0:00 शीघ्र हुए दो को एक लुट
0:48 को एक बार लुट लो आधे हुए दो
1:36 हुआ है ए गुड इवनिंग सभी साथियों को बहुत सारा प्यार नमस्कार स्वागत है आपका वृक्ष एकेडमी के YouTube चैनल पर साथियों आप बहुत ही ताबड़तोड़ अंदाज में पढ़ने लुसेंट लुसेंट जीके आज भाई साहब है मध्यकालीन इतिहास का मेराथन कहने का मतलब है आज हम लोग मध्य काले इतिहास को कर दे खत्म अ बहुत बच्चे असर मराठा नहीं पड़ा है आपने तो मराठा वह इस आधुनिक इतिहास को पढेंगे जाकर ऑल लास्ट डे है किसका मेडिकल हिस्ट्री का तो साथियों जुड़ जाओ एक जबरदस्त तरीके से और सभी के लिए एक बेहतरीन सूचना एक बेहतरीन नोटिस ना पता हो तो समझ लेना आप क्या जॉब सबसे पहले काम क्या करना है डिस्क्रिप्शन बॉक्स में वीडियो के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में जाओ
2:21 वहां पर आपको काम करना एक दिखेगा लिंक तो जो लिंक दिखेगा ना उस लिंक से आप एप्लिकेशन को डाउनलोड कर लो हमारा एप्लिकेशन बिल्कुल नया हो गया जहां पर लाइव क्लासेस चलेंगे वह एप्लीकेशन डाउनलोड कर लो उसके बाद सभी बच्चों के लिए बहुत ही बढ़िया है कि फ्री बैच मल हैंड्स फ्री फैसले आए किसका ब्रांच ऑफ साइंस का फ्री वेस्ट मलवा अब घर बैठे करें साइंस की फ्री तैयारी ठीक है जिसमें 100 प्लस रिकॉर्ड क्लास है एग्जाम वारंट क्लास है बट सारे के कंप्लीट कवरेज इंच एंड एवरी टॉपिक है और सबसे बड़ी बात महत्वपूर्ण सिर्फ यह 1 मंथ की वैलिडिटी रहेगी एक मंत्र तक का आप पढ़ पाए तो पढ़ पाओ पूरी साइंस का कोर्स से और याद रखिएगा वहां पर
3:08 सिर्फ आपको जाकर ₹10 का पेमेंट करना पड़ेगा अब बहुत बच्चे करेंगे सर फ्री और ₹10 क्या फर्क है तो मैं बताना चाहता हूं भाई साहब ₹10 सिर्फ आपका उसका है जैसे मामलों कहीं आप कुछ खरीदने गए सामान है ठीक है ₹10 पार्किंग कर दिया उसी प्रकार यह ₹10 इंटरनेट वाले लेंगे मतलब इंटरनेट वाले वहां पर एप्प बाकायदा पढ़ोगे बिल्कुल विधिवत तरीके से तो उसका चार्ज है तो सब बच्चों कहना चाहते ज्यादा ज्यादा संख्या में जाकर साइंस का फ्री वेजाइना करें डिस्क्रिप्शन बॉक्स में अधिक गई हुई है जिससे 22 साइंस को चार चांद लगा दे ठीक है चलिए बहुत बढ़िया फिर मैं सब बच्चों को बताना चाहते हैं कि अगर आपको त्रिशूल बहस नहीं मिल रहा है त्रिशूल बैच अगर आपको नहीं मिल रहा है तो आपको काम
3:54 यह करना है कि आपको डिस्क्रिप्शन बॉक्स में जाकर वह नऐ पर ₹15 में बैच मिलेगा और आपको किसी भी समस्या से समस्या हो इस नंबर पर हेल्प लाइन नंबर है इस नंबर पर आप कॉल कर सकते हैं अ उत्तर स्कूल बैग्स मतलब फूल जीपीएस की गारंटी और उसके बाद बता दे भाई साहब एक बेहतरीन ऑफर जो आज आया है वह क्या है पेट पेट एग्जाम के लिए यूपी ट्रिपल सी पेट के लिए जो सूचना आइए पेपर कब है 20 अगस्त को यह तो जो हमारा नया बैच है ना वहां पर क्लासिक कब से स्टार्ट है पान जुलाई से क्लास स्टार्ट है कब से स्टार्ट है पान जुलाई से कक्षा शुरू में तो बाकायदा सिंपल सी बात है कितने चीन का यह कोर्स पूरा 45 दिन का कोर्स
4:43 कितने दिन का कोर्स है 45 दिन का कोर्स 15 जुलाई से कक्षा शुरू है कहां पर शुरू है डिस्क्रिप्शन बॉक्स में दिए गए लिंक पर जहां पर स्टडी पाई एप्लीकेशन है और बहुत बच्चों को मैं बता दूं वहां पर जो वैध रहेगा उसकी फीस मात्र 10 में इससे सस्ता कहीं भी नहीं यह फीस नहीं है सिर्फ भाई साहब चार्ज यह किसका सारी व्यवस्थाओं का पूरा 45 दिन पूरी टीम फिर इस टीम तुमको फ्री में पढ़ाएगी हमारा वादा है सिर्फ भाई साहब यह प्रकार से क्या है जितनी भी एसिडिटी मिलेगी पीएम मिलेगी लाइव क्लासेस मिलेंगे इस आप कुछ इसी फैसिलिटी में मिल जाएगा तो बच्चों देर मत करो पान जुलाई से
5:30 क्लासेज शुरू हो रही है कहां पर स्टडी पाई है पर अभी कौन से एप्पल न्यू पेप्पर डिस्क्रिप्शन बॉक्स में जो दिया गया लिंक है कि अब क्लास को शुरू करते हैं बच्चे क्लास को शुरू करते हैं तो आज हम मध्यकालीन इतिहास का मेराथन मतलब आज पूरा का पूरा मामला खत्म बिल्कुल खत्म कहते को मुगल पढ़ लिया था तो मुगल पढ़ने के बाद अब जो हमारा टॉपिक बनता है ना वह बनता भाई साहब मुगल शासन व्यवस्था क्या बनती है मुगल शासन व्यवस्था अब मुगल शासन व्यवस्था तो सिर्फ नाम का है लेकिन प्रश्नों की बौछार तो असली यहीं पर होती है और समझ लेना भैया समझ लेना भैया जितनी भी लुसेंट पड़ा है लुसेंट बढ़ाइए जिसमें एस सेंटर मध्य आज से
6:15 सफाया हो गया तो भाई साहब पांच-पांच 10 नंबर तुम्हारे हो गए पक्के क्या हो गया 5 दिसंबर हो गए पक्के चलिए अच्छा ठीक है तो आराम से पेट के एग्जाम के लिए इतिहास तुम्हारा पोर्शन पक्का हो गया और जितना पढ़ा दिया एक प्रश्न तुम्हारा बाहर सनियाना एबी मैं भाई सब गारंटी देते हैं ठीक है चलिए बहुत बढ़िया मोंटी जिस दिन यह सिर्फ आएंगे और तीन दिन साइंस की सर पर हां बिल्कुल भाई साहब ठीक है चलिए ऐप डाउनलोड कर लिया बिल्कुल भाई साहब ऐप डाउनलोड को फटाफट ज्वाइन हो जाओ सब बच्चे चलिए अब बात करते हैं भाईसाहब बहुत ही बेहतरीन तरीके से बहुत ही नए अंदाज में बहुत अच्छी तरीके से मुगल शासन व्यवस्था मुगल शासन व्यवस्था को पढ़ने के लिए बहुत ही बढ़िया तरीका है मैं याद करा था चलूंगा तुमको रटते रहना मतलब पहला पॉइंट आपका जो
