PART 2 ISLAM A HOLISTIC SYSTEM OF PEACE BY DR. JAVED JAMIL HEAD OF THE CHAIR OF ISLAMIC STUDIES& RES

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो कुरान और इस्लाम के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालता है, जिसमें अनुष्ठानिक शुद्धिकरण का महत्व, नमाज़ के वैज्ञानिक पहलू और आधुनिक दुनिया में नैतिक पतन शामिल हैं। वक्ता कुरान के संदेश और मानवता के लिए इसके मार्गदर्शन पर जोर देते हैं, साथ ही उन चुनौतियों पर भी प्रकाश डालते हैं जिनका सामना मुस्लिम समाजों को करना पड़ता है।

मुख्य बातें:

  • अनुष्ठानिक शुद्धिकरण (वज़ू) का महत्व और नमाज़ के वैज्ञानिक पहलू।
  • आधुनिक दुनिया में नैतिक पतन और आर्थिक ताकतों का प्रभाव।
  • कुरान के संदेश और मानवता के लिए इसके मार्गदर्शन पर जोर।
  • इस्लामी शिक्षाओं का पालन करके व्यक्तिगत और सामाजिक स्वास्थ्य को मजबूत करना।

परिचय

आज हम सबको इतनी अहम शख्सियत से इस्तफा का मौका मिल रहा है। यह शाम हमारी जिंदगी की एक अहम शाम होगी और हमारे कुरान के इल्म और दीनी समझ में इजाफे का जरिया बनेगी।

अनुष्ठानिक शुद्धिकरण का महत्व

इस्लाम दुनिया का एकमात्र ऐसा धर्म है जिसमें अनुष्ठानिक शुद्धिकरण सबसे महत्वपूर्ण है। इसके बिना नमाज़ और कोई भी इबादत स्वीकार नहीं होती। हर नमाज़ से पहले वज़ू करना अनिवार्य है, और वज़ू के बिना की गई नमाज़ का कोई महत्व नहीं है।

नमाज़ के वैज्ञानिक पहलू

नमाज़ का इस्लामी पहलू अलग है, लेकिन इसके वैज्ञानिक पहलू पर भी प्रकाश डाला गया है। नमाज़ एक संपूर्ण व्यायाम है जो शारीरिक और मानसिक रूप से फायदेमंद है। आजकल योगा को सबसे अच्छा व्यायाम माना जाता है, लेकिन हम 1600 सालों से नमाज़ पढ़ रहे हैं। दुनिया भर के मुसलमान एक ही तरह से नमाज़ पढ़ते हैं, और हर नमाज़ में शारीरिक क्रियाएं शामिल होती हैं जो शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं।

कुरान का संदेश

कुरान में अल्लाह ने फरमाया है कि यह वह किताब है जो इंसानियत को अंधेरों से निकालकर रोशनी की तरफ ले जाती है। अंधेरा कोई चीज नहीं है, यह सिर्फ रोशनी की गैर मौजूदगी का नाम है। दुनिया में जुल्म, ज्यादती और जहालत का अंधेरा है, और इसकी वजह यह है कि अल्लाह ने जो रोशनी कुरान के जरिए भेजी, वह दुनिया तक उस अंदाज में नहीं पहुंच सकी जिस तरीके से पहुंच जाना चाहिए था।

कायनात की वसीअत

अल्लाह ने सात आसमान बनाए हैं और कायनात बहुत वसी है। साइंसदानों का मानना है कि कायनात को बने हुए 15 बिलियन साल हो गए हैं, और लाइट की रफ्तार 3 लाख किलोमीटर प्रति सेकंड होने के बावजूद, ऐसी दूर की जगहें मौजूद हैं जहां से लाइट आज तक जमीन तक नहीं पहुंच सकी। कायनात में 10 के आगे 12 सिफर लगा दीजिए इतनी गैलेक्सी मौजूद हैं, और 10 के आगे 25 शिफर लगा दीजिए इतने स्टार सिस्टम मौजूद हैं।

इंसान और कायनात

अल्लाह ने इंसानों को पैगंबर भेजे और उनके जरिए रास्ता दिखाया, लेकिन अफसोस कि दुनिया के इंसानों ने बहुत कम अल्लाह के एहकामात के ऊपर अमल किया। आज दुनिया में हर तरफ जुल्म और ज्यादती है, तबाही है, हंगामा है। कायनात बेहतरीन अंदाज में काम कर रही है, लेकिन जमीन में इंसान अल्लाह की मर्जी के खिलाफ काम कर रहा है।

दुनिया में जुल्म और ज्यादती

दुनिया में हर साल लाखों लोग मारे जाते हैं, औरतों की इज्जत लूट ली जाती है। अमेरिका जैसे सिविलाइज कंट्रीज में बर्बादी ज्यादा है। दुनिया में मर्डर का रेशो सबसे ज्यादा अमेरिका में है, जबकि सऊदी अरब में यह रेशो बहुत कम है क्योंकि वहां इस्लामी अहकामात नाफ है।

औरतों की आजादी

दुनिया में दावा किया जाता है कि औरतों को आजाद कर दिया गया है, लेकिन हकीकत में 7 करोड़ औरतें प्रोस्टिट्यूशन में मुतला हैं। औरत की आजादी के नाम पर मर्द मजे लेता है, और औरत बेचारी तड़पती है। इस्लाम में औरत की पाबंदी असल में मर्दों के ऊपर पाबंदी है, ताकि मर्द उनका इस्तेसाल न कर सकें।

इकोनॉमिक्स का दौर

आज दुनिया में साइंस, एथिक्स और रिलीजन को बाहर करने की कोशिश की जा रही है। अगर कोई चीज इस दुनिया में डोमिनेंट है तो वह है इकोनॉमिक्स। बाजार की कुवतें और पॉलिटिकल फोर्सेस मिलकर काम करती हैं, और उन्होंने एक ऐसा पॉलिटिकल सिस्टम क्रिएट किया है जिसमें डेमोक्रेसी के नाम पर कॉर्पोरेट क्रेसी चल रही है।

मार्केट फोर्सेस

मार्केट फोर्सेस तय करती हैं कि क्या अच्छा है और क्या बुरा है। वे पहले शराब को बेचकर पैसा कमाते हैं, और जब उससे बीमारियां पैदा होती हैं तो कहते हैं कि हमारे पास हॉस्पिटल है। पहले ड्रग्स भेजी जाती है, फिर ड्रग्स रिबिन सेंटर एस्टेब्लिश किए जाते हैं। सेक्स दुनिया की सबसे बड़ी मार्केट बन गया है, और उससे भी इंतहा पैसा कमाया जाता है।

साइंस और खुदा

साइंस में कायनात की तखलीक के सिलसिले में खुदा का जिक्र ना लाने का फैसला किया गया। स्टेफन हॉकिंग जैसे लोगों को खूब बढा चढ़ा कर पेश किया गया, क्योंकि उन्होंने खुदा की जरूरत को नकार दिया था। एंथ्रोपिक प्रिंसिपल में इंसान की तकलीक का असल मकसद नहीं बताया गया, बल्कि यह कहा गया कि तकलीक हो गई।

कुरानी नजरिया

कुरान ने तकलीक का असल मकसद पेश किया है कि अल्लाह ने जिन और इंसान को अपनी इबादत के लिए पैदा किया है। कायनात के अंदर हर चीज सजदा कर रही है, लेकिन इबादत का लफ्ज मखसूस है सिर्फ इंसानों और जिन्न के लिए। इंसान और जिन एक कॉशस लेवल पर सोच कर अल्लाह की इबादत करते हैं, और इसलिए उन्हें खलीफ अल्ला के खलीफ जमीन में ठहराया जाता है।

अल्लाह के हराम करदा चीजें

जिन चीजों को अल्लाह ने हराम करार दिया, उनकी वजह से हर साल तकरीबन 10 करोड़ से 11 करोड़ अमवा होते हैं। स्वाइन फ्लू की वजह से 20 करोड़ अमवा हुए, और यह उन इलाकों में होता है जहां सुअर का गोश्त खाया जाता है। एड्स तमाम जिनसी बेरा रा की वजह से पैदा हुई, और इससे पहले सिफलिस ने करोड़ लोगों की जान ली।

इस्लामी मॉडल

1995 में मेरी किताब आई, जिसमें मैंने सरकमसीजन को एड्स कंट्रोल प्रोग्राम का हिस्सा बनाने की बात कही। डब्ल्यूएचओ ने 12 साल के बाद इस बात को माना, और यह बात अब साबित हो चुकी है कि तमाम सेक्स ट्रांसमिटेड डिसीज में सरकमसीजन का एक बहुत रोल होता है।

इद्दत का तरीका

इस्लाम में इद्दत का तरीका है, जिसमें तलाक या शौहर की मौत के बाद औरत को कम से कम तीन महीने का वकफा रखना होता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि एक औरत का ताल्लुक दो मर्दों से न हो। मैंने यह भी साबित किया कि जितनी भी सेक्स ट्रांसमिटेड डिसीज हैं, उनका इनक्यूबेशन पीरियड 90 डेज से कम होता है।

