संक्षिप्त सारांश
यह वीडियो उन छात्रों के लिए है जो जनवरी के प्रयास में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और अप्रैल के प्रयास में मजबूत वापसी करना चाहते हैं। मनोज चौहान सर 12 घंटे की दैनिक दिनचर्या का पालन करने के महत्व पर जोर देते हैं, जिसमें सुबह अवधारणाओं पर ध्यान केंद्रित करना, फिर अभ्यास और गति निर्माण, मस्तिष्क को रिचार्ज करना, दबाव में प्रशिक्षण और गहन विश्लेषण शामिल है। वीडियो में संसाधनों को बदलने, कमजोर विषयों की उपेक्षा करने और दूसरों के साथ तुलना करने से बचने की सलाह दी गई है। निरंतरता और आत्म-सुधार पर ध्यान केंद्रित करके, छात्र अप्रैल के प्रयास में अपने स्कोर में काफी सुधार कर सकते हैं।
- 12 घंटे की दैनिक दिनचर्या का पालन करें।
- अवधारणाओं, अभ्यास और गति निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें।
- संसाधनों को बदलने, कमजोर विषयों की उपेक्षा करने और दूसरों के साथ तुलना करने से बचें।
- निरंतरता और आत्म-सुधार पर ध्यान केंद्रित करें।
यह वीडियो उन छात्रों के लिए है जिनका जनवरी का प्रयास अच्छा नहीं रहा और वे अप्रैल में मजबूत वापसी करना चाहते हैं। हर साल, कई छात्र जनवरी में औसत स्कोर करते हैं, लेकिन अप्रैल तक अपने स्कोर में काफी सुधार करते हैं। यह किसी जादू या भाग्य से नहीं होता है, बल्कि 12 घंटे की लगातार पढ़ाई से होता है। समस्या यह नहीं है कि आप स्मार्ट नहीं हैं, बल्कि यह है कि आप अनियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हैं। यदि आपकी परीक्षा की तैयारी अनियमित है, तो परिणाम भी अनियमित होंगे। अप्रैल के प्रयास में आप अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, लेकिन आपको मूड और प्रेरणा के बजाय एक निश्चित दिनचर्या और रणनीति के साथ पढ़ाई करनी होगी। इस वीडियो में, आपको 12 घंटे की दिनचर्या बताई जाएगी जिसका पालन करके आप अप्रैल के प्रयास में गेम चेंजर बन सकते हैं।
सुबह का समय सबसे शक्तिशाली होता है क्योंकि दिमाग तरोताजा होता है और ध्यान स्वाभाविक रूप से बेहतर होता है। सुबह के समय अपने सबसे कठिन विषय को पढ़ें। यदि गणित कठिन लगता है, तो गणित पढ़ें। यदि भौतिकी में रोटेशन कठिन लगता है, तो रोटेशन पढ़ें। रसायन विज्ञान में, भौतिक रसायन विज्ञान के संख्यात्मक प्रश्न या कार्बनिक रसायन विज्ञान में भ्रमित करने वाली प्रतिक्रिया तंत्र पढ़ें। भारी और लंबे व्याख्यान न देखें, लेकिन यदि अवधारणा में समस्या हो रही है तो एक छोटा व्याख्यान देख सकते हैं। फिर महत्वपूर्ण सूत्रों को याद करें और अभ्यास समस्याएं या पीवाईक्यू हल करें। आपका लक्ष्य हर दिन कम से कम एक कमजोर विषय को मजबूत में बदलना होना चाहिए। दिन की शुरुआत में ही किसी कठिन विषय पर जीत हासिल करने से जो आत्मविश्वास आता है, वह अलग ही स्तर का होता है। इस अध्ययन ब्लॉक के बाद, अपने दिमाग को थोड़ा आराम दें, नाश्ता करें और खुद को मानसिक रूप से तरोताजा होने दें।
