0:00 इंसान जैसा सोचता है वैसा ही बनता है। उसके बारे में लोग क्या सोचते हैं उससे उसकी डेस्टिनी डिसाइड नहीं होती। नो वन विल थिंक पॉजिटिव अबाउट यू इन दिस होल यूनिवर्स। नेगेटिव स्टेटमेंट्स आर ह्यूमन नेचर ऑफ सर्वाइवल मैकेनिज्म एंड दे कैन नेवर बी रिमूव्ड। हर रोज हमारे दिमाग में 60 के टू 80 के थॉट्स आते हैं। यानी 60 अभी भी जब आप क्लास में पढ़ रहे हैं तो आप मेरी बातों के अलावा भी कुछ और सोच रहे हैं। द ओनली मिरेकल इन दिस वर्ड इज रिपीटेशन एंड मेमोराइजेशन इज ऑल अबाउट रिपीटेशन। ये एकमात्र चीज ऐसी है जिसके दम पर आप सेलेक्ट हो पाओगे। द वन थिंग एज अ मैन थिंक। भाई इतनी पतली किताब है क्योंकि बात ही एक लिखी हुई है। जो सोचोगे वही बनोगे। अगर एक चीज को बार-बार रिपीट किया
0:47 जाए तो सिंपल लगने लगती है और एक ही चीज को बार-बार रिपीट करने के लिए बहुत ज्यादा पढ़ना पड़ता है क्योंकि सिलेबस ज्यादा है और समय कम है। इसीलिए ज्यादा पढ़ने वालों का सिलेक्शन होता है क्योंकि वो ज्यादा बार रिवाइज कर पाते। अभी शुरुआती दौर में किसी भी एक टीचर के लिए चीजें रिवाइज करवाना आसान है क्योंकि कम कम पढ़ाया जाता है। बट समय के साथ-साथ में समय के साथ-साथ में इट बिकम्स टफ कि भाई कोर्स भी कराना है, चीजें आगे बढ़ रही है। तो स्टूडेंट पढ़ भी नहीं पाता ढंग से।
1:33 तो इंपॉर्टेंट यह है कि हम लोग खुद का पढ़ने का मेंटल बिल्ड अप इस तरीके से करें कि भाई हमको 10 घंटे 12 घंटे पढ़ना पड़ेगा। अच्छा आप 10 घंटे 12 घंटे नहीं पढ़ना चाहते तो फिर एक रास्ता है जो आप 5 घंटे पढ़ के भी काम निकल जाएगा। दैट इज नोन एज मेमोराइजेशन। मेमोराइजेशन एक स्टूडेंट है वह ब्यावर से अपडाउन कर रही थी लास्ट ईयर 3 घंटे लगते थे उसको आने जाने में उसका इस साल 540 नंबर आ रहा है शी वाज़ जस्ट डूइंग मेमोराइजेशन 3 आवर जाने में 3 घंटे आने में मेमोराइजेशन का मतलब इसको हिंदी में
2:20 बोलते हैं मनन करना दिस इज द ओनली थिंग दैट कैन मेक यू फ्रॉम स्टूडेंट टू सुपर स्टूडेंट। यह एकमात्र चीज ऐसी है। ये एकमात्र चीज ऐसी है जिसके दम पर आप सेलेक्ट हो पाओगे। क्योंकि आखिरी टाइम में यह तक होश नहीं रहता कि रोल नंबर कहां लिखना है और बुकलेट नंबर कहां लिखना है। यह हालात पैदा हो जाते हैं एग्जाम में। दैट इवन यू डोंट नो कहां रोल नंबर लिखना है और कहां बुकलेट संख्या। आधे तो गलत लिख के आते हैं। कुछ भी होते क्या फर्क पड़ेगा? वैसे पेपर में से गलत भरा है सब। इतना कुछ भूल जाओगे आप। दैट्स व्हाट नोन एज प्रेशर। तो मेमोरेशन का मतलब होता है जो
3:07 कंटेंट आपका पढ़ा हुआ है उसको आंख बंद करके फिर से रिपीट करना। वह खाना खाते हुए हो सकता है। वह सोते हुए हो सकता है। मतलब सोने जा रहे हो तब सोते-सते तो नहीं होगा। हां सो गए सर। पढ़ाई चल रही है। और को 15 घंटे सो रहे हैं। सर ने बोला पढ़ने से कुछ नहीं होता। सो फिर मेमोराइजेशन करो। ट्रैवल कर रहे हो। आप स्कूटी पे जा रहे हो या बाइक पे जा रहे हो। इन आफ्टर द क्लास आप यह चीज कर सकते हो। सो दैट इज द मोस्टेंट थिंग दैट कैन मेक यू फ्रॉम एन एवरेज स्टूडेंट टू एक्सेप्शनल। थॉट्स एक किताब है एज अ मैन