7:03 बनेगा अब बात समझे सारे बादशाहों के बारे में तो देख लिया आपने कहां से बाबर से लेकर औरंगजेब तक बाबर से लेकर औरंगजेब तक सारे बादशाहों के बारे में पढ़ लिया लेकिन क्या कभी ध्यान दिया उन बादशाहों को सहायता देने के लिए कौन होता था तो भाई साहब उन सब जैसे आपने जितने भी बात सा पड़े कितने बादशाह पड़े मुगल में अभी तक आपने टोटल पड़ेगी एक बार पड़े बाबर के बाद आपने पढ़ा हुमायु है है और हमारी के बाद आपने पढ़ा अखबार है थे और अकबर के बाद आपने पढ़ा जहांगीर और जहांगीर के बाद भाई साहब आपने पढ़ा
7:50 शाहजहां और शाहजहां के बाद आपने पढ़ा भैया औरंगजेब इस प्रकार टोटल आपने यह सारे बादशाहत उपर लिए लेकिन क्या कभी सोचा क्या कभी सोचा एक बार भाई साहब इनके इनके बारे में सोचा यह बात का है तो क्या भगवान हो गए लेकिन एक बार में मन में तुम्हारे सवाल आया कि भाई साहब इनको भी तो शायद आप देने के लिए कोई होगा वरना यह के भगवान थोड़े हैं कि आपने मन से अपने स्वता डिसीजन ले लेंगे भाई साहब इनको भी सहजता पड़ती है तो इंक सिंपल सी बात है इनको भी सहायता की आवश्यकता होती है क्या होती है सहायता तो कहने मतलब बादशाहो को सहायता देने के लिए क्या होता था तो वह इच्छा होती क्या थी कुछ नहीं होता था एक मंत्रिपरिषद होती थी काउंसिल आफ मिनिस्टर होती थी तो पेपर में
8:37 प्रश्न बहुत प्यार आता है यह फर्ज नहीं आता है कि बात तारों को सहायता देने के हों तथा मध्य प्रदेश यह पेपर पर नहीं आता है पेपर में प्रश्न भाई का भी आता है कि मुगल शासकों की मंत्रिपरिषद को सहायता देने के लिए जो मंत्रिपरिषद होती थी उसको क्या कहा जाता था तो रख लेना विजारत कहा जाता था क्या कहा जाता था विजारत कहा जाता था तो मिक्स करते तेरी बात समझ में आ गई होगी सबके दिलो-दिमाग में उतर गया होगा ठीक है चलिए बहुत बढ़िया जबरदस्त तरीके से जबरदस्त भाई साहब मजा आएगा आतंक लगाएंगे और जितने बच्चा देख रहा ना वीडियो को लाइक कर देना शेयर कर देना दूर-दूर तक आवाज आनी चाहिए यह भाई साहब तुमको कोई नहीं पड़ेगा क्यों नहीं पड़ेगा कि भाई साहब बढ़ाने इस लोग डरते हैं इसलिए डरते हैं कि बच्चा बोर होगा वह तो पढ़ाने व होते हैं जो तुम
9:23 सड़ियल लोगों को भाई साहब समझ में आता है यही तुम्हारे साथ खिलवाड़ हो रहा है तुमको वह पढ़ाया जाता है जो तुमको मजा आती है लेकिन क्या कभी सोचा भाई साहब वह पढ़कर देखो जो पेपर में आता है पेपर में असली तो औकात इन सब कुछ प्रश्नों की जाति तक ढूंढते फिरते हो कि मुगल का व्यवस्था में मंत्रिपरिषद् को क्या कहा जाता था तब कहते वह पूरा का पूरा मुगल पढ़कर चले आए बाबर के कितने युद्ध के पंख चल घर हुमायु कौन से युक्त से भारत वापसी मारता है चौसा का युद्ध कब हुआ अकबर ने दीन-ए-इलाही की शुरुआत कब की इबादत खाना कब बनवाया था जहांगीर न्याय का जंजीर लगा हुआ करता था ताजमहल भाई साहब किसने बनवाया था शाहजहां ने जिंदा पीर किसे कहते थे शावर रहते हैं इस सांप रहते हैं भाई साहब
10:09 आदत सी बन गई है लेकिन क्या कभी सोचा प्रश्न का जुड़ने वाले हैं एग्जाम ना लेफ्ट डिजिटल दुनिया में रह रहे हो तो भाई सब लेवल अपना बढ़ाना पड़ेगा तो जिसके लिए तुम्हें तड़पना पड़ेगा और याद कर लेना जितने भी बादशाह है मुगलकाल के उनकी मंत्रिपरिषद होती थी और इन मंत्रिपरिषद् को क्या कहते थे पेपर में पत्नी यह बनता है तो यह प्रश्न क्या बनता है विचारत कहते थे विचारत कहते थे यह प्रश्न समझ में आ गया होगा ठीक है चलिए तो मिक्स करते मजा या फिर भाई साहब बात समझेगा एक बच्चा कि एक बच्चा खराब बाबर का असर टाइम पीरियड बता दो तो भाई साहब बाबर का टेंप्रेचर 1526 से 1530 तक था कब से कब तक 1526 1534 तक का और हमारी को टाइम पीरियड भी मैं आपको बता दूं 1530 से 1540 पहली बार में
10:56 था लेकिन 1540 में जब यह कनौजिया बिलग्राम का युद्ध हार जाता है तब भाई साहब चला जाता है भारत के बाहर फिर वापसी मारता है 1555 ईस्वी में जिसको कहते हैं सरहिंद का युद्ध तो 1555 से 1556 तक पुनाह भाई सब राज्य करता है कौन घुमाई और जो बीच में टेंप्टेड देख रहे हो 40 से लेकर पचपन तक का 15 साल किसने किया 15 साल और किसी ने नहीं शेरशाह सूरी ने शासन किया है किसने किया शेरशाह सूरी ने किया फिर याद रखेगा अकबर का टाइम फिर भाई साहब ऑप्शंस कब तक चलता है 1556 से 1625 भी तक चलता है कब तक चलता है 1556 से 1658 तक कर चलता है जहांगीर का टाइम फिर कब से कब तक चलता है भाई साहब 1605 से 1627 तक
11:41 झाल लगा दोगे भाई साहब पानी में यह मान लेना पानी में भाई साहब आग लग गई तो हम बता रहे हैं तुमको भाई साहब कोई पीछे नहीं कर पाएगा कोई भी 22 आप व्यक्ति ऐसा होगा जो पीछे नहीं कर पाएगा फिर बात करते हैं शाहजहां का टाइम पीरियड कब से कब तक चला 1627 से 1657 तक चला और औरंगजेब का टाइम पीरियड कहते तो भाई सब 1657 रहे हैं लेकिन 1658 माना जाता मेरठ उत्तराधिकार का युद्ध लड़ा था औरंगजेब ने दो 1658 से भाई साहब कब से कप 1707 इस भी तक तो कहने का मतलब बैक यह सारे बादशाह जो मेन बादशाह आते रहे प्रकार से कह सकते हो जब हमने बताया था जब मैंने बताया था टोटल मुगल बादशाह 17 होंगे
