप मुझको बोलेंगे तो एनी टाइम जब भी जिसको
12:36 किसी भी चीज की जरूरत हो तो उसके अंदर ग्रुप में लिख देना मैं अवेलेबल हूं। >> थैंक यू सर। >> सर >> हेलो थैंक यू सो मच सर। >> सभी पार्टिसिपेंट सभी साथियों से मेरा अनुरोध है कि बस ऐसे ही जुड़े रहिएगा। ग्रुप पर अपने अपनी बातें शेयर करते रहिएगा। हम साथ-साथ हमेशा चलेंगे ऐसी उम्मीद करती हूं। >> एकदम एकदम सही कहा। >> हां प्लीज सर। मनोज सर। >> डॉक्टर मनोज कुमार विश्वकर्मा। >> यस सर। जबलपुर से मेरा बेटा बैठा है सिद्धांत विश्वकर्मा वो एक पोयम सुनाना चाहता है तो आप परमिशन दे तो >> ये प्लीज सर ये सबका प्लेटफार्म है सर बच्चे बोलेंगे ये तो खुशी की बात है
13:23 >> हां मैडम थैंक यू मैडम थैंक यू बेटा मेरा नाम >> हां नाम बताओ >> मेरा नाम सुन है >> हां बोलो ओ गौरैया रानी >> बहुत अच्छे गांव बेटा औरैया रानी मुझे बहुत अच्छे लगते हैं तेरे पंख सुनहरे रोज नहाती फिर क्यों लगते पर तेरे मटमले रोज नहाने मैं तुम करती लगता आना कानी ओ गौरैया रानी आकर पत्तों के पीछे तुम मुझसे क्यों छुप जाती और वहीं से छी छी करके मुझको रो बुलाती उधर से पुर उधर तुम करती हो सेट ओ गौरैया
14:13 रानी कल फिर आना स्वागत में हम बिखराएंगे दाने और तुम्हें वे दाने सारे होंगे चुगने खाने >> वहीं पास में हम रख देंगे एक कटोरा पानी ओ गौरिया रानी >> थैंक यू थैंक यू >> थैंक यू मैम बहुत >> बहुत अच्छे सर आ गए >> अभी भी >> दूसरे क्लास में सर >> हां हमको लगता है सर एक कोर्स हां हु इज दैट >> अभी प्रॉब्लम है कि एमसीक्यू का अटेंड करना है
14:59 >> हम यही पे हम लोग डिस्कस कर ले क्वेश्चन आंसर >> हां यही रहेगा बिकॉज़ संदीप सर इस नॉट देयर यार >> और बच्चे सर बच्चे हल कलेक्शन करते हैं। हम लोग ग्रुप कलेक्शन करेंगे आज। >> हां >> जब तक सर नहीं आते हम लोगों को तो चाहिए सर कुछ हमने शुरू नहीं किया अभी कल जिया है। कल आराम से करूंगी बैठ के फास्टिंग के साथ। आज मैं नहीं की >> मैम मैं अपनी कोई एक बात रखना चाहती हूं। प्लीज मैं बोल सकती हूं। हां मैडम वर्षा मैम वर्षा चौहान >> नमस्कार हां जी जी नमस्कार मैं डॉक्टर वर्षा चौहान हूं आई एम द असिस्टेंट प्रोफेसर ऑफ मैथमेटिक्स फ्रॉम बाबूलाल
15:46 गवर्नमेंट पीजी कॉलेज बीएचएल भोल भेल भोपाल फ्रॉम मध्य प्रदेश बेसिकली मैम मेरा सब्जेक्ट जो था वो मैथमेटिक्स है। तो हम लोग जो रिसर्च करते हैं वो करते हैं। हम लोग सिर्फ थ्योरम्स बनाते हैं। न्यू न्यू थ्योरम डिराइव करते हैं। मतलब बहुत ड्राई सब्जेक्ट है जैसे लोगों को लगता है। लेकिन मैंने पहली बार जो इस तरह का रिसर्च मेथोडोलॉजी एसपीएस सॉफ्टवेयर देखा तो मैं इतना क्वालिटेटिव रिसर्च पर जो मैडम ने लेक्चर दिया कि कितना इंपॉर्टेंट है वो हम लोगों के लिए क्योंकि हम लोग इवन हम लोग जो है वो क्वालिटेटिव क्वांटिटेटिव किसी पे भी वर्क नहीं करते। बेसिकली हम लोग का जो रिजल्ट है मेरा वो प्योर मैथमेटिक्स है। तो हम लोग सिर्फ थ्योरम्स और रिजल्ट को डिराइव करते हैं। बट ये जो नई लर्निंग सीखी है वो हम लोगों के लिए मेरे लिए तो स्पेशली बहुत अलग तरह की रिसर्च थी ये जो
