0:06 हेलो हेलो हेलो हेलो हेलो नमस्कार आदाब गुड इवनिंग है ना वैसे सर गुड इवनिंग तो हुआ नहीं है आधे घंटे बाद होगा तो भैया गुड आफ्टरनून शाम के बज गए हैं या फिर दोपहर के बज गए हैं 3:30 और आप सभी से मुलाकात करने के लिए हम पूरे तौर पर यहां पर मौजूद हैं तो नमस्कार नमस्कार नमस्कार दोस्तों आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है और कमेंट्स का साइज थोड़ा सा और बड़ा कर दीजिए सर है ना तो नमस्कार नमस्कार राम राम गुरुजी राधे राधे जी सर सलाम वालेकुम वालेकुम अस्सलाम ठीक है जी है ना तो बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों आप सभी का और बहुत अच्छे तरीके से अपने प्यारे बच्चों के साथ हम लोग क्या करने वाले हैं अपनी एक आज बहुत ही जबरदस्त सीरीज शुरू करने वाले हैं है ना तो पीडब्ल्यू परिवार ने जैसा आप लोगों के साथ प्रॉमिस किया था कि भैया अब हमारी जो आपका ये फर्स्ट टर्म आ रहा है कक्षा 10वीं का उसके अंतर्गत चाहे आपका सोशल साइंस हो या फिर आप देखते हैं कि आपका साइंस हो या फिर आपका गणित हो या फिर
0:52 आपकी इंग्लिश हो या फिर आपकी हिंदी हो हर एक सब्जेक्ट की आप लोग देखते हैं दोस्तों की क्लासेस को कराया जाएगा और उसी के संदर्भ में आज हमारी ये पहली क्लास होने वाली है है ना तो हर एक दोस्त का बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों और हम उम्मीद करते हैं कि आप सभी लोग बहुत अच्छे तरीके से हमारी आज की इस क्लास को करने के लिए पूरे तौर पर तत्पर होंगे अपन लोग किस चीज के बारे में डिस्कशन कर रहे हैं दोस्तों हम लोग यहां पर डिस्कशन कर रहे हैं कि आज हम लोग एक बहुत ही जबरदस्त जो हमारा चैप्टर होगा उसको आप सभी के सामने रखेंगे और आपके पेपर के संदर्भ में यह चैप्टर हमें बहुत महत्त्वपूर्ण दिखता है अगर हम लोग बात करते हैं किसके बारे में दोस्तों इतिहास के अंतर्गत यह हमारा अध्याय है और इस चप चैप्टर के बारे में हम लोग किस नाम से देखते हैं दोस्तों यह जो हमारा चैप्टर है इसे हम लोग किस नाम से देखते हैं यह है यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय है ना और एक
1:38 ही क्लास के अंतर्गत हम लोग क्या कर देंगे दोस्तों इसका सपड़ा साफ कर देंगे ये चैप्टर खत्म खल्लास फिनिश कर देंगे तो हमारे चैप्टर का नाम क्या है भैया देख लेते हैं हमारे चैप्टर का नाम है यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय इतिहास के अंतर्गत हमें ये चैप्टर देखने को मिलता है और अगर हम लोग इसके संदर्भ में देखें अब बहुत से बच्चे आएंगे सर जी सर जी हम ना यूपी वोट के हैं हमारे लिए हैं क्या सर जी हम बिहार वोट के लिए हैं हमारे लिए हैं क्या सर जी मैं ना रशिया वोट से हूं मेरे लिए हैं क्या सर मैं यूक्रेन वोट से हूं अरे मेरे लाल पीले नीले गुलाबी हरे संतरी नारंगी कथ जामनी आप भारत के किसी भी बोर्ड के स्टूडेंट हो चाहे आप यूपी बोर्ड के हो चाहे आप एमपी बोर्ड के हो चाहे आप बिहार बोर्ड के हो चाहे आप राजस्थान बोर्ड के हो छत्तीसगढ़ के हो हिमाचल प्रदेश के हो हरियाणा के हो या फिर आप सीबीएससी बोर्ड के स्टूडेंट हो आप भारत के किसी भी कक्षा
2:24 10वीं के हिंदी मीडियम के अंतर्गत पढ़ने वाले स्टूडेंट हैं तो आपके सामने ये चैप्टर मौजूद है और हमारी ये जो आज की क्लास है ये आपके साथ बहुत ज्यादा महत्त्वपूर्ण होने वाली है तो उस चैप्टर को हम लोग करेंगे डिस्कस और बहुत मजेदार तरीके से इस चैप्टर की पूरी कहानी को अपन लोग समझते चलेंगे ठीक है तो अच्छे तरीके से अब हम देखते हैं दोस्तों कि अगर जिन बच्चों ने पहले से पढ़ रखा होगा उनके लिए रिवीजन हो जाएगा और जिन बच्चों ने पहले से नहीं पढ़ा होगा उनके लिए एक तरीके से एक पूरी नई कहानी हो जाएगी ठीक है स्टार्ट करेंगे आप सभी बच्चों को क्या करना है दोस्तों आप सभी बच्चों को कमेंट्स के अंदर जल्दी से हमारा क्या है दोस्तों वो जो थम्स अप वाला इमोजी होता है है वो शेयर कर देना है और फिर हम लोग अपनी आज की इस क्लास को आप सभी के समक्ष स्टार्ट कर देंगे मेरे को कमेंट्स के अंदर कोई और चीज देखने को मांगता ही नहीं है सिर्फ और सिर्फ क्या कर दो दोस्तों जल्दी से कमेंट्स के अंदर आप सभी लोग ये जो हमारी
3:11 थम्स अप वाली इमोजी होती है ये शेयर कर देंगे और फिर हम लोग अपनी आज की इस क्लास को आप सभी के साथ स्टार्ट करेंगे सर जी होम साइंस नहीं पढ़ाया जाता है मेरे लल्ला नहीं जल्दी जल्दी से एक बार आप लोग थम्स अप देंगे और जल्दी से फिर हम लोग अपनी आज के इस क्लास को बहुत अच्छे तरीके से कर लेंगे बेटा ऐप पर ये हमारी क्लास नहीं हो रही है सिर्फ youtube3 है है बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया हमारा हर एक दोस्त हमारा हर एक साथी हो गया है तैयार और बहुत मजेदार तरीके से हम लोग क्या करेंगे दोस्तों यूरोप में राष्ट्रवाद इस शब्द को और इस पूरे के पूरे चैप्टर को हम लोग समझने की कोशिश करेंगे अब इस चैप्टर को करें शुरू उससे पहले हम लोग कुछ बातों को आप सभी के सामने डिस्कस करना चाहेंगे है ना सबसे पहले यहां पर हम लोग क्या करेंगे दोस्तों ये जो राष्ट्रवाद शब्द है इसी के अर्थ को समझने की कोशिश करेंगे क्योंकि अगर हम लोगों ने इस राष्ट्रवाद शब्द के अर्थ को
3:57 समझ लिया तो हमारे लिए संपूर्ण चैप्टर को समझना बहुत ही ज्यादा सरल हो जाएगा अब ये जो राष्ट्रवाद शब्द है अगर मैं आपसे पूछूं कि आपके हिसाब से राष्ट्रवाद शब्द का अर्थ क्या होता है जल्दी बताइए दोस्तों क्या लगता है आपको ये जो राष्ट्रवाद शब्द है आपके हिसाब से इसका क्या अर्थ होता है जिनको पता है बताइए जिनको नहीं पता वो एक तरीके का तुक्का लगाइए क्या लगता है आपको इस राष्ट्रवाद शब्द का क्या अर्थ होता होगा एक बार जल्दी से हम लोग आप सभी के साथ इस चीज को पूछना चाहेंगे बताइए बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया हमारे हर एक दोस्त ने हर एक चीज को सही तरीके से देना शुरू कर दिया सोनम जी हैं उसी के साथ हमारे विश्वकर्मा जी हैं है ना दीपक भैया हैं बिल्कुल सही भैया राष्ट्रवाद का मतलब क्या होता है दोस्तों राष्ट्रवाद का मतलब होता है देश प्रेम क्या है दोस्तों देश प्रेम कि भाई मैं ना अपने देश से प्रेम करता हूं
4:43 मैं अपने देश के लिए कुछ भी करने को तैयार हूं तो इसको हम लोग क्या कहते हैं बेटा इसको हम लोग राष्ट्रवाद के नाम से जानते हैं ठीक है अच्छा आज के समय में अगर हम लोग देखें आप और हम सभी राष्ट्रवादी हैं अरे तुम अपने देश भारत के लिए मरने को तैयार हो जी हां हम सभी लोग अपने देश की सुरक्षा को तैयार है अपने देश की सुरक्षा पर तत्पर है देश को आगे बढ़ाने में हम सभी का योगदान है तो हम सभी लोग राष्ट्रवादी हैं है ना तो राष्ट्रवाद शब्द का मतलब क्या हुआ राष्ट्रवाद शब्द का मतलब हुआ कि भैया इसका मतलब होता है कि आप अपने देश से प्रेम करते हैं अब यहां पर अगर हम लोग देखें दोस्तों है ना अगर हम लोग यहां पर देखें तो इस चैप्टर के अंतर्गत हमें देखने को मिलेगा कि जो ये यूरोप है है ना यूरोप क्या है दोस्तों आप देखते हैं कि यूरोप एक महाद्वीप है और महाद्वीप का मतलब क्या होता है महाद्वीप का मतलब होता है कि दुनिया ना सात बड़े-बड़े टुकड़ों में बटी
5:31 हुई है उसी में से एक टुकड़ा है यूरोप इस यूरोप देश के अंतर्गत आप देखते हैं कि वहां पर इस यूरोप महाद्वीप के अंतर्गत जितने भी देश रहे थे वहां पर लोगों में देशभक्ति की भावना कैसे पैदा हुई तो यह चैप्टर हमें बताता है कि यूरोप के अंतर्गत बहुत सारे देश हैं यहां पर इन देशों में जो रहने वाले लोग थे उनमें राष्ट्रवाद या फिर आप देखते हैं कि देश प्रेम की भावना कैसे हुई इसी पर यह हमारा पूरा चैप्टर आधारित है अब डिस्कस कर लेते हैं कि अपन लोग क्या पढ़ेंगे हमारी आज की इस क्लास में हम लोग सबसे पहले राष्ट्र सुवाद शब्द का क्या अर्थ है इसको समझने की कोशिश करेंगे फिर हम लोग इसके बाद समझने वाले हैं फ्रांसीसी क्रांति के बारे में जी हां क्लास नाइंथ के अंदर आप लोग इस चैप्टर के बारे में फ्रांसीसी क्रांति के बारे में थोड़ा बहुत पढ़कर आए हो ठीक है बेटा इसी के साथ-साथ फिर हम लोग यहां पर नेपोलियन जी के बारे में पढ़ेंगे फिर हम लोग बात
6:16 करेंगे क्रांति से पहले कि फ्रांस की जो क्रांति हुई थी उससे पहले पूरा का पूरा जो हमारा यूरोप रहा था वहां की क्या स्थिति थी उसके बाद हम लोग डिस्कशन करेंगे कि 1815 के बाद यूरोप में ना एक तरीके का हमें बदलाव आता हुआ दिखता है जिसे कहा जाता है रूढ़िवाद अब ये रूढ़िवाद क्या है रूढ़िवाद के अर्थ को जानेंगे फिर हम लोग समझेंगे वियाना संधि के बारे में यह है क्या यह क्यों हुई कहां हुई वो देखेंगे फिर हम लोग एक देश है जिसे हम लोग ग्रीस या फिर क्या कहते हैं बेटा जिसको हम लोग एक और देश को यूनान के नाम से भी जानते हैं ये जो यूनान नामक देश था आखिर इसको आजादी क्यों मिली ये कैसे गुलाम बन गया था किससे इसको आजादी मिली वो देखेंगे 1830 से 1848 में यूरोप में हमें कुछ क्रांतियां होती हुई दिखेंगी उनके बारे में पढ़ेंगे फिर हम लोग फ्रैंकफर्ट पार्लियामेंट और रोमांटिक परिकल्पना के बारे में डिस्कशन
