0:00 हिंदी में यूपीएससी की तैयारी से संबंधित प्रोग्राम्स को देखने के लिए सब्सक्राइब करें स्टडी आईक्यू आईएस हिंदी अ वेरी वेरी वेरी वार्म हार्टेड वेलकम टू ऑल ऑफ ू दिस साइड इज अभिनव कुमार बरे और मैं आपके समक्ष लेकर प्रस्तुत हूं एक बहुत ही इंपॉर्टेंट न्यूज़ अपडेट के साथ एक क्रिटिकल एनालिसिस यहां हम बात करने वाले हैं लेजेंड एमएस स्वामीनाथन जी के कंट्रीब्यूशन के बारे में और साथ ही स्पेसिफिकली हम चर्चा करेंगे ग्रीन रेवोल्यूशन के नेगेटिव और पॉजिटिव डायमेंशन के बारे में याद रखिए यह वीडियो अगर आप 20 टू 30 मिनट्स ध्यान से देखें तो आपके सोचने समझने के दायरे को आपके डायमेंशन को एक नया आयाम देगा मैं दावे के साथ कहता हूं कि आपके पास ऐसी कुछ इंफॉर्मेशन होंगी जो आपके लिए बहुत क्रुशल होंगी जानना समझना और एक अवेट सिटीजन के
0:47 फॉर्म में उनके बारे में समझना तो चलिए सबसे पहले न्यूज़ देखें तो भारत रत्न जो भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है उसे सम्मानित किया जाएगा भारत रत्न सम्मान से सम्मानित होंगे बेसिकली एमएस स्वामीनाथन अब यह जो सम्मान है यह इनके एग्रीकल्चरल फील्ड में एग्रीकल्चरल सेक्टर में इनके बड़े कंट्रीब्यूशन के लिए दिया जा रहा है अब अगर हम इस चीज को थोड़ा सा आगे ले जाएं और आपके अंदर एक सोचने के नए डायमेंशन को जन्म दें तो अगर मैं आपसे कहूं कि बेसिकली पंजाब हरियाणा के लिए आपने शायद मूवी सुनी होगी देखी होगी उड़ता पंजाब जहां ड्रग प्रॉब्लम को स्पेसिफाई करा गया पंजाब हरियाणा के क्षेत्र में इसी प्रकार से अगर मैं आपसे कहूं पंजाब में एक ट्रेन चली थी एक समय पर जिसे कैंसर ट्रेन के नाम से जाना जाता था जो राजस्थान के अलवा
1:32 डिस्ट्रिक्ट तक जा रही थी और अगर मैं आपको बताऊं तो नियर अबाउट 100 लोग प्रति 1 लाख यह एक बड़ा आंकड़ा है पंजाब में देखने को मिलता है कैंसर पेशेंट का इसी तरीके से अगर मैं आपको कहूं कि उत्तर प्रदेश और इसके आसपास बिहार वाले एरिया में ज्यादा से ज्यादा बुरका और पर्दा सिस्टम देखने को मिलता है इसका नेक्सेस है ग्रीन रिवोल्यूशन के साथ तो शायद आपको सोचने में यह बात मजबूर करे कि कैसे ये दोनों चीजें इंटरलिंक है इसी तरीके से अगर मैं आपसे कहूं साउथ इंडिया में टाइप टू डायबिटीज का होना एक 6 साल के बच्चे को एक 10 साल के बच्चे को डायबिटीज का होना यह कहीं ना कहीं यह इंडिकेट करता है कि हमने बहुत वर्षों पहले कुछ ना कुछ ऐसा करा जिसका प्रभाव आज हमें देखने को मिल रहा है यह