वज़ू का एमिकल एनालिसिस

जब मैं एमबीबीएस सेकंड ईयर का स्टूडेंट था, तो मैंने ब्रेन एटमी में देखा कि वज़ू के अंदर जो तरतीब हम फॉलो करते हैं, वही तरतीब दिमाग के सेंसरी सिस्टम में भी होती है। मैंने एक आर्टिकल लिखा जिसमें मैंने दिखाया कि वज़ू की वजह से पूरा का पूरा सिस्टम तैयार हो जाता है।

सजदे की पोजीशन

सजदे की पोजीशन में इंसान की कार्डियक आउटपुट सबसे ज्यादा होती है, ऑक्सीजन की अमाउंट ब्लड में सबसे ज्यादा होती है, और दिमाग की तरफ ब्लड की सप्लाई अपने 10 मकाम पर होती है। मैंने इसका एटिकल एनालिसिस भी लिखा, जिसमें मैंने दिखाया कि कौन-कौन सी नर्व इस्तेमाल होती हैं।

पॉलीगमी

पॉलीगमी के ऊपर बहस होती थी, तो मेरा आर्टिकल आया प्रोमस किटी वर्सेस पोग। मैंने उसमें दिखाया कि पोग में तो सिर्फ एक मर्द मैक्सिमम चार औरतों से उसके तालुक हो सकते हैं, लेकिन आपके यहां प्रम फैली है जिसमें एक मर्द का तालुक सकड़ औरतों से होता है।

फ्रीडम ऑफ चॉइस

फ्रीडम ऑफ चॉइस अच्छी चीज है, लेकिन इस्लाम के अंदर सिर्फ फ्रीडम ऑफ गुड चॉइस है। हमें सिर्फ हेल्दी चॉइस देनी चाहिए, अनहेल्दी चॉइस नहीं। आज की दुनिया ने अनहेल्दी चॉइस दुनिया को देकर तमाम दुनिया को बर्बादी की तरफ धकेल दिया है।

इस्लाम की खूबी

इस्लाम में फंडामेंटल राइट्स, फंडामेंटल ड्यूटी और फंडामेंटल प्रोब तीनों बराबर हैं। अल्लाह ने बताया है कि क्या तुम्हारे हक हैं, क्या तुम्हारे लिए हलाल है, क्या तुम कर सकते हो, और क्या तुम्हारे ऊपर फर्ज है, और क्या तुम्हें करने की इजाजत नहीं है।

अल्लाह का वजूद

मुझसे एक साहब कहने लगे कि क्या सबूत है कि अल्लाह है और क्या सबूत है कि मौत के बाद दूसरी जिंदगी होगी। मैंने कहा मेरे पास में कोई टेलिस्कोप नहीं है जिससे मैं आपको दिखा सकूं, लेकिन मैं आपसे पलट कर एक सवाल करना चाहता हूं कि आपके पास में क्या सबूत है कि अल्लाह नहीं है और मौत के बाद की जिंदगी नहीं है।

कायनात का वजूद

बहुत सारे साइंटिस्ट कहते हैं कि कायनात खुद ही खुद बन गई है। मैंने कहा अगर आज का उनको माने तो उनका यह है कि जब कायनात बननी शुरू हुई तो सबसे पहले फिजिक्स और मैथमेटिक्स आया, लेकिन दुनिया में कोई दूर दूर तक ऐसा नहीं था जो फिजिक्स और मैथमेटिक्स को समझता जानता।

किताब का तार्रुफ

मेरी अभी हालिया किताब आई है सिस्टेट स्टडी ऑफ द होली कुरान, जिसमें हमने एक सिस्टमिक वे में कुरान को समझने और समझाने की कोशिश की है। इसमें पांच बड़े-बड़े पार्ट हैं: फेथ, इबादत, एथिक्स, सोशल सिस्टम और हिस्ट्री।

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Transcript

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0:11 हमारी ु हमारी खुश किस्मती है आज हम सबको इतनी अहम शख्सियत से इस्तफा का मौका मिल रहा है मैं उम्मीद करता हूं कि आज की यह शाम हमारी जिंदगी एक अहम अहम शाम होगी और हमारे कुरान के इल्म और दनी फहम में इजाफे का जरिया बने मैं डॉक्ट जावेद जर साहब से दरखास्त करता हूं तशरीफ लाए और अपने रबात से हम सबकी रहरी [संगीत] फमा पले लाक

0:57 ई लाम ओनली रिलीजन इन दिस वर्ल्ड वेर रिचुअल क्लींजिंग इज मोस्ट इंपोर्टेंट नॉट जस्ट इंपोर्टेंट देर इ नो ऑप्शन एट ल इ कैनट सला कनॉट [संगीत] नमाज देर इज नो एक्सेप्शन फरस देर इज नो एक्सक्यूज फरस य वन फरस फम वजू एंड व्हाट एवर नमाज यू परफॉर्म आफ्टर दैट गो वाइ इ ऑफ नो यू ट इज द इंपोर्टेंस ऑफ ट इ द इंपोर्टेंस ऑफ रिचुअल क्सिंग एवरी एक्ट ऑफ प्रेयर कैनट परफॉम इन मनिंग एंड गो न परमिंग नमाज रेस्ट ऑ

1:43 डे एवरी नमाज यर नॉट इन स्टेट ऑफ वज यू हैव टू परफॉम जज एंड ओनली देन र नमाज ल बी एक्सेप्टेड अल्ला डॉक्टर साहब है रिटन अबाउट इट एंड आल्सो है ड लेक्चर अबाउट इटें ए पोटें न ला डक्टर मेडिसन हाउ साइली पट सेकंड थ [संगीत] परमम डॉक्ट साब नकन स

2:30 पर्सपेक्टिव ऑफ ए मेडिकल डॉक्टर नॉट जस्ट फम द पर्सपेक्टिव ऑफ इस्लामिक स्कलर इस्लामिक एस्पेक्ट ऑफ नमाज इ डिफरेंट द साइंटिफिक एस्पेक्ट ऑफ नमाज ही ट्राइज टू थ्रो लाइट ऑन इट एंड शोज हाउ कंप्लीट एंड एक्सरसाइज नमाज फिजिकली एंड मेंटली आल्सो दज डेज योगा इ ब प्रमोटेड एज द मोस्ट सुप्रीम फॉर्म ऑफ एक्सरसाइज ल ओवर द वर्ड आर एक्सपोर्टिंग योगा बट ऑल द टाइम बिफोर वी स्टार्टेड डूइंग दिस फ द पास्ट 1600 एंड इयर्स व हैव बीन परफॉर्मिंग नमाज मु ल ओवर द वर्ल्ड एंड

3:16 एवरी मुस्लिम अक्रॉस द वर्ल्ड परफॉर्म नमाज इन द सेम वे द नमाज इन इजिप्ट इज नॉट डिफरेंट फ्रॉम व्ट इट इ इन साउदी अरेबिया एंड द नमाज इन इंडिया इज नॉट डिफरेंट फम वट इन अमेरिका ल द सेम एंड एवरी नमाज ट वी परफॉर्म हैज गट अ सेट ऑफ एक्शन फिजिकली एंड ही हैज न लाइट न हाउ इंपोर्टेंट दिस इज व्ट इट डस टू दिस बॉडी हाउ कंप्लीट ए फॉर्म ऑफ एक्सरसाइज हाउ कंप्लीट ए फॉर्म ऑफ एक्सरसाइज जस्ट लाइक योगा और नमाज ड फाइव टाइम्स इन डे सो दज आर टू एडिशनल थिंग्स है डन अबाउट वि आई वड लाइक टू एंटरटेन यू ए ट्स वा

4:01 आस ना आई रिक्वेस्ट डस य आफ्स सेवे ए यन ट लेडी ए जट बो एला बिस्मिल्लाह रहमान रहीम अल्हम्दुलिल्लाह रब्बिल आलमीन ला सलाम रस कर मोहतरम डॉक्टर जावेद नईम साहब डॉक्टर इफत साहब और यहां पर मौजूद मुझे नजर आ रहा है दूर दूर तक माशाल्लाह

4:48 साब बड़ी बड़ी अजीम शख्सियत यहां पर मौजूद है और मैं आपसे कुछ इत दई में यह बता देना चाहता हूं कि कुछ आज दिन भर का सफर थकन है तो कुछ परेशानी से महसूस हो रही है अल्लाह से दुआ कीजिए कि अल्ला ताला मैं इस परे लेक्चर को सही से उसका जो तज है उसको पूरा कर सक कुरान पाक में अल्ला ने फरमाया किताब अलना इ यह व किताब है जो हमने यानी अल्लाह ने आपकी तरफ यानी रसूलल्लाह सला अ वसल्लम की तरफ इस भेजी ताकि यह इंसानियत को अंधेरों

5:34 से निकालकर रोशनी की तरफ ले जाए हजरात मैं य कहना चाहता हूं कि अंधेरा बड़ी अजीब गरीब चीज है और हकीकत यह है कि अंधेरा कोई चीज है ही नहीं अंधेरे का अपना कोई वजूद नहीं होता जिस तरह लाइट के फोटोन होते हैं इस तरह अंधेरे के डार्क नहीं होते अंधेरा सिर्फ रोशनी की गैर मौजूदगी का नाम है जब रोशनी गायब हो जाती है तो अंधेरा छा जाता है और जब रोशनी और किसी चीज के दरमियान कोई चीज ल रख दी जाती है बीच के अंदर तो अंधेरा फैलने लगता है इसी को मैंने कुछ अार में इत्तफाक से कुछ शायर भी हो गया हूं थोड़ा बहुत तो कुछ अार में भी मैंने बात कही है