अब जब आपके दिमाग में अवधारणाएं थोड़ी ताज़ा हो गई हैं, तो अब उन्हें लागू करने का समय आ गया है। इस ब्लॉक में आपको मिश्रित अभ्यास करना है, जैसे भौतिकी या भौतिक रसायन विज्ञान के संख्यात्मक प्रश्न हल करना। साथ ही, गणित के बहुत गणना-भारी प्रश्नों को भी हल करने का प्रयास करें ताकि आपके दिमाग को अलग-अलग प्रकार के प्रश्नों को हल करने की आदत हो जाए। इस समय स्लॉट के अंदर अभ्यास बिना टाइमर के नहीं करना है। हमेशा टाइमर को चालू करके ही अभ्यास करना है क्योंकि परीक्षा के अंदर गति और दबाव दोनों की ट्रेनिंग आवश्यक है। हर अभ्यास सत्र के बाद, केवल उत्तर कुंजी देखकर आगे नहीं बढ़ना है। अपनी गलतियों को स्पष्ट रूप से पहचानें कि आप कहां सूत्र भूल गए, कहां आपने कोई मूर्खतापूर्ण गलती कर दी, कहां कोई गणना फिसल गई या कहां आपने कोई प्रश्न को गलत ही समझ लिया। इस ब्लॉक के खत्म होने पर आप अपना दोपहर का भोजन कर सकते हैं, लेकिन उस समय फोन स्क्रॉल नहीं करना है। उसकी बजाय आप थोड़ा आराम कर सकते हैं, थोड़ी सी ताज़ी हवा बाहर जाकर के ले सकते हैं ताकि अगले स्लॉट के लिए आपका दिमाग तैयार हो जाए।
यह दिन का वह समय है जब आपकी बॉडी और माइंड दोनों थोड़े धीमे हो जाते हैं। इसलिए इस समय स्लॉट के अंदर भारी समस्या हल करना सही विकल्प नहीं है। इस स्लॉट में आपका मुख्य काम यह रहेगा कि सुबह और अभ्यास सत्र के अंदर आपने जो पढ़ाई करी उसे हल्का-हल्का लाइट मोड में रिवाइज करो ताकि तुम्हारे ब्रेन पर बहुत ज्यादा प्रेशर भी ना पड़े और तुम्हें फार्मूलेज़ और इंपॉर्टेंट चीजें इंपॉर्टेंट कैलकुलेशंस याद रहें। इस समय पर आप लोग फार्मूला शीट्स देख सकते हैं, ऑर्गेनिक के नेम रिएक्शंस याद कर सकते हैं, इनऑर्गेनिक के कुछ ट्रेंड्स और ट्रिक्स याद कर सकते हैं और मैथ्स के कुछ रिपीटेड कैलकुलेशंस और ट्रिक्स पर नजर मार लो। यह वाला स्लॉट आपकी नॉलेज को पॉलिश करने के काम आता है। इसके अंदर हम जो चीजें अक्सर भूल जाते हैं या सिली मिस्टेक कर देते हैं, उनके चांसेस हम काफी रिड्यूस करते हैं। इस ब्लॉक के बाद आप चाहो तो 20-30 मिनट का पावर नैप ले सकते हो ताकि आपकी बॉडी एनर्जी हो जाए नेक्स्ट स्लॉट के लिए।
अब आता है रियल परफॉर्मेंस ब्लॉक क्योंकि एग्जाम के दिन जो होगा उसकी प्रैक्टिस यहां पर करेंगे। इसीलिए यहां पर आपको एक फुल लेंथ मॉक टेस्ट या एक सेक्शन का टेस्ट जरूर देना है। इस टाइम पर आपके लिए बहुत जरूरी है एग्जामिनेशन जैसा एनवायरमेंट अपने घर पर क्रिएट करना और उस माहौल में एग्जामिनेशन की रियल फील लेना। बहुत ज्यादा जरूरत होती है तुम्हारी बॉडी और दिमाग को एहसास दिलाने की कि रियल एग्जाम का एनवायरमेंट कैसा होता है। यहीं से आपको क्लियर कट पता चलता है कि कौन सा सेक्शन ऐसा है जिसमें आपको ज्यादा टाइम लग रहा