Secrets of AIR 1 from Lower batch | Mohit Ryan Sir

JEE Nexus by Unacademy www.youtube.com

संक्षिप्त सारांश

यह वीडियो JEE परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए डुंगरा राम चौधरी की रणनीति पर आधारित है, जिन्होंने हिंदी माध्यम से होते हुए भी टॉप किया। इसमें मेमोरी मास्टरी, अंतिम 100 दिनों में प्रभावी तैयारी, "कुछ भी खोने को नहीं" का दृष्टिकोण, दो मजबूत विषयों पर ध्यान केंद्रित करना और टेस्ट पेपर कौशल जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर प्रकाश डाला गया है।

  • मेमोरी मास्टरी के लिए लगातार अभ्यास और इंटेंशनल लर्निंग पर जोर दें।
  • अंतिम 100 दिनों में पूरी तरह से समर्पित रहें और गलतियों से सीखें।
  • बिना किसी डर के परीक्षा दें और दबाव में न आएं।
  • दो विषयों को मजबूत करके आत्मविश्वास बढ़ाएं और फिर तीसरे पर ध्यान दें।
  • टेस्ट पेपर कौशल को सुधारने के लिए समय प्रबंधन और प्रश्नों का सही चयन करें।

परिचय

यह वीडियो 2002 की एक घटना के बारे में बताता है जब बंसल क्लासेज के एक हिंदी माध्यम के छात्र डुंगरा राम चौधरी ने बिना किसी पूर्व सूचना के ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की। वीके बंसल सर के साथ हुई चर्चाओं के आधार पर, इस वीडियो में पांच रणनीतियों पर प्रकाश डाला गया है जिनका उपयोग छात्र अपनी रैंक सुधारने के लिए कर सकते हैं, चाहे उनकी वर्तमान स्थिति कुछ भी हो।

मेमोरी मास्टरी या रिटेंशन पावर

मेमोरी मास्टरी कोई जन्मजात प्रतिभा नहीं है, बल्कि इसे लगातार अभ्यास से विकसित किया जा सकता है। लगभग 89% टॉप रैंकर्स मानते हैं कि लगातार अध्ययन करने से उनकी रिटेंशन क्षमता में सुधार हुआ है। किसी भी फॉर्मूले या डेटा को देखते समय, उसे तुरंत याद रखने का प्रयास करना चाहिए। इंटेंशनल प्रैक्टिस से मेमोरी मास्टरी हासिल की जा सकती है।

100 दिन की प्रधानता

परीक्षा के अंतिम तीन महीने बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। टॉपर्स इस दौरान अपनी ऊर्जा और फोकस को और भी बढ़ा देते हैं। वे अपनी गलतियों से सीखते हैं, टेस्ट के डिस्कशन में भाग लेते हैं और अपनी दिनचर्या का पालन करते हैं। डुंगरा राम चौधरी ने भी अंतिम तीन-चार महीनों में कड़ी मेहनत की और हर एक प्रश्न से सीख लेकर उसे अपने दिमाग में बिठा लिया।

कुछ भी खोने का रवैया

कई बार टॉप बैच के छात्र अपेक्षाओं के दबाव में आकर अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते हैं। वहीं, लोअर बैच के छात्र "कुछ भी खोने को नहीं" के रवैये के साथ परीक्षा देते हैं और बेहतर प्रदर्शन करते हैं। डुंगरा राम चौधरी के साथ भी ऐसा ही था। इस रवैये के साथ परीक्षा देने से सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

2 मजबूत विषय

ज्यादातर छात्र तीनों विषयों में परफेक्शन हासिल करने की कोशिश करते हैं, जबकि टॉपर्स दो विषयों पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं। परीक्षा के पास आने पर वे तीसरे विषय पर भी ध्यान देना शुरू कर देते हैं। दो विषयों में मजबूत पकड़ होने से आत्मविश्वास बढ़ता है और परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने में मदद मिलती है। डुंगरा राम चौधरी ने भी इसी रणनीति का पालन किया और अंत में फिजिक्स में भी अच्छा प्रदर्शन किया।

