0:16 नमस्कार अस्सलाम वालेकुम गुड इवनिंग सलाम नमस्ते गाइस मैं हूं आपका दोस्त मनीष पाटिल और स्वागत करता हूं हमारे YouTube चैनल मार्गदर्शक गुरुजी में गाइस आज की क्लास बहुतेंट होने वाली है क्योंकि आज की क्लास से मैं दो-तीन पार्ट का एक सेशन बनाने ाने जा रहा हूं जिसमें मैं बात करूंगा 47 टाइप्स ऑफ वर्ब्स। जी हां दोस्तों इंग्लिश में बहुत सारी वर्ब्स होती है बहुत सारे टाइप्स की। तो आज का जो हमारा पार्ट होगा वो होगा वन जिसमें मैं बहुत सारी वर्ब्स के बारे में बात करूंगा। भारत में YouTube के इतिहास में इससे पहले इतना ज्यादा वर्ब्स के बारे में डिटेल कांसेप्ट कहीं पर भी नहीं आया हुआ है। अगर आप अपनी लैंग्वेज को बहुत शानदार बनाना चाहते हैं, अपने कांसेप्ट बहुत क्लियर करना चाहते हैं या लैंग्वेज को बहुत बारीकी से समझना चाहते हैं तो ये वीडियोस आप लोगों के लिए बहुत ज्यादा बेनिफिशियल
1:01 होने जा रहे हैं। तो गाइस आज हम लोग 40 टाइप्स ऑफ वर्ब्स पढ़ेंगे। आज हमारा डे होगा 135 और ये जो 47 टाइप्स ऑफ़ जो वर्ब्स हैं उसका पार्ट वन होने जा रहा है। इतना ज्यादा डिटेल वीडियो आपको कहीं नहीं मिलने वाला गाइस। है ना? आज फाइनाइट वर्ब्स, नॉनफाइनाइट वर्ब्स, ट्रांजिटिव वर्ब, इनट्रांजिटिव वर्ब, एंबे ट्रांजिटिव वर्ब, मोनोजिटिव वर्ब, देन डाय ट्रांजिटिव वर्ब। और इनके अलावा भी बहुत सारी वर्ब्स होती है गाइस। तो इंग्लिश लैंग्वेज में कौन-कौन सी वर्ब्स होती है? क्या किस वर्ब्स को बोला जाता है? उसमें वर्ब्स के एक्चुअल टाइप्स क्या होते हैं वो मैं पूरा क्लियर आज आप लोगों को करूंगा। तो एंड तक मेरे साथ लेकिन इससे पहले कि हम लोग क्लासेस को शुरू करें। आप सभी से मेरी रिक्वेस्ट है कि आ जाइए फटाफट फटाफट लाइव वीडियो को लाइक कर लीजिए। शेयरिंग का काम कर लीजिए
1:48 ताकि बहुत सारे लोगों तक हमारा वीडियो और ज्यादा अप्रोच कर पाए। कम ऑन गाइस आ जाइए फटाफट फटाफट। तो आज हम लोग बहुत ही इंपॉर्टेंट कांसेप्ट सीखेंगे गाइस जिसमें हम लोग 47 टाइप्स ऑफ वर्क्स पढ़ने वाले हैं। आ जाइए दोस्तों फटाफट फटाफट क्लासेस हो होने जा रही है शुरू। कम ऑन आ जाइए। कम ऑन गाइस गुड इवनिंग एवरीबॉडी। कम फास्ट। वी आर गोइंग टू स्टार्ट अ क्लास नाउ। कम ऑन। कम ऑन गाइस गुड इवनिंग एवरीबॉडी।
2:56 कम ऑन जल्दी-जल्दी आ जाइए गाइस। फिर हम लोग क्लासेस की शुरुआत करने जा रहे हैं। कम ऑन जल्दी-जल्दी आ जाइए। तो आज हम लोग 47 टाइप्स ऑफ वर्ब्स पढ़ने वाले हैं। वह भी फुल डिटेल में। चलिए क्लासेस की शुरू शुरुआत करें दोस्तों जल्दी से आइए फिर क्लासेस की हम शुरुआत करेंगे गाइस पढ़ने वाले हैं वो भी फुल डिटेल में चलिए क्लासेस की शुरू शुरुआत करें दोस्तों जल्दी से आइए फिर क्लासेस की हम शुरुआत चलिए हम क्लासेस की शुरुआत करने जा रहे
3:43 हैं दोस्तों। तो गाइस आज की जो हमारी क्लास होगी वो होगी 40 टाइप्स ऑफ वर्ब्स। ठीक है? हमारा डे होगा 135 और ये 47 टाइप्स ऑफ़ वर्ब्स इसका पार्ट वन होगा। ठीक है? चलिए क्लासेस की शुरुआत करते हैं। जिसमें मैं बहुत सारी वर्ब्स आप लोगों को पढ़ाने जा रहा हूं। जैसे फाइनाइट वर्ब्स क्या होती है? इनफाइनाइट वर्ब्स क्या होती है? ट्रांजिटिव वर्ब, इनट्रांजिटिव वर्ब, एंबे ट्रांजिटिव वर्ब, मोनोजिटिव वर्ब, देन ट्राई ट्रांजिटिव वर्ब्स। ये वर्ब्स होती क्या है? है। है ना? इस पर मैं डिटेल में बात करने जा रहा हूं। चलिए क्लासेस की शुरुआत करते हैं दोस्तों। गाइस सबसे पहले मैं आप लोगों को बताना चाहूंगा कि भाई ये 47 टाइप्स जो वर्ब्स होती है वो कौन-कौन सी होती है? तो आइए इस पर एक बार मैं डिस्कस कर लूं। देखिए 40 टाइप्स ऑफ वर्ब्स। अब ये 40 टाइप्स ऑफ़ 47 टाइप्स ऑफ़ वर्ब्स कौन-कौन सी होती है? देखिए फाइनाइट
4:30 वर्ब। नॉनफाइनाइट वर्ब देन ट्रांजिटिव वर्ब इनट्रांजिटिव वर्ब देन एम्बी ट्रांजिटिव वर्ब मोनोटाजिटिव वर्ब डाई ट्रांजिटिव वर्ब देन रेगुलर वर्ब इर्रेगुलर वर्ब देन स्ट्रांग वर्ब वीक वर्ब इंकोटिव वर्ब इंकोटिव वर्ब देन लिंकिंग वर्ब या जिसको कॉपुलर वर्ब के नाम से भी जानते हैं। लिंकिंग वर्ब या कॉपुलर वर्ब लैक्सिकल वर्ब जिसको मेन वर्ब या प्रिंसिपल वर्ब के नाम से भी जाना जाता है। ऑक्सिलरी वर्ब, मॉडल्स वर्ब, कॉजिटिव वर्ब, देन स्टेटिव वर्ब, डायनेमिक वर्ब, फ्रेजल वर्ब, प्रेपज़िशनल वर्ब, रिफ्लेक्सिव वर्ब, रेसिप्रोकल वर्ब, इरगेटिव वर्ब, इरगेटिव वर्ब, देन परसेप्शन
5:16 वर्ब, लाइट वर्ब, देन डलेक्सिकल या डीलक्सिकल वर्ब, मेंटल वर्ब, परफॉर्मेटिव वर्ब, फैक्टेटिव वर्ब, देन इंटेंसिव वर्ब, सेंसेशनल वर्ब, कॉग्निटिव वर्ब, देन वोल। ल वर्ब देन इमोटिव वर्ब एकिस्टेंशियल वर्ब देन प्राइमरी वर्ब कंक्लूसिव वर्ब नॉन कंक्लूसिव वर्ब देन इवेंट वर्ब इंसेप्टिव वर्ब हाइपोथेटिकल वर्ब फियंटिव वर्ब देन इंफिनिटिव वर्ब देन जर वर्ब पार्टिसिपल वर्ब और कंजक्टिव वर्ब गाइस ये है 47 टाइप की वर्ब्स पूरी डिटेल देने वाला हूं एक-एक वर्ब्स की लेकिन आज की जो हमारी क्लास होगी उसमें मैं बात करने वाला हूं फाइनाइट वर्ब नॉनफाइनाइट वर्ब, ट्रांजिटिव वर्ब,
6:01 इनट्रांजिटिव वर्ब, एंबे ट्रांजिटिव वर्ब, देन मोनो ट्रांजिटिव वर्ब, डाई ट्रांजिटिव वर्ब। गाइस ये होती क्या है? इस पर मैं बात करूंगा वो भी फुल डिटेल में। अगर आप डिटेल में सीखने के इच्छुक हैं, ये चैनल सिर्फ आपके लिए है। जो जल्दी-जल्दी शॉर्ट देख के सीखने की कोशिश कर रहे हैं। ये चैनल उनकी कोई मदद नहीं कर पाएगा। चलिए शुरुआत करते हैं दोस्तों हमारी पहली टाइप की वर्ब का। इंग्लिश लैंग्वेज में वर्ब ये बहुत इंपॉर्टेंट कांसेप्ट है। क्योंकि हम लोग डेली रूटीन में जो भी कन्वर्सेशन करते हैं, जो भी बातचीत करते हैं, है ना? अगर इंग्लिश में बातचीत हो रही है तो उसमें वर्ब्स का एक अहम योगदान होता है। अगर हमारी वर्ब्स क्लियर है तो हम लोग कभी भी इंग्लिश जो सेंटेंस बनाते हैं, उसमें कभी गड़बड़ हो नहीं सकती। तो गाइज, वर्ब ये बहुत इंपॉर्टेंट चैप्टर है। बहुत दिनों से
6:47 मिस हो रहा था। आज से आज से कम से कम तीन-चार दिन हम लोग इसको पार्ट वाइज पढ़ेंगे और पूरे 47 टाइप्स ऑफ वर्ब पूरे पढ़ लेंगे। देखिए पहली वर्ब 47 टाइप्स ऑफ़ वर्ब में पहली वर्ब वर्ब। गाइस ये फाइनाइट वर्ब होती क्या है? आइए उसको समझने की कोशिश करते हैं। व्हाट इज कॉल्ड फाइनाइट वर्ब। अ फाइनाइट वर्ब इज अ वर्ब दैट शोज़ टेंस एंड एग्रीज़ विथ द सब्जेक्ट चेंजेस अकॉर्डिंग टू द सब्जेक्ट। अब देखिए जरा समझिएगा क्या होता है। फाइनाइट वर्ब एक ऐसी वर्ब होती है जो टेंस को दिखाती है और एग्री करती है टेंस के सब्जेक्ट के हिसाब से। जैसा सब्जेक्ट होता है उसके हिसाब से ये एग्री करती है या टेंस के हिसाब से एग्री करती है। इट कैन स्टैंड अलोंग एस द मेन वर्ब इन अ सेंटेंस। और ये सेंटेंस में मेन वर्ब की
7:32 तरह खड़ी रहती है। ये अकेले मेन वर्ब की तरह आ सकती है। क्योंकि मेन वर्ब का मतलब क्या है? कि वो खुद ही सेंटेंस बनाने में काम आ सकती है। उसको किसी और दूसरी वर्ब की जरूरत नहीं है। तो गाइस इसको मैं थोड़ा सा हिंदी में समझाना चाहूंगा। फाइनाइट वर्ब वह क्रिया होती है जो टेंस या काल बताती है। सेंटेंस का टेंस क्या है? ये बताने का काम करती है। वर्ब और सब्जेक्ट के अनुसार बदलती है। देखिए सिर्फ सब्जेक्ट के अनुसार नहीं सब्जेक्ट और टेंस क्या है? सो सब्जेक्ट और टेंस के अनुसार बदलने वाली वर्ब्स को हम लोग फाइनाइट वर्ब्स कहते हैं। यह वाक्य में मुख्य क्रिया के रूप में आती है। जो ये सेंटेंस होता है। इसमें ये मेन वर्ब के रूप में आती है। तो फाइनाइट वर्ब मतलब क्या? ऐसी वर्ब जो सेंटेंस में टेंस या सब्जेक्ट के हिसाब से बदल जाती हो उसको हम फाइनाइट वर्ब कहते
8:20 हैं। और ये सेंटेंस में मेन वर्ब के रूप में आती है। और ये सेंटेंस में अकेली ही खड़ी रह सकती है भैया। मतलब ये आ रही है। फाइनाइट वर्ब आ रही है। मतलब सेंटेंस बन सकता है। कोई दिक्कत की बात नहीं है। अब ये फाइनाइट वर्ब एक्चुअल होता क्या है? थोड़ा सा इसको समझ लीजिए गाइस। मैं आपके सामने कुछ सेंटेंस लिखता हूं। जैसे देखिएगा जैसे मैं बाजार जाता हूं। आई गो टू मार्केट। ठीक है? आई गो टू मार्केट। यहां की वर्ब क्या है गाइस? गो यहां की वर्ब है। ठीक है? अगर मैं बोलता हूं वह बाजार जाता है। ही गोज़ टू मार्केट। वह बाजार जाता है। यहां की वर्ब क्या है? गोज़ तो वर्ब कौन सी है? गो या गोज़ दोनों वर्ब है। अब ये जो फाइनाइट वर्ब होती है, उसका मतलब क्या है? फाइनाइट वर्ब सेंटेंस में मेन वर्ब होती है गाइस। ये देखिए सेंटेंस में मेन वर्ब
9:05 है। अब ये जो मेन वर्ब है, इसी को हम फाइनाइट वर्ब बोलते हैं। जैसे राम ने खाना खाया। सो राम एट फूड। राम एट फूड। ये एट क्या है गाइस? ये एट है हमारी मेन वर्ब। इसी को हम फाइनाइट वर्ब बोलते हैं। जैसे मुझे तुम्हारा नेचर पसंद है। आई लाइक योर नेचर। मुझे तुम्हारा नेचर पसंद है। तो ये जो लाइक है वो हमारी मेन वर्ब है। तो गाइस जब भी सेंटेंस मैं आपको मैं बिल्कुल क्लियरली कहूं जब भी सेंटेंस एक वर्ब से बना हुआ है तो वो वर्ब्स फाइनाइट वर्ब्स ही कहलाती है। एक बार फिर मेरी बात को ध्यान दे दीजिएगा। जब भी जो भी सेंटेंस है वो एक वर्ब से अगर बना हुआ है तो वो फाइनाइट वर्ब ही होगी। देखिए और ये जो फाइनाइट वर्ब है ये टेंस के अकॉर्डिंग चेंज हो जाती है। टेंस के अकॉर्डिंग चेंज