7:02 करेंगे ठीक है बेटा उसी के साथ-साथ जर्मनी का एकीकरण इटली का एकीकरण और उसके बाद फिर हम लोग एक देश के तौर पर हम लोग किसे एक देश कहेंगे बाल्कन का संकट समाजवाद और राष्ट्रवाद इन शब्दों को देखेंगे तो मोटे-मोटे तौर पर ये बड़ा सा जो हमारा अध्याय है बहुत अच्छे तरीके से आप देखते हैं दोस्तों कि बिल्कुल मक्खन के तरीके से आप सभी के सामने यहां पर आने वाला है है ना ठीक है तो स्टार्ट कर देंगे किसी भी तरीके का कोई भी कंफ्यूजन अपने बच्चों के सामने नहीं रहने देंगे पूरा फोकस स्क्रीन पे रखिएगा और अगर आप लोगों को इस चैप्टर के बारे में कोई भी दुविधा रही है कोई भी कंफ्यूजन रहा है तो मैं आपसे वादा करता हूं कि इस चैप्टर के आज के हमारे इस लेक्चर के समाप्त हो जाने के बाद आप इस चैप्टर को अच्छे तरीके से समझ चुके होंगे और बहुत अच्छे तरीके से आप दूसरों को समझा भी चुके होंगे ठीक है बेटा तो स्टार्ट करेंगे सर ये क्लास कितनी लंबी चलेगी एक
7:48 डेढ़ घंटे तो चलने वाली है बेटा आराम से ठीक है तो स्टार्ट करेंगे और बहुत अच्छे तरीके से यूरोप में राष्ट्रवाद का उदेश पूरे चैप्टर की कहानी को हम लोग आप सभी के समक्ष रखना शुरू कर रहे हैं है ना और सबसे पहले दोस्तों हम लोग यहां पर किस बारे में डिस्कशन करेंगे हम लोग यहां पर बहुत अच्छे तरीके से इस चीज को डिस्कस करेंगे क्या कहा जा रहा है इसे हम लोग राष्ट्रवाद के नाम से पुकार रहे हैं और अगर मैंने आपसे पूछा था कि भाई राष्ट्रवाद का मतलब क्या होता है तो आप सभी बच्चों ने बताया है क्या बताया है कि सर राष्ट्रवाद का मतलब होता है देश प्रेम है ना कि आप अपने देश से प्रेम कर रहे हैं आप अपने देश से मोहब्बत करते हैं आप अपने देश से लव करते हैं इसी को हम लोग राष्ट्रवाद कहते हैं और ये जो राष्ट्रवाद था ना दोस्तों इसके अंतर्गत आप देखते हैं कि जिन देशों के अंदर अत लोगों में देशभक्ति होती है तो उनमें सांझा पहचान हमें देखने को मिलती है
8:34 सांझा पहचान का मतलब कि जैसे अगर हम लोग अपने देश के अंदर देखें हमारे देश के अंदर हमें बहुत सारे धर्म बहुत सारी जातियां बहुत सारी भाषा के लोग दिखते हैं लेकिन हम सभी क्या हैं हम सभी लोग पहले भारतीय हैं जिस देश के अंदर भी राष्ट्रवाद होगा या फिर जिस देश के अंदर भी जो लोग अपने देश से प्रेम करते होंगे उनकी पहचान ना पहले उनके देश से होती है यही राष्ट्रवाद हमें बता रहा है और जब भी किसी देश के अंदर हमें राष्ट्रवाद या फिर देश प्रेम की भावना को मजबूत करना होता है तो उसके लिए बहुत सारे अलग-अलग तरीके होते हैं हर एक देश का अपना राष्ट्र ध्वज होता है हर एक देश का अपना राष्ट्र प्रतीक और राष्ट्रगान होता है जब हमारे देश का झंडा लहरता है तो देशभक्ति बढ़ती है कि नहीं बढ़ती जब आप अपने देश का जनगण मन सुनते हैं तो आपके दिल में देशभक्ति बढ़ती है कि नहीं बढ़ती तो यहां पर हम लोग यही देखते हैं कि राष्ट्रवाद का सीधा सरल मतलब क्या है दोस्तों राष्ट्रवाद का सीधा सरल मतलब यही
9:20 है कि भाई इसके तहत आप देखते हैं कि लोगों के दिलों में देश के प्रति प्रेम होता है और लोगों में देश प्रेम को पैदा करने के लिए हमारे पास क्या होते हैं दोस्तो दोस्तों आप देखते हैं कि हमारे पास यहां पर देखते हैं कि हमारे पास उस देश का राष्ट्रीय ध्वज होगा राष्ट्रीय प्रतीक होगा राष्ट्रीय गान होगा और उसके जरिए हम लोग लोगों में देश प्रेम की भावना को पैदा कर सकते हैं ठीक है अब यहां तक तो हमने बहुत अच्छे तरीके से इस चैप्टर की कुछ बुनियादी बातों को हमारे सामने रखा ठीक है क्लियर है है ना सर उड़ान बैच की बेटा उड़ान बैच की क्लाश 4:30 पर होगी सर क्या हम लोग पूरा सिलेबस कवर कर लेंगे हां बेटा जी ठीक है स्टार्ट करें है ना अब हम लोग आगे बढ़ रहे हैं कोई कंफ्यूजन आप लोग अपने मस्तिष्क के सामने मत रखिएगा और किसी भी तरीके की कोई भी जटिलता अपने दिमाग के अंदर बिल्कुल भी मत रहने दीजिएगा यहां तक हमने बहुत अच्छे तरीके से बेटा समझा कि
10:06 राष्ट्रवाद का मतलब क्या है राष्ट्रवाद का मतलब है देश प्रेम कि आप अपने देश से प्रेम करते हैं और उसके बाद हमने देखा कि अगर किसी भी देश के अंदर लोगों में देश प्रेम की भावना को पैदा करना है तो वहां पर क्या करना होगा उस देश का अपना झंडा होना चाहिए उस देश का अपना राष्ट्र गीत होना चाहिए राष्ट्र गान होना चाहिए और राष्ट्रीय प्रतीक भी होना चाहिए अब हम लोग ना यहां से क्या करेंगे आप सभी को लेके जाएंगे कहां पर दोस्तों अब हम लोग आपको आज के समय में से लेके जाएंगे काफी पीछे और हम लोग आपको यूरोप लेकर जाएंगे चलो भैया प्लेन में बैठकर यूरोप चल रहे हैं अच्छा दोस्तों अगर हम लोग आज के समय में देखें तो हमें क्या दिखता है आज के समय में हम लोग साल 2024 में बैठे हैं और साल 2024 में दुनिया के अधिकतर देशों में अगर हम लोग देखें दोस्तों कि हमें लोकतंत्र देखने को मिलता है लेकिन आज से अगर हम लोग 300
10:51 350 साल पीछे चले जाते हैं तो दुनिया के अंदर देशों को कैसे चलाया जाता था आज के समय से लगभग 300 350 साल पीछे जब हम जाते हैं तो दुनिया के अधिकतर देशों में हमें क्या दिखता है बेटा दुनिया के अधिकतर देशों में हमें राजतंत्र देखने को मिलता है जल्दी से कमेंट्स करके बताइएगा कि राजतंत्र का क्या मतलब होता है ठीक है जल्दी बताइए कि आपके हिसाब से राजतंत्र का मतलब क्या है कौन बच्चा या बच्ची सबसे पहले अपने आंसर को बताएगा ठीक है है ना जल्दी बताइए कौन बच्चा हमें बताएगा कि भैया राजतंत्र का मतलब क्या होता है जल्दी से आप लोग इस आंसर के बारे में बताइए है ना जल्दी बताइए कि राजतंत्र का मतलब क्या होता है जल्दी से आपको प्रस्तुत कर देना है बहुत बढ़िया देखो राजतंत्र का मतलब क्या है दोस्तों राजतंत्र का मतलब है राजा का शासन बिल्कुल सही है ना कि ऐसा कोई देश जहां पर एक राजा या फिर उसके राज परिवार
11:38 का शासन होता है उसको हम लोग राजतंत्र कहते हैं तो आज के समय में दुनिया के अधिकतर देशों में हमें लोकतंत्र देखने को मिलता है लेकिन आज से 350 साल अगर हम पीछे चले जाएं तो दुनिया के हर देश में चाहे हमारा भारत हो यूरोप हो अमेरिका हो अधिकतर इन सभी देशों में हमें क्या दिखता है बेटा वहां पर हमें राजतंत्र देखने को मिलता है या फिर आप कह सकते हैं कि वहां पर राजाओं का राज था और पता है क्या होता था उस समय के अंतर्गत ना देशभक्ति की एक गलत ही भावना देखने को मिलती थी है ना उस समय के अंतर्गत अगर आप लोग देखें दोस्तों उस समय के अंतर्गत अगर हम लोग राष्ट्रवाद को देखें तो राष्ट्रवाद की एक बहुत ही गलत अवधारणा देखने को मिलती थी उस समय के जितने भी राजा लोग थे ना उन राजा लोगों ने ये कह दिया था क्या कह दिया था कि भाई तुम्हें क्या करना है तुम्हें मेरे प्रति वफादार रहना है कि तुम अगर राजा से प्रेम
12:25 करते हो इसका मतलब है कि यही राष्ट्रवाद है क्या ऐसा हो सकता है नहीं हम हमने ध्यान से समझा हमने क्या देखा कि भैया आज से 350 साल पीछे दुनिया के सभी देशों में राजतंत्र था यानी कि राजाओं का शासन था और अगर हम लोग देखें कि यूरोप में जितने भी राजा लोग थे ना उन्होंने देश प्रेम की या फिर राष्ट्रवाद की एक गलत ही सोच अपने लोगों को बता दी थी उन्होंने ये कहा था कि अगर तुम मुझसे प्रेम करते हो ना तो ये असली प्रेम है जो मैंने कहा तुम्हें वो मानना होगा देश वेश कुछ नहीं होता मैं हमेशा से हूं और आपको मेरी बातों को मानना होगा इस तरीके की गलत धारणा दी थी अरे भाई राजा तो आते जाते रहते हैं राजाओं की तो मृत्य होती रह ती है राजा गलत काम करते रहते हैं लेकिन देश पहले है देश से प्रेम करना चाहिए तो हम देखते हैं कि यूरोप के अंतर्गत एक गलत तरीके का राष्ट्रवाद था जहां पर यह कहा जाता था कि आपको अपने राजा के प्रति वफादार रहना होगा जो राजा कहेगा
13:11 वो आपको मानना होगा तो ये चैप्टर हमें बताता है क्या बताता है बेटा हमें ये बताता है कि यूरोप के अंतर्गत अगर हम लोग देखें कि जितने भी देश रहे थे ना यूरोप के अंतर्गत अगर हम लोग देखें दोस्तों कि यूरोप का जो पूरा का पूरा इलाका रहा था वहां पर अलग-अलग राजवंश के लोग रहा करते थे और इन अलग-अलग राजवंश के लोगों ने अपने राज तंत्र को या फिर अपने शासन को उठाया हुआ था ठीक है अब होता क्या है यहां तक तो हमने देखा और बहुत अच्छे तरीके से समझा कि यूरोप के अंदर वहां के जो राजा लोग थे उन्होंने एक गलत तरीके का राष्ट्रवाद अपने लोगों को समझाया था राष्ट्रवाद का मतलब कि तुम अगर अ मुझसे प्रेम करते हो जो मैं कहता हूं वो तुम मानते हो तो इसका मतलब तुम सही हो तुम्हें कुछ और नहीं करना तो ये गलत प्रेम बताया था ये गलत राष्ट्रवाद था है ना हम लोगों को या फिर मनुष्य को अपने देश से प्रेम करना चाहिए नेता लोग या फिर जो शासक लोग होते हैं या फिर जो राजा
13:58 लोग होते हैं वो आते जाते रहते हैं देश प्रेम होता है तो ये जो गलत अवधारणा थी इस गलत अवधारणा को हम लोग देखते हैं दोस्तों कि यूरोप में परिवर्तित कर दिया जाता है किसके द्वारा हम लोग देखते हैं कि दोस्तों यूरोप के अंतर्गत हमें हमें दिखता है कि 1789 में एक बहुत जबरदस्त चीज हमें होती हुई दिखती है और इस 1789 की जो ये एक बदलाव होता है दोस्तों इसने यूरोप में और पूरी दुनिया में हमें परिवर्तन करते हुए देखते हैं दोस्तों कि हमें यहां पर चीजें देखने को मिलती हैं तो भैया सन 1789 में आखिर हुआ क्या था उसको हम लोग यहां पर समझने की कोशिश करते हैं ठीक है आप सभी को पता है दोस्तों कि सन 1789 में फ्रांस की क्रांति हुई थी और फ्रांस की क्रांति का मतलब क्या है दोस्तों कि ये जो फ्रांस एक देश था ना वहां पर हमें क्या दिखता है दोस्तों कि एक शासक हुआ करता था जिसका नाम था लुई सोलवा अरे कैसा राजा था एकदम बेकार