3:54 थिंक। बहुत-ब पतली किताब है। अभी रिसेंटली मैंने ओटीटी बार पर 100 किताबों की समरी का एक सेशन लिया था। उसमें एक किताब है एज अ मैन थिंकित। इंसान जैसा सोचता है वैसा ही बनता है। उसके बारे में लोग क्या सोचते हैं उससे उसकी डेस्टिनी डिसाइड नहीं होती। खुद के दिमाग में क्या चल रहा है? दैट विल डिसाइड योर डेस्टिनी। क्योंकि तुम्हारे बारे में कोई सच अच्छा नहीं सोचेगा। तुम्हारे पेरेंट्स नहीं सोचते। बाकी तो छोड़ो। हमारी औलाद तो खत्म है। इतने पैसे लगा दिए। आज तक कुछ नहीं कर पाई। नो वन विल थिंक पॉजिटिव अबाउट यू इन दिस होल यूनिवर्स। नो वन दे एंड अप ब्लेमिंग यू।
4:43 एज ए मैन थिंकित यही कहती है कि इससे डेस्टिनी डिसाइड नहीं होती कि लोग क्या सोच रहे हैं। इससे डिसाइड होती है कि तुम्हारी खोपड़ी में क्या चल रहा है। और खोपड़ी में क्या चलाना है? इसी का एक एक्शन होता है जिसको बोलते हैं हम लोग मेमोराइजेशन। व्हाट यू विल थिंक बिकॉज़ वी ऑल गोट टू दो हाथ हैं दो ही पैर हैं। डिफरेंस जो पैदा होगा ना वो ये है कि थॉट्स आप आपको पता नहीं होगा शायद। हर रोज हमारे दिमाग में 60 के टू 80 के थॉट्स आते हैं। यानी 60 अभी भी जब आप क्लास में पढ़ रहे हैं तो आप मेरी बातों के अलावा भी कुछ और सोच रहे हैं। उसको रोक पाना असंभव है। एक चीज उसे
5:30 रोक सकते हैं। इसको बोलते हैं मेमोराइजेशन। अब ऑन एन एवरेज मानते हैं 70,000 थॉट्स आते हैं। उसमें से 95% थॉट्स नेगेटिव है। यानी कि वो तुम्हें डिस्ट्रॉय कर रहे हैं। क्यों नेगेटिव है? क्योंकि इंसान जंगलों में पैदा हुआ। वहां जिंदा रहने के लिए नेगेटिव थिंकिंग मस्ट है। पहले इंसान का थोड़ी ना थी कि तोप है और S500 लेके घूम रहा है। ड्रोन से हमला कर दे रहा है। बिच्छू से भी डरना पड़ता था भाई इंसान को। तो सर्वाइवल मैकेनिज्म क्या है? नेगेटिव थिंकिंग कि यार पीछे सांप काट लेगा भाई। अरे वो आगे से शेर आ रहा है। भाग यहां से। नाउ शेर को हम पिंजरे में रखते हैं। सोच ऐसी हो गई।
6:17 हाथी आ गया भाई भाग। अब हाथी के साथ तो हम सर्कस में हाथी करतब दिखाता है। सो एट द एंड व्हाट यू थिंक बिकॉज़ अगेन रिपीटिंग माय वर्ड्स नो वन इन दिस होल वर्ल्ड विल से पॉजिटिव फॉर यू। नो वन। बिकॉज़ अगेन दिस इज़ सर्वाइवल मैकेनिज्म। अगर कोई तुम्हारे लिए भला कह रहा है तो कंपटीशन में वह तुमसे हार गया। वो तुमको हराना चाहता है। तुमको नेगेटिव ही बोलेगा। नीचे गिराएगा। साइकोलॉजिकली मेंटली तुम्हारा दोस्त तुम्हारी एब्सेंस में तुम्हारे लिए उल्टा ही बोलता है। बशर्त तुम उसको अपना महान दोस्त बोलते
7:03 रहो। नेगेटिव स्टेटमेंट्स आर ह्यूमन नेचर ऑफ सर्वाइवल मैकेनिज्म एंड दे कैन नेवर बी रिमूव्ड। तो वन थिंग एज अ मैन थिंक किड भाई इतनी पतली किताब है क्योंकि बात ही एक लिखी हुई है। जो सोचोगे वही बनोगे। बुद्ध ने तो बहुत पहले बोल दी है बात। जो सोचोगे अब सोचना क्या है? हमको ये नहीं सोचना कि हम बुद्ध बनेंगे। नहीं बन पाओगे। सोच के बुद्ध नहीं बन सकते। तुम तो तुम ही रहोगे। किसी कॉपी करने की कोशिश मत करो। कुत्ते की मौत मारे जाओगे। खुद बनो। बुद्ध नहीं खुद बनो। और खुद बनोगे। खुद बनने की काबिलियत तुम्हें लग गया कि मैं जो कर रहा हूं वह सच है। वही सही है। जिसमें खुद बनने की क्षमता है कि उसके लिए खुदा बनना कोई बड़ी