9:51 होती है। इट मींस टू से जैसे देखिए मैं मुझे ये गाना पसंद है। सो आई लाइक द सॉन्ग। मुझे ये गाना पसंद है। तो देखिए ये हमारी फाइनाइट वर्ब है। मेन वर्ब सेंटेंस में ये मेन वर्ब का काम करती है। तो गाइस ये है हमारी मेन वर्ब। आई लाइक द सॉन्ग। ये है हमारी फाइनाइट वर्ब। ये टेंस के हिसाब से कैसे चेंज हो जाती है? सोचिए। अगर ये प्रेजेंट टेंस है। अगर मैं इसको पास्ट बना दूं कि मुझे ये गाना पसंद था। सो आई लाइक्ड आई लाइक्ड दिस सॉन्ग। मुझे ये गाना पसंद था। अब देखिए ये चेंज हो गया। क्यों? क्योंकि मैंने टेंस चेंज किया। मुझे ये गाना पसंद है। सो आई लाइक द सॉन्ग। मुझे ये गाना पसंद था। सो आई लाइक्ड। अब लाइक से क्या बन गया? लाइक्ड बन गया। उसका फॉर्म चेंज हो गया। तो ये फाइनाइट वर्ब चेंज कैसे हुई? टेंस के अकॉर्डिंग। अगर हम टेंस चेंज करते हैं तो
10:37 फाइनाइट वर्ब चेंज हो जाती है। इज इट ओके? देखिए अगर टेंस के साथ-साथ सब्जेक्ट भी बदलता है तो भी फाइनाइट वर्ब चेंज हो जाती है। जैसे मैं मैं गाना सुनता हूं। आई लिसन टू अ सॉन्ग। मैं गाना सुनता हूं। तो देखिए आई के साथ क्या आया? लिसन। ये जो लेसन है ये हमारी फाइनाइट वर्ब है। मैं आपको समझाना चाहता हूं कि जो फाइनाइट वर्ब होती है वो टेंस के हिसाब से या सब्जेक्ट के हिसाब से बदल जाती है। अगर वो टेंस और सब्जेक्ट के हिसाब से बदल रही है तो हम उसको गाइस फाइनाइट वर्ब बोलते हैं। जैसे देखिए आई लिसन टू अ सॉन्ग। अब आई के साथ लिसन आया है। लेकिन अगर मैं इसका सब्जेक्ट बदल दूं कोई सिंगुलर सब्जेक्ट ले लूं। जैसे वह गाना सुनती है। कोई लड़की है। सो शी लिसंस
11:25 शी लिसंस टू अ सॉन्ग। वह गाना सुनती है। देखिए लेसन लेसंस में बदल गया। ये जो लेसन था वो लेसंस में बदल गया। क्यों बदल गया? क्योंकि लिसन इसलिए आया था क्योंकि आई था। और ये जो शी आया हुआ है इसके लिए यहां लेसंस हो गया। क्या मेरी बात समझ में आ रही है? फिर एक बार देखिएगा। मुझे ₹10,000 चाहिए। सो आई वांट ₹1 थाउजेंड। मुझे ₹10,000 चाहिए। ठीक है? अगर मैं बोलूं आकाश को ₹10,000 चाहिए। सो आकाश आकाश वांट्स आकाश वांट्स ₹100 आकाश वांट्स ₹10000 इसमें देखिए ऊपर वाले में वांट है और नीचे वाले में वांट्स है। ये दोनों की दोनों गाइस फाइनाइट वर्ब्स
12:12 हैं। सेंटेंस की जो भी मेन वर्ब्स होती है उसी को हम फाइनाइट वर्ब्स बोलते हैं। एक बार फिर ध्यान दीजिएगा। सेंटेंस की जो मेन वर्ब्स होती है उसी को हम फाइनाइट वर्ब्स बोलते हैं। और दूसरी आइडेंटिफिकेशन है फाइनाइट वर्ब्स की कि ये सेंटेंस में ये सेंटेंस में टेंस और सब्जेक्ट के हिसाब से बदल जाती है। अगर टेंस चेंज हो रहा है तो वो फाइनाइट वर्ब चेंज हो जाती है या कोई सब्जेक्ट चेंज हो रहा है सिंगुलर या प्लुरल उसके हिसाब से फाइनाइट वर्ब चेंज हो जाती है। एक लास्ट एग्जांपल आपको देकर बताऊंगा। जैसे ही ही नीड्स माय सपोर्ट ठीक है दे नीड दे नीड माय सपोर्ट
12:58 देखिएगा यहां आया है हमारा सब्जेक्ट ही है हमारा सिंगुलर सब्जेक्ट और नीचे वाला दे ये है हमारा प्लुरल सब्जेक्टिकि ही है तो हमारी फाइनाइट वर्ब है नीड्स और चकि दे है तो हमारी फाइनाइट वर्ब्स है प्लुरल नीड तो ये नीड्स और नीड्स कैसे आता है गाइस? अकॉर्डिंग टू द सब्जेक्ट। अगर हमारा सब्जेक्ट सिंगुलर है तो वर्ब के साथ हमने एस लगाया हुआ है। और अगर हमारा सब्जेक्ट प्लुरल है तो वर्ब के साथ एस या ई एस लगाने की जरूरत नहीं पड़ती। हमको जानते हैं हम लोग। है ना? तो अगर सब्जेक्ट चेंज होता है तो वर्ब चेंज होगी तो वो फाइनाइट वर्ब होगी। क्या मेरी बात समझ में आ रही है? और अगर हम इनका टेंस भी चेंज कर दें। जैसे उसे मेरे सपोर्ट की जरूरत थी। सो ही नीडेड माय सपोर्ट। अब ये नीड्स नीड्स से नीडेड कैसे आ गया गाइस? क्योंकि हमने टेंस
13:43 चेंज किया। तो फाइनाइट वर्ब्स मतलब क्या? फाइनाइट वर्ब मतलब वो वर्ब्स जो सेंटेंस में मेन वर्ब के रूप में आती है। और अगर सेंटेंस का टेंस या सब्जेक्ट चेंज होता है तो फाइनाइट वर्ब ऑटोमेटिकली चेंज हो जाती है। उसे हम फाइनाइट वर्ब कहते हैं। वापस आता हूं उसी चीज पर। फाइनाइट वर्ब वह क्रिया होती है जो टेंस बताती है और सब्जेक्ट के अनुसार बदलती है। मैं फिर क्लियर कर दूं। सब्जेक्ट के अनुसार भी बदलती है और टेंस के अनुसार भी बदलती है। यह वाक्य में मुख्य क्रिया मेन वर्ब के रूप में आती है। यहां पर समझ लीजिएगा। वह फुटबॉल खेलता है। ही प्लेस फुटबॉल। अगर यहां पर आप यहां प्लेस को देखेंगे तो यहां पर ये जो प्लेस है वो मेन वर्ब है। और इसी को हम लोग फाइनाइट वर्ब बोलेंगे। पता है
14:30 क्यों? क्योंकि ही प्लेस फुटबॉल। यहां पर सेंटेंस ये है। अगर हम इसको बदल दें कि मैं फुटबॉल खेलता हूं तो आएगा आई प्ले फुटबॉल। फिर प्लेस नहीं आएगा। तो ये जो प्लेस है यही मेन वर्ब है और यही सब्जेक्ट या टेंस के हिसाब से बदलती है। तो जो वर्ब टेंस या सब्जेक्ट के हिसाब से बदलती है उसी को गाइस हम लोग कहते हैं फाइनाइट वर्ब। तो ये जो प्लेस है ये यहां पर फाइनाइट वर्ब है। शोज़ टेंस एंड चेंजेस विथ ही। ये ही के हिसाब से बदल गई। अगर हमारा सब्जेक्ट आई, यू, वी या दे होता या कोई और प्लुरल सब्जेक्ट होता तो वो प्ले होता। लेकिन चकि ही सब्जेक्ट आया हुआ है सिंगुलर। दैट इज व्हाई वी हियर वी यूज्ड प्लेस। ठीक है ना? और ये टेंस भी बता रही है कि कौन सा टेंस है? प्रेजेंट टेंस है। अगर यहां प्लेड लग जाएगा तो पास्ट टेंस हो
15:16 जाएगा। अगर विल के बाद प्ले आएगा तो वो फ्यूचर टेंस हो जाएगा। तो ये जो फाइनाइट वर्ब है ये टेंस बताने का काम भी करती है। अगला देखिएगा दोस्तों दे प्ले फुटबॉल। दे प्ले फुटबॉल। वे फुटबॉल खेलते हैं। यहां देखिए क्योंकि हमारा सब्जेक्ट है प्लुरल दैट इज व्हाई वर्ब वहां पर प्लुरल आई हुई है। मैं आपको क्लियर कर दूं गाइस जो वर्ब होती है वो भी मेन वर्ब भी सिंगुलर और प्लुरल होती है। जैसे मैं प्ले की बात करता हूं तो अगर ये प्ले आ रहा है तो हमेशा वर्ब प्लुरल ही होती है। मेन वर्ब प्ले प्लुरल है। अगर हमको इसको सिंगुलर बनाना होता है तो इसमें हम एस ई एस या आई एस जोड़ते हैं।कि प्ले में लास्ट में वाई है और उसके पहले वोवेल है इसलिए इसमें एस जुड़ता है। तो ये जो प्ले है ऊपर वाली वो प्लुरल वर्ब है और जो नीचे वाली है वो सिंगुलर वर्ब है। ठीक है? तो मेन वर्ब में
16:01 भी सिंगुलर और प्लुरल होता है। ठीक? आगे देखिए शी गोज़ टू स्कूल। अगला मैंने क्या लिया? शी गोज़ टू स्कूल। वह स्कूल जाती है। अगर आप यहां देखेंगे तो यहां की जो मेन वर्ब है गोज़ यही फाइनाइट वर्ब है। क्यों? क्योंकि शी गोज़ टू स्कूल है। अगर शी की जगह हम लोग कोई प्लुरल सब्जेक्ट ले लें। जैसे तुम स्कूल जाते हो। सो यू गो टू स्कूल हो जाए। फिर गोज़ नहीं होगा बल्कि गो होगा। ठीक है ना? तो गोज़ एक फाइनाइट वर्ब है। शोज़ प्रेजेंट टेंस और वो प्रेजेंट टेंस को दिखाती है। आई वेंट टू द मार्केट। अब देखिएगा अगर मैंने इसी का टेंस चेंज कर दूं तो मैं तो ये गो वेंट में बदल जाती है। सो आई वेंट टू द मार्केट। तो ये वेंट किसका सेकंड फॉर्म है? गो का ही। गो फाइनाइनाइट वर्ब है। वो टेंस के हिसाब से बदल सकती है। अगर ये प्रेजेंट टेंस है। शी गोज़ टू स्कूल। और अगर इसी को हम पास्ट टेंस में बदल दें तो क्या होगा? शी वेंट
16:48 टू स्कूल। तो गो का वेंट हो गया। फाइनाइनाइट वर्ब टेंस या सब्जेक्ट के हिसाब से बदल सकती है। तो ये बदली। ठीक है? चलिए आगे बढ़ते हैं दोस्तों। अगला है हमारा वी आर ईटिंग डिनर। हम डिनर कर रहे हैं। हम रात का खाना खा रहे हैं। सो वी आर ईटिंग डिनर। आप अगर यहां पर देखेंगे तो ये पूरा का पूरा ये है फाइनाइट वर्ब। ये पूरा का पूरा है फाइनाइट वर्ब। पता है क्यों? क्योंकि ये टेंस के हिसाब से सब्जेक्ट के हिसाब से बदलेगा। नहीं समझ में आ रही बात? देखो वी आर ईटिंग डिनर। वी आर ईटिंग डिनर। अब देखिएगा दोस्तों, यह टेंस या सब्जेक्ट के हिसाब से बदलेगा। हमारा सब्जेक्ट क्या है? वी। इसलिए यहां आर भी आया हुआ है। अगर हम यहां सब्जेक्ट कर दें आई, तो ये एम ईटिंग हो जाएगा। क्या हो गया? एम ईटिंग
17:34 डिनर। एम ईटिंग डिनर। तो अगर हम इसका टेंस चेंज कर दें। यही वाले वी वाले का टेंस चेंज कर दें। वी आर ईटिंग डिनर। उसको हम प्रेजेंट परफेक्ट में कि हम डिनर कर चुके हैं। तो क्या होगा? वी हैव ईटन डिनर। अब आप देखिए पूरा यह जो हमारा फाइनाइट वर्ब है पूरा चेंज हो गया। आर ईटिंग से हैव रिटन हो गया। क्यों? क्योंकि हमने टेंस चेंज किया। ये प्रेजेंट कंटीन्यूअस था। ये प्रेजेंट परफेक्ट है। तो जैसे ही हमने टेंस चेंज किया जो फाइनाइट वर्ब्स है वो ऑटोमेटिकली चेंज हो जाती है। क्या मेरी बात आप लोगों को समझ में आई गाइस? है ना? चलिए आगे इसको फिर समझ लेते हैं। तो आर इटिंग ये फाइनाइट है। शोज़ प्रेजेंट कंटीन्यूअस टेंस। देखिए ही वाज़ स्लीपिंग। अगर आप यहां देखेंगे तो ये वाज़ स्लीपिंग वाला ये जो पूरा पट्टा है ये पूरा जो
18:19 पार्ट दिख रहा है आपको ये पूरा का पूरा पार्ट कहलाता है हमारा फाइनाइट वर्ब। अगर हम टेंस चेंज कर देंगे तो ये बदल सकती है। है ना? जैसे देखो अगर ये पास्ट कंटीन्यूअस टेंस है। अगर मैं इसको पास्ट परफेक्ट में बनाऊं, पास्ट सिंपल में बनाऊं तो वर्ब भी चेंज हो जाएगी। जैसे ही वाज़ स्लीपिंग वो सो रहा था। अगर मैं इसको बनाऊं वह सो गया। सो ही स्लेप्ट हो जाएगा। ये पूरा बदल जाएगा। तो फाइनाइनाइट वर्ब टेंस के हिसाब से या सब्जेक्ट के हिसाब से बदल जाती है। ठीक है? चलिए आगे बढ़ते हैं दोस्तों। दे विल कम टुमारो। वे कल आएंगे। मैंने कहा वे कल आएंगे। दे विल कम टुमारो। दे विल कम टुमारो। वे कल आएंगे। अगर आप ये पोर्शन देखेंगे ये वाला। तो गाइस ये वाला पोर्शन है हमारा फाइनाइट वर्ब। ये पूरा का पूरा फाइनाइट वर्ब वाला पोर्शन है। विल कम इज़