12:29 11 जो मिलेंगे उत्तरकालीन उबल में मिलेंगे अपूर्व थी मुगल में मेन मुगल में है कितने मिलने 6 मिलने भाई साहब समझ में आ गया होगा समझ में आ गया होगा जबरजस्त भाई साहब है ज्यादा समझ में आया तो बताना और अगर समझ में आ गया तो लाइफ देना दुनिया को बता देना ओके भाई साहब इससे बढ़िया क्लास क्रिकेट में के अलावा कहीं नहीं मिलेगी और मैं पहले करता हूं विनेश नगरी उन्नाव की नगरी है उन्नाव की नगरी आग लगाने आ रही है तो भाई साहब सब लोग तैयार हो जाओ इससे अच्छी सफलता हमको कहीं नहीं मिलने वाली है ठीक है चाहिए फिर बात करते तो तीन भाषाओं जाएगी बाबर सारे भाषाओं के बारे में पता चल गया बादशाह उसे यह पता चल गया कि को सहायता देने के लिए क्या होती थी एक मंत्रिपरिषद होती है और 1 मंत्रिपरिषद् को क्या कहते हैं विचारत कहते थे इतनी बार पंजाबियों के दिलों दिमाग में छप गया होगा
13:14 फिर बेटा बहुत यहां से बात समझेगा जो सम्राट होते थे सम्राट जो बादशाह तो यह सम्राट और जो बादशाह होते थे भाई साहब इनके समर्थक गिरोह को संचालित करने के लिए अधिकारी पद बनाए गए थे याद रखेगा इसको मैं आगे लेकर जाऊंगा अगले मैच में जाऊंगा पिछले वर्ष से आप इसकी सोंठ जुड़ाव टांग लगा देना आग लगा देना पानी में भाई साहब बढ़ाते तेल डाल लो अब [संगीत] शीघ्र तो चलिए उम्मीद करते स्किन टाइट हो गया जबरदस्त तरीके से बाहर एक अब बात मेरे बच्चे पैर बात समझ लेना क्या समझेगा तू यह
14:01 जो सम्राट की बात करता है ना सम्राट या बादशाह की बात करता है तो बात समर्थन मेरे बच्चे को कि सम्राट या बादशाह तो याद रखिएगा क्या बहुत प्यार से सम्राट या बादशाह के समस्त कार्यों को सम्राट या बादशाह के समस्त कार्यों को को संचालित करने के लिए अ को संचालित करने के लिए है में किसकी नियुक्ति की गई थी को संचालित करने के लिए किसकी नियुक्ति की गई भाई साहब अधिकारियों की नियुक्ति की गई और ये अधिकारी बना पेपर में ऐसे छपते हैं जैसे लगता भाई साहब चार चांद लगा देते हैं
14:48 और बच्चा भाई साहब परेशान हो जाता है बच्चा भाई साहब परेशान हो जाता है और इन अधिकारियों के बारे में तीन अधिकारी तो जीवन में न भूलना अ हुआ है कि एक अधिकारी का नाम है दीवान जी कि एक अधिकारी का नाम है भाई साहब मीर बक्शी अ में बहुत जबरदस्त तरीके बताऊंगा एक अधिकारी का नाम भाई साहब कोतवाल है है और एक अधिकारी के अलावा सांसद रुद्र अ
15:36 13 अरे भैया बिल्कुल एक के पक्ष में बताने वाले हैं भाई साहब एक प्रश्न तुम्हारा नहीं छोड़ेंगे काहे परेशान होकर फिर एक अधिकारी का नाम है भाई साहब आमिर लिए अमल गुजार है कि आमिर लिए अमल गुजार अ मैं इसे कहते हैं लुसेंट इसे कहते हैं लुसेंट ठीक है लुसेंट भाई साहब पूरे YouTube में सर्च कर लेना क्या कर इस तरह तुमको भूषण मिल जाएगा भाई साहब मैं दावे के साथ कहता हूं कि इस तरफ में लुसेंट कोई नहीं पढ़ाने वाला है क्यों क्योंकि भाई साहब लुसेंट अगर इस तरह तुमको बड़ा देंगे ना तुम भाई साहब अधिकारी बन जाओगे और वह तुमको भाई साहब कोचिंग वाले बेवकूफ बनाते हैं कहते हैं जो मास्टर भाई साधू सुन रहा था वह आधा होता है तो मैं कहता हूं भाई साहब तुम कौन सी जड़ी बूटियां बढ़ा दे तो बच्चे को भाई साहब तो बात बन जाते हो
16:22 घोड़े बन जाते हैं तो स्कैन इतना चाहता हूं भाई साहब किताब है जो ज्ञान दिल से लेना चाहिए प्रधानमंत्री होना चाहिए कि आप मायने नहीं रखती याद रखिएगा ठीक है चलिए बहुत ध्यान से तो अब यहां पर एक और पद बता दूं थोक बाजार में का पौधा देखा तुम्हें 123456 पद मैंने टोटल लिखे कितने लिखे भाई साहब 6 पत्र लिखें तो 6 पदम ने लिखे और चीज पति पर मैं उससे पूछता ऐसे पुस्तक ऐसे पूछता है कि दिमाग खराब कर देता है तो बात समझना है तो सबसे पहले तो बात करते भाई साहब को तो हल्की और जो कोतवाल होता था वह कौन होता था बहुत अच्छे से मिल जाएगा नगर का प्रधान
17:10 होता था इस नगर का प्रधान मतलब कोई नगर होता था उसके प्रधान को क्या कहते हैं उसके मुखिया को क्या कहते थे भाई साहब कोतवाल कहते थे प्रेजेंट टाइम में कोतवाल शब्द का यूज कर लो तो तुम क्या कहोगे भाई साहब थानेदार थानेदार कोतवाल साफ व दरोगा साहब ठीक है कोतवाली के प्रमुख लेकिन उस समय कोतवाल को क्या कहते थे नगर प्रधान कहते थे तो भाई साहब मजा आएगा तुमको पढ़ने में ठीक है फिर भाई साहब बात समझेगा बात समझेगा यहां पर दीवान किसे कहते थे और दीवान-ए-खास के प्रांत का अ के प्रांत का राजस्व प्रधान डा के राज्य प्रधान एक तरफ कह सकते भाई साहब
17:56 आज उपरांत होते थे वहां पर जो पैसा व टैक्स वसूलने का जो प्रमुख होता था व्यक्ति उसका नाम पड़ता था दीवान या पढ़ता था भाई साहब दीवान के यह अब बाईसा मीर बक्शी कौन होते तो याद रखिएगा मीर बख़्शी थे वॉइस आफ फ्रेंड प्रधान सैनिकों के प्रधान किसे कहते थे वह कहते थे मीर बख्शी को अब मीर बक्शी का पेपर में प्रश्न और आता है क्या आता है वॉइस आफ मीर बक्शी कौन से कौन से पत्थर पर साइन कर देते थे कि सेना को वेतन मिल जाता था अमीर व्यक्ति मीर बख़्शी जो तेरे अपनी चिरैया मतलब चिरैया गांव क्या कहते हैं साइन हस्ताक्षर चिरैया कैटरिंग दादी का पुतला चिरई विरोधी
18:43 कुमकुम बर्थडे के तो गहने वाला बैग मीर बक्शी जो साइन करते थे कहां पर साइन करते थे तो याद रखिएगा सर खत नामक पत्र हुआ है हां सर खत नामक पत्र पर पुष्प चक्र नामक पत्र पर जब साइन कर देते थे भाई समीर भक्ति तब साइन करने के बाद वेतन मिलता था किसको वेतन प्रदान होता था किसको सेना को तो सेना को वेतन भाई साहब कब मिलता था जब मीर बक्शी सर खत नामक पत्थर पर साइन कर देते थे चिरैया बैठा देते थे तो इतनी बात सुनना भी उज्जवल कुशवाहा सर का ऑफलाइन कोचिंग कहां एनी वन टेल में मैडम मेरी कोचिंग जो है उन्नाव और कानपुर सॉरी लखनऊ और कानपुर के बीच में उन नगरी में है उन
