0:00 तो अगर आप नाइंथ या फिर 10थ क्लास के बच्चे हैं तो आपने अभी से मिड टर्म एग्जाम्स के बारे में सोचना शुरू कर दिया होगा। देखो मिड टर्म एग्जाम्स कोई फाइनल जजमेंट नहीं है। ये पूरे साल का एक पार्ट है। एक जर्नी का हिस्सा है। फाइनल डेस्टिनेशन तो हमारी ईयर एंड के एग्जाम्स हैं जिनको आप बोर्ड के एग्जाम भी कह सकते हो। लेकिन क्या इसका मतलब यह है कि हम इन मिड टर्म एग्जाम्स के लिए पढ़े ना इनको बहुत हल्के मिले? बिल्कुल नहीं। देखो, हाफ इयरली एग्जाम्स एक चेक पॉइंट होता है। किस चीज का चेक पॉइंट? यह एक्चुअली में आपको यह बताता है कि आप आगे जाके बोर्ड के एग्जाम्स में कैसा परफॉर्म करने वाले हो। बिकॉज़ अगर आपकी मेहनत उतनी ही रही तो बहुत ज्यादा कुछ बदलने वाला नहीं है। तो भैया उससे आप जजमेंट कर सकते हो। सेकंडली आप ये देख सकते हो कि मुझे और किस-किस चीजों की
0:46 इंप्रूवमेंट है बोर्ड के एग्जाम्स में यानी फाइनल एग्जाम्स में बेहतर परफॉर्म करने के लिए। तो अगर आप जितना भी एफर्ट अपने अभी मिड टर्म एग्जाम्स में मारने वाले थे। अगर इस वीडियो को एंड तक देखने के बाद आप 50% ज्यादा एफर्ट भी मारने लग जाओगे क्योंकि मैं यहां पे आपको देने वाला हूं एक प्रॉपर प्लान। तो अगर आपने 50 60% भी ज्यादा एफर्ट मार लिए तो आपके बहुत सारे फायदे होने वाले हैं। लेकिन जो सबसे बड़ा फायदा है वो ये है कि आप मिड टर्म एग्जाम्स के बाद अगर पढ़ना शुरू करते हैं तो आपको बहुत सारा बोझा अपने साथ लेकर जाना होगा अपने फाइनल एग्जाम की तैयारी करने के लिए। लेकिन अगर अभी आपने एफर्ट मार लिए तो आपको बोर्ड एग्जाम्स के लिए एक तो कम एफर्ट मारने पड़ेंगे। सेकंड सबसे जरूरी चीज ये जो 20 नंबर होते हैं ना 80 नंबर का आपका फाइनल एग्जाम हुआ। ये जो 20 नंबर होते हैं ये एक्चुअली में किसके हाथ
1:32 में होते हैं? क्या ये प्री बोर्ड मिड टर्म इन सब से ये मार्क्स मैटर करते हैं? इनके बारे में भी इस वीडियो में बात करने वाला हूं। तो भैया वीडियो को एंड तक जरूर देखना। बिकॉज़ एक्चुअली में यहां पे बात हम मिड टर्म के लिए कर रहे हैं। बट यहां ये आपके फाइनल डेस्टिनेशन यानी कि आपके फाइनल एग्जाम्स को भी अफेक्ट कर सकता है। तो चलो अब सीधा मुद्दे पे आते हैं। [संगीत] देखो पिछले साल जो एवरेजली मिड टर्म एग्जाम्स हुए थे क्योंकि मैं ऑफलाइन पढ़ाता हूं वो हमारे सितंबर लास्ट से लेके अक्टूबर तक हुए थे। लगभग मान के चलो 20 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर के बीच में मान लेते हैं इस साल भी हमारे मिड टर्म एग्जाम्स होंगे। तो मोटा-मोटा हमारे पास 70 दिन मान के चलते हैं। अभी बचा है अगर आप यह वीडियो अभी देख रहे हैं तो। अब इन 70 दिनों में ये 70 दिन आपसे कोई नहीं छीन