6:19 कि वजूद अपना नहीं रखते अंधेरे वजूद अपना नहीं रखते अंधेरे छुपी जब रोशनी फैले अंधेरे वजूद अपना नहीं रखते अंधेरे छुपी जब रोशनी फैले अंधेरे शफक ने आंख क्या खोली जरा सी शफक ने आंख क्या खोली जरा सी इधर दौड़े उधर भागे अंधेरे तो अंधेरा एक ऐसी चीज है के जिसका ताल्लुक रोशनी के गायब होने से है अगर आज दुनिया में अंधेरा है और दुनिया में मुख्तलिफ किस्म के अंधेरे हैं दुनिया में जुल्म ज्यादती का अंधेरा है दुनिया में अजीबो किस्म की जहालत का अंधेरा है दुनिया में एक किस्म के अजीबो गरीब अयाश

7:05 हों के का तसव्वुर का अंधेरा है दुनिया में एक दूसरे के खलाफा को इस हद तक बढ़ा देना कि वह आपस में जंगो में तब्दील हो जाए उसका अंधेरा है हर तरह के अंधेरे दुनिया के अंदर मौजूद हैं और यह दुनिया के अंधेरे अगर मौजूद है उसकी एक वजह यह है कि जो अल्लाह ने रोशनी कुरान के जरिए और तमाम पैगंबरों के जरिए भेजी उसको हमारी भी कमियां है और दुनिया की भी कमियां है कि वो दुनिया तक उस अंदाज में नहीं पहुंच सके जिस तरीके से पहुंच जाना चाहिए अल्लाह ने कुराने पाक में फरमाया के अमा अल्लाह की वो जात है कि जिसने सात आसमान बना बकबक मात रहमानी क्या तुम्ह अल्लाह की अल्लाह रला

7:55 रहमान रहीम की इस तली के अंदर कोई कमी नजर आती है [संगीत] मातारा फल रमाने मनत फ बस एक मर्तबा अपनी नजर और उठाकर देखलो क्या तुमहे कोई फर को नजर आती है [प्रशंसा] सु फिर एक मर्तबा नजर उठाकर देखो आसमान की तरफ और तुम्हारी नजर जलील पसमांदा होकर वापस चली जब अल्लाह य आयात बयान कर ये आयात पहुंचा रहा है तो अल्लाह का मकसद यह है कि इंसान को ये एहसास दिलाया जाए कि एक कायनात उसके सर के ऊपर है और एक जमीन उसके पैरों के तले है जो कायनात उसके सर के ऊपर

8:41 है और वो इतनी वसी है कि उसकी वसत फसत का अंदाजा इस बात से आप लगा सकते हैं कि इस कायनात को बने हुए जो साइंस दानों का मौजूदा एक तख मना एक अंदाजा है कि 10 रे टू द पावर यानी 15 बिलियन इयर्स पहले ये कायनात तखक हुई य एक आम ख्याल साइंस दानों का है और लाइट की जो रफ्तार होती है वो 3 लाख किलोमीटर पर सेकंड होती है उसके बावजूद ऐसी इतनी दूर की जगह मौजूद है कि जहां से लाइट आज तक जमीन तक नहीं पहुंच सकी इससे इस कायनात की वसत का अंदाजा लगाइए आप और कायनात की पॉपुलेशन का अंदाजा किस बात से लगा सकते हैं कायनात की पॉपुलेशन का अंदाज इस बात से लगाइए 10 रे

9:26 टू पावर 12 यानी 10 के आगे 12 सिफर लगा दीजिए इतनी गैलेक्सी कायनात के अंदर मौजूद है और 10 के आगे 25 शिफर लगा दीजिए इतने स्टार सिस्टम मौजूद है और सूरज एक स्टार सिस्टम है और सूरज का साइज खुद इतना बड़ा है कि लाखों जमीन उसके अंदर समा सक जमीन की हैसियत इतनी है कि जितनी पूरे हॉल के अंदर अगर एक बारीक सा नुक्ता भी लगा दिया जाए क दीवार के ऊपर तो वो भी जमीन की हैसियत नहीं है उससे भी कहीं कम दर्जे की जमीन की हैसियत है और यह जमीन की हैसियत अल्लाह ने जमीन को अकेला नहीं छोड़ा इंसानों को अल्लाह ने पैगंबर भेजे और उनके जरिए रास्ता दिखाया किताबें भेजी लेकिन अफसोस के इस दुनिया ने इस दुनिया के इंसानों ने बहुत कम अल्लाह के एह कामात के

10:12 ऊपर अमल किया और ज्यादा अपने कवानी तरतीब दिए अपना एक एक सिस्टम क्रिएट करने की कोशिश की जगह-जगह और जिसका नतीजा ये निकला कि आज दुनिया में हर तरफ जुल्म और ज्यादती है तबाही है हंगामा है हर तरफ एक दूसरे से मुल्क टकरा रहे हैं आज मान की तरफ देखिए इतना बड़ी कायनात लेकिन 15 बिलियन इयर्स के बावजूद वो बेहतरीन अंदाज में काम कर रही है कोई सितारा दूसरे सितारे से नहीं टकरा रहा है कोई प्लेनेट दूसरे प्लेनेट से नहीं टकरा रहा है वो सिस्टम आज भी उसी खूबी के साथ बेहतरीन सिस्टम इतनी बड़ी कायनात इतनी बड़ी पॉपुलेशन लेकिन कितना ज्यादा अल्लाह ने जो लॉज ऑफ फिजिक्स बनाए अल्लाह ने जो लॉज ऑफ केमिस्ट्री बनाए वो सब इतनी खूबी के साथ काम कर रहे हैं कि

10:58 उसका सारी कायनात बखूबी चल रही है लेकिन जमीन जमीन में चक अल्लाह अल्लाह ने इंसानों को ये ताकत दी इंसानों को बार बाकी सारी कायनात के अंदर जितने भी पार्टिकल्स है जितने भी एलिमेंट है जितने भी सितारे हैं उन सबको अल्लाह ने यह हक नहीं दिया कि वो अल्लाह की मर्जी के खिलाफ काम कर सके वो सारे के सारे ला समा वो सारे के सारे अल्लाह को सजदा कर रहे हैं घूमकर वो सारे के सारे तस्बी कर रहे हैं अल्लाह की अल्लाह के कनीन के तबार से चल रहे हैं उनके अंदर यह अनकस अल्ला के अकामा की तामील कर रहे हैं जिसका नतीजा यह है पूरी कायनात के अंदर अजीब गरीब मुनम एक निजाम चल रहा है लेकिन इंसान को अल्लाह ने तियार

11:45 दे दिया के वह अगर चाहे तो अल्लाह के कवानी के साथ के ऊपर अमल करे और अगर चाहे तो अल्ला के कवानी के खिलाफ मर्जी करे ला अला के से इकार भी करने दे दिया और उसका नतीजा यह निकला जो जमीन के अंदर अर देखा देखा आपने के चारों तरफ एक अजीबो गरीब किस्म का हंगामा दुनिया के अंदर आपको मालूम है हर साल कितने पिछले तकरीबन 150 सालों के अंदर दुनिया के अंदर जंगो के अंदर तकरीबन 20 करोड़ लोगों को मारा जा चुका है दुनिया के अंदर हर साल कमो बेश 20 लाख मर्डर होते हैं और ये मर्डर से कहीं ज्यादा तकरीबन 200 यानी दो करोड़ लोगों को मर्डर करने की कोशिश की जाती है उनमें हॉस्पिटल कायम हो गए हैं तो बहुत सारों को

12:31 गोली लगती है बच जाते हैं लेकिन जो मर जाते हैं उनकी तादाद 20 20 लाख के करीब है साढ़े लाख के करीब लोग सुसाइड कर लेते हैं ढाई लाख औरतों की इज्जत लूट ली जाती है जितने बड़े जो सो कॉल्ड सिविलाइज कंट्रीज है जितना बड़ा कंट्री जितना सिविलाइज होने का दावा और एडवांस होने का दावा कर रहा है वहां पर उतनी ज्यादा बर्बादी मैं आज अमेरिका अपने आप को समझता है कि दुनिया का बादशाह वो जुल्म और ज्यादती की हु दूद को क्रॉस कर चुका है और मैं अमेरिका के बारे में बताऊ कि दुनिया में मर्डर का जो रेशो है वो मैक्सिमम अमेरिका के अमेरिका के अंदर है अमेरिका में हर साल तकरीबन 16000 लोगों को मास शूटिंग के अंदर मार डाला जाता है उसके बरक्स सऊदी अरब हालाकि मैं ये नहीं कह रहा