19:30 नगरी में अ बहुत ही जल्दी ऑफलाइन कोचिंग खुलने वाली है भाई साहब जिन बच्चों को भाई सब आना और तो आप जाना सामने मिलकर हुंकार भरेंगे और साथ में मिलकर जब हुंकार भरेंगे राम भाई साहब सारे गीत पर इधर-उधर तोड़ेंगे ठीक है तो याद रखिएगा जो बच्चे ऑफलाइन पढ़ना चाहते हैं उन्हें भाई साहब आ सकते हैं और जो बच्चे बाहर के जैसे बड़े बड़े शहर घर जाते हैं तो मैं उनसे कहना चाहता हूं एक बार पुन नगरी में आकर देखना बड़े शहरों से अब सप्ताह आप यहां पर खाना रहना और साथ में पढ़ाई में अव्वल दर्जे की होगी ठीक है तो मैं विश्वास दिलाता हूं मैं भाई साहब तुम को सफल बनाने की गारंटी तक लेता हूं ठीक है चलिए बहुत बड़े जबरजैस्ट ठीक है फिर तीन समझ में आ गए ना समझें फेसबुक
20:19 कैसे कोतवाल को क्या कहते थे भाई साहब कोतवाल क्या होते थे नगर प्रधान होते थे और आज के समय में अगर कोतवाल की बात कर लो तो कहने पूरे कोतवाल साहब में बुलाया को भाई साहब खड़े-खड़े रोने लगे समझ रहे हो और दीवान क्या होते थे दीवान होते थे प्रांत कर राजस्व प्रधान जो टैक्स रेट्स को सुलाता था और मीर बक्शी सैनी प्रधान सैनिकों के मुखिया होते थे जब विपरीत चिरैया उठाते थे कहां पर बैठे थे समर्थक नामक पत्र है तब जाकर सैनिकों को वेतन दिया जाता था कौन बैठा था मीर बक्शी बट थे क्लियर क्लियर हो गई बात चलिए सब दूं सदर सांसद
21:05 रिसर्च के दो तरह के काम थी एक बार पेपर में प्रश्न पूछा गया लपेट की आया कि आप रखना या तो मैं बताता हूं धर्म संबंधी कार्य धर्म संबंधी कार्य मुगलकाल में कौन सा अधिकारी के द्वारा किए जाते थे कौन से अधिकारी द्वारा किए जाते थे दीपांशु कुमार सराफ का ऑनलाइन कोचिंग एयर फोर्स पड़ा से बिल्कुल हमारी कोचिंग भाई साहब सारी सारे बैठे अवेलेबल हैं और भाई साहब मैं एक इंसान यह कोई भी बहुत सारे बैच में पढ़ाने जाता है ठीक है चाहिए रिपोर्ट का हो चैट कहां से सुपर टेट का हॉट सभी बता रहे हैं उन्होंने वीडियो को लहरा दो कह दो कह दो
21:50 कि भाई साहब अगर अभी भी नहीं जगे हो ना तो चीजों क्योंकि सेलेक्शन लेना है अपने दिमाग से काम लो नाम के पीछे मत जाओ ना हम तो भाई साहब के निकट में ने भी यह लाइन बना लिया इसी लिए 22 आप सब से कह दो कि बाकी सब अगर सिलेक्शन लेना है तो मन से एक बार पढ़ लेना और लिखित बता रहे हैं छह महीने के बाद तुमको इधर-उधर मुंह ताकना नहीं पड़ेगा कहां पर रहे हैं क्योंकि तुम्हारा सिलेक्शन हो चुका होगा शत्रु सत्य भाई साहब इतनी का क्या मैं इंकार होता था तो याद रखिएगा धर्म संबंधी कार्य तो धर्म संबंधी कार्य के लिए कौन सा अधिकारी होता था तो भाई सब याद कर लेना धर्म संबंधी कार्य के लिए अधिकारी होता था उसका नाम था शत्रु शब्द क्या होता था तब
22:37 जरूर शब्द है लेकिन यह प्रश्न पेपर में और आता है जो बच्चों को मार डालता है बता क्या कहता है बच्चे पागल हो जाते भाई साहब क्या कहते तो बात समझ लेना है है जो शत्रु सब रहना यह धर्म संबंधी कार्य तो करता है लेकिन बात समझना बहुत ध्यान से भाई साहब बहुत जरूरी बातें यहां पर क्या बात है बात यह है कि जब तक जरूर सद्र जब सदृश सद्र कार्य कैसे करता है न्याय विभाग के कार्यकर्ता है कैसे कार्यकर्ता वॉइस आफ न्याय विभाग के लिए कार्यकर्ता यस तो जब यह विवाह के लिए कार्य करता है तो शास्त्र और शस्त्र क्या कहलाता है तो याद कर लेना आप तब सदृश अदरक चला तक का जिकर लगता है आज तक ताजी नाम की बला कोई दूसरी नहीं है काजी वही है सिर्फ फर्क इतना है कि जो
23:23 धर्म संबंधी कार्य करता था सदैव सत्य वहीं जब न्याय विभाग का कार्य देखने लगता था उसको काजी कह दिया जाता था उसको ताजी कह दिया जाता था क्लियर है चलिए बहुत बड़ा जबरदस्त शोभा मालवीय काजल कुमारी शुभम पांडे अंकित मजा आ रहा है मजा आ गए तब लाइफ इन आप लाइक शेयर दबा दबा देना भाई साहब पूरी ताकत लगा देंगे तुम को पढ़ाने में भाई साहब आप पेपर में प्रश्न और पूछा गया पता क्या पूछा गया जो अमीर यह हम लिए अमल गुजार नाम दिख रहे हो तुम्हें सब याद रखेगा यहां पर बहुत बड़ा लोचा है क्या लोचा है दीवान में बोला गया प्रांत का राजस्व प्रधान कौन दीवान लेकिन जब प्रश्न पूछ लिया जाए जिले कर राजस्व उप प्रधान जी
24:12 लेकर राज्य प्रधान तो याद रखना मेरे बच्चे जी लेकर राज्य आधुनिक इसे कहते हैं तो जो लेकर राज्य प्रधान बोलते हैं इसको आमिर लिया अमल गुजार को आमिर लिए अमल गुजार को जिले का राज्य प्रधान कहते हैं भाई साहब किसको अमिलिया अमल गुजार को जिले का राजस्व प्रधान बोलते हैं आमिर लिए अमल गुजार को यहीं पर प्रेस ना जाए लो चावला की प्रांत कर राजस्व प्रधान तो ठोक दो तालिबान में लगाकर चले आना अथवा सा उम्मीद करते हैं हर एक बच्चे की नसों में उतर रहा होगा मैं और भाई साहब मेरी आवाज को तुम पहचानो अब यही आवाज़ तुम्हें इतना पढ़ने के लिए मजबूर करते कि फिर समझ लेना फिर समझ लेना जो
24:58 फौदार और चार नामक अधिकारी बनाया गया वह किसने बनाया गया तो याद रखिएगा जिले का है कि जिले का जितने भी फौजदारी मामले होते थे तो मैं बताना चाहता हूं बहुत अच्छे से फौजदारी मामलों के लिए फौजदार तरफ अब बहुत बच्चों को यह पता था थोकदार क्या होता है तो मैं बताता हूं भाई साहब कोर्ट में मैंने जॉब की है को फौजदार का मतलब पता क्या होता है बाकी सब दो तरह के मामले होते एक सिविल मामला एक फौजदारी मामला सिविल मामला होता ना भाई साहब जो लड़ाई झगड़े से संबंधित होता है और जो फोर्थ लड़ाई सैलरी कौन सी भाई साहब जमीन उसे लेने देने से कहते है लेकिन जब मारपीट हो जाए मर्डर हो जाए तो वह जाता है फौजदारी मामला फौज तारीख तो जिले का फौजदारी अधिकारी कौन होता था वह भाई साहब थोड़ा सा