19:06 फाइनाइट। शो फ्यूचर टेंस। ये फ्यूचर टेंस को दिखाता है और फाइनाइट वर्ब टेंस को दिखाने का काम भी करती है और टेंस बदलने के साथ-साथ ये खुद भी बदल जाएगी या सब्जेक्ट बदल जाए तो ये खुद भी बदल सकती है। देखिएगा दे विल कम टुमारो। वे कल आएंगे। अगर मैं इसकी जगह आई ले लूं तो ऐसा भी हो सकता है आई शैल कम टुमारो। मैं कल आऊंगा। तो आई आया इसलिए शैल लग गया। तो हम शैल भी बना सकते हैं उसको। और अगर इसी का टेंस चेंज कर दें जैसे दे विल कम टुमारो। ऐसे बोल रहे हैं। अगर इसकी जगह हम ऐसे बोले कि वो कल आ रहे हैं। सो दे आर इन टुमारो। सो दे आर कमिंग। विल की जगह आर आया। कम की जगह कमिंग आ गया। बदल गया ना पूरा। तो टेंस के हिसाब से हमारी जो फाइनाइट वर्ब्स है वो बदल जाती है। चलिए शी सिंग्स ब्यूटीफुली। वह बहुत अच्छा गाती है। बहुत सुंदर तरीके से गाती है। यहां आप अगर देखेंगे सो शी सिंग्स ये जो सिंग्स है
19:54 हमारी ये हमारी फाइनाइट वर्ब। ये तो एडवर्ब है। सो शी सिंग्स ब्यूटीफुली। वह बहुत अच्छा गाती है। अच्छा गाती है। तो देखिए सिंग्स इज अ फाइनाइट वर्ब। क्यों फाइनाइट वर्ब है? क्योंकि अगर मैं शी की जगह वहां आई लगा दूं, यू लगा दूं, वी लगा दूं, दे लगा दूं तो फिर वो सिंग्स नहीं हो सकता। फिर वो सिंग होगा। ठीक है ना? शी सिंग्स ब्यूटीफुली। अगर मुझे ऐसा बोलना है कि मैं अच्छा गाता हूं। सो आई सिंग ब्यूटीफुली। अब वो सिंग्स नहीं रहेगा बल्कि सिंग रहेगा। लेकिन अगर मैं इसी का टेंस चेंज कर दूं कि वह अच्छा गाती है। शी सिंग्स ब्यूटीफुली। और अगर मैं ऐसा लिख दूं कि उसने अच्छा गाया तो सिंग्स की जगह सैंग हो जाएगा। है ना? तो ये फाइनाइट वर्ब है। सेंटेंस की मेन वर्ब है। ये टेंस के हिसाब से या सब्जेक्ट के हिसाब से बदल जाती है। ठीक है? डिपेंड्स ऑन सब्जेक्ट। ये सब्जेक्ट के ऊपर डिपेंड होती है। क्यों? क्योंकि सब्जेक्ट अगर बदला तो वर्ब बदली। रवि रोट अ लेटर। रवि ने एक लेटर
20:42 लिखा। सो रवि रोट अ लेटर। अब ये जो रोट है ये हमारी सेंटेंस की मेन वर्ब है। इसी को हम लोग गाइस फाइनाइट वर्ब बोलते हैं। क्यों फाइनाइट वर्ब बोलते हैं? क्योंकि अगर रवि रोट अ लेटर ये प्रेजेंट टेंस। और यह पास्ट टेंस है। अगर गाइज़ इसी को हम प्रेजेंट बना दें कि रवि राइट्स अ लेटर तो रोल उसमें बदल गया ना। तो जो मेन वर्ब है जो फाइनाइट वर्ब है वो टेंस के हिसाब से बदल जाती है। अगर ये जो सेंटेंस है इसको हम प्रेजेंट में लिखे और रवि के साथ बनाएं। सो रवि राइट्स अ लेटर हो जाएगा। रवि राइट्स अ लेटर। तो राइट्स अ लेटर हो गया। तो पूरा चेंज हो गया ना? रोड का राइट्स हो गया। ऐसे। ठीक है? चलिए आगे बढ़ते हैं दोस्तों। आई एम हैप्पी। अब आप टू बी के कुछ सेंटेंसेस भी देख लीजिए। जैसे आई एम हैप्पी। मैं खुश हूं। तो यहां पर जो आपको एम दिख रहा है गाइस ये एम ये है हमारी फाइनाइट वर्ब। क्यों? क्योंकि जैसे
21:28 ही सब्जेक्ट बदलेगा ये टेंस बदल जाएगा ये बदल जाएगी। जैसे मैं खुश हूं तो ये प्रेजेंट का है। इसका टेंस बदल दो। मैं खुश था। सो आई वाज़ हैप्पी। तो एम बदल गया वाज में। क्यों बदला? क्योंकि टेंस चेंज हो गया। ठीक? अगर मैं आई की जगह यहां पर सब्जेक्ट ही ले लूं। शी ले लूं, दे ले लूं तो भी ये चेंज हो जाएगा ना। अगर मैंने आई ले लिया, आई है तो एम है। अगर मैंने ही ले लिया तो वो एम की जगह इज़ आ जाएगा। अगर मैंने दे ले लिया तो दे की जगह आर आ जाएगा। तो ये वर्ब्स कहलाती है गाइस फाइनाइट वर्ब। क्लियर है ना ये सेंटेंस की मेन वर्ब? अगर वर्ब टेंस दिखा रही है और सब्जेक्ट के अनुसार बदल रही है तो वो फाइनाइट वर्ब है। तो सिर्फ टेंस सब्जेक्ट के अनुसार नहीं बल्कि वो टेंस के अनुसार भी बदलती है। अगर हमने टेंस बदल दिया तो वर्ब बदल जाएगी। एग्जांपल और दिखा देता हूं। जैसे आई हैव आई हैव अ मोबाइल। मेरे
22:13 पास मोबाइल है। ये मैंने सेंटेंस लिखा। अब यहां पर फाइनाइट वर्ब क्या है दोस्तों? हैव। यह हैव हमारी फाइनाइट वर्ब है। और यही सेंटेंस की मेन वर्ब है। यही सेंटेंस की मेन वर्ब है कि मेरे पास मोबाइल है। अगर मैं इसका टेंस चेंज कर दूं कि प्रेजेंट की जगह पास्ट में बना लूं। सो आई हैड अ मोबाइल। तो देखो यही हैव हैड में बदल गई। तो हैव हैड में बदली या नहीं बदली? बदली। यही सेंटेंस की मेन वर्ब है। प्रिंसिपल वर्ब या जिसको हम लेक्सिकल वर्ब के नाम से भी जानते हैं। तो ये मेन वर्ब है। जैसे ही हमने टेंस चेंज किया तो हैव हैड में बदल गई। और अगर हम इसी को फ्यूचर बनाएंगे तो यही हैव विल हैव में बदल जाएगी। तो देखिए ये जो मेन वर्ब है सेंटेंस की वो बदल कैसे रही है? वो बदल रही है हमारे सब टेंस के हिसाब से। जैसे मैंने लिखा आई हैव अ मोबाइल। तो ये आई के
22:59 साथ आ रहा है। अगर मैं ही ले लूं तो कि उसके पास मोबाइल है। सो ही हैज़ अ मोबाइल। फिर जो हमारी वर्ब है जो मेन वर्ब है वो सब्जेक्ट के हिसाब से भी बदलती है। चकि आई है इसलिए हैव आया हुआ है। लेकिन अगर ही आ रहा है तो हैव नहीं रहेगा बल्कि हैज़ रहेगा। क्लियर? मेरे पापा के पास मोबाइल है। सो माय फादर। सो माय फादर अब माय फादर हैज़ अ मोबाइल। तो देखिए इधर तो हम लोगों ने गाइस हैव लगाया हुआ है लेकिन जैसे सिंगुलर सब्जेक्ट्स आते हैं वैसे ही हैज़ लग जाता है। तो ये जो हैज़ और हैव है यही फाइनाइट वर्ब है जो टेंस के हिसाब से या सब्जेक्ट के हिसाब से बदलते हैं। आई होप यू विल ऑल यू ऑल विल अंडरस्टैंड इट वेरी प्रॉपर्ली। ठीक है ना? चलो।
23:44 आगे मैं बात करूं दोस्तों। अब मैं बात करने वाला हूं गाइज़ नॉनफाइनाइट वर्ब की। जब फाइनाइट वर्ब आपको समझ में आ गया। अब नॉनफाइनाइट तो और आसान होगा। देखिए नॉनफाइनाइट वर्ब मतलब क्या? तो पहले फाइनाइट वर्ब को एक बार फिर डिस्कस कर लो। फाइनाइट वर्ब मतलब क्या? जो सेंटेंस की मेन वर्ब होती है। और जो सेंटेंस में टेंस के हिसाब से बदलती हो और सब्जेक्ट के हिसाब से बदलती हो। सेंटेंस की मेन वर्ब को ही फाइनाइट वर्ब कहा जाता है। और उसे हम फाइनाइट वर्ब बोलते हैं। जो टेंस के हिसाब से या सब्जेक्ट के हिसाब से बदल जाती है। लेकिन नॉनफाइनाइट क्या होगा? जस्ट इसी का उल्टा। यह सेंटेंस की मेन वर्ब नहीं होती। और यह टेंस चेंज होने पर या सब्जेक्ट चेंज होने पर भी नहीं बदलेगी। वैसी की वैसी रहती है। कैसे? मैं एग्जांपल वॉइस दिखाऊंगा। लेकिन आप बिल्कुल एक-एक चीज
24:31 ध्यान दीजिए जो मैं आपको समझा रहा हूं। आपके पूरे कांसेप्ट क्लियर होंगे। सो नॉनफाइनाइट वर्ब इज अ वर्ब दैट डज़ नॉट शो टेंस। जो टेंस नहीं दिखाती। फिर आप बोलेंगे यार ये क्या बात हुई? वो टेंस दिखाती है या टेंस? हां इसीलिए समझना जरूरी है ना डिफरेंस समझ में आएगा कि नॉनफाइनाइट वर्ब वो वर्ब होती है जो टेंस नहीं दिखाती। वो टेंस नहीं दिखाती और डज़ नॉट चेंज अकॉर्डिंग टू द सब्जेक्ट। और सब्जेक्ट के अकॉर्डिंग चेंज भी नहीं होती भाई। ये ना सब्जेक्ट के अकॉर्डिंग चेंज होती है ना टेंस के अकॉर्डिंग चेंज होती है। टेंस बदल भी जाए, सब्जेक्ट बदल भी जाए तो भी नॉनफाइनाइट वर्ब वैसी की वैसी होती है। एंड इट कैन नॉट स्टैंड अलोन। ये अकेली नहीं आ सकती। ये अकेली खड़ी नहीं रह सकती। बिकॉज़ दिस इज़ नॉट द मेन वर्ब ऑफ़ द सेंटेंस। ये सेंटेंस की मेन वर्ब नहीं होती। आ भी नहीं सकती, खड़े भी नहीं रह
25:17 सकती। इज़ द मेन वर्ब इन द सेंटेंस। मतलब ये सेंटेंस की मेन वर्ब के रूप में खड़े नहीं हो सकती। अकेली नहीं आ सकती। बिकॉज़ दिस इज़ नॉट द मेन वर्ब ऑफ द सेंटेंस। मैं थोड़ा सा इसको हिंदी में समझाता हूं तो और आसानी होगी। नॉनफाइनाइट वर्ब वह क्रिया होती है जो टेंस नहीं बताती। मतलब उसके अकॉर्डिंग टेंस वर्ब बता नहीं सकती। अगर नॉनफाइनाइट वर्ब को देखकर आप टेंस जज करने की कोशिश करेंगे तो हमेशा से फेल नजर आएंगे। है ना? क्योंकि प्रेजेंट में भी नॉनफाइनाइट वर्ब आ सकती है। पास्ट में भी नॉनफाइनाइट वर्ब आ सकती है। फ्यूचर में भी नॉनफाइनाइट वर्ब आ सकती है। तो आप नॉनफाइनाइट वर्ब के हिसाब से कभी भी सब्जेक्ट को जज नहीं कर सकते। अगला देखिएगा जो टेंस नहीं बताती और सब्जेक्ट के अनुसार नहीं बदलती। सब्जेक्ट कोई भी आ जाए चाहे सिंगुलर आ जाए, चाहे प्लुरल आ जाए कोई फर्क नहीं पड़ता। नॉनफाइनाइट वर्ब्स को वो वैसी की वैसी रहती है। ये वाक्य में मुख्य क्रिया नहीं होती बल्कि
26:02 सहायक रूप में आती है। सहायक क्रिया नहीं सहायक रूप में आती है। सिर्फ सपोर्ट करने के लिए आती है। क्लियर? अब मैं इसको थोड़ा सा आपको एग्जांपल वाइज बता देता हूं तो आपको क्लियर होगा। जैसे मुझे मोबाइल चाहिए। सो आई वांट अ मोबाइल। ठीक है? आई वांट अ मोबाइल। दूसरा सेंटेंस देखिए। आई वांट टू आई वांट टू परचेस परचेस अ मोबाइल। दोनों सेंटेंस को ध्यान से देखिएगा गाइज़। मोबाइल चाहिए। ये हमारी सेंटेंस की है फाइनाइट वर्ब। क्या है? फाइनाइट वर्ब। क्यों गाइज़? क्योंकि अगर मैं इसका सब्जेक्ट चेंज करूंगा आई की जगह अगर मैं ही ले लूं तो ये वांट वांट्स में बदल जाएगी। क्लियर? तो कोई भी ऐसी वर्ब जो सेंटेंस की मेन वर्ब हो और सब्जेक्ट और टेंस के हिसाब से बदल जाती हो दैट विल बी