13:18 हूं कि सऊदी अरब का निजाम उस तरह इस्लामी जैसा होना चाहिए लेकिन फिर भी बुनियादी तौर पर एक इस्लामी अह कामात नाफ है उसका नतीजा ये है कि सऊदी अरब के अंदर मुश्किल से हर साल जो रे है व 380 का रेशो है कि उतने मर्डर होते हैं उनमें से जो जिम्मेदार होते हैं उनको फांसी की सजा दी जाती है तो वो तादाद अगर उससे मुवाना किया जाए अमेरिका से पॉपुलेशन के तबार से तो तकरीबन : 10 का डिफरेंस है और अमेरिका में चक हस्पताल का निजाम ज्यादा मजबूत है वहां काफी लोग को मडरस को बचा लिया जाता है तो व जो फर्क है मर्डर का वो 0 का का है दुनिया में ये ये दुनिया में दावा किया जाता है कि साहब हमने औरतों को आजाद कर दिया है आजादी का एक निजाम कायम औरतों के

14:04 लिए कर दिया है औरत हर तरीके से आजाद है दुनिया में 70 करोड़ सॉरी सा करोड़ औरत प्रोस्टिट्यूशन के अंदर मुतला उनको प्रो में शिकार कर दिया जिसको व औरत की आजादी कह रहे हैं व असल में मर्दों की आजादी औरत बरना होती है तो म मर्द लूटता है औरत की आजादी होती है तो मर्द मजे लेता है वो औरत बेचारी तड़पती है अगर वो प्रेगनेंट होती है तो वो होती है और अबॉर्शन कराती फिरती है दुनिया के अंदर हर साल तकरीबन सात करोड़ से 10 करोड़ तक की तादाद में बच्चों को मां के पेट के अंदर कत्ल कर दिया जाता है क्यक उनके मां बाप अयाशी के जरिए उन उनके ताल्लुकात थे तो दुनिया के अंदर अमेरिका जैसे कंट्री के अंदर और यूरोप में 40 से लेकर 70 फीसद औरत

14:53 बच्चे जो है वो शादी के बाहर पैदा हो रहे हैं उनको माए अकेले पाल रही है अब बता इसको कह रहे व औरत की आजादी और जिसको इस्लाम में पाबंदी कहते हैं औरत की औरत की व असल में मर्दों के ऊपर पाबंदी है मर्द उनका इस्ते साल नहीं कर सकते मर्द उन उनके साथ खिलवाड़ नहीं कर सकते ऐसा अजीब गरीब अल्लाने निजाम पैदा किया है जिसम मर्द और औरतों की सेहत पूरी तरीके से मजबूत है उनका पूरा का पूरी उनका सिस्टम लॉ सिस्टम लीगल सिस्टम पूरी की तरह पूरा मजबूत और यह सब क्यों हो रहा है क्योंकि पिछले खास तौर पर 400 साल के दौरान में जो एक नया सिस्टम क्रिएट हुआ है पूरे वर्ल्ड में अगर आप यह समझते हैं कि यह साइंस का दौर है चक बात कही जाती है दिस द वर्ड ऑफ

15:38 साइंस द वर्ड ऑफ साइ सो मेनी हूज डेवलपमेंट आर टेकिंग प्लेस इन द फीड ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी द काइंड ऑ इंप्रेशन दे आर ट्रांग टू गिव बट रियलिटी में साइंस का दौर नहीं है अगर कोई समझता है कि एथिक्स का दौर है तो जाहिर एथस का दौर नहीं है और रिलीजन को तो बिल्कुल बाहर करने की कोशिश की जाती रही है वो पूरी तरह हो नहीं पाता लेकिन देर आर सो मेनी कंट्रीज वेयर इट इज हार्डली एसिस्टेंट तो वो सारा का सारा अगर कोई चीज इस दुनिया में डोमिनेंट है तो वो है इकोनॉमिक्स दिस इज द इकोनॉमिक्स विच रूल्स द वर्ल्ड और वो इकोनॉमिक्स में भी खास तौर पर बाजार के कुवत है और पॉलिटिकल फोर्सेस वो मिलकर काम करती है और उन्होंने जो निजाम क्रिएट किया है उन्होंने एक के बाद एक पूरा हर सिस्टम उन्होंने एक ऐसा पॉलिटिकल सिस्टम क्रिएट किया कि जिसमें

16:26 उन्होंने कहते हैं डेमोक्रेसी डेमोक्रेसी इ गवर्नमेंट ऑफ द पीपल फॉर द पीपल बाय द पीपल हकीकत में क्या है मेरी किताब का इजरा हो रहा था दिल्ली के अंदर की बात है मेरे तमाम स्टेज पर बड़े बड़े मिनिस्टर्स मौजूद थे मनी शंकर अयर और सलमान खुर्शीद इस तरह के लोग मौजूद थे बट ऑन द स्टेज मैंने मैंने कहा था मैंने कहा भाई ये जिसको आप डेमोक्रेसी कह रहे हैं दिस इज नॉट अ डेमोक्रेसी दिस इ डेमोक्रेसी इ डिस्क्राइब एस द गवर्नमेंट ऑफ द पीपल फॉर द पीपल एंड बाय द पीपल बट टुडे डेमोक्रेसी हैज बिकम कॉर्पोरेट क्रेसी च इज द गवर्नमेंट ऑफ द कॉर्पोरेट रन बाय द एजेंट्स ऑफ द कॉर्पोरेट एंड फॉर द कॉर्पोरेट सिर्फ बड़ी मार्केट फोर्सेस त करती है क्या अच्छा है क्या बुरा है वो

17:13 पहले शराब को बेच कर पैसा कमाते हैं और जब उससे बीमारियां पैदा होती है हर साल तकरीबन 40 लाख लोग शराब की वजह से मर जाते हैं और कम से कम एक करोड़ लोग और ऐसे हैं कि जो शराब से इनडायरेक्टली शराब की वजह से मरते हैं या तो मर्डर कर दिए जाते हैं या सुसाइड कर लेते हैं या बहुत सारे लोग शराब की वजह से सेक्स ट्रांसमिटेड डिसी में मुतला हो जाते हैं उसकी वजह से मरते हैं तो शराब की वजह से इतने लोग मर रहे हैं लेकिन शराब बेचकर पैसा कमाना है उससे उन्हे कोई मतलब नहीं है और उसके बाद जब बीमारिया होती कहते हमारे पास हॉस्पिटल है साहब हॉस्पिटल जाइए एक इलाज मौजूद है आपको बस जरा सा थोड़ी सी कम प पीजिए बहुत ज्यादा ना पीजिए और उन्हें पता है अंदर अंदर से मन ये कर रहा है कि खूब प आ फिर

18:00 शराब भी बिकेगी और फिर इलाज भी बिकेगा दोनों चीजों को बेचना है पहले ड्रग्स भेजी जाती है फिर ड्रग्स रिबिन सेंटर एस्टेब्लिश किए जाते हैं दोनों के अंदर कमाई है सेक्स दुनिया की सबसे बड़ी मार्केट में से मार्केट बन गया है उसको बेचकर भी इंतहा पैसा कमाया जाता है तमाम नाइट क्लब खुले हुए हैं प्रोस्टिट्यूशन के अड्डे खुले हुए हैं पोर्नोग्राफी हो रही है और उसके बाद में फिर जब उससे बीमारियां पैदा होती है तो कहते हैं कि हमारे भैया अस्पताल मौजूद है आइए वहां पर एंटी अब तो हमने एड्स का ट्रीटमेंट भी निकाल लिया है एंटीवायरल थेरेपी हमको मिल गई है हकीकत यह है कि एड्स के पिछले 30 साल के अंदर 6 करोड़ लोग मर चुके हैं दुनिया 6 करोड़ लोग और आज भी एड से दवाय किया जा रहा है कि हमने एंटीवायरल थेरेपी लेकिन आज तक सिर्फ दो लोगों को यह दावा किया गया कि दो लोग

18:46 उस एंटीवायरल थेरेपी से ठीक हुए बाकी सारे के सारे लोग बस इतना होता है कि उम्र थोड़ी सी बढ़ जाती इतना फायदा होता है लेकिन उसके बावजूद फैलाया जा रहा है जा रहा है उसको सिस्टम को फैलाया जा रहा है तो यह एक किस्म का पूरी फिर उन्होंने और कहा क्या काम किया उन्होने साइंस क्रिएट की लेकिन साइंस में उन्होंने खास तौर पर कक फिजिक्स में य सवाल पैदा होता है यूनिवर्स किसने क्रिएट किया य तो उन्होने बाकायदा 1930 के आसपास एक मीटिंग की दुनिया में और यह कहा गया कि तमाम जो कायनात किस तरह तली हुई इसके इसके सिलसिले में जब हम तहकीक करेंगे तो हम खुदा का जिक्र ना लाए बीच यह बाकायदा त किया और चुना स्टेफन हॉकिंग जैसे लोगों को खूब बढा चढ़ा कर पेश किया गया कक