2:19 सकता। इन 70 दिनों में आप एक्चुअली में ऐसा क्या करें कि आप 95% तक स्कोर कर सके। यह हमारा टारगेट रहने वाला है। तो बस जल्दी से एक नोटबुक उठा लो या सिर्फ खाली एक पन्ना उठा लो और एक पेन उठा लो और शुरू हो जाओ। तो सबसे पहले आता है स्टेप नंबर वन जो कि है फाइनलाइज योर सिलेबस। मैं बहुत सारे बच्चों को जानता हूं, पढ़ाता हूं, मिलता हूं जहां पे उनको ये तक नहीं पता होता है कि उनका सिलेबस क्या आ रहा है। क्या आप में से तो कोई नहीं है ना ऐसा। मुझे बताओ कमेंट सेक्शन पे कि आपको अपना मिड टर्म का सिलेबस पता है कि नहीं। हो सकता है अभी आपके स्कूल में ही कंफर्म ना किया गया हो। लेकिन ये बात तो तय है कि जो भी आपको अप्रैल क्या पता आपके स्कूल मार्च में शुरू हो गए हो। बट मैं मान के चल रहा हूं अप्रैल में शुरू हुए। तो जो भी आपको अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त में पढ़ाया जाने वाला है और हो सकता है सेप्टेंबर में भी वो सब आपके एग्जाम में
3:05 आने वाला है। बट हां ऐसा भी बहुत बार होता है कि कुछ चैप्टर स्कूल में करवाए जाते हैं लेकिन वो आपके मिड टर्म में नहीं आ रहे होते हैं और कुछ चैप्टर नहीं भी कराए जाते हैं लेकिन वो मिड टर्म में आते हैं। तो अपना सिलेबस फाइनलाइज़ कर लो। यानी कि आपके पास सबसे पहला काम होना चाहिए फाइनल चैप्टर्स की लिस्ट कि भैया आपके मिड टर्म में क्या-क्या आ रहा है। फिर आता है सेकंड स्टेप टाइम मैनेजमेंट एंड चैप्टर प्लानिंग। देखो अब तो ये तो आपने नोटिस कर लिया। ये तो आपने नोट डाउन कर लिया कि कौन-कौन से चैप्टर आपके मिड टर्म में आ रहे हैं। और हमने ये भी डिस्कस कर लिया कि मोटा-मोटा आपके पास 70 दिन हैं। अब यहां पे करनी होगी हमको सब्जेक्ट वाइज़ चैप्टर्स की कलर कोडिंग। अब ये कलर कोडिंग क्या होता है? अब यहां पे आपको करना क्या है कि आपको अलग-अलग कलर्स की मदद से अपने चैप्टर्स को कैटेगराइज़ करना है। इससे आपका दिमाग एक सिंगल शॉट में आपको एक रफ प्लान
3:51 देता है। मैं समझाता हूं इसका एग्जांपल देके। एग्जांपल के तौर पे आप अपने सारे चैप्टर्स को तीन कलर्स में बांटोगे। ग्रीन, येलो और रेड। आप कोई और कलर्स भी इस्तेमाल कर सकते हो। बट ये कलर्स सही चीजों को रिप्रेजेंट कर रहे हैं। ग्रीन वो है जो एक्चुअली में चैप्टर्स आपको बहुत अच्छे से आते हैं। काइंड ऑफ इनमें रिवीजन करने की भी जरूरत नहीं है। या फिर आप एक दिन में उन सबकी रिवीजन कर सकते हो। सेकंड जो चैप्टर्स आपको एवरेजली आते आप उनकी अभी क्वेश्चंस नहीं बनाए हैं या उनमें कुछ-कुछ टॉपिक्स ऐसे हैं जो आपको अटक सकते हैं। उनमें कुछ-कुछ चीजें ऐसी हैं जो मुश्किल है। लेकिन मेजरली आपको लग रहा है यार 70 80% चैप्टर मुझे आता है। मैं एकद दिन चार दिन रिवीजन करूंगा। मुझे आ जाएगा आसान भाषा में। ग्रीन कलर से बहुत आसान चैप्टर और येलो कलर से वो चैप्टर्स जिनमें आपको थोड़ी सी मेहनत करने की जरूरत है। लेकिन