26:49 कॉल्ड फाइनाइट वर्ब। तो ये फाइनाइट वर्ब है। सो आई वांट अ मोबाइल। यहां पर जो वांट है वो हमारी फाइनाइट वर्ब है। क्लियर है मेरी बात? क्योंकि ये टेंस और टेंस और सब्जेक्ट के हिसाब से बदल जाएगी। अगर हम आई की जगह ही सब्जेक्ट ले लें तो वांट वांट्स में बदल जाने वाली है। ठीक है? और अगर हम इसी को पास्ट टेंस में कन्वर्ट करें कि मुझे मोबाइल चाहिए था। ये बनेगा आई वांटेड अ मोबाइल। आई वांटेड अ मोबाइल। तो वांट वांटेड में बदल गया। क्यों? क्योंकि हमने सेंटेंस का टेंस बदला है। लेकिन नॉनफाइनाइट वर्ब के साथ ये चीजें नहीं होती। जैसे देखिए आई वांट टू परचेस अ मोबाइल। अब यहां पर ये जो वांट है ना गाइस ये है फाइनाइट वर्ब। और यहां पर जो आया है ना परचेस है ना? ये है नॉनफाइनाइट वर्ब। मैंने आपको जब फाइनाइट वर्ब समझाया तो
27:34 मैंने यह समझाने की कोशिश की कि भाई फाइनाइट वर्ब बहुत बिल्कुल करेक्ट दिख रही है सेंटेंस में। सेंटेंस में एक वर्ब आ रही है सिर्फ एक वर्ब तो समझ लीजिएगा वो फाइनाइट वर्ब होगी। लेकिन अगर सेंटेंस में दो वर्ब्स आ रही है तो एक फाइनाइट एक नॉनफाइनाइट होगी। तो हमको नॉनफाइनाइट को समझना होता है कि कैसे समझे। तो देखिए ये है हमारी फाइनाइट वर्ब। अगर हम टेंस इसका चेंज करें कि भाई मैं मोबाइल खरीदना चाहता था। मैं मोबाइल खरीदना चाहता हूं। सेंटेंस क्या आया? आई वांट टू परचेस अ मोबाइल। अब मैं बना रहा हूं। मैं मोबाइल खरीदना चाहता था। तो बनेगा आई वांटेड टू आई वांटेड टू परचेस अ मोबाइल। अब गाइज़ मैंने ऊपर वाले सेंटेंस का टेंस चेंज कर दिया। क्या कर दिया? टेंस चेंज।
28:20 बताएं कौन सी वर्ब चेंज होगी? टेंस चेंज करने पर हमेशा फाइनाइट वर्ब चेंज होगी। तो देखिए ये जो वांट है टेंस जैसे ही चेंज किया वांटेड हो गया। तो मतलब ये फाइनाइट वर्ब है। ठीक है? अब देखिए यहां पर भी था टू परचेस और टेंस चेंज करने के बाद भी टू परचेस। क्या ये बदली? नहीं बदली। मतलब टेंस चेंज करने के बावजूद भी ये नहीं बदली। मतलब ये नॉनफाइनाइट वर्ब्स है। ठीक? एक बार फिर दिखाता हूं। जैसे देखिएगा। अगर मैं इसी का सब्जेक्ट बदल दूं। वह वह मोबाइल खरीदना चाहता है। सो ही वांट्स टू परचेस अ मोबाइल। सो ही वांट्स टू परचेस अ मोबाइल। अब यहां देखिए जो हम लोगों ने सबसे पहले लिया था वांट है ना? अब जैसे ही
29:06 आई की जगह हमने ही लगाया तो ये वांट वांट्स में तब्दील हो गया। लेकिन ये टू परचेस वैसा का वैसा ही है। मतलब चाहे आप सेंटेंस का टेंस चेंज करें, चाहे आप सेंटेंस का चाहे आप सेंटेंस का सब्जेक्ट चेंज करें। जो नॉनफाइनाइट वर्ब है वो वैसी की वैसी ही रहती है दोस्तों। वो बदलती है। देखो ये बदली क्या? बिल्कुल नहीं बदलेगी। तो आप ऐसे बहुत सारे सेंटेंस देख सकते हैं। जैसे मुझे गाना गाना पसंद है। सो आई लाइक टू आई लाइक टू सिंग अ सॉन्ग। ये आपने सेंटेंस बनाए भी होंगे। बट यू डोंट नो कि सिंग वहां पर नॉनफाइनाइट है। ये आपको पता भी नहीं होता। है ना? चलिए देखो। वह नई कार वह नई कार खरीदना चाहता है। सो ही वांट्स टू ही वांट्स टू परचेस
29:52 परचेस अ न्यू कार अ न्यू कार ठीक और देख लीजिए ही लव्स ही लव्स वाचिंग ही लव्स वाचिंग मूवी वह उसे मूवी देखना बहुत पसंद है। ही लव्स वाचिंग मूवी क्लियर देखिए। आई अवॉयड आई अवॉयड टॉकिंग टू हर टॉकिंग टू हर अगर यहां पर आपने इन सेंटेंसेस को देख लिया तो आपको ये पूरी चीजें क्लियर हो जाने वाली है। गाइस देखिए जितने भी सेंटेंसेस मैंने अभी यहां लिए वो सब के सब सेंटेंसेस दो-दो वर्ब्स वाले हैं। देखिए आई लाइक टू सिंग अ सॉन्ग। तो लाइक भी वर्ब है और सिंग भी वर्ब है। ही वांट्स टू परचेस अ न्यू कार। वो नई कार खरीदना चाहता है। वांट्स भी वर्ब है,
30:38 परचेस भी वर्ब है। ही लव्स वाचिंग मूवी। लव भी वर्ब है और वाचिंग भी वर्ब है। देन अवॉयड भी वर्ब है और टॉकिंग भी वर्ब है। अब मैंने जितने भी सेंटेंसेस गाइस लिए हैं वो सब के सब सेंटेंसेस दो-दो वर्ब्स वाले हैं। तो इसमें एक वर्ब है फाइनाइट वर्ब और दूसरी वर्ब है नॉनफाइनाइट वर्ब। अगर आप इसका टेंस चेंज करें है ना? आप इसके सब्जेक्ट चेंज करें तो जो चेंज हो जाएगी वो फाइनाइट वर्ब होगी। और जो चेंज नहीं होगी वो नॉनफाइनाइट होगी। ये आपको मेरे ख्याल से समझ में आ रहा होगा। ठीक? एक बार फिर से देखिए। आई लाइक टू सिंग अ सॉन्ग। मैं मुझे गाना गाना पसंद है। सो आई लाइक टू सिंग अ सॉन्ग। मैंने बोला आई लाइक टू सिंग अ सॉन्ग। ठीक है? अगर मैं इसी का पास्ट टेंस बनाऊं कि भाई मुझे गाना गाना पसंद था तो क्या बनेगा? मुझे गाना गाना पसंद था। तो बनेगा आई लाइक्ड टू सिंग अ सॉन्ग। तो ये लाइक का लाइक्ड हो जाएगा
31:23 लेकिन टू सिंग का टू सिंग ही रहेगा। वो बदलेगा नहीं। मतलब ये जो लाइक है ये है हमारी फाइनाइट वर्ब। और ये जो टू सिंग है ये है हमारी नॉनफाइनाइट वर्ब। क्या मेरी बात समझ में आ रही है मेरे दोस्तों? क्लियर है बात? ये बदलती नहीं है भैया टेंस के हिसाब से। ये आप ध्यान दीजिएगा। अब देखिए ये वांट्स अगर मैं इसी को पास्ट टेंस में बदलूं तो वांटेड हो जाएगा। लेकिन ये टू परचेस वो वैसा का वैसा रहेगा। मतलब ये फाइनाइट वर्ब है और ये नॉनफाइनाइट वर्ब है। ये लव्स फाइनाइट वर्ब है। अगर इसका मैं टेंस चेंज कर दूं या सब्जेक्ट चेंज कर दूं तो लव लव्स भी हो सकता है। लव्ड भी हो सकता है। लेकिन ये वाचिंग वाचिंग का वाचिंग ही रहेगा। वो बदलेगा नहीं। इसलिए ये नॉनफाइनाइट है। ये बदलती नहीं है। ये फाइनाइट है। ये बदल जाती है। ठीक है? आई
32:09 अवॉयड टॉकिंग टू हर। मैं उससे बात करना अवॉइड करता हूं। मतलब मैं उससे बात करने को टालता हूं। मुझे उस लड़की से बात करना पसंद नहीं है। तो मैं उससे बात करना अवॉइड करता हूं। सो आई अवॉयड टॉकिंग टू हर। ये जो अवॉइड है अगर सोचिए ही अवॉइड और टॉकिंग दो वर्ब्स हैं यहां पर। अगर मैं इसका टेंस चेंज कर दूं कि मैं उससे बात करना अवॉइड करता था। सो अवॉइड का अवॉयडेड हो जाएगा। लेकिन क्या टॉकिंग का कुछ और टॉक्ड वगैरह होगा? बिल्कुल भी नहीं। मतलब ये बदल सकती है। ये बदल नहीं सकती। भले टेंस चेंज हो, भले सब्जेक्ट चेंज हो। तो गाइस जो सब्जेक्ट और टेंस के हिसाब से बदलती है वो फाइनाइट वर्ब। जो सब्जेक्ट और टेंस के हिसाब से नहीं बदलती वो नॉनफाइनाइट वर्ब। मेरे ख्याल से चीजें आपको क्लियर हो रही होगी। चलिए आगे बढ़ता हूं दोस्तों। अब ये जो नॉनफाइनाइट वर्ब्स है वो सेंटेंस में
32:55 तीन तरह से आती है। देखिए नॉनफाइनाइट वर्ब्स एक बार फिर रिपीट करता हूं। नॉनफाइनाइट वर्ब्स मतलब ऐसी वर्ब जो सेंटेंस में टेंस या सब्जेक्ट के हिसाब से नहीं बदलती। और ये सेंटेंस की मेन वर्ब भी नहीं होती। ये अकेले मेन वर्ब के रूप में नहीं आ सकती क्योंकि ये मेन वर्ब होती नहीं है। तो आएगी क्यों? अभी ये जो नॉनफाइनाइट वर्ब्स है वो तीन टाइप की होती है। देखिए थ्री टाइप्स ऑफ नॉनफाइनाइट वर्ब्स। इनफिनिटिव। अभी मैंने इनफिनिटिव बताया। आई लाइक टू सिंग। तो टू सिंग जो आया वो क्या है? इनफिनिटिव फॉर्म टू वर्ब का फर्स्ट फॉर्म। सो आई लाइक टू सिंग अ सॉन्ग। तो जो टू सिंग है तो टू वर्ब का फर्स्ट फॉर्म टू सिंग। जैसे आई लव टू वॉच हॉलीवुड मूवीस। सो आई लव टू वॉच। सो टू वॉच क्या है? इनफिनिटिव फॉर्म। तो गाइस
33:41 जैसे टू ईट, टू गो, टू सिंग, टू वॉच। ये सब क्या है? इनफिनिटिव। सो इनफिनिटिव नॉनफाइनाइट का पहला फॉर्म है। दूसरा ज़ेरंड। वर्ब की फर्स्ट फॉर्म के साथ आई एन जी। जैसे मैंने आपको बताया ना कि ही लव्स वाचिंग मूवीस। उसे मूवीस देखना बहुत पसंद है। आई अवॉयड टॉकिंग टू हर। तो टॉकिंग आई एन जी फॉर्म वो क्या है? ज़ेरंड है। सो ही लव्स वाचिंग मूवी। वाचिंग मतलब वर्ब की फर्स्ट फॉर्म और आई एनजी वाचिंग। ठीक है? तो ये नाउन के रूप में इस्तेमाल होते हैं। इनफिनिटिव ले लो, चाहे ज़ेरंड ले लो या नाउन के रूप में इस्तेमाल होते हैं। और ये चाहे सेंटेंस में इंफिनिटिव मिले, चाहे ज़ेरंड मिले, वो बदलते नहीं है टेंस के हिसाब से या सब्जेक्ट के हिसाब से। और अगला होता है गाइस पार्टिसिपल। वर्ब में आई एन जी कभी-कभी थर्ड फॉर्म मिलेगा। है ना? तो यूज्ड एज एडजेक्टिव पार्टिसिपल भी जो होती है ना गाइस वो भी नॉनफाइनाइट
34:28 वर्ब्स होती है। आपको थोड़ा सा दिखा देता हूं। कैसे होती है वो क्लियर करूं। देखिए पार्टिसिपल भी जो हमारी होती है वो नॉनफाइनाइट वर्ब्स होती है। जैसे आई आई सॉ अ रनिंग मैन। अ रनिंग बॉय कर लेता हूं। मैंने एक दौड़ते हुए लड़के को देखा। सो मैंने एक दौड़ते हुए लड़के को देखा। तो गाइज़ अगर मैं इसमें आपसे क्वेश्चन करूं कि भाई इसमें फाइनाइट वर्ब कौन सी है? तो फाइनाइट वर्ब क्या है इसमें? सॉ जो सेकंड फॉर्म में आई है। और नॉनफाइनाइट वर्ब ये रनिंग। है ना? ये नॉनफाइनाइट वर्ब है। वर्ब के रूप में तो आई है लेकिन क्या है? नॉनफाइनाइट। अगर हम इसी सेंटेंस का टेंस चेंज कर दें कि जैसे मैंने दौड़ता हुआ दौड़ता हुआ एक लड़का देखा। है ना? एक लड़का मेरे सामने से दौड़ रहा था तो मैंने दौड़ता हुआ एक लड़का देखा। मैं दौड़ता हुआ एक लड़का