19:33 आइंस्टाइन ने कम से कम यह माना कि खुदा खुदा ने ओरिजिनल वे में खुदा ने एक सिगनल दिया था तली का हालाकि आइन की थरी में य बाकी फर बाद में खुदा की जरूरत नहीं रही लेकिन स्टेफन हकिंग ने तोय कहा उसकी ओरिजिनल सिगनल की जरूरत नहीं इसलिए स्टेफन हॉकिंग को इतना बढा चढ़ा कर पेश किया गया साब उससे बड़ा कोई साइंटिस्ट नहीं है उसकी किताब जबरदस्त मकबूल कर उससे बड़ा को और जो है थ्योरी पेश की गई एंथ्रोपिक प्रिंसिपल जिसम कहा गया व्ट इ द परपस ऑफ द क्रिएशन ऑफ मैन इंसान की तकली का असल मकसद क्या है य ये कहा गया और उसम उन्होने नहीं कहा गया कि तकली की गई बल्कि तकली हो गई और उसमें दो दो तरह के वो आए एक स्ट्रंग एंथ्रोपिक प्रिंसिपल और एक वीक

20:19 एंथ्रोपिक प्रिंसिपल स्ट्रंग एंथ्रोपिक प्रिंसिपल में कहा गया कि ये कायनात में इंसान की जो तकली हुई वो वेल डिजाइन परफेक्टली डिजाइन प्री डिजाइन एक पूरा तरीका था जिसके नतीजे के तौर पर अल्टीमेटली एक इंसान की तखक हो गई उसको उठाकर एक तरफ रख दिया गया कक उससे कहीं ना कहीं इशारा मिलता है कि अगर प्रीवियसली डिजाइंड है तो जाहिर है कोई डिजाइन करने वाला होगा तो उसके उसके बाद में वीक थ्योरी पेश की गई और वीक थ्योरी का एक एक वो निकाला ये गया कि जिसमें कहा गया कि इंसान को इसलिए इंसान पैदा हो गया कि चकि अगर इंसान पैदा ना होता तो इस कायनात की खूबसूरती को बयान करने वाला कोई ना इसका असल एप प्रिंसिपल क्या असल परपस ऑ

21:06 क्रिएशन क्या है कुरान ने पेश किया है जिसको मैंने कुरा वर्जन ल मैंने जिन और इंसान को किसी और काम के लिए पैदा नहीं किया सिवा इसके अला की इबादत कर अब य बड़ा मूस एक ल है कुरान पाक का आप मुता करेंगे तोय पता चलेगा हर चीज कायनात के अंदर सजदा कर रही है अल्लाह को हर चीज अल्लाह को तस्बी कर रही है जब फरिश्तों का जिक्र आता है तो उसमें ये भी आता है कि वो तकदीस करते हैं अल्लाह की और हमद जाहिर है पूरी कायनात कर रही है लेकिन अब दियत का लज मख सूस है सिर्फ इंसानों और जिन्न के ब और वो फर्क वही है कि इंसान और जिन एक कॉशस लेवल पर सोच कर

21:53 अल्लाह की इबादत करते हैं उन्हें ये भी हक हासिल है कि ना करें लेकिन उसके बावजूद जब वो अल्लाह की इबादत कर म बन जाते वस लेवल पर व सि फी र पर नहीं कर रहे व लेल अला की इबादत कर इसलिए व उस अ मखल का उनको दर्जा मिलता है इसलिए व खलीफ अल्ला के खलीफ जमीन में उनको ठहराया जाता है तुम अल्ला का खलीफा तुम अल्लाह के निजाम के मुताबिक जमीन को चला लेकिन अफसोस नहीं चला गया अल्ला निजाम के मुताबिक जमीन को जिसकी वजह से जमीन में हर तरफ तबाही है ह जिन चीजों को अल्लाह ने हराम करार दिया उनकी वजह से हर साल तकरीबन 10 करोड़ से 11 करोड़ अमत हो बताइए दिस आर नॉट स्मल

22:41 फिगर्स तो मामूली फिगर्स नहीं है अभी कोविड का कितना बड़ा शोर मचा कोविड में पिछले 1 स साल में जितने भी एपिडेमिक्स या पडेम फैले हैं डॉक्टर तो सब समझते हैं आप जो हजरात ड मेडिकल नेको जरा समझा दो एपिडेमिक कहते हैरा थोड़े एरिया के अंदर जो बीमारी फैलती है पम का मतलब होता है पूरी दुनिया में फैल गई बीमारी तो वो जो इस तरह की जो बीमारिया हुई है उनमें से बतर का ताल्लुक कहीं ना कहीं इस्लाम की खिलाफ वर्जी से सबसे ज्यादा जो जिस बीमारी ने तबाही मचाई है दुनिया के अंदर पिछले स साल में वो स्वाइन फ्लू है स्वाइन फ्लू की वजह से 20 करोड़ अमवा हु है 20 करोड़ लोग मरे हैं और स्वाइन फ्लू उन इलाको में होता है जहां पर

23:26 सुअर का गो खाया जाता है पिक फार्मिंग होती है तो उसकी वजह से वो बीमारी फैलती है स के गोश्त के खाने से और भी बीमारिया पैदा होती है कई तरह के कीड़े है टीनिया सोलियम है ट्रा स्पास है जो स्व के खाने से पैदा होते है जिसकी वजह से कई बार बदन में पैरालिसिस भी हो जाता है और कई बार मौत भी हो जाती है लेकिन सबसे खतरनाक स्वाइन फ्लो दूसरी जो खतरनाक बीमारी एड्स की जो तमाम जिनसी बेरा रा की वजह से पैदा हुई एड्स से पहले भी सिफलिस ने करोड़ लोगों की जान ली और एड्स ने मैंने जैसा कि आपको बताया पिछले 30 साल में तकरीब पाच से छ करोड़ लोग जो है डस का शिकार हो चुके हैं वो जिनसी बहरा उसम भी खास तौर पर जिस चीज को आजकल बहुत बढ़ावा दिया जा रहा है होमोसेक्सुअलिटी वो सबसे खतरनाक चीज थी उसकी और यहीं पर जो है फिर एक बीमारी रे

24:16 की भी पैदा हुई जिसकी वजह से 50 60 लोग मर चुके पिछले तकरीबन 4050 साल में वो कुत्तों को काटने की वजह से होती है इस्लाम में ये कहा गया हदीस में मौजूद है कुतो का डोमेस्टिक मत करो घर के आसपास कुत्ते नहीं रहना चाहिए उस पर रह सकते हैं वो या बाहर जहां कोई चौकीदारी का मकसद हो लेकिन घर के आसपास उसकी वजह से बड़ी तादाद में रेबीज जो बीमारी पैदा होती है आज तक उसका कोई इलाज नहीं है 100% फर्टिलिटी है उसके अलावा और बहुत सारी बीमारियां सेक्स ट्रांसमिटेड डिसीस पैदा हुई है जिनकी वजह से करोड़ लोगों की जान जा चुकी है आजकल एक नई बीमारी बड़ी उसम अभी मोदी जी अमेरिका गए थे उन्होंने बाकायदा वहां पर एक एग्रीमेंट साइन करने की बात की है जिसका नाम है सर्वाइकल

25:02 कैंसर कार्सिनोमा एक सर्विक्स औरत के जिसम अंदर एक सर्विक्स एक हिस्सा होता है उसका कैंसर होता है कैंसर सर्विक्स वो बहुत ज्यादा बढ़ता जा रहा है दुनिया में और इंडिया में तकरीबन डेढ़ लाख औरत हर साल उसका शिकार हो रही है और यह बीमारी मुस्लिम औरतों के अंदर नाम के बराबर होती है बिल्कुल नाम ना के बराबर होती है गैर मुस्लिम उस औरतो में होती है और इसकी सबसे बड़ी वजह मर्दों का मकसून होना है सरकमसीजन होना सरकमसीजन एक बहुत बड़ी वजह बन गया है जो है मैंने जब मेरी 1995 में किताब पहले आई ी मुझे एम्स के डायरेक्टर प्रोफेसर ललित मोहन नाथ का एक लेटर आया उस जमाने में वो जो है ए के डायरेक्टर थे और कम्युनिटी मेडिसिन के हेड भी थे उनका लेटर

25:48 आया जिस तरह की आपने दूसरी किताब लिखी है मैं चाहता हूं आप ए पर भी इस तरह का किताब लिखे आजल बहुत बड़ी प्रॉब्लम बन गई है तो उस वक्त मैंने इस्लामिक मॉडल ऑफ एट्स एक किताब मेरी सामने आई लिखी मैंने उ सिर्फ उन्होंने जो मुझे टाइम दिया था वो तो कहा था कि आप आराम से लिखिए लेकिन अल्लाह का करम होता है जब मैं लिखने बैठता हूं तो बहुत जल्दी काम हो जाता है मुश्किल से दो महीने में वो किताब हो गई और जब वो मैं किताब का मसदा उनको लेकर उनके पास लेकर पहुंचा तो वो जब किताब का मसदा पलटने लगे और उन्होने खास तौर पर जो मॉडल देखा जिसम मैंने पॉइंट दिए थे न टूथ फोर 5 सि से 8 ना तकरीबन 12 पॉइंट्स थे तो एकदम से पढ़ के और वो उठे और उन्होंने मुझे गले से लगाया और उनके अल्फाज ये थे कि डॉक्टर साहब मैंने सिर्फ ये सोचा था कि आप जिंसी बेरार