16:33 सक्सेसफुल प्रोग्राम रहा और आप लोगों का भी इतना क्योंकि यहां पर हम लोगों के पास हम लोग वो सब कुछ जो था वो कोई पॉलिटिकल साइंस से है, कोई कॉमर्स से है, कोई साइंस से है, कोई प्योर कर रहा है। तो बहुत ही अच्छा एनवायरमेंट रहा और बहुत हेल्पफुल रहा और मैं चाहती हूं कि आगे भी भविष्य में कभी जिस तरह की रिसर्च क्योंकि आप लोग करते हैं हम कभी भी उस तरह की रिसर्च उस तरह से बिल्कुल भी फमिलियर नहीं है तो ऐसे इंटरेक्शन बना रहे और हम लोग एक दूसरे की मदद करते रहे थैंक यू सो मच >> एकदम मैडम मैडम >> मैम वर्षा जी वर्षा जी मैं आपकी बात को थोड़ा सा आगे बढ़ाऊंगा कई साल काम करने के बाद जब आप आईआईटी >> जी सर बिल्कुल >> हां कई साल साल काम करने के बाद जब आप आईआईटी में जाइए तो मुझसे जो क्वेश्चन
17:19 पूछा गया था वह इतना खतरनाक था। मैं यहां बोलता हूं और आप उसका स्यूशन बताइएगा क्योंकि आप मैथमेटिक्स की हैं। इंजीनियरिंग का प्रोफेशनल में होने में मैथमेटिक्स के प्रोफेसर ने जवाब दिया कि मिस्टर तिवारी सेकंड ऑर्डर सेकंड डिग्री डिफरेंशियल इक्वेशन विद कांस्टेंट कोफिशिएंट का पूरा सॉल्यूशन जीआई एन पीआई लिखिए। अब आप बताइए बाकी लोगों को >> जी सर >> रिपीट करिए सर जरा एक बार >> अच्छा लगा ना >> सेकंड ऑर्डर डिफरेंशियल हां सर बिल्कुल >> सेकंड ऑर्डर सेकंड डिग्री डिफरेंशियल इक्वेशन विद कास्टेंट को का पूरा सशन
18:08 इक्वेशन के साथ लिख करके बताइए अरे सर माहौल हल्का रहने दो सर >> कंप्यूटर भी हैंग हो गया >> हम लोग लाइट मूड में है सर काहे इतना वो कर रहे हो >> इसलिए मैंने कहा >> चौहान मैडम ने हमको वो याद दिला दिया वो टॉर्चर जो एंट्री पे लगता है आपकी तरह शायराना ना हम लोग बोले भी तो क्या बोले ट्रेनिंग ही ऐसी हुई है कि वो शुष्क जाता है एकदम शुष्क >> सर बिल्कुल बिल्कुल ड्राया जाता है सब्जेक्ट
18:57 >> लेकिन उसी में आप लोगों ने सर बंगाली में हम लोग बोलते हैं पंडित तो आपने हासिल कर लिया है तो इट्स बड़ी बात है ना हम तो नाइंथ के बाद सोचने लगते थे कि मैथ करें या नहीं करें आगे जाकर के किया भी नहीं आप तो उनको बढ़ा के रखे आप लोगों ने मैथ को ये बहुत बड़ी बात है। >> नहीं सर मैम हर सब्जेक्ट इंपॉर्टेंट है। मतलब जब तक आपके अंदर फीलिंग्स नहीं आएगी वो सोच दिमाग अगर साइंस दे रहा है तो जो फीलिंग्स है इमोशन हार्ट है वो तो आर्ट्स है तो दोनों ही सब्जेक्ट इक्विवेलेंट है मैम ऐसा नहीं कह सकते। नहीं आपने जब वो मैथ्स की ड्राईनेस बताई तो मुझे वो दिन याद आया। हां सर सर मतलब इतना बढ़ा चढ़ा के और एक्सप्रेसिव नहीं है हम लोग जो है ना हमारे मन में भी चलता है लेकिन हम बोल उतने तरीके से नहीं पाते हैं
19:42 वो नहीं है नहीं पाते हैं वो नेचर ही है >> हम लोग थोड़ा सर के लिए वेट करें कोई बता पाएंगे विपिन सर सर क्या इसमें है मेरे से यहां दिखाई नहीं दे रहा सर इस ऑनलाइन संजीव सर ऑनलाइनदर मीटिंगदर मीटिंग अच्छा उनका तो और प्रोग्राम चल रहा है सस्टेनेबल डेवलपमेंट >> साइंस मैडम मुझे एक चीज पूछनी है ये अपना एमसीक्यू क्या अपन को आज ही सबमिट करना होगा >> नहीं नहीं नहीं सब कुछ हमको लगता है वो तो हम लोग पीपीटी और ये सब 18 तारीख दिया है इसका कुछ डेट लिखा है ऊपर में उन्होंने
20:30 उन्होंने बोला है कि देयर इज नो हरी जी पहले आप आराम से करिए। ही हैज़ नॉट गिवेन एनी डेडलाइन फॉर द एमसीक्यू। सो एटलीस्ट टिल 18th वी कैन टेक इट। >> सबसे निवेदन है सबका जिनका कंप्लीट हो चुका है वो लोग हम लोगों को आंसर भेज दे। बाकी लोग कर लेंगे आराम से बैठ के। >> ओके। >> एकदम >> विपिन सर भेज देंगे सबको। विपिन सर भेज देंगे और विपिन भेज देंगे सबको लोगों को YouTube का ये भेजेंगे इन वन फाइल >> ठीक है आई विल सेंड आई विल सेंड नॉट फॉर कॉपी एक्चुअली जस्ट फॉर >> सब चाहेंगे सबका प्रमोशन हो सब चाहेंगे सबका प्रमोशन हो और हम लोग जुड़े रहे