2:18 कुछ नेगेटिव डायमेंशन है नो डाउट हर एक कार्य के नेगेटिव डायमेंशन होते हैं हरित क्रांति एक बहुत एसेंशियल बहुत जरूरी प्रैक्टिस थी भारत के लिए जिसमें बड़ा कंट्रीब्यूशन लेजेंड एमएस स्वामीनाथन का था पर के नेगेटिव एस्पेक्ट्स भी हैं पॉजिटिव बहुत सारे हैं हम पॉजिटिव पर भी चर्चा करेंगे इसी तरीके से अगर मैं आपको बताऊं तो हरित क्रांति का एक बहुत ही शानदार बहुत ही इंटरेस्टिंग एक अंतरराष्ट्रीय और एक राष्ट्रीय बैकग्राउंड था हम यहां से चर्चा को स्टार्ट करते हैं और एनालिसिस करते हैं ग्रीन रिवोल्यूशन के बारे में कि किस प्रकार से ग्रीन रिवोल्यूशन हरित क्रांति भारत के लिए और विश्व के लिए इंपॉर्टेंट रहा और इसके क्या नेगेटिव डायमेंशन रहे तो सबसे पहले अगर मैं आपको परिचित कराऊं तो आई थिंक आपने इन फिगर के बारे में जरूर सुन रखा होगा नाम था इनका माल्थस और इन्होंने दिया था नौ
3:04 माल्थी जियम या फिर नौ माल्थस वाद न्यू माल्थी जम के नाम से इसे जाना जाता है इन्होंने क्या समझाया था तो ध्यान से देखिएगा इन्होंने बताया था अपने सिद्धांत में कि वास्तविकता में मैं आपको कहूं बहुत ही इंटरेस्टिंग है इस चीज को जानना इन्होंने कहा था छठा मास एक्सटिंक्शन होगा समझ जाइए भाई कि मानव पृथ्वी से समाप्त होने वाला है और कारण इन्होंने बताया था याद रखिए इनकी रिसर्च बहुत समय तक ट्रेंड में नहीं आई थी बहुत सारे लोगों ने इस चीज को एक्सेप्ट नहीं करा था लेकिन जब इनकी थ्योरी इनका सिद्धांत सही सिद्ध होता हुआ दिखाई दिया तब इसने क्रांता कररी परिवर्तन लाए थे इसमें अगर मैं आपको बताऊं तो इन्होंने दिया कि भाई छटा मास एक्सटिंक्शन ह्यूमंस का होगा क्योंकि जिस गति से हम बढ़ रहे हैं यानी कि मानव की जनसंख्या जो है एक्सपो शियल ग्रोथ पर है एक्सपो शियल ग्रोथ का मतलब क्या होता है एक्सपो शियल
3:51 ग्रोथ का मतलब है कि एक 4 16 32 64 इस गति से हम बढ़ रहे हैं और खाद्यान का उत्पादन एक दो दो तीन की रफ्तार से बढ़ रहा है यानी कि मानव का विनाश तय है अगर हमने खाद्यान का उत्पादन नहीं बढ़ाया तेजी से और जनसंख्या को कंट्रोल नहीं करा तेजी से यहीं से निकल के आया था परिवार नियोजन का कांसेप्ट और यहीं से निकल कर आया था ग्रीन रिवोल्यूशन का डायमेंशन इन्होंने अपने सिद्धांत में बताया कि ह्यूमन को अगर जिंदा रहना है तो खाद्यान उत्पादन तेजी से बढ़ाने की जरूरत है ये इसका वास्तविकता में धरातलीय कारण बना अर्थात हरित क्रांति के लिए धरातलीय कारण नौ माल्थस वाद बना और इसके पश्चात आप पाएंगे कि जो तात्कालिक कारण हमें देखने को मिले यह 1930 के बाद से निर्मित होने वाली खासकर 1935 के बाद
4:38 से निर्मित होने वाली वर्ल्ड वॉर की कंडीशन थी यानी कि जब वर्ल्ड वॉर हुआ तब यूरोप में जो क्राइसिस क्रिएट होना स्टार्ट हुए इसने पूरे वर्ल्ड को खासकर यूएसए और मेक्सिको जैसे देशों को समझाया कि डियर हमें अपना खाद्यान उत्पादन बढ़ाना पड़ेगा क्योंकि आने वाले समय में खाद्यान उत्पादन हमारे लिए पर्याप्त नहीं होगा अब नौ माल्थस वाद का होना यह पृष्ठभूमि और तात्कालिक कारण बना अब इसी के बाद यूएसए ने