25:44 होता था इतनी बात समझ में आ गई होगी जबरदस्त तरीके से ठीक है चाय के छह पलट गए होंगे ना रटे हो तो एक बार रख लो आमी आमी लिए मालगुजार जिले का प्राच्य प्रधान कोतवाल नगर प्रधान दीवान प्रांत के राज्य प्रधान मीर बक्शी सैनी प्रधान और यह वही अमीर कि है जब सेना को वेतन मिलना होता था ना तो भाई धर्मवीर भारती नामक व्यक्ति सर कत नामक पत्र पर साइन करता था तब सेना को वेतन दिया जाता था वरना सेना को वेतन नहीं नसीब होता था पैर सतगुरु सद्र बाद धर्म संबंधी कार्य करता था सद्र उत्सर्जन नामक अधिकारी लेकिन जब यह न्याय विभाग संबंधी कार्य करता था पुलिस को का जी के नाम से कहते थे यह जो पौधा होता था जिले का
26:29 फौजदार नियुक्त क्लियर हो गई बात चली बड़ा जबरदस्त पारूल यादव बल मुकुंद संधू सब बच्चों को समझ में आ गया होगा जबरदस्त तरीके से हुआ भाई साहब क्या करना है इस पिन सेट करना है फिर बात करते हैं आगे की तरफ फिर बात करते भाई साहब आगे की तरफ एक बेहतरीन वे में पढेंगे एक बेहतरीन तरीके से पढेंगे फटाक से स्किन साइड ले मेरे बच्चे आनंद ही आनंद याद दिलाऊंगा मैं तुमको मजा आ जाएगा गारंटी बता रहा हूं भाई साहब आप अच्छा ठीक है मजा आ जाएगा हंड्रेड परसेंट शोर है तो चलिए बहुत प्रयास जबरजस्त भाई साहब मजा
27:15 आ रहा है यार मजा दबाना है ना चलिए बाद या अशोक चलिए बड़ा जबरदस्त मेज़ कि आगे डू डू हुआ है लुट कि चलो आगे देखो बच्चा है के आगे जो भाई साहब बहुत ध्यान से अ थे मुगल प्रशासन ने थे मुगल प्रशासन भाई साहब कितने भागों में
28:02 बंटा था तो फिर याद रखिएगा मुगल प्रशासन में सबसे बड़ी जो इकाई थी वह ठीक है सुबह-सुबह जिनको थे सूबे को बड़े-बड़े सुबह उठते थे अब सुबह जो थे वह भाई साहब किस में टूटे हुए थे वह टूटे हुए थे सरकार में वह किस में टूटे हुए थे सरकार में टूटे हुए थे अब तक जो सरकार टूटी हुई थी वह किस में टूटे हुए थे परगना महाल में परगना महाल में टूटी हुई थी ओ कुछ लिखो हरी प्रश्न को बारीकी से एक तभी मजा आएगा परगना महाल किसने भाई सब टूटा हुआ करता था जिले में और यहां पर याद रखिएगा जिला किस्मत टूटा हुआ करता था दस्तूर में और दस्तूर किसमें टूटा हुआ करता था द गांव में तो इस प्रकार हमें पता
28:49 चला मुगलों के प्रशासन की सबसे छोटी इकाई कौन थी तो पेपर में तुम्हारे सामने आ जाए तो भाई साहब लगा देना मुगलों के प्रशासन की सबसे छोटी इकाई जो थी छोटी इकाई का नाम था गांव या ग्राप गांव या ग्राम मुगल प्रशासन की सबसे छोटी कई गांव या ग्राम कहलाती थी और जो सुबह तीर भाई साहब यह मुगल प्रशासन की सबसे बड़ी इकाई थी मुगल प्रशासन की सबसे बड़ी इकाई थी सुबह और सबसे छोटी इकाई थी गांव 30 और याद रखेगा गिव तथा गांव तथा भाई साहब आप कि गांव को और किस नाम से जानते थे गांव के भाई साहब यहां पर क्या कहते थे नवादा अ
29:35 कि गांव कोई मतलब गांव या ग्राम कहीं क्या कहा जाता था जय मां वादा गहलोत यदि ये लोग जय मां वादा कह लो गद्दी के लोग अब बात आती है कि जब वादा और दी जज छोटी छोटी बस्तियों में टूटे हुए करते थे जब यह छोटी-छोटी बस्तियों में टूटे हुए करते थे तो मैं इस आप इनको क्या कहते थे पेपर में तो पर्सनल यहां तक का पूछा गया है कि मुगल प्रशासन में जो मवाद या होते थे उनको वह Bigg Boss छोटी-छोटी बच्चियों के रूप में टूटे हुए थे उनको क्या कहते थे तो भाई साहब याद कर लेना पेपर में आना बिल्कुल सकते हैं न गाला क्या कहते थे भाई साहब निकाला और परीक्षा में तो इसी तरह के प्रश्न ट्रेंड करें लेकिन भाई साहब तुम लोग वहीं पड़े जो पुराने चक्कर में ठीक
30:23 हैं चलिए तुम लोग उसी के चक्कर में पड़े हो पुराने चक्कर में दीपांशु चौधरी पेट क्लास अलग से लगा दो बेटा पेट की क्लास अलग से तो लग गई डिस्क्रिप्शन बॉक्स में जाकर लिंक से एप्लीकेशन डाउनलोड करो फ्री बचपन चला इसे चालू है ठीक है चलिए बहुत बढ़िया जबरदस्त मजा आ रहा था इतनी वास्तव में गई तो बच्चे सबसे बड़ी इकाई मुगल प्रशासन की सुबह फिर उसके बाद सरकार परगना महाल महल किस में टूटा जिले में जिले के बाद दस्तूर दस्तूर के बाद गांव में गांव को क्या कहा जाता था नवादा या दी और जुर्म वादा की छोटी-छोटी बस्तियां थीं उनको भाई साहब नागला के नाम से जानते थे कि नाम से भाई सब जानते थे नागला के नाम
31:08 से जानते थे तो पूरा का पूरा प्रशासन समझ में आ गया होगा फिर यहीं पर याद रखिएगा बहुत ध्यान से एक व्यक्ति थे भी बादशाह थे जिनका नाम था शाहजहां साथ जाने भाई साहब एक इकाई और इसका चलवाई थी एक स्थित इकाई स्टरलाइट तो यह भी पेपर में पूछा गया पीसीएस के पेपर में कि जो शाहजहां ने इकाई चलवाई थी वह इकाई वह प्रशासनिक इकाई किरदार कि इसके पहले आईज के बाद अ इसके पहले गई इसके बाद ही थोड़ा सा आराम से बताओगे वह शाहजहां द्वारा जो इकाई बनवाई गई थी उसका नाम था चकला क्या नाम था चकला 22 आप चकला नामक इकाई थी जो सरकार एवं परगना के बीच