21:19 >> मैम इस ग्रुप का नेम भी चेंज कर लेना जबलपुर डाल लें इसमें जबलपुर एचआरडीसी >> हां हम लोग अलग एक नाम दे देंगे मैडम और हम लोग ये कायम रखेंगे मैंने एक 18 साल में एक कोर्स किया था। उसका अभी भी है हम लोग का ग्रुप एंड एवरीडे वी सम अदर वेज वी आर कनेक्टेड >> मैडम सभी लोगों को ए प्लस आ जाएगा मैडम >> यस यस एकदम घोड़े रखिएगा मैडम सबको >> एकदम लेकिन देखा मैंने मैडम आप बहुत एक्टिव है बहुत मतलब >> कोई शक नहीं है मैडम इसमें कोई एक व्यक्ति रहता है जो सबको को परिवार को जोड़े रहते हैं ना मैडम वो कड़ी है आप उस ग्रुप में >> बहुत एनर्जेटिक है
22:06 >> मैं सोशल वर्किंग हूं मैडम मुझे ये बहुत बड़ी बात है मेरे लिए मैडम आप लोगों ने ये मुझे समझा और एक्चुअली क्या होता है मैं आई डील विद द ह्यूमन बीइंग्स हम लोगों ने 18 गांव में काम करती हूं बाकुड़ा में इन एंड अराउंड ऑफ बाकुड़ा यूनिवर्सिटी ब्लॉक टू के अंडर एंड आप लोग सब कोई आइए एक बार बांकुड़ा इट्स अ वंडरफुल प्लेस >> आएंगे मैडम आपसे मिलने के कहां पे है बाकुड़ा? मैम कहां है? >> कोलकाता कोलकाता से 4 घंटा का रास्ता है मैडम। इट इज़ इन विष्णुपुर आसपास। आप लोग देखिएगा Google में दीजिए विष्णुपुर दी प्लेस फॉर नेचर एंड आर्ट कल्चर। >> यस मैम मैं गई हूं। मैं गई हूं। >> या वेरी नाइस प्लेस। मैं मेरे तो मैं तो बंगाल की हूं नहीं बेसिकली। मैं झारखंड की
22:51 हूं। धनबाद की हूं। का जो घराना है वो रविंद्र नाथ टैगोर का म्यूजिकल घराना है और वो उसी तरीके से फेमस है तो आप वहां के हैं तो मुझे बड़ा अच्छा लगा आपसे आई एम द फाउंडर मेंबर ऑफ माय डिपार्टमेंट सोशल वर्ब आकुड़ा यूनिवर्सिटी मैं 12 13 साल हो रहा मैडम >> जी जी >> बाकुड़ा में >> सब लोग आइए और हम लोग आ भी नहीं सके लेकिन ऑनलाइन में तो जरूर जुड़े रहेंगे इस ग्रुप में >> जी मैम एकदम और सर से भी हम लोग का निवेदन यही रहेगा। हम बोलेंगे भी ग्रुप में भी लिखेंगे कि कुछ ऐसा प्रोग्राम हो जिसमें हम लोग जा नहीं सके लेकिन ऑनलाइन में अटेंड कर सके इफ वी आर हैविंग टाइम तो हम लोग करेंगे तो अच्छा ही होगा फॉर आवर इनरचमेंट
23:37 >> मैम सर तो प्रोग्राम कराते रहते हैं। अपनी सारी डिटेल इसमें डालते रहे तो ज्यादा अच्छा रहेगा। >> ठीक ठीक। किसी के पास कोई कॉन्फ्रेंस करा रहे हैं। किसी के पास कोई वर्कशॉप करा रहे हैं तो ऑनलाइन हो रहा है तो हम लोग जुड़ सकते हैं एक के साथ एक। >> जी एक्चुअली जो पुराने भी ग्रुप्स बने हुए है ना तो अभी तक उन्होंने खत्म नहीं किया मैंने तो तीसरा एक्सपीरियंस है तो जो भी इनके प्रोग्राम होते है वो डालते रहते हैं सारे ग्रुप पर >> अरे वाह ये बहुत बड़ी बात है >> मैडम मैंने भी मैडम सर के साथ में किया है उन्होंने वो ग्रुप बना के रखा हुआ है अभी तक उसे अलग नहीं किया है वो सर >> सर तो अपने एकदम अलग ही मतलब वो पर्सनालिटी ऐसी है कि उनके लिए कोई शब्द ही नहीं है बोलने के लिए उनकी प्रशंसा के लिए >> बहुत ही आप लोग आप लोग भी आप लोग भी ये एक्सपीरियंस किए कि नहीं जब पहला दिन