अपने देश में जो है वो हरित क्रांति एग्जीक्यूट करी यहां पर नॉर्मन बोरलॉग का नाम आता है जिन्हो जो मेक्सिको से बेसिकली जो है उन्होंने नए प्रकार के डॉर्फ वैरायटी का उपयोग करा था मैं आपको आगे इसके बारे में बताऊंगा बोनी फसलों के बारे में उपयोग करा गया था चर्चा होगी आगे इस वीडियो में तो ध्यान से सुनिए ये बना अंतरराष्ट्रीय बैकग्राउंड अर्थात नौ माल्थस वाद और वर्ल्ड वॉर का होना इसके
5:24 बाद जो भारतीय पृष्ठभूमि थी ये काफी ज्यादा इंटरेस्टिंग है समझिए गा चीज को अगर मैं आपसे आधारभूत कारणों के बारे में बात करूं तो उपनिवेश काल में कृषि का कोई विकास नहीं हुआ था हमारी बहुत ज्यादा एग्रीकल्चरल ग्रोथ हुई नहीं थी उल्टा एक्सप्लोइटेशन हुआ और साथ ही जब हमें आजादी मिली भी तो जैसा आप देख पाएंगे कि प्रारंभिक चरणों में बेसिकली हमारी कृषि गत योजनाएं बहुत अधिक सफल नहीं हुई साथ ही अगर मैं आपको तात्कालिक कारण बताऊं जो खासा आधार बना था वह यह था कि यूएसए ने जरूर एक हरित क्रां ति करके खाद्यान उत्पादन बढ़ा लिया लेकिन इसके बाद एक परपंच इस प्रकार का रचा गया कि सभी देशों को खाद्यान की आपूर्ति कराना यूएसए की एक नैतिक जिम्मेदारी है और इसके
6:11 तहत चलाया गया पीएल 480 प्रोग्राम और यह जो पीएल 480 प्रोग्राम था इसमें जो विकासशील देश थे या जो न्यूली इंडिपेंडेंट गेन करने वाले देश थे व बेसिकली यूएसए से जो है वह अनाज ले सकते थे बहुत ही कम दरों पर इसी पर हमारे पीएम इंदिरा गांधी मैम का विजिट होता है और और अगर मैं आपको बताऊं तो एक बहुत ही बहुत ही शर्मनाक इमेज सामने आती है जहां पीएम के विजिट पर यानी कि इंडियन पीएम के विजिट पर यूएसए के न्यूयॉर्क टाइम्स में एक अखबार पर एक अखबार है वहां पर एक फोटो छपती है फोटो में दर्शाया जाता है इंदिरा गांधी मैम को कटोरा लिए हुए और भारत की तस्वीर के साथ जहां यह इंगित होता है अगेन इंडियन पीएम बैगिंग फॉर फूड फिर से भारतीय प्रधानमंत्री खाने की भीख मांगने आए हैं
6:59 यह वो एक ट्रिगरिंग मूवमेंट रहा भारत के लिए भी इंदिरा गांधी मैम के लिए भी जहां भारत ने डिसाइड करा कि अब भारत जो है वह खाद्यान आयातक से निर्यातक की ओर अपनी यात्रा को इसी डेट से प्रारंभ करेगा और मैडम का विजिट वहां के बाद सीधा हुआ इंडिया में हमने कांटेक्ट करने का प्रयास करा नॉर्मन बोरलॉग को और वहीं से हमें एक डायरेक्शन मिला एम एस स्वामीनाथन लेजेंड एम एस स्वामीनाथन के साइड और हमने त्रिमूर्ति भवन में जी हां जिस प्लेस का नाम शायद आप सभी ने सुना होगा मूर्ति भवन में इसकी कुछ इनिशियल प्रैक्टिसेस और बहुत सारी मीटिंग्स रखी गई और भारत ने बहुत जल्दी ही इस निष्कर्ष को निकाला कि एमएस स्वामीनाथन की लीडरशिप में जो कहा जाता है एक बहुत अच्छे फॉलोअर भी थे नॉर्मन बोरलॉग के और नॉर्मन बोरलॉग की इवन एडवाइस पर