31:55 में बनी थी जो सरकार एवं परगना महाल के बीच में इकाई बनाई थी किसने बनाई थी शाहजहां ने तो भाई साहब चकला नामक बेक प्रशासनिक इकाई थी मुगलों किट और यह मुगल में कौन से बादशाह ने चकला नामक स्त्री की कई बनाई थी शाहजहां ने बनाई कि किसके किसके बीच तिवारी सरकार हम परगना के बीच में थे तो मिक्स करते इतनी बात समझ में आ गई होगी इधर इस बात पर बनाओगे फटाक से स्क्रीनशॉट ले लो पूरा का पूरा प्रशासन आपको समझ में आ गया देर बात करते भाई साहब सॉफ्ट ना गया तो इतनी बात सुनाती थी प्रशासन की दृष्टि से प्रशासन की दृष्टि से
32:43 कि प्रशासन की दृष्टि से मुगल साम्राज्य की बाद जो सबसे बड़ी इकाई थी उसका नाम था सुबह-सुबह किसने टूटा सरकार में सरकार किस में टूटा परगना महाल में माल के इसमें टूटा जिले में जिला किसने टूटा दस्तूर में दस्तूर किस्मत टूटा गांव में हर गांव को क्या कहते थे नवादा यदि कहते थे कि हम वादा और दी की छोटी छोटी बस्तियों को नागला के नाम से जानते थे लेकिन एक प्रश्न पेपर में पीछे इसमें पूछा गया कि भाई साहब शाहजहां ने जो इकाई बनवाई थी उसका नाम क्या था चकला नाम था और यह िक इन दो इकाइयों के बीच में थे तो सरकार और परगना महाल के बीच में थी प्रश्न याद कर लो एक जबरदस्त तरीके से ठीक है चलिए बहुत बढ़िया
33:31 जबरजस्त तो मिक्स करते भाई साधो एक बच्चों को समझ में आ गई होगी हमारा चलिए जबरजस्त भाई साहब देर बात करते हैं जबरदस्त तरीके से थे मुगल प्रशासन में भूमि की थे मुगल शासन में थे मुगल शासन में भूमि का मामला समझ लो बहुत मजा आने वाला भाई साहब भूमि समझोगे किसानों के बारे में समझोगे हर एक चीज समझोगे यार हात मामला समझ में आने वाला है आप कहोगे मुगल प्रशासन ने सर यह भूमि कौन सी बात है मेरा मुगल प्रशासन में मल्लभूमि तो होती थी भाई साहब उनसे जो टैक्स वसूला
34:17 जाता था इसीलिए इस पृष्ठभूमि में पॉइंट हो गए इसीलिए तो भाई साहब यह भूमि इंपोर्टेंट हो गई आप बात समझ लेना कितने प्रकार की भूमि थी मुगल शासन में जहां से भूमि कर मिलता था एक तो नाम सुनने योग और एक खालसा भूमिका थी खालसा भूमि और खालसा भूमि के बाद जो दूसरे प्रकार की भूमि टैक्स लगता था वह कैसे था वह तब भाई साहब जागीर है क्या आता जागीर तो इतनी बात सुनना रही होगी जागीर खालसा भूमि जागीर भूमि और तीसरे नंबर पर जो आपको सुनारों का सहूर मल वसुंधरा तो आवाज सचिव विमल भूमि और सईद अजमल को ही बोलते थे मद्य-मांस वह चीजें पड़ा रहा हूं जो भाई साहब कोई नहीं पड़ेगा
35:03 लेकिन परीक्षा में तो यहीं से तो प्रत्यारे सालों में के बारे में तो भाई साहब कितना तुमने सुना होगा है कितना भाई सब सुना होगा लेकिन बस थोड़ा कितना है कि भाई साहब आज तक तुलसी के ने तो मैं आता नहीं ठीक है पापा का लाडला तो चलिए बहुत बड़ा जबरदस्त पीएससी की विजय भाई सब तैयारी करवाएंगे सब की तैयारी करवाएंगे भाई साहब पड़ती है रोल यार फिर बात समझ लेना लालसा भूमिका होते भर पर पूछा गया कालसा भूमि क्या होते थे तो बता सकते हो मुगलों के समय में वह भूमि मुगलों के समय में वह भूमि जो प्रत्यक्ष रूप से जो प्रत्यक्ष रूप से बादशाह के नियंत्रण में होती थी भाई साहब वह भूमि के जो
35:49 प्रत्यक्ष रूप से बादशाह के नियंत्रण में होती थी उसको क्या कहते थे उसको कहते थे भाई साहब खालसा भूमि याद कर लेना मुगलों के समय में खालसा भूमि भाई साहब किसको कहते थे तो खिल साबुन बोलते थे प्रत्यक्ष रूप से जो बात ताकि नियंत्रण में होती थी मतलब जितने भी भाई साहब बादशाह थे उनके अंडर में जो भूमि होते थे भाई साहब उसको कहते थे खालसा भूमि क्या कहते थे खालसा भूमिहार देखो भाई साहब तुमने लाइक में क्या कर दी कमी कर को लाइक में कमी कर दी भाई साहब लाइक मगर कमी कर दी ना हमारी यह सा होता ने मेरे शरीर से तुमने आत्मा को क्या कर लिया निकाल लिया है शरीर केवल छोड़ दिया है तो भाई लाइक देते रहना जिसमें आत्मा और शरीर निकलना तभी तांडव कर पाता है फिर बात
36:34 समझने नाक जागीर भूमिका होती थी जागीर भूमि है की तनख्वाह के बदले तनख्वाह तनख्वाह समझो जो प्रजेंट टाइम में बोलते हैं इसको क्या सैलरी कि सैलरी कहने का मतलब है तनख्वाह के बदले भूमि है की तनख्वाह के बदले भूमि कहने का मतलब बैक तुमको जैसे खेती करने के लिए भूमि तू मिल जाएगी लेकिन उस पर खेती आप करो पैसा क्या मिलेगा आपको सैलरी दी जाएगी और इस प्रकार की भूमि को क्या कहते थे जागिर भूमि कहते थे और खालसा भूमि है वह डायरेक्ट बादशाह के नियंत्रण में होती दिख मतलब जो पैदा होगा भाई साहब हम खुद लिक्विड तुमको जो
37:19 मर्जी वह देंगे तुम कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगे ठीक है जा गर्भवती थी हमको एक सैलरी दी जाएगी हम भूमि पर खेती करेंगे फिर उसके भाई साहब टेक्स्ट तुम लोग हमारी सैलरी फिक्स रहेगी ठीक है इतनी बात सुन मैं आ गई अब यहां बात दिख रही है सहूर मलिया मदद यह मास्क तो याद रखिएगा बहुत ध्यान से अ एक संयोग मलयालम मध्य मार्च नाम से क्लियर हो रहा होगा मादक मटक रिश्ता मतलब समझ लेना है का अनुदान में अनुदान में दी गई का अनुदान में दी गई लगान हिना भूमि की का अनुदान में दी गई लगान हीन भूमि कहने
38:05 का मतलब है तत्पर रहेगी सिंपल सी बात है मेरे बच्चा का मदद श्रद्धा गया तो मतलब मतलब मतलब क्या है अनुदान अनुदान का मतलब क्या है दान में चली गई चीज वरदान में चली गई थी चीज है तो लगा नहीं लगाने का मतलब कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा कोई टैक्स नहीं वसूला जाएगा भाई साहब यह वाली भूमि को बहुत तगड़ी थी कौन सी मुगलों के समय में कौन सी भूमि तगड़ी थी तो भाई साहब तगड़ी थी संयोग मल या मदद मां मतलब दान में दे दी राजा ने वह मैं उसके बाद कोई टैक्स नहीं वसूला उसको कहते थे सही और मल याद कर लेना बहुत ही जबरदस्त तरीके से समझ