26:35 के मुतालिक कुछ कुरान की आयात या कुछ हदीस वगैरह ऐसी नकल कर देंगे कि जिसकी वजह से जो कम से कम मुसलमान उन चीजों से बचे और फिर हम दूसरे मजब वालों से भी कहेंगे कि अपने मजहब के तबार से इस तरह की इस तरह की चीजें लिखे लेकिन आपने तो इसमें दो बातें ऐसी लिखनी है जि जो पूरी दुनिया को हैरत में डाल देंगे मैं दुनिया में अल्हम्दुलिल्लाह पहला इंसान था कि जिसने सरकमसीजन को ये कहा था कि इसको एड्स कंट्रोल प्रोग्राम का हिस्सा ब बनाना चाहिए और डब्ल्यू एओ ने वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन ने 12 साल के बाद इस बात को मेरी मेरी माना और यह बात अब साबित हो चुकी है कि तमाम सेक्स ट्रांसमिटेड डि में सरकमसीजन का एक बहुत रोल होता है कि वो उसको रोकती और उसके अलावा एक दूसरी बात मैंने कही थी उसम इद्दत के ताल्लुक से इस्लाम

27:23 में एक इद्दत का तरीका है कि अगर डिवोर्स होती है तलाक होती है या शौहर मर जाता है तो कम से कम तीन महीने तलाक केसम और उसम चार महीने 10 दिन का वकफा होता है यानी कोई तरीका ऐसा नहीं है कि एक औरत का ताल्लुक दो मर्दों से हो कम से कम तीन महीने का वकफा बीच में बाकायदा मैंने फिर साबित किया कि जितनी भी सेक्स ट्रांसमिटेड डिसीज है उनका एक इनक्यूबेशन पीरियड इनक्यूबेशन पीरियड का मतलब मैं समझा दूं आपको जब जरासी जिस्म के अंदर दाखिल होते हैं उसके बाद फौरन बीमारी अदा नहीं होती बल्कि कुछ व वक्फ के बाद बीमारी सामने आती है और वो वकफा अलग-अलग बीमारियों का अलग-अलग होता है किसी का दो चार दिन होता है किसी का 10 20 दिन होता है किसी का महीने दो महीने होता

28:09 है तो जितनी भी बीमारियां एसटीडी की थी सिवाय एड्स के उन सबका इनक्यूबेशन पीरियड 90 डेज से कम और एड्स का इनक्यूबेशन पीरियड तो ज्यादा था लेकिन विंडो पीरियड यानी ब्लड में वो टेस्ट पॉजिटिव 90 डेज के अंदर अंदर आ जाएगा यानी 90 डेज के अंदर-अंदर ये पता चल जाएगा इसको एडस है कि नहीं तो मैंने यह बात कही उसके उसम कि आप जो है जितनी भी जो प्रोस्टिट्यूशन के ऊपर टोटल बैन लग जाना चाहिए और जितनी बेचारी औरत है जिनको मजबूर किया गया है उन्हें उससे बाहर निकाले और उसका तरीका ये हो उनको तीन महीने तक एक अससाइलम में रखें और फिर उनके टेस्ट वगैरह कराकर अगर उनको कोई बीमारी नहीं है तो उनकी शादियों को प्रमोट किया जाए और अगर वो बीमारियों का शिकार है तो उसका इलाज किया तो अल्हम्दुलिल्लाह तो ये सारी की

28:56 सारी चीजें जैसे अभी डॉक्टर साहब ने वजू उसके तालुक से मैं बात करना चाहता हूं नमाज के ताल्लुक से जो बात की ये बस अल्लाह की तरफ से चीज होती है अल्लाह कर्म करता है अल्लाह ने मेरे ऊपर कर्म किया जब मैं एमबीबीएस सेकंड ईयर का स्टूडेंट था और मेरी उम्र भी मुश्किल से 19 साल थी 1977 या 78 की बात है 78 की बात है तो मेडिकल कॉलेज में हमें ब्रेन एटमी पढ़ाई जा रही थी और ब्रेन एटमी में यहां जो सामने का पोर्शन होता है सेरीब्रम कहते हैं और इसके अंदर एक मखू जगह होती है जिसे पोस्ट सेंट्रल वायरस होता है वो सेंट्रल गाय रस जो है बॉडी का तमाम जो सेंसरी सिस्टम है यानी जैसे हमने छुआ तो ये जो छुने से जो सेंसेशन पैदा होती है वो दिमाग को पहुंचती है दिमाग उसे कंट्रोल करता है गर्मी सर्दी

29:41 इस तरह के जितने सेंसेशन है उनको सब कंट्रोल करता है तो उसम व बाकायदा हर हर उसका बदन के हिस्से का एक हिस्सा मुकर्रर होता है ऊपर नीचे तक व उसकी एक तरतीब है तो जब वो तरतीब देखी तो मैं एकदम चौका व तरतीब एटली वो थी जो तरतीब हम वजू के अंदर फॉलो करते और मैं फौरन मैं लाइब्रेरी गया लाइब्रेरी से जितनी किताब उस सिलसिले में निकाल सकता था मैंने निकाल ली और उसके बाद मैंने अहमदुल्लाह एक पूरा आर्टिकल लिखा एमिकल एनालिसिस ऑ वजू जिसम मैंने दिखाया कि जो है उसकी वजह से पूरा का पूरा सिस्टम जैसे हम अगर एकदम से पानी ठंडा ले लेंगे तो पहले से बॉडी तैयार हो जाएगी फिर अगला हिस्सा जो है उस तरह उसका उसका हर हिस्से

30:26 का एक वो भी यानी उसका कितना बड़ा मकाम है ये भी त अगर आप अपने अपने मोबाइल पर गल करें लज ममन कलस एच ओ एम यू एन सी यू एल यू एस हम कलस में वो करे तो आपको इमेज निकालेंगे तो एक इमेज बड़ी खतरनाक सी मिलेगी आपको और वो इमेज बड़ी खतरनाक इमेज वो है जो इंसान की इमेज ब्रेन के अंदर होती है उसम जबान इतनी बड़ी मिलेगी आपको मुह इतना बड़ा मिलेगा आपको हाथ इतने बड़े मिलेंगे बाहे इतनी बड़ी मिलेंगी बाकी ये जो ब बदन का हि जरा सा मिलेगा आपको और पैर पैर भी थोड़े बड़े मिलेंगे तो गोया जिन चीजों का सेंसरी सिस्टम में बहुत स्ट्रंग है तम्मम में और वजू में जिन दो चीजों का इस्तेमाल होता है

31:11 मुंह और हाथ वो वहां पर सबसे बड़े हैं और जिन चीजों का वजू में इस्तेमाल होता है पैर भी उसके मुकाबले में निस्बत छोटे है लेकिन वो भी अच्छा खासा बड़े है और जो वजू में नहीं होते हि वो बहुत मुख्तसर है तो यानी वजू बाहर से तो तकरीबन 15 20 फी कवर करती है लेकिन दिमाग के अंदर व 885 पर के करीब का कवर कवर कर लेती उसके बाद अगला साल आया जब मेडिकल कॉलेज का वहा पर उस जमाने में अब तो शायद पता नहीं मेडिकल कॉलेज में एबीएस में पढ़ाई जाता नहीं पढ़ाई जाता एक चीज पढ़ाई जाती थी डेटस और डेटस का मतलब य होता था कि इंसान किस हालत में रहता है अक्सर उसकी हालत को देखकर हमसे कहा जाता था कि इसको डायग्नोसिस करने की कोशिश कीजिए आप इसमें कई बार लतीफा

31:57 सुनाया करता हूं व लतीफा है और वो लतीफा ये है के दो डॉक्टर खड़े थे आपस में उन्होंने देखा एक दूर से आदमी लड़ लंगता हु आ रहा है उनमें आपस में बहस शुरू हो गई कि बताओ इसको क्या बीमारी है एक ने कहा कि इसकी कुहे की हड्डी टूटी हुई होगी दूसरे ने कहा नहीं कुहे की नहीं लगता है कि इसके जॉइंट में कुछ प्रॉब्लम है फिर एक ने कहा कि नहीं हो सकता है इसके नीचे के हड्डी टूटी हुई हो इतने में वो आदमी करीब आ ग तो उस तो उन्होंने कहा चलो उसी से पूछ लेते हैं कि भाई तुम तुम्हारी कौन सी हड्डी टूटी है अरे भाई मेरी तो कोई सी भी हड्डी नहीं टूटी मेरी तो चप्पल की पट्टी टूट गई तो कटस में ये होता है कि आदमी उसी ट

32:45 में 15 16 पोजीशन बताई जाती थी उम से एक पोजीशन का नाम उस जमाने में आजकल मुझको मालूम नहीं मो प्रेयर पोजीशन क जाता और वो पोजीशन जो सजद की पोजीशन होती है तकरीबन वो पोजीशन होती थी और उसम को ये बताया गया हमारे प्रोफेसर थे चक्रवर्ती उन्होंने बताया कि साब इस पोजीशन के अंदर अगर आदमी को कार्डियो में गली है हार्ट की बीमारिया बहुत सारी कार्डियोमायोपैथी है या स्लीन की बीमारिया है या लिवर की बीमारिया है तो अक्सर आदमी ससी पोजीशन में अपने आप को रखने की कोशिश करता है य झुका रहता फिर मैं चौका फिर तस हुआ दिमाग में बस उन्होंने तो इतना कहा और आगे निकल ग अब मैंने सोचा कि क्या किया जाए मैं पहले दो किताब में तलाश करने की कोशिश की मुझे कुछ ज्यादा समझ में