4:36 फिर आता है रेड कलर जिनमें वो चैप्टर्स आप डालेंगे जिनको आपने आज तक छुआ तक नहीं है जिनके ऊपर आपने बिल्कुल भी एफर्ट या मेहनत नहीं करी है। जिनको आपको एक प्रकार से स्टार्टिंग से ही करना है। अब इससे आपको तुरंत पता चल जाएगा कि आपको किन-किन चैप्टर पे सबसे ज्यादा समय देना है। कमेंट सेक्शन पे ये बताना कि क्या आपके सारे चैप्टर्स रेड ज़ोन में तो नहीं है। ऐसा नहीं होना चाहिए। अगर ऐसा है तो आपको तो फिर आज से ही अभी से ही मेहनत करनी शुरू करनी होगी। और अगर आपके ज्यादातर चैप्टर ग्रीन ज़ोन में है तो आप थोड़ा आराम से भी चिल मोड पे भी रह के काम कर सकते हैं। अब आते हैं स्टेप नंबर थ्री पे यानी कि प्रॉपर प्लानिंग। देखो जो ग्रीन है अभी उनको छोड़ देते हैं। उनको तो आप एग्जाम से एक दिन पहले भी उठाओगे हो जाएगा। पहले बात करते हैं येलो कलर वाले ज़ोन की। अब जिन-जिन चैप्टर्स को आपने येलो ज़ोन में
5:22 डाला है उनमें आपके कुछ टॉपिक्स कमजोर होंगे। तो आपको क्या करना है? स्मार्टली काम करना है। या तो उन टॉपिक्स को क्लियर करो जहां पे भी आप ऑफलाइन पढ़ते हैं या फिर अपने घर में किसी से पढ़ते हैं या फिर किसी पेड बैच में पढ़ते हैं। नहीं तो आप उन येलो ज़ोन वाली चीजों को आज ही मैं तो मैं तो कह रहा हूं अभी से शुरू कर देना। आज से शुरू कर देना वो टॉपिक जैसे मान लेते हैं एक चैप्टर है। मैं यहां पे नाइंथ क्लास का एग्जांपल इसलिए ले रहा हूं ताकि नाइंथ और 10थ दोनों को समझ में आ जाए। मान लेते हैं नाइंथ क्लास में मोशन चैप्टर में आपको सब आता है लेकिन आप एक्सीलरेशन के न्यूमेरिकल्स में दिक्कत करते हो। तो आपको क्या करना है? जाना है YouTube पे। अगर आपके टीचर से या आपको वहां से हेल्प नहीं मिलती है तो YouTube पे जाओ एक्सीलरेशन किसी भी वन शॉट को खोलो मोशन के। मैं तो कहूंगा आप साइंस एंड फन के या इसी चैनल पे मैंने जो वन शॉट डाल रखे हैं वहां पे हर चीज को डिटेल में बताया और उसके साथ-साथ
6:07 फिर मैंने हर एक टॉपिक के क्वेश्चंस भी कराए हैं। तो उससे आपका एक फ्लो बनता है। तो आप जाओ एक्सलरेशन टॉपिक को पढ़ो। वहां से उसके कुछ क्वेश्चंस वहां से देखो कि मैं कैसे बना रहा हूं। उसके बाद आप जाओ एनसीईआरटी के सवाल बनाओ। पीवाईक्यूस बनाओ। लेकिन आज डिसाइड कर लो, गौर बना लो कि येलो वाले चैप्टर्स के उन चैप्टर्स के उन वीक पॉइंट्स को मैं खत्म करूंगा। एट लीस्ट आज एक चैप्टर के या दो चैप्टर के वीक पॉइंट्स को मैं निपटा दूंगा ताकि वो चैप्टर मेरे ग्रीन ज़ोन में चला जाए। हां और ऐसा नहीं है कि ग्रीन ज़ोन वालों पे आप अभी काम नहीं कर सकते। आपको लग रहा है कि यार अभी आप बहुत रिलैक्स मोड में हो। ज्यादा पढ़ाई का मन नहीं है। तो आप ग्रीन ज़ोन वाले चैप्टर्स के रैंडम क्वेश्चंस को उठा के ट्राई कर सकते हो। वहां पे भी पक्का कुछ ना कुछ सवाल फसेंगे। जिन पे आप मेहनत करके उन ग्रीन वालों को डार्क ग्रीन यानी और स्ट्रांग कर सकते हो। और अगर ग्रीन ज़ोन के टॉपिक्स करते हुए क्वेश्चंस