7:49 बात नहीं है। अब खुद कैसे बनना है? सुनो। तुम्हारे लीवर को कंट्रोल कर सकते हो क्या कि एसजीपीटी कम सीक्रेट कर। एसजीओटी ज्यादा सीक्रेट कर। हेपेटोसाइट थप्पड़ मार दूंगा। ऐसे काम कर। नो लीवर विल वर्क ऑटोमेटिकली। लंग्स विल वर्क ऑटोमेटिकली। हां। ब्रीथिंग एक प्रोसेस है जिसको आप सेमी ऑटोमेटिक बोल सकते हो। रोक भी सकते हो आप ब्रीथिंग को। लीवर के काम को थोड़ी ना रोक सकते हो। इंटेस्टाइन विल वर्क ऑटोमेटिकली? यू कांट स्टॉप देम। बट थिंकिंग कैन बी मैनपुलेटेड। एंड दैट इज़ व्हाई मीडिया एकिस्ट? व्हाई मीडिया एक्सिस्ट? टू मैनपुलेट द थिंकिंग इन द फेवर ऑफ़ पॉलिटिशियंस सो दैट दे कैन विन।
8:34 तो तुम क्या सोचते हो? इट इज टोटली अप टू यू। और जिस इंसान को यह पता लग गया, मैं वही सोचूंगा जो मैं सोचना चाहता हूं वो फिर भगवान है। अगेन रिपीटिंग माय वर्ड्स। पीपल विल नेवर से पॉजिटिव फॉर यू। नेवर एवर एवर। इंक्लूडिंग योर पेरेंट्स, योर ब्रदर्स, योर सिस्टर्स। पूछ लो कभी तुम्हारी सिस्टर से तुम्हारा फीडबैक। गधा है मेरा भाई। तो ओनली यू हैव टू थिंक पॉजिटिव फॉर यू। ओनली यू। और ये है कंटेंट मेमोराइजेशन। मैं ये नहीं कह रहा ऑल इज़
9:20 वेल। ऑल इज़ वेल बोलना है। उससे कुछ नहीं होगा। ऑलवेल का खेल नहीं है। कंटेन का खेल है। यह सोचना है। अच्छा एटम में दो चीजें होती हैं। एक सेंटर होगा, एक कवरिंग होगी। सेंटर में प्रोटॉन और न्यूट्रॉन होते हैं। पॉजिटिव चार्ज होता है। दिस सीक्वेंस आई एम सेइंग। एंड दैट इज़ बियड योर इंटेलिजेंस। इफ यू थिंक दैट आईक्यू मेक यू गोना गेट सेलेक्ट। और आईक्यू गना मेक यू सक्सेसफुल, यू आर ऑलरेडी वेरी रॉन्ग। यू वुड डोंट नो हाउ वर्ल्ड वर्क्स। आईक्यू हैस नो रोल इन सिलेक्शन। इट इज मेमोरी दैट मेक्स द डिफरेंस। एंड मेमोरी कैन बी ट्रेंड नॉट वाया बादाम, अखरोट, काजू बट
10:06 मेमोराइजेशन एंड वॉकिंग। पैर चलने चाहिए तुम्हारे। तब खोपड़ी में खून जाएगा। टू थिंग्स आर एक्सेप्शनलीेंट इफ यू रियली वांट टू प्रूव आउट टू बी योरसेल्फ एस एन इंटेलिजेंट पर्सन। बाकी सब चलता रहेगा। कितनी बार पढ़ लो ये तो पढ़ना ही पड़ेगा कि भाई ये होते हैं ये होते हैं ये होते हैं। खोपड़ी में टिकना भी तो चाहिए। जिस बाल्टी में छेद हो रखा उसको बे ऑफ़ बंगाल के पानी से नहीं भर सकते तुम। बंगाल में कितना पानी बट बाल्टी तो इतनी छोटी लेकिन छेद हो रखा तुम 10 साल बैठ जाओ तुम्हारा कंटेंट लीक हो रहा है तुम कुछ नहीं कर सकते सो दैट इज़ मोस्टेंट आस्पेक्ट आई डोंट
10:54 थिंक दैट टीचिंग मेक्स बिग डिफरेंस आई डोंट थिंक दैट इंटेलिजेंस मेक्स बिग डिफरेंस आई नेवर एवर थिंक दैट इवन अ स्कूलिंग मेक्स द डिफरेंस ये सब चीजें सेकेंडरी है। रिपीटेशन रिपीट ओनली द रिपीटेशन कैन चेंज योर लक पुनरावर्ती किसी के दिमाग में नेगेटिव विचार हो कि पुनरावर्ती वो मारा जाएगा पुनरावृति से मरता है इंसान पुनरावृति से जीता है पुनरावृति से हंसता है इस दुनिया में अगर मैं ये कहूं टेल मी वन थिंग दैट कैन चेंज योर लक योर डेस्टिनी एंड द आंसर इज द रिपीटेशन वन सिगरेट कैन नॉट गिव यू लंग कैंसर बट रिपीटेशन ऑफ वन सिगरेट