24:24 क्लास हुआ और पहला दिन जब एक घंटा में सर एकद घंटा हम लोग को लिए और बोले आज आप लोगों का फिर नेक्स्ट क्लास टुमारो तो मुझे लगा कि ये कैसे चलेगा कोर्स रियली पहला दिन मुझे लग रहा था ऐसा चलेगा ये कोर्स ऐसा ही रहेगा बट धीरे-धीरे जैसे बढ़ता गया एंड वी रियली फाउंड इट वंडरफुल वेरी इनोवेटिव और कैसे पार हो गया देखिए 12 13 दिन आई एम आउट ऑफ मकड़ा नाउ >> जब कहा कि मैं मतलब मेरे बारे में कुछ कहो तभी मैंने बताया था कि सर सर जैसी पर्सनालिटी मतलब हर किसी की नहीं हो सकती। मतलब जो एक उनका काइंडनेस और सब बहुत सारे गुण है मतलब एक आध गुण की बात है सर। >> आप देखेंगे प्रोफेसर सनसनवाल सर जितना डांट रहे थे सर भी डांट खा रहे थे हम लोगों के कारण। >> मैम कितना अच्छा लग रहा था और सर हम लोगों
25:11 का बच्चा भी रहे थे >> और सर हमारे सपोर्ट लेकर के बोल रहे थे। >> बहुत अच्छा है। बहुत अच्छे हैं। सारे अच्छे हैं। एकदम डांट नहीं है उनको >> बहुत डांट मिला >> एक बार भी नहीं डांटते हम लोगों को सर हमेशा बोलते रहे कि नहीं सर ऐसा बात नहीं है दे आर वै नाइस दे आर वैलु >> सब बहुत अच्छे हैं >> एक्चुअली ग्रुप सारे एक्टिव रहते हैं लेकिन लोग इनक्टिव हो जाते हैं मैंने देखा इसलिए कुछ लोगों को रिससिबिलिटी लेनी पड़ेगी कि ग्रुप को लाइवली बना के रख के >> एकदम विपिन सर सही कहा आपने >> एकदम एकदम >> हम लोग है ना खुद इसको आगे बढ़ाएंगे [संगीत] संतवाल सर के लेक्चर में मुझे ऐसा लगा कि मैं फिर से स्कूल में आ गया हूं। बहुत मजा आया।
25:57 >> एकदम एकदम सही। इतना डांट कभी नहीं मिला। >> वो असली गुरुजी है मैडम। असली गुरुजी। >> सचिन सर आपकी एसपीएसएस की जानकारी में भी क्वेश्चन मार्क लगाया था उन्होंने। >> एक भी आंसर किसी का करेक्ट नहीं था। ये कुछ देर जुड़े रहेंगे फिर सब चले जाएंगे। यही तो बोल रहे थे ना सर हम ये सर्टिफिकेट के लिए आए इसको सर्टिफिकेट बांट दो। >> हां खत्म करो। क्यों तुम इतने लोगों को लेते हो? 2530 जन रखना जरूरी है। बाकी लोगों को निकालो यहां से।
26:44 >> मैम ऐसा बोलते हैं। अभी दे इनको इनको जरूरत नहीं आज दे दो इनको सर्टिफिकेट आने की जरूरत नहीं है बहुत अच्छी लगती है >> अच्छा कितना होता तो पता नहीं क्या होता है >> कितना भी अच्छा >> ऑफलाइन होता तो और मजा आता >> एकदम ऑफलाइन होता तो और मजा होता खड़े करके पूछते सबको >> खड़े करके साउंड ठीक करते >> नहीं लेकिन ऑफलाइन में तो अनोटेशन नहीं आ रहा होगा ना लेकिन सर उसके पीछे मुड़ के बातें करना आगे बातें करना ठीक से नहीं बैठ >> दूसरी चीजें दूसरी चीजें नोट कर लेते हैं ना वो कुछ क्या कर रहा है कोई कैसा बैठा है क्या कुछ कर रहा है >> मैं तो इतना डरी मुझे इतना डर लग रहा था
27:31 कि कैसे करके ये क्लास पार हो जाए तीन दिन बहुत डर लग रहा था एक तो स्टैटिस्टिक्स कुछ आता नहीं है मुझे सचमुच नहीं आती है कुछ और फिर जब बताने लगे लगा कि भगवान कुछ प्रश्न कर दिए तो क्या जवाब दूं मैं >> ऑनलाइन तो वीडियो ऑफ रखा गया। >> बोल सकते हैं। >> हमने तो वीडियो ऑफ रखा है। >> नाइस एक्सपीरियंस। >> यस सर। >> बहुत परसों से सबको अपने-अपने काम पे लगे जाना है। और जिसका जो पब्लिकेशंस हो रहा है या कोई ग्रुप में काम करना चाहते हैं तो प्लीज जुड़े रहें। पर अभी संधू सर ने बहुत अच्छी बात कही कि आप लोगों ने मिलकर बनाइए
28:17 ग्रुप काम कीजिए इनोवेटिव कुछ काम कीजिए लाइक म्यूजिक के साथ सोशल वर्क म्यूजिक के साथ अदर थेरेपीज मैडम फतिमा इस देयर तो सब मिलकर के हम लोग अगर कुछ कर सकते हैं कुछ ग्रुप रिसर्च वर्क दैट वुड बी वेरी नाइस कोलबोरेटिव वर्क रिसर्च वर्क कोलबोरेटिव वर्क कोलबोरेटिव प्रोजेक्ट तो ये बहुत बड़ी बात होगी तब लगेगा एक एडवांटेज है रिसर्च मेथोडोलॉजी में विल कम अक्रॉस पीपल फ्रॉम डिफरेंट डिसिप्लिन डिफरेंट रीजन सो यू कैन हैव नेटवर्क वाइड नेटवर्क नाउ माय नेटवर्क एक्सटेंडेड फ्रॉम ओसा टू बंगाल टू राजस्थान टू दिल्ली टू कर्नाटक एंड एवरीवेयर इफ यू गो फॉर योर ओन टॉपिक और ओन सब्जेक्ट इन रिफ्रेशर वर्क