7:46 मैडम इंदिरा गांधी ने जो है वो एमएस स्वामीनाथन को अपने साइड जो है वो अप्रोच करा था अब इसके बाद भारत ने जो है वो ग्रीन रिवोल्यूशन अर्थात हरित क्रांति को ट्राई करा स्टार्ट करा और 1965 के बाद 67 कहे 68 कहें इस ईयर्स के बाद भारत ने जो है वो लगातार अपनी हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए जब एक्सरसाइज करी तो क्रांतिकारी कुछ परिणाम सामने आए अब क्या थे वो परिणाम तो मैं आपको स्पष्ट तौर पर बताऊं तो जो पीएल 480 प्रोग्राम के तहत हमें जो इंसल्ट फेस करनी पड़ी थी एक समय पर उसका एक बहुत बढ़िया आंसर इंडिया ने दिया जब भारत ने खाद्यान उत्पादन सरप्लस कर कर बताया और यहां मैं आपको बताना चाहूंगा कि हरित क्रांति में बहुत सारे
8:33 लोगों का कहना है कि बहुत क्रांतिकारी बीजों का उपयोग करा गया था बहुत क्रांतिकारी फसलों का उपयोग करा गया था पर सच्चाई तो यह है कि सबसे महत्त्वपूर्ण बात थी हमारी हरित क्रांति की कि नो डाउट हमने हाई यील्ड वैरायटी ऑफ सीड्स का उपयोग करा था अधिक उपज वाले बीजों का उपयोग करा था परंतु एक रिमार्केटिंग योगदान बने प्रकार की फसलों का भी था डर्फ वैरायटी ऑफ सीड्स का भी था यानी कि ऐसे फसल जिनका आकार थोड़ा छोटा है उपज ज्यादा है ताकि जो आप खाद डालेंगे वह मैक्सिमम उत्पादन के लिए उपयोग होगी ना कि अननेसेसरी पार्ट को बड़ा करने के लिए अब यह जो क्रॉप हमने लाई यह जो फसल हमने लाई
9:20 इससे उत्पादन बढ़ा और भारत का उत्पादन में एक्सपो एंजियल ग्रोथ देखने को हमें मिलती है पर आगे क्या होता है आगे होता है इसके पॉजिटिव डायमेंशन का आगमन ध्यान से समझिए कि इसके पॉजिटिव डायमेंशन में आप सबसे पहले देखेंगे कि भारत को हरित क्रांति से क्या-क्या मिला तो सबसे पहली और सबसे महत्त्वपूर्ण बात हमारा कृषि गत उत्पादन बढ़ा हमारा जो किसान था जो गरीब था वह धीरे-धीरे उसकी आय में वृद्धि हुई साथ ही गेहूं और चांवल याद रखिए आपने सुना होगा पंजाब में एक जो है वह गाना कहा जाता था काफी फेमस था के मक्के की रोटी और सरसों का साग धीरे-धीरे मक्के की रोटी और सरसों के साग को बदल दिया दिया धान और गेहूं ने चावल और गेहूं का उत्पादन गैर परंपरागत जो है वह क्षेत्रों में देखने को मिला हमारे
10:06 वह फसलें जो आज हमारे मेन फूड का पार्ट है वह और उनका उत्पादन हरित क्रांति के बाद ही सरप्लस हो पाया हम हरित क्रांति के बाद खाद्य सुरक्षा के फील्ड में एक अग्रणी देश बने हम निर्यातक देश भी बने आयातक से निर्यातक की यात्रा हमने तय करी और साथ ही अगर मैं आपको बताऊं तो हमने औद्योगिक क्षेत्र में भी हरित क्रांति के द्वारा क्रांतिकारी परिवर्तन लाए चाहे वह एग्रीकल्चर में यूज होने वाली मशीनरी हो से लेकर खाद्य प्रसंस्करण उद्योग तक यह सारी चीजें पॉजिटिव डायमेंशन रही हरित क्रांति का लेकिन यहां मैं आपका ध्यान इस ओर आकर्षित करना चाहूंगा कि अभी भले ही हमारे संबंध कनाडा के साथ बहुत शानदार ना रहे हो लेकिन आपने सुना होगा कैनेडा के