14:45 राजा था एकदम आप देखते हैं दोस्तों कि एकदम झींगुर राजा था एकदम लप्पु राजा था एकदम आप कह सकते हैं कि बिल्कुल ही बेकार राजा था इसने देश के अंदर बहुत ज्यादा परेशान जनता को करा हुआ था देश में महंगाई बढ़ी हुई थी देश के लोगों के पास आप देखते हैं दोस्तों कि कुछ भी चीज खाने को नहीं थी लोग भूख मर रहे भूखे मर रहे थे भूखमरी की समस्या थी और देश की जनता का जो पैसा था ना ये उस पैसे से अपने महल बनाता था और अयाशी की जिंदगी गुजारा करता था तो जनता इससे बहुत ज्यादा परेशान थी और यह कहता था कि तुम्हें ना मुझसे प्रेम करना है मेरे प्रति वफादार रहना है और धीरे-धीरे जनता के दिल में आप देखते हैं दोस्तों कि राजा के प्रति लुई सोलवे के प्रति गुस्सा भर जाता है और आप देखते हैं कि जुलाई के महीने में सन 1789 में क्या करती है जनता सड़कों पर आती है और इस राजा को लुई सो विवाह को आप देखते हैं दोस्तों कि शासक की
15:30 गद्दी से हटा दिया जाता है और जनता कहती है कि राजा जी चलो यहां से हट जाओ अब क्या होगा अब यह जो हमें क्या करना है हम तुम्हारे प्रति वफादार नहीं है हम अपने देश फ्रांस के प्रति वफादार हैं तो दुनिया में ना इससे पहले ऐसी कोई घटना देखने को मिली ही नहीं थी ये तो फ्रांस के लोग थे जिन्होंने ये करके दिखाया कि हम अपने देश से पहले प्रेम करते हैं हम अपने राजा से प्रेम नहीं करते तो सन 1789 में आप देखते हैं दोस्तों कि जो फ्रांस की क्रांति हुई इसमें लुई सोलवा को आप देखते हैं दोस्तों कि हटा दिया जाता है और लुई सोल्वे को हटाने के बाद जो फ्रांस की जनता थी क्या करती थी दोस्तों देश को चलाने की जो जिम्मेदारी थी वो अपने पास रखना शुरू कर देती है है ना तो अगर आप लोग देखें दोस्तों कि पूरी दुनिया के अंदर बहुत अच्छे तरीके से हम लोग देखें कि पूरी दुनिया के अंतर्गत ये जो असली राष्ट्रवाद है पूरी दुनिया के अंतर्गत अगर हम लोग
16:15 देखें कि ये जो असली राष्ट्रवाद है कि आपको अपने देश से प्रेम करना है राजा से नहीं इसकी जो हमें सबसे पहली अभिव्यक्ति दिखती है ये हमें कहां पर दिखती है दोस्तों ये हमें 1789 की फ्रांस की क्रांति में होती हुई दिखती है फिर क्या हुआ भाई अब फ्रांस के लोगों ने ये बड़ा परिवर्तन करके दिखा दिया उन्होंने दिखा दिया कि ये जो हमारा लप्पु सा राजा है हम इसकी बात को नहीं मानेंगे और उसके बाद क्या हुआ दोस्तों उसके बाद हम लोग देखते हैं कि अब ये जो नई विचारधारा थी कि तुम्हें अपने देश से प्रेम करना है राजा से प्रेम नहीं करना इसको पूरे की पूरी दुनिया में फैलने में हम लोग देखते हैं दोस्तों लगभग 100 सालों का हमें समय लगता हुआ दिखता है ठीक है है ना तो आज के समय में अगर आप लोग दुनिया के अंतर्गत देखें जितने भी देश हैं जैसे अगर हम लोग देखें कि अगर भारत के लोगों के बारे में अगर मैं आपसे पूछूं क्या हम किसी नेता के प्रति
17:01 वफादार हैं नहीं भारत के लोग अपने देश के प्रति वफादार हैं ऐसे ही दुनिया के अलग-अलग देशों के अंदर रहने वाले जो लोग हैं हां वो अपने नेता को पसंद करते हैं उन्होंने अपने नेता को चुना है लेकिन उनको हमेशा से प्रेम अपने देश से पहले होगा है ना देश के नेता लोग तो आते जाते रहेंगे देश के शासक तो आते जाते रहेंगे देश पहले है तो ये जो असली राष्ट्रवाद था जिसको फ्रांस के लोगों ने दिखाया था इसको पूरे यूरोप में और पूरे विश्व में फैलने में लगभग 100 सालों का समय लगा और इसी के बाद आप देखते हैं दोस्तों कि जो फ्रांस की क्रांति हुई थी इसके बाद हमें दुनिया में आधुनिक तौर पर प्रजातंत्र बनते हुए दिखे अब आप सभी के सब दिमाग में ये सवाल आ सकता है कि सर प्रजातंत्र का मतलब क्या होता है और उसी के साथ-साथ आप देखते हैं दोस्तों कि लोकतंत्र का मतलब क्या होता है तो इसको एक बार हम लोग समझते चलते हैं भैया जी लोकतंत्र का मतलब होता है कि कोई ऐसा देश
17:47 जहां पर हमें चुनाव होता हुआ दिखता है और चुनाव के बाद आप देखते हैं कि हर 5 साल के लिए कोई नेता आता है और उसको देश को संभालने की जिम्मेदारी दी जाती है वहीं प्रजातंत्र का मतलब होता है कि कोई ऐसा देश जिस देश का मुखिया आप क्या देखते हैं दोस्तों कि जिस देश का जो मुखिया होगा वो आप लोग क्या देखते हैं कि किसी एक परिवार विशेष से नहीं होगा है ना जो इस देश का मुखिया होगा वो देश के लोगों के द्वारा ही चुनकर भेजा गया होता है उसे हम लोग प्रजातंत्र कहते हैं और प्रजातंत्र के अंदर संविधान के द्वारा देश को चलाया जाता है ना तो वैसे ही सिमिलर है बस ये थोड़ा सा डिफरेंस यहां पर हमें देखने को मिलता है तो हमने यहां पर देख लिया कि भैया फ्रांस के ही लोग थे जिन्होंने असली राष्ट्रवाद की हमारे सामने अभिव्यक्ति की फ्रांस के लोगों ने ये दिखाया कि हमें देश से प्रेम करना है राजाओं से नहीं यह राजा तो गलत है हमने इसको हटा दिया तो फ्रांस के लोगों ने सबसे पहले राष्ट्रवाद की असली
18:33 विचारधारा हमें दिखाई और उसके बाद आप लोग क्या देखते हैं कि उसके बाद फ्रांस के लोगों ने ये जो बहुत बड़ा कीर्तिमान किया ना इन्होंने एक बहुत अच्छे तरीके से बदलाव किया अगर आपको याद होगा यहां पर मैंने आपको क्या बताया बेटा हमने यहां पर देखा कि फ्रांस के अंदर 1789 में क्रांति होती है और क्रांति हो जाने के बाद ये जो लुई सोलवा था इसको हटाया जाता है और फ्रांस की जनता कहती है कि भैया हमको ना क्या करना है हमको ना अपने देश को खुद को चलाना है और वो अपने देश को चलाने के लिए क्या करते हैं दोस्तों संविधान को बनाते हैं है ना देश की जनता कहती है हमारे देश में चुनाव होंगे और चुनाव के जरिए हम क्या करेंगे दोस्तों अपने देश को चलाएंगे है ना तो फ्रांस के अंतर्गत क्या किया जाता है दोस्तों राजतंत्र को समाप्त किया जाता है और राजतंत्र की जमाह हमें क्या दिखता है दोस्तों प्रजातंत्र या फिर आप देखते हैं कि लोगों का शासन हमें आता हुआ दिखता है जहां चुनाव होंगे और देश का जो मुखिया
19:20 होगा वो किसी एक परिवार विशेष से नहीं होगा है ना और इसी के साथ-साथ आप लोग देखें दोस्तों कि इसी के साथ-साथ लोगों में ध्यान से सुनिए जब ये फ्रांस के अंदर हमें क्रांति होती हुई दिखती है फ्रांस के अंदर ये जो हमें क्रांति होती हुई दिखती है तो उस समय जिन लोगों ने राजा के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी ना वो बिल्कुल भी ये नहीं चाहते थे कि भाई राजा के जितने भी यहां पर निशान रहे हैं उसका समर्थन किया जाए तो जब 1789 में क्रांति हुई क्रांती के बाद आप लोग देखते हैं कि राजा को हटा दिया गया और देश के अंदर प्रजातंत्र को लाया गया फिर वहां की जनता क्या करती है लोगों में देश प्रेम को पैदा करने के लिए क्या किया जाता है जितने भी राजसी प्रतीक थे यानी कि राजा के झंडे को हटा दिया जाता है कि हम इसको नहीं रखेंगे एक नया झंडा बनाया जाता है और इस नए झंडे के तहत लोगों में देश प्रेम की भावना को पैदा किया जाता है उसी के साथ-साथ आप देखते हैं दोस्तों कि देश के
20:06 लिए राष्ट्र गान लिखा जाता है और इस राष्ट्र गीत को पढ़कर लोगों में क्या होता है दोस्तों आप देखते हैं कि देश प्रेम की जो भावना थी वो हमें बढ़ती हुई दिखती है जिन लोगों ने फ्रांस की क्रांति में अपने जीवन को खत्म किया था उनकी जिंदगी समाप्त हुई थी उनको आप देखते हैं दोस्तों कि उनको नमन दिया जाता है उनको सम्मान दिया जाता है पूरे देश में लोगों में देश प्रेम की भावना बढ़े इसके लिए फ्रेंच भाषा आप लोग देखते हैं दोस्तों किसे प्रयोग में लाई जाती है और देश के अंदर आप देखते हैं कि जो राजा के द्वारा बहुत सारे टैक्स थे ना जो राजा जनता से लूटता था उन सभी टैक्सों को कम से कम किया जाता है तो एक इस प्रकार की सोच हमें कहां दिखती है दोस्तों यूरोप के अंतर्गत देखने को मिलती है ठीक अब यहां तक हम लोग क्या करते हैं दोस्तों इन चीजों को बहुत अच्छे तरीके से समझ गए थे कि फ्रांस के जो लोग थे उन्होंने अपने राजा को हटाया और देश के अंदर प्रजातंत्र को स्थापित किया और जो असली राष्ट्रवाद था कि
20:52 हमें राजा से प्रेम करना है इस चीज को हटाकर राजा से प्रेम नहीं करना देश से प्रेम करना है इस चीज को दिखाया उसी के साथ-साथ हम लोग देखते हैं कि फ्रांस के अंतर्गत क्या हुआ अब जब फ्रांस के लोगों ने इतनी सारी गतिविधियां कर दी तो क्या होता है दोस्तों कि फ्रांस के अंतर्गत जो लोग थे उन्होंने जब इतना बड़ा बद बदलाव कर दिया था तो यूरोप के जो दूसरे देश थे ना वहां पर क्या था दोस्तों यूरोप के दूसरे देशों में हमें राजतंत्र ही देखने को मिल रहा था ध्यान से सुनिए और बहुत रोचक तरीके से हम लोग हर चीज को यहां पर समझते चलेंगे किसी भी तरीके का कोई भी कंफ्यूजन नहीं रहेगा तो सन 1789 में हम लोग देखते हैं दोस्तों कि क्या होता है एक बहुत बड़ा चीज हमें फ्रांस के अंतर्गत होती हुई दिखती है क्या हुआ सन 1789 में हम लोग देखते हैं दोस्तों कि फ्रांस की क्रांति हुई और जब सन 1789 में फ्रांस की क्रांति हुई है दोस्तों तो हमने क्या देख लिया भैया हमने