है, किस सेक्शन के अंदर पैनिक हो रहा है और कौन सा ऐसा सेक्शन है जिसके अंदर अनकंट्रोलेबल सिली मिस्टेक्स हो रही हैं। ये सब बातें दुनिया की किसी किताब के अंदर तुम्हें लिखी हुई नहीं मिलेंगी। ये सब बातें तुम्हें खुद जाननी पड़ती हैं अपने बारे में 3 घंटे मॉक टेस्ट देकर के। इस ब्लॉक का पर्पस केवल आपके मार्क्स कैलकुलेट करना नहीं है बल्कि प्रेशर एनवायरमेंट में आप बड़े कंफर्टेबल हो और आपकी पेपर अटेम्प्ट करने की स्ट्रेटजी दिन-बदिन बेहतर होती जाए।
मॉक टेस्ट देने से ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है उसका प्रॉपर एनालिसिस करना। इस टाइम पर आपको शांति से ऑनेस्टली अपने साथ बैठ करके देखना है कि मिस्टेक्स कहां हो रही हैं। हो सकता है फिजिक्स का तुम्हें फार्मूला या कांसेप्ट आता हो पर टाइम मैनेज नहीं हो पा रहा है। केमिस्ट्री में हो सकता है कि तुम्हें थ्योरी पता हो पर ऑप्शन देख कर के तुम थोड़ा कंफ्यूज हो गए हो। मैथ्स में शायद स्पीड प्रॉब्लम बन रही हो या हो सकता है आपके कुछ चैप्टर्स कंप्लीट ना हो। कहीं फॉर्मूले याद नहीं आते और कहीं प्रेशर में सिली मिस्टेक हो जाती है। साथ की साथ आपको यह समझना भी जरूरी है कि आपके लिए कौन सी सिचुएशन बेस्ट वर्क करती है। कौन सा सेक्शन पहले अटेम्प्ट करना ठीक रहता है। अब इस एनालिसिस के बेसिस पर तुम्हें बनाना है अपने अगले दिन का टाइम टेबल। जो प्रॉब्लम आपने आज पकड़ी है उसको कल तक फिक्स कर देना है। यही आपका कल का टारगेट होना चाहिए। इस ब्लॉक के बाद आप डिनर स्टार्ट कर सकते हैं और फैमिली से थोड़ी बातचीत करो।
सोने से जस्ट पहले का टाइम हमारी मेमोरी के लिए मोस्ट पावरफुल होता है। इसीलिए इस ब्लॉक के अंदर हैवी प्रॉब्लम सॉल्विंग की बजाय रिवीजन पर ध्यान देना है। फिजिक्स के फार्मूले, केमिस्ट्री के रिएक्शंस और मैथ्स के स्टेप्स अपने दिमाग में रिकॉल करो और इसके लिए आपको किताब खोलने की जरूरत नहीं है। खुद से सवाल करो। ये फार्मूला कैसे आया? इस फार्मूले को किस-किस टाइप के क्वेश्चंस पे हमने अप्लाई किया? यह रिएक्शंस के बाद अगला स्टेप क्या होगा? या इस टाइप के क्वेश्चंस के अंदर पहला स्टेप क्या होता है? जब आप इस तरह से चीजों को याद करते हो तो ब्रेन को सिग्नल मिलता है कि यह चीजें इंपॉर्टेंट है और इससे आपकी मेमोरी स्ट्रांग होती है। इस टाइम स्लॉट के अंदर प्रेशर मत लो। बिल्कुल काम रिवाइज करो और फुल कॉन्फिडेंस के साथ अपना डे एंड करो। फिर तुम जल्दी से सो जाओ ताकि तुम्हारी अगले दिन सुबह टाइम पर नींद खुले ताकि नेक्स्ट दिन तुम्हारा दिमाग फ्रेश रहे और फोकस अच्छा मिले। प्रॉपर स्लीप का मतलब है बेटर कंसंट्रेशन और बेटर कंसंट्रेशन का मतलब है बेटर परफॉर्मेंस।