38:52 में आएगा तो मैं टिकट चलिए अब तो उम्मीद करते भाई साहब इतनी बात सुन मैं आ गई होगी हारना अब बात करेंगे हम लोग आगे की तरफ बहुत अच्छे से चलिए अब हाउ टो मेक करते मजा आया सब बस मेरे बच्चे हरेक बच्चे को समझ में आ गया है देर रात सिंह वन मंथ में कहां कंप्लीट करवा पाया अपने थोड़ा सा मैरिज एक पूरा लाभ दो मेरे सीने में वही बचा है हां जान ले लो निर्दोष की कि तुमने भी अपने मम्मी पापा से बोला था इंटर के बाद हम सिलेक्शन लेकर दिखा देंगे नहीं लेकर दिखाए मम्मी ने मार दिया क्या
39:38 तुम्हें तक हमारी जान ले लोगे तुम अजीब इंसान यार बेली पढ़ो नहीं खत्म हो रही क्या अगर हम हुआ है अजय को ए फी झाल का तो चलिए आपको यह नहीं आ पाई सब खत्म ने जब दिल्ली भाई सब पढ़ा रहे और सभी रुलाते हो तुम लोग अरे यार
40:27 नई दिल्ली पढ़ा रहे एक लेवल पर पड़ा रहे पीछे अधिकारी बनाना चाहते हैं पीछे अधिकारी बनाने की सोच रखें तो भाई साहब गिरते-पड़ते चपरासी तो बनी जाओगे कुछ प्रार्थी बन जाएंगे ग्रुप डी वाले जो सोच रहे नौकरी फिर उसके बाद कुछ बाबू बन जाएंगे कुछ अधिकारी बन जाएंगे के अधिकारी बन गया चार चांद लग जाएगा भाई साहब क्यों यार हमको दर्द है कि हम एक-एक यूनिट एक-एक यूनिट पड़ा रहने भाड़ में मुगल शासन व्यवस्था मुझे क्या पड़ी मराठा और लेकिन हमने सोचा रूस में है सारी चीजें मैं हूं
41:13 मैं आराम से पढ़ो फोन ठीक है तो चलिए अब श्री राधे राधे राधे-राधे भैया राधे-राधे मोनू राजपूत आप आगरा से हैं आप हमसे आप लाइन पढ़ना चाहते हैं बताओ सर मैं कब हूं बेटा भी कोचिंग नहीं ली है जिस दिन कोचिंग खुल जाएगी ऑफलाइन जिस दिन योगी आदित्यनाथ मान्य मुख्यमंत्री का आदेश आ जाएगा उस दिन एक YouTube चैनल पर वीडियो आएगी और उस समय 22 साफ व आतंक लगेगा इस बार उन्हें और नगरी में सिर 22 आफ वो एक की कोचिंग भाई साहब जिसमें बच्चे पढ़ते हुए नजर आएंगे और साथ में सलेक्शन लेते नजर आएंगे अभिनेश
42:00 नगरी बिन इस एकेडमी फीनिक्स नगरी भाई सब तुमसे कोई भी पूछे तो बता देना कहां पढ़ते हो उन्नाव की फीनिक्स नगरी में पढ़ते हम लोग हैं टिकट चलिए बहुत बढ़िया जब अर्जुन ने में रहने की व्यवस्था एक्सपर्टाइज अब रहने की व्यवस्था नहीं होगा मैं अपने घर पर रुक मैं लेकिन तुम्हें सिलेक्शन दिलवाऊंगा जिससे जाकर तुम अपने घर पर कहोगे अरे एक ऐसा मास्टर मिला तब फालतू का बेवकूफ पागल जो आसान उसको बुद्धू बनाकर चलाया तो मुझे खुशी होगी तब भी क्योंकि इलेक्शन लेकर जा रहे होंगे फिर बात समझ लेना मेरे बच्चे क्या समझोगे तो कि यह सब सुनने हो करोड़-करोड़ शब्द सुनने हो तो या तो सुबह हैं कितने जीरो होते तो भैया 5270 तो भाई साहब ही के आगे बढ़ी की
42:47 मात्रा लगा दो क्या बन गया करुणी क्या बन गया करूंगी तो भैया क्या मुगल स्कूल में करोड़ी नाम की कोई चीज़ थी बिल्कुल थी की याद रखिएगा कि करोड़ी नामक एक अधिकारी था करोड़ी नामक एक अधिकारी था अ है और इस अधिकारी की नियुक्ति इस अधिकारी की नियुक्ति भाई साहब कब की गई 1573 शुरू में की गई अभी किसके द्वारा की गई तो भाई साहब यह की गई अकबर के द्वारा तो याद कर लेना करोड़ी नाम का एक अधिकारी था करोड़ी नाम का एक अधिकारी था नियुक्ति 1573 में
43:33 करता है कौन करता है अकबर अब तुम हमसे कहोगे कि सर ऐसी क्या बात थी करोड़ी नाम रख दिया तो नाम से ही काम समझो नाम से ही काम का मतलब है दो मैं इसे आप अपने क्षेत्र में इसे अपने क्षेत्र में एक करोड़ दाम कि वसूला होता था अ कि वसूलना होता था एक वर्ष में अ मैं इसे अपने क्षेत्र में एक करोड़ दाम वसूल होता था कितने वर्ष में भैया एक वर्ष में ही इसीलिए तो इसका नाम पड़ गया करोगे तो पेपर में प्रश्न बन गया करोड़ी नामक
44:20 अधिकारी किसने नियुक्त किया काशी करोड़ी और खबर मतलब अकबर अकबर ने नियुक्त किया किस वर्ष किया 1573 शुरू किया और करोड़ी नामक एक अधिकारी था जिसका क्या काम होता था जिस क्षेत्र में करोड़ी चला गया ना पाए साफ एक साल में एक करोड़ रुपिया भाई साहब वसूल करके लाता था ठीक है शिवम शिवा सर उन्नाव में कौन से एरिया में क्योंकि मैं भी उन्हीं के भगवान भगवंत नगर से हूं फेस आफ उन्नाव जाना उन्नाव आ जाना ठीक है ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग करेंगे और कहीं भी पूछ लेना पेनिक्स नगरी कहां है आपकी स्टेशन रोड पर नई कोचिंग खोल है उन्होंनें ठीक है जो उन्नाव स्टेशन उतरेगा
45:07 वहां पर स्टेशन रोड में वृक्ष नगरी दिखेगी फिजिक्स नगरी कहते ना मिक्स नगरी जाना है तो भाई साहब एक आदमी तुम्हें पहुंचा देगा फिर मिक्स नगरी में और उन्नाव के जितने साथी हैं तो पन्ना लाल पार क्या बात कर लेना दो जगह कोचिंग चलती उन्होंनें और उन्हें छोड़कर कहीं मास्टर जाएगा ने क्यों क्योंकि भाई साहब हमें अपनी जन्मभूमि अपने कर्म भूमि से हद से ज्यादा मोहब्बत है जिसके लिए हमने सरकारी नौकरी भी त्यागी सर इस लेख के अपनी कर्मभूमि के नाम ऊंचा करना है चाहिए तो मैं करते सब बच्चों समझ में आ गया होगा जबरदस्त बहुत बढ़िया अ तो चलिए इतनी पसंद आ गई करोड़ी नाम की व्यवस्था भाई साहब समझ में आ गई रावण चलिए