21:40 देख लिया कि फ्रांस के अंदर जो शासक था लुई सोलवा उसको हटा दिया जाता है और जब ये लुई सोलवा हट जाता है तो यहां पर क्या होता है कि राजतंत्र समाप्त हो जाता है और देश के अंतर्गत क्या आता है बेटा देश के अंतर्गत आप सभी को पता है कि प्रजातंत्र लाया जाता है प्रजातंत्र का मतलब कि भैया यहां पर क्या होगा यहां पर देश का संविधान बनेगा और देश किससे चलेगा देश संविधान से चलेगा संविधान का मतलब देश के नियम होंगे और देश उन नियमों से चलेगा लेकिन फ्रांस की जनता आप देखती है दोस्तों कि यहां पर जो संविधान बनता है ना वो बहुत ही अजीब होता है सन 1791 में फ्रांस का संविधान बनता है और इस संविधान के अंदर भी क्या होता है दोस्तों इस संविधान के अंतर्गत सभी का ध्यान नहीं रखा जाता जो अमीर लोग थे उन्हीं का ध्यान रखा जाता है अमीर लोगों में भी वो लोग जो पुरुष थे जिनके पास आप देखते हैं दोस्तों कि जिनके पास
22:26 संपत्ति थी ना उन्हें ही आप देखते हैं कि वोटिंग का राइट दिया जाता है गरीब लोगों का ध्यान नहीं रखा जाता और इसीलिए आप क्या देखते हैं कि फ्रांस के अंतर्गत बहुत से आपको क्या देखते हैं दोस्तों कि फ्रांस के अंतर्गत जो बहुत से गरीब समाज के लोग थे वो क्या करते हैं अपना एक क्लब बनाते हैं जिसे जैकोबिन क्लब कहा जाता है और ये जैकोबिन क्लब के लोग क्या करना चाहते हैं ये पूरे के पूरे फ्रांस के अंतर्गत एक तरीके से क्या करना चाहते हैं दोस्तों कि बदलाव लाने की कोशिश करते हैं है ना तो यहां तक कि हमने पूरी स्थिति आपके सामने रखी है ना अब कुछ और हमारे घटनाक्रम है फ्रांस ने क्या किया था दोस्तों कि फ्रांस के अंतर्गत अगर आप लोग ध्यान से देखें कि ये जो हमारा फ्रांस रहा था यहां पर असली राष्ट्रवाद हमें आता हुआ दिख गया था कि भैया फ्रांस की जनता ने अपने राजा को हटा दिया अब फ्रांस क्या करता है दोस्तों या फिर जो फ्रांस की सेना थी वो अपने आसपास के दूसरे देशों में जैसे हॉलैंड हुआ
23:12 बेल्जियम हुआ स्विट्जरलैंड हुआ इन देशों में घुसपैठ करना शुरू करती है और यहां के लोगों को क्या करती है यहां के लोगों में राष्ट्रवाद या फिर असली देश प्रेम को पैदा करती है तो जो फ्रांस की सेना थी वो अपने आसपास के सभी देशों में घूमना शुरू कर देती है और इन देशों के अंदर जो असली राष्ट्रवाद था वो कहती है कि भैया तुम्हें इस राष्ट्रवाद के लिए तैयार होना होगा ठीक है यहां तक की कहानी समझ में आई है बेटा जल्दी बताइए यहां तक की कहानी समझ में आई है क्या कोई हमारा दोस्त है जिसको कोई भी कंफ्यूजन है है ना हर एक चीज हमने बहुत अच्छे तरीके से यहां पर आपके सामने रखी है और बहुत मजेदार तरीके से अब तक हमने इस चीज को आपके सामने रख दिया है है ना अब एक बार हम लोग क्विकली इस चीज को देखते हैं कि अब तक हमने किन चीजों को देखा हमने देखा कि भैया फ्रांस के अंदर क्रांति होती है और क्रांति के बाद हम लोग क्या देखते हैं दोस्तों कि यहां पर फ्रांस की जब क्रांति हुई तो ये जो लुई सोलवा करके राजा
23:58 था को हटाया गया राजतंत्र खत्म हो गया उसके बाद हम देखते हैं कि प्रजातंत्र आया एक देश का संविधान बना लेकिन इस देश के संविधान में अमीरों को और आप देखते हैं दोस्तों कि जो पुरुष लोग थे उन्हीं को ध्यान में रखा गया गरीब लोगों को महिलाओं को कोई ध्यान नहीं दिया गया और इसी के बाद क्या होता है दोस्तों कि जितने भी लोग थे ना वो फ्रांस के अंतर्गत क्या करने लगे थे फ्रांस के अंतर्गत ये जो संविधान बना था और फ्रांस में ये जो सरकार बनी थी इसको लोगों ने बिल्कुल पसंद नहीं किया अब लोगों में ना क्या होने लगा फ्रांस के अंदर वो एक मसीहा का इंतजार कर रहे थे कि भाई कोई मसीहा आए सहा मतलब आप देखते हैं कि हमारी परेशानियों का हल निकालने वाला जो गरीब जनता थी फ्रांस की जो कमजोर लोग थे जो महिलाएं थी वो एक तरीके से एक मसीहा का इंतजार कर रही थी कि वो आए और हमारी समस्या का निदान करें आप देखते हैं दोस्तों कि यहां पर हमें क्या दिखता है
24:43 यहां पर हमें फ्रांस के अंतर्गत क्या दिखता है दोस्तों कि एक नया व्यक्ति शासन की गद्दी पर आता हुआ दिखता है और इनका नाम क्या है भैया इनका नाम है नेपोलियन क्या नाम है भैया इनका नाम है नेपोलियन और अगर आप लोग इतिहास को पढ़ रहे हैं और इतिहास के संदर्भ में जान रहे हैं तो आपको देखना है ना आप क्या देखते हैं दोस्तों कि अगर आप लोग इतिहास के संदर्भ में देखते हैं और इतिहास के संदर्भ में जानते हैं तो हम लोग ये देखते हैं कि भैया ये जो नेपोलियन है इनको इतिहास का सबसे बेहतरीन राजा कहा जाता है है ना दुनिया के इतिहास में ये सबसे बेहतरीन राजा थे अच्छा फ्रांस के अंतर्गत आप लोग देखते हैं दोस्तों कि वहां पर सरकार बन चुकी थी जो अमीरों का ही ध्यान रख रही थी तो जो फ्रांस के गरीब लोग थे वो एक मसीहा का इंतजार कर रहे थे हमारे जो नेपोलियन भाई साहब है ना ये एक साधारण से सैनिक होते थे ये अपने साथ कुछ लोग लोगों को जोड़ते हैं सन आप क्या देखते हैं
25:30 दोस्तों कि सन 1799 के आसपास ये अपना एक समूह बनाते हैं और लोगों को अपनी तरफ जोड़ना शुरू कर लेते हैं और फिर सन 1804 में क्या था दोस्तों कि वहां पर जो वो सरकार थी उसको हटाकर ये राजा बनते हैं ये कहते हैं कि हम राजतंत्र वापस लेकर आएंगे लेकिन एक अच्छा राजतंत्र लेकर आएंगे तो सन 1804 में हमारे नेपोलियन भाई साहब फ्रांस के एक नए शासक बनते हैं और 1815 तक ये फ्रांसी गद्दी पर बैठे रहते हैं और नेपोलियन ने क्या किया दोस्तों नेपोलियन ने जो फ्रांस के अंदर प्रजातंत्र था जिसमें सिर्फ अमीरों का ध्यान रख खा जा रहा था उसको समाप्त किया और एक नए प्रकार के राजतंत्र को हमारे नेपोलियन भाई साहब ने स्थापित किया हमारे जो नेपोलियन भाई साहब है ना इनको इतिहास का सबसे बेहतरीन राजा आखिर क्यों कहा जाता है उसको यहां पर अब हम लोग समझने की कोशिश करेंगे नेपोलियन जब 1804 में राजा बनता है ना तो वो बहुत सारे नए-नए नियम बनाता है और इन्हीं
26:16 नियमों को हम लोग क्या कहते हैं इन्हीं नियमों को हम लोग सिविल कोड या फिर नेपोलियन कोड के नाम से पुकारते हैं पता है इ इन इन कोर्ट्स के अंदर या फिर इन नियम के अंदर नेपोलियन भाई साहब क्या करते हैं नेपोलियन भाई साहब क्या करते हैं दोस्तों कि फ्रांस के अंतर्गत जो बड़ी-बड़ी समस्याएं थी ना उनको सॉल्व करने की कोशिश करते हैं तो सन 1804 में हमारे नेपोलियन भाई साहब राजगद्दी पर बैठे और बहुत सारे नए-नए नियमों को नेपोलियन ने लागू किया इन्हीं को हम लोग नेपोलियन कोर्ट के नाम से पुकारते हैं नेपोलियन के आने के बाद क्या हुआ दोस्तों नेपोलियन ने ये कह दिया कि भाई अब ना जन्म के आधार पर कोई स्पेशल अधिकार नहीं मिलेंगे पता है पहले क्या होता था कि मान लीजिए कि मैं एक अमीर व्यक्ति और अगर मेरे घर में कोई लल्ला लल्ला लोरी दूध की कटोरी पैदा हुआ तो मेरा जो बच्चा होगा उसको ऑटोमेटिक क्या हो जाएगा एक अमीर घर में पैदा होने की वजह से ज्यादा अधिकार मिलेंगे तो फ्रांस में
27:01 ऐसा ही हुआ करता था कि अगर कोई व्यक्ति अमीर घर में पैदा हो गया तो उसके पास ज्यादा अधिकार हैं और कोई गरीब घर में पैदा हुआ है व्यक्ति तो उसको कुछ भी अधिकार नहीं था आप क्या देखते हैं दोस्तों कि यहां पर नेपोलियन ने यह कहा कि जन्म के आधार पर जो मिलने वाले अधिकार है वो समाप्त अब कानून की नजर में सब समान होंगे देश के अंदर रहने वाला हर व्यक्ति यहां पर समान होगा किसी के साथ ऊपर नीचे का आप देखते हैं दोस्तों कि क्या होगा किसी भी प्रकार का कोई भी भेदभाव नहीं किया जाएगा उसी के साथ-साथ नेपोलियन ने क्या कह दिया कि का न की नजर में सब समान होंगे जन्म के आधार पर मिलने वाले अधिकार को नेपोलियन ने समाप्त कर दिया उसी के साथ-साथ इसने क्या किया दोस्तों देश के अंदर से जमीदारी व्यवस्था को खत्म किया सामंती व्यवस्था का मतलब जमींदार कि फ्रांस में क्या हुआ करता था फ्रांस के अंदर ना हमें बहुत सारे खेत दिखा करते थे और फ्रांस के अंदर इन खेतों के जो मालिक थे वो जमींदार हुआ करते थे या
27:46 फिर आप देखते हैं कि इन्हीं को हम लोग सामंत कहते हैं और ये जमींदार क्या करते थे ये जमींदार किसानों से खेती कराते थे थोड़ा बहुत पैसा राजा के पास जमा कर देते थे और बाकी सारा पैसा अपने पास रखते थे तो ये कि किसानों को लूट रहे थे देश को लूट रहे थे नेपोलियन ने जमीदारी व्यवस्था को भी खत्म खल्लास फिनिश कर दिया और उसी के साथ-साथ उसने किसानों पर लगने वाले जो बहुत सारे अलग-अलग प्रकार के टैक्स थे उनको खत्म कर कर सिर्फ एक टैक्स रखा कि भैया हम सिर्फ एक ही टैक्स रखेंगे बाकी ये जो अनावश्यक टैक्स हैं उनको हटा दिया देश के अंदर इसने क्या किया दोस्तों शिल्प मंडलिया जो पढ़ने की सामग्रियां होती हैं उसको छापना शुरू किया और उसी के साथ-साथ इसने क्या किया दोस्तों देश के अंदर आप देखते हैं कि यातायात को मजबूत किया देश के अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि सड़कों को बनवाया और देश के अंदर इसने डाक व्यवस्था को मजबूत किया तो उस समय के हिसाब से ये बहुत ही क्रांतिकारी बदलाव थे
28:32 और कोई ऐसा सोच ही नहीं सकता था कि भाई ऐसा भी किया जा सकता है तो हमारे नेपोलियन भाई साहब ने ये बड़े-बड़े कारनामे करके दिखा दिए अब नेपोलियन ने जब ये बड़े-बड़े कारनामे किए तो इससे संबंधित जनता की क्या प्रतिक्रिया रही थी उसको हम लोग समझते हैं है ना अब नेपोलियन ने ये जो बड़े-बड़े बदलाव किए इसको लेकर जनता क्या फील कर रही थी उसे यहां पर हम लोग देखते हैं नेपोलियन ने ये जो बदलाव किए उससे तो किसान कारीगर और मजदूर नेपोलियन के दीवाले हो गए हमारा नेता कैसा हो नेपोलियन भाई जैसा हो नेपोलियन जय जय जय जय इस तरीके के नारे आप देखते हैं कि हमें पूरे के पूरे अ फ्रांस के अंदर देखने को मिलने लगे थे और जो किसान लोग थे जो मजदूर लोग थे जो परेशान लोग थे जिनके पास बहुत सारे अलग-अलग प्रकार के टैक्स लिए जाते थे है ना उन सभी टैक्सों को नेपोलियन ने खत्म कर दिया था तो जो लोग थे आपको क्या दिखता है दोस्तों कि उन लोगों ने नेपोलियन के इन बदलावों को