सबसे बड़ी गलती होती है रिसोर्स हॉपिंग। रोज आप चेंज कर रहे हैं अपने टीचर, अपनी पीडीएफ, अपनी स्ट्रेटजी को। इससे पढ़ाई बिल्कुल क्लियर नहीं होती बल्कि कन्फ्यूजन और ज्यादा क्रिएट होता है। सच यह एक ही रिसोर्स को बार-बार अपन रिवाइज करते हैं तो उससे आती है। दूसरी गलती एस्पिरेंट्स यह करते हैं कि अपने स्ट्रांग सब्जेक्ट्स को ही ज्यादा से ज्यादा पढ़ते हैं और अपनी वीकनेस को इग्नोर करते ही रहते हैं और एग्जाम में वही वीक सब्जेक्ट आपकी रैंक को खत्म कर देता है। इसीलिए मैं अपने स्टूडेंट्स को हमेशा कहता हूं कि सबसे पहले होमवर्क करो तो अपने वीकेस्ट सब्जेक्ट का। चाहे वो फिजिक्स हो, चाहे केमिस्ट्री, चाहे मैथ्स। और तीसरी सबसे बड़ी गलती होती है कंपैरिजन करना। आप अपने दोस्तों के मार्क्स और परसेंटाइल देख के खुद के कॉन्फिडेंस को तोड़ रहे हो। आपका असली कंपटीशन सिर्फ अपने आप से किसी और से नहीं। आप अपने कल वाले वर्जन से थोड़ा सा बेटर हो जाओ। यही आपका गोल होना चाहिए।
अगर आप अगले 60 डेज इस 12 घंटे का डेली रूटीन फॉलो कर लेते हो तो अप्रैल अटेम्प्ट के अंदर आप अपना बेस्ट स्कोर निकाल लोगे। फोन का यूज आप केवल तभी करें जब आपको कोई अर्जेंट काम हो। इसके अलावा पढ़ाई के टाइम पर फोन को दूर ही रखना या स्विच ऑफ ही कर देना। क्योंकि सच बोलूं तो आज के जमाने के स्टूडेंट का सबसे बड़ा दुश्मन उसके हाथ में उसका फोन ही है। एक छोटा सा WhatsApp नोटिफिकेशन भी आपका पूरा फोकस लेय ताल बिगाड़ देता है। और याद रखो कमबैक मोटिवेशन से नहीं आता। रोज की कंसिस्टेंट मेहनत से आएगा। आप जनवरी अटेम्प्ट को अपना ट्रेनिंग मैथ्स समझो। फाइनल अभी बाकी है और अप्रैल में आप एक शानदार कमबैक कर सकते हो।
Summarize any YouTube video in seconds
Get summaries like this one for any video, in your language, with the free Summ app.
Transcript
YouTube Transcript Generator
0:00 यह सब बातें दुनिया की किसी किताब के अंदर तुम्हें लिखी हुई नहीं मिलेंगी। यह सब बातें तुम्हें खुद जाननी पड़ती है। जब आप इस तरह से चीजों को याद करते हो तो ब्रेन को सिग्नल मिलता है कि ये चीजें इंपॉर्टेंट है और याद रखो कमबैक मोटिवेशन से नहीं आता। रोज की कंसिस्टेंट मेहनत से आएगा। क्या आपका भी जनवरी अटेम्प्ट वेस्ट हो गया है? क्या आप इस बार भी अपना बेस्ट अटेम्प्ट नहीं दे पाए? और अप्रैल में पूरा प्लान है कि इस बार एक स्ट्रांग कमबैक होगा? तो यह वीडियो दोस्तों मैंने सिर्फ आप लोगों के लिए बनाया है। देखो हर साल जनवरी शिफ्ट के अंदर हजारों ऐसे बच्चे होते हैं जो जनवरी शिफ्ट में एवरेज स्कोर ही ला पाते हैं। पर अप्रैल अटेम्प्ट तक अपना स्कोर 10x [संगीत] टाइम्स इंप्रूव कर लेते हैं। ना तो यहां पर कोई काला जादू काम करता है ना ही यहां पर कोई लेडी लक।