6:52 करते हुए आप किसी एक पर्टिकुलर टॉपिक में बार-बार फंस रहे हो तो इसका मतलब है आपको उसे येलो ज़ोन में डालना चाहिए था। तो उस चैप्टर को तुरंत येलो ज़ोन में डालो। जाओ वन शॉट देखो और फिर उसे ग्रीन में शिफ्ट करो। यकीन मानो इसमें मजा भी आएगा आपको। लेकिन अब अगर बात करें रेड ज़ोन वाले चैप्टर की जो कि सबसे ज्यादा फोकस मांगते हैं। इनमें आपको क्या करना होगा? रेड ज़ोन वालों में तो आपको डेडिकेटेड लेक्चर्स देखने चाहिए। ऐसे लेक्चर्स जहां पे चैप्टर को डिटेल और डेप्थ में समझाया हो ताकि कोई भी बारीक से बारीक डिटेल भी मिस ना हो। अगेन मैं फिर से कह सकता हूं इसके लिए आप बैच 2.0 जॉइ कर सकते हैं या फिर कोई भी और पेड बैच ज्वाइन कर सकते हैं। अगर मैं यार मैं अपने बारे में तो अपने ही बैच को बताऊंगा। तो आप किसी भी पेड बैच को ज्वाइन करें। बैच 2.0 को ज्वाइन करेंगे तो हम फर्स्ट चैप्टर से लाइव पढ़ाना शुरू करेंगे और आपकी हर एक बेसिक डिटेल्स को पूरा
7:39 करेंगे। नहीं तो आप जहां पे भी ऑफलाइन पढ़ रहे हैं वहां आप कहीं ज्वाइन करें और उस चैप्टर को बेसिक से शुरुआत करें या आपके पास किसी पेड बैच के रिकॉर्डेड लेक्चर्स पड़े जो डेडिकेटेड है उनको देखें। लेकिन मेरी सलाह ये रहेगी कि उन चैप्टर्स को वन शॉट से अगर आप देख रहे हैं तो एक प्रॉब्लम हो सकती है कि जो बारीक डिटेल्स हैं शायद वो आप मिस ना कर दो। समझ रहे हैं आप मेरी बात? तो इसलिए जो चैप्टर रेड ज़ोन में है उनको डिटेल लेक्चर से पूरा करने की कोशिश करो। सबसे इंपॉर्टेंट बात जो जो देख रहे हो उसके हाथ से आपको नोट्स बनाने हैं। खुद के बनाए हुए नोट्स सबसे बेस्ट होते हैं ताकि वो आपको फाइनल में काम भी आएंगे। और फिर उसके बाद जब आपको लगे कि वो चैप्टर मेरा येलो ज़ोन में चला गया है। फिर आप उसके एनसीईआरटी के पीवाईक्यूस, एक्स्ट्रा कॉम्पटेंसी बेस्ड क्वेश्चन बनाओ और देखो कहां पे अभी भी कहीं कमजोर है। तो फिर जो
8:24 टॉपिक कमजोर रह गया उसको चाहे वन शॉट से देख सकते हो और फिर धीरे-धीरे उसको ग्रीन ज़ोन पे लेके जाओ। मैथ्स और साइंस में फार्मूला चार्ट बनाओ। सामने चिपका दो। तो जिस-जिस चैप्टर में जो जो फॉर्मूले हैं उनको सामने चिपका दो। साइंस में थ्योरीज के एमसीक्यू ज्यादातर बनाओ। जितने एमसीक्यूस बनाओगे थ्योरी उतनी पक्की होगी। खासकर छोटे-छोटे पॉइंट्स एंड बायोलॉजी में तो ये बहुत ज्यादा इफेक्टिव है। मैथ्स में फार्मूले बनाओ और हर एक फार्मूले पे कुछ क्वेश्चंस की रोज प्रैक्टिस करो। खासकर उनकी जहां पे आपको मुश्किलें आती है। एनसीईआरटी लाइन बाय लाइन अगर पहले पढ़ रखे हो दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं है। एनसीईआरटी के फ्लो चार्ट्स मतलब एनसीईआरटी के फ्लो चार्ट्स आपको इंटरनेट पे मिल जाएंगे। क्योंकि या फिर किसी किताब आपके पास जहां पे फ्लो चार्ट हो फ्लो चार्ट्स के थ्रू चैप्टर को रिवाइज करते रहो। एसएसटी में टाइमलाइंस बनाओ। कौन सी चीज कब हुई? डेट्स के लिए एक चार्ट बनाओ जिनको याद कर सको। मैप्स बनाओ। मैप्स को रोज भर के वहां पर चिपकाओ। इंग्लिश हिंदी में ग्रामर की प्रैक्टिस करो। राइटिंग सेक्शन करो। लेकिन यह सारा का सारा काम कुछ भी हो