29:20 बहुत अच्छे तरीके से पसंद किया और लोगों का ये मानना था कि जो फ्रांस में ये जो अच्छे कानून नेपोलियन ने बनाए हैं इससे देश के अंदर हमें बहुत बहुत अच्छे तरीके से आप देखते हैं कि बदलाव देखने को मिलेगा अब आगे देखते हैं दोस्तों कि क्या हुआ फ्रांस के लोगों ने तो इसको बहुत अच्छा माना लेकिन फ्रांस ने आप देखते हैं दोस्तों कि बहुत से दूसरे इलाकों में भी कब्जा किया हुआ था अब वहां के लोगों के लिए ये जो बदलाव थे ना नेपोलियन ने इन बदलावों को उन इलाकों पर भी क्या किया दोस्तों डालना शुरू कर दिया है ना अब शुरुआत में फ्रांस के लोगों की फ्रांस के अंदर आप देखते हैं कि लोगों ने तो उसको पसंद किया अब जो हमारा फ्रांस था ना इसने दूसरे देशों को भी कुछ दूसरे इलाकों को भी कब्जे में किया हुआ था तो जब शुरुआत में फ्रांस की सेना वहां गई तो वहां पर आप लोग देखते हैं दोस्तों कि उन लोगों ने इस चीज को बहुत अच्छे तरीके से इस्तेमाल किया अगर आपको याद होगा हमने यहां पर बहुत अच्छे
30:06 तरीके से पीछे वाले पॉइंट में आप सभी को बताया था कि जब फ्रांस में असली राष्ट्रवाद आ गया था है ना यानी कि ये कहा गया था कि तुम्हें देश से प्रेम करना है तो जो फ्रांस की सेना थी वो अपने आसपास के इलाकों में जाती है और इन इलाकों में क्या करती है असली देश प्रेम को फैलाने की बात करती है और उन उन इलाकों को अपने पास या फिर अपने अधीन करना शुरू कर दे दि है अब हमारे जो नेपोलियन भाई साहब थे उन्होंने क्या किया दोस्तों हमारे नेपोलियन भाई साहब ने जब ये पूरे के पूरे फ्रांस के अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि नए-नए नियम बनाए तो फ्रांस की जनता ने तो उसे बहुत अच्छे तरीके से सही माना लेकिन नेपोलियन ने उन इलाकों में भी इन बदलाव को किया जो नेपोलियन के क्या थे दोस्तों आप देखते हैं जो नेपोलियन के कब्जे में थे तो फ्रांस के कब्जे में या फिर नेपोलियन के कब्जे में जो बहुत से क्षेत्र थे वहां पर भी नेपोलियन के इस कोड को या फिर नेपोलियन संहिता को लागा लागू किया गया तो इन
30:52 इलाकों में जो रहने वाले लोग थे उनको शुरुआत में लगा कि चलो यार ये एक अच्छा नियम है है ना इससे हमारा जीवन बेहतर हो जाए लेकिन नेपोलियन जी ने ना यहां पर क्या कर दिया दोस्तों इस इलाके के अंदर टैक्स थोड़ा ज्यादा लेना शुरू कर दिया और उसी के साथ-साथ इन लोगों को अपनी सेना के अंदर भी जबरदस्ती शामिल करना शुरू कर दिया तो शुरुआत में जिन इलाकों पर नेपोलियन ने कब्जा किया था उनको लग रहा था कि हमारे लिए जीवन अच्छा हो जाएगा शुरुआत में कुछ समय तक उनके लिए अच्छा रहता है लेकिन बाद में उनसे ज्यादा टैक्स लेना शुरू किया जाता है और उसी के साथ-साथ उनको जबरदस्ती सेना में शामिल किया जाता है तो जो वो लोग थे ना वो क्या करने लग जाते हैं वो नेपोलियन के इन बदलावों को कहीं ना कहीं विरोध के तौर पर देखने ने को करना शुरू कर देते हैं ठीक है तो यहां तक हमने नेपोलियन क्या था नेपोलियन कब आया नेपोलियन ने किन-किन बदलावों को किया उसके सामने अपनी सारी बातों को आप सभी के समक्ष रखा अब
31:38 यहां से हम लोग बात करेंगे दोस्तों क्रांति से पहले की स्थिति ठीक है बेटा अब ये क्रांति से पहले की स्थिति का मतलब क्या है यहां पर हम लोग सन 1789 से पहले पूरा का पूरा जो यूरोप रहा था वो किस परिपेक्ष में हुआ करता था उसको यहां पर हम लोग डिस्कस करेंगे ठीक है अरे मेरे साथ होग कहीं और चले गए जल्दी बताइए क्या आप सभी लोग यहीं पर मौजूद हैं है ना जल्दी बताइए है ना यहां तक आप लोग मौजूद हैं आगे बढ़े जल्दी बताइए दोस्तों अब नया पॉइंट आप सभी के साथ डिस्कस करें अब यहां से हम लोग डिस्कस करेंगे कि क्रांति से पहले जो हमारा पूरा का पूरा यूरोप रहा था आखिर वो किस तरीके से था 1789 की क्रांति से पहले यूरोप की क्या स्थिति थी वहां पर कौन लोग शासन करते थे उसको हम लोग बढ़ाएंगे आगे जल्दी बताइए है ना सर ये क्लास क्या डेली होगी बेटा डेली तो नहीं होगी सप्ताह में दो दिन होगी मंडे के दिन और फ्राइडे के दिन और हर दिन अलग-अलग क्लासेस आपको 3:00 बजे होती हुई दिखेंगी ठीक है जल्दी बताइए
32:25 यहां तक के पॉइंट्स क्लियर हैं आगे बढ़े जल् बताइए चलिए अब यहां से हम लोग क्या करते हैं दोस्तों यहां से हम लोग बहुत अच्छे तरीके से इस चीज को समझना शुरू कर देते हैं कि भैया क्रांति से पहले की स्थिति हमें किस परिपेक्ष में देखने को मिलती है अगर हम लोग ध्यान से देखें कि सन 1789 से पहले जो पूरा का पूरा यूरोप हमें देखने को मिलता है वो आज आज के तरीके का नहीं था जैसे आज अगर हम यूरोप के नक्शे को देखें वहां पर हमें जर्मनी दिखता है इटली दिखता है स्विट्जरलैंड दिखता है ये आधुनिक देश थे लेकिन सन 1789 से पहले आज से 350 साल पीछे अगर हम चले जाएंगे तो जर्मनी देश था
33:10 ही नहीं इटली भी नहीं था स्विटजरलैंड भी नहीं था बल्कि आपको क्या दिखता है कि जो पूरा का पूरा यूरोप था ना वहां पर छोटे-मोटे राजा थे और ये अपने आप में स्वतंत्र थे और ये छोटे-मोटे राजा क्या किया करते थे यूरोप के अंतर्गत शासन किया करते थे है ना और जो लोग थे ना दोस्तों वो क्या थे लोगों में कोई सांझा पहचान नहीं थी लोगों में कोई अपनेपन की भावना नहीं थी लोग क्या थे लोग अपने शासक के प्रति वफादार थे कि भाई जो हमारे राजा जी कहेंगे हम उस बात को मान लेंगे जो गलत राष्ट्रवाद था जो झूठा राष्ट्रवाद था लोग उस राष्ट्रवाद को मानते थे पहचानते थे लेकिन हम लोग देखें दोस्तों कि ये एक स्थिति हमें देखने को मिलती है दोस्तों 1789 से पहले पूरा का पूरा जो यूरोप था वहां पर राजतंत्र ही देखने को मिलता है छोटे-मोटे बड़े बड़े राजा देखने को मिलते हैं पूरे यूरोप में लोगों में अपनेपन की भावना नहीं थी लोग राजा के प्रति वफादार थे देश के
33:56 प्रति वफादार नहीं दिखा करते थे उसी के साथ-साथ अगर हम लोग देखें यहां पर एक शब्द आपके सामने रखा गया है जिसे हम लोग कह रहे हैं अभिजात वर्ग अब अभिजात वर्ग का मतलब क्या है बेटा इसको हम लोग एक और नाम से भी जानते हैं इसको हम लोग कहते हैं कुलीन वर्ग या फिर हम लोग इसको एक और नाम से भी पुकारते हैं इसको हम लोग कहते हैं अमीर लोग है ना अब यहां पर हम लोग जो डिस्कशन कर रहे हैं वो ये है कि सन 1789 से पहले जितने भी लोग थे अमीर लोग यूरोप के अंदर उनका जीवन कैसा था उसको हम लोग यहां पर देखते हैं कुलीन का मतलब अमीर लोग है ना हम इन्हें कुलीन भी कहते हैं बेटा जिनको हम लोग अभिजात वर्ग भी कहते हैं इसका मतलब होता है रिच पीपल अमीर लोग ये देखो कितने महंगे महंगे कपड़े पहने हैं हाय दीदी सब बढ़िया कैसी हो ओहो खुश हो ठीक है चलिए अब यहां पर हम लोग डिस्कशन कर रहे हैं कि जितने भी हमारे ये अमीर लोग थे आखिर ये
34:42 यूरोप के अंतर्गत किस तरीके से जिंदगी गुजारा करते थे ये जो अमीर लोग थे ना दोस्तों इनका किसी दूसरे व्यक्ति से कोई भी लेना देना नहीं था जैसे आज के टाइम पर देखो जो अमीर लोग होते हैं उनकी अपनी अलग जिंदगी होती है वो अपनी जिंदगी में मस्त रहते हैं उनको सामान्य लोगों से कुछ भी लेना देना बिल्कुल भी नहीं होता है और अमीर लोग जो थे ना दोस्तों उनकी जिंदगी जीने का शैली बिल्कुल अलग हुआ करती थी अमीर लोगों की बड़ी-बड़ी गांव बड़ी-बड़ी जागीर बड़ी-बड़ी जमीनें थी गांव के अंदर और शहरों में इनके बड़े-बड़े घर थे शहरों में ये रहते थे गांव की जमीनों पर ये खेती कराते थे वहां से इनको पैसा मिलता रहता था आपस में ही एक दूसरे के साथ शादियां कर करा करते थे और इनकी क्या थी दोस्तों फ्रेंच भाषा हुआ करती थी ये जो पूरे के पूरे यूरोप में रहने वाले अमीर लोग थे ना ये फ्रेंच भाषा को बोला करते थे कि अमीरों की भाषा यानी कि फ्रेंच भाषा है ये हमें देखने को मिला करता है तो जो अभिजात वर्ग
35:27 था या फिर जो अमीर लोग थे वो कुछ इस तरीके से हमें क्या दिखता है दोस्तों देखने को मिला करते थे ठीक है अब इसी के साथ-साथ क्या हुआ दोस्तों कि ये अभिजात वर्ग जो थे अमीरों अमीर लोग अमीरों में शादी कर रहे थे अमीर लोगों फ्रेंच भाषा बोलते थे अमीर लोगों की अपने-अपने बड़े-बड़े घर थे शहरों में गांव में बड़ी-बड़ी जमीनें थी और ये पूरा का पूरा हमें क्या दिखता है दोस्तों कि ये पूरा का पूरा अमीर वर्ग या फिर अभिजात वर्ग हमें देखने को मिलता है अब यहां पर ना हम क्या देखते हैं कि 1789 की क्रांति से कुछ समय पहले क्या होता है पूरे यूरोप में या फिर विशेष विक अगर हम लोग देखें फ्रांस के आसपास के देश में हमें क्या दिखता है दोस्तों कि एक नया ग ग्रुप आता हुआ दिखता है जिसको हम लोग मध्यम वर्ग कहते हैं अब ये क्या है दोस्तों इसको हम लोग यहां पर समझने की कोशिश करेंगे है ना तो 1789 की क्रांति से पहले अगर हम लोग यूरोप को देखें तो बहुत