29:05 देन इट विल बी लिमिटेड नाउ आई कैन वर्क विथ आई एम अ केमिस्ट्री पीपल आई कैन वर्क वि सोशल वर्क आई कैन वर्क वि म्यूजिक >> यस >> बट द क्वेश्चन >> एक साथ बहुत जगह चल रही थी अभी कोर्स वर्क सर मतलब रिफ्रेशर्स कोर्स पर मैंने जानबूझ के आर एम लिया क्योंकि मुझे लगा कि बहुत डिफरेंट बैकग्राउंड के लोग आएंगे तो सबके बारे में जानने को मिलेगा >> मैं भी सोच के ज्वाइन किया >> यस >> परमिशन लीजिए आई थिंक सर आप बात नहीं कर रहे >> हां एक बार >> मैडम टू स्टार्ट विद द कोलबोरेटिव वर्क आई हैव ऑलरेडी ड्रप वन मैसेज आईसीएसएसआर प्रोजेक्ट है केम रिगार्डिंग फैमिली एंड वन फैमिली एंड फैमिली सिस्टम्स इन इंडिया
29:53 सो यस सर >> सर आई हैव सीन दैट दैट प्रोजेक्ट ना एंड 17th ऑनवर्ड इट वुड बी एबल टू एक्सेस ना >> देन वी कैन हैव दैट ऑप्शन ना सर तो भी एक्सक्टली सर वी आर हैविंग इन मल्टीपल एक बार फॉर्मेट करना पड़ा था सर वो एक बार और दे देंगे ग्रुप में मुझे एक बार फोन फॉर्मेट करना पड़ा था तो सब डिलीट हो गया था बीच में आप एक बार >> चाहिए मैडम क्या लिंक चाहिए आपको मैडम दिए थे राइट राइट राइट राइट >> शोर >> शोर यस >> सर वी शुड डू वर्क
30:40 ऑन दिस प्लेटफार्म एंड ऑन दिस टॉपिक बिकॉज़ द टॉपिक इज वेरी वाइब्रेंट देन द फैमिली वैल्यूस एंड देन वी कैन डू अ ग्रेट वर्क >> हां सर मैं मेरा एक पेपर सोशल वर्क प्रैक्टिस फैमिली एंड चिल्ड्रन >> एक्चुअली वन केसेस आई हैव कम अक्रॉस इन माय होम सेंस डिपार्टमेंट दैट समबडी है डाउन अ रिसर्च वर्क हाउ द मिल्किंग ऑफ अ काऊ इनक्रीज व्हेन यू जस्ट रन और व्हेन यू रन द वोकेशनल म्यूजिक और क्लासिकल म्यूजिक नाउ द मिल्किंग ऑफ काऊ इनक्रीज सिग्निफिकेंटली
31:25 >> सर सर आई जस्ट वांट टू इंटरप्ट दिस टॉपिक बिकॉज़ बिकॉज़ दिस टॉपिक इज नॉट प्रूवन इन इंडिया बिकॉज़ वी डोंट हैव दैट दैट मच रिसोर्सेज एंड दैट मच फैसिलिटेशन। सो इन इंडिया इट इज नॉट प्रूवन। सो वी कैन हैव दिस टॉपिक बट वी आर सपोज टू डू समथिंग न्यू। एंड सो लेट्स सी। डॉक्टर अंशुल वर्मा जी
32:11 >> हेलो >> जी जी मैडम जी प्लीज >> हां मैं आपसे एक क्वेश्चन पूछ रही हूं >> जी मैडम >> म्यूजिक से होने के बावजूद और राजस्थान यूनिवर्सिटी से आप बिलोंग करते हैं। फिर भी आपको इतनी अच्छी इंग्लिश कहां से आती है? मैडम मेरी इंग्लिश तो बहुत पुअर है। आई एम जस्ट ट्राइंग टू मेक इट गुड। मैं देख रही थी जब मैंने देखा कि आपका तो सब्जेक्ट म्यूजिक है और मैंने सोचा शायद आप केरल से हो लेकिन मेरे पास अभी लिस्ट है तो मैं उस पे देख रही थी कि आप तो राजस्थान से हो। क्योंकि जो जैसे मेरा सब्जेक्ट संस्कृत है तो हमें इंग्लिश बिल्कुल नहीं आती। समझ हम
32:56 समझते हैं लेकिन हम बोल नहीं पाते ना। मैम थैंक यू सॉरी बहुत बड़ी अचीवमेंट है मैम की आपका सब्जेक्ट म्यूजिक के बावजूद भी आप इतनी अच्छी इंग्लिश बोल रही है >> सर से आई वास जस्ट आई वास जस्ट सेइंग लता जी राजस्थान में बहुत अच्छाइयां है और अंग्रेजी अगर कम भी आएगी तो चलेगा क्योंकि राजस्थान हम लोगों को रास्ता दिखाता है कि कुछ भी हो जाए हम हम हैं। तो मैं राजस्थान से नहीं हूं लेकिन यहां आने के बाद मुझे लगा कि शायद वो एक