45:52 अब बहुत बढ़िया तुम्हें एक चीज बताने जा रहे हैं जिसके भाई साहब समझना मजा आ जाएगा क्या समझोगे भाई साहब बिल्कुल आनंद आने वाला है ऐसी चीज तुमने पर ही नहीं होगी क्या तो भाई साहब लोबो 1538 में 1580 में अकबर ने किसने अकबर ने एक वह साला नामक एक वह साला नामक नवीन कर स्टार्ट किया है कि वह साला नामक एक नवीन कर शुरू किया किसने भाई साहब अकबर ने अकबर ने वह साला नामक नवीन कर स्टार्ट किया कब किया 1580
46:39 में किया किसने अकबर ने अब बात समझना मेरे बच्चे बहुत ध्यान से जरूरत है और भाई साहब इस व्यवस्था को यह जो वह साला नामक नवीन करना है इस व्यवस्था को और क्या कहा गया तो मेरे बच्चे इस व्यवस्था को कहा गया टोडरमल व्यवस्था है कितना प्यारा सा प्रेशर बनता है बच्चे बच्चे वाइफ इतवार उखड़ जाते हैं के पेपर में प्रश्न आता है टोटल व्यवस्था बिशप चालू की गई तो भाई साहब 1580 में चालू करेंगे टोटल 22 व्यवस्था किसके द्वारा चालू की गई तो अकबर के द्वारा चालू की गई फिर प्रश्न याद कर लेना आप जो टोडरमल व्यवस्था थी वह भाई साहब उसका अन्य
47:24 नाम क्या था वह साला नामक नवीन कर था पर याद कर लेना यह तरह से थोड़े किसी को पर जाकर भोग तो ठोक दो ऐसा नहीं होता पीसकर यह कर लगाने के लिए यह कर लगाने के लिए भूमि को यह कर लगाने के लिए यह कर लगाने के लिए भूमि को कितने भागों में बांटा गया भूमि को चार भागों में बांटा गया इस कर को थोपने के लिए चढ़ने के लिए भूमि को कितने भागों ठोक दिया गया चार भागों भाई सब ठोक दिया क्या टेक चार भागों में ठोक दिया गया और यह चार भाई साहब भूमि के अंतर्गत टोडरमल व्यवस्था के अंतर्गत घूमते थे नाम क्या था एक का नाम था पोल नच नच
48:12 यह कितना प्यारा ना मैं गांव में तुम रहते होंगे तो पोला तो खाए होंगे ना तो पोला से भाई साहब बन्ना क्या पोज बन गया ठीक है पोल आज बन गया फिर दूसरा भाई साहब याद कर लेना प्रति प्रति प्रति मतलब समझ रहे होंगे गांव वाले सब समझते हैं तीसरा चार-चार अच्छा फीचर बन गया और चौथा बंजर तो पता चल गया भाई साहब वह साला नामक नवीन कर मे भूमि को कितने भागों में बांट दिया गया तो भाई साहब चार भागों में बांट दिया गया और वह चार बाग कौन-कौन एक हो गया पोल आज दूसरा हो गया प्रतिष्ठा हो गया 4 चौथा हो गया बंजर के लिए यार और भाई साधो यही
48:58 भूमि चयनित वह साला नामक नवीन कर में रख लो चाहे टोडरमल व्यवस्था में रख लो हौर इन भूमि को बांटने का श्रेय किस महाराजा को जाता है अकबर को किस वर्ष जाता है 1588 में जाता है आनंद ही आनंद परमानंद की अनुभूति हो रही होगी दिल में समझ में आ रहा होगा ठीक है चलिए बहुत बढ़िया बिल्कुल त्रिशूल बीच में फिजिक्स बीजेपी बीच सब कुछ है और सब बच्चों बताना चाहते भाई साहब साइंस नामक बीमारी को दूर करें साइंस नामक बीमारी को दूर करें मात्र कहां पर जाकर डिस्क्रिप्शन बॉक्स में नीचे वीडियो के डिस्क्रिप्शन बॉक्स में डिस्क्रिप्शन बॉक्स में नीचे की तरफ एप्लिकेशन को डाउनलोड करें और साइंस का पूरा का पूरा
49:44 बैच क्या करें फ्री में पाएं फ्री में पाएं वहां पर ₹10 का एक सिर्फ चार्ज है कितने रुपए का ₹10 का क्यों इंटरनेट का सेवा टिकट ₹10 में साइंस का बेस्ट फ्री पाएं कहां पर डिस्क्रिप्शन बॉक्स में जो लिंक दी गई है उसमें क्लिक करके उपाधीक्षक तुरंत सारे बच्चे ज्वाइन हो जाओ ऐसा बस तुमको मिलेगा नहीं फिजिक्स राघव असर नहीं पड़ा है भाई साहब आनंद ही आनंद आ जाएगा एक टेक्निकल में हवा उड़ा दिया सब बच्चों के चलिए तो उम्मीद करते भाई साहब आप जाकर तुरंत सिर्फ डिस्क्रिप्शन बॉक्स में ऐप को डाउनलोड करोगे और साइंस नामक बीमारी को अपनी खोपड़ी से निकाल देखोगे कि भाई साहब यूपी ट्रिपल सी पेट में भी पांच नंबर के साइंस लैब पांच नंबर के साइंस फैक्ट चलिए
50:31 अब बात करते हैं भाईसाहब समझ में आ गया ठीक है पैर बात समझ लेना तो डिस्क्रिप्शन बॉक्स में जाकर तुरंत साइंस का बैच जॉइन कर ले मेरे बालक फिर बात समझना बहुत ध्यान से चार प्रकार की भूमि तो पता चल गए और भाई साहब चार प्रकार की जो भूमि है ना वह किस व्यवस्था के अंतर्गत है वह टोडरमल व्यवस्था करते हैं वह टोडरमल व्यवस्था के अंतर्गत है चार प्रकार की उम्मीद कौन-कौन पोलार्ड प्रति चार बंजर पितृ भाषण नागिन अब बात समझ लेना पोलक ऐसी भूमि थी ऐसी भूमि थी मतलब यहां पर नियमित रूप से खेती होती थी इस वर्ष में इस वर्ष में नियमित रूप से खेती होती थी
51:17 कहां पर भाई साहब पोलो जन्मा भूमि पर नियमित रूप से वर्ष में खेती होती थी हर याद रखिएगा वर्ष में पूरे वर्ष में कि पुलिस नामक भूमि पर दो बार फसल उगाई जाती थी कितनी बार में दो बार भैया पोला है आधा पोला इसी से वादाखिलाफी जबरदस्त याद रखिएगा पोल आज नामक भूमि पर वर्ष में दो बार फसल उगाई जाती थी कितनी बात दो बार और इस पर नियमित रूप से खेती होती थी है फिर आगे बात समझना फिर आगे बात समझना क्या समझोगे भाई साहब यह बोलना ₹10 में प्रिया दाग और बाकी सब चलो मान लिया ₹10 में ठीक है तुमको मैं गलत लगता मामलों ₹10 तय
52:05 एक ₹10 के अवकात दिख रही है अ कि बिजली का बिल लग जाता है वीडियो बनाने में तुम्हारे लिए फ्री कर रहा है तुम बोल रही हूं ₹10 शर्म करो बिटिया एक टीचर की बेइज्जती करने में कि अरे यार शर्म नहीं आती इस लड़की को बताओ यहां पर यह बोलो ना ₹10 अरे भाई ₹10 बता रहा हूं इंटरनेट चार्ज है 10वें मेरी हवेली नहीं खड़ी हो जा रही है में चल ऐसे लोगों ने