0:46 यह सिर्फ और सिर्फ एक चीज की बदौलत होता है। वो है तुम्हारी 12 घंटे तक लगातार प्रॉपर रूटीन के साथ पढ़ाई। आपकी प्रॉब्लम यह नहीं है कि आप स्मार्ट नहीं हो। आपकी प्रॉब्लम यह है कि आप रैंडमली पढ़ाई कर रहे हो। कभी मोटिवेशन [संगीत] में आकर के बहुत ज्यादा पढ़ाई कर लिया और कभी बिल्कुल नहीं। और मेरे भाई जब एग्जाम प्रिपरेशन का रूटीन आपका रैंडम होगा तो रिजल्ट भी रैंडम ही आएगा। अच्छी और खुशी की बात तुम्हारे लिए यह है कि अप्रैल अटेम्प्ट के अंदर तुम एक अच्छा स्ट्रांग कमबैक कर सकते हो। पर अब तुम्हें पढ़ाई मूड और मोटिवेशन के भरोसे नहीं बल्कि एक फिक्स्ड 12 घंटे का रूटीन और प्रॉपर स्ट्रेटजी के साथ करनी पड़ेगी। इसीलिए मैं तुमको इस वीडियो के अंदर 12 घंटे का तुम्हारा एग्जैक्टली रूटीन क्या होगा वह बताऊंगा और अगर आपने मेरे बताए हुए रूटीन को प्रॉपर्ली फॉलो कर
1:33 लिया तो गारंटी है कि अप्रैल अटेम्प्ट आपके लिए एक गेम चेंजर बन जाएगा और आप अपने जनवरी अटेम्प्ट से कहीं ज्यादा बेहतर परफॉर्म करोगे तो इस वीडियो को लास्ट तक जरूर देखना। चलो स्टार्ट करते हैं। लेकिन स्टार्ट करने से पहले सभी लोग जाकर के कमेंट सेक्शन में लिखो कम बैक ताकि तुम अपने दिमाग को क्लियर सिग्नल दे दो कि हां इस बार फाइट पूरी होगी। बर्नआउट इज नॉट अ स्ट्रेटजी। अब सबसे पहले यह क्लियर कर लो कि आपको अप्रैल अटेम्प्ट के लिए 16 से 18 घंटे तक पढ़ने की जरूरत नहीं है। क्योंकि अगर आपने अपने आप को इस हद तक पुश किया तो कुछ एक दिन में ही एग्जॉस्ट हो जाओगे। फोकस गिर जाएगा और तुम्हारा रूटीन ताश के पत्तों की तरह बिखर जाएगा। इस फेस के अंदर तुम्हारे लिए सबसे डेंजरस चीज होगी तुम्हारा बर्नआउट। इसीलिए मैं आपको बताऊंगा एक 12 घंटे का ऐसा रूटीन जिसमें
2:19 आप मैक्सिमम आउटपुट निकाल पाओ। इससे ना सिर्फ तुम्हारे मार्क्स बढ़ेंगे बल्कि कॉन्फिडेंस भी बूस्ट होगा और वही कॉन्फिडेंस एग्जाम से पहले सबसे जरूरी होता है। तो चलो देखते हैं दिन का पहला और सबसे पावरफुल कमबैक ब्लॉक वन मॉर्निंग कांसेप्ट अटैक 6 am टू 9 am सुबह का टाइम सच में सबसे ज्यादा पावरफुल होता है क्योंकि इस वक्त दिमाग फ्रेश होता है और फोकस नेचुरली बेटर होता है। इसीलिए मैं हमेशा अपने बच्चों को कहता हूं कि सुबह का टाइम अपने सबसे टफेस्ट सब्जेक्ट को दो। अगर मैथ्स टफ लगती है तो मैथ्स पढ़ो। अगर फिजिक्स में रोटेशन टफ लगती है तो रोटेशन पढ़ो। केमिस्ट्री के अंदर फिजिकल के न्यूमेरिकल्स या ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के अंदर कंफ्यूज करने वाले रिएक्शन मैकेनिज्म जो भी तुम्हें टफ लगता है या डिफिकल्ट लगता है उसे सुबह के टाइम पर पढ़ो। इस
3:04 टाइम पर यह भी ध्यान रखना कि हैवी और लॉन्ग लेक्चर्स नहीं देखने हैं। लेकिन हां अगर कांसेप्ट के अंदर प्रॉब्लम हो रही है तो वन शॉर्ट लेक्चर देख सकते हो। फिर इसके बाद इंपॉर्टेंट फार्मूलेज़ याद करो और प्रैक्टिस प्रॉब्लम या पीवाईक्यूस लगाओ। आपका गोल सिंपल होना चाहिए कि हर दिन अपने को कम से कम एक वीक टॉपिक को स्ट्रांग में कन्वर्ट करना है। जब दिन के शुरुआत में ही किसी टफ टॉपिक