35:14 देखता हूं। अगर मैं देखता हूं टेंस चेंज कर दूं। पास्ट से प्रेजेंट कर दूं। सो आई सी अ रनिंग बॉय। ठीक है? या फिर मैं इसी का और दूसरा टेंस चेंज करूं कि मैंने एक दौड़ता हुआ लड़का देखा है। सो आई हैव सीन आई हैव सीन अ रनिंग बॉय। अब तीन सेंटेंस आप यहां पर जो मैंने लिखे हैं उसको आप देख लीजिएगा। गाइस यहां पर ये जो रनिंग आया हुआ है ना रनिंग ये पार्टिसिपल है। दौड़ता हुआ लड़का प्रेजेंट पार्टिसिपल फॉर्म। तो जो पार्टिसिपल्स भी होते हैं वो भी नॉनफाइनाइट होते हैं क्योंकि वो टेंस या सब्जेक्ट के हिसाब से बदलते नहीं है। कैसे मैं समझाता हूं। आई सॉ अ रनिंग बॉय। मैंने एक दौड़ता हुआ लड़का देखा। तो मैंने लड़का देखा। कैसा? दौड़ता हुआ। तो ये जो सॉ है ना गाइस ये है फाइनाइट। क्यों? क्योंकि ये
36:00 बदल सकता है टेंस के और सब्जेक्ट के हिसाब से। अगर मैं आई की जगह ही ले लूं तो अगर मैं आई की जगह ही ले लूं तो ये टेंस तो वैसा का वैसा है। लेकिन अगर इसको मैं प्रेजेंट बना दूं। जैसे देखिए मैं दौड़ता हुआ लड़का देखता हूं। आई सी अ रनिंग बॉय। तो मैंने इसी को प्रेजेंट बनाया। तो देखो आई सी अ रनिंग बॉय। तो 100 का क्या हो गया? सी। मतलब 100 सी में बदल गया। मतलब ये फाइनाइट वर्ब है। लेकिन पीछे वाला अ रनिंग बॉय। क्या ये बदला? नहीं बदला ना? ये नॉनफाइनाइट वर्ब है। मतलब जो हमारा पार्टिसिपल होता है वो भी नॉनफाइनाइट वर्ब होता है। अगला देखिए। आई हैव सीन अ रनिंग बॉय। मैंने दौड़ता हुआ लड़का देखा है। अब देखिए ये जो सॉ था मैंने उसको पूरा बदल दिया। हैव सीन में। मतलब टेंस बदला। ये पास्ट सिंपल ये प्रेजेंट परफेक्ट। जैसे ही मैंने टेंस बदला ये वर्ब भी बदल गई। और जो वर्ब बदलती है टेंस के हिसाब से वो नॉनफाइनाइट। तो ये जो सी है और ये सीन में
36:47 बदल गई। ये फाइनाइट वर्ब है। देखिए फिर भी रनिंग वर्ब है वैसा है। कोई चेंजज़ नहीं है। तो पार्टिसिपल भी नहीं बदलता इसलिए इसको भी नॉनफाइनाइट वर्ब कहते हैं। फिर देखिए कितने टाइप की होती है नॉनफाइनाइट वर्ब? पहले इनफिनिटिव। जब आपको सेंटेंस के लास्ट में टू वर्ब का फर्स्ट फॉर्म मिलेगा वो भी नॉनफाइनाइट है। ठीक है? मतलब वर्ब की फर्स्ट फॉर्म के साथ आई एनजी मिले। सेंटेंस के बाद में सेकंड वर्ब तो वो भी नॉनफाइनाइट है। या फिर आपको आई एन जी फॉर्म मिले वो भी नॉनफाइनाइट है। क्लियर? चलिए मैं कुछ एग्जांपल्स दिखाता हूं और क्लियर होगा। आई वांट टू ईट पिज़्ज़ा। देखिए पहला एग्जांपल आई वांट टू ईट पिज़्ज़ा। तो मैंने यहां थोड़ा सा टू को मैं और टू ईट को मैं बॉक्स में ले आता हूं। सो आई वांट टू ईट पिज़्ज़ा पिज़्ज़ा। मैं पिज़्ज़ा खाना चाहता हूं। सो देखिए दोस्तों, यहां पर दो वर्ब्स
37:33 हैं। एक है वांट और दूसरी है ईट। दो वर्ब्स हैं। अगर मैं इसका टेंस चेंज करूं। आई वांट टू ईट पिज़्ज़ा पिज़्ज़ा। तो इसकी जगह मैं ऐसा बोलूं कि भाई मैं पिज़्ज़ा खाना चाहता हूं। तो ये प्रेजेंट टेंस है। पास्ट बनाते हैं। मैं पिज़्ज़ा खाना चाहता था। सो आई वांटेड टू ईट पिज़्ज़ा। तो वांट का क्या बना? वांटेड। तो बन सकता है। जैसे टेंस हम बदलेंगे तो वांट का वांटेड हो जाएगा। मतलब वांट बदल सकती है। टू ईट बदलेगा क्या? आई वांटेड टू ईट पिज़्ज़ा। वांट का वांटेड हो गया। लेकिन टू ईट का टू ईट ही रहेगा। मतलब ये हमारी फाइनाइट वर्ब है और ये पीछे वाली जो ईंट है या आप जिसको टू ईट बोले ये नॉनफाइनाइट वर्ब है। क्लियर? चलो ये इनफिनिटिव वाली नॉनफाइनाइट है। ठीक है? हां। ये नॉनफाइनाइट कहलाती है। डजंट शो टेंस। ये टेंस को नहीं दिखाती। देखिए वांट से आपको
38:19 समझ में आ सकता है कि टेंस कौन सा है। प्रेजेंट। अगर मैं इसकी जगह वांटेड लगा लूं तो आपको समझ में आ जाएगा पास्ट टेंस है। लेकिन आपको टू इट से समझ में नहीं आ सकता कि कौन सा टेंस है। मतलब ये टेंस नहीं बताती बल्कि फाइनाइट वर्ब टेंस बताती है। तो हमेशा टेंस बताने का काम कौन करता है? फाइनाइट वर्ब नॉनफाइनाइट वर्ब टेंस नहीं बताती। अगला देखिए शी लाइक्स टू डांस। उसे डांस करना अच्छा लगता है या उसे डांस करना पसंद है। अब यहां पर देखिएगा दो वर्ब्स। है ना? यहां पर दो वर्ब्स। एक है लाइक्स और दूसरा है टू डांस। देखिए दो वर्ब्स आती है। जब दो वर्ब्स आती है ना तो आप समझ जाइएगा कि एक फाइनाइट होगी और एक नॉनफाइनाइट होगी। तो ये हमको समझ में कैसे आता है? ये समझ में आता है कि आप उसका टेंस चेंज करके देखो या सब्जेक्ट चेंज करके देखो। जैसे देखो ही शी लाइक्स टू डांस। उसे डांस करना पसंद है। अगर मैं शी लाइक्स की जगह मैं बोल दूं मुझे डांस करना पसंद है तो वहां आएगा आई लाइक। फिर वो लाइक्स नहीं होगा
39:07 बल्कि लाइक होगा। मतलब ये लाइक्स लाइक में चेंज हो जाएगा। सब्जेक्ट प्लुरल आ जाए। आई लाइक यू लाइक वी लाइक दे लाइक। बदल गया ना? लेकिन टू डांस नहीं बदलेगा। आप बना कर देख लीजिए। शी लाइक्स टू डांस। ही लाइक्स टू डांस। आई लाइक टू डांस। दे लाइक टू डांस। वी लाइक टू डांस। बॉयज लाइक बॉयज लाइक टू डांस। गर्ल्स लाइक टू डांस। वो नहीं बदलेगा। अगर आप इसका टेंस भी चेंज कर दें। शी लाइक्स टू डांस। ये प्रेजेंट है। इसको पास्ट में बनाओ। उसे डांस करना पसंद था। सो शी लाइक्ड टू डांस। तो लाइक का लाइक्ड हो गया। लेकिन टू डांस का टू डांस ही रहा। टू डांस्ड नहीं हुआ। गलत नहीं हुआ वो। है ना? बिल्कुल ऐसा का ऐसा रहेगा। मतलब जो बदल नहीं रही है तो वो नॉनफाइनाइट है। जो बदल जाती है वो फाइनाइट है। इतना क्लियर है ना? समझ में आ रही है चीज? क्वेश्चंस है नॉनफाइनाइट वर्ब को फाइनाइट वर्ब की जगह रखने में रखने पर क्या नॉनफाइनाइट वर्ब फाइनाइट वर्ब बन सकती?
39:53 नहीं नहीं। हां हां ये देखो। आपने जो आप जिस तरह से पूछ रहे हैं मैं आपको बताऊं। देखिए ये नॉनफाइनाइट है ना टू ईट? अगर हम इसी को फाइनाइट बनाना चाहे तो हम मैं पिज़्ज़ा खाता हूं। मैं पिज़्ज़ा खाता हूं। आई ईट पिज़्ज़ा। अब यहां पर जो ये ईट आया हुआ है ये हमारी फाइनाइट वर्ब है भाई। गोविंद दत्सेना सर ये आपको शायद समझ में आ रहा है। अगर ये नॉन फाइनाइट वर्ब जो भी है। अगर हम इसको फाइनाइट वर्ब में मेन वर्ब के रूप में लेना चाहते हैं तो ले सकते हैं। कोई दिक्कत की बात नहीं है। क्लियर है? कोई दिक्कत नहीं है। जैसे यहां पर टू ईट है। यहां पर टू डांस है। अगर मैं ऐसा बोलूं ऋतिक रोशन डांस करता है। सो ऋतिक रोशन डांसेस। अब ये डांसेस एक अकेली वर्ब आई है। तो ये जो डांसेस वर्ब है ना ये फाइनाइट हो गई। तो ये सेंटेंस डिसाइड करता है कि वो फाइनाइट है या नॉनफाइनाइट। हम नहीं ये सेंटेंस डिसाइड करेगा। ठीक? चलिए
40:38 अगला देखते हैं सेंटेंस। रीडिंग बुक्स इज़ माय हॉबी। अब यहां देखिएगा। रीडिंग बुक्स इज़ माय हॉबी। रीडिंग बुक्स। गाइज़ ये देखिए। रीडिंग बुक्स यहां पर जो हमारा सब्जेक्ट है वो ज़ेरंड फॉर्म को लाया हुआ है। रीडिंग मतलब रीड प्लस आई एन जी मतलब ज़ेरेंट फॉर्म। अब ज़ेरंड फॉर्म देखिए रीडिंग बुक्स बुक पढ़ना इज़ माय हॉबी। ये मेरी हॉबी है। क्या बताया था मैंने कि नॉनफाइनाइट वर्ब तीन टाइप का होता है। इनफिनिटिव, ज़ेरंड और पार्टिसिपल। तो ये ज़रंड फॉर्म है। ज़रेंट फॉर्म मतलब वर्ब की फर्स्ट फॉर्म के साथ आई एन। वर्ब तो होती है। ये जो रीडिंग है ये भी तो वर्ब ही है। इसीलिए उसको वर्बल नाउन कहते हैं। ऐसी वर्ब जो नाउन के रूप में इस्तेमाल करे उसको हम वर्बल नाउन कहते हैं। तो ये वर्बल नाउन है जिसको हम जरंड भी कहते हैं। तो अब ये देखिए रीडिंग बुक्स
41:24 इज़ माय हॉबी। किताबें पढ़ना मेरी हॉबी है। गाइस अगर मैं इसी को पास्ट में बदलूं। सो रीडिंग बुक्स वाज़ माय हॉबी। किताबें पढ़ना मेरी हॉबीज़ हो जाएगी। सो रीडिंग बुक्स विल बी माय हॉबी। आप प्रेजेंट बनाएं। आप इसका पास्ट बनाएं। आप इसका फ्यूचर बनाएं रहेगा रीडिंग का रीडिंग ही कुछ बदलेगा नहीं तो जो हमारा पार्टिसिपल होता है ज़रंड होता है या इनफिनिटिव होता है वो बदलता नहीं है इसको नॉनफाइनाइट वर्ब बोलते हैं तो ये नॉनफाइनाइट वर्ब्स है ठीक है तो रीडिंग ज़ेरंड है यूज्ड एज अ नाउन है ना ठीक अगला देखो ही स्टार्टेड क्राइंग उस वह रोने लगा या उसने रोना शुरू किया अब यहां पर दो वर्ब्स आपको फिर मिलेगी स्टार्टेड और क्राइंग दो वर्ब फिर से देखिए ही स्टार्टेड क्राइंग उसने रोना शुरू किया या वह रोने लगा। दोनों तरह से इसका हिंदी
42:09 बनता है। स्टार्टेड एक वर्ब है और दूसरी वर्ब है क्राइंग। तो ये जो स्टार्टेड है गाइज़ यह है फाइनाइट वर्ब। और ये जो क्राइंग है ये है नॉनफाइनाइट वर्ब। पता कैसे चलता है गाइस? आप इसका टेंस बदल दीजिए। वह उसने वह रोने लगा। तो ये पास्ट टेंस है। अगर मैं इसका प्रेजेंट बनाऊं कि वह रोने लगता है। सो ये होगा ही स्टार्ट्स क्राइंग। ही स्टार्ट्स क्राइंग। तो वो स्टार्टेड का स्टार्ट्स हुआ ना? प्रेजेंट बनाया तो मैंने उसका और अगर इसी को मैं फ्यूचर बना दूं कि वह रोने लगेगा। ए उसको परेशान मत करो। वो रोने लग जाएगा। वह रोने लग जाएगा। मींस ही विल स्टार्ट क्राइंग। तो स्टार्टेड स्टार्ट्स भी हो सकता है। स्टार्टेड विल स्टार्ट भी हो सकता है। मतलब ये वर्ब बदल सकती है। और यही मेन वर्ब है सेंटेंस की। क्लियर? ये मेन वर्ब नहीं होती। जो नॉनफाइनाइट होती है वो मेन