टेस्ट पेपर कौशल

टेस्ट पेपर कौशल में सुधार करने के लिए कई घटकों पर ध्यान देना आवश्यक है। सबसे पहले, परीक्षा के दिन पियर प्रेशर में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए अपने कंपोजर को बनाए रखना होगा। इसके लिए आउटकम से ज्यादा प्रोसेस पर ध्यान देना होगा। दूसरा, टाइम मैनेजमेंट की आदत डालनी होगी। हर दिन टाइम बाउंड मैनर में प्रैक्टिस करनी होगी। तीसरा, प्रश्नों का सही चयन करना होगा। हमेशा आसान प्रश्नों से शुरुआत करें और फिर कठिन प्रश्नों पर जाएं।

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Transcript

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0:00 [प्रशंसा] अरे भाई साहब यह कोई पॉलिटिकल रैली नहीं है यह ऑल इंडिया रैंक वन का सेलिब्रेशन कोटा के कोचिंग में कुछ ऐसे ही सेलिब्रेट किया जाता है ऑल इंडिया रैंक वन को बट इमेजिन करो जे एडवांस के रिजल्ट का दिन है और लिस्ट में से ऑल इंडिया रैंक वन गायब है शॉक्ड हो जाओगे ना कुछ ऐसा ही शॉकिंग इंसिडेंट हुआ था 2002 में जब बंसल क्लासेस में टॉप बैच एन के बच्चों का रिजल्ट चेक किया जा रहा था और किसी की भी ऑल इंडिया रैंक वन थी ही नहीं इवन के घंटों तक किसी भी कोचिंग ने सिर्फ कोटा से ही नहीं ऑल ओवर द कंट्री किसी ने भी ऑल इंडिया रैंक वन अनाउंस ही नहीं की सस्पेंस इतना बढ़ गया था कि समझ नहीं आ रहा था ऑल इंडिया रैंक वन है कौन शाम में एक लड़का खुद ही चल कर के बंसल क्लासेस में आता है और बताता है उसकी ऑल इंडिया रैंक वन है जस्ट

0:46 इमेजिन द लेवल ऑफ शॉक जो इस स्टूडेंट ने इस अंडरडॉग स्टूडेंट ने टीचर्स को दिया और भी ज्यादा शॉकिंग बात यह थी कि डुंगरा राम चौधरी एक ड्रॉपर स्टूडेंट होने के साथ-साथ एक हिंदी मीडियम स्टूडेंट था तो बंसल क्लासेस में टीचिंग ड्यूरेशन में मैंने कई बार वके बंसल सर से इस टॉपिक पर डिस्कशन किया और कई सारी चीजें डुंगरा राम चौधरी के बारे में जानी सो आज मैं वही पांच पॉइंट्स तुम्हारे सामने रखने वाला हूं जिन्हें अप्लाई करके तुम भी इर रिस्पेक्टिव ऑफ योर बैच इर रिस्पेक्टिव ऑफ योर प्रेजेंट कंडीशन अपनी रैंक में एक बड़ा छलांग मार सकते हो सबसे पहली बात जो मैंने वीके बंसल सर से सुनी वो यह थी कि इस स्टूडेंट की मेमोरी मास्टरी या रिकॉल रेजिल यानी रिटेंशन पावर काफी अच्छी थी एज कंपर टू दूसरी स्किल्स के दूसरी स्किल्स

1:31 को इसने एग्जाम के पास में जाकर के अच्छा कर लिया था जैसे टेस्ट पेपर स्किल और यह हमारे आज के इस वीडियो का लास्ट पॉइंट होगा मिस मत करना कमिंग बैक टू मेमोरी मास्टरी यह कुछ ऐसा नहीं है कि गॉड गिफ्टेड होता है बिलो एवरेज स्टूडेंट्स भी अपनी रिटेंशन पावर अच्छी कर लेते हैं एंड एक डाटा तुम्हें समझाने के लिए काफी होगा कि ऑलमोस्ट 89 पर ऑफ द टॉप रैंकर्स एक्सेप्ट करते हैं कि जेई की प्रिपरेशन के प्रोसेस में ही कंसिस्टेंट होने से उनकी रिटेंशन अच्छी हुई है मैं तुम्हें एक फैक्टर यहां पर ऐड करने बोलूंगा जो जनरली टॉपर्स के मुंह से तुम नहीं सुनोगे वर्ड्स के फॉर्म में बट कंसिस्टेंसी के साथ-साथ इंटेंशनल प्रैक्टिस बहुत जरूरी है इंटेंशनली खुद को