9:12 जाए आपको जुलाई और अगस्त तक खत्म करना ही होगा। क्योंकि हमारा सेप्टेंबर से शुरू हो जाएगा रिवीजन मोड। अब सितेंंबर आते ही सबसे पहले आपने जो नोट्स बनाए थे उनसे रिवीजन शुरू कर दो। जो आपने हैंड रिटन बनाए थे रेड ज़ोन वाले उनकी रिवीजन शुरू कर दो। फ्लो चार्ट्स को रिवाइज करते रहो। लेकिन सबसे इंपॉर्टेंट है सैंपल क्वेश्चंस बनाना। देखो मोस्ट ऑफ दी किताबों में आपको फाइनल ईयर के ही मतलब पूरे सिलेबस के ही सैंपल पेपर मिलेंगे। सिर्फ हाफ ईयरली के नहीं मिलते बिकॉज़ सबका सिलेबस अलग होता है। तो आप कोशिश करो सबसे पहले कि अपने स्कूल से जो लास्ट ईयर के मिड टर्म या हाफ ईयरली एग्जाम्स थे उनके क्वेश्चन पेपर आपको मिल सके। टीचर से रिक्वेस्ट करो कि मिल जाए कोई बड़ी बात नहीं है। नहीं मिलते हैं तो आप कंप्लीट सैंपल पेपर की कोई भी एक किताब खरीद लो जो कि आपको बाद में भी
9:59 काम आएगी। कभी भी खरीद सकते हैं और उसमें से जो आपके चैप्टर्स अभी आ रहे हैं वो क्वेश्चन मार्क कर लो। इससे भी एक थिंकिंग प्रोसेस डेवलप होगा कि ये इस टॉपिक का ये ये टॉपिक है ये इस चैप्टर का है। ये जो टॉपिक है इस चैप्टर का है। फिर करने के बाद एक दिन बैठ के ये करो। फिर अगले दिन उसे बनाओ। उन सारे क्वेश्चंस को बनाओ। बिकॉज़ फॉर्मेट वही रहने वाला है। नंबर ऑफ क्वेश्चंस ऊपर नीचे होंगे। लेकिन टाइप ऑफ क्वेश्चंस का फॉर्मेट वही रहने वाला है। इससे बहुत फायदा होगा। एक तो आपकी स्पीड इंप्रूव होगी खासकर हिंदी और इंग्लिश में। एंड सेकंडली आपको ये भी आईडिया होता रहेगा कि मेरे एग्जाम में कैसे पेपर आ सकते हैं। तो ट्राई करें कि स्कूल के पेपर लें नाइंथ वाले बच्चे और 10थ वाले बच्चे बोर्ड के पेपर भी ले सकते हैं। इससे एक आईडिया होता है कि ये लेवल रहता है। बिकॉज़ कई स्कूलों में पेपर मुश्किल आता है। कईयों में आसान। तो हो सके तो स्कूल के पेपर ले बिकॉज़ ये
10:46 मिड टर्म है। कोई बोर्ड का एग्जाम नहीं है। स्कूल वाले अपने लेवल को खुद सेट करते हैं। और इस साल कॉम्पिटेंसी बेस्ड क्वेश्चन बहुत बढ़ने वाले हैं। तो कॉम्पिटेंसी बेस्ड क्वेश्चन को अपने लेवल पे बहुत अच्छे से करो। 10th क्लास वाले बच्चों को मैं खासकर कहूंगा क्योंकि मैथ्स का पर मुश्किल आया था। कंपटेंसी बेस पे बहुत ज्यादा ध्यान दो। एक ऐसी किताब खरीदो जिसमें कंपटेंसी बेस्ड क्वेश्चन काफी ज्यादा हो। बड़ा अच्छी क्वालिटी के हो। एग्जांपल के तौर पे विनर सीरीज भी आप ले सकते हैं। अगेन विनर सीरीज भी हमने बहुत ईमानदारी से बनाई जहां पे हमने सारे के सारे बेहतरीन कॉम्पिटेंसी बेस्ड क्वेश्चन को डाला। मतलब इन शॉर्ट आपको सेप्टेंबर पूरा का पूरा रखना है रिवीजन का। लेकिन ये तो आपने हमें एक मंथ के स्ेड्यूल पे बांट दिया। बट डेली स्ेड्यूल क्या होना चाहिए? रोज का स्ेड्यूल क्या होना चाहिए? मिड टर्म एग्जाम्स के लिए बेहतर तरीके से परफॉर्म करने के लिए। तो सबसे पहले मॉर्निंग में उठते ही जो भी फ्रेश वगैरह होके 30 मिनट आपको निकालने होंगे। इसके