42:57 वर्ब नहीं होती। तो ये बदल सकती है। दैट इज व्हाई इट विल बी कॉल्ड फाइनाइट वर्ब। क्राइंग बदलेगा ही नहीं। आप कोई भी प्रेजेंट बनाए, पास्ट बनाए, फ्यूचर बनाए, सब्जेक्ट बदले। आई स्टार्ट सॉरी ही स्टार्टेड क्राइंग। इसकी जगह प्रेजेंट बनाओ। ही स्टार्ट्स क्राइंग। फ्यूचर बनाओ। ही विल स्टार्ट क्राइंग या प्रेजेंट परफेक्ट बनाओ। उसने रोना शुरू कर दिया है। सो ही हैज़ स्टार्टेड क्राइंग। क्राइंग क्राइंग ही रहेगा। बदलेगा नहीं। नॉनफाइनाइट वर्ब। ठीक है? अगला देखो दोस्तों। वी सॉ अ बॉय रनिंग। हमने एक लड़के को देखा। दौड़ता हुआ। मतलब हमने एक दौड़ते हुए लड़के को देखा। यही मैं आपको समझा रहा था। सो वी सॉ अ बॉय रनिंग। हमने एक लड़के को देखा। लड़का कैसे था? दौड़ते हुए। मतलब हमने एक दौड़ दौड़ते हुए लड़के को देखा। यहां पर अगर आप गौर फरमाएंगे तो यहां पर दो वर्ब है। सॉ और
43:43 दूसरी रनिंग। तो देखिए सॉ और रनिंग दो वर्ब्स हैं यहां पर। ठीक है? तो जो सॉ है वो फाइनाइट वर्ब है। और जो रनिंग है वो एक क्या है? अ पार्टिसिपल है। ये नॉनफाइनाइट वर्ब है। कैसे समझ में आता है? आप टेंस चेंज करके देखो इसको कि मैंने हमने एक दौड़ता हुआ लड़का देखा या हमने एक लड़का देखा जो दौड़ रहा था। तो हमने एक दौड़ते हुए लड़के को कहा। तो अगर हम ऐसा बोलें कि हमने एक हम दौड़ता हुआ एक लड़का देखते हैं। जब भी हम वहां जाते हैं तो हम एक दौड़ता हुआ लड़का देखते हैं। सॉरी। तो अगर हम इसका टेंस चेंज करें तो अगर प्रेजेंट बनाए इस पास्ट को क्योंकि ये पास्ट है। पास्ट सिंपल में लिखा हुआ है सॉ अगर इसका प्रेजेंट बनाए कि हम दौड़ते हुए लड़के को देखते हैं। सो वी सी अ रनिंग बॉय या वी सी अ बॉय रनिंग। ठीक है? तो अगर जैसे ही हम इसका टेंस बदलते हैं, प्रेजेंट में करते हैं तो 100 का सी हो जाएगा। मतलब
44:30 ये फाइनाइट वर्ब है। ये बदल सकती है। लेकिन रनिंग बदलेगा ही नहीं। सो वी सी अ बॉय रनिंग। वो वैसा का वैसा रहेगा। हमने एक दौड़ते हुए लड़के को देखा था। वी हैड सीन अ बॉय रनिंग या वी हैड सीन अ रनिंग बॉय। तो गाइस कैसे भी कहें आप तो बात तो सही है लेकिन आप यहां देखिए वर्ब को। हमने एक दौड़ते हुए लड़के को देखा था। सो वी हैड सीन। तो सॉ का क्या बना? हैड सीन। बदल गया ना पूरा वर्ब। तो जो बदलता है वो फाइनाइट। तो स्व जो है वो फाइनाइट वर्ब है जो बदल सकता है लेकिन क्राइंग वैसा का सॉरी जो रनिंग है वो वैसा का वैसा रहेगा। हमने एक लड़के को दौड़ते हुए देखा। तो रनिंग एक पार्टिसिपल है। पार्टिसिपल हैकि ये है ना और ये डिस्क्राइब करता है लड़के को। ये पार्टिसिपल वर्ब है। मतलब पार्टिसिपल ये चेंज नहीं होता। ये नॉनफाइनाइट वर्ब है। अगला देखिए। ब्रोकन
45:15 ग्लास कैन हर्ट यू। टूटा हुआ जो टूटे हुए कांच है तुम्हें चोट पहुंचा सकते हैं। यहां आप वर्ब को देखिएगा। ठीक है? फिर आप बोलेंगे सर ये तो पार्टिसिपल्स हैं। मैं यही तो समझाने की कोशिश कर रहा हूं कि नॉनफाइनाइट में तीन चीजें होती है। एक जरंड, एक इनफिनिटिव और तीसरा पार्टिसिपल ब्रोकन ग्लास। टूटा हुआ कांच या है ना? टूटा हुआ कांच। तुम्हें हर्ट कर सकता है। टूटा हुआ ग्लास तुम्हें हर्ट कर सकता है। ठीक है? अब ये कैन वाला है। ठीक है? अ टूटा हुआ टूटा हुआ ग्लास मुझे चोट पहुंचाता है। मुझे तकलीफ देता है। मुझे चोट पहुंचाता है। अगर मैं कैन की जगह प्रेजेंट सिंपल टेंस रख लूं कि भाई ब्रोकन ग्लास हर्ट्स मी। जो ब्रोकन ग्लास है
46:01 ब्रोकन ग्लास हर्ट्स मी। मुझे चोट पहुंचाता है। या ब्रोकन ग्लास हर्ट मी। ब्रोकन ग्लास ने मुझे चोट पहुंचाई। ब्रोकन ग्लास ने मतलब टूटे हुए ग्लास वो टूटा हुआ ग्लास मुझे चोट पहुंचा देगा। सो ब्रोकन ग्लास विल हर्ट मी। तो देखिए जो हर्ट है ना गाइस वो विल हर्ट भी हो सकता है। हर्ट्स भी हो सकता है कि ब्रोकन ग्लास मतलब टूटा हुआ ग्लास मुझे चोट पहुंचाता है। ब्रोकन ग्लास हर्ट्स मी। तो हर्ट का हर्ट्स भी हो सकता है। लेकिन ये बदलेगा नहीं। ये ब्रोकन ग्लास वैसा का वैसा रहेगा। ये क्योंकि ये पार्टिसिपल है। पार्टिसिपल नहीं बदलते। टेंस बदल लो, सब्जेक्ट बदल लो, नहीं बदलते। लेकिन ये बदल सकता है। अगर हम इसको ही ये कैन वाले सेंटेंस को प्रेजेंट सिंपल टेंस में लाएं तो भाई ये बदल सकता है। ठीक है? सो ब्रोकन ग्लास कैन हर्ट यू। तो ये जो ब्रोकन है ये है हमारा पार्टिसिपल और ये टेंस के हिसाब
46:48 से या फिर सब्जेक्ट के हिसाब से नहीं बदलता। ये वाली बदलेगी इसलिए ये फाइनाइट वर्ब है। तो आपको ये समझना होता है सेंटेंस के हिसाब से। ठीक है? अब आगे देखिए। ब्रोकन है पार्टिसिपल डिस्क्राइब्स अ ग्लास। शी वेंट टू बाय फ्रूट्स। अब यहां पर भी देखिए गाइस। यहां पर दो वर्ब्स हैं। वेंट और यहां पर है बाय। क्या होता है गाइस? जो लोग होते हैं ना वो कभी भी बारीकी में जाते नहीं है। फिर अचानक उनके सामने कोई बोलता है तो उनको चीजें समझ में थोड़ी ना आती है। लोग जहां पर माइंड लगाने की बारी होती है वहां से भाग जाते हैं। जहां से उनका ब्रेन तेज हो सकता है ना वहां से भाग जाते हैं क्योंकि ब्रेन लगाना इसमें स्ट्रगल होता है गाइस। और ज्यादातर लोग अपने ब्रेन को स्ट्रगल माइंडेड बनाते ही नहीं है। वो अपने ब्रेन को स्ट्रगलिंग बनाते ही नहीं है। इसलिए जब कोई टफ कांसेप्ट आता है ना तो फिर त्राहिमाम त्राहिमाम भागते हैं कि समझ नहीं आ रहा सर
47:35 समझ नहीं आ रहा इजी वे में समझा दो भाई जिसको भी समझ में आता है वो इसीलिए समझ में आता है क्योंकि उसका जो बेस है उसका जो फाउंडेशन है उसकी जो नीव है बुनियाद है वो तगड़ी है और जिस भी व्यक्ति की नीव या बुनियाद तगड़ी है फिर उसको हर एक चीज प्रॉपर्ली समझ में आती है। अब हम क्या चाहते हैं कि हम बस बिल्कुल हमारा माइंड ऐसा हो जाए कि हम एक बार सुने चीजें और हमको आ जाए। कैसे आएगी भाई? किसी को नहीं आती। जो भी गहराई से कोई चीजें जानता है उसने गहराई से पढ़ा हुआ है, समझा हुआ है तब वो चीज उसको गहराई से समझती है। तो जब भी गहराई वाली चीजें होती है ना लोग वहां से भाग जाते हैं। और वो सिंपल-सिंपल चीजें अब बहुत सारे जो स्पोकन इंग्लिश में अपनी कमांड करना चाहते हैं उनको ये समझ में भी नहीं आता ये क्या चीज है और कैसी चीज़ है। लेकिन जब वो किसी कॉम्पिटिटिव ग्रामर की तैयारी कर रहे होते हैं। फिर वो दिमाग अपना लगाते हैं वहां पर। फिर खोपड़ा खराब
48:21 करते हैं और होता नहीं है। पता है क्यों? यहां पर जितनी सिंपल चीजें मैं समझाऊंगा इतना सिंपल तो कोई समझा ही नहीं सकता। मैं फिर क्लियर करूं क्योंकि मैं ही एक फोकट बैठा हूं जो आराम आराम से चीजों को समझाता हूं। बाकी तो सब बिजी है। फटाफट फटाफट आधे घंटे में 15 मिनट में 45 मिनट में चले और मैं फोकट हूं जो चीजों को बिल्कुल आराम से लेकर आता हूं। ठीक है? हां सीखिए। अब देखिए शी वेंट टू बाय फ्रूट्स। वह फ्रूट्स खरीदने गई। वह फल खरीदने गई। दो वर्ब्स हैं। वेंट और बाय। आपको ये देखते से ही पता चल ये वेंट है। ये बदल सकता है। अगर मैंने इसका टेंस बदला इसको प्रेजेंट टेंस में बनाया कि वो बाजार फल फल खरीदने गई। अगर मैं इसको बोलाऊं कि वो बाजार फल खरीदने जाती है। प्रेजेंट में बना दूं तो ये आ जाएगा शी गोज़। फिर वेंट का गोज़ हो जाएगा। मतलब ये फाइनाइट वर्ब है। ये बदल रही है। ये नहीं बदलेगा। ये वैसा का वैसा रहेगा। सो शी वेंट टू बाय फ्रूट्स। इसकी
49:07 जगह मैं प्रेजेंट बनाता हूं। शी गोज़ टू बाय फ्रूट्स। तो टू बाय वैसा का वैसा रहेगा। बिकॉज़ दिस इज़ इनफिनिटिव। ठीक है? चलिए। और इनफिनिटिव एक नॉनफाइनाइट वर्ब होता है। अगला देखिएगा वॉकिंग इज गुड फॉर हेल्थ। फिर यहां समझ लीजिएगा। यहां पर भी आपको दो वर्ब्स के फॉर्म दिखेंगे। वॉकिंग एंड गुड फॉर हेल्थ। वॉकिंग इज गुड फॉर हेल्थ। यहां देखिएगा। यहां पर आपको दो चीजें आपको नजर आएगी। ये देखिए वॉकिंग इज गुड फॉर हेल्थ। अगर गाइस मैं यहां पर आपको दिखाऊं तो यहां पर दो वर्ब्स हैं। एक है वॉकिंग और दूसरी है इज। अगर मैं इसका टेंस चेंज कर दूं इस सेंटेंस का। वॉकिंग इज गुड फॉर हेल्थ। अगर मैं इसको पास्ट में बना दूं। वॉकिंग वाज़ गुड फॉर हेल्थ। तो इज़ वाज़ में बदल गई। मतलब जो इज़ है वो है हमारी फाइनाइट वर्ब। मेन वर्ब है वो। और जो वॉकिंग है वो बदलेगा नहीं। आप टेंस बदले क्या कुछ भी
49:53 बदले नहीं बदलने वाला। तो ये जो वॉकिंग है वो है ज़ेरंड फॉर्म की वर्ब। और ज़ेरंड होता है नॉनफाइनाइट। ये बदलेगी नहीं। अगला देखिएगा। आई सॉ हिम प्लेइंग क्रिकेट। मैंने उसे क्रिकेट खेलते हुए देखा। तो यहां पर दो वर्ब है। सॉ और दूसरा है प्लेइंग। तो देखिए यहां पर दो वर्ब्स हैं। सॉ बदल सकती है। ये आपको अब समझ में आएगा और प्लेइंग बदलेगी नहीं। आप इसका टेंस चेंज कर लो। सब्जेक्ट चेंज कर लो प्लेइंग नहीं बदलेगा कि मैं मैंने उसे क्रिकेट खेलते हुए देखा। सो आई सॉ हिम प्लेइंग। मैं रोज क्रिकेट खेलते हुए देखता हूं। कौन सी नई बात है जो तुम मुझे आज बता रहे हो? मैं रोज उसे क्रिकेट खेलते हुए देखता हूं। सो आई सी हिम प्लेइंग क्रिकेट। मैंने आज उसे क्रिकेट खेलते हुए देखा है। सो आई हैव सीन हिम टुडे प्लेइंग क्रिकेट। तो प्लेइंग वैसा का वैसा रहेगा। ये है नॉनफाइनाइट। ये है फाइनाइट। क्लियर है? बात समझ में आ रही है? चलिए। अगला देखिएगा। लास्ट एग्जांपल इसका देखिए। ही हैज़ अ लॉट ऑफ़ वर्क टू डू।
50:40 ही हैज़ अ लॉट ऑफ वर्क टू डू। यहां देखिए ही हैज़ अ लॉट ऑफ वर्क टू डू। अब यहां पर दो वर्ब्स हैं। एक फाइनाइट, एक नॉनफाइनाइट। जो हमारा हैज़ है वो है हमारा फाइनाइट वर्ब। और जो डू है वो है नॉनफाइनाइट। क्योंकि वो ज़ेरेंट मतलब इनफिनिटिव के बाद आया हुआ है। यहां आप देखेंगे तो वो किसके बाद आया हुआ है? इनफिनिटिव के बाद। तो टू डू ये इनफिनिटिव है। ये हमारा नॉनफाइनाइट वर्ब। ये बदलेगा नहीं। ये बदलेगा। अगर टेंस आप बदल दोगे, प्रेजेंट को पास्ट में करोगे तो हैज़ हैड में बदल जाएगा। अगर आप सब्जेक्ट ही की जगह आई कर लोगे तो हैज़ की जगह हैव हो जाएगा। यह बदल सकता है टेंस या सब्जेक्ट के हिसाब से। दैट इज़ व्हाई इट विल बी कॉल्ड फाइनाइट वर्ब। बट इट विल नॉट चेंज। दैट इज़ व्हाई इट विल बी कॉल्ड नॉनफाइनाइट वर्ब। क्योंकि इनफिनिटिव है। नॉनफाइनाइट वर्ब के तीन फॉर्म है। इनफिनिटिव, जर और पार्टिसिपल्स।