36:13 अच्छे तरीके से हम लोग क्या देखते हैं कि यूरोप के अंतर्गत जो समाज था ना वो हमें तीन ग्रुप में बटा हुआ दिखता है क्या बैटा हुआ दिखता है यूरोप का जो समाज था वो हमें तीन ग्रुप में बंटा हुआ दिखता था और इनको हम लोग क्या कहते थे बेटा इनको हम लोग स्टेट कहा करते थे है ना और इसमें जो पहली था उसको कहा जाता था प्रथम स्टेट ये क्या था प्रथम स्टेट और इस प्रथम स्टेट के अंदर कौन लोग आते थे इसके अंदर जो धर्म का काम करने वाले चर्च लोग थे वो शामिल होते थे दूसरे कहलाते थे द्वितीय स्टेट और इस द्वितीय स्टेट के अंदर कौन लोग शामिल थे बेटा इस द्वितीय स्टेट के अंदर हमें देखते हैं कि जो अमीर लोग थे या फिर जो कुलीन लोग थे वो हमें दिखा करते थे और फिर हमें क्या दिखता है पूरे यूरोप के अंदर एक और भी समाज का रूप दिखता है जिसको हम लोग तृतीय स्टेट कहते थे और तृतीय स्टेट के अंदर कौन लोग शामिल थे तृतीय स्टेट के
37:00 अंदर किसान लोग शामिल थे हमारे मजदूर लोग शामिल थे उसी के साथ आपको दिखता है कि यहां पर दास जो थे वो लोग शामिल थे महिलाएं शामिल थी तो ऐसे-ऐसे लोग हमें देखने को मिलते हैं अब होता क्या है इसको ध्यान से देखते हैं है ना हमने फ्रांस के अंदर देखा कि फ्रांस का जो समाज था 1789 की क्रांति से पहले इन तरीकों से बटा हुआ था और ये जो प्रथम स्टेट और द्वितीय स्टेट के लोग थे इनकी जिंदगी बहुत अच्छा थी ये जो तृतीय स्टेट के लोग थे देश को चलाने का सारा खर्चा इन्हीं से राजा लोग लिया करते करते थे अब होता क्या है कि 1789 की क्रांति से पहले ना हमें क्या होता है दोस्तों कि दुनिया के अंदर हमें क्या होता है हमें आधुनिकीकरण होता हुआ दिखता है यानी कि दुनिया के अंदर मशीनें बनने लग गई थी और मशीनें बन गई थी और आप देखते हैं दोस्तों कि मशीनों के बनने की वजह से बिजली का भी आविष्कार हमें होता हुआ दिखा था तो मशीनें बननी शुरू हो गई थी तो ध्यान
37:46 से देखिएगा सन 1789 के बाद जब मशीनें बननी शुरू हो गई थी तो बहुत से जो तृतीय समुदाय में आने वाले लोग थे जो हमारे छोटे बहुत किसान थे हमारे छोटे बहुत मजदूर थे उन्होंने थोड़ा पैसा लगाकर क्या किया दोस्तों अपने व्यवसाय को शुरू किया अपने बिजनेस को शुरू किया और अब उनका व्यवसाय चल गया अब वो थोड़े अच्छे हो गए वो एकदम गरीब नहीं रहे जैसे वो पहले थे ना वो एकदम अमीर हो गए द्वितीय स्टेट की तरह वो एक नया ग्रुप हमें बनता हुआ दिखा जिसको हमने मध्यम वर्ग के नाम से पुकारा तो मध्यम वर्ग का मतलब मिडिल क्लास ना तो वो एकदम गरीब हैं तृतीय स्टेट की तरह ना वो एकदम अमीर थे द्वितीय स्टेट की तरह तो फ्रांस में आप देखें कि जिन लोगों ने अपने व्यापार को शुरू किया गरीब लोग उनके हालात थोड़े बेहतर हुए और अब वो क्या बन गए वो अब हमें मध्यम वर्ग के तौर पर आते हुए देखिए तो ये मध्यम वर्ग क्या है भैया ये मध्यम वर्ग वो वर्ग था जिसने क्या करा
38:32 दोस्तों आप देखते हैं कि थोड़ा बहुत पैसा लगाकर बिजनेस शुरू किया और अब बिजनेस शुरू करने की वजह से अब इनके हालात थोड़े बेहतर हो गए ये पहले की तरह एकदम गरीब नहीं रहे और ना ही एकदम अमीर हुए ये हमें एकदम मिडिल में देखने को मिलते हैं है ना अब आगे की कहानी को यहां पर हम लोग देखते हैं कि ये जो हमारे मध्यम वर्ग के लोग थे इन लोगों ने क्या किया दोस्तों कि ये जो मध्यम वर्ग के लोग थे क्योंकि ये खुद क्या थे ये तृतीय स्टेट से आते थे ये जितने भी हमारे मध्यम वर्ग के लोग थे ये खुद आप देखते हैं दोस्तों कि ये खुद तृतीय स्टेट से आते थे यानी कि इनका शोषण हुआ था इनको कोई अधिकार नहीं दिए गए थे तो इन लोगों ने क्या किया दोस्तों इन लोगों ने ना एकता की बात करी है ना एकता का मतलब रोल नंबर 16 एकता नहीं जो तुम्हारी क्लास में पढ़ती है एकता का मतलब कि हमें ना अपने साथियों को जोड़ना होगा है ना आप क्या देखते हैं कि जितने भी मध्यम वर्ग के लोग थे उन्होंने ये कहा कि भैया हम सभी लोग गरीब रहे और
39:18 हमें एकता करनी होगी यानी कि हमें राजाओं के खिलाफ खड़ा होना होगा और इन इन इन मध्यम वर्ग के लोगों ने क्या किया दोस्तों एक बात पर फोकस किया कि हमें एक ऐसा समाज बनाना होगा जिसमें सब लोग क्या हो दोस्तों जिसके अंदर सब लोग हमें समान दिखें जिसके अंदर हमें सब लोग समान दिखें और मध्यम वर्ग के लोगों ने क्या किया दोस्तों आप देखते हैं कि पढ़ाई की तरफ ध्यान दिया और लोगों को क्या किया दोस्तों आप देखते हैं कि समान अधिकारों की बातों को बताया ठीक है अब यहां से एक नए बिंदु को हम लोग आप सभी के साथ डिस्कस करेंगे जिसको हम लोग किस नाम से पुकार रहे हैं जिसको कहा जा रहा है उदार राष्ट्रवाद या फिर उदार राष्ट्रवाद उदार राष्ट्रवाद का मतलब क्या है इसको हम लोग बहुत अच्छे तरीके से आप सभी के सामने डिस्कस करना शुरू करेंगे और बहुत रोचक तरीके से इस बातों को डिस्कस करेंगे उदार राष्ट्रवाद का मतलब क्या है बेटा उदार राष्ट्रवाद का मतलब है कि बेसिकली क्या किया जाए कि जो लोग होंगे
40:03 उनमें क्या हुआ अब उनमें ना देशभक्ति की भावना पैदा होने लगी सन 1789 तक आते-आते जितने भी आप देखें दोस्तों कि फ्रांस के अंदर रहने वाले लोग थे उनके अंदर कहीं ना कहीं आप देखते हैं कि असली देश प्रेम की भावना पैदा होने लगी थी मध्यम वर्ग के लोगों ने लोगों में ये विश्वास डाल दिया कि भैया तुमको क्या करना होगा तुमको अपने राजा के खिलाफ कड़ा होना होगा और लोगों में उदार उदार का मतलब कि एक नए राष्ट्रवाद असली राष्ट्रवाद की भावना पैदा होनी शुरू हुई और यह असली राष्ट्रवाद की भावना हमें कहां पर पूरे तौर पर देखने को मिलती है सन 1789 के बाद यह पूरी की पूरी जो भावना थी वो हमें पूरे फ्रांस के अंदर देखने को मिलती है जहां पर जनता राजतंत्र को हटाकर क्या करती है संविधान को महसूस करती है और देश में संविधान को बनाया जाता है ठीक है अब यहां से कुछ हमारे और बिंदु होंगे अब एक बिंदु यहां पर हमारे सामने
40:48 रखा गया है और वो बहुत ही रोचक बिंदु हमें देखने को मिलता है फ्रांस के अंदर हम ये तो कह रहे हैं कि फ्रांस जो था वहां पर प्रजातंत्र आ गया था है ना हम कहते हैं कि फ्रांस के अंदर हमें प्रजातंत्र आ गया था 1789 में यहां पर हमें क्रांति होती हुई दिखी 1791 में इनका संविधान बना लेकिन क्या इस संविधान में सबको वोटिंग का अधिकार मिला था नहीं उसमें सिर्फ पुरुषों को ही वोटिंग का अधिकार दिया गया था और वो पुरुष जिनके पास संपत्ति या फिर प्रॉपर्टी हुआ करती थी बाद में आप देखें दोस्तों कि बाद में सन 1789 में सिर्फ पुरुषों को अधिकार दिया उन पुरुषों को जिनके पास संपत्ति हुआ करती थी और बाद में आप देखते हैं कि सभी पुरुषों को दे दिया गया है ना लेकिन इसमें अभी भी महिलाओं को अधिकार नहीं दिए गए थे है ना और आप देखते हैं दोस्तों कि फ्रांस के अंदर महिलाओं को जो वोटिंग का अधिकार था वो बहुत सालों के बाद मिला कब पुरुषों को अधिकार मिल गया 1711
41:35 में और महिलाओं को वोटिंग का अधिकार मिलता है सन 1946 में तो फ्रांस की जो महिलाएं थी वो अपने वोटिंग के लिए क्या करते रही दोस्तों लगभग 200 सालों तक लड़ाई लड़ती रही कि हमें भी पुरुषों के समान वोटिंग का अधिकार दिया जाए ठीक है यहां तक के बिंदु क्लियर है जल्दी बताइए दोस्तों यहां तक के बिंदु क्लियर है है ना जल्दी बताइए यहां तक के बिंदु क्लियर है है ना कोई कंफ्यूजन किसी बच्चे के के समक्ष नहीं है जल्दी से आप लोग बताइए दोस्तों यहां तक सारे के सारे बिंदु क्लियर हैं आगे बढ़ना शुरू करें है ना जल्दी बताइए दोस्तों क्लियर है ना यहां तक आगे बढ़े हां बढ़े आगे बेटा ठीक है आगे बढ़ते हैं और यहां से अब हमारे कुछ और बिंदु होंगे उनको भी एक-एक कर कर हम लोग डिस्कस करना शुरू कर देते हैं है ना सर अ ये ऐप पे नहीं हो रही क्लास नहीं बेटा ये सिर्फ
42:21 youtube1 शॉर्ट होगा क्वेश्चन आंसर्स भी हम लोग करेंगे बिल्कुल भी घबराने की जरूरत नहीं है हां बेटा आप इसको नोट कर सकते हैं नोट कर सकते हैं ठीक है अब यहां से ना हम लोग एक और नई चीज को आपके सामने रखेंगे जिसको कहा जा रहा है आर्थिक क्षेत्र में उदारीकरण यानी कि आप देखें आर्थिक का मतलब क्या होता है दोस्तों आर्थिक का मतलब होता है पैसा है ना आर्थिक का मतलब क्या होता है पैसा कि कैसे पैसे की वजह से भी कैसे आप देखते हैं दोस्तों कि पैसा या फिर आप देखते हैं कि कैसे व्यापार की वजह से भी लोगों में राष्ट्रवाद या फिर देश प्रेम पैदा हुआ उसको हम लोग यहां पर समझने की कोशिश करेंगे है ना और उसके संदर्भ में हम लोग क्या देखेंगे दोस्तों हम लोग देखते हैं कि भैया आज का जो हमारा जर्मनी है ध्यान से देखिएगा आज का जो हमारा जर्मनी है वह तो एक देश के तौर पर हमें देखने को मिलता है लेकिन एक देश बनने से पहले जर्मनी ना 39 अलग-अलग टुकड़ों में बंटा
43:09 हुआ था 39 अलग-अलग टुकड़ों में हमें जर्मनी बंटा हुआ दिखा करता था और अगर आप लोग देखें दोस्तों कि इन 39 अलग-अलग टुकड़ों में क्या था दोस्तों कि हर एक इलाके की आप देखते हैं दोस्तों क्या थी हर एक इलाके की एक अपनी अलग मुद्रा हुआ करते थी और उसी के साथ-साथ हर एक इलाके का नापने का मापन की प पद्धति अलग थी आप देखते हैं कि सामान को नापने की मापने की पद्धति अलग थी हर एक इलाके में मान लीजिए अगर मैं इस इलाके से यहां पर जा रहा हूं तो मुझे टैक्स देना पड़ता था और उसी के साथ-साथ अगर मैं इस इलाके से इस इलाके में जा रहा हूं तो मुझे यहां पर भी टैक्स देना पड़ता था तो आप देखिए कि जो पूरा का पूरा जर्मनी एक देश बनने से पहले 39 अलग-अलग इलाकों में बटा था हर इलाके की अपनी अलग मुद्रा थी हर इलाके के अंदर मापने का एक अलग तरीका था एक इलाके से दूसरे इलाके में जाने के लिए आपको टैक्स देना पड़ता था तो इससे जो यहां के व्यापारी लोग थे ना वो