33:44 ऐसा स्टेट है जिसने सबको बहुत सी चीजें सिखाई है। तो यदि कोई भी इमोशनल या भावनात्मक वीरता ट्रेडिशन कुछ भी चीज देखनी होती है तो मैं गूगल करके सबसे पहले राजस्थान देखता हूं। >> जी सर जी सर >> तो अगर अंग्रेजी नहीं आती तो कोई गल नहीं कोई बात नहीं आ जाएगी। >> सर मेरा ये फोर्थ रिफ्रेशर कोर्स है। लेकिन मैंने आज तक जितने भी अटेंड किए जो कोई आता था वो अपने अंग्रेजी झाड़ के चला जाता था। आधी चीजें समझाती थी। आधी चीजें निकल जाती थी। पहला ऐसा हुआ था आप लोगों से नो कभी आप लोगों से ऐसे रूबरू होने का मौका मिला
34:31 >> जी सर। >> तो अंग्रेजी का मुझे किस-किस ने कैसे-कैसे लताड़ा है किसी जमाने में। >> तो वो जान के आपको भी बहुत मजा आएगा और ताज्जुब भी होगा। लेकिन इस बात को बिल्कुल चिंता मत करिए कि अगर अंग्रेजी नहीं आती तो कोई बात नहीं। बहुत चीजें ऐसी है जो कि बिना अंग्रेजी के भी चलती है और बहुत अच्छे से चलती है। >> थैंक यू सर। थैंक यू सर। कभी हिमाचल प्रदेश आइए शिमला यूनिवर्सिटी मोस्ट वेलकम सर। मैं अभी मंडी आईआईटी मैं आईआईटी में हूं तो आईआईटी मंडी से अभी आया और सर मेरी जो
35:17 मेरा जो घर है वो डिस्ट्रिक्ट मंडी में पड़ता है सर का घाट में >> तो नेक्स्ट टाइम जब मैं आईआईटी मंडी आऊंगा और आईआईटी मंडी के प्रोफेसर हमारे ही जान पहचान के हैं जो वहां के डायरेक्टर है तो हम लोगों को सुविधा ये है कि ईश्वर की दया से आईआईटी में ज्यादा ब्रदरहुड ज्यादा चलता है। बिकॉज़ हमारे कार्य बहुत कॉन्फिडेंशियल ढंग से चलते हैं। >> जी सर। >> कौन सा आदमी कब कहां जाएगा यह पता नहीं लगता। तो अगली बार जब मैं कभी उधर आया तो ये ग्रुप में मैं वो देखूंगा कि इस प्रदेश या इस शहर से कौन है और मैं करूंगा कि आप लोगों से मिलूं। विशेष
36:06 करके मैं ये जो भी व्यक्ति म्यूजिक से हैं मैं >> अरे तुम लोग से मैं थोड़ा दूर चला गया था >> सॉरी आपने अच्छी बातें मिस कर दी आपसे मिलना चाहती हूं और आपने जो एकनॉलेजमेंट दिया उसके लिए थैंक यू >> हेलो संजीव सर इस बैक एक्चुअली >> वो वो वहां पर एनवायरमेंट स्टडीज भी चल रहा था ना >> सबको बहुत-बहुत धन्यवाद बहुत खुश रहो बेटा सब कोई बहुत आगे बढ़ो खूब पढ़ो खूब लिखो और सबसे प्यार करो जितना हम सबको मिले उसका 10 गुना आपको
36:52 धन्यवाद क्योंकि आपकी बदौलत >> किसी का कोई ना सकता है ना बना सकता अपने दम पे रहो और अपने सामान रिमूव करो। ठीक है? और ये मान के रहो कि जो तुम हो उसके तुम सिर्फ साक्षी हो वो तुम नहीं हो। जो तुम हो जिसको तुम सोचते हो कि ये मैं हूं वो आप नहीं हो। आप साक्षी हो। आप देख रहे हो कि मैं हूं। बट यू आर नॉट मैं। दिस इज द >> दिस इज द मेजर फिलोसफी वेयर यू बी काम एंड देयर इज अ नो डिस्टरबेंस एट ऑल नथिंग इज देयर बिकॉज यू हैव यू आर द सोर्स ऑफ एवरीथिंग बट यू
37:39 आर नॉट दैट आपसे सब कुछ निकल रहा है लेकिन आप वो नहीं हो आप अपने मन बुद्धि कुछ भी आप नहीं हो अगर आप इन केस इन सबके अंदर हो दिस इस द बिगेस्ट फिलोसफी इन दिस वर्ल्ड ठीक है ये बिल्कुल सही है क्योंकि आप निर्गुण हो निराकार हो आपके ऊपर किसी का कोई असर नहीं होता है आप इस भ्रम में रहते हो कि मेरे को तकलीफ हो रही है। यह आपका भ्रम है। इसके अलावा कुछ भी नहीं है। वो जो तकलीफें होती है वह साइंटिफिक हैं। वो सेल्स अपने काम करते हैं। चीजें