51:26 ठीक है? चलिए आगे बदलते हैं। अगर वर्ब टेंस नहीं दिखा रही और सब्जेक्ट से नहीं बदल रही तो उसको नॉनफाइनाइट कहते हैं। क्या मेरी बातें आपको समझ में आ रही है दोस्तों? यस करके जरूर दिखाएं कि आपको मेरी बातें समझ में आ रही हैं। क्लियर करें। ठीक है ना? चलिए और भी बहुत सारे एग्जांपल्स आपको ऐसे देखने मिल जाएंगे। जैसे मैंने उसे मैंने उसे चोरी करते हुए पैसे चुराते हुए पकड़ा। सो आई आई कॉट हिम आई कॉट हिम स्टेलिंग मनी। आई कॉट हिम स्टेलिंग मनी। मैंने उससे पैसे चुराते हुए पकड़ा। तो देखिए यहां पर दो वर्ब्स हैं। क्या आप मुझे बता सकते हैं कि इसमें फाइनाइट वर्ब कौन सी है और नॉनफाइनाइट वर्ब कौन सी है? दूसरा ही प्रिवेंट्स मी ही प्रिवेंट्स मी फ्रॉम
52:13 गोइंग आउट। क्या आप मुझे इसमें बता सकते हैं कि फाइनाइट और नॉनफाइनाइट कौन सी है? आई रिमेंबर्ड सिंगिंग अ सॉन्ग। क्या आप मुझे इसमें बता सकते हैं कि फाइनाइट और नॉनफाइनाइट वर्ब कौन सी है? गाइज़ अगर आपको समझ में आया होगा तो आप जरूर बता देंगे। बताओ ये तीनों सेंटेंसेस में फाइनाइट वर्ब कौन सी है और नॉनफाइनाइट वर्ब कौन सी है? जल्दी से मुझे बताएं। देखता हूं आपका टेस्ट लेता हूं आपके दिमाग का। कम ऑन जल्दी-जल्दी बनाएं। मुझे सिर्फ वर्ब लिख कर बताएं कि सर इसके बाद ये है, ये फाइनाइट है या नॉनफाइनाइट है पहले सेंटेंस
52:59 में। तो पहला, दूसरा और तीसरा सेंटेंस आप लिख कर बताएं। पहला, दूसरा और तीसरा। सो पहले, दूसरे सेंटेंस में फाइनाइट वर्ब कौन सा है और नॉनफाइनाइट वर्ब कौन सा है? जल्दी बताएं। बताइए जल्दी-जल्दी पहले सेंटेंस में, दूसरे सेंटेंस में और तीसरे सेंटेंस में फाइनाइट और नॉनफाइनाइट वर्ब कौन सी है? कम ऑन।
54:04 कम ऑन कम ऑन कम ऑन कम ऑन जल्दी बताएं। पहले सेंटेंस में कॉड फाइनाइट वर्ब है। कॉड फाइनाइट वर्ब है और दूसरा स्टिलिंग नॉनफाइनाइट वर्ब है। वाओ वेरी गुड। बहुत अच्छे। ये फाइनाइट वर्ब और ये नॉनफाइनाइट वर्ब। बहुत अच्छा। कॉर्ड फाइनाइट वर्ब और जो स्टिलिंग है वो नॉनफाइनाइट वर्ब। पहले सेंटेंस में। दूसरे सेंटेंस में बताइए फटाफट फटाफट। कम ऑन। सेंटेंस में कौन सा फाइनाइट? कौन सा नॉनफाइनाइट है? क्लियर करें फटाफट। जल्दी रिप्लाई करें। यस यस यस मछिंद सर वेरी नाइस कैच फाइनाइट
54:51 स्टिलिंग नॉनफाइनाइट वेरी नाइस ख्याति बहुत अच्छे बेटा मोहम्मद अकबर अली बहुत अच्छे राधा कलवानी जी वेरी नाइस शिवानी जी गॉडफाइनाइट और स्टिलिंग नॉनफाइनाइट वेरी नाइस अगला अगला सेंटेंस अगले सेंटेंस की तरफ चलिए। यस। अगले सेंटेंस की तरफ चलिए। दूसरे सेंटेंस में क्या है? प्रिवेंट्स फाइनाइट है और गोइंग नॉनफाइनाइट है। वेरी नाइस राधा जी। बहुत अच्छे। बहुत बढ़िया। दूसरा लिख दिया। तीसरे की तरफ आइए। ये प्रिवेंट्स है। प्रेजेंट नहीं है। ये प्रिवेंट्स है। प्रिवेंट्स। यह रिमेंबर्ड है और यह सिंगिंग है। जल्दी बताएं मुझे तीसरे का आंसर।
55:39 रिमेंबर फाइनाइट वर्ब है और सिंगिंग अ नॉनफाइनाइट शिवानी जी बहुत अच्छे बहुत शानदार बढ़िया बहुत बढ़िया बहुत स्मार्ट स्टूडेंट्स हैं सब के सब बहुत बढ़िया शानदार बहुत बढ़िया शानदार शानदार बहुत बढ़िया ख्याति अकबर अली बहुत शानदार मतलब क्लियर हो गया समझ में आ गया चलिए फिर हम लोग बढ़ने वाले हैं अब आगे मैंने फाइनाइट और नॉनफाइनाइट वर्ब अभी आप लोगों को समझाया। अब मैं अगली वर्ब की तरफ चलूंगा। ट्रांजिटिव वर्ब। हर एक चीज आपको मैं समझाए बिना चैन से रहूंगा नहीं। हर एक चीज मैं बहुत बारीकी से समझाऊंगा। अगर आप जो मैं वर्ड्स बोल रहा हूं उसको ध्यान से सुनेंगे। मैं फिर बोलता हूं। आपको कोई चीज दोबारा पढ़ने की जरूरत
56:24 नहीं पड़ेगी। क्योंकि मैं हर एक चीज बहुत जिम्मेदारी से समझाने की कोशिश करता हूं। खैर है मैं खुद बहुत जानता हूं, समझता हूं, लॉजिक लगाता हूं। उसके डाउट्स क्लियर करता हूं। फिर स्टूडेंट्स को समझाता हूं। तो आपके सामने कोई भी चीज ऐसे नहीं आ जाएगी कि मैं बिना स्टडी के आ गया। नहीं, ये सब चीजें पढ़ाया है, पढ़ी है, सब तो सब दिमाग में बैठा हुआ है। कोई भी चीज गलत नहीं होगी। इसलिए एक-एक वर्ड्स को ध्यान से सुनो। जिस तरह से मैं डिफाइन कर रहा हूं उसको। नेक्स्ट है हमारी ट्रांजिटिव वर्ब। अब गाइज़ ये ट्रांजिटिव वर्ब। अब यह पांच टाइप के ट्रांजिटिव वर्ब्स होती है। देखो ट्रांज़िटिव, इनट्रांज़िटिव, ए्बेट्रांज़िटिव, देन मोनोज़िटिव और डाई ट्रांजिटिव। ये सेंटेंस आप डेली रूटीन में इस्तेमाल भी करते हैं। पर आपको सिर्फ ये पता नहीं होता कि ये ट्रांजिटिव वर्ब है या इनट्रांजिटिव वर्ब है, एम्बीट ट्रांजिटिव वर्ब है, मोनोटांजिटिव वर्ब है
57:09 या डाई ट्रांजिटिव वर्ब है। यू डोंट नो अबाउट दिस। यू मेक अ लॉट ऑफ़ सेंटेंस ऑफ़ दीज़ वर्ब्स, बट यू डोंट नो। राइट नाउ देयर इज अ टाइम टू इंक्रीस योर नॉलेज इन अ प्रॉपर मैनर बाय वि यू कैन अंडरस्टैंड दिस लैंग्वेज प्रॉपर्ली। तो गाइस सबसे पहले मैं ट्रांजिटिव वर्ब की ओर इशारा करता हूं। ट्रांजिटिव वर्ब मतलब क्या? अ ट्रांजिटिव वर्ब इज अ वर्ब दैट नीड्स एन ऑब्जेक्ट टू कंप्लीट इट्स मीनिंग। देखिए ट्रांजिटिव वर्ब मतलब क्या? ऐसी वर्ब जिसको ऑब्जेक्ट की जरूरत होती है उसके मीनिंग को कंप्लीट करने के लिए। अगर ट्रांजिटिव वर्ब उसको कहा जाए जिसके पास ऑब्जेक्ट है। मतलब ट्रांजिटिव वर्ब को ऑब्जेक्ट चाहिए उसका मीनिंग पूरा करने के लिए। मतलब ट्रांजिटिव वर्ब का मीनिंग ट्रांजिटिव वर्ब ट्रांजिटिव कब कही जाती
57:55 है? जब उसके पास ऑब्जेक्ट है जो उसका मीनिंग पूरा कर सके। ठीक है? द एक्शन ऑफ़ द वर्ब पाससेस ऑन टू द ऑब्जेक्ट। द एक्शन ऑफ़ द वर्ब। जो एक्शन ऑफ़ द वर्ब जो वर्ब का जो एक्शन है वो ऑब्जेक्ट पर पास होता है। इसीलिए ट्रांजिटिव वर्ब को ऑब्जेक्ट की बहुत ज्यादा जरूरत होती है। मैं एक बार हिंदी में फिर आपको समझा देता हूं। देखिए ट्रांजिटिव वर्ब वह क्रिया होती है जिसको अर्थ को जिसके अर्थ को पूरा करने के लिए ऑब्जेक्ट की आवश्यकता होती है। अगर सेंटेंस में वर्ब के साथ ऑब्जेक्ट ना हो तो वो ट्रांजिटिव वर्ब नहीं हो सकती। मेरी बात फिर ध्यान दीजिएगा। अगर सेंटेंस में वर्ब के साथ ऑब्जेक्ट ना हो तो वो ट्रांजिटिव वर्ब नहीं कही जाएगी।
58:42 क्रिया का कार्य कर्म पर जाकर पूरा होता है। मतलब ट्रांजिटिव वर्ब में ऑब्जेक्ट इसलिए जरूरी है क्योंकि जो उस सेंटेंस में काम हो रहा है, जो एक्शन हो रहा है, उस एक्शन का प्रभाव सीधे ऑब्जेक्ट पर जाकर खत्म होता है। अगर ऑब्जेक्ट ही नहीं होगा तो वो ट्रांजिटिव नहीं कही जाएगी। ठीक है? मैं आपको समझाऊंगा। बहुत तरीके से सभी चीजें है ना? तो ध्यान दीजिएगा जो मैं समझाने की कोशिश कर रहा हूं। अब किसको ट्रांजिटिव वर्ब बोलेंगे? देखिए मैं फिर बोलता हूं। अभी मैंने आपको सिखाया कि भाई ट्रांजिटिव वर्ब जो होती है ना तो वर्ब के बाद ऑब्जेक्ट आना चाहिए। तभी उसका मीनिंग क्लियर निकलता है। तभी उसको हम ट्रांजिटिव वर्ब बोलते हैं। है ना? और जो ट्रांजिटिव वर्ब जो वर्ब होती है ना उसका जो उसका जो प्रभाव है वो पास ऑन होता है ऑब्जेक्ट पर। तो ये डेफिनेशन
59:28 के हिसाब से तो आपको बड़ा डिफिकल्ट लग रहा होगा। लेकिन अब मैं और सिंपल डेफिनेशन बनाता हूं। ट्रांजिटिव वर्ब मतलब क्या? ट्रांजिटिव वर्ब मतलब वो वर्ब। ट्रांजिटिव वर्ब मतलब वो वर्ब जिससे आप क्या या किसे जिसे आप क्या या किसे से क्वेश्चन करो, प्रश्न करो तो उसका आंसर आता है। ट्रांजिटिव वर्ब किसको बोला जाएगा? ध्यान से समझना। ऐसी वर्ब जिस वर्ब से अगर आप क्या से क्वेश्चन पूछते हैं या किसे या किसको से क्वेश्चन पूछते हैं? किसे या किसको से क्वेश्चन पूछते हैं। हां प्रश्न पूछते हैं तो उसका आंसर मिलता है तो उसको
1:00:14 हम ट्रांजिटिव वर्ब कहते हैं। एग्जांपल से समझिएगा। जैसे मैं बोलता हूं ही राइट्स अ लेटर। ही राइट्स अ लेटर। ठीक है? अब वह लेटर लिखता है। हमारी वर्ब क्या है? राइट्स। अब ये ट्रांजिटिव है कि इनट्रांजिटिव? देखिए मैं समझाता हूं। ट्रांजिटिव वर्ब उसको तब बोला जाता है जब हम उस ट्रांजिटिव मतलब उस वर्ब से क्वेश्चन करें। ही राइट्स वह लिखता है क्या? तो अगर क्या से प्रश्न किया जाए इस वर्ब से और अगर आंसर आता है तो उसको हम ट्रांजिटिव वर्ब बोलते हैं। मतलब ट्रांजिटिव वर्ब के लिए ऑब्जेक्ट बहुत जरूरी है। ऑब्जेक्ट ही उसका मीनिंग कंप्लीट करवाता है। तो ऐसी वर्ब को हम ट्रांजिटिव वर्ब कहते हैं जिसके पास ऑब्जेक्ट है और वो ऑब्जेक्ट के लिए अगर हम
1:01:00 क्या से या किसेस से वो क्वेश्चन करेंगे तो हम लोग उसे ट्रांजिटिव वर्ब कहेंगे। जैसे देखिए फिर से एग्जांपल राधा कुक्स फूड राधा कुक्स फूड अगर मैं क्वेश्चन पूछूं वर्ब से कि राधा पकाती है क्या? राधा पकाती है क्या? आंसर आया फूड खाना। तो मतलब यह ट्रांजिटिव वर्ब है क्योंकि इसमें क्या से क्वेश्चन करने से आंसर मिल रहा है। देखिए मनीष सर टीचेस ऑनलाइन। मनीष सर टीचेस ऑनलाइन। ठीक। मनीष सर पढ़ाते हैं क्या?