10:53 अंदर जो पंजाबी है इनकी पापुलेशंस बहुत ज्यादा होती है जनसंख्या बहुत ज्यादा देखने को मिलती है एक्टिवली दिखाई देते हैं इसकी शुरुआत भी हरित क्रांति से हुई थी रोचक बात है कि कनाडा के अंदर जो पीएम थे उस समय वहां पर भारत के हरित क्रांति के काफी चर्चा रही और इस चर्चा का परिणाम यह था कि भारत से बहुत सारे फार्मर्स को खासकर पंजाब वाली बेल्ट से बुलाया गया था कनाडा में कि आप भारत से कनाडा आएं और कनाडा में लोगों को सिखाएं कि कैसे हरित क्रांति को बेटर मैनर में एग्जीक्यूट करा जाता है अब यह सारे डायमेंशन दर्शाते हैं कि एमएस स्वामी थन जी के द्वारा करा गया वह कार्य भारत के विकास के लिए बहुत इंपॉर्टेंट था लेकिन कहीं ना कहीं कहानी का दूसरा पहलू अवश्य होता है हमेशा एक
11:38 नेगेटिव डायमेंशन होता ही है और क्या रहा वो नेगेटिव डायमेंशन तो यहां मैं दो डायमेंशन पर ज्यादा फोकस करना चाहूंगा एक रहा सामाजिक प्रभाव और दूसरा रहा पर्यावरणीय प्रभाव कई बार कहा जाता है कि हरित क्रांति यह मेरे शब्द नहीं है यह बहुत सारे सोशल एक्सपर्ट्स के बहुत सारे एनवायरमेंटल एक्टिविस्ट के यह बहुत सार सारे ऐसे स्टेटमेंट है कि कहीं ना कहीं हमारी हरित क्रांति एक पर्यावरणीय और एक सामाजिक आपदा बनकर भी समय के साथ दिखाई देती है क्या है इसका रीजन तो आइए इस पर चर्चा करते हैं अगर मैं आपसे कहूं कि हरित क्रांति का अर्थात जो हमारा ग्रीन रिवोल्यूशन था इसका प्रभाव क्या पूरे भारत में एक जैसा था तो शायद आंसर है नहीं आप मेरे पीछे देख पाएंगे कि जो पंजाब हरियाणा
12:24 और पश्चिमी यूपी वाला बेल्ट है वहां के ज्यादातर फार्मर्स ने इसमें एक्टिवली पार्टिसिपेट करा और अच्छे रिजल्ट भी हमें देखने को मिले पर प्रॉब्लम यह थी कि कुछ उत्तर भारत के और कुछ दक्षिण भारत के राज्यों को छोड़ दिया जाए तो हरित क्रांति सारे क्षेत्र में एक सा प्रभाव देने में असफल रही इसी प्रकार से यह जो स्थिति थी उसने क्षेत्रीय असमानता हों को जन्म दिया और साथ में इस क्षेत्रीय असमानता ने एक बड़ा डायमेंशन हमें दिखाया बहुत एक्टिवली समझिए ग इस चीज को और अगर समझ में आए मेरी बात तो एक बार कमेंट सेक्शन में से मेंशन करिएगा कि जब कभी किसी स्थान पर क्षेत्रीय विषमता एं होती हैं चाहे वह यूएसए हो चाहे वह इंडिया हो आपको वहां पर लार्ज स्केल पर सोशल डिफॉर्म्स देखने को मिलते हैं यहां