38:26 अपने तरीके से काम करती हैं और उसमें डिस्ट्रक्शन होता है। उसमें रिएक्शन होता है। उसमें फ्रैक्शंस होते हैं। तो वो एक नेचुरल प्रक्रिया होती है। उसको नेचुरल चलता है। उसी में आदमी सुख और दुख दोनों आते हैं। लेकिन सुख की स्प्रहा नहीं होती है। और दुख का उद्वेग उदग्न नहीं होता है व्यक्ति। ठीक है? ये इसकी इसका हरदम अभ्यास करना चाहिए। हरदम बाहर झांकने से काम नहीं चले। अंदर झांकना पड़ेगा। यह भारत का सबसे बड़ा साइंटिफिक रिसर्च है और प्रूव्ड है। प्रूव्ड है। कोई भी चीज आपके साथ में आप
39:13 आपको पद मिलता है। आपको ज्ञान मिलता है। आप किस रास्ते पर चल रहे हो? आपके अनुसार से कोई भी चीज सुनियोजित नहीं होती है। मीन्स थोड़ी बहुत सुनियोजित अपने आप चलते हैं। आपको जो चीज मिलती है आप देखिएगा वो चीज ऑटोमेटिक आती है और फिर चली जाती है। तो इसलिए ना वो आपके कारण आई ना वो आपके कारण गई। हम उसको समझते हैं। यह मेरे कारण हुआ। यह मेरे कारण गया। यह भ्रम है। भ्रम सत्य होता है। इसीलिए आप लोग भ्रम में रह के सत्य की फीलिंग करते हो। उसके बारे में आपको ऐसा लगता है। इसीलिए आदि शंकराचार्य ने बोला था। अब वो राज श्री मेरे श्लोक के ऊपर में कमेंट नहीं करना पर मैं सुना देता
40:00 हूं। मनो बुद्धि अहंकार चित नाम न श्रोत जी नचा घण नेत्र नचा वम भूमिन न तेजो नवा ठीक नचा प्राण संग न पंच वायु नवा सप्त धातुर नवा पंचकोष न वाण पादो नच नमे द्वेष रागो नमे लोभ मोहो मदो न मास भाव न धर्मो ना चारो ना कामो ना मोक्ष ठीक ये कुछ नहीं है ना न पुण्यम ना पापम ना सौख्यम ना दुखम ना
40:46 मंत्रो ना तीर्थं न वेदा न यज्ञा ठीक है एक एक शब्द में दम है ठीक है न में मृत्यु शंका न में जाति भेद पिता न में न माता न जन्मा ना बंधुर ना मित्रम गुरुर ना शिष्य कुछ भी नहीं हूं लेकिन फिर भी कुछ हूं अब ये लास्ट वाला स्टा बहुत खतरनाक है उससे समझ लेना तुम लोग बहुत अच्छे से समझ में आ जाएगा लेकिन हूं क्या मैं अगर ये नहीं तो फिर क्या अब देखना यह पूरा साइंटिफिक है अहम निर्विकल्पो निराकार रूपम ठीक लेकिन उसके अगला स्टजा है विभुर व्याप्य सर्वत्र सर्वेंद्र
41:37 सुना विभुर व्याप्य सर्वत्र सर्व इंद्रणा ये जितनी भी चीज मैं नहीं हूं लेकिन इसके अंदर व्याप्त हूं देखो कंट्राडक्शन बड़ा डिफरेंट है सदा में समत्व न मुक्ति न बंध सब में समान रूप से एनर्जेटिक रहता हूं लेकिन उसके अलग रह के साक्षी रूप से उसको देखता हूं ऐसाित आनंद रूपस शिव शुभम तो इन चीजों पर मनन करना चाहिए कि ये चीज क्या कह रही है इससे क्या होगा कि आपकी दृष्टि अंतर् ध्यान की तरफ जाएगी फिर आप समझेंगे श्रीमद् भगवत गीता का एक श्लोक है मम वो जीवो जीव भूत सनातन मन मन इंद्राण प्रकृति स्थान
42:24 ये जो जीव है पहले निर्विकल्प निराकार था जब जब बेबी पेट के अंदर में आया वो निर्विकल्प निराकार था और सबसे पहले उसके अंदर आता है तो वो सबसे पहले क्या काम करता है अपने भाव का त्याग कर देता है वो अपने निर्विकल्प निराकार भाव का त्याग करके ये सभी प्रकार की इंद्रियों के साथ में सलग्न हो जाता है और उसी को अपनी दुनिया मानकर उस पर चलता रहता है लेकिन जीवात्मा निर्विकल्प निराकार आप लोग को ये चीज पर इसको इसको साधारण नहीं लेना चाहिए इसको कभी गंभीर ता से इसके विषय में पढ़े इसके विषय में जाने तो आपके व्यक्तित्व में एक आपके व्यक्तित्व में एक प्रकाश जागृत होता है। एक अद्भुत प्रकाश होता है। तब आप सबके