1:01:46 मनीष सर पढ़ाते हैं क्या? ऑनलाइन। तो अगर वर्ब से क्या से क्वेश्चन पूछने पे अगर आंसर मिलता है, यह ट्रांजिटिव वर्ब कहलाती है। फिर और देख लीजिएगा। राज सेंड्स मैसेजेस शॉर्ट में लिखा मैंने। राज मैसेजेस भेजता है। राज भेजता है। क्या भेजता है राज? मैसेजेस। जब क्या का आंसर मिल रहा है मींस ये ट्रांजिटिव वर्ब है। ठीक? एक लास्ट। शिवाय शिवाय प्लेस क्रिकेट। शिवाय प्लेस क्रिकेट। शिवाय क्रिकेट खेलता है। वर्ब्स में पूछूंगा। शिवाय खेलता है।
1:02:32 क्या खेलता है? क्या खेलता है भाई? क्रिकेट। तो हम जब वर्ब से क्वेश्चन पूछते हैं क्या से तो आंसर मिलता है। तो हम उसको ट्रांजिटिव वर्ब बोलते हैं। अब ये तो मैंने क्या का सिखाया दोस्तों? अब मैं सिखाता हूं किसे का या किसको का। जैसे माय फादर बीट्स हिम। मेरे पापा लिपटते हैं। अब मैं वर्ब से क्वेश्चन करूंगा। मेरे पापा पीटते हैं किसे? मेरे पापा पीटते हैं किसे? उसे। तो किसे का आंसर मिला? हिम। यस उसे। सो मेरे पापा उसे पीटते हैं। तो मैं वर्ब से पूछूं कि मेरे पापा पीटते हैं किसे? या किसको?
1:03:18 उसको। आंसर आया मतलब ये ट्रांजिटिव वर्ब है। तो ट्रांजिटिव वर्ब दो कारण से होती है गाइस। या तो उस वर्ब से आप क्वेश्चन पूछो क्या से या क्वेश्चन पूछो किसे या किसको से अगर वो आंसर देती है तो वो ट्रांजिटिव वर्ब कहलाती है। है ना? और ये पैसिव वॉइस में भी बड़ा काम आता है दोस्तों। अगर ये कांसेप्ट हमको समझ में आ जाए तो पैसिव वॉइस के सेंटेंसेस बनाना बड़ा आसान होता है। पता है क्यों? क्योंकि पैसिव वॉइस में जो हम लोग सेंटेंसेस बनाते हैं वो ट्रांजिटिव वर्ब्स के ही बनाते हैं। इनट्रांजिटिव वर्ब्स के पैसिव वॉइस नहीं बनते। कुछ वर्ब्स हैं जहां बन जाते हैं वो एक्सेप्शनंस हैं और उसके भी मैंने सब पैसिव वॉइस सिखाए हुए हैं। लेकिन मैक्सिमम सेंटेंस ट्रांजिटिव वर्ब्स के ही बनते हैं पैसिव वॉइस में। इसलिए वहां पर भी ये कांसेप्ट सीखना बहुत जरूरी होता है।
1:04:03 फिर मैं देखता हूं भाई। आई टीच स्टूडेंट्स। मैं स्टूडेंट्स को पढ़ाता हूं। क्वेश्चन आया। मैं पढ़ाता हूं। किसको? मैं पढ़ाता हूं। किसको? किसको पढ़ाता हूं? स्टूडेंट्स को। तो किसको का आंसर क्या आया? स्टूडेंट्स। किसको का? किसे? मैं किसे पढ़ाता हूं? मैं किसको पढ़ाता हूं? स्टूडेंट्स को। मतलब वर्ब के साथ जो ऑब्जेक्ट लगा हुआ है, है ना? वो हमको समझा देता है कि ये ट्रांजिटिव वर्ब है। ठीक? फिर आप याद देखिएगा। राधा है ना? राधा लर्न्स इंग्लिश। राधा अंग्रेजी सीखती है। मैंने क्वेश्चन किया वर्ब से। राधा सीखती है। क्या सीखती
1:04:50 है? क्या? आंसर आया इंग्लिश। मतलब क्या का आंसर मिला तो यह वर्ब ट्रांजिटिव वर्ब कहलाएगी। एक दूसरा जैसे राजीव सर मोटिवेटेड। राजीव सर मोटिवेटेड मी। राजीव सर ने मुझे मोटिवेट किया। तो राजीव सर ने मोटिवेट किया। किसे? किसको किया? किसे या किसको? आंसर आया मी। मुझे या मुझको। सो राजेश सर ने मुझको मोटिवेट किया। तो अब चकि वर्ब आंसर कर रहा है क्या या किसे से तो हम उसको बोलते हैं ट्रांजिटिव वर्ब। क्या बात समझ में आ रही है? तो ट्रांजिटिव वर्ब हम ऐसी वर्ब को बोलते हैं जिसे हम क्या या किसे जो हम किसको भी बोल सकते हैं से अगर
1:05:39 हम प्रश्न करते हैं तो उसका आंसर अगर मिलता है तो वो ट्रांजिटिव वर्ब कहलाती है। मेरे ख्याल से आपको चीजें समझ में आ गई होगी। क्लियर? तो ट्रांजिटिव वर्ब किसको बोलेंगे? जिन वर्ब से हम क्या किसे किसको से क्वेश्चन पूछे तो आंसर मिल जाता है। फिर आपके दिमाग में अभी डाउट भी जा रहा होगा कि सर अगर क्या और किसको से आंसर ना मिले तो मैं समझाऊंगा ना अभी बस इतना ही। देखिए फिर मैंने बोला राधा राइट्स अ लेटर। ठीक है? और दूसरा राधा राइट्स। देखिए सेम ट्रांजिटिव वर्ब इनट्रांजिटिव
1:06:25 वर्ब भी हो सकती है। अगर उसके साथ ऑब्जेक्ट नहीं आता हो तो। देखिए ये राधा राइट्स अ लेटर। राधा लिखती है क्या? क्या क्या का आंसर आ रहा है? अ लेटर। मतलब ये ट्रांजिटिव वर्ब है। लेकिन राधा राइट्स क्या? तो आंसर तो है नहीं ना भाई। मतलब ऑब्जेक्ट तो है नहीं। और जब ऑब्जेक्ट नहीं है इसका मीनिंग कंप्लीट करने के लिए तो ये ट्रांजिटिव नहीं होगी। क्लियर? हां। यह ट्रांजिटिव नहीं होगी। सेम। हां। आगे देखिएगा। जैसे ही प्लेज़ क्रिकेट। ही प्लेस क्रिकेट। और दूसरा मैंने ले लिया ही प्लेज़। ठीक है? तो, यह ऊपर वाला जो प्लेज़ है, वो ट्रांजिटिव वर्ब है। और नीचे वाला जो प्लेज़ है, वो इनट्रांजिटिव वर्ब है। बिकॉज़ क्या और किसे? कोई आंसर नहीं आएगा। वह
1:07:11 क्रिकेट खेलता है। वह खेलता है। क्या? क्रिकेट। आंसर मिल रहा है। दिस इज़ कॉल्ड ट्रांजिटिव वर्ब। वह खेलता है। क्या आंसर नहीं आ रहा? मतलब यह इनट्रांजिटिव। यह भी इनट्रांजिटिव हो सकता है। ठीक है? अब ये आपको तो समझ में आ गया दोस्तों। दो सेंटेंस फिर बता देता हूं। ही ईट्स फूड। ठीक? एंड दे एक्सप्लेन ट्यू मी। उन्होंने देखिए। इट्स फूड। वह खाता है क्या? फूड मतलब यह ट्रांजिटिव वर्ब है। क्या का आंसर मिल रहा है? दे एक्सप्लेन टू मी। उन्होंने समझाया। उन्होंने किसको समझाया? उन्होंने मुझको समझाया या मुझे समझाया। तो किसको कहा या
1:07:56 किसी का आंसर भी आ रहा है। जब क्या और किस अगर आंसर आ रहा है तो उसको हम ट्रांजिटिव वर्ब कहते हैं। आर यू गेटिंग माय पॉइंट? क्या चीजें समझ में आ रही है दोस्तों? क्लियर करें? क्लियर करें? समझ में आ रही है चीजें? चलिए। चलिए तो यह हमारी होती है गाइस ट्रांजिटिव वर्ब। यह मैंने अभी आपको समझाया। अब मैं बात करूंगा गाइस एग्जांपल्स पर। फिर देख लीजिएगा। वो एक सेब खाता है। सो ही ईट्स एन एप्पल। अगर मैं वर्ब से पूछूं क्या का क्वेश्चन कि वो खाता है क्या? आएगा एप्पल। एक एप्पल खाता है। सो ही ईट्स एन एप्पल। तो एप्पल ये आ रहा है हमारा ऑब्जेक्ट। और ऑब्जेक्ट ही ट्रांजिटिव वर्ब का मीनिंग कंप्लीट करता है। इसलिए ट्रांजिटिव वर्ब के लिए ऑब्जेक्ट वेरी वेरी वेरी इंपॉर्टेंट है। ठीक है? सो वो एक सेफ खाता
1:08:43 है। तो ईट्स इज अ ट्रांजिटिव वर्ब नीड्स एन ऑब्जेक्ट एप्पल। जिसको ऑब्जेक्ट की जरूरत है। ठीक है? अगला देखिए। उसने एक पत्र लिखा। शी रोट अ लेटर। शी रोट अ लेटर। तो उसने लिखा। उसने लिखा। क्या लिखा उसने? उसने लिखा। क्या लिखा? वर्ब से पूछो। क्या लिखा? लेटर। सो जो लेटर है ना वो होगा हमारा ऑब्जेक्ट क्योंकि ऑब्जेक्ट इसके साथ आ रहा है क्या से क्वेश्चन करने पर आंसर मिल रहा है वो होगी ट्रांजिटिव वर्ब आई किक्ड द बॉल मैंने बॉल को किक किया मतलब मैंने बॉल को लात मारी सो मैंने लात मारी मैंने लात मारी किसको मारी लात बॉल को किसको लात मारी बॉल को क्लियर है हां तो ये कहलाएगी किक जो है ना ये कहलाएगी ट्रांजिटिव वर्ब फिर देखिएगा उन्होंने एक
1:09:28 घर बनाया उन्होंने एक घर बनाया बनाया तो उन्होंने बनाया क्या बनाया एक घर तो यह जो हाउस है यह है हमारा ऑब्जेक्ट इस वर्ब का तो यह ट्रांजिटिव वर्ब कहलाएगी ठीक फिर अगला देखिएगा वी वाच्ड मूवी हमने मूवी देखी हमने मूवी देखी हमने मूवी देखी सो हमने क्या देखी गाइस मूवी तो हमने देखा क्या देखा हमने मूवी देखा तो ये जो मूवी है वो ऑब्जेक्ट है तो ये वर्ब क्या कहलाएगी ट्रांजिटिव वर्ब ट्रांजिटिव वर्ब में आपको मिलेगा ऑब्जेक्ट ठीक है? अगला देखिए। ही बोट अ कार। तो उसने उसने कार खरीदी। तो उसने क्या खरीदी? कार। तो क्या का आंसर क्या है? वर्ब से पूछने पे उसने खरीदी। क्या खरीदी उसने? कार खरीदी। मतलब क्या का आंसर मिल रहा है।
1:10:13 मतलब ये ट्रांजिटिव वर्ब है। अगला देखिए। रवि लव्स हिज़ पेरेंट्स। रवि उसके रवि उसके पेरेंट्स को बहुत प्यार करता है। सो, रवि प्यार करता है। किसको प्यार करता है? उसके पेरेंट्स को। मतलब ऑब्जेक्ट आ रहा है। सो, रवि लव्स हिज़ पेरेंट्स। क्या का आंसर मिलेगा कि रवि प्यार करता है किसको? कैसे? उसके पेरेंट्स से। ठीक? अगला देखिए। द टीचर टीचेस इंग्लिश। जो टीचर है वह इंग्लिश पढ़ाता है। सो टीचर इंग्लिश पढ़ाता है। तो टीचर पढ़ाता है। क्या पढ़ाता है टीचर? इंग्लिश पढ़ाता है। क्या का आंसर इंग्लिश है। इसलिए ये जो टीच है ये ट्रांजिटिव वर्ब है। ठीक? अगला देखिएगा दोस्तों। शी क्लीन द रूम। उसने कमरा साफ किया। अगर मैं क्वेश्चन पूछूं। उसने साफ किया। क्या? उसने क्या साफ किया? उसने कमरा साफ किया मतलब क्लीन का ऑब्जेक्ट है।
1:11:00 तो इसलिए यहां जो क्लीन होगी वो ट्रांजिटिव वर्ब होगी। अगला देखिए गाइस जैसे मैंने बात की ही ओपन द डोर। उसने दरवाजा खोला। उसने दरवाजा खोला। मैं वर्ब से क्वेश्चन पूछूं उसने खोला। क्या? दरवाजा। क्या कहलाएगा ये? ट्रांजिटिव वर्ब। तो यहां पर ओपन एक ट्रांजिटिव वर्ब है। क्योंकि ये इसके पास ऑब्जेक्ट है। अगर वर्ब के बाद क्या और किसको का उत्तर मिलता है? यही समझाया था मैंने। तो क्या और किसको का उत्तर मिलता है तो वो ट्रांजिटिव वर्ब होती है। उसने क्या लिखा उसने पत्र लिखा। सो रोट ट्रांजिटिव वर्ब कहलाएगी। है ना? तो आप यही मैं आपको समझाना चाहता हूं गाइस। किसी भी वर्ब से आप क्या या किसको से क्वेश्चन पूछे और अगर आंसर मिलता है यस उसका आंसर आता है तो वो ट्रांजिटिव वर्ब कहलाएगी। मैं आपको थोड़ा सा आपका कंफ्यूजन
1:11:48 दूर करता हूं। जो आप में से कुछ को आ रहा होगा जो मैं देखता हूं जो एंगल उसका है
…