43:54 बहुत ज्यादा परेशान थे क्योंकि उनको नुकसान ज्यादा होता था हर इलाके में जा रहे हैं टैक्स देना पड़ रहा है तो मुनाफा ज्यादा नहीं होता था लाभ ज्यादा नहीं होता था और इसीलिए क्या करते हैं दोस्तों हम देखते हैं कि सन 1834 में आप देखते हैं कि क्या किया जाता है कि जो व्यापारी लोग थे ना वो अपना एक समूह बनाते हैं जिसको क्या कहा जाता है जिसको हम लोग जाल वेरिन के नाम से पुकारते हैं अब ये जाल वेरिन क्या था जाल वेरिन आप देखते हैं दोस्तों कि ये जो व्यापारी लोग थे जो जर्मनी के इन इलाकों में रहा करते थे ये एक समूह बनाते हैं और इस समूह के तहत ये किया जाता है कि जितनी ये बहुत सारी मुद्राएं हैं इनको समाप्त करकर सिर्फ दो ही मुद्राएं रखी ें जिससे बिजनेस करने में हमें आसानी हो सके ये जो बहुत सारे टैक्स हैं इनको भी कम करके दो टैक्स कर दिया जाता है जिनसे कम से कम आप देखें दोस्तों कि व्यापार करना सरल हो जाए और मापन की समान पद्धति आप देखते हैं दोस्तों कि लाई जाती है तो कैसे
44:40 आप देखते हैं कि क्या हुआ कि कैसे व्यापार की वजह से है ना लोगों में अपनेपन की भावना पैदा हुई लोगों को समझ में आया कि हम सभी एक ही हैं और ये आपस में हमें जुड़ते हुए दिखे तो व्यापार की वजह से भी हमें क्या होता है दोस्तों अ यूरोप के अंतर्गत राष्ट्रवाद या फिर देश प्रेम की भावना हमें देखने को यहां पर मिलती है ठीक ठीक है अब यहां तक तो हमने देख लिया कि भैया ये जाल वेरिन क्या थी और इस जाल वेरिन के अंतर्गत आप लोग देखते हैं कि जो वहां के व्यापारी लोग थे उन्होंने लोगों में क्या किया था अपने अंदर देश प्रेम की कि हम एक ही हैं हमारी भाषा तो एक ही है उनको एक करने की कोशिश कर दी थी अब आगे बढ़ते हैं बेटा और यहां से ना हमने जानवरी को बहुत अच्छे तरीके से देखा और कैसे पैसे या फिर व्यापार ने लोगों में देशप्रेम या फिर अपनेपन की भावना को जोड़ दिया लोग जुड़ गए ना आपस में जुड़ गए पहले अलग-अलग बटे हुए थे बहुत सारे अलग-अलग टैक्स थे अलग-अलग मापन की पद्धति थी तो इस व्यापारिक समूह जाल वेरी ने लोगों को जवा
45:27 कर दिया पेपर में पूछा जाता है कि जाल वेरिन कब बना 1834 में जाल वेरिन क्या थी एक व्यापारिक संस्था थी व्यापारियों ने बनाई थी उसको आपको बता देना है अब यहां से ना हम लोग क्या करेंगे बेटा अब यहां से हमारा जो कहानी का हीरो चलता आ रहा था उसके बारे में डिस्कशन करेंगे और हमारे इस कहानी के हीरो की पूरी कहानी को हम लोग खत्म करेंगे अब दोस्तों अगर आपको याद होगा हमने डिस्कशन किया था कि फ्रांस के अंदर राजा बनता है कौन राजा बनता है हम सभी को पता है कि जो हमारा फ्रांस का राजा था वो था हमारा नेपोलियन भाई साहब किस सा में बना था राजा मुझे याद दिलाना जरा जल्दी से बताना कि किस वर्ष के अंतर्गत हमारे नेपोलियन चाचा की आप देखते हैं दोस्तों कि ताज पोषी हुई थी या फिर उनको राज गद्दी पर बैठाया गया था जल्दी बताइए जल्दी बताइए है ना जल्दी बताइए है ना छिपकली कुमारी और चंपक चाचा जल्दी बताइए कि किस वर्ष के
46:12 अंतर्गत हमारे जो नेपोलियन भाई साहब थे उनको राजगद्दी के ऊपर बिठा दिया गया ढंग ढंग ढंग जल्दी जल्दी से आप लोगों को अपने आंसर्स बता देने बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया सतलोक जी उसी के साथ दुर्गेश भी और बच्चों के आंसर देखने भैया गिरधारी जी प्रगति जी और और बच्चों के आंसर हैं आकांशा लल्लू अबे सच में इस बच्चे ने अपना नाम लल्लू रख रखा है लल्लू रखा है कि लालू रखा है मेरी आंखें खराब हो गई क्या नहीं इस बच्चे ने बिल्कुल सही आंसर दिया है आप सभी बच्चों ने बिल्कुल सही आंसर दिया है कि भैया हमारे ये जो नेपोलियन भाई साहब थे ये सन 1804 में आप क्या देखते हैं कि राज गद्दी पर बिठाए जाते हैं और जब ये सन 1804 में राजगद्दी पर बैठ गए तो आप देखते हैं कि बहुत सारे ये बदलाव लेकर आते हैं और ये जो बदलाव लेकर आ रहे थे ना इनके बदलाव की वजह से इनके दे दे में तो माहौल अच्छे थे
46:58 लेकिन जो इनके आसपास के दूसरे देश थे है ना नेपोलियन या फिर फ्रांस के आसपास के जो दूसरे देश थे कौन से देश ये जो ब्रिटेन था रूस था पर्शिया था ऑस्ट्रिया था इन देशों के जो राजा थे ना वो नेपोलियन से ईर्षा करने लगे थे वो नेपोलियन से जलने लगे थे कि ये सबको अधिकार दे रहा है ये जन के आधार पर अधिकार नहीं दे रहा ये सबको समान मान रहा है तो आप क्या देखते हैं कि नेपोलियन से नेपोलियन के आसपास के जो दूसरे देशों के राजा लोग थे वो बहुत ज्यादा नफरत करने लगे थे और फिर आ जाता है सन 1815 का जिसके अंदर आप देखते हैं दोस्तों कि जो चारों देश थे ब्रिटेन रूस पर्शिया और ऑस्ट्रिया ये सभी इकट्ठा हो जाते हैं नेपोलियन के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए आ जाते हैं और यहां पर हमें होता हुआ दिखता है वाटर लू का युद्ध वाटर लू का युद्ध क्या है बेटा वटर लू का युद्ध मतलब है कि एक तरफ हमारा नेपोलियन होता है दूसरी तरफ ये चारों देशों की सेनाएं होती
47:43 हैं वाटरलू नामक जगह पर ये लड़ाई होती है जिसमें हमारा नेपोलियन भाई साहब हार जाता है नेपोलियन को पकड़कर जेल में डाल दिया जाता है और फिर आप देखते हैं दोस्तों कि क्या होता है सन 1822 में नेपोलियन की मौत हो जाती है ठीक है तो कुछ इस तरीके से नेपोलियन की कहानी खत्म हुई अब होता क्या है दोस्तों कि नेपोलियन की हार के बाद जितने भी ये जीते हुए देश थे जैसे ब्रिटेन हुआ रूस हुआ पर्शिया हुआ या फिर ऑस्ट्रिया हुआ ये लोग क्या करते हैं ये ना जो पुरानी सोच थी रूढ़िवाद का मतलब क्या है बेटा रूढ़िवाद का मतलब है कि पुरानी सोच के भाई तुम्हें राजा के प्रति ही वफादार रहना है जो राजा ने कह दिया वो तुमको मानना है तुम्हें देश से प्रेम नहीं करना तुम्हें राजा से प्रेम करना है तो जब नेपोलियन हार गया नेपोलियन को जेल में डाल दिया गया ये जो देश जीत गए ये जीते हुए देश पूरे के पूरे यूरोप के अंदर जो पुरानी सोच थी
48:28 रूढ़िवाद का मतलब जो पुरानी सोच थी ना उसको लाना शुरू कर देते हैं और ये क्या करते हैं दोस्तों कि यूरोप के अंदर इस बात की तरफ ध्यान दिया जाता है कि जो पुराना ढांचा था है ना उसी को स्थापित किया जाएगा राजतंत्र ही होगा और इस राजतंत्र में जो जनता होगी वो राजा के प्रति समर्पित रहेगी जो राजा कहेगा वो मानना होगा और इन जीते हुए देशा ने देशों ने और भी चीजें करी जो नेपोलियन ने बदलाव किए थे ना इन्होंने कह दिया कि भाई हम उनको मानेंगे ही नहीं हम क्या करेंगे हम अपने हिसाब से पूरे यूरोप को चलाएंगे है ना क्या कह दि दिया गया कि जितने भी जीते हुए देश थे इन्होंने अपनी सेना को थोड़ा मजबूत किया उसी के साथ-साथ इन्होंने क्या किया दोस्तों कि जो राजतंत्र था ना उसको मजबूत करने की कोशिश की नेपोलियन के जो बदलाव थे उनको हटाया और एक तरीके से जो पुरानी सोच रही थी उसको इन लोगों ने लाना शुरू कर दिया अब होता क्या है कि जितने भी ये जो देश थे जिन्होंने
49:14 नेपोलियन को हराया था ये एक जगह पर बैठते हैं सन 1815 में जब हमारा नेपोलियन भाई साहब हार गया वाटरलू का युद्ध और उसके बाद ये जो जीते हुए देश थे ब्रिटेन रूस पर्शिया और ऑस्ट्रिया ये लोग क्या करते हैं दोस्तों कि सन 1815 में एक मीटिंग तय करते हैं कि अब नेपोलियन तो चला गया अब कैसे पूरे यूरोप को हमें संभालना होगा हमारे पास जिम्मेदारी है हम कैसे चलाएंगे और हम अगर पुरानी सोच लेकर आना चाह रहे हैं तो कैसे लेकर आएंगे इसको लेकर एक मीटिंग की जाती है जो वियाना में होती है वियाना क्या है ये जो ऑस्ट्रिया नामक देश है इसकी राजधानी है और इस मीटिंग को कौन ऑर्गेनाइज करता है बेटा इस मीटिंग को करता है ऑस्ट्रिया का चांसलर चांसलर का मतलब वहां का शासक कह सकते हैं वहां का राजा कह सकते हैं जो ऑस्ट्रिया का राजा था मेटरनिख है ना ड्यूक ये रहा भैया ड्यूक मेटरनिख है ना ये क्या
49:59 करता है सभी जीते हुए देशों को बुलाता है कि आ जाओ आ जाओ डिस्कशन करेंगे कि कैसे अब हमें यूरोप को आगे बढ़ाना है और इसी मीटिंग में तय होता है दोस्तों इसी मीटिंग को हम लोग वियाना संधि कहते हैं संधि का मतलब वियाना के अंदर किया गया वादा के ये देश क्या-क्या वादा करेंगे यूरोप से संबंधित इसको हम लोग देखते हैं सबसे पहले ये क्या करते हैं दोस्तों इसी वियाना मीटिंग में ये तय होता है कि अब नेपोलियन तो है नहीं है ना अब नेपोलियन को तो हटा दिया गया है नेपोलियन को जेल में डाल दिया इन देशों ने अब नेपोलियन के जाने के बाद फ्रांस में किसको राजा बनाए तो आप लोग देखते हैं कि क्या किया जाता है कि ये बहुत ही अजीब काम करते हैं ये जीते हुए जो देश थे नेपोलियन के जाने के बाद जो फ्रांसीसी क्रांति हुई थी ना लुई सोलवा अगर आपको याद होगा दोस्तों लुई सोलवा तो वो जो लुई सोलवा के परिवार था ना उसको आप