11:32 हिसाब से उठो। जो आपने कल पढ़ा था उसको आपको आज रिवाइज करना है। यकीन मानो बहुत लंबे समय तक याद रखोगे। अगर जो कल पढ़ा था उसको अगले दिन सुबह उठकर 30 मिनट में रिवाइज कर लेते हो। तो उसके बाद स्कूल जाओ और स्कूल में जाके क्लासेस को बहुत ईमानदारी से सुनो। सोचो कि मेरे पास और कोई ऑप्शन नहीं है। यही सुनना है। आपके पास बहुत सारे ऑप्शंस आ गए हैं। इसीलिए आप कहीं ना कहीं स्कूल के टीचर्स को सुनना बंद हो गए हो। तो वो मत करो। बहुत कुछ सीखने को मिलेगा गारंटी देता हूं। अपने डाउट्स पूछना शुरू करो। टाइम यूटिलाइज करो। फिर शाम को दो से लेके 2ाई मैं तो कहूंगा 2ाई घंटे आपको देने ही होंगे पढ़ाई को। पहला एक घंटा मुश्किल सब्जेक्ट्स को दो। लेट अस से मैथ्स और साइंस और अगला एक घंटा थोड़ा सा मॉडरेट सब्जेक्ट्स को। इसमें आपको ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नहीं है। हिंदी, इंग्लिश, एसएसटी। ये ऊपर नीचे हो सकता है। मैं जनरल बात कर रहा हूं। और फिर चाहे खाना खा लो। लेकिन रात को सोने से पहले 30 मिनट में आपको
12:18 इंपॉर्टेंट फार्मूलों को जो चैप्टर आपके आ रहे हैं उनको रिवाइज करना बहुत जरूरी है। और फ्लो चार्ट्स को देख के सोना अगेन अच्छी नींद भी आएगी और जब सुबह उठोगे रिवीजन करोगे तो वो एक सीक्वेंस बनेगा। अगर आप ये चाहते हो कि मैं आपको एक वीकली स्केेड्यूल भी दूं। तो ये अगेन मैं ये मानता हूं कि वीकली स्केेड्यूल थोड़ा सा वेरीरी कर सकता है रीज़न क्योंकि किसी का फिजिक्स वीक हो सकता है। किसी का केमिस्ट्री वीक हो सकता है। फिर भी मैं आप पे स्क्रीन पे एक वीकली स्केेड्यूल के बारे में बात कर रहा हूं। अगर आपको लगे कि मुझे स्केेड्यूल चाहिए तो आप ये वाला फॉलो कर सकते हो। जैसे एग्जांपल के तौर पे मंडे को आप मैथ्स और इंग्लिश ले सकते हो। ट्यूसडे को आप फिजिक्स के साथ हिस्ट्री ले सकते हो। वेडनेसडे को आप केमिस्ट्री के साथ हिंदी ले सकते हो। थर्सडे को आप मैथ्स के साथ सिविक्स ले सकते हो। फ्राइडे को आप बायोलॉजी के साथ इंग्लिश ले सकते हो। सैटरडे को आप ज्योग्राफी या फिर इकोनॉमिक्स के साथ मैथ्स ले सकते हो। इससे आपके मुश्किल सब्जेक्ट्स एक से ज्यादा बार
13:05 कवर भी हो गए और बाकी सारे भी साथ-साथ होते चले गए। अब आप चाहो तो इस वीकली प्लान का स्क्रीनशॉट लेके सामने चिपका सकते हो और इसके हिसाब से अपने हफ्ते को प्लान कर सकते हो। और बात रही संडे की तो संडे को आप लोग अगेन सैंपल पेपर या मॉक टेस्ट अटेम्प्ट कर सकते हो जैसे कि मैंने पीछे बताया उस तरीके से। अब इस पूरे प्रोसेस के दौरान कुछ चारप मिस्टेक्स हैं जो आप हमेशा करोगे उसको अवॉइड करना है। पहला है प्रोक्रेस्टिनेशन। उसको तो आपको भाई खुद से अवॉयड करना पड़ेगा। अपने गोल्स पे काम करो। देखो मैं किसके लिए बना हूं। मैं