33:30 नहीं आया फिर मैं खुद प्रोफेसर चक्रवर्ती के ऑफिस में पहुंचा और मैंने उनसे रिक्वेस्ट की मैंने कहा सर आपने इतना तो बता दिया लेकिन मुझे य तो बताइए कि आखिर क्यों ऐसा क्यों होता है तो उन्होने मुझे को समझाया कि देखो सजद की पोजीशन ऐसी होती है कि जिसम इंसान की जो कार्डियक आउटपुट है यानी जो हार्ट जो सबसे ज्यादा काम कर रहा होता बेहतरीन अंदाज में वो इस पोजीशन में होता है इस पोजीशन के अंदर ऑक्सीजन की अमाउंट ब्लड में सबसे ज्यादा होती है और इस पोजीशन में दिमाग की तरफ जो ब्लड की सप्लाई होती है वो अपने 10 मकाम पर होती है तो फिर मैंने पूरा फिर मैंने उसके एटिकल एनालिसिस भी लिखा कि कौन-कौन सी नर्व इस्तेमाल होती है जब हम हाथ उठाते हैं ये जाते हैं जाते हैं वहां भी मुझे ये नजर आया कि बाकायदा एक सीक्वेंस है कि सबसे पहले फैशन नर्व इस्तेमाल हो रही है फिर सर्वाइकल नर्स फिर थोरेसिक नर्स फिर

34:16 जो है नीचे एब्डोमिनल न वो सब इस्तेमाल हो रही है व अल्हम्दुलिल्लाह फिर मेरा एक दूसरा आर्टिकल मेडिकल एनालिसिस वू ये आर्टिकल्स पहले रेडियस के शाय हुए फिर लंदन में एक इंपैक्ट मैगजीन से निकले फिर तो बहुत जगहो पर इसको रिपीट किया गया इन आर्टिकल्स को अल्हम्दुलिल्लाह तो वहीं से एक सिलसिला मेरा शुरू हो गया था इस तरह की तहकीकात का फिर मेरा एक आर्टिकल उस जमाने में 1980 के आसपास इस पर्सनल लॉ को लेकर बड़ी बहस चल रही थी तो पोली गमी के ऊपर बहस होती थी तो मेरा आर्टिकल आया प्रोमस किटी वर्सेस पोग कक मेरा मिजाज ये है कि मैं सिर्फ डिफेंड नहीं करता हूं बल्कि काउंटर अटैक भी करता भाई अपने से फर्क कीजिए आप आप हम पर अटैक कर रहे हैं अपने जरा सा हालात देखिए तो मैंने उसमें दिखाया पग में तो सि एक मर्द मैक्सिमम चार औरतों

35:02 से उसके तालुक हो सकते हैं लेकिन आपके य प्रम फैली है उसम एक मर्द का तालुक सकड़ औरतो से और वो सकड़ औरत अपने अपने तरीके से सकड़ मर्दों से तालुक अमेरिका की रिसर्च है अमेरिका में 93 पर लोग वक्त उनका तालुक मल्टीपल मर्द मल्टीपल और से लेकिन इस्लाम में जो तरी है उसम कक आबादी का तनास जितना हो होगा आमतौर पर आमदी का तनास बहुत मुख्तसर तरीन मेल और फीमेल में जो डिफरेंस होता है बहुत मामूली होता है पहले वो भी अब कम होता चला जा रहा है तो अगर अगर चार गुना औरतें है ही नहीं तो जाहिर है चार गुना मर्द शादी काम कर सकते हैं बहुत थोड़ा सा डिफरेंस होता है इसलिए बहुत कम मर्द ही

35:47 अगर चाहे भी सब तो तब भी ऐसा बहुत कम मुमकिन है और उसके जाहिर है पॉली गमी की कई मर्तबा वजूद भी होती है आदमी की किसी वजह से बच्चा नहीं हो रहा है या कोई और वजह है बहुत सारी वजत भी होती है जिसकी वजह से उसको इस बात की इजाजत दी जाती है लेकिन पोली गमी से किसी बीमारी का अंदेशा नहीं है जब प्रोमस से दुनिया भर की बीमारिया प पोली गमी में तमाम औरतों के खरात पूरी तरह मौजूद रहते हैं लेकिन उस प्रोमस सटी के अंदर उन औरतो के को रात नहीं वो अगर प्रेगनेंट हो रही उनकी अपनी मर्जी अपना अबॉर्शन कराती फिर अपना बच्चा हो रहा है तो बाप की कोई जिम्मेदारी नहीं है पालती फिरेगी कहते हैं वो आजादी साब देखिए फ्रीडम ऑफ चॉइस फ्रीडम ऑफ चॉइस ये बहुत चीज मशहूर हो

36:33 गई आजकल फ्रीडम ऑफ चॉइस फ्रीडम ऑफ चॉइस मैं बेंगलोर में मुझको बुलाया गया बेंगलोर के अंदर एक बड़ा वाइट फीड चर्च में बहुत बड़ा इंटरनेशनल सेमिनार था पूरा वर्ल्ड से लोग आए हुए थे हिंदुस्तान से जिन दो तीन लोगों को बुलाया गया था इफाक से मैं भी था उम और तो उसमें एक मेरे उसके बाद में जो इंटरेक्शन हो रहा था उसमें एक खातून खड़ी हुई जनवा से आई हुई थी और उसने कहा कि साहब हम यूरोप में रहते हैं हम रात को देखते हैं कि होटल में खाना खाने हम जाते हैं थोड़ी देर बाद एकदम शोर शराबा शुरू होता है एक लेडी आती है वो अपने कपड़े उतारना शुरू कर देती है कि हम क्रिश्चन है हमें भी बुरा लगता है लेकिन ये तो फ्रीडम ऑफ चॉइस है इसको क्या कहा जाए उसकी मर्जी अपनी मर्जी है तो मैंने उससे कहा मैंने

37:18 कहा देखिए फ्रीडम फ्रीडम ऑफ चॉइस अच्छी चीज कुरान में भी बहुत सारी फ्रीडम ऑफ च इस्लाम में भी और क्रिश्चियनिटी में भी मौजूद है लेकिन कौन सी फ्रीडम ऑफ च मैंने कहा मैं मिसाल देता हूं कि एक सुबह के नाश्ते की टेबल पर घर के सारे अफराद जमा है बच्चे भी मौजूद है औरत भी मौजूद है बुजुर्ग भी मौजूद है और वो जो है उनके उनके सामने चाय रखी है दूध रखा है कॉफी रखी है मैंगो जूस रखा है और चीज इस तरह की रखी है बात समझ में आती है फ्रीडम ऑफ चाय है लेकिन उ सी के बीच में चरस भी रखा है गांजा भी रखा है शराब भी रखी है वाइन भी रखी है क्या इसे आप फ्रीडम ऑफ चॉइस क फ्रीडम ऑफ चॉइस इस्लाम के अंदर सिर्फ फ्रीडम ऑफ गुड चॉइस है वी हैव टू गिव

38:05 फ्रीडम ऑफ गुड चॉइस ओनली नॉट अनहेल्दी चॉइस लेकिन आज की दुनिया ने अनहेल्दी चॉइस दुनिया को देकर तमाम दुनिया को बर्बादी की तरफ बर्बादी के कंगार प इस्लाम की खूबी ये है कि इस्लाम में एक बाकी जो पूरी दुनिया के आप कांस्टिट्यूशन उठा के देखिए फंडामेंटल राइट्स फंडामेंटल राइट्स के ऊपर बहुत जोर होगा कहीं कहीं किसी कांस्टिट्यूशन में में फंडामेंटल ड्यूटी का छोटा सा कहीं एक चैप्टर मिल जाएगा फंडामेंटल प्रोशन नाम की कोई चीज किसी दुनिया के कशन के अंदर नहीं लेकिन इस्लाम की खूबी य है इस्लाम गव थ्री डायमेंशन कान र फ्रीडम ऑ फ्रीडम ऑफ राइट फंडामेंटल राइट

38:51 फंडामेंटल ड्यूटी और फंडामेंटल प्रोब तीनों बराबर है र अल्ला ने य बताया कि क्या तुम्हारे हक है क्या तुम्हारे लिए हलाल है क्या तुम कर सकते हो अल्लाह ने ये भी बताया कि नहीं ये तुम्हारे ऊपर फर्ज है ये तुम्हें हर हाल में करना है अगर नहीं करोगे तो गुनाह में मुतला होगे और अल्लाह ने ये भी बताया कि ये चीज ऐसी है कि तुम्हें किसी हालत में करने की इजाजत नहीं है अगर करोगे तो तो गुनाहगार भी होंगे अगर इस्लामी कानून है तो तुम्हें सजा भी मिल सकती है वरना अल्लाह के यहां तो सजा मिलनी ही मिल मिलनी और उसकी वजह से जो बीमारियां जो बीमारिया पैदा होंगी उसके जिम्मेदार तुम खुद हो गए और यही एक बड़ा अजीब इत्तफाक है कि जब हजरत लूत की कौम को पूरी तरह तबाह बर्बाद किया गया और सबको पता है कि क्या वजू थी