2:17 हमेशा बताया करो जब भी जब कोई तुम एनसीआरटी का डाटा देखते हो या कोई तुम फार्मूला देखते हो तो खुद को इंटेंशनली य बताया करो कि यह फार्मूला मुझे अब्जॉर्ब कर जाना है मुझे ध्यान में रखना है फर्स्ट टाइम जब तुम किसी भी फॉर्मूले को देखते हो और जानते हो कि यह पूछा जा सकता है यह इससे रिलेटेड पी वाई क्यूज आ चुके हैं तुम्हारा एटीट्यूड और तुम्हारे इंटेंशन ऐसे ही होने चाहिए कि यह मुझे अब्जॉर्ब करना है अभी के अभी और ओवर द टाइम तुम्हारी ये इंटेंशनल प्रैक्टिस तुम्हें मेमोरी मास्टरी दिलाती है नेक्स्ट पॉइंट इज 100 डेज डोमिनेंस लास्ट के तीन मंथ किसी भी स्टूडेंट के लिए बहुत इंपॉर्टेंट होते हैं लेकिन टॉपर्स इन तीन महीनों में अपनी एनर्जी को नेक्स्ट लेवल पर रखते हैं वैसे तो वो साल भर से 2 साल से तीन साल से डेडिकेट ली पढ़ रहे होते हैं बट इस समय पर आकर के उनका अपना कंसंट्रेशन फोकस और जो

3:04 भी प्रोसेस में उनका जो इमर्जन होता है वह नेक्स्ट लेवल पर होता है हर तरह के गलतियों का ध्यान रखना टेस्ट के डिस्कशन और लर्निंग इन सारी चीजों को एक्सट्रैक्ट करना अब्जॉर्ब करना रूटीन को प्रॉपर्ली फॉलो करना यह सारी चीजें टॉपर्स लास्ट के तीन महीने में करते हैं और वी के बंसल सर ने यह बताया था कि डुंगरा राम चौधरी ने लास्ट के तीन चार महीनों में पागलों जैसा काम किया था हर एक टेस्ट के डिस्कशन हर एक पॉइंट हर एक क्वेश्चन से जो लर्निंग और लेसन थी उन्होंने एक्ससक्ड करके बिल्कुल दिल दिमाग में बिठा लिया था तो दिस इ समथिंग एवरीवन शुड टेक केयर ऑफ कि लास्ट के तीन महीने में बहुत बड़ा डिफरेंस क्रिएट होता है एगजैक्टली सेम चीज मैंने सर्वेश की प्रिपरेशन में भी देखा था और ऑलमोस्ट हर टॉपर के लिए मैंने सेम पैटर्न

3:52 बया है थर्ड पॉइंट बड़ा इंटरेस्टिंग है और काफी मोटिवेटिवेशनल मैंने सीखा इस पॉइंट से रिलेटेड एंड आई बिलीव एगजैक्टली तुम इस बात से फायदा बहुत उठा सकते हो सर ने यह बताया कि कई बार जो हाई परफॉर्मर्स होते हैं टॉप बैच के जो स्टूडेंट्स होते हैं वह एग्जाम के दिन एक्सपेक्टेशन का प्रेशर ले लेते हैं जिस वजह से वह अंडर परफॉर्म करके आ जाते हैं कई सारी गलतियां कर जाते हैं जो वह पहले अपने 2 साल की प्रिपरेशन में कहीं नहीं कर रहे थे वह एग्जाम के दिन करके आ जाते हैं जिससे उन्हें बड़ा नुकसान होता है वहीं पर लोवर बैच का कोई अंडरडॉग स्टूडेंट जिसे कुछ भी हारने का डर नहीं होता जिसे हम नथिंग टू लूज एटीट्यूड कहते हैं उस एटीट्यूड की वजह से वह एग्जाम के दिन ज्यादा ही अच्छा परफॉर्म करके आता है