पर हमने जीत हासिल कर ली हो तो उससे जो कॉन्फिडेंस आता है वो अलग लेवल का होता है। इस स्टडी ब्लॉक के बाद आप अपने माइंड को थोड़ा सा रेस्ट दीजिए। ब्रेकफास्ट कर लीजिए और खुद को मेंटली फ्रेश होने दो। सेकंड ब्लॉक प्रैक्टिस एंड स्पीड बिल्डिंग। यह करना है आपको सुबह 9:30 बजे से 12:30 तक। अब जब आपके दिमाग में कॉन्सेप्ट थोड़े से फ्रेश हो गए हैं तो अब टाइम आ गया है उनको अप्लाई करना। इस ब्लॉक में आपको मिक्स प्रैक्टिस करनी है।
3:50 जैसे फिजिक्स या फिजिकल केमिस्ट्री के न्यूमेरिकल्स कर सकते हो। साथ में मैथ्स के बहुत कैलकुलेशन हैवी क्वेश्चंस भी ट्राई कर सकते हो ताकि तुम्हारे दिमाग को आदत हो जाए अलग-अलग टाइप के क्वेश्चंस करने की। इस टाइम स्लॉट के अंदर प्रैक्टिस बिना टाइमर के नहीं करनी है। हमेशा टाइमर को ऑन करके ही प्रैक्टिस करना है। क्योंकि एग्जाम के अंदर स्पीड और प्रेशर दोनों की ट्रेनिंग आपकी रिक्वायर्ड है। हर प्रैक्टिस सेशन के बाद केवल आंसर की देख के आगे नहीं बढ़ना है। अपनी मिस्टेक्स [संगीत] को क्लियरली आइडेंटिफाई करो कि कहां पर तुम फार्मूला भूल गए। कहां पर तुमने कोई सिली मिस्टेक कर दी है। कहां पर कोई कैलकुलेशन स्लिप हो गया या कहां पर तुमने कोई क्वेश्चन को गलत ही समझ लिया। इस ब्लॉग के फिनिश होने पर आप अपना लंच कर सकते हैं। लेकिन उस टाइम पर ध्यान रखना फोन स्क्रॉल नहीं करना है। उसकी बजाय तुम थोड़ा सा रेस्ट कर सकते हो। थोड़ी सी
4:35 फ्रेश हवा बाहर जाकर के ले सकते हो ताकि नेक्स्ट स्लॉट के लिए तुम्हारा दिमाग रेडी हो जाए। फ्रेश रहे। अब चलते हैं अपने तीसरे ब्लॉग पर। पर उससे पहले अगर आप अपने ड्रीम कॉलेज के अंदर जाना चाहते हैं तो इस YouTube चैनल को अभी सब्सक्राइब कर लो क्योंकि मैं यहां पर आपके लिए ऐसी ही बहुत सारी यूज़फुल वीडियोस लेकर के आता रहता हूं। ब्लॉक नंबर थ्री, ब्रेन रिचार्ज एंड मेमोरी बूस्ट 1:00 पी.m. टू 2:30 पी.m. यह दिन का वो टाइम है जिस समय पर आपकी बॉडी और माइंड दोनों थोड़ा सा स्लो हो जाते हैं। इसीलिए इस टाइम स्लॉट के अंदर हैवी प्रॉब्लम सॉल्व करना सही चॉइस नहीं है। इस स्लॉट में आपका मेन काम यह रहेगा कि सुबह और प्रैक्टिस सेशन के अंदर आपने जो पढ़ाई करी उसे हल्का-हल्का लाइट मोड में रिवाइज करो ताकि तुम्हारे ब्रेन पर बहुत ज्यादा
5:20 प्रेशर भी ना पड़े और तुम्हें फार्मूलेज़ और इंपॉर्टेंट चीजें इंपॉर्टेंट कैलकुलेशंस याद रहें। इस टाइम पर आप लोग फार्मूला शीट्स देख सकते हैं। ऑर्गेनिक के नेम रिएक्शंस याद कर सकते हैं। इनऑर्गेनिक के कुछ ट्रेंड्स और ट्रिक्स याद कर सकते हैं। और मैथ्स के कुछ रिपीटेड कैलकुलेशंस और ट्रिक्स पर नजर मार लो। यह वाला स्लॉट आपकी नॉलेज को पॉलिश करने के काम आता है। इसके अंदर हम जो चीजें अक्सर भूल जाते हैं या सिली मिस्टेक कर देते हैं, उनके चांसेस हम काफी रिड्यूस करते हैं। इस ब्लॉक के बाद आप चाहो [संगीत] तो 20-30 मिनट का पावर नैप ले सकते हो ताकि आपकी बॉडी एनर्जी हो जाए नेक्स्ट स्लॉट के लिए। ब्लॉक नंबर फोर प्रेशर ट्रेनिंग ज़ोन 3:00 पी.m. टू 5 पी.m. अब आता है रियल परफॉर्मेंस ब्लॉक। क्योंकि एग्जाम के दिन जो होगा उसकी प्रैक्टिस यहां पर करेंगे। इसीलिए यहां पर आपको एक फुल लेंथ मॉक