दुनिया में क्या करने आया हूं। और मिड टर्म एग्जाम्स के लिए अगर मेहनत नहीं कर रहा हूं तो बोर्ड के लिए कैसे करूंगा। वहां पर सिलेबस ज्यादा है तो प्रोक्रेस्टिनेशन को अवॉइड करो। कैलकुलेशन मिस्टेक बहुत ज्यादा होती है। कैलकुलेशन पे काम करो। मैंने बहुत सारे बच्चों के तीन से लेके चार कभी कबभार 10 नंबर कटते हुए सिर्फ बेसिक प्लस माइनस और 10 की पावर में गलती से देखे हैं। तो कैलकुलेशन पे काम करना शुरू करो। स्किपिंग रिवीजन। कभी
13:51 भी रिवीजन को स्किप मत करो। आपको लगता है मैंने एक बार चैप्टर पढ़ लिया मुझे आ जाएगा। ऐसा नहीं है। इसी वीडियो के बारे में वीडियो खत्म होने तक मैं आपसे पूछूंगा। मैंने क्या-क्या बोला आपको याद तक नहीं होगा। तो इसीलिए रिवीजन को कभी स्किप मत करो। एंड सबसे इंपॉर्टेंट बात आप टफ टॉपिक्स से दूर भागते हो उनसे दूर नहीं भागना है। जिनसे डरते हो उनप तो बल्कि ज्यादा मेहनत करनी है। क्योंकि जो आसान है उनको फिर भी कहीं ना कहीं आप कर लोगे लेकिन जो मुश्किल चीजें हैं उनसे दूर नहीं भागना है। इन चीजों पे ध्यान दो। और यहां पे जाते-जाते ये कहना चाहूंगा दो बातें कहना चाहूंगा। पहला क्या मिड टर्म एग्जाम्स मेरे उन 20 नंबर को अफेक्ट करते हैं। एक बहुत सिंपल सी बात करता हूं। यह जो 20 नंबर होते हैं ना यह कहीं ना कहीं टीचर के हाथ में ही है और वह टीचर आपके यह 20 नंबर लगाता है आपके पूरे साल के परफॉर्मेंस के हिसाब से यह बात आपको माननी ही होगी और ऐसा बहुत जगह पे इनडायरेक्टली
14:36 सीबीएसई ने भी बोला है वो जो 20 नंबर हैं वो आपके परसेंटेज को कम या ज्यादा कर सकते हैं और वो 20 नंबर आपके सब्जेक्ट टीचर के हाथ में और सब्जेक्ट टीचर आपकी क्या इमेज बना के बैठा है इसके हाथ में और वो इमेज बनती है इन सब छोटे-छोटे यूटीज मिड टर्म और जो भी एग्जाम आपके फाइनल एग्जाम के बीच में आ रहे हैं उनसे तो बेहतर परफॉर्म करना ही होगा। यह 20 नंबर भी अगर अच्छे से स्कोर करने हैं 18, 19 या 20 में से 20 लेने हैं तो। एंड लास्ट में आते इतना कहना चाहूंगा कि यार पढ़ाई अपने लिए करो। अगर आप बिना किसी के बोले पढ़ने बैठते हो तो आप दुनिया के एक से लेके 2% बच्चों में आ जाते हो। जो बिना मां-बाप के बोले पढ़ने बैठते हैं तो आप आधी रेस तो वैसे ही जीत चुके हो। बस मोटिवेशन लेके आओ। जब भी लो फील करो इंटरनेट पे जाओ। टॉपर्स की कहानियां देखो। उन्होंने कैसे पढ़ाई करी
15:23 यह देखो मोटिवेशनल स्टोरीज देखो अच्छा लगेगा और चीजें मुश्किल नहीं है मुश्किलें आगे होंगी अगर अभी आपने मेहनत नहीं करी तो बाकी आपको कोई भी मदद हमसे चाहिए तो कमेंट सेक्शन पे जरूर बताना बैच 2.0 का लिंक भी नीचे मिल जाएगा अगर आपको अपनी पढ़ाई करने में दिक्कत हो रही है तो बैच 2.0 ज्वाइन कर सकते हो क्योंकि अभी क्लासेस शुरू ही अगर आप यह वीडियो आज ही देख रहे हैं तो एक-एक क्लास हुई है अभी बैच 2.0 की अभी भी आप बैच ज्वाइन कर सकते हैं मिलते हैं लव यू।