43:13 साथ मिलते हैं। ठीक है? तब आप बायस तब आप इस नेचर के एक अंग बनते हैं। नेचर कांड घमंडी नहीं है सिवाय मनुष्य के। ठीक है? वो सब अपनीप जगह पर अपना अपना काम कर रहे हैं और हमसे अच्छा काम कर रहे हैं। है ना? चीटियों का ग्रुप देखिए तो उसकी फैमिली के ऊपर कितनी रिसर्च पेपर्स लिखे गए। >> देखो लाइट जाओ। मधुमक्खी की रानी के ऊपर में देखो तो उसकी जो क्वीन होती है वो किस प्रकार से पूरे संगठन से अपने मधुमक्खी के छत्ते को बनाकर चलती है। तो ये ये लोग सब स्वतंत्र जीव जंतु है। हम भी बंधे हुए हैं। हम बंध के चलते हैं। हम अपने विचारों से, अपनी सोच से, अपने आप को बांधते हैं। जबरदस्ती बांधते हैं। जबकि हम बंधे हुए
43:59 नहीं है। उसके बाद भी हम उसको जबरदस्ती बांधने की कोशिश करते हैं। ऐसे ऋषियों ने हमारे लिए काम किया हुआ है। इसके ऊपर विचार करने से तब आप बढ़ते हैं। क्योंकि जब आपकी बुद्धि स्थित प्रज्ञ होती है तब आप यूनिवर्सल लैंग्वेज में बोलते हैं। तब आप पर्टिकुलर लैंग्वेज में नहीं बोलते। व्हेन यू आर इन द पोजीशन ऑफ द स्थित प्रज्ञ। आपकी वाणी यूनिवर्सल होती है। आपकी वाणी जीव जंतुओं को सुनाई देती है। आपकी वाणी पशु पक्षी और पौधों को सुनाई देती है। मनुष्य को सुनाई देती है। सबको सुनाई देती है। जिसकी प्रजाति यदा काम आत्म प्रज
44:45 ये स्थिति जिसकी प्राप्त होती है जिसको सुख दुख इन सब के होते हुए में भी जो स्वतंत्र रहते हैं उसके लिए होती है। सबसे खतरनाक जीवन में अगर कुछ होता है तो वो होता है सुख जिसकी लालसा लेकर हम दौड़ते रहते हैं। सुख से बड़ा खतरनाक चीज कुछ नहीं होता। दुख बिल्कुल खतरनाक नहीं होता। 13 दिन के बाद सबसाइड होने लगता है, खत्म होने लगता है। उसकी अवधि 13 दिन से ज्यादा नहीं होती है। दुख की लेकिन सुख की अवधि जीवन भर कैप्चर करके रखती है। जीवन भर आप बड़े बुजुर्गों के साथ बैठिए। आपको समझ में आएगा कि उन्होंने जिस पद को लेकर जिस पद की उनकी
45:30 मनोकामना थी। जब उनको वह प्राप्त हो जाती है तो वह जब उस पद से हट जाते हैं तो जीवन भर अपने उस पद की गाथा गाते रहते हैं और मृत्यु दम तक उसके शिकंजे में फंसे रहते हैं। ठीक है? तो जब भी कोई सुख प्राप्त होगा तो वह खतरनाक है। सुख को सहन करना खतरनाक है। कभी आपकी कोई मनोकामना आपके सुख आपको प्राप्त हो गया तो आपकी चाल बदल जाती है। आपका रूप बदल जाता है। आपका बोलचाल बदल जाता है। आपकी एटीट्यूड्स बदल जाते हैं। पति का पत्नी के साथ व्यवहार बदल जाता है। बच्चे के साथ व्यवहार बदल जाता है। दुनिया के साथ व्यवहार बदल जाता है। इतना जबरदस्त घाव करता है। ये सुख जो होता है। इसीलिए सुख को सहन करना बहुत
46:17 कंपलसरी होता है। इसीलिए यह सुख मेरा नहीं है। मैं क्यों इसके बंधन में फसू? ये दुख मेरा नहीं है। मैं क्यों इसके बंधन में फसू? ये चीज की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है। धन्यवाद। तुम लोग भी किस का प्रवचन सुनने लगे। ठीक है। चलिए बहुत अच्छा थैंक यू सो मच। >> खूब खुश हो अच्छे से खूब आगे बढ़िए। ठीक है। >> थैंक यू सर। थैंक यू वेरी मच। >> सर >> थैंक यू सर। >> थैंक यू सर। थैंक यू वेरी मच। >> थैंक यू सर। >> सर >> थैंक यू सर।
47:05 सर एक बात बोलूं कि जिसने अपनी लाइफ >> हां फिर से बोलो छोटा सा बच्चा कितने अच्छे से बोल रहा है सबको जाओ जाओ हेलो बेटा हां बोलो क्या बोल रहा है >> सर >> कौन बोल रही थी बोलो >> हां सर मैं बोल रही थी पुष्पा बोल रही हूं कि जिस इतना इतनी सारी फिलॉसोफी वही बोल सकता है जिसने अपनी लाइफ में इतना संघर्ष किया हो। >> अच्छा समय >> चलो ठीक है चलिए है ना हम लोग फिर मिलेंगे अगले संडे को अगले के अगले संडे को ठीक है तिवारी जी का भाषण सुन ले ठीक है >> ठीक है सर >> बंद करें >> थैंक यू सर >> सो मच सर >> थैंक यू सर