6:05 टेस्ट या एक सेक्शन का टेस्ट जरूर देना है। इस टाइम पर आपके लिए बहुत जरूरी है एग्जामिनेशन जैसा एनवायरमेंट अपने घर पर क्रिएट करना और उस माहौल में एग्जामिनेशन की रियल फील लेना। बहुत ज्यादा जरूरत होती है तुम्हारी बॉडी और दिमाग को एहसास दिलाने की कि रियल एग्जाम का एनवायरमेंट कैसा होता है। यहीं से आपको क्लियर कट पता चलता है कि कौन सा सेक्शन ऐसा है जिसमें आपको ज्यादा टाइम लग रहा है। किस सेक्शन के अंदर पैनिकिक हो रहा है और कौन सा ऐसा सेक्शन है जिसके अंदर अनकंट्रोलेबल सिली मिस्टेक्स हो रही हैं। ये सब बातें दुनिया की किसी किताब के अंदर तुम्हें लिखी हुई नहीं मिलेंगी। ये सब बातें तुम्हें खुद जाननी पड़ती हैं अपने बारे में 3 घंटे मॉक टेस्ट देकर के। इस ब्लॉक का पर्पस केवल आपके मार्क्स कैलकुलेट करना नहीं है बल्कि प्रेशर एनवायरमेंट में आप बड़े कंफर्टेबल
6:51 हो और आपकी पेपर अटेम्प्ट करने की स्ट्रेटजी [संगीत] दिन-बदिन बेहतर होती जाए। ब्लॉक नंबर फाइव डीप एनालिसिस ज़ोन। यह है शाम को 5:30 से 6:30 के बीच का वक्त। देखो मैंने हर बार कहा है मॉक टेस्ट देने से ज्यादा इंपॉर्टेंट होता है उसका प्रॉपर एनालिसिस करना। इस टाइम पर आपको शांति से ऑनेस्टली अपने साथ बैठ करके देखना है कि मिस्टेक्स कहां हो रही हैं। हो सकता है फिजिक्स का तुम्हें फार्मूला या कांसेप्ट आता हो पर टाइम मैनेज नहीं हो पा रहा है। केमिस्ट्री में हो सकता है कि तुम्हें थ्योरी पता हो पर ऑप्शन देख कर के तुम थोड़ा कंफ्यूज हो गए हो। मैथ्स में शायद स्पीड प्रॉब्लम बन रही हो या हो सकता है आपके कुछ चैप्टर्स कंप्लीट ना हो। कहीं फॉर्मूले याद नहीं आते और कहीं प्रेशर में सिली मिस्टेक हो जाती है। साथ की साथ आपको यह समझना भी जरूरी है कि आपके लिए कौन सी सिचुएशन
7:36 बेस्ट वर्क करती है। कौन सा सेक्शन पहले अटेम्प्ट करना ठीक रहता है। अब इस एनालिसिस के बेसिस पर तुम्हें बनाना है अपने अगले दिन का टाइम टेबल। जो प्रॉब्लम आपने आज पकड़ी है उसको कल तक फिक्स कर देना है। यही आपका कल का टारगेट होना चाहिए। इस ब्लॉक के बाद आप डिनर स्टार्ट कर सकते हैं और फैमिली से थोड़ी बातचीत करो। ब्लॉक नंबर सिक्स मेमोरी लॉक सेशन 9 टू 10:30 PM सोने से जस्ट पहले का टाइम हमारी मेमोरी [संगीत] के लिए मोस्ट पावरफुल होता है। इसीलिए इस ब्लॉक के अंदर हैवी प्रॉब्लम सॉल्विंग की बजाय रिवीजन पर ध्यान देना है। फिजिक्स के फार्मूले, केमिस्ट्री [संगीत] के रिएक्शंस और मैथ्स के स्टेप्स अपने दिमाग में रिकॉल करो और इसके लिए आपको किताब खोलने की जरूरत नहीं है। खुद से सवाल करो। ये फार्मूला कैसे आया? इस फार्मूले को किस-किस टाइप के क्वेश्चंस पे हमने अप्लाई किया? यह