13:10 आप पाएंगे कि तीव्र गति से पंजाब और उत्तर प्रदेश में जो है वह सामाजिक स्थितियों में परिवर्तन आया यहां मैं आपका ध्यान केंद्रित करना चाहूंगा यूपी और बिहार के उस बेल्ट से जहां से लोगों ने हरित क्रांति में बहुत ज्यादा पार्टिसिपेट नहीं करा था पर कुछ स्थानों पर यह काफी ज्यादा सक्सेसफुल हुई और यही कारण रहा के जो लेबर्स थे वो माइग्रेट कर रहे थे जा रहे थे पंजाब की ओर जहां पर तिहाड़ी कल्चर जो है वो प्रारंभ होता है यूपी बिहार से लोग जो है वो निकलकर पंजाब की ओर प्रस्थान करते हैं अब इस चीज को सोशली समझने का प्रयास करिएगा दोनों ही एरिया में प्रवास का यानी कि माइग्रेशन का एक ह्यूज इंपैक्ट आता है यहां जिस क्षेत्र से लेबर निकलेगा फैमिली न्यूक्लि आई अर्थात परिवार का
13:57 केंद्र परिवार से बाहर बाहर निकलेगा पेट्रिया की सोसाइटी है पितृ सत्तात्मक समाज है और पितृ सत्तात्मक समाज में अगर मेल परिवार को छोड़कर जाता है तो मेल का स्थान एक दूसरा मेल जो शायद पहले रिटायर हो चुका है इस गद्दी से वो दोबारा इस गद्दी पर बैठेगा यानी कि 25 साल पुरानी मानसिकता से पुनः परिवार को डील करा जाएगा और वो मेल जो फील्ड पर उतर के समाज में हो रहे परिवर्तनों को घर तक लेकर आता वो मेल अब फैमिली न्यूक्लिया से निकल जाएगा अब वो तिहाड़ी के लिए दूसरे शहर जाएगा परिवार का हेड परिवार का एक बुजुर्ग होगा जो ना चाहते हुए भी सच्चाई यही है कि पुरानी मानसिकता से ही परिवार को लीड करेगा और वह परिवर्तन जो समाज में समय के साथ आ रहे हैं वह परिवर्तन समाज के परिवार तक नहीं
14:45 पहुंच पाएंगे यानी कि समाज में हो रहे परिवर्तन परिवार में नहीं होंगे जिससे परिवार में परिवर्तन नहीं होगा और परिवार ही सबसे छोटी इकाई होती है समाज की अर्थात समाज में हो रहा परिवर्तन भी धीरे-धीरे स्थि होता जाएगा अब इससे होगा क्या इससे दो प्रभाव आपको दिखाई देंगे अगर प्रैक्टिकली देखना हो तो आप पाएंगे यूपी और बिहार की बेल्ट में ध्यान से देखिएगा अक्सर अगर हम ग्रीन रेवोल्यूशन के समय की बात करें तो इस समय और इसके आसपास जन्म बच्चों को ध्यान से देखिएगा परिवार का पहला चाइल्ड जो है वह अगर मेल है तो जनरली वह शिक्षित नहीं होता हां यह जरूर होगा कि दूसरा या तीसरा चाइल्ड शिक्षित हो सहज रूप से अपवाद संभव है लेकिन यह देखने को मिलेगा रीजन सिंपल है परिवार का ड एक बुजुर्ग है बुजुर्ग
15:30 व्यक्ति अपने साथ के लिए एक युवा व्यक्ति को जो घर का बड़ा लड़का होगा उसे रखेगा इस कारण शिक्षा की कमी होगी अब इस तरीके से एक स्थान पर ज्यादा से ज्यादा बुर्का और पर्दा सिस्टम आपको देखने को मिलेगा क्योंकि फैमिली पुराने रूल्स से गवर्न हो रही है और यहां से जो निकला व्यक्ति है वो पंजाब जाएगा और पंजाब जाने पर अचानक से वो कम्युनिटी पूरी जो शारीरिक रूप से काफी शूद्र थी मजबूत थी जो कृषि फील्ड में जाकर सीधा काम करती थी अब वो फील्ड अब वो पूरी जनरेशन जो है वह आराम करेगी क्योंकि लेबर अवेलेबिलिटी ज्यादा है लेबर सब पर्याप्त है और पर्याप्त लेबर होने पर शारीरिक श्रम रुक जाएगा शारीरिक श्रम रुक जाएगा तो सिंपल सी बात है खाली समय और अनून गतिविधियां यहां से जन्म होता है पंजाब के