4:38 और यह चीज डुंगरा राम चौधरी के साथ बहुत फेवरेबल थी तो आई थिंक तुम्हें भी समझना चाहिए कि यह नथिंग टू लूज एटीट्यूड ना तुम्हें विजेता बना देता है नेक्स्ट पॉइंट इज टू स्ट्रांग सब्जेक्ट यह पॉइंट स्ट्रेटजिकली बहुत इंपोर्टेंट है बिकॉज ज्यादातर स्टूडेंट गलती यह कर रहे होते हैं कि वो परफेक्शनिस्ट म अचीव करने के चक्कर में तीनों सब्जेक्ट को अपनी एनर्जी दे रहे होते हैं जबकि मोस्ट ऑफ द टॉपर्स दो सब्जेक्ट पर अपनी एनर्जी को ज्यादा फोकस रखते हैं अपनी जेई प्रिपरेशन के टाइम पर एंड देन जब वह एग्जाम के पास में आते हैं तो एग्जाम के पास वाले मंथ्स में थर्ड सब्जेक्ट को इंटेंसिफाई कर देते हैं उस पर एफर्ट को इंटेंसिफाई कर देते हैं तो पहले ड्यूरिंग जेई प्रिपरेशन दो सब्जेक्ट की

5:23 वजह से वो अपना कॉन्फिडेंस ऊपर रख रहे थे टेस्ट में मार्क्स ऊपर रख रहे थे एंड अब जब कि एग्जाम पास में आ है तो व थर्ड सब्जेक्ट पर भी अपने फोकस को बढ़ा देते हैं अपने एफर्ट को बढ़ा देते हैं जिससे जे एडवांस आते-आते उनके पास तीनों सब्जेक्ट पर ग्रिप अच्छी हो रही होती है उनके अंदर यह विश्वास रहता है कि कोई बात नहीं अगर थर्ड सब्जेक्ट में किसी एक सब्जेक्ट के मार्क्स गिरा भी तो दो सब्जेक्ट ऐसे हैं जिनमें मार्क्स उनका ऊपर ही जाएगा चाहे किसी भी लेवल का किसी भी टफनेस का पेपर उनको दिया जाए इस स्ट्रेटजी के बारे में वीके बंसल सर ने डुंगरा राम चौधरी से भी रिलेटेड सेम बात बताई थी कि इसी स्ट्रेटजी की वजह से एंड में जाकर के उसने फिजिक्स भी अपनी अच्छी कर ली थी जहां पर मैथ्स और केमिस्ट्री उसकी पहले से ही काफी अच्छी थी

6:10 और उसके एफर्ट काफी ज्यादा होते थे इन दोनों सब्जेक्ट पर ये एडवांस के दिन भी मैथ्स और केमिस्ट्री दोनों में कंट्री हाईएस्ट मार्क थे डुंगरा राम चौधरी के लास्ट पॉइंट इज टेस्ट पेपर स्किल इस स्टूडेंट ने अपने टेस्ट पेपर स्किल में बहुत इंप्रूवमेंट किए थे लास्ट के कुछ मंथ्स में सवाल है कि आप कैसे कर सकते हो आपको समझना पड़ेगा कई सारे कंपोनेंट्स हैं पर स्किल के नंबर वन आपको पियर प्रेशर में एग्जाम के दिन अच्छा परफॉर्म करना है वह तब पॉसिबल हो पाएगा जब आप अपने कंपोजर को सही रख पाओगे वह तब हो पाएगा जब आप समझोगे कि आपके अंदर नथिंग टू लूज एटीट्यूड आ चुका है यह कब आएगा यह तभी आएगा जब आपको आउटपुट या आउटकम से ज्यादा प्रोसेस से प्यार होगा जेई प्रिपरेशन में जो जेई प्रिपरेशन का प्रोसेस है उससे प्यार कीजिए