8:22 रिएक्शंस के बाद अगला स्टेप क्या होगा? या इस टाइप के क्वेश्चंस के अंदर पहला स्टेप क्या होता है? जब आप इस तरह से चीजों को याद करते हो तो ब्रेन को सिग्नल मिलता है कि यह चीजें इंपॉर्टेंट है और इससे आपकी मेमोरी स्ट्रांग होती है। इस टाइम स्लॉट के अंदर प्रेशर मत लो। बिल्कुल काम रिवाइज करो और फुल कॉन्फिडेंस के साथ अपना डे एंड करो। फिर तुम जल्दी से सो जाओ ताकि तुम्हारी अगले दिन सुबह टाइम पर नींद खुले ताकि नेक्स्ट दिन तुम्हारा दिमाग फ्रेश रहे और फोकस अच्छा मिले। याद रखो प्रॉपर स्लीप का मतलब है बेटर कंसंट्रेशन और बेटर कंसंट्रेशन का मतलब है बेटर परफॉर्मेंस। अब बात करते हैं उन तीन बड़ी मिस्टेक्स की जो आपके रूटीन फॉलो करने के बाद भी आपकी रैंक को गिरा सकते हैं। सबसे बड़ी गलती होती है रिसोर्स हॉपिंग। रोज आप चेंज कर रहे हैं अपने टीचर, अपनी पीडीएफ, अपनी
9:08 स्ट्रेटजी को। इससे पढ़ाई बिल्कुल क्लियर नहीं होती बल्कि कन्फ्यूजन और ज्यादा क्रिएट होता है। सच यह एक ही रिसोर्स को बार-बार अपन रिवाइज करते हैं तो उससे आती है। दूसरी गलती एस्पिरेंट्स यह करते हैं कि अपने स्ट्रांग सब्जेक्ट्स को ही ज्यादा से ज्यादा पढ़ते हैं और अपनी वीकनेस को इग्नोर करते ही रहते हैं और एग्जाम में वही वीक सब्जेक्ट आपकी रैंक को खत्म कर देता है। इसीलिए मैं अपने स्टूडेंट्स को हमेशा कहता हूं कि सबसे पहले होमवर्क करो तो अपने वीकेस्ट सब्जेक्ट का। चाहे [संगीत] वो फिजिक्स हो, चाहे केमिस्ट्री, चाहे मैथ्स। और तीसरी सबसे बड़ी गलती होती है कंपैरिजन करना। आप अपने दोस्तों के मार्क्स और परसेंटाइल देख के खुद के कॉन्फिडेंस को तोड़ रहे हो। याद रखो आपका असली कंपटीशन सिर्फ अपने आप से किसी और से नहीं। आप अपने कल वाले वर्जन से थोड़ा सा बेटर हो जाओ। यही आपका गोल होना चाहिए। तो
9:54 बच्चों अगर आप अगले 60 डेज इस 12 घंटे का डेली रूटीन फॉलो कर लेते हो तो अप्रैल अटेम्प्ट के अंदर आप अपना बेस्ट स्कोर निकाल लोगे। फोन का यूज आप केवल तभी करें जब आपको कोई अर्जेंट काम हो। इसके अलावा पढ़ाई के टाइम पर फोन को दूर ही रखना या स्विच ऑफ ही कर देना। क्योंकि सच बोलूं तो आज के जमाने के स्टूडेंट का सबसे बड़ा दुश्मन उसके हाथ में उसका फोन ही है। एक छोटा सा WhatsApp नोटिफिकेशन भी आपका पूरा फोकस लेय ताल बिगाड़ देता है। और याद रखो कमबैक मोटिवेशन से नहीं आता। रोज की कंसिस्टेंट मेहनत से आएगा। आप जनवरी अटेम्प्ट को अपना ट्रेनिंग मैथ्स समझो। फाइनल अभी बाकी है और अप्रैल में आप एक शानदार कमबैक कर सकते हो। अगर यह वीडियो आपको हेल्पफुल लगे तो लाइक और शेयर करना मत भूलना और चैनल को सब्सक्राइब कर लो।
10:40 मिलते हैं नेक्स्ट वीडियो के अंदर।