16:16 अंदर ज्यादा से ज्यादा एक कॉइन ऑफ मेडने थ्योरी है किसी दिन डिटेल में चर्चा करेंगे इसके बारे में कि अचानक से धन संपदा बढ़ने से कई बार इस प्रकार के डिफॉर्म्स देखने को मिलते हैं अब पंजाब हरियाणा का क्षेत्र में आपको ड्रग प्रॉब्लम दिखेगी समय के साथ लॉन्ग टर्म जाने पर 253 साल में बाद यह प्रभाव धीरे-धीरे स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं अब पंजाब हरियाणा में ड्रग का प्रॉब्लम हो या फिर बरका और पर्दा का प्रॉब्लम हो नॉर्थ इंडियन बेल्ट में हमें देखने को मिलता है याद रखिए इसका प्रभाव पर्यावरणीय भी काफी घातक रहा अगर मैं आपको सीधा पहला एक रीजन बताऊं तो एक रिपोर्ट थी इसकी सत्यता के प्रमाण हम ज्यादा नहीं मानते लेकिन ऐसा कहा जाता है वेस्टर्न वर्ल्ड में कि भारत में एक समय पर इतना डीडीटी उपयोग करा गया कि आज का अगर कोई मेल है यह
17:04 दशक की बात है 2000 से 2010 के बीच में जहां कहा जाता है कि हरित क्रांति के दुष्प्रभाव के रूप में आप पाएंगे कि एक एवरेज इंडियन मेल की बॉडी में नियर अबाउट 250 ग्राम तक डीडीटी होता है और ये डीडीटी सफिशिएंट होता है कैंसर कॉज करने के लिए ऐसा कहा जाता है सत्यता कितनी है शायद हमें नहीं पता लेकिन हमें एक बात अच्छे से पता है कि पंजाब हरियाणा का वो बेल्ट जहां पर मास लेवल पर केमिकल फर्टिलाइजर और इनसेप्ट पेस्टिसाइड्स का उपयोग करा गया था ये सारे इनसेप्ट पेस्टी के उपयोग होने से आप पाएंगे कि पंजाब हरियाणा की बेल्ट में मैसिव कैंसर के केसेस देखने को मिले लंग कैंसर से लेकर अदर हर एक टाइप का कैंसर जो रेयर होता है इवन वो कैंसर्स भी देखने को मिले कारण सिर्फ ये था कि यहां पर
17:49 एक्सेसिव केमिकल फर्टिलाइजर इनसेप्ट पेस्टी का यूज होने से ये बायो एक्यूमंट की तरह कार्य करते हैं जैव संचक की तरह कार्य करते हैं और धीरे-धीरे करके के मानव शरीर में बढ़कर ये कैंसर कॉज करते हैं इसी प्रकार से यूटो फिकेशन की आपको स्थिति देखने को मिली नोटिस करिएगा अगर आप नॉर्थ इंडियन बेल्ट से बिलोंग करते हैं आपके पेरेंट्स जरूर बताएंगे कि गांव में एक जो है पुराना तालाब हुआ करता था अब वो तालाब समाप्त हो चुका है वहां मैदान बन चुका है कहां गया वो मैदान कहां गई वो झील यूटो फिकेशन के कारण झीलें धीरे-धीरे कर कर अवसाद से भर जाती हैं सेडिमेंट्स के डिपॉजिट से ये खत्म हो जाती हैं इसी प्रकार से आप पाएंगे यूपी और बिहार में खासकर खासकर अगर मैं स्पष्ट रूप से बात करूं तो पंजाब वाले एरिया में पराली जलाने