6:57 यह समझिए कि इस पूरे प्र प्रोसेस में आप एक सोचने वाले इंसान एक अच्छी सोच वाले इंसान बन रहे हैं आउटकम पर जितना फोकस करेंगे उतना ज्यादा आपको आपकी गलतियां डरा रही होंगी आपके अंदर डाउट क्रिएट होगा और इन दी एंड यह डाउट आपके कंपोजर को खा जाएगा सेकंड थिंग इज टाइम मैनेजमेंट यह टाइम मैनेजमेंट की आदत अचानक से नहीं आ जाएगी ऐसा नहीं है कि आपने 6 महीने साल भर पढ़ाई की और अचानक से एग्जाम के दिन आप टाइम मैनेज कर लोगे ऐसा कभी नहीं होने वाला दैट इज व्हाई के स्टूडेंट्स डू गिव मॉक टेस्ट बट मॉक टेस्ट देने से कहीं ज्यादा इंपॉर्टेंट है कि एनी टाइम जब भी तुम प्रैक्टिस करते हो तुम अपने आप को कंपेन करो कि तुम वो इंसान हो जो कि टाइम बांडेड प्रैक्टिस करता है क्योंकि एग्जाम के दिन टाइम मैनेज करना सबसे बड़े

7:44 डिफिकल्ट टास्क में से एक होगा और यह तभी इजी हो पाएगा तुम्हारे लिए जब तुम इसे अपने डेली की हैबिट्स में कन्वर्ट कर पाओगे डेली की हैबिट्स में शामिल कर पाओगे तो तुम्हें करना यह है हर दिन जब भी तुम सॉल्विंग करते हो चाहे वो तुम्हारी डीबीपी सॉल्विंग हो चाहे तुम तुम्हारी एक्सरसाइज सॉल्विंग हो तुम्हें यह काम टाइम बाउंड मैनर में करना है अगर तुम 20 क्वेश्चंस बनाते हो तो तुम्हें टाइमर सेट करना है 20 25 मिनट्स 30 मिनट्स का डिपेंडिंग अपऑन लेवल ऑफ डिफिकल्टी एंड देन सॉल्विंग में लगना है कभी भी अपने आपको रिलैक्स्ड माइंडसेट में रख करके तुम एग्जाम के पियर प्रेशर के लिए तैयार नहीं कर पाओगे हर दिन तुम्हें अपने आपको बताना पड़ेगा कि यही प्रेशर तुम्हें एग्जाम के दिन लेना है एग्जाम का दिन कुछ डिफरेंट नहीं होता हम उसे डिफरेंट बना देते हैं क्योंकि हमारी

8:30 हैबिट्स एग्जाम के दिन के लिए अलाइन नहीं होती है नेक्स्ट पॉइंट इज सिलेक्शन ऑफ क्वेश्चन तुम्हारे टेस्ट पेपर स्किल्स सिलेक्शन ऑफ क्वेश्चन के साथ ही इंप्रूव करती है ओवर द टाइम तुम्हें अगर अपने टेस्ट पेपर सॉल्विंग स्किल्स अच्छी करनी है अगर एग्जाम में अच्छा परफॉर्म करना है तो तुम्हें हर पेपर में हर मॉक टेस्ट में सिलेक्शन ऑफ क्वेश्चन ठीक रखना पड़ेगा हमेशा स्टार्टिंग में इजी क्वेश्चन और डुएल क्वेश्चन करते हैं देन एवरेज एंड देन डिफिकल्ट पर जाते हैं इजी और एवरेज क्वेश्चन में जो तुम सॉल्विंग के बाद जो कॉन्फिडेंस डेवलप करते हो उसी कॉन्फिडेंस से उसी एनर्जी से टफ क्वेश्चन वाले पार्ट को हिट कर पाते हो और अपने सिली मिस्टेक्स को रिड्यूस कर पाते हो इन पांच पॉइंट्स का ध्यान रख कर के आई होप तुम भी इरेस्पेक्टिव ऑफ योर करंट सिचुएशन अच्छी

9:16 रैंक बनाओगे टेक केयर ऑल द बेस्ट

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