11:41 विल 1 कि.मी. ऑफ वॉकिंग विल नॉट गिव यू द ग्रेटेस्ट स्टेमिना बट रिपीटिंग 1 कि.मी. मल्टीपल टाइम्स विल गिव यू ग्रेटेस्ट स्टैमिना। द ओनली मिरेकल इन दिस वर्ड इज़ रिपीटेशन एंड मेमोराइजेशन इज़ ऑल अबाउट रिपीटेशन। द सेम कंटेंट अगेन एंड अगेन। अंटिल अनलेस मी एंड माय कंटेंट बिकम द सेम एंटिटी। जो वह है वह मैं हूं और जो मैं हूं वो है। तुम यहां किताबों में कॉपी में लिख के चले गए। उसके बाद ना तुम जानते हो क्या लिखा है। ना कॉपी जानती है कि तुम कौन हो। इट
12:27 सेंसलेस। आई नो वन थिंग दैट पिछले कुछ समय में 6 7 8 10 महीनों में मैं इतना सारा कंटेंट डिलीवर कर चुका हूं। इतनी सारी बुक्स पढ़ चुका हूं जो इंसान जिंदगी में नहीं पढ़ सकता। और कुछ बातें जो वहां से निकली है वो मैं आपको बता रहा हूं। रिपीटेशन चेंजेस डेस्टिनी। एंड मेमोराइजेशन इज़ एन अल्ट्रा वे टू रिपीट अगेन एंड अगेन एंड अगेन एंड अगेन। जस्ट रिपीट। दिस इज द ओनली वे बाय वि यू कैन डिफीट पीपल
13:13 रिपीट रिपीट एंड रिपीट एंड रिपीट दैट इज द ओनली वे बाय व्हिच ग्रेटनेस कैन बी अचीव्ड अगर तुम लोग मेरे सामने बैठकर मेरी बात इतने शांति से सुन पा रहे हो ऐसा पहले ही दिन नहीं था मैं भी गधा था और कई बार तो मुझे लगता है कि मैं आज भी गधा ही हूं कुछ खास अंतर महसूस नहीं होता। बट रिपीटेशन हैज़ चेंज अ लॉट ऑफ थिंग्स। नॉन एज कंपाउंडिंग नाम अलग-अलग हैं। मतलब एक ही आता है। रिपीटेशन। कीप रिपीटिंग। कीप रिपीटिंग। चलो यहां देखो। कॉलोनी में हमारे पास में क्या होता
14:00 है भाई? और बोलना है वरना तुम्हारा दिमाग कहीं और होगा। जो चुप है उस उल्लू के पट्ठे का दिमाग कहीं और है। वो बेमतलब यहां फीस दे रहा है। उसको फीस देनी चाहिए रोड की थड़ी की। दिमाग तो वहीं चल रहा है उसका। कॉलोनी होती है। उसमें कौन होता है? उसमें कौन होते हैं? उसमें कौन होता है? कॉलोनी को किससे रिप्रेजेंट कर सकते हैं? यह यह ऑर्बिटल और यह इलेक्ट्रॉन। यह शेल्स की नंबरिंग है। उसके नाम है 1 2 3 4 5 और ये सबशेल हैं। कौन-कौन है? spdf समझ रहे हो? इनमें कितने ऑर्बिटल्स होते हैं? 1 3 5
14:45 7 समझ रहे हो? इसमें कितने इलेक्ट्रॉन्स डबल हो जाएंगे इसके। अब पहले वाले में सिर्फ कितना सबशेल है? एक। दूसरे वाले में दो, तीसरे वाले में तीन, चौथे वाले में चार। चारों आ जाएंगे। फोर्थ में कौन-कौन सा होता है? 4s, 4p, 4d, 4i। यस और नो? पक्का। एक स्टूडेंट है स्वरूप। वो कह रहा है कि चंद्रभेदी प्राणायाम इज़ बेस्ट फॉर मेमोरी। दिमाग का ठंडा रहना बहुत जरूरी है। मेमोरी दिमाग गर्म होता रहेगा तो मेमोरी उड़ती रहेगी। दिमाग ठंडा करने के लिए बाएं नाक से सांस लिया करो। जितना संभव हो पाए उतना हाई पर रहोगे तो कुछ नहीं उखाड़ पाओगे इस धरती
15:32 पर। लोग उखाड़ देंगे तुम्हें।