18:35 का कल्चर बहुत तेजी से बढ़ा और अगर मैं आपसे कहूं पराली जलाना जो है वो शुरुआत से नहीं था बिल्कुल था लेकिन जैसे-जैसे हरित क्रांति बढ़ी यहां लेबर्स आए माइग्रेशन बढ़ा और जैसे ही मनरेगा स्कीम आती है लेबर्स का माइग्रेशन कहीं ना कहीं बंद हो जाता है अब वो जनरेशन जो बहुत ज्यादा शारीरिक श्रम करने के लिए यूज टू नहीं थी वो एक रा आसान जो है वो रास्ता अपनाना प्रेफर करती है पराली जलाना तेज हो जाता है पराली जलाने से धीरे-धीरे करके प्रदूषण का स्तर और तेजी से बढ़ता है और डिजीज आती हैं इसी तरीके से अगर मैं आपको बताऊं तो भूमि का अति दोहन प्रारंभ होता है जो सोइल है वह और भी ज्यादा सलाइन होती जाती है लवणीय मृदा में बदलती जाती है तेज अपर्दन होता है पंजाब के लिए अगर मैं आपको बताऊं तो उत्तर के साइड से छस नाम से सीजनल
19:21 रिवर्स आती हैं जो एक बैड लाइन टोपोग्राफी अर्थात उत्त भूमि का निर्माण करती हैं पंजाब सिकुड़ता है ऊपर की दिशा से नीचे की दिशा से और भी तेजी से मरुस्थलीकरण होता है राजस्थान से सेंट ड्यून आते हैं जिसे ध्रिस्टोन करते हैं पर ये लॉन्ग टर्म इफेक्ट है और मैं स्पष्ट कर दूं कि हरित क्रांति भारत के लिए एसेंशियल डायमेंशन था हमारे लिए बहुत जरूरी थी हमारी खाद्यान आपूर्ति के लिए एक क्रांतिकारी कदम था यह नेगेटिव डायमेंशन है एक बहुत बहुत फेमस राइटर ने कहा है कि हर एक प्रकार की मानवी गतिविधि
20:09 किसी ना किसी प्रकार से पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव लाती ही है अब यहां जो हमारा यह डायमेंशन है हमारा यह डिस्कशन है ये एंड होता है याद रखिए कि आप अगर इसी प्रकार के और वीडियो देखना चाहते हैं तो अपनी राय कमेंट सेक्शन में जरूर मेंशन करें मैं डेफिनेटली हर एक बच्चे का कमेंट रीड करता हूं साथ ही मैं आप सभी को इंफॉर्मेशन लेना चाहते हैं तो आपके लिए गोल्डन अपॉर्चुनिटी है अभी विंडो ओपन है आप चाहे तो पीटू आई बचेस को जवाइन कर सकते हैं यह जॉइनिंग आपकी जर्नी को और भी ज्यादा स्मूथ कर देगी वन टू वन मेंटरशिप मिलेगी आपको
20:56 कैप के प्रोग्राम अर्थात करंट अफर फेर का कंपाइलेशन डेली मिलेगा वन आर का वीडियो थ आर की लाइव क्लासेस होंगी सिलेबस को पूरा कवर करा जाएगा एक्सपर्टी के साथ और साथ ही आपको टेस्ट सीरीज स्टडी मटेरियल सारा कुछ प्रोवाइड करा जाएगा अलोंग विद अ क्रैश कोर्स एसआईपी के नाम से यह क्रैश कोर्स होता है साथ ही प्री क्वालीफाई होने पर मेंस रेसिडेंशियल प्रोग्राम की आपको सुविधा दी जाएगी और वो सारी चीजें जो आपको आईएएस एग्जाम निकालने के लिए आवश्यक है यह प्रोवाइड करी जाएगी स्टडी आईक्यू के द्वारा एके लाइफ कोड का फैकल्टी कोड का यूज करिए इस कोर्स को जवाइन करें और अपनी जर्नी को स्मूथ बनाएं मिलते हैं इसी प्रकार से एक नेक्स्ट वीडियो में हैव अ वेरी नाइस डे थैंक यू हिंदी में यूपीएससी की तैयारी से संबंधित प्रोग्राम्स को
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