39:36 इत्तफाक य भी देखिए जो मैं सरकमसीजन की बात कर रहा था तो उसी के फौरन बाद सरकम सजन को स्टार्ट किया गया हजरत इब्राहिम अल सलाम और हजरत इस्माइल अल सलाम की सरकमसीजन बिल्कुल उसके थोड़े दिन के बाद ही हुई जबक हजरत इब्राहिम की उम्र उस वत तकरीबन बाइबल के हिसाब से 99 साल थी और हजरत इस्माइल की उम्र तकरीबन 10 आठ या न साल से बाइबल में जो लिखा है तो अल्लाह ने जो पूरा निजाम तरतीब दिया वो पूरा निजाम ऐसा तरतीब दिया कि जिसका मकसद दुनिया के अंदर इंसान की सहद को मजबूत करना कवानी बिल्कुल मजबूत रहे दुनिया में क्राइम्स ना हो दुनिया में मर्डर ना हो रेप्स ना हो एक दूसरे के हुकूक की पामली नाना हो ऐसे कवानी बनाए और

40:22 ये कि अल्लाह के जो कवानी की अल्लाह की अल्लाह की वजह से अल्लाह कीता की वजह से जो उसको करते हैं उनको वादा किया कि तुम तुम्हारे मरने के बाद भी पूरी की पूरी जो है यहां प एक और दिलचस्प मुझे वाक मरने के ऊपर याद आया किक ये जो खासतौर पर जो अथी है कम्युनिस्ट है ये तो अल्लाह को मानते नहीं है और मुझसे एक जमाने में चक एक जमाने में अच्छा बड़ा हल्का हुआ करता था कि जो अल्हम्दुलिल्लाह तादाद बहुत कम हो गई है देयो का बड़ा हल्का था जो गॉड को नहीं मानता था एक मर्तबा एक साहब मुझसे कहने लगे डॉक्टर साहब हमें एक बात बताइए क्या सबूत है कि अल्ला है और क्या सबूत है कि मौत के बाद में दूसरी दूसरी लाइफ होगी

41:07 तो मैं ऐसे मुस्कुरा कर कहने लगा हा मैंने क मेरे पास में कोई टेलिस्कोप नहीं है जिसे मैं आपको बिठा कर दिखा देखो बैठ और जाहिर है आप मौत के बाद जिंदगी आगी व फ्यूचर है फ्यूचर को मैं दिखा नहीं सकता लेकिन मैं आपसे पलट कर एक सवाल करना चाहता हूं हा कीजिए मैंने कहा आपके पास में क्या सबू अल्लाह नहीं है और और मौत के बाद की जिंदगी नहीं है मैंने कहा आप कह सकते हैं कि बिल्कुल परफेक्टली ऐसा बिल्कुल नहीं हा यह बात भी सोचा उसने यह बात भी सही है बिल्कुल पक्का तो हम भी नहीं कह सकते खुदा का वजूद नहीं है या मौत के बाद जिंदगी नहीं होगी तो मैंने कहा देखिए ऐसा है मैं बड़ा प्रैक्टिकल आदमी प्रगमेटिक आदमी हूं मैं खतरा से नहीं खेलता देखि दुनिया में एक चीज पक्का है जिससे दुनिया का कोई

41:53 इंसान इंकार नहीं कर सकता व है मौत सब मानते अल्टीमेटली मरना है खुदा से इंकार करने वालों की बड़ी तादाद है लेकिन मौत से इंकार करने वालों की तादाद नहीं मिलेगी हर आदमी मानता है मरे तो मैंने कहा भाई मरेंगे आप भी मरूंगा मैं मरने के बाद अगर खुदा ना निकला अगर दूसरी जिंदगी ना आई तो बस आप भी वैसे ही मैं भी वैसा ही हम मिट्टी में जैसे आप मिलेंगे मैं भी मिल जाऊंगा बात खत्म लेकिन अगर कहीं खुदा निकल आया और दूसरी जिंदगी निकल आई तो आपका क्या होगा मैं तो अल्हम्दुलिल्लाह बच जाऊंगा तो भैया मैं इतना बड़ा रिस्क नहीं लेता मेरे पूरी तरीके से बात समझ में आती है कि अल्लाह के वजूद के बगैर कायनात का वजूद मुमकिन ही

42:38 नहीं वो य वो ये कहते हैं बहुत सारे सा साइंटिस्ट कहते हैं कि जो इंसान अल्टीमेटली दुनिया बंद गई है इट इज आउट ऑफ कोइंसिडेंसेस तो मैं एक जगह इसी तरह तकरीर कर रहा था तो इसी इसी तरह का हॉल था तो मैं उनसे कहने लगा कि मैंने कहा हां भाई हुआ ये था ये हॉल मैंने जब मालूम किया कि साहब ये हॉल कैसे बना तो मुझे मालूम हुआ कि अचानक सब कुछ भी नहीं था सब मिट्टी पड़ी थी चारों तरफ और फिर अचानक खुद ही खुद मिट्टी साफ होने लगी फिर खुद ही खुद पता नहीं कहां से कोई लाने वाला दिखाई भी नहीं दे रहा था ईट आने लगी फिर अचानक खुद ही खुद वो ईट फॉर्म लेने लगी कोई नहीं था मैं दूर दूर तक देख रहा था कोई नजर नहीं आ रहा था उसके बाद ईट खास तौर पर बनने लगी कमरे बनने लगे फिर भी

43:26 कोई नजर नहीं आ रहा कोई करने वाला नहीं था कोई दूर दूर तक भी फिर जो है छत बन गई और फिर य सा इतना बड़ा चीज बन गया लेकिन कोई दूर दूर मैंने कहाय अकल में समझ में आने वाली बात है क्या मैंने कहा अगर आज का उनको माने तो उनका यह है कि य सब मानते हैं जब कायनात बननी शुरू हुई तो सबसे पहले फिजिक्स और मैथमेटिक्स आया लेकिन अगर इनकी माने तो फिजिक्स मैथमेटिक्स आ गया लेकिन दुनिया में कोई दूर दूर तक ऐसा नहीं था जो फिजिक्स और मैथमेटिक्स को समझता जानता उस उस के बाद आहिस्ता आहिस्ता फिर केमिस्ट्री आ गई लेकिन कोई दूर दूर तक नहीं मौजूद था कि जो केमिस्ट्री जानता हो फिर आहिस्ता आहिस्ता बायोलॉजी आ गई कोई दूर दूर तक नहीं था जो बायोलॉजी समझता हो फिर आखिर में इंसान आ गया इंसान किस तरह पैदा होगा आप जरा सा गौर करिए अगर इंसान

44:12 की पैदाइश ही कितना मर्द और औरत का ताल्लुक से किस तरह चीजें बढ़ती है कुरान ने पूरा एलॉजी बयान की है सब खुद हो गया इससे ज्यादा अकाना बेवकूफी का तसव्वुर कुछ हो नहीं सकता लेकिन बस उनके हाथ में पावर है उनके हाथ में टेक्नोलॉजी है तो बस वो दुनिया को बेवकूफ बनाने की कोशिश कर रहे हैं और दुनिया बेवकूफ बन रही है लेकिन अल्हम्दुलिल्लाह वक्त बदल रहा है आज दुनिया में पिछले कम से खास तौर पर 1970 के बाद में देह नियों की तादाद उतनी नहीं है जितनी पहले थी आज अल्हम्दुलिल्लाह मुसलमानों में भी इस्लाम की तरफ रुहान बढ़ रहा है मुसलमान इस्लाम की तरफ वापस आ रहे हैं ठीक है बहुत सारी अी अंदर हमारे अंदर कमिया मौजूद है लेकिन पहले से बहुत निजाम के अंदर बहुत तब्दीली आ रही है अब कहीं

44:58 ज्यादा नौजवान मस्जिदों में देखा जा सकता है कहीं ज्यादा नौजवान रोजा रखते हुए देखा जा सकता है और इंशाल्लाह एक के बाद एक बेहतरी आएगी अब मैं आता हूं थोड़ा सा अपनी किताब के सिलसिले में आपसे बयान करना चाहता हूं कि जो मेरी अभी हालिया किताब आई है सिस्टेट स्टडी ऑफ द होली कुरान उसको हमने एक सिस्टमिक वे में मुनम तरीके से कुरान को समझने की और समझाने की कोशिश की है कि कुरान के जो मजमीन है कुरान के जो एह कामात है उन की बर समझा जाए तो उसमें पांच बड़े बड़े पार्ट है फर्स्ट पार्ट है फेथ यानी ई मानिया उसमें सबसे पहले कुरान सबसे पहले अल्लाह अल्लाह के ऊपर ईमान तो अल्लाह के ऊपर एक इस्लाम में अल्लाह का तसर क्या है गड का तसर क्या है उसके ऊपर एक तीन चार सफ

45:49 [संगीत]

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