50:44 लोग देखते हैं दोस्तों कि वियाना संधि में दोबारा राजगद्दी पर बैठा दिया जाता है लुई सोलवा बर्बो वंश से संबंधित था तो लुई सोलवे के परिवार को आप देखते हैं कि नेपोलियन के जाने के बाद दोबारा से गद्दी दे दी जाती है और और ये कहा जाता है कि भैया नेपोलियन ने जो भी बदलाव किए हैं उनको हमें क्या करना होगा उनको हमें बदल देना होगा तो सबसे पहले फ्रांस के अंदर बोबो वंश लुई सोलवे के परिवार को वापस राजगद्दी पर बिठाया जाता है उसी के साथ-साथ जो फ्रांस की सीमा नेपोलियन ने क्योंकि बहुत सारे इलाके जीत लिए थे तो आप देखते हैं दोस्तों कि जितनी भी फ्रांस की सीमा थी उसको छोटा किया जाता है है ना तो ये जो आप देखते हैं कि जो उत्तरी वाला हिस्सा था उसको ब्रिटेन रख लेता है ये जो पूर्व वाला हिस्सा था उसको आप देखते हैं दोस्तों कि रूस रख लेता है उसी के साथ-साथ आप देखते हैं दोस्तों कि जो दक्षिण का कुछ भाग था उसको ऑस्ट्रिया रख लेता है तो फ्रांस को बहुत छोटा कर दिया जाता है और
51:29 फ्रांस के जितने भी अधिकतर हिस्से थे उनको ये जीते हुए देश क्या कर लेते हैं दोस्तों कब्जे में कर लेते हैं है ना उनको क्या कर लिया जाता है दोस्तों इन जीते हुए देशों के द्वारा कब्जे में कर लिया जाता है तो समस्त जो फ्रांस था उसकी सीमा बहुत ज्यादा छोटी कर दी जाती है उसी के साथ ये कहा जाता है कि भैया क्या होगा कि अब 1815 के बाद से रूढ़ीवादी शासन वापस आ गया है यानी के जो पुरानी सोच थी ना वो यूरोप के अंदर आ गई है अब तुम्हें राजा के प्रति वफादार होना तुम राजा के खिलाफ कुछ बोल नहीं सकते अगर तुम बोलोगे या फिर उनका विरोध करोगे तो तुम्हें बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तुम्हें सजा दे दी जाएगी बड़ी खतरनाक उसी के साथ-साथ आप अखबारों में किताबों में अपने शासकों के प्रति या फिर क्या है कुछ भी नहीं बोल सकते और हर चीज पर सेंसर होगा सेंसर का मतलब कि राजा लोग हर चीज देखेंगे और उन्हीं से पूछ पूछ कर हर एक चीज को आप देखते हैं कि किताबों में
52:16 या फिर अखबारों में छापा जाएगा तो कुछ इस तरीके की स्थिति आप देखते हैं दोस्तों कि सन 1815 में हमें होती हुई दिखी थी है ना तो ये थी व्याना संधि क्यों हुई कब हु हुई और इसमें क्या बदलाव हुआ वो हमने देखा और पुरानी सोच हमें दोबारा से यूरोप के अंतर्गत आती हुई देखिए अब यहां पर हम लोग डिस्कशन करेंगे एक व्यक्ति विशेष के बारे में जिनको कहा जा रहा है एक बहुत ही फेमस क्रांतिकारी अब ये जो क्रांतिकारी है भैया ये रहे आपके सामने आप में से कितने बच्चे हैं जो इनका नाम जानते हैं क्या कोई बच्चा है जो इनके नाम को हमारे सामने बता सकता है क्या लगता है दोस्तों ये जो व्यक्ति आपके सामने रखा गया है इसका नाम क्या है जल्दी से आपको इनके नाम को हमारे सामने प्रस्तुत कर देना होगा जल्दी बताइएगा इस व्यक्ति का नाम क्या है जो आपके स्क्रीन पर बेटा रखा गया है जल्दी बताइए है ना देखते हैं कि कौन बालक या बालिका इस सर को बताएगा जल्दी बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया है ना
53:04 गिरधारी सिंह जी ने बिल्कुल सही आंसर दिया दुर्गेश ने बिल्कुल सही दुर्गेश पता है एक आजकल एक बहुत फेमस instagram2 श नाई अगर आपने सुना होगा वो ऐसे बोलते हैं खड़काओ क्या अगर आपने देखा होगा उनका वीडियो बहुत फनी वीडियो बनाते हैं वैसे व है ना और र में कटिंग करते हैं लोग अपने एडवर्टाइजमेंट कर रहे हैं देखो बिल्कुल सही आप लोगों ने आंसर दिया बेटा है ना इन इस व्यक्ति का नाम क्या है दोस्तों इस व्यक्ति का नाम है मैजिनी है ना और ये जो हमारे मैजिनी भाई साहब हैं ये किससे संबंधित है ये इटली देश से संबंधित है और मेजनी भाई साहब क्या करते हैं दोस्तों कि इटली में जो असली राष्ट्रवाद है कि तुम्हें अपने देश से प्रेम करना है उसके लिए ये बहुत ज्यादा मेहनत करते हैं कौन है भैया ये हैं हमारे प्यारे से कौन दोस्तों आप देखते हैं कि ये हैं हमारे प्यारे से मेजनी भाई साहब जो इटली में
53:51 असली देश प्रेम की कोशिश करते हैं है ना तो आप देखते हैं दोस्तों कि ये जो हमारे मेजनी भाई साहब थे 18 1807 में इनका जन्म होता है और ये इटली के एकीकरण में इटली के अंदर असली जो देश प्रेम था उसको पैदा करने में बहुत बड़ा योगदान देते हैं सबसे पहले ये एक सीक्रेट सोसाइटी के साथ जुड़ते हैं जब ये बचपन में थे थोड़े जवान होते हैं तो ये सीक्रेट सोसाइटी के साथ जुड़ते हैं सीक्रेट सोसाइटी का मतलब कि छुपकर लोगों में देश प्रेम की भावना ये पैदा करने की एक सोसाइटी एक समूह के साथ जुड़ते हैं जिसको कार्बोना कहा जाता था तो कार्बोना के साथ मिलकर ये लोगों में असली देश प्रेम की भावना को आगे बढ़ाने की बात करते थे जब ये 24 साल के होते हैं सन 1831 में तो आप देखते हैं दोस्तों कि लगुरिया नामक इलाके में असली राष्ट्रवाद की बात करने पर कि तुम्हें राजा से नहीं तुम्हें देश से प्रेम करना है इस बात का जब ये प्रचार कर रहे थे तो इन पर इन पर केस किया जाता है
54:37 और उनको देश से बाहर भेज दिया जाता है हमारे जो ये मेजनी भाई साहब थे ये क्या करते हैं दोस्तों कि शुरुआत में कार्बोना के साथ जुड़ते हैं बाद में ये खुद दो सीक्रेट सोसाइटीज बनाते हैं और ये दोनों जो सीक्रेट सोसाइटीज थी ये क्या करती हैं बेटा आप देखते हैं कि राष्ट्रवाद को कि जो असली देश प्रेम है उसकी बात हमें करती हुई दिखती हैं सबसे पहले आप देखते हैं दोस्तों कि इटली में एकीकरण को मजबूत किया जाए इसके लिए यंग इटली संगठन बनाते हैं ये जो मसे नामक इलाके में बनाया जाता है और उसी के साथ-साथ पूरे यूरोप के अंदर असली राष्ट्रवाद के लोग देश से प्रेम करें राजाओं से नहीं इसके लिए बर्न नामक इलाके में ये यंग यूरोप संगठन बनाते हैं हमारे मेजनी भाई साहब अच्छा मेजनी का ये मानना था कि जो मनुष्य है ना मनुष्य कि जो भगवान ने उसको बनाया है उसकी पहचान उसके देश से है है ना मन मेजनी का ये मानना था कि जो
55:23 हर व्यक्ति है हर व्यक्ति विशेष की जो पहचान है वो उसके के देश से है ना और आप देखेंगे दोस्तों मनुष्य को क्या करना होगा कि ह अपन अगर उनका इलाका अलग-अलग टुकड़ों में बटा हुआ है तो उनको जोड़ना होगा तो इटली जो था दोस्तों आप देखते हैं कि वो सात अलग-अलग टुकड़ों में बटा हुआ था एक देश बनने से पहले और इन सात अलग-अलग टुकड़ों को एक करने की कोशिश और अपने यहां पर असली राष्ट्रवाद कि तुम्हें देश से प्रेम करना है राजाओं से नहीं इसकी कोशिश हमारे मेजनी भाई साहब ने की थी और मेजनी भाई साहब से प्रभावित होकर बहुत सारे और इलाकों में भी जैसे स्विट्जरलैंड में फ्रांस में पोलैंड में में बहुत सी और सीक्रेट सोसाइटीज बनती हैं जो असली राष्ट्रवाद था उसकी आप देखते हैं दोस्तों कि हमें आगे ब राष्ट्रवाद की बात करते हैं मैजिनी की विचारधारा से अधिकतर आप देखते हैं दोस्तों कि जो पढ़े लिखे लोग थे है ना
56:09 जिनमें स्कूल के टीचर थे क्लर्क थे ये बहुत ज्यादा प्रभावित हुए थे और ये मेजनी के समूह में हमें शामिल होते हुए दिखे तो ये जो ये थे हमारे जोसप मेजनी है ना और कहीं-कहीं पर इन्हें मेसिनी भी कहा जाता है क्योंकि ये एक इटालियन इटालियन नाम है बेटा तो पेपर में मेजनी भी लिखा होगा और पेपर के अंदर मैनी भी लिखा होगा तो बिल्कुल भी घबराने की आवश्यकता नहीं है अब यहां से हम लोग आप सभी को एक नए बिंदु की तरफ लेके जाएंगे और इसको हम बहुत अच्छे तरीके से आप सभी के सामने रखना शुरू कर देंगे जिस टॉपिक को यहां पर हम लोग डिस्कस कर रहे हैं उसका नाम है ग्रीस क्या नाम है बेटा इस चैप्टर का नाम इस बिंदु का नाम है ग्रीस है ना और ग्रीस को अगर हम लोग ध्यान से देखें इसको हम लोग हिंदी में किस नाम से जानते हैं इसको हम लोग हिंदी में कहते हैं बेटा यूनान क्या कहा जाता है इसको इसको हम लोग यूनान के नाम से जानते हैं अब ये जो यूनान था इसको ध्यान से हम लोग
56:54 समझेंगे ताकि कोई भी कंफ्यूजन हमारे प्यारे बच्चों के सामने नहीं रहे देखिए ये जो पूरा का पूरा हमारा क्या है बेटा ये था ये जो पूरा का पूरा इलाका है ना ग्रीन ग्रीन यही है बेटा क्या ये कहलाता है ग्रीस या फिर इसको हम लोग क्या कहते हैं भैया इसको हम लोग कहते हैं यूनान है ना ये क्या इलाका था दोस्तों यूनान अब इस यूनान देश पर आप देखें कि एक दूसरे इलाके ने कब्जा कर लिया था जिसको हम लोग किस नाम से पुकारते हैं जिसको हम लोग बहुत अच्छे तरीके से यहां पर आपको बताना शुरू करते हैं और कोई भी कंफ्यूजन हमारे बच्चों के सामने नहीं रहने देंगे तो मान लीजिए कि ये जो इलाका है ये है ग्रीस और और इस ग्रीस पर आप लोग देखते हैं दोस्तों कि एक और बड़े क्षेत्र ने एक बड़े देश ने कब्जा कर लिया था और इस बड़े इलाके को हम लोग क्या कहते हैं बेटा इस बड़े इलाके को हम लोग ऑटोमन साम्राज्य के नाम से पुकारते हैं पुराना नाम था इसका ऑटोमन साम्राज्य आज के समय में हम लोग इसको तुर्की देश के नाम से
57:41 पुकारते हैं तो ये जो तुर्की देश था इसने ग्रीस पर अपना क्या कर लिया था कब्जा कर लिया था ठीक है बेटा ये जो ग्रीस था जिसको हम लोग यूनान भी कहते हैं ये क्या बन गया था ये ऑटोमन साम्राज्य का गुलाम बन गया था छोटा देश था गुलाम बना लिया ऑटोमन साम्राज्य के लोगों ने चलो भाई गुलाम बना लिया ठीक है लेकिन आप देखते हैं कि जो ऑटोमन साम्राज्य के लोग थे ना इनका आप देखते हैं दोस्तों कि जो संस्कृति थी है ना वो क्या थी आप देखते हैं कि इनकी संस्कृति मुस्लिम संस्कृति थी कैसी संस्कृति थी इनकी संस्कृति मुस्लिम संस्कृति थी और ये क्या करते हैं कि ये अपनी मुस्लिम संस्कृति को यूनान के लोगों पर थोपना शुरू कर देते हैं और यूनान के
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